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मुख्यमंत्री यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में लाड़ली बहना योजना की मार्च 2025 किस्त जारी करेंगे। सीएम सिंगल क्लिक के जरिए लाड़ली बहनों के खाते में 1.27 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में लगभग 1552.73 करोड़ रुपये की राशि भेजेंगे। इसके साथ ही वे मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्य कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री उन उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के क्षेत्र में समाजसेवा, सुरक्षा, वीरता एवं साहसिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला, बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय पुरस्कार का वितरण करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्यमंत्री राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। उल्लेखनीय है कि महिला, बाल विकास विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023), राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाजसेवा पुरस्कार (2023-24), रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024) और विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाजसेवा सम्मान पुरस्कार (2024) शामिल हैं। नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ     मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजिटल ई-न्यूज लेटर ‘आजीविका अनुभूति’ का विमोचन किया जाएगा।     सीहोर जिले के समूह सदस्यों को आवागमन के लिए 200 ई-साइकिल का वितरण।     छह प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं धार में जैविक हाट का शुभारंभ।     वित्तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवतियों के लिए पांच प्रशिक्षण बैच।     आरसेटी के माध्यम से बालाघाट, डिंडोरी, अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्प के प्रोत्साहन के लिए कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ।     डीडीयूजीकेवाइ अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।     ‘पढ़ेंगे हम, बढ़ेंगे हम’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ।     भोपाल जिले के दो स्व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रुपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्वरूप दी जाएगी।  

असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर यूपीएससी ने निकाली भर्ती, आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली है। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अप्लाई करने के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://upsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2025 है। यूपीएससी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, हिंदी, इतिहास, केमिस्ट्री, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस, इंग्लिश, ज्योग्राफी, फिजिक्स, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरने के लिए यह नियुक्ति निकाली गई है। इन पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे पहले एक बार नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ लें और फिर अप्लाई करें, क्योंकि आवेदन पत्र में गड़बड़ी पकड़ में आने पर फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा। एजुकेशन क्वालिफिकेशन और एज लिमिट इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को संबंधित विषय में 55 फीसदी अंकों के साथ पीजी डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, अभ्यर्थियों को संबंधित विषय में नेट एग्जाम पास होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को नोटिफिकेशन की जांच करनी चाहिए। इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले जनरल वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 35 साल होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट्स को नियमानुसार एज लिमिट में छूट दी जाएगी। यूपीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर के अलावा, Dangerous गुड्स इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी आज से ही शुरू हो रही है। वैकेंसी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना चाहिए। अप्लाई करने वाले सामान्य अभ्यर्थियों की आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। इस वैकेंसी से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आवेदकों को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना चाहिए।

सीरिया में असद समर्थकों और सरकार के बीच संघर्ष, दो दिन में 200 से ज्यादा की मौत, बढ़ी चिंता

दमिश्क सीरिया (Syria) की नई सरकार के पक्ष में खड़े लड़ाकों ने देश के बॉर्डर पर कई गांवों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई है. यह हमला अपदस्थ राष्ट्रपति बशर असद के वफादारों द्वारा सरकारी सुरक्षा बलों पर हाल ही में किए गए हमलों के जवाब में किया गया. गांवों पर हमले गुरुवार को शुरू हुए और शुक्रवार को भी जारी रहे. दोनों पक्षों के बीच चल रही झड़पें दिसंबर की शुरुआत में इस्लामी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व वाले विद्रोही समूहों द्वारा असद की सरकार को गिराए जाने के बाद से सबसे खराब हिंसा है. नई सरकार ने 14 साल के गृहयुद्ध के बाद सीरिया को एकजुट करने का संकल्प लिया है. कैसे शुरू हुईं हालिया झड़पें? ब्रिटेन स्थित Syrian Observatory for Human Rights के मुताबिक, लड़ाई शुरू होने के बाद से 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. गांवों में बदले की भावना से किए गए हमलों में मारे गए करीब 140 लोगों के अलावा, मृतकों में सीरिया के सरकारी बलों के करीब 50 सदस्य और असद के प्रति वफ़ादार 45 लड़ाके शामिल हैं. मार्च 2011 से सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में पांच लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, सबसे हालिया झड़पें तब शुरू हुईं जब सरकारी बलों ने गुरुवार को तटीय शहर जबलेह के पास एक वॉन्टेड शख्स को हिरासत में लेने की कोशिश की और असद के वफ़ादारों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया. महिलाओं-बच्चों के भी मरने की आशंका AP के मुताबिक, ऑब्जर्व करने वाली एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को नई सरकार के प्रति वफादार बंदूकधारियों ने बॉर्डर के पास शीर, मुख्तारियाह और हफ्फाह गांवों पर हमला किया, जिसमें 69 पुरुषों की मौत हो गई, लेकिन किसी महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. Syrian Observatory for Human Rights के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने कहा, “उन्होंने हर उस आदमी को मार डाला, जिससे उनका सामना हुआ.” बेरूत स्थित Al-Mayadeen TV ने भी तीन गांवों पर हुए हमलों की खबर दी, जिसमें कहा गया कि अकेले मुख्तारियाह गांव में 30 से ज्यादा पुरुष मारे गए. ऑबजर्वेट्री ने कहा कि बनियास शहर में 60 अन्य लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सीरियाई अधिकारियों ने मृतकों की संख्या प्रकाशित नहीं की, लेकिन सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी SANA ने एक अज्ञात सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि सरकारी सुरक्षा बलों पर हाल ही में हुए हमलों का बदला लेने के लिए कई लोग तट पर गए थे. अधिकारी ने कहा कि इन कार्रवाइयों के कारण “कुछ व्यक्तिगत उल्लंघन हुए और हम उन्हें रोकने के लिए काम कर रहे हैं.” अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने एक वीडियो बयान में पूर्व सरकार से जुड़े सशस्त्र समूहों से अपने हथियार सौंपने और नई सरकार के प्रति वफादार लोगों से नागरिकों पर हमला करने या कैदियों के साथ दुर्व्यवहार करने से बचने का आह्वान किया.  

