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लोगों ने ईंट से धुना, स्टाफ ने बचाया, राजस्थान-झुंझुनू में स्कूल के दो अध्यापकों ने की छात्राओं से छेड़छाड़

झुंझुनू। झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी थानाक्षेत्र के गांव बामलास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो अध्यापकों द्वारा दो छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। बाद में विभाग ने आरोपी दोनों अध्यापकों को एपीओ कर दिया। प्रधानाचार्य मांगीलाल वर्मा ने बताया कि विद्यालय के अध्यापक नत्थूराम और ताराचंद पर छात्राओं ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। जांच के लिए छात्राओं को बुलाकर पूछताछ की गई और सीबीईओ उदयपुरवाटी आत्माराम वर्मा को मामले से अवगत कराया गया। उधर सीबीईओ आत्माराम ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों अध्यापकों को एपीओ कर दिया गया है। अध्यापाकों को लिया हिरासत में मामले की सूचना मिलते ही गुढ़ागौड़जी थानाधिकारी राममनोहर ठोलिया मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना मिली थी कि अध्यापकों के साथ परिजन की झड़प हो गई। इसके बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते पुलिस दोनों अध्यापकों को गाड़ी में बैठाकर थाने ले जा रही थी, लेकिन गाड़ी में दोनों अध्यापकों को बैठते देख ग्रामीण फिर से आक्रोशित हो गए और पुलिस की जीप के पीछे दौड़ने लग गए। पुलिस ने बमुश्किल से लोगों को रोका। गेट पर लगाया ताला, पूर्व मंत्री गुढा भी पहुंचे मौके पर पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र गुढा भी पहुंचे। गुढ़ा ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्मसार घटना है। छात्राओं के साथ स्कूल के अध्यापक ही ऐसी घटना कर रहे है फिर कहीं और क्या सुरक्षित रहेंगी। कार्रवाई नही हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सरपंच जयपाल जाखड़, लीलाधर मीणा, रोहिताश्व शेखावत, फतेह सिंह शेखावत, महावीर शेखावत, जयसिंह शेखावत, रतन सिंह शेखावत, बिरजू सिंह शेखावत, बलबीर सिंह शेखावत, जयसिंह शेखावत, जितेंद्र, महेश शर्मा, मुरारी शर्मा, रामसिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। स्टाफ ने कमरे में बंद करके बचाया अध्यापकों को छात्राओं के परिजन और ग्रामीणों में रोष देखते हुए अन्य अध्यापकों ने दोनों अध्यापकों को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इससे पहले एक ग्रामीण महिला ने कमरे में अध्यापक नत्थूराम की ईंट से धुनाई कर दी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। करीब तीन घंटे तक दोनों अध्यापकों को कमरे में बंद रखा गया और बाहर ग्रामीणों का बाहर प्रदर्शन चलता रहा। दोनों अध्यापकों को हिरासत में ले लिया। अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। रिपोर्ट देने के बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

बजट में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए हुए बड़े ऐलान, पीएम रिसर्च फेलोशिप योजना के तहत 10,000 फेलोशिप

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया. यह आठवां मौका है जब निर्मला सीतारमण ने सदन में भारत का बजट रखा. इसमें हर सेक्टर के लिए अलग-अलग सौगातें दी गईं हैं. वैसे देश के आम बजट से हर तबके को उम्मीदें रहती हैं, लेकिन युवा वर्ग सबसे ज्यादा टकटकी लगाए रहते हैं. ऐसे में युवाओं के लिए इस बार बजट में काफी कुछ दिया गया है. तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में  IIT के लिए काफी कुछ दिया है. इसके तहत आईआईटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ, सीटों में बढ़ोतरी और सेंटर की संख्या बढ़ाने की भी घोषणा की गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर को किया जाएगा मजबूत इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी को और भी अधिक पोषित किया जाएगा. वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार देश भर के 23 आईआईटी संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इससे यहां एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. पांच IIT में शिक्षा बनाया जाएगा और भी ज्यादा बेहतर 2023 में आईआईटी सेंटरों की संख्या बढ़ाई गई थी. अब इन सेंटरों की आधारभूत संरचनाओं का बढ़ाया जाएगा. ताकि इन संस्थानों को और इनके कैंपस को ज्यादा से ज्यादा छात्रों के पढ़ाई करने लायक बनाया जाएगा. इसके साथ ही 5 IIT में शिक्षा को बेहतर करने के लिए अलग से राशि दी जाएगी, ताकि इसे इनहांस किया जा सके.  

