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मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। प्रदेश खनिजों की प्रचुरता और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा खनन के क्षेत्र में सतत विकास हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में खनन एवं खनिज संसाधन के अंतर्गत 3.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 55 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, जो प्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय नीतियों से खनन क्षेत्र निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। राज्य खनन उद्योग में देश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीआईएस में निवेश करने वाली कम्पनियाँ और उनके क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में देश की लीडिंग कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। आने वाले समय में अडानी ग्रुप, रीवा, जबलपुर में, गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट प्रायवेट लिमिटेड उज्जैन में, ऑरो कोल प्रायवेट लिमिटेड शहडोल में, आदित्य बिड़ला, ईएमआईएल माइंस एण्ड मिन रेस लिमिटेड रीवा में, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, आदित्य बिड़ला ग्रुप रीवा में, स्टॉक्स वर्क्स प्रायवेट लिमिटेड जबलपुर में, सारदा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड शहडोल में, जे.के. सीमेंट लिमिटेड शहडोल में, प्राइम-4 इंस्पेक्शन एलएलसी भोपाल में, रेकन केमिकल्स इंदौर में, बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड रीवा में और रामदास वर्मा एण्ड कम्पनी शहडोल में खनिज के क्षेत्र में कार्य करेगी। खनिज संसाधनों में अग्रणी राज्य मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर अयस्क, मैग्नीशियम अयस्क और हीरे के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान पर है। यह देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है, जो खनन उद्योग में एक विशिष्ट पहचान दिलाता है। प्रदेश रॉक फॉस्फेट में दूसरा, चूना पत्थर (लाइम स्टोन) में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधन थर्मल पॉवर प्लांट, सीमेंट निर्माण, फेरोएलॉय, संगमरमर कटिंग और पॉलिशिंग इकाइयों तथा रिफैक्ट्री उद्योगों के विकास में सहायक है। इससे खनिज उद्योगों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है और मध्यप्रदेश खनन और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वर्ष 2023 में 85 खनन ब्लॉकों की रिकॉर्ड नीलामी कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश को जुलाई-2022 में भारत सरकार द्वारा खनिज नीलामी में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। साथ ही लौह-अयस्क, चूना पत्थर और बॉक्साइट के खनिज नीलामी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को वर्ष-2024 में दूसरे राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन में खनन ब्लॉक नीलामी और सक्रिय खनन पहल के सम्मानित किया गया है। यह राज्य की खनन क्षेत्र में उत्कृष्टता और दूरदर्शी नीतियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियाँ बनाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने खनन के क्षेत्र में सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित की हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिये आकर्षक अवसर उपलब्ध हों। मजबूत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत राज्य में खनन हब सड़क, रेल और बंदरगाह उत्कृष्ट रूप से जुड़े हुए हैं। इससे परिवहन और निर्यात में आसानी होगी। राज्य में प्रशिक्षित श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है, जो खनन और खनिज आधारित उद्योगों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सरकार पर्यावरण संवेदनशील और सतत खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग होगा। कॉपर और रणनीतिक खनिज अन्वेषण के लिये एमओयू से सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश सरकार, एमपी स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड ने मिलकर नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) फण्ड का उपयोग करने के लिये एक समझौता ज्ञापन एमओयू हुआ। इस पहल से हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड तांबे और अन्य रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण का नेतृत्व करेगा। खनिज निष्कर्षण व्यवहारिक पाया जाता है, तो 51:49 की भागीदारी के साथ एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया जायेगा। इससे पहले 5 वर्षों में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल मध्यप्रदेश को खनन क्षेत्र में सिरमौर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।  

फिर मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की मांग, मठ-मंदिर पुजारी संगठन ने HC में लगाई याचिका

