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जिंदल की JSW Steel बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी, अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़ा दिया

नई दिल्ली  सज्जन जिंदल की अगुवाई वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बन गई है। मंगलवार को BSE पर इसके शेयर की कीमत 1,074.15 रुपये के रेकॉर्ड तक पहुंच गई। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप $30 अरब से ज्यादा हो गया। पिछले एक महीने में इस शेयर में लगभग 11% और पिछले एक हफ्ते में 4% से ज्यादा तेजी आई है। JSW स्टील ने अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़कर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बनने का गौरव हासिल किया। Nucor Corp का मार्केट कैप $29.92 अरब है। यूरोप की ArcelorMittal, जापान की Nippon Steel Corp और चीन की Baoshan Iron जैसी बड़ी स्टील कंपनियों का मार्केट कैप $21 अरब से $27 अरब के बीच है। JSW स्टील की वैल्यू दूसरी भारतीय कंपनियों जैसे टाटा स्टील, जिंदल स्टील एंड पावर और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) से भी ज्यादा है। टाटा स्टील भारत की दूसरी और दुनिया की पांचवीं सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी है, जिसका मार्केट कैप लगभग $23.09 अरब है। जिंदल स्टील का मार्केट कैप $10.81 अरब है जबकि सरकारी कंपनी SAIL का मार्केट कैप $5.5 अरब है। पिछले एक हफ्ते में टाटा स्टील और SAIL के शेयरों में 1 से 5% तक तेजी आई है जबकि जिंदल स्टील एंड पावर के शेयर गिरे हैं। शेयर की कीमत सरकार ने कुछ समय पहले सस्ते स्टील के इम्पोर्ट को रोकने के लिए कुछ कदम उठाने की बात कही थी। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को फायदा हुआ है। इन्वेस्टेक के एनालिस्ट रितेश शाह का कहना है कि JSW स्टील हमारी पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने लगातार अच्छी ग्रोथ की है और EBITDA भी अच्छा रहा है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,074.15 रुपये और न्यूनतम स्तर 815.70 रुपये है। बुधवार को कंपनी का शेयर फ्लैट ट्रेड कर रहा है। सुबह 11 बजे यह 0.03% की गिरावट के साथ 1061.50 रुपये पर था। अब बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यह दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी बन गई है। इस मामले में कंपनी ने आर्सेलर मित्तल और निप्पॉन स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि JSW स्टील के शेयरों में 2025 में अब तक 18% की वृद्धि हुई है। यह शेयर साल 2025 में अब तक निफ्टी 50 इंडेक्स पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक है। शेयर का भाव सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को JSW स्टील के शेयर 1074.15 रुपये पर पहुंच गए थे। यह भाव शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। इस शेयर की क्लोजिंग 1061.85 रुपये पर हुई थी। इस कंपनी के मार्केट कैप की बात करें तो ₹2.6 लाख करोड़ है। JSW स्टील का बाजार पूंजीकरण भारत में अपने प्रतिस्पर्धी जैसे टाटा स्टील (₹1.95 लाख करोड़) और अन्य की तुलना में भी अधिक है। शेयर का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक ने JSW स्टील को ₹1100 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ “खरीदें” रेटिंग दी है। JSW स्टील अपनी विकास संभावनाओं, रिटर्न रेश्यो प्रोफाइल, सैटलमेंट आदि के कारण इन्वेस्टेक की पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान क्षमता में स्थिर वृद्धि और एबिटा से पहले की आय के कारण आकर्षक शेयरधारक रिटर्न दिया है। एक अन्य ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक शेयर 1230 रुपये तक जा सकता है। 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचने का ऐलान इस बीच, JSW स्टील ने कहा कि वह प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत अपनी सहायक कंपनी पियोम्बिनो स्टील लिमिटेड (पीएसएल) में 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी। यह शेयर 1,676.45 करोड़ रुपये में बेचे जाएंगे। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि उसके पास पीएसएल में 508 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो पीएसएल की कुल इक्विटी शेयरधारिता का 83.28 प्रतिशत है। निदेशक मंडल ने प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत 75.30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर पीएसएल में रखे गए 22,26,36,000 इक्विटी शेयरों की निविदा को मंजूरी दे दी है। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि इस कदम से कंपनी को अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी का संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, पत्रकारों की स्वतंत्रता को मिला संरक्षण सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हुक्म : अब पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करना आसान नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अहम है। नई दिल्ली  पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकार की आलोचना के आधार पर किसी भी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। इस अधिकार के तहत किसी भी पत्रकार को सरकार की आलोचना करने का पूरा हक है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ सरकार के खिलाफ बोलने या नीतियों पर सवाल उठाने के आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, “स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यदि सरकार की आलोचना करने पर पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाएगा तो इससे प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी। सरकार को आलोचना सहन करने की क्षमता विकसित करनी होगी।” पत्रकारों की स्वतंत्रता पर सकारात्मक संदेश सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पत्रकारों की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि सरकार की आलोचना करना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर अंकुश लगाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भारतीय प्रेस परिषद (PCI) ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। PCI ने कहा कि यह फैसला प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करेगा और पत्रकारों को बिना डर के सच को सामने लाने की प्रेरणा देगा। राजनीतिक हलकों में हलचल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है। वहीं, सरकार के प्रवक्ताओं ने कहा है कि वे इस फैसले का सम्मान करते हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की रणनीति तैयार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को नया आयाम देगा। इससे पत्रकारों को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का हौसला मिलेगा। अभिव्यक्ति की आज़ादी का यह संरक्षण न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करेगा, बल्कि सरकार को भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा।

