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भारत की आर्थिक राजधानी में एक प्रमुख टेक हब बनने के लिए सभी जरूरी तत्व मौजूद हैं: पीयूष गोयल

मुंबई वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार की दमदार नीतियों के कारण उद्यमियों और इनोवेटर्स को नई डिजिटल लहर का लाभ उठाने में मदद मिलेगी, जिससे भारत एआई युग में सबसे आगे रहेगा। मुंबई टेक वीक 2025 में अपनी बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजी और कौशल उपलब्धता में किए जा रहे निवेश के साथ मुंबई भारत का टेक हब बन सकता है।” उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक राजधानी में एक प्रमुख टेक हब बनने के लिए सभी जरूरी तत्व मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुंबई टेक वीक 2025 में शानदार बातचीत हुई, जहां मुझे एआई को अपनाने और इसके नैतिक उपयोग में योगदान देने में भारत के लाभ के बारे में विस्तार से बोलने का मौका मिला।” भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने में लीडरशिप पोजीशन स्थापित कर रहा है। देश ने 2024 में 3 बिलियन एआई- रिलेटेड-ऐप डाउनलोड दर्ज किए, जो अमेरिका के 1.5 बिलियन और चीन के 1.3 बिलियन की संख्या से कहीं आगे था। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला के अनुसार, यह दर्शाता है कि भारत ‘यूज केस कैपिटल ऑफ एआई’ है, जिसका अर्थ है कि देश केवल एआई के बारे में केवल बात ही नहीं कर रहा है या एआई में केवल रिसर्च ही नहीं कर रहा है; यह असल में इसे बड़े पैमाने पर लागू भी कर रहा है। पिछले महीने पेरिस में एआई एक्शन समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में बात की कि कैसे एआई केवल एक राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बल्कि एक वैश्विक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ऐसा एआई होना बहुत जरूरी है जो नैतिक, इंक्लूसिव और भरोसेमंद हो। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया एआई युग की शुरुआत में थी, जहां यह टेक्नोलॉजी तेजी से मानवता के लिए कोड लिख रही थी और “हमारी राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज” को नया आकार दे रही थी। इस बात पर जोर देते हुए कि प्रभाव के मामले में एआई मानव इतिहास में दूसरे तकनीकी मील के पत्थरों से बहुत अलग है, उन्होंने साझा मूल्यों को बनाए रखने, जोखिमों को संबोधित करने और विश्वास का निर्माण करने वाले शासन और मानकों को स्थापित करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई का लाभ सभी तक पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत अगले एआई सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

पर्यटन ग्राम बांचा में मंत्रीद्वय ने गांव की पारंपरिक जीवनशैली एवं प्राकृतिक सौंदर्य का किया अनुभव

भोपाल एमपी टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से परिचय और प्राकृतिक सौंदर्य से विस्मित कर देने के उद्देश्य से बनाए गए होमस्टे ठहरने का एक लोकप्रिय और आकर्षक विकल्प बन गए हैं। इन होमस्टे के माध्यम से ग्रामीण जीवनशैली के साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और खानपान अनुभव कर रहे हैं। इस अविस्मरणीय अनुभव को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके और उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद श्री मोहन नागर ने पर्यटन ग्राम बांचा में स्वयं महसूस किया। शनिवार की रात अलाव के बीच ग्रामीणों से चर्चा की और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना। रविवार सुबह प्राकृतिक सौंदर्य के बीच भुने हरे चने का नाश्ता के साथ देशी महुआ पत्तल में कढ़ी, बेसन और प्याज के भजिये का लुत्फ उठाया। साथ ही समीप जंगल का भ्रमण भी किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बोले प्रदेश के होमस्टे में ठहरना जीवन का अविस्मरणीय पल बन गया है।  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने ग्रामीणों से गांव के विकास को लेकर चर्चा भी की।  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने  कहा कि पर्यटन ग्राम बांचा आकर आनंद की अनुभूति हुई। यहां की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश अद्भुत है। खासकर, गांव के पारंपरिक व्यंजन बहुत स्वादिष्ट थे। एमपी टूरिज्म बोर्ड की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम देगी और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड लगातार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के प्राणपुर, साबरवानी और लाड़पुरा खास को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों के रूप में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा चुना भी जा चुका है। फ़िलहाल प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत कुल 407 होमस्टे का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसमें ग्राम होमस्टे की संख्या 171 हो चुकी है। बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के बांचा गांव में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने परियोजना के अंतर्गत 2023 में इस गांव का चयन किया गया था। पिछले दो वर्षों से “बैक टू विलेज” (B2V) कार्यक्रम के तहत यहां ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत 15 फरवरी 2025 को यहाँ पांच होमस्टे का उद्घाटन किया गया था।  ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय निवासियों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल से पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के बीच ठहरने का अवसर मिलता है, जिससे वे शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिता सकते हैं।

बच्चों को हम जैसा बनाएंगे, जैसा सिखाएंगे, वैसे बनकर वह आगे बढ़ेंगे : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि बच्चे गीली मिट्टी के समान होते हैं। इनकों हम जैसा बनाएंगे, जैसा सिखाएंगे वैसा बनकर वह आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह बात अवधपुरी में एक निजी स्कूल के शुभारंभ अवसर पर कहीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह पहला ऐसा स्कूल है, जिसमें वह सारी सुविधाएं हैं, जो सुविधाएं छोटे बच्चों को मिलनी चाहिए। स्कूल में बहुत छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखा गया है जो बच्चों की सुरक्षा का, बच्चों के मनोरंजन का, बच्चों के ज्ञान का, हर दृष्टि से यहां आने वाला बच्चा हर तरफ से समृद्ध होकर जाए। इस दृष्टि से हमारा यह प्री स्कूल निश्चित रूप से हमारी नई पीढ़ी को संस्कारित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। पार्षद श्रीमती मधु शिवनानी, श्री जितेंद्र शुक्ला, मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र दुबे, श्री गणेश राम नागर, पार्षद श्री वी शक्ति राव, श्री राजेश्वर सिंह, स्कूल की प्रिसिंपल श्रीमती रुचि विनोद सिंह, श्री रामेश्वर भैया, श्री विनोद सिंह, श्री प्रसाद पटेल और सभी गणमान्य नागरिक बंधु मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की

बांसवाड़ा राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को वागड़ के प्रमुख शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी के मंदिर पहुंचकर मातारानी के दर्शन उपरांत पूजन किया। उन्होंने मातारानी से राज्य की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री दोपहर ढाई बजे हेलीकॉप्टर से त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के पार्श्व में बने हेलीपैड पर पहुंचे। उनके साथ विधायक श्रीचंद कृपलानी भी थे। हेलीपैड पर जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने अगवानी की। इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, विधायक कैलाश मीणा, पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, धनसिंह रावत, भवानी जोशी, राजेंद्र पंचाल, दीपक जोशी, पूर्व विधायक हरेंद्र निनामा, प्रधान निर्मला मकवाना आदि ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद सीएम शर्मा त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पंडित निकुंज मोहन पण्ड्या और दिव्यभारत पंड्या के निर्देशन में विधि-विधान से सपत्नीक पूजा-अर्चना की। मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी सीएम का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री  डूंगरपुर के खेरमाल के लिए प्रस्थान कर गए।

सनवाड़ा पेट्रोल पंप से डंपर चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार

 सिरोही जिले के अनादरा थाना क्षेत्र में एक माह पूर्व सनवाड़ा स्थित पेट्रोल पंप से डंपर चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के एक मुख्य आरोपी मुस्ताक खां उर्फ मुक्का को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने राजस्थान के विभिन्न शहरों में डंपर चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। सिरोही पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई अनादरा थानाधिकारी सरिता विश्नोई के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। इस टीम ने आरोपी मुस्ताक खां, निवासी तिजारा, अलवर को गिरफ्तार किया, जो पहले से ही कई मामलों में वांछित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पाली सदर और अलवर सदर सहित कई अन्य थानों में चोरी और अन्य अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों अजीम और असगर के साथ मिलकर डंपर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने यह भी कबूला कि गैंग पहले भी मालपुरा (टोंक), विवेक विहार (जोधपुर), चांदबाजी (जयपुर), कोटपुतली, पाली, रानी, डीडवाना सहित कई स्थानों पर डंपर चोरी कर चुकी है। फिलहाल पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। ताजा घटना 25 जनवरी की रात को हुई थी, जब सनवाड़ा स्थित एक पेट्रोल पंप से केपी एंटरप्राइजेज का डंपर चोरी कर लिया गया। फर्म मालिक कृष्णपाल सिंह देवड़ा ने इसकी रिपोर्ट 26 जनवरी को अनादरा थाने में दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार चोरी के बाद उन्होंने अपने डंपर को जीपीएस से ट्रेक करने की कोशिश की थी लेकिन चोरों ने चालाकी दिखाते हुए पहले ही डंपर से कंपनी-फिटेड जीपीएस डिवाइस निकालकर फेंक दी थी। इसका अंतिम लोकेशन सनवाड़ा से करीब दो किलोमीटर दूर पावापुरी जैन तीर्थ के पास मिला था। इसके बाद डंपर में मौजूद दूसरे जीपीएस से उसकी अंतिम लोकेशन सांडेराव-कोशलाव रोड पर मिली थी। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की और चोरी के डंपर की तलाश में घटनास्थल और आसपास के इलाकों की 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसके अलावा, सिरोही, पाली, ब्यावर, अजमेर, जयपुर, अलवर, सीकर, दौसा, भरतपुर, उदयपुर, जोधपुर, जालौर और सांचौर जिलों के टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। इस विस्तृत जांच से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे गैंग की गतिविधियों का पता चला। गैंग के काम करने के तरीके की जांच में खुलासा हुआ कि वे पहले किराए की टैक्सी लेकर संभावित चोरी के स्थानों की रेकी करते थे। वे दिन में सीसीटीवी कैमरों से बचते हुए खाली खड़े डंपरों पर नजर रखते थे और फिर रात के समय उन्हें चुराने की योजना बनाते थे। गैंग के सदस्य मास्टर की का इस्तेमाल कर महज 10-15 सेकंड में डंपर का लॉक खोल देते थे और एक मिनट के भीतर उसे स्टार्ट कर वहां से रवाना हो जाते थे। चोरी के बाद वे सबसे पहले जीपीएस डिवाइस को निकालकर फेंक देते थे या फिर उसे किसी अन्य वाहन में डाल देते थे ताकि पुलिस की जांच भटक जाए। इसके अलावा वे टोल प्लाजा से बचने के लिए छोटे रास्तों का इस्तेमाल करते थे और एक एस्कॉर्ट गाड़ी साथ रखते थे ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गैंग का एक और सदस्य अरशद उर्फ लंगड़ा, निवासी बाई बरेड़ा, जिला अलवर, इस समय मप्र की जेल में बंद है। इससे संकेत मिलता है कि यह एक संगठित अपराधी गिरोह है, जो राज्य भर में डंपर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से और पूछताछ कर रही है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों की जानकारी मिल सके और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

प्रदेश के 10 नगरों में नक्शा कार्यक्रम लागू, सम्पत्ति लेन-देने की प्रक्रिया बनेगी सरल