कटघोरा से दीपका फोरलेन समेत महत्वपूर्ण सड़कों की मिली स्वीकृति, चार अंडरब्रिज, बरसाती नालों, पुल पुलियों, गौरव पथ का होगा निर्माण

रायपुर कोरबा शहर समेत जिले को विकसित बनाने के क्रम में वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के सशक्त प्रयासों से 150 से अधिक सड़क परियोजना, सिंचाई परियोजना, गौरव पथ, अंडरब्रिज, बायपास सड़क, नालों के साथ–साथ कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए बजट में स्वीकृति मिली है। प्रदेश की विष्णुदेव की सरकार में बीते सवा साल में कोरबा शहर के साथ–साथ जिले के सभी उपनगरीय व अन्य ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य को रफ़्तार मिली है। 3 मार्च को वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा जारी किए गए राज्य के बजट में कोरबा जिले  में मुख्य तौर पर गोपालपुर से कटघोरा फोरलेन सड़क, कटघोरा से दीपका फोरलेन सड़क, गोपालपुर से कटघोरा तक मार्ग मजबूती करण कार्य, चोटिया से चिरमिरी तक फोरलेन सड़क, ध्यानचंद चौक कोरबा से बजरंग चौक तक 2 लेन. सड़क निर्माण, बजरंग चौक से परसाभाठा चौक बालको रिंग रोड, कोरबा 4 लेन निर्माण कार्य, रेल्वे स्टेशन कोरबा से गौमाता चौक तक बायपास मार्ग का निर्माण, एसपी ऑफिस से रजगामार बीटी रोड निर्माण कार्य, नॉनबिर्रा रामपुर बेहरचवा 27 किलोमीटर का उन्नयन के कार्य की स्वीकृति मिली है। इन स्थानों पर अंडरब्रिज की स्वीकृति     बजट में जिले के कई मार्गो पर रेल्वे क्रासिंग में अंडर ब्रिज के निर्माण की स्वीकृति मिली है। गौरतलब है की शहर के संजय नगर रेल्वे क्रासिंग पर अंडरब्रिज का निर्माण अब प्रारम्भ हो चुका है। कोरबा–गेवरा रेल लाइन के बालपुर रेल्वे क्रासिंग पर आरयूबी का निर्माण, कोरबा–गेवरा रेल लाइन के मड़वारानी रेल्वे क्रासिंग पर आरयूबी का निर्माण, कोरबा–गेवरा रेल लाइन के पताडी पर आरयूबी के निर्माण की स्वीकृति मिली है। शहर के इन बड़े नालों की मिली स्वीकृति    शहर के चार प्रमुख नालों के निर्माण के लिए नगरीय निकाय अधोसंरचना विकास के तहत स्वीकृति मिली है। इसमें पोड़ीबहार चर्च से हनुमान मंदिर तक आरसीसी नाला 2 करोड़, वार्ड क्रमांक 30 दादर रोड कलवर्ट से मानिकपुर मुक्तिधाम तक कलवर्ट व नाला निर्माण 2 करोड़, मेनन शॉप से जिला अस्पताल के सामने आरसीसी नाला 2 करोड़, दर्री जोन पीएमवाय साइट से लाटा तालाब आरसीसी नाला निर्माण 2 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इन पुल–पुलियों के निर्माण की मिली स्वीकृति कोरबा–रानीरोड–सर्वमंगला मंदिर के मध्य हसदेव नदी पर रपटा कम लो लेवल पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण, बालको उरगा रिंगरोड पर ढेगूरनाला पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण, बेलाकछर से रोगबहरी मार्ग पर सारबहरा नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, बड़गाँव नवापारा मार्ग पर चोरनई नदी में उच्च स्तरीय पुल समेत कुल 17 पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली है। कोरबा शहर में बनेगा 2.8 किलोमीटर लम्बा गौरव पथ का निर्माण     कोरबा शहर में 2.8 किलोमीटर लम्बा गौरव पथ के निर्माण की स्वीकृति मिली है। सीएसईबी चौक से जैन चौक–तानसेन चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ का निर्माण होगा। वीआईपी मार्ग पर वाहनों के दबाव को देखते हुए इस मार्ग का कायाकल्प किया जायगा। बांकीमोंगरा के जल आवर्धन के लिए 8.20 करोड़ की मिली स्वीकृति    कोरबा जिला के दूसरे सबसे बड़े नगरीय निकाय बांकीमोंगरा नगर पालिका में पेयजल की समस्या लंबे समय से है। बांकीमोंगरा के जल आवर्धन के लिए 8.20 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इन शासकीय दफ़्तरो का होगा कायाकल्प   रजगामार चौकी, दर्री सीएसपी कार्यलय का उन्नयन, राजपत्रित ट्रांजिट ओर अराजपत्रित ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण, कोरबा तहसील को मॉडल तहसील भवन का निर्माण होगा। उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया, शहर से लेकर गांव की रफ़्तार होगी तेज     उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा बजट में स्वीकृति के लिए सभी विभाग नगर निगम, पीडब्लूडी, सेतु निगम, जल संसाधन विभाग के अलग अलग विकास कार्यों का प्रस्ताव राज्य शासन को दिया गया था। मंत्री देवांगन के प्रयासों से कार्यों को बजट में स्वीकृति मिली है। मंत्री देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर में बीते एक साल में 400 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली थी, जिसके बहुत से कार्य पूर्ण हो चुके है, कुछ निर्माणाधीन है, कुछ कार्य टेंडर प्रक्रिया में है।

पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का करेगा आग्रह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने जन औषधि दिवस पर रेडक्रॉस अस्पताल में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर किया संबोधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों के जीवन को बदलने का काम किया अंबेडकर जयंती पर प्रदेश के ट्राइबल इलाकों में खुलेंगे जन औषधि केंद्र पार्टी का चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का करेगा आग्रह जन औषधि केंद्र में 30 से 80 प्रतिशत दवाइयां सस्ती मिल रहीं हैं भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को जन औषधि दिवस पर रेडक्रॉस अस्पताल में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कर संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की कमान संभाली है, तब से उन्होंने गरीबों के जीवन को बदलने का काम किया है। सही मायनों में प्रधानमंत्री मोदी जी गरीबों के मसीहा बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जी के पहले सरकारों को गरीब कल्याण की दिशा में कोई विचार नहीं आया। मोदी जी ने गरीबी को पास से देखा था और उसे महसूस किया था, इसलिए देश के गरीबों के जीवन में किस तरह से बदलाव लाया जाए उसका संकल्प लेकर काम किया। यही कारण है कि आज आयुष्मान योजना में 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में होता है और 70 साल के बुजुर्गों को भी योजना का लाभ मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी जी स्वस्थ भारत और विकसित भारत की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं, ताकि देश के लोग स्वस्थ रहेंगे तो भारत विकसित भारत की कतार में 2047 तक खड़ा होगा। देश भर में कई योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी जी ने गरीबों के कल्याण के साथ-साथ महिलाओं के उत्थान और युवाओं के विकास के लिए शुरू की, जिसका लाभ आज बड़े स्तर पर लोगों को मिल रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज देश भर में 15 हजार जन औषधि केंद्र पर 30 से 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाईयां मिल रही हैं। आज 5 हजार की दवाईयां जन औषधि केंद्र पर मात्र 500 रुपए में उपलब्ध हो जाती है। जन औषधि केंद्र में सभी 2027 जेनेरिक दवाईयां डब्ल्यूएचओ और जीएमपी सर्टिफाइड हैं और जिसका लाभ लोग उठा रहे हैं और सालाना यहां के रिकॉर्ड की बात की जाए तो यह आंकड़ा 2 करोड़ से साढ़े 7 करोड़ तक पहुंच चुका है। प्रदेश में 450 जन औषधि केंद्र हैं और 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर ट्राइबल ब्लॉक में और 89 जन औषधि केंद्र खोलने का काम सरकार करेगी। लोग ज्यादा से ज्यादा जेनेरिक दवाइयों का उपयोग करें और लोगों में जागरूकता आए। इसके लिए प्रदेश के सांसद, विधायक और पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता डॉक्टरों से मिलकर जेनेरिक दवाइयां लिखने का आग्रह करेंगे। आज का दिन ऐतिहासिक है और पूरे देश भर में जन औषधि केंद्रों पर जनप्रतिनिधि पहुंचकर जेनेरिक दवाइयों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर र हे हैं। कार्यक्रम को पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. गगन कोहले एवं महासचिव रामेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। अबू आजमी जैसों को देश में रहने का हक नहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह राम का देश है, भगवान कृष्ण का देश है, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी महाराज का देश है। अबू आजमी जैसे लोगों को इस देश की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं हैं। ऐसे आततायी जिन्होंने भारत की संस्कृति से लेकर उसके मान-सम्मान पर आक्रमण किया, उन्हें देश की जनता जवाब देती रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कहां हैं, वो बताएं कि क्या वो औरंगजेब को महान मानते हैं? चाहे कांग्रेस हो, सपा हो या कोई और पार्टी हो, इस देश में तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी। ऐसे लोगों को देश की जनता जवाब देती रही है और आगे भी जवाब देती रहेगी। ऐसे हर मामले में कानून अपना काम करता रहेगा। पत्नी के सवालों पर जवाब दें उमंग सिंघार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रदेश के दूसरे बेबुनियाद मामलों को उठाने में सबसे आगे रहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी ने उन पर गंभीर आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश और देश ने देखा है कि उनके घर के अंदर एक बहन की हत्या हुई है। उमंग सिंघार अपनी पत्नी के गंभीर आरोपों का जवाब जनता को दें।  

शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट खाए ये नट्स

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए लोग कई उपाय करते हैं। कोई ए‍क्‍सरसाइज करता है तो कोई अपनी डाइट में बदलाव करता है। अगर आप ब‍िना मेहनत के खुद को हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो आपको रोजना सुबह खाली पेट नट्स खाना शुरू कर दें। अगर आप हेल्दी नाश्ते की तलाश में है तो नट्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें प्रोटीन, निकोटिन एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, खनिज, आयरन, फॉस्फोरस और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांक‍ि कई लोग इन्हें गलत तरीके से खाते हैं। अगर आप सही तरीके से नट्स खाते हैं, तो सेहत को ढेरों फायदे मिलेंगे। ये आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। आ‍ज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि आपको क‍ौन-कौन से नट्स खाने चाह‍िए, इनके फायदों के बारे में भी जानकारी देंगे। ये भी बताएंगे क‍ि इसे खाने का सही तरीका क्‍या है। तो आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- ब्‍लैक किशमिश ब्‍लैक किशमिश में एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो त्‍वचा और बालों की हेल्‍थ के लिए बेहद अच्‍छे माने जाते हैं। इनमें एल-आर्जिनिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आयरन से भरपूर होते हैं। ये यूट्रस और ओवरीज में ब्‍लड फ्लो में सुधार करते हैं। पिस्ता पिस्‍ता में हेल्‍दी फैट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी-6 और थायमिन जैसे जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। ये आंखों की रोशनी तेज करने में मददगार है। आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य को भी सही रखते हैं। इसे खाने से रात में अच्‍छी नींद आती है। बादाम बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम और राइबोफ्लेविन, आयरन, पोटेशियम, जिंक और विटामिन-बी से भरपूर होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं, ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं। खजूर खजूर में सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने से तुरंत एनर्जी आती है और ये त्वचा के ल‍िए भी फायदेमंद है। ये हड्डियों के ल‍िए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अखरोट ये एंटी-ऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। रोजाना अखरोट खाने से आपकी मांसपेशियों में ताकत भर जाएगी। ये दिल और दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा फाइबर, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी6, फोलेट, मैंगनीज जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन्‍हें खाने का सही तरीका आप रात में नट्स को पानी में भि‍गोकर रख दें। सुबह सोकर उठने के बाद खाली पेट इन्‍हें खा लें। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि बादाम का छ‍िलका उतार लें। ये आपको ढेरों फायदे पहुंचाएंगे। नट्स और सीड्स को नाश्ते में शामिल करने से आप अपने स्वास्थ्य में सुधार देख सकते हैं।

⁠8,100 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा दिया गया प्रशिक्षण

राज्य में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड बना महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र बना रोजगार का मुख्य साधन  ⁠8,100 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 40,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा दिया गया प्रशिक्षण  ⁠महिलाओ को सशक्त बनाने की दिशा में संचालित हो रहा “प्राणपुर कैफ़े” एवं “अमलतास होटल” ⁠5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये भोपाल महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बनकर उभर रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्य प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही है एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही है। इस मौके पर प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्‍ला ने कहा कि “नारी सिर्फ प्रेरणा नहीं, परिवर्तन की पहचान है। पर्यटन के क्षेत्र में महिलाएं अपनी क्षमताओं से नए आयाम स्थापित कर रही हैं, जिससे न केवल उनका आत्मनिर्भरता बढ़ रही है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।” ग्रामीण होमस्टे की सफलता की कहानी : मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित ग्रामीण होम स्टे योजना महिलाओ के लिए स्वरोजगार के नये-नये अवसर प्रदान कर रहा है। होमस्टे में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग को पर्यटकों के द्वारा लगातार सरहा जा रहा है एवं होमस्टे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के मुख्य कारण भी बन कर उभर रहा है। छिंदवाडा के ‘ ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम’  पर्यटन ग्राम सावरवानी में ग्रामीण महिलाएं, पर्यटकों को 1,350 किलो घी बेचकर करीब 11 लाख रुपये कमाकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई।      प्रशिक्षित और कुशल महिलाएं: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड महिलाओ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन परियोजना के तहत, 8,300 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 50 विभिन्न पर्यटक स्थल पर 36,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। इसी कड़ी में 5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये । जिसमे जिप्सी चालक और नाव चालक का प्रशिक्षण शामिल है। चंदेरी में हैंडलूम कैफे, अमरकंटक में महिला संचालित होटल ‘अमरलतास’ मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने राज्य का पहला महिला संचालित हैंडलूम कैफे शुरू किया है। अशोकनगर जिले के प्राणपुर गांव में स्थित यह कैफे स्थानीय महिला कारीगरों को सशक्त बनाने और क्षेत्र की समृद्ध कपड़ा विरासत को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है। कैफे में महिलाएं फ्रंट ऑफिस प्रबंधन, पाक कला, नकदी प्रबंधन और सुरक्षा प्रबंधन जैसे सभी परिचालन कार्य संभालती हैं। पचमढ़ी में राज्य का पहला महिला संचालित होटल ‘अमरलतास’ भी मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू किया है। यह पहल पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करती है। GIS में भी निवेशकों के बीच दिखा महिला सशक्तिकरण का उदाहरण: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 24 से अधिक आर्ट व क्राफ्ट के स्थानिय सोवेनियर तैयार किये जा रहे है। उन्ही में से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान, मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत और कला को प्रदर्शित करने वाले स्मृति चिन्ह, बैग के स्वरुप में वितरित किए गए। ये बैग मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू की गई सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन के तहत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा बनाए गए थे।

