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महापौर के बेटे ने सड़क पर काटा केक, मेयर मीनल ने मांगी माफी, उपाध्याय बोले- राजा हो या रंक नियम सबके लिए बराबर

रायपुर सड़क में केक काटने को लेकर प्रशासन इन दिनों सख्त रुख अपना रही है. हाल ही में सड़क पर केक काटने पर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई की गई थी. वहीं अब महापौर मीनल चौबे के बेटे मेहुल का सड़क पर केक काटते हुए वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसे लेकर सवाल भी खड़े हुए. अब बेटे की गलती को लेकर महापौर मीनल चौबे ने माफी मांगा है. वहीं इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग की है. महापौर मीनल चौबे ने इस मामले कहा कि मैंने वीडियो देखा, जो मेरे घर के सामने का ही है. मेरे बेटे का बर्थडे था, उसने सड़क पर केक काटा है. मैंने आज सुबह ही खबर पढ़ी कि हाईकोर्ट ने सड़कों पर केक काटने से मना किया है. इसलिये जो भी हुआ वो गलत हुआ है. बेटे को भी समझाइश दी गई है कि अब से रोड पर केक नहीं काटना है. महापौर मीनल चौबे ने आगे कहा कि शासन-प्रशासन का मैं पूरा सम्मान करती हूं. अगर मेरे या मेरे परिवारजनों की वजह से किसी को कोई परेशानी हुई होगी, तो उसके लिए मैं क्षमा मांगती हूं. सभी के बच्चों को यह समझना चाहिए कि उन्हें घर के अंदर ही केक काटना चाहिए, सड़क पर नहीं. इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार की घटना फिर नहीं होगी. पूर्व कांग्रेस विधायक ने की कार्रवाई की मांग पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि पुलिस और प्रशासन इस तरह के कृत्य पर कार्रवाई करती रही है. पिछले दिनों यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष का जन्मदिन मनाते हुए उपाध्यक्ष समेत 10 यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता जेल गए थे. निश्चित तौर पर उनका कृत्य भी गलत था. राजा हो या रंक नियम सबके लिए बराबर होते हैं.

माइंस के दस करोड़ रूपये से अधिक के बकाया न्यायिक प्रकरणों का गुणावगुण के आधार पर परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय समिति : टी. रविकान्त

जयपुर, न्यायिक प्रकरणों के कारण माइंस विभाग की बकाया राशि की वसूली को लेकर राज्य सरकार गंभीर होने के साथ ही प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण को लेकर कवायद तेज कर दी है। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने कहा है कि माइंस विभाग से संबंधित 10 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया राशि के न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में राजकीय पक्ष को प्रभावी तरीके से रखने के लिए कवायद तेज कर दी है। उन्होंने बताया कि 10 करोड़ से अधिक के न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के गुणावगुण के आधार पर अध्ययन कर समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त निदेशक माइंस मुख्यालय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी में वित्तीय सलाहकार माइंस विभाग, संयुक्त विधि परामर्शी उदयपुर व जयपुर के साथ ही जयपुर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर के अतिरिक्त निदेशक माइंस को सदस्य बनाया गया है। एक मोटे अनुमान के अनुसार 10 करोड़ रूपये और इससे अधिक के 50 से अधिक विचाराधीन प्रकरणों में राज्य सरकार की हजारों करोड़ रुपए बकाया चल रहे हैं। श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा राजकीय बकाया राशि को लेकर गंभीर होने के साथ ही समय समय पर बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने और न्यायिक प्रकरणों में विभागीय पक्ष को कारगर तरीके से रखने के निर्देश देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह समिति 10 करोड़ व इससे अधिक बकाया राशि के सभी प्रकरणों की गुणावगुण के आधार पर परीक्षण करेगी और उन प्रकरणों में न्यायालयों में प्रभावी पेरवी के लिए आवश्यक सुझाव देते हुए अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित करेगी। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों व प्रकरणों में ओआईसी अधिकारियों को भी स्टे प्रकरणों में स्टे हटवाने और अन्य प्रकरणों में राज्य सरकार का पक्ष प्रभावी तरीके से रखते हुए निर्णित कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को निर्णित करवा कर राज्य सरकार की बकाया रेवेन्यू की वसूली की जा सके। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में समय पर जबाव दावा पेश किया जाए और पेशी के समय उपस्थित होकर सरकारी पक्ष को रखते हुए निर्णित करवाये जाये।

