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रायपुर : सूरजपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कई मामले में अर्थदंड अधिरोपित

रायपुर सूरजपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा उत्खनन वाले ईलाकों में सतत् निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से पुल-पुलिया व एनीकट के आसपास अवैध खनिज उत्खनन पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। खनिज विभाग की टीम ने रामानुजनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर एवं पवनपुर में अवैध रूप से खनिज मिट्टी के उत्खनन के दो मामलों में कार्यवाही करते हुए 1,23,450 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसी क्रम में, 06 मार्च को वाहनों की जांच के दौरान प्रेमनगर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम ब्रम्हपुर में खनिज मिट्टी के एक मामले में 14,596 रुपये तथा 07 मार्च को ग्राम नमदगिरी एवं छठ घाट सूरजपुर में खनिज ईंट के अवैध परिवहन के दो मामलों में 27,350 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इन तीनों मामलों में कुल 41,946 रुपये का जुर्माना वसूल कर खनिज मद में जमा कराया गया। इसके अलावा, रामानुजनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत नकना में अवैध रूप से खनिज मिट्टी का उत्खनन कर ईंट निर्माण का मामला पकड़ा गया। इस मामले में श्री टीपनारायण साहू, श्री ठाकुरदयाल साहू, श्री प्रवीण साहू एवं श्री प्रमोद कुमार राजवाड़े के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर भट्ठे को जब्त कर लिया गया है। साथ ही, मौके पर ईंट पकाने के लिए डंप किए गए खनिज कोयले के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25, विकास पथ पर तीव्र गति से बढ़ रहे मध्यप्रदेश के कदमों का प्रमाण है। विभिन्न सूचकांक प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रतीक हैं। प्रदेश की प्रगति में सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों के सहयोग सकारात्मक दृष्टिकोण का भी योगदान शामिल है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहाँ एक ओर वर्ष 2023-24 में प्रचलित भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 13 लाख 53 हजार 809 करोड़ रूपए था, वहीं इसमें 11.05% की वृद्धि हो गई है। सकल घरेलू उत्पाद अब बढ़कर 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपए पहुँच गया है। यह प्रगति प्रदेश की सशक्त अर्थव्यवस्था और समग्र विकास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी दिशा में हमने वर्ष 2028-29 तक सकल घरेलू उत्‍पाद को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2024-25 प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता और समग्र प्रगति का द्योतक है। वर्ष 2023-24 में स्थिर भावों पर मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्‍पाद 6 लाख 71 हजार 636 करोड़ रूपए था, जो 6.05% की वृद्धि के साथ वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7 करोड़ 12 लाख 260 करोड़ रूपए हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नव शक्ति प्रदान कर विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण नागरिकों की समृद्धि को परिभाषित करने वाला है। मध्‍यप्रदेश की प्रति व्‍यक्ति आय का उल्लेख करें तो यह वर्ष 2024-25 में प्रचलित भावों पर 1 लाख 52 हजार 615 रूपए हो गई है। स्थिर भाव पर भी वर्ष 2024-25 में प्रति व्‍यक्ति आय 70 हजार 434 रूपए है। प्रदेश सरकार आर्थिक समृद्धि और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सर्वेक्षण प्रदेश सरकार की सशक्त आर्थिक नीतियों और निरंतर विकासशील अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है। मध्‍यप्रदेश के सकल मूल्यवर्धन में प्रचलित भावों पर वर्ष 2024-25 में क्षेत्रवार हिस्‍सेदारी क्रमश: प्राथमिक क्षेत्र में 44.36 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र में 19.03 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 36.61 प्रतिशत रही है। यह आंकड़े मध्यप्रदेश की संतुलित और निरंतर प्रगतिशील अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं, जहाँ सरकार के प्रयासों से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों में समुचित विकास हो रहा है।  

