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11 मार्च मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि- अपने करियर गोल्स को लेकर महत्वकांक्षी नजर आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेश याात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को सुलझाने की आवश्यकता होगी। प्रोफेशनल लाइफ में नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लव लाइफ में रोमांटिक मोड़ आएंगे। जीवनसाथी का सपोर्ट मिलेगा। मिथुन राशि- रियल एस्टेट में निवेश करना लाभकारी साबित होगा, लेकिन बिना सोचे-समझे निवेश न करें। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। क्रोध से बचें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को शांत दिमाग से सुलझाएं। कर्क राशि- नई प्रॉपर्टी खरीदने या विरासत में संपत्ति मिलने की संभावनाएं हैं। व्यापार में तरक्की करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। सिंह राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। जीवन में नए सरप्राइज मिलेंगे। बच्चों के बढ़ते डिमांड से काफी चैलेंजिंग दिन रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। करियर में सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। कन्या राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप घर मरम्मत कराने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए और समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। फिजिकली फिट रहने के लिए थोड़ा अधिक प्रयास करें। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। तुला राशि- आर्थिक मामलों में किसी अनुभवी की सलाह मांगे। शांत रहें और चुनौतियों को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाने की कोशिश करें। परिजनों के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बच्चों की उपलब्धियों से पेरेंट्स गर्व महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि- कार्यस्थल पर तरक्की के कई मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। रिलेशनशिप में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धनु राशि- आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के नए मौकों की तलाश करें। जीवन में नए बदलावों के संकेत हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अपार सफलता मिलेगी। आपके सभी सपने साकार होंगे। पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। रिश्तों में खटास आ सकता है। मकर राशि- निवेश से जुड़े डिसीजन होशियारी से लें। आपको विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। कुछ जातक अच्छे पैकेज के साथ नई जॉब शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर मन में चिंताएं बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करना उचित रहेगा। कुंभ राशि- आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए विवाद से बचें। आपको रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा प्रयास करना चाहिए। प्रोफेशनल लाइफ में चुनौतियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। मीन राशि- आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आएंगे। धन का प्रबंधन होशियारी से करें। कानूनी विवादों से बचें। यात्रा के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों से मन को शांति मिलेगी।

प्रदेश के 700 हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रारंभ होगी व्यावसायिक शिक्षा

भोपाल. प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक बिंदु को ठोस तरीके से लागू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का किस प्रकार से योगदान हो उसकी चिंता की गई है। बढ़ती हुए आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल और आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शैक्षणिक सत्र में 700 नये उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नये ट्रेड एवं जॉब रोल्स शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। वर्तमान में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स चल रहे है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3 हजार से अधिक हो जायेगी। इन कोर्स में उन्नत कृषि को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। डेयरी विकास से जुड़े कोर्स कन्स्ट्रशन ट्रेड अंतर्गत मेशन सहायक, कंस्ट्रशन पेन्टर, असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के जॉब रोल्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। वर्तमान में संचालित कोर्स में कक्षा 9 और 10 में डाटाएंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेकनिशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेलस्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्रायवेट सिक्योरिटी गॉर्ड, फूड एण्ड बेवरीज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फ़ाइनेंस एग्ज़ीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजूकेशन असिस्टेंट विषय प्रमुख है, कक्षा 11 और 12 में जिन कोर्स को प्राथमिकता दी गई है। उनमें जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सौलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीबी, फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख है। 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश में वर्तमान में 2383 विद्यालयों में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा देने के लिये 4 हजार 700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये है।

