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वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के प्रथम वन-रक्षक स्व. वर्मा को पुण्य-तिथि पर श्रद्धांजलि दी गयी

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल के प्रथम वन-रक्षक स्व. राम मनोहर वर्मा को उनकी 42वीं पुण्य-तिथि पर अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। वन विहार में स्थित उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि दी गयी। संचालक वन विहार ने बताया कि वन-रक्षक स्व. वर्मा अपनी सेवाओं के दौरान वन्य-जीव नीलगाय के हमले में दिवंगत हो गये थे। वन विहार प्रबंधन द्वारा स्व. वर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मान देते हुए उनकी याद में वन विहार के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का नाम राम द्वार रखा गया है।  

माधव टाइगर रिजर्व बनने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई : वन राज्य मंत्री अहिरवार

भोपाल वन राज्यमंत्री  दिलीप सिंह अहिरवार ने माधव नेशनल पार्क शिवपुरी को टाइगर रिजर्व घोषित होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व बनने से न केवल वन्य-जीवों का संरक्षण होगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के लिये भी लाभकारी होगा। राज्यमंत्री अहिरवार ने कहा कि राज्य सरकार वन्य-जीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध है। वन राज्यमंत्री  अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्रदेश सरकार का यह कदम आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।  

कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी, 13 से 16 मार्च तक रहेंगी

नई दिल्ली होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसका हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। इस साल होली का पर्व 14 मार्च (शुक्रवार) को मनाया जाएगा, जबकि होलिका दहन 13 मार्च (गुरुवार) को होगा। होली का उत्साह खासकर उत्तर भारत में देखने को मिलता है, जहां लोग हफ्तों पहले ही तैयारियां शुरू कर देते हैं। इस समय रंग, गुलाल, पिचकारी और स्वादिष्ट पकवानों की तैयारियों में सभी जुट जाते हैं। जानिए, होली पर होंगी कितनी छुट्टियां? होली के त्योहार पर कई राज्यों में छुट्टियां होती हैं, और इस साल होली पर एक लॉन्ग वीकेंड भी मिलेगा। कुछ राज्य और संस्थान 4 दिनों की छुट्टी का ऐलान कर चुके हैं। 13 मार्च (गुरुवार) – होलिका दहन (अवकाश) 14 मार्च (शुक्रवार) – रंगों की होली (अवकाश) 15 मार्च (शनिवार) – साप्ताहिक अवकाश (कुछ सरकारी और प्राइवेट संस्थान बंद) 16 मार्च (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश कई राज्यों में होली के इस विशेष अवसर पर स्कूल और कॉलेज में चार दिन की छुट्टी मिलेगी। खासकर राजस्थान में होली के दौरान स्कूल 4 दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा, बैंक और अन्य सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे। इसलिए, अगर आप स्टूडेंट्स हैं तो अपने स्कूल या कॉलेज से छुट्टी की जानकारी जरूर ले लें। होली पर मिलने जा रहा लॉन्ग वीकेंड बताया जा रहा हैकि होली पर इस बार एक शानदार लॉन्ग वीकेंड मिलने जा रहा है। दिल्ली और कई अन्य राज्यों में 13 से 16 मार्च तक सार्वजनिक अवकाश रहेगा। दिल्ली में फाइव-डे वर्किंग शेड्यूल होने के कारण सरकारी कर्मचारियों को भी 4 दिन की छुट्टी मिल रही है। प्राइवेट संस्थान भी 4 दिन बंद रहेंगे। इस बार शुक्रवार को होली होने के कारण शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी इस लॉन्ग वीकेंड का हिस्सा बनेगा, जिससे लोग इस छुट्टी का पूरा आनंद ले सकेंगे। 15 मार्च को कई घरों में भाई दूज का त्योहार भी मनाया जाएगा, जिससे यह वीकेंड और भी खास हो जाएगा। तो इस साल होली का त्योहार 13 मार्च से लेकर 16 मार्च तक चलने वाला है, और आपको अपनी छुट्टियों की पूरी प्लानिंग पहले से कर लेनी चाहिए।  