Union Budget 2025: इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे, यूनियन बजट में वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली आज संसद में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी पारी का पहल संपूर्ण बजट (Union Budget 2025) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा पेश किया गया. इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) में इस्तेमाल होने वाले लिथियम आयर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में मिलने वाली छूट भी शामिल है. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के सस्ते होने की उम्मीद है. बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, “कोबाल्ट पाउडर और अपशिष्ट, लिथियम आयन बैटरी (Lithium-Ion Battery) के स्क्रैप, सीसा, जस्ता और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को छूट दी जाएगी. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी निर्माण हेतु 35 अतिरिक्त वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी.” नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन को मजबूती: इस बार के बजट में किसानों, महिलाओं, शिक्षा, मेडिकल, MSME और स्टार्ट-अप के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार की मेक इन इंडिया योजना को और बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि, नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन (National Manufacturing Mission) को और भी मजबूत किया जाएगा, जिसका लाभ ऑटो सेक्टर को भी मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्होनें अपने स्पीच में कहा कि, “हमारी सरकार एक नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन का सेटअप करेगी. जो बड़े, मध्यम और छोटे इंडस्ट्री को कवर करेगा. यह मिशन केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों दोनों के लिए पॉलिसी सपोर्ट, एक्जीक्यूशन रोडमैप के साथ गर्वनेंस और मॉनिटरिंग का फ्रेमवर्क प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि, “ये मिशन पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए क्लाइमेट फ्रेंडली डेवलपमेंट साथ-साथ क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी बेहतर बनाएगा. इस स्कीम का लक्ष्य डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन को बेहतर बनाना है. जिसके तहत सोलर पीवी सेल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी, मोटर, कंट्रोलर, इलेक्ट्रोलाइसर्स, विंड टर्बाइन, हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन और ग्रिड स्केल बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग को सहयोग देना है.” स्टार्ट-अप के लिए 20 करोड़ का लोन: इस बार के बजट में स्टार्ट-अप को भी एक बड़ा तोहफा मिला है. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि, “स्टार्ट-अप के लिए लोन अमाउंट सीमा को बढ़ाकर अब 20 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जो अब तक 10 करोड़ रुपये तक की सीमित था. ये सपोर्ट स्टार्ट-अप सेक्टर के 27 अलग-अलग एरिया में दिया जाएगा.” जाहिर है कि, इसका बड़ा लाभ देश के ऑटो सेक्टर में भी देखने को मिलेगा. बीते कुछ सालों में देश में कई नए स्टार्ट-अप ने एंट्री की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री से जुड़े हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा ईवी बैटरी, कंपोनेंट मैक्न्युफैक्चरिंग और मोटर सेक्टर को दिया जाने वाला सहयोग भी ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा बल देगा. बजट 2025 पेश होने के साथ ही टेक दुनिया में हलचल तेज हो गई है और मैन्युफैक्चरर्स से लेकर ग्राहकों तक के लिए यह बजट अच्छी खबरें लेकर आया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि ढेरों डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाले पार्ट्स से इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा रही हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि स्मार्टफोन्स, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते होने वाले हैं। बजट में मोबाइल फोन पर कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा की गई है। इससे भारत में मैन्युफैक्चर होने वाले मोबाइल फोन्स की लागत कम होगी, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उन्हें नए स्मार्टफोन खरीदने के लिए कम खर्च करना पड़ेगा। मोबाइल कंपनियों ने सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी, ताकि ग्राहकों को फायदा हो सके और सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग का मिलेगा फायदा भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है। लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश में मोबाइल बैटरी बनाने की लागत कम होगी। मोबाइल फोन के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स जैसे LED-LCD टीवी के दाम भी कम किए जाएंगे। इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी भी कम कर दी गई है। बता दें, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और स्मार्टफोन्स की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने EV बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले 35 एडिशनल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी प्रोडक्शन में यूज होने वाले 28 एडिशनल गुड्स को छूट पाने वाले कैपिटल गुड्स की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया है। इस तरह बैटरी मैन्युफैक्चरिंग भी सस्ते में होगी। आसान भाषा में समझें तो इलेक्ट्रॉनिक्स या स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग में लगने वाला खर्च कम हो गया है। ठीक इसी तरह बैटरी की लागत भी कम कर दी गई है। यही वजह है कि अब इन चीजों की कीमतें ग्राहकों के लिए भी घट सकती हैं और ये घोषणाएं सकारात्मक बदलाव दर्शाती हैं।

बीजापुर में जवानों को मिली बड़ी सफलता, 8 माओवादी ढेर, फायरिंग अभी भी जारी

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में सुबह से जारी मुठभेड़ में जवानों ने बड़ी सफलता हासिल की है. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 8 नक्सलियों को मार गिराया है. मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरमाद कर लिए गए हैं. तोड़का के जंगल में यह मुठभेड़ हुई है. दरअसल, माओवादियों के सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा 202 और सीआरपीएफ 222 बटालियन की टीम गंगालूर के तोड़का व कोरचोली के जंगल रवाना हुई थी. सुरक्षाबलों की ओर से यह ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा था, जिसमें जवानों ने नक्सलियों को मुठभेड़ में कड़ा जवाब दिया. फिलहाल, इलाके में गोलीबारी जारी है. इस सफलता को सुरक्षाबलों ने अपनी महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा है, जो नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है.

मोदी सरकार के बजट में क्या-क्या मिला, साड़ी से लेकर घोषणाओं तक चुनावी साल में बिहार के लिए बहार