रायपुर : दंतेवाड़ा के जैविक कृषक अपनाएंगे एआई तकनीक

रायपुर : दंतेवाड़ा के जैविक कृषक अपनाएंगे एआई तकनीक कृषि क्षेत्र में आएगा क्रांतिकारी बदलाव रायपुर दंतेवाड़ा जिले के जैविक किसान अब अपनी खेती में आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर खेती को अधिक उत्पादक और कुशल बनाएंगे। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और कृषि अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में फसल निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन तक में एआई तकनीक के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सैटेलाइट इमेजिंग’ और ‘ड्रोन एआई’ तकनीक के माध्यम से फसल की स्वास्थ्य स्थिति, मिट्टी की गुणवत्ता और पानी की आवश्यकता का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। दंतेवाड़ा जिले में एआई तकनीक का यह प्रयोग न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी मील का पत्थर साबित होगा। एआई आधारित मॉडल के माध्यम से फसलों में रोग और कीटों की पहचान कर समय पर समाधान किया जा सकेगा। एआई आधारित सिस्टम मिट्टी की नमी और मौसम की स्थिति के आधार पर स्वचालित सिंचाई को नियंत्रित करेगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यील्ड प्रेडिक्शन एआई मॉडल’ के माध्यम से ऐतिहासिक डेटा और मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फसल उत्पादन का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा। एआई बाजार की मांग और कीमतों का विश्लेषण कर किसानों को फसल बिक्री के लिए बेहतर मार्गदर्शन देगा। बुवाई, निराई, कटाई और छंटाई जैसे कार्यों में एआई आधारित ‘रोबोट्स’ का उपयोग श्रम लागत को कम करने में सहायक होगा। एआई के जरिये पशुओं के स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी कर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। कार्यशाला में बताया गया कि एआई तकनीक जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी कारगर है, जिससे बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान लगाकर किसानों को समय पर सतर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर जिला प्रशासन से अलका महोबिया, सूरज पंसारी (उपसंचालक, कृषि), आकाश बढ़वे (भूमगादी संचालक), मीना मंडावी (सहायक संचालक, उद्यान), केवीके के सहायक संचालक धीरज बघेल, भोले लाल पैकरा सहित 150 से अधिक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि मित्र, जैविक कार्यकर्ता एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग कल सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग बुधवार को अपेक्स बैंक परिसर के समन्वय भवन में सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे। मंत्री श्री सारंग इसी के साथ ई-पेक्स के लिए एक दिवसीय हैंड्स ऑन रिफ्रेशर प्रशिक्षण सह संवेदीकरण कार्यक्रम के आयोजन का शुभारंभ भी करेंगे। प्रशिक्षण में सहकारिता विभाग, जिला बैंक एवं पेक्स के लगभग 650 प्रतिभागी शामिल होंगे। सहकारिता विभाग में कार्यरत विभिन्न कर्मचारियों के आकस्मिक देहावसान के बाद उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिये मंत्री श्री सारंग के निर्देशन में एक अभियान के रूप में कार्रवाही प्रारंभ की गई है। इन सभी कर्मचारियों के दस्तावेजों को बुलाकर समय सीमा में उनका सत्यापन करा लिया गया है। विभाग के विभिन्न जिलों में रिक्त पदों पर सहायक ग्रेड-3 के ऐसे कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदाय की जा रही है। मंत्री श्री सारंग अनुकंपा नियुक्ति के 25 आदेश प्रदान करेंगे। इससे विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के सभी पात्र प्रकरणों का निराकरण हो जायेगा और विभाग में सहायक ग्रेड-3 के रिक्त पदों की पूर्ति भी हो जायेगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य शासन कर्मचारियों के हितों को लेकर संवेदनशील है।  