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों के 10 नगरों में नक्शा कार्यक्रम लागू किया है। इसे केन्द्रीय भूमि संसाधन विभाग ने ‘डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकॉर्ड्स और मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम’ के तहत शुरू किया है। नक्शा कार्यक्रम (नेशनल जियो स्पिेटियल नॉलेज बेस्ड लैण्ड सर्वे ऑफ अर्बन हेबिटेशन) सम्पत्ति लेन-देन और ऋण प्राप्ति को सरल बनायेगा। यह कार्यक्रम प्रापर्टी टैक्स कलेक्शन में सुधार और वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करेगा। प्रदेश में यह कार्यक्रम 9 जिलों के 10 नगरों में लागू किया जा रहा है। इनमें शाहगंज, छनेरा, अलीराजपुर, देपालपुर, धार कोठी, मेघनगर, माखन नगर (बाबई), विदिशा, साँची और उन्हेल शामिल हैं। नक्शा कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित नगरों में जियो स्पिेटियल मेपिंग करना और भूमि सर्वेक्षण में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करना शामिल है। ई-नगरपालिका 2.0 प्रदेश में ई-नगरपालिका के माध्यम से सभी नागरिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदाय की जा रही हैं। योजना के दूसरे चरण में पोर्टल के अंतर्गत 16 मॉड्यूल तथा 24 नागरिक सेवाएँ शामिल की जा रही हैं। इसी के साथ इनका डाटा प्रबंधन क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। ई-नगरपालिका 2.0 में जीआईएस एकीकरण और ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग किया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ ई-नगरपालिका 2.0 का एकीकरण किया जा रहा है। स्व-चालित भवन योजना प्रदेश के नगरीय निकायों में स्व-चालित भवन योजना अनुमोदन प्रणाली (एबीपीएएस 3.0) के माध्यम से पूर्व में आ रही कठिनाइयों को दूर किया जा रहा है। उन्नत परियोजना एबीपीएएस 3.0 में जीआईएस टेक्नोलॉजी, ओपन सोर्स प्लेटफार्म और कॉलोनी विकास अनुज्ञा से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा है। राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति-2025 ने यहां शूटिंग को व्यापारिक दृष्टिकोण से भी आकर्षक बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस नीति से प्रदेश की छवि बड़े पर्दे पर और भी प्रभावशाली बनकर वैश्विक पटल पर उभरेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी नई ऊंचाइंया मिलेंगीं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि जीआईएस भोपाल से फिल्म निर्माण एवं पर्यटन उद्योग के गोल्डन ग्लोबल गेट की ओपनिंग हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए हमें बताया कि भारत के विकास में टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत से अधिक होगा। जीआईएस-भोपाल में नई नीति बनी करोड़ों के निवेश का आधार जीआईएस-भोपाल में पर्यटन विभाग ने राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति पर प्रेजेंटेशन से फिल्म निर्माता और पर्यटन उद्योग के पुरोधा अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने माना कि इससे प्रदेश में और अधिक अनुकूल वातावरण बनेगा, साथ ही इस क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश होंगे। जीआईएस-भोपाल से पर्यटन, फिल्म-पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 68,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, इससे पर्यटन क्षेत्र में 1.2 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। नई नीति में फिल्म निर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन नई फिल्म-पर्यटन नीति में फिल्मों और वेब-सीरीज के निर्माण के लिए अनुदान राशि बढ़ाई गई है। नई नीति में फीचर फिल्म निर्माण के लिये 5 करोड़ रुपये, वेब सीरीज निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये, टीवी सीरियल निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपये, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के निर्माण पर, 12 करोड़ रुपये और शॉर्ट फिल्म निर्माण पर 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना में लाभ प्राप्ति के लिये फिल्म निर्माण की 75 प्रतिशत शूटिंग मध्यप्रदेश में करना होगा। नई नीति में प्रदेश में सिनेमाघरों के नवीनीकरण के लिए निवेश जुटाने पर भी ध्यान दिया गया है। फिल्म शूटिंग संबंधी अनुमतियों के लिए एकल मंजूरी की व्यवस्था की गई है। इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है।  स्थानीय भाषाओं और विषयों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन राज्य सरकार ने स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय भाषाओं-बोलियों में फिल्म बनाने पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देने का नई नीति में प्रावधान किया है। इसमें मालवी, बुंदेली, निमाड़ी, बघेली और भीली भाषाओं की फिल्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, महिला और बच्चों पर केंद्रित फिल्मों के निर्माण पर भी 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। मध्यप्रदेश में फिल्म-शूटिंग बढ़ता क्रेज वर्तमान में मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माता आगे आ रहे हैं। मध्यप्रदेश को वर्ष-2022 में ‘द मोस्ट फिल्म-फ्रैंडली’ राज्य का पुरस्कार मिल चुका है। अब तक 15 हिंदी फिल्मों, 2 तेलुगु फिल्मों और 6 वेब सीरीज को 30 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय अनुदान दिया जा चुका है। प्रमुख फिल्म और वेब सीरीज परियोजनाओं में स्त्री-1 एवं स्त्री-2, भूल-भुलैया-3, सुई-धागा, लापता लेडीज, द रेलवे मैन, पैडमैन, धड़क-2, स्त्री, पंचायत, कोटा फैक्ट्री, गुल्लक और सिटाडेल आदि शामिल हैं। प्रदेश में मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य संसाधनों से फिल्म-शूटिंग का क्रेज बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पर्यटन है ग्लोबल-अट्रेक्शन मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सह अस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्य जीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आस-पास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं। प्रदेश में डायवर्सिफाइड टूरिज्म रिसोर्सेज के कारण मध्यप्रदेश को देश के साथ ही विश्व की टॉप टूरिज्म डेस्टिनेशन माना जा रहा है। नई नीति से पर्यटक स्थलों में होंगे विश्वस्तरीय अधोसंरचनात्मक विकास मध्यप्रदेश में खजुराहो, कान्हा, सांची, ओरछा, ग्वालियर, बांधवगढ़, पंचमढ़ी, अमरकंटक, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन नीति-2025 में विश्वस्तरीय अधोसंरचना के विकास की योजना बनाई है, जिसमें गोल्फ कोर्स, क्रूज टूरिज्म, वेलनेस रिसॉर्ट, रोपवे, म्यूजियम और लाइट एंड साउंड शो शामिल हैं। पर्यटन में निवेश के मिले आकर्षक प्रस्ताव राज्य सरकार को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अमेज़न प्राइम, जी-5, आईएचएसओएल, ट्रेजर ग्रुप, आईटीसी होटल्स, हिल्टन समूह आदि के 300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। आकर्षक निवेश से निसंदेह मध्यप्रदेश में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इमेजिका वर्ल्ड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने इंदौर में वॉटर पार्क के लिए 200 क़रोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नीमराना समूह ने चंदेरी के राजा-रानी महल को विकसित करने के लिए 20 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इवॉल्व बैक रिसॉर्ट्स ने पन्ना टाइगर नेशनल पार्क के पास नए वेलनेस रिसोर्ट के लिए 150 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। 

आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि के आसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम पर पड़ेगा असर, इन राज्यों में होगी बारिश

नई दिल्ली उत्तर भारत में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। यूपी, दिल्ली समेत कई जगह दिन और रात के समय काफी गर्मी पड़ रही है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि के आसार हैं। इस बीच, एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम पर असर पड़ेगा। पहाड़ी राज्यों में चार मार्च तक भारी बारिश होगी। वहीं, मैदानी इलाकों में तीन मार्च को बारिश का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में दो और तीन मार्च को हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में बारिश और बर्फबारी हुई। इसके अलावा, असम, मेघालय, लक्षद्वीप, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे में भी बरसात रिकॉर्ड की गई। मिजोरम में ओलावृष्टि हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 3 और 4 मार्च को बारिश होगी, जबकि पंजाब में तीन मार्च को ओले गिरेंगे। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में दो मार्च को बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत की बात करें तो दक्षिणी केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु आदि में दो मार्च को बरसात होने वाली है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत में अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी होने वाली है। हालांकि, उसके बाद तीन से चार दिनों के बीच यह दो से चार डिग्री गिर जाएगा। वहीं, मध्य भारत में अगले 24 घंटे में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें दो से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। आंध्र प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी होने वाली है।

भाजपा-कांग्रेस के 13 और एक निर्दलीय पार्षद ने शपथ ग्रहण समरोह का किया बहिष्कार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. पेंड्रा के असेम्बली हॉल हाई स्कूल में आज नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों का शपथ ग्रहण समरोह हुआ. इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल शामिल होने पहुंचे, लेकिन केवल नवनिर्वाचित निर्दलीय अध्यक्ष राकेश जालान और एक निर्दलीय पार्षद ने ही शपथ ली. वहीं भाजपा-कांग्रेस के 13 और एक निर्दलीय पार्षद ने शपथ ग्रहण समरोह का बहिष्कार करते हुए इससे दूरी बना रखी. दरअसल, राकेश जालान नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के ही सदस्य थे. उन्होंने चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी को 199 वोटो के अंदर से हराया था. साथ ही सभी 15 वार्डों में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ ही काम कर कांग्रेस प्रत्याशी को हराया था. जिसके बाद राकेश जालान सहित 13 कांग्रेसियों को निष्कासित किया गया था. नगरीय निकाय चुनाव के रिजल्ट आने के 14 दिन के अंदर इन बागी नेताओं को पुनः कांग्रेस में जगह दे दी गई. जिससे नाराज होकर पंकज कांग्रेस के 6 पार्षदों ने आज आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम का बहिष्कार किया. साथ ही 7 भाजपा के पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार किया. वहीं भाजपा पार्षद विधायक अमर अग्रवाल के साथ नजर आए. कार्यक्रम को लेकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी पद पर बैठता है, उसकी कार्य क्षमता पर काफी कुछ निर्भर करता है. राकेश जालान पहले भी निर्दलीय अध्यक्ष बने थे, और जब कांग्रेस में शामिल हुए थे तभी भी बहुत काम हुआ. आगे भी काम होगा, क्षमतावान है इसलिए बेहतर काम होंगे. कांग्रेस के जो अध्यक्ष और पदाधिकारी है, उन्हें मेरा खुला समर्थन है. कांग्रेस के नाराज नवनिर्वाचित पार्षदों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका परिषद पेंड्रा में कांग्रेस विपक्ष में रहेगी. जो अध्यक्ष है, वह निर्दलीय है, वह हमारे पार्टी के नहीं हैं. आने वाले समय में यह मतभेद बढ़ते हुए नजर आ सकता है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिनर्जी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साकेत नगर भोपाल में सिनर्जी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का गणेश पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, अस्पताल के संस्थापक डॉ. निवेश सेहरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के विशेषज्ञता विभागों, उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं का अवलोकन किया।  

30 साल बाद नक्सलियों की राजधानी पामेड़ में शुरू हुई बस सेवा

जगदलपुर दक्षिण बस्तर का नाम सुनते ही लोगों के मन में गोलियों की तड़तड़ाहट के साथ ही निर्दोष ग्रामीणों की हत्या से लेकर अन्य कई तस्वीरे सामने आ जाती हैं। जिसके कारण आमजनों के अंदर ख़ौफ़ देखने को मिलता है, वही दक्षिण बस्तर के अंतिम छोर में पुलिस के द्वारा चलाये गए अभियान के चलते अब वहां खून खराबा नही बल्कि यात्री बसों के हॉर्न सुनाई दे रहे हैं। कल तक जो इलाका नक्सलियों के कब्जे में था , अब उस इलाके में पुलिस ने अपनी पैठ जमाते हुए कैम्प के साथ ही वहां के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रहे है, जिसका सबसे सुखद परिणाम यह आ रहा है कि अब बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अंतिम गाँव में बसे पामेड़ में अब बसों का आवाजाही शुरू हो गया है। बता दें कि बीजापुर जिले का एक ऐसा गाँव पामेड़ जो कभी नक्सलियों की राजधानी के रूप में जाना जाता था, सरकार व जवानों की कड़ी मेहनत के चलते अब वहां विकास तेजी से बढ़ रहा है, पामेड़ इलाके की बात करे तो कभी वहां पर दुपहिया वाहन भी देखने को लोग तरस जाते थे, अब उसी पामेड़ में 30 वर्षो के बाद यात्री बस की सेवा शुरू हो गई है। बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसा यह पामेड़ गाँव, उस  इलाके के 7 पंचायतों को भी जोड़ता है, सरकार के साथ ही पुलिस जवानों के अथक प्रयास से बीते 4 माह के अंदर इस गाँव मे विकास की बड़ी गाथा लिखी गई है, इस इलाके में सड़क और कैंप के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत इस इलाके के ग्रामीणों के लिए शुरू हुई यात्री बस की सेवा है, बस सेवा के चलते अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को पहले तेलंगाना से होते हुए अपने गृहगांव तक जाना पड़ता था, लेकिन अब वे बीजापुर से सीधे पामेड़ अपने घर पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो आजादी के बाद से  पामेड़ इलाके तक सड़क थी, 50 साल पहले भी सड़क हुआ करती थी, लेकिन उस मार्ग में वाहनों का आवाजाही कम होता था, जिसके चलते धीरे-धीरे इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी पैठ बनाई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया, नक्सलियों के दबाव और होने वाले वारदातों को देखने के बाद इसे कुछ ही समय में इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी कहा जाने लगा,  अब नक्सलियों को खदेड़ने के लिए सरकार ने यहां विकास की गाथा लिखने की शुरुआत की, जिसके चलते सबसे पहले इस क्षेत्र में कैंप स्थापित किए गए फिर सड़कों का जाल बिछाने का काम शुरू किया गया, बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा,तररेम,चिन्नागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं, इन इलाकों में विकास के साथ ही सुविधाओं के साथ ही नक्सलियों को खदेड़ने में सबसे बड़ा श्रेय जवानों को जाता है जो दिन-रात नक्सली इलाके में डटकर लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में लगे हैं। जिन इलाकों में कभी दुपहिया वाहन तक सही रूप से नहीं चलाते थे अब उन इलाकों में चार पहिया वाहनों के साथ यात्री बसें दौड़ने लगी है, 50 वर्षो तक जिन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे थे वह सारी सुविधा पामेड़ इलाके के ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से बढ़ रही है, इस इलाके में आधार कार्ड, राशन कार्ड के अलावा राशन दुकान भी गांव में संचालित की जा रही है, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के ख़ौफ़ के चलते पामेड़ में काम करने वाले जवानों के लिए वेतन से लेकर अखबार तक हेलीकॉप्टर से मदद से भेजा जाता था, लेकिन अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से जवानों का यह कठिन सफर खत्म हो चुका है, जवानों और ग्रामीणों के लिए इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विस्तार भी हो चुका है जिससे वह अपने परिवार वालों से बात कर सकते है।

