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महतारी वंदन योजनाः आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

 रायपुर  सुशासन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना होता है। जब कोई नीति या योजना समाज के वंचित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुँचती है, तो उसका असर न केवल एक व्यक्ति बल्कि पूरे समुदाय पर पड़ता है। ऐसी ही एक पहल “महतारी वंदन योजना“ ने महासमुंद जिले के सिरपुर क्षेत्र की कमार जनजातीय महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की नई राह दिखाई है।          सिरपुर की रहने वाली  केंवरा कमार पहले परंपरागत बांस शिल्प कारीगरी पर निर्भर थीं। यह उनकी आजीविका का मुख्य साधन था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका व्यवसाय ठप पड़ गया था। सीमित संसाधनों और बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा था। मगर महिला एवं बाल विकास विभाग से 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिलने के बाद उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने बांस, रस्सी और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदनी शुरू की, इससे उनका व्यवसाय फिर से अच्छा चल रहा है, और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हो रही हैं। इसी तरह सिरपुर की ही रहने वाली भामिनी गोस्वामी इस योजना का लाभ उठाकर अपनी बेटी टांसी गोस्वामी के भविष्य को संवार रही हैं। हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि को वे सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। यह छोटी-सी बचत उनकी बेटी के लिए एक मजबूत आर्थिक संबल बन रही है, जो आगे चलकर उसकी उच्च शिक्षा और विवाह में सहायक सिद्ध होगी। भामिनी कहती हैं, “पहले हमारे पास इतनी बचत नहीं होती थी कि हम अपनी बेटी के भविष्य के बारे में सोच सकें, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमें यह अवसर दिया है कि हम अपने बच्चों को एक सुरक्षित और उज्जवल भविष्य दे सकें।“ महतारी वंदन योजना केवल एक आर्थिक सहायता योजना भर नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का आधार भी बन रही है। खासकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं।

मछली पकड़ने वाली अब करेंगी देश की सेवा, इंडियन नेवी में हुआ चयन

खंडवा कहते हैं समय से बड़ा कोई बलवान नहीं होता। अगर मेहनत और लगन सच्ची हो तो वक्त बदलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही मध्य प्रदेश के खंडवा में देखने को मिला। जहां पुनासा तहसील में रहने वाली एक बेटी, जो नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर में पिता का कर्ज उतारने के लिए मछली पकड़ने का काम करती थी अब वो देश की सेवा करेगी। उनका चयन खिलाड़ी कोटे से इंडियन नेवी में हो गया है। चयन के बाद अपने माता-पिता से मिलने अपने गांव पहुंची, जहां उसका ग्रामीणों ने स्वागत किया। यह है कामयाबी की कहानी खंडवा जिले के सिंगाजी गांव में नाव चला कर पिता के साथ मछली पकड़ने वाली कावेरी डिमर की कहानी 2016 में शुरू हुई। खंडवा जिले के तत्कालीन स्पोर्ट्स ऑफिसर जोसेफ बक्सला ने उसे नाव चलाते हुए पहली बार देखा तो कावेरी और उसकी दो अन्य बहनों को वाटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल में भेज दिया। भोपाल अकादमी में विदेशी खेल कैनोइंग में कावेरी ने महारत हासिल की। कावेरी ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। कावेरी ने एशियन चैंपियनशीप थाइलैंड में ब्रांज मेडल, एशियन गेम चाइना, वर्ल्ड चैंपियनशीप जर्मनी, एशियन चैंपियनशीप एंड ओलंपिक क्वालिफायर जापन, एशियन चैंपियनशीप उजबिकीस्तान, यू-23 एशियन चैंपियनशीप थाईलेंड में भी हिस्सा लिया। नेशनल चैंपियनशीप में 45 गोल्ड, 6 सिल्वर व 3 ब्रांज मेडल जीते। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उसे 11 लख रुपए का इनाम दिया था।   गरीबी में बचपन बीता कावेरी का बचपन गरीबी में बीता। यही नहीं पिता के बिछाए जाल से मछलियां भी बिनती थी। पिता का 40 हजार रुपए का कर्ज उतारने के लिए कावेरी बैकवाटर में नाव चलाने लगी। पिता रात में जाल बिछाते तीनों बहनें सुबह जाकर जाल से मछली निकालती और ठेकेदार को दें आती। ऐसा रोजाना कर उन्होंने पिता का कर्ज उतारने में मदद की। छोटी सी उम्र में न सिर्फ अपने पिता के कर्ज को दूर किया, बल्कि परिवार का पालन पोषण भी किया। नाव चलाने में महारत हासिल होने के कारण ही वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल में उसका चयन हो गया। इंडियन नेवी ज्वाइन करने के बाद पहली बार जब बेटी घर लौटी तो माता-पिता को यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी बेटी इस मुकाम पर पहुंच गई। माता-पिता ने बेटी को तिलक लगाकर सम्मान किया ग्रामीणों ने भी कावेरी की कामयाबी पर बधाई दी और सम्मान भी किया। मां ने कहा बेटी ने हमारा कर्ज उतार दिया तो पिता ने कहा वह पढ़ाई के साथ-साथ मेरा सहयोग भी करती थी।