होली के अवसर पर आरपीएफ ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए

भोपाल होली के अवसर पर पश्चिम मध्‍य रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा व्यापक सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है। सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी उपाय सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को और तेज कर दिया गया है। आरपीएफ द्वारा स्टेशनों के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए डिजिटल निगरानी तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। इसके अलावा, मेटल डिटेक्टर्स और बैगेज स्‍कैनर मशीनों का प्रयोग यात्रियों के सामान की जांच के लिए किया जा रहा है। संदिग्ध एवं नशीली वस्तुओं की जांच स्टेशन परिसर में संदिग्ध सामान या वस्तुएं पाए जाने पर उनकी तुरंत और गहन जांच की जाएगी। आरपीएफ के जवान संदिग्ध वस्तुओं और बैगों की चेकिंग HHMD एवं डॉग स्‍कॅाड के साथ कर रहे हैं। आरपीएफ द्वारा ट्रेनों और स्टेशनों पर नशीली वस्तुओं के सेवन या शराब पीने जैसे विघटनकारी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करें। सुरक्षा बल की तैनाती पश्चिम मध्‍य रेलवे के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल के साथ साथ रेलवे सुरक्षा विशेष बल के जवान तैनात किए गए हैं। इन जवानों को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से संबंधित विशेष ब्रीफिंग भी की जा रही है ताकि वे किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। सुरक्षा गश्त और यात्री मार्गदर्शन स्टेशन परिसर में आरपीएफ के जवान निरंतर गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान की जा सके। साथ ही, यात्रियों को सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए वे उन्हें सुरक्षा संबंधित जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। RPF यह सुनिश्चित करेगा कि होली के इस पर्व के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुर्जगों की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा जाए। असभ्य व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ ने यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा प्रबंधों का पालन करें, अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का तुरंत संज्ञान लेकर रेलवे सुरक्षा बल/जीआरपी/हेल्‍प लाईन 139 पर सूचित करें। होली के इस पावन पर्व पर, आरपीएफ ने पूरी तरह से प्रतिबद्धता दिखाते हुए पश्चिम मध्‍य रेलवे के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधों का इंतजाम किया है, ताकि यात्री बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा आराम से कर  सकें।रेलवे सुरक्षा बल, सभी यात्रियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें सुरक्षित यात्रा करने की सलाह देता हैं।

केंद्र एवं राज्य पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान करेगी

भोपाल प्रदेश की सौ से अधिक जनसंख्या वाली ग्रामीण बसाहटों को राज्य सरकार शहरी सड़कों से जोड़ेगी। इसके लिए केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं जैसे पीएम ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन योजना, सीएम ग्राम सड़क योजना, सुदूर ग्राम सड़क संपर्क योजना आदि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान की जा रही है। ऐसी ग्रामों की बसाहटें जो बारहमासी सड़कों से कनेक्टेड नहीं हैं, उनका चिह्नांकन का कार्य एमपी इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाइट मैप से किया है और अब इनका भौतिक सत्यापन मैदानी स्तर पर किया जाना है।   पंचायत स्तर पर सत्यापन के बाद जिला स्तर पर होगा मंजूर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि वे संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से ऐसी ग्रामीण बसाहटों का भौतिक सत्यापन कराएं। जिसमें पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक, सचिव को लगाया जाए जो संपर्कता सर्वे मोबाइल एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करें। जिला स्तर पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एप में रजिस्टर भौतिक सत्यापन को एप्रूव(मंजूर) करेंगे एवं दैनिक प्रगति से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराएंगे।  

होली के त्यौहार के दिन दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर दोपहर 2:30 बजे तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी

नई दिल्ली होली के दिन दोपहर 2:30 बजे से मेट्रो ट्रेन सेवाएं शुरू होंगी। होली के त्यौहार के दिन यानी 14 मार्च को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर दोपहर 2:30 बजे तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इस प्रकार 14 मार्च को सभी लाइनों पर टर्मिनल स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन सेवाएं दोपहर 2:30 बजे शुरू होंगी और उसके बाद सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, जानें क्या करें और क्या नहीं