क्या आप जानते है ऋषि के श्राप के कारण होलिका बनी राक्षसी

होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन होली से ठीक एक दिन पहले होलिका का दहन किया जाता है. होलिका दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन थी. उसे ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे नहीं जलाएगी, लेकिन जब वो भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को लेकर अग्नि पर बैठी तो खुद जलकर भस्म हो गई. होलिका दहन में लोग राक्षसी होलिका को जलाने की खुशियां मनाने के लिए आग जलाते हैं. होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. हालांकि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी उसका पूजन किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि होलिका एक देवी थी. आइए विस्तार से जानते हैं कि देवी होलिका राक्षसी कैसे बन गई. इस साल कब है होलिका दहन? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो रही है. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन का मुहूर्त 13 मार्च को रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटे 4 मिनट का समय होगा. वहीं होली 14 मार्च को खेली जाएगी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूर्व जन्म में होलिका एक देवी थी. राक्षस कुल में उसका जन्म ऋषि से श्राप पाने के कारण हुआ था. होलिका राक्षस कुल में जन्म लेकर ऋषि द्वारा उसे मिले श्राप को ही भुगत रही थी. आग में दहन होने के बाद ही वो ऋषि के श्राप से मुक्त हुई थी. आग में जलने से होलिका शुद्ध हो गई थी. यही कारण है कि होलिका के राक्षसी होने के बाद भी होलिका दहन के दिन उसकी पूजा की जाती है. अपने पुत्र को मारना चाहता था हिरण्यकश्यप दरअसल, दैत्यराज हिरण्यकश्यप के राज्य में भगवान विष्णु की पूजा वर्जित थी, लेकिन हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त थे. हिरण्यकश्यप को प्रहलाद द्वारा की जाने वाली भगवान विष्णु की पूजा अच्छी नहीं लगती थी. इसके चलते उसने अपने पुत्र को मारने के कई प्रयास किए. अंत में उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को अग्नि पर लेकर बैठ जाए, लेकिन नारायण की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जल गई.

Delhi में इन महिलाओं को मिलेंगे ₹2500, BPL कार्ड जरूरी, 21 से 60 साल की उम्र, रजिस्ट्रेशन जरूरी…

नईदिल्ली  दिल्ली में महिला समृद्धि योजना का लाभ करीब 17-18 लाख महिलाओं को ही मिलने जा रहा है। दिल्ली की भाजपा सरकार ने जो शर्तें तय की है, उससे साफ हो गया है कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को ही मिलेगा। महिला समृद्धि योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने उनके खाते में 2500 रुपए दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में भी यह साफ कर दिया था कि इसका लाभ सिर्फ गरीब परिवारों को मिलेगा।  महिला सम्मान योजना का लाभ शुरुआत में बीपीएल कार्ड धारकों को ही मिलेगा. पहली शर्त यह है कि जिन बीपीएल कार्ड धार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, वह दूसरी कोई और सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रही होंगी. जिन महिलाओं को यह लाभ मिलेगा उनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच में होनी चाहिए, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. बता दें कि आज किसी भी महिला के अकाउंट में पैसे नहीं आएंगे. दिल्ली सचिवालय में दिल्ली कैबिनेट की बैठक के लिए मंत्रियों का आना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सचिवालय पहुंच गई हैं. मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली सचिवालय पहुंच चुके हैं. दिल्ली के मुख्य सचिव और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी भी दिल्ली सचिवालय पहुंचे हैं. BPL कार्ड के लिए क्यो होगी पात्रता?     आवेदक को आवेदन करने से पहले कम से कम पांच साल तक दिल्ली का निवासी होना चाहिए.     आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए.     आवेदक के पास दिल्ली में एक एकल संचालित बैंक खाता होना चाहिए, जो उनके आधार नंबर से जुड़ा हो.     3 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय के लिए क्षेत्र के SDM या राजस्व विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी से आय प्रमाण पत्र.     1 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्ड. आज क्या तैयारी? सूत्रों ने बताया कि महिला सहायता योजना के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा जेएलएन स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि संभावित पात्रता मानदंडों में 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं होंगी और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 2,500 रुपये देने की योजना का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था कि योजना के लिए पंजीकरण 8 मार्च से शुरू होगा और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद आर्थिक रूप से गरीब हर महिला को 2,500 रुपये देने की प्रक्रिया डेढ़ महीने में पूरी हो जाएगी. दिल्ली में जिस दिन से बीजेपी सरकार आई है, उसी दिन से विपक्ष में बैठी AAP चुनावी वादे पूरे किए जाने पर घेर रही है. खासतौर पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने के वादे पर सवाल किया जा रहा है. वहीं, बीजेपी भी AAP सरकार में हुए भ्रष्टाचार की परतें खोले जाने के दावे कर रही है. 4 मार्च को विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने जब नेता विपक्ष आतिशी को यह कहकर घेरा कि हमें आपकी सुरक्षा की चिंता है तो जवाब में आतिशी ने कह दिया कि मैं अपनी सुरक्षा का खुद ध्यान रख सकती हैं. वो दिल्ली की महिलाओं का ध्यान रखें. जो उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च को पहली किस्त देंगे, वो अपना वादा पूरा करें. सीएम रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि महिलाओं से हमने जो वादा किया है, उसे 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा. 8 मार्च का दिन जो महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, उनके खाते में आर्थिक मदद जरूर पहुंचेगी. 1. आमदनी वाली शर्त यह तो पहले से तय था कि योजना का लाभ सिर्फ गरीब परिवार की महिलाओं को मिलेगा। गरीबी की सीमा क्या होगी यह पहले से तय नहीं था। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपए तय की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में भी भाजपा ने यही सीमा तय की है। दिल्ली में भी उन्हीं परिवारों की महिलाओं को यह लाभ मिलेगा जिनकी सालाना आदमनी 2.50 रुपए से अधिक नहीं है। इस शर्त की वजह से दिल्ली के अधिकतर परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 4.61 लाख रुपए है। ऐसे में 2.50 लाख सालाना आमदनी वाले परिवारों की संख्या कम है। 2. परिवार की एक ही महिला को लाभ सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया है कि परिवार की एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इस वजह से भी लाभार्थियों की संख्या काफी सीमित रह सकती है। दिल्ली सरकार पर इस योजना को लेकर भारी आर्थिक बोझ पड़ने वाला है। खजाने की हालत पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में कोशिश की गई है कि योजना का लाभ जरूरतमंद महिलाओं को मिले और सरकार पर बहुत बोझ भी ना हो। और क्या हो सकती हैं शर्तें महिला समृद्धि योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को महिलेगा। योजना का लाभ विवाहित महिलाओं को ही दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती हैं। किसी को विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेशन, सरकारी पेंशन मिल रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

