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मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई जनजाति सलाहकार परिषद की पहली बैठक, लिए कई अहम फैसले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

भारत 2028 तक दुनिया का सबसे बड़ा वेब3 डेवलपर हब बन जाएगा !, लेटेस्ट रिपोर्ट में मिली जानकारी

बेंगलुरु भारत वेब3 स्पेस में तेजी से ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। इसके 2028 तक दुनिया का सबसे बड़ा वेब3 डेवलपर हब बनने की उम्मीद है। मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। हैशड इमर्जेंट की लेटेस्ट ‘इंडिया वेब3 लैंडस्केप’ रिपोर्ट से पता चला है कि देश ने 2024 में सालाना आधार पर डेवलपर भागीदारी में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जिससे गिटहब में 4.7 मिलियन से अधिक डेवलपर जुड़े। यह वैश्विक स्तर पर सभी नए वेब3 डेवलपर्स का 17 प्रतिशत है, जिससे भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो डेवलपर बेस बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 45.3 प्रतिशत भारतीय वेब3 डेवलपर्स कोडिंग में योगदान देते हैं, 29.7 प्रतिशत बग्स को ठीक करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और 22.4 प्रतिशत डॉक्यूमेंटेशन पर काम करते हैं। विकास के लोकप्रिय क्षेत्रों में गेमिंग, नॉन-फंजिबल टोकन (एनएफटी), विकेंद्रीकृत वित्त और रियल-वर्ल्ड एसेट शामिल हैं। भारत के वेब3 डेवलपर्स का एक बड़ा हिस्सा नए लोग हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक ने पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में प्रवेश किया है। उनमें से अधिकांश 27 वर्ष से कम आयु के हैं। हैकाथॉन एक ऐसा आयोजन है, जहां कंप्यूटर प्रोग्रामर मिलकर कुछ नया बनाने के लिए काम करते हैं। यह डेवलपर्स के लिए प्राथमिक प्रवेश द्वार बना हुआ है। हालांकि, वेब3 फर्म भुवनेश्वर, चेन्नई और केरल के विश्वविद्यालयों के साथ भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं ताकि छात्रों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से जल्द परिचित करवाया जा सके। हैशेड इमर्जेंट के सीईओ और मैनेजिंग पार्टनर टाक ली ने कहा, “देश की तकनीक को लेकर तेजी से आगे बढ़ने की योग्यता, उद्यमशीलता की भावना और डिजिटल अपनाने का अनूठा मिश्रण प्रगति को गति दे रहा है।” उन्होंने कहा कि अब हम नए सिरे से खुदरा भागीदारी, निवेशकों के रुझान में बदलाव और उद्यमों और सरकार द्वारा वेब3 सॉल्यूशन के डीपर इंटीग्रेशन को देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “पिछले साल, हमने वेब3 अपनाने में भारत के ग्लोबल लीडरशिप को नोटिस किया और आज यह भारतीय इनोवेटर्स की लीडरशिप में ठोस प्रगति में बदल रहा है।” भारत वेब3 स्टार्टअप संस्थापकों के मामले में भी वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में 1,200 से अधिक स्टार्टअप संचालित हैं। देश के वेब3 इकोसिस्टम में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, जिससे 2023 की तुलना में फंडिंग में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारतीय स्टार्टअप ने 564 मिलियन डॉलर जुटाए, जिससे इस क्षेत्र में कुल निवेश 3 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। रिपोर्ट में एआई, आरडब्ल्यूए और स्टेकिंग सॉल्यूशन को निवेश आकर्षित करने वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उजागर किया गया है। कई ग्लोबल वेंचर कैपिटल और घरेलू फर्म भारतीय वेब3 परियोजनाओं पर बड़ा दांव लगा रही हैं। इसके अतिरिक्त, लेयर 1 और लेयर 2 ब्लॉकचेन नेटवर्क से इकोसिस्टम फंड ने पर्याप्त निवेश किया है, जिससे ग्लोबल वेब3 लैंडस्केप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

