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प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा, 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम

रायपुर : बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम   रायपुर बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।          उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी,  हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल,  हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि)  जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर  मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा  शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहा बस्तर  जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया। सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है।

डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से “मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला  20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है। कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक अबिनाश दास और देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया। डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके। लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा विशेषज्ञों द्वारा “आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क”, “डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स” और “लॉजिकल फ्रेमवर्क” विषयों पर गहन परिचर्चा की गई।    राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें। डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि  मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” मुख्यमंत्री के सलाहकार  डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।  योजना विभाग  के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि  निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।

राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में हो रहा है हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से हो रहा विकास राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ मुख्यमंत्री ने तराना में नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो-उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण परियोजना के शुभारंभ के साथ ही 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर हो रहे है कार्य आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी दो बहुउद्देशीय बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ है। आज नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से नर्मदा का जल तराना में आया है। सूखे खेतों में पानी पहुंचेगा तो सोने जैसी फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार 489 करोड़ 65 लाख रूपये की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्य माइक्रो बहुउद्देशीय परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को उज्जैन जिला प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इसमें शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, तराना विधायक महेश परमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तराना में जल संसाधन विभाग के 9.64 करोड़ रूपये लागत के इंदौर हाई लेवल ब्रिज, 5 करोड़ 73 की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 करोड़ 21 लाख रूपये लागत की 11 नल जल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 7 करोड़ 15 लाख रूपये लागत के उप-स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ग्राम कडेरी में हाई स्कूल भवन निर्माण का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास हो रहा है। भारत आज विश्व में सबसे सशक्त देश बनकर उभरा है। भारत की आज पूरी दुनिया में कीर्ति है, सम्मान है। हर क्षेत्र में हम तरक्की कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में आज हमारे पास सबसे आधुनिक हथियार और उपकरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, यहां 250 से अधिक नदियां है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों से विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदी विवादों को सुलझा कर नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। अब विवाद समाप्त हो गया है और परियोजना मूर्त रूप ले रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों में सहमति के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रूपए की राशि दी जाती है। हमारी सरकार इस वर्ष से 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार ने 10 गाय पालने वालों को भी अनुदान राशि और दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर अनुदान देने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में राज्य को नंबर वन बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2029 तक इतनी अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएगी। स्थानीय निकाय चुनाव में प्रदेश में महिलाओं को 50% तथा नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाएगा। महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट्स का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देगी। हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिलेगा। हम 1 वर्ष में लगभग 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों साल से सत्ता, धर्म सत्ता के अधीन चलती है। यह संस्कृति सनातन संस्कृति के नाम से जानी जाती है। राजा, महाराजा, सम्राट सब धर्म आधारित समाज के अधीन है। हमारी संस्कृति भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के नाम से जानी जाती है। भगवान राम ने हमारे प्रदेश के चित्रकूट धाम में 11 साल व्यतीत किये। चित्रकूट धाम को हम अयोध्या की तरह विकसित करेंगे। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की प्रदेश के विभिन्न स्थानों, जहां-जहां लीलाएं हुई है, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए सभी व्यवस्थाएं करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि साधु-संतों एवं श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट न हो। नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के मुख्य बिंदु नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30 हजार 218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना एवं घटिया के कुल 83 ग्रामों की 27 हजार 490 हेक्टेयर तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के कुल 17 ग्रामों की 2728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना का कुल कमाण्ड क्षेत्र 30 हजार 218 हेक्टेयर है। परियोजना अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय से (जिला खंडवा के ग्राम बड़ेल के समीप) 03 मीटर व्यास की पाईप लाईन से 15 घन मीटर प्रति सेकण्ड की दर से 435 मीटर की ऊंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। परियोजना की मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। जल उद्वहन के लिये 06 पंपिंग स्टेशन में कुल 50 पंप मोटर्स … Read more

उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव  मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया। मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे।

