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आज गुरुवार 27 मार्च 2025 का राशिफल: पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा। वाणी में मधुरता तो रहेगी, फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। कारोबार में मुश्किलें आएंगी, लेकिन लाभ के अवसर भी मिलेंगे। वाहन सुख में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। पारिवारिक वजहों से मन परेशान रहेगा। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन राशि– मिथुन राशि वालों को आज आर्थिक उन्नति के संकेत हैं। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। माता-पिता का साथ मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। यात्रा का योग बनेगा। कर्क राशि- कर्क राशि वालों को आज आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। माता की सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सम्मान की प्राप्ति होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक उन्नति लेकर आया है। मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों से मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। अपनों का साथ मिलेगा। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। कन्या राशि– कन्या राशि वालों का आज कोई सपना पूरा हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज धैर्य से काम लेना चाहिए। व्यर्थ के क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यों की विघ्न-बाधा खत्म होगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को आज वाद-विवादों से दूर रहना चाहिए। किसी मित्र का आना हो सकता है। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को ले सकते हैं। धनु राशि– धनु राशि वालों के मन में आज प्रसन्नता का भाव रहेगा, लेकिन धैर्य में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। आज आर्थिक बजट बनाकर चलना आपके लिए लाभकारी रहेगा। मकर राशि– मकर राशि वालों को आज आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार का साथ मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। राजनीतिक लाभ मिलेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार में भी शांति बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के साधन बन सकते हैं। धार्मिक कार्यों में खर्च बढ़ेंगे। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज बातचीत में बैलेंस बनाकर रखना चाहिए। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। अपनों के सहयोग से व्यापारिक लाभ मिलेगा।

रामनवमी पर श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं, हर कोई अयोध्या आना चाहता है, प्रशासन कोई रोकटोक न करे: बृजभूषण सिंह

अयोध्या उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को कहा कि रामनवमी में पूरे देश से लोग यहां आते हैं। उन्हें आने दिया जाना चाहिए। रामनवमी के समय लोगों के अयोध्या आने पर किसी भी प्रकार की रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। महिला पहलवानों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व प्रमुख ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रामनवमी में पूरे देश के श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। हर कोई रामनवमी पर अयोध्या आना चाहता है, इसमें जिला प्रशासन कोई रोकटोक न करे। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बयान आते हैं कि लोग अयोध्या न आएं। ऐसे बयान भी रामनवमी पर नहीं आने चाहिए, क्योंकि रामनवमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहले भी अयोध्या आते रहे हैं। ऐसे में रामनवमी के समय किसी भी प्रकार की रोकटोक नहीं होनी चाहिए। उम्मीद है कि इस बार प्रशासन अच्छी व्यवस्था करेगा। उन्होंने ‘सौगात-ए-मोदी’ किट पर कहा कि प्रधानमंत्री जो करते हैं, वह सोच-समझकर करते हैं। उनके किसी भी कार्य पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। विपक्ष का काम सवाल उठाना है; अच्छा काम करिए तो सवाल करेंगे, काम नहीं करिए तो भी सवाल उठाएंगे। उनका काम ही सवाल उठाना है। इसी कारण हम कहते हैं कि विपक्ष में दैत्य गुरु शुक्राचार्य की आत्मा प्रवेश कर गई है। उन्हें समझ में नहीं आता है कि क्या करना चाहिए। वक्फ विधेयक को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा किया है। ऐसे में यह बिल सही है। सरकार का निर्णय है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद को लेकर कहा कि बुजुर्ग हैं, बेचारे सांसद का सम्मान कीजिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे होने पर कहा कि बहुत उपलब्धि दिख रही है। राम मंदिर भी दिख रहा है।

उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों पर ‘एक के साथ एक फ्री’ ऑफर मामले में आतिशी ने हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में शराब की दुकानों पर ‘एक के साथ एक फ्री’ ऑफर दिया जा रहा है, जिससे भारी भीड़ उमड़ रही है और शराब की दुकानों पर मारामारी हो रही है। आतिशी ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। आतिशी ने पूछा कि क्या योगी सरकार इस योजना के जरिए उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है? उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ‘संस्कारी पार्टी’ होने का दावा करती है, लेकिन अब वह खुद ही शराब को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लिया है, या फिर इसमें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की सहमति भी शामिल है? अगर भाजपा इस फैसले से सहमत नहीं है, तो पार्टी के नेता इसके विरोध में कब सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा जब दिल्ली में शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, तो अब उत्तर प्रदेश में शराब की एक के साथ एक फ्री बोतल देने को क्या कहा जाएगा? अगर भाजपा के अनुसार यह भ्रष्टाचार है, तो फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सीएम ऑफिस पर कब छापा मारेगी? खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है और इसी के चलते कुछ चुनिंदा शराब की दुकानों पर यह ऑफर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह ऑफर हर दुकान पर उपलब्ध नहीं है, बल्कि कुछ ही ठेकों पर इसे लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह ऑफर केवल कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही दिया गया है। यह वार्षिक लाइसेंस अवधि के समाप्त होने से पहले स्टॉक खत्म करने की रणनीति का एक हिस्सा है। एक्साइज डिपार्टमेंट का वार्षिक लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद यह ऑफर उपलब्ध नहीं रहेगा।

समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है: अखिलेश यादव

लखनऊ मेवाड़ के शासक राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन के विवादित बयान पर अब पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की, मतलब ‘इतिहास’ की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और समतामूलक समाज की स्थापना में विश्वास करती है। हम कमजोर से कमजोर हर एक व्यक्ति को भी सम्मान दिलाना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य किसी इतिहास पुरुष का अपमान करना नहीं हो सकता। समाजवादी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रही।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा, ”भाजपा ने इतिहास के कुछ विषयों को सदैव राजनीतिक लाभ उठाने के लिए और देश को धार्मिक-जातिगत आधार पर विभाजित करने के लिए इस्तेमाल किया है। हमारे सांसद ने सिर्फ एक पक्षीय लिखे गए इतिहास और एक पक्षीय की गई व्याख्या का उदाहरण देने की कोशिश की है।” अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, ”हमारा कोई भी प्रयास राजपूत समाज या किसी अन्य समाज का अपमान करना नहीं है। आज के समय में बीते कल की, मतलब ‘इतिहास’ की घटनाओं की व्याख्या नहीं की जा सकती। राज काज के निर्णय अपने समय की परिस्थितियों की मांग के हिसाब से लिए जाते थे। इतिहास की घटनाओं के आधार पर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चल सकती। भाजपा सरकार को अपनी भेदकारी आदत को सुधारकर जनता के रोजी-रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कुछ ध्यान देना चाहिए। भाजपा दरारवादी पार्टी है।” बता दें कि सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने संसद में कहा था, “मुझे यह जानना है कि बाबर को भारत में लाने वाला कौन था? क्या इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा ने नहीं बुलाया था?”

भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया

नई दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य खतरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सख्त नियमन, पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जनता को स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार मिले।भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने रिफाइंड तेल और प्रोसेस्ड फूड पर कानूनों को और सख्त करने की अपील की। भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने संसद में रिफाइंड तेलों और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को लेकर इन बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रिफाइंड बीज तेलों के दुष्प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कई अध्ययनों से पता चला है कि बार-बार किए गए रिफाइनिंग प्रोसेस के कारण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और हानिकारक ट्रांस फैट उत्पन्न होते हैं, जिससे हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड के खतरे पर भाजपा सांसद ने कहा कि इन खाद्य उत्पादों में अत्यधिक कैमिकल प्रिजर्वेटिव और हानिकारक फैट होते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देते हैं। उन्होंने स्पष्ट लेबलिंग की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उपभोक्ता अक्सर भ्रामक पैकेजिंग और लेबलिंग के कारण यह समझ ही नहीं पाते कि वे क्या खा रहे हैं। स्पष्ट खाद्य लेबलिंग अनिवार्य करने पर जोर देते हुए नवीन जिंदल ने सरकार से आग्रह किया कि खाद्य उत्पादों पर स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे रिफाइंड तेलों का उपयोग करते हैं या अल्ट्रा प्रोसेस्ड श्रेणी में आते हैं। उन्होंने सरकार से रिफाइंड तेल और अल्ट्रा प्रोसेस्ड पदार्थों के स्वास्थ्य पर प्रभावों को लेकर एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग की, ताकि इस विषय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गहन अध्ययन हो सके। उन्होंने स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए पारंपरिक और कोल्ड-प्रेस्ड तेलों, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवीन जिंदल ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से उपभोक्ताओं को छिपे हुए स्वास्थ्य खतरों से बचाने और एक प्रभावी खाद्य नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।

वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वह बयानबाजी करते हैं, डिंपल यादव ने सीएम योगी के बयान पर साधा निशाना

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को उठाया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वह बयानबाजी करते हैं। सांसद डिंपल यादव ने कहा, “पूरा उत्तर प्रदेश शासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है, कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, कोई योजना नहीं बना रहा है या मौजूदा स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। कहीं न कहीं, यह भारतीय जनता पार्टी के लिए पुराने मुद्दों को उठाने और वास्तविक मामलों से ध्यान हटाने की एक रणनीति बन गई है। अगर आप पिछले 8 सालों में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को देखेंगे तो आपको मौजूदा हालात का अंदाजा हो जाएगा। पुरानी कब्र खोदना भाजपा की नीति बन गई है। वे (बीजेपी नेता) महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा सुविधाओं और अन्य वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान देते हैं।” सपा सांसद आनंद भदौरिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले आठ सालों में रोजगार के बारे में कोई जवाब नहीं दिया है। किसानों की समस्या, प्रदेश की सड़कों समेत कई मुद्दों पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है। वह (सीएम योगी) कोई नई योजना लेकर नहीं आए हैं, और केंद्र की योजनाओं का ही वे ढिंढोरा पीटते रहते हैं। उनका प्रिय विषय हिंदू-मुसलमान है, इसलिए वे उसकी माला जपते रहते हैं।” छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आवास पर सीबीआई की छापेमारी को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “अगर वे लोकप्रिय होते तो चुनाव क्यों हारते? मैं बता देता हूं कि भ्रष्टाचार करने वालों के यहां छापेमारी होती है।” समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सीएम योगी के बयान पर कहा, “मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता। हालांकि, अगर वे (सीएम योगी) अतीत के ऐतिहासिक मुद्दों को उठाते रहेंगे, तो विपक्ष भी जवाब देने के लिए मजबूर हो जाएगा। हम प्रेम और सद्भाव में विश्वास रखने वाले लोग हैं। हमारा इरादा कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।”

बलूच यकजेहती कमेटी के सदस्यों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और ‘अवैध’ गिरफ्तारी के खिलाफ पार्टी ने मार्च निकालने का ऐलान