यदि गरीब लोगों का अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं किया तो वह एम्स को अपने नियंत्रण में लेने को कहेगा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि गरीब लोगों का इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध नहीं किया जाएगा तो वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को इसे अपने नियंत्रण में लेने को कहेगा। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सीज समझौते के कथित उल्लंघन को गंभीरता से लिया, जिसके तहत अस्पताल को अपने यहां एक तिहाई गरीब मरीजों को भर्ती करना था और ओपीडी में 40 प्रतिशत मरीजों को बिना किसी भेदभाव मुफ्त इलाज करना था। बेंच ने कहा, ‘अगर हमें पता चला कि गरीब लोगों को मुफ्त इलाज नहीं दिया जा रहा है तो हम अस्पताल को एम्स को सौंप देंगे।’ बेंच ने कहा कि अपोलो समूह की ओर से दिल्ली के पॉश इलाके में 15 एकड़ भूमि पर बनाए गए अस्पताल के लिए एक रुपये के प्रतीकात्मक पट्टे पर यह जमीन दी गई थी और उसे ‘बिना लाभ और बिना हानि’ के फॉर्मूले पर चलाया जाना था, लेकिन यह एक शुद्ध वाणिज्यिक उद्यम बन गया है, जहां गरीब लोग मुश्किल से इलाज करा पाते हैं। आईएमसीएल की ओर से पेश वकील ने कहा कि अस्पताल एक संयुक्त उद्यम के रूप में चलाया जा रहा है और दिल्ली सरकार की इसमें 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उसे भी कमाई से बराबर का फायदा हुआ है। जस्टिस सूर्यकांत ने वकील से कहा, ‘अगर दिल्ली सरकार गरीब मरीजों की देखभाल करने के बजाय अस्पताल से मुनाफा कमा रही है, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात है।’ पीठ ने कहा कि अस्पताल को 30 साल के लिए पट्टे पर जमीन दी गई थी और इस पट्टे की अवधि 2023 में समाप्त होनी थी । सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से यह पता लगाने को कहा कि इसका लीज रिन्यू किया गया है या नहीं। शीर्ष अदालत आईएमसीएल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के 22 सितंबर, 2009 के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि अस्पताल प्रशासन ने अंदरूनी (इनडोर-भर्ती) और बाह्य (आउटडोर) गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज देने के समझौते की शर्त का उल्लंघन किया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से पूछा कि अगर पट्टा समझौता नहीं बढ़ाया गया है तो उक्त जमीन के संबंध में क्या कानूनी कवायद की गई है। पीठ ने अस्पताल में मौजूदा कुल बिस्तरों की संख्या भी पूछी तथा पिछले पांच वर्षों के ओपीडी मरीजों का रिकॉर्ड मांगा।

कोंटा ब्लॉक में सक्रिय वेट्टी कन्नी सहित 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा सरकार के नक्सल अभियान को बड़ी सफलता मिली. कोंटा ब्लॉक में नक्सल संगठन में लम्बे समय से सक्रिय वेट्टी कन्नी के साथ 26 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता व सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली भी शामिल हैं. ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं. नक्सली बटालियन में सक्रिय एक नक्सली ने भी आत्मसमर्पण किया है. इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और कैंप खोलने से प्रभावित होकर नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें बटालियन नंबर वन के अलावा जगरमुंडा एरिया में शामिल नक्सली हैं. ये नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागकर आत्मसर्मपण किया है. इन्हें शासन की आत्मसमर्पण की नीतियों का लाभ दिया जाएगा.