समना विकासखण्ड को तहसील बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीरांगना रानी अवंती बाई के अद्भुत साहस और पराक्रम को देखकर अंग्रेज दहशत में रहते थे। उनके बलिदान दिवस पर नमन कर हम सभी उन्हें कृतज्ञता पूर्वक स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर डिंडौरी में बालपुर स्थित समाधि स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान व्यक्तित्व के धनी अल्पायु में ही ऐसे काम कर जाते हैं, जिससे कि वे सदैव इतिहास में स्मरण किये जाते है। उन्होंने बताया कि अवंती का अर्थ है, ‘जिसका कभी अंत न हो।’ वीरांगना रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों की हड़प नीति के विरोध में मात्र 26 वर्ष की आयु में आजादी का झण्डा बुलंद करते हुए प्राणोत्सर्ग कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले का समना विकासखंड को तहसील बनाया जायेगा। मुख्यमत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के शौर्य और पराक्रम का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि यह वीरांगनाओं और वीरों की धरती है।यहाँ रानी दुर्गावती, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई, राजा रघुनाथशाह एवं कुंवर शंकरशाह जैसे महान व्यक्तित्व जन्मे हैं। रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और राजा रघुनाथ शाह एवं कुंवर शंकरशाह ने अपने सीमित संसाधनों से देश व स्वाभिमान के लिये अंग्रेजी शासन के खिलाफ जमकर लोहा लिया। उन्होंने तात्कालिक समय में कठिन परिस्थतियों में सिर्फ आत्म सम्मान, राष्ट्रभक्ति को लेकर समाज को एक नई दिशा दी। रानी अवंती बाई का चरित्र से हमें सीख मिलती है कि डलहौजी की हडप नीति के विरोध में उन्होंने अपनी शासन की रक्षा की।उनके इस योगदान के कारण लोधी समाज सहित सम्पूर्ण समाज रानी अवंती बाई को पूजता है। महापुरूषों की गौरव गाथा स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले महान लोगों की गौरव गाथा को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है। ऐसे महापुरूषों की गौरव गाथाओं को समाज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी भी महापुरूषों की शौर्य गाथाओं से परिचित हो सकें। भगवान बिरसा मुंडा सहित अन्य वीर इस बात के प्रतीक हैं। जनजातीय समाज के लिए बिरसा मुंडा भगवान हैं। उनके जन्मदिन पर जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। वीरांगना रानी दुर्गावती की योगदान याद करने के लिए जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन की पहली केबिनेट आयोजित की। जनजातीय गौरव को ध्यान में रखते हुए खरगोन विश्वविद्यालय का नाम क्रांतिसूर्य टंटया मामा के नाम पर किया गया। किसान गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हित में कई बडे फैसले लिए हैं। श्रीअन्न (मोटे अनाज) के लिए एक हजार रूपए प्रति क्विंटल, धान के लिए 4 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर, गेंहू के लिए 2600 प्रति क्विंटल राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। 10 से ज्यादा गौ-पालन करने के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे गौ-पालन और दुग्ध उत्पादन को बढावा मिलेगा। प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है। डिंडौरी में दुग्ध आधारित उद्योगों के साथ ही लघु उद्योग, मध्यम उद्योग, कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग लगाएंगे। रानी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष को मना रहे हैं, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्या बाई के आदर्शों के सभी पक्षों को लेकर समाज में जा रहे हैं, जिसके आधार पर गरीब, युवा, किसान और नारी के कल्याण कार्यों को कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने रानी अवंती बाई की शहादत की इस पुण्य भूमि में सभी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि रानी अवंतिबाई जैसा पराक्रम इतिहास में कम मिलता है। अंगेजों के शासनकाल में रानी अवंतीबाई ने जनमानस के लिए कर वसूली के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई, रानी ने 26 वर्ष की उम्र में अपने पराक्रम का परिचय देते हुए, आज से 150 से अधिक वर्ष पहले बताया कि न्याय और परोपकार की भावना के साथ हम हर कार्य कर सकते है। संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रानी अवंती बाई का पराक्रम असाधारण एवं अद्भुत है। रानी अवंती बाई ने 1857 की क्रांति में भाग लेकर अपने राज्य की रक्षा कर अंग्रेज अधिकारी वाडिंग्टन को भगाया। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश परस्ते ने अपने सम्बोधन में रानी अवंती बाई के बलिदान की शौर्यगाथा का वर्णन किया।क्षेत्र के विकास सौगात के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। डिंडौरी जिले को मिली सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेंहदवानी से आईटीआई तक डामरीकरण का कार्य, शहपुरा में 132 केव्ही. का सब स्टेशन निर्माण, दनदना, राघो, नागदमन, गोरखपुर जलाशयों के पक्की नहरीकरण कार्य, नर्मदा तट पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कार्य, मूसरघाट से शहडोल मार्ग, समनापुर में तहसील कार्यालय का क्रियान्वयन, गौराकन्हारी में कन्या छात्रावास, नेवसा वाटरफॉल के समीप गाजर नदी पर बांध बनाये जाने की सौगात दी। हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत राहुल केशरवानी को 2 करोड़ 27 लाख स्वीकृत राशि राइस मिल के लिए, सीसीएल के तहत मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह सहित 2482 स्व-सहायता समूहों को 53 करोड़ 80 लाख की राशि, पीएमएफएमई योजना के तहत अमृता, संतोषी स्व-सहायता समूह को फ्लोर मिल के लिए 7 लाख रूपए की राशि का हितलाभ वितरण मंच से किया गया। उक्त कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, चमरू सिंह नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे, तोक सिंह नरवरिया, मनोहर ठाकुर, गिरीश द्विवेदी, होशियार सिंह नरेन्द्र सिंह राजपूत, अवधराज बिलैया, पंकज तेकाम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आज सुरक्षाबलों ने बीजापुर-गंगालूर और कांकेर-नारायणपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें 26 नक्सली बीजापुर-गंगालूर में और 4 नक्सली कांकेर-नारायणपुर में ढेर हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है। यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा, जब तक प्रदेश पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री साय ने इस ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान की शहादत को नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका यह त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा। 2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन – संकल्प की ओर तेज़ी से अग्रसर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की यह सफलता इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और  गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा। प्रदेश का हर नागरिक भयमुक्त जीवन जिएगा। नक्सलवाद की अंतिम घड़ी आ चुकी है। छत्तीसगढ़ में निर्णायक कार्रवाई का दौर जारी प्रदेश में सुरक्षाबलों की लगातार सफल कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो चुका है कि नक्सलवाद का अंत अब निकट है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम केवल नक्सली गतिविधियों को रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थायी शांति और विकास को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को सुरक्षित, भयमुक्त और समृद्ध जीवन देना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार और सुरक्षाबल मिलकर निर्णायक युद्ध लड़ रहे हैं। यह केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि एक नई, शांतिपूर्ण और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखने की मुहिम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णायक युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता। सुरक्षाबलों की यह वीरता प्रदेश को नक्सलवाद के अंधकार से निकालकर स्थायी शांति और विकास के पथ पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आईआईएम रायपुर के पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज सौजन्य मुलाकात की और उन्हें 22 एवं 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव पाराशर भी उपस्थित थे। नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित होगा कार्यक्रम काकानी ने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद, और विचारक एकत्र होंगे, ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की प्रक्रिया   के सम्बन्ध में सारगर्भित विचार विमर्श किया जा सके। छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे। काकानी ने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

