LATEST NEWS

अफ्रीका अगर इंग्लैंड के खिलाफ जीत हासिल करता है तो वह अगले राउंड में प्रवेश कर लेगा, अफ्रीका जीत हासिल करने उतरेगा

कराची आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 11वां मुकाबला दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच कराची के नेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले जोस बटलर ने इंग्लैंड की सीमित ओवर प्रारूप के कप्तान का पद छोड़ने की घोषणा की है। दक्षिण अफ्रीका अगर ये मैच जीतने में कामयाब होता है, तो वह ग्रुप बी में टॉप पर पहुंच जाएगा, जबकि इंग्लैंड दांव पर लगी प्रतिष्ठा के लिए खेलेगा। साउथ अफ्रीका ने अपने पहले मैच में अफगानिस्तान को 107 रनों से रौंदा था, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसका दूसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। वहीं इंग्लैंड की टीम ने अपने दोनों (ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान) मुकाबले गंवाए हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 ग्रुप ए से भारत और न्यूजीलैंड पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं लेकिन ग्रुप बी से सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही अंतिम-4 में जगह बना सका है। साउथ अफ्रीका अगर इंग्लैंड के खिलाफ जीत हासिल करता है तो वह अगले राउंड में प्रवेश कर लेगा। हालांकि अगर टीम बड़े अंतर से हारती है तो अफगानिस्तान के लिए भी मौका बन सकता है। हेनरिक क्लासेन ने कोहनी की चोट के कारण अभी तक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेला है। हालांकि, अब वे फिट हो गए हैं और सिलेक्शन के लिए उपलब्ध हैं। ऐसे में टोनी डिजोरजी को बाहर बैठना होगा। इंग्लैंड की वनडे टीम के कप्तान के तौर पर जोस बटलर का यह आखिरी मैच है। ऐसे में वह जीत के साथ इस टूर्नामेंट को खत्म करना चाहेंगे। मार्क वुड का घुटने की चोट के कारण खेलना संदिग्ध है। अगर वह टीम में जगह नहीं बना पाते हैं, तो उनकी जगह साकिब महमूद को मौका मिल सकता है। इंग्लैंड की टीम दो मैच हार चुकी है, जबकि साउथ अफ्रीका ने एक मैच जीता है और उनका एक मैच बारिश में धुला है। फगानिस्तान की टीम के भी एक चांस है, लेकिन इसके लिए इंग्लैंड की टीम को 207 रनों से जीत दर्ज करनी होगी या फिर 11.1 ओवर में टारगेट को चेज करना होगा। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 11वां मुकाबला साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका के पास मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाने का मौका है, जबकि इंग्लैंड पहली जीत हासिल करना चाहेगा।

राज्यपाल रमेन डेका को जन्मदिन पर मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका का आज जन्मदिन है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. राज्यपाल के रूप में आपके मार्गदर्शन में हमारी सरकार संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है. मां कामाख्या से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना करता हूं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय चंपाबती डेका है. उनके परिवार में धर्म पत्नी रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं. उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की. सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय रमेन डेका वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं. वे 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है. वे दो बार सांसद रहे. पहली बार वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे.

ऑस्ट्रेलिया को चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल से पहले झटका, ये ओपनर हो सकता है नॉकआउट मैच से बाहर

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम को एक बड़ा झटका लगा है। टीम को अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव करना पड़ेगा, जिसमें ट्रैविस हेड और मैथ्यू शॉर्ट शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया की टीम को ओपनर को चोट लगी है और ऐसे में वह सेमीफाइनल के लिए शायद उपलब्ध नहीं होगा। ये ओपनर मैथ्यू शॉर्ट हैं, जो बल्लेबाजी के दौरान संघर्ष करते नजर आए थे। मैच के बाद कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी इस बात की जानकारी दी थी कि वे पूरी तरह फिट नहीं हैं। यही वजह है कि ट्रैविस हेड के साथ एक नया ओपनर नजर आ सकता है। ऑस्ट्रेलिया को चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल के लिए अपने शीर्ष क्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। मैथ्यू शॉर्ट को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वाड इंजरी का सामना करना पड़ा। ऐसे में उनकी जगह ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत युवा ओपनर जैक फ्रेजर मैकगर्क करते नजर आ सकते हैं। शॉर्ट को अफगानिस्तान की पारी के अंत में चोट लगी थी। हालांकि, उन्होंने ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत की थी, लेकिन विकेटों के बीच संघर्ष करते नजर आए थे। ऐसे में उन्होंने ज्यादातर बाउंड्री लगाने की कोशिश की थी, लेकिन सिर्फ 15 गेंदों में 20 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन में कहा, “मुझे लगता है कि वह संघर्ष कर रहा होगा। मुझे लगता है कि हमने आज रात देखा कि वह बहुत अच्छी तरह से चल नहीं पा रहा था। मुझे लगता है कि मैचों के बीच का समय कम है और शायद उस हिसाब से वह बहुत जल्दी ठीक होने वाला नहीं है।” ऐसे में जैक फ्रेजर मैकगर्क उनके लिए लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट हैं। हालांकि, एरोन हार्डी भी बेंच पर हैं। इस पर स्मिथ ने कहा, “हमारे पास कुछ लोग हैं, जिन्हें आने पर हम उनकी जगह भर सकेंगे।”