प्रियंका चोपड़ा से लेकर मारग्रेट थैचर तक महिला दिवस पर दे रही सफलता का मंत्र

महिला अधिकारों की बातों को हम सिर्फ एक दिन में सीमित करके नहीं रख सकते। पर, हां इस एक दिन यानी 08 मार्च को हम महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलता जश्न थोड़ा और ज्यादा जरूर मना सकते हैं। 1909 में पहली दफा महिला दिवस मनाया गया था। पिछले 116 सालों में हमने एक लंबा सफर तय किया है। पर, इस बात में कोई दोराय नहीं कि बराबरी और बेहतरी की राह अभी काफी लंबी है। दुनिया भर की प्रसिद्ध महिलाओं द्वारा महिला अधिकार और बराबरी के बारे में कही गई ये बातें अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आपको जोश से भर देंगी: प्रियंका चोपड़ा, अदाकारा कोई आपको यह नहीं बताएगा कि यहां तुम्हारे लिए खास अवसर है। जाओ, अपने लिए अवसर तलाशो। आपको यह करना ही पड़ेगा, क्योंकि लोग आपसे सिर्फ मौके छीनेंगे ही। हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं एक-दूसरे की ताकत बनें। हमें दुनिया जीतने की कोई जरूरत नहीं। क्वीन रानिया अल अब्दुला, जॉर्डन अगर एक हिम्मती लड़की क्रांति ला सकती है, तो कल्पना करके देखिए कि हम सब साथ मिलकर क्या कर सकते हैं। मेलिंडा गेट्स, समाज सेवी ताकतवर महिला की क्या परिभाषा होती है? वह महिला जिसकी अपनी आवाज हो। पर, उस आवाज की तलाश का सफर बहुत ही मुश्किल भरा होता है। सेरेना विलियम्स, टेनिस खिलाड़ी हर महिला की सफलता दुनिया भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए। हम जब एक-दूसरे को आगे बढ़ते देखकर खुशी के ठहाके लगाते हैं, तब सबसे ज्यादा ताकतवर और मजबूत होते हैं। रूपी कौर, कनाडाई कवयित्री वह कौन-सी सबसे बड़ी सीख है, जो महिलाओं को अपनानी चाहिए? वह सीख है कि शुरुआत से ही उसके भीतर वह सब कुछ है, जो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उसे चाहिए। यह दुनिया है, जिसने महिलाओं को खुद की क्षमताओं पर शक करना सिखाया है। माया एंजेलो, अमेरिकी लेखिका हर बार जब एक महिला अपने हक के लिए खड़ी होती है, तो यह मजबूती भरा कदम वह सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दुनिया भर की सभी महिलाओं के लिए उठाती है। मारग्रेट थैचर, पहली महिला प्रधानमंत्री, ब्रिटेन राजनीति में अगर आप चाहते हैं कि कोई बात सिर्फ कही जाए, तो पुरुष राजनेता के पास जाएं। वहीं, अगर आप चाहते हैं कि कोई काम वाकई हो, तो महिला राजनेता के पास जाएं। जे. के. रॉलिंग, प्रसिद्ध हैरी पॉटर सिरीज की लेखिका दुनिया को बदलने के लिए हमें किसी जादू की जरूरत नहीं। वह ताकत हमारे भीतर पहले से है। हमारे पास बेहतर कल्पना शक्ति की ताकत है। मलाला यूसुफजई, सामाजिक कार्यकर्ता मैं अपनी आवाज उठाती हूं इसलिए नहीं ताकि मैं चिल्ला सकूं बल्कि इसलिए ताकि जिनके पास आवाज नहीं है, उनकी बात भी सुनी जा सके।

मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला राज्य है। प्रदेश का चम्बल अंचल और निकटवर्ती क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस अंचल में जहां एशिया का प्रथम चीता प्रोजेक्ट लागू कर चीतों के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है और अब चीतों की दूसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है। घड़ियाल प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और अब माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित होने से यह क्षेत्र पर्यटकों के और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में टी.वी. चैनल्स प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि माधव टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। वर्ष 1956 में स्थापित माधव नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व होगा, जो प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देगा। दो वर्ष पूर्व माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो मादा और एक नर बाघ छोड़े गए थे। मादा बाघ ने दो शावकों को जन्म दिया है अब 2 बाघ और भी छोड़े जाएंगे, जिससे यहां 7 बाघ हो जाएंगे और प्राकृतिक ब्रीडिंग से बाघों की संख्या में वृद्धि होगी। शिवपुरी शहर के पास होने से पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से आदर्श होगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता और माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ होने से पर्यटको को दो बड़े वन्य जीव देखने का अवसर प्राप्त होगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ के साथ ही तेंदुआ, भेड़िया, सियार, साही, अजगर, चिंकारा आदि वन्य प्राणी भी पाए जाते हैं। तीन माह में दूसरा टाइगर रिजर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीन माह में प्रदेश में दूसरे टाइगर रिजर्व का प्रारंभ होना पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से रातापानी अभयारण्य 8वां टाइगर रिजर्व था। वर्ष 2025 शुरूआत से वन्य जीवन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण और अनुकूल सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ मनुष्यों के सह-जीवन का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है। वर्तमान में जितने भी टाइगर रिजर्व हैं, वहां पर्यटन विभाग के होटलों सहित वाहनों की शत-प्रतिशत बुकिंग की स्थिति रहती है। प्रदेश में पर्यटक संख्या निरंतर बढ़ती रहेगी।  