आगामी चुनावों के लिए एकजुट हैं कांग्रेस नेता, तस्वीर पोस्ट कर राहुल गांधी बोले

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि केरल में पार्टी के नेता आगामी उद्देश्यों के मद्देनजर “एकजुट” हैं। गांधी का यह बयान शुक्रवार को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा केरल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले रणनीति को लेकर चर्चा के लिए ‘इंदिरा भवन’ में दक्षिणी राज्य के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद आया है। बैठक के बाद केरल के नेताओं द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी की तस्वीर पोस्ट करते हुए गांधी ने फेसबुक पर लिखा, “वे एक साथ खड़े हैं, आगे के उद्देश्यों के मद्देनजर एकजुट हैं।” उनकी पोस्ट के साथ हैशटैग “टीम केरल” भी था। यहां कांग्रेस के मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में करीब तीन घंटे तक चली बैठक का मुख्य विषय अनुशासन, एकता और राज्य संगठन को मजबूत करना था। सूत्रों के अनुसार, बैठक में गांधी ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक रणनीति के बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए और ऐसा कुछ भी नहीं करना या कहना चाहिए जो पार्टी लाइन के अनुरूप न हो। ये नेता हुए बैठक में शामिल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुशासन, एकता सुनिश्चित करने और पार्टी की केरल इकाई को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को भरने पर जोर दिया था। खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, महासचिव और वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी वाद्रा, प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सुधाकरन, लोकसभा सदस्य शशि थरूर और प्रदेश के कई अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल थे।  

प्रदेश के होमस्टे में ठहरना जीवन का अविस्मरणीय पल: केंद्रीय राज्य मंत्री उइके

भोपाल एमपी टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से परिचय और प्राकृतिक सौंदर्य से विस्मित कर देने के उद्देश्य से बनाए गए होमस्टे ठहरने का एक लोकप्रिय और आकर्षक विकल्प बन गए हैं। इन होमस्टे के माध्यम से ग्रामीण जीवनशैली के साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और खानपान अनुभव कर रहे हैं। इस अविस्मरणीय अनुभव को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके और उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद श्री मोहन नागर ने पर्यटन ग्राम बांचा में स्वयं महसूस किया। शनिवार की रात अलाव के बीच ग्रामीणों से चर्चा की और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना। रविवार सुबह प्राकृतिक सौंदर्य के बीच भुने हरे चने का नाश्ता के साथ देशी महुआ पत्तल में कढ़ी, बेसन और प्याज के भजिये का लुत्फ उठाया। साथ ही समीप जंगल का भ्रमण भी किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बोले प्रदेश के होमस्टे में ठहरना जीवन का अविस्मरणीय पल बन गया है।  केंद्रीय राज्य मंत्री उइके ने ग्रामीणों से गांव के विकास को लेकर चर्चा भी की।  केंद्रीय राज्य मंत्री उइके ने  कहा कि पर्यटन ग्राम बांचा आकर आनंद की अनुभूति हुई। यहां की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश अद्भुत है। खासकर, गांव के पारंपरिक व्यंजन बहुत स्वादिष्ट थे। एमपी टूरिज्म बोर्ड की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम देगी और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड लगातार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के प्राणपुर, साबरवानी और लाड़पुरा खास को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों के रूप में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा चुना भी जा चुका है। फ़िलहाल प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत कुल 407 होमस्टे का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसमें ग्राम होमस्टे की संख्या 171 हो चुकी है। बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के बांचा गांव में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने परियोजना के अंतर्गत 2023 में इस गांव का चयन किया गया था। पिछले दो वर्षों से “बैक टू विलेज” (B2V) कार्यक्रम के तहत यहां ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत 15 फरवरी 2025 को यहाँ पांच होमस्टे का उद्घाटन किया गया था।  ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय निवासियों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल से पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के बीच ठहरने का अवसर मिलता है, जिससे वे शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिता सकते हैं।

