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भीषण सड़क हादसा : कार- ट्रक में जोरदार भिड़ंत, 3 की मौत, दो गंभीर

रायगढ़ रायगढ़ में शुक्रवार की दोपहर स्कॉर्पियो और ट्रक में हुई जोरदार भिड़ंत में स्कार्पियो में सवार तीन लोगों की मौत हो गई वहीं दो अन्य को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है। उक्त घटना ओडिसा के बरगढ़ में घटित हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिंकाबहाल निवासी बेहरा परिवार स्कार्पियो क्रमांक सीजी 13 एव्हाई 9054 में सवार होकर ओडीसा अपने ससुराल जा रहे थे। बताया जा रहा है कि स्कार्पियो सवार जब बरगढ़ के जिले के मेल्क्षामुड़ा थाना क्षेत्र में पहुंचे ही थे स्कार्पियो चालक अपने वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और फिर सामने एक  ट्रक क्रमांक सीजी 06 जीजेड 9200 में जा घुसी। अचानक घटी इस घटना में स्कार्पियों में नेमिश बेहरा 35 साल की पत्नी, एक बच्चा समेत स्कार्पियों चालक की मौके पर ही मौत हो गई वहीं नेमिश बेहरा के अलावा उसके एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है। अचानक घटी इस भीषण सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जहां मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई वहीं मामले की जानकारी मिलते ही मेल्क्षामुड़ा थाना क्षेत्र की पुलिस टीम भी तत्काल मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। देर शाम इस हादसे की जानकारी मिलते ही तमनार थाना क्षेत्र के झिंकाबहाल गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक कल, कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार दो मार्च को कैबिनेट की बैठक होगी। यह मीटिंग दोपहर तीन बजे मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए जा सकते हैं।

मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने समृद्ध टैक्सटाइल और परिधान उद्योग के कारण एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की कृषि समृद्धि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियाँ राज्य में टैक्सटाइल सेक्टर को सशक्त बना रही हैं। जीआईएस-जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को देश की ‘कॉटन कैपिटल’ घोषित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की प्रसिद्ध चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों, बाघ प्रिंट, छीपा हैंड-ब्लॉक प्रिंट और बटिक प्रिंट की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि देश के सात बड़े टैक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में स्थापित किया जा रहा है। भोपाल में राज्य सरकार के प्रयासों से देश-विदेश के निवेशकों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि मध्यप्रदेश भारत के टैक्सटाइल और एपैरल हब के रूप में स्थापित हो रहा है। जीआईएस भोपाल में टैक्सटाइल निवेश को बढ़ावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में टैक्सटाइल उद्योग में निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला। प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 21 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में अधिकांश टैक्सटाइल उद्योग को प्राप्त है। इससे युवाओं के लिये 1.3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उद्योग और निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत 8,616 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित हुआ है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टैक्सटाइल मिलें संचालित हैं। साथ ही इंदौर के रेडीमेड गारमेंट और अपैरल क्लस्टर में 1,200 से अधिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पीएम मित्र पार्क: रोजगार और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मध्यप्रदेश के धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क देश का सबसे बड़ा टैक्सटाइल पार्क है। इसमें एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पीएम-मित्र पार्क प्रदेश को टैक्सटाइल उद्योग में नये सिरे से स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल क्षेत्र: महत्वपूर्ण तथ्य मध्यप्रदेश में भारत के 43% जैविक कपास का उत्पादन होता है। विश्व में प्रदेश के कपास उत्पादन का योगदान 24% है। प्रदेश में कपास का उत्पादन 31 हजार 700 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसलिए इसे कॉटन कैपिटल कहा गया है। मलबरी सिल्क को मिलाकर 200 मीट्रिक टन सिल्क का उत्पादन होता है। नवीन टैक्सटाइल नीति-2025 से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग के लिए नई नीति लागू की है, जिसमें निवेशकों को कई वित्तीय और गैर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। नीतिगत प्रावधानों में प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश पर 10 से 40% तक की राशि निवेश संवर्द्धन सहायता के रूप में उद्यमियों को दी जाएगी। इस पर 5 से 7% तक ब्याज अनुदान भी 5 वर्ष तक दिया जाएगा। इकाइयों में बिजली, पानी और सड़क अधोसंरचना निर्माण के के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही इकाइयों के परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए 1 करोड़ रुपये तक की ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन सब्सिडी भी दी जाएगी। एपैरल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। पहली बार 5 लाख रुपये तक के पेटेंट शुल्क की 100% वापसी, पेटेंट मिल जाने पर दी जाएगी, साथ ही पेटेंट प्रक्रिया में भी सरकार आवश्यक सहायता करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ-विजन को मध्यप्रदेश ने दिया मूर्त रूप प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल में टैक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के विकास के लिए “5-एफ विजन” फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन का मंत्र देते हुए कहा कि देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उत्पाद मूल्य श्रृंखला के सभी तत्व मौजूद हैं। इनमें फार्म के अंतर्गत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए कपास और रेशम किसानों से कच्चे माल के उत्पादकों को जोड़ना। ‘फाइबर’ में फाइबर निर्माण और प्र-संस्करण इकाइयों का प्रदर्शन सुधारना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जबकि, ‘फैक्ट्री’ के तहत प्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना शामिल है। ‘फैशन’ में परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना और ‘फॉरेन’ में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत कर निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना आता है। मध्यप्रदेश ने विजन को साकार करते हुए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। टैक्सटाइल सेक्टर में पूर्व में प्राप्त हो चुका है 3,513 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश सरकार की नई टैक्सटाइल नीति से प्रदेश को पीएलआई योजना के अंतर्गत 3,513 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थापित मेगा टैक्सटाइल पार्कों के माध्यम से ब्यावरा और नीमच में बड़े निवेश आ रहे हैं। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल उद्योग के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक समृद्धि को बनाए रखते हुए आधुनिक औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के अनुकूल नीतियों, टैक्सटाइल पार्कों, और विशेष आर्थिक पैकेजों के माध्यम से राज्य न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजार में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। बड़ी कंपनियां कर रही हैं मध्यप्रदेश में निवेश ओबीटी प्रायवेट लिमिटेड के सीईओ इंगो सोयलर ने बताया कि उनकी कंपनी टेक्निकल नॉन वूवन फेब्रिक मैन्यूफैक्चरिंग में लीडिंग है। उन्होंने बताया कि ओबीटी कम्पनी 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर भोपाल में उद्योग स्थापित कर रही है। इसी तरह अरविंद ग्रुप के हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स डॉ. परम शाह ने बताया कि उनकी कम्पनी मध्यप्रदेश में 800 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है।

नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद् तथा नगर पंचायत के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त

एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर के परिपालन छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 18 अधीन निर्वाचन की तारीख से 15 दिवस के भीतर तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 55 के अधीन निर्वाचन के अधिसूचना की तारीख से एक माह के भीतर निर्वाचित महापौर, अध्यक्ष, पार्षद का शपथ ग्रहण व प्रथम सम्मिलन हेतु कलेक्टर ने आदेश जारी कर जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के नगर पालिका परिषद् एवं नगर पंचायत हेतु प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया जाता है। प्राधिकृत अधिकारी एवं संबंधित नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत इस प्रकार हैं। नगर पालिका निगम हेतु प्राधिकृत अधिकारी कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, नगर पालिका परिषद् हेतु प्राधिकृत अधिकारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी मनेंद्रगढ़, नगर पंचायत झगराखाण्ड हेतु प्राधिकृति अधिकारी तहसीलदार मनेंद्रगढ़, नगर पंचायत नई लेदरी हेतु प्राधिकृत अधिकारी संयुक्त कलेक्टर जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, नगर पंचायत खोंगापानी हेतु प्राधिकृत अधिकारी डिप्टी कलेक्टर जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, नगर पंचायत जनकपुर हेतु प्राधिकृत अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी भरतपुर को नियुक्त किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निर्वाचित महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण 08 मार्च 2025 व प्रथम सम्मिलन 09 मार्च 2025 को आहूत करने हेतु विधिवत अपने स्तर पर सूचना पत्र जारी करेंगे।

सिगरेट एवं तंबाखू बेचने वालों पर बस स्टैण्ड एवं स्कूलों के आस-पास की गयी चालानी कार्रवाई

एमसीबी/ मनेंद्रगढ़ कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे व जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सोनी के मार्गदर्शन में कोटपा एक्ट 2003 के  नियमों के पालन हेतु विकासखंड मनेंद्रगढ़ अंतर्गत बस स्टैंड के स्कूलों के आसपास में पान दुकानों, थोक किराना स्टोर्स आदि में धारा 4 व 6 के तहत कुल 11 चालानी कार्रवाई करते हुए  नियमों का उल्लंघन करने वालो के विरुद्ध चालानी कार्यवाही की गई। सिगरेट/तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। कोटपा नियमों का पालन करने हेतु समझाइश दी गई। दल का प्रतिनिधित्व डॉ. कीर्ति चौहान (जिला नोडल अधिकारी एनटीपीसी) डॉ. विक्की टोप्पो, आलोक मिंज, खाद्य निरीक्षक विनोद कुमार गुप्ता के द्वारा किया गया। दल के रूप में पुलिस विभाग से गोविंन्द , स्वास्थ्य विभाग के सदस्य शामिल थे।

उज्जैन में 2028 सिंहस्थ की तैयारी, शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण

 उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे 2344.10 हेक्टेयर जमीन पर ‘सिंहस्थ नगर’ का निर्माण होने जा रहा है। इसमें आश्रम, अस्पताल, स्कूल-कालेज, गुरुकुल, धर्मशाला एवं दर्शनीय स्थल बनाने को न्यूनतम एक हेक्टेयर के प्लाट कटेंगे। आसान पहुंच के लिए 18 मीटर चौड़े मार्ग बनाए जाएंगे। निवेशकों को साढ़े 12 मीटर ऊंचे भवन बनाने की अनुमति मिलेगी। प्लांट आवंटन की मुख्य शर्त यह होगी कि उन्हें न्यूनतम 10 मीटर सीमांत खुला क्षेत्र छोड़ना होगा और परिसर में कम से कम 75 पौधे प्रति हेक्टेयर के मान से लगाने होंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने प्रकाशित की पुस्तक दो दिन पहले महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित और विक्रमोत्सव के शुभारंभ समारोह में विमोचित पुस्तक ‘अलौकिक सिंहस्थ’ में सिंहस्थ नगर विकास का लेख है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रकाशित 36 पेज की इस पुस्तक के शुरुआती पन्नों में यहां वर्ष 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ का महत्व बतलाया है। 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान 14 पन्नों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन शहर में प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों की संक्षिप्त जानकारी शामिल की गई है। पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत से विकास की अवधारणा को समर्पित है, जिसमें अलौकिक सिंहस्थ का लोकव्यापी आह्वान किया है। इसमें 15 करोड़ श्रद्धालुओं के समागम का अनुमान लगाया गया है। लेख है कि इस बार सिंहस्थ क्षेत्र के लिए आरक्षित 3061 हेक्टेयर भूमि में से 2344.10 हेक्टेयर भूमि पर ग्लोबल स्पिरिच्युअल सिटी के रूप में सिंहस्थ नगर का विकास किया जाएगा। ऐसा नगर जहां सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, उद्यान के कार्य स्थायी प्रकृति के किए जाएंगे। 1172 हेक्टेयर जमीन विकसित कर प्लाट आवंटित किए जाएंगे। 468.080 हेक्टेयर जमीन सड़क निर्माण में चली जाएगी। 117.20 हेक्टेयर क्षेत्र खुला रखा जाएगा। सिंहस्थ नगर का विकास, उज्जैन विकास प्राधिकरण करेगा। शिप्रा को निर्मल एवं अविरल करने का भी लेख पुस्तक में शिप्रा नदी को प्रवाहमान एवं अविरल करने के लिए स्वीकृत 919 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, 468 करोड़ रुपये की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी बांध परियोजना का भी लेख है। इसके साथ 37 करोड़ रुपये से कान्ह नदी पर पांच एवं शिप्रा नदी पर एक बैराज बनाने, 562 करोड़ रुपये से 100 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने, 904 करोड़ रुपये से नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना करने, रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक का सफर श्रद्धालुओं को हवाई रास्ते से कराने को 199 करोड़ रुपये से रोप-वे की स्थापना कराने की बात है। वहीं 2836 करोड़ रुपये से उज्जैन-आगर-झालावाड़ रेल लाइन बिछाने, 140 किलोमीटर लंबी 33 सड़कें बनाने सहित 450 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, 46 करोड़ से निर्माणाधीन आइटी पार्क, सदावल में साढ़े 13 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन हेलीपैड की जानकारी भी शामिल है। प्रस्तावित इन कार्यों की जानकारी भी     30 करोड़ रुपये से रुद्रसागर के सामने 1600 व्यक्तियों की क्षमता के प्रवचन हाल का निर्माण।     159 करोड़ रुपये से कर्क राज, मंगलनाथ, कालभैरव मंदिर क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण।     25 करोड़ रुपये से गोपाल मंदिर के सामने स्थित रीगल टाकीज की भूमि पर सरफेस पार्किंग संग 45 दुकानों के काम्प्लेक्स का निर्माण।     50 करोड़ रुपये से देवास गेट बस स्टैंड का पुनर्निमाण एवं 98 कमरों का होटल, 40 दुकान, बेसमेंट पार्किंग का निर्माण।     15 करोड़ रुपये से नगर निगम की रत्नाखेड़ी गांव में स्थित कपिला गोशाला का विकास।     30 करोड़ रुपये से मंगलनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और साढ़े 15 करोड़ रुपये से 84 महादेव मंदिरों का विकास कार्य।     745 हेक्टेयर जमीन पर विक्रम उद्योगपुरी का विस्तार।  

