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गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं, 30-40 को निकालना पड़ेगा: राहुल गांधी

अहमदाबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात में वर्कर्स डायलॉग कार्यक्रेम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा से मिले हुए हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को निकालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, गुजरात कांग्रेस में दो तरह के लोग हैं। एक जो जनता के साथ खड़े हैं, जनता के लिए लड़ते हैं और जिसके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं जो जनता से कटे हुए हैं, जनता से दूर बैठता है, जनता की इज्जत नहीं करता और उसमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा, जब तक हम इन दोनों को अलग नहीं करेंगे तब तक गुजरात की जनता हम पर विश्वास नहीं करेगी। उन्होंने कहा, गुजरात के व्यापारी से लेकर छात्र तक विकल्प चाहते हैं, बी टीम नहीं चाहते। मेरी जिम्मेदारी इन दोनों समुहों को छानने की है। कांग्रेस पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है। पार्टी में बब्बरशेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है। राहुल गांधी ने आगे कहा, गुजरात की जनता देख रही है कि कांग्रेस ने रेस में बारात का घोड़ा डाल दिया। अगर में जनता से रिश्ता बनाना है तो दो काम करने हैं। पहला काम यह कि दो ग्रुप को अलग करना है। अगर हमें सख्त कार्रवाई करनीपड़ी, 10, 20, 30 , 30 लोगों को निकालना पड़ा तो निकाल दीजिए। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, चलो जाकर देखते हैं बाहर से करो। राहुल गांधी ने कहा, कांग्रेस के जितने भी नेता है उनके दिल में कांग्रेस होनी चाहिए। जीतने हारने की बात छोड़ दीजिए। अगर हाथ भी कटे तो उसमें से कांग्रेस का खून निकलना चाहिए।

फिल्मी अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस, 19 मार्च को कोर्ट में पेश होने के लिए आदेश जारी, यह है वजह?

 जयपुर  जिला उपभोक्ता आयोग-जयपुर द्वितीय ने गुटखे में केसर का दम बताने संबंधी विज्ञापन को लेकर फिल्म अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ तथा गुटखा कंपनी के चेयरमैन को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब मांगा है। आयोग अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीणा और सदस्य हेमलता अग्रवाल ने योगेन्द्र सिंह बडियाल के परिवाद पर यह आदेश दिया। विज्ञापन में गुटखे के दाने-दाने में केसर के मिश्रण होने का दावा परिवाद में कहा कि जेबी इंडस्ट्रीज गुटखे का निर्माण कर उसे बाजार में सप्लाई करती है। तीनों अभिनेता इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए विज्ञापन करते हैं। विज्ञापन में गुटखे के दाने-दाने में केसर का मिश्रण होने का दावा किया जाता है, जबकि केसर की कीमत करीब चार लाख रुपए प्रति किलो है और गुटखा पांच रुपए में बिकता है। ऐसे में इसमें केसर मिलाना तो दूर उसकी खुशबू भी नहीं होती। भ्रामक विज्ञापन दिखाकर गुटखे की बिक्री बढ़ाकर निर्माता को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीना और सदस्य हेमलता अग्रवाल ने जयपुर निवासी योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर एक शिकायत की समीक्षा करते हुए यह आदेश जारी किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जेबी इंडस्ट्रीज विमल पान मसाला का उत्पादन करती है और इसे बिक्री के लिए पूरे देश में वितरित करती है। याचिकाकर्ता ने कहा, “शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ समेत तीनों अभिनेता इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए इसका विज्ञापन करते हैं। विज्ञापन में दावा किया जाता है कि इसमें केसर है। जबकि सच्चाई यह है कि केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है और उनका पान मसाला विद टोबैको पाउच 5 रुपये का आता है। ऐसे में केसर डालना तो दूर, इसकी खुशबू भी इसमें नहीं डाली जा सकती। कैंसर जैसी बीमारियों को करता है आमंत्रित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भ्रामक विज्ञापन अधिक लोगों को पान मसाला और तंबाकू का कॉम्बो खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे अंततः निर्माता को लाभ होता है। इसमें आगे कहा गया है कि अभिनेता यह कहकर झूठे दावों को बढ़ावा देते हैं कि पान मसाला के हर दाने में केसर होता है। याचिकाकर्ता ने कहा, “निर्माता कंपनी करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही है और दूसरी ओर आम लोग पान मसाला और तंबाकू के हानिकारक और जानलेवा मिश्रण गुटखा का सेवन कर कैंसर जैसी बीमारियों को आमंत्रित कर रहे हैं। परिवाद में विज्ञापन पर रोक लगाने का आग्रह अभिनेताओं की ओर से इस पान मसाले में दाने-दाने में केसर का दम दिखाकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। इससे कंपनी करोड़ों का व्यापार कर रही है, वहीं आमजन को गुटखे के सेवन से बीमारी की चुनौती मिल रही है। परिवाद में विज्ञापन पर रोक लगाने का आग्रह किया है। झूठा प्रचार करने का लगाया आरोप शिकायतकर्ता ने बताया कि जेबी इंडस्ट्रीज विमल पान मसाला बनाती है और पूरे देश में इसकी बिक्री करती है. याचिकाकर्ता ने कहा, ‘शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ समेत तीनों सितारे इसकी बिक्री बढ़ाने के लिए इसका ऐड करते हैं. ऐड में दावा किया जाता है कि इसमें केसर है. जबकि सच्चाई यह है कि केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो है और उनका पान मसाला तंबाकू पाउच के साथ 5 रुपये में आता है. ऐसे में केसर डालना तो दूर, इसकी खुशबू भी इसमें नहीं डाली जा सकती.’  यह भ्रामक ऐड इसलिए दिखाया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पान मसाला और तंबाकू पाउच का यह कॉम्बो खरीदें और इसके निर्माता को मुनाफा हो. शिकायत में कहा गया है कि एक्टर इस पान मसाले के हर दाने में केसर की मौजूदगी दिखाकर झूठा प्रचार कर रहे हैं.  ऐड पर रोक लगाने की कि मांग शिकायतकर्ता ने कहा कि,’निर्माता कंपनी करोड़ों रुपए का कारोबार कर रही है और दूसरी ओर आम लोग पान मसाला और तंबाकू के हानिकारक और जानलेवा मिश्रण गुटखा का सेवन कर कैंसर जैसी बीमारियों को न्योता दे रहे हैं. गुटखा के नाम से जाना जाने वाला यह मिश्रण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और निर्माता कंपनी को भी इस बात की जानकारी है. ऐसे में वह आम लोगों को गुमराह करने के लिए जानबूझकर इसमें केसर होने का दावा कर इसका विज्ञापन कर रही है. ऐसे में इसके ऐड पर रोक लगाई जानी चाहिए.’

आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने वानुआतु की नागरिकता ली

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आवेदन किया है। विदेश मंत्रालय ने  इसकी पुष्टि की। मोदी ने वानुअतु की नागरिकता प्राप्त कर ली है। उनके कानूनी सलाहकार मेहबूब अबदी ने इस खबर की पुष्टि की। मेहबूब अबदी ने बताया कि ललित मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सकारात्मक रूप से सरेंडर करने के सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने ओशियनियाई देश वानुआतु की नागरिकता ले ली है. भारत की अपनी नागरिकता छोड़ने के लिए लंदन स्थित भारतीय हाई कमिशन में उन्होंने एक एप्लिकेशन दिया है. आइए आपको बताते हैं उस देश वानुआतु की खासियत, जहां कि ललित मोदी ने नागरिकता ली है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि ललित मोदी ने हाई कमिशन में अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए अप्लाई किया है. उन्होंने कहा, “ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए एक एप्लिकेशन दिया है. इसकी नियमों के मुताबिक जांच होगी. हमें यह भी पता चला है कि उन्होंने वानुआतु की नागरिकता ले ली है. उनके खिलाफ चल रहे मामले कानून के मुताबिक जारी रहेंगे.” ललित मोदी ने क्यों ली वानुआतु की नागरिकता? वानुआतु की आबादी तीन लाख की है, और यहां गोल्डन पासपोर्ट स्कीम चलता है, जिससे अमीर लोग पैसे देकर आसानी से नागरिकता हासिल कर सकते हैं. इसकी कीमत 1.3 करोड़ रुपये है. दिलचस्प बात ये है कि इसमें ज्यादा डाक्यूमेंटेशन भी नहीं है, और इसे आनलाइन ही सबमिट किया जा सकता है. इस प्रोसेस में एक महीने से भी कम का समय लगता है, और देश में कदम रखने से पहले ही सबकुछ हो जाता है. वानुआतु की नागरिकता लेने में एक बड़ा फायदा ये होता है कि इस देश के पासपोर्ट के साथ 120 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है, जिसमें ब्रिटेन और यूरोपीय देश भी शामिल हैं. एक और दिलचस्प बात ये है कि वानुआतु एक टैक्स हेवेन है, जहां आपको ना तो इनकम, संपत्ति या किसी तरह का कार्पोरेट टैक्स ही लगता है. पिछले दो सालों में 30 अमीर भारतीयों ने यहां की नागरिकता हासिल की है, और यहां नागरिकता लेने वालों में चीनी सबसे आगे है. कहां है वानुआतु? वानुआतु गणराज्य, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप राष्ट्र है. यह द्वीपसमूह ज्वालामुखीय मूल का है और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया से लगभग 1,750 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. इसके अतिरिक्त, वानुआतु न्यू कैलेडोनिया के 500 किलोमीटर पूर्वोत्तर में, फिजी के पश्चिम में और सोलोमन द्वीपों के निकट न्यू गिनी के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यह देश खासतौर से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्य जीवन और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है. ललित मोदी 2010 में भाग गए थे ब्रिटेन आईपीएल की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 15 साल पहले भारत से ब्रिटेन भाग गए थे. भारत लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, और कानूनी लड़ाई भी चल रही है लेकिन अब उन्होंने भारत की नागरिकता त्यागने का फैसला किया है, और जिस देश वानुआतु की नागरिकता उन्होंने ली है, वहां की आबादी पुडुचेरी से भी कम है, जिससे मामले में एक फ्रेश ट्विस्ट आया है. हालांकि, वह अपने ऊपर लगे तमाम मनी लान्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों को खारिज करते हैं. करोड़ों रुपये के गबन के आरोपी आईपीएल के शीर्ष अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में ललित मोदी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई सामने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है। मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इसकी जांच की जाएगी। हमें यह भी बताया गया है कि उन्होंने वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है। हम कानून के तहत उनके खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं।’ वहीं ललित मोदी के सलाहकार मेहबूब अबदी ने बताया कि मोदी के खिलाफ किसी भारतीय एजेंसी द्वारा किसी भी अदालत में कभी भी चार्जशीट या शिकायत नहीं दायर की गई है और न ही किसी भारतीय अदालत में उनके खिलाफ कोई आरोप तय किए गए हैं। ललित मोदी को वापस भारत लाने में बढ़ेंगी मुश्किलें ललित मोदी की नागरिकता का यह कदम कई साल बाद सामने आया है। आईपीएल के संस्थापक के रूप में ललित मोदी के ऊपर कई तरह के आरोप लग चुके हैं। वानुआतु एक दक्षिणी प्रशांत द्वीप राष्ट्र है और अब ललित मोदी यहां के नागरिक बन गए हैं। भारत सरकार को अब ललित मोदी को वापस लाने में मुश्किलें और बढ़ेंगी।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भोपाल रेल मंडल का अनूठा प्रयास: पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित ट्रेन का सफल संचालन

