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5वीं और 8वीं की परीक्षा: निजी स्कूलों के बाद हाई कोर्ट पहुंचे अभिभावक, 3 मार्च को सुनवाई

बिलासपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से 5वीं और 8वीं की परीक्षा लेने का आदेश निजी स्कूलों के साथ अभिभावकों के लिए गले की फांस बन गया है. आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में लगाई गई याचिका पर अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी. पाठ्य पुस्तक निगम की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ा रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी स्कूलों के लिए मुसीबत बन गया है. ऐसे में राहत के लिए निजी स्कूलों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है. इस आदेश से परेशान अभिभावकों ने भी हाई कोर्ट में अपनी याचिका लगाई है. मामले में निजी स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले ही शिक्षा विभाग को लिखकर दिया था कि वो सीजी समग्र एवं मूल्यांकन पैटर्न पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं. अब तक इन कक्षाओं के होम एग्जाम हुआ करते थे, लेकिन सत्र के आखिर में सीजी बोर्ड से पांचवीं और आठवीं की परीक्षा आयोजित किया जा रहा है. मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में स्कूल शिक्षा विभाग ने दस दिन का समय मांगा था. आज जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान कहा कि इसी मामले में दो अन्य याचिकाएं भी लगाई गईं हैं. कोर्ट ने इन सब पर सोमवार 3 मार्च को एक साथ सुनवाई की बात कही.

मीडिया इवेंट में पीएम मोदी ने कहा- दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही, पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की नई फैक्ट्री और अनंत इनोवेशन की भूमि के रूप में उभर रहा है। देश की राजधानी में एक मीडिया इवेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया 21वीं सदी के भारत को देख रही है और सीखना एवं समझना चाहती है कि कैसे देश सेमीकंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर मैन्युफैक्चर कर रहा है। भारत को पहले बैक ऑफिस के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब भारत दुनिया की नई फैक्ट्री के रूप में उभर रहा है। हमारा देश केवल वर्कफोर्स नहीं रहा है, बल्कि वर्ल्ड फोर्स बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश जो एक समय काफी सारे उत्पादों का आयात करता था, अब बड़ा निर्यातक बन गया है। भारत द्वारा हल्दी से लेकर कॉफी और मिलेट्स से लेकर मखाना तक का निर्यात किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, देश के मोबाइल फोन, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और दवाइयों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा, “भारत न केवल दुनिया को उत्पाद उपलब्ध करा रहा है बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार भी बन रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया, “वर्षों की कड़ी मेहनत और व्यवस्थित नीतिगत निर्णयों के कारण भारत अब कई वैश्विक पहलों का नेतृत्व कर रहा है।” इसमें फ्रांस में हालिया एआई एक्शन शिखर सम्मेलन शामिल है, जहां भारत सह-मेजबान था और अब इसकी मेजबानी भी करेगा। उन्होंने आगे कहा कि देश ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सफल जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर को एक नए आर्थिक मार्ग के रूप में पेश किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत किफायती, सुलभ और आसानी से अपनाए जाने वाले सॉल्यूशंस भी बना रहा है। इसमें सुरक्षित और कम लागत वाला डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और घातक कोविड-19 महामारी के दौरान टीके शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत के ऑटोमोबाइल, स्पेस और उभरते हुए सेक्टर जैसे एआई के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत अगले 25 वर्षों में एक विकसित राष्ट्र बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।”

मातृ मृत्यु दर कम करने के लिये रणनीति बनाकर हो मॉनिटरिंग, गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री