सरकार ने मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाताओं के खातों में जमा करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाताओं के खातों में जमा करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब अशंदायी पेंशन योजना (NPS) में मिसिंग क्रेडिट की राशि अभिदाता के खातों में जमा किये जायेगें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया है कि अभिदाताओं के खातों में मिसिंग क्रेडिट की राशि जमा करने के लिये 15 मार्च 2025 तक विशेष अभियान चलेगा। इस संबंध में विभागीय स्तर पर निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। राज्य शासन के अधीन सिविल सेवा के पदों पर एक जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त होने वाले शासकीय सेवकों पर अंशदायी पेंशन योजना (एनपीएस) लागू है। इसमें शासकीय सेवकों के वेतन से कर्मचारी अंशदान एवं शासकीय अंशदान संबंधित के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नम्बर (प्रान) में जमा किया जाता है। ऐसे शासकीय कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं और उनके अंशदान उनके प्रान में जमा नहीं हुए है, ऐसे प्रकरणों में मिसिंग क्रेडिट (गुमसुदा कटौत्री) की समस्या होती है। गुमशुदा कटौत्री की समस्या के समाधान के लिए संचालनालय कोष एवं लेखा ‌द्वारा आईएफएमआईएस में सुविधा विकसित की गयी है। ऐसे शासकीय सेवक, जो प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ है, उनके अंशदान के चालानों का विवरण कोषालय अधिकारी द्वारा आईएफएमआईएस में भरा जायेगा एवं रिफण्ड देयक तैयार कर अंशदान जमा करने की कार्यवाही की जाएगी। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी वल्लभ भवन राजीव सिंह पवैया ने बताया कि वल्लभ कोषालय द्वारा जो भी प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवक जिनके ‌द्वारा चालान भारतीय स्टेट बैंक की टी.टी.नगर, जहांगीराबाद,एम.पी.नगर, पंचानन, एवं बरखेड़ी की शाखाओं में जमा किये जायेगे उनका चालान का सत्यापन बल्लभ भवन कोषालय सतपुड़ा भवन द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवक जिनके ‌द्वारा चालान स्टेट बैंक शाखा विन्ध्याचल, शिवाजी नगर, एच.ई.टी. एस.एम.ई. गोविन्दपुरा, महावीर नगर, हबीबगंज शाखा में जमा किए गये है, वह शासकीय सेवक विन्ध्याचल कोषालय, विन्ध्याचल भवन में उपस्थित होकर चालान का सत्यापन करा सकते हैं।  

दरा घाटी जाम की समस्या के समाधान के लिए भजनलाल सरकार ने स्वीकृत किए 46 करोड़ रुपये

राजस्थान राजस्थान के झालावाड़-कोटा मार्ग पर दरा घाटी में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से हजारों लोग प्रभावित होते हैं। कई बार इस जाम में फंसने से लोगों की जान तक जा चुकी है। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए 46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। झालावाड़ जिले की खानपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि रोजाना 50,000 से अधिक लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, जिनमें से हजारों लोग 3-4 घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। इस पर राज्य सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने जवाब दिया और कहा कि दरा घाटी में यातायात समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना विधायक सुरेश गुर्जर ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ट्रैफिक जाम से राहत नहीं दिला पा रही। उन्होंने कहा कि यह सड़क लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी है, फिर भी समाधान में देरी हो रही है। मंत्री मदन दिलावर का जवाब मदन दिलावर ने कहा कि “बेहतर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। नेशनल हाईवे 52 के दरा नाल क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसके स्थायी समाधान के लिए 46 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। जल्द ही इस क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे जनता को राहत मिलेगी।

इन 4 आदतों की वजह से हमेशा पीछे रह जाते हैं लोग, जीवन में कभी नहीं मिलती सफलता

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – “अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।” जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।

गर्माहट के बीच जेलेंस्की ने ट्रंप को कहा शुक्रिया, पर माफी मांगने से किया इनकार; खाली हाथ लौटना पड़ा

