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वारासिवनी में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कलयुगी बेटे ने बहस के बाद माता-पिता पर सब्बल से किया हमला, हालत गंभीर

वारासिवनी बेटे को मोबाइल देखने की लत छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कहना एक माता-पिता के लिए जानलेवा साबित हो गया। वारासिवनी कॉलेज के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रात एक कलयुगी बेटे ने बहस के बाद माता-पिता पर सब्बल से हमला दिया। माता-पिता की हालत नाजुक बनी हुई है, जिनका गोंदिया के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा है सत्यम जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सिंकदरा के पास कालेजटोला में सोमवार रात लगभग 11 बजे सत्यम कटरे (19) ने पिता किशोर कटरे (40) और माता प्रतिभा कटरे (35) पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। सत्यम नीट परीक्षा की तैयार कर रहा है। पुलिस जानकारी के अनुसार रात में पिता किशोर और सत्यम के बीच लगातार मोबाइल देखने की बात पर बहस हुई थी। पिता ने सत्यम को पढ़ाई पर ध्यान लगाने की समझाइश दी। इससे गुस्सा होकर सत्यम ने माता-पिता पर सब्बल से हमला कर दिया। मां प्रतिभा आइसीयू में भर्ती हैं। हमले के बाद सत्यम ने खुद ही डायल 100 पर फोन कर पुलिस को अपनी करतूत की जानकारी दी। हमले में घायल पति-पत्नी हैं शिक्षक-शिक्षिका हमलावर बेटे की जानकारी सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। तत्काल पुलिस के आला-अफसर मौके पर पहुंचे और सत्यम को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घायलों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गोंदिया रेफर कर दिया गया। घायल पति-पत्नी सरकारी शिक्षक हैं। किशोर कटरे जराहमोहगांव में शिक्षक हैं, तो प्रतिभा सावंगी में शिक्षिका हैं। सत्यम माता-पिता की इकलौती संतान है। सत्यम ने कोटा राजस्थान में छह महीने तक रहकर नीट की तैयारी की थी, लेकिन बीच में पढ़ाई छोड़कर वह घर लौट आया और यहीं रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। उसके अच्छे अंक न आने पर पिता ने मोबाइल की लत छोड़ने की सलाह दी थी। घर में ही ज्यादा समय रहता था सत्यम आसपास रहने वालों ने बताया कि सत्यम शांत प्रवृत्ति का है। घर से भी बहुत कम निकलता था। उसकी किसी के साथ दोस्ती-यारी नहीं थी, लेकिन वो ऐसा कर देगा, किसी ने नहीं सोचा था।

छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अन्तर्गत “पोषण भी- पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं भारत सरकार के मापदंडों अनुसार इसके आयोजन के लिए 30 करोड़ 56 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसका उद्देश्य बाल्यावस्था के प्रथम एक हजार दिवस में प्रांरभिक उद्दीपन, 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए ईसीसीई (देखभाल व शिक्षा) को बढ़ावा देना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई एवं शैक्षिणक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करना, खेल आधारित उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता संवर्धन एवं परियोजना में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी 3 पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाना हैं। गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर मंत्रि-परिषद द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर बोनस भुगतान एवं सरप्लस गेंहू के निस्तारण के संबंध में गेंहू उपार्जन पर बोनस राशि रुपये 125/- प्रति क्विंटल के स्थान पर राशि में वृद्धि करते हुए राशि रूपये 175/- प्रति क्विंटल किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर किया जायेगा। उपार्जन कार्य 15 मार्च से प्रारंभ हो जायेगा। गेंहू की एमएसपी दर रूपये 2,425 प्रति क्विंटल पर उपार्जन पर रूपये 175 प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू के उपार्जन पर 1,400 करोड़ रूपये राज्य के कोष से व्यय किया जायेगा। धान उपार्जन पर किसानों को 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर की मिलेगी प्रोत्साहन राशि धान उपार्जन अंतर्गत खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 राशि के मान से 6.70 लाख किसानों को 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर राज्य सरकार 480 करोड़ रूपये की राशि व्यय करेगी। प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए प्राक्कलित कुल राशि 138 करोड़ 41 लाख रूपये (कर सहित) की स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटाइजेशन के कार्य को म.प्र. भू-अभिलेख प्रबंधन समिति (एमपीएलआरएस) द्वारा खुली निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जायेगा। छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा वर्तमान में छिंदवाड़ा वन वृत्त (छिंदवाड़ा जिला एवं नवगठित पांढुर्णा जिला) अंतर्गत तीन वनमंडलों पूर्व/पश्चिम/दक्षिण छिंदवाडा को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में तथा शेष 293.944 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को पूर्व व पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में शामिल किया जायेगा एवं वनमंडल दक्षिण छिंडवाड़ा को समाप्त किया जायेगा। दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमण्डल से पुनर्गठित पांढुर्णा तथा पूर्व व पश्चिम छिंडवाड़ा वनमण्डलों में पदों का पुर्न आवंटन किया जायेगा।  

