LATEST NEWS

23 मार्च रविवार चमकेगा इन राशियों का भाग्य, मिलेगी बड़ी सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों को आज घर-परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। ऑफिस में दी गई कार्यों की जिम्मेदारी को नजरअंदाज न करें और सभी कार्यों को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। वृषभ राशि- नौकरी की तलाश करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। कुछ जातक नई प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोच न करें। ऑफिस में सीनियर्स के सुझाव से कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वाले आज लग्जरी आइटम पर धन खर्च कर सकते हैं। आय में वृद्धि के योग बनेंगे। कुछ जातक नया घर या नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई का स्ट्रेस हो सकता है। कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि- आज आपका काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। नए बदलावों को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। किसी दूसरे पर निर्भर न रहें। इससे कार्यों में देरी हो सकती है। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे स्ट्रेस लेवल कम होगा। सिंह राशि- ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी बनाएं। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर लाइफ में आगे बढ़ें। आज आपकी लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होगी। परिजनों का आशीर्वाद मिलेगा। कन्या राशि- आपके सभी विवाद सुलझ जाएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। धन का आवक बढ़ेगा। परिजनों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य सफल हो जाएंगे। तुला राशि- तुला राशि वालों के आज सभी सपने साकार होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माता-पिता के सहयोग से धन लाभ के नए मौके मिलेंगे। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। वृश्चिक राशि- पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को इग्नोर न करें। अगर जरुरत हो, तो परिजनों की सलाह लें। कोई बड़ा रिस्क न लें। आज आपको अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। पार्टनर के सपोर्ट से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि- करियर में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धि हासिल होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर किए गए कार्यों के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कोई फैसला लें। मकर राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सभी कार्य के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिजनों से अपने इच्छाओं के बारे में चर्चा करें। आर्थिक मामलों में कोई रिस्क न लें। करियर से जुड़े फैसले होशियारी से लें। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाएं। कुंभ राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आनंददायक जीवन गुजारेंगे। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन व्यतीत करेंगे। मीन राशि- आज मीन राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। ऑफिस में कार्यों का बिजी शेड्यूल रहेगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ जाएंगे। कर्ज से मुक्ति मिलेगी। बिजनेस के मामले में थोड़ी सावधानी बरतें। सोच-समझकर कोई डिसीजन लें।

छत्तीसगढ़ के साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को मिलेगा साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार, सीएम साय ने दी बधाई

रायपुर हिंदी के प्रख्यात कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा. ज्ञानपीठ समिति ने आज नई दिल्ली में इसकी घोषणा की. यह सम्मान पाने वाले छत्तीसगढ़ के वह पहले साहित्यकार होंगे. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है. विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव में हुआ था. फिलहाल वे रायपुर में ही रहते हैं. पिछले 50 सालों से वे लिख रहे हैं. उनकी पहली कविता “लगभग जयहिंद” 1971 में प्रकाशित हुई थी और तभी से उनकी लेखनी ने साहित्य जगत में अपना अलग स्थान बना लिया था. सीएम साय ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी. उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के लब्धप्रतिष्ठ उपन्यासकार–कवि विनोद कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है. यह छत्तीसगढ़ के लिये गौरव की बात है. विनोद कुमार शुक्ल को अशेष बधाई. उन्होंने एक बार पुनः छत्तीसगढ़ को भारत के साहित्यिक पटल पर गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना.  उनके द्वारा लिखी गई कविता  लगभग जयहिंद ‘ वर्ष 1971. वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’ वर्ष 1981. सब कुछ होना बचा रहेगा ‘ वर्ष 1992. अतिरिक्त नहीं ‘ वर्ष 2000. कविता से लंबी कविता ‘ वर्ष 2001. आकाश धरती को खटखटाता है ‘ वर्ष 2006. पचास कविताएँ’ वर्ष 2011 कभी के बाद अभी ‘ वर्ष 2012. कवि ने कहा ‘ -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012. प्रतिनिधि कविताएँ ‘ वर्ष 2013. उपन्यास नौकर की कमीज़ ‘ वर्ष 1979. खिलेगा तो देखेंगे ‘ वर्ष 1996. दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ वर्ष 1997. हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ‘ वर्ष 2011. यासि रासा त ‘ वर्ष 2017. एक चुप्पी जगह’ वर्ष 2018. अबतक मिल चुका है ये सम्मान गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ‘ (म.प्र. शासन) रज़ा पुरस्कार ‘ (मध्यप्रदेश कला परिषद) शिखर सम्मान ‘ (म.प्र. शासन) राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ‘ (म.प्र. शासन) दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान’ (मोदी फाउंडेशन) साहित्य अकादमी पुरस्कार’, (भारत सरकार) हिन्दी गौरव सम्मान’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उ.प्र. शासन)  

