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दक्षिण कोरिया के जंगल में नहीं थम रही आग ने भारी तबाही मचाई है और लगभग 36,000 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक

सोल दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी प्रांत नॉर्थ ग्योंगसांग में लगी अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन कर्मी हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आग में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 अन्य लोग घायल हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले शुक्रवार से इस क्षेत्र में लगी जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है और लगभग 36,000 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है। यह आग 2000 में पूर्वी तट पर लगी जंगल की आग से लगभग 13,000 हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। उस समय की आग में 23,794 हेक्टेयर जंगल जल गया था। लगभग 37,000 लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं, जिनमें उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत के उइसियोंग और अंडोंग इलाकों के 29,911 लोग शामिल हैं। इससे पहले कार्यवाहक दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति हान डक-सू ने कार्यवाहक आंतरिक मंत्री की-डोंग को उत्तर ग्योंगसांग प्रांत में रहकर आग पर काबू पाने तक प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्यों की देखरेख करने का आदेश दिया। हान ने कहा, “यह बहुत चिंता की बात है कि पीड़ितों में से कई बुजुर्ग लोग हैं, जिनमें नर्सिंग अस्पतालों के मरीज भी शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “कृपया पीड़ितों की सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखें और एक प्रभावी सहायता प्रणाली बनाएं, ताकि आग बुझाने वाले कर्मचारी और स्वयंसेवक थककर जलने से बच सकें।” उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत में, अधिकारियों ने जंगली आग को फैलने से रोकने के लिए फिर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, वन अधिकारियों ने सोल से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में उइसियोंग काउंटी में लगी आग पर काबू पाने के लिए शनिवार सुबह 6:30 बजे हेलीकॉप्टर, दमकल गाड़ियां और अग्निशमन कर्मी भेजने शुरू कर दिए। यह आग तेज हवाओं के कारण जल्दी फैल गई। मौसम अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत में लगभग 5 मिमी बारिश होने की उम्मीद है। प्रांत में लगी आग से 21 लोगों की मौत होने का अनुमान है, जिनमें से चार लोग एंडोंग में मारे गए और आठ लोगों की मौत येओंगदेओक काउंटी में हुई।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” के तहत विवाह में शामिल सविता भाबोर ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

इन्दौर झाबुआ जिले के गोपालपुरा ग्राम में मध्य प्रदेश शासन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत “मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना” के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामय उपस्थिति में सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम नवगांव तहसील झाबुआ की सविता भाबोर ने कहा कि मुख्यमंत्री की कन्या विवाह/निकाह योजना” के तहत मैने पंजीयन कराया व इस योजना का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मैं एक कृषक परिवार से हूं मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह में समस्या उत्पन्न हो रही थी । परंतु राज्य शासन द्वारा प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिये मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ की गयी। इस योजना से हमें आर्थिक सहायता दी जाएगी । उन्होंने इस योजना का संचालन करने के लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री डॉ मोहन यादव को हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है और कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सहयोग प्रदान कर रही हैं।

रीवा में नवागत IG गौरव सिंह राजपूत ने संभाला पदभार

रीवा नवागत पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव सिंह राजपूत ने आज विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार ग्रहण करने के दौरान डीआईजी राजेश सिंह समेत पूरे संभाग के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। आईजी गौरव सिंह राजपूत ने कार्यभार संभालते ही कानून व्यवस्था को मजबूत करने, नशे के कारोबार पर लगाम लगाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, सायबर अपराधों पर नियंत्रण और महिला व नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया है।   महानिरीक्षक का पद बीते तीन महीनों से खाली था और अतिरिक्त प्रभार में चल रहा था। लेकिन अब आईजी गौरव सिंह राजपूत ने पदभार संभालते ही पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिए कि आम जनता की शिकायतों का थाने स्तर पर ही समाधान किया जाए। यदि शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया और आमजन को उच्च अधिकारियों तक दौड़ना पड़ा, तो थाना प्रभारी पर सीधी कार्रवाई होगी और उन्हें हटाया भी जा सकता है। आईजी गौरव सिंह राजपूत ने कहा की “हमारी प्राथमिकता अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई होगी और महिला व नाबालिग अपराधों पर तत्काल रोकथाम के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी।” आईजी के इस सख्त रुख से साफ है कि अब पुलिसिंग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की खैर नहीं।

पुस्‍तक मेला बच्‍चों और अभिभावकों को दे रहा पसंद की शैक्षणिक सामग्री खरीदने का अवसर डिस्‍काउंट, अभिभावक प्रसन्‍न