राज्यपाल पटेल ने छात्र छात्राओं को प्रदान किए उपाधियाँ और स्वर्ण पदक

जबलपुर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पशु संपदा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान देते है। पशुपालन के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भरता की ओर पहुंचा जा सकता है। उन्‍होंने पंचगव्‍य के उपयोग और महत्‍ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मूक प्राणी और पशुओं की सेवा पुण्य का कार्य है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल की अध्यक्षता में आज नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी नानाजी की जीवन यात्रा से प्रेरणा ले और समाज सेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने संस्कारधानी में नानाजी के आदर्शों पर संचालित प्रदेश के एकमात्र पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यो की सराहना की। विश्वविद्यालय में हो रहे वन्य जीवन संरक्षण तथा रोग निदान अनुसंधान कार्य को अनुकरणीय बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखें। शपथ का समाज और राष्ट्र सेवा में पालन करें। उन्होंने सभी दीक्षित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कन्या छात्रावास का किया निरीक्षण राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रांगण स्थित नर्मदा कन्या छात्रावास का भ्रमण कर साफ़ सफाई, पानी, रसोई घर आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा भी की। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पटेल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने आज उपाधि प्राप्‍त कर समाज और राष्‍ट्र की प्रगति की शपथ ग्रहण की हैं उनके जीवन का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्‍होंने कहा कि मूक पशुओं का इलाज कर उनके तकलीफों को समझकर दूर करने का प्रयास करते रहे। कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। दीक्षांत समारोह में जनप्रतिनिधी, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलगुरु, छात्र छात्राएं व अभिभावकगण उपस्थित रहे।  

सुनील गावस्कर ने पूर्व क्रिकेटरों और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की आलोचना की, कहा- आपकी सैलरी भी इंडिया से आती है

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व महान क्रिकेटर और मौजूदा क्रिकेट कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने उन सभी पूर्व क्रिकेटरों और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की आलोचना की है, जिन्होंने ये दलील दी थी कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम इंडिया को दुबई में खेलने का फायदा मिल रहा है। सुनील गावस्कर ने एक तरह से नासिर हुसैन, माइकल एथरटन और अन्य मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो एक्सपर्ट भारत के बारे में ‘शिकायत’ करते रहते हैं, उन्हें टूर्नामेंट में अपने देशों की प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि भारतीय क्रिकेट से ही उन्हें सैलरी भी मिल रही है। स्काई स्पोर्ट्स पॉडकास्ट पर बात करते हुए नासिर हुसैन और एथरटन ने कहा था कि इस परिदृश्य में भारत के पास ‘अविश्वसनीय रूप से होम एडवांटेज’ है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रासी वैन डेर डुसेन ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत को अन्य सात टीमों की तरह ट्रेवल करने या होटल बदलने की जरूरत नहीं पड़ी। इस तरह उन्होंने माना था कि रोहित शर्मा एंड कंपनी को इसका फायदा मिला। इस पर अब सुनील गावस्कर ने कमेंट किया है और कहा है कि इस पर टिप्पणी करना भी उचित नहीं है। सुनील गावस्कर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “इस पर टिप्पणी करना भी उचित नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा है कि यह कोई फायदा नहीं हो सकता, क्योंकि पिचें भारत के कंट्रोल में नहीं हैं और मैचों के दौरान यात्रा आम बात है। उन्होंने कहा, “ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। वे हमेशा रोते रहते हैं। वे समझ ही नहीं पाते कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत कहां खड़ा है – क्वॉलिटी, इनकम, टैलेंट और सबसे महत्वपूर्ण बात रेवेन्यू पैदा करने के मामले में। वैश्विक क्रिकेट में भारत का योगदान – टेलीविजन राइट्स और मीडिया राइट्स के माध्यम से – एक बड़ी भूमिका निभाता है। उन्हें यह समझने की जरूरत है कि उनका वेतन भी उसी से आता है, जो भारत क्रिकेट की दुनिया में लाता है।” टीम इंडिया ने बांग्लादेश और पाकिस्तान को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल के लिए क्वॉलिफाई कर लिया है। हालांकि, एक मैच अभी लीग फेज का बाकी है। इंग्लैंड की टीम दो मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। ऐसे में गावस्कर ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों को घेरा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ये सभी बुद्धिमान और अनुभवी लोग हैं। आप वास्तव में यह क्यों नहीं देखते कि आपकी टीम ने क्वॉलिफाई क्यों नहीं किया? लगातार भारत पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, क्या आप अपने आप पर भी ध्यान दे रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “आपके खिलाड़ी इतनी नाजुक मानसिक स्थिति में हैं- उनको परिणामों की परवाह नहीं है। आपको नतीजों की परवाह करनी चाहिए। आपको अपने देश की परवाह करनी चाहिए, चाहे आप जिस भी टीम के लिए खेलें। अगर आप अपने देश के लिए खेल रहे हैं, तो जिम्मेदारी और भी बड़ी है। हर समय, वे विलाप करते रहते हैं – ‘भारत ने यह हासिल किया है, भारत ने वह हासिल किया है।’ यह लगातार होता रहता है। हमें बस इसे अनदेखा करना चाहिए। उन्हें विलाप करते रहने दें। हमारे पास ध्यान केंद्रित करने के लिए बेहतर चीजें हैं। आपको इस तरह का रवैया अपनाना चाहिए।”