टिम सीफर्ट की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया, सीरीज भी 4-1 से अपने नाम की

वेलिंग्टन जेम्स नीशम (पांच विकेट) और जैकब डफी (दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद टिम सीफर्ट (नाबाद 97) की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने बुधवार को पांचवें और आखिरी टी-20 मुकाबले में पाकिस्तान को 10 ओवर शेष रहते आठ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ न्यूजीलैंड ने पांच मैचों सीरीज भी 4-1 से अपने नाम कर ली। पाकिस्तान के 128 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टिम सीफटर् और फिन एलन की सलामी जोड़ी ने आतिशी बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए पहले विकेट 93 रन जोड़े। सातवें ओवर में सुफियान मुकीम ने फिन एलन को बोल्ड कर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। फिन एलन ने 12 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाते हुए (27) रन बनाये। नौवें ओवर में माकर् चैपमैन (तीन) रन बनाकर आउट हुए। उन्हें सुफियान मुकीन ने आउट किया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंदों में 10 छक्के और छह चौके लगाते हुए (नाबाद 97) रनों की विस्फोटक पारी खेली। न्यूजीलैंड ने 10 ओवर में दो विकेट पर 131 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। जेम्स नीशम को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ तथा टिम सीफटर् को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। पाकिस्तान की ओर से सुफियान मुकीम को दो विकेट मिले। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने मात्र 25 के स्कोर तक अपने तीन विकेट गवां दिए। हसन नवाज (शून्य), उमर युसूफ (सात) और मोहम्मद हरिस (11) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय बल्लेबाजी करने आये कप्तान आगा सलमान ने पारी को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद उस्मान खान (सात), अब्दुल समद (चार) नीशम ने आउटकर पवेलियन भेज दिया। शादाब खान ने 20 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए (28) रनों की पारी खेली। उन्हें 17वें ओवर की पहली गेंद पर नीशम ने ही आउट किया। जहानदाद खान (एक) और सुफियान मुकीम (शून्य) को भी नीशम ने अपना शिकार बनाया। आगा सलमान ने 39 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की महत्वूपर्ण पारी खेली। न्यूजीलैंड के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण के आगे पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 128 रन ही बना पाई। न्यूजीलैंड की ओर से जेम्स नीशम ने चार ओवर मेें 22 रन देकर पांच विकेट लिये। जैकब डफी ने चार ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट झटके। बेन सियर्स, ईश सोढ़ी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

भिंड ग्वालियर सिक्स लेन हाईवे की शीघ्र मंजूरी एवं गौ अभ्यारण को लेकर विशाल जन जागरण धर्म यात्रा कल