परामर्शदात्री समिति की बैठक में आए सुझावों पर होगी कार्यवाही :ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि ऊर्जा विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में विधायकों द्वारा दिये गये सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी का मार्गदर्शन विभाग के लिये उपयोगी सिद्ध होगा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आरडीएसएस योजना की संभागवार समीक्षा करेंगे। समीक्षा में विधायकों को भी ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटर आधारित कनेक्शन देने पर विचार किया जाएगा। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में आ रही समस्याओं के निराकरण में ऊर्जा विभाग नम्बर एक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में विद्युत की निरंतर बढ़ती मांग की पूर्ति के लिये पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने गत् एक वर्ष में विभाग द्वारा किये गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल विद्युत्‍उत्पादन क्षमता में राज्य का अंश 23 हजार 788 मेगावॉट है। राज्य में पिछले 5 वर्षों में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1086 यूनिट से बढ़कर 1332 यूनिट हो गई है। यह प्रदेश के विकास का द्योतक है। बैठक में टीकमगढ़ के विधायक श्री यादवेन्द्र सिंह, कटंगी विधायक श्री गौरव सिंह पारधी, पिपरिया विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी और कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी ने ऊर्जा विभाग के कार्यों में सुधार संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं से भी अवगत कराया। उप सचिव ऊर्जा श्री मंदार पुराणिक ने पॉवर पॉइन्ट प्रेजेन्टेशन से विभागीय योजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री क्षितिज सिंघल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्री सिलावट ने कहा- मोदी एवं सीएम यादव का संकल्प है कि हर घर स्वच्छ पेयजल और खेती के लिए हर खेत तक पानी पहुंचे

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि हर घर स्वच्छ पेयजल और खेती के लिए हर खेत तक पानी पहुंचे। इसके लिए प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं के बाद ताप्ती मेगा बेसिन परियोजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न सिंचाई योजनाओं के माध्यम से सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए तालाब एवं अन्य जल स्त्रोतों के उन्नयन, विकास, गहरीकरण, जल स्त्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने और उनके आसपास पौधा-रोपण आदि के उद्धेश्य से प्रदेश में 30 मार्च 2025 से 30 जून 2025 तक “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का जनता से आहवान किया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मंगलवार को प्रमुख अभियंता जल संसाधन कार्यालय के सभाकक्ष में अभियान की तैयारियों के संबंध में बैठक ली। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता जल संसाधन श्री विनोद कुमार देवड़ा सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल संसाधन विभाग में प्रदेश में 32 वृहद, 120 मध्यम एवं 5 हजार 800 लघु जल संरचनाएं हैं। इनमें बनाए गए बांधों की नहर प्रणाली 40 हजार किलोमीटर की है जिनमें 16 हजार किलोमीटर पक्की और 24 हजार किलोमीटर कच्ची नहरें हैं। इन नहरों से सिंचाई के लिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत, सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य किया जाना है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन की समृद्धशाली परंपरा रही है। यहां की चंदेल कालीन जल संरक्षण प्रणाली न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध रही है। जल संसाधन संभाग छतरपुर में 44, टीकमगढ़ में 71 और पन्ना में 5 चंदेल/बुंदेलकालीन तालाब हैं। अभियान के अंतर्गत इन सभी का संरक्षण किया जाना है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए छोटी-छोटी योजनाएं बनाकर कार्य कराया जाए। आगामी बारिश के पूर्व प्रदेश के सभी पुराने बांधों एवं जल स्त्रोतों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। इसके लिए गत वर्ष में जिन-जिन तालाबों/ जल स्त्रोतों में क्षति हुई उनकी सूची बनाई जाए तथा उन जल स्त्रोतों का विशेष ध्यान रखा जाए। बांधों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किए जाएं। जल संसाधन मंत्री ने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने बेसिन के अंतर्गत आने वाली जल संरचनाओं के संरक्षण एवं विकास का कार्य सुनिश्चित करें। जल संरक्षण एवं विकास कार्य में जन सहयोग लें। सीएसआर गतिविधि के अंतर्गत तालाबों को रख-रखाव के लिए गोद दिया जा सकता है। जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के इस कार्य में समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, धर्म गुरूओं, मीडिया आदि का पूरा सहयोग लिया जाए। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत प्रदेश में 10 रिवर बेसिन (नदी कछार) हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में होने वाली प्रमुख गतिविधियां सभी नहरों को विलेज मेप पर राजस्व विभाग की सहायता से मार्क किया जाना तथा विलेज मेप पर “शासकीय नहर” अंकित किया जाना। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त किया जाना। नहर के अंतिम छोर पर जहां नहर समाप्त होकर किसी नाले मे मिलती है, उस स्थान पर किलो मीटर स्टोन लगाया जाना। 40 हजार किलोमीटर की नहर प्रणाली में मनरेगा की सहायता से सफाई का कार्य किया जाना। जलाशयों में यदि रिसाव की स्थिति हो तो रिसाव रोकने के लिये पडल तथा आवश्यक हटिंग कार्य किये जा रहे हैं। तालाब के पाल (बंड) की मिट्टी के कटाव अथवा क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनः निर्मित किये जाने का कार्य। तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो तथा घाट आदि की मरम्मत का कार्य। स्टॉप-डेम, बैराज, वियर में गेट लगाना तथा मेन-वॉल, साइड-वॉल, की-वॉल, एप्रॉन इत्यादि में मरम्मत/अतिरिक्त निर्माण कार्य। जल संरचनाओं के किनारों पर यथा संभव बफर – जोन तैयार किए जाकर जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकने के लिये फेंसिंग के रूप में वृक्षारोपण का कार्य किए जाना। फ्लशबार की मरम्मत का कार्य किए जाना। स्लूस वैल की सफाई का कार्य किए जाना।  