टमाटर और LPG की कीमतों में गिरावट से शाकाहारी थाली सस्ती हुई

नई दिल्ली  आम आदमी के लिए थोड़ी राहत की खबर है। फरवरी में घर पर बनने वाली शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल के मुकाबले कम हो गई है। यह जानकारी क्रिसिल (CRISIL) के खाने की थाली की कीमत बताने वाले मासिक संकेतक RRR (रोटी राइस रेट) से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार नॉन-वेज थाली की कीमत में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई है। इसका कारण चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी है। पिछले महीने की तुलना में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह की थालियों की कीमतों में कमी आई है। क्रिसिल घर पर बनने वाली एक औसत थाली की कीमत की गणना भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के दामों को ध्यान में रखकर करता है। मासिक बदलाव रोजमर्रा के घरेलू खर्चों पर पड़ने वाले असर को दर्शाते हैं। इस विश्लेषण में अनाज, दालें, चिकन, सब्जियां, मसाले, खाने का तेल और रसोई गैस जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखी जाती है। कितनी सस्ती हुई शाकाहारी थाली? फरवरी में शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में कम हुई, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत चिकन की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ी। शाकाहारी थाली की कीमत में फरवरी में साल-दर-साल 1% की कमी देखी गई, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत में लगभग 6% की वृद्धि दर्ज की गई। शाकाहारी थाली की कीमत में कमी का कारण टमाटर और LPG सिलेंडर की कीमतों में गिरावट है। टमाटर की कीमतें 32 रुपये प्रति किलो से घटकर 23 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो साल-दर-साल 28% की कमी दर्शाती है। ऐसा 20% अधिक आपूर्ति के कारण हुआ। LPG की कीमतों में साल-दर-साल 11% की कमी आई (दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 903 रुपये से घटकर 803 रुपये हो गई), जिससे अतिरिक्त बचत हुई। क्रिसिल का कहना है कि अगर प्याज (11%), आलू (16%) और खाने के तेल (18%) की कीमतों में साल-दर-साल वृद्धि नहीं होती तो यह गिरावट और भी ज्यादा होती। नॉन वेज थाली क्यों महंगी हुई? मांसाहारी थाली की कीमतों में तेजी मुख्य रूप से चिकन की कीमतों में साल-दर-साल 15% की वृद्धि के कारण हुई। चिकन मांसाहारी थाली की लागत का लगभग 50% हिस्सा होता है। इसकी कीमतों में यह वृद्धि पिछले साल के के मुकाबले इस बार ज्यादा रही। पिछले साल चिकन की अधिक आपूर्ति के कारण इसकी कीमतें गिर गई थीं। इसके अलावा मक्का की कीमतों में साल-दर-साल 6% की वृद्धि हुई। इसके कारण चिकन का चारा महंगा हो गया। लेकिन एक महीने में गिर गई कीमत पिछले महीने की तुलना में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की कीमतों में 5% की कमी आई है। यह कमी ताजी आपूर्ति के कारण हुई जिससे प्याज (7%), आलू (17%) और टमाटर (25%) की कीमतों में गिरावट आई। इसके अतिरिक्त दक्षिण भारत में बर्ड फ्लू की चिंताओं के बाद मांग में कमी के कारण चिकन की कीमतों में महीने-दर-महीने अनुमानित 5% की गिरावट आई।  

एयर एनसीसी का फ्लाइंग ट्रेनिंग: प्रशिक्षण के लिए आगडीह हवाई अड्डे में जुटाए गए सुरक्षा और सुविधा के सभी संसाधन

मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, शिक्षा सचिव और जशपुर कलेक्टर ने किया था प्रयास रायपुर  जशपुर के आगडीह हवाई अड्डे में वर्तमान  में  एयर एनसीसी का फ्लाइंग ट्रेनिंग  चल  रही है। एनसीसी  कैडेट  को छोटे हवाई जहाज से उड़ान भरने और रनवे पर लैंड करने से लेकर, विमान के कॉकपिट से लेकर हर हिस्से और विमान के नियंत्रण को लेकर सभी बेसिक जानकारी दी जा रही है।   विंग कमांडर वी  के  साहू  के  अनुसार इस महीने के 7 तारीख से संचालित की जा रही इस प्रशिक्षण में फिलहाल 35 प्रशिक्षु कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं और इस माह के अंत तक 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन रायपुर के बैनर के तले प्रदेश के युवा जशपुर के खुले आसमान में हवा में उड़ान सीख रहे हैं। एयर एनसीसी के द्वारा 2 सीटर माइ‌को लाइट एयरक्राफ्ट के जरिए जशपुर के आगडीह हवाई पट्टी पर एनसीसी सीनियर डिवीजन के कैडेट्स जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। मील का पत्थर साबित होगा यह प्रशिक्षण विंग कमांडर वीके साहू ने बताया की एयर फोर्स और एविएशन के क्षेत्र में करियर के रूप में इसे चुनने वाले युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण बेहद कारगर है। उन्होंने बताया की वो खुद बसना क्षेत्र के लाखौली के निवासी है और सबसे पहले उन्होंने भी एनसीसी कैडेट्स के रूप में उड़ान भरी थी जो आगे चलकर उनके करियर के लिए मील के लिए एयरफोर्स या एविएशन क्षेत्र में जाने वाले युवा के लिए यह प्रशिक्षण फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश के लिए सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने बताया कि रायपुर के माना एयरपोर्ट पर उड़ान के सीमित अवसर के कारण इस ट्रेनिंग को जशपुर शिफ्ट किया गया है।  उन्होंने इस पूरे प्रशिक्षण अभियान के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश के शिक्षा सचिव और कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास का आभार प्रकट किया, जिनके प्रयासों से जशपुर हवाई पट्टी पर चिकित्सा स्टाफ के साथ एम्बुलेंस और फायर फाईटिंग दस्ते के साथ तमाम तरह गई है, जिससे पूरी टीम और कैडेट्स के रुकने रहने, खाने और प्रशिक्षण का सारा काम सुचारू रूप से चल रहा है। विंग कमांडर वीके साहू ने बताया की रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर इस प्रशिक्षण का संचालन किया जा रहा था लेकिन माना एयरपोर्ट में एयर ट्रैफिक के दबाव और उसके बीच 100 कैडेट्स को एयरक्राफ्ट उड़ान का प्रशिक्षण देने में कई प्रकार की दिक्कतें आ रही थी। इसके बाद इस प्रशिक्षण को प्रदेश के किसी और छोटे हवाई अड्डे या रनवे पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जशपुर के आगडीह हवाई अड्डे का चयन किया गया, यहां का शांत वातावरण और रनवे इस प्रशिक्षण के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ है, यह पूरा प्रशिक्षण और एयर एनसीसी के कैडेट्स के साथ जशपुर के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। जशपुर के उपर उड़ने का अनुभव अनूठा माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट के उड़ान के प्रशिक्षण में शामिल एयर कुछ ऐसा है ट्रेनी एयरक्राफ्ट है जिसमें 2 सीटर माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट से एयर एनसीसी के कैडेट्स को उड़ान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह एक घंटे की उड़ान में 13 लीटर ईंधन खर्च करता है और इसमें 50 लीटर एवियशन फ्यूल भरने की क्षमता है। इसे 20000 फुट की ऊंचाई पर उड़ाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल लगभग 1000 फुट की ऊंचाई पर प्रशिक्षु कैडेट्स को इसे उड़ाना सिखाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रायपुर से जशपुर तक उड़कर आने में इस विमान को 2 घंटे 5 मिनट का समय लगा। एनसीसी कैडेट्स वंश कुमार, एसआर साहू, अंजू सिन्हा, बिपाशा परिहार और सिमरन साहू ने बताया की उन्होंने रायपुर के माना एयरपोर्ट पर भी इससे पहले एयर एनसीसी का प्रशिक्षण लिया है, लेकिन जशपुर की शांत फिजा यहां का एयरनॉट, एनवायरनमेंट में पायलट के बगल में को पायलट के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करना एक अनूठा अनुभव है।