देश भर में फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन होली से एक दिन पहले होलिका दहन की जाती है. होलिका दैत्यराज हिरण्यकश्यप की बहन थी. होलिका भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को लेकर आग्नि में बैठी थी, ताकि प्रहलाद अग्नि में जल जाए, लेकिन राक्षसी होलिका ही अग्नि में जल गई. होलिका दहन में लोग राक्षसी होलिका को जलाने का जश्न मनाने के लिए आग जलाते हैं. होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. होलिका दहन होली के एक दिन पहले होता है, इसलिए इसको छोटी होली भी कहा जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन अवश्य करना चाहिए. ऐसे में आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस साल होलिका दहन कब है. साथ ही जानते हैं कि इस दिन क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए. कब है होलिका दहन? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगी. वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन का मुहूर्त 13 मार्च को रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन के लिए कुल 1 घंटे 4 मिनट का समय मिलेगा. होली 14 मार्च को खेली जाएगी. होलिका दहन के दिन सबसे पहले सुबह के समय होलिका के पूजन का विधान है. यह पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें. इस दिन व्रत या उपवास भी रखा जा सकता है. इस दिन घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाएं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है. इस दिन सुबह होलिका की पूजा में सरसों, तिल, 11 गोबर के उपले, अक्षत, चीनी और गेहूं के दाने और गेहूं का उपयोग करें. पूजा करने के बाद होलिका की 7 बार परिक्रमा करें. फिर जल दें. इसके बाद दान करें. इस दिन दान करना शुभ होता है. होलिका दहन के दिन क्या न करें? हो​लिका दहन के दिन भूल से भी किसी को उधार नहीं दें. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जो भी इस दिन उधार देता है उसके घर में आने वाली बरकत रुक जाती है. होलिका दहन की पूजा करते समय काले और सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें. पूजा के समय इन रंगों को पहनना अशुभ बताया गया है. होलिका दहन की पूजा में महिलाएं भूलकर भी बाल नहीं बांधें. खुले बालों से होलिका की पूजा करें. होलिका दहन की रात को सड़क पर पड़ी चीज को हाथ या पैर लगाएं. इस दिन टोटके का खतरा ज्यादा होता है. नवविवाहिता ससुराल में पहली होली पर होलिका दहन की आग न देखे. ये अशुभ माना गया है.

एमपी के 2,383 स्कूलों में अभी व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देने की तैयारी में सरकार

भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। नए सत्र से प्रदेश के 700 हायर सेकंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में 700 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नए ट्रेड में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। प्रचार-प्रसार के निर्देश जारी     वर्तमान में 2,383 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या तीन हजार से अधिक हो जाएगी।     इन पाठ्यक्रमों में कृषि, डेयरी विकास, कंस्ट्रक्शन ट्रेड के तहत मेशन सहायक, कंस्ट्रक्शन पेंटर और फैशन डिजाइनिंग के तहत असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन डिजाइनर, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट पढ़ाया जाएगा।     इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। नौवीं व 12वीं में ये पाठ्यक्रम संचालित वर्तमान में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नौवीं व 10वीं में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेक्नीशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेल स्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड, फूड एंड बेवरेज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लंबर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजुकेशन जैसे विषय शामिल हैं। वहीं, 11वीं व 12वीं में जूनियर साफ्टवेयर डेवलपर, सोलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीवी व फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा प्रदेश में वर्तमान में 2,383 स्कूलों में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए 4700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।

हाईकोर्ट ने किया बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण, मां के साथ बेटियां तो अवैध हिरासत नहीं

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने कहा कि बेटियां अपनी मां के साथ हैं, तो अवैध हिरासत नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने साफ किया कि यह प्रकरण अवैध हिरासत का नहीं, बल्कि वैवाहिक विवाद का है। राजधानी भोपाल अंतर्गत नवीन नगर निवासी लोकेश पटेल ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष से रूपेश चौरसिया सहित अन्य ने पत्नी नेहा पटेल व दो नाबालिग बेटियों को बंधक बना लिया है। लिहाजा, मुक्त कराया जाए। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस को दोनों नाबालिग बेटियों को पेश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने दोनों नाबालिग बेटियों को उनकी मां के साथ न्यायालय में पेश किया। पत्नी नेहा ने हाई कोर्ट को बताया कि कुछ व्यक्तिगत मुद्दों के कारण वह याचिकाकर्ता पति के साथ रहने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने खुद ही दोनों बेटियों के साथ पति का घर छोड़ दिया है। वह अपने पति के घर नहीं जाना चाहती हैं। हाई कोर्ट ने अनावेदक पत्नी के जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए अपने आदेश में कहा कि यह अवैध हिरासत का नहीं, बल्कि वैवाहिक विवाद का मामला है। याचिकाकर्ता को वैवाहिक मुद्दों के लिए कानून के अनुसार उचित कार्यवाही की स्वतंत्रता है।

प्रदेश में 27 हजार शिक्षकों को ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा

भोपाल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में अध्ययन के स्तर और दक्षता को सुधारने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ब्रिज कोर्स का संचालन कर रहा है। इसके लिये हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित विषय के 9 हजार 312 रिसोर्सपर्सन तैयार किये गये हैं। इनका प्रशिक्षण भोपाल के वाल्मी संस्थान में फरवरी माह में कराया जा चुका है। प्रदेश में 4 हजार 200 हाई स्कूल और 4 हजार 100 हायर सेकेण्डरी सरकारी स्कूल हैं। अब इन स्कूलों में हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षण देने की व्यव्स्था मार्च माह से शुरू कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 27 हजार शिक्षकों को ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ब्रिज कोर्स के माध्यम से सरकारी स्कूलों को ड्रॉप-आउट दर को कम करने में मदद मिलेगी। ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अप्रैल माह में और 16 जून से 20 जुलाई तक ब्रिज कोर्स का संचालन करेंगे। ब्रिज कोर्स का संचालन सभी सरकारी हाई और हायर सेकण्डरी स्कूलों में होगा। इसके साथ ही इन 3 विषयों के अलावा विज्ञान एवं संस्कृत विषय की पढ़ाई भी इन बच्चों को कराई जायेगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल में लगने वाली ब्रिज कोर्स की समय-सारणी भी तैयार की है। बेसलाइन टेस्ट ब्रिज कोर्स के दौरान ही 5 और 12 अप्रैल को इन विद्यार्थियों का बेस लाइन टेस्ट अंग्रेजी, गणित और हिन्दी में लिया जायेगा। बेस लाइन टेस्ट पेपर 31 मार्च को स्कूल शिक्षा विभाग के “विमर्श” पोर्टल पर अपलोड कर दिये जायेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। तय तिथियों में जो विद्यार्थी किन्ही वजह से टेस्ट नहीं दे पायेंगे, उनके लिये अलग व्यवस्था की गई है। बेस लाइन टेस्ट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधित शिक्षकों द्वारा उसी दिन किये जाने की व्यवस्था की गई है। बेस लाइन टेस्ट में कम दक्षता वाले विद्यार्थियों के लिये अंग्रेजी, हिन्दी और गणित विषय के ब्रिज कोर्स की व्यवस्था की गई है। एंडलाइन टेस्ट सरकारी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में ब्रिज कोर्स की समाप्ति पर 20 जुलाई के बाद विद्यार्थियों की गुणवत्ता जांचने के लिये एंडलाइन टेस्ट की भी व्यवस्था की जा रही है। यह टेस्ट 21 से 25 जुलाई के बीच होगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिये हैं। ब्रिज कोर्स की मॉनिटरिंग के लिये 3 स्तर पर राज्य, संभाग और जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जायेगी। जिला शिक्षा अधिकारी को प्रति माह कम से कम 10 विद्यालयों में मॉनिटरिंग किये जाने के लिये कहा गया है। उनके इस कार्य में जिला परियोजना समन्वयक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मदद करेंगे। जिला स्तर पर होगा मूल्यांकन ब्रिज कोर्स संचालन के दौरान जिला स्तर के अधिकारी रेन्डमली कम से कम 10 प्रतिशत विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जिला स्तर पर बुलाकर पुन: मूल्यांकन करेंगे। इन बच्चों की दक्षता सुधार के लिये लोक शिक्षा संचालनालय स्तर पर वर्ष भर सतत् प्रयास किये जायेंगे।  

समूह की महिलाओं ने साझा किया सृजनात्मक कार्यों का अनुभव

उत्तर बस्तर कांकेर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विकासखण्ड भानुप्रतापपुर के ग्राम भानबेड़ा में महिला शक्ति संकुल संगठन द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी उपस्थित थीं। उक्त कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने उपस्थित समूह के महिला सदस्यों से चर्चा करते हुए ज्यादा से ज्यादा लखपति दीदी बनने एवं सशक्तिकरण पर विशेष प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने ज्योति स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती दुलेश्वरी गौर से उनकी आजीविका संबंधी गतिविधि की जानकारी ली। समूह के सदस्य ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद सिलाई का कार्य व मुर्गीपालन का कार्य कर आजीविका प्राप्त कर रही हैं। भानबेड़ा की सुरभि स्व-सहायता समूह के सदस्य सविता कदम ने बताया कि वे समूह से जुड़ने के पश्चात् सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, साथ ही कृषि व लाख उत्पादन जैसे गतिविधि कर आजीविका उपार्जन कर रही है। इसी तरह ग्राम भैंसाकन्हार से मछलीपालन कर रही सरस्वती दीदी से चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ से सी.एल.एफ. के पदाधिकारी द्वारा भवन की मांग की गई, जिस पर उन्होंने भवन की मांग को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। साथ ही समूहों को सशक्त बनाने विशेष रूप से प्रयास करने की बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हेमन्त ध्रुव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती झरना ध्रुव, स्थानीय सरपंच श्रीमती ममता ठाकुर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