क्वेटा बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (बीएनपी-एम) ने 28 मार्च को वाध से क्वेटा तक लंबे मार्च की घोषणा की। बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के सदस्यों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और ‘अवैध’ गिरफ्तारी के खिलाफ पार्टी ने यह ऐलान किया। गिरफ्तार लोगों में बीवाईसी की केंद्रीय आयोजक महरंग बलूच और सम्मी दीन बलूच भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च का नेतृत्व बीएनपी-एम के अध्यक्ष अख्तर मेंगल करेंगे। पार्टी के बयान के अनुसार, बीएनपी-एम की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान एक लंबा मार्च आयोजित करने का फैसला लिया गया। पार्टी ने बलूच महिलाओं पर पाकिस्तानी पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। बयान में कहा गया, “बीएनपी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हुए औपचारिक रूप से अपने विरोध कार्यक्रम की घोषणा कर रही है। 26 मार्च को पूरे प्रांत में प्रेस क्लबों के सामने विरोध प्रदर्शन के बाद हड़ताल की जाएगी। 28 मार्च को पार्टी नेता अख्तर मेंगल के नेतृत्व में वाध से क्वेटा तक एक लंबा मार्च शुरू होगा।” मंगलवार को बीएनपी नेता मेंगल ने इस लंबे मार्च की घोषणा करते हुए कहा कि यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के उत्पीड़न, क्रूरता, उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। मेंगल ने एक्स पर कहा, “मैं अपनी बेटियों की गिरफ्तारी और हमारी माताओं और बहनों के अपमान के ख़िलाफ वाध से क्वेटा तक एक लंबे मार्च की घोषणा करता हूं। मैं खुद इस मार्च का नेतृत्व करूंगा, सभी बलूच भाइयों, बहनों, युवा और वृद्धों को इस मार्च में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह सिर्फ हमारी बेटियों की गिरफ्तारी का मामला नहीं है, यह हमारी राष्ट्रीय गरिमा, हमारे सम्मान और हमारे अस्तित्व का सवाल है। जब तक हमारी माताएं, बहनें और बेटियां सुरक्षित नहीं हो जातीं, हम चुप नहीं रहेंगे।” इस बीच सिंध सरकार ने बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) की नेता सम्मी दीन बलूच और चार अन्य को मंगलवार को लोक व्यवस्था बनाए रखने (एमपीओ) के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया। इससे कुछ समय पहले कराची अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धारा 144 के उल्लंघन से संबंधित एक मामले में चार अन्य कार्यकर्ताओं के साथ दीन बलूच को रिहा करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक ‘डॉन’ से बात करते हुए सम्मी के बचाव पक्ष के वकील जिब्रान नासिर ने कहा कि पांच कार्यकर्ताओं में से केवल सम्मी बलूच को पुलिस ने एमपीओ के तहत 30 दिनों तक हिरासत में रखा, जबकि अन्य चार का ठिकाना अज्ञात है। इससे पहले बीवाईसी ने सड़कों पर उतरकर महरंग बलूच सहित गिरफ्तार बलूच नेताओं की रिहाई की मांग की थी। लेकिन पुलिस की कार्रवाई में बीवाईसी नेता सम्मी दीन बलूच सहित कई लोगों को धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में ले लिया गया। क्वेटा पुलिस ने अब तक महरंग बलूच सहित 500 से अधिक बीवाईसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ चार अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में सात मामले दर्ज किए हैं। पाकिस्तान ने बीवाईसी की प्रमुख महरंग बलूच और कई अन्य कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद का आरोप लगाया है। बलूच ने जबरन गायब किए गए लोगों के रिश्तेदारों की अवैध गिरफ्तारी और अवैध पुलिस रिमांड के खिलाफ धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।

राजस्थान रॉयल्स ने दिया कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य,

गुवाहाटी. आईपीएल 2025 का छठा मैच राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जा रहा। राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य दिया है। राजस्थान की तरफ से सर्वाधिक रन ध्रुव जूरेल ने बनाए है ध्रुव ने 33 रनों की पारी खेली इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 29 और कप्तान रियान पराग ने 25 रनों की पारी खेली। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाया था। कोलकाता की तरफ से वैभव ने 2, वरुण ने 2 और मोइन अली 2 बल्लेबाजो को वापस भेजा वहीं हर्षित राणा को 2 विकेट मिला है। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर राजस्थान को बैटिंग का न्योता दिया है। कोलकाता के ऑलराउंडर सुनील नरेन मैच नहीं खेल रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उनकी जगह मोईन अली को मौका मिला है। वहीं, राजस्थान ने फजलहक फारुकी की जगह वानिंदु हसरंगा को शामिल किया है। आरआर और केकेआर को 18वें सीजन के अपने पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 44 रन से शिकस्त मिली जबकि कोलकाता को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) ने सात विकेट से मात दी। दोनों टीमों की नजर आज के मैच से जीत का खाता खोलने पर होगी। बारसापारा में भी रियान पराग राजस्थान की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, उंगली की सर्जरी से उबर रहे नियमित कप्तान संजू सैमसन खेल रहे हैं। शुभम दूबे के रूप में गिरा 6th विकेट शुभम दूबे भी लौटे पवैलियन। राजस्थान का छठा विकेट गिरा। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरोड़ा की गेंद पर रसेल ने पकड़ा शानदार कैच। दूबे ने 12 गेंदों में 9 रन बनाए। इसमें एक चौका भी शामिल है। मोईन और वरुण की फिरकी पर नाचे बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को मोईन अली और वरुण चक्रवर्ती ने काफी परेशान किया है। दोनों अब तक 2-2 विकेट हासिल कर चुके हैं। सस्ते में लौटे संजू सैमसन आरआर का पहला विकेट संजू सैमसन के रूप में गिरा है। वह सस्ते में आउट हुए। उन्हें वैभव अरोड़ा ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। सैमसन के बल्ले से 11 गेंदों में 13 रन निकले। उन्होंने यशस्वी संग (19*) 33 रनों की साझेदारी की।

कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन हाजिर नहीं हुए, अब नया समन भेजा

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम ल‍िए बगैर उन पर किए गए विवादित टिप्पणी को लेकर स्टैंड-अप कमीडियन कुणाल कामरा की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने उनकी मोहलत की मांग को खारिज करते हुए बुधवार को दूसरा समन भेजा और पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया। कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज को 11 बजे हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन कामरा हाजिर नहीं हुए और हाजिर होने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा था। पुलिस ने उनकी मांग को खारिज कर नया समन भेजा है। खार पुलिस ने हैबिटेट स्टूडियो से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। पुलिस की मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं होने के मामले में कामरा ने फोन पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया क‍ि वह अभी मुंबई से बाहर हैं, इस वजह से वह पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मुंबई आकर पुलिस के सामने पेश होने के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय चाहिए। खार पुलिस ने कामरा को मंगलवार को ही समन भेजा था। वह घर पर नहीं मिले तो उन्हें व्हाट्सएप पर भी समन भेजा गया। उन्हें सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। खार पुलिस की एक टीम उनके घर भी गई और उनके माता-पिता को भी समन की एक प्रति दी। इससे पहले कुणाल कामरा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में हैबिटेट क्लब में हुई तोड़फोड़ की निंदा की और कहा कि अपनी टिप्पणी के लिए वह माफी नहीं मांगेंगे। कमीडियन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “हैबिटेट केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है।” उन्होंने आगे लिखा, “किसी कमीडियन के शब्दों के लिए किसी आयोजन स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना टमाटर ले जा रही एक ट्रक को इसलिए पलट देना, क्योंकि परोसा गया बटर चिकन आपको पसंद नहीं आया।” उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर कामरा ने कहा था, “भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार का उपयोग केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें इसके विपरीत विश्वास दिलाए। मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।”

मार्च में अवकाश के दिनों में भी खुलेंगे बिजली बिल भुगतान केन्द्र

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र में 29 मार्च शनिवार, 30 मार्च रविवार व 31 मार्च ईद-उल-फितर को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिनों में भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल ऑफिस में पीओएस मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्य क्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्न दाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्च दाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेज़न पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।  

राहुल गांधी आरोप लगते हुए कहा- मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, कुछ घटनाएं सदन के लिहाज से ठीक नहीं थीं। जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। मैं एक शब्द नहीं बोला। पिछले 7-8 दिन से बोलने नहीं दिया गया।” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां केवल सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं कहना चाहता था कि बहुत अच्छा है, महाकुंभ मेला हुआ। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था। लेकिन, मुझे नहीं बोलने दिया गया। पता नहीं स्पीकर की क्या सोच और अप्रोच है। सच्चाई ये है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।” इससे पहले भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा था कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने, जिनकी मृत्यु हुई, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा महाकुंभ में गए, उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उस पर भी बोलना चाहिए था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बोलने नहीं देते हैं, यह न्यू इंडिया है।

खाद्य मंत्री धान उपार्जन से संबंधित शिकायतों की जांच के लिये जांच दल गठित करने के निर्देश

भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा अन्तर जिला/जिले में उपार्जन केन्द्रों से दी गई धान के सत्यापन एवं अन्य शिकायतों की जांच के लिये जांच दल गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने विस्तृत जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि 7 दिन के अंदर विस्तृत जांच करायें। जांच दल जांच दल के अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा नामांकित अपर/संयुक्त/डिप्टी कलेक्टर होंगे। जिला आपूर्ति नियंत्रक / खाद्य अधिकारी संयोजक होंगे। उप/सहायक आयुक्त सहकारिता/ महाप्रबंधक जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन और जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन सदस्य होंगे। जांच दल द्वारा उपार्जित धान, धान परिवहन, धान जमा, धान कमी की मात्रा, मिलर्स को भुगतान की स्थिति, मिलरवार धान प्रदाय की मात्रा, धान उठाव की मात्रा और मिलरवार सीएमआर जमा मात्रा की विस्तृत जांच की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि गोदामों में धान कम मात्रा में जमा होने के कारणों की जांच कराई जायें एवं संबंधित उपार्जन समिति/परिवहनकर्ता आदि से शार्टेज मात्रा की वसूली कर संबंधित किसानों को भुगतान किया जाएं। उपार्जन केन्द्रों पर धान की शार्टेज मात्रा की प्रतिपूर्ति बाजार एवं अन्य माध्यमों से कदापि नहीं कराई जाये। उपार्जन केन्द्रों से धान परिवहन के लिये मिलर्स द्वारा उपयोग किये गये वाहन, परिवहन दिनांक एवं मात्रा की जानकारी सीएसएमएस पोर्टल पर उपलब्ध है। इससे धान परिवहन करने वाले वाहनों का विवरण प्राप्त किया जायें। उपार्जन केन्द्र से उठाई गई धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की ट्रेकिंग एवं डाटा जिले से एवं टोल नाकों से प्राप्त करें। जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की श्रेणी, प्रकार और लोडिंग क्षमता की जानकारी प्राप्त करें। इन बिन्दुओं पर जांच कर अनियमित्ता पायें जाने पर नियमानुसार तत्काल संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही जांच के दौरान जिला प्रबंधक सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा मिलर्स को धान के नए डिलेवरी ऑर्डर जारी नहीं किये जाएंगे। जांच के बाद जो मिलर्स सही पायें जाएंगे उन्हें ऑर्डर दिये जायेंगे। 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज धान उपार्जन वर्ष 2024-25 अभी तक प्राप्त अनियमित्ताओं की जांच के बाद 13 करोड़ 37 लाख 99 हजार शार्टेज की राशि वसूल की गई है। शेष 14 करोड़ 16 लाख रूपये की वसूली की कार्यवाही की जा रही है। कुल 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबलपुर जिले में 5, रीवा और मैहर जिले में 1-1 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।  

बिजली कंपनी ने तेज किया वसूली अभियान, 31 मार्च से पहले करें बकाया राशि का भुगतान

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बकाया राशि वसूली के लिए प्रयास सघन किये जा रहे हैं। बकाया राशि वसूली के लिए घर-घर जाकर बिजली कर्मचारी और अधिकारी राजस्व वसूली में लगे हैं। कंपनी के सभी वृत्त कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर मैदानी स्तर पर राजस्व वसूली की वृद्धि के प्रयास तेज कर दिये गये हैं। मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि वसूली करने, भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत सी-फार्म एवं कुर्की करने, बैंक खाते सीज करने और खसरों में बकाया राशि की जानकारी दर्ज करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से विजिलेंस द्वारा बनाये गये प्रकरणों में बकाया राशि की वसूली तेज करने के निर्देश भी जारी किये गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि ऑडिट द्वारा निकाला गया बकाया और अन्य कारणों से बकाया राशि की वसूली की जाए। जारी निर्देशों में कहा गया कि काटे गये कनेक्शनों की रात में चेकिंग की जाए, सुनिश्चित किया जाए कि बकायादार उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग न कर सकें। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के विरूद्ध बिजली अधिनियम-2003 की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण बनाया जाए। कंपनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य कर लक्ष्य की प्राप्ति करें। बिजली उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा कराने का आग्रह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बकाया राशि का भुगतान निर्धारित देय तिथि से पूर्व करें। साथ ही कंपनी ने बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि बिजली कनेक्शन विच्छेदन की अप्रिय कार्रवाई से बचने के लिए विद्युत बिलों का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें। कम्पनी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर संभागों और संचारण-संधारण संभागों में राजस्व संग्रहण के लिए कैश काउन्टर अवकाश के दिनों में तथा निर्धारित समय से अतिरिक्त समय तक खोलने की व्यवस्था करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निर्णयानुसार सभी कार्यालयों में स्थित कैश काउन्टर को रविवार तथा अवकाश के दिन उपभोक्ताओं की सेवा के लिए खोला जा रहा है।  