भिंड ग्वालियर सिक्स लेन हाईवे की शीघ्र मंजूरी एवं गौ अभ्यारण को लेकर विशाल जन जागरण धर्म यात्रा कल जन जागरण धर्म यात्रा चंबल पुल से प्रारंभ होकर रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल ग्वालियर में होगा समापन भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी तथा मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री जी को लिखा पत्र ग्वालियर भिंड इटावा सड़क पर आए दिन हो रही अकाल मौतों पर लगे शीघ्र विराम/ संत कालिदास महाराज रौन नगर में सिद्ध बाबा मंदिर हुआ विशाल धर्म सभा बैठक का आयोजन रौन       भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे के अति शीघ्र निर्माण को लेकर एवं सनातन धर्म की धुरी कही जाने वाली गौ माता की रक्षा हेतु गौ अभ्यारण प्रत्येक तहसील स्तर पर बनाए जाने को लेकर रोन नगर में अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष परम पूज्य संत कालिदास जी महाराज के नेतृत्व में विशाल धर्म सभा बैठक का आयोजन सिद्ध बाबा मंदिर प्रांगण में रखा गया, उक्त धर्म सभा बैठक की अध्यक्षता संत 1008 महामंडलेश्वर रंजीतानंद जी महाराज भिंडी बाबा के द्वारा की गई , जिसमें सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रवासी एवं संत महात्मा गढ़  उपस्थित रहे, उक्त धर्म सभा बैठक का संचालन भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष  मुकेश दीक्षित समाजसेवी के द्वारा किया गया. इस अवसर पर अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष संत कालिदास महाराज ने कहा कि भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे ना होने के कारण आए दिन लोग दुर्घटना के कारण मौत का शिकार हो रहे हैं और काल के गाल में जा रहे हैं यह पूरे ग्वालियर चंबल संभाग वासियों  के लिए बड़ी दुखद दर्द पूर्ण और निंदनीय घटना है, जिसके चलते सैकड़ो लोग कई वर्षों से मौत का शिकार हो रहे हैं और हजारों परिवार बेघर और तबाह हो गए हैं ,उन्होंने आगे कहा भिंड ग्वालियर सिक्स लेन न होने के कारण आज भिंड जिले का विकास का पहिया रुका हुआ है और भिंड जिला मध्य प्रदेश में सबसे पीछे आता है, इसके बाद धर्म सभा बैठक की अध्यक्षता कर रहे संत 1008 रंजीतानंद जी महाराज भिंडी बाबा ने कहा सनातन धर्म की धुरी कहीं जाने वाली गौ माता जिसके शरीर में 33 कोटि देवताओं का वास होता है आज वह सड़कों पर दर-दर भटक रही है आए दिन कहीं दुर्घटना का शिकार हो रही है और काल के गाल में जा रही है जो कि हिंदू सनातनी सभी भाइयों बहिनों  के लिए  डूब मारने वाली बात है, उन्होंने आगे कहा जिस गाय माता को हम पूजते हैं .जिसे अपनी माता मानते हैं आज वह बिलख-बिलख कर रो रही है और भूखी प्यासी रहकर तड़प तड़प कर अपने प्राणो  की आहुति दे रही है, जब गाय ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो निश्चित तौर पर सनातन का पतन हो जाएगा और इसके जिम्मेदार हम और आप होंगे, अब समय सोने का नहीं है, अब हम और आप सभी को आगे बढ़कर गौ माता की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा, इसके बाद उक्त धर्म सभा बैठक का संचालन कर रहे भारतीय नमो संघ के प्रदेश अध्यक्ष  मुकेश दीक्षित ने कहा कि आज देश में और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जो विशेष कर सनातन को मानती है और आज देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में एक से एक बढ़कर अभूतपूर्व ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, और मोदी जी के कार्यकाल में आम जन के हित को लेकर एक से एक अभूत पूर्व जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया, उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी के कार्यकाल में देश में चाहे धारा 370 का मामला रहा हो या राम मंदिर का जिसको हम और आप सब अपरकल्पनीय मानते थे जो आज धरातल पर दिख रहा है. भिंड ग्वालियर सिक्स लाइन हाईवे तथा गौ माता की सुरक्षा हेतु गौ अभ्यारण को लेकर माननीय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी एवं मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया मोहन यादव जी को नमो संघ के द्वारा एक पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि आज देश में सनातनी सरकार है और जिस तरीके से संत कालिदास जी महाराज तथा पूज्य महामंडलेश्वर दंदरौआ सरकार रामदास जी महाराज एवं अन्य भिंडी ऋषि की पावन धरा के संतों ने मिलकर आम जन के हित के लिए जो पहल की गई है और बीड़ा उठाया है यह बहुत सराहनीय पुनीत कार्य है, जिसमें जिले के समाजसेवी बंधुओ एवं जिले वासियों को दलगत राजनीति से हटकर इस पुनीत कार्य में संतों का सहयोग करना चाहिए, और बढ़ चढ़कर सभी को हिस्सा लेना चाहिए, मुकेश दीक्षित ने आगे कहा यह सिर्फ मात्र एक जन आंदोलन नहीं बल्कि हमारे पवित्र भिंडी ऋषि की पावन धरा के संतों के द्वारा किया जा रहा आम जन के हित के लिए उनके जनकल्याण एवं सुखमय जीवन के लिए महायज्ञ है. इसमें मैं सभी भिंड जिले वासियों से आग्रह करता हूं कि वह बढ़-चढ़कर इस पावन महायज्ञ में अपनी आहुति अवश्य डालें और  संतों के द्वारा उठाए गए इस पुनीत कार्य को सफल बनाए , उन्होंने आगे कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश में बैठी  भाजपा की डबल इंजन की मोदी सरकार और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी तथा मध्य प्रदेश के मुखिया मोहन यादव जी निश्चित तौर पर संतो के द्वारा किए जा रहे इस पावन यज्ञ में अपना सहयोग प्रदान करेंगे, और मौत का हाईवे कहा जाने वाला भिंड ग्वालियर सड़क मार्ग को सिक्स लेन हाईवे में परिवर्तित करने की शीघ्र मजूरी प्रदान करने का शीघ्र कार्य करेंगे, उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आने वाले 10 अप्रैल को भिंड खंडा रोड पर शांतिपूर्वक संतो के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आम जन दलगत राजनीति से हटकर इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें, और 27 मार्च को  9 बजे चंबल पुल से लेकर रानी लक्ष्मीबाई समाधि ग्वालियर स्थल तक शांतिपूर्वक अपने-अपने वाहन द्वारा सम्मिलित होकर धर्म यात्रा की शोभा बढ़ाएं. समाजसेवी मुकेश दीक्षित ने आगे कहा की राजतंत्र में जब अकाल पड़ता था तब राजा अपनी जनता के हित के लिए अपना … Read more

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर ईडी की बड़ी कार्यवाही, 92 करोड़ संपत्ति अटैच