भोपाल उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करने पर चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। आशा, एएनएम के द्वारा इस बात को विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि पहली तिमाही में उनकी एएनसी जांच भी हो, जिसके बाद हाई रिस्क प्रेगनेंट वूमेन की पहचान के साथ आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इससे गर्भवती महिला और शिशु की अच्छी देखभाल हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि क्षेत्र विशेष की समस्याएं पहचान कर व्यवहारिक रणनीति बनाकर कार्य करें तथा इस संबंध में प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जाए। कलेक्टर, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ, सीएचओ आदि सभी अपने स्तर पर निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि मातृ मृत्यु दर में कमी आए। उन्होंने कहा कि हर हाल में सुरक्षित मातृत्व प्रदान करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। माताओं को जागरूक करने के साथ-साथ फील्ड स्टाफ को बनाएं संवेदनशील उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए शासन, प्रशासन स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ-साथ हमारी माताओं, समाज को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। हम सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य तभी प्राप्त कर सकेंगे जब गर्भधारण से और उसके पूर्व से ही माताएं स्वस्थ हों। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाये जायें। गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर के साथ-साथ संस्थागत प्रसव और परिवहन व्यवस्था सही समय से पहुंचे। उचित समय पर गर्भवती महिलाओं को फोलिक एसिड और आयरन सप्लीमेंट की आपूर्ति हो। हाई-रिस्क प्रेगनेंट महिलाओं की पहचान और त्वरित उपचार के लिए स्वास्थ्य टीम द्वारा फॉलो-अप भी लिया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) कम करने के लिए शिशु के जन्म के 24 घंटे के भीतर नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार हो। बच्चों को विटामिन ए, आयरन और अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए नवजात की देखभाल में सुधार के साथ परिवारों को सही जानकारी भी दी जाए। स्वास्थ्य कर्मी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के विकास में देरी के संकेत की पहचान कर शीघ्रता से आवश्यक उपचार किए जाएं। इसी प्रकार कुपोषण और एनीमिया के मामलों में सुधार के लिए जागरूकता के साथ-साथ सही मार्गदर्शन भी दिया जाए। समीक्षा बैठक में सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेंद्र लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्री जाहर सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को सीएचसी, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल में की जाती हैं आवश्यक जांचें उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व देने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल सहित जिला अस्पताल में आवश्यक जांचें की जाती हैं। इन जांचों में मुख्य रूप से संबंधित महिला का हीमोग्लोबिन, उसका ब्लड ग्रुप, वीडीआरएल, एचआईवी, थायराइड से संबंधित जांच, यूरिन की जांच के साथ-साथ सोनोग्राफी भी की जाती है। उक्त जांचों के आधार पर गर्भवती महिला की स्क्रीनिंग हो जाती है साथ ही उसकी यह भी पता लगाया जाता है कि, महिला हाई रिस्क प्रेगनेंट वूमेन उच्च जोखिम गर्भवती महिला की श्रेणी में तो नहीं आती।  

ढाका में वायु गुणवत्ता के अनुसार, शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 304 दर्ज किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है

ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका ने शनिवार सुबह दुनिया में सबसे खराब वायु गुणवत्ता का रिकॉर्ड बनाया। वायु गुणवत्ता और प्रदूषण रैंकिंग के अनुसार, शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 304 दर्ज किया गया, जो कि ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 151 से 200 के बीच होने पर ‘गंभीर’, 201 से 300 तक ‘अति गंभीर’, 301 से 400 तक ‘खतरनाक’ माना जाता है। खतरनाक वायु गुणवत्ता बांग्लादेश के लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। देश के प्रमुख मीडिया संगठन, यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के मुताबिक, चीन की राजधानी बीजिंग, उज्बेकिस्तान की ताशकंद और इराक की बगदाद क्रमशः 238, 220 और 179 के एक्यूआई स्कोर के साथ दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। दुनिया के विभिन्न शहरों की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट स्विस-आधारित संगठन ‘आईक्यूएयर’ द्वारा प्रकाशित की जाती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक का उपयोग रोज की वायु गुणवत्ता को मापने के लिए किया जाता है। यह बताता है कि हवा कितनी साफ है या प्रदूषित और इससे स्वास्थ्य पर क्या असर हो सकता है। एक्यूआई यह भी बताता है कि प्रदूषित हवा में कुछ घंटों या दिनों तक सांस लेने से लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ सकता है। एक्यूआई की गणना पांच प्रमुख वायु प्रदूषकों के आधार पर की जाती है। पार्टिकुलेट मैटर (पीएम10 और पीएम 2.5), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन। देश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार के मुताबिक बांग्लादेश वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, देश में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 102,456 मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर साल दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत होती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, 10 में से 9 लोग ऐसी हवा में सांस लेते हैं, जिसमें प्रदूषक स्तर अधिक होता है। डब्ल्यूएचओ वायु प्रदूषण की निगरानी और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। शहरों में धुएं से लेकर घरों के अंदर धुएं तक, वायु प्रदूषण स्वास्थ्य और जलवायु के लिए एक बड़ा खतरा है।