दो गावों के बीच पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे, नतमस्तक होने को मजबूर हुए ग्रामीण

डिंडोरी मध्य प्रदेश में यूं तो सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है। राजधानी समेत कई शहरी इलाकों में करोड़ों रुपए की लागत से पक्की सड़कें बन रही हैं। लेकिन आज भी कई इलाके ऐसे हैं जहां सड़क के नाम पर सिर्फ बंजर जमीन है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है डिंडोरी जिले के ग्राम रहंगी से, जहां दो गावों के बीच पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण आज कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महिला SDM से हाथ जोड़कर विनती की। ग्रामीणों को करना पड़ता है समस्याओं का सामना अमरपुर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम रहंगी निवासी ग्रामीणों ने बताया कि रहंगी और खुड़िया की दूरी 3 किलोमीटर है। दोनों गांव के बीच की सड़क नहीं हैं। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में तकलीफ होती है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। खराब सड़क से हादसे का शिकार होते हैं ग्रामीण उन्होंने यह भी बताया कि आए दिन खराब सड़क की वजह से ग्रामीण हादसे का शिकार होते हैं। जिससे वाहनों को भी नुकसान होता है। ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।   SDM ने जल्द समस्या का समाधान करने का दिलाया भरोसा कलेक्टर की व्यस्तता की वजह से ग्रामीण उनसे मुलाकात नहीं कर सके। जिसके बाद एसडीएम भारती मेरावी ने परेशानी सुनी। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारी से बात की। साथ ही समस्या का जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया।