Champions Trophy में हार के बाद जोस बटलर ने छोड़ी टीम की कप्तानी

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम में भूचाल आ गया है। बैक टू बैक दो हार के बाद टीम के कप्तान जोस बटलर ने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने का फैसला किया है। पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर अफगानिस्तान के खिलाफ मिली हार के बाद जोस बटलर ने इंग्लैंड की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। लिमिटेड ओवरों में बटलर की कप्तानी में पिछले कुछ समय से इंग्लैंड की टीम बुरी तरह से संघर्ष करती हुई दिखी है। यही कारण है कि अब नेतृत्व में बदलाव हुआ है। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ पहले पांच टी20 मैचों की सीरीज में बुरी तरह से हारी थी। इंग्लैंड को भारत ने इस सीरीज में 4-1 से हराया था। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान रवाना होने से पहले इंग्लैंड को भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी थी, जिसमें उसे 3-0 से क्लीन स्वीप हुआ था। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी में टीम का बुरा हाल हो गया, जिसके कारण जोस बटलर ने टीम की कप्तानी छोड़ दी है। साल 2022 में बटलर बने थे लिमिटेड ओवरों के कप्तान जोस बटलर साल 2022 में इयोन मोर्गन के रिटायरमेंट के बाद इंग्लैंड के लिमिटेड ओवरों के कप्तान नियुक्त किए गए थे। बटलर की कप्तानी में इंग्लैंड का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा। पहले आईसीसी वनडे विश्व कप 2023 और फिर टी20 विश्व कप 2024 में टीम नॉकआउट स्टेज पहले से बाहर हो गई थी। इसके अलावा बायलेटरल सीरीज में भी इंग्लैंड बुरी तरह से संघर्ष करती हुई दिखी। यही कारण है कि बटलर ने टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले जोस बटलर कोच ब्रेंड मैकुलम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। इस घोषणा के साथ बटलर ने कहा, ‘यह मेरे और टीम के लिए सही निर्णय है। मुझे उम्मीद है कि कोई और आकर ब्रेंडन के अच्छा काम करेगा ताकि टीम को वापस उसी स्थिति में लाए जो पहले थी। यह टूर्नामेंट कप्तानी के लिहाज से भी काफी अहम था, यही कारण है कि यह निर्णय लिया गया है।’

सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुंदेलखंड वीरों की धरती, वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री 2600 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर गेहूं उपार्जित करेगी सरकार:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री गढ़ाकोटा में सांस्कृतिक “रहस’’ मेले और किसान सम्मेलन में हुए शामिल सागर-दमोह रोड को फोर लाइन बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के गढ़ाकोटा में तीन दिवसीय सांस्कृतिक “रहस’’ मेले में आयोजित किसान महा सम्मेलन में कहा कि बुन्देलखण्ड वीरों की धरती है। वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए कहा कि सरकार अब किसान भाईयों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सागर-दमोह रोड को फोरलेन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 5 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सीमा पर जवान और खेत पर किसान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। किसान की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बुंदेलखंड की लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाकर रखें, उन्हें उनकी जमीन का पूरा लाभ मिलेगा और उनकी कृषि समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के किये कार्यों का प्रभाव है कि काम के बल पर ही आज वो लगातार 9 बार से अपराजेय राजनेता बने हुए हैं। सरकार प्रदेश में बहनों को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार बहनों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है, वहीं पूर्व मंत्री भार्गव के द्वारा 21 हजार से अधिक बेटियों की शादी कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी तक मैंने 9 रस ही देखे थे आज मैंने 10वां रस भी देख लिया। इस रहस मेला के आनंद में जो 10वां रस मिला है वह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष किसान भाइयों का गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी और अगले वर्ष यह बढा़कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का मैं वादा करता हूं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चावल पर 2000 रुपए प्रति हैक्टेयर बोनस दिया जाएगा। इसी प्रकार दूध का उत्पादन करने वालों को भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं। इसमें केन-बेतबा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार से मिलकर भी नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने फूड इंडस्ट्रीज लगाने वालों को सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने सागर के संपूर्ण विकास के लिये संकल्प लेते हुए कहा कि इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित के लिए लगातार कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसान खुशहाल होगा तो देश और प्रदेश खुशहाल होगा। किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए किसान मेला एवं कार्य-शालाओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। देश एवं विदेश के उद्योगपतियों को भोपाल-जीआईएस में आमंत्रित कर उद्योगों की नगरी बनाने के लिए बुंदेलखंड, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर क्षेत्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा “रहस मेला’’ 220 वर्ष पुराना मेला है। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा ने कहा था इस मेले को और आगे बढ़ाएं। हमने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा को मेले का पूरा इतिहास बताया, तत्कालीन मुख्यमंत्री पटवा ने मेले को और समृद्ध बनाने के लिए निर्देशित किया था। विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने कहा कि विलुप्त हो रहे मेलों को आगे बढ़ाने का कार्य सरकार कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने “रहस मेले’’ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगातार कार्य किया है। विधायक भार्गव ने कहा कि “मैं रहूँ या न रहूँ’’ यह रहस मेला हमेशा चलता रहेगा। इस अवसर पर मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल थे। मेला अध्यक्ष अभिषेक दीपू भार्गव ने स्वागत भाषण में मेले की विस्तार से जानकारी दी।  

राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं कॉन्फ्रेंस में 22 राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त होंगे शामिल

भोपाल विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं कॉन्फ्रेंस सिवनी जिले के पेंच राष्ट्रीय उद्यान में 01 से 04 मार्च तक आयोजित की जा रही है। इस कॉन्फ्रेंस में 22 राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में राज्य निर्वाचन आयुक्त स्थानीय निकायों के निर्वाचन के दौरान आई चुनौतियों तथा उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। साथ ही नवाचारों और सुधारों से भी अवगत करायेंगे। कॉन्फ्रेंस में स्थानीय निकायों के निर्वाचन में नई तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा होगी। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार 02 मार्च को कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ होगा। प्रथम सत्र में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग सचिव अभिषेक सिंह द्वारा ई-पोलिंग बूथ तथा पेपर लेस बूथ के माध्यम से प्रदेश में पंचायत निर्वाचन कराए जाने की प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन और फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी तरह स्व-चालित लोकल बॉडी इलेक्शन प्रक्रिया के संबंध में आन्ध्र प्रदेश निर्वाचन आयोग आयुक्त श्रीमती नीलम साहनी द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। द्वितीय सत्र में राज्य आयुक्तों की स्टैण्डिंग कमेटी की बैठक आयोजित होगी। इसमें स्थानीय निकायों के निर्वाचन के दौरान आई चुनौतियों तथा उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। सोमवार 03 मार्च को स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया के उन्नयन के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर लोकतंत्र को मजबूत करने, दूरस्थ मतदाता के पंजीयन तथा ऑनलाईन मतदान की कार्य योजना सहित स्थानीय निर्वाचन में नवीन तकनीकों को अपनाऐं जाने जैसे विभिन्न बिंदुओ पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। साथ ही निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों इलेक्ट्रानिक कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रिकल्स कार्पोरशन, आईआईटी लिमिटेड बैंगलोर प्रतिनिधियों सहित अन्य द्वारा नए इनोवेशन की जानकारी दी जाएगी। 04 मार्च को राज्य आयुक्तों का शैक्षणिक भ्रमण होगा। इस दौरान मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपर लेस बूथ का प्रदर्शन किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में आंध्र प्रदेश की राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीमती साहनी, दिल्ली-चण्डीगढ़ के डॉ. विजय देव, गोवा के दौलत हवलदार, झारखण्ड के डॉ. बी.के. तिवारी, कर्नाटक के जी.एस. संगरेशी, राजस्थान के मधुकर गुप्ता, उड़ीसा के मधुसूदन पाधी, तेलंगाना की आई. रानी कुमुदिनी, हिमाचल प्रदेश के अनिल कुमार खांची, असम के आलोक कुमार, तमिलनाडु की बी. जोथी निर्मला सामी, महाराष्ट्र के दिनेश टी. वाघमारे, सिक्किम के के.सी. लेप्चा, जम्मू-कश्मीर के बी.आर. शर्मा, केन्द्र शासित प्रदेश दादरनागर हवेली, दमन एवं दीव के सुधांशु पाण्डे, त्रिपुरा के शरदेंदु चौधरी, गुजरात के डॉ. एस. मुरलीकृष्णन, उत्तर प्रदेश के राज प्रताप सिंह, उत्तराखण्ड के सुशील कुमार, बिहार के डॉ. दीपक प्रसाद और केरल के राज्य निर्वाचन आयुक्त ए. शाहजहाँ तथा मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव शामिल होंगे। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोगों के सचिव एवं अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।  

1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू से प्रगति का मार्ग होगा प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य के प्रत्येक कोने को आपस में जोड़ने और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए आधुनिक सड़क अवसंरचना तैयार है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल के पहले ही दिन, हमारी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ 1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एमओयू राज्य में 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं के निर्माण और विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इससे मध्यप्रदेश भविष्य में न केवल देश का, बल्कि दक्षिण एशिया का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये समझौते केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और बेहतर जीवनशैली के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य मजबूत सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, तो वहां व्यापार, निवेश और उद्योगों की वृद्धि भी स्वाभाविक रूप से होती है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को भारत का सबसे विकसित और आधुनिक राज्य बनाना है, और यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक सड़क परियोजनाएं जो मध्यप्रदेश के भविष्य को आकार देंगी जीआईएस-भोपाल में हुए इन ऐतिहासिक एमओयू से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का विकास होगा। जीआईएस-भोपाल में सड़क अवसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए है। इनमें इंदौर-भोपाल ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज-जबलपुर-नागपुर कॉरिडोर, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड (पश्चिमी और पूर्वी बायपास), जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर 4-लेन बायपास शामिल है। नवीन सड़क परियोजनाएं न केवल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ेंगी, बल्कि राज्य के प्रमुख शहरों को भी आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इससे यात्रा का समय घटेगा, लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन की लागत कम होगी, तथा कृषि, उद्योग, पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे। राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी राज्य तभी प्रगति करता है जब वहाँ सशक्त बुनियादी ढांचा, कुशल परिवहन प्रणाली और मजबूत आर्थिक मॉडल उपलब्ध होते हैं। इन समझौतों से मध्यप्रदेश को एक नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सड़कें बेहतर होंगी, तो उद्योगों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी। इससे मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसान अपने उत्पादों को तेजी से मंडियों और शहरों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। राज्य की पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में सुगमता आएगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा। इस परियोजना के तहत हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। सड़क निर्माण के दौरान इंजीनियर, श्रमिक, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय उद्यमी इससे लाभान्वित होंगे। नई सड़क परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। टाइम बाउंड प्रोजेक्ट: समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार तेज़ी से परियोजनाओं को लागू करने और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी परियोजनाओं को विश्व स्तरीय तकनीक, टिकाऊ निर्माण प्रक्रियाओं और उच्च गुणवत्ता वाले मानकों के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों को हर आवश्यक सहायता प्रदान कर ये परियोजनाएँ तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत भी कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत” मिशन का म.प्र प्रमुख केन्द्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश इस योजना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का सपना भारत को एक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का है। जीआईएस-भोपाल में हुए एमओयू उसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, मध्यप्रदेश देश की सबसे आधुनिक और कुशल परिवहन प्रणाली वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। भविष्य की दृष्टि: आत्म-निर्भर और विकसित मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में इन ऐतिहासिक समझौते (एमओयू) के साथ एक नए युग की शुरुआत हो रही है। ये परियोजनाएँ राज्य के प्रत्येक नागरिक को एक उज्जवल भविष्य देने का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कितेज़, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, बेहतर लॉजिस्टिक्स और व्यापार के अवसर, उद्योगों के लिए आसान परिवहन और निर्यात के नए मार्ग, सड़क निर्माण से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर और हर नागरिक के लिए सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह परियोजनाएँ केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव हर गाँव, हर शहर और हर नागरिक तक पहुँचे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में तकनीकी शिक्षा में निरंतर स्थापित हो रहे नए आयाम : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिवार को, सेमीकंडक्टर चिप विकसित करने की नवाचारी शोध करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मंत्री परमार ने शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. वैभव नीमा एवं उनके सहयोगी शोधार्थियों के पुरुषार्थ से सृजित यह नवाचार, तकनीक के क्षेत्र में निश्चित ही अपनी महती उपयोगिता सुनिश्चित करेगा। परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और इसमें नवाचार, शोध एवं अनुसंधान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और निरंतर नए आयाम स्थापित कर रही है। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं प्रगति के साथ, शैक्षणिक एवं अकादमिक स्तर पर उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि हो रही है। परमार ने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारी शोध करना, प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। प्रदेश के समस्त तकनीकी शिक्षण संस्थान भी शोध एवं नवाचार की दिशा में, नवीन आयाम स्थापित करने के लिए प्रयास करें। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) इंदौर ने एक सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन की है, जो डेटा स्टोरेज की सटीकता को बढ़ाती है, जिससे सैटेलाइट इमेजरी और बायोमेडिकल एप्लीकेशन को फायदा होता है। सेमीकंडक्टर चिप को डीएवीवी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के VLSI ग्रुप द्वारा टाइनी टेपआउट शैक्षणिक परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर डिज़ाइन को अधिक सुलभ और किफायती बनाने का लक्ष्य रखती है। इस उपलब्धि के साथ, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय उन प्रतिष्ठित भारतीय संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने सफलतापूर्वक एक फैब्रिकेटेड सेमीकंडक्टर चिप डिज़ाइन किया है। सेमीकंडक्टर चिप का विकास और विशेषताएँ यह चिप स्काईवाटर की 130nm तकनीक का उपयोग करके विकसित की गई है, जो डेटा त्रुटियों का स्वतः पता लगाकर उन्हें सुधार सकती है। यह सफलता देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करती है और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक में व्यवहारिक अनुभव प्रदान करती है। शोधार्थी टीम और अनुसंधान प्रक्रिया देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आईईटी (IET) के फैकल्टी और रिसर्च स्कॉलर्स समेत सात सदस्यों की टीम ने इस चिप को डिज़ाइन किया है और इसे फैब्लैब मलेशिया से फैब्रिकेट करवाया है। इस टीम का नेतृत्व डॉ. वैभव नीमा ने किया, उनके साथ प्रोफेसर रवि सिंदल, सुप्रियंका शर्मा, आशीष पंचाल और पीएचडी स्कॉलर्स ऋषभ बडज़ातिया, अमित साहनी और सुआस्था गुप्ता शामिल हैं। शोधार्थी टीम ने पिछले लगभग डेढ़ साल से इस सेमीकंडक्टर चिप को डिजाइन करने की दिशा में समर्पित परिश्रम किया। आईईटी के पूर्व प्रोफेसर डॉ. शैलेश सिंह चौहान ने भी इस परियोजना में मार्गदर्शन दिया है, जो वर्तमान में स्वीडन विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। इस सेमीकंडक्टर चिप की डिज़ाइन तैयार करने में आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ संतोष कुमार विश्वकर्मा द्वारा निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया गया है। अनुसंधान और औद्योगिक अनुप्रयोग शोधार्थी टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. वैभव नीमा ने बताया कि “हमें निर्मित सेमीकंडक्टर चिप प्राप्त हो गई है, इसलिए अब हम परीक्षण और पेटेंट के लिए आगे बढ़ेंगे। यह विकास हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खोलेगा, जो आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों पर काम कर सकते हैं और उन्हें प्रोटोटाइप में बदल सकते हैं।” डॉ. वैभव नीमा ने बताया कि आईईटी को इस परियोजना के लिए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से चिप्स टू स्टार्टअप्स कार्यक्रम के तहत 1 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इस योजना का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में 85 हजार इंजीनियरों को VLSI और एम्बेडेड सिस्टम डिज़ाइन के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना है। इस पहल से सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे SoC सिस्टम डिजाइन को स्नातक, मास्टर्स और अनुसंधान स्तर पर सीखने में सहायता मिलेगी। यह भारत में फैबलेस डिज़ाइन स्टार्टअप्स के विकास को भी बढ़ावा देगा। चिप के लाभ और भविष्य की योजनाएँ डॉ. वैभव नीमा ने बताया कि इस चिप की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है कि यह डेटा सटीकता सुनिश्चित कर सकती है, जो सैटेलाइट इमेजिंग, बायोमेडिकल रिसर्च और AI-आधारित एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में सटीक डेटा प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक है। इसकी स्वत: त्रुटि पहचान और सुधार तकनीक से डेटा के खराब होने के जोखिम को कम करती है। अगले चरण में, VLSI टीम चिप का परीक्षण और सत्यापन करेगी। एक बार चिप को मान्यता मिलने के बाद इसे, चिप को औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए पेश किया जाएगा, जो संभवतः स्वास्थ्य सेवा और दूरसंचार क्षेत्रों के लिए लाभकारी होगा। आईईटी, VLSI टीम अगले वर्ष तक दो और परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बना रही है।  

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर में विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे

ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर में विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे। यहां की बस्तियों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल व सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। मंत्री तोमर ने उपनगर ग्वालियर के वार्ड 13 में लगभग एक करोड़ 42 लाख रूपए लागत के विकास कार्यों के भूमि-पूजन अवसर पर यह बात कही। उन्होंने आम लोगों से शहर को साफ व स्वच्छ बनाये रखने में सहयोग देने की भी अपील की। मंत्री तोमर ने वार्ड 13 में एक करोड 41 लाख 50 हजार रूपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। जिसमें समुदायिक भवन कोटा वाला मोहल्ला लागत राशि 10 लाख रूपये, सी.सी. रोड तानसेन नगर ई. ब्लॉक में लागत राशि 12 लाख 50 हजार रूपये, सी.सी. रोड लोहा मण्डी एवं तानसेन नगर बी. ब्लॉक राशि 5 लाख रूपये, नाली एवं सी.सी. मरम्मत कार्य विभिन्न गलियों में लागत राशि 10 लाख रूपये, सी.सी. रोड लोहा मण्डी ग्यासी आटा चक्की कोटा वाला मोहल्ला, पवन उपाध्याय की गली, फोर्ट रोड, दयाल स्टूडियो वाली गली, मायाचन्द धर्मशाला के पीछे, हजीरा अलीगढ़ मिष्ठान भण्डार के बगल वाली गली लागत राशि राशि 33 लाख रूपये, तानसेन नगर, सी.सी. रोड लागत राशि 20 लाख रूपये, सी.सी. रोड तानसेन नगर, डॉ. सोनकर की गली लागत राशि 9 लाख रूपये, सी.सी. रोड तानसेन नगर, आजाद त्रिपाठी वाली गली लागत राशि राशि 22 लाख रूपये एवं सी.सी. रोड तानसेन नगर राजीव कुशवाह वाली गली में 20 लाख रूपये की राशि से निर्माण कार्य शामिल हैं। भूमि-पूजन के अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिधि  सहित बडी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकगण उपस्थित रहे।  

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने किया सम्मान

भोपाल लोकसभा निर्वाचन-2024 के दौरान मध्यप्रदेश में सुचारू और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। इसे संपन्न कराने में पूर्व पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना और आईजी, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारी (कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा) अंशुमान सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महत्वपूर्ण भूमिका के निर्वहन के लिए पूर्व डीजीपी सक्सेना और आईजी सिंह को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रशंसा-पत्र को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखवीर सिंह द्वारा दोनों अधिकारियों को प्रदान किया गया। मुख्य निवार्चन पदाधिकारी सुखवीर सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव-2024 में पूर्व पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना एवं पुलिस महानिरीक्षक, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारी (कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा) अंशुमान सिंह की कुशल नेतृत्व क्षमता और प्रभावी कार्यशैली से प्रदेश में स्वतंत्र, निर्बाध, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई थी। कानून व्यवस्था का प्रभावी ढंग से संचालन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दोनों पुलिस अधिकारियों को प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया है। इस दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश कौशल विकास को आर्थिक विकास का एक प्रमुख आधार बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा :मंत्री टेटवाल

भोपाल मध्यप्रदेश कौशल विकास को आर्थिक विकास का एक प्रमुख आधार बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश के युवा वर्ग को उद्योग जगत की मांग के अनुसार एडवांस ट्रेड में प्रशिक्षण देने के लिए कई नवा चार किए जा रहे हैं। जीआईएस-भोपाल में कौशल विकास और रोजगार विभाग ने कौशल प्रशिक्षण के लिए 8 एमओयू किए हैं। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देकर नीतियां बनाई जा रही हैं। यह बात कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने 5वें एपीएसी राष्ट्रीय कौशल कॉन्क्लेव में कही। मंत्री टेटवाल ने प्रदेश सरकार की ओर से व्यापार अनुकूल माहौल विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और निजी क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही कौशल से सशक्त बनाना उनकी रोजगार और उद्यमिता सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री टेटवाल ने उद्योग-उन्मुख कौशल, तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे राज्य के युवा वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें। प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उनकी कौशल क्षमता को उन्नत करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रही है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क के सीईओ गिरीश शर्मा ने राज्य में ह्यूमन कैपिटल (मानव संसाधन) पर किए जा रहे निवेश पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्थानीय संस्थानों में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के माध्यम से उद्योग-केंद्रित कार्य बल तैयार किया जा रहा है, जो राज्य के औद्योगिक विकास में सहायक सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव में एचपीसीएल, टाटा पॉवर, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और जेबीएम ग्रुप जैसी अग्रणी कंपनियों के उद्योग विशेषज्ञों और एचआर प्रमुखों ने भाग लिया। उन्होंने नए युग की कार्यशैली के अनुरूप कौशल विकास की रणनीतियों और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के संदर्भ में प्रतिभा बनाए रखने की चुनौतियों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों को अपने पाठ्यक्रम को उद्योग की मांगों के अनुरूप बनाना होगा, जिससे स्नातकों को प्रशिक्षित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। विभिन्न सेक्टर स्किल काउंसिल्स और विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों ने सेक्टर-विशिष्ट कौशल अंतर को दूर करने और छात्रों को वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करने पर चर्चा की। कुलपतियों ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए कि छात्रों को उद्योग-उन्मुख शिक्षा प्रदान कर उन्हें वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार किया जाए। एपीएसी राष्ट्रीय कौशल कॉन्क्लेव ने सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। कॉन्क्लेव में उद्योग, शिक्षा और सरकारी क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों ने वैश्विक रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार कौशल विकास के महत्व पर चर्चा की। कॉन्क्लेव के माध्यम से कौशल विकास के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। मध्यप्रदेश एक कुशल कार्य बल केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, सरकार की यह प्रतिबद्धता राज्य के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

