LATEST NEWS

762 राजस्व न्यायालयों के लिए 163 करोड़ 22 लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री डिजिटल सशक्तिकरण योजना के तहत 25 करोड़ 85 लाख रुपए का नवीन मद

रायपुर : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए 3890 करोड़ 67 लाख से अधिक की अनुदान मांगे पारित दीनदयाल भूमिहीन कृषि कल्याण योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित 762 राजस्व न्यायालयों के लिए 163 करोड़ 22 लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री डिजिटल सशक्तिकरण योजना के तहत 25 करोड़ 85 लाख रुपए का नवीन मद राहत और आपदा प्रबंधन हेतु 1552 करोड़ 69 लाख से अधिक का आबंटन खेल एवं युवा कल्याण के लिए 190 करोड़ 51 लाख रुपए का प्रावधान स्वारायपुर मित्व योजना: 55 हज़ार से अधिक स्वामित्व कार्ड का वितरण रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3890 करोड़  67 लाख 95 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।इसमें भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन विभाग के लिए 2158 करोड़ 65 लाख 81 हज़ार रुपए,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 65 हज़ार रुपए, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय के लिए 1552 करोड़ 69 लाख 39 हज़ार रुपए और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 152 करोड़ 83 लाख 10 हज़ार रुपए शामिल हैं।      भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय और खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वअजय चंद्राकर, रामकुमार यादव, अम्बिका मरकाम,प्रबोध मिंज,कुंवर सिंह निषाद,रिकेश सेन और धर्मजीत सिंह ने भाग लिया।       राजस्व मंत्री ने बजट प्रस्ताव पर वर्तमान की उपलब्धियां एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि  राजस्व ऐसा विभाग है जिसमें सर्वस्व समाहित है, अर्थात शासन की अधिकांश योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्व विभाग के माध्यम से ही होता है। राजस्व विभाग आमजनों को त्वरित बेहतर प्रमाणिक भू-अभिलेख दस्तावेज उनकी आवश्यकता पर उन्हें सहज एवं सरल ढंग से उपलब्ध हों सके और इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं, नियमों एवं विभाग द्वारा प्रकाशित अधिनियमों में सुधार एवं उन्नयन की प्रक्रिया को अपना रहें है। इसके लिए भू-राजस्व एवं जिला प्रशासन के लिए इस बजट में 2158 करोड़ 65 लाख 81 हजार रुपए का प्रावधान किया है। वहीं शासकीय मुद्राणालय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 75 हजार रूपये की राशि प्रावधानित है। इस बजट में पुर्नवास के लिए 2 करोड़ 86 लाख 38 हजार रूपये की व्यवस्था की गई है वहीं राहत कार्य के लिए 1552 करोड 59 लाख 39 हजार की राशि बजट में रखा है। इस प्रकार कुल 3740 करोड़ 86 लाख 59 हजार रुपए का मांग प्रस्ताव विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए रखा है।       इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड वितरण का कार्य  विभाग द्वारा जनवरी 2025 को किया जा रहा है। इस योजना में 55 हजार से अधिक प्रापर्टी कार्डस वितरण किया गया। दीनदयाल भूमिहीन कृषि कल्याण योजना  के तहत वर्ष 2024-25 में  कुल 05 लाख 62 हजार 112 पात्र परिवारों में से 05 लाख परिवारों को 500 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में जमा की गई। शेष पात्र परिवारों को भी  योजना का लाभ अतिशीघ्र देने हेतु सरकार संकल्पित है। राजस्व विभाग द्वारा डिजीटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण का कार्य क्रमशः पूर्णतः की ओर अग्रसर है। पटवारी नक्शों का जियो रेफ्रेसिंग के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बटवारा, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार सहित अनेक सेवाओं को आमजनता को उपलब्ध करा रहें है। इसी तरह डिजीटल क्राप सर्वें का कार्य राज्य के 26 जिलों के 13 हजार 313 ग्रामों में किया गया है। राजस्व विभाग की आय को समृद्ध करने के लिए वार्षिक भू-भाटक की 15 वर्ष की राशि एक साथ जमा करने पर आगामी 15 वर्षों के लिए भुगतान में छुट दी जा रही है। राजस्व वसूली के अंतर्गत राजस्व विभाग को 606.29 करोड़ की राशि प्राप्त हुई। विभागीय कार्यालयों के रख-रखाव के लिए 40 करोड़ का नवीन मद, तहसील कार्यालय बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा एवं खैरागढ़ में नवीन तहसील कार्यालय भवन निर्माण हेतु प्रत्येक तहसील के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह प्रदेश में कम्प्यूटर फर्नीचर एवं अन्य उपकरणों के लिए 11 करोड़ 21 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के 762 राजस्व न्यायालयों के लिए विभाग ने 163 करोड 22 लाख का नवीन मद रखा है, वहीं मुख्यमंत्री डिजीटल सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 25 करोड़ 85 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में स्थापित नकल शाखा के दस्तावेजों के डिजीटाइजेशन हेतु 05 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।     मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में राज्य आपदा मोचन (एस.डी.आर.एफ.) के लिए 533.60 करोड़ रुपए एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन (एन.डी.आर.एफ.) के लिए 50 करोड़ रुपए, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एस.डी.एम.एफ.) के रूप में 133.40 करोड़ रुपए, निर्देशन और प्रशासन हेतु  3.26 करोड़ रुपए, आपदाओें का विश्लेषण एवं योजना तैयार करने हेतु रूपये 0.58 करोड़ तथा ऋण हेतु रूपये 0.20 करोड़ वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधान किया गया है। इसी तरह विभाग के माध्यम से पुर्नवास के तहत आयुक्त कार्यालय स्थापना व्यय हेतु इस वर्ष 62.30 लाख रूपये प्रावधानित किया है वहीं कार्यालय कमाण्डेंट माना शिविर जिला रायपुर हेतु    213 लाख का बजट प्रावधानित किया गया है।     मंत्री टंक राम वर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 50 करोड़ रूपए की राशि प्रावधानित की गई है। इस वर्ष बजट में खेल अकादमी के लिए 13 करोड 47 लाख रूपए की राशि प्रस्तावित की गई है। सरकार परंपरागत और अन्य खेलों को समान रूप से महत्व देते हुए राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ स्थानीय खेलों को भी खेल के मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है। पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया था। सरकार और खेल  विभाग के इस प्रयास को बस्तर में एक नये युग के आंरभ का संकेत कहा है। बस्तर के सुदूर अंचल में रहने वाले वनवासियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। बस्तर में खेलों के विकास के लिए एक नया वातावरण बना है। बस्तर ओलंपिक की सफलता को ध्यान में रखते हुए बजट में इस वर्ष 05 … Read more

खाद्य विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने खाद्य सामग्री का किया निरीक्षण

डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या के निर्देशानुसार आज खाद्य विभाग एवं राजस्व  विभाग की संयुक्त टीम ने आगामी त्यौहारों के मद्देनजर नगर के मिष्ठान भंडारों की जांच की। संयुक्त टीम ने नर्मदा पुल पार, मुड़की रोड एवं बस स्टैंड की दुकानों में खाद्य पदार्थो की एक्सपायरी डेट, खाद्य पदार्थों में मिलावट आदि बिन्दुओं की जांच की। जांच के दौरान एक दुकान पर एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री प्राप्त किए जाने पर मौके पर ही नष्ट कराया गया। निरीक्षण में खाद्य सामग्री जैसे- बूंदी, नमकीन, लड्डू आदि के सैम्पल लिए गए एवं दुकानदारों को साफ सफाई ,पैकिंग  डेट, अच्छी गुणवक्ता का खाद्य पदार्थ ही वितरण करने हेतु समझाइश दी गयी। उक्त निरीक्षण के दौरान तहसीलदार श्री आरपी मार्को, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री आशीष तुरकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

लाइफ में परफेक्ट निर्णय लेने में ये ट्रिक्स देंगे मदद

हम रोजाना की लाइफ में कई फैसले लेते हैं। वहीं कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जिसमें हम थोड़ा बहुत सोचते हैं। अधिकतर लोग इस तरह के फैसले लेने में कंफ्यूज होते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको इन 4 तरीकों को अपनाएं। ऐसा करके आप आसानी से परफेक्ट फैसला ले सकेंगे। वैसे तो हर एक फैसला सोच-विचार के साथ ही लेना चाहिए क्योंकि जब भी कोई फैसला लिया जाता है तो फायदे, नुकसान, परिणाम और सभी विकल्पों पर विचार किया जाता है। लेकिन ज्यादा सोचने से आप निर्णय लेने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। बहुत ज्यादा सोचने से आप ऐसा निर्णय ले सकते हैं जो आप नहीं लेना चाहेंगे। आप जितना ज्यादा सोचेंगे आपको निर्णय लेने में कंफ्यूजन हो सकता है। इसलिए बहुत अधिक सोचने से बचें। अपने निर्णय के विपरीत की सोचें आपको जो अंतिम निर्णय लगता है उस पर आगे बढ़ने से पहले फैसले के बिल्कुल विपरीत पर विचार करें। अपने निर्णयों के बारे में कॉन्फिडेंट होना जरूरी है। हमेशा दूसरे विकल्पों के बारे में सोचें। ऐसा करने से आपको विश्वास मिलेगा की आप सही निर्णय ले रहे हैं या नहीं। अपनी गलतियों का सामना करें अपनी गलतियों का सामना करना आसान नहीं है। जब निर्णय लेने का समय हो, तो पिछली समान स्थितियों के बारे में सोचें जब आपने गलती की होगी। पता लगाएं कि आपने क्या किया या क्या नहीं किया जिससे आपकी गलती हुई। अपनी गलतियों का सामना करके आपको एहसास होगा की निर्णय लेते समय किन गलतियों से बचना चाहिए। दबाव में स्पष्ट रूप से सोचना मुश्किल होता है। कभी-कभी आपका पहला विचार सबसे अच्छा नहीं होता। इसलिए अपने आप को कुछ समय के लिए किसी समस्या पर बैठने का मौका दें ताकि आप अपने विकल्पों पर विचार कर सकें।

प्रयास शिक्षा समिति के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम बर्रई में प्रयास का सराहिनी प्रयास