इंग्लैंड को हराकर साउथ अफ्रीकी टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई जगह, अफगानिस्तान का टूटा सपना

कराची आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में चारों सेमीफाइनिलस्ट का फैसला हो गया है. न्यूजीलैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब साउथ अफ्रीकी टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है. साउथ अफ्रीका की एंट्री के साथ ही अफगानिस्तान की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं. इंग्लैंड यदि साउथ अफ्रीका के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करता तो अफगानिस्तान के लिए चांस बनता. लेकिन इंग्लिश टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में 179 रनों पर ही ढेर हो गई. जवाब में साउथ अफ्रीका ने 29.1 ओवरों में ही तीन विकेट खोकर टारगेट को हासिल कर लिया. हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में कौन सी टीम किससे मुकाबला करेगी, ये 2 मार्च (रविवार) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के बाद ही पता चल पाएगा. ग्रुप-ए से भारत और न्यूजीलैंड की टीम सेमीफाइनल में पहुंचीं. वहीं ग्रुप-बी से साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने ये उपलब्धि हासिल की. बता दें कि अफगानिस्तान की टीम तभी सेमीफाइनल में पहुंच पाती, जब इंग्लिश टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ कम से कम 207 रनों से जीत हासिल करती. ताकि साउथ अफ्रीका का नेट-रनरेट अफगानिस्तान से कम हो जाए. हालांकि इंग्लिश बल्लेबाजों ने कराची के मैदान पर शर्मनाक प्रदर्शन किया और उसकी टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई. चैम्पियंस ट्रॉफी में ग्रुप-ए की बात करें तो इसमें भारत, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और पाकिस्तान की टीमें हैं. न्यूजीलैंड की टीम इस ग्रुप में दो मैचों में दो जीत के साथ पहले नंबर पर है. कीवी टीम का नेट रनरेट 0.863 है. उधर, भारतीय टीम इस समय दो मैचों में दो जीत के साथ दूसरे स्थान पर है. भारत के 4 अंक हैं और उसका नेट रनरेट 0.647 है. हालांकि दोनों में से कौन सी टीम नंबर-1 पर रहेगी, इसका फैसला 2 मार्च को होगा. वहीं, बांग्लादेश तीसरे, जबकि पाकिस्तान चौथे नंबर पर है. दोनों टीमों के एक-एक अंक रहे, लेकिन बेहतर नेट-रनरेट के चलते बांग्लादेश टेबल में पाकिस्तान से आगे है. साउथ अफ्रीका ने अपने ग्रुप में किया टॉप साउथ अफ्रीका को ग्रुप-बी में अफगानिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ रखा गया था. साउथ अफ्रीका के तीन मैचों में 5 अंक रहे और उसने अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया. साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान और इंग्लैंड के विरुद्ध जीत हासिल की, जबकि ऑस्ट्रेलिया संग उसका मुकाबला बेनतीजा रहा. दूसरे नंबर पर रहने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के भी 3 मैचों में 4 अंक रहे. जबकि तीसरे नंबर पर रहने वाली अफगानिस्तान की टीम को 3 मैचों में 3 अंक हासिल हुए. इस ग्रुप में चौथे नंबर पर इंग्लिश टीम रही, जिसका खाता तक नहीं खुला.  

मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की ‘कॉटन कैपिटल’ घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है।  

उप मुख्यमंत्री बोले- जहाँ आधुनिक चिकित्सा समाप्त होती है, वहाँ से आयुर्वेद शुरू होता है

जयपुर, राजस्थान में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार दिवसीय राज्य स्तरीय आरोग्य मेला-2025 का भव्य शुभारंभ शनिवार को हुआ। शिल्पग्राम, जवाहर कला केंद्र में आयोजित इस मेले का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारतीय जीवनशैली का आधार है और महर्षि चरक ने इसे सिद्ध किया है कि यह चिकित्सा पद्धति न केवल रोगों का उपचार करती है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार आधुनिक विज्ञान और नवाचार से जोड़कर आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आयुर्वेद केंद्रों के विस्तार से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर व्यक्ति को उचित चिकित्सा सेवा मिले। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राजस्थान में औषधीय पादपों की उपलब्धता के चलते राज्य इनका निर्यात कर रहा है, जिससे प्रदेश आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। डॉ. बैरवा ने कहा कि आयुर्वेद वहां शुरू होता है जहां आधुनिक चिकित्सा समाप्त होती है। यह चिकित्सा पद्धति रोगों को जड़ से समाप्त करने में सहायक है और इसका वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो रहा है। उन्होंने राजस्थान को केवल वीरता की भूमि ही नहीं, बल्कि आरोग्य की जन्मभूमि भी बताया। उन्होंने कहा कि यह चार दिवसीय आरोग्य मेला एक बेहतरीन मंच है जहां आगंतुक निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं और आयुर्वेद तथा अन्य चिकित्सा पद्धतियों के बारे में गहन जानकारी हासिल कर सकते हैं। उप मुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने प्रदर्शनी में विभिन्न संबंधित स्टॉल्स का अवलोकन किया और वहाँ प्रदर्शित आयुर्वेदिक उत्पादों, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों तथा औषधीय पादपों की जानकारी ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” को साकार करने के लिए योग और आयुर्वेद को आमजन तक पहुँचाने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस मेले को स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। समारोह के अंत में किसानों के लिए एक विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया जिसमें औषधीय पादपों की विस्तृत जानकारी दी गई है जिससे किसान आयुर्वेदिक खेती को अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। चार दिवसीय इस मेले में आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे और निःशुल्क परामर्श एवं उपचार प्रदान करेंगे। साथ ही आगंतुकों के लिए योग सत्र, आयुर्वेदिक उत्पादों की प्रदर्शनी और औषधीय पादपों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि विधायक श्री कालीचरण सर्राफ, जयपुर ग्रेटर महापौर श्रीमती सौम्या गुर्जर, प्रमुख शासन सचिव (आयुर्वेद विभाग) श्री भवानी सिंह देथा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शेयर बाजार में हाहाकार के बीच तुहिन पांडेय ने संभाली सेबी की कमान