वाशिंगटन अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच व्‍हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. इसके बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि लगभग 3 साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध का क्‍या होगा? क्‍या यूक्रेन, बिना अमेरिका की मदद के रूस के सामने टिका रह सकता है? यूक्रेन को अभी यूरोपीय देशों का साथ मिल रहा है, क्‍या इनके दम पर वोलोदिमीर जेलेंस्की युद्ध में खड़े रह पाएंगे? रूस आखिर क्‍यों यूक्रेन के साथ अब समझौते को तैयार हो गए हैं? इन सभी सवालों के जवाब हमें आने वाले समय में मिल जाएंगे, लेकिन ट्रंप और जेलेंस्की के बीच इतनी दूरियां क्‍यों आती जा रही है… आखिर, क्‍यों सत्‍ता बदलते ही अमेरिका का नजरिया रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बदल गया है? आइए जानते हैं… क्‍या यहीं तक था यूक्रेन और अमेरिका का साथ? अभी तक सिर्फ ऐसी अटकलें लग रही थीं कि ट्रंप और जेलेंस्की में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन अब ये जगजाहिर हो गया है. ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान हुई गरमागरम बहस के बाद अमेरिका-यूक्रेन के बीच का मनमुटाव साफ हो गया है. पिछले दिनों ट्रंप द्वारा जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ कहे जाने के बाद हुई इस बैठक में दोनों के बीच तनाव इस कदर बढ़ा कि जेलेंस्की बैठक के लिए तय समय से पहले ही यूएस-यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण खनिज सौदे पर हस्ताक्षर किए बिना व्हाइट हाउस से चले गए. ट्रंप के साथ तीखी बहस के बाद जेलेंस्‍की ने कहा कि उनका मानना ​​है अमेरिका के साथ यूक्रेन के रिश्‍तों को बचाया जा सकता है. ‘उसी हाथ को काट रहे…’ रूस की सिक्योरिटी काउंसिल के उपाध्यक्ष मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, “ओवल ऑफिस में क्रूर तरीके से पिटाई की गई.” रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि यह चमत्कार था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर हमला करने से खुद को रोक लिया, जिसे दुनिया भर के समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया. उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खिलाया था. रूस ने लंबे वक्त से ज़ेलेंस्की को एक अस्थिर और आत्म-मुग्ध अमेरिकी कठपुतली के रूप में चित्रित किया है. ज़ेलेंस्की ने उस कैरेक्टर को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के सहयोगियों की मदद से रूस से अपने देश की रक्षा करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं, जो वह कर सकते हैं. ‘चुनाव के बिना तानाशाह…’ मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच तेजी से हो रहे मेल-मिलाप से यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी चिंतित हो गए हैं, जिन्हें डर है कि ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन एक ऐसा सौदा कर सकते हैं, जो उन्हें दरकिनार कर देगा और उनकी सुरक्षा को कमजोर कर देगा. पुतिन ने बार-बार कहा है कि ज़ेलेंस्की वैध नेता नहीं हैं क्योंकि उनका पांच साल का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था. यूक्रेन चुनाव कराने में असमर्थ रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से यह मार्शल लॉ के अधीन है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते पुतिन के बयान को दोहराते हुए ज़ेलेंस्की को ‘चुनाव के बिना तानाशाह’ बताया. व्हाइट हाउस में ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच टकराव ने यूक्रेनी नेता को तीन साल के युद्ध में पहले से कहीं ज़्यादा उजागर कर दिया है, जिसके दौरान उनका देश ट्रंप के पूर्ववर्ती जो बाइडेन द्वारा आपूर्ति की गई सहायता और हथियारों पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. क्रेमलिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव ने कहा कि ओवल ऑफिस में टकराव से ज़ेलेंस्की के सियासी सफर के आखिरी में तेजी आने की संभावना है. कुछ रूसी अधिकारी कुछ समय से यह देखना चाहते थे, क्योंकि उनका मानना ​​था कि किसी और के साथ शांति समझौता करना आसान होगा. रूस के संसद के ऊपरी सदन के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाच्योव ने कहा कि गहमागहमी के बाद ज़ेलेंस्की को पहचाना जा चुका है, उनका असली रंग उजागर हो चुका है.

राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला 3 मार्च को

राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला 3 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। सोमवार 3 मार्च 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बच्चों के शिक्षा के अधिकार, पॉक्सो एवं किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित इस कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। कार्यशाला में सभी जिलों के महिला बाल विकास, शिक्षा, जनजातीय कल्याण एवं गृह विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहेंगे।  

22 साल बाद खत्म हुआ Skype का शानदार सफर, माइक्रोसॉफ्ट ने बताया क्यों लिया गया ये फैसला?

मुंबई माइक्रोसॉफ्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Skype को बंद करने का फैसला लिया है। आने वाले कुछ दिनों में यह पॉपुलर वीडियो कॉलिंग ऐप लोगों के डिवाइस से गायब हो जाएगा। इसलिए अगर आप वीडियो कॉलिंग के लिए अगर Skype का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आपको जल्द ही किसी दूसरे प्लेटफॉर्म स्विच करना होगा। माइक्रोसॉफ्ट ने स्काइप को बंद करने के साथ ही यूजर्स को वीडियो कॉलिंग और दूसरे काम के लिए एक विकल्प भी बताया है। माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से घोषणा की गई है कि वह आने वाली 5 मई से Skype को बंद करने जा रहा है। कंपनी ने बताया कि अब वह Microsoft Teams पर फोकस कर रही है और इसे पहले से ज्यादा पॉवरफुल बनाया जा रहा है। इसलिए कंपनी ने स्काइप यूजर्स को Microsoft Teams के रूप में एक विकल्प भी दिया है। Skype यूजर्स को मिला विकल्प बता दें कि अगर आप स्काइप से Microsoft Teams में स्विच करते हैं तो आपके अपने डेटा को शिफ्ट करने का भी ऑप्शन होगा। कंपनी की तरफ से जब से Microsoft Teams को लॉन्च किया गया है वह स्काइप यूजर्स को इसमें शिफ्ट होने की रिक्वेस्ट कर रही है। कंपनी के मुताबिक Microsoft Teams में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं जो स्काइप में मिलते हैं। लेकिन, टीम्स पर कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो स्काइप में नहीं मिलते। 2003 में लॉन्च हुआ था Skype आपको याद दिला दें कि Skype को 2003 में लॉन्च किया गया था। साल 2011 में इसे माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से खरीद लिया गया था। कई वर्षों तक यह वीडियो कॉलिंग के लिए एक प्रमुख ऐप रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने धीरे-धीरे इससे कई सारे फीचर्स को हटा दिया है। कंपनी  की तरफ से साल 2015 में स्काइप को  Windows 10 में इंटीग्रेट करने की भी कोशिश की थी लेकिन नौ महीने बाद ही यह बंद हो गया था। माइक्रोसॉफ्ट ने साल 2017 में वीडियो कॉलिंग और ऑफिशियल वर्क के लिए Teams को लॉन्च किया था। कंपनी इसे लगातार अपडेट कर रही है और नए-नए फीचर्स जोड़ रही है। अब कंपनी ने 22 साल बाद Skype को पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया है।

अफ्रीका को 180 का टारगेट, ढेर हुई इंग्लैंड, चैंपियंस ट्रॉफी में ग्रुप-बी में सेमीफाइनल की जंग काफी रोचक

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी-2025 में ग्रुप-बी में सेमीफाइनल की जंग काफी रोचक गई है। इंग्लैंड की टीम पहले इससे बाहर है। एक जगह के लिए साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच टक्कर है। साउथ अफ्रीका का सामना आज इंग्लैंड से है और इस मैच के बाद साफ हो जाएगा कि कौनसी टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी। कराची के नेशनल स्टेडियम में दोनों टीमे टकराएंगी। 179 रनों पर ढेर इंग्लैंड इंग्लैंड की टीम 179 रनों पर ही ढेर हो गई। इंग्लैंड के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ा पारी नहीं खेल सका। जो रूट ने सबसे ज्यादा 37 रनों की पारी खेली। साउथ अफ्रीका के लिए वियान मुल्डर और मार्को यानसेन ने तीन-तीन विकेट लिए।

मार्च महीने में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? देखें आरबीआई का हॉलिडे कैलेंडर

