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13 मार्च 2025 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा?इन राशियों की बदल जाएगी किस्मत

मेष राशि– आज विद्यार्थियों को अपना काम कल पर टालने से बचना चाहिए। आपका जीवनसाथी आज आपको एहसास दिलाएगा कि लव लाइफ में रिस्पेक्ट और केयर जरूरी हैं। हेल्दी डाइट लें। नए अवसरों की तलाश करें। वृषभ राशि– आज छोटे-मोटे व्यावसायिक मुद्दे सामने आएंगे। परिवार में वाद-विवाद होने की आशंका है। इसलिए ऐसे में खुद पर नियंत्रण रखें। आज स्वार्थी और गुस्सैल इंसान से बचें क्योंकि वह आपको तनाव दे सकता है। मिथुन राशि- मैनेजर्स और टीम लीडर को आज जूनियर्स को सिखाने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य के मामले में आप भाग्यशाली रहने वाले हैं। अपने बॉस के साथ कनेक्शन को मजबूत करने के लिए आज कोशिश कर सकते हैं। कर्क राशि– आज स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालेगी। आपके और आपके पार्टनर के बीच एक मजबूत कनेक्शन नजर आ रहा है। छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों के बावजूद जिंदगी आराम से चलती रहेगी। सिंह राशि– बिना किसी हिचकिचाहट के अपना प्यार दिखाएं। दिन खत्म होने से पहले नए अवसर दरवाजे पर दस्तक देंगे। ऑफिस रोमांस में न पड़ें। कार्यस्थल पर किसी भी बड़े प्रोजेक्ट से निपटने के लिए पेशेवर रूप से तैयार रहें। कन्या राशि- आज आपको और आपके जीवनसाथी को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सिंगल्स, आपको पहली नजर में प्यार भी हो सकता है। परिवार की जरूरतों को पूरा करते-करते आप अक्सर खुद को आराम देना भूल जाते हैं। तुला राशि- आज बड़े वित्तीय डिसीजन लेने की स्थिति में रहेंगे। किसी दोस्त के साथ पैसों से संबंधीत विवाद को सुलझाने के लिए भी पहल कर सकते हैं। आज लग्जरी पर अधिक खर्च न करें। वृश्चिक राशि- लंबे समय से बकाया राशि आज वसूल हो सकती है। अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी न भूलें। चीजों के घटित होने का इंतजार न करें, बाहर जाएं और नए अवसरों की तलाश करें। धनु राशि- कोई भी नया काम या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उन लोगों से बात करें, जिन्होंने उस क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव प्राप्त किया हो। घर में उत्सव का माहौल आपके तनाव को कम करेगा। सलाद के साथ भरपूर डाइट लें। मकर राशि– आज पुराने इनवेस्टमेंट से आप अच्छा पैसा कमाएंगे। बच्चों की देखभाल में शेड्यूल बिजी रहेगा। करियर तौर पर अपने क्लाइंट्स से ऐसा कोई वादा न करें, जिसे निभाना आपके लिए मुश्किल हो। आपका कोई पुराना दोस्त आपसे मिलने आ सकता है। कुंभ राशि- आपकी सबसे बड़ी संपत्ति आपका हसमुख नेचर है। प्रेमी जोड़े पारिवारिक भावनाओं का जरूरत से ज्यादा ख्याल रखेंगे। आपको लम्बी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। पैसों को मैनेज करने के लिए अच्छी तरह से योजना बनाएं। मीन राशि- आज का आपका दिन काफी बेहतरीन रहने वाला है। आप पैसे की अहमियत को अच्छी तरह से जानते हैं। ऑफिस में लोगों के साथ व्यवहार करते समय सावधानी बरतें- समझदारी और धैर्य रखें।

संभल में मस्जिदों को सुरक्षित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपालों से ढंकने की कवायद शुरू कर दी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में होली को लेकर सड़क किनारे स्थित मस्जिदों को सुरक्षित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपालों से ढंकने की कवायद शुरू कर दी गई है। एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि सभी पक्षों की सहमति के बाद होली के मार्ग पर पड़ने वाले सभी मस्जिदों को ढंका जा रहा है। पूर्व की भांति यह व्यवस्था हो रही है। जुलूस के रास्ते में 10 धार्मिक स्थल पड़ते हैं, जिन्हें ढंका जा रहा है। दोनों पक्षों के लोगों से इसको लेकर बातचीत की गई है। दोनों ही पक्षों ने इस फैसले पर सहमति जताई है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने त्योहारों से पहले सुरक्षा-व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि शांति समिति की बैठकें की गई हैं। इसके साथ ही सुरक्षा-व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने क्षेत्र में भ्रमण करने को कहा गया है और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी हो रही है। पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के विरोध में हुए बवाल के बाद यहां पर प्रशासन खास चौकसी बरत रहा है। माहौल शांत हो रहा था कि सीओ अनुज चौधरी के बयान से इलाके की राजनीति गरमा गई। इस बार 14 मार्च को होली और रमजान के जुमे की नमाज एक साथ पड़ रही है। अनुज चौधरी ने कहा था कि जुमा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में सिर्फ एक बार आती है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से यह भी अपील की कि अगर किसी को रंग-अबीर खेलने में दिक्कत है, तो वे घर पर ही नमाज अदा कर लें या फिर बाहर निकलें तो रंग लगाने का बुरा न मानें। उनके इस बयान के बाद तमाम सियासी दल उन पर हमलावर हो गए और उनकी आलोचना हो रही है।

राजस्थान की जनता का विश्वास उनकी सरकार पर बना रहेगा और सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा: भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और सुशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने सदन में ग्रीन बजट पेश किए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो राज्य की सतत विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सिटीजन फर्स्ट’ दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और ज्ञान को केंद्र में रखकर नीतिगत फैसले लिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट प्रदेश के कल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने वाला है और समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वित्त मंत्री ने सरकार का दूसरा बजट प्रस्तुत किया, तब प्रतिपक्ष के चेहरों पर असमंजस और उतार-चढ़ाव स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर प्रदेश के आमजन की खुशहाली की परवाह करता है, तो उसे बजट का सकारात्मक रूप से स्वागत करना चाहिए था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान की आर्थिक स्थिति लगातार सशक्त हो रही है और वर्ष 2025-26 तक राज्य की जीएसडीपी 19,89,835 करोड़ रुपये (230 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने का अनुमान है। इसी प्रकार, 2028-29 तक जीएसडीपी 35,02,629 करोड़ रुपये (350 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रदेश के विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की जनता का विश्वास उनकी सरकार पर बना रहेगा और सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में सभी माननीय सदस्यों को संविधान क्लब के क्रियाशील होने पर शुभकामनाएं भी दीं। हरित विकास की ओर बढ़ता राजस्थान मुख्यमंत्री ने सदन में यह भी कहा कि पहली बार राज्य में ग्रीन बजट प्रस्तुत किया गया है, जो पर्यावरण-संवेदनशील योजनाओं को प्राथमिकता देगा। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा, जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इन सकारात्मक कदमों से स्पष्ट है कि राजस्थान तेजी से आर्थिक और सामाजिक विकास की ओर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा। 2030 तक आर्थिक लक्ष्य प्राप्त करने को प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार, निवेश को बढ़ावा देने पर जोर राजस्थान सरकार अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन और डबल इंजन की नीति के तहत 2030 तक निर्धारित आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति पूर्ण रूप से आश्वस्त है। वर्तमान आर्थिक वृद्धि दर के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य तय समय सीमा से पहले ही अपने विकास लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, जिससे उद्योगों को आवश्यक अनुमतियां और सेवाएं सुगमता से प्राप्त हो सकें। निवेश और कंप्यूटर इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा राजस्थान सरकार ने कंप्यूटर इकोसिस्टम और आधुनिक तकनीक में निवेश को लेकर उद्यमियों को आमंत्रित किया है। इस पहल के तहत विभिन्न देशों के उद्योगों के प्रतिनिधियों और देश के अन्य राज्यों के उद्यमियों ने भी भाग लिया। सरकार ने छह महीने का विशेष ‘ग्रोथ एक्सीलेरेशन प्रोग्राम’ चलाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार के प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश संभव हो पाया है। इससे प्रदेश में न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सतत विकास के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और निवेश को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए नई योजनाएं भी लाई जा रही हैं। इसके साथ ही, प्रशासनिक सुधारों और नई औद्योगिक नीतियों के जरिये राजस्थान को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। नवाचार और आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ता राजस्थान राज्य सरकार का ध्यान केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नवाचार, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार की डिजिटल और टेक्नोलॉजी ड्रिवन नीतियां राजस्थान को देश के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी। प्रदेश की विकास यात्रा को देखते हुए यह स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार अपनी योजनाओं को समय से पहले पूरा करने में सफल होगी और 2030 तक राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