विज्ञान, धर्म, अंधविश्वास और समाज के विकास में वैज्ञानिक सोच की भूमिका बहुत जरूरी–महेन्द्र सिंह मरपच्ची

एमसीबी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर साल 28 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकटरमन की महान खोज ‘रमन प्रभाव’ की याद में मनाया जाता है। उनकी इस खोज ने विज्ञान की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाया और भारत को वैश्विक वैज्ञानिक मंच पर पहचान दिलाई। विज्ञान का उद्देश्य तर्क, प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से सत्य की खोज करना है, जबकि धर्म नैतिकता, विश्वास और परंपराओं पर आधारित होता है। भारत में विज्ञान और धर्म दोनों की गहरी जड़ें हैं, लेकिन जब धर्म अंधविश्वास का रूप ले लेता है, तो यह समाज के लिए हानिकारक बन जाता है। रमन प्रभाव और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का महत्वपूर्ण महत्व… 28 फरवरी 1928 को सर चंद्रशेखर वेंकटरमन ने अपनी महान खोज ‘रमन प्रभाव’ को दुनिया के सामने रखा था। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (NCSTC) ने 1986 में सरकार से इस दिन को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में घोषित करने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस दिन पूरे देश में विज्ञान से संबंधित कार्यक्रम, प्रदर्शनी, वैज्ञानिक संगोष्ठियाँ और नवाचार प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और लोगों को विज्ञान के महत्व से अवगत कराना रहता है। भारत में विज्ञान का ऐतिहासिक विकास… भारत में विज्ञान का विकास प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक लगातार हुआ है। आर्यभट्ट, चरक, सुश्रुत, नागार्जुन जैसे वैज्ञानिकों ने अपने समय में गणित, चिकित्सा, रसायन और खगोल विज्ञान में महान योगदान दिया। आधुनिक युग में सी.वी. रमन, होमी भाभा, विक्रम साराभाई, एपीजे अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिकों ने भारत को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। विज्ञान ने कृषि, चिकित्सा, अंतरिक्ष, उद्योग, और शिक्षा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की। हरित क्रांति से भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना, बायोटेक्नोलॉजी से अधिक उपज देने वाले बीज विकसित हुए, और डिजिटल क्रांति से देश में सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार हुआ। इसरो ने चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य एल-1 जैसी परियोजनाओं से भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान में अग्रणी बनाया। धर्म समाज का नैतिक आधार… धर्म भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न अंग है। यह समाज में नैतिकता, अनुशासन और शांति बनाए रखने में सहायक होता है। धर्म व्यक्ति को ईमानदारी, सहिष्णुता, करुणा और सत्य जैसे गुण सिखाता है। योग और ध्यान जो धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं, आज वैज्ञानिक रूप् से सिद्ध हो चुके हैं कि यह मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। धार्मिक त्योहार और अनुष्ठान समाज को जोड़ने का काम करते हैं और विभिन्न समुदायों में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। ज्यादा अंधविश्वास समाज के लिए हो सकता है खतरा… धर्म सकारात्मक दिशा में समाज को मार्गदर्शन देता है, लेकिन जब यह अंधविश्वास का रूप ले लेता है, तो यह समाज के लिए खतरा बन जाता है। अंधविश्वास के कारण वैज्ञानिक सोच की कमी हो जाती है। जैसे ग्रहण के समय भोजन न करना, बिल्ली के रास्ता काटने से अशुभ मानना, नींबू-मिर्च टांगने जैसी गैर-वैज्ञानिक धारणाएँ समाज में गहराई से हुई हैं। झूठे इलाज और तंत्र-मंत्र पर विश्वास करने से लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर की बजाय झाड़-फूंक, ओझा, बाबा या तांत्रिक के पास जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। महिलाओं और कमजोर वर्गों को अंधविश्वास का सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई इलाकों में ‘चुड़ैल’ बताकर महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है। आर्थिक रूप् से भी यह समाज के लिए नुकसानदायक होता है क्योंकि लोग ज्योतिषियों, तांत्रिकों और बाबाओं को भारी रकम देकर अपने भविष्य को सुधारने की कोशिश करते हैं, जो अक्सर धोखाधड़ी साबित होती है। भारत में ही नहीं विश्व स्तर पर अंधविश्वास की स्थिति बढ़ती है… अंधविश्वास सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्व भर में मौजूद है। अफ्रीकी देशों में जादू-टोना और काले जादू में विश्वास कई लोगों की जान ले लेता है। चीन में फेंग शुई पर अत्यधिक विश्वास होने के कारण वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से बचा जाता है। अमेरिका और यूरोप में एस्ट्रोलजी और टैरो कार्ड जैसी प्रथाएं वैज्ञानिक सोच को प्रभावित करती हैं। ट्राइबल समाज के प्राकृतिक रीति-रिवाजों का वैज्ञानिक महत्व… भारत के विभिन्न ट्राइबल समुदायों, जैसे गोंड, संथाल, भील, बैगा, मुरिया, और अन्य जनजातियों का जीवन पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर करता है। उनके रीति-रिवाजों और परंपराओं में कई वैज्ञानिक तत्व शामिल होते हैं, जिन्हें आधुनिक विज्ञान भी मान्यता देता है। जनजातीय समाजों में वर्षा जल संग्रहण और जल स्रोतों के संरक्षण की अत्यंत प्रभावी परंपराएँ हैं। राजस्थान के भील समुदाय पारंपरिक ‘टांका’ जल संग्रहण प्रणाली का उपयोग करते हैं। छत्तीसगढ़ और झारखंड के जनजातीय समुदाय कुंड, बावड़ी और प्राकृतिक झरनों को साफ रखते हैं। गोंड जनजाति ‘चाल-खाल’ तकनीक से भूजल स्तर बनाए रखते हैं। झूम खेती और मिश्रित फसलें मृदा की उर्वरता बनाए रखती हैं। बीजों का प्राकृतिक संरक्षण आधुनिक जैविक कृषि के लिए आदर्श उदाहरण है। ‘सरना स्थल’ (झारखंड) और ‘देवगुड़ी’ (छत्तीसगढ़) जैसे पवित्र स्थल वनों को संरक्षित रखते हैं। यह वनस्पतियों और जीवों की जैव विविधता को बनाए रखने में सहायक होता है। बैगा, गोंड, और अन्य जनजातियाँ आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार विधियों में निपुण हैं। हल्दी, गिलोय, अश्वगंधा, और तुलसी जैसी औषधियाँ आधुनिक चिकित्सा में भी उपयोगी हैं। वैज्ञानिक सोच और परंपराओं का संतुलन ही भविष्य का मुख्य मार्ग… राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह विज्ञान की शक्ति को समझने और उसे जीवन में अपनाने का अवसर प्रदान करता है। विज्ञान, धर्म, पारंपरिक ज्ञान और आदिवासी समाज के प्राकृतिक रीति-रिवाजों को एक साथ जोड़कर भारत को सतत विकास और वैज्ञानिक सोच की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। विज्ञान और परंपरा का सही तालमेल ही भविष्य का रास्ता है।