नारी शक्ति है सशक्त समाज की नींव: सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल नारी शक्ति केवल शब्द नहीं बल्कि समाज की आधारशिला है। जब एक महिला सशक्त होती है तो न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज प्रगति की ओर बढ़ता है। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मेरा मानना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के सही मायने महिलाओं को उनके अधिकार, अवसर और समानता देना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें, समाज परिवार में अपनी पूर्ण क्षमता से भागीदारी दिखा सकें। महिलाओं का सशक्तिकरण, उनकी शिक्षा, उनके स्वास्थ्य, राजनीतिक व आर्थिक अवसरों, समानताओं और उनकी सामाजिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति 2025 में, जब हम महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हैं, तो हम पाएंगे कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक और महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को समझ कर उसका उपयोग कर सके, महिलाओं को विभिन्न संस्थागत व्यवस्थाओं जैसे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कैरियर एवं व्यावसायिक परामर्श / प्रशिक्षण, वित्तीय समावेशन, उद्यमिता आदि से जोडने, उन्हें मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं ऐसे-ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं जिनकी कुछ वर्ष पूर्व कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।। आज की महिलाएं जागृत हैं और अनेक क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रही है। महिलाओं के विचारों और उनके जीवन मूल्यों से सुखी परिवार, आदर्श समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। महिलाओं की हितैषी मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की Women Led Government की अवधारणा के अनुरुप ही मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने, उनकी सहभागिता बढ़ाने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के हर संकल्प को पूर्ण करने शिद्दत से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में किशोरी बालिकाओं, महिलाओं के सर्वांगीण विकास, संरक्षण, सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर स्वास्थ्य, पोषण के लिये विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाना है। इनमें मिशन शक्ति अंतर्गत हब, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेन्टर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाईन 181, सखी निवास, के साथ ही मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना-2023 और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना आदि योजनाएं प्रमुख है। इसी अनुक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं की उन्नति में चुनौतियों और बाधाओं के समाधान व समग्र सशक्तिकरण हेतु नारी सशक्तिकरण मिशन आरंभ किया जा रहा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं व बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास व सुरक्षा के साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। मिशन के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन व समाज में आर्थिक भागीदारी बढाने हेतु प्रयास किये जावेंगे। विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित योजनाओं से सम्बंधित विभागों के समन्वय से मिशन गतिविधि का संचालन होगा। प्रदेश में आंगनवाडी सेवाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया है, जिससे कुपोषण दर में भी कमी आई है। राज्य सरकार ने गर्भस्थ महिलाओं और शिशुओं की सुरक्षा के लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी बाकी नहीं रखी। आंगनबाड़ी केन्द्रों का उन्नयन, रखरखाव एवं संचालन मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में हमेशा से रहा है। इस दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की 12 हजार 670 मिनी आंगनवाडी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाडी केन्द्र के रूप में उन्नयन किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिये पर्यवक्षको के 476 नवीन पद. 12 हजार 670 आंगनवाड़ी सहायिका सहित कुल 13 हजार 146 नवीन पद स्वीकृत किए गए है। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को योजना प्रारंभ से वर्ष 2022-2023 तक लगातार 5 साल राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वन स्टॉप सेन्टर, महिला हेल्पलाईन 181 इसी उद्देश्य को लेकर कार्यरत हैं। प्रदेश के समस्त जिलों में संकट ग्रस्त महिलाओं की सहायता हेतु जिलों में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1 लाख से अधिक महिलाओं को निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराई गई है। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 जैसी योजनाओं के जरिए महिलाएं अपनी समस्याओं का समाधान तुरंत पा रही है। महिला अपराधों को रोकने तथा उसे प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शौर्य दल बनाए गए हैं। प्रदेश में ग्राम/वार्ड स्तर की प्रत्येक आंगनवाड़ी क्षेत्र में कुल 22.52 लाख से अधिक बालिकायें / महिलायें शौर्या दल की सदस्य है। मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्यु दंड देने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश है। प्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। योजना अंतर्गत प्राप्त सहायता राशि से वे आर्थिक रूप से सशक्त होते हुए परिवार के निर्णयों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना में बालिकाओं को रूपये 1,43,000/- का आश्वासन प्रमाण पत्र दिया जाता है। इस योजना ने बालिका शिक्षा को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया है। बेटियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल और कॉलेज के लिए स्कूटी वितरण का कार्य किया जा रहा है जिससे उनकी शिक्षा की सुविधा में कोई कठिनाई न आए। राज्य सरकार ने बेटियों को डॉक्टर, इंजीनियर, जेईई, जज, सीए आदि परीक्षाओं की तैयारी का खर्च उठाने का जिम्मा स्वयं ले रखा है ताकि माता-पिता को इसके बोझ तले ना दबना पड़े। लाडली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में (पाठ्यक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर राशि रूपये 25,000/- की प्रोत्साहन राशि, दो समान किश्तों में (पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम एवं अंतिम वर्ष मे) दिए जाने का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार की यही मंशा रही है कि प्रदेश की हर बेटी अपने सपने पूरा कर सके। इसी परिप्रेक्ष्य … Read more

रैम्प योजना के तहत प्रदेश की महिला उद्यमियों ने हैदराबाद के इंडस्ट्रियल पार्क में सीखे उद्योग के नए गुर