ईडी ने दिल्ली के एयरपोर्ट से 3,558 करोड़ रुपये के घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवर्तन निदेशालय ने 3,558 करोड़ रुपये के घोटाले के कथित मास्टरमाइंड सुखविंदर सिंह खरूर और डिंपल खरूर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लुक आउट सर्कुलर के चलते उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। क्या है घोटाले का मामला? ईडी के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद जालंधर की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को ईडी की हिरासत में भेज दिया है, ताकि उनसे और जानकारी मिल सके। क्लाउड पार्टिकल घोटाले का खुलासा यह घोटाला ‘क्लाउड पार्टिकल स्कैम’ के नाम से जाना जा रहा है। इस घोटाले में निवेशकों को झूठे ‘सेल एंड लीज-बैक’ (SLB) मॉडल के जरिए फंसाया गया। ईडी ने इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। ईडी की जांच में यह सामने आया कि सुखविंदर सिंह खरूर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया। इसके तहत निवेशकों से क्लाउड पार्टिकल टेक्नोलॉजी के नाम पर भारी रकम इकट्ठी की गई, जबकि इसका असली व्यापार या तो था ही नहीं या फिर इसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। निवेशकों से ठगे गए 3,558 करोड़ रुपये ईडी के अनुसार, इस फर्जी निवेश योजना के जरिए करीब 3,558 करोड़ रुपये की रकम निवेशकों से ठगी गई। यह रकम बाद में गैर-व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल की गई। इस पूरी स्कीम में निवेशकों को गुमराह किया गया और उन्हें धोखे में रखा गया।  

UPI Lite सर्विस का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नया फीचर हुआ रोलआउट

नई दिल्ली नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी (NPCI) की तरफ से UPI Lite सर्विस का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नया फीचर रोलआउट किया जा रहा है। इस फीचर का नाम Transfer Out है। दरअसल नए फीचर की मदद से यूजर अपने यूपीआई लाइट बैलेंस को सीधे बैंक के बैलेंस में ट्रांसफर कर पाएंगे। इस मामले में NPCI की ओर से 21 फरवरी 2025 को एक सर्कुलर जारी करके जानकारी दी गई है। साथ ही सभी बैंक, PSP बैंक, और UPI ऐप्स को 31 मार्च 2025 तक जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिये हैं। बिना अकाउंट डिसेबस के कर पाएंगे फंड ट्रांसफर NPCI ने साफ किया है कि सभी को Transfer Out फीचर रोलआउट करना होगा। यह यूजर्स को UPI Lite को बिना डिसेबल किये अपने UPI लाइट बैंलेंस को अपने बैंक अकाउंट में पैसे वापस भेजने की सुविधा देगा। क्या है TRANSFER OUT? इस नए फीचर के साथ यूजर्स को UPI Lite फीचर को डिसेबल नहीं करना होगा। यूजर  बिना अपने UPI Lite बैलेंस से अपने बैंक में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह फंक्शन यूजर को अपने फंड पर कंट्रोल की इजाजत देता है। सिक्योरी को मजबूत बनाने के लिए एक्टिव UPI Lite वाले UPI ऐप्स को लॉग इन करते समय पासकोड, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन या पैटर्न-बेस्ड लॉक से अथेंटिकेशन की जरूरत होगी। UPI LITE क्या है? UPI Lite एक फास्ट पेमेंट यूपीआई पेमेंट सर्विस है, जिसे रोजाना के कम लेनदेन के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 500 रुपये से कम के छोटे अमाउंट के लिए बिना पिन के लेनदेन करने की सुविधा मिलती है। RBI ने अक्टूबर 2024 में UPI Lite की लिमिट को बढ़ा दिया था NPCI की तरफ से UPI Lite सर्विस को पेश किया गया था। इस सर्विस में बिना पिन डाले आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। दरअसल हर छोटे-बड़े ऑनलाइन पेमेंट के लिए पिन डालना होता है। इससे बचने के लिए यूपीआई लाइट सर्विस को पेश किया गया था। इसमें यूजर्स को बिना इंटरनेट और पिन के ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मिलती है। हालांकि यूपीआई लाइट में आपको पहले से एक बार कुछ पेमेंट को ऐड करना होगा। UPI Lite की लिमिट में किया गया इजाफा UPI Lite वॉलेट लिमिट को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही रोजाना ट्रांजेक्शन लिमिट को 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा UPI 123Pay के लिए रोजाना लेनदेन को 5,000 रुपये की जगह 10,000 रुपये कर दिया गया है।

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