प्रयास शिक्षा समिति के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ग्राम बर्रई में प्रयास का सराहिनी प्रयास कार्यक्रम में महिलाओं ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां  मंडला जिले के दूरस्थ अंचल में बसे ग्राम सिझौरा में वर्षो से सेवाए दे रही राष्ट्रपति पुरुष्कार पुरष्कृत महिला श्रीमति उत्तरा पड़वार  शिक्षा स्वास्थ्य के साथ साथ सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से नारी उत्थान के लिए सराहानी कार्य करती आ रही है महिलाओं को ग्राम विकास हेतु जागरूक करने का काम निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में श्रीमती उत्तर पड़वार द्वारा किया जा रहा है इन्हीं कार्यों के दरमियां सन 2016 में उत्तर पड़वार को महिला सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है मंडला जिले के एक छोटे से गांव सिझोरा की राष्ट्रीय पहचान बनी समाज सेविका उत्तरा पड़वार सतत ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक ग्राम में महिला समूह बनाकर गांव को समस्या मुक्त कर रही हैं इन्हीं महिलाओं द्वारा 8 मार्च को मंडला जिले के विकासखंड मवई के ग्राम बर्रई में प्रयास शिक्षा समिति के तत्वाधान में विशाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया इस आयोजन में ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की तादाद में ग्रामीण महिलाओं ने भागीदारी निभाई कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत बर्रई की सरपंच श्रीमती कुंती कुलेश जी ने की एवं मुख्य अतिथि समाजसेविका श्रीमती उत्तरा पड़वार रहीं उक्त कार्यक्रम में मंडला जिले के बिछिया विकासखंड मवई विकासखंड घूघरी विकासखंड के अलावा डिंडोरी जिले के अमरपुर एवं समनापुर विकासखंड के विभिन्न ग्रामों से महिलाओं ने शिरकत की तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया      समाजसेवीका उत्तरा पड़वार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की शिक्षा ही वह रास्ता है जिससे समाज के सभी वर्गों का उत्थान संभव है जिसमें बालिका शिक्षा महिला सशक्तिकरण का मूल आधार है प्रयास शिक्षा समिति के संरक्षक श्री अशोक पड़वार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा महिला दिवस 8 मार्च को मनाने की परंपरा कब से और कहां से प्रारंभ हुआ इस पर ग्रामीण महिलाओं को विस्तार से इनके द्वारा बताया गया मंचासीन विशिष्ट अतिथियों में क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सावित्री धूमकेती तथा प्राचार्य कन्या परिसर पड़रिया बिछिया श्री आत्मजीत सिंह अहलूवालिया आदि ने भी महिला सुरक्षा से लेकर उनके सशक्तिकरण पर अपने संबोधन पर जोर दिया कार्यक्रम के अंत में सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्ष सरपंच श्रीमती कुंती कुलेश ने आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज सेविका श्रीमती उत्तरा पड़वार के अलावा जिला पंचायत सदस्य सावित्री धूमकेती जनपद सदस्य कस्तूरिया मार्को (जनपद सदस्य मवई) श्रीमती इंद्रावती सोनवानी( जनपद सदस्य घूघरी)भूतपूर्व सरपंच श्री हरी कुलेश जी  भूतपूर्व सैनिक श्री बुधराम उईके के अलावा ग्रामीण संगठन के मुखिया  साथी रोशनी  जानकी  ,आरती भारती, सुखमत ,ललिता ,संगीता श्यामकली ,चंपा जयंती राजकुमार मरावी रोहित , बालचंद  ,दिनेश  महेश आदि लोगों का कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय योगदान रहा   कार्यक्रम का सफल मंच संचालन संगठन के मुखिया साथी श्री राजकुमार सोनवानी एवं माया के द्वारा किया गया ।

मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त 50 आवेदनों की हुई सुनवाई

डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनी। आवेदकों द्वारा विभिन्न समस्याओं से संबंधित 50 आवेदन प्रस्तुत किये गए, जिनका त्वरित निराकरण किया। जिन आवेदन पत्रों का निराकरण नहीं हो पाया, उनके लिए आवेदकों को समय सीमा दी गई। आज जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत अनिल कुमार राठौर, अपर कलेक्टर सुनील शुक्ला, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।          जनसुनवाई में आवेदक ग्राम गोरखपुर निवासी शिवम साहू ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि विद्युत विभाग द्वारा बिना रीडिंग किए 18 महीनों से अनियमित रूप से बिजली बिल भेजा जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने उक्त आवेदन की जांच कर उचित कार्यवाही करने हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए। इसी प्रकार से ग्रीन सिंघवाहिनी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष केरा बाई और सचिव द्वासा बरौतिया ने बताया कि वह मध्यान बॉयज एमएस प्राइमरी किसलपुरी ईपीएसई में मध्यान भोजन संचालित करती थी, जिसे किसी अन्य को दे दिया गया है। उन्होंने पुनः मध्यान भोजन संचालन करने की मांग की। ग्राम कुकर्रामठ निवासी रामप्रकाश ने हल्का पटवारी एवं तहसीलदार के द्वारा नामांतरण/प्रमाणीकरण न करने की शिकायत करते हुए नामांतरण/प्रमाणीकरण कराने की मांग की। अरविंद कुमार बैरागी निवासी ग्राम मटियारी ने आवेदन प्रस्तुत करते हुए पेयजल परिवहन का भुगतान कराने की मांग की।  ग्राम चांदरानी निवासी संतराम में अधिक बिजली बिल भेजने की शिकायत करते बिजली बिल कम कराने की मांग की। कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने उक्त उक्त प्रकरण का निराकरण करने के ईईएमपीईबी को निर्देशित किया और इस प्रकरण को टीएल में जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का प्राथमिकता से निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया। साथ ही आवेदनों का निराकरण कर आवेदकों को सूचित करने को कहा।        जनसुनवाई में आज राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित पेयजल, भूमि सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना, उपचार सहायता आदि के संबंध में आवेदन प्राप्त हुए।