भोपाल भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की रैंप योजना और मध्य प्रदेश सरकार के एमएसएमई विभाग के सहयोग से राज्य की 45 महिला उद्यमियों ने हैदराबाद के फिक्की इंडस्ट्रियल पार्क का एक्सपोजर यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य महिला उद्यमियों को उद्योग के व्यावहारिक अनुभव, नेटवर्किंग के अवसर और व्यवसाय प्रबंधन में नई जानकारियां प्रदान करना था। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम स्टेट नोडल एजेंसी रैम्प ने इस टूर के लिए उन महिला उद्यमियों का चयन किया, जिनके व्यवसाय में विकास की संभावनाएं थीं। चयन प्रक्रिया पूर्व निर्धारित मानदंडों के आधार पर की गई जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अधिकतम लाभ उन्हीं उद्यमियों को मिले जो अपने व्यवसाय को अगले स्तर पर ले जाने में सक्षम हैं। महिला उद्यमियों ने हैदराबाद में पोलमोन, साल्ज़गिटर लिफ्ट्स, पैनलक्स और डब्ल्यू ई हब जैसे प्रतिष्ठानों का दौरा किया। वहां उन्होंने अत्याधुनिक विनिर्माण तकनीकों और बाजार के नए रुझानों के बारे में सीखा। उन्होंने सफल महिला उद्यमियों से बातचीत भी की और उनकी प्रेरणादायक कहानियों को सुना और संभावित साझेदारी के अवसरों का पता लगाया। फिक्की फ्लो इंडस्ट्रियल पार्क पूरी तरह से महिलाओं के स्वामित्व और संचालन में है। यहां 27 विनिर्माण इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित इस पार्क में 55 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। महिला उद्यमियों को आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं और नवाचार को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को नज़दीक से देखने का अवसर मिला। यह यात्रा रैंप योजना के तहत महिला उद्यमियों को नए ज्ञान, नेटवर्किंग अवसर और प्रेरणा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की रणनीतिक पहलों से महिला उद्यमी प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूती से खड़े होने और एमएसएमई क्षेत्र के विकास में योगदान देने के लिए तैयार हो सकेंगी। मध्यप्रदेश के एमएसएमई विभाग ने इस पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाने और राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।  

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल “नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति” “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

22 मार्च से आईपीएल 2025 का आगाज, आईपीएल मैच के टिकटों की बिक्री शुरू

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का आगाज 22 मार्च 2022 से होने वाला है। इस मैच में डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी। यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डंस में खेला जाएगा। अब आईपीएल मैच के टिकटों की बिक्री शुरू हो चुकी है। पहले मैच के टिकट की कीमत 400 रुपए से लेकर 50 हजार रुपए के बीच रखी गई है। आईपीएल मैचों के टिकट की कीमतें टीम और स्टेडियम के हिसाब से तय की गई हैं। फैन्स बुक माई शो और पेटीएम इनसाइडर के साथ-साथ स्टेडियम में बने बॉक्स ऑफिस से भी टिकट खरीद सकते हैं। वहीं, कुछ आईपीएल टीमें अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर भी मैचों के टिकट्स बेचती हैं। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद अगर आपको आईपीएल मैचों के टिकट लेना है तो आपके पास दो ऑप्शंस हैं। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन में से कोई विकल्प चुन सकते हैं। ऑनलाइन विकल्प में बुक माई शो, पेटीएम, आईपीएलटी20डॉट कॉम के अलावा फ्रेंचाइजी टीमों की वेबसाइट भी शामिल हैं। अगर आप ऑफलाइन टिकट खरीदना चाहते हैं तो स्टेडियम में बने बॉक्स ऑफिस से ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ रिटेल आउटलेट्स पर भी आईपीएल टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध रहते हैं। क्या रहेगी टिकट की कीमत आईपीएल टिकटों की कीमत कई चीजों पर निर्भर करती है। यह स्टेडियम, टीम और सीटिंग कैटेगरी के हिसाब से तय होता है। उदाहरण के लिए एमए चिदंबरम स्टेडियम में टिकटों के दाम 3000 रुपए से 30 हजार रुपए तक हैं। इसी तरह हर वेन्यू का प्राइसिंग स्ट्रक्चर है। याद रखें यह चीजें -आईपीएल टिकट खरीदने से पहले यह याद रखें कि बड़े मैचों के टिकट बहुत तेजी से बिकते हैं। इसलिए जल्दी से टिकट खरीदकर अपनी सीट सुरक्षित कर लें। -हमेशा यह तय करें कि टिकट ऑफिशियल या ऑथराइज्ड वेबसाइट से ही बुक करें। अन्यथा आप स्कैम के शिकार हो सकते हैं। -सूचनाओं पर नजर बनाए रखें। आईपीएल या बीसीसीआई टिकट को लेकर आधिकारिक ऐलान पर नजर रखें। मुंबई ने भी शुरू की बिक्री मुंबई इंडियंस टीम ने भी अपने मैचों की बिक्री शुरू कर दी है। मुंबई इंडियंस फैमिली मेंबरशिप के गोल्ड, सिल्वर और जूनियर मेंबर्स फर्स्ट फेज में होने वाले अपनी टीम के होम मैचेज रिजर्व कर सकते हैं। एमआई ने 3 मार्च को पहले राउंड की टिकट बिक्री शुरू की जो चार मार्च तक चली। दूसरे फेज में केवल मुंबई इंडियंस ब्लू मेंबर्स के लिए टिकट थे। यह बुक माई शो पर चार मार्च से छह मार्च तक चला। छह मार्च को शाम छह बजे पब्लिक सेल लाइव हुई। 20 अप्रैल को मुंबई और चेन्नई के मैच की सारी टिकटें बिक चुकी हैं। वहीं, 7 अप्रैल को होने वाले मुंबई वर्सेस आरसीबी मैच के टिकट प्राइस 999 से शुरू होकर 21 हजार तक पहुंचे थे। फिलहाल बुक माई शो पर इस मैच के 10250 रुपए वाले टिकट बचे हैं। मुंबई और एसआरएच का मैच 17 अप्रैल और मुंबई-केकेआर का मैच 31 मार्च को है। इसके 4875, 10250 और 21000 रुपए कीमत के टिकट उपलब्ध हैं। एमएम चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले मुंबई और चेन्नई मैच के टिकटों की बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है।