इंदौर     मठ-मंदिर पुजारी संगठन ने मध्यप्रदेश शासन के अधिकारियों पर मंदिरों के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि शासन द्वारा मंदिर और मंदिर संपत्ति/भूमि को सरकारी नियंत्रण में लेने से धार्मिक संप्रदाय के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाए कि प्रदेश के मठ और मंदिरों की जमीन पर कब्‍जे किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में दायर की  याचिका : संगठन ने माननीय उच्च न्यायालय इंदौर में रिट याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश शासन धर्मस्व विभाग, राजस्व विभाग, आयुक्त इंदौर, कलेक्टर इंदौर को नोटिस जारी करने की मांग की है। मंदिरों की भूमि पर कर रहे कब्जे : संगठन के अध्यक्ष ऋषभ बैरागी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के अधिकारी मंदिरों की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं और मंदिरों की संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। संगठन ने माननीय उच्च न्यायालय से प्रार्थना की है कि धार्मिक संप्रदाय के पुजारियों को अनुच्छेद 26 में प्राप्त मौलिक अधिकार लागू किया जाए और मंदिरों को वर्गीकृत कर अतिक्रमण कब्जा भूमियों से हटाकर मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त किया जाए। याचिका में की गई ये मांग दायर की गई याचिका में धार्मिक समुदाय के पुजारियों को संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत मिले मौलिक अधिकार लागू करने की मांग की गई है. इसके अलावा मंदिरों को उनकी श्रेणी के अनुसार वर्गीकृत करने के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाए. मंदिरों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाए जाने और उन्हें सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाने की भी मांग शामिल है. संगठन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप मठ-मंदिर पुजारी संगठन का कहना है कि यह संगठन शैव, वैष्णव, दशनामी, रामानंद और निंबार्क जैसे धार्मिक संप्रदायों से जुड़े पुजारियों का प्रतिनिधित्व करता है. संगठन के अनुसार, सरकार मंदिरों की जमीन और संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेकर पुजारियों और धार्मिक संगठनों के अधिकारों का उल्लंघन कर रही है. संगठन के अध्यक्ष ऋषभ बैरागी ने कहा कि सरकार के नियंत्रण में आने के बावजूद मंदिरों की संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जा रहा है. सरकारी अधिकारियों की मनमानी के कारण मंदिरों की आय का दुरुपयोग हो रहा है. मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, देवास, गुना, ग्वालियर, धार, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, शाजापुर, राजगढ़, आगर मालवा समेत कई जिलों में करीब 50,000 मंदिर और 1 लाख हेक्टेयर भूमि मंदिरों के नाम पर दर्ज है. संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो राज्य भर में “मंदिर मुक्ति अभियान” चलाया जाएगा, ताकि हिंदू धार्मिक स्थलों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जा सके. किन मंदिरों में पाई गईं प्रबंधन गड़बड़ियां? संगठन के अनुसार, कई मंदिरों के प्रबंधन में अनियमितताएं सामने आई हैं. इनमें देपालपुर: रुंजाजी गांव का श्री राम मंदिर, गौतमपुरा का श्री कृष्णेश्वर गोमतश्वर मंदिर, श्री जैन मंदिर और श्री महादेव मंदिर (बारादाखेड़ी) हातोद: अटावदा का श्री गौरा देवी मंदिर, राऊ के सोनवाय गांव का श्री राम मंदिर, महू: पांजारिया गांव का श्री खेड़ापति मंदिर प्रमुख मंदिर हैं. 2008 में धर्मस्व विभाग ने प्रदेश के सभी मंदिरों को तीन श्रेणियों में बांटने के निर्देश दिए थे. सरकार द्वारा संचालित मंदिर, ट्रस्ट द्वारा संचालित मंदिर, निजी स्वामित्व वाले मंदिर. संगठन का आरोप है कि सरकार बिना किसी कानूनी आदेश के मंदिरों की जमीनों पर कब्जा कर रही है. 1964 से पहले दर्ज मंदिरों की संपत्ति पर सरकार का अधिकार नहीं बनता, लेकिन प्रशासन इन्हें जबरदस्ती सरकारी संपत्ति घोषित कर रहा है. 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दिया था कि जिला कलेक्टर को मंदिरों के प्रबंधन का अधिकार नहीं है, बावजूद इसके सरकार मंदिरों की संपत्तियों का नियंत्रण अपने हाथ में ले रही है. संगठन ने मांग की है कि मंदिरों की भूमि की नीलामी पर स्थायी रोक लगाई जाए और पुजारियों को उनके अधिकार सौंपे जाएं.

माइनिंग अधिकारी खुशबू वर्मा भीड़ में फंसी, खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई करने पहुंची , तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर टीम को लौटाया

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में ग्रामीणों ने एक खनिज अधिकारी को बंधक बना लिया है। खनिज अधिकारी छिदगांव स्थित काछी में कार्रवाई करने पहुंची थीं। उन्हें सूचना मिली थी कि खलिहान में पनडुब्बी खड़ी है। उसी को जब्त करने वह अमले के साथ पहुंचीं। इस दौरान ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मैडम को घेर लिया। सूचना के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर खनिज अधिकारी को भीड़ से निकाला है। लौट गई टीम दरअसल, नर्मदा किनारे छिदगांव में खनिज विभाग का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा था। खनिज इंस्पेक्टर खुशबू वर्मा की नजर खेत में खड़ी पनडुब्बी पर पड़ी, जिस पर वह कार्रवाई करने लगी। खेत में खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई से ग्रामीण नाराज हो गए और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान भीड़ के बीच खनिज अधिकारी फंस गईं। सूचना के बाद तहसीलदार पहुंचे सूचना के बाद भेरूंदा के तहसीलदार सौरभ शर्मा पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि पनडुब्बी खलिहान में पिछले 6 महीने से खड़ी है। इसके बाद भी खनिज इंस्पेक्टर के द्वारा इस पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, तहसीलदार ने ग्रामीणों से बात की। इसके बाद खनिज विभाग के अमल को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, इसके फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। मामले को लेकर तहसीलदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर लोगों के बयान लिए गए। इसमें पता चला है कि मशीन जो है खेत में खड़ी थी, जिस पर खनिज विभाग की कार्रवाई गलत है। खड़ी मशीन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के बीच घिरी खनिज अधिकारी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके बाद खनिज अधिकारी की फजीहत भी हो रही है।

शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च

नई दिल्ली शाओमी 15 अल्‍ट्रा स्‍मार्टफोन को चीन में लॉन्‍च कर दिया गया है। यह फोन इसलिए भी चर्चाओं में है, क्‍योंकि मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस 2025 (MWC) में शाओमी इसे दिखाने वाली है। Xiaomi 15 Ultra में 16 तक जीबी रैम दी गई है। 6.73 इंच वाली 2K TCL स्‍क्रीन इस फोन में है। यह सबसे फास्‍ट प्रोसेसरों में शामिल Snapdragon 8 Elite से पैक्‍ड है और 6000 एमएएच की बैटरी ऑफर करता है। नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरे हैं, जिनमें सबसे बड़ा सेंसर 200 मेगापिक्‍सल का है। इसका टॉप मॉडल डुअल सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन सपोर्ट के साथ आता है। ग्‍लोबल मार्केट्स में यह फोन कबतक आएगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। Xiaomi 15 Ultra कीमत, उपलब्‍धता Xiaomi 15 Ultra फोन को क्‍लासिक ब्‍लैक एंड सिल्‍वर, पाइन और साइप्रस ग्रीन, वाइट और ब्‍लैक कलर्स में लाया गया है। शुरुआती कीमत 6499 युआन यानी करीब 78 हजार रुपये है। टॉप मॉडल में 16GB + 1TB कॉन्‍फ‍िगरेशन मिलता है और वह डुअल सैटेलाइट वर्जन के साथ आता है। कीमत 7999 युआन यानी करीब 96 हजार रुपये है। चीन में यह फोन ऑर्डर के लिए उपलब्‍ध है और 3 मार्च से सेल में जाएगा। Xiaomi 15 Ultra का ग्‍लोबल लॉन्‍च Xiaomi 15 फोन के साथ 2 मार्च को होना है। इंडिया लॉन्‍च भी मार्च में होने वाला है। Xiaomi 15 Ultra स्‍पेसिफ‍िकेशंस, फीचर्स Xiaomi 15 Ultra में 6.73 इंच का 2K OLED डिस्‍प्‍ले दिया गया है। डिस्‍प्‍ले में 3100 x 1440 पिक्‍सल्‍स रेजॉलूशन मिलता है। पीक ब्राइटनैस 3200 निट्स है और यह वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ आता है। HDR10+, डॉल्‍बी विजन ऐसी खूबियां हैं, जो Xiaomi 15 Ultra में दी गई हैं। डिस्‍प्‍ले में सिरेमिक ग्‍लास प्रोटेक्‍शन दिया गया है। Xiaomi 15 Ultra रैम और प्रोसेसर Xiaomi 15 Ultra रन करता है लेटेस्‍ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर। फोन में मिनिमम 12 जीबी रैम और अधिकतम 16 जीबी रैम जोड़ी गई है। इंटरल स्‍टोरेज 256 जीबी से 1 टीबी तक है। यह फोन शाओमी हाइपरओएस 2.0 पर काम करता है। Xiaomi 15 Ultra में कितने कैमरे नए शाओमी फोन में ढेर सारे कैमरा दिए गए हैं। 50MP का मेन कैमरा इसमें है, जो लाइका का सेंसर है और ऑप्टिकल इमेज स्‍टेबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। फोन में 50MP का अल्‍ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 एमपी का टेल‍िफोटो कैमरा दिया गया है। 200 एमपी का एक सुपर टेलिफोटो कैमरा इस फोन में है, जो 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। सेल्‍फी कैमरा 32 मेगापिक्‍सल का है। 90वॉट फास्‍ट चार्जिंग का सपोर्ट Xiaomi 15 Ultra में 6 हजार एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 90 वॉट की वायर्ड फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और 80 वॉट की वायरलैस चार्जिंग ऑफर करती है। रिवर्स वायरलैस चार्जिंग का ऑप्‍शन भी फोन में है। अन्‍य खूबियों के तौर पर इस फोन में इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर, इन्‍फ्रारेड सेंसर जैसी खूबियां हैं। IP68 रेटिंग इसे मिली है, जो फोन को डस्‍ट और वॉटरप्रूफ बनाती है। फोन का वजन करीब 229 ग्राम है।

जबलपुर में सोसायटी से करीब 7 हजार मीट्रिक टन धान गायब, 5 सोसायटी के 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में करीब 5 करोड़ रुपए की धान गायब हो गई है। इस बड़ी गड़बड़ी के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। 5 सोसायटी के 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दरअसल, विभिन्न वेयर हाउस ने कई किसानों से धान खरीदी की थी। लेकिन जब इसका तौल किया गया तो करीब 2268 मीट्रिक टन धान गायब थी ,जिसके कीमत लगभग 5.21 करोड़ रुपए थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 5 सोसायटी के 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इन सोसायटी से जुड़े लोगों पर हुई FIR सेवा सहकारी समिति पनागर की नर्मदा एग्रो सेवा सहकारी समिति मझौली के माँ वेयर हाउस सेवा सहकारी समिति मझौली के जय भवानी वेयर हाउस सेवा सहकारी समिति कटंगी के गुरुजी वेयर हाउस सेवा सहकारी समिति महाराजपुर के शुभी एग्रो वेयर हाउस गौरतलब है कि हाल ही में जबलपुर में सोसायटी से करीब 7 हजार मीट्रिक टन धान गायब हुई थी। जिसके बाद कलेक्टर ने जांच का आदेश देते हुए सहकारी समितियों का 23 करोड़ रुपए का भुगतान रोक दिया था और मामले की जांच के आदेश दिए थे।

अजमतुल्लाह उमरजई की दमदार पारी से अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 274 रनों का लक्ष्य, अटल भी चमके