रेलवे बोर्ड ने रेल भवन में उत्साह के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

compromised at salkanpur devi mandir ropeway

 भोपाल  भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन के विचार (सम्मेलन हॉल) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (आईडब्ल्यूडी) समारोह मनाया। इस कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया तथा लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई, जिसमें लगभग 300 महिला अधिकारियों ने भाग लिया। रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) सुश्री रूपा श्रीनिवासन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की अध्यक्षता की, जबकि रेलवे बोर्ड के सचिव ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। समारोह के दौरान विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें एक नाटक, स्वास्थ्य चर्चा, योग प्रदर्शन, नृत्य और गीत प्रदर्शन, प्रश्नोत्तरी और अंताक्षरी शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए निबंध और कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकारों को मेरिट सर्टिफिकेट और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। ये प्रतियोगिताएँ 3 मार्च 2025 को आयोजित की गईं। पुरस्कार विजेता इस प्रकार हैं:  निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री एलिस आर. टिर्की, संयुक्त निदेशक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री लावण्या सिंह, अनुभाग अधिकारी  कला प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री हर्षिता सिंह, निजी सहायक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री कंचन कश्यप, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ खेल महिला पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री बिधिशा भट्टाचार्य, सांख्यिकी निरीक्षक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री प्रियंका, एमटीएस तृतीय पुरस्कार: सुश्री ईशा, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकार पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री जे. निरुपमा, प्रधान स्टाफ अधिकारी द्वितीय पुरस्कार: सुश्री बी. मोहनन, प्रधान स्टाफ अधिकारी तृतीय पुरस्कार: सुश्री निधि चौहान, निजी सहायक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के एक भाग के रूप में, 7 मार्च 2025 को उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल के सहयोग से रेलवे बोर्ड कार्यालय की महिला कर्मचारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कुल 167 महिला कर्मचारियों ने स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया।

जनहित से संबंधित आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण करें – कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा

जनसुनवाई में प्राप्त हुए 75 आवेदन      मंडला   जिला योजना भवन में सम्पन्न हुई जनसुनवाई में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने 75 आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए उनके समुचित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से संबंधित आवेदनों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय सीमा में निराकरण करें। इस दौरान कलेक्टर ने पिछली जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि प्रकरणों का यथोचित निराकरण कराएं। जिन आवेदनों पर निराकरण संभव नहीं है उन पर स्पष्ट टीप दर्ज करें। जनसुनवाई में विभाग प्रमुख स्वयं अनिवार्यतः उपस्थित हों, अतिविशिष्ट परिस्थितियों को छोड़कर प्रतिनिधि स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सम्पन्न हुई जनसुनवाई में खैरी माल निवासी लक्ष्मीकांत परमार ने बेटरी वाली ट्राईसाईकिल प्रदान करने के संबंध में, ज्वालाजी वार्ड महाराजपुर निवासी नीलू धनगर ने समग्र आईडी में पता परिवर्तित कराने के संबंध में, सालीवाड़ा के कृषक विद्युत आपूर्ति पूर्ण कराने, पांडीवारा निवासी विनोद मरावी ने विद्युत बिल की राशि कम कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम सहित संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

