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भोपाल स्टेशन पर प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक द्वारा निरीक्षण

 भोपाल  भोपाल स्टेशन पर प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कुशाल सिंह द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कुशाल सिंह ने बुकिंग ऑफिस एवं रिजर्वेशन कार्यालय का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों एवं एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) फैसिलिटेटर से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। इसके पश्चात उन्होंने रिफ्रेशमेंट रूम में खानपान व्यवस्था का निरीक्षण किया और वहां की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं यात्रियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने स्टेशन प्रबंधक एवं वाणिज्य पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर समन्वयपूर्वक कार्य करने, समस्याओं के निराकरण में तत्परता बरतने एवं यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने टिकट जांच कर्मचारियों से भी संवाद कर उन्हें यात्रियों से शालीनतापूर्वक व्यवहार करने एवं राजस्व वृद्धि में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कुशाल सिंह ने पार्सल व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं उनके सुझावों पर विचार किया। उन्होंने प्लेटफार्म क्रमांक एक पर पार्सल ऑफिस स्थापित करने की संभावनाओं की जांच के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, मंडल वाणिज्य प्रबंधक पंकज कुमार दुबे सहित अन्य वाणिज्य पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल स्टेशन पर किए गए इस निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने रेल सेवाओं को बेहतर बनाने एवं गैर-किराया राजस्व में वृद्धि हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए की प्लानिंग, यमुना में ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने और पानी में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर बीते दो दशकों में कई प्लानिंग हुईं। यमुना पर इस दौरान काफी खर्च भी किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। दिल्ली की यमुना अब भी नाले के समान ही नजर आ रही है। अब एक बार फिर नई दिल्ली सरकार ने यमुना को लेकर लोगों में आशा जगाई है। यमुना को साफ करने के इसी प्लान पर  पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से बात की। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। 1. यमुना को साफ करने में कितना समय लग जाएगा? यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैं यह विश्वास जरूर दिला सकता हूं कि अगले दो से तीन साल में यमुना में फर्क को महसूस किया जा सकेगा। दिल्ली में यमुना नजर आने लगेगी और लोग इसके किनारों पर आकर नदी से जुड़ेंगे। इसके लिए हमने पहले दिन से कोशिश शुरू कर दी है। यमुना पर कई तरह के काम किए जा रहे हैं। 2. अगले तीन साल में यह फर्क लाने के लिए किन स्तरों पर काम किया जा रहा है? सबसे पहले तो हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यमुना में एक बूंद पानी भी अनट्रीटेड न जाए। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से STP पर काम शुरू हो गया है। दूसरा यमुना अभी दिल्ली में मरी हुई है। यमुना में ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम है। इसलिए पानी में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने की योजनाएं बन रही हैं। तीसरा यमुना में किसी भी इंडस्ट्री का वेस्ट न जाए इसके लिए भी काम शुरू हो रहा है। तीन सालों में 95 प्रतिशत सीवरेज समस्या को हम खत्म कर देंगे। 