शार्ट सर्किट को हल्के में न लें, तुरंत ठीक करवाएं

भोपाल. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आमजन को आगाह किया है कि घर अथवा संस्थान में कहीं भी शार्ट सर्किट हो रहा है तो उसे हल्के में न लें, बल्कि तुरंत इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर ठीक करवाएं। जरा सी असावधानी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आमजनों को भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करना आवश्यक है। कंपनी ने कहा है कि यदि घरों में अर्थिंग नहीं है तो वायरिंग के पहले अर्थिंग जरूर दें। इसके साथ ही घटिया या सस्ती वायरिंग की बजाय मानक स्तर की वायरिंग करवाएं, ताकि शार्ट सर्किट से होने वाली हानियों से बचा जा सके। एक अनुमान के मुताबिक ज्यादातर शार्ट सर्किट की घटनाएं या तो घटिया वायरिंग के कारण होती हैं या फिर ज्यादा समय से पुरानी वायरिंग होने के चलते होती हैं। जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। बिजली कंपनी आपको पुरानी वायरिंग की जगह मानक स्तर की नई वायरिंग करवाने की सलाह देती है, ताकि शार्ट सर्किट की घटनाओं से बचा जा सके। यदि विद्युत लाइनों से संबंधित किसी भी तरह की शिकायत हों तो तत्काल कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912 पर, “उपाय” ऐप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में अवश्य दें। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू विद्युत उपकरणों, वायरिंग, स्विच इत्यादि को स्वयं सुधारने के बजाय किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन की सेवाएं लें। मानव जीवन अमूल्य है। बिजली के स्विच, सॉकिट, बिजली उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें। स्वीकृत भार से अधिक लोड का उपयोग न करें। उचित क्षमता के एम.सी.सी.बी, कट-आउट लगाने के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का ही उपयोग करें। वर्ष में एक बार अपने परिसर की वायरिंग, फिटिंग, अर्थिंग अनुभवी एवं दक्ष इलेक्ट्रीशियन से अवश्य जांच कराएं, ताकि शार्ट सर्किट की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

भूपेश बघेल के घर ईडी की कार्रवाई जारी, समर्थकों ने ईडी अफसरों से की झूमाझटकी वाहन पर तोड़फोड़ की कोशिश

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर ईडी की जांच जारी है. वहीं भूपेश बघेल के निवास के बाहर ईडी की कार्रवाई से आक्रोशित समर्थकों की नारेबाजी जारी है. समर्थकों ने अफसरों से झूमाझटकी करते हुए ईडी अफसर के वाहन पर तोड़फोड़ की कोशिश की है. इसे देखते हुए भूपेश बघेल के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, बघेल के निवास में बड़ी मात्रा में नगदी मिलने की सूचना पर ईडी और बैंक के अधिकारी नोट गिनने की मशीन लेकर बघेल के घर पहुंचे हैं. ED ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी जब्त किया है. भूपेश बघेल के घर से 6 मोबाइल फोन से ईडी के अधिकारी बातचीत की डिटेल खंगाल रहे. डिजिटल ट्रांजेक्शन के हिसाब निकाल रहे. 14 ठिकानों पर ईडी की टीम कर रही जांच बता दें कि भूपेश बघेल के निवास पर ED तड़के सुबह से जांच कर रही. जानकारी के अनुसार, ED की टीम भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर दबिश दी है. ईडी की अलग-अलग टीमें रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की है, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. पूर्व उपमुख्यमंत्री समेत बड़े नेताओं का जमावड़ा ईडी की दबिश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर के बाहर बड़ी संख्या में दिग्गज कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है. पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, विधायक देवेंद्र यादव, अरुण वोरा, गिरीश देवांगन, विनोद वर्मा समेत बड़ी संख्या में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद हैं और ईडी की कार्रवाई को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे. किन मामलों में हो रही जांच? सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में की जा रही है. हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है. बताया जा रहा है कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वे ईडी के रडार पर थे. भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई को बताया ‘षड्यंत्र’ ईडी की कार्रवाई को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब अदालत में बर्खास्त कर दिया गया तो आज ED के मेहमानों ने पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई निवास में आज सुबह प्रवेश किया है. अगर इस षड्यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है.

‘इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले नेशनल हाईवे- 30 पर भोंड के पास चक्काजाम

बस्तर छत्तीसगढ़ का बस्तर हमेशा से प्राकृतिक संपदा से भरपूर रहा है. यहां की इंद्रावती नदी पूरे बस्तर को सींचती है. लेकिन भीषण गर्मी आने से पहले ही यह प्राणदायनी नदी सूखने लगी है. पानी की कमी की चिंता को लेकर बस्तर के किसानों को आज पहली बार संघर्ष करना पड़ा. यहां के किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ‘इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले नेशनल हाईवे- 30 पर भोंड के पास चक्काजाम कर दिया. इससे के दोनों तरफ आवाजाही ठप पड़ गई. बड़ी संख्या में पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई है. दरअसल, किसानों ने कुछ दिन पहले ही बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इंद्रावती नदी में बने स्टाप डेम का पानी छोड़ने के अलावा अन्य 6 सूत्रीय मांग की थी. किसानों ने इन मांगों को पूरी करने के लिए प्रशासन को सप्ताह भर का समय दिया था. मांग पूरी नहीं होने पर आक्रोशित किसानों ने आज चक्का जाम कर दिया. इधर चक्का जाम के चलते हाईवे में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है. जगदलपुर-रायपुर मार्ग में जाम की स्थिति बनने से आवाजाही ठप पड़ गई है. स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. वहीं किसानों का कहना है, कि जब तक प्रशासन के द्वारा उन्हें आश्वासन नहीं मिल जाता और स्टाप डैम का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब-तक वे हाईवे पर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे. सूखी नदी पर बच्चे खेलते हैं क्रिकेट गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है. इस साल आलम यह है की सूखती नदी में बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं. साथ ही रेत माफिया भी सक्रिय हो गए हैं और लगातार रेत का अवैध उत्खनन भी किया जा रहा है.  

