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डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की की तीखी बहस से पुतिन के सहयोगी खुशी से झूमे, फिदा हुई रूसी मीडिया

मॉस्को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोदिमिर जेलेंस्की की तीखी बहस को रूसी मीडिया एक ‘अच्छी खबर’ के तौर पर देख रहा है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी भी इससे बहुत खुश हैं। रूसी सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, ने टेलीग्राम पर लिखा कि यूएस प्रेसिडेंट ने यूक्रेन को ‘कड़ा तमाचा’ जड़ा है हालांकि यह नाकाफी है – हमें नाजी मशीन (जेलेंस्की सरकार) की सैन्य सहायता बंद करनी होगी। राज्य-नियंत्रित मीडिया आउटलेट आरटी ने ट्रम्प-जेलेंस्की की बैठक को लेकर एक्स पर लिखा: “जेलेंस्की अपने दोनों पैरों के बीच हाथ रखकर बैठे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति उन पर निशाना साध रहे हैं।” रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के मुताबिक यह ‘चमत्कार’ ही था कि ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, किसी तरह जेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक पाए। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, “मुझे लगता है कि जेलेंस्की का सबसे बड़ा झूठ व्हाइट हाउस में उनका यह दावा था कि 2022 में कीव शासन अकेला था, बिना किसी समर्थन के।” इस बीच, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने ओवल ऑफिस में हुई तीखी नोकझोंक को ‘ऐतिहासिक’ बताया। दिमित्रिएव 18 फरवरी को सऊदी अरब में आयोजित रूसी-अमेरिकी वार्ता में मास्को के वार्ताकारों में से एक थे। व्हाइट हाउस में हुई ट्रंप-जेलेंस्की नोकझोंक के बाद जहा अधिकांश यूरोपीय नेताओं ने जेलेंस्की और यूक्रेन का समर्थन किया वहीं हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ट्रंप की तारीफ करते नजर आए। पुतिन के दोस्त ओर्बन के मुताबिक ट्रंप ‘शांति के लिए बहादुरी से खड़े हैं। भले ही कई लोगों के लिए इसे पचाना मुश्किल हो।’ उन्होंने एक्स पर लिखा, “शक्तिशाली लोग शांति कायम करते हैं, कमजोर लोग युद्ध करते हैं।” रूस की अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहयोग एजेंसी के प्रमुख येवगेनी प्रिमाकोव ने टेलीग्राम पर लिखा, “हर किसी ने सबकुछ देखा। मैं सिर्फ इस ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि कीव शासन की प्रकृति क्या है: उकसावा, खूनी उकसावा। अभी जेलेंस्की और उनके सहयोगी उकसावे में रुचि रखते हैं, जिससे शांतिपूर्ण नागरिकों की सामूहिक मृत्यु हो सकती है, कुछ ऐसा जो पहले कभी न हुआ हो।” इससे पहले शुक्रवार को ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप-राष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात एक शोरगुल वाली तीखी बहस में बदल गई। अमेरिकी नेताओं ने जेलेंस्की पर उनकी टिप्पणियों के लिए व्हाइट हाउस और अमेरिका का अनादर करने का आरोप लगाया। वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति ने उन पर आक्रमण का शिकार होने की हताशा को महसूस नहीं करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस समझौते का उद्देश्य कीव के युद्ध प्रयासों में किए मदद के लिए यूक्रेन के दुर्लभ खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के भंडार पर अमेरिका का अधिकार स्थापित करना था।

सेना का हथियार बना डीआरडीई में तैयार हुआ ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर अलार्म, DRDE को 223 यूनिट का ऑर्डर