खौफनाक वारदात: भाजपा नेता ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी

सहारनपुर मेरठ के साैरभ हत्याकांड के सदमे से लोग उबरे भी नहीं थे कि सहारनपुर में भाजपा नेता ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जनपद के गंगोह के सांगाठेड़ा गांव में शनिवार को एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। इस भयावह घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बताया गया कि हमले में पत्नी नेहा (32), बेटे शिवांश (4) और देवांश (7) श्रद्धा (8) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया गया कि अस्पताल में उपचार के दाैरान बेटे शिवांश, देवांश और बेटी श्रद्धा ने दम तोड़ दिया। दरवाजा खोला, पुलिस को काॅल किया और कहा मैंने सबको गोली मार दी! वारदात के समय गोलियों की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग और योगेश के चाचा मौके पर पहुंचे, लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद योगेश ने दरवाजा खोला और पुलिस को फोन करते हुए बोला- मैंने अपनी पत्नी और बच्चों को गोली मार दी है। हैरानी की बात यह रही कि उसने भागने की कोई कोशिश नहीं की। पत्नी पर शक बना हत्या की वजह, पुलिस कर रही जांच पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि योगेश को अपनी पत्नी नेहा पर किसी से अवैध संबंध का शक था। इसी शक ने इस भयावह कांड को अंजाम दिया या कोई और वजह थी, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है और पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। इलाके में सनसनी, हर कोई हैरान इस निर्मम हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग अविश्वास में हैं कि आखिर एक पिता इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम दे सकता है। पुलिस ने योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी जब्त कर ली गई है। गोलीकांड के बाद खुद पुलिस को किया फोन पत्नी और बच्चों को गोली मारने के बाद आरोपी योगेश रोहिला ने न तो भागने की कोशिश की और न ही किसी को गुमराह करने का प्रयास किया। बल्कि उसने खुद ही एसएसपी, सीओ और कोतवाल को फोन कर बताया कि उसने अपनी पत्नी और बच्चों को गोली मार दी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हो रहा उल्लंघन : अरुण कुमार

नई दिल्ली बंगलूरू में चल रही संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में बांग्लादेश का मुद्दा उठा और वहां अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता जाहिर की गई। सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने एक बयान में कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा की वजह राजनीतिक ही नहीं बल्कि धार्मिक भी है। ‘बांग्लादेश हिंसा की वजह धार्मिक भी’ अरुण कुमार ने बयान में कहा कि हम बांग्लादेश के हिंदू वर्ग के साथ एकजुटता दिखाते हैं। हमने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता जताई है। हमें ये नहीं मानना चाहिए कि इस हिंसा की वजह सत्ता में बदलाव के चलते राजनीतिक ही है बल्कि इसका धार्मिक कारण भी है। अल्पसंख्यकों और हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ‘भारत और पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश’ अरुण कुमार ने कहा कि ‘धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा कोई नई नहीं है। साल 1951 में बांग्लादेश में हिंदू जनसंख्या 22 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 7.95 प्रतिशत रह गई है। यह बड़ी गिरावट है। इस बार जो हिंसा हो रही है, उससे ऐसा लग रहा है कि इसे सरकार और सरकारी संस्थानों का भी समर्थन है। वहां भारत विरोध बढ़ रहा है। अपने प्रस्ताव में हमने अंतरराष्ट्रीय ताकतों को लेकर भी चिंता जाहिर की है। भारत और इसके पड़ोसी देश सिर्फ देशों का समूह नहीं हैं बल्कि इनका साझा इतिहास है। हमारे बीच बहुत कुछ समान है। कई वैश्विक शक्तियां भारत और इसके पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में बीते साल शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से ही वहां अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। हिंसा की इन घटनाओं पर कई देशों ने चिंता जाहिर की। भारत ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई। हालांकि इसके बावजूद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय लगातार कट्टरपंथियों के निशाने पर बना हुआ है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक बंगलूरू में शुक्रवार से चल रही है। यह संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। इस बैठक के दौरान बांग्लादेश हिंसा के साथ ही मणिपुर, भाषा विवाद और संघ के शताब्दी समारोह को लेकर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।   ‘भाजपा अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया जारी’ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुण कुमार ने कहा कि ‘संघ के तहत 32 से ज्यादा संगठन काम करते हैं। हर संगठन अपने आप में स्वतंत्र है और उसकी फैसले लेने की स्वतंत्र प्रक्रिया है। हर संगठन के अपने सदस्य, चुनाव और उनकी पूरी प्रक्रिया अलग है। भाजपा और संघ के बीच कोई मतभेद नहीं है। हम देश औऱ समाज के लिए मिलकर काम करते हैं। संगठन की प्रक्रिया चल रही है और जिले और राज्य स्तर पर समीतियां गठित कर दी गई हैं। भविष्य में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव होगा।’

सीएम ने कहा, “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे

 नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को नागपुर हिंसा को लेकर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा को लेकर झूठा प्रचार किया गया कि  कुरान की आयत जलाई गई, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई. सीएम ने आगे कहा, “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे.”उन्होंने कहा, “दंगाइयों से हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई की जाएगी. उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी.” सीएम फडणवीस ने बुलडोजर एक्शन को लेकर कहा कि जहां चलाने की आवश्यकता होगी, वहां बुलडोजर चलाया जाएगा. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. किसको कितना मुआवजा मिलेगा? नागपुर में जिला प्रशासन ने इसके साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जिन लोगों के वाहनों का पूरी तरह से नुकसान हुआ है, उन्हें ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा जिन गाड़ियों को कम नुकसान हुआ है, उनके लिए ₹10,000 का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जो लोग बीमा का लाभ उठा चुके हैं, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा। दंगे के दौरान जिनकी संपत्तियों को नुकसान हुआ, उनके पंचनामा की प्रक्रिया अब शुरू की जा चुकी है। प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सभी का लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं। किस अफवाह ने नागपुर को आग में झोंका? बता दें कि नागपुर में हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाई गई थी। हिंसा के इस मामले में अब तक कुल 105 लोग पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, नागपुर हिंसा के सिलसिले में 10 किशोर भी हिरासत में लिए गए हैं। बता दें कि हिंसा के दौरान DCP स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ की शहर इकाई प्रमुख फहीम खान और 5 अन्य के खिलाफ राजद्रोह और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा : RSS

बेंगलुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ एकजुटता से खड़े होने का आह्वान किया है. आरएसएस ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है. प्रतिनिधि सभा की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है जिस पर प्रतिनिधि सभा अपनी चिंता व्यक्त करती है. बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 1951 में 22 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत रह गई है. मानवाधिकार हनन का गंभीर मामला प्रस्ताव में लिखा है, ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हो रही सुनियोजित हिंसा, अन्याय और उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करती है. यह स्पष्ट रूप से मानवाधिकार हनन का गंभीर मामला है.’ बांग्लादेश में ज्यादातर पीड़ित हिंदू इसमें लिखा है, ‘बांग्लादेश में वर्तमान सत्ता पलट के समय मठ-मंदिरों, दुर्गा पूजा पंडालों और शिक्षण संस्थानों पर हमले, मूर्तियों का अनादर, हत्याएं, संपत्ति की लूट, महिलाओं के अपहरण और अत्याचार, रेप, जबरन धर्मांतरण जैसी अनेक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इन घटनाओं को केवल राजनीतिक बताकर इनके मजहबी पक्ष को नकारना सत्य से मुंह मोड़ने जैसा होगा क्योंकि अधिकतर पीड़ित हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाओं से ही हैं.’ UN से दखल देने की अपील प्रस्ताव में कहा गया है, ‘कुछ अंतरराष्ट्रीय शक्तियां जानबूझकर भारत के पड़ोसी क्षेत्रों में अविश्वास और टकराव का वातावरण बनाते हुए एक देश को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर अस्थिरता फैलाने का प्रयास कर रही हैं. प्रतिनिधि सभा का मत है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों और वैश्विक समुदाय को बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और बांग्लादेश सरकार पर इन हिंसक गतिविधियों को रोकने का दबाव बनाना चाहिए.’  

आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है, उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती :हुसैन दलवई

मुंबई  महाराष्ट्र के संभाजी नगर स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई है। दक्षिणपंथी दल कब्र को हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। नागपुर में इसे लेकर हिंसा तक हुई। राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हिम्मत है तो सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाकर दिखाए। हुसैन दलवई ने तुषार गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और संजय राउत के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने औरंगजेब की तारीफ करने वाले सपा नेता अबू आजमी को पर भी टिप्पणी की है। आरएसएस को बताया आतंकवादी संगठन हुसैन दलवई ने तुषार गांधी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस को ‘कैंसर’ कहा था। दलवाई ने कहा कि तुषार गांधी ने जो कहा, वह सही कहा है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कहता हूं कि आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है। उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती हैं। तुषार गांधी के लिए मांगी सुरक्षा दलवई ने कहा कि तुषार गांधी ने कोई गलत नहीं बोला है। उन्होंने आगे कहा कि तुषार गांधी की जान को खतरा है और सरकार को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। यह सरकार का कर्तव्य है कि वह तुषार गांधी के परिवार की रक्षा करे, क्योंकि गांधी जी के खिलाफ हिंसा की कोशिशें जारी हैं। वक्फ संशोधन बिल का विरोध वक्फ संशोधन बिल पर असदुदीन औवासी के बयान का हुसैन दलवाई ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीन ली जाए। इस बिल के माध्यम से सरकार मुसलमानों की भूमि और संपत्ति हड़पना चाहती है। कई विरोधी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन भी इसके खिलाफ है। हम इस बिल का विरोध करते हैं। ‘RSS शिवाजी को मानती थी पेशेवर’ वहीं, वीर सावरकर को लेकर दलवाई ने कहा कि यह सही है कि वीर सावरकर ने छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कई गलत बातें लिखी थीं और उनके बारे में गलत टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा, उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी नकारात्मक बातें कहीं थीं। जब नेहरू जी को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने सावरकर की किताबों को हटवा दिया। लेकिन अब देवेंद्र फडणवीस क्यों नहीं वही काम कर रहे हैं? आरएसएस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे, बल्कि पेशेवर मानते थे। यह अत्यंत शर्मनाक है। संजय राउत के बयान का समर्थन संजय राउत के औरंगजेब से संबंधित बयान पर हुसैन दलवाई ने भी अपनी सहमति दी। राउत ने बीजेपी सरकार की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा था कि मौजूदा शासन उससे भी बदतर है। इस पर हुसैन दलवाई ने कहा कि औरंगजेब का शासन क्रूर था, लेकिन बीजेपी का शासन उससे भी खराब है। बीजेपी मनमानी करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है। औरंगजेब की तारीफ करने के लिए उन्होंने सपा नेता अबू आजमी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ न करने की सलाह देते हुए कहा कि औरंगजेब एक क्रूर शासक था और हमें उसकी तारीफ नहीं करनी चाहिए। अबू आजमी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री साय बोले- सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी प्रभावी