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया

मंदसौर उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने  मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 250 से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने ग्राम अम्‍बाव में 1 करोड़ 98 लाख 46 हजार से निर्मित होने वाले अम्बाव से सनावदा मार्ग, 2 करोड़ 76 लाख 21 हजार से निर्मित होने वाले बालागुड़ा से सुजानपुरा मार्ग, 2 करोड़ 84 लाख 82 हजार रूपये से निर्मित होने वाले खेड़ाखदान से कनघट्टी चौराहा मार्ग, 4 करोड़ 16 लाख 69 हजार रूपये से निर्मित होने वाले उगरान से छाछखेड़ी सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार सहित अन्य सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम सिंदपन में 19 करोड़ 11 लाख 97 हजार से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। जिसमें 2 करोड़ 93 लाख 81 हजार से निर्मित होने वाले मिण्डलाखेड़ा से हनुमंतिया मार्ग, 2 करोड़ 61 लाख 34 हजार से निर्मित होने वाले अरनियामीणा से डोडियामीणा मार्ग, 7 करोड़ 58 लाख 8 हजार से निर्मित होने वाले अरनियामीणा से सिंदपन कामलिया मार्ग, 1 करोड़ 20 लाख 85 हजार से निर्मित होने वाले कामलिया से लसूडियाराठौर मार्ग, 1 करोड़ 68 लाख 20 हजार से निर्मित होने वाले खाखरियाखेड़ी से चौथखेड़ी सड़क मार्ग एवं 3 करोड़ 9 लाख 69 हजार से निर्मित होने वाली हनुमंतिया से पलेवना सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। ग्राम ईरली में 15 करोड़ 94 लाख से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम ईरली में 15 करोड़ 94 लाख 51 हजार से निर्मित होने वाले सड़कों का भूमि-पूजन किया। जिसमें 13 करोड़ 57 लाख 8 हजार से निर्मित होने वाले हरसोल से आवनाकाचरिया, इंरली, काल्याखेड़ी होते हुए खडपालिया तक सड़क मार्ग, 2 करोड़ 37 लाख 43 हजार की लागत से निर्मित होने वाली आवना काचरिया से चन्द्रपुरा मार्ग, ग्राम टिडवास में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन टिडवास का लोकार्पण, बरखेडाडांगी से सुदवास मार्ग, दोबड़ा से रूपारेल सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा द्वारा कहा गया कि पूरे प्रदेश में विकास की गंगा सरकार ने बह रही है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। प्रदेश का विकास होने से समस्त विधानसभा क्षेत्रों का विकास होता है।  

राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही :मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) को, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, प्रदेश “विकसित एवं समृद्ध मध्यप्रदेश” संकल्पना की सिद्धि की ओर सतत् आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में अग्रसर है। हम तकनीकी शिक्षा को समृद्ध बनाने की दिशा में सतत् क्रियाशील हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा एसजीएसआईटीएस को दस वर्षों के लिए स्वायत्तता का दर्जा मिलना, इसका उदाहरण है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के इंदौर स्थित गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) ने पुनः विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से स्वायत्तता का दर्जा प्राप्त किया है। यूजीसी ने एसजीएसआईटीएस को शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 से 2034-2035 तक 10 वर्ष की अवधि के लिए स्वायत्त दर्जा दिया है। एसजीएसआईटीएस, प्रदेश के सबसे पुराने और प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में से एक तकनीकी शिक्षण संस्थान है। एसजीएसआईटीएस को वर्ष 1989 में जब पहली बार स्वायत्तता का दर्जा दिया गया था, तब एसजीएसआईटीएस संस्थान, स्वायत्तता प्राप्त करने वाला प्रदेश का पहला और एकमात्र तकनीकी शिक्षण संस्थान था। इसके बाद से हर पांच साल में स्वायत्तता की समीक्षा की जाकर, स्वायत्त स्थिति में लगातार वृद्धि होती रही है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, विगत 35 वर्षों से सतत् स्वायत्तता के साथ क्रियाशील है। यह संस्थान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के साथ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से भी संबद्धता प्राप्त है। गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस), राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा “A” ग्रेड से भी प्रत्ययित, तकनीकी शिक्षण संस्थान है। तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं एसजीएसआईटीएस संस्थान के शासी निकाय के अध्यक्ष परमार ने संस्थान की स्वायत्तता के लिए, अधिकतम संभव विस्तार अवधि के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने के निर्देश दिए थे। मंत्री परमार के मार्गदर्शन में, एसजीएसआईटीएस संस्थान की स्वायत्तता समिति ने 10 साल के लिए संस्थान की स्वायत्तता विस्तार की स्वीकृति के लिए यूजीसी को आवेदन प्रस्तुत किया था। इस बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जनवरी 2025 में हुई अपनी बैठक में, एसजीएसआईटीएस संस्थान इंदौर को 10 वर्ष के लिए यानि 30 जून 2035 तक स्वायत्तता देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) स्वायत्तता के दर्जे का उपयोग करते हुए एसजीएसआईटीएस संस्थान, अपने पाठ्यक्रम, परीक्षा, परिणाम, कार्ययोजना आदि स्वयं बनाता है। एसजीएसआईटीएस संस्थान, बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के दर्जे के लिए भी अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत कर रहा है।  