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सम्मान एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु भोपाल रेल मंडल द्वारा विशेष पहल की गई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर भोपाल रेलवे मंडल ने महिलाओं के सम्मान और उनके समर्पण को उजागर करने के लिए एक प्रेरणादायक कदम उठाया। इस विशेष दिन पर ट्रेन संख्या 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस को पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित कर रवाना किया गया, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में रेलवे के सकारात्मक प्रयासों का प्रतीक है। यह ट्रेन आज सुबह 10:15 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और महिला क्रू सदस्यों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उन्होंने सभी महिला कर्मचारियों को पुष्पमाला पहनाकर एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया और उनके उत्कृष्ट कार्य के प्रति अपनी शुभकामनाएं दीं। इस विशेष ट्रेन का संचालन कुशल महिला क्रू ने किया, जिसमें लोको पायलट के रूप में श्रीमती कु. नूतन, सहायक लोको पायलट के रूप में श्रीमती नेहा श्रीवास्तव, ट्रेन मैनेजर के रूप में श्रीमती अक्षिता काले तथा ट्रेन टिकट परीक्षक के रूप में श्रीमती रीता यादव एवं श्रीमती रश्मि मगरदे ने अपनी जिम्मेदारी संभाली। महिला कर्मचारियों द्वारा ट्रेन संचालन का यह प्रयास न केवल रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण भी है। इस अवसर पर एडीआरएम  श्रीमती रश्मि दिवाकर के साथ वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर(कर्षण परिचालन) श्री सचिन शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया, मुख्य लोको इंस्पेक्टर, मंडल वाणिज्य प्रबंधक, स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) सहित अन्य पर्यवेक्षकगण उपस्थित रहे। भोपाल मंडल का महिला सशक्तिकरण में योगदान भोपाल रेलवे मंडल महिलाओं को उनके कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने और उनकी भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। मंडल में वर्तमान में 41 महिला लोको पायलट कार्यरत हैं, जो रेल संचालन के क्षेत्र में अपनी दक्षता का परिचय दे रही हैं। इसके अलावा, भोपाल मंडल में कुल 1100 महिला कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, जो रेलवे के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही हैं। इनमें वाणिज्य विभाग में 164, यांत्रिक विभाग में 156, संचालन विभाग में 109, विद्युत विभाग में 216, इंजीनियरिंग विभाग में 164, सुरक्षा विभाग में 45, संकेत एवं दूरसंचार विभाग में 87, चिकित्सा विभाग में 64, लेखा विभाग में 24, कार्मिक विभाग में 44, सामान्य प्रशासन में 20, गति शक्ति/निर्माण विभाग में 3 और भंडार विभाग में 4 महिलाएँ कार्यरत हैं। इन सभी महिलाओं ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है, जिससे भोपाल मंडल का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने इस अवसर पर कहा कि, “महिला कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण के कारण रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं सफलता पूर्वक कार्य कर रही हैं। भोपाल मंडल महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उनकी कार्यक्षमता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। महिलाओं को कार्यक्षेत्र में हरसंभव सहयोग देने के लिए मंडल द्वारा सुविधाजनक कार्य वातावरण, आवश्यक प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने कार्य में दक्षता के साथ आगे बढ़ सकें।” अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर भोपाल मंडल का यह कदम नारी शक्ति को समर्पित है, जो समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त एवं प्रेरणादायक बनाता है।  

भारतीय वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने अमेरिका के F-35 विमानों पर दिया बड़ा बयान, अब तक औपचारिक प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचने की पेशकश की थी। अब इसको लेकर भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस विमान पर अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है। उन्होंने भारत को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाने और अपनी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। मीडिया से बोलते हुए एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने अभी तक एफ-35 विमान का विश्लेषण नहीं किया है और इसकी लागत भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा, “हमें इसे सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना होगा कि हमारी आवश्यकताएं क्या हैं और इस विमान के साथ क्या मिलता है। लागत भी इसका एक हिस्सा है। यह कोई वॉशिंग मशीन या रेफ्रिजरेटर नहीं है कि जिसे सिर्फ दिखा औरअच्छा लगा तो खरीद लिया। हमने अभी इस पर कोई विचार नहीं किया है। अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है।” भारत को तैयार लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं 14 फरवरी को भारत और अमेरिका ने नई 10-वर्षीय रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए थे। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका ‘एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू जेट’ विमान की संभावित आपूर्ति सहित भारत को सैन्य हार्डवेयर की बिक्री में वृद्धि करेगा। हालांकि, एयर मार्शल एपी सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि चीन द्वारा छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बीच भारत को अपने तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं। भारत का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) अभी विकास के चरण में है और इसके पहले विमान के 2035 तक शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हमें तब तक तैयार लड़ाकू विमान खरीदने पड़ सकते हैं, जब तक कि एएमसीए विकसित नहीं हो जाता। या फिर हमें एएमसीए के विकास को तेज करना होगा।” भारतीय वायु सेना को लड़ाकू विमानों की जरूरत भारत के पास वर्तमान में 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत क्षमता 42 स्क्वाड्रन की है। एक स्क्वाड्रन में 18 लड़ाकू विमान होते हैं। चीन द्वारा छठी पीढ़ी के विमान विकसित करने और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को उसके एफ-16 लड़ाकू विमानों के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर मार्शल एपी सिंह ने नवीनतम तकनीक अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इससे उन्हें बढ़त मिलेगी। यह बिल्ली और चूहे का खेल है जो लगातार चलता रहेगा। फिलहाल, हम नई तकनीक के पीछे दौड़ रहे हैं। हमें एक ऐसी स्थिति में पहुंचना होगा, जहां दुनिया हमारी तकनीक को फॉलो करे और हम वैश्विक रक्षा क्षेत्र में नेतृत्व करें।” तेजस जेट की देरी पर ‘मित्रवत वार्तालाप’ वायु सेना प्रमुख ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अधिकारियों को तेजस लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी पर फटकार लगाने के वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “फ्रेंडली बातचीत” करार देते हुए कहा, “किसी निजी बातचीत को लीक करना गलत है। मैं एचएएल के अपने सहयोगियों से बात कर रहा था। हम साथ प्रशिक्षित हुए हैं। यह टेस्टिंग टीम और इंजीनियरों के साथ एक फ्रेंडली चर्चा थी, जिनके साथ मैंने काम किया है।” बता दें कि पीएम मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा था, ‘‘इस साल से हम भारत को सैन्य बिक्री में कई अरब डॉलर का इजाफा करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत को अंततः ‘एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू लड़ाकू विमान’ देने का रास्ता भी साफ कर रहे हैं।’’ एफ-35 लड़ाकू विमान को दुनिया के सबसे घातक, टिकाऊ और कनेक्टेड लड़ाकू विमानों के रूप में जाना जाता है। संवाददाता सम्मेलन में यह पूछे जाने पर कि क्या भारत, अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू जेट विमान खरीदने की योजना बना रहा है, इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। उन्होंने कहा, ‘‘यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस संबंध में औपचारिक प्रक्रिया अभी शुरू हुई है।’’