3. क्या आप मानते हैं प्रदूषण सिर्फ दिल्ली नहीं, हरियाणा से भी यमुना में घुल रहा है? हरियाणा से जब यमुना दिल्ली में आती है तो इसके पानी में ऑक्सीजन होता है। लेकिन दिल्ली में आने के बाद ऑक्सीजन खत्म हो जाता है। इसका मतलब यही है कि दिल्ली यमुना को अधिक प्रदूषित कर रही है। हरियाणा से भी यमुना में थोड़ा बहुत प्रदूषण आ रहा है। वह काम कर रहे हैं। हरियाणा का रोल यमुना को साफ करने में कम है। यमुना से आने वाला 90 प्रतिशत पानी लगभग साफ है। दिल्ली में आने से पहले हरियाणा में करीब आधा किलोमीटर के हिस्से में कुछ फैक्ट्रियां हैं जिससे सीमित मात्रा में प्रदूषण यमुना में आ रहा है। हरियाणा CM ने इसे रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। 4. यमुना में आरती शुरू हो गई है। धार्मिक टूरिज्म की भी तैयारी है? नदियां दूसरे शहरों में आकर्षण का केंद्र हैं। हम दिल्ली में भी यमुना को उसी रूप में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यमुना को साफ करना हमारी प्राथमिकता है। रिवर फ्रंट का काम तेजी से चल रहा है। यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यमुना के किनारे विकसित हुए पार्क से लोग यमुना से जुड़ रहे हैं। अगले दो से तीन सालों में यह फर्क राजधानी का हर व्यक्ति महसूस करेगा। 5. टूरिज्म बढ़ाने के लिए नदी में बहाव जरूरी है। अभी यमुना अधिकांश महीनों में सूखी रहती है? हम यूपी सरकार के साथ पानी बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। योजना के तहत यूपी सरकार हमें कच्चा पानी देगी और दिल्ली ट्रीटेड पानी यूपी को देगी। इससे यमुना में पानी का स्तर बढ़ेगा। उसे तेजी से फॉलोअप किया जा रहा है। उस कच्चे पानी को लेकर कैसे आना है इस पर काम हो रहा है। DJB के साथ इस पर मीटिंग हुई है। 6. यमुना के पानी में ऑक्सीजन का स्तर किस तरह बढ़ाया जाएगा? बीते दस सालों में यमुना में दिल्ली में सीवर काफी मात्रा में डाला गया है। यह सीवर नदी की निचली सतह में जमा हो चुका है। इस गाद को निकालने का काम किया जा रहा है। जैसे ही गाद निकलेगा पानी का बहाव बढ़ेगा। इसये पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता जाएगा। 7. 22 नालों को ट्रैप किया जाना है। अभी तक कितने को पूरी तरह ट्रैप कर पाए हैं? बड़ी संख्या में नाले ट्रैप कर लिए गए हैं। अगले सात से आठ महीने में सभी नालों को ट्रैप कर लिया जाएगा। हमारी चिंता STP को अपग्रेड करना और ठीक करना है ताकि यमुना में एक बूंद दूषित पानी न जाए। 8. एक्सपर्ट कहते आए हैं कि यमुना के एक्शन प्लान में उनसे सलाह नहीं ली जाती? यह NBT का अच्छा सुझाव है। कहीं से भी अच्छे सुझाव आएं, उसे शामिल किया जाना चाहिए। हम ऐसा जरूर करेंगे। सभी कंसलटेंट, सबजेक्ट एक्सपर्ट, रिवर एक्टिविस्ट आदि से हम सलाह लेंगे और यमुना को सबके सहयोग से साफ करेंगे। हमारा मकसद यमुना की सफाई है। 9. कई जगह पर यमुना में लोग कूड़ा डालते दिख रहे हैं। इसे रोकने के लिए क्या जुर्माना बढ़ाया जाएगा? जुर्माना बढ़ाने की बात तो नहीं है। लेकिन NBT ने यह अच्छा सुझाव दिया है। अब फोर्स भी बढ़ा रहे हैं ताकि यमुना के प्रमुख पॉइंट पर चौकसी बढ़ा सकें। जरूरत के हिसाब से यह फोर्स ड्रेन या यमुना में तैनात रहेगी ताकि कचरा यमुना में न जाए। एक बटालियन लेने की हम कोशिश कर रहे हैं। 10. यमुना की सहायक नदी साहिबी को रिवाइव करने का प्लान था? इसके लिए क्या कर रहे हैं? साहिबी नदी को रिवाइव करने का काम दिल्ली सरकार कर रही है। वह काम पहले भी LG वी के सक्सेना की निगरानी से शुरू हुआ था। इसका उस समय काफी असर दिखने लगा था। यमुना और नजफगढ़ ड्रेन में ऑक्सीजन बढ़ने लगा था। लेकिन पिछली सरकार ने कोर्ट में केस डाला और यह काम रुक गया। इन मामलों से जुड़े मुकदमों को वापस लिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न डिपार्टमेंट के साथ इसे लेकर उनकी मीटिंग हो चुकी है।    