 रायपुर हम सभी के बीच मतभेद हो सकते है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह बात हमेशा से कायम है। छत्तीसगढ़ का विकास हमारा मूल उद्देश्य है और जनप्रतिनिधि के रूप में हमें प्रदेशवासियों के हित में सदैव समर्पित होकर काम करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आज आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीखने की कोई उम्र नहीं होती, नेतृत्व क्षमता में निरंतर निखार जरूरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में हमेशा सीखते रहने की बात करते है और निश्चित रूप से सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यहां कई ऐसे विधायक मौजूद है, जिनका जनप्रतिनिधि के रूप में लंबा अनुभव है, लेकिन वे भी इस कार्यक्रम को लेकर बहुत अधिक उत्साहित है। श्री साय ने कहा कि आप सभी सदस्यों की मौजूदगी यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आप कितने चिंतित भी है और उत्साहित भी है।      साय ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आमजनों से आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है और यह लोगों के मन में आपके और संसदीय व्यवस्था के प्रति विश्वास को अधिक मजबूत करेगा। नवीन समाधानों को साझा करने और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का मजबूत मंच है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पाने में यह उपयोगी और सार्थक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की संकल्पना को स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ई ऑफिस की व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमें प्रदेश को आगे ले जाना है तो सभी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए समान रूप से तैयार रहना होगा। उन्होंने सार्वजनिक हित में तकनीक के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया।       मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय प्रबंध संस्थान में पिछले वर्ष  आयोजित चिंतन शिविर को भी अत्यधिक उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर में हमने जो कुछ सीखा था, छत्तीसगढ़ के नीति निर्माण में हमने इसका भरपूर उपयोग किया है। विजन डॉक्यूमेंट से लेकर बजट तैयार करने में भी हमें इससे बड़ी मदद मिली। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सभी सदस्यों से दो दिवसीय सत्र का भरपूर लाभ लेने को कहा और प्रबंध संस्थान को सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।          विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लीडरशिप प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सभी सदस्य लगभग 1 महीने तक सक्रियता के साथ शामिल रहे और इसके तुरंत बाद इस दो दिवसीय आयोजन में आप सभी की उपस्थिति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा आप लोग सोच रहे होंगे कि जीतने के बाद हमारा प्रशिक्षण क्यों? जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारी और भूमिका बढ़ जाती है, इसलिए हमें लगातार सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल अपने क्षेत्र के लिए नहीं बल्कि  छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए कार्य करना है।        डॉ. सिंह ने कहा कि हम अपने आसपास के परिवेश और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के प्रति कितने सजग है,  जनप्रतिनिधि के रूप में आपको सफल बनाने में यह तथ्य महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आपके पास अपने विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए। डॉ. सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल से जुड़े कई अनुभव साझा किए और जनता से व्यवहार, जुड़ाव और उनका भरोसा जीतने को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।         नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास मंहत ने कहा विधायक बनते ही हम लीडर बन गये, ऐसा सोचना गलत धारण होगी। लीडर बनना एक प्रक्रिया है और हमें यह सीखना होगा। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों से निकलकर जशपुर का एक आदिवासी बेटा आज मुख्यमंत्री बना है, यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती और ताकत है। हम सभी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की उन्नति है और इसी को लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण, नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक श्री राम कुमार, आईआईएम के प्रोफेसर श्री सुमीत गुप्ता, प्रोफेसर श्री संजीव पराशर, प्रोफेसर श्रीमती अर्चना पराशर उपस्थित थे।

ट्विटर की नीली चिड़िया का लोगो भी हुआ नीलामी

सैन फ्रांसिस्को ट्विटर की नीली चिड़िया का लोगो कभी सोशल मीडिया की दुनिया में पहचान का प्रतीक था, लेकिन जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया, उन्होंने इस प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव तो यह था कि उन्होंने ट्विटर का नाम बदलकर ‘X’ कर दिया। अब अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर के हेडक्वार्टर पर लगा नीली चिड़िया का आइकॉनिक लोगो भी नीलामी में बेचा गया है। कितने में हुई नीली चिड़िया की नीलामी? नीलामी करने वाली कंपनी के PR के मुताबिक, इस नीली चिड़िया को 34,375 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपए ) में नीलाम किया गया है। यह चिड़िया करीब 254 किलो वजनी है और इसका आकार 12 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा है। हालांकि, इस चिड़िया के नए मालिक की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। एपल से जुड़ी चीजों की भी हुई नीलामी नीली चिड़िया के अलावा एपल-1 कंप्यूटर को करीब 3.22 करोड़ रुपये (3.75 लाख डॉलर) में नीलाम किया गया है। इसके अलावा स्टिव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एपल का एक चेक भी करीब 96.3 लाख रुपये (1,12,054 डॉलर) में नीलाम किया गया है।  

लोकायुक्त, ईडी, IT और DRI के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज

 ग्वालियर ग्वालियर में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा केस में अब पांचवीं जांच एजेंसी की एंट्री हो गई है। लोकायुक्त, ईडी, आयकर विभाग और डीआरआई के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सौरभ और उमा शर्मा के खिलाफ ग्वालियर के सिरोल थाना में शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे परिवहन विभाग की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। साल 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति लेते समय सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा ने शपथ पत्र में बड़े भाई सचिन शर्मा की छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब ग्वालियर में दोनों पर मामला दर्ज कराया गया है। सौरभ की नियुक्ति को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू पहले ही लोकायुक्त में शिकायत कर चुके थे। पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, सहायक परिवहन आयुक्त किरन कुमार को एक जनवरी 2025 को संयुक्त परिवहन आयुक्त की ओर से एक पत्र मिला था। जिसमें सेवानिवृत परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर दिए गए शपथ पत्र की जांच के निर्देश थे। सहायक परिवहन आयुक्त ने जांच की और सर्विस रिकॉर्ड मंगाया। सौरभ शर्मा ने शपथ पत्र में यह जिक्र नहीं किया कि उसका बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी में है। सौरभ की नियुक्ति के लिए उसकी मां उमा शर्मा ने भी शपथ पत्र दिया था। जिसमें बड़े बेटे की सरकारी नौकरी की बात छिपाई थी।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में संपर्क किया गया और वेबसाइट से कर्मचारियों की सूची निकाली तो वहां सौरभ के बड़े भाई सचिन शर्मा के सड़क विकास निगम रायपुर में तैनात होने की पुष्टि हुई। जिससे शपथ पत्र झूठे होने का प्रमाण मिला है। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा केस में ईडी मनी ट्रेल और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, तो इनकम टैक्स विभाग सौरभ के दोस्त चेतन सिंह गौर की गाड़ी से मिले 54 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए की जांच कर रही है। लोकायुक्त आय से ज्यादा संपत्ति की जांच तो डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि जो सोना मिला है, वो लीगल तरीके से लिया गया है या नहीं? काली कमाई को कॉलोनी बनाने में खपाए जाने का कनेक्शन भी जांच एजेंसियों को मिला है। अब ग्वालियर पुलिस ने सौरभ और उसकी मां उमा शर्मा पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं :हाईकोर्ट

 जबलपुर असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में गेस्ट फैकल्टी को एससी-एसटी वर्ग के तहत मिलने वाली आयु सीमा छूट का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने एससी-एसटी वर्ग को 5 साल की अतिरिक्त आयु सीमा छूट का लाभ प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। युगलपीठ ने यह भी निर्देश दिया है कि चयन सूची और परीक्षा परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किए जाएं। अतिथि शिक्षकों को मिलेगा नौकरी में 25% रिजर्वेशन, जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला अतिथि शिक्षकों के लिए जबलपुर हाईकोर्ट ने राहत देने वाला आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को आरक्षण का लाभ देने का अंतरिम आदेश जारी किया है. युगलपीठ ने एमपीपीएससी के माध्यम से निकाली गई असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में इन कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी 25 प्रतिशत आरक्षण की श्रेणी में रखने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. क्या है गेस्ट फैकल्टी और आरक्षण का मामला? दरअसल, स्वाशासकीय यानी ऑटोनॉमस व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत 33 गेस्ट फैकल्टी की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. तीन याचिका में कहा गया था कि उच्च शिक्षा विभाग ने MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर और खेल अधिकारियों के लिए 2 हजार 117 पदों पर भर्ती निकाली है. वहीं सभी याचिकाकर्ता स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में रिक्त पदों पर वर्षों से कार्यरत हैं. याचिका में इसके साथ मांग की गई कि इस भर्ती में गेस्ट फैकल्टी होने के नाते उन्हें भी 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए, जो उन्हें नहीं दिया जा रहा है. अब मिलेगा आरक्षण का लाभ अतिथि शिक्षकों की याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने स्वाशासकीय व जनभागीदारी कॉलेज में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी को भी आरक्षण का लाभ देने के अंतरिम आदेश जारी किए हैं. युगलपीठ ने नियुक्ति याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहते हुए एमपीपीएससी को रिजल्ट फिलहाल जारी नहीं करने के आदेश दिए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस डी मिश्रा ने पैरवी की.  हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती में दी राहत, 2018 की टीईटी मान्य, आयु सीमा में छूट, अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि इन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश बुरहानपुर निवासी आकांक्षा व अन्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2023 की नियम पुस्तिका के अनुसार, 2018 के बाद आयोजित किसी भी शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता आजीवन होगी। इसके बावजूद कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2024 में टीईटी 2020 पास अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चयन प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति विदिशा निवासी अरविंद रघुवंशी व अन्य की ओर से 2024 के भर्ती विज्ञापन की कंडिका 6.2 को चुनौती दी थी, जिसमें अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई थी। दलील दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 सितंबर 2022 को आदेश जारी कर अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का प्रावधान दिया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में आवेदन करने और भाग लेने की अनुमति दी। वहीं हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ निवासी शैलेन्द्र यादव व अन्य को बिना अनुभव प्रमाण पत्र के आवेदन करने की अनुमति प्रदान की।  

अप्रैल और मई की गर्मी में बिजली कटौती के तैयार रहे ग्वालियरवासी, एक फिक्स समय पर बिजली सप्लाई बंद रखने का निर्णय

ग्वालियर  गर्मी आ गई है। हर साल की तरह बिजली कंपनी प्री मानसून मेंटेनेंस में जुटने वाली है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से खबर है कि इस बार यह मेंटेनेंस हर साल जैसा न होकर कुछ अलग होगा। इस बार मेंटेनेंस के लिए एक फिक्स समय पर बिजली सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया जा सकता है। वह फिक्स समय सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक होगा। यानी अप्रैल से मई तक अलग-अलग इलाकों में जो कटौती होगी, वह इन्हीं चार घंटों में होगी। लोगों की सहूलियत के लिए बनाया शेड्यूल     बिजली कंपनी के शहर वृत्त के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक ने बताया कि भीषण गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए इस बार लोगों की सहूलियत के लिए मेंटेनेंस का ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाएगा।     दोपहर दो बजे के बाद जब तापमान ज्यादा रहता है, तब शटडाउन नहीं लिया जाए। दो माह तक अलग-अलग इलाके की करीब तीस से पचास हजार की आबादी रोज चार घंटे घोषित बिजली कटौती झेलेगी। शनिवार को पांच फीडर पर गुल रहेगी बिजली नगर संभाग पूर्व के पांच फीडर क्षेत्रों में शनिवार को बिजली गुल रहेगी। मेला फीडर, इंद्रमणी नगर, सुरेश नगर फीडर पर दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक बिजली गुल रहेगी। इससे इंद्रमणी नगर, न्यू विवेक नगर, दुल्लपुर गांव, पंचशील नगर, नदीपार टाल, तृप्ती नगर तरुण बिहार कालोनी सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। गुलमोहर व विवेकानंद फीडर पर सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बिजली गुल रहेगी। इससे गुलमोहर सिटी, ग्रीन पार्क, ओहदपुर, यशोदा रेजीडेंसी, लोटस विला, विवेकानंद नीडम सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।

मादक पदार्थ हेरोइन के साथ रंगे हाथ आरोपी गिरफ्तार

रायपुर  थाना आमानाका पुलिस ने विशेष अभियान के तहत टाटीबंध छठ तालाब के पास से एक आरोपी को प्रतिबंधित मादक पदार्थ हेरोइन (चिट्टा) के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के पास से 06.92 ग्राम हेरोइन, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.29 लाख रुपए आंकी गई है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी उमेश यदु उर्फ गोलू (36 वर्ष), निवासी हीरापुर, थाना कबीर नगर, रायपुर, टाटीबंध हीरापुर छठ तालाब के पास मादक पदार्थ बेचने की फिराक में है. सूचना पर पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी आमानाका के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके में दबिश देकर मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के व्यक्ति को चिन्हित किया और पकड़ लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमेश यदु उर्फ गोलू बताया. जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 06.92 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई. आरोपी युवक के पास से हेरोइन (चिट्टा) – 06.92 ग्राम (कीमत 69,200 रुपए ), हीरो होंडा पैशन मोटरसाइकिल (CG-04-PJ-3092), मोबाइल फोन, कुल जब्त संपत्ति: 1,29,200 रुपए.

ऑनलाइन झांसा देकर ठगी करने वाले तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ऑनलाइन जॉब और वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी को अंजाम देने वाले तीन शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने 15 करोड़ से अधिक की राशि का USDT और क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन भी किया है. दरअसल, शहर के मोपका निवासी शिक्षक सौरभ साहू बीते दिनों साइबर फ्रॉड के शिकार हुए थे. ऑनलाइन जॉब और वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगों ने शिक्षक से 48 लाख की ठगी की थी. रेंज साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों के साथ पुलिस को इसमें बड़े गिरोह के शामिल होने और आरोपियों के ठाणे, महाराष्ट्र में होने की सूचना मिली. टीम ने थाणे में दबिश देकर आरोपी शाकिब अंसारी, अंसारी मेराज और अंसारी फ़ुजैल को गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि तीनों आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग, वर्क फ्राम होम, रेटिंग रिव्यू, बीमा पॉलिसी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करते थे. इसके लिए फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग किया जाता था. आरोपियों ने इसके लिए 50 लाख रुपए में करीब 100 खाते खरीदे थे. जांच में यूएसडीटी और क्रिप्टोकरेंसी में 15 करोड़ से अधिक के लेनदेन की भी जानकारी सामने आई है. ठगी के रकम से आरोपियों ने जमीन भी खरीदा है. आरोपियों से 13 नग मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड जप्त किया गया है. आरोपियों के खिलाफ साइबर, आईटी एक्ट व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

सायबर ठगों को सौंपा अपना बैंक अकाउंट, 1 करोड़ 30 लाख का हुआ लेनदेन, तीन खाताधारक गिरफ्तार

मुंगेली छत्तीसगढ़ में सायबर ठगी के बढ़ते मामलों को रोकने की दिशा में मुंगेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. SP भोजराम पटेल के निर्देशन में जिले में सायबर ठगों को अपना बैंक अकाउंट सौपने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है. खातों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच की, जिसमें 1 करोड़ 30 लाख रूपये का लेन-देन किया गया था. कमिशन के लालच में सायबर अपराध में शामिल ऐसे 3 म्यूल खाताधारकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. क्या है पूरा मामला? मुंगेली पुलिस ने सायबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे म्यूल खातों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. एसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर म्यूल खाताधारकों के खिलाफ जांच शुरू की गई, जिसमें पाया गया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था. पुलिस ने साइबर अपराध समन्वय केंद्र और पुलिस मुख्यालय रायपुर की तकनीकी टीम से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू की. इस दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं में 5 लाख 76 हजार रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया. जांच में क्या खुलासा हुआ? पुलिस ने 2 मार्च 2025 को 22 बैंक खाताधारकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और संगठित अपराध के तहत मामला दर्ज किया. जांच में यह सामने आया कि संजीव जांगड़े नामक व्यक्ति ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, आधार कार्ड, एटीएम और मोबाइल नंबर ईश्वर घृतलहरे को 12,000 रुपये में बेच दिया था. ईश्वर ने इसके बाद 10,000 रुपये कमीशन लेकर सेवकराम साहू को बेच दिया. इस प्रक्रिया में इन तीनों आरोपियों के बैंक खातों से 1 करोड़ 30 लाख रुपये का लेन-देन हुआ. आरोपियों की पहचान:     संजीव जांगड़े (35 वर्ष), निवासी बोदा, थाना फास्टरपुर     ईश्वर सिंह घृतलहरे (47 वर्ष), निवासी सेमरचुवा, थाना फास्टरपुर     सेवकराम साहू (40 वर्ष), निवासी चिखली, थाना भोरमदेव, जिला कबीरधाम ये तीनों आरोपी साइबर ठगों को अपने बैंक खाते देने के बदले कमीशन लेते थे, और इन खातों का उपयोग ठगी से प्राप्त पैसे को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है, और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. म्यूल अकाउंट क्या होता है? म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें साइबर ठग धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर करने के लिए उपयोग करते हैं. साइबर अपराधी इन खातों का उपयोग यूपीआई के जरिए बिना बैंक गए पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करने में करते हैं. इन खातों को बेचने वाले लोग अक्सर कमीशन के लालच में अपनी जानकारी साइबर ठगों को देते हैं, जिससे धोखाधड़ी की रकम इनके खातों में जमा होती है. पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि जांच अभी भी जारी है, और साइबर ठगी से जुड़ी सभी जानकारी एकत्रित की जा रही है. उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी लालच में आकर अपना खाता, एटीएम, सिमकार्ड या अन्य जानकारी साइबर ठगों को न दें. यदि कोई इस प्रकार का धोखाधड़ी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet