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मायावती ने आज विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया, चुनाव के लिए नया दांव चला

लखनऊ यूपी की राजनीति में लगातार पिछड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नया दांव चल दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने 2007 की तरह 2027 के लिए भाईचारा कमेटियों का ऐलान करते हुए बड़े स्तर पर आयोजनों की तैयारी शुरू कर दी है। मायावती ने 2007 में भाईचारा कमेटियों के जरिए ही दलितों के साथ ब्राह्णण समाज को जोड़ते हुए बसपा की बहुमत वाली सरकार बनाई थी। इस बार मायावती की नजर पिछड़े यानी ओबीसी समाज पर है। मायावती ने मंगलवार को पिछड़े समाज की विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया। बसपा ने 2007 में इसी तरह से भाईचारा कमिटियां बनाकर पहली बार बिना किसी सहयोग अपनी सरकार बनाई थी। अगले चुनाव में सपा से हारने के बाद भाईचारा कमेटियों का कार्यकाल खत्म हो गया और दोबारा नहीं बन सकीं। इसके बाद लगातार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बसपा की ताकत घटती चली गई। लोकसभा में बसपा शून्य हो चुकी है और विधानसभा में केवल एक विधायक रह गया है।   बहुजन समाज के सभी अंग को संगठित करेंगे मंगलवार को आयोजित पिछड़ा समाज के भाईचारा कमेटी के ऐलान पर मायावती ने कहा कि दलितों की तरह ही अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों के जातिवादी द्वेषपूर्ण, हीन व संकीर्ण रवैये के कारण उनकी हर स्तर पर उपेक्षा, शोषण, तिरस्कार आदि का अपमान झेलते रहने से मुक्ति के लिए डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के संघर्ष के अनुरूप ’बहुजन समाज’ के सभी अंग को आपसी भाईचारा के आधार पर संगठित राजनीतिक शक्ति बनकर वोटों की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करेगी। पार्टी मुख्यालय में पिछड़ी जातियों की विशेष बैठक में मायावती ने कहा कि और अधिक ऊर्जा, तीव्रता से सार्थक बनाने हेतु नया ज़ोरदार अभियान शुरू करने की जरुरत है। इस अभियान के दौरान गांव-गांव में लोगों को खासकर कांग्रेस, भाजपा एवं सपा आदि इन पार्टियों के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे के साथ-साथ इनके द्वारा लगातार किए जा रहे छल, छलावा तथा इन बहुजनों को उनके हक व न्याय से वंचित रखे जाने के कारण इन लोगों का जीवन लगातार खराब व बदहाल बने रहने के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। बसपा सरकार में पिछड़ों के लिए किए गए कार्य वैसे भी अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने से लेकर पार्टी में आगे बढ़ाने तथा उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार द्वारा इन वर्गों के हित व कल्याण के लिए तथा इनके महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि को पूरा-पूरा आदर-सम्मान देने के लिए जो अनेकों ठोस बुनियादी ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं वे बेमिसाल हैं, जिनमें से कुछ ख़ास का यहां उल्लेख भी किया गया है। पिछड़ों का हित बसपा में ही सुरक्षित बैठक में आमजन की इस धारणा को स्वीकार किया गया कि गांधीवादी कांग्रेस, आरएसएसवादी भाजपा एवं सपा व इनकी पीडीए में जिसे लोग परिवार डेवल्पमेन्ट अथारिटी भी कहते है इसमें बहुजन समाज में से ख़ासकर अन्य पिछड़े वर्गों के करोड़ों बहुजनों का हित कभी भी ना सुरक्षित था और ना ही आगे सुरक्षित रह सकता है। ​इसीलिए मायावती के नेतृत्व तले भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि इन सभी जातिवादी पार्टियों को परास्त करके राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना ही बहुजनों के सामने अपने ’अच्छे दिन’ लाने का एकमात्र बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही अगले माह 14 अप्रैल को इन वर्गों के एकमात्र मसीहा डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती परम्परागत तौर पर पूरी मिशनरी भावना से मनाने का निर्देश दिया। किसे कहां की जिम्मेदारी बैठक के बाद बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के तमाम नेताओं को राज्य के अलग-अलग मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी। प्रयागराज मंडल के बीएसपी भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी अवधेश कुमार गौतम और अनिल सिंह पटेल को दी गई है। महाकुंभ मेला भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी प्रवीण गौतम और विकास पाल को दी गई है। फतेहपुर भाईचारा संगठन के संयोजक की जिम्मेदारी रिंकू गौतम और रामशरन पाल को दी गई है। इसके अलावा प्रतापगढ़ में शोभनाथ गौतम और बाके लाल पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कौशांबी में मनीष गौतम और पप्पू निषाद, अयोध्या मंडल में रोहित गौतम और विजय वर्मा, अंबेडकरनगर में कृष्णकांत अंबेडकर उर्फ पंकज और मनोज कुमार वर्मा, सुल्तानपुर में दीपक भारती और नन्हेलाल निषाद, मिर्जापुर मंडल में संतोष कुमार और संतोष कुमार पाल के अलावा सोनभद्र में परमेश्वर और रमेश कुमार कुशवाहा को जिम्मेदारी दी गई है। भदोही में रामसनेही गौतम और वंशीधर मौर्य, अमेठी में विद्या प्रसाद गौतम और रमेश कुमार मौर्या के अलावा बाराबंकी में प्रदीप कुमार गौतम और माधव सिंह पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाध्यक्षों की बात करें तो अयोध्या में कृष्ण कुमार पासी, अंबेडकरनगर में सुनील सावंत गौतम, सुल्तानपुर में सुरेश कुमार गौतम और अमेठी में दिलीप कुमार कोरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बाराबंकी में कृष्ण कुमार रावत, प्रयागराज में पंकज कुमार गौतम, महाकुंभ मेला में सतीश जाटव, फतेहपुर में डॉ. दीप गौतम, प्रतापगढ़ में सुशील कुमार गौतम और कौशांबी में राकेश कुमार गौतम को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए अपना अधिकार मान लिया: सीएम योगी