लैंड जिहाद के माध्यम से प्रयागराज के पौराणिक स्थलों पर कब्जा किया गया था: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन में लैंड माफिया ने प्रयागराज के पौराणिक स्थलों, अक्षय वट, माता सरस्वती कूप, पातालपुरी, श्रृंगवेरपुर, द्वादश माधव और भगवान बेनी माधव, पर अवैध कब्जे कर लिए थे, जिससे इनकी गरिमा को गहरी चोट पहुंची। महाकुंभ के दौरान इन स्थलों को माफिया मुक्त कर उनके कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे श्रद्धालु अब सालभर दर्शन कर सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, साथ ही उत्तर प्रदेश की नकारात्मक छवि को भी बदला। उन्होंने बुधवार को लखनऊ में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि भरद्वाज की नगरी प्रयागराज, जो दुनिया के पहले गुरुकुल की भूमि है, पिछली सरकारों के दौर में माफियाओं के हवाले थी। अक्षय वट को गुलामी के काल में कैद कर नष्ट करने की कोशिश की गई, जिससे 500 वर्षों तक श्रद्धालु दर्शन से वंचित रहे। माता सरस्वती कूप और पातालपुरी जैसे स्थल उपेक्षित रहे, जबकि श्रृंगवेरपुर-भगवान राम और निषादराज के मैत्री स्थल पर लैंड जिहाद के जरिए कब्जा कर लिया गया। द्वादश माधव और नागवासुकी जैसे पवित्र स्थल भी अवैध कब्जों की चपेट में थे। महाकुंभ के दौरान वहां नए कॉरिडोर बनाकर इन स्थलों को मुक्त कराया गया, जो हमारी पौराणिक परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक हैं। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने न केवल दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, बल्कि उत्तर प्रदेश को लेकर बनी नकारात्मक धारणा को भी बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ के माध्यम से दोनों लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए हैं। महाकुंभ ने सनातन धर्म के सच्चे और व्यापक स्वरूप को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। त्रिवेणी संगम में हर जाति, पंथ और क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने एक साथ डुबकी लगाई, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाता है। सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिनकी सोच नकारात्मक है, उनसे सकारात्मकता की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले कुंभ (1954) से लेकर 1974, 1986, 2007 और 2013 तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुई अव्यवस्थाओं का जिक्र किया। 1954 में एक हजार से अधिक मौतें हुईं, 2007 में प्राकृतिक आपदा ने जन-धन की हानि की और 2013 में मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संगम की गंदगी देखकर आंसू बहाए थे। पिछली सरकारों ने कुंभ को अव्यवस्था और गंदगी का अड्डा बना दिया था। आज वही लोग हमारे स्वच्छ महाकुंभ पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी नकारात्मकता ने उन्हें जनता की नजरों से गिरा दिया। विपक्ष हर अच्छे कार्य का विरोध करना अपनी शक्ति समझता है, लेकिन जनता ने महाकुंभ में पहुंचकर उन्हें सबक सिखा दिया। सीएम योगी ने 2025 के महाकुंभ को स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि 2019 में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कुंभ की नकारात्मक धारणा को बदलने का प्रयास शुरू हुआ, जिसे 2025 में और मजबूती से लागू किया गया। डिजिटल महाकुंभ की अवधारणा को साकार करते हुए 54,000 बिछड़े लोगों को डिजिटल खोया-पाया केंद्र के जरिए उनके परिजनों से मिलाया गया। डेढ़ लाख शौचालय बनाए गए और उन्हें क्यूआर कोड से जोड़ा गया। 11 भाषाओं में एक ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी गईं। हमारा प्रयास था कि कोई भी श्रद्धालु 3-5 किमी से ज्यादा पैदल न चले। अनुमान था कि 40 करोड़ लोग आएंगे, लेकिन 66.30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। पौष पूर्णिमा पर 1.5 करोड़, मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और मौनी अमावस्या पर 15 करोड़ लोगों ने स्नान किया। सीएम योगी ने मौनी अमावस्या की रात एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि 10 करोड़ से अधिक भीड़ के बीच कुछ लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अखाड़ों और संतों से बातचीत की और अमृत स्नान को दोपहर तक स्थगित कर दिया। संतों ने व्यापक जनहित में परंपरा को बाधित किए बिना सहयोग दिया। दोपहर 2 बजे के बाद स्नान सुचारू रूप से हुआ। यह सनातन धर्म की श्रद्धा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने संतों के सहयोग को अभिनंदन योग्य बताया और कहा कि उनकी जिम्मेदारी आयोजन को सकुशल संपन्न कराना था, जिसमें संतों का योगदान अहम रहा। औरंगजेब को आदर्श मानने वालों पर तीखा हमला करते हुए योगी ने कहा कि यह मानसिक विकृति का परिणाम है। उन्होंने शाहजहां की पुस्तक का हवाला देते हुए बताया कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद कर एक बूंद पानी के लिए तरसाया और भाई को मार डाला। जो औरंगजेब को पसंद करते हैं, वे अपने बच्चों का नाम औरंगजेब रखें और उसके अत्याचार भोगने को तैयार रहें। वो लोग इस तरह की बातें करके भारत के नायकों का अपमान कर रहे हैं। संभल का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 5000 साल पुराने पुराणों में इसका वर्णन है, जहां श्रीहरि का दसवां अवतार होगा। 1526 में मीर बाकी ने वहां मंदिर तोड़ा, लेकिन अब तक 18 तीर्थों का उत्खनन हो चुका है। जो इतिहास छिपाते हैं, उन्हें पुराण पढ़ना चाहिए। आस्था को अर्थ से जोड़कर हजारों टैक्सी चालकों, बस चालकों और व्यापारियों को रोजगार मिला। कोविड संकट में जनता के साथ खड़े होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नया भारत आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों में अग्रणी होगा।