अब चीन का एक्शन, अमेरिकी आयात पर इतने प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने एक्शन से टैरिफ वॉर शुरू करते दिख रहे हैं और इसने वर्ल्ड इकनॉमी में खलबली मचा दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक देशों से आयात पर टैरिफ (टैक्स) लगा रहे हैं और अब दूसरे देश जवाबी कदम उठा रहे हैं. मंगलवार, 4 मार्च को पहले कनाडा, मैक्सिको और चीन के खिलाफ ट्रंप के नए टैरिफ की घोषणा की और इसके लागू होते ही चीन और कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया है. यहां हम आपको बताएंगे कि अमेरिका ने किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया है और उन देशों ने जवाब में क्या कदम उठाए हैं. फिर आपको आसान शब्दों में बताएंगे कि टैरिफ होता क्या है और ट्रंप इसका इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं. अमेरिका ने किसपर कितना टैरिफ लगाया? राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ 25% टैरिफ और चीन के खिलाफ 20% टैरिफ की घोषणा की है. चीन पर पिछले महीने जो 10% टैरिफ लगाया गया था, उसे अब दोगुना कर दिया गया है. चीन की जवाबी कार्रवाई बीजिंग के वित्त मंत्रालय ने चिकन, गेहूं, मक्का और कपास सहित कई अमेरिकी कृषि आयातों पर 15% टैरिफ की घोषणा की है. साथ ही सोयाबीन, पोर्क, बीफ, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों जैसे अन्य उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाया है. ये टैक्स 10 मार्च से लागू होंगे. साथ ही चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 10 अमेरिकी कंपनियों को तथाकथित “अविश्वसनीय इकाई सूची” (unreliable entity list) में और 15 अमेरिकी संस्थाओं को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है, जो आज से प्रभावी हो जाएगा. जिन अमेरिकी संस्थाओं को चीन ने निशाना बनाया है, उनमें अमेरिकी बायोटेक फर्म इल्लुमिनिया (Illuminia) शामिल है. चीन ने इल्लुमिनिया पर आरोप लगाया है कि वह “चीनी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कदम” उठाती है. 4 मार्च से इल्लुमिनिया को चीन में जीन अनुक्रमण यानी सिक्वेंसिंग की मशीनों के निर्यात पर बैन लगा दिया है. चीन की निर्यात नियंत्रण लिस्ट में जोड़ी गई 15 संस्थाओं में एविएशन, समुद्री इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. कनाडा ने भी टैरिफ लादा कनाडा ने घोषणा की है कि वह 4 मार्च से 107 बिलियन डॉलर (155 बिलियन कनाडाई डॉलर) के अमेरिकी सामानों पर 25% का जवाबी टैरिफ लगाएगा. रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिका के टैरिफ को टालने के प्रयास में कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन अपनी योजना पर अमल करता है तो कनाडा मंगलवार से अमेरिकी सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. मैक्सिको ने भी कर ली तैयारी बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जहां एक तरफ कनाडा और चीन पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की कसम खा चुके हैं, वहीं मेक्सिको भी 24 घंटे के अंदर जवाबी टैरिफ लगा सकता है. मैक्सिको से होने वाले आयात पर अमेरिका के 25% टैरिफ लागू होने से पहले, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि उनके देश ने आकस्मिक योजनाएं बनाई हैं. उन्होंने कहा, “इस स्थिति में, हमें संयम, शांति और धैर्य की आवश्यकता है. हमारे पास प्लान ए, प्लान बी, प्लान सी और यहां तक ​​कि प्लान डी भी है.” शीनबाम ने कहा कि वह कनाडाई समयानुसार मंगलवार को मेक्सिको के जवाब के बारे में और बात करेंगी. टैरिफ क्या होता है? टैरिफ दूसरे देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाने वाला टैक्स है. जो कंपनियां विदेशी सामान देश में लाती हैं वे सरकार को टैक्स देती हैं. सरकार इस टैक्स को बढ़ाकर उस सामान की कीमत बढ़ा सकती है और टैक्स कम करके उसकी कीमत कम कर सकती है. यानी कुल मिलाकर सरकार टैरिफ के जरिए इस चीज को कंट्रोल करती है कि उसे देश में कौन सा विदेशी सामान चाहिए और कितना चाहिए. आमतौर पर, टैरिफ किसी प्रोडक्ट के कीमत का एक खास प्रतिशत होता है. आपको उदाहरण से बताते हैं. जैसे ट्रंप ने चीन पर 20% टैरिफ लगाया है. अब इसका मतलब हुआ कि चीन से अगर 10 डॉलर का कोई सामान अमेरिका के अंदर आता है तो उसपर 2 डॉलर का अतिरिक्त टैक्स लगेगा. अब यह कंपनियों पर निर्भर करता है कि वो टैरिफ की कुछ या पूरी लागत अपनी ग्राहकों पर डालती है या नहीं. अब अमेरिका में चीन, कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान की कीमत अचानक से बढ़ सकती है. ट्रंप टैरिफ क्यों लगा रहे हैं? इसका आसान सा जवाब ट्रंप के चुनावी स्लोगन ‘अमेरिका फर्स्ट’ में छिपा है. ट्रंप संरक्षणवादी है यानी अमेरिका के अपने बिजनेस को तरजीह देते हैं. ऐसे में जो टैरिफ वाला हथकंडा है वो ट्रंप की आर्थिक योजनाओं का एक केंद्रीय हिस्सा है. उनका कहना है कि टैरिफ से अमेरिकी के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और नौकरियों की रक्षा होगी, साथ ही सरकार को मिलने वाला टैक्स बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी. ड्रग्स सप्लाई पर ऐक्शन ट्रंप ने फरवरी में तीनों देशों पर टैरिफ जड़ने का ऐलान किया था। ट्रंप के मुतबिक कनाडा और मेक्सिको की सीमा से अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है जिसकी रोकथाम के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। बाद में कनाडा और मेक्सिको की ओर से सीमा सुरक्षा को लेकर वादे करने पर उनके ऊपर 25% टैरिफ के फैसले को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था। उनसे सोमवार को इस बारे में सवाल किया गया कि क्या अभी दोनों देशों से इसे लेकर कोई डील की जा सकती है तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और दोहराया कि टैरिफ मंगलवार से लागू हो रहे हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल से जवाबी टैरिफ जड़ने का ऐलान भी किया है। फरवरी अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने कहा था कि मेक्सिको और कनाडा से अभी भी बड़े और अस्वीकार्य स्तर पर ड्रग्स आ रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इन ड्रग्स के कारण हुई है। उन्होंने दावा किया था कि इनमें से ज्यादातर, जो फेंटनिल प्रकार के हैं, वे चीन से सप्लाई हो रहे हैं। अपने हालिया फैसले में ट्रंप ने चीन के ऊपर लगने वाली 10% ड्यूटी के ऊपर अतिरिक्त 10% ड्यूटी जड़ दी है। राष्ट्रपति का आरोप है कि चीन ने अवैध ड्रग्स के कारोबार को रोकने के … Read more

वन राज्य मंत्री ने कहा-परिवेश पोर्टल पर आवेदन प्राप्त होने पर भीनमाल-बागोड़ा सड़क के नवीनीकरण की कार्यवाही की जाएगी

जयपुर वन राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि परिवेश पोर्टल पर सार्वजानिक निर्माण विभाग द्वारा विधिवत आवेदन प्राप्त होने पर वन विभाग परिक्षण करवा कर भीनमाल-बागोड़ा सड़क के नवीनीकरण के सम्बन्ध में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करेगा एवं नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। वन राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 5 किमी लम्बाई की भीनमाल-बागोड़ा सड़क वन क्षेत्र से होकर गुजरती है एवं सार्वजानिक निर्माण विभाग इसकी यूजर एजेंसी है। इससे पहले विधायक श्री समरजीत सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन राज्य मंत्री ने बताया कि भीनमाल-बागोड़ा सड़क भीनमाल के पास वन विभाग के आरक्षित वन क्षेत्र वनखण्ड-जोड जुंजाणी के खसरा नं. 08 रकबा 5.25 हैक्टेयर, खसरा नं. 10 रकबा 8.50 हैक्टेेयर व खसरा नं. 1992 रकबा 2.27 हैक्टेयर किस्म गैर मुमकिन सड़क, वन विभाग के नाम अमलदरामद होने से पूर्व का निर्माण किया हुआ है। यह तीनो खसरे वर्तमान में वन विभाग के नाम दर्ज है।  उन्होंने बताया कि इस सड़क का नवीनीकरण कार्य आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा में है एवं बिना सक्षम अनुमति के अभाव में नवीनीकरण कार्य अनुमत नहीं है। श्री शर्मा ने बताया कि इस सड़क के नवीनीकरण कार्य करने की अनुमति / वन भूमि प्रत्यावर्तन हेतु कोई प्रस्ताव (परिवेश पोर्टल पर) विभाग को प्राप्त नही हुआ है, यदि इस सड़क के संबंध में परिवेश पोर्टल पर कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है तो परीक्षण उपरान्त नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। ‍

रीवा में एक बार फिर खूंखार तेंदुए ने आतंक मचाकर रखा है, वन विभाग के अधिकारी पर किया हमला, क्षेत्र में मचा हड़कंप

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा में एक बार फिर खूंखार तेंदुए ने आतंक मचाकर रखा है। लेकिन क्षेत्र में हड़कंप तो तब मच गया जब तेंदुआ रिहायशी इलाके में घुस आया। इसके बाद वो एक निजी स्कूल के अंदर चला गया। गनीमत रही की परीक्षा में कारण स्कूल में बच्चे नहीं थे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। मामला जिले के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलाब नगर का है। जहां तेंदुए ने आतंक मचा दिया है। रिहायशी इलाके में घुसने के बाद तेंदुआ स्कूल तक पहुंच गया, जहां इसे देखकर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात हुई। वहीं रेस्क्यू के लिए वन विभाग की टीम भी पहुंची। इसी दौरान एक वन विभाग के अधिकारी पर तेंदुए ने पीछे से हमला कर दिया। जिससे उनके शरीर पर पंजे के निशान बन गए। फिलहाल पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर मोर्चा संभाल रहे हैं। साथ ही तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मोबाइल एप लांच किया जाएगा: पर्यटन मंत्री दीया कुमारी

जयपुर पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जल्द ही एक मोबाइल एप लांच किया जाएगा। जिसमें पर्यटकों को नजदीकी पुलिस स्टेशन,अस्पताल, पर्यटन स्थान, यातायात साधन एवं अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा एवं उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जंतर -मंतर, जलमहल, आमेर, हवामहल एवं अल्बर्ट हॉल पर पर्यटक सहायता बल बूथ स्थापित है। पर्यटक सहायता बल (टीएएफ) द्वारा समय- समय पर कार्यवाही कर पर्यटकों को उचित सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि टीएएफ द्वारा वर्ष 2022 में 236, 2023 में 311 एवं 2024 में 541 शिकायतों पर कार्यवाही की गई तथा गत वर्ष जयपुर में 170 लपकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2024 में पर्यटक सहायता बल के कर्मचारियों की संख्या 139 से बढाकर 250 कर दी गई है। पर्यटन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों का विकास एवं संरक्षण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में राज्य सरकर द्वारा वर्ष 2024-25 में जयपुर के चारदीवारी शहर के विकास के लिए 100 करोड़ का बजट आवंटित किया गया। उन्होंने बताया कि चौड़ा रास्ता में स्थित जीर्ण शीर्ण भवन का जीर्णोद्धार करवाकर 2015 में जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 5.5 करोड़ की लागत से बहुमंजिला भवन बनाया गया था। जिसके भूतल में पर्यटक सुविधा केंद्र बनाये जाने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत पर्यटक स्वागत एवं प्रतीक्षा कक्ष, एटीएम, फॉरेन करेंसी एक्सचेंज, साइबर कैफ़े, टूरिस्ट ब्यूरो ऑफिस एवं जन सुविधाओं का प्रावधान था। उन्होंने बताया कि इसके प्रयोग पर निरंतर विचार विमर्श चल रहा है एवं शीघ्र ही इस केंद्र को चालू करने का निर्णय लिया जाएगा।   इससे पहले विधायक श्री बालमुकुंदाचार्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा पर्यटन भवन स्थित पर्यटक स्वागत केन्द्र , जयपुर एवं हवामहल विधानसभा क्षेत्र में जंतर -मंतर एवं जलमहल की पाल पर स्थित पर्यटक सहायता बल बूथों के माध्यम से पर्यटकों की सुविधा हेतु आवश्यक सूचनाएं एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र हवामहल में पृथक से पर्यटक सहायता तथा सुविधा केन्द्र निर्माण संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

लोकायुक्त की कार्रवाई आईटीआई के एक बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

कटनी मध्य प्रदेश में करप्शन के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। ताजा मामला कटनी जिले से सामने आया है। जहां आईटीआई के एक बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई की है। बताया गया कि बाबू ने प्रशिक्षण अधिकारी से घूस मांगी थी। जानकारी के मुताबिक, कटनी के शासकीय आईटीआई में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर पदस्थ आनंद चौधरी ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि आईटीआई में सहायक (सहायक ग्रेड-3) के पद पर काम करने वाले संदीप कुमार ने रिश्वत की मांग की है। आनंद चौधरी ने बताया कि वेतन वृद्धि, एरियर की राशि का बिल करने और भुगतान करने के बदले 6000 की घूस मांगी थी। ये भी पढ़ें: EOW की बड़ी कार्रवाई: सब इंजीनियर और पंचायत सचिव को रिश्वत लेते दबोचा, दोनों को एक साथ किया ट्रैप, इस काम के बदले मांगी थी घूस जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत के आधार पर सहायक संदीप कुमार को ट्रैप किया। संदीप को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। आपको बता दें कि यह शासकीय आईटीआई कटनी के एनकेजे इलाके में स्थित है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी है।

देशभर की 25 महिला राइडर्स 10 मार्च तक 1400 किमी का सफर तय कर राइडर्स मध्‍य प्रदेश की हैरिटेज ट्रेल का करेंगी प्रचार

भोपाल प्रदेश में साहसिक पर्यटन के विकास, प्रदेश के पर्यटन स्‍थलों, वन्‍य प्राणियों, प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्‍थलों, कला-संस्‍कृति, धरोहर के विषय में राष्‍ट्रव्‍यापी प्रचार-प्रसार तथा प्रदेश को महिलाओं हेतु सुरक्षित प्रदेश के रूप में स्‍थापित करने के उद्देश्‍य से मध्‍य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा महिला बाइकिंग इवेंट “ क्‍वीन्‍स ऑन द व्‍हील”  (द्वितीय संस्‍करण)  का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ आज मंगलवार 04 मार्च 2025 को पर्यटन निगम की इकाई विंड एंड वेव्स भोपाल से किया गया, सचिव पर्यटन विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र.पर्यटन विकास निगम डॉ इलैया राजा टी ने आज इन सभी महिला बाइक राइडर्स को फ्लेग-ऑफ कर रवाना किया । इस बाइकिंग टूर में देश एवं प्रदेश की 25+ महिला बाइकर्स द्वारा भाग लिया जा रहा है , जो प्रदेश के विभिन्‍न पर्यटन स्‍थल  सांची, चन्‍देरी (04 मार्च), ग्‍वालियर (05 एवं 06 मार्च), मितावली, पढ़ावली, दतिया, ओरछा (07 मार्च),  खजुराहो (08 मार्च महिला दिवस), छतरपुर, सागर, सांची, उदयगिरि (09 मार्च), भोजपुर, भीम बैठका से होते हुए 1400 किलोमीटर का सफर तय कर 10 मार्च 2025 को MPT केरवा रिसोर्ट भोपाल में समापन किया जायेगा। महिला बाइकर्स प्रदेश के विरासतीय पर्यटन स्थलों सहित क्राफ्ट विलेज़ प्राणपुर का करेंगी भ्रमण इस अवसर पर डॉ. इलैया राजा टी. ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन परियोजना का सुचारू संचालन किया जा रहा है। म.प्र.पर्यटन द्वारा विभिन्‍न पर्यटन स्‍थल एवं होटल, रिसोर्ट, होम-स्‍टे, कैफे,  आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट महिलाओं द्वारा संचालित किये जा रहे हैं, जिसका प्रचार-प्रसार उक्‍त महिला बाइक टूर के माध्‍यम से किया जावेगा। यह सभी, महिला बाइकर्स विश्‍व धरोहर सांची स्‍तूप, उदयगिरि की गुफाएं, चंदेरी के पास प्राणपुर विलेज़ में विकसित किये गए देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज एवं हैण्‍डलूम कैफे का अनुभव करेंगी। ओरछा की राफटिंग, सेग्‍वे, कयाकिंग, हैरिटेज वॉक एवं बेस्ट टूरिस्ट विलेज लाडपुरा खास का भ्रमण एवं होम-स्‍टे में विश्राम करेंगी।  अन्य मुख्य आकर्षणों में ऐतिहासिक शहर ग्वालियर, मितावली, पडावली,  बटेश्वर,दतिया फोर्ट (वीर सिंह पैलेस) यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में लाईट एण्‍ड साउण्‍ड शो और आदिवर्त राज्य संग्रहालय का भी अनुभव करेंगे एवं म.प्र.राज्‍य पर्यटन विकास निगम के होटल एवं रिसोर्ट में विश्राम करेंगी। “Queens on the wheel”- 2.0 (द्वितीय संस्‍करण) में मध्‍य प्रदेश की 7 एवं अन्‍य शहरों से 18 प्रतिभागी हैं, जो नागपुर, मुम्‍बई, देहरादून, संभाजी नगर, बैंगलोर, दिल्‍ली, राजस्‍थान, इंदौर, देवास, भोपाल, उज्‍जैन इत्‍यादि शहरों से हैं। पर्यटन सखियों ने, बढ़ाया महिला बाइकर्स का जोश मध्‍यप्रदेश टूरिज्‍म बोर्ड द्वारा महिला एवं बाल विकास, मंत्रालय, भारत सरकार के निर्भया कोष से संचालित महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्‍थल परियोजना अन्‍तर्गत भोपाल संकुल में कार्य कर रही संगिनी महिला कल्‍याण समिति द्वारा प्रशिक्षित ‘पर्यटन सखियों’ द्वारा भी शुभारंभ के अवसर पर महिला बाइकर्स का स्‍वागत किया गया तथा उन्‍हें “दिल खोलकर घूमों…” “हिन्‍दुस्‍तान के दिल में आप सेफ हैं….”  उद्घोष के साथ भोपाल से प्रदेश के अन्‍य गंतव्‍यों के आनंदमयी रोमांचक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।  वहीं महिला बाइकर्स की रैली के प्रदेश के विभिन्‍न प्रमुख पर्यटन स्‍थलों पर पहुंचने पर प्रशिक्षित ‘पर्यटन सखियों’ द्वारा इनका स्‍वागत किया जाएगा।

2050 तक भारत में 25 साल से ज्यादा उम्र के करीब 45 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन के शिकार होंगे: रिपोर्ट

नई दिल्ली बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड की बढ़ती लोकप्रियता के चलते मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अनियमित खान-पान, कम शारीरिक सक्रियता और अस्वस्थ आदतों के कारण दुनियाभर में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नई रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो 2050 तक भारत में 25 साल से ज्यादा उम्र के करीब 45 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन के शिकार होंगे। चीन, भारत और अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक मोटापे की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित देश चीन, भारत और अमेरिका होंगे।     चीन में 627 मिलियन (62.7 करोड़)     भारत में 450 मिलियन (45 करोड़)     अमेरिका में 214 मिलियन (21.4 करोड़) दुनियाभर में मोटापे का खतरा बढ़ा वैश्विक स्तर पर अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक 3.8 बिलियन (380 करोड़) लोग अधिक वजन या मोटापे के शिकार हो सकते हैं। इनमें से 1.95 बिलियन (195 करोड़) लोग गंभीर मोटापे की श्रेणी में आ सकते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा प्रभावित 2021 के आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में 2.11 बिलियन (211 करोड़) युवा अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त थे, जिनमें:     1 बिलियन पुरुष (100 करोड़)     1.11 बिलियन महिलाएं (111 करोड़) भारत में मोटापे की तेजी से बढ़ती समस्या 2021 में भारत में 180 मिलियन (18 करोड़) लोग मोटापे से प्रभावित थे। इस संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फास्ट फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत भारत में मोटापे के बढ़ते मामलों का एक प्रमुख कारण है। फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड बड़ा कारण अध्ययन में बताया गया है कि भारत, कैमरून और वियतनाम ऐसे देश हैं जहां 2009 से 2019 के बीच प्रति व्यक्ति अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और ड्रिंक्स की बिक्री में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। समय रहते कदम उठाने की जरूरत अगर स्वस्थ खान-पान और नियमित व्यायाम को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो आने वाले वर्षों में हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लाइफस्टाइल में बदलाव और संतुलित आहार अपनाकर इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।  

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- “आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है.” प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की.” सीएम योगी ने आगे कहा- “आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया.” बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.    

भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के समृद्ध अतीत से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने और हमारी संपन्न सांस्कृतिक धरोहर के प्रकटीकरण के लिए राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज सहित महापुरूषों के नाम पर द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों की पहचान यहां के शासकों से रही है। चक्रवर्ती सम्राट के रूप में शासन करने वाले सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्याय, त्याग, दानशीलता, पराक्रम, पुरुषार्थ और सुशासन से इतिहास में उन्हें विशेष स्थान प्राप्त हुआ। अद्वितीय शासक रहे राजा भोज ने बड़े तालाब सहित अनेकों रचनाओं का निर्माण कराया, जो आज भी भोपाल सहित प्रदेश के कई भागों में उनकी स्मृतियों को जीवंत करती हैं। महापुरूषों के नाम पर द्वार निर्माण की राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेशवासी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होंगे और उन्हें गर्व की की अनुभूति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।  

दिल्ली HC ने सागर धनखड़ हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार को दी नियमित जमानत

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सागर धनखड़ हत्याकांड में पहलवान सुशील कुमार को नियमित जमानत दे दी। सागर धनखड़ हत्याकांड में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। धनखड़ की हत्या 4 मई 2021 की रात को की गई थी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने 50,000 रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर सुशील कुमार को नियमित जमानत दे दी। विस्तृत आदेश अभी अपलोड किया जाना बाकी है। इससे पहले उन्हें जुलाई 2023 में घुटने की सर्जरी के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। सुशील कुमार अन्य आरोपियों के साथ जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। आरोपी सुशील कुमार का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता आरएस मलिक और सुमित शौकीन ने किया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि वह साढ़े तीन साल से अधिक समय से हिरासत में है।   वकील ने तर्क दिया कि पिछले तीन वर्षों में अभियोजन पक्ष के 186 गवाहों में से लगभग 30 से पूछताछ की गई है। सागर और अन्य पीड़ितों को 4 मई, 2021 की रात छत्रसाल स्टेडियम में आरोपी व्यक्ति ने कथित तौर पर पीटा था। वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। सुशील कुमार देश के सबसे सफल एथलीटों में से एक हैं। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और चार साल बाद 2012 के लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने रजत पदक जीता।

वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए, लेकिन विदाई से पहले कुल देवता को लेकर बहस छिड़ी