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी सरकार के आम बजट में बिहार पर खास जोर दिया गया है। इसी साल राज्य में चुनाव होने वाले हैं और भाजपा का यहां जेडीयू के साथ गठबंधन है। माना जा रहा है कि जेडीयू को पाले में बनाए रखने और बिहार की जनता को लुभाने के लिए राज्य पर फोकस रखते हुए कई घोषणाओं का ऐलान किया गया है। निर्मला सीतारमण ने अपनी साड़ी से लेकर ऐलानों तक से खास संदेश दिया कि बिहार मोदी सरकार की प्राथमिकता में है। निर्मला सीतारमण अपना 8वां बजट पेश करने के लिए खास मिथिला पेटिंग वाली साड़ी पहनकर पहुंचीं। इसके अलावा उन्होंने मखाना बोर्ड समेत कई ऐसी योजनाओं का ऐलान किया, जिन्हें बिहार में ही स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बिहार की आर्थिक ग्रोथ में इजाफा होगा और सामाजिक विकास भी होगा। निर्मला सीतारमण ने बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना का ऐलान किया। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में मखाने की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। वित्त मंत्री ने कहा कि मखाने के उत्पादन को बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने और किसानों की आय में इजाफा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने पटना आईआईटी के विस्तार का ऐलान किया और एक एआईटी की स्थापना करने की भी घोषणा की। इसके अलावा बिहार के ही सीमांचल क्षेत्र के लिए कोसी कनाल का ऐलान किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि इस नहर से 50 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। मिथिलांचल में पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी उद्यमशिलता और प्रबंधन संस्थान स्थापित किया जाएगा। इससे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य संस्करण कार्यकलापों को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। यही नहीं बिहार में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने का भी बजट में ऐलान हुआ है। वित्त मंत्री ने मखाना बोर्ड का ऐलान करते हुए कहा, ‘बिहार में मखाना बोर्ड होगा। इससे बिहार के लोगों को विशेष अवसर मिलेंगे। मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग, बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। गुणवत्ता में भी सुधार किया जाएगा। मखाना के किसानों को जरूरी ट्रेनिंग दी जाएगी और वित्तीय सहायता भी मिलेगी।’ दरअसल बिहार में इसी साल अक्टूबर में चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली के बाद बिहार ही ऐसा राज्य है, जहां इस साल चुनाव होंगे। ऐसे में भाजपा सरकार नहीं चाहती कि वह बिहार में किसी भी तरह का नुकसान उठाए। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में 240 सीटें ही हासिल करने वाली भाजपा के लिए नीतीश कुमार भी जरूरी हैं, जिन्होंने 12 सीटें हासिल की थीं। वह भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे हैं। इसके अलावा बिहार में भी दोनों दल साथ हैं। आमतौर पर बजट में चुनावी राज्यों पर फोकस करने की परंपरा रही है। इससे सरकार विकास के साथ ही चुनाव को भी साधने की कोशिशें करती रही हैं।

पीएम मोदी ने की सराहना, यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है, ये जनता जर्नादन का बजट है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है। ये जनता जर्नादन का बजट है। यह नागरिकों की जेब भरने वाला बजट है। बजट ग्रोथ को तेज गति से आगे बढ़ाएगा। बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है। यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने युवाओं के लिए कई क्षेत्र खोले हैं। आम नागरिक विकसित भारत के मिशन को आगे बढ़ाने जा रहा है।” वित्त मंत्री की पूरी टीम को बधाई देता हूं- पीएम मोदी केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है। यह बजट बचत, निवेश, खपत और विकास को तेजी से बढ़ाएगा। मैं इस जनता जनार्दन के बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।” बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए- प्रधानमंत्री केंद्रीय बजट 2025 पर पीएम मोदी ने कहा, “आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर होता है कि सरकारी खजाना कैसे भरा जाएगा, लेकिन यह बजट इसके ठीक उलट है। यह बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास में कैसे भागीदार बनेंगे… यह बजट इसके लिए बहुत मजबूत आधारशिला रखता है। सुधारों के लिहाज से इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना ऐतिहासिक है। यह देश के विकास में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा।” रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बजट में हर तरह से रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। मैं उन सुधारों की चर्चा करना चाहूंगा जो आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने से भारत में बड़े जहाजों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। हम सभी जानते हैं कि जहाज निर्माण सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इसी तरह देश में पर्यटन की भी बहुत संभावनाएं हैं। 50 महत्वपूर्ण पर्यटन स्टेशनों पर होटल बनाए जाएंगे, पहली बार होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाने से पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ऊर्जा मिलेगी, जो रोजगार का बहुत बड़ा सेक्टर है।”   कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगा बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस बजट में एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ शुरू किया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपोजिटरी बनाई जाएगी, यानी तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा कृषि क्षेत्र और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति का आधार बनेगी…’किसान क्रेडिट कार्ड’ की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाएगी, जिससे उन्हें और मदद मिलेगी।”