लखनऊ स्‍टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा महाराष्‍ट्र के उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई विवादित टिप्‍पणी को लेकर सियासत गर्म है। इस बीच उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस बारे में पहली प्रतिक्रिया दी है। इंटरव्‍यू में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है।’ बता दें कि स्‍टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर नाम लिए बगैर विवादित टिप्‍पणी की थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद से कामरा की मुश्किलें बढ़ती चली जा रही रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने इस मामले में कुणाल कामरा को समन भेजा है। उधर, कामरा की विवादित टिप्‍पणी वाला वीडियो सामने आने के बाद नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित स्‍टूडियो और एक होटल में तोड़फोड़ की थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियो यहीं पर शूट हुआ था। कामरा के खिलाफ मुंबई में शिवसेना नेताओं ने केस भी दर्ज कराया है। शिवसेना (शिंदे) ने कामरा से माफी मांगने की मांग की थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि कामरा यदि माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना अपने ढंग से जवाब देगी। इस बीच एएनआई के इंटरव्‍यू में सीएम योगी आदित्‍यनाथ से जब बताया गया कि महाराष्‍ट्र में कॉमेडियन ने संविधान को दिखाकर कहा है कि इससे (संविधान से) मुझे अभिव्‍यक्ति की आजादी मिलती है। इस पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आपकी अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता दूसरे पर व्‍यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकती है। दुर्भाग्‍य है कि कुछ लोगों ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है।

मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 143वीं बैठक

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मंडी निधि में उपलब्ध धनराशि से मंडी बोर्ड के पेंशनरों को नियमित रूप से पेंशन भुगतान किया जाए। मंत्री कंषाना किसान भवन में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 143वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में संचालित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में नियुक्त अमले तथा मंडी बोर्ड मुख्यालय के संविदा वाहन चालकों की नियमित पदों में समकक्षता का निर्धारण कर पारिश्रमिक में वृद्धि किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सभी महिला कर्मचारियों को सात दिवस के आकस्मिक अवकाश की भी स्वीकृति प्रदान की गई। पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन पर संतुष्टि प्रदान की गई। कृषि उपज मंडी समिति जैसीनगर जिला सागर के प्रांगण में बोर्ड निधि से कृषक संगोष्ठी भवन की स्वीकृति का अनुसमर्थन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के पुनरीक्षित अनुमान वर्ष 2024 -25 एवं बजट अनुमान 2025-26 पर भी विचार विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव कृषि एम सेल्वेंद्रम, प्रबंध संचालक सह-आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, संयुक्त आयुक्त सहकारी संस्थाएं अजय मिश्र, सदस्य मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड अरुण सोनी उपस्थित थे।  

दंतेवाड़ा : मुठभेड़ में मारा गया 25 लाख का इनामी नक्सली, 83 दिन में 100 माओवादी ढेर

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं. इनमें 25 लाख रुपए का इनामी माओवादी सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली भी शामिल है. इसके साथ ही घटनास्थल से इंसास राइफल, 303 राइफल सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है. सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है. पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित गीदम थाना क्षेत्र के गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोड़गा और इकेली के सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी सूचना मिली थी. इसके बाद डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली. सुरक्षा बलों को देखते ही नक्सली गोलीबारी करने लगे. इसके बाद जवाबी फायरिंग के दौरान तीन नक्सली मौके पर ही ढ़ेर हो गए. इनमें एक की पहचान सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली के रूप में हुई, जिसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम था. दो अन्य नक्सलियों की पहचान की जा रही है. तीनों के शव को कब्जे में ले लिया गया है. मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं मिली हैं. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी. ने बताया कि सरकार के निर्देश पर लोगों की सुरक्षा के लिए डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर्स, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईडीबीपी और सीएएफ की संयुक्त टीम पूरे इलाके में लगातार सक्रिय रहती है. पिछले 83 दिनों में 100 से अधिक हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. बताते चलें कि पिछले हफ्ते छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों पर बड़ा प्रहार करते हुए दो अलग-अलग ऑपरेशन में 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान एक जवान भी शहीद हो गया. सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला बारूद और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद किया था. सुरक्षाबलों के इस सफल ऑपरेशन पर खुशी जाहिर करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ”नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन में 22 नक्सली मारे गए. मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है.” गृह मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सल मुक्त हो जाएगा. 20 मार्च को सुरक्षा बलों ने राज्य के बीजापुर और कांकेर जिलों में दो मुठभेड़ों में 30 नक्सलियों को मार गिराया. ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 116 नक्सली मारे जा चुके हैं. इनमें से 100 नक्सली बीजापुर और दंतेवाड़ा में मारे गए थे    

शक्तिपीठ हरसिद्धि में 3100 रुपए, गढ़कालिका में 3300 रुपए में हो रही बुकिंग, दर्शनार्थियों का लगेगा तांता