भारत निर्वाचन आयोग, चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से करेगा बातचीत

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग ने कानून ढांचे के अंतर्गत चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने के लिए पार्टी अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से ईआरओ, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों की 30 अप्रैल, 2025 तक जानकारी मांगी है। आयोग ने इस संबंध में राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत रूप से पत्र भी जारी किया है। पिछले सप्ताह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक सम्मेलन किया गया था। इसमें भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सभी प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में उन्होंने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ, डीईओ और ईआरओ को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक करने और प्राप्त सुझावों पर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए थे। आयोग ने राजनीतिक दलों से विकेंद्रीकृत जुड़ाव के इस तंत्र का सक्रिय रूप से उपयोग करने का आग्रह भी किया है। चुनाव प्रकिया से संबंधित 28 हितधारक हैं, जिसमें राजनीतिक दल एक प्रमुख हितधारक है। जिन्हें संविधान और वैधानिक ढांचे के तहत चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी पहलुओं में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता दी गई है। आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को जारी किए गए पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951; निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960; चुनाव संचालन नियम, 1961; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, मैनुअल और हैंडबुक (ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी कानूनी ढांचा स्थापित किया है।  

पशुओं की बीमारियों के समुचित इलाज के लिए वैकल्पिक पशु चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग भी आवश्यक: मंत्री लखन पटेल

भोपाल पशु पालन एवं डेयरी राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल ने कहा है कि पशुओं की बीमारियों के समुचित इलाज के लिए वैकल्पिक पशु चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग भी आवश्यक है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के कारण मनुष्यों एवं पशुओं में जीवाणु रोधी दवाइयां के प्रति प्रतिरोधकता का बढ़ना महामारी का रूप ले रहा है, जो एक भयानक वैश्विक खतरा बनता जा रहा है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति से एवं एंटीबॉयोटिक के दुरुपयोग से इसका दुष्प्रभाव मनुष्य एवं पशुओं में देखा जा रहा है, जिसके कारण एएमआर (एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस) की वैश्विक समस्या उत्पन्न हो गई है। अल्टरनेट वेटरिनरी प्रैक्टिस जैसे आयुर्वेद, होम्योपैथी, पारंपरिक चिकित्सा, यूनानी चिकित्सा इत्यादि का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है, जिससे कम खर्च पर आसानी से पशुओं की बिना किसी दुष्प्रभाव के चिकित्सा की जा सकती है। पशु पालन राज्यमंत्री श्री पटेल ने मंगलवार को होटल पलाश रेसीडेंसी में “पशुओं की वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति” पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश श्री महेंद्र सिंह, दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के श्री अभय महाजन, अध्यक्ष, वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया डॉ. उमेशचंद शर्मा, संचालक, पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पी एस पटेल आदि उपस्थित थे। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के 13 विषय विशेषज्ञ और लगभग 100 से अधिक विभागीय अधिकारी शामिल हुए। पशु पालन राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि भारत में आदिकाल से पारंपरिक एवं वैकल्पिक पशु चिकित्सा पद्धति का उपयोग किया जाता था, जिसे पुनः पशुओं की चिकित्सा में बढ़ावा देने एवं जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दो दिवसीय इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों के विचार मंथन से पशु चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुझाव आयेंगे।  

पश्चिम बंगाल में राज्य की कानून-व्यवस्था रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के हाथ में है : संजय जायसवाल

नई दिल्ली भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के हाथ में है। संसद भवन परिसर में आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने वक्फ मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। वहीं, केरल के सांसदों ने आशा कार्यकर्ताओं के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। संजय जायसवाल ने जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा पर कहा, “बंगाल में कानून-व्यवस्था का पूरी तरह से अभाव है। वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोग कानून-व्यवस्था चला रहे हैं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं।” उन्होंने कहा कि देश को एकजुट होकर ऐसे लोगों को कानूनी सजा देनी चाहिए। भाजपा सांसद ने वक्फ संपत्ति के बारे में कहा कि सभी को शांतिपूर्ण धरने का अधिकार है, लेकिन उलेमाओं से यह सवाल किया कि जबरदस्ती छीनी हुई या झपटी हुई संपत्ति कैसे वक्फ की संपत्ति हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ की संपत्ति अल्लाह की इबादत है, तो क्या अल्लाह नाजायज संपत्ति को स्वीकार करेंगे? उन्होंने कहा कि पुरानी वक्फ संपत्तियों को छह महीने के भीतर रजिस्टर कराने का आदेश दिया गया है, लेकिन यदि किसी ने सरकारी या किसी अन्य की भूमि पर कब्जा किया है, तो उसे स्वीकार करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मस्जिदों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है, परंतु गलत तरीके से कब्जा की गई भूमि पर कार्रवाई होगी। केरल के सांसदों ने कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन परिसर में आशा वर्कर्स के मुद्दे पर नारेबाजी की। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि वह लगातार केरल की आशा वर्कर्स का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 30 दिन से आशा वर्कर्स परेशान हैं। उन्हें भत्ते, क्षतिपूर्ति, और सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिले हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि आशा वर्कर्स स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ हैं और कोविड के दौरान उनके योगदान की पूरी दुनिया ने सराहना की थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में वरिष्ठ समाज सेवियों के निधन पर अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को सतना में वरिष्ठ समाजसेवियों के निधन पर उनके परिजन से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगतों के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य स्व. लक्ष्मी यादव के निधन पर उनके आवास पर पहुँचकर परिजन से मिलकर ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की। जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी स्व. लक्ष्मी यादव को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित रामदास मिश्रा के मुख्त्यारगंज स्थित निवास पर उनकी धर्मपत्नी स्व. सावित्री देवी मिश्रा के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मिलकर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वरिष्ठ समाजसेवी एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य श्री दयानंद कुशवाहा के उतैली स्थित आवास पर भी पहुँचे। उन्होंने स्व. कुशवाहा के निधन पर उनके परिजन से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की और छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