आज सोने-चांदी के दाम में हुआ बड़ा बदलाव, जानें आज का लेटेस्ट रेट

भोपाल देशभर में मार्च के आखिरी हफ्ते में बाजार लगातार अस्थिरता का सामना कर रहे हैं. इस बीच देश में सोने-चांदी के दामों में भी लगातार उतार चढ़ाव दिख रहा है. सोने के भाव में ये बदलाव इंडियन शेयर मार्केट में गिरावट चल रही है. जिसका असर गोल्ड मार्केट में भी दिख रहा है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज शनिवार (22 मार्च) को भारतीय बुलियन (www.bullions.co.in) के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 22 कैरेट सोने का रेट आज: 80,786 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 81,501 रुपए – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 88,130 Rs/10gm बीते दिन: 88,910 रुपए प्रति 10 ग्राम – भोपाल में चांदी का भाव आज: 98,000 रुपए/1 किलो बीते दिन: 100,070 रुपए प्रति किलो बाजार में गिरावट, सोने के भी गिरे भाव अब बात करें तो देशभर में शेयर मार्केट रेड जोन में बना हुआ है. सेंसेक्स से लेकर निफ्टी 50 तक गिर रहे हैं. वहीं पिछले एक हफ्ते में सोने के भाव लगभग 1800 रुपए तक बढ़े है. आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने का शुरुआती कारोबार गिरावट के साथ शुरू हुआ, जहां देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 88,190 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 88,980 Rs/10gm – भारत में चांदी का भाव आज: 98,070 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 100,140 रुपए/किलो संकट में भारतीय बाजार, अब आगे क्या? देश-दुनिया में पिछले 5 महीने में शेयर बाजार रिकॉर्ड गिरावट से गुजर रहा है. जहां बाजार से बड़ी संख्या में फॉरेन इंवेस्टर भारत छोड़ रहे हैं. इस बीच सोने के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है और सेंसेक्स से लेकर निफ्टी तक रेड जोन में है. इसके अलावा इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी जारी है. अब अगर आप भी गोल्ड खरीदी की सोच रहे हैं तो फटाफट खरीद ले, क्योंकि आने वाले दिनों में सोना और भी रिकॉर्ड महंगाई छु सकता है. बाजार के ट्रेंड की माने तो इस साल के अंत तक सोना 95 हजार पार कर सकता है. हालमार्क ही है असली सोने की पहचान देखिए अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

बॉक्सिंग के दिग्गज और दो बार के हेवीवेट चैंपियन जॉर्ज फोरमैन ने दुनिया से अलविदा कह दिया

मैक्सिको अमेरिकी मुक्केबाजी के दिग्गज जॉर्ज फोरमैन का शुक्रवार (21 मार्च) को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया. फोरमैन ने मैक्सिको में 1968 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था. फोरमैन ने “रंबल इन द जंगल” में मुहम्मद अली से भी मुकाबला किया था. वहीं उन्होंने 19 साल की उम्र में हेवीवेट गोल्ड मेडल जीता था. जॉर्ज फोरमैन के परिवार ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से उनकी मौत की पुष्टि की. प्रोफेशनल बॉक्सर बनने के बाद फोरमैन ने किंग्स्टन, जमैका में मौजूदा चैम्प‍ियन जो फ्रेज‍ियर का सामना करने से पहले लगातार 37 मैच जीते.   उन्होंने दो राउंड के बाद तकनीकी नॉकआउट से फ्रेज‍ियर को श‍िकस्त दी थी. फोरमैन को 1974 में प्रसिद्ध ‘रंबल इन द जंगल’ के लिए जाना जाता है, जहां उन्होंने अपना पहला खिताब प्रतिष्ठित मुहम्मद अली से मुकाबले के दौरान गंवा दिया था. फोरमैन ने किंशासा, जैरे (अब कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) में मुहम्मद अली का सामना करने से पहले दो बार सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव किया, जो मुक्केबाजी के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित मैचों में से एक बन गया.उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार ने इंस्टाग्राम पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति उनके समर्पण और मुक्केबाजी जगत में उनके प्रदर्शन की तारीफ की.   फोरमैन के परिवार ने इंस्टाग्राम पर लिखा- हमारा दिल टूट गया है, गहरे दुख के साथ, हम अपने प्रिय जॉर्ज एडवर्ड फोरमैन सीनियर के निधन की घोषणा करते हैं, जो 21 मार्च, 2025 को प्रियजनों के बीच शांतिपूर्वक दुन‍िया छोड़कर चले गए. एक समर्पित उपदेशक, एक समर्पित पति, एक प्यारे पिता और एक गर्वित दादा और परदादा…उन्होंने अटूट विश्वास, विनम्रता और उद्देश्यपूर्ण जीवन जिया. 1990 के दशक में र‍िटायर होने के बाद, फोरमैन विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट के एक भावुक स्पोक्सपर्सन बन गए. इनमें उनका सबसे शानदार विज्ञापन घरेलू उपकरण ब्रांड साल्टन इंक का इलेक्ट्रिक ग्रिल था. फोरमैन ने अपना प्रोफेशनल कर‍ियर 76 जीत और पांच हार के रिकॉर्ड के साथ समाप्त किया, उन्होंने अपना अंतिम मैच 1997 में खेला था.  

राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी के 53,749 पदों पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया, 10वीं पास करें आवेदन

जयपुर राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी के 53,749 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि 19 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म करेक्शन का वक्त दिया जाएगा। विभाग का नाम: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड पद का नाम: चतुर्थ श्रेणी पदों की संख्या: 53749 इस भर्ती परीक्षा का टेस्ट कंप्यूटर आधारित होगा। दोगुना अभ्यर्थियों को डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :10वीं पास आयु सीमा : 18 से 40 वर्ष आवेदन शुल्क : सामान्य : 600 रुपए अन्य: 400 रुपए वेतन : पे मैट्रिक्स लेवल – 1 के अनुसार चयन प्रकिया : लिखित परीक्षा डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन एग्जाम पैटर्न : परीक्षा दो घंटे की होगी। सामान्य हिंदी, अंग्रेजी, जनरल नॉलेज और मैथ्स से होंगे। परीक्षा 200 अंकों की होगी। आवेदन प्रकिया: ऑफिशियल वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन करें।

425 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद, कीमत 27 लाख रुपये आंकी गई, दो तस्करों को गिरफ्तार

बलिया  यूपी-बिहार को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु के पुलिस पिकेट के पास पुलिस और सर्विलांस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 425 पेटी (3672 लीटर) अंग्रेजी शराब बरामद की। इस शराब की कीमत लगभग 27 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान जयप्रकाशनगर (भवन टोला) निवासी अमरजीत सिंह और गड़वार थाना क्षेत्र के सिंहाचवर निवासी मंजीत वर्मा के रूप में हुई है। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने जयप्रभा सेतु के पास घेराबंदी की और पिकअप वाहन में लदी शराब के साथ दोनों तस्करों को धर दबोचा। सूचना मिली थी कि ये तस्कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब को बिहार ले जा रहे थे। कार्रवाई में बैरिया चौकी इंचार्ज सुशील कुमार यादव, एसआई अजय कुमार, सर्विलांस प्रभारी विश्वनाथ यादव, एसओजी के दिलीप पाठक और उनके सहयोगी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ बैरिया थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि यह जांच की जा रही है कि तस्करी में और कौन-कौन शामिल है और यह शराब किस दुकान से लाई गई थी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में शराब तस्करी पर नकेल कसने की कोशिश तेज हो गई है।

गुड़ी पड़वा का पर्व कब मनाया जाएगा, 29 या 30 मार्च को जानें

गुड़ी पड़वा भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व में से एक हैं. इसी दिन हिंदू वर्ष की भी शुरुआत होती है. ऐसे में गुड़ी पड़वा का महत्व और भी बढ़ जाता है. यह पर्व देश भर में मनाया जाता है. लेकिन विशेष रूप से महाराष्ट्र और कोंणक क्षेत्र में गुड़ी पड़वा हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा मराठी हिंदुओं के लिए पारंपरिक नए साल का प्रतीक है. गुड़ी पड़वा दो शब्दों से मिलकर बना हैं. जिसमें गुड़ी का अर्थ होता हैं विजय पताका और पड़वा का मतलब प्रतिपदा होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, गुड़ी पड़वा यानी चैत्र माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार गुड़ी पड़वा का पर्व रविवार 30 मार्च को मनाया जाएगा. गुड़ी पड़वा पूजा विधि गुड़ी पड़वा की पूजा करने से लिए गुड़ी को अच्छी तरह बांधकर सुगंध, फूल और अगरबत्ती लगाकर दीपक से गुड़ी की पूजा करें. उसके बाद दूध-चीनी, पेड़े का प्रसाद अर्पित करते हैं. इसके बाद दोपहर के समय गुड़ी पर मीठा प्रसाद अर्पित करें. इसके अलावा परंपरा के अनुसार श्रीखंड-पुरी या पूरन पोली का भोग लगाएं. उसके बाद सूर्यास्त के समय हल्दी-कुमकुम, फूल और अक्षत आदि अर्पित कर गुड़ी को उतार लें.

अक्षय कुमार की ‘केसरी चैप्टर 2’ का प्रोमो जारी

मुंबई अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘केसरी’ 2019 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। अब फिल्म का सीक्वल भी आ रहा है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। वहीं, अब दर्शकों का उत्साह बढ़ाने के लिए निर्माताओं ने आज ‘केसरी चैप्टर 2’ का दमदार प्रोमो भी जारी कर दिया है। निर्माताओं ने फिल्म की छोटी सी झलक साझा की है। फिल्म का प्रोमो अक्षय कुमार ने जारी किया। प्रोमो जारी करने के साथ ही ‘केसरी चैप्टर 2’ के टीजर की रिलीज डेट का भी खुलासा किया गया। बात करें प्रोमो की तो वीडियो में लिखा है कि साहस को दिखाती एक क्रांति। वहीं, प्रोमो साझा करते हुए अक्षय कुमार ने कैप्शन में लिखा, ‘कुछ लड़ाईयां हथियारों से नहीं जीती जातीं।’

फॉरेस्ट्स एण्ड फूड्स थीम पर आधारित है वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

प्रशिक्षण से अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मिलेगा मदद

रायपुर राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यशाला का  सफलतापूर्वक समापन हुआ। अटल नगर, नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में 20 और 21 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ करना, नीति-निर्माण को डेटा आधारित बनाना और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना था। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों के लिए मूल्यांकन, क्यों, कब और कैसे विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के अधिकारियों को मानिटरिंग और इवैल्यूएशन के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गयी। योजनाओं की प्रगति प्रभाविता को ट्रैक करने और परिणामों का विश्लेषण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। मूल्यांकन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योजनाओं के प्रभाव को मापने के लिए लॉजिकल फ्रेमवर्क और थ्योरी ऑफ चेंज का उपयोग, डेटा संग्रह की पद्धतियां, प्रभावी नीति निर्माण के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यशाला में मूल्यांकन में आने वाली चुनौतियां और समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला में प्रोग्राम/स्कीम इवैल्यूएशन के महत्व, उसके विभिन्न प्रकार, तरीकों, रूपरेखा (फ्रेमवर्क) और गुणवत्ता आश्वासन (क्वालिटी एश्योरेंस) पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रभावी मूल्यांकन से न केवल योजनाओं की सफलता और विफलता का विश्लेषण किया जा सकता हैए बल्कि सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान डेटा संग्रह, विश्लेषण तकनीक, निगरानी एवं मूल्यांकन के सर्वाेत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रभाव मूल्यांकन, प्रक्रियात्मक मूल्यांकन और परिणाम मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने बताया कि आयोग मूल्यांकन हेतु संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उपाय अपना रहा है। आने वाले समय में नीति निर्माण को डेटा संचालित और प्रभावी बनाने इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पारदर्शी और सटीक मूल्यांकन आवश्यक है। यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा। कार्यशाला के समापन अवसर पर राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और डी.एम.ई.ओ. टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, कि भविष्य में राज्य नीति आयोग और डी.एम.ई.ओ. इस तरह की और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित शासन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। कार्यशाला में डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार के निदेशक अबिनाश दास व उनकी एक्सपर्ट टीम द्वारा आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, डाटा गर्वनेंस क्वालिटी इंडेक्स एवं लॉजिकल फ्रेमवर्क तथा मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन के बारे में प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा की गई। उक्त कार्यशाला में सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, योजना विभाग सहित अन्य विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये।

राज्यपाल डेका ने सरोवरों के आसपास पेड़ लगाने और जल संचयन के उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली और उनकी समीक्षा की। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, राजनांदगांव रेंज आईजी दीपक झा, कलेक्टर चन्द्रकांत वर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिले में संचालित “अमृत सरोवर” योजना की जानकारी लेते हुए राज्यपाल डेका ने सरोवरों के आसपास पेड़ लगाने और जल संचयन के उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जल स्तर की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण जनों को जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। राज्यपाल रमेन डेका ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। राज्यपाल ने लाइव टीबी केस की जानकारी भी ली और जिला प्रशासन को जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि टीबी से बचाव और उपचार की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सके। इसके अलावा, राज्यपाल ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की समीक्षा भी की और टीबी उन्मूलन में रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जिले में चल रहे सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली और समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने एक पेड़ माँ के नाम पर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि वृक्षारोपण के महत्व के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में सहकारी संस्थाओं की भी समीक्षा की गई, जिसमें राज्यपाल ने कहा कि आम नागरिकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनजातीय और वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विकास करने और इन क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाने के लिए उपाय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि सही समय पर जनजातीय समुदायों को इनका लाभ मिल सके। राज्यपाल ने श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की भी जानकारी ली और श्रम विभाग से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी। अंत में, राज्यपाल ने कृषि विभाग की समीक्षा की, जिसमें जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए चल रही गतिविधियों की जानकारी ली गई। उन्होंने कोदो फसल प्रदर्शन और जैविक खेती मिशन के अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी नागरिकों को प्रदेश की योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए और समय पर उनका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नम्बर एक राज्य बनाना है। इसके लिये टीम भावना के साथ कार्य करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नम्बर एक राज्य बनाना है। इसके लिये टीम भावना के साथ कार्य करें। बिजली कंपनियों की नवीन संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) स्वीकृत होते ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश गुरूवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। सभी कंपनियों की नीति एक जैसी हो मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी रखने की नीति सभी कंपनियों की एक समान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की एक टीम बनायें, जो यह देखे कि कंपनियों में क्या समस्यायें हैं। साथ ही उनके निराकरण के लिए एक समान नीति बनाये। लाइन लासेस कम करें मंत्री श्री तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों के आधार पर लाइन लॉसेस कम करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली बिलों की बसूली कम होती है, वहाँ वसूली बढ़ाने के लिये कार्य योजना बनायें। उपभोक्ता संतुष्टि को प्राथमिकता दें। लोक अदालतों में कराये प्रकरणों का निराकरण मंत्री श्री तोमर ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण करायें। इससे कंपनी की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बिलिंग के सिस्टम में समानता होनी चाहिए। अवैध कनेक्शन को मीटरीकृत कर वैध करें। इससे बिलों की वसूली हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में तत्परता से कार्यवाही करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप नीति बनायें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करें। जनसंवाद करें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जन संवाद को गंभीरता से लें। यह कंपनी और उपभोक्ता दोनों के लिये लाभकारी है। वर्ष 2021 से अभी तक 17 लाख 20 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं से संवाद हो चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग की परिसंपत्तियों को सूचीवद्ध करवाकर उन्हें सुरक्षित करें। आवश्यकतानुसार फेंसिंग अथवा वाउण्ड्रीबाल बनवायें। बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी दी। बैठक में एम.डी. पूर्व क्षेत्र कंपनी श्री अनय द्विवेदी, एम.डी. मध्य क्षेत्र कंपनी श्री क्षितिज सिंघल और एम.डी. पश्चिम क्षेत्र कंपनी श्री अनूप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

विश्व जलदिवस पर ‘ग्लेशियर संरक्षण‘ थीम पर एक सेमिनार का आयोजन आज

जबलपुर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स लोकल सेंटर साउथ सिविल लाइन्स जबलपुर के तत्वावधान में आज शाम 06 बजे से विश्व जलदिवस पर ‘‘ग्लेशियर संरक्षण‘‘ थीम पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष इंजी. सुरेन्द्र सिंह पवार ने बताया कि इस सेमिनार में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. राजीव चांडक मुख्य अतिथि रहेंगे, जबकि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जबलपुर के सीनियर जियोलॉजिस्ट श्री ए.एस. खान मुख्य वक्ता के रूप में अपना व्याख्यान देंगे। लोकल सेंटर के चेयरमेन श्री संजय कुमार मेहता, संयोजक डॉ. संजय के वर्मा, मानसेवी सचिव डॉ. राजीव जैन, आयोजक सचिव श्री राजेश ठाकुर एवं सहसंयोजक श्री मनीष वाजपेई ने इस महत्वपूर्ण सेमिनार में इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों एवं अन्य से उपस्थिति की अपील की है।