अब फाइलें कंप्यूटर पर चलेंगी और तय समय सीमा में उनका निपटारा होगा : सीएम साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। उन्होंने घोषणा कर कहा कि भ्रष्टाचार की मूल जड़ मैनुअल फाइल प्रणाली को खत्म करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली एक अप्रैल से लागू होगी। ई-ऑफिस के लिए बजट में 22 करोड़ 67 लाख रुपये का प्रवधान है। अब फाइलें कंप्यूटर पर चलेंगी और तय समय सीमा में उनका निपटारा होगा। कांग्रेस पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग के राजस्व में सुधार इस बात का उदाहरण है कि जो पैसा पिछली सरकार में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, वह अब जनकल्याण में लग रहा है। वर्ष 2019-20 में आबकारी राजस्व 4,952.79 करोड़ था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 9,573 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हमने सभी प्रकार के लाइसेंस की समस्त प्रक्रिया को इज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत ऑनलाइन किया। समस्त प्रकार की शराब के परमिटों को भी ऑनलाइन किया गया, जिससे कर की चोरी नहीं की जा सकेगी। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विदेशी शराब की थोक खरीदी-बिक्री की प्रक्रिया को फिर से लागू किया। इससे विदेशी शराब की सप्लाई में मध्यस्थों का अंत हुआ। हमारी सरकार बनने के बाद हमने निर्णय लिया कि होलोग्राम के संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता को दूर रखने के लिए सीधे शासकीय मुद्रणालय से होलोग्राम प्राप्त किया जाए। पेश किया है विकसित छत्तीसगढ़ बनाने वाला बजट विभाग के 33 जिला स्तरीय उड़नदस्तों के लिए 425 नवीन पद स्वीकृत हुए हैं, जिसके लिए 19 करोड़ का बजट रखा गया है। राज्य सरकार नवाचारों को बढ़ाते हुए हर वर्ग के विकास की संकल्पना के साथ आगे बढ़ रही है। हमने छत्तीसगढ़ की प्रगति और विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की ओर ले जाने वाला बजट पेश किया है। हमने अपने अधीन सभी विभागों में जनकल्याण और विकास के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसके लिए बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक राशि का प्रवधान किया है। सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 19,643 करोड़ 78 लाख 42 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित हुईं। इस चर्चा में पक्ष एवं विपक्ष के विधायकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आपका मन सच्चा हो और संवेदनशीलता हो, तभी ऐसी योजनाएं बनती हैं जिनसे आम जनता के जीवन में वास्तविक बेहतरी आती है। हमारा संकल्प दृढ़ है, इरादे बुलंद हैं और लक्ष्य स्पष्ट है। इन क्षेत्रों में सरकार की होगी प्राथमिकता आइटी क्षेत्र में नवाचार और डिजिटल क्रांति। ऊर्जा क्षेत्र में तीन लाख करोड़ के निवेश का रोडमैप। शिक्षा के विकास में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी। पशुपालन के जरिए स्वरोजगार बढ़ाएंगे। संस्कृति विभाग के बजट में वृद्धि की गई। जनजातीय संस्कृति और कला का होगा विकास। मछलीपालन में आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी आय। ग्रामोद्योग और हस्तशिल्प से ग्रामीण विकास पर जोर। पर्यटन में छत्तीसगढ़ बनेगा ग्लोबल डेस्टिनेशन, 222 करोड़ का प्रवधान। धार्मिक न्यास, धर्मस्व व सांस्कृतिक संपर्क योजनाएं होंगी मजबूत। पत्रकारों के सम्मान में वृद्धि, पर्यटन-जनजातीय संस्कृति के प्रचार के लिए विशेष बजट। वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुंदर संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश को वैश्विक पहचान दिलाने और राज्य के नागरिकों को सस्ती विमान सेवा उपलब्ध कराने के लिए विमानन सेवाओं के विस्तार व संचालन के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि बजट में रखी गई है। जगदलपुर, बिलासपुर एवं अम्बिकापुर एयरपोर्ट के संधारण के लिए 10 करोड़ और बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग उपकरण की सुविधा के लिए 10 करोड़ का प्रवधान किया गया है। ज्ञान से गति की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ साय ने बताया कि उनकी सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को समर्पित था। इस वर्ष का बजट ‘ज्ञान के लिए गति’ पर आधारित है, जिसका अर्थ गुड गवर्नेंस, एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलाजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ है। परिवहन एवं ग्रामीण बस योजना साय ने कहा कि जनता को परिवहन से संबंधित सुगम सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। परिवहन विभाग के लिए कुल 209 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट रखा गया है। प्रदेश में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ सुनिश्चित करने के लिए ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहां आवागमन सुविधा नहीं है, ग्रामीण बस सेवा प्रारंभ की जाएगी।  

जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराए अधिकारी – कमिश्नर

जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से पूर्ण कराए अधिकारी – कमिश्नर ग्रीष्मकाल में लोगो को स्वच्छ और शुद्व पेयजल मुहैया कराएरू- कमिश्नर कमिश्नर ने संभाग स्तरीय बैठक मेे जल जीवन मिशन के कार्याे की समीक्षा की शहडोल कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने शहडोल संभाग में संचालित जल जीवन मिशन के कार्याे को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। कमिश्नर ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुऐ कहा है कि, जल जीवन मिशन शासन का महत्वपूर्ण मिशन है, इस मिशन का लाभ लोगो को मिलना चाहिये। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुऐ कहा है ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए शहडोल संभाग के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रो में पेयजल की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता आज जल जीवन मिशन के कार्याे की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियो को निर्देशित कर रही थी। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्याे की प्रगति की जिलेवार समीक्षा करते हुऐ कमिश्नर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम नल जल योजना के कार्याे में अपेक्षित प्रगति नही होने पर नाराजगी व्यक्त की तथा एकल ग्राम नल जल योजना के कार्याे को तेजी से पूर्णे करने के निर्देश दिये। कमिश्नर ने ग्रीष्म काल को द्वष्टि रखते हुऐ हैण्डपंपो की मरम्मत तथा हैण्डपंपो में आवश्यक  सुधार हेतु सामाग्री उपलब्ध रहे यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश अधिकारियो को भी दिये।  बैठक में जल जीवन मिशन के अन्य कार्याे की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनूपपुर , मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमरिया,  अतिरिक्त मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल, महाप्रबंधक जलजीवन मिशन शहडोल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का खिताब जीत सकती है: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का खिताब जीत सकती है। उनका मानना है कि टीम के पास बल्लेबाजी में दमखम है और वह इस सीजन और मजबूती के साथ वापसी करेगी। उन्होंने प्लेऑफ में पहुंचने वाली संभावित टीमों के भी नाम बताएं हैं। क्लार्क ने ‘बियोन्ड 23 क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर बात करते हुए यह भी कहा कि दिल्ली कैपिटल्स (DC) और पंजाब किंग्स (PBKS) को अपने पहले खिताब के लिए इस सीजन भी इंतजार करना पड़ेगा। इसके पीछे की वजह बताते हुए क्लार्क ने कहा कि दोनों फ्रेंचाइजियों ने टीम कोच से लेकर कप्तान तक में बड़े बदलाव किए हैं। इसके चलते उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ‘इन टीमों को करना होगा इंतजार’ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, मुझे लगता है कि पंजाब किंग्स और रिकी पोंटिंग की टीम पर बहुत प्रेशर रहने वाला है। फ्रेंचाइजी ने कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर खर्च किए हैं, जिन्हें अच्छी शुरुआत करने और गति हासिल करने की आवश्यकता है। इसलिए, मुझे लगता है कि इस साल उनके लिए यह मुश्किल हो सकता है। क्लार्क ने आगे कहा, मुझे लगता है कि दिल्ली के लिए यह एक बार फिर मुश्किल हो सकता है। उनके पास काफी अच्छे खिलाड़ी हैं, और मुझे ऐसा लगता है कि उन्हें संघर्ष करने की कोई जरूरत नहीं है। SRH को बताया चैंपियन टीम इतना ही नहीं क्लार्क का यह भी मानना है कि सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ खेलेंगी। साथ ही लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स भी टॉप-4 में जगह बनाएंगी। माइकल क्लार्क ने भविष्यवाणी करते हुए कहा, मुझे अगर टॉप-4 चुनना हो तो मैं केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद को पहले रखूंगा। फिर लखनऊ सुपर जायंट्स। मुझे लगता है कि जस्टिन लैंगर अपनी टीम से बेस्ट निकलवा सकते हैं और अगर मैं किसी और टीम को चुनूं तो वह होगी राजस्थान रॉयल्स। और विजेता की बात की जाए तो मैं पैट कमिंस की टीम को चुनूंगा। क्योंकि SRH की बल्लेबाजी बहुत मजबूत है और वे टूर्नामेंट जीत सकते हैं। बताया कौन जीतेगा ऑरेंज और पर्पल कैप क्लार्क ने ऑरेंज कैप और पर्पल कैप पर बात करते हुए हुए कहा कि ट्रेविस हेड ऑरेंज कैप और कुलदीप यादव पर्पल कैप जीत सकते हैं। गौरतलब हो कि पिछले सीजन सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने 15 मैच में 191.55 की स्ट्राइक रेट से 567 रन बनाए थे। वहीं, कुलदीप यादव ने चोट के बाद वापसी करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी में 4.79 की इकॉनमी रेट से पांच विकेट चटकाए हैं।

भारतीय सेना में भर्ती हेतु युवाओं को जागरूक करने कैम्पों का हुआ आयोजन

अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में जिले के युवाओं को भारतीय सेना में सेवा के अवसर प्रदान करने के लिए चलाए जा रहे विशेष भर्ती अभियान के तहत गुरूवार को शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर, शासकीय महाविद्यालय राजेंद्रग्राम, जैतहरी, शासकीय एम.एम. कॉलेज कोतमा , शासकीय आईटीआई अनूपपुर एवं शासकीय आईटीआई जैतहरी में कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों के माध्यम से युवाओं को सेना में भर्ती हेतु जागरूक कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई एवं आवेदन कराया गया।

निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही, लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जा सकती है जान

नई दिल्ली आजकल के बदलते मौसम और खराब जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं में निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही है। यह बीमारी फेफड़ों में संक्रमण के कारण होती है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरे की वजह बन सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है। हालांकि, निमोनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। अगर आप भी अपने शरीर में निमोनिया के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो उसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है, यहां तक की जान भी जा सकती है। तो चलिए जानते हैं निमोनिया के लक्षण और इलाज के बारे में। निमोनिया क्या है? निमोनिया एक फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, जिसे बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से हो सकता है। यह संक्रमण हवा के जरिए फैल सकता है। जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो संक्रमित हवा के कण दूसरे व्यक्ति के शरीर में घुस सकते हैं। इसके अलावा निमोनिया से फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह मौत का कारण बन सकती है। निमोनिया के प्रमुख लक्षण निमोनिया के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिनमें खांसी, बुखार, थकावट और शरीर में दर्द शामिल हैं। अगर आप भी इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस कर रहे हैं तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। खांसी और बुखार निमोनिया के सबसे आम लक्षण खांसी और बुखार होते हैं। अगर आपको लगातार खांसी आ रही है और बुखार भी बना हुआ है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ अगर आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, या फिर सीने में दर्द हो रहा है तो यह भी निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। सिर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द निमोनिया के साथ सिर में दर्द और मांसपेशियों में भी दर्द हो सकता है। यह लक्षण आमतौर पर फ्लू या सामान्य बुखार के दौरान होते हैं, लेकिन यदि ये लक्षण ज्यादा बढ़ जाएं तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान और एनर्जी की कमी अगर आपको दिन भर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है और आपका शरीर पूरी तरह से कमजोर महसूस कर रहा है, तो यह निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। मतली और उल्टी निमोनिया के मरीजों में अक्सर मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको ये लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। निमोनिया का इलाज निमोनिया का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी है। अगर इसके लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इसका इलाज जल्दी हो सकता है। निमोनिया का इलाज मुख्यत: एंटीबायोटिक्स (बैक्टीरियल निमोनिया के लिए) या एंटीवायरल दवाओं से किया जाता है। इसके अलावा आराम और पर्याप्त पानी का सेवन भी इसे ठीक करने में मदद करता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। क्यों नहीं करना चाहिए लक्षणों को नजरअंदाज? निमोनिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर इसे सही समय पर न पहचाना जाए, तो यह व्यक्ति के शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर डाल सकता है। निमोनिया फेफड़ों को संक्रमित करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह स्थिति मौत का कारण भी बन सकती है। इसीलिए अगर निमोनिया के किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।  

सूरजपुर : कुड़े से मिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार

सूरजपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अभिसरण से बने सेग्रीगेशन शेड ने सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम तेलगांव जहां पहले कचरे का ढेर  हुआ करता था। जिसे वहा के स्वच्छता दीदियों के द्वारा कचरे का निस्तारण कर गांव की सड़कों एवं गलियों और चौंक-चौराहों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। खुले में शौचमुक्त गांव बनने के वाद अब तेलगांव प्लास्टिक एवं कूड़ा-करकट मुक्त ग्राम पंचायत भी बन गया है। सड़कों एवं गलियों और चौक-चौराहों पर फेंके जाने वाले कचरे को वहां की स्वं सहायता समूह की महिलाओं ने अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाया है। पिछले एक साल समूह के द्वारा कचरे के निस्तारण किया जा रहा है।कचरा संग्रहण तथा उसे अलग-अलग कर निस्तारित करने का काम इन महिलाओं के लिए सहज-सरल नहीं था। शुरुआत में जब वे रिक्शा लेकर कचरा संकलन के लिए घर-घर जाती थीं तो लोग उन्हें ऐसे देखते थे जैसे वह कोई खराब काम कर रही हो कचरा देने से ग्रामीण मना किया करते थे।  धीरे-धीरे समूह की महिलाओं का मनोबल स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा स्वच्छता दीदी को स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य हेतु प्रोत्साहित किया गया उनके मनोबल को कमजोर होने नहीं दिया।       लोगों की हिकारत भरी नजरों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और ग्राम पंचायत के सहयोग से इस काम को जारी रखा। इनके काम से गांव लगातार साफ-सुथरा होते गये, तब लोगों का नजरिया भी बदलने लगा। अब गांव वाले इन्हें सम्मान के साथ स्वच्छता दीदी कहकर पुकारते हैं।      तेलगांव के कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सफाई मित्र के रूप में घर-घर जाकर कचरा संकलित करती हैं। सेग्रीगेशन शेड यानी ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र में वे संकलित कचरा में से उनकी प्रकृति के हिसाब से उन्हें अलग-अलग करती हैं। और कचरे को बेचकर आय का साधन बना रही है। कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह- जयकुमारी, प्रियंका, चांदनी, बाबी है।

भालूमाड़ा पुलिस टीम द्वारा एनडीपीएस एक्ट के 3 साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में

अनूपपुर   श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री मोती-उर-रहमान के निर्देशन मे, श्रीमान् अति. पुलिस अधीक्षक महोदय श्री इसरार मन्सूरी तथा अनु.अधि. कोतमा (पुलिस) श्रीमती आरती शाक्य के मार्ग दर्शन में थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर दिनांक 08/05/2022 को शिवलहरा घाट केवई नदी भालूमाडा में रेड कार्यवाही कर आरोपी मनोज अगरिया पिता मानसाय अगरिया निवासी ग्राम छिडमिडी के कब्जे से एक झोले में कुल 7 कि.ग्रा. मादक पदार्थ गांजा रखा पाये जाने से मादक पदार्थ गांजा एवं पल्सर मोटर सायकल को मौके से जप्त किया जाकर आरोपी मनोज अगरिया पिता मानसाय अगरिया निवासी छिडमिडी को गिरफ्तार किया गया था तथा अपराध क्र. 234/2022 धारा 8/20(B) एन डी पी एस एक्ट का कायम किया गया था आरोपी पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव निवासी भाद का जो मौके जंगल झाडी का फायदा उठाकर फरार हो गया था जो लगातार फरारी काट रहा था जिसे आज दिनांक 20/03/2025 को अथक प्रयास के उपरांत लम्बे समय से फरार आरोपी पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव निवासी भाद को ग्राम भाद से गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है । नाम पता आरोपी – 01. पहरु उर्फ सम्हारु पिता रामलाल यादव उम्र 52 वर्ष निवासी भाद थाना भालूमाडा अहम भूमिका –  थाना प्रभारी भालूमाडा निरी संजय खलको  उप निरी0 जे.पी. लकड़ा,  उप निरी0 राघव बागरी आर. 295 भानू प्रताप सिंह आर. 217 प्रवीण भगत आर. 208 कृपाल सिंह, आर. 445 अभिषेक चौहान चालक आर. 365 दिनेश मुजालदे की रही ।

प्राइवेट क्लिनिक में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं संज्ञान क्यु नहीं ले रही प्रशासन

सिगरौली कुडैनिया सेकेण्ड निवासी मनोज यादव पिता सुवन्सलाल यादव उम्र 48 वर्ष निवासी कुड़ेनिया द्वितीय दवा करने चितरंगी डाक्टर अजीत बैश्य के यहाँ मेटर साईकल चला कर आया और दवा के दौरान अजीत के मेडिकल मे ही मौत हो गई।घटना 14.00बजे की बताई जा रही है। मृत्यु होने के बाद डाक्टर अजीत बैश्य के द्वारा निजी वाहन से उठा कर सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र चितरंगी लाकर बेड पर छोड़ कर डाक्टर से मिले जिसे डाक्टर भूपेंद्र सिंह के द्वारा मृत बताया गया। इसके बाद  मृतक के घर जाकर सूचना दिए तब परिजन थाना चितरंगी रिपोर्ट लिखाने गए जहाँ थाने मे पहले से रिपोर्ट लिखी गई थी परिजन परेशान होका जिला अस्पताल के लिए रवाना होने की तैयारी में जुटे। और बैढ़न जिला अस्पताल पहुंच गए हैं। घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के देने की तैयारी में हैं।चितरंगी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में कर रही हीला हवाली ऐसा लग रहा हैं जैसे किसी के दवाव में हैं।  

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