जेपी नड्डा ने राज्यसभा में खड़गे की टिप्पणी पर जताया कड़ा विरोध, नेता प्रतिपक्ष ने मांगी माफी

नई दिल्ली राज्यसभा में मंगलवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा संवाद देखने को मिला। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक टिप्पणी पर सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कड़ा विरोध जताया और माफी की मांग की। इसके तुरंत बाद खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी उपसभापति हरिवंश के प्रति नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के प्रति थी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इससे ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू की जानी थी। दिग्विजय सिंह के बोलने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में हो रहे शोर-शराबे के बीच बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा, “हमने इस पर बोलने के लिए तैयारी भी की है।” इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसी बात कही जिस पर सत्ता पक्ष की तरफ से आपत्ति की गई। नेता सदन जे.पी. नड्डा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, “यह बहुत ही दुख की बात है। नेता प्रतिपक्ष जो इतने अनुभवी हैं, लंबे समय तक प्रदेश और संसद में रहे हैं, लोकसभा में और राज्यसभा में नेता और सदस्य के रूप में भी काम किया, उन्होंने यहां जिस भाषा का उपयोग किया वह निंदनीय है।” उन्होंने कहा नेता प्रतिपक्ष को अपनी इस टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आसन के प्रति जिस प्रकार के शब्द का उपयोग किया है, वह अस्वीकार्य है। जेपी नड्डा ने कहा कि यह भाषा माफी के योग्य नहीं है, फिर भी नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। उन्हें अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए, नहीं तो उनके शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर निकालना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर सफाई देते हुए कहा, “मैं माफी चाहता हूं। सर, मैंने आपके लिए कुछ नहीं बोला।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार की नीतियों के प्रति यह बात कही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “यदि आपको मेरी बातों से ठेस लगी तो मैं आपसे माफी मांगता हूं, लेकिन सरकार से नहीं।” इसके बाद उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की। जेपी नड्डा ने कहा कि खड़गे ने अपने वक्तव्य के लिए आसन से माफी मांगी है जो सराहनीय है, लेकिन “उन्होंने सरकार के बारे में जो शब्दावली कही है वह भी निंदनीय है” और वह भी कार्यवाही से बाहर निकाली जानी चाहिए।

होली के अवसर पर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई

भोपाल होली के अवसर पर पश्चिम मध्‍य रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा व्यापक सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है। सुरक्षा बल की तैनाती पश्चिम मध्‍य रेलवे के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल के साथ साथ रेलवे सुरक्षा विशेष बल के जवान तैनात किए गए हैं। इन जवानों को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से संबंधित विशेष ब्रीफिंग भी की जा रही है ताकि वे किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी उपाय सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को और तेज कर दिया गया है। आरपीएफ द्वारा स्टेशनों के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए डिजिटल निगरानी तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। इसके अलावा, मेटल डिटेक्टर्स और बैगेज स्‍कैनर मशीनों का प्रयोग यात्रियों के सामान की जांच के लिए किया जा रहा है। संदिग्ध एवं नशीली वस्तुओं की जांच स्टेशन परिसर में संदिग्ध सामान या वस्तुएं पाए जाने पर उनकी तुरंत और गहन जांच की जाएगी। आरपीएफ के जवान संदिग्ध वस्तुओं और बैगों की चेकिंग HHMD एवं डॉग स्‍कॅाड के साथ कर रहे हैं। आरपीएफ द्वारा ट्रेनों और स्टेशनों पर नशीली वस्तुओं के सेवन या शराब पीने जैसे विघटनकारी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करें। सुरक्षा गश्त और यात्री मार्गदर्शन स्टेशन परिसर में आरपीएफ के जवान निरंतर गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान की जा सके। साथ ही, यात्रियों को सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए वे उन्हें सुरक्षा संबंधित जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। RPF यह सुनिश्चित करेगा कि होली के इस पर्व के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुर्जगों की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा जाए। असभ्य व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ ने यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा प्रबंधों का पालन करें, अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का तुरंत संज्ञान लेकर रेलवे सुरक्षा बल/जीआरपी/हेल्‍प लाईन 139 पर सूचित करें। होली के इस पावन पर्व पर, आरपीएफ ने पूरी तरह से प्रतिबद्धता दिखाते हुए पश्चिम मध्‍य रेलवे के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधों का इंतजाम किया है, ताकि यात्री बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा आराम से कर  सकें। रेलवे सुरक्षा बल, सभी यात्रियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें सुरक्षित यात्रा करने की सलाह देता हैं।