संभल की सड़कों और छतों पर नमाज की अनुमति नहीं, पीस कमेटी की बैठक में पुलिस ने दिए निर्देश

संभल संभल में ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एएसपी श्रीश्चंद ने स्पष्ट किया कि कोतवाली संभल क्षेत्र में मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी।  सड़कों पर किसी भी हालत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से नमाज मस्जिद या ईदगाह के अंदर ही अदा की जाती रही है और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है। संभल में संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने ईद, नवरात्र के मद्देनजर पीस कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए। इस दौरान एएसपी श्रीशचंद्र, एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी ने लोगों को शांति बनाए रखने का संदेश दिया। बैठक के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया। एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा कि सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। किसी को भी नियमों के खिलाफ जाकर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संभल के सीओ अनुज चौधरी फिर से बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बुधवार को संभल में पीस कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा कि अगर आप ईद की सेवई खिलाना चाहते हैं तो आपको गुजिया भी खानी पड़ेगी। इससे पहले भी अनुज चौधरी उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने कहा था कि साल में 52 दिन जुमा और एक दिन होली होती है।  जिसको रंगों से परेशानी हो वो घर में नमाज पढ़ें। सीओ अनुज चौधरी ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करना। हम केवल इतना चाहते हैं कि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई भी उपद्रव न हो।  

केन्द्रीय सचिव श्रीमती शमी राव ने उद्योग प्रतिनिधियों और अधिकारियों संग निवेश एवं नीतिगत सुधारों पर की चर्चा

भोपाल भोपाल में 26 मार्च को व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज़ बनाने पर केंद्रित दो उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुई। बैठकों में प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती नीलम शमी राव, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। नीति सरलीकरण और निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस बैठकों में व्यापारिक नियमों को उद्योग-अनुकूल बनाना, नीतियों को सरल करना और निवेश प्रक्रिया को तेज़ करने के लिये विचार-विमर्श हुआ। इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नए उपायों पर सुझाव लिए गए। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह वर्कशॉप की विस्तृत जानकारी दी। सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती शमी राव ने नीति सरलीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। टास्क फोर्स द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और निवेशकों के लिए बाधाओं को कम करने पर प्रेजेन्टेशन दिये गए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में इस दिशा में हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बैठक में उद्योग जगत को हो रही व्यावसायिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके समाधान के लिये सरल नीतियों, डिजिटल प्रक्रियाओं और सिंगल-विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उद्योग संघों के साथ खुला संवाद, नए सुझावों पर चर्चा बुधवार को आयोजित दूसरे सत्र में राज्य सरकार और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के बीच खुला संवाद हुआ। यह बैठक एमपीआईडीसी के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें पीएचडीसीसीआई, फिक्की, लघु उद्योग भारती और सीआईआई सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान टास्क फोर्स द्वारा उद्योगों की प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए पहचाने गए 23 प्रमुख बिंदुओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश को और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था और अन्य आवश्यक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। बैठक के समापन पर एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने उद्योगों से मिले सुझावों को सरकार की आगामी कार्य योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक सुगमता की दिशा में मजबूत पहल मध्यप्रदेश सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को तेज़ करने के लिए लगातार सुधारों को लागू कर रही है। इस बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार डिजिटल समाधान, निवेश प्रोत्साहन और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों के जरिये मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

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