बजट 2025 : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने गिनाई खासियत

रायपुर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2025 को लेकर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अलग-अलग वर्ग को होने वाले फायदे गिनाए हैं. उन्होंने 12 लाख रुपए की आमदनी पर टैक्स में पूरी तरह से दी गई छूट का सबसे पहले जिक्र करते इसे मध्यम वर्ग के लिए बहुत बड़ी छूट करार दिया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि 12 लाख रुपए तक की आमदनी में आयकर में छूट से सरकारी कर्मचारियों को, छोटे व्यापारियों को, मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ा लाभ होगा. लोग अधिकतम 10 लाख रुपए की छूट की उम्मीद लगाए हुए थे. लेकिन मोदी जी ने पूरे मध्यम वर्ग को 12 लाख रुपए की बहुत बड़ी छूट दी है. वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत तीन लाख तक का लोन बिना ब्याज के मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब पांच लाख रुपए कर दिया गया है, जो बहुत बड़ी बात है. प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना के तहत देश के लांच की गई है, देश को सौ कृषि के लिहाज से पिछड़े जिले हैं, वहां विशेष मिशन चलाया जाएगा. इसमें खेती के लिए अच्छे बीज, सिंचाई, क्राप डाइवर्शिफिकेशन – सारी चीजों का ध्यान रखा जाएगा. इसका लाभ छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के तुलनात्मक रूप से पिछड़े जिलों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि युवाओं की दृष्टि से जो सेकेंडरी स्कूल हैं, वहां सरकार सौ प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा देने जा रही है. इससे लर्निंग का लेवल में तेजी से सुधार होगा. हमारे देश में जो गीगा वर्कर्स हैं, जोमैटो, स्वीगी जैसे संस्थानों में जो ऑपरेटर का काम करते हैं, उनको आयुष्मान भारत योजना का लाभ सरकार देने जा रही हैं, उनका आइडेंटी कार्ड होगा, उनको अलग-अलग प्रकार से सुविधाएं मिल सकेंगी. ओपी चौधरी ने कहा कि इसके अलावा MBBS की सीटे हैं, उसमें इस साल 10,000 की वृद्धि की गई है, और आने वाले 5 सालों में 75,000 सीटों की वृद्धि भारत सरकार करने जा रही है,यह देश में स्वास्थ्य के हालात को सुधारने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है. इसके अलावा IITs में 6,500 सीटों की वृद्धि की भी इस बजट में घोषणा की गई है. इसके अलावा माइनिंग सेक्टर में बड़े रिफॉर्म्स के लिए मिशन चलाए जा रहे है. हमारे छत्तीसगढ़ के कटघोरा में लिथियम का डिपोजिट मिला है. इस तरह के मिशन को इससे बड़ा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि इसी तरह टूरिज्म में जो बड़े-बड़े ऐलान हुए हैं, उसका भी लाभ हमारे छत्तीसगढ़ में बस्तर को मिलेगा और विशेष रूप से रेलवे में, इंफ्राइस्ट्रक्चर में, सड़कों में भारत सरकार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को बड़ा लाभ मिल रहा है. पिछले साल 20,000 करोड के नेशनल हाईवेज के निर्माण की स्वीकृति मिली है. उसी दिशा में इस बजट से हमको बहुत सारे लाभ मिलेंगे. मेडिकल टूरिज्म का जिक्र करते हुए ओपी चौधरी कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में हमने 200 एकड में MEDICITY का ऐलान किए हैं. इस,तरह से छत्तीसगढ़ को बड़े लेबल पर लाभ मिलेगा. इस सारा कुछ एक फिसिकल डिसीप्लीन के तहट किया गया है. इस साल फिसिकल डेफिसीट 4.8 परसेंट है, आने वाले साल के लिए इसे 4.4 परसेंट का किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट जज का दावा- इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर मांग रहे थे बंद कमरे में माफी, बाहर निकलकर पलटे

नई दिल्ली इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव ने एक कार्यक्रम में मुसलमानों के लिए कठमुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा उन्होंने देश में बहुसंख्यकों के हिसाब से व्यवस्था चलने की बात कही थी। उनके इस बयान को लेकर जमकर विवाद हुआ तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम के सामने जस्टिस यादव व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए थे। इस बीच कॉलेजियम के मेंबर रहे जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने कई अहम खुलासे किए हैं। उनका कहना है कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कॉलेजियम के साथ मीटिंग में कहा था कि मैं आप लोगों से माफी मांग लेता हूं। उन्होंने कहा कि मैं आपसे माफी मांगने के लिए तैयार हूं। इस पर चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि बंद कमरे में माफी मांगने का कोई मतलब नहीं है। ऐसा आपको सार्वजनिक तौर पर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से 31 जनवरी को रिटायर होने वाले जस्टिस रॉय ने कहा कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने सार्वजनिक माफी की बात को मान लिया था। वह यह कहते हुए मीटिंग से निकले थे, लेकिन आज तक माफी की मांग नहीं की। यही नहीं उन्होंने तो अपने एक जवाब में यहां तक कहा था कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। जस्टिस रॉय ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाद में उनका विचार बदल गया। पहले तो वह सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए तैयार हो गए थे। जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने उनके इस व्यवहार को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘ऐसा एक और वाकया हुआ था, जब एक जज ने ऐसा ही बयान दिया था। तब उन्होंने बाद में माफी मांग ली थी। जस्टिस यादव ने भी पब्लिक में माफी की बात कही, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया है। अब चीफ जस्टिस ने इन-हाउस इन्क्वॉयरी शुरू की है।’ जस्टिस रॉय ने कहा, ‘उन्होंने कॉलेजियम के सभी 5 जजों के सामने कहा था कि मैं आप सभी लोगों से माफी मांगता हूं। वह उस समय तैयार थे। लेकिन चीफ जस्टिस ने जब पब्लिक में माफी की मांग की तो वह तैयार हो गए। वहां से निकले तो फिर ऐसा नहीं किया।’ समान नागरिक संहिता पर एक भाषण देते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि देश का सिस्टम बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा। उन्होंने कहा था कि परिवार में आखिर जिस बात को ज्यादा लोग मानते हैं, वही होता है। इसके अलावा उन्होंने मुस्लिमों के लिए कठमुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया था। इसी मामले पर उन्हें कॉलेजियम ने समन जारी किया था। बता दें कि जस्टिस शेखर यादव ने इश मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को जवाब दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि मैं अब भी अपने बयान पर कायम हूं। उनका कहना था कि मैंने अपना बयान जज के तौर पर नहीं बल्कि एक हिंदू के रूप में दिया था। इसलिए अदालत परिसर से बाहर कही गई कोई बात उनके जज रहने की आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती। इसके अलावा हाई कोर्ट की मर्यादा को भी इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

सर्वे में क्या निकला- भारत ने कई बार चिंता जताई है और जस्टिन ट्रूडो सरकार से ऐक्शन की अपील भी की