यूनेस्को का प्रदेश की 4 ऐतिहासिक धरोहरों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल करना हर्ष और गौरव का विषय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि यूनेस्को ने प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरों को सीरियल नॉमिनेशन के तहत टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया है। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेला शासकों के महल और किलो को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में घोषित होना प्रमाणित करता है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। पिछले वर्ष भी यूनेस्को ने प्रदेश की 6 धरोहरों, ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खुनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक और धमनार का ऐतिहासिक समूह को टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया था। मध्यप्रदेश में अब यूनेस्को द्वारा घोषित 18 धरोहरों है। जिसमें से 3 स्थाई और 15 टेंटेटिव सूची में है। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। वहीं यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी भी शामिल है। यह उपलब्धि हमारी धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर एमपी टूरिज्म बोर्ड, संस्कृति विभाग, पुरातत्वविदों, इतिहास प्रेमियो, संस्थाओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है जिन्होंने ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में अमूल्य योगदान दिया हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नए आयाम तक पहुंचाएगी और हमारे गौरवशाली अतीत को नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि हम सब मिलकर अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध रहें और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख स्थल भारत के प्राचीनतम लिखित अभिलेख हैं। इन शिला और स्तंभ लेखों में सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म, शासन और नैतिकता से संबंधित संदेश अंकित हैं, जो 2,200 से अधिक वर्षों से संरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में पर्यटक साँची स्तंभ अभिलेख, जबलपुर में रूपनाथ लघु शिलालेख, दतिया में गुज्जरा लघु शिलालेख और सीहोर में पानगुरारिया लघु शिलालेख को शामिल किया गया हैं। चौंसठ योगिनी मंदिर प्रदेश में 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच निर्मित चौंसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक परंपराओं का प्रतीक हैं। इन मंदिरों की गोलाकार, खुले आकाश के नीचे बनी संरचनाएँ, जटिल शिल्पकला और आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय हैं। इसमें खजुराहो, मितावली (मुरैना), जबलपुर, बदोह (जबलपुर), हिंगलाजगढ़ (मंदसौर), शहडोल और नरेसर (मुरैना) के चौसठ योगिनी मंदिर को शामिल किया गया है। उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर प्रदेश में सांची, उदयगिरि (विदिशा), नचना (पन्ना), तिगवा (कटनी), भूमरा (सतना), सकोर (दमोह), देवरी (सागर) और पवाया (ग्वालियर) में स्थित गुप्तकालीन मंदिर को यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया है।  गुप्तकालीन मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं। मंदिर उत्कृष्ट नक्काशी, शिखर शैली और कलात्मक सौंदर्य को प्रदर्शित करते हैं। बुंदेला काल के किला-महल बुंदेला काल के गढ़कुंडार किला, राजा महल, जहाँगीर महल, दतिया महल और धुबेला महल, राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के बेहतरीन संगम को दर्शाते हैं। ये महल बुंदेला शिल्पकला, सैन्य कुशलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अद्भुत मिसाल हैं।

मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की, पीएम मोदी ने बताया-गौरव की बात