ग्वालियर ग्वालियर में स्थित देश के रक्षा संस्थान DRDO की DRDE लैब ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। आगामी समय में न्यूक्लियर, जैविक और रासायनिक युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तरह के युद्ध का खतरा होने पर अलर्ट करने और अधिक से अधिक बचाव के लिए ग्वालियर के साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की टीम ने ‘ACADA’ (ऑटोमेटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म) विकसित किया है। ये उपरकण आयन मोबिलिटी स्पेक्ट्रोमेट्री के सिद्धांत पर काम करता है। यह डिवाइस ‘ACADA’ हवा में घुले केमिकल के बारीक कणों को भी कैच कर ऑडियो और वीडियो रूप में अलर्ट जारी करेगा। भारत इस डिवाइस को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। आपको बता दें हाल ही में भारतीय सेना और वायु सेना ने ‘ACADA’ की 223 यूनिट की खरीद के लिए ऑर्डर दिया है। यह डील लगभग 80 करोड़ रुपये में हुई है। आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित नीति की दिशा में डीआरडीई, ग्वालियर का बड़ा योगदान सामने आया है। DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचालित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमेटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान आवश्यक है। डिटेक्टर-अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचलित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान जरूरी है। रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल हुए हैं। अलार्म में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटक का इस्तेमाल रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटक इस्तेमाल हुए हैं। ग्वालियर DRDE के अधिकारियों ने बताया कि भारत दुनिया में ऐसा चौथा देश है, जिसके पास इस तरह की प्रौद्योगिकी है। स्वदेशी रूप से विकसित किए गए अकाड़ा से जहां देश की सेनाओं और सुरक्षा बलों के अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। वहीं इसका लंबे समय तक इस्तेमाल, बेहतर रख-रखाव, स्पेयर पार्ट्स/एक्सेसरीज की आपूर्ति आदि सुनिश्चित हो सकेगी। स्वदेशी रूप से विकसित किया गया यह उत्पाद आई-डीडीएम, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्म निर्भर भारत’ मिशन की दिशा में एक लंबी छलांग है। 2015 में कामयाबी मिली बता दें ‘अकाडा’ को विकसित करने वाले साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2010 में ‘अकाडा’ को विकसित करने पर फोकस किया था। साल 2015 में उनको कामयाबी मिली। डिवाइस बनाने में 25 से 30 लाख रुपये का खर्च आया है। काम के प्रति साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की लगन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2022 में वह अपने प्रोजेक्ट के चलते बेंगलुरु में थे। उसी समय परिवार में गमी हो गई थी। ऐसे में वह अंत्येष्टि कार्यक्रम में नहीं आ सके थे। बाद में सिर्फ कुछ घंटों के लिए आए और वापस प्रोजेक्ट पर काम करने चले गए। डिटेक्टर-अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल DRDE के साइंटिस्ट सुशील बाथम द्वारा विकसित स्वचलित रासायनिक युद्ध डिटेक्टर (ACADA) ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म सेना में शामिल होने जा रहा है। रासायनिक हमले की स्थिति में जानमाल की हानि कम करने के लिए इसकी तत्काल पहचान जरूरी है। रासायनिक हमले की पहचान करने में ACADA अहम भूमिका निभाते हैं। अब तक भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन डिटेक्टर को दुनिया भर में उपलब्ध तीन निर्माताओं (अमेरिका-जर्मनी) से आयात करना पड़ता था। स्वदेश में बने डिटेक्टर और अलार्म में 80% से ज्यादा स्वदेशी कम्पोनेंट्स इस्तेमाल हुए हैं। भारत, दुनिया का चौथा देश जिसके पास इस तरह की तकनीक ग्वालियर DRDE के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा ने बताया कि भारत दुनिया में ऐसा चौथा देश है, जिसके पास इस तरह की तकनीक है। स्वदेशी रूप से विकसित किए गए ACADA से जहां देश की सेनाओं और सुरक्षा बलों की अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक जरूरतें पूरी होंगी, वहीं इसका लंबे समय तक इस्तेमाल, बेहतर रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स/एक्सेसरीज की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। स्वदेशी रूप से विकसित किया गया यह उत्पाद आई-डीडीएम, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्म निर्भर भारत’ मिशन की दिशा में एक लंबी छलांग है। डॉ. बाथम का 2010 से ACADA को विकसित करने पर फोकस ACADA को विकसित करने वाले साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं। उन्होंने 2010 में इसे विकसित करने पर फोकस किया था। साल 2015 में उन्हें ये कामयाबी मिली। डिवाइस बनाने में 25 से 30 लाख रुपए का खर्च आया है। काम के प्रति साइंटिस्ट डॉ. सुशील बाथम की लगन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2022 में वह अपने प्रोजेक्ट के चलते बेंगलुरु में थे। उसी समय परिवार में गमी हो गई थी। ऐसे में वह अंत्येष्टि कार्यक्रम में नहीं आ सके। बाद में सिर्फ कुछ घंटों के लिए आए और वापस अपने प्रोजेक्ट पर लग गए।  