ओटावा कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत ने कई बार चिंता जताई है और जस्टिन ट्रूडो सरकार से ऐक्शन की अपील भी की है। इस बीच एक सर्वे भी आया है, जो बताता है कि आखिर कनाडा में लोग खालिस्तानियों के बारे में क्या सोचते हैं। सर्वे में तीन चौथाई यानी 75 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार को ऐसी गतिविधियों को कनाडा की जमीन पर नहीं होने देना चाहिए। किसी दूसरे देश को लेकर कनाडा से एजेंडा चलाना ठीक नहीं है। एजेंसी लेगर की ओर से किए गए सर्वे में कहा गया, ‘सिख अलगाववादी गतिविधियों को 10 फीसदी लोगों ने ही समर्थन किया, जो काफी कम आंकड़ा है। वहीं 54 फीसदी लोगों ने इसका विरोध किया। इसके अलावा 72 फीसदी लोगों ने मांग की है कि दूसरे देश के खिलाफ चलने वाले एजेंडे को रोकने की जरूरत है। यह सर्वे इस बात को जानने के लिए किया गया था कि आखिर कनाडा के मामलों में भारत की ओर से आंतरिक दखल के आरोपों पर लोगों की क्या राय है। इसे लेकर 53 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें इन आरोपों की जानकारी है। वहीं 68 फीसदी लोगों ने कहा कि यह चिंता की बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं कनाडा के 30 फीसदी लोगों ने कहा कि सिख समुदाय को खालिस्तानी गतिविधियों को चलते गैर-जरूरी जांच से गुजरना पड़ता है। वहीं 33 फीसदी लोगों ने इस बात से इनकार किया तो वहीं 37 फीसदी लोगों ने कहा कि वह इसे लेकर अनिश्चित हैं। दरअसल कनाडा ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि उसकी चुनावी प्रक्रिया में दखल देने वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर हैं। वहीं चीन पहले पायदान पर है। सर्वे में कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत खालिस्तान को लेकर दो समूहों के बीच अंतर नहीं कर पा रहा है। एक समूह ऐसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा का समर्थक है। वहीं दूसरे समूह ऐसा है, जो हिंसक गतिविधियां भी करता है। भारत इन दोनों को मिलाकर देखता है। लेकिन सर्वे से साफ है कि कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के संचालन को लोगों ने स्वीकार किया है। यही नहीं वे मानते हैं कि जस्टिन ट्रूडो सरकार को इन पर रोक लगानी चाहिए। हालांकि भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने के भी कनाडा के लोग पक्षधर हैं। बता दें कि खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा में तनाव बढ़ा हुआ है। बीते साल कनाडा ने भारत पर निज्जर हत्याकांड में शामिल होने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह अब तक साबित नहीं कर सका है।

मुख्यमंत्री साय बोले- केंद्रीय बजट भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद में पेश केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से मोदी जी का वह वचन फिर से पूरा हुआ है कि जिन्हें कोई नहीं पूछता, उन्हे मोदी जी पूजते हैं। समाज के मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक और क्रांतिकारी होगा। यह भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज है। स्वतंत्र भारत के इतिहास के चंद ऐतिहासिक बजटों में से यह एक है। श्री साय ने कहा कि जो प्रावधान इस बजट में किए गए हैं वो केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी ही कर सकते हैं। इस बजट ने सिद्ध कर दिया है कि आने वाला समय भारत का है और भारत का स्वर्णिम युवा युग शुरू हो गया है। भारत अब विश्व का नेतृत्व करेगा यह तय हो गया है। आज पेश हुआ यह बजट एक ऐतिहासिक बजट है, जिसे भारत देश में हमेशा याद रखा जाएगा। देश के टैक्स पेयर और मध्यम वर्ग का सम्मान करते हुए मोदी सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है जिसकी कल्पना भी लोगों को नहीं थी, पूर्व की सरकार में जहां 2 लाख रुपए की आय पर टैक्स लगता था, मोदी जी की सरकार में 12 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। किसानों के संबंध में प्रावधान – मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी सरकार ने इस बजट में किसानों के उत्थान के लिए दूरगामी नीतियाँ बनाई हैं। इस बजट में कृषि की उत्पादकता बढ़ाने, दालों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने, किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगाने और किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने के निर्णय किसानों की तरक्की के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। व्यापार उद्योग एवं रोजगार – देश के व्यापार-उद्योग को बढ़ावा देने एवं बड़ी संख्या में रोजगार के सृजन के प्रावधान इस बजट में मौजूद हैं। एमएसएमई को लोन की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रूपए करने का निर्णय, स्टार्टअप के लिए 10 हजार करोड़ का फंड देने एवं अब मेक इन इंडिया के साथ मेक फॉर वर्ल्ड का अभियान भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा। 22 लाख श्रमिकों के लिए लेदर स्कीम, एक करोड़ वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा और भारत को खिलौनों का ग्लोबल हब बनाने का निर्णय देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर पैदा करने जा रहा है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय – भारत के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज की जीवन रक्षक दवाइयों को पूरी तरीके से टैक्स में छूट दे दी गई है,  साथ ही कैंसर के लिए 200 केयर यूनिट भी बनाई जाएंगी।ऐसे संवेदनशील निर्णय पर हम मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं। आधारभूत संरचना एवं छत्तीसगढ़ के लिए प्रावधान – आधारभूत संरचना के लिए राज्यों को डेढ़ लाख करोड़ रुपए दिए जाने का निर्णय राज्यों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला प्रशंसनीय निर्णय है। साथ ही 1 लाख करोड़ का फंड अर्बन डेवलपमेंट के लिए मिलने से शहरों का विकास होगा।आदिवासी एवं दलित महिलाओं को 5 लाख तक के लोन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट देश के किसानों, युवाओं, महिलाओं को समर्पित बजट है। देश में रोजगार की नई संभावनाओं का सृजन होगा। भारत के विकसित भारत बनने की दिशा में इस बजट के प्रावधान बेहद मददगार साबित होंगे। देश की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। देश के हर वर्ग के लिए बजट में प्रावधान है। यह भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला बजट है। यह बजट भारत में निवेश की संभावनाओं को प्रबल करेगा और भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की संभावनाओं को बल देगा।

शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा में “वर्ल्ड वेटलैंड डे” पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सिवनी मालवा  1 फरवरी 2025 को अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड डे के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के महत्व और इनके संरक्षण की आवश्यकता पर जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के इको क्लब द्वारा किया गया, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे एवं मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. रघुवंशी प्राचार्य शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी मालवा द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण से हुई। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने अपने उद्घाटन भाषण में वेटलैंड्स को “प्रकृति के फेफड़े” की संज्ञा दी और इनके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेटलैंड्स न केवल जल स्रोतों को संरक्षित करते हैं, बल्कि यह विभिन्न प्रकार की जैव विविधता का आश्रय स्थल भी हैं। डॉ. धुर्वे ने बताया कि वेटलैंड्स बाढ़ नियंत्रण, पानी को शुद्ध करने, भूजल रिचार्ज और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. आर. के. रघुवंशी ने वेटलैंड्स में पाए जाने वाले पौधों और उनकी पारिस्थितिकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वेटलैंड्स में उपस्थित पौधे मृदा संरक्षण, जल शुद्धिकरण और जलवायु संतुलन में योगदान देते हैं। उन्होंने वेटलैंड्स को जैव विविधता का खजाना बताते हुए इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। इको क्लब प्रभारी डॉ. सतीश बालापुरे ने अपने विचार रखते हुए वेटलैंड्स की पारिस्थितिकी और इनके जैव विविधता पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि वेटलैंड्स हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो असंख्य पौधों और जीवों को आवास प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन आर्द्रभूमियों का संरक्षण हमारे लिए अत्यावश्यक है, क्योंकि यह पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के सपोर्ट ऑफिसर डॉ. धर्मेंद्र गुर्जर ने किया। अंत में, धन्यवाद ज्ञापन इको क्लब सहसंयोजक रजनीकांत वर्मा ने प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्राचार्य महोदय, प्राध्यापकों और छात्राओं का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्राध्यापक प्रशांत चौरसिया, डॉ बाऊ पटेल, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती काजल रतन, श्रीमती संगीता कहार, कु. आकांक्षा पांडे एवं इको क्लब इकाई की समस्त छात्राएं तथा प्राध्यापक उपस्थित रहे।

गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है- किरणसिंहदेव

इस बजट से तय हो गया भारत विश्व का नेतृत्व करेगा :किरण सिंहदेव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास को मिली एक ऊंची उड़ान-किरण देव गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है-श्री किरणसिंहदेव रायपुर  केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि  श्री नरेंद्र मोदी जी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर देशवासियों को बजट के माध्यम से पूरे देश को एक बड़ी सौगात दी है। यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की अवधारणा से पूरिपूर्ण समावेशी और विकास को एक ऊंची उड़ान देने वाला और क्रांतिकारी बदलाव के साथ एक सुदृढ़ और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने वाला है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मध्यम वर्ग को जहां 12 लाख की सालाना आय को टैक्स मुक्त करते हुए किसानों को 5 लाख रुपए तक के लोन में छूट दी है। कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पीएम धन-धान्य योजना के दायरे को बढ़ा दिया है। इससे खेती-किसानी में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। साथ किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। एक करोड़ 70 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा। श्री सिंह देव ने कहा श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है। इस बजट में सबका साथ सबका विकास की अवधाराणा का एक वृहद स्वरूप है। जिसमें समाज के सभी वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें शामिल है। श्री किरणदेव सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने यहां डबल इंजन की सरकार बनाकर प्रदेश को विकास के पथ ला दिया है। केंद्रीय बजट में पीएम मोदी की सरकार ने कई बड़ी सौगात दी है, इससे छत्तीसगढ़ के विकास को और रफ्तार मिलेगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हमारे प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। श्री देव ने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के चलते छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में निर्बाध और उत्तरोत्तर तेज गति से विकास कर रहा है। केंद्रीय बजट हुई घोषणाओं से छत्तीसगढ़ के विकास में और तेजी आएगी।  कहा कि  केंद्रीय बजट से किसान, युवा और उद्यमियों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में सभी वर्गों और क्षेत्र का ख्याल रखा गया है और एक विकासोन्मुखी का समावेश है। श्री किरण सिंहदेव  ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों और मजदूरों की सबसे बड़ी हितैषी है। आज छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य के अलावा देशभर के किसानों को उनके फसलों का वाजिब दाम और उनकी आय को बढ़ाने के कार्य किसी क्रांति से कम नहीं है। किसानों से मोटे आनाज को केंद्र सरकार तीन गुना अधिक दामों पर खरीद रही है। साथ ही खरीफ और रबी की फसलों में एमएसपी में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा 109 प्रकार की उन्नत किस्म किसानों को प्रदान की गई हैं। खाद्य तेल, तेंदूपत्ता उत्पादन और प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की विष्णुदेव साय की सरकार में आदिवासी समाज के लिए केंद्र की सरकार ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इससे आदिवासी समाज को संबल मिला हैं। आज आदिवासी हर क्षेत्र में सामर्थवान होने के साथ ही आर्थिक रूप से सबल हुए हैं। केंद्रीय बजट से इनके विकास में और तेजी आएगी। केंद्रीय बजट और सरकार की योजनाओं से दलित, वंचित और आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और एक  विकसित राष्ट्र की स्थापना होगी। इस बजट ने बता दिया है कि अब भारत को विश्व का नेतृत्व करने से कोई नहीं रोक सकता।यह बजट देश के लोगो के लिए नई खुशहाली लेकर आयेगा।