उज्जैन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग में चैत्र नवरात्रि का आरंभ होगा। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित शक्तिपीठ हरसिद्धि सहित प्राचीन देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगेगा। शक्तिपीठ हरसिद्धि व सिद्ध पीठ गढ़कालिका माता मंदिर में प्रतिदिन शाम को संध्या आरती में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। देशभर के देवी भक्तों में दीपमालिका प्रज्वलित कराने की होड़ लगी हुई है। देशभर के देवी भक्त दीपमालिका प्रज्वलित कराते हैं भक्तों की अधिक संध्या को देखते हुए मंदिर समिति ने चैत्र व शारदीय नवरात्र में सामूहिक दीपमालिका प्रज्वलित कराने का निर्णय लिया है। नवरात्र में कोई भी भक्त 3100 रुपये में सामूहिक दीपमालिका प्रज्वलित करा सकते हैं। प्रबंधक इंद्रेश लोधी ने बताया कि चैत्र नवरात्र के लिए अब तक 100 से अधिक भक्तों ने दीपमालिका की बुकिंग करा ली है। आम दिनों में एक व्यक्ति को दीपमालिका प्रज्वलित कराने में करीब 12 से 14 हजार रुपये का खर्च आता है।   शक्तिपीठ हरसिद्धि : मराठाकालीन दीपमालिका शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर परिसर में मराठाकालीन दो दीप स्तंभ हैं। प्रत्येक दीपस्तंभ में 501 दीपक हैं। इन्हें दीपमालिका कहा जाता है। दीपमालिका प्रज्वलित करने के लिए भक्तों को मंदिर कार्यालय में 700 रुपये की शासकीय रसीद कटवाना होती है। दीपमालिका प्रज्वलित करने वाले कुशल व्यक्तियों का पारिश्रमिक 2500 रुपये है। इसके अलावा चार डिब्बा शुद्ध तेल, बाती तथा माता हरसिद्धि व दीपमालिका की पूजा के लिए संपूर्ण सामग्री सहित कुल करीब 12 से 14 हजार रुपये है। सिद्धपीठ गढ़कालिका : 21 फीट ऊंची दीपमालिका महाकवि कालिदास की आराध्य देवी गढ़कालिका शहर के अत्यंत प्राचीन देवी मंदिरों में से एक है। अलग-अलग मान्यता में इस देवी स्थान को शक्तिपीठ व सिद्धपीठ माना गया है। प्रतिदिन देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर परिसर में दो दीप स्तंभ हैं, जिन्हें दीपमालिका कहा जाता है। करीब 21 फीट ऊंचे प्रत्येक दीपस्तंभ में 108-108 दीपक हैं। कुल 216 दीप प्रज्वलित करने में एक डिब्बा शुद्ध तेल लगता है। गढ़कालिका में सामूहिक रूप से दीपमालिका प्रज्वलित कराने की व्यवस्था नहीं है। एक व्यक्ति मात्र 3300 रुपये में दीपमालिका प्रज्वलित करा सकता है। इसमें तेल, बाती के अलावा 501 रुपये की शासकीय रसीद। 800 रुपये दीपमालिका प्रज्वलित करने वाले का पारिश्रमिक शामिल है। चैत्र नवरात्र के लिए अधिकांश दिन की बुकिंग हो गई है। – मूलचंद जाटवा, मंदिर प्रशासक  

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

प्रेमी संग महिला फरार, गुस्साए घरवालों ने बुलडोजर से तोड़ा बॉयफ्रेंड का घर, पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया

भरूच आपने अब तक पुलिस-प्रशासन द्वारा ही आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई करते हुए देखा और सुना होगा। लेकिन गुजरात में एक हैरान करने वाली घटना घटी है। यहां 6 लोगों ने कथित आरोपी सहित उसके रिश्तेदारों के घर पर बुलडोजर चलाकर उन्हें तोड़ दिया। यह घटना भरूच जिले में घटी। आरोपी व्यक्ति पर शादीशुदा महिला को भगाकर ले जाने का शक है। आरोपी शख्स की मां की शिकायत पर पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। भरूच जिले के वेदाच पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर बीएम चौधरी ने कहा कि महिला के परिवार के सदस्यों सहित आरोपियों ने महिला को भगाकर ले जाने के शक में बुलडोजर का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस तरह से अपना गुस्सा निकालने का फैसला किया। आरोपियों में महिला का पति भी शामिल है। उसे शक है कि दूसरे समुदाय का व्यक्ति उसकी पत्नी के साथ भाग गया है। पुलिस ने बताया कि घटना 21 मार्च को जिले के करेली गांव में हुई। अधिकारी ने बताया कि 21 मार्च की रात को आरोपियों ने फुलमाली समुदाय के छह घरों को बुलडोजर से मलबे में मिला दिया, जिसमें उस व्यक्ति का घर भी शामिल था जिसपर महिला के साथ भागने का शक है। इसके बाद पुलिस ने बुलडोजर चालक समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। चौधरी ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौधरी ने बताया कि महिला आणंद जिले के अंकलाव तालुका में अपने माता-पिता से मिलने गई थी। जहां से महिला और व्यक्ति कथित तौर पर भाग गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई है और आणंद पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत के अनुसार, हेमंत पढियार, सुनील पढियार, बलवंत पढियार, सोहम पढियार और चिराग पढियार समेत आरोपी व्यक्ति के घर गए और उसके परिवार के सदस्य पर महिला के साथ भागने का आरोप लगाते हुए उसे दो दिनों के अंदर पेश करने को कहा। 21 मार्च को रात करीब 9 बजे आरोपी बुलडोजर लेकर व्यक्ति के घर गए और शेड एवं शौचालय सहित मकान के हिस्सों को गिराना शुरू कर दिया। एफआईआर के अनुसार, उन्होंने इलाके के छह घरों के हिस्सों को गिरा दिया। चौधरी ने बताया कि अगले दिन व्यक्ति की मां ने वेदाच पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आए दिल्ली के अब तक के सबसे बड़े बजट में सरकार ने सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास किया है। खासकर महिलाओं के लिए भी कई ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला समृद्धि योजना उनकी सरकार का संकल्प है, प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं को भरोसा दिया कि निश्चित तौर पर पैसे दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर गरीब परिवार की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी। सरकार ने नियम एवें शर्तें तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है। कमिटी की ओर से शर्तों को तय किए जाने के बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पंजीकृत महिलाओं को मासिक सहायता राशि उनके अकाउंट में भेजी जाएगी। जिस वक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना का जिक्र किया, विपक्ष की ओर से शोर-शराबा किया गया। आम आदमी पार्टी महिला समृद्धि योजना को लेकर लगातार हमलावर है। ‘आप’ का कहना है कि भाजपा ने 8 मार्च तक महिलाओं के खाते में पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन यह जुमला निकला।

हुर्रियत के दो गुटों ने अलगाववाद से तोड़ लिया नाता, मैं इसका स्वागत करता हूं, अमित शाह का कश्मीर पर ऐलान

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो गुटों ने अलग राह अपना ली है। होम मिनिस्टर अमित शाह ने मंगलवार को ऐलान किया कि हुर्रियत के दो गुटों ‘जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि मैं इसका स्वागत करता हूं। अमित शाह ने इसका श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी की विकास की नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में विकास हो रहा है और यह काम सभी को साथ लेकर किया जा रहा है। इससे अलगाववादी गतिविधियों में कमी आई है। गृह मंत्री ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अलगाववाद अब कश्मीर में इतिहास की बात हो रहा है। मोदी सरकार की एकीकरण की नीतियों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो रहा है। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘हुर्रियत के दो संगठनों ‘जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है। मैं भारत की एकता को मजबूत करने की दिशा में अहम इस कदम का स्वागत करता हूं और ऐसे सभी समूहों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं तथा अलगाववाद को हमेशा के लिए खत्म कर दें।’ इसके साथ ही उन्होंने अपील की है कि अन्य अलगाववादी संगठनों को भी सीख लेनी चाहिए और साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की विकास, शांति और एक भारत की नीतियों की जीत है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े दो समूहों को बैन किया था। सरकार का कहना है कि ये समूह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इनके चलते जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद बढ़ रहा है और आतंकवादियों को भी मदद मिल रही है। इन संगठनों में मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाला संगठन अवामी ऐक्शन कमेटी और जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुसलमीन शामिल है। इत्तेहादुल का नेतृत्व मोहम्मब अब्बास अंसारी करते हैं। होम मिनिस्ट्री ने इन्हें बैन का करने का नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि ये देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बन रहे हैं। इन दोनों संगठनों को सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मीरवाइज फारूक ने कहा था कि ऐसा करना गलत है और लोकतांत्रिक संगठनों को कुचलने जैसा है।

पत्रकार को अरेस्ट कर बेनकाब हुई भोपाल पुलिस, कुलदीप को मिली जमानत, फंसाने वाला थाना प्रभारी लाइन अटैच

भोपाल पत्रकार पर कल पुलिस ने किया फर्जी एक्सीडेंट के झूठे केस में अड़ी बाजी का मामला दर्ज। कटारा हिल्स थाने में पत्रकार के खिलाफ हुआ झूठा मामला दर्ज थाने में पत्रकारों का धरना पत्रकारों के साथ भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल में मौजूद। टीआई के सस्पेंड करने की मांग। TI के सस्पेंड होने तक थाने में धरना देने बैठे पत्रकार। पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया  के खिलाफ दर्ज हुआ है झूठा मामला। पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया के मामले में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से बात की। तत्काल कार्यवाही की बात कही। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया। थाना प्रभारी के निलंबन नहीं होने तक पत्रकारों के साथ थाने में बैठे प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल। कटारा हिल्स थाने में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज की गई FIR अब तूल पकड़ चुकी है। पत्रकार संगठनों और मीडिया से जुड़े लोगों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करार देते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।   रॉयल प्रेस क्लब का विरोध प्रदर्शन   इस मामले में पत्रकारों का संगठन रॉयल प्रेस क्लब भी खुलकर विरोध में उतर आया है। क्लब के सदस्यों ने थाने की चौखट पर बैठकर प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।   भाजपा मीडिया प्रभारी ने बताया ‘दोषपूर्ण कार्यवाही’   इस मुद्दे पर भाजपा के मीडिया प्रभारी ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस FIR को गलत करार देते हुए संबंधित थाना प्रभारी (TI) को निलंबित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस की कहानी में झोल है- एफआईआर में दावा किया गया कि एक्सीडेंट में कुलदीप सिंगोरिया की गाड़ी शामिल थी, लेकिन यह कार कुलदीप की नहीं थी बल्कि वह एक सफेद बोलेरो में बैठे थे। एक्सीडेंट जैसे मामूली केस में गैरजमानती धारा लगाना असामान्य है जो पुलिसिया कार्रवाई को संदिग्ध बनाता है। गिरफ्तारी के बाद कुलदीप को परिजनों से नहीं मिलने दिया गया और सीधा जेल भेज दिया गया। बिना किसी आधार फोन जब्त करना और शिकायतकर्ता द्वारा पहचान डिनाई करना कलेक्टर से रहा है विवाद – पत्रकार कुलदीप ने कुछ महीने पहले नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा पर कई आरोप लगाए थे। यह आरोप खाद के लिए परेशान किसानों पर लाठीचार्ज की खबर चलाई थी। जिसकी खुन्नस निकालने की एवज में पत्रकार कुलदीप को निशाना बनाया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुष्ठ रोगियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीनगर स्थित महात्मा गांधी कुष्ठ आश्रम पहुंच कर कुष्ठ रोगियों पर पुष्प वर्षा के साथ अभिवादन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुष्ठ रोगियों को भोजन परोसा तथा फल, खाद्य सामग्री, वस्त्र और दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा, वरिष्ठ प्रतिनिधि राहुल कोठारी,समाज सेवी तथा कुष्ठ रोगियों के परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के हर प्रकार के कष्ट में साथ खड़ी है। ऐसे लोगों के बीच आकर एक प्रकार से आत्मीय सुख प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर रखते हुए आगे लेकर जाना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बड़ा निवेश मिला है और सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन की शुरुआत कर दी है। पहले भिंड, मुरैना और ग्वालियर में 18 औद्योगिक ईकाइयों के भूमि-पूजन किया। बुधवार को भी उज्जैन में विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन हो रहा है।  

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 31 मार्च तक फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा, आदेश जारी

भोपाल  निजी स्कूलों ने शुल्क ढांचे (फीस स्ट्रक्चर) में मनमानी की या यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब को किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। स्कूलों को 31 मार्च तक अपना फीस स्ट्रक्चर और कोर्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है, ताकि पेरेंट्स को इसकी जानकारी हो जाए। भोपाल के अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा किताबों की सूची और फीस की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके साथ ही स्कूलों द्वारा निश्चित दुकानों से कॉपी-किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा है।  जारी हुआ आदेश  निजी स्कूलों की इस मनमानी पर रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कॉपी-किताब व ड्रेस खरीदने का दबाव बनाने पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।     संयुक्त संचालक अरविंद चौरगड़े की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले निजी स्कूल लेखक एवं प्रकाशक के नाम और मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय में प्रदर्शित करें।     ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी या अभिभावक इनको खुले बाजार से भी खरीद सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य स्कूल में हर कक्षा की पाठ्यपुस्तकों और प्रकाशकों की जानकारी को डीईओ की वेबसाइट पर अनिवार्य अपलोड करें।     किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। स्कूल के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि अभिभावक किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए बाध्य नहीं हैं। डीईओ पर निगरानी की जिम्मेदारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी को निगरानी और आदेश लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि डीईओ सुनिश्चित करें कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड समेत सभी प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक स्कूल में संचालित की जाने वाली किताबों, कॉपियों व यूनिफॉर्म की सूची 31 मार्च तक विद्यालय के सूचना पटल पर लग जाएं। एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बीजेपी नेता का टूटा पैर तो अस्पताल को बना दिया पार्टी दफ्तर, बेड के पीछे पोस्टर लगाकर हुई मीटिंग