भोपाल परिवहन विभाग में पूर्व आरक्षण सौरभ शर्मा ने काली कमाई से जो 92 करोड़ की संपत्ति बनाई उसें प्रवतन निर्देशालय ईडी ने अटैच कर ली है इसमें सौरभ के रिश्तेदार की नाम पर भोपाल इंदौर ग्वालियर में खरीदी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है अटैक की गई प्रॉपर्टी की खरीद फरोखत और इसे ट्रांसफर नहीं किया जा सकता यह नहीं आयकर विभाग की टीम ने 19 और 20 दिसंबर 2024 की निगरानी रात कार्य से जो 52 किलो सोना वह 11 करोड रुपए नगद बरामद किया उसमें भी अटैच कर लिया गया है यही नहीं, आयकर विभाग की टीम ने 19 और 20 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात कार से जो 52 किलो सोना व 11 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे, उन्हें भी अटैच कर लिया गया है। कार सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की थी। चेतन ने स्वीकार किया था कि कार उसकी थी, पर इस्तेमाल सौरभ और सहयोगी करते थे। वहीं, सौरभ शर्मा ने नकदी और सोने से पल्ला झाड़ लिया था। बता दें, लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ के ठिकानों पर छापे मारे थे। इसके बाद 27 दिसंबर और 17 जनवरी को इंडी ने भी छापे मारे थे। मां, पत्नी, सास, सहयोगियों के नाम पर बनी संपत्ति भी     सौरभ शर्मा : ईडी ने भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित ई-7/78 में सौरभ शर्मा का घर अटैच किया है। अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर खरीदी गई 9 संपत्तियां भी अटैच। इनमें से 7 भोपाल, 2 इंदौर में हैं।     मां उमा शर्मा व पत्नी दिव्या ग्वालियर में 1 प्लॉट, कृषि भूमि अटैच। भोपाल में जिस जमीन पर स्कूल की बिल्डिंग बन रही थी, वह भी अटैच। यह दिव्या के भी नाम पर थी।     सास रेखा तिवारी: भोपाल के मुगलिया कोट में 0.5 हेक्टेयर जमीन अटैच। भोपाल के कुशलपुरा में 2 हेक्टेयर जमीन जब्त।     सहयोगी शरद जायसवाल : भोपाल में खरीदा गया एक प्लॉट अटैच। हिनौतिया आलम में कृषि भूमि जब्त। पांच अन्य प्लॉट भी अटैच। इनमें 3 भोपाल, 2 इंदौर में।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा ने- अय्यर बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज है

नई दिल्ली पंजाब किंग्स (PBKS) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के एक उच्च स्कोरिंग मुकाबले में गुजरात टाइटन्स (GT) पर एक संकीर्ण जीत हासिल की। ​​243/5 के मजबूत स्कोर का बचाव करते हुए पंजाब ने गुजरात को 232/5 पर रोक दिया जिससे रोमांचक 11 रन की जीत दर्ज की गई। मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने श्रेयस अय्यर की पारी के असाधारण पहलू पर अपने विचार साझा किए, उन्होंने कहा कि यह एक शानदार पारी थी और खासकर स्पिन के खिलाफ क्लीन हिटिंग थी। चोपड़ा ने यह भी कहा कि जब स्पिनरों को हिट करने की बात आती है तो श्रेयस बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज हैं। आकाश चोपड़ा ने जियो हॉटस्टार पर कहा, ‘यह सिर्फ साफ-सुथरी, तीखी हिटिंग थी–खासकर स्पिन के खिलाफ। मेरा मानना ​​है कि जब स्पिनरों को हिट करने की बात आती है तो वह बीच के ओवरों में सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज है। अक्सर बल्लेबाजों को ओवर टॉप हिट करने से पहले गति बनाने के लिए आगे आना पड़ता है, लेकिन श्रेयस को इसकी जरूरत नहीं है। इससे गेंदबाजों के लिए उनके अगले कदम का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।’ चोपड़ा ने श्रेयस अय्यर की बेहतर बल्लेबाजी तकनीक पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अय्यर ने अपना रुख थोड़ा खोला है, जिससे उन्हें उन क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिली है जहां वे पहले नहीं पहुंच पाते थे और शॉर्ट गेंदों को ज़्यादा प्रभावी ढंग से हैंडल कर पाते हैं। यह संतुलित रुख उन्हें गतिशील और नियंत्रण में रखता है, जिससे उनकी शॉट बनाने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ उनके फ्रंट-फुट के खेल की बात नहीं है; वे क्रीज की गहराई का इस्तेमाल करके मिड-विकेट फील्डर के ऊपर से गेंद को हिट करते हैं। एक मुख्य अवलोकन यह है कि उन्होंने अपना रुख थोड़ा खोला है। परंपरागत रूप से बल्लेबाजी एक साइड-ऑन गेम है, लेकिन श्रेयस ने अपने पिछले पैर को इस तरह से समायोजित किया है कि यह अब पॉपिंग क्रीज के समानांतर नहीं है, बल्कि थोड़ा खुला है, पॉइंट और कवर के बीच कहीं।’ चोपड़ा ने कहा, ‘उनका बल्ला, जो पहले लगभग ऑफ-स्टंप के ऊपर से नीचे आता था, अब थोड़ा बाहर की ओर है, जिससे उन्हें उन क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिलती है, जहां वे पहले नहीं पहुंच पाते थे। इस समायोजन ने शॉर्ट बॉल को संभालने की उनकी क्षमता में भी सुधार किया है। अगर कोई बल्लेबाज सिर्फ शॉर्ट बॉल पर ध्यान केंद्रित करता है और उसका सारा वजन पिछले पैर पर होता है, तो वे शॉट को मिसटाइम करने का जोखिम उठाते हैं। हालांकि, श्रेयस के संतुलित रुख के साथ, वे गतिशील और नियंत्रण में रहते हैं, जो उनकी शॉट बनाने की क्षमता को काफी हद तक बढ़ाता है।’