CM साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में  छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की पुनर्गठन पश्चात पहली बैठक विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।   बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिषद की पहली बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32% है, और उनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है।उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण हेतु विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण एवं विकास हेतु देवगुड़ी के साथ-साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार हेतु आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। हम सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुँचाएँ।उन्होंने परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक विकास और प्रशासनिक सुधार को लेकर ठोस सुझाव दिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रस्तावों पर त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए एवं अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतिगत सुधारों का वास्तविक लाभ जनजातीय समुदाय तक पहुँचे। यह बैठक जनजातीय समाज के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या एवं सुविधाओं में वृद्धि, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता एवं जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने हेतु विशेष योजनाएँ लागू करना,जनजातीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ लागू करना शामिल है। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुलता उसेण्डी, श्रीमती शंकुतला सिंह पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, श्रीमती रायमुनी भगत, श्रीमती गोमती साय, विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रणव कुमार मरपच्ची, विक्रम उसेण्डी, आशाराम नेताम, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, चैतराम अटामी सहित मनोनित सदस्य रघुराज सिंह उईके एवं कृष्ण कुमार वैष्णव उपस्थित थे। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया , सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त पदुम सिंह एल्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

भू माफिया अशोक गोयल को पुलिस भोपाल से किया गिरफ्तार

भोपाल गांधीनगर पुलिस भोपाल ने किया गिरफ्तार, भू माफिया अशोक गोयल धारा 420 के तहत किसान के साथ फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार। आपको बता दें कि अशोक गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामलों में EOW और भोपाल के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं। जिसमें पुलिस की कार्यवाही जारी है ।    

प्रदेश की 18 यूनेस्को विश्व धरोहर में 15 टेंटेटिव और 3 स्थाई सूची में शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि यूनेस्को ने प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरों को सीरियल नॉमिनेशन के तहत टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया है। सम्राट अशोक के शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेला शासकों के महल और किलो को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में घोषित होना प्रमाणित करता है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। पिछले वर्ष भी यूनेस्को ने प्रदेश की 6 धरोहरों, ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खुनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला स्थित रामनगर के गोंड स्मारक और धमनार का ऐतिहासिक समूह को टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया था। मध्यप्रदेश में अब यूनेस्को द्वारा घोषित 18 धरोहरों है। जिसमें से 3 स्थाई और 15 टेंटेटिव सूची में है। यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में प्रदेश के खजुराहो के मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं एवं सांची स्तूप यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल स्थायी सूची में शामिल है। वहीं यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में मांडू में स्मारकों का समूह, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और चंदेरी भी शामिल है। यह उपलब्धि हमारी धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर एमपी टूरिज्म बोर्ड, संस्कृति विभाग, पुरातत्वविदों, इतिहास प्रेमियो, संस्थाओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है जिन्होंने ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में अमूल्य योगदान दिया हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नए आयाम तक पहुंचाएगी और हमारे गौरवशाली अतीत को नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि हम सब मिलकर अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध रहें और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख मौर्य कालीन अशोक के शिलालेख स्थल भारत के प्राचीनतम लिखित अभिलेख हैं। इन शिला और स्तंभ लेखों में सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म, शासन और नैतिकता से संबंधित संदेश अंकित हैं, जो 2,200 से अधिक वर्षों से संरक्षित हैं। मध्य प्रदेश में पर्यटक साँची स्तंभ अभिलेख, जबलपुर में रूपनाथ लघु शिलालेख, दतिया में गुज्जरा लघु शिलालेख और सीहोर में पानगुरारिया लघु शिलालेख को शामिल किया गया हैं। चौंसठ योगिनी मंदिर प्रदेश में 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच निर्मित चौंसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक परंपराओं का प्रतीक हैं। इन मंदिरों की गोलाकार, खुले आकाश के नीचे बनी संरचनाएँ, जटिल शिल्पकला और आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय हैं। इसमें खजुराहो, मितावली (मुरैना), जबलपुर, बदोह (जबलपुर), हिंगलाजगढ़ (मंदसौर), शहडोल और नरेसर (मुरैना) के चौसठ योगिनी मंदिर को शामिल किया गया है। उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर प्रदेश में सांची, उदयगिरि (विदिशा), नचना (पन्ना), तिगवा (कटनी), भूमरा (सतना), सकोर (दमोह), देवरी (सागर) और पवाया (ग्वालियर) में स्थित गुप्तकालीन मंदिर को यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया है।  गुप्तकालीन मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं। मंदिर उत्कृष्ट नक्काशी, शिखर शैली और कलात्मक सौंदर्य को प्रदर्शित करते हैं। बुंदेला काल के किला-महल बुंदेला काल के गढ़कुंडार किला, राजा महल, जहाँगीर महल, दतिया महल और धुबेला महल, राजपूत और मुगल स्थापत्य कला के बेहतरीन संगम को दर्शाते हैं। ये महल बुंदेला शिल्पकला, सैन्य कुशलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अद्भुत मिसाल हैं।