नई दिल्ली शेयर बाजार में मचे हाहाकार के बीच वरिष्ठ नौकरशाह तुहिन कांत पांडेय ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के 11वें चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इस मौके पर उन्होंने पारदर्शिता और टीम-वर्क पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया। पांडेय ऐसे समय में सेबी के प्रमुख का पद संभालेंगे जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी के बाद बाजार में मंदी का दबाव देखने को मिल रहा है। बता दें कि जनवरी से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। तुहिन कांत पांडे के लिए बाजार की ऐतिहासिक गिरावट एक बड़ी चुनौती होगी। इस बिगड़े माहौल में निवेशकों को सुरक्षा और भरोसा देने की जिम्मेदारी है।   क्या कहा सेबी के नए चेयरमैन ने अब तक वित्त सचिव के रूप में कार्य कर रहे पांडेय ने सेबी को एक ऐसा मजबूत बाजार संस्थान बताया, जिसे वर्षों से विभिन्न दिग्गजों ने आकार दिया है। नए चेयरमैन ने अपने उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए चार टी- विश्वास (ट्रस्ट), पारदर्शिता (ट्रांसपेरैंसी), टीमवर्क और प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) को अपने मुख्य ध्यान वाले क्षेत्रों के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ये चार तत्व हमें (सेबी) विशिष्ट बनाते हैं, और हम दुनिया में सबसे अच्छे बाजार संस्थानों में से एक बनाना जारी रखेंगे। अपने कार्य-एजेंडे या कार्यशैली के बारे में बताने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी पर टिप्पणी नहीं करेंगे। बता दें कि अब तक सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच थीं। बुच पर उनके कार्यकाल के अंतिम कुछ महीनों में अनियमितताओं के कई आरोप लगे थे। पिछले कुछ महीनों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में कुछ गतिविधियां देखने को मिली हैं, जहां इसके कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग ने प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।   ओडिशा कैडर के अधिकारी तुहिन कांत पांडेय ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1987 बैच के अधिकारी हैं और उनका कार्यकाल तीन साल का है। पांडेय वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग को संभालने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। वह निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सचिव थे। दीपम वित्त मंत्रालय का एक विभाग है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी इक्विटी का प्रबंधन करता है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में ट्रेन को पटरी से उतारने की बना रहे थे प्लान, दो संदिग्ध हिरासत में लिया

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई में शनिवार को एक बार फिर दो अराजक तत्वों की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ। दोनों आरोपी ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश कर रहे थे। उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हरदोई के सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि शनिवार को आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि हरदोई और कौढ़ा रेलवे स्टेशनों के मध्य दो युवकों द्वारा एक पत्थर और नट-बोल्ट को उठाकर ट्रैक पर रखा जा रहा है। आरपीएफ ने दो संदिग्धों को पकड़कर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा गहनता से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। दोनों युवकों से पूछताछ में साजिश से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में कोई अन्य शामिल है या नहीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो व्यक्ति लोहे के बोल्ट और पत्थर को रेल ट्रैक पर रखकर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश कर रहे थे। उसी समय लोको पायलट ने अचानक ट्रेन रोक दी और घटना की जानकारी रेलवे के गेट मैन को दी। जानकारी होते ही ट्रेन मैनेजर ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल दो संदिग्धों को पकड़ लिया और ट्रेन में बैठा लिया। रेलवे सुरक्षा बल हरदोई ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

राजस्थान के व्यापारियों के लिए उठाई आवाज, गुजरात सरकार से प्रभावित व्यापारियों की मदद करने की अपील की: अशोक गहलोत

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के सूरत स्थित शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट में 25 फरवरी को लगी भीषण आग में राजस्थान के व्यापारियों को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गुजरात सरकार से प्रभावित व्यापारियों की मदद करने की अपील की है। गहलोत ने कहा, “यह हादसा राजस्थान के सैकड़ों व्यापारियों के लिए विनाशकारी साबित हुआ है। उनकी वर्षों की मेहनत और पूंजी इस आग में स्वाहा हो गई। अब उनकी आजीविका पर संकट आ खड़ा हुआ है। आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग को इसे पूरी तरह बुझाने में दो दिन लग गए।” गहलोत ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर व्यापारियों के लिए समुचित राहत और सहायता की मांग की है, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार को त्वरित कार्रवाई कर नुकसान झेल रहे व्यापारियों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास पैकेज देना चाहिए। इसके साथ ही गहलोत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी आग्रह किया कि वे गुजरात सरकार से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि राजस्थान के व्यापारियों को पूरी सहायता मिले। उन्होंने कहा, “हमारे व्यापारी वर्षों से सूरत में व्यापार कर रहे हैं और ऐसे मुश्किल समय में सरकार को उनके साथ खड़ा होना चाहिए।” गहलोत के इस बयान के बाद व्यापारी संगठनों में हलचल तेज हो गई है और गुजरात व राजस्थान सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