जबलपुर स्कूली बच्चों को रियायती दरों पर पाठ्य पुस्तकें, कॉपियां और गणवेश उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में 25 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित बारह दिवसीय पुस्तक मेला जहां एक ओर बच्चों और अभिभावकों के लिए अपनी पसंद की शैक्षणिक सामग्री खरीदने का अवसर उपलब्ध करा रहा है तो वहीं दूसरी ओर ये मेला अच्छा मंच प्रदान कर बच्चों के अंदर छिपे हुनर को निखारने का माध्यम भी बन रहा है। बारह दिनों का यह पुस्तक मेला प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक शनिवार और रविवार को दोपहर 12 से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। पुस्तक मेला के दूसरे दिन आज बुधवार को बड़ी संख्या में बच्चों और उनके अभिभावकों ने किताब, कापियां, यूनिफार्म और स्कूल बैग की खरीदी की। इस अवसर पर बाल कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ जितेंद्र जामदार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पुस्तक मेला की सफलता को देखते हुए इस वर्ष और अधिक भव्यता के साथ पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है। उन्होंने इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तारीफ की और संस्कारधानी वासियों से यहाँ आकर शैक्षणिक सामग्री क्रय कर मेले का आनन्द लेने का आवाहन भी किया। पुस्तक मेला के दूसरे दिन आज बिलाबॉन्ग स्कूल की छात्राओं द्वारा विभिन्न गीतों पर प्रस्तुत कत्थक नृत्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला का मुख्य आकर्षण था। साथ ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानी दुर्गावती की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य एवं केंद्रीय विद्यालय जीसीएफ नंबर-1 प्रारची पासवान की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुस्तक मेला में अपनी बच्ची के लिए खरीददारी करने आए मदन महल निवासी उमेश मिश्रा ने बताया कि मेले में सभी कक्षाओं की पुस्तकें, कॉपियां एवं यूनिफॉर्म आदि सामग्रियां अच्छे खासे डिस्काउंट पर उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष उन्होंने बाजार से 4 हजार रुपए की कीमत पर कक्षा दूसरी की पुस्तकें खरीदी थी और इस वर्ष पुस्तक मेले में लगाए गए स्टॉल से मात्र 730 रुपए में कक्षा तीसरी की पुस्तकें खरीदी हैं। किताबों की खरीदी पर इतनी बड़ी छूट पाकर उमेश प्रसन्न नजर आए। उन्होंने संस्कारधानी में लगातार दूसरी वर्ष पुस्तक मेला आयोजित करने के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना को धन्यवाद भी दिया। पुस्तक मेला में बच्चों के लिए किताबें खरीदने आईं बिलहरी निवासी श्रीमती रेखा पासी ने पुस्तक मेला को अत्यधिक खर्चे के महीने में राहत दिलाने वाला आयोजन बताया। उन्होंने बताया कि अप्रैल का महीना अभिभावकों के लिए बजट को बिगाड़ने वाला होता है। इस बीच पुस्तक मेला का आयोजन जिला प्रशासन की एक सराहनीय पहल है, जहां पर स्कूल की सभी सामग्रियां न्यूनतम दामों पर एक ही प्रांगण में उपलब्ध हो रही हैं। वहीं गंगा नगर गढ़ा की रश्मि नामदेव ने बताया कि खरीददारी करने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ पुस्तक मेले को यादगार बना रहा है। निरंतर संचालित कार्यक्रम मंच पर बाल कलाकारों अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बच्चों द्वारा मंच पर कलात्मक प्रस्तुति देने से उनके आत्मविश्वास को बल मिल रहा है। गोराबाजार निवासी निकिता विनोदिया ने बताया कि चुनिंदा दुकानों में किताबें उपलब्ध होने के कारण अभिभावकों को परेशान होना पड़ता था और बार बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन पुस्तक मेला में अगर किसी स्टॉल पर कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं है है तो उसे दूसरे स्टॉल में आसानी से खरीदा जा सकता है। जिससे व्यस्ततम दिनचर्या में समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पुस्तक मेला डिस्काउंट के कारण बच्चों के साथ स्वादिष्ट व्यंजन का आनंद भी लिया जा सकता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना के प्रति आभार व्यक्त किया।

अलग-अलग हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी, आठ बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को किया गिरफ्तार

मुंबई देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मुंबई में पुलिस ने पहली बार आठ बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया है। मुंबई की शिवाजी नगर थाना पुलिस के अनुसार, यह सभी बांग्लादेशी पहचान और लिंग बदलकर रहते थे। पुलिस शहर में बांग्लादेशी नागरिकों को ढूंढ रही थी, लेकिन पुलिस से बचने के लिए यह किन्नर बनकर रहते थे। ये सभी नागरिक मुंबई में लगभग पांच साल से रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कलाकार (नृत्य कलाकार) के रूप में काम करते थे और वैध दस्तावेजों के बिना यहां रह रहे थे। इन आरोपियों ने अपने नाम, पहचान और कुछ मामलों में अपना लिंग भी बदल लिया था, जिससे वे अन्य नागरिकों से अलग दिखते थे। शिवाजी नगर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रफीक नगर इलाके में जाल बिछाकर आठ ट्रांसजेंडर बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन सभी ने बांग्लादेश सीमा से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। मुंबई की शिवाजी नगर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वेश्यावृत्ति, धोखाधड़ी और ग्राहकों को ठगने और लूटने के मामलों में भी शामिल थे। मुंबई में यह पहली बार हुआ है जब ट्रांसजेंडर के रूप में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच में पाया कि ये सभी पुरुष है और अपनी पहचान छुपाने के लिए ट्रांसजेंडर बन कर रहते थे। बता दें कि 26 मार्च को मुंबई की शिवाजी नगर और आरसीएफ थाने की संयुक्त टीम ने मुंबई के गोवंडी और चेंबूर इलाकों में अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल थी। पुलिस ने अवैध घुसपैठियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। हर टीम को एक निश्चित क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जहां उन्होंने गहन जांच-पड़ताल कर अवैध रूप से भारत में रह रहे इन बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था।

छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में अधिकारियों का हुआ तबादला

रायपुर  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल ने प्रशासनिक सुविधा के दृष्टिकोण से लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों का तबादला किया है. बताया जा रहा है कि यह लंबे समय से प्रतिक्षित यह तबादला आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के आदेश पर जारी हुआ है. ताजा आदेश में, तबादले की जद में आए अपर आयुक्त एचके जोशी को दुर्ग प्रक्षेत्र से हटाकर नवा रायपुर मुख्यालय के साथ नवा रायपुर प्रक्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसी तरह अपर आयुक्त अजीत सिंह पटेल को बिलासपुर प्रक्षेत्र, अपर आयुक्त एमडी पनारिया को दुर्ग प्रक्षेत्र, अपर आयुक्त एसके भगत को रायपुर प्रक्षेत्र और अपर आयुक्त एचके वर्मा का जगदलपुर प्रक्षेत्र में तबादला किया गया है.

शहर की बावड़ियों के जीर्णोद्धार का काम प्रमुखता से कराएं, जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारी बैठक में दिए निर्देश

ग्वालियर शहर की बावड़ी व अन्य पुरानी जल संरचनाओं का जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रमुखता के साथ जीर्णोद्धार कराएं साथ ही घर-घर में रेन वाटर हार्वेस्टींग प्रणाली प्रमुखता से स्थापित कराएं। शहर भर में प्रमुख स्थानों व बाजारों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान सार्वजनिक प्याऊ भी खोलें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान दिए। राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत वर्ष प्रतिपदा 30 मार्च से ग्वालियर जिले में भी जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू होगा। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने गुरुवार को बाल भवन के सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों पर चर्चा की। साथ ही अभियान को सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार व नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन अनुमति के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग मद में जमा कराई गई धनराशि से जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान शहर भर में विशेष रूप से रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनवायी जाएं। उन्होंने सरकारी भवनों में प्रमुखता के साथ ऐसी संरचनाएं बनवाने के लिए कहा। कलेक्टर ने शहर की पहाड़ियों पर ट्रेंच बनाकर वर्षा जल का संरक्षण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वन विभाग की मदद से मिट्टी की सीड बॉल (बीज की गेंद) तैयार कर पहाड़ियों पर बनाई जाने वाली ट्रेंच में डालने के लिए कहा। उन्होंने पहाड़ियों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारी को लेकर हुई बैठक में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने नलों के लीकेज ठीक करने , टूटे हुए नलों को बदलने व पाइप लाइनों के लीकेज सुधारने के निर्देश भी दिए। साथ ही घरों और सार्वजनिक स्थलों पर पानी का अपव्यय रोकने पर बल दिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले के ग्रामीण अंचल में 300 खेत तालाब बनाए जाएंगे। ग्रामीण अंचल में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने तालाबों के किनारे अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किसान कल्याण व कृषि विकास , उद्दयानकी , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पर्यावरण , वन, राजस्व, जल-संसाधन व उद्योग इत्यादि विभागों के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत अभियान की सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से मूर्त रूप देने के निर्देश दिए।

सलमान ने कहा- वह धमकियों से नहीं डरते हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा की देखभाल भगवान पर छोड़ दी

मुंबई अभिनेता सलमान खान की अपकमिंग फिल्म ‘सिकंदर’ ईद के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। इस बीच मीडिया से बातचीत के दौरान अभिनेता ने भारी सुरक्षा के साथ घूमने-फिरने से होने वाली परेशानी पर प्रतिक्रिया दी। सलमान ने कहा कि वह धमकियों से नहीं डरते, क्योंकि उन्होंने सब कुछ ईश्वर पर छोड़ दिया है। सलमान खान जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के निशाने पर हैं, जो 1990 के दशक में सुपरस्टार के काले हिरण के शिकार का बदला लेना चाहता है। ‘सिकंदर’ की रिलीज से पहले सलमान खान ने मुंबई के बांद्रा इलाके में एक फाइव स्टार होटल में मीडिया से बात की और बताया कि भारी सुरक्षा के साथ बाहर आना- जाना परेशानियों का सबब बन जाता है। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह धमकियों से नहीं डरते हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा की देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। खान ने मीडिया से कहा, “भगवान, अल्लाह सब बराबर हैं। जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। इतने सारे लोगों के साथ घूमना एक समस्या बन जाती है। मैं किसी धमकी से नहीं डरता, सब ईश्वर पर छोड़ दिया है।” ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण शिकार मामले में संलिप्तता के लिए बिश्नोई ने सलमान को जान से मारने की धमकी दी थी। पिछले साल, मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक सवार दो लोगों ने कई राउंड गोलियां भी चलाई थीं। जांच में पता चला कि शूट का उद्देश्य अभिनेता को डराना था और लॉरेंस के निर्देश पर इसे अंजाम दिया गया था। पिछले साल अक्टूबर में सलमान के खास दोस्त नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में उनके घर के पास तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। घटना के बाद सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई और उनके घर की बालकनी को भी बुलेटप्रूफ शीशे से ढक दिया गया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।

झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सभी के मंगलमय और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन के 16 संस्कारों में से पाणिग्रहण संस्कार गृहस्थ जीवन में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें 7 फेरों से 7 वचनों को पूरा कर सात जन्मों तक बंधन में बंधते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों को विवाह और निकाह की बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशियों की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ में सामुहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 11 जोड़ों को प्रतीकात्मक रूप से 49-49 हजार की राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के निवासियों को सौगात देते हुए कहा कि राणापुर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या के निराकरण के लिए भांडाखेड़ा बैराज, नागन खेड़ी, गलती, छायण, झालरवा, बुदाशाला और कल्लीपुरा में बैराज बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध झाबुआ में मेडिकल कॉलेज भी बनाया जायेगा। झाबुआ के विकास के लिये सभी कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों का विकास समाहित है। किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप सबका साथ लेकर सबका विकास किया जायेगा, जिसमें सबके प्रयास और सबका विश्वास शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण के लिये राशि प्रदान की जा रही है। किसानों का गेहूँ 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित किया जा रहा है। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जा रहे हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी और लेपटॉप प्रदाय किये जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बेटियों को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में आयोजित लगभग 2000 जोड़ों के सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर मन आनंदित हो गया हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जिले के लिए सौभाग्य है कि इतना विशाल विवाह समारोह आयोजित हुआ और जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रूप से स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सुश्री भूरिया ने जनजातीय परम्परा के अनुरूप जनजातीय जैकेट “झूलड़ी” पहनाकर, साफा बांधकर एवं तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत मोटी आई कैम्पैन, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन गलसन माला, गुड्डा गुड्डी, तीर कमान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत जिले में उत्पादित टमाटर एवं टमाटर से बने उत्पाद जैसे टमाटर पाउडर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग श्री अन्न फसल एवं जैविक उत्पाद, नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा वेस्ट टु वेल्थ प्रोजेक्ट अंतर्गत तैयार किये गये डस्टबिन एवं गमले प्रदर्शित किये गये। सम्मेलन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता चौहान, संभागायुक्त इंदौर श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री पद्म विलोचन शुक्ल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

EPFO : UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल से निकल निकाल सकेंगे पैसे

नई दिल्ली EPFO यूजर्स के लिए सरकार की तरफ से लगातार नए फैसले लिए जाते हैं। UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल तक की योजना बनाई जा रही है। बीते दिनों एक रिपोर्ट आई थी, इसमें दावा किया गया था कि यूजर्स UPI की मदद से 1 लाख रुपए तक का EPFO निकाल सकेंगे। इसके साथ ही ATM की मदद से EPFO निकालने की बात भी कही जा रही थी। अब साफ हो गया है कि सरकार ने इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही NPCI से भी बात की जा रही है। EPFO पेमेंट को लेकर योजना बनाई जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए लेबर सचिव सुमिता डावरा ने खुद पुष्टि की है। सुमिता बताती हैं, EPFO की तरफ से इसके लिए योजना बनाई जा रही है और आने वाले महीनों में इसे लागू करने का भी काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘ये सभी मेंबर्स के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है। वह EPFO अकाउंट भी देख पाएंगे। लेकिन इसमें खास बात होगी कि वह UPI की मदद से EPFO अकाउंट देख पाएंगे। यहीं वह ऑटो क्लेम भी कर सकते हैं। सब्सक्राइबर्स को इसकी मदद से जल्दी अप्रूवल लेने में मदद मिलेगी और पेमेंट भी तुरंत उनके अकाउंट में आ जाएगी।’ 1 लाख रुपए तक लिमिट EPFO की तरफ से इसके लिए लिमिट भी तय कर दी गई है। इसके लिए 1 लाख रुपए तक की लिमिट तय की गई है। क्योंकि यूजर्स को जल्द फंड मिल जाएगा और वह इसका इस्तेमाल अलग-अलग चीजों के लिए कर सकते हैं। वह मेडिकल एक्पेंस, हाउसिंग एडवांस, एजुकेशन और शादी के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।’ दरअसल ये पूरा प्रोसेस यूजर्स के लिए फास्ट पोर्टल के लिए बनाया जा रहा है। यानी यूजर्स आसानी से पेमेंट की निकासी कर सकें और उन्हें इसको लेकर कोई परेशानी न हो। EPFO ने बनाया डेटा बेस सुमिता डावरा आगे कहती हैं, ‘EPFO ने इसके लिए नया डेटा बेस बना लिया है। हमारा पूरा उद्देश्य UPI को सिस्टम में लाना है। हमें NPCI की तरफ से फीडबैक भी मिल रहा है। EPFO उसी कदम के साथ आगे भी बढ़ रहा है। टेस्टिंग करने के बाद, EPFO क्लेम के लिए हम UPI सिस्टम को दुरुस्त करने पर काम कर रहे हैं। ये सभी मेंबर्स को फायदा दे सकता है। इसकी मदद से EPFO अकाउंट्स को डायरेक्ट देखना भी आसान होने वाला है। ऐसा करने से ये साफ हो जाएगा कि ये सही है या नहीं। सब्सक्राइबर्स को किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी। क्योंकि उन्हें जल्दी पैसे मिल पाएंगे।’

ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए पुख्ता रणनीति बनाएं: कलेक्टर श्रीमती चौहान

ग्वालियर   ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल आपूर्ति के लिये सुनियोजित रणनीति बनाएं। संधारण की पुख्ता व्यवस्था हो , जिससे नलकूप, विद्युत मोटर व पाइप लाईन इत्यादि खराब होने पर तत्काल ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुचारु की जा सके। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने ग्वालियर शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर निगम की जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को दिये। उन्होंने जिन बस्तियों मे पिछले वर्षों में पेयजल समस्या रही है वहाँ के लिये विशेष इंतजाम करने व पेयजल की शुद्धता पर भी बल दिया है। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय भी मौजूद थे। गुरुवार को बाल भवन के सभागार में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की विस्तार में समीक्षा की। साथ ही पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये दिशा -निर्देश दिए। उन्होंने जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की पेयजल आपूर्ति के सबसे बड़े स्त्रोत तिघरा जलाशय में उपलब्ध पानी के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन कर बताएं कि शहर को कब से प्रतिदिन पानी की आपूर्ति करना उचित रहेगा। वर्तमान में शहर मे एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। बैठक में जानकारी दी गयी कि तिघरा जलाशय में वर्तमान में 2702.88 एमसीएफपी पानी उपलब्ध है। पिछले साल इस अवधि में तिघरा में 1612 एमसीएफपी पानी उपलब्ध था। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि इस साल हुई अच्छी बारिश से जिले के जलाशयों मे पानी की उपलब्धता अच्छी है ,फिर भी पानी का अपवय न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे आगामी मानसून में कम बरसात होने पर भी पेयजल आपूर्ति होती रहे। शहर के सभी हाईड्रेंट को नक्शे पर दर्शाएं कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने नगर निगम के जल प्रदाय अधिकारियों को शहर में स्थित सभी हाईड्रेंट को नक्शे पर दर्शाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि इन हाईड्रेंट को नक्शे पर उन क्षेत्र की बस्तियों के साथ मार्क करें, जिन बस्तियों में जरूरत पड़ने पर इन हाईड्रेंट से पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। सीएम हैल्पलाइन से सामने आई बस्तियों में पेयजल के विशेष इंतजाम करें कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में जोर देकर कहा कि पिछले अनुभवों एवं सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों के माध्यम से पेयजल के लिहाज से सामने आई समस्यामूलक बस्तियों में पेयजल आपूर्ति के विशेष इंतजाम करें। व्यवस्था ऐसी हो जिससे टेंकर से सप्लाई की जरूरत न पड़े। उन्होंने आदित्यपुरम, शताब्दीपुरम व सत्यनारायण की टेकरी सहित अन्य पेयजल समस्या मूलक बस्तियों को खासतौर पर रेखांकित किया। कलेक्टर ने कहा विशेष जरूरत पड़ने पर टेंकरों के माध्यम से भी पेयजल सप्लाई करें। अनाधिकृत रूप से पानी लेने की प्रवृत्ति को सख्ती से रोकें शहर की पेयजल आपूर्ति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जोर देकर कहा कि मैन पाईपलाईन व पानी की टंकी से अनाधिकृत रूप से लेजम लगाकर आगे के घरों की पेयजल आपूर्ति में बाधा डालने की प्रवृत्ति को सख्ती से रोकें। लेजम जब्त करने के साथ-साथ ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। इसी तरह पेयजल आपूर्ति के पानी का अनाधिकृत रूप से व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। जहाँ जल भराव होता है वहाँ रीचार्ज संरचनाएं बनाएं जल संवर्धन के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शहर के ऐसे स्थानों जहाँ पर बरसात के दौरान जल भराव की स्थिति बनती है वहाँ पर वॉटर रीचार्ज स्ट्रेक्चर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा नलकूपों को रीचार्ज करने के लिए भी ऐसी संरचनाएं बनाने के लिए कहा। साथ ही कहा सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर आईं जल भराव संबंधी शिकायतों के आधार पर भी जल संवर्धन संरचनाएं बनवाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात से पहले रुफ वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनवाने का काम अभियान बतौर किया जाए। कलेक्टर ने पानी का अपव्यय रोकने के लिये घर-घर पानी की टंकियों में अलार्म लगवाने पर भी बल दिया। साथ ही कहा कि नगर निगम की सभी टंकियों में भी अनिवार्यत: अलार्म लगाए जाएं।

70 साल पुराना सपना साकार, जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द दौड़ेगी पटरी पर

 जम्मू  70 साल पुराना सपना साकार होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी  19 अप्रैल को कटरा से घाटी तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी कटरा से कश्मीर तक चलने वाली जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से शुरू होकर पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला तक जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी 19 अप्रैल की सुबह नई दिल्ली से उधमपुर आर्मी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें पुल के निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद पीएम मोदी कटरा स्थित माता वैष्णो देवी आधार शिविर से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल ये ट्रेन संगलदान से बारामूला तक चल रही है। इस इतिहास बनाने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल होंगे। दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री मोदी कटरा में एक सार्वजनिक रैली को भी संबोधित करेंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन पर विस्तार कार्य पूरा होने के बाद इस वर्ष जुलाई-अगस्त तक जम्मू से घाटी के लिए ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। हालांकि फिलहाल दिल्ली या अन्य हिस्सों से कश्मीर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होगी। यात्रियों को कटरा में उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी जिसे बाद में जम्मू में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के तहत कुल 272 किलोमीटर में से 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड को अक्टूबर 2009 में शुरू किया गया था। इसके बाद जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड लिंक और जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा खंड का कार्य पूरा किया गया है। पिछले साल फरवरी में 48.1 किमी बनिहाल-संगलदान खंड को भी जोड़ा गया था। 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा हुआ जबकि रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर का निर्माण हाल ही में पूरा किया गया है।

अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया ई-आफिस प्रणाली का प्रशिक्षण

भोपाल शासन द्वारा समस्त शासकीय विभागों में ई-आफिस प्रणाली को लागू किया जाना है। ई-आफिस का प्रशिक्षण निरंतर जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी अंतर्गत निर्मित ई-दक्ष केंद्र भोपाल में दिया जा रहा है। इससे आधुनिक तकनीकी का उपयोग करके कार्यालयों का संचालन किया जा सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन ई-दक्ष केंद्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री रिंकेश जैन एवं प्रशिक्षक श्री अमित सराठे द्वारा किया जा रहा हैंl जिले में ई- ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर भोपाल के निर्देशानुसार जिला स्तर पर स्थित कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों को ई-कार्यालय प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभाग जैसे सामाजिक न्याय , खनिज संसाधन, सहकारिता विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, परिवहन, खेल और युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, योजना आर्थिक एवं सांख्यकी, महिला एवं बाल विकास भोपाल, उद्यानिकी, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका हैंl प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी सम्मिलित हो चुके हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के विभिन्न modules जैसे डाक को diarise करना , सम्बंधित डाक के लिए Acknowledgement जनरेट करना, डाक को नोडल ऑफिसर को send करना, गलती से send की गयी डाक को pull back करना, एड्रेस बुक मेन्टेन करना, डाक को फाइल में Attach करना, ग्रीन / येलो नोट फाइल में जोड़ना, ड्राफ्ट तैयार करना, ड्राफ्ट को Approve करना, ड्राफ्ट को sign करना l eSign ,DSC Sign, Ink Sign की जानकारी, फाइनल आर्डर dispatch करना का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं । शेष सभी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों हेतु प्रशिक्षण निरंतर संचालित किये जा रहे हैं l इसी क्रम में 28 मार्च को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय कॉलेज हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने ली कोरिया के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल रमेन डेका ने गत दिवस  कोरिया प्रवास के दौरान आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जिले में आदिवासी वर्ग के लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान देने, सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने, मादक पदार्थों के परिवहन, विक्रय, भंडारण को प्रतिबंधित करने, पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकृति का संतुलन बनाए रखने, जल संचयन को बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, टीबी उन्मूलन जैसे अन्य योजनाओं का धरातल पर उचित क्रियान्वयन करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।  इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने दूरस्थ आदिवासी जिले में निवासरत लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शासकीय योजनाओं से प्राथमिकता से लाभांवित करने के निर्देश दिए।  उद्योग, स्वरोजगार व्याप नाते केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक गम्भीरता से पहुँचाने एवं आमजनो के जीवन स्तर में बदलाव लाने हेतु निर्देशित किया। राज्यपाल डेका ने जिले में सड़क दुर्घटना से होने वाली जनहानि के रोकथाम हेतु जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क दुर्घटना से संलिप्त भारी वाहनो के मालिकों की बैठक लेकर उनके वाहन चालकों की समय-समय पर कॉउंसलिंग करने एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने व मादक पदार्थाे का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने मादक पदार्थों के सेवन के रोकथाम हेतु जिले में नशीली सामग्रियों के परिवहन, भण्डारण व विक्रय पर प्रतिबंध लगाने हेतु दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजनों में नशा त्याग हेतु अभियान चलाकर जनजागरूकता लाने की बात कही। साथ ही युवाओं में नशा से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी देने हेतु स्कूल, कॉलेज में नशामुक्ति अभियान चलाने के लिए कहा एवं जिले में संचालित नशा मुक्त केंद्रों का भी उचित संचालन कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन व भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण करने व उनका उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में पेड़ों का अत्याधिक महत्व है एवं प्रकृति का संतुलन बनाए रखने हेतु पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने सीसी रोड निर्माण के दौरान पेड़-पौधों के लिए पर्याप्त जल,जमीन को छोड़कर ही निर्माण कराने के निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल ने शत प्रतिशत बालिकाओं और श्रमिको के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की बात कही। साथ ही ड्रॉप आउट को रोकने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए जिले में टीबी, एनीमिया, कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में कार्य करने और आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। टीबी मुक्त भारत के लिए कोरिया जिले को भी विशेष प्रयास करने की बात कही। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी के गठन के सम्बंध में जानकारी लेते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए तय सीमा में चुनाव कराने के निर्देश दिए उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों को कुष्ठ उन्मूलन में सहभागिता निभाने और रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। युवाओं के शारीरिक-मानसिक विकास के साथ राष्ट्रीयता की भावना, नैतिक व चारित्रिक गुणों के विकास हेतु एनसीसी को और अधिक स्कूल, कॉलेज के युवाओं को जोडने के लिए समुचित प्रयास करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार दे जोड़ने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्टार्टअप को अपनाने के जिला प्रशासन को विशेष पहल करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा यह जिला पर्यटन की आपार सम्भवनाएँ से भरा है। जिला इसके लिए प्रशासन को पर्यटन के क्षेत्र में विशेष कार्य करने की बात कही। उन्होंने जिले में लीची फसल को बढ़ावा देने तथा लीची जूस  उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करने कहा।

रॉबर्ट वाड्रा ने कहा स्पीकर की तरफ से राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना सदन को स्थगित करना सही नहीं है

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘मुझे सदन में नहीं बोलने दिया जाता है’ वाले बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर की तरफ से राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना सदन को स्थगित करना सही नहीं है। रॉबर्ट वाड्रा ने मिडिया से बातचीत में कहा, “राहुल गांधी जब सदन में बोलते हैं, तो वे विपक्ष और जनता से जुड़े असल मुद्दों को उठाते हैं। भाजपा इस पर बात नहीं करना चाहती है इसलिए उनको (राहुल गांधी) रोक दिया जाता है।” वहीं बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से सांसद राहुल गांधी को पढ़ाए गए मर्यादा के पाठ पर भी वाड्रा बोले। उन्होंने कहा, “दोनों भाई-बहन ने अपने परिवार से यही सीखा है कि आदर और प्रेम से रहें। वे जब मिलते हैं, तो खुशी से मिलते हैं और यही हमें सिखाया गया है। हम भाजपा की तरह नहीं हैं, जो रिश्ते तोड़ती है और अपनी शादी जैसे रिश्तों को भी बनाए नहीं रखती।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है राहुल गांधी को अपनी बात रखनी चाहिए और उनको संसद में बोलने से रोका नहीं जाना चाहिए।” संभल प्रशासन द्वारा सड़कों या छतों पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाने पर रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, “जब भी कोई शख्स मुश्किल में होता है, तो वह अपने भगवान को याद करता है, न कि किसी मंत्री के बारे में, क्योंकि उस समय कोई मंत्री नहीं आने वाला है। जो लोग मंदिर या मस्जिद जाते हैं, वे मुश्किल समय को याद कर प्रार्थना करते हैं, ताकि उनकी परेशानी टल जाए। अगर भाजपा धर्म की राजनीति करती है या फिर धर्म के आधार पर बांटती है, कहती है कि यहां नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है और मीट की दुकानों को बंद किया जाए या फिर औरंगजेब के नाम पर मौजूद स्थानों के नाम बदले जाएं, तो इस तरीके की राजनीति हानिकारक है। इससे प्रगति नहीं आएगी और सभी लोग बंट जाएंगे। जिस तरह से सीएम योगी ने कहा, ‘बंटोगे तो कटोगे’, ऐसी सोच कोई मुख्यमंत्री रखेगा, तो हम लोग कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यह हानिकारक है और नई पीढ़ी निश्चित रूप से इससे खुश नहीं होगी। इस तरह की हरकतों से हम देश में क्या हासिल करेंगे? असली मुद्दे, चाहे वे किसानों से जुड़े हों या महंगाई से, कभी चर्चा नहीं होती। देश में भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए और लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने की अनुमति होनी चाहिए। मुझे लगता है कि देश में भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए।” रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, “मैं पूरे देश में धार्मिक दौरा करता हूं और हर धर्म के लोगों से सीखता हूं कि उनकी प्रार्थनाएं क्या हैं या फिर उनकी सोच क्या कहती है। उस समय मेरा हमेशा फोकस यह नहीं रहता है कि हमें मीडिया के सामने दिखना चाहिए और यही सोच राहुल गांधी की भी है। हम नहीं चाहते कि कुंभ मेले में जाएं, तो वहां हमारे लिए वीआईपी इंतजाम किए जाएं, जिससे लोगों को असुविधा हो या उन पर किसी भी तरह की कोई रोक लगाई जाए। मेरी सोच में दिखावे की राजनीति नहीं होनी चाहिए और ऐसी जगह पर बेरोक-टोक आया-जाया जाना चाहिए।”

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