मुख्यमंत्री ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़तूमा सागर में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर में संत रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य में लगे शिल्पियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर के मॉडल का अवलोकन कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास मंदिर निर्माण पर आधारित चलचित्र (वीडियो प्रदर्शनी) को देखा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को परिष्कृत करने, सहेजने और सामाजिक समरसता में संतों की भूमिका से लोगों को परिचित कराने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से आज संत रविदास मंदिर विशाल आकार में मूर्तरूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह भव्य मंदिर और संग्रहालय आस्था के साथ-साथ देश-दुनिया के लोगों को भारत की महान संत परम्परा की विचारधारा और संत‍शिरोमणि रविदास जी के जीवन से परिचित कराने वाला अद्भुत केंद्र बनेगा। मध्यप्रदेश के प्राचीन महत्वपूर्ण शहर सागर में संत रविदास के जीवन मूल्य व विरासत को मंदिर संग्रहालय के माध्यम से देश-दुनिया में उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। संत रविदास के ईश्वर के प्रति समर्पण भाव से लोगों को परिचित कराना मंदिर संग्रहालय का केंद्रबिंदु बनेगा। बगैर आयरन के तैयार किये जा रहे 66 फ़ीट ऊंचे संत रविदास मंदिर का लाल पत्थर से नागर शैली में निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का रोड से 5 फ़ीट ऊँचा फाउंडेशन बनने के बाद नक्कासीदार पत्थरों के 72 पिलर लगाए गये हैं। इन पिलरों पर मंदिर का ऊपरी ढांचा खड़ा किया जायेगा। मंदिर के आसपास चार गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है जहाँ संत रविदास के जीवन को विस्तृत और आधुनिक संसाधनों की मदद से प्रस्तुत किया जायेगा। पुस्तकालय में संत रविदास की आध्यात्मिक व धार्मिक पुस्तकों को संग्रहित किया जायेगा। बड़तूमा सागर में 101 करोड़ रूपए की लागत से कुल 11 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन संत रविदास मंदिर प्रांगण में 9 हजार वर्गफ़ीट में मंदिर निर्माण, 15 हजार वर्गफ़ीट में म्यूजियम, 11 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 100 बिस्तरों वाली डॉर्मेटरी, 12 हजार वर्गफ़ीट एरिया में 12 कमरों वाला भक्त निवास, लगभग 10 हजार वर्गफ़ीट एरिया में लाइब्रेरी और संगत हॉल, 2152 वर्ग फ़ीट एरिया में कैफेटेरिया, 2905 वर्गफ़ीट में हॉली जल कुंड, 538 वर्गफ़ीट एरिया में ग़जीवो निर्माण सहित संत रविदास मंदिर परिसर का निर्माण प्रगतिरत है। मंदिर परिसर के अंदर उक्त सभी संरचनाओं का ढांचा तैयार किया जा रहा है।  

मंत्री राजपूत ने बताया कि राज्य के किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जायेगी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम् में 01 मार्च से तथा शेष संभाग में 17 मार्च से खरीदी के निर्णय में बदलाव करते हुये राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर पूरे प्रदेश में एक साथ 15 मार्च से ही खरीदी करने का निर्णय लिया है। राजपूत ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की फसल कटाई पूर्ण नहीं होने तथा मंडियों में आ रहे गेहूं में समर्थन मूल्य उपार्जन हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित नमी के प्रतिशत से अधिक होने के कारण किसानों को असुविधा से बचाने यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। विगत वर्षों में भी समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 15 मार्च के बाद ही प्रारम्भ किया जाता रहा है। किसानों को मध्यप्रदेश सरकार देगी 175 रूपये बोनस खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में 150 प्रति क्विंटल की वृद्धि करते हुए 2425 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली किसान हितैषी प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं उत्पादक किसानों के हित में बडा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य 2425 रूपये के अतिरिक्त 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा की गई है। राजपूत ने बताया कि राज्य के किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जायेगी। खाद्य मंत्री ने किसानों के हित में लिये गये इस बड़े निर्णय के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुये इसे खेती को लाभ का धंधा बनाने की ओर सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों का एक हिस्सा बताया है। 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में लगभग 80 लाख मे. टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। इस उपार्जन पर समर्थन मूल्य की राशि 19,400 करोड़ रूपये तथा बोनस की राशि 1400 करोड़ रूपये का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है।।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet