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कृषि अधिकारियों ने गेहूं की उन्नत फसल का किया निरीक्षण

जबलपुर कृषि अधिकारियों ने आज शुक्रवार को विकासखंड सिहोरा के अंतर्गत ग्राम गांधीग्राम के कृषक शिवबालक पटेल द्वारा की जा रही डीबीडबल्यू-303 किस्म की गेहूं की फसल का अवलोकन किया। इस दौरान सहायक संचालक श्री रवि आम्रवंशी, श्रीमती कीर्ति वर्मा एवं कृषि विस्तार अधिकारी श्री बृषभान अहिरवार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे। कृषक श्री शिवबालक पटेल ने बताया कि उन्होंने और श्री लकी पटेल ने वर्ष 2021 में डीबीडबल्यू-303 किस्म की गेहूं की फसल लगाई थी। इस दौरान उन्होंने पाया कि डीबीडबल्यू -303 किस्म के गेहूं की कुछ बालिया बड़ी और मोटी होती हैं। किसानों द्वारा 15 से 20 बड़ी और मोटी इन बालियों को अलग निकालकर लगभग 500 ग्राम बीज तैयार किया गया , जिसे उन्होंने पुनः वर्ष 2022 में अपने खेत में अलग बोया और उससे पुनः 30 किलो बीज तैयार किया। इसी प्रकार कृषक श्री पटेल द्वारा वर्ष 2023 में पुनः आधा एकड़ क्षेत्र से 11 क्विंटल गेहूं बीज तैयार किया गया। जिसमें से उन्होंने 1 क्विंटल गेहूं ग्राम पथरई के किसान श्री लकी पटेल और 1 क्विंटल गेहूं ग्राम गांधीग्राम के किसान मोहित पटेल को दिया। यह बीज दोनों किसानों द्वारा वर्ष 2024-25 में अपने-अपने खेत में लगाया गया है । कृषक श्री शिवबालक पटेल ने बताया कि उन्होंने स्वयं के 4 एकड़ खेत में इस बीज को बोया है। इस प्रकार यह बीज इस वर्ष 9 एकड़ में बोया गया है, जिसकी उपज 22 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ प्राप्त होती है। अवलोकन के दौरान कृषि अधिकारियों द्वारा गेहूं की बालियों का अवलोकन किया गया है। इन बालियों की लम्बाई लगभग 8 इंच पाई गई एवं मोटाई भी बाकी गेहूं की अन्य किस्मों से ज्यादा पाई गई है। गेहूं फसल को आज क्षेत्र के कृषकों ने देख कर अपने खेत में बोने के लिए इस बीज की मांग की है। इसके साथ ही किसान श्री पटेल ने अपने खेत के दूसरे हिस्से में हैप्पी सीडर द्वारा धान की पराली जलाए बिना गेहूं की डीबीडबल्यू -187 किस्म की बिना जुताई के सीधे बोनी की गई है। गेहूं की यह फसल 120 से 125 दिन में तैयार हो चुकी है। इस कारण ग्रीष्मकालीन फसल को पर्याप्त समय मिल गया है। कृषक श्री पटेल द्वारा इसी खेत में शीघ्र ही हैप्पी सीडर के माध्यम से उड़द की बोनी की जानी है, जिससे बारिश के पूर्व ही उड़द की फसल तैयार हो जायेगी। हैप्पी सीडर से बोने में उन्हें कम लागत आई है और पानी भी कम लगा है। साथ ही समय की भी बचत हुई है और किसी भी प्रकार के कीट इत्यादि का प्रकोप नहीं हुआ है। फसल भी अच्छी तैयार हुई है। कृषक श्री पटेल के पास पशुधन की उपलब्धता को देखते हुए कृषि अधिकारियों द्वारा उन्हें बायो गैस संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी गई थी, जिस पर अमल करते हुए किसान ने समक्ष में ही तत्काल संयंत्र स्थापना हेतु गड्ढा खुदवा गया।

इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर में मिली पहली सहमति

इन्दौर इंदौर और पीथमपुर के बीच बनने जा रहे बहुप्रतीक्षित इकोनोमिक कॉरिडोर को लेकर अब किसानों की सहमति मिलने की शुरुआत हो चुकी है। यह सहमति मिली है ग्राम सिन्दोड़ी की श्रीमती ममता गुप्ता से, वो पहली भूमि स्वामी बनीं जिन्होंने खसरा नंबर 176/2,176/1 और 185/3 की अपनी 9 बीघा जमीन के बदले अधिकतम विकसित भूमि लेने पर सहमति दी। इस अवसर पर वे मिठाई लेकर एमपीआईडीसी (मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम) के कार्यालय पहुँचीं और खुशी जाहिर की। किसानों की बड़ी जीत — 60% विकसित भूमि का मिलेगा हिस्सा* एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में किसानों की प्रमुख मांग को स्वीकार करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया कि इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत अपनी भूमि देने वाले किसानों को मुआवजे के तौर पर 60 प्रतिशत विकसित भूमि का आवंटन किया जाएगा। यह निर्णय मध्य प्रदेश निवेश क्षेत्र प्रबंधन अधिनियम 2013 और नियम 2016 के तहत लिया गया है, जो किसानों को उनकी भूमि के बदले अधिकतम लाभ सुनिश्चित करता है। बनेगा विश्वस्तरीय इकोनोमिक कॉरिडोर* इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर के विकसित हो जाने से हवाई अड्डे से पीथमपुर तक का सफर आधे समय में पूरा किया जा सकेगा। इस कॉरिडोर के तहत क्षेत्रीय और शहरी विकास के साथ-साथ करीब 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। साथ ही, 1.15 लाख गरीब परिवारों को किफायती आवास भी प्रदान किए जाएंगे। विकास के हर पहलू पर ध्यान* योजना के तहत व्यावसायिक, आवासीय, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग के क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय, सामुदायिक केंद्र, पुलिस स्टेशन, फायर स्टेशन, पार्क, उद्यान, सिटी फॉरेस्ट, स्टेडियम, खेल मैदान, स्मार्ट सड़कें, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, स्मार्ट बस स्टॉप, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, सार्वजनिक वाई-फाई, सौर पैनल, सीसीटीवी निगरानी और रीसाइकल्ड पानी के उपयोग की व्यवस्था भी की जाएगी। विस्तृत अधोसंरचना और स्मार्ट सुविधाएँ* सड़क नेटवर्क में 75 मीटर और 60 मीटर चौड़ी मुख्य सड़कें, 9 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, बरसाती पानी की निकासी के लिए नालियां, भूमिगत विद्युत वितरण लाइनें, स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, गैस पाइपलाइन, जल आपूर्ति नेटवर्क, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, और साइनेज का विश्वस्तरीय ढांचा भी इस योजना का हिस्सा होगा। किसानों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसान समुदाय ने हृदय से आभार प्रकट किया। किसानों ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा — “ मुख्यमंत्री जी, आपने रंगपंचमी के दिन हमारी दिवाली कर दी।” दरअसल, रंगपंचमी के दिन ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से इंदौर एयरपोर्ट पर भेंट की थी। यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में मील का पत्थर* कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित क्षेत्र में कोडियाबर्डी, नैनोद, रिंजलाय, बिसनावदा, नावदा पंथ, श्रीराम तलावली, सिन्दोड़ा, सिन्दोड़ी, शिवखेड़ा, नरलाय, मोकलाय, डेहरी, सोनवाय, भैंसलाय, बागोदा, टीही और धन्नड़ ग्राम शामिल हैं। कुल 1290.74 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण और विकास किया जा रहा है, जिसमें से किसानों को 60% विकसित भूमि दी जाएगी। विश्वस्तरीय भूखंड मिलेंगे भूमि स्वामियों को* योजना के अंतर्गत एयरो सिटी, फिनटेक सिटी, सिग्नेचर टॉवर, नगर वन और क्षेत्रीय पार्क जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिनसे भू-स्वामी अपनी भूमि का सर्वोत्तम रिटर्न पा सकेंगे। यह निर्णय किसानों, निवेशकों और सरकार — तीनों के हित में साबित होगा। अब भी शेष किसानों से सहमति की अपेक्षा* शासन द्वारा यह अपील की गई है कि शेष भू-धारक भी अपनी सहमति पत्र एमपीआईडीसी के भू-अर्जन शाखा, प्रथम मंजिल, अतुल्य आईटी पार्क, खंडवा रोड, इंदौर में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत करें ताकि योजना को समय पर अमलीजामा पहनाया जा सके। पूरे क्षेत्र का होगा कायाकल्प* इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव है। इसमें किसानों को सम्मानजनक मुआवजा और भविष्य के अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों की पहली सहमति इस ऐतिहासिक पहल का शुभ संकेत है, भू-धारक भू-अर्जन शाखा, प्रथम मंजिल, अतुल्य आई.टी.पार्क, खण्डवा रोड, इन्दौर के कार्यालय में कार्यालयीन दिवस में अपना सहमति पत्र दे सकते है।

समूह से ऋण लेकर उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा, 80 लीटर प्रति दिन दूध उत्पादन कर रही श्रीमती कुर्मी

सागर सागर जिले के ग्राम आमेट की रहने वाली श्रीमती सीमा कुर्मी ने अपने परिवार की खुशहाली के लिए कड़ी मेहनत और साहस का परिचय दिया है। पहले उनके पास सिर्फ 6 देशी नस्ल की भैंसें थीं, जिनसे वे प्रतिदिन 12 लीटर दूध बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। लेकिन श्रीमती सीमा की हमेशा से एक बड़ी ख्वाहिश थी अपने परिवार को आगे बढ़ाना। समूह से जुड़कर उन्होंने अपने प्रयासों को और बढ़ाया। उन्होंने ऋण की मदद से आय मूलक गतिविधियों की शुरुआत की। परिवार की सामूहिक मेहनत ने रंग लाना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा। उन्होंने 7 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लेकर आलू और प्याज की खेती का विस्तार किया। इसके साथ ही, उन्होंने उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा और पक्की गौशाला का निर्माण कराया। अब श्रीमती सीमा के पास 15 दुधारू भैंसों के अलावा 35 अन्य पशु भी हैं। उनके पशुओं के लिए उत्तम आहार की व्यवस्था भी की गई है, जिसके लिए वे आलू और प्याज की फसल के साथ वरसीम और चारा उगाती हैं। वर्तमान में, उनका दूध उत्पादन 80 लीटर प्रति दिन से अधिक हो गया है। श्रीमती सीमा की मेहनत ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सक्षम बनाया, बल्कि उन्हें अपने परिवार के लिए बेहतर जीवनस्तर भी प्रदान किया। उनके घर में चार मोटर साइकिलें हैं और उनके बेटे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे है।  उन्होंने 02 पक्के मकान की भी निर्माण किया है, जो उनके स्थिरता और विकास का प्रतीक है।

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, “आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?” उन्होंने कहा, “अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।” विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा- 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद हो जाएगा समाप्त

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में कहा, “मैं देश को बताना चाहता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। नक्सलवादियों ने समानांतर सरकारें बनाई, समानांतर सरकारें चलाईं। नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे नरेंद्र मोदी सरकार का 10 साल का विजन है।” गृह मंत्री शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की है। इनके हर प्रकार के कम्युनिकेशन और आवाजाही का रेखांकन किया। ड्रोन और सैटेलाइट सर्विलांस किया। डाटा एनालिसिस करके अपने सुरक्षा बलों को लैस किया, जिसके आधार पर सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के मुकाबले अभी नक्सलवाद से जुड़ी हिंसक घटनाएं और सुरक्षाबलों के मारे जाने की संख्या में काफी कमी आई है। कांग्रेस शासनकाल में 126 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। अब ऐसे केवल 12 जिले बचे हैं। अगले वर्ष 31 मार्च तक ये जिले भी नक्सलवाद से मुक्त हो जाएंगे। पहले नक्सल प्रभावित जिलों में एक भी नाइट लैंडिंग हेलीपैड नहीं थे। सुरक्षा बलों को मजबूती प्रदान करने के लिए ऐसे 68 नाइट लैंडिंग हेलीपैड बनाए गए हैं। नक्सलियों के कई करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। हमने इन इलाकों में विकास के लिए बजट को 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का काम किया है। हाईवे बनाए और ग्रामीण सड़कें बनाई हैं। मोबाइल टावर लगाए हैं। पूरा नक्सल एरिया अब मोबाइल कनेक्टिविटी से लैस है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आए परिवर्तन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में 33 सालों से वहां रात को सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे, हमारे शासन में वहां खुले हैं। 34 साल से ताजिया के जुलूस की इजाजत नहीं थी, हमारे शासन में दी गई। जी-20 की बैठक में दुनिया भर के डिप्लोमेट्स वहां शांति से गए। कश्मीर की संस्कृति, खूबसूरती, भोजन और संगीत का अनुभव करके अपने देश लौटे हैं। इस देश में लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए हम सब गए थे। प्रधानमंत्री और हमारे तत्कालीन अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर यात्रा निकाली थी। हमें लाल चौक जाने की परमिशन नहीं मिल रही थी। जब जिद की तो सेना की सुरक्षा में वहां जाकर आनन-फानन में ध्वज वंदन करके वापस आना पड़ा। आज उसी लाल चौक पर ‘हर घर तिरंगा कार्यक्रम’ में एक भी घर ऐसा नहीं था, जहां तिरंगा न हो। उन्होंने आगे कहा कि श्रीनगर में फॉर्मूला-4 रेसिंग कार का आयोजन हुआ। उसी लाल चौक पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मां शारदा देवी के मंदिर में दशकों के बाद दीपावली और सरस्वती पूजन हुआ। खीर भवानी का अष्टमी महोत्सव 22 साल बाद मनाया गया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि गांवों से सुविधाओं के लिए पलायन हो रहा है। जिस देश के बॉर्डर के गांव खाली हो जाते हैं, उस देश के बॉर्डर कभी सुरक्षित नहीं रह सकते, इसलिए एक नई अप्रोच के साथ पहले जिसे देश का अंतिम गांव कहा जाता था, अब उसे देश का पहला गांव कहा जाता है। मैं दावे से कहता हूं कि सुविधाओं की दृष्टि से भी यह गांव अगले 10 वर्ष में देश के प्रथम गांव होंगे। इसके लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लाया गया है। इसके अंतर्गत 90 प्रतिशत केंद्र का अनुदान है और 10 प्रतिशत राज्य का हिस्सा है। इस अनुपात में इन गांवों के लिए पैसा दिया जाता है। शुरुआत में 4,800 करोड़ रुपए के आवंटन से हमने 652 गांव को इसमें शामिल किया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश के 455, उत्तराखंड के 51, हिमाचल के 75, सिक्किम के 46 और लद्दाख के कई गांव शामिल हैं।

कर्नाटक विधानसभा में एक अहम बिल पास हुआ, मुस्लिम आरक्षण को लेकर जमकर हंगामा, BJP के चार विधायको को निकाला

कर्नाटक कर्नाटक विधानसभा में मुस्लिम आरक्षण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा से BJP के 4 विधायको को बाहर निकाल दिया गया है। कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को एक अहम बिल पास हुआ, जिसे मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण देने की बात की जा रही है। इस बिल को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई और सदन में बवाल मच गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने बिल के खिलाफ विरोध किया और गुस्से में आकर विधानसभा में खड़े होकर बिल की कॉपी फाड़ दी और स्पीकर पर फेंकी।

मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई अभूतपूर्व वृद्धि

इन्दौर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने विधानसभा बजट सत्र में विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश में लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही थी, वही वर्तमान में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है। आगामी 02 वर्षों में इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर एवं अगले 05 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर कर लेंगे। जल संसाधन विभाग प्रभावी एवं कुशल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बांध निर्माण एवं सिंचाई प्रणाली के अभूतपूर्व विकास के द्वारा राज्य के विकास में महती भूमिका निभा रहा है। हम जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आधुनिक एवं उन्नत सिंचाई प्रणाली के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिये दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश में प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।       मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल के इष्टतम उपयोग कर सिंचाई क्षमता की दक्षता बढाई गई है। ऐसे क्षेत्र जहां खुली नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं थी वहां भी उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। उत्कृष्ट जल प्रबंधन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हेतु मध्यप्रदेश को “राष्ट्रीय जल अवार्ड” महामहिम उपराष्ट्रपति द्वारा जून-2023 को प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश में पाईप आधारित सिंचाई प्रणाली के माध्यम से किसान के 01 हेक्टेयर से 2.5 हेक्टेयर चक तक सिंचाई हेतु पानी पहुंचाया जा रहा है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।       श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में 25 वृहद, 114 मध्यम एवं 05 हजार 692 लघु सिंचाई परियोजनाएं अर्थात कुल 5 हजार 830 परियोजनाएं पूर्ण है। इस वर्ष निर्माणाधीन वृद्ध, मध्यम् एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं से दिसम्बर-2024 तक लगभग 02 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सृजन किया गया है। वर्तमान में जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत 42 वृद्ध, 68 मध्यम् एवं 381 लघु सिंचाई परियोजनाऐं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत 89 हजार 30 करोड़ रूपये है। इन परियोजनाओं के शेष कार्य पूर्ण होने पर लगभग 25 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। वर्तमान स्थिति में इन निर्माणाधीन परियोजनाओं से लगभग 10 लाख 61 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है।       वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारत सरकार द्वारा सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हेतु उपयोगी जल संसाधन एवं सिंचाई प्रक्रिया में बेहतर वैज्ञानिक प्रगति लाने की दृष्टि से “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” प्रारंभ की गई थी। इस योजना में आदिवासी एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सिंचाई परियोजनाओं का चयन किया गया है। सरकार द्वारा बांधों की खोई हुई जल भराव क्षमता को पुनः प्राप्त करने के लिये नीति बनाई गई है , जिसके अन्तर्गत बड़े जलाशयों से गाद को निकालकर उसमें से मिट्टी एवं रेत को पृथक् किया जावेगा। प्राप्त मिट्टी किसानों को प्रदान की जावेगी, जिससे उनके खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी। जलाशयों की जल संधारण क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही निकलने वाली रेत से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।       मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि मध्यप्रदेश में देश की दो बड़ी नदी लिंक परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर दौधन बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा 25.12.2024 को स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस पर दौधन बांध की आधारशिला रखी गई। रू. 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 08 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा तथा प्रदेश की 44 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी, साथ ही परियोजना से 103 मेगावा बिजली का उत्पादन भी होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिले-छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 02 हजार ग्रामों के लगभग 07 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभांवित होंगे। सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भू-जल स्तर की स्थिति सुधरेगी। औद्योगीकरण, निवेश एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मनिर्भरता आयेगी तथा लोगों का पलायन रुकेगा। परियोजना के साकार रूप लेने पर मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।       मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि देश की प्रथम राष्ट्रीय केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना का कार्य प्रारम्भ हो चुका है एवं संशोधित-पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतरराज्यीय नदी लिंक परियोजना के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों एवं केन्द्र के मध्य दिनांक 28.01.2024 को त्रिपक्षिय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के साथ ही दोनों राज्यों एवं केन्द्र के मध्य दिनांक 05.12.2024 को जयपुर में अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किया गया है। परियोजना की अनुमानित लागत रू 72 हजार करोड़ की है जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ एवं राजस्थान 37 करोड़ की हिस्सेदारी होगी।

इंदौर जिले में मनाया गया विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस, कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

इन्दौर इंदौर जिले में आज 21 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस मनाया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर कलेक्टर कार्यालय इंदौर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला उपभेाक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक 01 की सदस्य सुश्री निधि बारंगे, जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू, पं.डी.जी. मिश्रा, श्री प्रमोद गुप्ता, श्री नीरज श्रीवास्तव, श्री के.आर. चौधरी, श्री पियूष माली, श्री आर.के. शुक्ला सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कार्यक्रम में सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री दिलीप मनवारे द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। वरिष्ठ नापतौल निरीक्षक श्री के.आर. चौधरी द्वारा उपभोक्ताओं को नापतौल संबंधी सावधानियां रखने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री नीरज श्रीवास्तव द्वारा सामग्री के खरीदी के दौरान पक्के बिल लेने हेतु उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया गया। जागरूक उपभोक्ता समिति के सदस्य श्री प्रमोद गुप्ता द्वारा उपभोक्ताओं को विधि संबंधी कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू द्वारा खाद्य विभाग द्वारा उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में किये गये ऐतिहासिक एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही इस वर्ष निबंध एवं पोस्टर की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित छात्र/छात्राओं की हौंसला अफजाई की गई। उपभोक्ता मार्गदर्शन केन्द्र के द्वारा इंदौर महानगर में लगातार उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के कार्यों को बताया गया। मुख्य अतिथि सुश्री निधि बारंगे द्वारा आयोग के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को पहुंचाई गई राहत का उदाहरणवार जिक्र किया। आयोजन में गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नापतौल विभाग, म0प्र0 स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन, म.प्र. वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक कार्पोरेशन, बीएसएनएल, सामाजिक न्याय विभाग, विद्युत विभाग आदि की प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ताओं को जागरूक एवं उनके अधिकारों के बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया। इस अवसर पर उपभोक्ता मार्गदर्शन केन्द्र में लगातार विधिक सहायता में सराहनीय योगदान हेतु श्री डी.जी. मिश्रा का विशेष सम्मान करते हुये 5001 रूपये नगद प्रदान करने की घोषणा की गई। जनपोषण केन्द्र भारत सरकार के पायलट प्रोजेक्ट में मॉडल शासकीय उचित मूल्य दुकानों को तैयार करने में उल्लेखनीय कार्य के फलस्वरूप 30 विक्रेताओं को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में वरिष्ठ सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री एस.एस. व्यास द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुश्री तृप्तिमाला मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री अंकुर गुप्ता, सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री दिलीप मनवारे, सुश्री कल्पना परामानिक, श्री शरदचंद्र शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।

भोपाल रेल मंडल में डीआरयूसीसी बैठक सम्पन्न, डीआरयूसीसी सदस्यों ने यात्री सुविधाओं को लेकर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

भोपाल भोपाल रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने की। बैठक में डीआरयूसीसी के 11 सदस्यों में से कुल 10 सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से भोपाल मंडल की उपलब्धियों एवं वर्तमान में प्रदान की जा रही यात्री सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय द्वारा नामित माननीय विधायक दक्षिण/पश्चिम (भोपाल) श्री भगवानदास सबनानी, फेडरेशन ऑफ एम.पी. चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री द्वारा नामित श्री अशोक पटेल, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन गुना द्वारा नामित श्री संजय अग्रवाल, रेलवे अप/डाउनर्स प्रोग्रेसिव वेलफेयर एसोसिएशन भोपाल द्वारा नामित श्री कमलेश सेन, रीजनल रेलवे पैसेंजर्स एण्ड कंज़्यूमर्स एसोसिएशन भोपाल द्वारा नामित श्री वात्सयन जैन, उपभोक्ता संरक्षण सलाहकार समिति द्वारा नामित श्री संदीप सूरी, माननीय सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा द्वारा नामित श्री अंशुल तिवारी, माननीय सांसद सागर डॉ. लता वानखेड़े द्वारा नामित श्री संतोष सिंह ठाकुर, माननीय सांसद (राज्यसभा) श्री दिग्विजय सिंह द्वारा नामित श्री विजय कुमार जैन तथा माननीय सांसद नर्मदापुरम श्री दर्शन सिंह चौधरी द्वारा नामित श्री निलेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित यात्री सुविधाओं के विकास और यात्रियों की मांगों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रमुख रूप से भोपाल-रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन नए एलएचबी कोच के साथ संचालित करने, गुना गुड्स शेड को स्टेशन से दूर अन्यत्र स्थानांतरित करने तथा राज्य रानी एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाने जैसे सुझाव शामिल थे। सभी सदस्यों ने एकमत से भोपाल रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से बहुमत के आधार पर ज़ोनल रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति (ZRUCC) के सदस्य के रूप में श्री संतोष सिंह ठाकुर का चयन किया। बैठक में मंडल रेल प्रबंधक के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेंद्र बघेल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित सभी वरिष्ठ शाखा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री पंकज कुमार दुबे द्वारा किया गया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

विष्णुदत्त शर्मा ने लोकसभा में कहा- केंद्र सरकार का कृषि बजट अन्नदाता की समृद्धि का रोडमैप

नई दिल्ली/भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने शुक्रवार को लोकसभा में कृषि अनुदान मांगों पर अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए जो बजट आवंटन किया गया है, वह अन्नदाता की समृद्धि का रोडमैप है। इसमें एक तरफ जहां महात्मा गांधी की ग्राम विकास की भावना दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ बाबा साहेब अंबेडकर की दलितों-शोषितों को आगे बढ़ाने तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना भी निहित है। विपक्षी दल की सरकारों ने 55 वर्षों तक देश पर शासन किया और ये गरीबी हटाने की बातें तो करते रहे, लेकिन गरीबी हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के प्रयासों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए किए गए अभूतपूर्व प्रावधान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताया। देश के आर्थिक-सामाजिक ताने-बाने के लिए महत्वपूर्ण है कृषि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, रोजगार प्रदान करने तथा देश के समग्र आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने के लिए महत्वपूर्ण है। इन तथ्यों को पहचानते हुए प्रधानमंत्री जी ने कृषि क्षेत्र के लिए बजट प्रावधान में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने खेत नहीं देखे, गांव नहीं देखे और गरीबी नहीं देखी, वे कैसे गरीबों का दुख दर्द समझेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एक गरीब मां के बेटे हैं और उन्होंने गरीबों की पीड़ा को महसूस भी किया है। इसलिए उन्होंने देश से गरीबी मिटाने का संकल्प लिया है और कृषि क्षेत्र के लिए बजट में किए गए प्रावधान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। अंधेरे में दीया जलाना कहां मना है…. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि विपक्षी दल की सरकारों ने 55 वर्षों तक देश पर शासन किया। ये गरीबी हटाने की बातें तो करते रहे, लेकिन गरीबी हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के प्रयासों से देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए है। किसानों और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए भी मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 2008 में इस क्षेत्र के लिए जो बजट 11,915. 22 करोड़ का था, वह वर्तमान बजट में 1,22,528.77 करोड़ हो गया है। एनडीए की सरकार ने फसलों की एमएसपी में 65 प्रतिशत की वृद्धि की है। सरकारी खरीदी में 30 प्रतिशत वृद्धि हमारी सरकार ने की है। वहीं, किसानों के लिए सब्सिडी में तीन गुना की वृद्धि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में इस बजट के माध्यम से हुई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मन के भाव कुछ इस तरह हैं-माना कि अंधेरा घना है, पर दीया जलाना कहां मना है।   किसानों की बेहतरी के लिए मिलकर प्रयास कर रही भाजपा की सरकारें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की बेहतरी के लिए मिलकर प्रयास कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार हर साल किसानों को 6000 रुपये किसान सम्मान निधि दे रही है, तो मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भी इससे कदम मिलाते हुए किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दे रही है। इन संयुक्त प्रयासों के लिए मैं केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार को धन्यवाद देता हूं। फसल बीमा के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 87500 परियोजनाओं के लिए 52738 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने दलहन मिशन की शुरुआत की है, जिससे बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश के किसान लाभान्वित होंगे क्योंकि मध्यप्रदेश दलहन का प्रमुख उत्पादक राज्य है। उर्वरक सब्सिडी योजना में किसानों को सस्ते मूल्य पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बजट में उन्नत बीज मिशन, नमो ड्रोन दीदी और राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के माध्यम से महिलाओं, नौजवानों को भी अवसर देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और मध्यप्रदेश सरकारों के प्रयासों से मिलेट का उत्पादन बढ़ा है, खाद्यान्न उत्पादन में सुधार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है,ऋण सुविधाएं आसान हुई हैं और फसल बीमा पहले से बेहतर हुआ है। देश आज कृषि उत्पादन और वैश्विक निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन प्रयासों के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार जताता हूं, धन्यवाद देता हूं।

इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी

इन्दौर राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। जिले में अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। खरीदी के लिए जिले में 91 केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को त्वरित भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।       कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसी व्यवस्था बनाए रखें जिससे कि किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उनकी उपज का त्वरित भुगतान हो। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम एल मारू ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है जिले में अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। किसानों को उनकी उपज के त्वरित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिले में अब तक लगभग 5 करोड रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही है।

प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया जारी, 269 शहरों में परीक्षण का कार्य पूरा

इन्दौर स्वच्छता एक संकल्प है, जिसे मध्यप्रदेश में एक जन आंदोलन बनाया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता संकल्प को प्रदेश ने आत्मसात किया है। स्वच्छता आंदोलन के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। देश और प्रदेश में हर वर्ष की तरह दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 जारी है।       स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के शहर बहुत गंभीरता के साथ अपनी भागीदारी कर रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान केन्द्र सरकार की सर्वेक्षण टीमें शहरों में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेती हैं। इसमें स्वच्छता की आधारभूत तैयारियों का परीक्षण, खुले में शौच से मुक्ति और मल-जल का निस्तारण (ओडीएफ++ और वॉटर+) कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग (1,3 5 व 7 स्टार रेटिंग) सहित कुल तीन परीक्षण किए जाते हैं। अभी प्रदेश में आधारभूत तैयारियों का परीक्षण जारी है, जिसमें 269 शहरों में परीक्षण पूर्ण हो चुका है, शेष शहरों के परीक्षण के लिये टीमें पहुँच रही हैं। इसके बाद ओडीएफ++ और स्टार रेटिंग के परीक्षण शुरू होंगे।       मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय वर्ष भर शहरी स्वच्छता को सँवारने में जुटे रहते हैं। प्रदेश में नियमित कचरा संग्रहण, परिवहन और निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है। इससे शहरों की स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ खुले में शौच पर प्रतिबंध को सफल बनाने के बाद शहरों को ओडीएफ़++ और वॉटर+ प्रमाण-पत्र दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग प्रदेश के नागरिकों, युवाओं और जन-प्रतिनिधियों से शहरों को स्वच्छ बनाने में सहयोग की निरंतर अपील कर रहा है। शहरों का बदला हुआ स्वरूप शासन के प्रयासों की सफलता को प्रदर्शित कर रहा है।  

मुख्यमंत्री ने मालनपुर में एक हजार करोड़ रूपए लागत की एलिक्सर इंडस्ट्रीज की आधुनिक मेगा इकाई का किया भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास का जो सपना देखा है, चंबल क्षेत्र उसमें सुनहरा अध्याय लिख रहा है। चंबल की भूमि उपजाऊ है, कमाऊ है, साथ ही टिकाऊ भी है। चंबल जैसा टिकाऊ जज्बा और कहीं देखने को नहीं मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के मालनपुर में एक हजार करोड़ रूपए की लागत से एलिक्सर इण्डस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की आधुनिक मेगा इकाई का भूमि-पूजन करते हुए यह बात कही। इस मौके पर रेडीमेड गारमेंट ग्वालियर की 7 इकाईयों और मुरैना जिले के औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा की 11 इकाईयों का भी भूमिपूजन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल अब विकास के नाम से पहचाना जाता है। इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच और प्रदेश सरकार के संकल्प के कारण अनेक औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं। इन औद्योगिक इकाईयों के प्रारंभ होने से बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, राष्ट्रीय अनुसूचित जातिआयोग के अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य, विधायक गोहद श्री केशव देसाई, लहार विधायक श्री अम्बरीश शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह नरवरिया एवं एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमेन श्री अरुण गोयल सहित क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कार्यक्रम में वर्चुअलउपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिये हर संभव कार्य किया जा रहा है। इन्वेस्टर्स समिट व रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव से न केवल देश बल्कि विदेशों से भी इन्वेस्टर्स को आमंत्रित करने का कार्य किया गया है, जिसके सार्थक परिणाम भी परिलक्षित हो रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी अनेक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनके माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही किसानों के हित में भी अनेक निर्णय लिए गए हैं। चंबल-कालीसिंध-पार्वती (पीकेसी) लिंक परियोजना क्षेत्र में खुशहाली लेकर आयेगी। इस परियोजना से चंबल को सर्वाधिक लाभ प्राप्त होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि चंबल क्षेत्र औद्योगिक रूप से विकसित हो रहा है। यह हम सबके लिये प्रसन्नता की बात है। औद्योगिक विकास से न केवल क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि यहां के युवाओं को बेहतर रोजगार भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मालनपुर में एक हजार करोड रूपए के निवेश से जो नई इकाई प्रारंभ हो रही है, वह इस क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेगी। ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश में औद्योगिक विकास का बेहतर माहौल बना है, जिसके सार्थक परिणाम हमें सम्पूर्ण प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक विकास के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के रेडीमेड गारमेंट पार्क में भी नई औद्योगिक इकाईयां प्रारंभ हुई हैं, इससे ग्वालियर के युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सकेगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भी औद्योगिक विकास की दिशा में अनुकरणीय कार्य हो रहा है। मालनपुर में एक हजार करोड रूपए की नवीन इकाई स्थापित होने से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने नवीन उद्योगपतियों से किया वर्चुअल संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालनपुर में आयोजित समारोह से ग्वालियर रेडीमेड गारमेंट पार्क में स्थापित की जा रही नई इकाईयों के संचालकों और मुरैना जिले के पिपरसेवा में स्थापित की जा रही नई इकाईयों के संचालकों से भी वर्चुअली संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर रेडीमेड पार्क से श्री अमित जैन, श्री मोहित शिवहरे, हर्षित बंसल एवं श्री संजय खण्डेलवाल से नई इकाइयों के संचालन के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नई इकाई प्रारंभ करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि नई इकाईयों के माध्यम से बेहतर कार्य कर प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। मालनपुर में स्थापित नई इकाई से मिलेगा रोजगार मध्यप्रदेश में औ‌द्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग एक हजार करोड़ रूपए की लागत से मीडियम डेंसिटी फाइबर बोर्ड (एमडीएफ), प्लाईवुड और अन्य मूल्य-वर्धित उत्पादों के विनिर्माण हेतु एक मेगा-स्तरीय अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। यह राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम है और इससे प्रदेश में रोजगार, कृषि-आधारित उद्योगों और हरित पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश के औ‌द्योगिक विकास में एलिक्सर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का योगदान एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट पर बड़े अग्निकांड के बाद बिजली गुल, दुनिया का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट रहेगा बंद

लंदन लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट जो दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है आज यानि कि दिनभर के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह निर्णय एक “महत्वपूर्ण बिजली संकट” के कारण लिया गया जो एयरपोर्ट के पास एक बड़े अग्निकांड के कारण उत्पन्न हुआ। आग के कारण हुआ बिजली संकट हीथ्रो एयरपोर्ट के प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए बताया कि एयरपोर्ट को बिजली आपूर्ति करने वाले विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) में आग लग गई है जिससे एयरपोर्ट गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है। इस वजह से सुरक्षा के दृष्टिकोण से 21 मार्च को रात 11:59 बजे तक एयरपोर्ट को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। दमकलकर्मी घटनास्थल पर मौजूद लंदन फायर ब्रिगेड ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद दमकल विभाग की 10 गाड़ियाँ और करीब 70 दमकलकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं। फायर ब्रिगेड के सहायक आयुक्त पैट गोलबोर्न ने बताया कि दमकलकर्मियों ने आसपास की इमारतों से 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। सुरक्षा के लिहाज से 200 मीटर के दायरे को घेर लिया गया है और करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। यात्रियों के लिए सलाह हीथ्रो एयरपोर्ट ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट न आएं और अपनी उड़ानों के बारे में जानकारी के लिए अपनी एयरलाइंस से संपर्क करें। एयरपोर्ट प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द सेवाओं को बहाल करने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया कदम हालांकि हीथ्रो एयरपोर्ट का यह अस्थायी बंद होना हजारों यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम बताया है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।  

धनबाद के तोपचांची की है जहां 23 साल की अनामिका कुमारी वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल

धनबाद धनबाद में बीते 2 दिनों से हो रही लगातार बारिश अब भयावह रूप लेती जा रही है। ताजा मामला धनबाद के तोपचांची की है जहां 23 साल की अनामिका कुमारी वज्रपात की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल अनामिका को SNMMCH में भर्ती कराया गया है जहां वह फिलहाल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। परिजनों ने बताया कि सुबह में अनामिका शौच के लिए बाहर गई थी। तभी अचानक तेज आवाज के साथ ठनका गिरा जिसके बाद उसकी छाती में तेज दर्द होने लगा। दर्द की वजह से उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। अनामिका ने बताया कि बिजली गिरने के बाद उसके बाएं कंधे में तेज झटका महसूस हुआ और शरीर में बिजली जैसी सनसनी दौड़नी शुरू हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।  

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