अक ,धतूरे के साथ अंदर की बुराइयां भी अर्पण करें -ब्रह्माकुमारी साधना दीदी

इंदौर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेंधवा2 द्वारा  महाशिवरात्रि पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया ।  मारवाड़ी सोशल ग्रुप की महिला मंडल अध्यक्ष बहन सन्ध्या तायल, इंजीनियर परेश पालिवालजी, एडवोकेट संजय मोरे,ब्रह्माकुमारीज की सेंधवा  प्रभारी बीके छाया दीदी तथा शहर के गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन किया गया।शिव का सत्य परिचय लिये कुमारी एंजल ने स्वागत डांस किया।ब्रह्माकुमारी  साधना दीदी ने शिवरात्रि काआध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि शिवरात्रि अर्थात परमात्मा कलयुग रूपी घोर अज्ञान अंधकार की रात में धरा पर आकर आत्म जागृति द्वारा अज्ञान अंधकार को नष्ट करते हैं। परमात्मा शिव निराकर ज्योति बिंदु स्वरूप है जो ब्रह्मा, विष्णु, शंकर के भी रचयिता है इसीलिए उन्हें त्रिमूर्ति कहां जाता है, शिव परमात्मा ज्योति बिंदु स्वरूप है  इसलिए हम ज्योतिर्लिंग की पूजा करते हैं। वह जन्म मरण रहित, निराकार और अशरीरी, देवों के भी देव महादेव है। शिवरात्रि पर क्रोध रूपी धतूरा, दोहरा व्यक्तित्व रूपी आंकड़े का फूल एवं अभिमान व व्यसन रूपी गांजा भांग भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाने से मनकामनेश्वर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं ना कि स्थूल  चीजो से।हमे भगवान के ऊपर अक धतूरे के स्थान पर अपने अंदर की बुराइयों को अर्पण कर अपने जीवन को निर्मल बनाना ही शिवरात्रि की सार्थकता है!परेश पालीवाल जी  ने शिवरात्रि की शुभकामना देते हुए कहां कि वर्तमान परिवेश में व्यक्ति सुख ,शांति ढूंढने के लिए बाहर ज्यादा भाग रहा है लेकिन मैंने अपने जीवन के अनुभव से देखा कि सच्चा सुख धन दौलत व भौतिकता में नहीं है आंतरिक जगत में भीतर जाने से ही सच्चा सुख शांति  की अनुभूति होगी।  मेने कोई भी परिस्थिति हो मुझे खुश रहना है, यह पाठ ब्रह्माकुमारी बहनों से सीखा है।  ऐसे आयोजनों से नई जागृति आती है ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा समाज को जरूर बनना चाहिए।  अन्य आए हुए सभी मंचासीन  अतिथियों द्वारा भी महाशिवरात्रि महापर्व की शुभकामनाएं दी गई एवं संस्था द्वारा बताये ईश्वरीय ज्ञान व राजयोग के कार्यक्रम की प्रशंसा की।छाया दीदी ने सभी कक खुशखबरी सुनाते हुए कहा कि अब कुछ ही वर्षो में इस पृथ्वी पर देवी दुनिया आएगी, जहाँ सुख शांति आनन्द प्रेम होगा। ऐसा संसार की स्थापना परमात्मा आकर करते हैं। छाया दीदी ने बताया कि शिव के साथ रात्रि शब्द लगाया जाता है, इसका अर्थ है चारो ओर दुख अशांति रूपी अंधियारा छाया हुआ है, ऐसे समय शिवजी इस धरा पर अवतरण लेते हैं। क्योंकि रात्रि के बाद दिन आता है रात्रि सदाकाल नही रहती ऐसी प्रकार दुख अशांति वाली दुनिया का भी अंत अवश्य होना है।ब्रह्माकुमारी रेखा बहन ने संस्था का परिचय देते हुए कहा कि यहाँ बिना किसी भेदभव के कोई भी आकर यहाँ की शिक्षा का निःशुल्क लाभ ले सकता है। कहा कि यह संस्था एक हॉस्पिटल भी है, जहाँ मन की बीमारियों का इलाज होता है। हरीश भाई, संध्या बहन तायल, एडवोकेट संजय मोरे जी ने भी विचार रखें।अंत में शिव ध्वजारोहण कर छाया दीदी ने सभी को आंतरिक मतभेद बुराइयां और व्यसन को मिटाकर स्नेह, प्रेम से रहने की प्रतिज्ञा कराई। सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया गया।अंत में सभी को प्रसाद वितरण किया और सभी ने यहाँ के शिव दर्शन आधात्मिक दर्शनलय का अवलोकन किया।

गूगल ला रहा खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर , फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली गूगल अपना खुद का स्पैम फाइटिंग शील्ड फीचर ला रहा है। यह फीचर गूगल के सभी प्रोडक्ट में रोलआउट किया जा सकता है। इस फीचर की मदद से स्पैम को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल स्पैम रोकने को लेकर लंबे वक्त से गूगल पर दबाव बना हुआ था। ऐसे में गूगल फ्रॉड रोकने का नया सिस्टम विकसित कर रहा है। Android Authority ने गूगल के नए फीचर को स्पॉट किया है। रिपोर्ट के मुताबिक गूगल शील्ड ईमेल कंपनी के ऑटो सिस्टम का पार्ट होगा। यह फीचर उन ऐप्स या स्क्रीन पर शील्ड की तरह काम करेगा, जहां आपके सेव पासवर्ड और यूजरनेम पर ऑटोफिल डिटेल पॉप अप होती है। उदाहरण के लिए जब आप कोई ओटीपी मंगवाते हैं, तो ओटीपी डालने के लिए ऑटोमेटिक सजेशन आता है। हालांकि अब उसकी जगह पर Use Shieled Email का ऑप्शन चुन सकते हैं। लाइव नहीं हुआ है फीचर हालांकि मौजूदा वक्त में नया Use Shielded Email ऑप्शन काम नहीं कर रहा है, लेकिन उस पर टैप करने से कुछ नहीं होता है, क्योंकि यह फीचर अभी लाइव नहीं है, लेकिन इस नए ऑप्शन पर काम बढ़िया तरीके से चल रहा है। जब यह फीचर लाइव हो जाएगा, तो ऐप या वेबसाइट के लिए Apple Hide My Email की तरह एक नया सिंगल-यूज या लिमिटेड-यूज ईमेल एड्रेस जेनरेट करने का ऑफर मिलेगा। डेटा ब्रीच से बचाएगा नया फीचर उस नए एड्रेस पर आपको मिलने वाला कोई भी ईमेल आपके मेन एड्रेस पर ऑटो-फॉरवर्ड हो जाएगा, जो प्राइवेट रहेगा, और आप किसी भी खराब स्पैम से बचने के लिए किसी भी पॉइंट पर फॉरवर्डिंग को रोक सकते हैं। गूगल के नए फीचर से ऐप्स आपको अलग-अलग सर्विसेज पर ट्रैक नहीं कर पाएंगे। यह फीचर आपको कुछ डेटा ब्रीच से बचाएगा, क्योंकि आप अपना प्राइमरी ईमेल नहीं दे रहे हैं। Gmail लाएगा नया क्यूआर कोड वेरिफिकेशन्स सिस्टम कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि जीमेल लॉगिन के लिए नया क्यूआर कोड फीचर दिया जा रहा है। यह एक टू-स्टेप QR वेरिफिकेशन प्रॉसेस होगा। दरअसल कंपनी नया 6 डिजिट SMS क्यूआर कोड स्कैनर फीचर ला रहा है। कंपनी की कहना है कि इस क्यूआर कोड वेरिफिकेशन फीचर की वजह से साइबर फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी। दरअसल जीमेल वेरिफिकेशन की मदद से फोन हैकिंग, सिम स्वैपिंग और फिशिंग जैसे मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। नया फीचर SMS कोड वेरिफिकेशन्स की कमियों को दूर करने में मददगार साबित होगा। क्या है Gmail सर्विस? Gmail एक ऑनलाइन ईमेल सर्विस है। यह गूगल ओन्ड मुफ्त सर्विस है, जिसकी मदद से ऑनलाइन ईमेल किये जाते हैं। साथ ही गूगल फोन को एक्टिवेट रखने के लिए जीमेल की जरूरत होती है। अगर जीमेल यूजर की बात करें, तो साल 2019 तक देशभर में करीब 1.5 अरब एक्टिव जीमेल यूजर थे। जीमेल सर्विस में गूगल की तरफ से नए-नए फीचर को रोलआउट किया जा रहा है। जीमेल में एआई सर्विस को रोलआउट किया जा रहा है।

योगी सरकार ने कहा- नदियों केकिनारे पर 5/5 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ प्राकृतिक खेती होगी, खेती को देंगे विस्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को और विस्तार देगी। सरकार ने तय किया है कि अब सिर्फ गंगा ही नहीं स्थानीय नदियों के दोनों किनारे पर 5/5 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ प्राकृतिक खेती होगी। इस बाबत 1886 क्लस्टर बनाए जाएंगे। सरकार इस पर 270.62 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि हाल में हुई राज्य स्तरीय कृषि समिति की बैठक में इस कार्ययोजना को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके पूर्व कैबिनेट में भी प्राकृतिक खेती और खेत तालाब योजना के लिए इसके पूर्व भी 1191.51 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी। सरकार ने बनाई ये योजना सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट में भी नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 124 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकार की योजना है कि प्रदेश में गंगा सहित सभी स्थानीय नदियों जिन जिलों से गुजरती है उनके दोनों किनारों पर एक दायरे में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जाए। ऐसी खेती जिसमें रासायनिक खादों और जहरीले कीटनाशकों की जगह उपज बढ़ाने और फसलों के सामयिक संरक्षण के लिए पूरी तरह जैविक उत्पादों का प्रयोग हो ताकि लीचिंग रिसाव के जरिए रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का जहर इन नदियों में घुलकर उनको प्रदूषित न कर सकें। 1000 से अधिक गांवों में हो रही है प्राकृतिक खेती उल्लेखनीय है कि गंगा के तटवर्ती 27 जनपदों में पहले से ही नमामि गंगे योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार गंगा के किनारे के 1000 से अधिक गांवों में प्राकृतिक खेती हो रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 54 जनपदों में परंपरागत कृषि विकास योजना संचालित की जा रही है। सरकार की मंशा निराश्रित गोवंश के नाते सबसे प्रभावित बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती के लिहाज से उत्तर प्रदेश का हब बनाना है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल से ही यह सिलसिला शुरू हो चुका है। जिन करीब 5000 क्लस्टर्स में 18000 से अधिक किसान लगभग 10 हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं उनमें नमामि गंगा योजना के तहत करीब 3300 क्लस्टर्स में 6 लगभग 6500 हैक्टेयर में प्राकृतिक खेती हो रही है। इस खेती से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख से अधिक है। 

राष्ट्रपति मुर्मू एवं उपराष्ट्रपति धनखड़ एवं मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएं

रायपुर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  सहित देश-प्रदेश के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, मंत्रियों और नागरिकों ने राज्यपाल को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि  डेका ने अपने प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण से प्रदेश की जनता के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने राज्यपाल की सेवा भावना की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राज्यपाल के रूप में आपके मार्गदर्शन से हम संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है” साथ ही मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या से राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना भी की।

बावड़िया कला सोसायटी के अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और गबन का आरोप, शिकायत दर्ज

भोपाल शहर के बावड़िया कला स्थित डीके देवस्थली वेलफेयर सोसायटी में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सोसायटी के रहवासियों द्वारा सोसायटी अध्यक्ष प्रियनाथ पाठक पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध शाखा) को शिकायत दी है। आरोप है कि पाठक ने फर्जी बिल, कैश वाउचर और अन्य माध्यमों से रहवासियों की जमा राशि का गबन किया है। शिकायत में कहा गया है कि सोसायटी के कर्मचारियों और वेंडर्स के जरिए यह वित्तीय अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता ने सभी सबूत शपथपत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सोसायटी में बिना आम सहमति के अनावश्यक कार्य किए जाते हैं, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ती हैं। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत बनी रही, लेकिन फंड होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं, कुछ लोगों द्वारा निजी पंप लगाने से फेज-2 में जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सोसायटी के रखरखाव में गिरावट आई है, और वृक्षारोपण न होने से हरियाली भी कम हुई है। शिकायत में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि गार्ड बुजुर्ग हैं और बिना किसी सत्यापन के घरेलू कामगार परिसर में घूमते रहते हैं। सोसायटी में होने वाले कार्यक्रमों का लेखा-जोखा भी पारदर्शी नहीं है, और कथित रूप से फर्जी बिलों के जरिए वित्तीय हेरफेर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सोसायटी में मार्ग अधिकार का उल्लंघन किया गया है, जिससे रहवासियों को परेशानी हो रही है। नियम विरुद्ध अध्यक्ष बने रहने का आरोप, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी शिकायतकर्ता ने दावा किया कि प्रियनाथ पाठक पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं, जबकि मध्य प्रदेश प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम 2000 के तहत यह पदावधि दो वर्ष से अधिक नहीं हो सकती। आरोप है कि उन्होंने इस अवधि के दौरान करीब 40 लाख रुपये का गबन किया और अब तक विस्तृत बैलेंस शीट भी प्रस्तुत नहीं की। शिकायत में फोरेंसिक ऑडिट और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस इस मामले में पाठक की गिरफ्तारी जल्द की जा सकती है। इस संबंध में कोलार एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि सोसायटी में अध्यक्ष के द्वारा भ्र्ष्टाचार की लिखित शिकायत मिली हैं। जांच की जा रही है, कार्रवाई करेंगे।

माकपा की जनमुद्दों को लेकर आम सभा कल, सुभाषिनी अली पूर्व सांसद होंगी मुख्य वक्ता

कैलारस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की दो दिवसीय राज्य समिति की विस्तारित मीटिंग कैलारस में बहादुर सिंह धाकड़ भवन में रखी गई है। इस मौके पर जन मुद्दों को लेकर पार्टी की विशाल आम सभा 2 मार्च रविवार को पुरानी सब्जी मंडी कैलारस में होगी। इस आम सभा की मुख्य वक्ता पूर्व सांसद माकपा की पॉलिट ब्यूरो की सदस्या सुभाषिनी अली, राज्य सचिव जसविंदर सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव बादल सरोज, किसान सभा के प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी होंगें। उनके अलावा कई वरिष्ठ राज्य स्तरीय नेतागण इस आम सभा को संबोधित करेंगे। इस आम सभा में शक्कर कारखाना चालू कराने ,किसान कर्मचारियों का भुगतान कराने ,अटल प्रोग्रेस वे सड़क परियोजना रद्द करने, नगर में 2012 में तोड़ी गई 209 दुकानदारों को निशुल्क दुकान तत्काल बना कर देने , आवारा पशुओं का प्रबंध कराने,नैपरी बृजगढी मार्ग पर पक्का नाला, हाथ ठेला गुमटी व्यवसायियों को एक होकर्स जोन बनाने, कर्ज मुक्ति, किसान पेंशन , आवास योजना के अंतर्गत आवास के पट्टे ,आवास ,शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार की व्यवस्था कराने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने सहित राजनीतिक मुद्दे भी उठाई जाएंगे। इन मुद्दों पर माकपा और किसान सभा लगातार सड़कों पर संघर्ष के मैदान में हैं। आगे भी इन्हें तेज करने के बारे में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बिनिश्चय किया है। इसके अलावा दो और तीन मार्च को माकपा राज्य समिति की विस्तारित मीटिंग भी कैलारस में ही होगी। जिसमें प्रदेश की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करते हुए जन मुद्दों पर संघर्ष तेज करने, संगठन को मजबूत बनाने आदि विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस मीटिंग को सफल बनाने के लिए पार्टी की ओर से अभियान चलाया गया है और जनता ने भी दिल खोलकर सहयोग दिया है।

निया शर्मा ने दिखाई मॉम के बर्थडे सेलिब्रेशन की झलक, शेयर की तस्वीरें

हाल ही निया शर्मा की मॉम का बर्थडे था, और एक्ट्रेस ने उन्हें बेहद स्पेशल सरप्राइज देकर उनके दिन को खास बना दिया। निया शर्मा ने मॉम के बर्थडे के जश्न की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जो वायरल हो रही हैं। मां-बेटी इस खास मौके के लिए काफी स्टाइलिश तरीके से तैयार हुईं। निया शर्मा ने तस्वीरों में दिखाया है कि उन्होंने कैसे अपनी प्यारी मॉम का बर्थडे सेलिब्रेट किया। निया शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें निया की मॉम केक काटती और ट्रीट इंजॉय करती नजर आ रही हैं। निया ने यह भी दिखाया है कि उन्होंने मॉम के बर्थडे पर कितनी शानदार ट्रीट ऑर्गनाइज की और क्या कुछ था। निया ने सारा इंतजाम भाई विनय शर्मा के साथ मिलकर कियाय़ तस्वीरें शेयर कर निया ने लिखा, ‘मॉम के बर्थडे पर ब्रंच का रिचुअल जो हम फॉलो करते हैं। उसी के लिए तैयार हुए। विनय शर्मा ये केक उनका (मॉम ऊषा शर्मा) का का फेवरेट है।’ निया की मॉम पर फिदा फैंस, बोले- मां कम निया की बहन ज्यादा बर्थडे के लिए न सिर्फ निया बल्कि उनकी मॉम बेहद ग्लैमरस अंदाज में तैयार हुईं। निया पर तो उनकी मॉम ही भारी पड़ गईं। उन्होंने जो ड्रेस पहनी थी, उसमें वह काफी स्टनिंग लग रही थीं। तस्वीरें देख फैंस भी फिदा हो गए हैं। उनका भी कहना है कि मॉम के आगे तो निया भी फीकी पड़ गईं। एक फैन ने तस्वीरों पर कमेंट किया है, ‘ये तो मम्मी जैसी लगती ही नहीं।’ एक और कमेंट है, ‘ये तो चलती-फिरती कोकेन है।’ एक और कमेंट है, ‘तुम्हारी मम्मा कितनी सुंदर हैं।’ एक और फैन ने लिखा, ‘ओएमजी, तुम्हारी मॉम तो हॉटी हैं। मां से ज्यादा तो बहन लग रही हैं। निया शर्मा और उनकी मां का बॉन्ड मालूम हो कि निया शर्मा और उनकी मां ऊषा एक-दूसरे के काफी करीब हैं। दोनों मां-बेटी ही नहीं, बल्कि पक्की दोस्त भी हैं, जो हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़ी रहती हैं। साथ पार्टी करती हैं और इंजॉय करती हैं।

छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय बोला – लगातार विकास कर रहा छत्तीसगढ़

रायपुर  छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है. प्रदेश में उद्योग को बढ़ाने वातावरण उचित है. नई उद्योग नीति जारी किए हैं. बड़ी मेहनत के साथ उद्योग नीति को तैयार किए हैं, जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में निवेश करने वाले 14 उद्योगपतियों को प्रमाण पत्र दिया. EDII ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बांटे और MSME उद्योगपति को सहायता राशि भी दी गई है. इसके अलावा नए उद्योग लगाने वाले निवेशकों को इनविटेशन लेटर भी दिया गया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प रखा है. उद्योगों को बढ़ावा देने हमने योजनाएं तैयार की हैं. MSMS सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. हम इस योजना में काम करने जा रहे हैं. हम छोटा पौधा लगाते हैं, आगे चलकर यह विशाल वृक्ष बनता है, जिसे बढ़ाने हम दृढ़ संकल्पित हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में इंडस्ट्रियल पार्क भी बना रहे हैं. नई दिल्ली और मुंबई में इन्वेस्टर समिट कर चुके हैं. हमें 1 लाख करोड़ के प्रस्ताव भी मिले हैं. ज्यादा से ज्यादा काम मिले, इसके लिए हम काम कर रहे हैं. कार्यक्रम में मौजूद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उद्योग को पूरी तरह से बैठा दिया था. प्रदेश के विकास में एक बड़ा गड्ढा हो गया था. आज भाजपा सरकार उसी को भरने की कोशिश कर रही है. हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति बनाई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे. पहले से चल रहे उद्योगों को लाभ मिल सके. मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योगों का साथ चाहिए. रैंप योजना का शुभारंभ किया गया है. भारत सरकार की योजना की छत्तीसगढ़ में भी शुरुआत की गई है.

कटनी से अपने जीजा को लमतरा में छोड़कर बाइक से घर लौट रहे युवकों की कार की टक्कर से मौत

कटनी कटनी जिले के बरियारपुर गांव से अपने जीजा को लमतरा में छोड़कर बाइक से घर लौट रहे युवक और उसके दोस्त को कार ने टक्कर मार दी। दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कटनी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बरियारपुर रीठी निवासी संतोष यादव पिता रामलाल यादव 35 साल, अपने गांव के ही दोस्त रोहित आदिवासी पिता बलुआ आदिवासी 45 वर्ष के साथ शुक्रवार की शाम को अपने जीजा को छोड़ने लमतरा गांव गया था। केलवारा गांव के पास हुआ हादसा जीजा को रात में लमतरा में छोड़ने के बाद दोनों मोटर साइकिल से वापस अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही दोनों कुठला थाना क्षेत्र के केलवारा गांव के पास पहुंचे उनकी मोटर साइकिल को एक कार ने टक्कर मार दी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत दुर्घटना में दोनों युवकों को गंभीर चोट आई। इसके बाद आस-पास के लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौराना दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने युवकों के स्वजनों को सूचना दी और शनिवार को दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें उसे स्वजनों को सौंप दिया। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।

जिन लोगों ने महाकुंभ पर सवाल उठाए थे, उमड़े जनसैलाब ने उनके मुंह पर मारा तमाचा: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में महाकुंभ को लेकर उठाए गए सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने महाकुंभ पर सवाल उठाए थे, उनके मुंह पर वहां उमड़े लाखों भक्तों का जनसैलाब एक तरह से करारा तमाचा साबित हुआ है। अखिलेश पर साधा निशाना महाकुंभ से हुई आय को भगदड़ में मृत हुए परिवारों को देने की सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मांग पर केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया कि अखिलेश यादव हमारे सलाहकार नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपने काम को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कर रही है, और किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है। ‘सपा दंगाइयों, माफियाओं, गुंडों की पार्टी’ जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी के सांसदों पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो केशव प्रसाद मौर्य ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दंगाइयों, माफियाओं और गुंडों की पार्टी बन चुकी है। उनका कहना था कि अगर इन लोगों को पार्टी से निकाल दिया जाए, तो समाजवादी पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।

परीक्षा देने जा रही 10वीं की छात्रा रोड़ एक्सीडेंट घायल, घायल अवस्था में दी परीक्षा

मुरैना कैलारस हाई स्कुल की बोर्ड परीक्षा का गुरुवार से प्रारंभ हुई है। परीक्षा देने जा रही 10 वीं की छात्रा सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसे का शिकार हुई छात्रा को परिजनों की सहायता से कैलारस अस्पताल पर उपचार दिया गया। जिसके बाद छात्रा ने अपने परिजनों से जिद कर परीक्षा देने पहुंची जहाँ घायल छात्रा ने अपना हिंदी बिषय का प्रश्नपत्र दिया है। घायल अवस्था में छात्रा ने वोर्ड परीक्षा दी, इससे सभी लोग छात्रा के साहस की तारीफ कर रहे है। मध्यप्रदेश में आज से हाई स्कुल बोर्ड परीक्षा प्रारंभ हुई है। आज गुरुवार को सुबह करीब 8 बजे एचोली गांव से खुशबु पुत्र राजेश धाकड़ उम्र 15 वर्ष परीक्षा देने कैलारस आ रही थी। इसी दौरान नैपरी पुल के पास अज्ञात बस की टक्कर से दुर्घटना हो गई। सड़क दुर्घटना में छात्रा को काफ़ी चोटे आई। स्थानीय लोगो की सहायता से छात्रा ओर उसके परिजन को कैलारस अस्पताल लाया गया। जहाँ घायल को कैलारस बीएमओ डॉ एस आर मिश्रा ने उपचार दिया। इलाज के बाद घायला छात्रा खुशबू धाकड़ को पुलिस के द्वारा परीक्षा केंद्र आश. आचार्य नरेंद्र देव डीएलएड कॉलेज कैलारस ले जाया गया। परीक्षा केंद्र पर परीक्षा केंद्र प्रभारी संजय शर्मा ने कहा आप आगे परीक्षा दे लेना लेनिक छात्रा ने कहा सर मेरी एक साल खराब हो जाएगी। छात्रा के साहस को देखते हुए परीक्षा केंद्र प्रभारी ने घायला छात्रा के लिए अलग से व्यवस्था की ओर छात्रा ने अपनी परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र के साथ साथ जिसने भी इस घटना के बारे में सुना तो सभी ने छात्रा खुशबु की सराहना की है। कैलारस थाना पुलिस के द्वारा दुर्घटना में घायल छात्रा खुशबु धाकड़ को लाया गया। छात्रा के साहस ओर उसकी हालत को देखते हुए, महिला शिक्षक को ड्यूटी पर लगाया गया साथ ही उसका बेहतर तरिके से ख्याल रखा गया। छात्रा ने अपना पेपर सकुशल दिया ओर अपने परिजनों के साथ घर बापस गई। यह उन सभी छात्र छात्राओं के लिए मिशाल है जो परीक्षा से कतराते है ओर बहाने बनाते है। संजय शर्मा, परीक्षा केंद्र प्रभारी, आश. आचार्य नरेंद्र देव डीएलएड कॉलेज कैलारस

कनाडा में वर्क वीजा प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलेगी, 2025 में सबसे ज्यादा डिमांड वाली जॉब की आई लिस्ट

कनाडा अगर आप 2025 में कनाडा में नौकरी करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। कनाडा ने 2025 के लिए ‘स्किल इमिग्रेशन’ योजना के तहत नौकरी की प्राथमिकताएँ बदल दी हैं। इस नई लिस्ट के अनुसार, जिन नौकरी प्रोफेशनल्स को इसमें शामिल किया गया है, उन्हें कनाडा में वर्क वीजा प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलेगी। सबसे ज्यादा जरूरत टीचर्स की है, साथ ही कुक और हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों को भी प्राथमिकता दी गई है। कनाडा में नौकरी की नई प्राथमिकताएँ कनाडा में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले पेशेवरों के लिए इस लिस्ट में कई बदलाव किए गए हैं। इसमें टीचर्स के असिस्टेंट्स, अर्ली चाइल्डहुड एजुकेटर्स (KG जैसे स्कूल में पढ़ाने वाले) और कुक जैसी जॉब्स को अब प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी नौकरियों को इस लिस्ट से हटा दिया गया है, जबकि STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) से संबंधित नौकरियों को भी बाहर कर दिया गया है। कनाडा का इमिग्रेशन डिपार्टमेंट इस समय ‘कैटेगरी-बेस्ड सेलेक्शन’ सिस्टम का पालन कर रहा है, जिसका उद्देश्य कनाडा की लेबर मार्केट की जरूरतों के अनुसार स्किल्ड वर्कर्स को प्राथमिकता देना है। कनाडा में कौन-कौन सी नौकरियों की जरूरत है? ‘स्किल इमिग्रेशन’ के तहत प्राथमिकता वाले सेक्टर्स में अब एजुकेशन सेक्टर को भी जोड़ा गया है। इसमें किंडरगार्टन, प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूल के टीचर्स और उनके असिस्टेंट्स, बच्चों की देखभाल करने वाले पेशेवर, और विकलांग व्यक्तियों के लिए इंस्ट्रक्टर्स शामिल हैं। हेल्थकेयर क्षेत्र में अब सामाजिक सेवाओं से जुड़े पेशेवर और तकनीशियन नौकरियां भी शामिल की गई हैं। इंश्योरेंस एजेंट्स और ब्रोकर्स को भी लिस्ट में जोड़ा गया है। इसके अलावा, कुक की भी अब उच्च प्राथमिकता वाली जॉब्स में शामिल है। कौन सी नौकरियाँ अब प्राथमिकता लिस्ट से बाहर हो गई हैं? इस बार STEM कैटेगरी से कई नौकरियाँ हटा दी गई हैं, जैसे आर्किटेक्ट्स, कंप्यूटर और इंफोर्मेशन सिस्टम मैनेजर्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेवलपर्स, और डेटा साइंटिस्ट। साथ ही, ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी नौकरियाँ, जैसे ट्रक ड्राइवर, भारी उपकरण ऑपरेटर और एयरलाइन पायलट, को भी अब स्किल इमिग्रेशन सिस्टम से बाहर कर दिया गया है। कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर मार्क मिलर ने कहा कि कनाडा का सेलेक्शन सिस्टम अब देश की बदलती जरूरतों के अनुरूप होगा। अगर आप टीचर, कुक या हेल्थकेयर से जुड़ी जॉब्स में रुचि रखते हैं, तो कनाडा में आपकी मांग अब अधिक है, और आपको वर्क वीजा मिलने में आसानी हो सकती है।

दो हफ्ते फर्श पर सोने से शरीर में दिखेंगे बदलाव

हमारी नींद काफी हद तक हमारी सेहत को प्रभावित करती है। हम कब और कितना सोते हैं, इसके साथ-साथ हम कैसे सोते हैं, यह भी काफी मायने रखता है। इन दिनों लोग अपने कम्फर्ट के हिसाब से सोने के लिए अलग-अलग मैट्रेस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है कि अगर आप बिना गद्दे जमीन पर सोएंगे तो क्या होगा। आइए आज इस आर्टिकल में इसी सवाल का जवाब ढूढंते हैं। फर्श पर सोना सदियों से विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का हिस्सा रहा है। अक्सर यह माना जाता है कि जमीन पर सोने से पोश्चर, स्पाइनल अलाइनमेंट और पूरी हेल्थ को फायदा मिलता है। हालांकि, कई मौजूद समय में इस्तेमाल होने वाले गद्दे ज्यादा आराम पहुंचाते हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोगों का मानना है कि फर्श पर सोने से शरीर को ज्यादा प्राकृतिक स्थिति में आराम करने को मिलता है। शारीरिक परिवर्तन ऐसे में अगर आप सिर्फ दो हफ्तों तक जमीन यानी फर्श पर सोते हैं, तो इससे रीढ़ की हड्डी के अलाइनमेंट महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। इतना ही नहीं कुछ लोगों के लिए, खासकर नरम गद्दे के कारण पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिए, फर्श पर सोना फायदेमंद हो सकता है। एक कठोर सतह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखती है। इसके कुछ अन्य फायदे निम्न हैं-     जमीन पर सोने से पीठ दर्द से राहत मिलती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के मुताबिक पीठ दर्द से पीड़ित लोगों को सख्त सतह पर सोने से फायदा मिल सकता है।     नर्म गद्दे पर सोने से पीठ दर्द के अलावा कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें कम लचीलापन, रीढ़ की हड्डी का डिस्प्लेस होने और चोट का खतरा शामिल हैं। ऐसे में फर्श पर सोने से अपनी रीढ़ को सीधा रखना आसान हो सकता है।     खराब गद्दे पर सोने की वजह से अक्सर नींद प्रभावित होती है, जिससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है। अगर आप गद्दा भी आपको परेशान कर रहा है, तो फर्श पर सोने से आपको अच्छी नींद आएगी।     फर्श पर सोने से आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और शरीर के सभी अंगों तक ब्लड फ्लो बेहतर होता है। नीचे सोने के कुछ नुकसान भी यूं तो नीचे सोने से फायदे होते हैं, लेकिन इसकी वजह से कई समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए इनका ध्यान रखना जरूरी है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन (2011) के एक अध्ययन से पता चला है कि सही गद्दे पर सोने से लंबे समय तक निर्बाध नींद मिलती है। ऐसे में कठोर सतहों पर सोने वालों को असुविधा के कारण कम नींद का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा कठोर सतहों पर सोने से जोड़ों की परेशानी बढ़ सकती है, विशेष रूप से कूल्हों और कंधों में। साथ ही बुजुर्गों या ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को भी कठोर सतहों पर सोते समय हड्डियों पर दबाव या जोड़ों में अकड़न का अनुभव हो सकता है। नीचे सोते समय इन बातों का रखें ध्यान इसलिए जमीन पर सोते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। फर्श पर सोने का मतलब यह नहीं कि आप सीधा जमीन पर ही सो जाए। फर्श पर सोने के लिए आप किसी चटाई या दरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही नीचे सोते समय बहुत ऊंचा तकिया न लगाएं। आप एक पतले तकिए का इस्तेमाल करें, ताकि सिर ज्यादा ऊपर न हो और इससे होने वाले दर्द से बचा जा सके। इसके अलावा आप नीचे कैसे होते, यह भी काफी मायने लगता है। इसलिए सोने के लिए सही पोजीशन का चुनाव करें। आप करवट लेकर, पेट के बल या पीठ के बल किसी भी तरह से सो सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि आपको किस पोजीशन में आराम मिल रहा है। साथ इसका भी ध्यान रखें कि आप बहुत ज्यादा दर्द में नहीं सोएं।

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