माधव नेशनल पार्क मध्यप्रदेश का 9वाँ टाइगर रिजर्व घोषित, आदेश जारी

शिवपुरी माधव नेशनल पार्क शिवपुरी को मध्यप्रदेश का 9वाँ टाइगर रिजर्व घोषित किये जाने के आदेश राज्य शासन द्वारा 7 मार्च, 2025 को जारी कर दिये गये हैं। माधव नेशनल पार्क की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी। यह प्रदेश के पहले अधिसूचित होने वाले नेशनल पार्क में से एक है। माधव टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1650 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर एरिया का क्षेत्रफल 374 वर्ग किलोमीटर है और बफर एरिया का क्षेत्रफल 1276 वर्ग किलोमीटर है। माधव टाइगर रिजर्व घोषित होने से प्रदेश के वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। माधव राष्ट्रीय उद्यान में वर्ष 2023 को बाघ पुनर्स्थापना के लिये 3 बाघ, जिसमें 2 मादा एक नर अन्य टाइगर रिजर्व से लाये गये थे। नर बाघ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एवं मादा बाघ पन्ना टाइगर रिजर्व और बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाये गये थे। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लायी गयी मादा ने 2 शावकों को जन्म दिया है, जिनकी उम्र लगभग 8 से 9 माह है। एनटीसीए भारत सरकार द्वारा 2 अतिरिक्त बाघ एक नर एक मादा लाने की स्वीकृति दी गयी है, जो 10 मार्च, 2025 को माधव टाइगर रिजर्व में छोड़े जायेंगे। इस प्रकार माधव टाइगर रिजर्व में कुल बाघों की संख्या में 5 बाघ, जिसमें 2 नर और 3 मादा शामिल हैं और 2 शावक, इस प्रकार कुल बाघों की संख्या 7 हो जायेगी। माधव टाइगर रिजर्व बनने से सम्पूर्ण क्षेत्र में वन्य-जीव एवं बाघों का संरक्षण बेहतर हो सकेगा। शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व ग्वालियर के बिलकुल करीब होने से पर्यटन के लिहाज से आदर्श लोकेशन है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघ के अलावा तेंदुए, भेडिया, सियार, लोमड़ी, जगंली कुत्ता, जंगली सुअर, साही, अजगर, चिन्कारा और चौसिंगा आदि जानवर पाये जाते हैं। यहाँ कई प्रकार के पक्षी भी पाये जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से पीले पैर वाला बटेर, बाज आदि शामिल हैं। माधव टाइगर रिजर्व में कई प्राचीन मंदिर और स्मारक हैं। यहाँ की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। पर्यटन के क्षेत्र में वन्य-जीव सफारी और पिकनिक स्पॉट शामिल हैं। माधव टाइगर रिजर्व एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो वन्य-प्रेमियों, प्रकृति-प्रेमियों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिये एक आदर्श स्थल है। माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व एवं रणथम्बोर टाइगर रिजर्व के बीच स्थित है। इन दोनों के बीच यह टाइगर कॉरिडोर को और अधिक सुदृढ़ करता है। माधव टाइगर रिजर्व बनने एवं इसमें टाइगर की पुनर्स्थापना होने से यहाँ के सम्पूर्ण लैण्ड स्केप में बाघों की संख्या में सुधार होगा एवं जेनेटिक डॉयवर्सिटी बढ़ेगी। माधव टाइगर रिजर्व बनने से सम्पूर्ण क्षेत्र में पर्यटन को भरपूर बढ़ावा मिलेगा। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्स्थापना से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। माधव टाइगर रिजर्व कूनो राष्ट्रीय उद्यान से भी जुड़ा हुआ है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की उपस्थिति एवं कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की मौजूदगी से सम्पूर्ण ग्वालियर-शिवपुरी-श्योपुर में पर्यटन बड़ी तेजी से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।    

राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया : मंत्री सारंग

भोपाल भारत में खेलों के विकास को नई दिशा देने के लिए हैदराबाद में दो दिवसीय ‘खेल चिंतन शिविर’ का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में भाग लेने मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी हैदराबाद पहुंचे हैं। खेल विकास में नई रणनीतियों पर जोर शिविर के दौरान खेल मंत्रालय द्वारा नए खेल बुनियादी ढांचे के विकास, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय खेल नीति को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस किया गया है। खेलों के स्वर्णिम युग की ओर भारत इस चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि भारत को आगामी ओलंपिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में एक मजबूत खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जाए। इस आयोजन में किए गए मंथन से निकले विचार और रणनीतियां खेलों के क्षेत्र में भारत के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मध्यप्रदेश खेलों के उन्नयन और नवाचारों में अग्रणी राज्य मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक्स, पैरालंपिक्स, एशियन गेम्स और नेशनल गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कई पदक अर्जित कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मंत्री सारंग ने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश के पहले “फिट इंडिया क्लब” की स्थापना, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान और अन्य नवाचार किए गए हैं, जो खेलों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री सारंग का हुआ भव्य स्वागत हैदराबाद पहुंचने पर कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों, तेलंगाना खेल विभाग के अधिकारियों और MY भारत के युवाओं ने मंत्री सारंग का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। शिविर में मंत्री सारंग ने मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, उपलब्धियों और श्रेष्ठ प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। वहीं मंत्री सारंग खेलों में मध्यप्रदेश द्वारा किए जा रहे नवाचार, खिलाडियों को दी जा रही उच्च श्रेणी की सुविधाएं और प्रशिक्षण पर भी चर्चा करेंगे।  

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