HC का आदेश MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 का अनुमति के बिना रिजल्ट घोषित ना हो, नोटिस जारी

जबलपुर  MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 पर हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक बड़ा आदेश जारी किया है कोर्ट ने कहा है कि उसकी अनुमति के बिना प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित न किया जाये, इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को, एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया है। दरअसल भोपाल निवासी अभ्यर्थी ममता देहरिया ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 में भाग लिया है, अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा आवेदन जमा करने के तत्काल बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम 2015 के नियम 4 (1) (a) (ii), तथा नियम 4 (2) (a) (ii) एवं नियम 4 (3) (a) (ii) की संवैधानिकता सहित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सर्कुलर 07/11/2000 तथा लोक सेवा अयोग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन दिनांक 31/12/2024 की संवैधानिकता क़ो चुनौती देते हुए उक्त प्रावधानों क़ो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 तथा 335 एवं लोकसेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4-अं, से असंगत तथा असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में मप्र सिविल सेवा भर्ती नियम की संवैधानिकता को दी गई है चुनौती याचिका में कहा गया है कि उक्त प्रावधान आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों क़ो छूट लिए जाने के नाम पर उनको अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते है, ममता देहरिया की याचिका पर आज प्रारंभिक सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत तथा न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ में हुई, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश शासन एक ओर आरक्षित वर्ग को विभिन्न प्रकार की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर छूट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट में उच्च स्थान प्राप्त करने पर भी अनारक्षित वर्ग में चयन न होने का नियम बना दिया गया है, जो सविधान में निहित सामाजिक न्याय की अवधारणा के विपरीत होने के साथ साथ कई संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अनेक न्यायिक दृष्टांत हैं जिनमें स्पष्ट किया गया है, राज्य कोई ऐसा कानून नहीं बना सकती जो आरक्षित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के उपभोग से रोकता हो इसलिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग क़ो अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले समस्त प्रावधान असंवैधनिक तथा निरस्त किए जाने योग्य है,  याचिका कर्ता की ओर से दी गई दलीलो क़ो कोर्ट ने गंभीरता से लिया और याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार और एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया,  कोर्ट ने लोक सेवा अयोग क़ो निर्देशित किया कि उक्त विज्ञापन तथा नियमों के अनुसार आयोजित परीक्षाओ के रिजल्ट हाई कोर्ट की अनुमति के बिना घोषित न किए जाए, याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

मध्‍य प्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी,मौसम विभाग ने अगले दो दिन तेज गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर अब तेजी से महसूस किया जा रहा है। मंगलवार को रतलाम में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, धार और शिवपुरी में भी पारा 39 डिग्री के पार दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन गर्मी और तेज हो सकती है, जिसके बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है। प्रदेश में बीते सप्ताह मौसम का मिजाज अलग ही रहा। लगातार पांच दिन आधे से अधिक जिलों में ओले और बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि सोमवार से मौसम ने करवट ली और गर्म हवाओं के साथ तेज धूप की वापसी हुई। इसके चलते प्रदेश भर में दिन का तापमान तीन से पांच डिग्री तक बढ़ गया है। खासतौर पर मंगलवार को रतलाम में रिकॉर्ड गर्मी देखी गई, जहां पारा सीधे 40 डिग्री पर पहुंच गया। यह इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक गर्मी है। प्रदेश के विभिन्न शहरों का तापमान मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का व्यापक असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, धार में तापमान 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह और नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री और मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 38.6 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रात के समय के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। मालवा-निमाड़ में लू का खतरा मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लू चलने की संभावना जताई है। इसमें इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले जैसे रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार शामिल हैं। इन इलाकों में लू का असर ज्यादा हो सकता है। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री या उससे अधिक हो और 40 डिग्री पार कर जाए, तो उसे हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।  इतना रहा पारा मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को धार में 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह-नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री, मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री पहुंच गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मालवा-निमाड़ में चल सकती है लू अगले 2 दिन में मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रह सकता है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 26 मार्च: तीखी धूप खिली रहेगी। गर्मी का असर बढ़ा रहेगा। 27 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो सकती है। दिन में तीखी धूप खिली रहेगी। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