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां धूमधाम से एक शादी संपन्न हुई। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन विदाई से ठीक पहले वर पक्ष और वधू पक्ष में कुल देवता को लेकर बहस छिड़ गई। वधू पक्ष ने दोनों परिवार के कुल देवता के एक न होने की बात कही। मामला इस कदर बढ़ गया कि थाने तक बात पहुंची। आखिर में बारात बिन दुल्हन के ही वापस लौट गई। ये मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के उधौली गांव का है। जहां रविवार की शाम को असन्द्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे तेलमहा पारा इब्राहिमपुर के रहने वाले बालकराम के बेटे आशीष कुमार की बारात गाजे बाजे साथ बारात आई थी। वधू पक्ष ने बड़े ही धूमधाम से वर पक्ष का स्वागत किया। नास्ते के बाद शादी की रस्में शुरू हो गईं। वरमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे भी लिए। लेकिन जब सुबह विदाई की बारी आई तो कुल देवता को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। किसी ने दोनों परिवारों के कुल देवता के एक न होने की आवाज उठाई। दुल्हन रंजना कुमारी उर्फ शिवरंजना ने भी ससुराल जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि हमारे व दूल्हा आशीष के कुल देवता अलग-अलग है। इस बात पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। आखिर में मामला थाने पहुंचा। जहां वर पक्ष ने वधू पक्ष पर जेवर हड़पने की नीयत से देवता एक न होने की बात कहने की बात कही। वहीं वधू पक्ष का कहना है कि वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान दूल्हे ने शराब पी रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार विवाह समारोह में सारी रस्में हो गई थीं। रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक दूल्हे के कोट की जेब में कुलदेवता की चमड़े की तस्वीर देख दुल्हन रंजना बिफर पड़ी और देवता अलग-अलग होने की बात कहते हुए शादी से इनकार कर दिया।

मध्यप्रदेश पुलिस के e-Rakshak App को मिला FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड

भोपाल नई दिल्ली में 4 मार्च 2025 को आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस के अत्याधुनिक e-Rakshak App को प्रतिष्ठित FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) द्वारा पुलिसिंग में डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस वर्ष इस पुरस्कार के लिए सम्पूर्ण भारत से 200 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनका गहन मूल्यांकन करने के पश्चात मध्यप्रदेश पुलिस के e-Rakshak App को इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चयनित किया गया। इस अवसर पर श्री जी.के. पिल्लई पूर्व गृह सचिव, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के श्री चंचल शेखर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, भोपाल को इस अभिनव पहल के लिए FICCI स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने प्रसन्नता व्यक्त की और SCRB के समस्त अधिकारियों को बधाई दी।   e-Rakshak App: पुलिसिंग में डिजिटल क्रांति जनता की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए “MP e-Rakshak – The Smart Cop App” विकसित किया गया है। यह ऐप बीट स्तर पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें अपराधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में मदद करता है। पहले पुलिसकर्मियों को अपराधियों की पहचान मुख्य रूप से व्यक्तिगत अनुभव और जान-पहचान के आधार पर करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस ऐप के माध्यम से संपूर्ण मध्यप्रदेश के अपराधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाती है। इससे संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की त्वरित वेरिफिकेशन संभव हो पाती है, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।   ऐप के प्रमुख फीचर्स आदतन अपराधियों की जानकारीः पुलिसकर्मी अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद अपराधियों की पूरी जानकारी ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। गश्त के दौरान त्वरित पहचानः किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के नाम को अपराधियों के डेटाबेस में सर्च किया जा सकता है। Face Recognition Module: किसी भी आरोपी की फोटो अपलोड करने पर उससे मिलते-जुलते अपराधियों के रिकॉर्ड तत्काल प्राप्त किए जा सकते हैं। फोटो मिलान के बाद डेटा सुरक्षित रूप से हटा दिया जाता है। Vehicle Search: वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर या चेसिस नंबर से उसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह सुविधा RTO डेटाबेस से भी जुड़ी हुई है, जिससे चोरी या अपराध में शामिल वाहनों की त्वरित पहचान हो सके।       ऐप विकास में योगदान इस महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार को विकसित करने में श्री हेमंत चौहान (उप पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो), आर. एस. प्रजापति (सहायक पुलिस महानिरीक्षक), प्रांजलि शुक्ला (सहायक पुलिस महानिरीक्षक, सीसीटीएनएस), इंद्रा नामदेव (निरीक्षक, सीसीटीएनएस), हीरा सिंह ठाकुर (सहायक उपनिरीक्षक), सुरेंद्र रघुवंशी (सहायक उपनिरीक्षक) एवं अर्शदीप सिंह (प्रधान आरक्षक) का विशेष योगदान रहा। इस पुरस्कार से मध्यप्रदेश पुलिस को डिजिटल पुलिसिंग में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त करने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

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