नई दिल्ली   हर महीने की तरह ही मार्च में भी छुट्ट‍ियां (Banking Holidays in March) होने वाली हैं, जिस मौके पर बैंक बंद रहने वाले हैं. बैंक त्‍यौहारों पर अलग-अलग राज्‍यों में अलग-अलग तारीख पर बंद रहने वाले हैं. शनिवार और रविवार के अलावा कई दिनों के लिए बैंक क्‍लोज रहने वाले हैं. दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर अन्‍य शनिवार को बैंकों में अवकाश (Bank Holidays) नहीं रहेगा. हालांकि महीने के हर रविवार को बैंक बंद रहेंगे. RBI Bank Holiday List के मुताबिक, होली (Holi 2025) और ईद-उल-फितर समेत अन्य त्योहारों वाले इस महीने में 14 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार समेत रविवार का साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं. हालांकि, बैंक में छुट्टी के बावजूद आप ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं या अन्य बैंकिंग काम निपटा सकते हैं. ये सर्विस 24 घंटे चालू रहेंगी. मार्च 2025 में रविवार और दूसरे शनिवार को छोड़कर पूरे भारत में बैंक आठ दिनों तक बंद (8th Days Bank Closed in March 2025) रहेंगे. ये छुट्टियां 1881 के नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की सूची पर आधारित हैं, जो राज्य और अवसर के अनुसार अलग-अलग होती हैं. इसमें होली, ईद-उल-फि‍तर जैसे प्रमुख त्यौहार और क्षेत्रीय उत्सव शामिल हैं. मार्च 2025 में बैंक अवकाश की लिस्‍ट     7 मार्च (शुक्रवार): चापचर कुट – फसल कटाई के बाद मनाए जाने वाले इस पारंपरिक त्यौहार के कारण मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे.     13 मार्च (गुरुवार): होलिका दहन और अटुकल पोंगाला – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और केरल में बैंक बंद रहेंगे.     14 मार्च (शुक्रवार): होली (धुलंडी, डोल जात्रा) – त्रिपुरा, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, मणिपुर, केरल और नागालैंड को छोड़कर अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा.     15 मार्च (शनिवार): चुनिंदा राज्यों में होली – त्रिपुरा, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और मणिपुर जैसे राज्य इस दिन होली मनाएंगे.     22 मार्च (शनिवार): बिहार दिवस – राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार में बैंक बंद रहेंगे.     27 मार्च (गुरुवार): शब-ए-कद्र – इस इस्लामी त्यौहार के लिए जम्मू और कश्मीर में बैंक बंद रहेंगे.     28 मार्च (शुक्रवार): जुमा-उल-विदा – रमजान का अंतिम शुक्रवार जम्मू और कश्मीर में बैंक अवकाश रहेगा.     31 मार्च (सोमवार): ईद-उल-फितर – मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा. पहले से योजना बनाकर रखें अगर आप मार्च में बैंक जाने वाले हैं, तो पहले से ही योजना बनाकर रखनी चाहिए. चूंकि इनमें से ज्‍यादातर छुट्टियां सप्ताह के दिनों में पड़ती हैं, इसलिए ग्राहकों को अपनी बैंकिंग जरूरतों को उसी हिसाब से प्लान करना चाहिए. जबकि बैंक शाखा बंद रहेंगी, नेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी. किसी भी विशेष बंद या बदलाव के लिए स्थानीय बैंक शाखा से जांच करना चाहिए.    

महिला की हर बात को सत्य मान लेना ठीक नहीं, यौन उत्पीड़न केस में पुरुषों को फंसाने का ट्रेंड: केरल हाईकोर्ट

केरल केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि आपराधिक मामलों, खासकर यौन अपराधों में यह मान लेना कि शिकायतकर्ता का हर बयान सत्य होता है, गलत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में ऐसे मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। न्यायमूर्ति पीवी कुन्हिकृष्णन ने एक महिला कर्मचारी द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने के दौरान यह बातें कही हैं। कोर्ट ने कहा, “एक आपराधिक मामले की जांच का मतलब केवल शिकायतकर्ता के पक्ष की जांच नहीं है, बल्कि आरोपी के मामले की भी जांच की जानी चाहिए। केवल इसलिए कि शिकायतकर्ता महिला है यह मान लेना कि उसका हर बयान सत्य है, यह सही नहीं है। पुलिस केवल उसके बयान के आधार पर कार्रवाई नहीं कर सकती है। आरोपी के मामले को भी गंभीरता से जांचना चाहिए।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आजकल यह प्रवृत्ति बन गई है कि महिलाओं द्वारा पुरुषों पर यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे होते हुए भी उन्हें फंसा लिया जाता है। यदि पुलिस यह पाती है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप झूठे थे तो वह शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। ऐसा कानून भी कहता है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को झूठे आरोपों में फंसाया जाता है तो उसका नाम, समाज में प्रतिष्ठा और स्टेटस को नुकसान हो सकता है। केवल पैसे के मुआवजे से उसे वापस हासिल नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को सच की जांच में सतर्क और चौकस रहने की सलाह दी, ताकि अपराध मामलों की जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न हो। क्या है मामला? आपको बता दें कि महिला ने आरोप लगाया था कि कंपनी के प्रबंधक ने उसके हाथों को यौन उद्देश्य से पकड़ा। वहीं, आरोपी ने पुलिस से शिकायत की थी कि महिला ने उसे गाली दी और धमकियां दीं। उन्होंने इस संबंध में एक पेन ड्राइव में महिला की कथित बातें रिकॉर्ड कर के पुलिस को सौंपी। कोर्ट ने कहा कि यह एक ऐसा मामला था जिसमें जांच अधिकारी (IO) को आरोपी की शिकायत की भी जांच करनी चाहिए थी। कोर्ट ने आरोपी को पेन ड्राइव जांच अधिकारी के समक्ष पेश करने का आदेश दिया और जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह उसकी जांच करें। जमानत का आदेश कोर्ट ने आरोपी को 50,000 रुपये की जमानत राशि और दो सक्षम जमानतदारों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इसके अलावा आरोपी को जांच में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित या डराने की कोशिश न करने और जब भी जांच अधिकारी बुलाए पेश होने का आदेश भी दिया गया।

15 साल पुराने वाहनों पर सरकार का बड़ा फैसला, 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

 नई दिल्ली  दिल्ली की सरकार ने वाहनों को लेकर शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया। जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने कहा कि 31 मार्च के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार 31 मार्च के बाद शहर भर के ईंधन स्टेशनों पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को पेट्रोल देना बंद कर देगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम-सिरसा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद, सिरसा ने कहा कि सरकार वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। बैठक में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, अनिवार्य एंटी-स्मॉग उपाय और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन में बदलाव सहित प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित किया गया. बैठक के बाद सिरसा ने कहा, “हम पेट्रोल पंपों पर गैजेट लगा रहे हैं जो 15 साल से ज़्यादा पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें कोई ईंधन नहीं दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस फ़ैसले के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को सूचित करेगी. पुराने वाहनों को ईंधन की आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के अलावा, सिरसा ने घोषणा की कि राजधानी में सभी ऊंची इमारतों, होटलों और वाणिज्यिक परिसरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 90 प्रतिशत सार्वजनिक सीएनजी बसों को दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो सरकार के स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में उठाए गए कदम का हिस्सा है. यह घोषणाएं शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में की गई हैं. AAP सरकार पर साधा निशाना उन्होंने पूर्व के AAP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कोई भी कम नहीं उठाया. केंद्र सरकार की तरफ से जो भी फंड दिया गया उनका भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. दिल्ली में तीन विषय हैं- एक डस्ट प्रदूषण है, एक व्हीकल प्रदूषण है , एक कंस्ट्रक्शन प्रदूषण है. दिल्ली में स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए थे. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हम एक टीम का गठन कर रहे हैं जो 15 साल पुराने व्हीकल को आईडेंटिफाई करेगी. हैवी व्हीकल को लेकर पहले जांच करेंगे कि आखिर कौन से व्हीकल दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं. जो तय नियम है क्या उसी के तहत दिल्ली में दाखिल हो रहे हैं या नहीं. यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को प्लांटेशन के ड्राइव में जोड़ा जाएगा. दिल्ली में कई बड़े ऑर्गेनाइजेशन हैं, जिनकी वजह प्रदूषण होता है. हम उन्हें भी निर्देश जारी कर रहे हैं कि प्रदूषण को कम करने के लिए नए गैजेट्स को लगाए. दिल्ली की हाई राइज बिल्डिंग पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य होगा. होटलों को भी लगानी होगी स्मॉग गन मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जितने कमर्शियल कंपलेक्स हैं, होटल हैं, उन्हें भी अनिवार्य होगा कि स्मॉग गन लगाई जाए. दिल्ली में जो खाली लैंड है, उसमें नए जंगल तैयार किए जाएंगे ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके. हम क्लाउड सीडिंग को लेकर भी काम करना शुरू करेंगे. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब दिल्ली में प्रदूषण सबसे अधिक होगा तब क्लाउड सीडिंग के माध्यम से प्रदूषण को कम किया जा सके. दिल्ली में जो नई हाई राइज बिल्डिंग बन रही है, उसके लिए भी नए नियम लागू होंगे. हमारा एक ही लक्ष्य है, जो प्रदूषण कर रहा है समाधान भी वही देगा. जब हम अपने राज्य का प्रदूषण कम करेंगे तभी हम दूसरे राज्यों को बोल पाएंगे. दिल्ली का अपना प्रदूषण भी 50 फ़ीसदी से ज्यादा है. हमने अपनी अथॉरिटी को कहा है कि सरकार पूरी तरीके से सपोर्ट करने के लिए तैयार है.