राजाभोज विमानतल पर एयरफोर्स के विमान की ट्रायल लैंडिंग, पहली बार उतरा बोइंग-777-300ER

भोपाल  भारतीय वायुसेना ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई, जिससे यह राज्य का पहला एयरपोर्ट बन गया, जो इतने बड़े विमान को होस्ट कर सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला यह विमान 74 मीटर लंबा और विशाल विंगस्पैन वाला है, जिससे एयरपोर्ट के आधुनिक इंफ्रट्रक्चर और वीवीआईपी मूवमेंट को सपोर्ट करने की क्षमता का प्रमाण मिला। भोपाल एयरपोर्ट को इस अपग्रेड के तहत नए रनवे टर्न पैड और टैक्सीवे विस्तार जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यह बड़े विमानों के संचालन में सक्षम हो गया है। तीन विशेष पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं, जहां बोइंग 777- 300ER जैसे बड़े विमान आसानी से खड़े हो सकते हैं। 2023 में बुनियादी ढांचे का सुधार पूरा हुआ और DGCA से कमीशनिंग की मंजूरी मिलने के बाद यह ऐतिहासिक ट्रायल संभव हुआ। अब तक यहां से 321 (34 मीटर विंगस्पैन) तक के विमान ही संचालित होते थे, लेकिन अब यह एयरपोर्ट और बड़े विमानों को संभालने में सक्षम हो गया है। इस ट्रायल के साथ, भोपाल हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े विमानों के संचालन और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है, जो राज्य की हवाई सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। 64.8 मीटर के विंगस्पैन और 74 मीटर की लंबाई के साथ, बी-777 300-ईआर को आमतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा विमान है। हालांकि ये विमान तो एयर इंडिया का है लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करता है। पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी तरह के एक विमान एयर इंडिया वन में पीएम मोदी लंबी विदेश यात्राएं करते हैं। लंबी दूरी की सेवा हो सकेगी शुरू भोपाल एयरपोर्ट से अब लंबी दूरी की हवाई यात्रा भी की जा सकेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि बोइंग-777 का विंग स्पान 64.8 मीटर और लंबाई 74 मीटर होती है, जो भोपाल में अब तक आने वाले विमानों की तुलना में दोगुनी है। भोपाल एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों की अधिकतम कैपेसिटी 232 यात्रियों की है, बोइंग-777 विमान 325 से 400 यात्रियों के लिए डिजाइन किए जाते हैं और इनसे लंबी दूरी की यात्रा की जा सकती है। बोइंग-777 विमान की लैंडिंग के लिए रन वे, फायर व अन्य सुरक्षा साधनों को बढ़ाया गया है। तकनीकी भाषा में कैटेगरी-9 तक बढ़ाया गया है, जबकि अभी तक भोपाल में कैटेगरी-7 की सुविधाएं उपलब्ध थीं। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है बी-777 300-ईआर इस विमान में न सिर्फ बेहतरीन सेल्फ-डिफेंस इक्विपमेंट हैं, बल्कि ये विमान दो GE90-115BL इंजन से लैस है, जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंजन है। बोइंग 777-300 ईआर एक बार में 17 घंटे तक की उड़ान भर सकता है। भारत से अमेरिका के बीच की लंबी दूरी भी एक बार में तय कर सकता है। वो भी बिना रीफ्यूलिंग के। यानी एक बार के फ्यूल से ही इससे लंबी दूरी की उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये विमान काफी बड़ा है और इसकी फ्यूल कैपेसिटी भी ज्यादा है। इससे पहले बोइंग 747 में ये क्षमता नहीं थी। बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा सबसे ज्यादा फोकस बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखा गया है। नए एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेटेड डिफेंसिव इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (AIDEWS) है, जो प्लेन को इलेक्ट्रॉनिक खतरों से बचाता है। इन विमानों में लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (LAICRM) सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट है, जो विमान की तरफ आने वाली मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे जाम करने में मदद करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर अभी ए-321 विमानों का संचालन वर्तमान में भोपाल एयरपोर्ट पर अधिकतम A321 विमान (विंगस्पैन 34 मीटर) का संचालन होता है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से विशेष अनुमति मिलने के बाद, भोपाल एयरपोर्ट अब वीवीआईपी बी-777 300ER विमान को सीमित टेक-ऑफ वर्जन के साथ संचालित करने में सक्षम हो गया है।