इस्लामाबाद आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शुक्रवार को अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को पवेलियन का रास्ता दिखाया। वह खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद जादरान और अटल के बीच 67 रन की साझेदारी हुई। इब्राहिम जादरान 28 गेंद में 22 रन बनाकर आउट हुए। रहमत शाह 21 गेंद में 12 रन बनाकर आउट हुए। सेदिकुल्लाह अटल 95 गेंद में 85 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान शाहिदी 49 गेंद में 20 रन बनाकर आउट हुए। नबी एक रन पर रन आउट हुए। गुलबदीन 12 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हुए। राशिद खान ने 17 गेंद में 19 रन का योगदान दिया। अफगानिस्तान ने बनाए 273 रन अफगानिस्तान ने 50 ओवर में सभी विकेट खोकर 273 रन बनाए हैं। सेदिकुल्लाह अटल (85) और उमरजई (67) ने बेहतरीन पारी खेली। अजमतुल्लाह उमरजई ने खेली दमदार पारी अजमतुल्लाह उमरजई ने 63 गेंद में 67 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में पांच छक्के और एक चौका लगाया।

पुलिस खुद नहीं खोज पाई थी बल्कि वह खुद भूख और प्यास के चलते पकड़ा गया पुणे कांड का आरोपी दत्तात्रेय गाडे

पुणे बस के अंदर एक महिला से रेप करने के आरोपी दत्तात्रेय गाडे को पुलिस ने दबोच लिया है। उसे लंबी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया जा सकता, जो अपने पैतृक गांव में धान के एक खेत में जाकर छिप गया था। उसे आधी रात के वक्त पकड़ा गया। उसे पकड़े जाने की कहानी भी रोचक है क्योंकि उसे पुलिस खुद नहीं खोज पाई थी बल्कि वह खुद भूख और प्यास से तड़प रहा था और इसी के चलते पकड़ा गया। वह एक घर से भोजन और पानी मांगने के लिए निकला था और इसी दौरान वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी दत्ताराय रामदास गाडे (37) का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया, जो अपने पैतृक शिरूर तहसील में धान के एक खेत में छिपा था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गाडे को देर रात दो बजे पुणे लाया गया। उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को दिन में अदालत में पेश किया जाएगा।’ कुख्यात आरोपी गाडे मंगलवार की सुबह पुणे के स्वारगेट बस अड्डे पर राज्य परिवहन की एक बस के अंदर 26 वर्षीय महिला का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने के बाद शिरूर में अपने पैतृक स्थान भाग गया था। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था लेकिन पुलिस उसके गांव तक पहुंचने में कामयाब रही और पता चला कि उसने एक घर से पानी मांगा था। एक अधिकारी ने बताया कि पुणे पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी को पकड़ने के लिए गुनात गांव में ड्रोन और खोजी कुत्तों को तैनात किया और 13 टीम तलाशी अभियान का हिस्सा थीं। उन्होंने बताया कि संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने भी गांव का दौरा किया और अपने अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारी ने बताया, ‘ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से गन्ने के खेतों में तलाशी अभियान रात में रोक दिया गया था। हालांकि, हमें सूचना मिली कि गाडे एक घर में खाना मांगने गया था। हम मौके पर पहुंचे, लेकिन वह भागने में सफल रहा। घर में मौजूद परिवार ने उसे पानी की एक बोतल दी थी।’उन्होंने बताया कि परिवार ने पुलिस को आरोपी की इलाके में मौजूदगी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने तलाशी फिर से शुरू की। अधिकारी ने बताया कि आरोपी पास ही धान के एक खेत में छिपा था और उसे पकड़ लिया गया। पुणे और अहिल्यानगर जिलों में चोरी, डकैती और चेन झपटमारी के करीब छह मामलों में गाडे का नाम शामिल है। वह 2019 से अपराध के एक मामले में जमानत पर बाहर है। पुणे शहर में स्वारगेट महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के सबसे बड़े बस डिपो में से एक है। पीड़िता के अनुसार, जब वह मंगलवार सुबह करीब पांच बजकर 45 मिनट पर एक प्लेटफॉर्म पर सतारा जिले के फलटण के लिए बस का इंतजार कर रही थी, तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उसे ‘दीदी’ कहकर संबोधित किया। पीड़िता ने बताया कि व्यक्ति ने उसे बातचीत में उलझा लिया और कहा कि सतारा के लिए बस दूसरे प्लेटफॉर्म पर आ गई है। वह उसे स्टेशन परिसर में ही खड़ी खाली ‘शिव शाही’ एसी बस में ले गया। बस के अंदर लाइट नहीं जली थीं, इसलिए महिला पहले तो बस में चढ़ने से हिचकिचाई, लेकिन व्यक्ति ने उसे यकीन दिलाया कि यही सही वाहन है। मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि इसके बाद वह उसके पीछे पीछे बस के अंदर गया और उससे बलात्कार कर वहां से भाग गया। पुणे में हुई इस चौंकाने वाली घटना से हंगामा मच गया और विपक्ष ने महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की।

जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी। इससे राज्य के युवाओं के उद्यमी बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए पीएम-मुद्रा, पीएम-विश्वकर्मा और एमएसएमई क्रेडिट गारंटी योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ पहले ही लांच की है। जीआईएस भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों से 21 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव आए। इनसे राज्य में 1.3 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, साथ ऐसे युवाओं को उद्यमी बनने के अवसर मिलेंगे जो अब तक नौकरी की तलाश में थे। व्यापक बैठकें और तकनीकी नवाचार जीआईएस भोपाल में 600 से अधिक बी-2-जी बैठकें और 5 हजार से अधिक बी-2-बी बैठकें आयोजित की गईं। इनमें उद्योगपतियों, निवेशकों और एमएसएमई कंपनियों ने भाग लिया। पहली बार एआई-आधारित बिजनेस मैच-मेकिंग टूल का उपयोग किया गया, जिससे सही साझेदारों को जोड़ने में सहायता मिली। इन बैठकों ने मध्यप्रदेश को एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एमएसएमई क्षेत्र में राज्य सरकार की विशेष पहल मध्यप्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। हाल ही में कैबिनेट में नई एमएसएमई पॉलिसी मंजूर की गई। नई एमएसएमई नीति में अविकसित भूमि का लघु, मध्यम और सूक्ष्म इकाइयों को आवंटन, फ्लैट आधारित उद्योग लगाने की अनुमति, औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और रख-रखाव उद्योग संघों के माध्यम से, 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य, जिससे 86 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। नई नीति में औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-बिडिंग प्रणाली लागू की गई। प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों को आसान वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। टैक्स इंसेंटिव, लैंड अलॉटमेंट और ‘ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस’ में सुधार को ध्यान में रखकर एमएसएमई उद्यमियों की मदद के लिए नीति बनाई गई है। सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोमेशन को अपनाने की दिशा में पहल की जा रही है। नई पॉलिसी में राज्य सरकार एमएसएमई के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने के लिए विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रमुख निवेशक कंपनियां जीआईएस-भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों ने राज्य में निवेश के लिए रुचि दिखाई, जिनमें प्रमुख रूप से वकी प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर), भगवती तीरथ पॉलि कंटेनर्स इंडस्ट्री, इवेट लिमिटेड (भोपाल), आहाराम मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (नीमच), डीटवी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर) और ईजीटेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (भोपाल) शामिल हैं। भविष्य की संभावनाएं राज्य सरकार ने 2025 तक एमएसएमई क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, एमएसएमई सेक्टर के लिए समर्पित इनक्यूबेशन सेंटर्स और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘मेड इन एमपी’ अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल से मध्यप्रदेश को एमएसएमई के लिए एक प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने में मदद मिलेगी और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।  

चिकित्सा महासंघ के प्रतिनिधियों ने पुनरीक्षित वेतनमान तथा एनपीए गणना प्रावधानों के लिये उप मुख्यमंत्री शुक्ल का व्यक्त किया आभार

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने और स्वास्थ्य मानकों में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए कृत-संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश ने ऊर्जा, स्वच्छता, कृषि और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि चिकित्सा शिक्षकों एवं चिकित्सकों के समर्पित प्रयासों से स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यह लक्ष्य हम अवश्य प्राप्त करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर चिकित्सा महासंघ के प्रतिनिधियों ने भेंट कर आभार व्यक्त किया। चिकित्सकीय समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सकीय समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनकी सुविधाओं एवं हितों की रक्षा हेतु आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा कार्मिकों की सेवा संबंधी विषयों और अन्य समस्याओं के समाधान के लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति नियमित रूप से बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण और चिकित्सकीय कार्मिकों के हित संरक्षण से संबंधित विषयों पर चर्चा करेगी और आवश्यक सुझाव प्रस्तुत करेगी, जिन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने चिकित्सकीय स्टॉफ को करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा कुशल चिकित्सकीय मैन पॉवर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने चिकित्सा महासंघ के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सभी चिकित्सा कार्मिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिए, ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा प्रदाय के लिए प्रेरित करें। चिकित्सा महासंघ के प्रतिनिधियों ने चिकित्सा महाविद्यालयों एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के शासकीय एवं स्वशासी चिकित्सा शिक्षकों और दंत चिकित्सकों को पुनरीक्षित वेतनमान (सातवें वेतनमान) का वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2016 से प्रदान करने तथा एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस) की गणना सातवें वेतनमान के अनुरूप करने के आदेश के लिए उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आभार जताया। इस अवसर पर चिकित्सा महासंघ के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय, डॉ. गजेंद्र नाथ कौशल, डॉ. रितेश तंवर, डॉ. अशोक ठाकुर, डॉ. महेश कुमार खाचरिया, डॉ. शमिख रज़ा, डॉ. आदित्य सक्सेना, डॉ. राहुल रोकड़ें, डॉ. नीरज खरे, डॉ. राजेश टिक्कस, डॉ. अनुराधा चौधरी, डॉ. पुनीत कुमार आचार्य, डॉ. जी. पी. भनारिया, डॉ. विवेक चौकसे सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