भारत की खुदरा महंगाई फरवरी 2025 में घटकर 3.61 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 4.31 प्रतिशत थी, आम जनता को बड़ी राहत

नई दिल्ली होली से पहले महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को बड़ी राहत मिली है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) पर आधारित भारत की खुदरा महंगाई फरवरी 2025 में घटकर 3.61 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 4.31 प्रतिशत थी. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी धीमी हो गई थी. इसी के साथ खुदरा महंगाई फरवरी में घटकर 7 महीने के निचले स्तर पर आ गई जो रिजर्व बैंक के लक्ष्य 4 फीसदी से भी कम है. आरबीआई 2-6 फीसदी का टॉलरेंस बैंड बनाए रखता है. इसी पहले 45 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स पोल ने पहले फरवरी में मुद्रास्फीति 3.98 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. इस बीच, भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जनवरी 2025 में साल-दर-साल 5 प्रतिशत हो गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 3.2 प्रतिशत थी. अपनी सबसे हालिया मौद्रिक नीति बैठक में, रिज़र्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए अपने सीपीआई मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को 4.8 प्रतिशत पर बनाए रखा, अंतिम तिमाही (Q4FY25) में 4.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट की आशंका जताई. FY26 के लिए, मुद्रास्फीति तिमाही अनुमान के साथ 4.2 प्रतिशत होने का अनुमान है.

पीएम मोदी ने गंगा तालाब में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया

पोर्ट लुईस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावानात्मक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया। पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।” गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है।

होली से पहले मुख्यमंत्री योगी ने 1.86 करोड़ परिवारों को दिया तोहफा: सीएम योगी

लखनऊ होली के ठीक पहले बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य के 1.86 करोड़ पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए 1,890 करोड़ रुपए की सब्सिडी वितरित की। इस योजना का शुभारंभ लखनऊ के लोकभवन सभागार में सीएम योगी ने किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां गैस कनेक्शन के लिए घूस देना पड़ता था, अब यह सुविधा देश में 10 करोड़ परिवारों को फ्री में उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही होली और दीपावली पर गैस सिलेंडर भी मुफ्त दिया जा रहा है। इस बार होली और रमजान एक साथ हैं, तो सभी लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा। उज्ज्वला योजना को 2016 में शुरू किया गया था, जिसके तहत देश भर में 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन मिले। उत्तर प्रदेश में करीब 2 करोड़ लोग योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2021 के चुनाव में हमने वादा किया था कि 2022 में सरकार बनने पर होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा। उस समय से हर साल यह योजना चल रही है ताकि लोग पर्व और त्योहार अच्छे से मना सकें। इस बार होली और रमजान दोनों साथ हैं, इसलिए सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले एक गैस कनेक्शन के लिए 25-30 हजार रुपए की घूस देनी पड़ती थी और त्योहारों पर सिलेंडर भी नहीं मिल पाते थे। यह योजना गरीब माताओं को धुएं से बचाने के लिए शुरू की गई है और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। यूपी में 80 हजार राशन डीलर 3 करोड़ 60 लाख राशन कार्डधारकों के जरिए 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांट रहे हैं। 2017 में ई-पॉश मशीनों के जरिए राशन वितरण में पारदर्शिता लाई गई, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगी। कोविड काल में जब लोग परेशान थे, तब से लगातार पांच साल हो गए, हर महीने देश में 80 करोड़ लोगों और यूपी में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों और बेटियों के कल्याण के लिए संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 22 लाख बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रति बेटी 25 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है, जबकि 4 लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई गई है। अप्रैल से बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद मेधावी बेटियों को स्कूटी और कामकाजी महिलाओं को अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर आवासीय सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। किसानों के लिए गेहूं की खरीद दर को 150 रुपए बढ़ाकर 2,425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां जरूरत का सामान, बिजली बिल जमा करने की सुविधा और वेयरहाउस की व्यवस्था होगी। दो हजार से अधिक अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण चल रहा है। ग्राम सचिवालयों के जरिए ऑनलाइन आय, जाति, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र भी दिए जा रहे हैं।

IIMT विश्वविद्यालय में हनुमान चालीसा पढ़ने पर दर्ज होता है मुकदमा, अब नमाज अदा करते छात्रों का वीडियो वायरल

मेरठ IIMT विश्वविद्यालय में छात्रों के नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिससे विवाद पैदा हो गया है. वीडियो में करीब 50 छात्र विश्वविद्यालय परिसर में नमाज अदा करते हुए नजर आ रहे हैं. ये वीडियो इंस्टाग्राम पर खालिद मेवाती नाम के अकाउंट से अपलोड किया गया है. वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने IIMT विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि हनुमान चालीसा पढ़ने पर मुकदमा दर्ज हो सकता है, तो नमाज पढ़ने पर क्यों नहीं? इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए. हिंदू संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. पुलिस और IIMT विश्वविद्यालय प्रशासन कर रहा जांच IIMT विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. ये वीडियो गंगानगर स्थित IIMT विश्वविद्यालय का है. जिसके सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. हिंदू संगठनों ने जांच की मांग करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है. हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