जैसलमेर में रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

राजस्थान राजस्थान के जैसलमेर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार सुबह खेतोलाई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में 1700 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी कपिल विश्नोई, डाटा एंट्री ऑपरेटर शारदा विश्नोई का पति बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, डाटा एंट्री ऑपरेटर शारदा विश्नोई ने एक आशा सहयोगिनी से उसके टीए-डीए की राशि स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत ACB जैसलमेर इकाई को मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिलों को वेरीफाई कर कंप्यूटर में अपलोड करने और भुगतान जारी करने के एवज में 1700 रुपये की मांग की जा रही थी। रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी, शारदा विश्नोई फरार शिकायत की पुष्टि के बाद, शनिवार सुबह ACB के ASP नरपतचंद के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की और कपिल विश्नोई (27) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मुख्य आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर शारदा विश्नोई अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पूछताछ जारी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में पूछताछ जारी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ग्वालियर में एक निजी अस्पताल में महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़, युवक ने किया किस, जमकर मचा बवाल

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक निजी अस्पताल में महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।  रतन ज्योति हॉस्पिटल में काम करने वाली 24 वर्षीय महिला कर्मचारी ने पड़ाव थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। महिला कर्मचारी के मुताबिक शुक्रवार की शाम करीब पौने छह बजे जब वो अस्पताल में ही थी, उसी दौरान अनजान युवक ने पीछे से आकर उसके सीने को पकड़ लिया और उसे चूम लिया। महिला कर्मी ने शोर शराबा  मचाया तो स्टाफ के लोग आ गए और अश्लील छेड़छाड़ करने वाले को दबोच लिया। पकड़ा गया आरोपी भिंड जिले का रहने वाला हरिओम मिश्रा है, जो ग्वालियर के थाटीपुर में रहकर प्रायवेट नौकरी करता है। सूचना मिलते ही पड़ाव पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पीड़िता की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी हरिओम मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वहीं मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

केंद्र और राज्य सरकार की 1,200 योजनाओं में से 1,100 में डीबीटी सिस्टम के जरिए लोगों तक लाभ पहुंच रहा: वित्त मंत्री

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की 1,200 योजनाओं में से 1,100 में डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम के जरिए लोगों तक लाभ पहुंच रहा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि डीबीटी से यह सुनिश्चित होता है कि धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित हो, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो और देरी कम हो। राष्ट्रीय राजधानी में 49वें सिविल लेखा दिवस समारोह में बोलते हुए मंत्री ने कहा, “अब हर चीज के लिए सीधे भुगतान किया जा रहा है और इसमें कोई बिचौलिया नहीं है और किसी अजन्मे बच्चे को भत्ता नहीं मिल रहा है।” वित्त मंत्री ने कहा कि धनराशि प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास बायोमेट्रिक सत्यापित खाता होता है, जिसमें धनराशि ट्रांसफर की जाती है। उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) ने डीबीटी को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” वित्त मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली सरकार को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाती है कि धनराशि बिना किसी अनियमितता के सही लाभार्थियों तक पहुंचे। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि पीएफएमएस वर्तमान में लगभग 60 करोड़ लाभार्थियों को सेवा प्रदान करता है, जिससे यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी वित्तीय प्रबंधन प्रणाली बन गई है। इसके संपूर्ण डिजिटलीकरण फीचर ने वित्तीय प्रशासन को मजबूत किया है और फंड वितरण में जवाबदेही बढ़ाई है। उन्होंने आगे कहा कि पीएफएमएस ने 31 राज्य कोषागारों और 40 लाख से अधिक कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ काम करते हुए राज्यों की वित्तीय प्रणालियों को जोड़ा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “अपने व्यापक नेटवर्क के साथ, यह प्रणाली यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि सरकारी धन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए और उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।”

तेंदुए की मूवमेंट से कई दिनों से खेतों में काम करने वाले किसान भयभीत, कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद

धार मध्य प्रदेश के धार जिले के ग्राम रेहडदा में एक खूंखार तेंदुआ कड़ी मशक्कत के बाद आखिर पिंजरे में कैद हो गया। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। तेंदुए की मूवमेंट से कई दिनों से खेतों में काम करने वाले किसान भयभीत थे। जिसके बाद वन विभाग ने आज योजना बनाई, इसके बाद तेंदुआ को पकड़ लिया गया। बीते कई दिनों से वन परिक्षेत्र गंधवानी के ग्राम रेहडदा गांव और इसके आसपास के इलाके में तेंदुआ घूम रहा था। जिससे खेतों में काम करने वाले लोगों को खेत में जाने से डर लगता था। जिसके बाद इसकी शिकायत वन विभाग से की गई। फिर वन विभाग पिंजरा लेकर आए। इसके बाद आज तेंदुआ पिंजरे में आ गया। इस खबर के फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पिंजरे में कैद तेंदुए को ट्रैक्टर ट्राली में रखा। इसके बाद सुरक्षित क्षेत्र के जंगल में छोड़ा गया। वन विभाग के रेंजर वैभव उपाध्याय ने बताया कि, तेंदुए को पूरी सावधानी के साथ जंगल में छोड़ा गया है। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीण राहत की सांस ली। अब वे निडर होकर अपने खेतों में काम कर सकेंगे।

खजुराहो के शिल्पग्राम में आयोजित हुआ राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव

खजुराहो दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पर्यटन नगरी खजुराहो के शिल्पग्राम के मुक्तकाशी मंच पर राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन हुआ जिसमें देश के आठ राज्यों के लगभग 100 लोक नृतको से अधिक कलाकारो ने अपनी रंगारंग प्रस्तुति प्रदान की  । आज के इस शुभारंभ अवसर पर नगर परिषद खजुराहो के अध्यक्ष अरुण कुमार (पप्पू) अवस्थी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि आसाराम पाल, पार्षद गौरव सिंह बघेल एवं रवि नायक, समाज सेवी संजीव शुक्ला एवं रविंद्र पाठक तथा डॉक्टर अजीत सिंह जादौन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का नागपुर ऑफिस से आए अमित सोरते एवं प्रवीण मानकर के अलावा खजुराहो शिल्पग्राम से भूपेंद्र सिंह के द्वारा अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर एवं सॉल श्रीफल के द्वारा सम्मान किया गया । खजुराहो के शिल्पग्राम में लंबे समय बाद राष्ट्रीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जो प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से आयोजित होगा, इस चार दिवसीय महोत्सव में 8 राज्यों के लोक कलाकार एवं स्थानीय कलाकार समूह द्वारा विविध पारंपरिक  नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां प्रदान की गई इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला रसिक प्रेमी और देसी तथा विदेशी पर्यटक उपस्थित रहे । इस लोक नृत्य महोत्सव में प्रमुख रूप से सिद्धि धमाल नृत्य (गुजरात) ढोलू कुनिथा नृत्य (कर्नाटक), थपेटू गुल्लू नृत्य (आंध्र प्रदेश), रौफ/ बाचा नगमा नृत्य (जम्मू कश्मीर), तेराताली/ घूमर नृत्य (राजस्थान), छत्तीसगढ़ का पंडवानी गायन  तथा मध्य प्रदेश के बधाई एवं नौरता नृत्य, कछियाई गायन, बुंदेली रितु गीत, दिवारी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां मुक्तकाशी मंच के माध्यम से प्रदान की गई जिनका उपस्थित भारी संख्या में उपस्थित कला रासिक प्रेमियों ने तालीयां बजाकर स्वागत किया ।

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