गोदरेज ने लॉन्च की स्मार्ट सिक्योरिटी की नई रेंज

गोदरेज ने लॉन्च की स्मार्ट सिक्योरिटी की नई रेंज आधुनिक भारतीय घरों और व्यवसायों के लिए डिजाइन और तकनीक का मिश्रण कंज्यूमर सेंटरिक इनोवेशन के साथ पसंदीदा घरेलू और संस्थागत सुरक्षा समाधान प्रदाता बना हुआ है मुंबई  गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के सुरक्षा समाधान व्यवसाय ने प्रीमियम, तकनीक-सक्षम होम लॉकर्स की अपनी नवीनतम रेंज पेश की है, जिससे सुरक्षा क्षेत्र में इसके पोर्टफोलियो और बाजार हिस्सेदारी को मजबूती मिली है। आधुनिक घरेलू सौंदर्य के साथ सहजता से डिजाइन किए गए, ये होम लॉकर्स सोफस्टिकेटेड डिजाइन को तकनीक के साथ जोड़ते हैं, जिससे बिना किसी समझौते के सुरक्षा और आकर्षक अपील दोनों सुनिश्चित होती है। व्यवसाय ने वित्त वर्ष 26 में 20% की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के एक्जीक्यूटिव वाइस-प्रेजिडेंट  और सुरक्षा समाधान व्यवसाय के व्यापार प्रमुख श्री पुष्कर गोखले ने कहा, “एक सदी से भी अधिक समय से एक पसंदीदा ब्रांड के रूप में, हमने लगातार खुद को नया रूप दिया है और एक ऐसी श्रेणी बनाई है जो भारतीय घरों के साथ-साथ विकसित हुई है। होम लॉकर्स की हमारी नवीनतम रेंज के साथ, हम एक बार फिर सुरक्षा को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। हम लॉकर्स की अपनी नई रेंज लॉन्च करने के लिए उत्सुक हैं जो उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कई अनूठी विशेषताओं, मजबूत सुरक्षा और विशाल डिजाइन से लैस हैं। हमने अपने ब्रांड की उपस्थिति को और मज़बूत करने के लिए टियर 2 बाजारों को ध्यान में रखते हुए लॉकर्स भी लॉन्च किए हैं। हम बाजार में आगे रहने के लिए लगातार नई तकनीकी साझेदारी और निवेश की खोज कर रहे हैं। हमने उन्नत सुरक्षा उत्पादों और समाधानों का एक मज़बूत पोर्टफोलियो बनाने के लिए पिछले 3 वर्षों में काफ़ी निवेश किया है।” उन्होंने आगे कहा, “हम होम लॉकर श्रेणी में अग्रणी बने हुए हैं और हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 तक इस श्रेणी में करीब 70% बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है, और ये अत्याधुनिक उत्पाद सिक्योरिटी सॉल्यूशंस बाजार में हमारे नेतृत्व को और मजबूत करेंगे”। घरों, संस्थानों, बीएफएसआई और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में सुरक्षा समाधानों का एक व्यापक सूट प्रदान करने वाली एकमात्र कंपनी के रूप में, गोदरेज रणनीतिक रूप से उपभोक्ता और संस्थागत दोनों क्षेत्रों में अपने स्टोर का विस्तार करने के लिए तैयार है। इस गति को आगे बढ़ाते हुए, कंपनी की नवीनतम होम लॉकर रेंज विविध उपभोक्ता आवश्यकताओं को पूरा करती है; विवेकपूर्ण, जगह बचाने वाले डिज़ाइन से लेकर प्रीमियम और सौंदर्यपूर्ण मज़बूत सुरक्षा समाधान तक। इस वृद्धि का एक प्रमुख चालक अनुसंधान और विकास में निरंतर निवेश है जिसमें गोदरेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। होम लॉकर्स की नई रेंज भविष्य के लिए तैयार सुरक्षा समाधान पेश करने की गोदरेज की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है जो विकसित हो रही उपभोक्ता आवश्यकताओं के अनुरूप है। होम लॉकर्स की नई लॉन्च की गई रेंज में एनएक्स प्रो स्लाइड, एनएक्स प्रो लक्स, राइनो रीगल और एनएक्स सील शामिल हैं। विभिन्न उपभोक्ता आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए इन उत्पादों में डुअल-मोड एक्सेस (डिजिटल और बायोमेट्रिक), इंटेलिजेंट इबज़ अलार्म सिस्टम, कुशल स्टोरेज और सुरुचिपूर्ण इंटीरियर हैं जो आधुनिक घर के सौंदर्यशास्त्र के साथ सुरक्षा को सहजता से एकीकृत करते हैं। इसके अलावा, गोदरेज ने डिफेंडर ऑरम प्रो रॉयल क्लास ई सेफ भी लॉन्च किया है, जो ज्वैलर्स के लिए डिजाइन किया गया एक बीआईएस-प्रमाणित उच्च-सुरक्षा वाला सेफ है, जो जून 2024 से प्रभावी नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) को पूरा करता है। एक्यूगोल्ड आईईडीएक्स सीरीज़ ज्वैलर्स, बैंकों और हॉलमार्किंग केंद्रों के लिए सटीक, गैर-विनाशकारी सोने की जांच को सक्षम बनाती है। गोदरेज एमएक्स पोर्टेबल स्ट्रांग रूम मॉड्यूलर पैनल उच्च सुरक्षा, आसान परिवहन और सेटअप प्रदान करते हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों में विस्तार करते हुए, गोदरेज अपने डिस्ट्रीब्यूशन, पार्टनरशिप और डिजिटल उपस्थिति को मजबूत कर रहा है, साथ ही 45 से अधिक देशों में वैश्विक विस्तार को गति दे रहा है। अत्याधुनिक उत्पादों और ग्राहक-प्रथम दृष्टिकोण के साथ, गोदरेज सिक्योरिटी सॉल्यूशंस सुरक्षा और विश्वसनीयता में उद्योग के मानक स्थापित करना जारी रखता है। इनोवेटिव उत्पादों की मजबूत सीरीज, स्ट्रेटेजिक इंवेस्टमेंट और कंज्यूमर-फर्स्ट अप्रोच के साथ, गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह का सिक्योरिटी सॉल्यूशंस व्यवसाय उद्योग में नए मानक स्थापित कर रहा है – ऐसे सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्रदान कर रहा है जो सुरक्षा के साथ सशक्त बनाते हैं और आत्मविश्वास जगाते हैं।

एमसीबी जिले के 46 केन्द्रों में आज से बोर्ड परीक्षा प्रारंभ

एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 1 मार्च  2025 से बोर्ड परीक्षा प्रारम्भ किया जा रहा है। एमसीबी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि 1 मार्च 2025 से प्रारम्भ बोर्ड परीक्षा हेतु 46 केन्द्र निर्धारित किया गया है तथा जिले में कक्षा 10 वीं के 5153 छात्र/छात्राओं तथा कक्षा 12 वीं के 3913 कुल 9066 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिश्रा ने बताया कि पूर्व में माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा गोपनीय सामग्री का वितरण कर नजदीकी पुलिस थानों में सुरक्षित रखा दिया गया है। परीक्षा के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी व विकासखण्ड स्तर पर उड़न दस्ता दल की नियुक्ति कर दी गई है।

बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से 20 विजेताओं का चयन किया गया

भारत की गेमिंग क्रान्ति बनी ग्लोबलः भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम के तीसरे सीज़न के विजेता जीडीसी सैन फ्रांसिस्को, स्टार्ट-अप महाकुंभ और वेव्स में स्थापित करेंगे इंडिया पैविलियन   •    डीपीआईआईटी, एमआईबी, आईईआईसी और विंज़ो ने भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम के तीसरे सीज़न के लिए की साझेदारी, यह मंच भारत की टॉप गेम डेवलपमेन्ट प्रतिभा को पहचान कर उन्हें जीडीसी 2025 (मार्च 17-21, सैन फ्रांसिस्को), स्टार्ट-अप महाकुंभ (अप्रैल 3-5, भारत) और वेव्स (मई 1-4, भारत) के दौरान अपने प्रोडक्ट्स दशाने का मौका देगा •    बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से 20 विजेताओं का चयन किया गया   नई दिल्ली भारत में गेम डेवलपमेन्ट प्रतिभा को बढ़ावा देने में अग्रणी इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट एण्ड इनोवेशन काउन्सिल तथा भारत के सबसे बड़े इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट प्लेटफॉर्म विनज़ो गेम्स की पहल भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम  (बीटीटीपी) ने 26 फरवरी 2025 को आयोजित ग्राण्ड फिनाले के दौरान 20 विजेता गेम डेवलपर्स की घोषणा की। बीटीटीपी के तीसरे और अब तक के सबसे बड़े संस्करण का आयोजन भारत सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विभाग- डीपीआईआईटी के सहयोग से किया गया। बीटीटीपी के तीन संस्करणों के दौरान 1500 से अधिक सर्वश्रेष्ठ गेम डेवलपर्स एवं छात्रों ने हिस्सा लिया है। ऐसे में यह मेड इन इंडिया फॉर द वर्ड टेक्नोलॉजी एवं आईपी के लिए इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बन गया है। तीसरे सीज़न के लिए विजेता गेम्स का मूल्यांकन देश के टॉप निवेशकों एवं उद्यमियों द्वारा किया गया। इनमें डॉ मुकेश अघी (सीईओ एवं प्रेज़ीडेन्ट, यूएस- इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम), प्रशांत प्रकाश (फाउन्डिंग पार्टनर, एक्सेल पार्टनर्स) और अर्चना जहागीरदार (संस्थापक एवं प्रबन्धन निदेशक, रूकम कैपिटल), संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी और राजेश राजू, मैनेजिंग डायरेक्टर, कलारी कैपिटल शामिल थे। यह संस्करण भागीदारी और मार्केट के अवसरों का लाभ उठाने की दृष्टि से भी सबसे बड़ा संस्करण रहा। इस संस्करण के विजेताओं को जीडीसी 2025 (मार्च 17-21, सैन फ्रांसिस्को), स्टार्ट-अप महाकुंभ (अप्रैल 3-5, भारत) और वेव्स (मई 1-4, भारत) में भारत का प्रतिनिधित्व करने तथा विश्वस्तरीय निवेशकों, प्रकाशकों एवं उद्योग जगत के अग्रणी संगठनों के समक्ष स्वदेशी गेम्स एवं गेमिंग आईपी को दर्शाने का मौका मिलेगा। भारत का गेमिंग सेक्टर, इनोवेशन, विकास तथा आईपी एवं टेक्नोलॉजी के निर्यात की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दौर से गुज़र रहा है। बीटीटीपी के तीसरे संस्करण का आयोजन ऐसे समय में किया गया है जब भारतीय गेमिंग उद्योग तेज़ी से विकसित हो रहा है। यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में भारत का गेमिंग मार्केट तकरीबन 4 बिलियन डॉलर का है और 2034 तक यह 60 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में बीटीटीपी, भारत को इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट, गेमिंग टेक्नोलॉजी एवं स्वदेशी आईपी क्रिएशन में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करेगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण ‘क्रिएट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के अनुरूप भी है, जो भारतीय क्रिएटर्स को गेमिंग, एवीजीसी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स) और डिजिटल स्टोरीटैलिंग के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती है। बीटीटीपी जैसे आयोजन माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण के अनुरूप भारतीय गेम डेवलपर्स की प्रतिभा को बढ़ावा देने तथा इसे 60 बिलियन डॉलर के ग्लोबल गेमिंग मार्केट के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मंच सेक्टर की सामुहिक महत्वांक्षाओं का संयोजन है।   टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम का तीसरा संस्करणः विश्वस्तरीय एवं राष्ट्रीय पहचान का गेटवे अप्रत्याक्षित अखिल भारतीय पहुंच के साथ बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक गेमिंग स्टुडियोज़, इंडी डेवलपर्स, टॉप आईआईटी एवं आईआईएम के छात्रों, टेक स्टार्टअप्स, मोबाइल, कंसोल एवं इमर्सिव प्लेटफॉर्म्स ने हिस्सा लिया। विजेता (पूरी सूची संलग्न अनुलग्नक में उपलब्ध है) अपने इनोवेशन्स को जीडीसी 2025, वेव्स एवं स्टार्ट-अप महाकुंभ में प्रदर्शित करेंगे।  इस अवसर पर जूरी सदस्य संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी, वाणिज्च एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, ‘‘टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम   भारत को ग्लोबल गेमिंग लीडर बनाने के माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान की याद दिलाता है, उनके दृष्टिकोण के अनुसार भारत को न सिर्फ गेम्स खेलने में बल्कि उनके विकास में भी अग्रणी स्थिति पर स्थापित होना चाहिए। ऐसे में यह प्रोग्राम गेम डेवलपर्स एवं टॉप गेमिंग कंटेंट को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। बीटीटीपी भारत की सर्वश्रेष्ठ स्आर्टअप एनर्जी- टेक, गेमिंग, एक्सपोर्ट, आईपी तथा भारतीय संस्कृति एवं धरोहर के प्रोमोशन को बढ़ावा देता है। इस प्रोग्राम के माध्यम से हमें इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट क्षमता, प्रोडक्ट्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी तथा बेजोड़ इनोवेशन्स एवं रचनात्मकता को देखने का अवसर मिला है।प्रशांत प्रकाश, जाने-माने पूंजीपति एवं बीटीटीपी के जूरी सदस्य ने कहा, ‘‘भारत का स्टार्ट-अप इकोसिस्टम तेज़ी से विकसित हो रहा है।  बीटीटीपी जैसे आयोजन इस सेक्टर के विकास को गति प्रदान करते हैं। गेमिंग की बात करें तो इसमें देश एवं दुनिया भर में बदलाव आ रहा है, ऐसे में अगर भारत अपनी क्षमता का सदुपयोग करे तो 2034 तक देश का गेमिंग मार्केट 50-60 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी भी मेड इन इंडिया गेम्स के निर्यात पर ज़ोर देते हैं और बीटीटीपी निश्चित रूप से उनके इस दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। बीटीटीपी के तीसरे संस्करण ने इस सेक्टर की ज़बरदस्त प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।’ पवन नंदा, सह-संस्थापक, विंज़ो गेम्स ने कहा, ‘‘अपने तीसरे संस्करण के साथ बीटीटीपी एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हो चुका है जो भारत के गेम डेवलपर्स को अपनी प्रतिभा के सदुपयोग का अवसर प्रदान करता है। गेमिंग मार्केट और गेम डेवलपर्स को समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से ही बीटीटीपी की अवधारणा लाई गई थी। यह मंच गेम डेवलपर्स को ग्लोबल एक्सपोज़र देता है, उन्हें ज़रूरी मागदर्शन प्रदान करता है, उन्हें निवेशकों के साथ जोड़कर उनके प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने में मदद करता है। तीसरे संस्करण की सफलता से स्पष्ट है कि बीटीटीपी अपने उद्देश्यों पर खरा उतरा है। हम बीटीटीपी की सफलता से बेहद उत्साहित हैं।’

रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान हासिल करेंगे बड़ी उपलब्धि, सचिन तेंदुलकर से आगे निकलने का मौका

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 12वां मुकाबला खेला जाएगा। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा के पास सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना का मौका है। रोहित शर्मा के पास सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान के रूप में सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका होगा। रोहित शर्मा को सचिन से आगे निकलने के लिए 68 रनों की जरूरत है। सचिन तेंदुलकर ने 73 मैचों में 37.75 के औसत से 2454 रन बनाए हैं। उन्होंने इस दौरान 6 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान 53 वनडे मैचों में 53.04 की औसत और 113.50 की स्ट्राइक रेट से 2387 रन बनाकर सातवें स्थान पर हैं। रोहित ने पांच शतक और 16 अर्धशतक लगाए हैं। भारत के दिग्गज एमएस धोनी लिस्ट में शीर्ष पर हैं। धोनी ने 6641 रन बनाए हैं। इसके बाद विराट कोहली (5549) हैं। इसके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन (5239), सौरव गांगुली (5082), राहुल द्रविड़ (2658), तेंदुलकर और रोहित हैं। वनडे में भारत के कप्तानों द्वारा सर्वाधिक रन एमएस धोनी – 200 मैचों में 6641 रन विराट कोहली – 95 मैचों में 5449 रन मोहम्मद अजहरुद्दीन – 174 मैचों में 5239 रन सौरव गांगुली – 146 मैचों में 5082 रन राहुल द्रविड़ – 79 मैचों में 2658 रन सचिन तेंदुलकर – 73 मैचों में 2454 रन रोहित शर्मा – 53 मैचों में 2387 रन

यूपी के डिप्टी सीएम पहुंचे दतिया, पीतांबरा पीठ पहुंचकर मां बगलामुखी के किए दर्शन

दतिया  उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) आज मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) पहुंचे। उन्होंने पीतांबरा पीठ (Pitambara Peeth) पहुंचकर मां बगलामुखी (Maa Baglamukhi) के दर्शन (Darshan) किए। साथ ही पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव (Vankhandeshwar Mahadev) का अभिषेक किया। दर्शन के बाद वह झांसी (Jhansi) के लिए रवाना हो गए। विधि विधान से की पूजा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने अल्प प्रवास के दौरान विशेष विमान से दतिया पहुंचे। उन्होंने विधि विधान से मां बगलामुखी माता की पूजा अर्चना की और महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की शुभकामना की है। महाकुंभ को लेकर कहा- आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप है। चाहे अखिलेश यादव हो या ममता बनर्जी, जनता उनको इस बयान का जवाब देगी।” जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य आज झांसी के दौरे पर हैं। उससे पहले वह दतिया पहुंचे और मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। उसने मध्य प्रदेश आगमन पर दतिया एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में करेंगे समीक्षा बैठक बता दें कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आज जनपद झांसी के सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। क्या है पीतांबरा पीठ की मान्यता? मान्यता है कि पीतांबरा पीठ पर स्थित महादेव का मंदिर महाभारतकालीन है, जबकि मढ़िया के महादेव के मंदिर की स्थापना 5 हजार वर्ष पूर्व दंत वक्रेश्वर नामक असुर ने की थी। तब यहां जंगल था। कालांतर में यहां शहर बस गया, जिसका नाम दंत वक्रेश्वर के नाम पर दंत्रिया था, जो बाद में अपभरंश होकर दतिया हो गया। इन दोनों शिव मंदिरों के बारे में मान्यता है कि दोनों मंदिर में श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी कामना करता है वह पूर्ण होती है। 

मैं हिन्दू धर्म का बाल भी बांका नहीं होने दूँगा … जगतगुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान

सतना/कटनी  एमपी के सतना में 12 दिवसीय रुद्र महायज्ञ में सनातन धर्म को लेकर चित्रकूट के तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने महायज्ञ के दौरान व्यास गद्दी पर बैठकर कहा कि जब तक वे जीवित रहेंगे, तब तक हिन्दू धर्म का बाल भी बांका नहीं होने देंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेटा जी, मैं सामान्य व्यक्ति नहीं हूं। इसे लेकर उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियों में है। दरअसल, सतना जिला अंतर्गत नागौद के दहलान मंदिर प्रांगण शिवराजपुर में 12 दिवसीय रुद्र महायज्ञ आयोजित हुआ। इसमें चित्रकूट के तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी शामिल होने पहुंचे। यहीं उन्होंने यह बयान दिया है। उन्होंने हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। चित्रकूट के तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने बुधवार को अपने प्रवचन में कहा जब तक वे जीवित रहेंगे, तब तक हिन्दू धर्म का बाल भी बांका नहीं होने देंगे। बेटा जी मैं सामान्य व्यक्ति नहीं हूं – जगतगुरु रामभद्राचार्य उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आगे कहा कि बेटा जी, मैं सामान्य व्यक्ति नहीं हूं। आचार्य जो भी कार्य करें, उसे करने दो। यदि मुझे राम जी के लिए अपना सब कुछ छोड़ना पड़े, तो मैं राम की तरह उसे छोड़ दूंगा। हिन्दू धर्म, हिन्दू धर्म है! उन्होंने कहा कि मुझे कोई चिंता नहीं है अगर कोई मेरे बयान से नाराज होता है तो होता रहे। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सनातन पर कोई आंच नहीं आने दूंगा जगतगुरु रामभद्राचार्य कार्यक्रम में शामिल होने कटनी पहुंचे थे। यहां पर भी उन्होंने सनातन को लेकर मीडिया से चर्चा करते हुए बयान दिया है। कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं सनातन में कभी कोई आंच नहीं आने दूंगा। वहीं उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से चित्रकूट में अपने नाम यानि स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के नाम से मेडिकल यूनिवर्सिटी बनवाने की इच्छा जताई है।

मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट से मेरा अलग लगाव, नक्सलियों को भी दिया खुला चैलेंज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव बालाघाट के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने बालाघाट को कई सौगातें दी हैं। सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में बालाघाट जिले की सूरत ही बदल जाएगी। किसान सम्मेलन के दौरान सीएम ने 326 करोड़ 60 लाख रुपए के विकासकार्यों का भूमिपूजन और 264 करोड़ रुपए के विकासकार्यों का लोकार्पण किया। इस राशि से जिले में स्कूल, अस्पताल और पुलों का निर्माण होगा। इसके साथ ही मोहन यादव ने नक्सलियों को भी चुनौती दी है। नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं सीएम मोहन यादव ने नक्सलवाद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि नक्सलवाद के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। अगर बाहर से कोई नक्सली आएगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा। दरअसल, बालाघाट में लगातार हॉक फोर्स नक्सलियों को ढेर कर रही है। बालाघाट से अलग लगाव किसान सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेरा बालाघाट से अलग ही तरह का लगाव है। हमारे प्रदेश के 54 जिले एक तरफ और बालाघाट एक तरफ। बालाघाट खनिज का बड़ा केंद्र है। परमात्मा ने इस जिले पर प्रेम लुटाया है। यहां के चिन्नौर का चावल अलग ही महकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रेदश विकास के नई कीर्तिमान बना रहा है। बालाघाट में नए उद्योग लग रहे हैं। आजादी के बाद से मध्यप्रदेश की विकास दर माइनस में थी। लेकिन, अब हमारे राज्य की ग्रोथ 13 फीसदी है। जिले में विकास कार्यों की सौगात गौरतबल है कि सीएम डॉ. यादव की घोषणा के बाद बालाघाट जिले में कुल 326 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से 117 अलग-अलग काम होंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए की लागत से 39 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। 24 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी में विकास काम होंगे। 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। 9 करोड़ रुपए की लागत से लामदा में नवगठित तहसील कार्यालय भी बनाया जाएगा। 8 करोड़ रुपए की लागत से खरपड़िया-सिवनहेटी-कटंगी मार्ग बनाया जाएगा। 3 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल-शिक्षा के काम होंगे। 2 करोड़ रुपए की लागत से कटंगीझरी-लोमता-डोरिया-बेलगांव में प्राथमिक स्कूल का निर्माण होगा। सीएम राइज स्कूल-हॉस्टल-पुल का भी निर्माण मोहन यादव ने कहा कि 264 करोड़ रुपए के 68 कामों का लोकार्पण भी किया। इसमें 145 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट-बिरसा-बारासिवनी-मलाजखंड-लालबर्रा में बना सीएम राइज स्कूल, 55 करोड़ रुपए की लागत से बालाघाट के बेहर-पसरवाड़ा-खेरलांजी में स्कूलों का उन्नयन-छात्रावासों का निर्माण, 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल-पुलियाओं का निर्माण, 9 करोड़ रुपए की लागत से बारासिवनी-खंडवा पुल का निर्माण, 7 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से शहीद चंद्रशेखर आजाद एक्सट्रोटर्फ का लोकार्पण शामिल हैं। युवाओं-किसानों को लाभ इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार 5 साल में 2 लाख पद भरेगी। साल 2028 तक हम युवाओं को भरपूर रोजगार देंगे।

ईडी के खिलाफ कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, जलाया पुतला

रायपुर प्रदेशभर में आज ईडी के खिलाफ कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया. बलौदाबाजार में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में आज गार्डन चौक में कांग्रेसियों ने भाजपा व ईडी का पुतला दहन कर ईडी की कार्रवाई का विरोध किया. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को भाजपा डराना चाहती है पर हम डरने वाले लोगों में से नहीं है. अभी भाजपा बस्तर में लोहा निकालने फैक्ट्री लगवाने जा रही है, जिसका विरोध कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कवासी लखमा, दीपक बैज सहित अन्य नेताओं ने किया तो भाजपा ने ईडी का सहारा लेकर लखमा को जेल भिजवा दिया. वहीं दीपक बैज के घर का पुलिस रेकी कर रही है, जो कही न कहीं बस्तर की आवाज को दबाने का प्रयास है. बस्तरवासियों के हित में हमेश लड़ेगी कांग्रेस: शैलेष नितिन शैलेष नितिन ने कहा, कांग्रेस डरेगी नहीं, बस्तर वासियों के हित में हमेशा लड़ेगी. कांग्रेस जिलाध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस जब-जब भाजपा के भ्रष्टाचार व आम जनता के प्रति हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाती है भाजपा डर जाती है और ईडी का सहारा लेकर डराने का प्रयास करती है. हम डरेंगे नहीं बल्कि और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन होगा. तीन मार्च को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से कांग्रेस कार्यकर्ता जाएंगे. प्रदर्शन में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रूपेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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