कानपुर पार्टी विद डिफरेंस के नेता गजब की स्टाइल में सियासत करते हैं और जब सत्ता हो तो अस्पताल का वार्ड भी पार्टी का कार्यालय बन जाता है। यह मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां कानपुर महानगर उत्तर में जिला अस्पताल के वार्ड में ही कार्यकर्ताओं की बैठक ले ली गई। कानपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष कौन हैं? कानपुर भाजपा जिलाध्यक्ष अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने अपने टूटे पैर के इलाज के दौरान अस्पताल में कार्यकर्ताओं की बैठक की। बैठक के दौरान अस्पताल के बेड के पीछे पार्टी का बैनर टांगा सामने और अगल-बगल वार्ड के कमरे की बेंच पर बेड पर कार्यकर्ताओं को बैठाया गया। 10 मिनट की इस बैठक में नेताजी बेड पर लेटे लेटे कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते रहे। अब इसे आप समर्पण कहें या रुतबा या फिर राजनीतिक तमाशा जहां कैमरा भी बुलाया गया था। अस्पताल में क्यों हुई जिलाध्यक्ष की बैठक? कानपुर के आर्य नगर स्थित मेदांता अस्पताल के वार्ड में हुई इस बैठक में जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने सरकार के 8 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों की चर्चा की और वहीं कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारी भी बांटी। जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया कि पार्टी की तरफ से 14 अप्रैल तक होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की सूची आई थी। यह उसी के संबंध में बैठक बुलाई गई थी।   निजी अस्पताल के वार्ड में ही पार्टी का झंडा बैनर लगाकर हुई इस बैठक में समर्पण की नेताजी को तारिफ भी मिल सकती है। क्योंकि नेताजी को अपनी चोट से ज्यादा खुशी इस बात पर है कि कार्यकर्ताओं का प्रेम इनको पैर में पेन महसूस ही नहीं होने दे रहा है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कर्मचारियों की निलंबन अवधि को माना जाएगा ड्यूटी का हिस्सा, एक अहम फैसला सुनाया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने वाला एक अहम फैसला सुनाया है। रायगढ़ वन मंडल में कार्यरत वनपाल दिनेश सिंह राजपूत की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य शासन के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें उसकी निलंबन अवधि को ड्यूटी का हिस्सा नहीं माना गया था और शत-प्रतिशत वेतन रिकवरी का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति बीडी गुरु ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि निलंबन की अवधि को ड्यूटी के रूप में ही गिना जाएगा। उन्होंने निर्णय में यह भी उल्लेख किया कि इसी तरह की स्थिति वाले अन्य कर्मचारियों की निलंबन अवधि को ड्यूटी के रूप में मान्यता दी गई, लेकिन याचिकाकर्ता के मामले में भेदभाव किया गया। यह है मामला याचिकाकर्ता दिनेश सिंह 2 जनवरी 2015 से 2 जुलाई 2019 तक एतमानगर रेंज के पोंडी सब-रेंज के अंतर्गत कोंकणा बीट के अतिरिक्त प्रभार के साथ बीट गार्ड बरौदखर के पद पर कार्यरत थे। 2 जुलाई 2019 को उन्हें तथ्यों को छिपाने और गुमराह करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। बाद में 8 मई 2020 को मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर वन वृत्त ने उनका निलंबन निरस्त कर दिया। मगर, विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान उन्हें कटघोरा रेंज कार्यालय में विशेष ड्यूटी पर नियुक्त कर दिया गया। याचिकाकर्ता को 312 दिनों यानी 10 माह 7 दिनों तक निलंबित रखा गया। विभागीय जांच में आंशिक दोषी पाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उनके वेतन से 17,467 रुपये की वसूली और तीन वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि अन्य कर्मचारियों पर भी समान आरोप लगे थे। मगर, उनके मामले में निलंबन अवधि को ड्यूटी का हिस्सा माना गया। हालांकि, याचकिकर्ता की निलंबन की अवधि को ड्यूटी का हिस्सा नहीं माना गया था।   निर्णय और उसका प्रभाव हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने इस मामले में राज्य शासन के आदेश को खारिज करते हुए निलंबन अवधि को ड्यूटी का हिस्सा मानने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अन्य कर्मचारियों की निलंबन अवधि को ड्यूटी में जोड़ा गया है, तो याचिकाकर्ता के साथ भेदभाव क्यों किया गया। सुप्रीम कोर्ट के समानता के सिद्धांत का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि समान परिस्थितियों में सभी कर्मचारियों को समान अधिकार मिलना चाहिए। सरकारी सेवा में अनुशासन अनिवार्य: बर्खास्तगी सही वहीं, एक अन्य मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जनजातीय कल्याण विभाग के दैनिक वेतनभोगी चौकीदार की सेवा समाप्ति को सही ठहराते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला दुर्ग जिले के पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में कार्यरत कार्य-भारित कर्मचारी (वर्क चार्ज कर्मचारी) दीपक जोशी से जुड़ा है। उसे अनुशासनहीनता और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के चलते साल 2017 में बर्खास्त कर दिया गया था। याचिकाकर्ता दीपक जोशी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी थी। उनका दावा था कि उन्हें विभागीय जांच प्रक्रिया में उचित अवसर नहीं दिया गया। इसके साथ ही उन्हें आरोपों का खंडन करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद याचिकाकर्ता ने अपनी सफाई नहीं दी। फैसले का क्या होगा असर फैसले से स्पष्ट हो गया है कि सरकारी सेवाओं में अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। फैसले ने सरकारी विभागों में अनुशासन और कार्य नैतिकता को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है।

तलाक के बाद दोबारा प्यार में पड़ने के लिए तैयार नताशा

हार्दिक पांड्या से तलाक के बाद नताशा स्तांकोविक लाइफ में मूव ऑन कर गई हैं। वह सोशल मीडिया पर भी अपनी नई जर्नी की झलक दिखाती रहती हैं। अब तलाक के काफी समय बाद नताशा ने अपनी पर्सनल लाइफ पर बात की और कगहा कि वह दोबारा प्यार में पड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछला साल उनके लिए काफी चैलेंजिंग था। क्या बोलीं नताशा टाइम्स एंटरटेनमेंट से बात करते हुए नताशा ने कहा कि पिछला साल मेरे लिए काफी चैलेंजिंग था, लेकिन वह शुक्रगुजार हैं कि इससे वह और समझदार हुई हैं। अब मैं नए साल को नए एक्सपीरियंस, नए मौके और शायद प्यार के साथ शुरू कर रही हूं। मैं प्यार में पड़ने के खिलाफ नहीं हूं। मैं लाइफ में जो भी मिलता है, उसे स्वीकार करना चाहती हूं। मेरा मानना ​​है कि सही समय आने पर सही कनेक्शन अपने आप बनते हैं। रिलेशनशिप की करती हूं वैल्यू नताशा आगे बोलती हैं, मैं मीनिंगफुल रिलेशनशिप की वैल्यू करती हूं जो विश्वास और समझदारी से बनते हैं। मुझे लगता है प्यार मेरी जर्नी को कॉम्पलीमेंट करता है। नताशा और हार्दिक तलाक के बाद भी साथ में मिलकर बेटे की परवरिश कर रहे हैं। कभी अगस्तय हार्दिक के पास रहता है तो कभी मां नताशा के साथ।

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