भाजपा महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने का कार्य कर रही है : विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के गरीबी हटाओ और महिला सशक्तीकरण सिर्फ नारे नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें इसे धरातल पर साकार कर रही हैं। महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में किस प्रकार लाया जाए और किस तरह से उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने के लिए सक्षम बनाया जाए, इसके व्यवहारिक प्रयास अगर किसी ने किए हैं, तो वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ही हैं। भाजपा महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने का कार्य कर रही है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बहनों को शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। कार्यक्रम को पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी एवं महापौर श्रीमती मालती राय ने भी संबोधित किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें तो अपनी योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर ही रही हैं, भाजपा के संगठन ने भी महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के प्रयास किए हैं। इसी का परिणाम है कि आज पार्टी में जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष और बूथ समिति के अध्यक्ष पद पर भी बड़ी संख्या में महिलाएं चुनी गई हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय नेतृत्व की भावना के अनुरूप भाजपा संगठन महिला नेतृत्व को उभारने की दिशा में लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। आने वाला समय भारत का है और हमारे प्रधानमंत्री वूमन लेड डेवलपमेंट यानी महिला आधारित विकास की  बात करते हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में दुनिया महिला नेतृत्व के आधार पर विकास करेगी। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण और विकास के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। विकास के लिए जरूरी है कि पुरुष और महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर चलें, मिलकर प्रयास करें। हम सभी को इस दिशा में विचार करने की जरूरत है। विशेषकर हमारी माताओं-बहनों को अपनी परंपरागत सोच के दायरे से बाहर निकलकर देश और दुनिया के विकास में योगदान देना होगा। कमजोर नहीं, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि महिलाएं अब कमजोर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन के हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। आज देश के प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा व्यवस्था भी महिलाएं संभालती हैं। वो मुख्यमंत्री जी का सारा काम संभाल रही हैं। पहले की सरकारें महिला सशक्तीकरण की बातें तो करती रहीं, लेकिन उन्होंने कभी इसके बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। 75 सालों तक ये लोग सिर्फ बातें करते रहे। संसद में इसके लिए कई बार बिल लाया गया, लेकिन उसे पारित कराने में किसी ने रुचि नहीं ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करके भाजपा की सरकार ने कोई उपकार नहीं किया, बल्कि पार्टी यह चाहती है कि देश और प्रदेश के संचालन के लिए जो निर्णय हों, जो कानून बनें, उनमें महिलाओं की भी भागीदारी हो। इसके लिए जरूरी है कि हमारी माताएं-बहनें सांसद और विधायक के रूप में चुनकर आएं। बहनों को सशक्त, उनके जीवन को आसान बना रही योजनाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि एक गरीब मां के बेटे श्री नरेंद्र मोदी जी जब प्रधानमंत्री बने, तो उन्हें हर गरीब के जीवन की कठिनाइयों का अनुभव था। उन्होंने कहा कि अब देश में कोई गरीब झोपड़ी में नहीं रहेगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की। इस योजना में भी उन्होंने बहनों को सशक्त बनाने के लिए यह प्रावधान किया कि घर की मालकिन हमारी बहनें भी होंगी। प्रधानमंत्री जी ने देखा था कि चूल्हे पर खाना बनाने में उनकी मां को कितना कष्ट होता था। धुएं के कारण खांसते-खांसते उनकी हालत खराब हो जाती थी। आजादी के बाद किसी भी सरकार ने माताओं-बहनों को होने वाली इस पीड़ा के बारे में नहीं सोचा। माताओं-बहनों को इस परेशानी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने उज्ज्वला योजना लागू की और देश की करोड़ों माताओं-बहनों को गैस कनेक्शन प्रदान किए। वो गैस कनेक्शन जो कभी सांसदों, विधायकों की सिफारिश से मिलते थे, प्रधानमंत्री जी ने देश के 13 से 14 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दे दिए। अपने घर और देश को आत्मनिर्भर बनाएं महिलाएं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी जिन चार जातियों की बात करते हैं, वो हैं गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाएं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इनमें से प्रत्येक जाति को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने लाडली बहना योजना लागू की है और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ही इस योजना की किश्त के रूप में 1500 करोड़ से अधिक की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता भी इस योजना को लागू कर रही हैं। प्रधानमंत्री जी हमारी बहनों, बेटियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्रोन दीदी बना रहे हैं। ये सारे प्रयास बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हैं और मैं महिला दिवस के अवसर पर सभी बहनों, बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि देश तब आत्मनिर्भर हो सकता है, जब हर घर आत्मनिर्भर होगा। लेकिन दुर्भाग्य से हर घर को आत्मनिर्भर बनाने की बात किसी ने नहीं सोची। ये काम हमारी माताओं-बहनों को ही करना है। परिवार को आत्मनिर्भर बनाना, उसे संस्कार देना ये हमारी माता-बहनों की ही जिम्मेदारी है, वही हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी रक्षक भी हैं। आज महिला दिवस के अवसर पर सभी बहनें ये संकल्प लें कि हम आत्मनिर्भर बनेंगे, परिवार को आत्मनिर्भर बनाएंगे और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की … Read more