कोरोना टीकाकरण के लिए केंद्र से मिले पैसे को भी केजरीवाल सरकार नेकाफी समय तक अटकाए रखा: सीएजी रिपोर्ट

नई दिल्ली नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था की कलई खोल दी है। पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दिल्ली में अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी, ऑपरेशन थियेटर बंद होने और दवाओं की किल्लत का खुलासा किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से शुक्रवार को विधानसभा के पटल पर रखी गई रिपोर्ट में कोरोना काल में भी कुप्रबंधन का जिक्र किया गया है। सीएजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्लीवालों के टीकाकरण के लिए जो पैसा केंद्र सरकार ने जारी किया था उसे भी तब की सरकार ने काफी समय तक अटकाए रखा। केंद्र से जो पैसा जनवरी और मार्च 2021 में मिला उसे अप्रैल और मई में आगे बढ़ाया गया। सीजएजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीकाकरण के लिए मिला पूरा पैसा खर्च भी नहीं हुआ। सीएजी की रिपोर्ट में पेज नंबर 125 पर कोरोना टीकाकरण के लिए पैसा जारी करने में देरी की बात कही गई है। कैग ने कहा है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘कोविड-19 टीकाकरण के लिए दिल्ली सरकार को सहायता अनुदान आवंटित किया था, जिसे उसे दिल्ली स्टेट हेल्थ सोसाइटी (डीएसएचएस) को बढ़ाना था।’ सीएजी ने कहा है कि डीएसएचएस के आय-व्यय खाते (2020-21) और अन्य संबंधित आवंटन आदेशों से पता चला कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो किस्तों में 9.60 करोड़ रुपए सहायता के रूप में आवंटित किए गए। जनवरी 2021 में 3.46 करोड़ और मार्च 2021 में 6.14 करोड़ रुपए जारी किए गए, लेकिन यह पैसा दिल्ली सरकार ने डीएसएचएस को अप्रैल और मई 2021 में दिया। डीएसएचएस ने यह फंड इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटीज को भेजा। उपयोगिता सर्टिफिकेट के मुताबिक मार्च 2022 तक 9.60 करोड़ रुपए में से 7.93 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाए थे। गौरतलब है कि कोरोना महामारी का दिल्ली में घातक प्रभाव हुआ था। इसकी वजह से हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। देशभर में टीकाकरण के बाद संक्रामक महामारी पर काबू पाया जा सका।

मुख्यमंत्री यादव की उपस्थिति में वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय और एमपीसीएसटी के बीच अकादमिक और वैज्ञानिक सहयोग हेतु MoU पर हस्ताक्षर

सीहोर  वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय, सीहोर और मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST), भोपाल के बीच शैक्षणिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के अवसर पर आयोजित किया गया था और इसमें मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर, माननीय मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा में उत्कृष्टता केंद्र (Centre for Excellence in STEM Education) का उद्घाटन किया, जो राज्य में वैज्ञानिक शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक अग्रणी पहल है। इसके साथ ही, उन्होंने छात्रों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां उन्होंने युवा नवाचारकर्ताओं से बातचीत की और उनकी नवीन अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के प्रो वाइस-चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन और एमपीसीएसटी के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी द्वारा हस्ताक्षरित इस समझौता ज्ञापन (MoU) से शोध, छात्र प्रशिक्षण और बहु-विषयक वैज्ञानिक प्रयासों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस समझौते के तहत, दोनों संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग करेंगे: •    नई वैज्ञानिक परियोजनाओं पर संयुक्त शोध। •    छात्रों और संकाय के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं तक पहुंच। •    ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाओं, सेमिनारों और सम्मेलनों का आयोजन। •    राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध अनुदानों के लिए संयुक्त प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण। •    शैक्षणिक संसाधनों, वैज्ञानिक प्रकाशनों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आदान-प्रदान। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील मध्य प्रदेश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वीआईटी भोपाल और MPCST द्वारा अनुसंधान को बढ़ावा देने और छात्रों के बीच नवाचार को प्रेरित करने के प्रयासों की सराहना की। मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि STEM शिक्षा में उत्कृष्टता केंद्र और यह समझौता राज्य में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम में डॉ. पुष्पिंदर सिंह पथेजा, डीन, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस एंड इंजीनियरिंग (SCOPE), डॉ. पोन हर्षवर्धनन, डीन, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस, इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI), वीआईटी भोपाल, अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद ,साथ ही प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और सरकारी अधिकारियों की भागीदारी रही, जिससे यह मध्य प्रदेश में शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। यह समझौता प्रारंभ में तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से पाँच वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है। दोनों संस्थानों ने इस समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने और छात्रों, शोधकर्ताओं तथा व्यापक वैज्ञानिक समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह: नवाचार और ज्ञान को प्रोत्साहन

भोपाल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह बड़े उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और ज्ञान का प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम महान वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन की क्रांतिकारी खोज “रमन प्रभाव” की विरासत को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस आयोजन में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों ने दो प्रमुख प्रतियोगिताओं – विज्ञान प्रश्नोत्तरी और मॉडल प्रस्तुति में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, नवाचार और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना था, साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक मंच प्रदान करना था। समारोह की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शिक्षकों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार नाशिने, डीन, एसएएसएल, वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय, जो एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं, ने छात्रों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर जोर दिया। इस समारोह में कुल 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। रोमांचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता: वैज्ञानिक ज्ञान की परीक्षा विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता इस दिन के मुख्य आकर्षणों में से एक रही, जिसमें विभिन्न सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की कई टीमों ने भाग लिया। इस प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य छात्रों के सामान्य विज्ञान, अनुप्रयुक्त विज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक क्रांतियों से संबंधित ज्ञान का मूल्यांकन करना था। प्रतिभागियों ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और तकनीकी प्रगति से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देते हुए अपनी बुद्धिमत्ता, त्वरित सोच और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद, भूमिका झाला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, परिन मांकड़ी ने द्वितीय स्थान और प्रिंस बागवाह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ये सभी सीएम राइज़ हायर सेकेंडरी स्कूल, आष्टा के छात्र हैं, जिन्होंने अपनी उत्कृष्ट ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता का परिचय दिया। इसके अलावा, हायर सेकेंडरी स्कूल, कोठरी और शहीद नायक श्री जितेंद्र कुमार हायर सेकेंडरी स्कूल, आमलाहा के छात्रों ने भी सराहनीय उत्साह और विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। नवाचार आधारित मॉडल प्रस्तुति: रचनात्मकता को बढ़ावा मॉडल प्रस्तुति प्रतियोगिता ने युवा नवाचारियों को अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। छात्रों ने “समाज और सतत विकास में विज्ञान के अनुप्रयोग” थीम पर आधारित कार्यशील और स्थिर मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास और अपशिष्ट पुनर्चक्रण से जुड़े मॉडल शामिल थे। मॉडलों का मूल्यांकन नवाचार, व्यावहारिकता, वैज्ञानिक सटीकता और प्रस्तुति कौशल के आधार पर वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों की जूरी द्वारा किया गया। कई प्रभावशाली परियोजनाओं में से, शहीद नायक श्री जितेंद्र कुमार हायर सेकेंडरी स्कूल, आमलाहा के “फायर अलार्म” मॉडल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीएम राइज़ हायर सेकेंडरी स्कूल, आष्टा के “व्हील स्टोन ब्रिज” मॉडल ने द्वितीय स्थान और हायर सेकेंडरी स्कूल, कोठरी के “पबानुर्जा” मॉडल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन मॉडलों को उनकी मौलिकता और व्यावहारिक उपयोगिता के लिए सराहा गया। युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा समापन समारोह में आयोजक समिति ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार नाशिने, डीन, एसएएसएल, वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इस कार्यक्रम को एक शानदार सफलता बताया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों, आयोजकों और छात्र स्वयंसेवकों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में योगदान दिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह ने युवा प्रतिभाओं की जिज्ञासा और नवाचार की भावना को प्रदर्शित किया, जो भविष्य में वैज्ञानिक खोजों और तकनीकी उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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