पोर्ट लुईस पीएम मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत है। उन्होंने मॉरीशस में भोजपुरी भाषा की महत्वपूर्ण मौजूदगी पर भी खुशी जाहिर की। पीएम मोदी ने पोर्ट लुईस पहुंचने के बाद एक्स पर हिंदी और भोजपूरी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मॉरीशस में अविस्मरणीय स्वागत से बहुत अभिभूत हूं। यहां की संस्कृति में भारतीयता किस तरह रची-बसी है, उसकी पूरी झलक ‘गीत-गवई’ में देखने को मिली। हमारी भोजपुरी भाषा मॉरीशस में जिस तरह से फल-फूल रही है, वह हर किसी को गौरवान्वित करने वाली है।” वहीं भोजपुरी भाषा में उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में यादगार स्वागत भइल। सबसे खास रहल गहिरा सांस्कृतिक जुड़ाव, जवन गीत – गवई के प्रदर्शन में देखे के मिलल। ई सराहनीय बा कि महान भोजपुरी भाषा मॉरीशस के संस्कृति में आजुओ फलत-फूलत बा और मॉरीशस के संस्कृति में अबहियो जीवंत बा।” इससे पहले सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी का माला पहनाकर स्वागत किया। भारतीय समुदाय की तरफ से पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समुदाय की महिलाओं ने ‘गीत गवई’ नामक पारंपरिक बिहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से उनका सम्मान किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मॉरीशस में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। भारतीय विरासत, संस्कृति और मूल्यों से उनका गहरा जुड़ाव वाकई प्रेरणादायक है। इतिहास और दिल का यह बंधन पीढ़ियों से चला आ रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की 2015 के बाद पहली मॉरीशस यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्तमान यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।  

होली पर्व के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने कलेक्टर ने नियुक्त किए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट

अनूपपुर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 13 मार्च को होलिका दहन, 14 मार्च को धुरेड़ी, रंगपंचमी, क्षेत्रीय फाग गीत आयोजित होंगे। उक्त त्यौहार के दौरान क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए 13 मार्च से 16 मार्च तक होली त्यौहार के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री हर्षल पंचोली ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट्स की नियुक्ति की है। साथ ही उन्होंने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सहयोग हेतु संबंधित नगरीय क्षेत्र के नगरपालिका अधिकारी एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की ड्यिूटी लगाई है।        अनूपपुर थाना क्षेत्रांतर्गत तहसीलदार अनूपपुर श्री अनुपम पाण्डेय, थाना चचाई क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार अनूपपुर श्री मंगलदास चक्रवर्ती, थाना भालूमाड़ा क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार अनूपपुर श्री मिथला प्रसाद पटेल, जैतहरी/वेंकटनगर थाना क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार जैतहरी श्री संजय कुमार जाट, कोतमा/बिजुरी थाना क्षेत्रांतर्गत तहसीलदार कोतमा श्री ईश्वर प्रधान, रामनगर थाना क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार कोतमा श्री राजेन्द्रदास पनिका, थाना राजेन्द्रग्राम क्षेत्रांतर्गत तहसीलदार पुष्पराजगढ़ श्री गौरीशंकर शर्मा, थाना अमरकंटक क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार पुष्पराजगढ़ श्री कौशलेन्द्र शंकर मिश्रा तथा थाना करनपठार क्षेत्रांतर्गत नायब तहसीलदार पुष्पराजगढ़ श्री सोहनलाल कोल को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट्स को निर्देश दिए हैं कि उक्त अवधि में थाना क्षेत्रांतर्गत पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित नगरपालिका अधिकारी/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से समन्वय कर कानून एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने-अपने अनुभाग अंतर्गत कानून व्यवस्था हेतु नोडल अधिकारी का दायित्व संभालेंगे।

राजस्व, कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वय से 31 मार्च तक सभी किसानों का भूमि पहचान पत्र एवं फार्मर आईडी बनाने के निर्देश