ई-ऑफिस के जरिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दौरे में भी फाइलों का किया निष्पादन, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल के सदस्य हर लिहाज से काबिल हैं, लेकिन इनमें से वित्त मंत्री ओपी चौधरी का अपना अलग ही स्थान हैं. आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए ओपी चौधरी ई-ऑफिस के जरिए फाइलों को निपटाकर दूसरों के लिए नजीर पेश कर रहे हैं. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर किए अपने पोस्ट में रायगढ़ जाते हुए ई-ऑफिस के जरिए फाइलों के निष्पादन की तस्वीर शेयर की है. इसे उन्होंने बताया कि तकनीक के जरिये सुगम और प्रभावी प्रशासन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

महिला दिवस के खास एपिसोड में ‘लाफ्टर शेफ्स’ में कंटेस्टेंट्स ने जमकर जश्न मनाया

मुंबई शनिवार 8 मार्च को ‘लाफ्टर शेफ्स’ में महिला दिवस पर खास एपिसोड दिखाया जाएगा। नए प्रोमो में दिखाया गया है कि शो में कंटेस्टेंट्स किस तरह जश्न मनाएंगे। जश्न के बीच सुदेश लहरी कृष्णा अभिषेक को चिढ़ाते हैं, जिससे सभी हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते हैं। लाफ्टर शेफ्स प्रोमो की शुरुआत में मेल कंटेस्टेंट्स ‘हैप्पी विमेंस डे’ का बोर्ड लेकर मंच पर आते हैं। कृष्णा अभिषेक सभी फीमेल कंटेस्टेंट्स के लिए गिफ्ट लेकर आए हैं। रूबीना दिलैक का कहना है कि उन्हें सरप्राइज पसंद है। भारती सिंह, मन्नारा चोपड़ा और अंकिता लोखंडे भी एक्साइटेड हो जाती हैं। तभी सुदेश लहरी कृष्णा अभिषेक को चिढ़ाते हुए कहते हैं, ‘कृष्णा, आज तू भी लड़की बनके आता तो तुझे भी गिफ्ट मिलता।’ तभी इससे बाकी लोग हंस पड़ते हैं, कृष्णा अपना चेहरा सीरियस बनाए रखते हैं। ‘लाफ्टर शेफ्स’ में मना वुमन्स डे कॉमेडियन भारती सिंह के लिए पहला तोहफा लाते हैं। भारती सिंह तोहफे को खोलती हैं और उसमें एक किताब मिलती हैं। वह कहती हैं कि कृष्णा एक अच्छा मामा है क्योंकि उन्होंने गोला (भारती के बेटे) के लिए तोहफा दिया है। लेकिन कृष्णा कहते हैं, ‘ये गोले की मां के लिए। दो सीजन हो गए, सिर्फ 10, 9, 8, अरे आगे भी पढ़। अगले सीजन में मुझे होना चाहिए 100, 99, 98।’ भारती के लिए कृष्णा का गिफ्ट कॉमेडियन जवाब देती हैं कि उन्हें कृष्णा अभिषेक की बातों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विक्की जैन की हंसी ने उन्हें गुस्सा दिला दिया। भारती सिंह विक्की जैन की नकल करते हुए कहती हैं, ‘ये हंसकर गुस्सा चढ़ा दिया।’ अभिषेक और समर्थ लाए गुलाब फिर वो अंकिता के लिए पेंग्विन लेकर आते हैं और कहते हैं कि वो विक्की समझकर इसपर गुस्सा निकाल सकती हैं। वहीं अभिषेक रूबीना के लिए सफेद गुलाब लेकर आए हैं। वो उन्हें बेस्ट फ्रेंड कहकर उसे देते हैं। फिर समर्थ भी पीछे से उन्हें वाइट रोज थमा देते हैं।

‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ कबिता सिंह का पत्ता साफ होने से गुस्साए फैंस

मुंबई ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ का ग्रैंड फिनाले जल्द ही होने वाला है। शो को अपने टॉप 5 कंटेस्टेंट मिल गए हैं, जिसमें तेजस्वी प्रकाश, गौरव खन्ना, निक्की तंबोली, राजीव अदातिया और फैसल शेख का नाम शामिल है। अभी इन्हें काफी चैलेंजेस फेस करने पड़ रहे हैं। उन्हें नए-नए टास्क मिल रहे हैं। जहां शो में अभी दीपिका कक्कड़ नजर आ रही हैं, वह होली के बाद आने वाले एपिसोड से एविक्ट हो जाएंगी। मगर उसके पहले कबिता सिंह का पत्ता साफ हो गया है, जिस पर फैंस गुस्साए हुए हैं। शुक्रवार, 7 मार्च को टेलीकास्ट हुए ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ के एपिसोड में गौरव खन्ना और निक्की तंबोली को तो एलिमिनेट होने से बचा लिया गया था। लेकिन कबिता सिंह शो से आउट हो गईं। उनके बाहर होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फॉलोवर्स मेकर्स को लताड़ रहे हैं। इसे अनफेयर बता रहे हैं। कबिता सिंह के एलिमिनेशन पर भड़के फैंस कबिता सिंह के एलिमिनेशन के बाद एक यूदर ने लिखा, ‘हमेशा महसूस किया कि मेकर्स हमेशा से कबिता के खिलाफ थे। उसे नीचा गिराने की बहुत कोशिश की। लेकिन कबिता जी आपने अच्छा किया। सिर ऊंचा रखिएगा।’ एक ने लिखा, ‘सिर्फ तेजस्वी और राजीव जैसे कुछ सस्से एंडेमोल जोकरों को बढ़ावा देने के लिए कबिता को निकाल दिया? कबिता शेफ के साथ फ्लर्ट नहीं कर सकती थीं। और गनाते लवाश नहीं बना सकती थीं? इसलिए निकाला।’ एक ने कहा, ‘तेजस्वी प्रकाश के प्रति शो बायस्ड है। वह सेंधा नमक को साधारण नमक कहती हैं तो ठीक है। अदरक-लहसुन पेस्ट को सिर्फ अदरक का पेस्ट कहती हैं तो ठीक है लेकिन गौरव खन्ना को तेल और कबिता को धनिया के बारे में बताने की जरूरत है कि वह किस किस्म का इस्तेमाल कर रहे।’ तेजस्वी प्रकाश को फेवर करने पर लोगों ने मेकर्स को झाड़ा एक यूजर ने लिखा, ‘मुझे नफरत है मेकर्स कैसे कबिता की कुकिंग स्किल्स को नीचा दिखाते हैं और सेलिब्रिटीज को उनसे ऊपर। मुझे उनके लिए बहुत बुरा लगता है।’ एक ने लिखा, ‘कबिता ने खुद से मेहनत की। वह अपने बूते पर पहुंची और लाखों दिलों को जीता है।’ अब शो में कबिता के बाद, दीपिका, गौरव, तेजस्वी, निक्की, राजीव, अर्चना, ऊषा और फैसल बचे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने निवास कार्यालय में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विधायक रायमुनी भगत भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी न केवल प्रखर राष्ट्रवादी थे, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के दृढ़ रक्षक भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ने का कार्य किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए उन्होंने अनवरत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रवादी चेतना का प्रसार हुआ और छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और अधिक जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड, हालांकि, इन आंकड़ों में ‘डबल डर’ छुपा है, जिन्हें कोई भी भारतीय फैंस नहीं देखना चाहेगा