ई-पैक्स प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारिता का संकल्प नए आयाम स्थापित करेगा। सहकारिता के माध्यम से ही समृद्धि स्थापित होगी। जरूरत है मेहनत, लगन और पारदर्शिता की। मंत्री सारंग ने कहा कि नवाचार से किये गये कार्य के जरिये व्यक्ति नई ऊंचाईयों को पा सकता है। मंत्री सारंग बुधवार को अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में पैक्स कम्प्यूटराईजेशन योजनांतर्गत ई-पैक्स प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम पर राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सहकारिता विभाग में 25 अनुकम्पा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति आदेश भी प्रदान किये। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल भी उपस्थित थे। ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित करें मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में ब्रांडिंग और दृढ़ता के साथ काम करने की भावना स्थापित हो। नित नये नवाचार के जरिये अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा पूरी दुनिया में उदाहरण है जिन्होंने काम किया लोग उन्हें ही याद रखते है। इसलिये स्वयं अपने व्यक्तित्व निर्माण के साथ उत्कृष्ट कार्य करें, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिले और लोग उन्हें याद रखे। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम मंत्री सारंग ने कहा की सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सीखने की चाहत सफल बनाती है। सहकारिता के माध्यम से ही अर्थ-व्यवस्था का उन्नयन किया जा सकता है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। कम्प्यूटराइजेशन की इस बड़ी मुहिम में पारदर्शिता के साथ हमारा प्रयास सफल रहा। सीपीपीपी मॉडल की सराहना मंत्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश का नया सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक पा्रयवेट पारटरशिप) मॉडल की ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में सराहना हुई। यही नहीं राज्य सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में 2500 करोड़ के एम.ओ.यू. भी किये। मंत्री सारंग ने सहकारिता विभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने वालों को भी जिम्मेदारी के साथ दिये गये काम को सम्पादित करने को कहा। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि पारदर्शिता, निपुणता और व्यावसायिकता के साथ काम करें। इस मौके पर उन्होंने एक मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया। अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। आयुक्त सह पंजीयक मनोज पुष्प, पी.एस. तिवारी और बी.एस. शुक्ला उपस्थित रहे। अनुकंपा नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति पत्र मंत्री सारंग ने इंदौर की कु. प्रेरणा सोनी, टीकमगढ़ की श्रीमती तरूणा झाम और श्रीमती ऊषा सेन, नरसिंहपुर की कु. पूर्णिमा गहलोद, शाजापुर की कुमारी सौम्या मालवीय, महाराष्ट्र वर्धा की कु. योगिता सतपाल, सतना की श्रीमती शुभांगी श्रीवास्तव और श्रीमती सुभद्रा सिंह, जबलपुर की कु. कंचन दाहिया और श्रीमती भावना तिवारी, रतलाम की सुनेहा सोलंकी, सागर के ओजस्वा यादव और अमित जाटव, बालाघाट के विजय राज सोनवे, रीवा के संजय रत्नाकर, सीहोर मुकेश कुमार और दीपेश सिसोदिया, विदिशा के विनोद रायकवार, बैतूल के हेमंत प्रधान, मुरैना के अक्षय चौहान, रीवा के देशराज वर्मा, भोपाल के शुभम पांचाल, श्योपुर के जयकुमार रेगर, सिवनी के आशीष कोरी और सीधी के राजेश कुमार पटले को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।  

विज्ञापनों पर असम सरकार ने खर्च किए 370 करोड़ रुपए , मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी

असम असम में भाजपा की सरकार ने पिछले 4 सालों में विज्ञापनों पर भारी खर्च किया है। राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री, पीयूष हजारिका ने बुधवार को विधानसभा में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने पिछले 4 वित्तीय वर्षों में विज्ञापनों पर 370 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। हजारिका ने बताया कि 2016 से 2021 तक असम के मुख्यमंत्री रहे सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 2016-17 से लेकर पांच वित्तीय वर्षों में विज्ञापनों पर कुल 125.6 करोड़ रुपए खर्च किए थे। सरकार के कार्यकाल के दौरान, विज्ञापनों पर खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। 2020-21 में सोनोवाल सरकार ने विज्ञापनों पर 30.24 करोड़ रुपए खर्च किए थे, जबकि 2021-22 में जब हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, तो यह खर्च बढ़कर 72.83 करोड़ रुपए हो गया। इसके बाद, सरमा सरकार के तहत हर साल विज्ञापनों पर खर्च बढ़ता ही गया। 2022-23 में यह खर्च 78.85 करोड़ रुपए तक पहुंच गया और 2023-24 में यह बढ़कर 160.92 करोड़ रुपए हो गया। इसी तरह, वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक विज्ञापनों के लिए 59.72 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा, मंत्री हजारिका ने यह भी बताया कि 2015-16 में, जब असम में तरुण गोगोई की सरकार थी, तो विज्ञापनों पर 18.58 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। इसके बाद जब बीजेपी की सरकार आई और सर्बानंद सोनोवाल ने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो अगले साल ही विज्ञापनों पर खर्च बढ़कर 26.88 करोड़ रुपए हो गया।  

प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला बजट : मंत्री कुशवाह

भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का 2025-26 का बजट विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होने वाला बजट है। बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी इस बात को परिलक्षित करती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है, किसान की आय को दोगुना करने के लिए आवश्यक है कि कृषि के साथ उद्यानिकी और फिर खाद्य प्र-संस्करण को सशक्त बनाया जाये। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण के लिए 547 करोड़ का प्रावधान किया गया जो, गतवर्ष से 23 करोड़ रूपये अधिक है। प्रदेश में फल, फूल एवं सब्जी के उत्पादन के लिए नवीनतम प्रणालियाँ तथा इन उत्पादों के बेहतर विपणन व मूल्य के लिए खाद्य प्र-संस्करण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत4 हजार 416 इकाईयां स्थापित की गई है। राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन में 100 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की भावना के तहत भी राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट के लिये 4654 करोड़ का प्रावधान किया गया जो गत वर्ष से 50 करोड़ रूपये अधिक है। उन्होंने कहा राज्य शासन की मंशा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना तथा राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के माध्यम से 55 लाख 60 से अधिक हितग्राहियों को सहायता प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में राज्य सरकार द्वारा 4066 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही वरिष्ठजन और दिव्यांगजन भाईयों को तीर्थ यात्रा जैसे पुनित कार्य के लिये 50 करोड़ का प्रावधान स्वागत योग्य है। अभी तक 8 लाख से अधिक वरिष्ठजनों को तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।  

ICC अवॉर्ड जीतकर सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने रचा इतिहास, मिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद भारत के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल की बांछें खिल गई हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को गिल को प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड से नवाजा। उन्हें फरवरी महीने में शानदार प्रदर्शन की वजह से सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी चुना गया। गिल ने ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स को पछाड़कर अवॉर्ड जीता। वह तीसरी बार आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ बने हैं और इतिहास रच डाला। दरअसल, गिल सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार हासिल करने वाले वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने ओवरऑल लिस्ट में पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम की बराबरी कर ली है। बाबर ने भी अब तक तीन बार पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड अपने नाम किया है। 25 वर्षीय गिल ने पिछले महीने पांच वनडे मैचों में 101.50 की औसत और 94.19 के स्ट्राइक रेट से 406 रन बनाए। उन्होंने फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में दो अर्धशतक और एक शतक लगाकर भारत को 3-0 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नागपुर में खेले गए पहले वनडे में 87, कटक में खेले गये दूसरे मैच में 60 और अहमदाबाद में तीसरे वनडे में 112 रन की पारी खेली। उन्होंने अहमदाबाद में 102 गेंद की पारी में 14 चौके और तीन छक्के जड़कर वह प्लेयर ऑफ द मैच के साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे। उन्होंने इस शानदार लय को चैंपियंस ट्रॉफी में भी जारी रखा। गिल ने दुबई में भारत के पहले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 101 रन और पाकिस्तान के खिलाफ 46 रनों का योगदान दिया। बता दें कि भारत के उपकप्तान और नंबर वन वनडे बल्लेबाज गिल ने चैंपियंस ट्रॉफी में पांच मैचों में 47.00 की औसत से कुल 188 रन बटोरे। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया, जिसमें गिल के बल्ले से 31 रन निकाले। गिल ने इससे पहले 2023 में दो बार (जनवरी और सितंबर) आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीता था। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अभी तक दो बार यह अवॉर्ड हासिल किया है। गिल ने कहा, ”मैं फरवरी के लिए आईसीसी पुरुष प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड जीतकर बहुत खुश हूं। बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करने और अपने देश के लिए मैच जीतने से ज्यादा मुझे कुछ प्रेरणा नहीं देता।” वहीं, ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर अलाना किंग फरवरी 2025 की आईसीसी महिला प्लेयर ऑफ द मंथ चुनी गईं।

इस महीने लागू होगा 8वां वेतन आयोग, 50 हजार रुपए से अधिक हो सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी

नई दिल्ली अगर सैलरी की बात करें तो 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 1.92 से 2.08 के बीच फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है। केंद्र सरकार ने जनवरी माह में 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी थी। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनधारकों की पेंशन में बंपर इजाफा होगा। वहीं इस घोषणा के बाद से सरकारी कर्मचारी 8वां वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं। कितनी बढ़ेगी सैलरी? अगर सैलरी की बात करें तो 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 1.92 से 2.08 के बीच फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर 2.86 को मंजूरी देगी। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.08 तय होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary) 18,000 रुपए से बढ़कर लगभग 37,440 रुपए हो सकती है। इसी तरह, पेंशन 9,000 रुपओ से बढ़कर 18,720 रुपए तक हो सकती है। वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक तय किया जाता है, तो सैलरी में करीब 186% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में न्यूनतम सैलरी 51,480 रुपये और पेंशन 25,740 रुपए तक बढ़ सकती है।   कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग पहले कहा जा रहा था सरकार 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू कर सकती है। लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि 8वां वेतन आयोग लागू करने में कुछ देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि अगर 8वां वेतन आयोग लागू होने में देरी होती है तो सरकार सभी कर्मचारियों को देरी की अवधि के बराबर एरियर यानि पूरे बकाए का भुगतान करेगी। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि 8वां वेतन आयोग लागू करने के लिए पर्याप्त समय है क्योंकि एक साल पहले ही इसकी घोषणा कर दी गई है। 

प्रधानमंत्री के चार संकल्प पर आधारित प्रदेश के समावेशी विकास का बजट : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चार संकल्प गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता और नारी शक्ति का सर्वांगीण विकास है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा है कि आज प्रस्तुत बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का बजट है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि बजट में सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचति प्रावधान किये गए हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए गत वर्ष की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। इससे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी। मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल उपार्जन पर बोनस के भुगतान के लिए एक हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में 89 लाख हितग्राहियों को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गए हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे हितग्राही जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित रह गये हैं, उन्हें राज्य सरकार की गैर उज्ज्वला योजना में शामिल किया गया है। इन दोनों योजनाओं के लिए 442 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के किसानों को धान उपार्जन के लिए 4 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर के मान से प्रोत्साहन राशि देने के लिए 850 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। श्री राजपूत ने बताया कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 625 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। डबल फोर्टिफाइड़ आयोडिन युक्त नमक के वितरण के लिए 140 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के संकल्प से बदल रही तस्वीर खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के औद्योगिक विकास के संकल्प से मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल रही है। हाल ही में संपन्न जीआईएस से प्राप्त 27 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव से प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की नई इबारत लिखी जा रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के युवा, अन्नदाता, मातृशक्तियों एवं गरीब कल्याण की दिशा में आर्थिक संबल प्रदान करना है। प्रदेश के 19 उत्पादों को जीआई टैग मिलने का जिक्र करते हुये कहा कि समावेशी विकास में जुटी मोहन सरकार अब सुशासन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुये जिला विकास समिति का गठन का निर्णय लेकर अब जिला स्तर पर विकास का रोड़ मैप तैयार करने का संकल्प लिया है। श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री समृद्धि परिवार योजना, मुख्यमंत्री वंदन ग्राम योजना, प्रधानमंत्री जन-मन योजना, मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना तथा सोलर पार्क के विकसित होने पर प्रसन्न्ता जाहिर करते हुये कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश रोजगार और विकास के नये स्वरूप में नजर आयेगा।

मंत्री प्रहलाद पटेल ईएसआईसी क्षेत्रीय परिषद की 91वीं बैठक में हुए शामिल

भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण और उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आगामी समय में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री श्री पटेल बुधवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की क्षेत्रीय परिषद की 91वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में बुधनी (नर्मदापुरम) तथा नेमावर में नई डिस्पेंसरी की स्थापना, जबलपुर में 100 बिस्तरों के आधुनिक अस्पताल की योजना, ईएसआई अस्पतालों में भर्ती रोगियों के बीमा संबंधी मुद्दे एवं अन्य आवश्यक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

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