National Science Day :बच्चों व युवाओं को विज्ञान-तकनीकी शिक्षा से जोड़ना होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विज्ञान के प्रति उत्साहपूर्ण भाव रखने वाले लोगों, विशेषकर हमारे युवा अन्वेषकों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई। आइए विज्ञान और नवाचार को लोकप्रिय बनाते की दिशा में कार्य करते रहे और एक विकसित भारत के निर्माण के लिए विज्ञान का लाभ उठाते रहें। इस महीने के मन की बात के दौरान, ‘एक वैज्ञानिक के रूप में एक दिन’ कार्य करने के बारे में बात की थी जहां युवा किसी न किसी वैज्ञानिक गतिविधि में भाग लेते हैं। इससे पहले 23 फरवरी को मन की बात के अपने 119वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा था कि वह बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करेंगे। आने वाले दिनों में हम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाएंगे। हमारे बच्चों और युवाओं की विज्ञान में रुचि और जुनून बहुत मायने रखता है। इसके लिए मेरे पास एक विचार है, जिसे आप ‘वन डे एज ए साइंटिस्ट’ कह सकते हैं।  यानी आपको एक दिन वैज्ञानिक के तौर पर बिताने की कोशिश करनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि आप अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से कोई भी दिन चुन सकते हैं। उस दिन आपको किसी रिसर्च लैब, प्लेनेटेरियम या स्पेस सेंटर में जाना चाहिए। इससे विज्ञान के प्रति आपकी जिज्ञासा बढ़ेगी। बता दें कि 1986 में भारत सरकार ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की घोषणा के उपलक्ष्य में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित किया। यह पदार्थ द्वारा प्रकाश के अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन को संदर्भित करता है, जिसके परिणामस्वरूप प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति में बदलाव होता है। सरल शब्दों में, यह प्रकाश की तरंगदैर्घ्य में परिवर्तन है जो तब होता है जब प्रकाश किरण अणुओं द्वारा विक्षेपित होती है। रमन प्रभाव रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का आधार बनता है, जिसका उपयोग रसायनज्ञों और भौतिकविदों द्वारा पदार्थों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। स्पेक्ट्रोस्कोपी पदार्थ और विद्युत चुम्बकीय विकिरण के बीच परस्पर क्रिया का अध्ययन है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस रोजमर्रा की जिंदगी में विज्ञान के महत्व को बढ़ावा देने और मानवता की बेहतरी के लिए वैज्ञानिक क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। इस उत्सव का उद्देश्य मुद्दों को संबोधित करना, नवीन तकनीकों को पेश करना और विज्ञान में विकास को बढ़ावा देना है। यह भारत में वैज्ञानिक सोच वाले व्यक्तियों के लिए एक मंच प्रदान करता है,जो जनता के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित और लोकप्रिय बनाता है। बच्चों व युवाओं को विज्ञान-तकनीकी शिक्षा से जोड़ना होगा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकटरामन की खोज रामन प्रभाव को समर्पित है. वर्ष 1928 में उन्होंने प्रकाश किरण के फैलने की एक घटना ‘रामन प्रभाव’ की खोज की थी. दो वर्ष बाद 1930 में इस खोज के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर युवाओं को विज्ञान में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है. इस वर्ष का राष्ट्रीय विज्ञान दिवस इसलिए भी खास है, क्योंकि एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के प्रोत्साहन और विजन से विकसित भारत, 2047 के अंतर्गत युवाओं को विज्ञान शिक्षा