गूगल ट्रांसलेट ऐप में जुड़ने वाले हैं नए AI फीचर्स

नई दिल्ली गूगल की तरफ से फीचर्स पर नए अपडेट लाने पर काम किया जा रहा है। Google Translate App में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स को जोड़ने पर काम किया जा रहा है। रिपोर्ट में गूगल के नए अपडेट को लेकर जानकारी दी गई है। ट्रांसलेशन से जुड़ी जानकारी हासिल करने के साथ ज्यादा सवाल पूछने तक की जानकारी दी जाएगी। यानी अब यूजर्स के लिए नया फीचर लाया गया है, जिसकी मदद से उनके लिए इसे यूज करना आसान होने वाला है। इसकी मदद से यूजर्स ट्रांसलेशन तक को एडिट कर पाएंगे। Android Authority की तरफ से इसको लेकर नई रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि गूगल ट्रांसलेट की तरफ से एंड्रॉयड ऐप में AI फीचर्स को जगह दी जा सकती है। इन फीचर्स को Google Translate के वर्जन 9.3.78.731229477.7 में एक्टिव किया गया था। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। साथ ही लॉन्चिंग का इंतजार भी किया जा रहा है। गूगल के इस फीचर का अभी तक किसी भी यूजर ने इस्तेमाल नहीं किया है। इससे संबंधित एक वीडियो जारी किया गया है। Google Translate ऐप का नया इंटरफेस अब ट्रांसलेशन का फीचर देने वाला है। बहुत जल्द यूजर्स को “Ask a Follow-up” बटन दिखाई देगा। यूजर्स इस बटन पर टैप करके AI के कई फीचर्स एक्सेस कर सकते हैं, जो ट्रांसलेशन को बेहतर बनाने और उसे अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज़ करने में मदद करेंगे। यूजर्स गूगल ट्रांसलेशन के स्पीकर आइकन पर क्लिक करके इसे सुन सकते हैं। इसकी मदद से वह प्रोनाउंसिएशन तक आसानी से सुन सकते हैं। फीडबैक ऑप्शन के साथ आपको ये फीचर मिलने वाला है। इसकी मदद से उन्हें जवाब समझने में मदद मिलने वाली है। Google का नया फीचर Google की तरफ से यूजर्स के लिए प्राइवेसी प्रोटेक्शन फीचर की शुरुआत की गई है। गूगल ने रिजल्ट अबाउट यू फीचर में नए ऑप्शन को जोड़ा गया है। यहां पर यूजर्स बहुत सारे पर्सनल जानकारी शेयर कर सकते हैं। इस टूल के जरिये कोई भी व्यक्ति अपने फोन नंबर, ईमेल, घर का पता, क्रेडिट कार्ड की जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा को सर्च रिजल्ट्स से हटाने की रिक्वेस्ट कर सकता है। गूगल का ये नया टूल इसकी इजाजत देता है। सर्च रिजल्ट में डेटा हटाने से काफी मदद मिलने वाली है। इसके अलावा भी गूगल की तरफ से बहुत सारे अपडेट्स लाए जा रहे हैं। इस फीचर का आप सीधा इस्तेमाल कर सकते हैं।

फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया, पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने लगाई फांसी, माता-पिता को कोई परेशान न करे

आगरा आगरा में अतुल सुभाष जैसा सुसाइड सामने आया है। यहां पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने फांसी लगा ली है। मानव ने फंदा डालकर रोते हुए वीडियो बनाया। मानव ने कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। यूपी में एक बार फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया है। मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस के एक मैनेजर ने पत्नी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला और उसमें रोते हुए अपना सारा दर्द बयां किया। टीसीएस मैनेजर मानव शर्मा ने आत्महत्या से पहले बनाई वीडियो में खुलासा किया कि वो पत्नी के उत्पीड़न से परेशान हैं। साथ ही उसने मांग की कि कानून पुरुषों को भी सुरक्षा दे। मानव शर्मा ने गले में फंदा लगाकर वीडियो बनाया और कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। गले में फंदा बांधकर बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की 6 मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में मानव शर्मा गले में फंदा लगाकर बात कर रहे हैं। फंदे का एक छोर पंखे से बंधा है। इस वीडियो में मानव कह रहे हैं कि ये उन अधिकारियों के लिए जो पुलिस और कानून से जुड़े हैं। कानून पुरुषों को सुरक्षित रखने के लिए होना चाहिए नहीं तो ऐसा समय आएगा कि कोई आदमी बचेगा नहीं जिस पर इल्जाम लगा सको। मैं अपना बताता हूं मेरा सभी की तरह ही है। मेरी पत्नी का पता चला कि किसी के साथ संबंध है। लेकिन कोई बात नहीं। मुझे जाने से कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो जाना चाहता हूं। मर्दों का सोचो। मर्दों के बारे में कोई तो बात करे। बेचारे बहुत अकेले हैं। माता-पिता से मांगी माफी इसके बाद मानव शर्मा वीडियो में रोते हुए दिखे। उन्होंने इसके बाद अपने परिवार से माफी मांगी। उन्होंने कहा पापा सॉरी, मम्मी सॉरी। मेरे जाते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। अच्छा मैं समझ रहा हूं कि कैसे मरते हैं। लेकिन तब तक फिर गुजारिश करुंगा कि अपनी जिंदगी में शामिल मर्दों के बारे में सोचो। मैं हमेशा सब छोड़ने वालों में से रहा। मैंने पहले भी सुसाइड की कोशिश की है कई बार। उन्होंने अपनी कलाई पर लगे कट के निशान भी दिखाए। रोते हुए बयां किया दर्द मानव शर्मा ने वीडियो में कहा कि मुझे छोड़ो बस आप लोग अपना सभी ध्यान रखो। उन्होंने कहा चलो ठीक है पीस आउट। तुम्हारा लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर ढंग से करो अगर करना है लेकिन नहीं तो फिर ठीक है जाएंगे कोई दिक्कत नहीं है। माता-पिता को नहीं करना टच मानव शर्मा ने आखिर में कहा कि इतना मैं कहना चाहता हूं कि मेरे मां-बाप को टच नहीं करना। इतना कहते हुए वीडियो बीच में बंद होता दिखा। इसके बाद बताया जा रहा है कि मानव शर्मा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की जांच में जुटी है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पास अलीबाग में समुद्र में एक नाव में आग लग गई है, 20 लोग थे सवार

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पास अलीबाग में समुद्र में एक नाव में आग लग गई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस नाव पर 18-20 यात्री सवार थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे एक मछली पकड़ने वाली नाव में भीषण आग लग गई। आग लगने का वास्तविक कारण क्या है, इसके बारे में फिलहाल सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। आग लगने की इस घटना में नाव 80 प्रतिशत जल गई। नाव के ऊपर लगा जाल भी जल गया है। बताया जा रहा है कि नाव पर 18 से 20 लोग सवार थे। सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। नाव का मालिक साखर गांव का राकेश मारुति है। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। स्थानीय लोगों की मदद से नाव को किनारे पर लाया गया और आग बुझाने का काम जारी है। रायगढ़ एसपी ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, ”रायगढ़ जिले के अक्षी अलीबाग में तट से 6-7 समुद्री मील दूर राकेश गण नामक व्यक्ति की मछली पकड़ने वाली नाव में सुबह 3-4 बजे के आसपास आग लग गई। भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने नाव से सभी 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।” इससे पहले भी एक नाव में आग लग चुकी है। 2 दिसंबर 2023 को अलीबाग के मांडवा पोर्ट पर एक निजी स्पीड बोट में आग लग गई थी। दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए थे। मुंबई गेटवे से मांडवा बंदरगाह में प्रवेश कर रही एक नाव में आग लग गई थी। आग नाव में लगे जनरेटर के कारण लगी थी। नाव घाट से लगभग 300 मीटर दूर खड़ी थी। इस दुर्घटना में नाव को लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। सौभाग्यवश, दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए।

दिल्ली कैपिटल्स महिला और मुंबई इंडियंस महिला के बीच आज होगी भिड़ंत

बेंगलुरु दिल्ली कैपिटल्स महिला और मुंबई इंडियंस महिला के बीच विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का 13वां मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह दोनों टीमों के बीच एक रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों टीमें इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं और अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर काबिज हैं।   दोनों टीमों का अब तक का प्रदर्शन मुंबई इंडियंस महिला : मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीजन में भी मजबूत स्थिति में है। टीम ने अब तक लगातार तीन मैच जीते हैं, जिसमें उनकी एकमात्र हार दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ वडोदरा में हुई थी। नैट सिवर-ब्रंट इस टीम की सबसे बड़ी ताकत रही हैं, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी कप्तान हरमनप्रीत कौर और युवा भारतीय खिलाड़ियों ने भी टीम को संतुलित बनाया है। हालांकि, टीम में कुछ कमजोरियां हैं, लेकिन सिवर-ब्रंट के ऑलराउंड प्रदर्शन ने इन्हें ढक दिया है। दिल्ली कैपिटल्स महिला : दिल्ली का यह सीजन अब तक मिला-जुला रहा है। हाल ही में गुजरात जायंट्स के खिलाफ आसान जीत ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। उस मैच में जेस जॉनासन को नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट करने का फैसला सही साबित हुआ था। हालांकि, कप्तान मेग लानिंग की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले सीजन में मुंबई के खिलाफ 45 से अधिक के औसत से रन बनाने वाली लानिंग इस बार अभी तक अपनी लय हासिल नहीं कर पाई हैं। दूसरी ओर, युवा ऑफ-स्पिनर संस्कृति गुप्ता ने हालिया मैच में प्रभावित किया है और अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड दोनों टीमों के बीच अब तक महिला प्रीमियर लीग में 5 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें मुंबई ने तीन और दिल्ली ने दो में जीत हासिल की है। इस सीजन की शुरुआत में दिल्ली ने मुंबई को वडोदरा में रोमांचक मुकाबले में 2 विकेट से हराया था। मुंबई बदला लेने की उम्मीद में होगी। पिच और वेदर रिपोर्ट एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार होती है, लेकिन स्पिनरों को भी यहां सफलता मिलती है। मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे पूरा मैच बिना किसी रुकावट के हो सकता है। टॉस जीतने वाली टीम संभवतः पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी, ताकि लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति बनाई जा सके। मुंबई के लिए अहम है यह मैच दोनों टीमें छह-छह अंकों के साथ मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन दिल्ली की एक अतिरिक्त हार उन्हें मुंबई से थोड़ा पीछे रखती है। अगर दिल्ली अपनी रणनीति को ढंग से लागू कर पाई, तो वह मुंबई को चुनौती दे सकती है। दूसरी ओर, मुंबई की गहराई और अनुभव उन्हें हल्की बढ़त देती है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 दिल्ली कैपिटल्स : शैफाली वर्मा, मेग लैनिंग (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, मारिजैन कप्प, एनाबेल सदरलैंड, जेस जोनासेन, सारा ब्राइस (विकेटकीपर), निकी प्रसाद, शिखा पांडे, मिन्नू मणि, तितास साधु मुंबई इंडियंस : यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), हेले मैथ्यूज, नैट साइवर-ब्रंट, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अमेलिया केर, अमनजोत कौर, सजीवन सजना, जी कमलिनी, संस्कृति गुप्ता, शबनिम इस्माइल, जिन्तिमानी कलिता

होलिका दहन के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा का ही समय

होली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक पावन त्योहार है. दिवाली के बाद होली को हिंदू धर्म में दूसरा प्रमुख त्योहार माना जाता है. होली के दिन चारों ओर रंग बिखरे रहते हैं. इस दिन लोग एक दूसरे को गुलाल, अबीर और रंग आदि लगाते हैं. होली के त्योहार को आनंद, क्षमा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. होली के पर्व से पहले होलिका का दहन किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुल माह की पुर्णिमा तिथि पर होलिका को दहन किया जाता है. होलिका दहन के अगले दिन होली का त्योहार मनाया जाता है और रंगों से होली खेली जाती है. मान्यता है कि होली से पहले होलिका दहन में सभी नकारात्मक शक्तियां जलकर नष्ट हो जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब किया जाएगा. इसका शुभ मुहूर्त क्या है और इस साल होलिका दहन के लिए कितना समय मिलेगा? होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और समय इस साल फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 मार्च गुरुवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 14 मार्च शुक्रवार को 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. इस साल होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा, लेकिन भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता. 13 मार्च को भद्रा पूंछ शाम 6 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगा. ये रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इसके बाद भद्रा मुख का समय शुरू होगा जो रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात के 11 बजकर 26 मिनट पर शुरु होगा. ये शुभ मुहूर्त रात के 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस साल होलिका दहन के लिए 1 घंटा 4 मिनट का समय मिलेगा. पूजा विधि     होलिका दहन के दिन सुबह स्नान कर लेना चाहिए.     फिर पूजा स्थल पर पर गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बनानी चाहिए.     इसके बाद कच्चा सूत, गुड़, हल्दी,मूंग, बताशे और गुलाल नारियल अर्पित करना चाहिए.     फिर मिठाइयां और फल अर्पित करने चाहिए,     होलिका पूजन के साथ ही भगवान नरसिंह की भी अराधना करनी चाहिए.     अंत में होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए. होलिका दहन का महत्व पौराणिक कथाओं में होलिका दहन का महत्व बताया गया है. होलिका जलाने से लोगों की आत्मा शुद्ध हो जाती है. साथ ही मन पावन हो जाता है. होलिका दहन पर पूजन से संतान सुख की प्राप्ति होती है. इसके अलावा घर में सुख शांति बनी रहती है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विज्ञान आधारित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति और नवीनतम तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन से देश को मिली उपलब्धि भारत में वैज्ञानिक व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा विद्यमान है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने” की थीम पर विज्ञान भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान मॉडल और नवाचारों पर लगाई प्रदर्शनी का किया अवलोकन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य, अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में सहयोग के लिए हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी परिषद के छह पोस्टरों का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका “रचना” का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है। राज्य सरकार शिक्षा सहित शासकीय कार्य प्रणाली और सामान्य व्यवस्थाओं के संचालन में विज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग कर आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने” की थीम पर भोपाल में विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पूर्व उन्होंने नोबल पुरूस्कार से सम्मानित महान वैज्ञानिक सीवी रमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन” का विज्ञान भवन में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर में प्रस्तुत मॉडल तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत, सरलता से समझाने में सहायक उपकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल और नवाचारों के संबंध में उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ से आए प्रगतिशील कृषक पूरनलाल कुशवाहा से भेंट कर उनके द्वारा सिंचाई के लिए विकसित किए गए पवन और पानी से चलने वाले पंप का अवलोकन कर जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फसल बीमा के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम, 13वें मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान सम्मेलन, विज्ञान मंथन यात्रा, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, विक्रमोत्सव-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और विज्ञान उत्सव तथा पेटेंट और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण व केंद्र स्थापना पर विकसित पोस्टरों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका “रचना” का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए कीर्तिमान गढ़े हैं, जिसमें कोविड के दौर में टीकाकरण और डिजिटल पेमेंट्स जैसे अनेकों नवाचार और व्यवस्थाएं शामिल हैं। कोविड काल में अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में यही कार्य बड़ी ही निपुणता और प्रतिबद्धता से पूर्ण किया गया। भारत में जिज्ञासा और विज्ञान के आधार पर व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा रही है। पश्चिम में दूरबीन के अविष्कार के पहले से भारत में नवग्रह की पूजा की जाती रही है। भारत ने विश्व में सबसे पहले खगोल विज्ञान के अनेकों सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने ‘यत पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे’ के माध्यम से सृष्टि और मानव शरीर की एकरूपता का संदेश दिया। इसी प्रकार चरैवेति-चरैवेति में समय की निरंतरता का बोध होता है। गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्राचीन भारतीय शास्त्रों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्माण्ड में कई रहस्य बिखरे हुए है, इन्हें खोजना और समस्याओं का हल करना ही विज्ञान है। महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट (सीवी) रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत में विकसित खगोल शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अनिल कोठारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राज्य में विज्ञान के प्रति जागरूकता तथा विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखा है।  

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