Google जल्द ही जीमेल के सर्च इंजन को भी AI से करेगी लैस

नई दिल्ली दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ईमेल ऐप Gmail का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। टेक्नोलॉजी में एआई (AI) के बढ़ते प्रभुत्व को देखते हुए अब Google जल्द ही जीमेल (Gmail) के सर्च इंजन को भी AI से लैस करेगी। इसके बाद किसी ईमेल को सर्च करना आसान हो जाएगा। इसके बाद जीमेल के इनबॉक्स में यूजर्स की पसंद के हिसाब से ईमेल नजर आएंगे। यह अपडेट आने के बाद ईमेल में सबसे ऊपर सबसे रिसेंट की जगह यूजर्स की पसंद के ईमेल दिखेंगे। जानकारों के मुताबिक AI अपग्रेड की मदद से जीमेल के सर्च रिजल्ट बेहतर हो सकेंगे। इससे यूजर्स को कोई ईमेल सर्च करने में ज्यादा टाइम खर्च नहीं करना पड़ेगा। कंपनी ने बताया कि नई अपडेट में कीवर्ड पर बेस्ड क्रॉनोलॉजिकल ऑर्डर में ईमेल दिखाने की बजाय सबसे ज्यादा क्लिक किए गए और फ्रीक्वैंट कॉन्टैक्ट आदि के ईमेल ऊपर दिखाए जाएंगे। यानी अब इनबॉक्स में रिसेंट की जगह उन ईमेल को सबसे ऊपर दिखाया जाएगा, जो AI को लगता है कि आपके लिए सबसे जरूरी है। अब ईमेल सर्च होगी पहले से तेज पहले जीमेल में जब कोई ईमेल खोजा जाता था, तो सिर्फ कीवर्ड के आधार पर ईमेल दिखते थे, लेकिन अब नया फीचर कई और चीजों को ध्यान में रखेगा। इससे जरूरी ईमेल जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। गूगल का कहना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और वे अपनी जरूरी जानकारी आसानी से खोज सकेंगे।यह फीचर वेब ब्राउजर, एंड्रॉयड और iOS के जीमेल ऐप में उपलब्ध होगा, जिससे किसी भी डिवाइस से इसका फायदा लिया जा सकेगा। यूजर को दिया जाएगा कंट्रोल गूगल इस फीचर का पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में देगी। यानी यूजर इस फीचर को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। उनके हाथ में AI-पावर्ड सर्च इंजन या ट्रेडिशनल सर्च फीचर में से एक चुनने का ऑप्शन होगा। इसके लिए ऐप में एक टॉगल दिया जाएगा। इसकी मदद से यूजर मोस्ट रेलिवेंट या मोस्ट रिसेंट में से एक चुन सकेंगे। कंपनी ने इस फीचर को धीरे-धीरे रोलआउट करना शुरू कर दिया है और कई पर्सनल गूगल अकाउंट्स पर यह नजर भी आने लगा है। वेब के अलावा एंड्रॉयड और iOS पर जीमेल ऐप में यह फीचर उपलब्ध होना शुरू हो गया है। गूगल अन्य जगहों पर जोड़ रही AI जीमेल के अलावा, गूगल अपने सर्च और शॉपिंग पोर्टल में भी AI का इस्तेमाल बढ़ा रही है। इस महीने ही कई नए AI-संबंधित अपडेट देखने को मिले हैं। अगर कोई यूजर AI की मदद से सर्च नहीं करना चाहता, तो जीमेल में एक टॉगल ऑप्शन होगा, जिससे वे पुराने तरीके से ईमेल खोज सकते हैं।गूगल लगातार अपने प्लेटफॉर्म पर AI का उपयोग बढ़ा रही है, ताकि लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकें।

मार्च के शेष 10 दिन बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे

इन्दौर मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मार्च के राजस्व संग्रहण महा अभियान एवं उपभोक्ता सुविधा के मद्देनजर इंदौर, उज्जैन, रतलाम जिले सहित मालवा निमाड़ के सभी 434 जोन, वितरण केंद्र के तहत बिजली बिल भुगतान केंद्रों को अगले दस दिनों 22 से 31 मार्च तक प्रतिदिन खुले रखने का निर्णय लिया हैं। भुगतान केंद्र शनिवार, रविवार को अवकाश के दिन के साथ ही गुड़ी पड़वा 30 मार्च, ईद उल फितर 31 मार्च के अवकाश के दिन भी खुल रहेंगे। बिजली उपभोक्ता बकाया देयकों का इन केंद्रों पर कार्यालय अवधि में भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा कैशलेस तरीके से देयकों का घर बैठे पेटीएम, फोन पे, गुगल पे, अमेजान इत्यादि माध्यमों, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से भुगतान किया जा सकता हैं। कैशलेस बिजली बिल भुगतान पर प्रत्येक बिल पर निर्धारित छूट प्रदान की जाती हैं, यह कैशलेस छूट अगले बिल में स्पष्ट उल्लेखित होती हैं।

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