ढाबा संचालक ने मांसाहारी नहीं बनाया तो किन्नरों ने किया हमला

सागर सागर जिले के खुरई में किन्नरों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। एक ढाबा संचालक ने मांसाहारी खाना बनाने से मना किया, तो किन्नर प्रीति नायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर लाठियों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना मंगलवार की है और यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। कैसे घटी घटना ढाबा संचालक 28 वर्षीय प्रदीप पटेल पर हुए इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कई अन्य कर्मचारियों को भी मामूली चोटें लगी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किन्नरों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की और बाहर खड़े लोगों को भी बेवजह पीटा। पहले भी हो चुका था विवाद रविवार को भी किन्नर प्रीति नायक ने ढाबे पर आकर विवाद किया था, जिसकी शिकायत पुलिस थाने में की गई थी। लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते किन्नरों के हौसले बुलंद हो गए। घायल ढाबा संचालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले विदिशा में ट्रेन में किन्नरों द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया था, जो अब तक शांत नहीं हुआ है, और अब खुरई की यह घटना फिर से किन्नरों की गुंडागर्दी को उजागर कर रही है।  

SC ने HC के देश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का स्वत: संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है. जस्टिस भूषण आर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें एक जज द्वारा ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग करने के लिए खेद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के आदेश को देखा है. हाईकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ जैसे 24, 25 और 26 में जज द्वारा संवेदनशीलता की पूर्ण कमी को दर्शाता है. ऐसा भी नहीं है कि फैसला जल्द में लिया गया है. इस मामले में सुनवाई पूरी होकर निर्णय रिजर्व होने के 4 महीने बाद निर्णय सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की मां ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका को भी इसके साथ ही जोड़ा जाए. उससे दोनों पर साथ सुनवाई आगे बढ़ेगी. दरअसल,  इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल को सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम दो हफ्ते बाद मंगलवार को इस पर सुनवाई करेंगे. इलाहाबाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना, और पाजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता. फैसला देने वाले जज जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 11 साल की लड़की के साथ हुई इस घटना के तथ्यों को रिकॉर्ड करने के बाद यह कहा था कि इन आरोप के चलते यह महिला की गरिमा पर आघात का मामला तो बनता है. लेकिन इसे रेप का प्रयास नहीं कह सकते. पहले क‍िया था इनकार इससे पहले नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश से जुड़े फैसले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया था. याचिका में जजमेंट के उस विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि ‘इस केस में पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना,और पजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता’. याचिका में क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित में सुप्रीम कोर्ट से जजमेंट के विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केन्द्र सरकार/ हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दे कि वो फैसले के इस विवादित हिस्से को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई थी कि जजों की ओर से की जाने वाली ऐसी विवादित टिप्पणियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट अपनी ओर से दिशानिर्देश जारी करें। क्यों की खारिज समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय इस पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का हवाला देते हुए अपनी दलीलें शुरू कीं, तो न्यायमूर्ति त्रिवेदी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अपने मामले पेश करने वाले वकीलों को “लेक्चरबाजी” नहीं करनी चाहिए। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। क्या है मामला यह फैसला पवन और आकाश नामक दो लोगों से जुड़े एक मामले पर आया है, जिन्होंने कथित तौर पर नाबालिग के स्तनों को पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा फाड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश की। शुरुआत में, उन पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि उनका कृत्य बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के रूप में योग्य नहीं था, बल्कि यह गंभीर यौन हमले के कम गंभीर आरोप के अंतर्गत आता है, जो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (बी) और पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) के तहत दंडनीय है।  

अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना पुलिस कांस्टेबल को पड़ा भरी पहुंचा जेल

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ सहित कई पुलिसकर्मियों को अपशब्द बोलने वाले पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह को विधायकपुरी थाना पुलिस ने सोमवार देर रात को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 20 मार्च को एक वीडियो पोस्ट कर छह पुलिस अधिकारियों सहित एक निजी व्यक्ति के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। इस पर हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर आरोपी पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त अशोक नगर बालाराम चौधरी ने बताया कि आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह ने बीस अधिकारियों को अपशब्द कहे थे। हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र को घटना के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी इस प्रकार की कई शिकायतें सामने आई हैं। इनकी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी पुलिस कांस्टेबल से पूछताछ की गई तो उसने नशे में होना कारण बताया। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर पुलिस कांस्टेबल ने इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्यों किए। आखिर वह किस बात को लेकर ऐसा बोल रहा था, इस पर जांच की जा रही है।

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