साल का पहला ग्रहण 14 मार्च को, भारत में दिखेगा या नहीं ? राशियों पर कैसा असर? जानें डेट टाइम और डिटेल्स

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की तरह ग्रहण का बड़ा महत्व माना जाता है। खास करके धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना गया है। साल 2025 का पहला चन्द्र ग्रहण 14 मार्च 2025 फाल्गुन मास की पूर्णिमा को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।इस दिन होलिका दहन भी होगा। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 09 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 29 मिनट तक चलेगा। यह पूर्ण चन्द्र ग्रहण होगा लेकिन भारत में नहीं दिखाई देंगे, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। 14 मार्च को साल का पहला ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं ? राशियों पर कैसा असर? जानें डेट टाइम और डिटेल्स भारत को छोड़कर इन देशों में दिखेगा चन्द्र ग्रहण यह ग्रहण भारत को छोड़कर  ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग यूरोप अफ्रीका के अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका में दिखाई देगा, ऐसे में सूतककाल ग्रहण के 12 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। कब लगता है चन्द्र ग्रहण?     चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।     पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। राशियों पर कैसा रहेगा असर?     सिंह राशि के लिए 2025 का पहला चंद्र ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा। आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है । इस अवधि में संभलकर रहने की जरूरत है।     मकर राशि वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य ,करियर और व्यवसाय के लिए अनुकूल नहीं है। मीन राशि पर भी नकारात्मक रहेगा। परिवार को लेकर चिंतित हो सकते है।     मिथुन, वृषभ, कर्क और कुंभ के लिए ग्रहण अच्छा फल देना वाला साबित हो सकता है। ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?     ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।     सूर्य ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।     भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा न करें। सूर्य ग्रहण के दौरान खाना-पीना बिल्कुल न खाएं।     खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें।     ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध किया जाता है।     गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से     बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।

भोपाल से जबलपुर होते हुए रीवा तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस फिर धूम मचा रही, ट्रेन फिर तूफानी रफ्तार से दौड़ने लगी

रीवा भोपाल से जबलपुर होते हुए रीवा तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस फिर धूम मचा रही है. ट्रेन का पिछले ही महीने झांसी कोच फैक्ट्री में रिपेयर व मेकओवर पूरा हुआ था, जिसके बाद ये यह ट्रेन फिर तूफानी रफ्तार से दौड़ने लगे हैं. गौरतलब है कि सितंबर में रीवा-भोपाल वंदे भारत के इंजन व कोच में समस्याओं के साथ ट्रेन को रिपेयर के लिए भेज दिया गया था. हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना था कि ट्रेन को शेड्यूल रिपेयर के हिसाब से मरम्मत के लिए भेजा गया. क्या हुए रीवा-भोपाल वंदे भारत में बदलाव? ट्रेन नंबर 20173 भोपाल-जबलपुर-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस मेंटनेंस के बाद फिर चमचमाती हुई नजर आने लगी है. पिछले महीने ट्रेन की मरम्मत और ब्यूटीफिकेशन का काम झांसी रेल नवीनीकरण कोच में पूरा हुआ था. इस दौरान ट्रेन के इंटीरियर और बाहर लुक्स को फिर नए जैसा बना दिया गया है. अंदर खराब हुई सीटों, इंटीरियर और अन्य फीचर्स को फिर बहाल किया गया है. वहीं कोच को बाहर लुक्स, टूटे हुए कांच बदलकर ट्रेन को फिर नए जैसा लुक दिया गया है. 130 की रफ्तार से फिर हुआ था ट्रायल रन पश्चिम मध्य रेलवे के मुताबिक ट्रेन नंबर 20173 भोपाल रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजर और कोचों की मरम्मत के बाद फिरसे ट्रायल रन किया गया था. फरवरी में झांसी रेल कोच नवीनीकरण फैक्ट्री के डिप्टी सीएमई नितिन पचौरी की मौजूदगी में ट्रेन का डबरा से सोनगिर के बीच 130 की रफ्तार में ट्रायल रन लिया गया था, जिसके बाद इसे फिर भोपाल रवाना किया था. 4.15 घंटे में जबलपुर, 8.05 घंटे में रीवा रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस पहले की तरह हवा से बातें करते हुए भोपाल से जबलपुर और रीवा पहुंचती है. इस ट्रेन को जबलपुर से भोपाल पहुंचने में महज 4 घंटे 15 मिनट लगते हैं. ट्रेन दोपहर 3.30 बजे रानी कमलापति स्टेशन से प्रस्थान कर शाम 7.45 पर जबलपुर पहुंच जाती है. वहीं रात 11.35 पर ये रीवा पहुंचती है. भोपाल से रीवा के बीच यह ट्रेन नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर और सतना में रुकती है. कितना है भोपाल-जबलपुर-रीवा वंदे भारत का किराया? ट्रेन नंबर 20173 भोपाल रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस से अगर आप भोपाल से रीवा सफर करते हैं तो चेयर कार में 1495 रु और एग्जीक्यूटिव क्लास में 2760 रु देने पड़ते हैं. वहीं भोपाल से जबलपुर तक के सफर में चेयर कार में 1120 रु और एग्जीक्यूटिव क्लास में 1985 रु चुकाने पड़ते हैं.  

बजट में आज किसानों को गेहूं, धान, श्रीअन्न के उत्पादन के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित, 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां

भोपाल आज 12 मार्च यानी बुधवार को विधानसभा में मोहन सरकार का दूसरा बजट प्रस्तुत होगा। जाहिर है कि मोदी सरकार के बजट की रोशनी में इसे तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान मंत्र पर आधारित रहेगा। ज्ञान यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी। इसके लिए चार मिशन भी लागू किए जा चुके हैं। अब बजट में पूर्व से संचालित योजनाओं में प्रावधान किए जाएंगे। वहीं, किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ करने की घोषणा हो सकती है। इसमें गेहूं, धान और श्रीअन्न के उत्पादन पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। 2025-26 में एक लाख पदों पर होंगी भर्तियां     युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अगले दो वर्ष में ढाई लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती का रोडमैप भी प्रस्तुत किया जा सकता है। 2025-26 में एक लाख पदों पर राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाएं कराकर भर्तियां की जाएंगी।     मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्र हैं। एक करोड़ से अधिक खातेदार कृषक हैं, जिनमें 67 प्रतिशत लघु और सीमांत हैं। किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से इतर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।     अब इसके लिए जितने भी प्रावधान होंगे, वे सब कृषक उन्नति योजना में किए जाएंगे। कैबिनेट योजना को मंजूरी दे चुकी है। इसके प्रविधान कृषि बजट में किए जाएंगे। उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक सिंचाई क्षमता का विस्तार सरकार की प्राथमिकता में है।     इसे ध्यान में रखते हुए केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो योजना के लिए राज्यांश बढ़ाएगी। उल्लेखनीय है कि दोनों नदी जोड़ो परियोजना का हिस्सा हैं, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।     सिंचाई क्षमता 50 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लिए जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट प्रावधान बढ़ाया जाएगा। अधोसंरचना विकास पर रहेगा जोर सरकार को जोर पिछले वर्षों की तरह इस बार भी अधोसंरचना विकास पर रहेगा। दरअसल, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए औद्योगिकीकरण आवश्यक है। इसके लिए नए औद्योगिक केंद्र विकसित किए जाएंगे तो सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम होगा। नगरीय क्षेत्रों में डेढ़ हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग उन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बनाएगा, जो पूर्व से स्वीकृत हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी के साथ करने के लिए बजट आवंटित किया जाएगा। विभाग को दस हजार करोड़ रुपये से अधिक बजट मिल सकता है। इसी तरह स्कूल और कॉलेजों का बजट भी बढ़ाया जाएगा ताकि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। आवास के लिए पांच हजार करोड़ रुपये सूत्रों का कहना है कि आने वाले तीन वर्षों में 30 लाख से अधिक आवास शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में दस लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। इसके लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।

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