सावधानी और सतर्कता रखें वाहन चालक, नींद और आराम का ध्यान रखना भी जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले के उपनी गांव के समीप देर रात सड़क दुर्घटना में आठ श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 2-2 लाख रुपए, गंभीर घायलों को एक-एक लाख एवं सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि देर रात पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय नागरिकों की मदद से घायलों के इलाज का प्रबंध किया और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को रीवा रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के साथ शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए भगवान महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस अथाह दु:ख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य लाभ की कामना भी की। उल्लेखनीय है कि मैहर माता के दर्शन करने जा रहे यात्री वाहन और ट्रक की रविवार को देर रात हुई भयानक टक्कर में आठ यात्रियों की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया में जारी संदेश के माध्यम से वाहन चालकों से वाहन सावधानी से चलाने, सड़कों पर आवश्यक सावधानी व सतर्कता रखने और अपने आराम व नींद का ध्यान रखते हुए वाहनों के संचालन की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं से कई परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाहन दुर्घटनाओं से बचने के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

योगी सरकार लखनऊ समेत कई जिलों में जल्द ही जमीनों के सर्किल रेट का कराने जा रही पुनरीक्षण

 लखनऊ यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार लखनऊ समेत कई जिलों में जल्द ही जमीनों के सर्किल रेट का पुनरीक्षण कराने जा रही है। कैबिनेट मीटिंग में योगी सरकार ने सोमवार को इसकी मंजूरी भी दे दी है। जिन जनपदों में वर्षों से जमीनों की सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता पर इस कार्रवाई को पूरा किए जाने पर फोकस किया जा रहा है। 1 जनवरी 2024 से अब तक प्रदेश के 37 जिलों में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुछ जिलों में पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है, वहीं अन्य जिलों में भी इसे जल्द ही शुरू किए जाने की योजना है। बतादें कि जमीन के सर्किल रेट का पुनरीक्षण होने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलता है। पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने पर कानून के अनुसार भूमि अधिग्रहण में किसानों को जमीन का सही मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि योगी सरकार द्वारा प्रदेश में जारी विकासपरक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी जिलों में जमीनों के सर्किल रेट से जुड़ी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरा करने पर फोकस किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा न्यूनतम मूल्य का किया जाता है निर्धारण उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) की द्वितीय संशोधन नियमावली–2013 नियम 4(1) के अंतर्गत जिलाधिकारी द्वारा अगस्त के महीने में वार्षिक रूप से जिले के विभिन्न भागों में स्थित कृषि व अकृषक भूमि का न्यूनतम मूल्य प्रति हेक्टेयर/प्रति वर्गमीटर का दर निर्धारित किए जाने का उल्लेख है। आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी द्वारा वर्ष के मध्य में भी सर्किल दर सूची का पुनरीक्षण का कार्य किया जा सकता है। ऐसे में, प्रदेश में 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक 37 जिलों में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। गौतमबुद्ध नगर, आगरा व अलीगढ़ समेत कई जिलों में प्रक्रिया जारी हाल ही में मुख्य सचिव के समक्ष हुई समीक्षा बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया था, जिसमें मुख्य सचिव द्वारा निर्णय लेते हुए पुनरीक्षण की कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। जिन जिलों में वर्षों से पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनमें लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बागपत, इटावा, कन्नौज, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, महाराजगंज, कुशीनगर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, एटा, कासगंज, मुजफ्फरनगर, बदायूं, झांसी, जालौन, ललितपुर, संत कबीरनगर, कौशाम्बी व प्रयागराज आदि प्रमुख हैं। इन सभी जिलों में जल्द ही पुनरीक्षण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं शामली, सहारनपुर, मीरजापुर, अलीगढ़, बांदा, हमीरपुर, आगरा, सुल्तानपुर, अमेठी व गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में फिलहाल पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है।

राज्यपाल के विधानसभा में अभिभाषण पर मुख्यमंत्री ने माना आभार

भोपाल. राज्यपाल मंगुभाई पटेल के विधानसभा में अभिभाषण पर उनका आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यपाल पटेल ने राज्य सरकार की नीति और नीयत का रोड मैप प्रस्तुत किया है। मंगलवार को विधानसभा में विस्तार से चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को समर्थ, सक्षम बनाते हुए सबका साथ-सबका विकास और सर्वजन सुखाय-सर्वजन हिताय के भाव को चरितार्थ करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी गई हमारी सरकार, इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सत्र में अगले वित्तीय वर्ष का बजट आने वाला है, यह बजट जन भावनाओं के अनुरूप होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के साथ प्रदेश औद्योगीकरण तथा अन्य विकास गतिविधियों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के नए टाइगर रिजर्व का शुभारंभ चंबल क्षेत्र में हो रहा है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही केन- बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना से चंबल क्षेत्र के श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, सहित संपूर्ण बेल्ट में पानी की उपलब्धता रहेगी। इससे सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त आपूर्ति के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी जल उपलब्ध रहेगा, परिणामस्वरूप क्षेत्र में कृषि तथा औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

शिवपुरी में प्रदेश के 9वें “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी में नवनिर्मित “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ किया। यह मध्यप्रदेश का 9वां और देश का 58वां नेशनल टाइगर रिजर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुनर्स्थापन प्रक्रिया से यहां लाई गई एक बाघिन को टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मुक्त आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का पुनर्स्थापन हो रहा है। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से राज्य को 9वें नेशनल टाइगर रिजर्व की अभूतपूर्व सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के विमोचन के साथ बाउन्ड्री वॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल में वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत नजारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में वन संपदा है और वन्य जीव बड़ी संख्या में हैं। चंबल क्षेत्र के कूनो में चीता, चंबल नदी में घड़ियाल और अब माधव नेशनल पार्क में बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। चंबल में वन्य जीव और मनुष्य मिलकर सह-अस्तित्व के भाव से अपनी-अपनी जिंदगी जी रहे हैं। यह अद्भुत नजारा केवल चंबल में देखने को मिलता है। राज्य सरकार के प्रयासों से यहां पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। अब चंबल में भी सुनाई देगी बाघ की दहाड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और विश्व में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश की भूमि पर पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। बाघों के विचरण के लिए सिर्फ चंबल क्षेत्र ही शेष था। यह कमी भी आज पूरी हो गई है। स्व. माधवराव सिंधिया की जयंती पर इस बाघ आरक्षित क्षेत्र का लोकार्पण राज्य के समग्र विकास के लिए बढ़ते कदम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल ने प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के मामले में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माधव टाइगर रिजर्व नया इतिहास लिखेगा। यह क्षेत्र अब बाघों के पुनर्वास से अपनी नई पहचान बनाएगा। यहां पहले से भालू, तेंदुआ, हिरण, चिंकारा, भेड़िया, सियार, साही, अजगर और गिद्ध जैसे वन्य प्राणियों का बसेरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नए टाइगर रिजर्व के विकास कार्यों में दूसरे जीवों के सह-अस्तित्व का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि मुक्त क्षेत्र है, जो वन्य जीवों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माधव टाइगर रिजर्व के लोगो का विमोचन किया और माधव नेशनल पार्क की बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण भी किया। चंबल क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुईं: केंद्रीय मंत्री सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को ऐतिहासिक सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश का तीसरा पुनर्जीवित किया गया नेशनल पार्क है। इससे चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर कूनो नेशनल पार्क में देश में विलुप्त हो चुके चीता को फिर से बसाया गया है। उन्होंने 10 मार्च 2023 को माधव नेशनल पार्क में पूर्व में 3 बाघ छोड़े थे। आज एक बाघिन को छोड़ा गया है। अब कूनो और माधव टाइगर रिजर्व का संयुक्त क्षेत्र 3000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मिलकर माधव टाइगर रिजर्व के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पूर्व सीएम के घर ईडी का छापा, 5 साल की सरकार में तरह-तरह के हुए घोटाले: सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की है. ED की इस कार्रवाई से राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है. इस बीच सीएम विष्णुदेव साय ने भी छापे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 5 साल की सरकार में तरह-तरह के घोटाले हुए, उसकी जांच सेंट्रल एजेंसियां कर रही है. कई लोग जेल के अंदर भी हैं. ED सेंट्रल एजेंसी है, उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है. बता दें कि भूपेश बघेल के निवास पर ED की टीम ने आज तड़के छापेमारी की है. जानकारी के अनुसार, ED की टीम भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर ईडी की टीम ने दबिश दी है. फिलहाल, ईडी की अलग-अलग टीमें रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की है, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. भूपेश बघेल ने इसे ‘षड्यंत्र’ बताया सात वर्षों से चले आ रहे झूठे केस को जब अदालत में बर्खास्त कर दिया गया तो आज ED के मेहमानों ने पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई निवास में आज सुबह प्रवेश किया है. अगर इस षड्यंत्र से कोई पंजाब में कांग्रेस को रोकने का प्रयास कर रहा है, तो यह गलतफहमी है. किन मामलों में हो रही जांच? सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में की जा रही है. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह छापेमारी किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है. बताया जा रहा है कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आया था, जिसके बाद से ही वे ईडी के रडार पर थे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए निवेश की बढ़ी संभावनाएं

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यह प्रदेश उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के व्यापार मार्गों को सुविधाजनक रूप से जोड़ते हुए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में की जा रही रणनीतिक पहलों से मध्यप्रदेश अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूरे भारत की आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के हब के रूप में उभर रहा है। अपनी भौगोलिक स्थिति, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण यह प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। बेहतर सड़कों और कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का तेज़ी से विस्तार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण फ्रेट कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। इंदौर और भोपाल में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) व्यापार को आसान और लागत प्रभावी बना रहे हैं। हवाई मार्ग से निर्यात और उद्योग को नई गति प्रदेश के छह प्रमुख हवाई अड्डों पर एयर कार्गो सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी ताकत मिल रही है। रीवा हवाई अड्डे के चालू होने से व्यापार और औद्योगिक परिवहन को नई रफ्तार मिली है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और खाद्य प्र-संस्करण जैसे उद्योगों को अब कम समय में बेहतर लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। डिजिटल तकनीक से लॉजिस्टिक्स और बिजनेस में आई ट्रांसपेरेंसी प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रणाली व्यापारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से पारदर्शी और कुशल लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब में स्मार्ट वेयरहाउसिंग, ऑटोमैटेड ट्रैकिंग और डिजिटल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का गहरा तालमेल देखने को मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी आईआईटीवीयूएल जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 औद्योगिक गलियारे और 20 स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत नीति और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। निश्चित पूंजी निवेश पर 30% तक की वित्तीय सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए अनुदान जैसी योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आईजीबीसी प्रमाणन प्राप्त इकाइयों को अतिरिक्त रियायतें दे रही है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसरों का केंद्र प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, उन्नत तकनीक और उद्योग अनुकूल नीति इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल कर रही है। सरकार के स्पष्ट विजन और विकास रणनीति के चलते यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।