दुबई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का कारवां आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी के नौवें संस्करण का फाइनल खेला जाएगा। यह मैच दुबई के मैदान पर आयोजित होगा। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने अजेय रहते हुए खिताबी मुकाबले में एंट्री की है। वहीं, न्यूजीलैंड को लीग चरण में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चलिए, आपको आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड बताते हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में ‘डबल डर’ छुपा है, जिन्हें कोई भी भारतीय फैंस नहीं देखना चाहेगा। न्यूजीलैंड सातवां फाइनल खेलेगा। साल 2000 में पहली बार खेला फाइनल दरअसल, न्यूजीलैंड टीम ने अभी तक कुल 6 आईसीसी फाइनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उसे चार में हार और दो में जीत नसीब हुई। हैरानी कि बात यह है कि न्यूजीलैंड ने जो दो फाइनल जीते हैं, वो भारत के खिलाफ ही हैं। न्यूजीलैंड टीम साल 2000 में पहली बार आईसीसी फाइनल में उतरी थी। न्यूजीलैंड का तब चैंपियन ट्रॉफी के फाइनल में भारत से सामना हुआ था। न्यूजीलैंड ने इस खिताबी मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत हासिल की थी। मैच का नतीजा महज दो गेंद बाकी रहने पर निकला था। उस वक्त भारत के कप्तानी सौरव गांगुली और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग थे। इसके बाद, न्यूजीलैंड को अगले दो आईसीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने हराया। कंगारुओं ने कीवियों के खिलाफ 2009 का चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल और 2015 का वनडे वर्ल्ड कप फाइनल जीता। न्यूजीलैंड को 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड ने रोमांचक शिकस्त दी। मैच सुपरओवर तक गया था और इंग्लैंड ने बाउंड्री काउंट बैक नियम के अनुसार जीत हासिल की। वहीं, न्यूजीलैंड ने 2021 में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया। भारत की कमान तब विराट कोहली के पास थी। कीवी टीम ने अपना पिछला आईसीसी फाइनल 2021 में खेला। न्यूजीलैंड को उस समय टी20 वर्ल्ड कप के खिताबी मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से धूल चटाई। अब कप्तान रोहित शर्मा से बढ़ी उम्मीद भारत को भले ही दो बार आईसीसी फाइनल में न्यूजीलैंड ने हराया हो लेकिन कप्तान रोहित शर्मा का कीवियों के सामने रिकॉर्ड शानदार रहा है। ऐसे में भारतीय फैंस की रोहित से उम्मीदें बढ़ी हुई हें। बता दें कि रोहित ने बतौर कप्तान आईसीसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी हार नहीं झेली है। भारत ने मौजूदा टूर्नामेंट के आखिरी लीग मैच में मिचेल सैंटरनर की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड को 44 रनों से रौंदा था। रोहित ब्रिगेड ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजलैंड को लीग चरण में चार विकेट और सेमीफाइनल में 70 रनों से मात दी थी। भारत अब फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ना सिर्फ हिसाब चुकता करने की फिराक में होगा बल्कि टूर्नामेंट में 12 साल के खिताबी सूखे को समाप्त करना चाहेगा।

अगर भारत को कोई टीम हरा सकती है तो वह न्यूजीलैंड है, भारत प्रबल दावेदार है लेकिन बहुत ज्यादा फायदा नहीं है: रवि शास्त्री

दुबई भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को प्रबल दावेदार बताया है लेकिन कहा कि फायदा ज्यादा नहीं होगा क्योंकि न्यूजीलैंड काफी मजबूत टीम है। भारतीय टीम ने अपने सारे मैच दुबई में खेले और सभी जीतकर फाइनल में पहुंची है। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। न्यूजीलैंड टीम ग्रुप ए में भारत के बाद दूसरे स्थान पर रही थी जिसे भारत ने लीग चरण में हराया था। न्यूजीलैंड ने लाहौर में सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात दी। भारत के पूर्व मुख्य कोच शास्त्री ने ‘द आईसीसी रिव्यू’ में कहा, ”अगर भारत को कोई टीम हरा सकती है तो वह न्यूजीलैंड है। भारत प्रबल दावेदार है लेकिन बहुत ज्यादा फायदा नहीं है।’’ भारत और न्यूजीलैंड का सामना 2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी हुआ था, जिसमें न्यूजीलैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज की थी। 62 वर्ष के शास्त्री ने न्यूजीलैंड के चार खिलाड़ियों का जिक्र किया जो फाइनल का रूख बदल सकते हैं। उन्होंने रचिन रविंद्र को ‘बेहद प्रतिभाशाली’ करार दिया, जबकि केन विलियमसन की ‘स्थिरता और संत जैसे शांत स्वभाव’ की तारीफ की। उन्होंने कप्तान मिचेल सैंटनर को बुद्धिमान कप्तान और ग्लेन फिलिप्स को टीम का ‘एक्स फैक्टर’ कहा। शास्त्री ने विराट कोहली के मौजूदा फॉर्म को ‘गेम चेंजर’ करार दिया जबकि निर्णायक क्षणों में अच्छे प्रदर्शन के लिये विलियमसन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ”कोहली के मौजूदा फॉर्म की बात करें तो अगर ऐसे खिलाड़ियों को शुरूआती दस रन बना लेने दें तो बाद में वे लंबा खेलते हैं । विलियमसन हों या कोहली। न्यूजीलैंड के लिये मैं कहूंगा विलियमसन। कुछ हद तक रविंद्र भी जो शानदार युवा खिलाड़ी है।’’ पच्चीस वर्ष के रविंद्र आईसीसी 50 ओवरों के टूर्नामेंटों में पांच शतक जमा चुके हैं और ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। शास्त्री ने कहा, ”जिस तरह से क्रीज में वह मूव करता है, मुझे बहुत पसंद है। वह प्रवाहमयी बल्लेबाजी करता है और उसके पास कई स्ट्रोक्स हैं। बड़े टूर्नामेंटों में शतक ऐसे ही नहीं बन जाते। वह बेहद प्रतिभाशाली है।’’ विलियमसन के बारे में उन्होंने कहा, ”वह बहुत स्थिर है और शांत रहता है। वह अपने काम को लेकर बहुत संजीदा है। वह संत की तरह है मानो ध्यान में लगा हो। लोग बड़े शॉट्स में यकीन करते हैं लेकिन वह प्रवाह के साथ पारी को आगे बढाता है। जो रूट, विलियमसन, कोहली इन सभी का फुटवर्क कमाल का है।” उन्होंने सेंटनेर की तारीफ करते हुए कहा,‘‘ वह काफी चतुर है और कप्तानी उसे रास आ रही है। इससे बतौर बल्लेबाज , गेंदबाज और एक क्रिकेटर के तौर पर उसे फायदा हो रहा है ।’’ शास्त्री ने यह भी कहा कि प्लेयर आफ द मैच कोई हरफनमौला होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ भारत की ओर से अक्षर पटेल या रविंद्र जडेजा और न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स हो सकता है।’’

ED का बड़ा एक्शन: 850 करोड़ के फाल्कन घोटाला मामले में प्राइवेट जेट किया जब्त, विमान से दुबई भागा था आरोपी

हैदराबाद हैदराबाद (TG) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर एक हॉकर 800A जेट (टेल नंबर N935H) जब्त किया है, जो 850 करोड़ रुपये के फाल्कन घोटाले से जुड़ा है. विमान कथित तौर पर घोटाले के मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का है, जिसने कथित तौर पर इसका इस्तेमाल 22 जनवरी को दुबई भागने के लिए किया था. माना जाता है कि प्रेस्टीज जेट्स इंक के माध्यम से 2024 में $1.6 मिलियन (लगभग ₹14 करोड़) में खरीदे गए इस जेट को कथित पोंजी स्कीम से फंड का उपयोग करके हासिल किया गया है, जिससे यह अपराध की सीधी आय बन जाती है. ED इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश अवसरों की आड़ में 850 करोड़ रुपये की पोंजी स्कीम को बढ़ावा देने के लिए फाल्कन ग्रुप (कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड), इसके अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कुमार और अन्य प्रमुख अधिकारियों की जांच कर रहा है. कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट गौरतलब है कि विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इसी की सूचना पर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने तलाशी ली. इस मामले में चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. वहीं 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की काव्या नल्लूरी अरेस्ट विमान का उपयोग 22 जनवरी को दुबई भगाने के लिए किया गया. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए ईडी अधिकारियों ने तलाशी ली, चालक दल और अमरदीप कुमार के एक करीबी सहयोगी के बयान दर्ज कया और जेट को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद 15 फरवरी को, साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले के सिलसिले में सीपीएफपी के उपाध्यक्ष और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग (एफआईडी) के बिजनेस हेड पवन कुमार ओडेला और सीपीएफपी और फाल्कन कैपिटल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक काव्या नल्लूरी को गिरफ्तार किया. 1700 करोड़ रुपये एकत्र किए थे अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. अधिकारियों का आरोप है कि फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था. इस जेट को 2024 में 1.6 मिलियन डॉलर (₹14 करोड़) में ‘प्रेस्टीज जेट्स इंक’ के जरिए खरीदा गया था. इस डील में घोटाले के पैसे का उपयोग किया गया था. ईडी का दावा है कि फाल्कन ग्रुप के पोंजी स्कीम से मिले पैसे को इस जेट की खरीद के लिए डायवर्ट किया गया था. चालक दल से की गई पूछताछ विमान के शमशाबाद पहुंचते ही ईडी ने इसे जब्त कर लिया. चालक दल से पूछताछ की गई और एक करीबी सहयोगी का बयान दर्ज किया गया. क्या है फाल्कन घोटाला फाल्कन ग्रुप ने निवेशकों से ₹1,700 करोड़ जुटाए, जिसमें हाई रिटर्न का लालच देकर फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग निवेश योजना चलाई गई. ₹850 करोड़ वापस किए गए, लेकिन 6,979 निवेशकों को भुगतान नहीं मिला. कंपनी के प्रमुख अधिकारियों में चेयरमैन और एमडी अमरदीप कुमार शामिल हैं, जो अभी भी फरार हैं. निवेशकों से एकत्र किए 1700 करोड़ रुपये वहीं इस घोटाले का मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार और दो अन्य संदिग्ध, आर्यन सिंह (सीओओ) और योगेंद्र सिंह (सीईओ) फरार हैं. फाल्कन ग्रुप ने आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से लगभग 1,700 करोड़ रुपये एकत्र किए, उन्हें अल्पकालिक जमा पर उच्च रिटर्न का वादा किया, जबकि 850 करोड़ रुपये चुकाए गए, शेष राशि 6,979 जमाकर्ताओं को नहीं दी गई. जांच से पता चला कि FID प्लेटफ़ॉर्म को पीयर-टू-पीयर निवेश मॉडल के रूप में विपणन किया गया था, जिसमें जमाकर्ताओं को ब्रिटानिया, अमेज़ॅन और गोदरेज जैसे शीर्ष-स्तरीय कॉर्पोरेट ग्राहकों से जोड़ने का दावा किया गया था. हालांकि, विक्रेता प्रोफ़ाइल और लेन-देन पूरी तरह से गढ़े गए थे, जिससे वैधता का आभास होता था.

हाईकोर्ट ने उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, शहडोल संभाग आयुक्त को लगाई फटकार

जबलपुर.  मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इतना ही नहीं उमरिया की रहने वाली माधुरी तिवारी के जिला बदर करने का आदेश भी निरस्त कर दिया है. दरअसल, जिला बदर करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसके साथ ही शहडोल संभागायुक्त को भी फटकार लगाई है. पूरा मामला 2024 का है. दरअसल, उमरिया कलेक्टर ने माधुरी तिवारी के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया गया था. बताया जा रहा है कि माधुरी पर 6 आपराधिक मामले दर्ज थे. इनमें से 2 धारा 110 के तहत थे. फिर 2 मामले मारपीट और 2 एनडीपीएस से जुड़ा केस था. हालांकि किसी भी मामले में महिला को सजा नहीं हुई थी. फिर जिला बदर के आदेश को माधुरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने क्यों रद्द किया आदेश जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई. इसके बाद कोर्ट ने जिला बदर का आदेश भी निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि शहडोल संभागायुक्त अपने विवेक का प्रयोग करें. डाक घर की ओर से काम नहीं करें. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि कलेक्टर ने एसएसओ के बयान के आधार पर आदेश जारी कर दिया था. जांच में सामने आया कि माधुरी को 1 एनडीपीएस के केस में महज 1 दूसरे आरोपी के बयान के आधारपर फंसाया गया था. उनके कब्जे से कोई प्रतिबंधित पदार्थ बरामद नहीं किया गया था. इतना ही नहीं एसएचओ ने भी माना कि महिला से किसी का कोई विवाद नहीं था. इतना ही नहीं पाली के किसी भी व्यक्ति ने यह नहीं कहा था कि माधुरी के यहां रहने से उन्हें कोई खतरा है. फिर हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभाग आयुक्त के आदेश को गलत बताया. फिर कलेक्टर पर जुर्माना भी लगाने का निर्देश दिया.

धोनी की एक सलाह ने मुझे आत्मविश्वास दिलाया : राहुल त्रिपाठी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर राहुल त्रिपाठी ने बताया कि कैसे पूर्व कप्तान एमएस धोनी की सलाह ने उन्हें 2017 में आईपीएल में पदार्पण के दौरान मदद की। फ्रैंचाइजी के लिए अपने पहले मैच से पहले माही ने त्रिपाठी को शांत करने में मदद की। उन्होंने कहा, अपना पहला मैच खेलने से दो दिन पहले, मैं ड्रेसिंग रूम में उन्हें देख रहा था। उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि मैं कुछ भी अतिरिक्त करने या सोचने की कोशिश न करूं और मुझे प्रशिक्षण के दौरान जिस तरह से खेल रहा था, उसी तरह खेलने के लिए माही ने कहा। यह देखते हुए कि यह सलाह उस कद के क्रिकेटर से आई थी और यह तथ्य कि मैं अपना पहला मैच खेलने जा रहा था, इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला। माही की इस सलाह ने वास्तव में मेरी घबराहट को शांत किया। उन्होंने कहा, मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिला। क्रिकेट जगत में कई लोगों का सपना होता है कि वे उनके साथ क्रिकेट के अनुभव साझा करें और उनके साथ खेलें। उनके साथ रहकर मैंने देखा है कि वे कितने सरल हैं। लंबे इंतजार के बाद राहुल ने आखिरकार 31 साल की उम्र में जनवरी 2023 में श्रीलंका के खिलाफ टी201 सीरीज के दौरान भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। राहुल ने कहा, मैंने कभी हार नहीं मानी। कई बार यह कठिन था और ऐसा लगा कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना सपना ही रह जाएगा है। लेकिन मैंने कोशिश करते रहने का फैसला किया और हमेशा विश्वास किया कि एक दिन मुझे वह मौका मिलेगा जिसका मैं इंतजार कर रहा था। और मुझे लगता है कि यह विश्वास ही एक कारण था कि मुझे आखिरकार मौका मिला। यह बहुत ही भावुक क्षण था। टीम के साथ 6-7 घंटे की यात्रा करने के बाद मैं आखिरकार अपना टी20आई डेब्यू करने में सक्षम हो गया। संयोग से, मैंने अपना डेब्यू पुणे में अपने घरेलू मैदान पर किया, जहां मैं बचपन से क्रिकेट खेल रहा हूं। इसलिए मुझे लगता है कि यह सब लिखा हुआ था। राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर को दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स कैंप में नायर के साथ काम करने के अनुभव पर त्रिपाठी ने कहा, मुझे लगता है कि नायर ने मेरी यात्रा में सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं उन्हें अपना बड़ा भाई मानता हूं। उनसे मिलना मेरे जीवन का बदलाव था।  

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