Oscar में नॉमिनेट एक्‍ट्रेस कार्ला सोफिया गैसकॉन विवादों में

ऑस्‍कर 2025 में नामिनेशन पाने वाली पहली ट्रांसजेंडर एक्‍ट्रेस कार्ला सोफिया गैसकॉन विवादों में घ‍िर गई हैं। उनकी फिल्‍म ‘एमिलिया पेरेज़’ को जहां एकेमडमी अवॉर्ड्स में सबसे अध‍िक 13 नॉमिनेशन मिले हैं, वहीं एक्‍ट्रेस पर इस्‍लाम और जॉर्ज फ्लॉयड के अपमान का आरोप लगा है। एक्‍ट्रेस का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है। हालांकि, बवाल मचने के बाद कार्ला ने इस पर माफी भी मांग ली है। कार्ला सोफ‍िया गैसकॉन ऑस्‍कर अवॉर्ड्स के इतिहास में पहली ट्रांसजेंडर एक्‍ट्रेस हैं, जिन्‍हें नॉमिनेशन मिला है। एक्‍ट्रेस ने शुक्रवार को नेटफ्लिक्स की प्रवक्ता के जरिए न्‍यूज एजेंसी AFP को एक बयान दिया है, जिसमें कहा गया है कि ‘वह उन लोगों से माफी मांगती हैं, जिन्‍हें उनके बयान से दर्द पहुंचा है।’ कार्ला ने बयान में कहा- मैं खुद हाश‍िए पर आने वाले समुदाय से हूं एक्‍ट्रेस ने अपने बयान में कहा है, ‘मैं अपने पिछले सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में हो रही बातचीत में अपनी गलती स्वीकार करती हूं। एक हाशिए पर पड़े समुदाय से होने के नाते, मैं इस पीड़ा को बहुत अच्छी तरह से जानती हूं और जिन लोगों को मैंने दुख पहुंचाया है, उनसे मैं बहुत खेद जताती हूं। मैंने अपने पूरे जीवन में एक बेहतर दुनिया के लिए संघर्ष किया है। मेरा मानना है कि रोशनी की हमेशा ही अंधकार पर जीत होगी।’ 2016 से पहले पोस्‍ट वायरल, इस्‍लाम को बताया ‘एक संक्रमण’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट साल 2016 से पहले के हैं। इन्‍हें इस्‍लाम और मुसलमान विरोधी बताया जा रहा है। इनमें कार्ला सोफिया गैसकॉन का बयान है, जहां वह इस्लाम को ‘एक संक्रमण’ और ‘मानवता का एक बहुत ही घृणित प्रकार’ बता रही हैं। जॉर्ज फ्लॉयड को लेकर पोस्‍ट भी हुआ वायरल एक अन्य वायरल हो रहा पोस्‍ट जॉर्ज फ़्लॉयड से जुड़ा है। जॉर्ज एक अफ्रीकी-अमेरिकी थे, जिनकी 25 मई, 2020 को मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक गोरे पुलिस अधिकारी द्वारा हत्या कर दी गई थी। एक स्टोर क्लर्क को संदेह था कि जॉर्ज ने नकली बीस-डॉलर के बिल का इस्तेमाल किया होगा। उनकी हत्‍या के बाद अमेरिका और कई देशों में बड़े पैमाने पर नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन हुए। 52 साल की कार्ला सोफिया हैं स्‍पेनिश स्‍टार कार्ला सोफिया 52 साल की स्पेनिश स्टार हैं। पिछले साल मई में कान फिल्म फेस्‍ट‍िवल के दौरान उन्‍हें खूब पॉपुलैरिटी मिली। उन्‍होंने ‘एमिलिया पेरेज’ में एक मैक्सिकन ड्रग कार्टेल की बॉस की भूमिका निभाई है, जो बाद में एक महिला बन जाती है। इस फिल्‍म कई पुस्‍कार जीत चुकी है। नेटफ्ल‍िक्‍स ने खरीदे हैं ‘एमिलिया पेरेज’ के राइट्स ‘एम‍िलिया पेरेज’ के स्‍ट्रीमिंग राइट्स दिग्गज OTT प्‍लेटफॉर्म ‘नेटफ्लिक्स’ ने खरीदे हैं। इसी महीने की शुरुआत में फिल्‍म को 13 ऑस्‍कर नॉमिनेशन मिले हैं। इसने गैर-अंग्रेजी-भाषा वाली फिल्म को मिले सबसे अध‍िक ऑस्‍कर नॉमिनेशन के लिए पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिल्‍म में मेक्‍स‍िको के हालत, ड्रग वॉर और ट्रांसजेंडर्स की कहानी ‘एमिलिया पेरेज’ में मेक्सिको के हालात और वहां ड्रग वॉर को दिखाया गया है। इसके साथ ही यह फिल्‍म ट्रांसजेंडर्स के मुद्दों पर भी बात करती है। यह म्‍यूजिकल फिल्‍म तकनीकी रूप से भी इसलिए मायने रखती है कि इसमें संगीत वाले सीन्‍स में कार्ला सोफिया गैसकॉन की आवाज की सीमा को AI टेक्‍नोलॉजी के जरिए बढ़ाया गया है। हालांकि, फिल्‍म की कई लोगों ने खूब आलोचना भी की है। कार्ला ने इसी हफ्ते एक्‍ट्रेस फर्नांडा टोरेस पर भी लगाए थे आरोप वैसे, जैसे-जैसे ऑस्‍कर को लेकर कैम्‍पेन आगे बढ़ रहा है, काला सोफिया गैसकॉन लगातार विवादों में घ‍िर रही हैं। इसी सप्ताह वह एक और विवाद में फंसी थीं, जब उन्‍होंने बेस्‍ट एक्‍ट्रेस के लिए ऑस्‍कर नॉमिनेशन पाने वाली अपनी राइवल और ब्राजील की फर्नांडा टोरेस पर गंभीर आरोप लगाए। कार्ला ने कहा, ‘फर्नांडा टोरेस, मेरे और ‘एमिलिया पेरेज’ के बारे में बुरी तरह से बात कर रही हैं।’

अब 12 लाख रुपए तक की आमदनी वाले टैक्स मुक्त होंगे, यह केजरीवाल ने जितना सोचा था उससे ज्यादा: वित्त मंत्री

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना 8वां बजट पेश करते हुए टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि अब 12 लाख रुपए तक की आमदनी वाले टैक्स मुक्त होंगे। यह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई मांग से भी 2 लाख ज्यादा है। अरविंद केजरीवाल ने 9 दिन पहले मिडिल क्लास के लिए एक ‘मेनिफेस्टो’ जारी करते हुए केंद्र सरकार के सामने 7 मांगें रखी थीं। आम आदमी पार्टी के मुखिया ने इस इस बजट को मिडिल क्लास के नाम समर्पित करने की मांग करते हुए जो मांगें रखीं उनमें सबसे अहम थी इनकम टैक्स में छूट। केजरीवाल ने कहा था, ‘इनकम टैक्स की छूट की सीमा को 7 लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख किया जाए।’ दिल्ली में चुनाव से ठीक 5 दिन पहले आए इस बजट में मोदी सरकार ने मिडिल क्लास को खुश करने की कोशिश की है। दिल्ली में मिडिल क्लास का एक बड़ा वर्ग है तो लंबे समय से टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहा था। इसी वर्ग की आवाज उठाते हुए केजरीवाल ने कम से कम 10 लाख रुपए तक की आय को टैक्स मुक्त करने की मांग रखी थी। लेकिन मोदी सरकार इससे आगे बढ़कर ऐलान कर दिया है। वित्त मंत्री का क्या ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपए तक की सालाना आय को पूरी तरह से टैक्स मुक्त किए जाने की घोषणा की। यह छूट नई आयकर व्यवस्था में दी गई है। स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपए के साथ नौकरीपेशा लोगों को अब 12.75 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने इसके साथ अलग-अलग कर स्लैब में भी बदलाव का प्रस्ताव किया। इसके तहत, अब 4 लाख रुपए सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 4 से 8 लाख रुपए पर 5 प्रतिशत, 8 से 12 लाख रुपए पर 10 प्रतिशत, 12 लाख से 16 लाख रुपए पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख रुपए पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपए से 24 लाख रुपए पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपए से ऊपर की सालाना आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा।

बजट का उद्देश्य विकास को गति देना,स्वास्थ्य एवं शिक्षा आदि नियामक सुधारों में सुधार शुरू करते हुए देश की क्षमता को खोलना

रायपुर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन ने कहा कि बजट का उद्देश्य विकास को गति देना और कराधान, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र, बिजली और नियामक सुधारों में सुधार शुरू करते हुए देश की क्षमता को खोलना है। समावेशी विकास और अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने के लिए मध्यम वर्ग के खर्च को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। एमएसएमई वर्गीकरण के लिए 2.5 गुना की निवेश सीमा से इस सबसे बड़े क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। फुटवियर, चमड़ा और खिलौने उद्योग को बढ़ावा देने से 22 लाख नौकरियां, ₹4L करोड़ का राजस्व और ₹1.1L करोड़ से अधिक का निर्यात होगा। मछली उत्पादन और जलीय कृषि, समुद्री क्षेत्र में समुद्री खाद्य निर्यात भारतीय अनन्य आर्थिक क्षेत्र से मत्स्य पालन के स्थायी दोहन के लिए एक सक्षम ढांचा लाएगा और उच्च समुद्र नए अवसर पैदा करेगा और अर्थव्यवस्था को समृद्ध करेगा। हर जिले में कैंसर अस्पताल खोलना और शहरों को बदलने के उद्देश्य से शहरी चुनौती निधि, प्राथमिक विद्यालयों में ब्रॉडबैंड सुविधा से शिक्षा और सामाजिक चेतना के नए रास्ते खुलेंगे। विस्तारित जल जीवन मिशन के साथ बढ़ी हुई लागत से न केवल पीने योग्य पानी उपलब्ध होगा बल्कि पाइप निर्माण को और बढ़ावा मिलेगा। 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन से नए रास्ते खुलेंगे। संशोधित उड़ान योजना, चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ 120 नए गंतव्यों को जोड़कर यात्रा-पर्यटन और बुनियादी ढांचा उद्योग को बढ़ावा देगी, जिससे 4 करोड़ यात्रियों को सुविधा मिलेगी। बीमा एफडीआई को 74% से बढ़ाकर 100% करने से नई और सस्ती योजनाएं शुरू होंगी। एलआरएस प्रेषणों पर टीसीएस की सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये, टीडीएस सीमा 6 लाख रुपये, निर्दिष्ट वित्तीय संस्थानों से 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर टीसीएस हटाने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खर्च करने की शक्ति को बढ़ावा मिलेगा। करदाताओं के लिए बिना किसी शर्त के दो स्व-कब्जे वाली संपत्तियों के वार्षिक मूल्य को शून्य के रूप में दावा करने की सुविधा से भवन बुनियादी ढांचा उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा

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