15 लाख के इनाम तीन नक्सलियों ने किया आत्मसर्पण

गरियाबंद गरियाबंद में सक्रिय तीन नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया है. लंबे समय बाद ऐसा हुआ है कि नक्सली हथियार समेत समर्पण किया हो. एडीजी विवेकानंद सिन्हा,आईजी अमरेश मिश्रा व सीआरपीएफ के अफसरों की मौजूदगी में एसडीके एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर दिलीप उर्फ संतु  ने ऑटोमैटिक हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया. इनके साथ दो महिला नक्सली मंजुला उर्फ लखमी और सुनीता उर्फ जूमकी ने आत्मसर्पण किया. तीनों पर 15 लाख के इनाम थे. आत्म समर्पण करने वाले इन नक्सलियों ने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से दहशत में आकर और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्म समर्पण किया है. नुआपड़ा डिविजन कमेटी में डिप्टी कमांडर दिलीप ने बताया कि भालू डिगी की घटना के बाद से नक्सली में दहशत है. बड़े नेता भले ना आत्मसर्पण करे लेकिन छोटे नक्सली घबराए हुए हैं. किसी तरह हमें पुलिस का नंबर मिला. भागे-भागे फिर रहे थे. सुरक्षा बलों द्वारा सर्चिंग ऑपरेशन से दबाव बढ़ा है. बार-बार डेरा बदल रहा, खाने-पीने के लिए नहीं मिलता. मुठभेड़ में मुझे गोली लगी थी, पुलिस ने इलाज कराया. बता दें, 20 जनवरी को भालू डिगी मुठभेड़ में  सीसी मेंबर चलपती और डिविजन कमांडर सत्यम गावड़े जैसे नेता समेत सवा 3 करोड़ के 16 नक्सली मारे गए थे. इसके बाद जिले में बिखर चुके नक्सलियों में से महिला और एक पुरुष नक्सली ने ऑटोमैटिक हथियार के साथ आत्मसर्पण किया था. आत्म समर्पित नक्सली अब विकासशील छत्तीसगढ़ की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन जीना चाहते हैं.

उज्जैन : महाकाल के दरबार में पहुंचे रेमो डिसूजा,भस्म आरती के दर्शन का लाभ लिया

उज्जैन कोरियोग्राफर, फिल्म निर्देशक और निर्माता रिमो डिसूजा सोमवार को बाबा महाकाल के दरबार में भस्म आरती के दर्शन करने पहुंचे। जहां उन्होंने भारतीय पोशाक पहनकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी और दो घंटे की भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल की भक्ति में लीन रहने के साथ ही जय महाकाल का उद्घोष करते हुए भी दिखाई दिए। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित यश गुरु ने बताया कि रेमो डिसूजा एक भारतीय कोरियोग्राफर, फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं। वे अब तक 100 से अधिक फिल्मों में कोरियोग्राफी कर चुके हैं। उन्हें बॉलीवुड उद्योग में सबसे सफल और प्रसिद्ध कोरियोग्राफर माना जाता है और उन्होंने कई भारतीय कोरियोग्राफरों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में काम किया है। इसके अतिरिक्त, वह लगातार सात सीज़न के लिए डांस रियलिटी शो डांस प्लस में जज रह चुके हैं। सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने के लिए मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने सोला और दुपट्टा डालकर नंदी हॉल में प्रवेश किया और यहां पर बाबा महाकाल की जय जयकार करने के साथ बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन करते रहे भस्म आरती के दौरान आपने कभी तालियां बजाई तो कभी एक टक बाबा महाकाल के स्वरूप के दर्शन किए। इस दौरान पूजन अर्चन पंडित यश गुरु के द्वारा करवाया गया। बाबा महाकाल की पूजा अर्चना और दर्शन करने के बाद रेमो डिसूजा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं बाबा महाकाल का अनन्य भक्त हूं, जो की समय-समय पर महाकाल मंदिर आते ही रहता हूं। आपने महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन व्यवस्था की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था काफी अच्छी है। अन्य मंदिरों में भी इसी मंदिर की तरह दर्शन व्यवस्था होना चाहिए। अच्छे से दर्शन करवाने के लिए मंदिर के पुजारी और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को धन्यवाद भी दिया। अगस्त 2024 में भी महाकाल आए थे रेमो इसके पहले अगस्त 2024 को रेमो डिसूजा सपरिवार बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। अलसुबह होने वाली भस्म आरती में सभी नंदी हाल में करीब दो घंटे तक बैठकर भगवान की आरती में शामिल हुए थे। बता दें, रेमो पत्नी और बच्चों के साथ दर्शन करने पहुंचे थे। भस्म आरती के बाद रेमो डिसूजा ने यह भी कहा था कि मैंने यहां एक अलग ही अनुभव महसूस किया है। भस्म आरती मैंने पहली बार देखी है, महाकाल के दर्शन इस तरह से भव्य स्वरूप में होंगे कभी सोचा नहीं था।  

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