गौरेला पेंड्रा मरवाही : कलेक्टर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित कलेक्टर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित राजस्व, कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वय से 31 मार्च तक सभी किसानों का भूमि पहचान पत्र एवं फार्मर आईडी बनाने के निर्देश सभी विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन और लक्ष्य के अनुरूप लाएं प्रगति गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने अरपा सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों के विपणन के लाभ के लिए एक ही पहचान पत्र बनाने की योजना के तहत राजस्व, कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वय से 31 मार्च तक जिले के सभी कृषि भूमि धारक का कृषि भूमि पहचान पत्र एवं फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए कार्य योजना बनाकर सभी ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित करने, मुनादी कराकर शिविर लगने की जानकारी देने तथा शिविर में किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में की जा रही विभिन्न गतिविधियों के दौरान भी किसानों का कृषि भूमि पहचान पत्र एवं फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए।          कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान सभी जनपद सीईओ को मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों को 31 मार्च तक पूर्ण कराने और स्वीकृत हो चुके अप्रारंभ आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने कहा। उन्होंने मनरेगा के तहत बन रहे शासकीय उचित मूल्य दुकानों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों को 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत नेवसा, सारबहरा, कुदरी, बारीउमराव, मरवाही एवं गुल्लीडांड़ में निर्मित हो रहे फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्ल्यूएमयू) में शीघ्रता से विद्युत कनेक्शन के लिए कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली बच्चों का आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अपार आईडी, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति अभियान के तहत मध्यान्ह भोजन एवं नेवता भोज, सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं सिकलिंग जांच कराने के साथ ही मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना की जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।            कलेक्टर ने डिलेवरी आर्डर करने के बाद उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव में तेजी लाने और मिलिंग के बाद राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में लक्ष्य के अनुरूप चावल जमा कराने, जलशक्ति अभियान के तहत चल रहे कार्यों कों शीघ्र पूर्ण करने, सभी शासकीय भवनों में अनिवार्य रूप से रैन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने, ई-ऑफिस क्रियान्वयन के तहत सभी शासकीय सेवकों का एनआईसी से मेल आईडी बनाने, डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जनशिकायत, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीएमओ पोर्टल, ई-समाधान सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों एवं जनसमस्याओं का निराकरण त्वरित रूप से करने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने तथा लाभ की पात्रता नहीं होने पर आवेदक को कारण सहित सूचना देने के निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी रौनक गोयल, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

नेता प्रतिपक्ष को अहंकारी बताते हुए कहा कि वह लालू यादव के बेटे हैं और यही उनकी ख्याति है: मंत्री गिरिराज सिंह

नई दिल्ली केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के बयान को लेकर उन पर हमला बोला है। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को अहंकारी बताते हुए कहा कि वह लालू यादव के बेटे हैं और यही उनकी ख्याति है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा, “तेजस्वी यादव अहंकार में हैं, उन्हें लगता है कि यहां ‘लोकतंत्र’ नहीं बल्कि ‘राजतंत्र’ है। वह संघर्ष करके राजनीति में नहीं आए हैं बल्कि वह लालू यादव के बेटे हैं और यही उनकी ख्याति है। मैं उनसे यही कहूंगा कि वह अहंकार न करें, क्योंकि रावण का अहंकार भी नहीं चला है तो तेजस्वी और लालू का अहंकार क्या चलेगा।” दरअसल, भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने होली के दिन मुसलमानों से घरों से नहीं निकलने की अपील की थी, जिसके बाद आरजेडी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तेजस्वी यादव ने भाजपा विधायक के बयान पर कहा था कि इस तरह का बयान कोई कैसे दे सकता है? मुख्यमंत्री कहां हैं? महिला विधायक जमीन से जुड़े मामलों पर सवाल करती हैं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में फटकार लगाते देर नहीं करते हैं, तो क्या भाजपा विधायक के बयान पर मुख्यमंत्री उन्हें फटकार लगाएंगे? भाजपा के रंग में जदयू पूरी तरह आ चुकी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में जहर फैला रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हिम्मत दिखाएं और सदन में माफी मंगवाएं। उनके बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ें, सिर्फ कुर्सी के जुगाड़ में ही मत रहिए। उल्लेखनीय है कि इस बार होली का पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन जुमा है और रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है। इसी कारण देश में होली और जुमे को लेकर जमकर सियासत हो रही है।

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