विमानतल पर स्टाइलिश लुक में नजर आईं शिल्पा शेट्टी, नाम लिखा बैग किया फ्लॉन्ट

मुंबई शिल्पा शेट्टी, बॉलीवुड की उन एक्ट्रेस में शामिल हैं जिनका स्टाइल और फैशन हमेशा से चर्चा का विषय बना रहता है. एक्ट्रेस ना केवल इवेंट्स और पार्टी में अपने अलग-अलग लुक्स से लोगों का मनमोह लेती हैं, बल्कि उनका एयरपोर्ट लुक भी स्टाइलिश होता है. शिल्पा अच्छे से जानती हैं कि सिंपल से एयरपोर्ट लुक को किस तरह से स्टाइल करना है. शिल्पा का लेटेस्ट एयरपोर्ट लुक इसका हालिया उदाहरण है. मुंबई एयरपोर्ट पर हाल ही में शिल्पा को स्पॉट किया गया. इस दौरान एक्ट्रेस ने मैचिंग डेनिम सेट पहना और इसके साथ एक कस्टमाइज्ड फैंसी बैग कैरी किया, जो उनके लुक को एक शानदार टच दे रहा था. चलिए जानते हैं शिल्पा एयरपोर्ट पर क्या पहने दिखीं. शिल्पा ने एयरपोर्ट लुक के लिए वाइट कलर का रिब्ड क्रॉप टॉप पहनना चुना. इसे उन्होंने लॉन्ग ट्रेंच-स्टाइल कोट के साथ स्टाइल किया. मेलोड्रामा द्वारा डिजाइन किए गए इस  डेनिम कोट में ब्लू और वाइट पैचवर्क की डिटेलिंग थी. इस कोट की 27,600 रुपये बताई जा रही है. अपने लुक को शिल्पा ने मैचिंग जींस के साथ कंप्लीट किया, जो उनके लुक को परफेक्ट बना रहा था. एक्ट्रेस की यह जींस, जैकेट की तरह ही डिजाइन की गई थी. यह वाइड-लेग फिट कार्गो-पैंट शिल्पा के लुक को और ज्यादा स्टाइलिश बना रही थी. शिल्पा की यह कार्गो-पैंट भी मेलोड्रामा ब्रांड की है, जिसकी कीमत 19,000 रुपये है. यह ना केवल शिल्पा के लुक से परफेक्टली मैच कर रही थी, बल्कि उनके स्टाइल को निखार भी रही थी. शिल्पा ने अपने लुक के लिए वाइट स्नीकर्स के साथ पेयर किया. उन्होंने सनग्लासेज भी पहने हुए थे. हालांकि, जो एक चीज शिल्पा के लुक में लग्जरी एड करने का काम कर रहा था वह उनका कस्टमाइज्ड बैग था. एक्ट्रेस ने गोयार्ड ब्रांड का टोट बैग कैरी किया, जिस पर SSK (शिल्पा शेट्टी कुंद्रा) लिखा था. शिल्पा ने लुक के साथ नैचुरल मेकअप फ्लॉन्ट किया.