के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इस बार विज्ञान दिवस का विषय है- विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना. इसके तहत बच्चों और युवाओं को विज्ञान व तकनीकी शिक्षा की ओर उन्मुख करना जरूरी होगा. वर्ष 2023 में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की गयी, जिसका उद्देश्य वैश्विक वैज्ञानिक और तकनीकी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए युवाओं को अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित करना है. इसके तहत युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान में शोध करियर प्रारंभ करने में मदद के लिए प्रधानमंत्री प्रारंभिक करियर अनुसंधान अनुदान (पीएम इसीआरजी) कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है. वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सूचकांक में भारत की रैंकिंग लगातार सुधर रही है. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स, 2024 में शीर्ष नवोन्मेषी अर्थव्यवस्थाओं में भारत ने 39वां स्थान हासिल किया है. डब्ल्यूआइपीओ रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारत बौद्धिक संपदा फाइलिंग के मामले में छठे स्थान पर है. नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स, 2024 में भारत 49 वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि 2019 में वह 79वें स्थान पर था. यह इंडेक्स विश्व की 133 अर्थव्यवस्थाओं में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग और प्रभाव पर अग्रणी वैश्विक सूचकांकों में एक है. देश में ‘इंस्पायर कार्यक्रम’ नाम से योजना चलायी जा रही है, जिसका उद्देश्य बुनियादी व प्राकृतिक विज्ञान का अध्ययन करने के लिए मेधावी युवाओं को आकर्षित करना है. वर्ष 2024 में करीब 38,000 इंस्पायर स्कॉलर्स, फेलो और फैकल्टी फेलो को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में चुना गया. विदेश में रह रहे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है. विज्ञान और अभियांत्रिकी में महिलाओं की भागीदारी के लिए किरण योजना और अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में अनुसंधान प्रशिक्षण के लिए महिला अंतरराष्ट्रीय अनुदान सहायता जैसे कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत विश्व के शीर्ष देशों में है. चंद्रयान और आदित्य-एल1 मिशन के बाद इस साल व्योममित्र नामक महिला रोबोट गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री जैसे कार्य करेगी. वर्ष 2026 में पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन शुरू होगा, जबकि 2035 में भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन भारत अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने और 2047 में चंद्रमा पर पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री उतारने का लक्ष्य है. इसरो एक बार में 104 उपग्रह प्रक्षेपित करने का रिकॉर्ड बना चुका है और पिछले 10 साल में 460 उपग्रह प्रक्षेपित किये गये हैं. भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा अर्जक के रूप में उभरा है. विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण से अर्जित 22 करोड़ यूरो में से 18.7 करोड़ यूरो पिछले आठ वर्षों में अर्जित किये गये हैं. आज अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप 300 से अधिक हैं, जो चार वर्ष पूर्व तीन-चार ही हुआ करते थे. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एआइ एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बहुत-सी चीजों को बेहतर बना कर लाखों लोगों का जीवन बदलने में मदद … Read more

फराह ने मिस्टर फैजू के रिश्ते पर लगाई मुहर?

मुंबई टीवी एक्ट्रेस जन्नत जुबैर और फेमस यूट्यूबर फैजल शेख उर्फ मिस्टर फैजू के रिश्ते को लेकर खूब चर्चा होती है, लेकिन दोनों ने अपनी तरफ से इस रिश्ते की कभी पुष्टि नहीं की, बल्कि हमेशा खंडन ही किया है। मिस्टर फैजू इन दिनों ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ शो में नजर आ रहे हैं, जहां पर होस्ट और जज फराह खान ने उनकी शादी और जन्नत को लेकर कुछ ऐसा कह दिया कि पास खड़ी दीपिका कक्कड़ भी ब्लश करने लगीं। अब फैंस भी पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने फैजू और जन्नत की डेटिंग पर मुहर लगाई है! इस वीडियो में मिस्टर फैजू कहते हैं, ‘हां, इस शो के बाद पक्का मेरी शादी हो जाएगी।’ इस पर फराह जवाब देती हैं, ‘ये शो के बाद मैं तो कराकर रहूंगी तेरी शादी, जन्नत की सैर तो कराऊंगी तुझे मैं।’ फराह के मुंह से जन्नत का नाम सुनते ही फैजू शर्म से लाल होने लगते हैं। पास खड़ी दीपिका भी अपना गला ऐसे खखारने लगती हैं, मानों उनको भी सब पता है। उनकी आंखें काफी कुछ कह रही हैं। फराह पर प्यार लुटाने लगे फैंस इस वीडियो पर फैंस भी खूब रिएक्शन दे रहे हैं। एक ने लिखा, ‘दीपिका उर्फ फैजा मैडम की खांसी ने जन्नत और फैजू का रिलेशनशिप कंफर्म कर दिया।’ एक ने लिखा, ‘लव यू फराह मैम।’ दूसरे यूजर ने कॉमेंट किया, ‘फैजू जन्नत बेस्ट कपल।’ कई प्रोजेक्ट्स में साथ किया है काम मिस्टर फैजू और जन्नत जुबैर ने कई प्रोजेक्ट्स में एकसाथ काम किया है। वो सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे के साथ फोटोज शेयर करते हैं। फैंस का अनुमान है कि वे डेटिंग कर रहे हैं। पर उन्होंने बार-बार इसका खंडन किया है। वे दावा करते हैं कि उनके बीच सिर्फ दोस्ती है।

दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना कुप्रबंधन को उजागर किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पेश की, जिसमें कई तरह की खामियों को उजागर किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना महामारी के कुप्रबंधन को उजागर किया गया है। 255 पन्नों की इस रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें स्टाफ की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता, अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं और वित्तीय कुप्रबंधन शामिल हैं। 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए इस ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना महामारी से निपटने के इंतजाम और मोहल्ला क्लीनिक को लेकर कई अहम बातें हैं।

IPL के दौरान ही होगी पाकिस्तान सुपर लीग, लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम 13 मैचों की मेजबानी करेगा

लाहौर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का 10वां टूर्नामेंट 11 अप्रैल से शुरू होगा जिसका पहला मैच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में गत चैंपियन इस्लामाबाद यूनाइटेड और 2 बार के चैंपियन लाहौर कलंदर्स के बीच खेला जाएगा। लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम 13 मैचों की मेजबानी करेगा, जिसमें 2 एलिमिनेटर और 18 मई को होने वाला फाइनल शामिल है। पीएसएल कार्यक्रम की पुष्टि का मतलब है कि इसका आयोजन अधिक आकर्षक और धनाढ्य लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान किया जाएगा। आईपीएल 22 मार्च से 25 मई के बीच आयोजित किया जाएगा। पीएसएल में रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 13 मई को क्वालीफायर एक सहित 11 मैच होंगे। कराची का नेशनल बैंक स्टेडियम और मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम प्रत्येक पांच पांच मैचों की मेजबानी करेंगे। पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर ने कहा कि हम एचबीएल पाकिस्तान सुपर लीग के ऐतिहासिक 10वें संस्करण के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा करते हुए रोमांचित हैं। इस साल के टूर्नामेंट में प्रशंसक न केवल हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को देखेंगे, बल्कि 4 प्रमुख शहरों-कराची, लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी में 34 हाई-ऑक्टेन मैच भी देखेंगे। पीएसएल की पहुंच बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, हमें टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले पेशावर में एक प्रदर्शनी मैच की मेजबानी करने में खुशी हो रही है, जो खेल के प्रति गहरे प्रेम वाले शहर पेशावर में शीर्ष स्तरीय क्रिकेट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम खिलाड़ियों, प्रशंसकों और हितधारकों के अनुभव को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में लीग में कुछ लुभावनी प्रतियोगिताएं देखी हैं।

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में शक्तिशाली बम विस्फोट, कम से कम 5 लोगों की मौत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में शुक्रवार को शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। यह घटना रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत से पहले घटी है। पुलिस अधीक्षक अब्दुल राशिद ने बताया कि यह विस्फोट खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अकोरा खटख जिले में हुआ। यह मस्जिद एक प्रो-तालिबान मदरसे, जामिया हक्कानिया के भीतर स्थित थी। घटना की जांच जारी पुलिस के अनुसार, विस्फोट के बाद मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जिस मदरसे में धमाका हुआ, उसे अफगान तालिबान से जुड़ा माना जाता है। इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि हमले के पीछे आतंकवादी संगठनों की साजिश हो सकती है। रमजान से पहले हमला यह बम धमाका ऐसे समय में हुआ है जब मुस्लिम समुदाय रमजान की तैयारियों में जुटा हुआ था। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना शनिवार या रविवार से शुरू हो सकता है, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगा।

छबड़ा में पाइपलाइन के लिए काटी गई सड़कों की मरम्मत का कार्य अगले माह तक होगा पूरा: जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री

जयपुर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैया लाल चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि छबड़ा विधानसभा क्षेत्र में सड़क की मरम्मत से सम्बंधित शेष सभी कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण कर कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत छबड़ा विधानसभा क्षेत्र में 48 योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में 121 किमी की सड़क काटी गई थी। जिसमें से 117 किमी सड़क की मरम्मत की जा चुकी है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र छबड़ा के तहसील छीपाबड़ौद एवं छबड़ा में कुल 361 ग्राम अवस्थित है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत इनमें से 48 ग्रामों के लिए योजना बनाकर ओटीएमपी के तहत काम किये गए। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत बड़ी योजनाओं के 3 पैकेज की निविदा प्रक्रियाधीन है। इन पैकेज में पंप हाउस एवं फ़िल्टर प्लांट बनाये जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि योजना के तहत 504 करोड़ रूपये के कार्यों की योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर वर्क आर्डर जारी कर दिए जाएंगे। इससे पहले विधायक श्री प्रताप सिंह सिंघवी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र छबड़ा के तहसील छीपाबड़ौद एवं छबड़ा में कुल 361 ग्राम अवस्थित हैं । माह जनवरी-2021 से दिसम्बर-2024 तक की अवधि में इन सभी ग्रामों को जल जीवन मिशन अंतर्गत घर-घर जल संबंध द्वारा लाभान्वित किये जाने की स्वीकृति राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की विभिन्न बैठकों द्वारा जारी की गई है। इनमें से 48 ग्रामों को लाभान्वित किये जाने हेतु 30 अन्य लघु योजनाओं की स्वीकृतियां जारी की गई है। जिनकी स्वीकृति एवं प्रगति का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि शेष 313 ग्रामों को सम्मिलित करते हुए बारां, कोटा व झालावाड़ जिलों के 1402 ग्रामों को जल जीवन मिशन अंतर्गत लाभान्वित किये जाने हेतु वृहद पेयजल परियोजना परवन-अकावद की स्वीकृति राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की 27वीं बैठक 03 सितम्बर, 2021 के द्वारा 3523.16 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। वर्तमान में योजना के क्रियान्वयन हेतु निविदा प्रक्रियाधीन है। उन्होंने योजना में सम्मिलित विधानसभा क्षेत्र छबड़ा के 313 ग्रामों की सूची को सदन के पटल पर रखा। श्री चौधरी ने जानकारी दी कि परियोजना के कार्यों के क्रियान्वयन हेतु 28 अक्टूबर, 2024 को निविदा आमंत्रित कर 5 दिसम्बर, 2024 को निविदा की तकनीकी बिड खोली जा चुकी है। जो वर्तमान में तकनीकी परीक्षण हेतु प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र छबड़ा में जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत 30 अन्य लघु योजनाओं में से 17 योजनाओं के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं तथा 11 योजनाओं के कार्य प्रगतिरत है। 2 योजनाओं यथा ग्राम कालाटोल व ग्राम धामनिया में भू-जल स्त्रोतों में भू-जल आवक नहीं होने के कारण शेष कार्य नहीं करवाये गये हैं। जनका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

यमुना नदी की सफाई के लिए ‘यमुना मास्टर प्लान’ तैयार, जल्द ही पीएम मोदी की मंजूरी के लिए होगा पेश

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यमुना नदी को साफ और स्वच्छ बनाने का वादा जनता से किया था। चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद अब यह जिम्मेदारी नई भाजपा की सरकार की हो गई है कि यमुना को साफ करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसको लेकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। अब एक सुखद खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में यमुना नदी की सफाई करने के लिए एक ‘यमुना मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इसे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। मिडिया ने रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। आपको बता दें कि यमुना की सफाई बीजेपी के साथ-साथ आप (AAP) के लिए भी प्रमुख चुनावी मुद्दा था। पिछले सप्ताह, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी वादे के तहत दिल्ली में यमुना की सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, ‘यमुना मास्टर प्लान’ के लिए जल शक्ति मंत्रालय ने विशेषज्ञों से परामर्श किया है। इन्हीं विशेषज्ञों ने गुजरात के साबरमती नदी किनारे एक रिवर फ्रंट बनाया था। इसके अलावा मंत्रालय द्वारा कुछ बैठकें भी आयोजित की गईं। आपको बता दें कि यमुना सफाई परियोजना के चार प्रमुख तत्व हैं। कचरे और कीचड़ का निष्कासन, प्रमुख नालों की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कड़ी निगरानी और इसका विस्तार। दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर वसुदेव घाट पर यमुना आरती की। दिल्ली बीजेपी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सीएम के अलावा दिल्ली बीजेपी प्रभारी बैजयंत जय पांडा, परवेश वर्मा, आशीष सूद, मंजींदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा जैसे मंत्री आरती करते हुए देखे गए। यमुना में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर दोनों दोलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित हरियाणा दिल्ली की जल आपूर्ति को बाधित करके यमुना में “जहर” मिला रहा है। हालांकि हरियाणा ने इसका पुरजोर तरीके से खंडन किया। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली की बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना है। इसमें यमुना की सफाई भी शामिल है। जस्टिस बीआर गवई और ऑगस्टिन जॉर्ज मासिह की पीठ ने यह टिप्पणी ‘प्रदूषित नदियों का सुधार’ मामले की सुनवाई के दौरान की।

पालनहार योजना के तहत 40 करोड़ रुपए के भुगतान हेतु ईसीएस प्रक्रिया पूर्ण: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

जयपुर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि पालनहार योजना के तहत जुलाई, 2024 से दिसम्बर, 2024 तक की लम्बित 40 करोड़ रुपए राशि के भुगतान के लिए ईसीएस प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जल्द ही यह राशि लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पालनहार योजना में प्रतिवर्ष 50 से 60 हजार लाभार्थी जोड़े जाते है। इन लाभार्थियों का शिक्षा विभाग व आंगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा वार्षिक सत्यापन किया जाता है। वर्तमान में 97 फीसदी सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है।     इससे पहले विधायक श्री मनीष यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि पालनहार योजनान्तर्गत वर्तमान में प्रदेश में कुल 6 लाख 15 हजार 98 बच्चें लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने इनका जिलेवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि पालनहार योजनान्तर्गत पालनहार बच्चों को केन्द्रीयकृत भुगतान प्रक्रिया द्वारा प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। कुछ प्रकरणों में बैंक विवरण अद्यतन नहीं होने अथवा सत्यापन देरी से करवाने के कारण भुगतान में विलम्ब हुआ है, जिनमें सतत भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने पालनहार योजनान्तर्गत जुलाई, 2024 से दिसम्बर, 2024 तक का लम्बित भुगतान का विवरण सदन के पटल पर रखा।

ईपीएफओ ने 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया, एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया

नई दिल्ली   ईपीएफओ ने एक बार फिर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के लिए ईपीएफओ के बोर्ड ने 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया है। इस फैसले का असर 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स पर सीधा पड़ेगा। बता दें, पहले से ही बात की चर्चा जोरों पर थी कि ब्याज दरों को ईपीएफओ बोर्ड बरकरार रख सकता है। सूत्रों ने बताया कि “ईपीएफओ से जुड़ा फैसले करने वाली सर्वोच्च संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने 2024-25 के लिए ईपीएफ ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय किया है। शुक्रवार की मीटिंग में यह फैसला हुआ है।” सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के फैसले को अब वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। जिसपर अंतिम मुहर लगेगी। 2024 में बोर्ड ने ब्याज दरों को बढ़ाया था पिछले साल फरवरी के महीने में ईपीएफओ ने ब्याज दरो में इजाफा किया था। तब ब्याज ब्याज दर बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था। वित्त वर्ष 2022-23 में ईपीएफओ की तरफ से ब्याज दर 8.15 प्रतिशत तय किया गया था। कब कितना रहा है ब्याज दर? ईपीएफ ब्याज दर 2018-19 में 8.65 प्रतिशत था। 2019-20 में 8.5 प्रतिशत था। 2021-22 में यह घटकर 8.10 प्रतिशत हो गया। बता दें, हाल के वर्षों में ईपीएफओ ने 2015-16 में सबसे अधिक ब्याज 8.8 प्रतिशत ब्याज दिया था। वहीं, 2013-14 और 2014-15 में यह 8.75 प्रतिशत था। EPFO ने 2024-25 में 50.8 मिलियव क्लेम को प्रोसेस किया था। जो 2.05 लाख करोड़ रुपये का रहा है। 2023-24 में इस संस्था ने 44.5 मिलियन क्लेम को प्रोसेस किया था। जोकि 1.82 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। यानी सालाना आधार पर देखें तो क्लेम में इजाफा हुआ है। जोकि सब्सक्राइबर्स के नजरिए से अच्छी बात है।

हड्डियों के दर्द की छुट्टी कर देगी लौंग

 आयुर्वेद में लौंग को एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल हजारों सालों से कई परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है (Clove Health Advantages)। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना खाने के बाद एक लौंग चबाते हैं, तो इससे शरीर को कई जरूरी स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह छोटा-सा मसाला हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी फायदेमंद है। रोज एक लौंग चबाने के फायदे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखे- लौंग डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करने में मदद करती है, जिससे गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या कम होती है। इसलिए इसके नियमित खाने से पेट की जलन और सूजन से राहत मिलती है।

दरा नाल क्षेत्र में जाम समस्या से मिलेगी निजात चौड़ाई बढ़ाने के लिए 46 करोड़ रुपए स्वीकृत -पंचायती राज मंत्री

जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधान सभा में शून्यकाल में कहा कि सुगम यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के दरा नाल क्षेत्र में जाम की गंभीर समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 46 करोड़ रुपए स्वीकृत किए है। श्री दिलावर ने सदस्य श्री सुरेश गुर्जर के प्रश्न पर जवाब देते हुए कहा कि नाल क्षेत्र में निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू कराया जाएगा। इससे कोटा से झालावाड़ के बीच 6 किलोमीटर के दरा नाल क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर दोगुनी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे सिंगल लेन में जाम की स्थिति से निजात मिलेगी।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रतिमा का जीर्णोद्धार शीघ्र होगा पूर्ण -गृह राज्य मंत्री

जयपुर गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने शुक्रवार को विधान सभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के लिए सम्माननीय है। डीडवाना स्थित अस्पताल सर्किल पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रतिमा पर तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। श्री बेढ़म ने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने दोषी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। आमजन से जांच पड़ताल अनुसार वह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है। इसके लिए उनके परिजनों को उसे घर पर ही रखने की हिदायत दी गई है। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस सर्किल का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। सर्किल की सुरक्षा के लिए नगर परिषद द्वारा सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सर्किल पर विनिर्मित स्तंभ की क्षतिग्रस्त जालियों के स्थान पर स्टील की जालियां और रेलिंग लगाकर स्तंभ का सुदृढ़ीकरण तथा सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

छिंदवाड़ा में बिल्लियों की मौत के बाद जांच, प्रशासन के सख्त आदेश, 40 हजार अंडे नष्ट किए, मटन-चिकन की बिक्री पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  पिछले कुछ समय से अमेरिका से बर्ड फ्लू (Bird Flu) की खबरें लगातार सामने आ रही थी. अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा था. यहां तक कि इसांनों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ रहे थे. मगर, अब भारत के स्वास्थ्य विभाग की नींदें उड़ गई हैं. दरअसल, पहली बार देश में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया है. इससे चिंता बढ़ गई है. यह वायरस इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. इस राज्य का मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) का पहला मामला सामने आया है. 18 बिल्लियों की मौत के बाद जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी में सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से दो बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया. बता दें कि, देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया है. प्रशासन ने लगाई पाबंदियां बिल्लियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उन्होंने 30 दिन के लिए मटन-चिकन और अंडों की खरीदी-बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही संक्रमित क्षेत्र की सभी मटन और चिकन की दुकानों को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही बिल्लियों के संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही हैं. सभी 65 व्यक्तियों के सैंपल भेजे गए थे. हालांकि, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है. प्रशासन के सख्त आदेश कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं. इसके तहत संक्रमित पोल्ट्री फॉर्म के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां सभी चिकन शॉप और पोल्ट्री फार्म पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके अलावा 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र भी घोषित किया गया है. सभी पोल्ट्री फार्म, बैकयार्ड पोल्ट्री, चिकन शॉप और अंडे की दुकानों को हर रोज कीटाणुरहित और सैनिटाइज किया जाएगा. संक्रमित क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को पशु चिकित्सा विभाग और नगर निगम के सहयोग से नष्ट किया जा रहा है. संक्रमित क्षेत्र में चिकन और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स की बिक्री और ट्रांस्पोर्टेशन पर एक महीने के लिए पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. कुछ लोगों के भी सैंपल्स जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है. सभी 65 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव शहरी क्षेत्र छिंदवाड़ा में पशु विभाग की ओर से लिए गए सैंपल में 2 बिल्लियों के सैंपल में H5N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद सीएमएचओ ने एक टीम बनाई थी। टीम ने संक्रमित क्षेत्र में बिल्लियों के संपर्क में आए 65 व्यक्तियों के सैंपल H5N1 की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी, पुणे भेजे गए थे। सभी 65 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। एक महीने के लिए सभी दुकानें बंद 31 जनवरी को बिल्लियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संक्रमित क्षेत्रों में 30 दिनों के लिए सभी मटन और चिकन दुकानों को सील कर दिया था। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मटन और चिकन दुकानों और आसपास के इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। नगर निगम के वार्ड नंबर 6, 7, 8, 28, 29, 30, 31, 41 और 45 को संक्रमित घोषित किया गया था। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र और ग्राम पंचायत लिंगा को निगरानी क्षेत्र में रखा गया है। प्रशासन ने उठाए ये कदम:     सभी चिकन दुकानें और पोल्ट्री फॉर्म तत्काल बंद कर दिए गए।     चिकन और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री व परिवहन पर रोक लगा दी।     संक्रमित क्षेत्र की सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को नष्ट करने का आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट-चिकन और अंडे न खाएं स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में चिकन दुकान मालिकों और पशुपालकों के परिवारों के सैंपल लेने के बाद नागरिकों से अपील की है कि वे चिकन और अंडों का सेवन न करें। साथ ही अपने पालतू जानवरों को कच्चा मांस न खिलाएं। बीमार या मृत पक्षियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी रख रहा है। नागरिकों से भी सतर्क रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। कलेक्टर की अपील- गाइडलाइन का पालन करें छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि  

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