अजेय भारत दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मजबूत न्यूजीलैंड से भिड़ेगा

नई दिल्ली अजेय भारत रविवार को दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मजबूत न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। आठ टीमों के इस महाकुंभ को करीब आठ साल के लंबे इंतजार के बाद अपना नया विजेता मिलेगा। संयोग से, भारत 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्तान से हार गया था और लगातार दूसरा खिताब जीतने से चूक गया था। इस बीच, यह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत की लगातार तीसरी यात्रा होगी, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली टीम बन जाएगी। भारत और न्यूजीलैंड को एक ही ग्रुप में रखा गया था और उनका पिछला मुकाबला भारत ने 44 रन से जीता था, जिससे भारत ने लगातार तीन जीत के साथ ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया था। भारत ने सेमीफाइनल में वनडे विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने अपने अभियान की शुरुआत कराची में गत चैंपियन और मेजबान पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ की, उसके बाद क्रमशः बांग्लादेश और भारत के खिलाफ जीत और हार का सामना किया। सेमीफाइनल में, ब्लैककैप्स ने दक्षिण अफ्रीका को 50 रनों से हराकर भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। जबकि दुनिया टूर्नामेंट के विजेता का इंतजार कर रही है, आईसीसी नॉकआउट चरणों में दोनों टीमों के बीच पिछले रिकॉर्ड सभी प्रारूपों में न्यूजीलैंड को स्पष्ट बढ़त देते हैं। भारत और न्यूजीलैंड आईसीसी नॉकआउट मैचों में चार बार भिड़ चुके हैं, जिसमें ब्लैककैप्स ने मैन इन ब्लू पर 3-1 की बढ़त हासिल की है। उनके मुकाबलों में 2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2019 और 2023 विश्व कप सेमीफाइनल और 2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल शामिल हैं। भारत की एकमात्र सफलता उनकी सबसे हालिया भिड़ंत, 2023 विश्व कप सेमीफाइनल में मिली थी। न्यूजीलैंड ने 2000 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में क्रिस केर्न्स के मैच जिताऊ शतक की बदौलत 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को हराकर अपना पहला आईसीसी खिताब जीता था। उन्होंने 2021 में इतिहास दोहराया, डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारत को हराकर अपनी दूसरी और सबसे हालिया आईसीसी ट्रॉफी हासिल की। भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे में आमने-सामने का रिकॉर्ड दोनों के बीच खेले गए 119 मैचों में से भारत ने 61 जीते हैं जबकि न्यूजीलैंड ने 50 मैचों में जीत दर्ज की है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक वनडे मैच टाई रहा है जबकि सात मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त हुए हैं।

आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो। साथ ही सरकारी संपत्ति को किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों, उपकरणों एवं खंभो से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जरा सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसी लाईनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि ऑंधी तूफान या अन्य कारणों से अकस्मात टूट जाएं तो उनके समीप जाकर, उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। लाईन टूटने की सूचना निकटस्थ कंपनी अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को शीघ्र दें, संभव हो तो किसी व्यक्ति को उस जगह, अन्य राहगीरों को चेतावनी देने के लिए रखें अथवा 1912 पर संपर्क कर सूचना जरूर देवें। नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाईन से समूचित दूरी रखें, यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कर्मचारी की सलाह लें। खेतों खलिहानों में ऊँची – ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी मकान तंबू आदि विद्युत लाईनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाईनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंचाई तक भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। गॉव और शहरों में होली का उत्‍सव मनाने के दौरान बहुत सी लकड़ियों को इकट्ठा कर चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है। यदि विद्युत लाईनें ऊपर से जा रही हों तो तारों के नीचे होली नहीं जलानी चाहिए। क्‍योंकि आग की लपटों से एल्यूमिनियम के तारों के गलने और टूटने की संभावना होती है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलने के दौरान तरह-तरह के धागे, डोर विद्युत की लाईनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाईनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढने ना दें। विद्युत लाईन पर तार या झाडियॉ न फेंके एवं लाईनों के नीचे ऊंचे तथा फलदार वृक्ष ना लगायें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाईनों के पास लगे वृक्ष या उसकी शाखा न काटें यदि कटी डाल लाईन पर गिरती है तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने खेत, खलिहान, घर या संपत्ति की सुरक्षा के लिये अवरोधक तारों (फेंसिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इस तरह से विद्युत सुरक्षा को लेकर आप भी सचेत रहें, और दूसरों को भी सचेत करें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित न हों। आवश्यक जानकारी के लिये कंपनी के टोल फ्री नं.1912 पर कॉल लगाएं या फिर वितरण केन्द्र से संपर्क स्थापित करें।  

अमेरिका के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव, इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव है. दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के ट्रंप के बयान ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी की कदमताल ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प होगा. चीन ने कहा कि एक दूसरे के राह में रोड़े अटकाने के बजाए हमें एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करना चाहिए. एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा. ऐसा करके ही दोनों देशों और उनके लोगों के हितों को साधा जा सकता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि जब चीन और भारत हाथ मिलाते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक खुलापन आता है और ग्लोबल साउथ के और मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता और बिना सहयोग के किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. दोनों देश मिलकर दुनिया को और बेहतर कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोल्ड फैसलों के बीच दुनियाभर में ट्रेड वॉर का आगाज हो गया है. ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया है. हालांकि, मेक्सिको को इससे कुछ समय के लिए राहत दी गई है. कनाडा को भी कुछ आंशिक राहत दी गई है. लेकिन ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बयान के बाद दुनियाभर में सुगबुगाहट है. इसके बाद अमेरिका में चीन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा था कि अगर अमेरिका युद्ध ही चाहता है, तो युद्ध सही. फिर चाहे वह ट्रेड वॉर हो या किसी दूसरी तरह का युद्ध. हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि हम पर जो भी देश जितना भी टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे. अन्य देश हम पर दशकों से बेइंतहा टैरिफ लगा रहे हैं. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अन्य देश हम पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए रहे हैं, जो गलत है. भारत हम पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ट्रंप ने कहा कि आगामी 2 अप्रैल से जो भी देश अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाएगा उस पर हम भी उतना ही टैरिफ लगाएंगे. दूसरे देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है. लेकिन अब हमारी बारी है कि हम इसी टैरिफ का उन देशों के खिलाफ इस्तेमाल करे.  

आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया, मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते

झाबुआ/आलीराजपुर  आदिवासी अंचल लोक परंपरा के सांस्कृतिक उत्सव के उल्लास में रंग गया है।  झाबुआ-आलीराजपुर जिले में साल के सबसे बड़े लोक उत्सव भगोरिया हाट की शुरुआत हो गई है। मांदल की थाप और बांसुरी की तान पर निकलने वाली रंगारंग गेर में पाररंपरिक आदिवासी नृत्य की छटा बिखर रहे हैं। उत्सव में शामिल हर कोई थिरकने को मजबूर हो गया। आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से भगोरिया का रंग जमने लगा है। काम के लिए अन्य प्रांतों में पलायन कर गए ग्रामीण भी अब लौटने लगे हैं। लोक उत्सव को लेकर पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पुलिस का कहना है कि भगोरिया हाटों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। भगोरिया में हथियारों के प्रदर्शन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश अथवा ऑडियो-वीडियो वायरल करने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। भगोरिया उत्सव में निकलती है गेर बता दें कि आदिवासी अंचल में होली से एक सप्ताह पूर्व से नगर, कस्बे व ग्राम में हाट बाजार के दिन भगोरिया हाट की परंपरा रही है। यह लोक पर्व देश-विदेश में मशहूर है। भगोरिया हाट में आदिवासी समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं तथा ढोल-मांदल की थाप व बांसुरी की तान के साथ नृत्य करते हुए गेर निकाली जाती है। यह गेर भगोरिया का सबसे बड़ा आकर्षण है। इसमें आदिवासी समाज की पुरातन पारंपरिक संस्कृति के रंग बिखरते हैं। यही कारण है कि देश के साथ ही विदेश से भी लोग भगोरिया उत्सव देखने के लिए आते हैं। कब-कहां पर भगोरिया हाट     07 मार्च– वालपुर, कट्ठीवाड़ा, उदयगढ़, भगोर, बेकल्दा, मांडली व कालीदेवी।     08 मार्च- नानपुर, उमराली, राणापुर, मेघनगर, बामनिया, झकनावदा व बलेड़ी।     09 मार्च– छकतला, कुलवट, सोरवा, आमखुट, झाबुआ, झिरण, ढोल्यावाड़, रायपुरिया, काकनवानी व कनवाड़ा।     10 मार्च– आलीराजपुर, आजादनगर, पेटलावद, रंभापुर, मोहनकोट, कुंदनपुर, रजला, बड़ा गुड़ा व मेड़वा।     11 मार्च– बखतगढ़, आंबुआ, अंधारवाड़, पिटोल, खरडू, थांदला, तारखेड़ी व बरवेट।     12 मार्च– बरझर, खट्टाली, चांदपुर, बोरी, उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी व ढेकल।     13 मार्च– फुलमाल, सोंडवा, जोबट, पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई व चौनपुरा। आदिवासी समाज के लिए खास है भगोरिया पर्व, लड़के-लड़कियां चुनते हैं मनपसंद हमसफर आदिवासी संस्कृति का पर्व भगोरिया की शुरुआत होने जा रही है. सात दिनों तक चलने वाला यह पर्व मुख्य रुप से आदिवासी क्षेत्र धार, झाबुआ, खरगोन, अलीराजपुर, करड़ावद जैसे क्षेत्र में विशेष रूप से मनाया जाता है. जिन अंचलों में आदिवासी समाज बड़ी संख्या में रह रहे हैं, वहां पर यह विशेष रुप से पूरे धूम धाम से मनाया जाता है. इसी कड़ी में राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले के कई गांवों में भगोरिया पर्व की धूम देखने को मिल रही है. सीहोर जिले के बिलकिसगंज, लाडकुई, ब्रिजिशनगर, सिद्दीकगंज, कोलारडेम क्षेत्र में हाट के दिन भगोरिया पर्व आयोजित होगा.  प्रदेश भर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में आज 18 मार्च से भगोरिया लोकपर्व की शुरुआत होगी. 24 मार्च को होली दहन के साथ पर्व का समापन होगा. क्यों पड़ा भगोरिया नाम? भगोरिया महोत्सव आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. भगोरिया में आदिवासी समुदाय की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. ऐसी मान्यता है कि भगोरिया की शुरुआत राजा भोज के समय से हुई थी. उस समय दो भील राजाओं कासूमार और बालून ने अपनी राजधानी भगोर में मेले का आयोजन करना शुरू किया. धीरे-धीरे आसपास के भील राजाओं ने भी इन्हीं का अनुसरण करना शुरू किया, जिससे हाट और मेले को भगोरिया कहने का चलन बन गया. सभी को रहता है बेसब्री से इंतजार भगोरिया हाट में जाने के लिए बड़े, बूढ़े, बच्चे, युवा, युवतियां, महिलाएं हर कोई लालायित रहता है. एक महीने पहले से ही आदिवासी समाज भगोरिया पर्व की तैयारियों में जुट जाता है. आदिवासी युवतियां नए पारम्परिक परिधान पहनकर इस मेले में आती हैं. श्रृंगार करती हैं, तो युवा भी सजधज कर बंसी की धुन छेड़ने लगते हैं. आदिवासी जन ढोल मांदल कसने लग जाते हैं. चारों तरफ उत्साह और उमंग का वातावरण रहता है. खेतों में गेहूं और चने की फसल के साथ वातावरण में टेसू, महुआ, ताड़ी की मादकता अपना रस घोलती है. तैयार किया जात विशेष ढोल हाट में जगह-जगह भगोरिया नृत्य में ढोल की थाप, बांसुरी, घुंघरुओं की ध्वनियां सुनाई देती हैं, यह दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है. इस पर्व के लिए बड़ा ढोल (मांदल) विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिसमें एक तरफ आटा लगाया जाता है. ढोल वजन में काफी भारी और बड़ा होता है. पर्व में ऐसे तय होते हैं रिश्ते भगोरिया मेले में युवक युवतियां एक ही रंग के वेश-भूषा में नजर आते हैं. इस दौरान कई युवक युवतियों का रिश्ता भी तय हो जाता है. भगोरिया में आने वाले युवक-युवतियां अपने लिए जीवन साथी की तलाश भी करते हैं. इनमें आपसी रजामंदी जाहिर करने का तरीका भी बेहद निराला होता है. सबसे पहले लड़का लड़की को पान खाने के लिए देता है. अगर लड़की पान खा लेती है, तो रिश्ता हां समझा जाता है. इसके बाद युवक उस युवती को लेकर भगोरिया हाट से भाग जाता है और दोनों शादी कर लेते हैं. इसी तरह अगर युवक, युवती के गालों पर गुलाबी रंग लगा दे और जवाब में लड़की भी उसके गाल पर गुलाबी रंग लगा दे, तो भी यह रिश्ता तय माना जाता है.  

14 मार्च धुलेंडी पर भस्म आरती में हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे राजा

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 13 मार्च को राजसी वैभव के साथ होली उत्सव मनेगा। भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा।

ई-रिक्शा योजना से शहरी क्षेत्र के पर्यावरण को रखा जा सकेगा प्रदूषण मुक्त

भोपाल प्रदेश में ऑटो रिक्शा चलाने वाले हितग्राहियों की आमदनी बढ़ाने और शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के मकसद से नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस वर्ष से मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत पहले चरण में 3500 हितग्राहियों को फायदा पहुँचाया जायेगा। योजना में लाभान्वित हितग्राहियों को ऋण राशि में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से ब्याज में सब्सिडी भी दी जायेगी। प्रदेश में नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना का निरंतर वर्ष 2027-28 तक क्रियान्वयन किया जायेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि योजना के जरिये राज्य सरकार संकल्प-पत्र 2023 के अनुसार ऑटो एवं टैक्सी चालक कल्याण के संकल्प को पूरा करेगी। योजना का स्वरूप योजना के अंतर्गत हितग्राही को नवीन ई-रिक्शा क्रय करने के साथ पुराने डीजल एवं पेट्रोल रिक्शा को पुन: सुसज्जित (रेट्रो फिटिंग) कर ई-रिक्शा में परिवर्तित किया जाकर फायदा पहुँचाया जायेगा। चयनित हितग्राहियों को दीनदयाल जन-आजीविका मिशन-शहरी घटक में 4 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त व्यक्तिगत ऋण प्रदान किया जायेगा। इसी के साथ हितग्राही को प्राप्त ऋण पर 8 प्रतिशत का ब्याज अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से खाते में प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना में लिये गये ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी। हितग्राही को कोलेटरल सिक्योरिटी मुक्त ऋण प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत शहरी गरीब महिलाओं को विशेष रूप में लाभ प्रदान कर शासन के नारी सशक्तिकरण मिशन को बल प्रदान किया जायेगा। हितग्राही चयन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शर्तें निर्धारित की हैं। इसके अंतर्गत हितग्राही का नगरीय क्षेत्र में निवास करना आवश्यक रखा गया है। योजना का लाभ 18 से 55 वर्ष तक के हितग्राही को मिलेगा, जो पूर्व से ऑटो रिक्शा संचालित कर रहा हो। चयनित हितग्राही के पास मोटर व्हीकल लायसेंस होना आवश्यक है। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से किया जायेगा। हितग्राही को आवेदन-पत्र नि:शुल्क प्राप्त होंगे। टॉस्क फोर्स समिति जिले में प्राप्त होने वाले आवेदन-पत्रों के निराकरण के लिये टॉस्क फोर्स समिति गठित होगी। परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण समिति अध्यक्ष होंगे। अन्य सदस्यों में बैंक प्रतिनिधि और योजना प्रभारी को भी शामिल किया गया है। बैंकों द्वारा प्रकरण 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकृत किया जायेगा। इसके बाद नियत 15 दिन में ऋण वितरण किया जाना भी अनिवार्य किया गया है। बैंकों द्वारा किसी भी प्रकार की कोलेटरल सिक्योरिटी की माँग आवेदक से नहीं की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिये बजट में आवश्यक प्रावधान किये जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में नए अवसरों को बल मिलेगा और उद्योग जगत की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी

भोपाल 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने निर्यात भवन, पीथमपुर में उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में आयोग सदस्य सुएनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्या कांति घोष, आयोग के सचिव ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव के.के. मिश्रा, कमिश्नर दीपक सिंह और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी मौजूद थे। औद्योगिक विकास नीति में अपार संभावनाएं – एमपीआईडीसी एमडी एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला ने उद्योग विभाग की इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें निजी क्षेत्र के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बैठक से मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में नए अवसरों को बल मिलेगा और उद्योग जगत की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सुझावों पर करेंगे विचार : आयोग सदस्य वित्त आयोग की सदस्य सुएनी जॉर्ज मैथ्यू ने कहा कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा। औद्योगिक संगठनों ने रखीं अहम मांगें औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष विभिन्न उद्योग और व्यापार से संबंधित कई सुझाव दिये इनमें एयर कार्गो हब और एयरोप्लेन मेंटेनेंस हब की स्थापना, महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु स्किल डेवलपमेंट सेंटर, डेटा सेंटर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आवश्यकता से अवगत कराया। संगठन के सदस्यों ने एमपी को ट्राइबल और फॉरेस्ट एरिया होने के कारण केंद्र सरकार से अधिक समर्थन की मांग करते हुए एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर सेक्टर को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई। प्रतिनिधियों ने ऑटो इंडस्ट्री में नए निवेश और आधुनिकीकरण की आवश्यकता बताते हुए आरएंडडी क्षेत्र में बढ़ती लागत के लिए समर्थन भी मांगा। प्रतिनिधियों ने प्लास्टिक रिसाइक्लिंग और बॉयोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण के लिए नए स्किल सेंटर एवं फंडिंग, औद्योगिक विकास को गति देने हेतु रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार, रियल एस्टेट उद्योग को समर्थन, टेक्सटाइल इंडस्ट्री की जरूरतों पर विशेष ध्यान, ड्यूटी फ्री लोकल मार्केट की मांग, पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बेहतर अधोसंरचना के लिये सुझाव देते हुए कहा छोटे उद्योगों के विकास के लिए अधिक योजनाओं की जरूरत जताई। धार जिले की आर्थिक और सामाजिक विशेषताओं की जानकारी कलेक्टर मिश्रा ने बैठक में धार जिले की भौगोलिक और सामाजिक विशेषताओं की जानकारी दी और बताया कि किस तरह सरकार औद्योगिक विकास के लिए काम कर रही है। बैठक में गौतम कोठारी – अध्यक्ष, पीथमपुर औद्योगिक संगठन, श्रेयस्कर चौधरी – अध्यक्ष, एमपी टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन, आदित्य श्रीवास्तव – पूर्व उपाध्यक्ष, व्हीईसीव्ही ऑटोमोबाइल, आशीष जिटेशी – संयंत्र प्रमुख, सिप्ला लिमिटेड (फार्मा), अविनाश सेठी – निदेशक, इंफोबीन्स लिमिटेड (आईटी), सुमित सूरी – अध्यक्ष, इंदौर होटल एसोसिएशन, योगेश मेहता – अध्यक्ष, एआईएमपी (एमएसएमई), सचिन बंसल – अध्यक्ष, इंडियन प्लास्ट पैक फोरम (प्लास्टिक एवं पैकेजिंग), संदीप जैन – निदेशक, जयदीप इस्पात (इस्पात उद्योग), सुमित मंत्री / संदीप श्रीवास्तव – क्रेडाई (रियल एस्टेट संघ), दिनेश मिश्रा – उपाध्यक्ष, एसआरएफ लिमिटेड (पैकेजिंग फिल्म उद्योग), अक्षत चोरड़िया – अध्यक्ष, सीआईआई मालवा, केमिषा सोनी – पदाधिकारी, आईसीएआई मौजूद रही।

सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को धारावी प्रोजेक्ट के लिए अलग बैंक खाता रखने का निर्देश

मुंबई धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गौतम अडानी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अडानी ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। दुबई की कंपनी सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (Seclink Technologies Corp) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इसी के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इसे एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इनमें अडानी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार और दुबई की सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प शामिल हैं। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसकी बोली अडानी ग्रुप से बेहतर थी। दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेक्लिंक की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि सेक्लिंक के तर्क में दम नहीं है। सरकार को ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सही बोली चुनने का अधिकार है। क्या कहा कोर्ट ने? CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेक्लिंक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली अडानी की 5,069 करोड़ रुपये की बोली से काफी ज्यादा है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्लिंक को अडानी की ओर से पहले से तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें रेलवे को 1000 करोड़ रुपये का लीज भुगतान, 2800 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति भुगतान और 812 रेलवे क्वार्टर का निर्माण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की जाएं। अगली सुनवाई 25 मई को होगी। अलग बैंक अकाउंट रखना होगा सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को एक अलग बैंक खाता रखने का निर्देश दिया है। इस खाते में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लेन-देन होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण और तोड़फोड़ का काम शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और रूल्स के अनुसार उचित खाते, जिसमें चालान आदि शामिल हैं, रखे जाएंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष इक्विटी का दावा नहीं किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम फैसला अपील के नतीजे पर निर्भर करेगा। क्या है धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट? अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसे धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 80% हिस्सेदारी मिली। महाराष्ट्र सरकार के पास बाकी 20% हिस्सेदारी है। यह प्रोजेक्ट 600 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें 296 एकड़ जमीन के पुनर्विकास की योजना है, जबकि माहिम नेचर पार्क जैसे खुले स्थानों को संरक्षित रखा जाएगा। धारावी में 8,50,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। अस्थायी आबादी को मिलाकर यह संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यह मुंबई का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

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