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकस्वरूप, जशपुर जिले में स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग – मधेश्वर पहाड़ का छायाचित्र एवं बस्तर आर्ट शैली में निर्मित नंदी की प्रतिकृति भेंट कर रविशंकर का अभिनंदन किया। रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि इस बार वे अपने साथ 1000 वर्ष पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित शिवलिंग के अवशेष लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक शिवलिंग के अवशेष को सदियों से एक अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था। अब वे इसे पूरे देश में दर्शनार्थ श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का पावन कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने खंडित शिवलिंग के दर्शन किए और आस्था प्रकट की। पूर्व में केबिनेट में लिए गए निर्णय अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रविशंकर के मध्य छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच हुए एमओयू को लेकर भी चर्चा हुई।  एमओयू का उद्देश्य आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के समग्र कल्याण सहित ग्रामीण विकास के विविध  पहलुओं से जुड़ा है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया। शंखनाद महासत्संग का न्योता रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘शंखनाद महासत्संग’ कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए रविशंकर जी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित परिवार के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

मंत्री कप क्रिकेट महाकुंभ : फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब बना राहतगढ़ मंडल का चैंपियन

भोपाल सागर जिले की सुरखी विधानसभा में चल रहे मंत्री कप क्रिकेट महाकुंभ के तहत मंगलवार को राहतगढ़ मंडल के सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब राहतगढ़ और झिला आर.डी.एक्स. क्रिकेट क्लब के बीच रोमांचक फाइनल मुकाबला खेला गया। इस मैच में फ्रेंड्स क्रिकेट क्लब राहतगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच के दौरान स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री राजपूत ने विजेता टीम को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा, मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज के पुरस्कार भी वितरित किए गए।। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सागर कलेक्टर संदीप जी.आर. और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए परिचय लिया। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह क्रिकेट महाकुंभ आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, मेहनत और टीम वर्क सिखाता है। इस तरह के टूर्नामेंट से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भविष्य में हमारे क्षेत्र के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करेंगे। इस प्रतियोगिता से निकले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को सागर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वह खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को और निखार सके। उन्होंने सुरखी विधानसभा के युवा क्रिकेट प्रेमियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने की भी बात कही।  

एमएसएमई विभाग के लिए 1075 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्तावित

भोपाल वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने  राज्य विधानसभा में 19,206 करोड़ 79 लाख 52 रूपये का वर्ष 2024-25 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत किया है। इसमें एमएसएमई विभाग के लिए 1075 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान प्रस्तावित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने इस बजट प्रावधान के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के प्रयासों से प्रदेश में निवेश और औद्योगिकीकरण को नई गति एवं दिशा प्राप्त होगी। प्रदेश में रोजगार की नई संभावना में वृद्धि होगी और संपूर्ण प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। अनुपूरक अनुमान में यह राशि एमएसएमई प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना के तहत पिछले वर्षों के बकाया भुगतान के लिए प्रस्तावित है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के मूल बजट में 694 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। प्रथम अनुपूरक अनुमान में 400 करोड़ रूपये का आवंटन प्राप्त हुआ था, जिसका वितरण सिंगल क्लिक से संबंधित इकाईयों को किया जा चुका है। द्वितीय अनुपूरक अनुमान और पूर्व में आवंटित राशि को मिलाकर विभाग के लिये इस वित्तीय वर्ष में 2169.80 करोड़ रूपये का कुल बजट प्रावधान हो जायेगा। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिगत विभाग के लिये पहली बार इतने बजट का प्रावधान किया गया है।  

आज आरजीपीवी में सृजन कार्यक्रम का तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार करेंगे शुभारम्भ

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार आज इनोवेट एमपी मिशन के अंतर्गत “सृजन (एसआरआईजेएएन)” कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे। मंत्री श्री परमार “सृजन” कार्यक्रम की सूचना विवरणिका (इन्फॉर्मेशन ब्रॉशर) का विमोचन भी करेंगे। यह शुभारम्भ कार्यक्रम भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अपराह्न 3 बजे आयोजित होगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार के मार्गदर्शन में, तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत सृजन कार्यक्रम का सूत्रपात किया गया है, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल को इस कार्यक्रम की नोडल एजेंसी बनाया गया है। सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्त इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक एवं उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को वर्त्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विकसित किये गए नवीन प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को चिन्हित करने एवं उन्हें भविष्य में प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए पूर्ण सुविधा प्रदान करने का प्रयास है। सृजन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप की स्थापना को भी प्रोत्साहित करेगा। सृजन कार्यक्रम का मूल उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet