LATEST NEWS

कल रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन , 305 पदों पर नकली भर्ती

रायगढ़ बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है. 28 मार्च 2025 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा. इस कैंप में 305 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें कई निजी कंपनियां भाग लेंगी. यह प्लेसमेंट कैंप सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जहां इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपने मूल प्रमाण पत्रों और रिज्यूम के साथ उपस्थित होकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं. विस्तृत जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है. इन पदों पर होगी भर्ती प्राप्त जानकारी के अनुसार मे.मुथुट माइक्रोफिन लिमिटेड रायपुर में रिलेशनशिप ऑफिसर, मे.फिजिक्स वाला ढिमरापुर रोड रायगढ़ में क्लास इंचार्ज, काउंसलर, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, मे.चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्रा.लिमिटेड रायगढ़ में सीआरई (कस्टमर रिलेशनशिप एक्जीक्यूटिव), मे.अपराजिता सर्विसेस ढिमरापुर रोड रायगढ़ में वर्कशॉप मैनेजर, मैकेनिक, सेल्स मैनेजर, सेल्समैन, मे.एसबी टे्रडर्स कबीर चौक कोरबा में ड्राईवर(कैम्पर, बोलेरो), मे.शिवशक्ति एग्रीटेक तेलीबांधा रायपुर में सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव, मे.सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लि.तराईमाल गेरवानी रायगढ़ में सीआरओ (डीआरआई), जूनियर कैमेस्टि/असिस्टेंट कैमिस्ट, फिटर (डीआरआई), सीनियर फिटर (डीआरआई), फील्ड ऑपरेटर (डीआरआई) तथा टे्रनी एवं मे.पावर लाइन एक्सेसरिज भानपुरी रायपुर में टेक्नीशियन एवं अनस्कील्ड के रिक्त पदों पर भर्ती होगी.

MIC की पहली बैठक, .50 करोड़ का स्ट्रीट लाइट टेंडर किया निरस्त के बाद हंगामा

बिलासपुर बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बिलासपुर नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया। दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उनकी आपत्ति के बाद बैठक में गर्मागर्म बहस हुई। पेयजल सहित 37 प्रस्ताव पास नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में यह पहली एमआईसी बैठक बुधवार शाम 5 बजे विकास भवन के दृष्टि सभागार में आयोजित हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए। गर्मी को देखते हुए बैठक में शहर में पानी की आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने तथा सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भाजपा ही लगाती है शहर में स्ट्रीट लाइट स्ट्रीट लाइट के ठेके को लेकर हुई बहस के बीच यह चर्चा होती रही कि शहरभर में स्ट्रीट लाइट का काम भाजपा का एक वरिष्ठ नेता, गोलबाजार के एक फर्म के नाम से टेंडर लेकर करता है। टेंडर भी इसी कारण निरस्त किया गया ताकि नेताजी को टेंडर मिल सके।

जल गंगा संवर्धन अभियान :पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता

प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब मध्यप्रदेश में बनेगा जन आंदोलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च से होगा प्रारंभ होकर 30 जून तक चलेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान” पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता पानीदार प्रदेश बनने की ओर बढ़ता देश का हृदय प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षिप्रा तट से करेंगे प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत अभियान में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत मुख्यमंत्री हर दिन एक जल संरचना का लोकार्पण करेंगे तीन माह लगातार चलेगा अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित है, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा से मध्यप्रदेश सरकार जल गंगा जल संवर्धन महा अभियान प्रारंभ करने जा रही है। हमारी धरा के कुल जल का केवल एक छोटा हिस्सा ही पीने योग्य स्वच्छ जल के रूप में उपलब्ध है। पृथ्वी के कुल जल का लगभग 97 प्रतिशत महासागरों में खारा जल है, जो पीने योग्य नहीं है। शेष 3 प्रतिशत मीठा जल है, लेकिन इसमें से भी अधिकांश हिमखंडों और बर्फ की चोटियों में जमा है। सिर्फ 0.5 प्रतिशत से भी कम पानी झीलों, नदियों और भूजल के रूप में उपलब्ध है, जिसे हम उपयोग कर सकते हैं। पृथ्वी पर स्वच्छ और पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत ही सीमित है और इसे संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार ने जल बचाने के लिए कदम बढ़ाये हैं। जल बचाने लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल संकट को खत्म करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। नागरिकों के सहयोग से जल संरक्षण अभियान बनेगा जन-आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क … Read more

सिंगरौली में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई

 सिंगरौली  मध्य प्रदेश में गुरुवार को सिंगरौली जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। झटके इतने हल्के थे कि कई लोगों को यह महसूस नहीं हुए, हालांकि कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर था।हालांकि कई स्थानों पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। सिंगरौली और आसपास के जिलों में काफी लोगों ने भूकंप के झटके को महसूस किया तो कुछ को धरती की कंपन का अहसास नहीं हुआ। जिन लोगों को भूकंप महसूस हुआ वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोग एक दूसरे से भूकंप की चर्चा करने लगे। प्रशासन को कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता वाले भूकंपों को हल्के दर्जे में गिना जाता है। इतनी तीव्रता के भूकंप में नुकसान की आशंका ना के बराबर होती है। हालांकि, हल्के से हल्का भूकंप भी लोगों को डरा जरूर देता है। क्यों आता है भूकंप? दरअसल, पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं। भूकंप के दौरान क्या करें?     भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात को लेकर सावधान रहे कि भूकंप कितनी तीव्रता के साथ आ सकता है। इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है।     धीरे-धीरे कुछ कदमों तक की हलचल करें, जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।  

Nandini Milk की कीमतों में बढ़ोतरी, 4 रुपये बढ़ाने का लिया गया फैसला

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया. राज्य में दूध की कीमत 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है. यह बढ़ी हुई रकम सीधे किसानों को दी जाएगी. यह फैसला किसानों, कई संगठनों और पशुपालन विभाग की भारी मांग के बाद लिया गया है. राज्य की दूध फेडरेशनों ने भी इस कीमत बढ़ोतरी का समर्थन किया है. पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि दूध की कीमत तभी बढ़ाई जाएगी, जब बढ़ी हुई पूरी रकम किसानों को मिले. वह इस बढ़ोतरी के खिलाफ थे, लेकिन उन्होंने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) को भरोसा दिया था कि कैबिनेट जल्द ही इस पर फैसला लेगी. खबर थी कि गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट KMF से सप्लाई होने वाले नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने पर फैसला करेगी. सूत्रों के हवाले से IANS ने बताया था कि KMF और किसान संगठन 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. लेकिन सरकार ने पहले 3 रुपये बढ़ाने का मन बनाया था. आखिरकार, 4 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी मिली. पहले भी कीमत बढ़ाने की बात हुई थी इससे पहले 5 मार्च को कर्नाटक सरकार ने कहा था कि वह लोकप्रिय नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रही है. 10 फरवरी को कर्नाटक राज्य रायता संघ और ग्रीन ब्रिगेड ने बेंगलुरु में KMF ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था. उन्होंने मांग की थी कि दूध की खरीद कीमत को कम से कम 50 रुपये प्रति लीटर किया जाए. साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू होने तक 10 रुपये प्रति लीटर का अंतरिम समर्थन मूल्य देने की मांग भी उठी थी. पिछले साल भी बढ़ी थी कीमत 25 जून 2024 को कर्नाटक सरकार ने दूध की कीमत 2 रुपये बढ़ाई थी. साथ ही हर पैकेट में 50 मिलीलीटर दूध अतिरिक्त जोड़ा गया था. इस फैसले की काफी आलोचना हुई थी. किसानों को राहत की उम्मीद इस नई बढ़ोतरी से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. KMF और किसान संगठनों का कहना है कि दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है, इसलिए कीमत बढ़ाना जरूरी था. अब देखना यह है कि इस फैसले का असर आम लोगों पर कितना पड़ता है. लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है.

साल की पहली तिमाही के दौरान हाउसिंग रियल एस्टेट का बाजार सुस्त हो गया

नई दिल्ली बीते कुछ साल में मकानों की कीमत (House Price) आसमान को छूने को बेताब है। इधर, जियो-पोलिटिकल टेंशन और शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है। तभी तो इस साल की पहली तिमाही के दौरान हाउसिंग रियल एस्टेट का बाजार सुस्त हो गया है। तभी तो इस दौरान मकानों की बिक्री में 28 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट से हुआ है खुलासा रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक (Anarock) का कहना है कि आवासीय संपत्तियों की आसमान छूती कीमतों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण Q1, 2025 में भारतीय आवास बाजार की तेजी धीमी हो गई है। उसकी वजह से घरों की बिक्री में कमी आ रही है। इसकी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च के दौरान करीब 93,280 यूनिट्स की बिक्री हुई है। पिछले साल इसी समय में 1,30,170 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इस हिसाब से इस साल 28% की गिरावट दिख रही है। दिल्ली एनसीआर में बिक्री 20 फीसदी घटी दिल्ली-NCR में बिक्री 20% तक घटी है। यहां इस साल पहली तिमाही के दौरान करीब 12,520 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि पिछले साल इसी दौरान 15,650 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 26% तक गिरी है। वहां इस साल करीब 31,610 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जबकि पिछले साल 42,920 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। मकानों (इकाइयों में) की बिक्री में साल-दर-साल % परिवर्तन   शहरों के नाम Q1-2025 Q1-2024 % परिवर्तन (Q1-2024 बनाम Q1-2025) एनसीआर 12,520 15,650 -20% एमएमआर 31,610 42,920 -26% बैंगलोर 15,000 17,790 -16% पुणे 16,100 22,990 -30% हैदराबाद 10,100 19,660 -49% चेन्नई 4,050 5,510 -26% कोलकाता 3,900 5,650 -31% कुल 93,280 1,30,170 -28% स्रोत: एनारॉक रिसर्च   बेंगलुरु-हैदराबाद में भी घटी बिक्री इस अविध के दौरान बेंगलुरु में मकानों की बिक्री 16% तक गिरी है। वहां इस साल की करीब 15,000 यूनिट्स की बिक्री होने की संभावना है, जबकि पिछले साल 17,790 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। पुणे में बिक्री 30% तक गिर सकती है। यहां 16,100 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 22,990 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। हैदराबाद में घरों की बिक्री 49% तक गिर सकती है। यहां 10,100 यूनिट्स की बिक्री होने की संभावना है, जबकि पिछले साल 19,660 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। चेन्नई में बिक्री 26% तक गिर सकती है। यहां 4,050 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 5,510 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। कोलकाता में आवासीय संपत्तियों की बिक्री इस साल जनवरी-मार्च में 31% तक कम हो सकती है। यहां 3,900 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसी समय में 5,650 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। अर्थव्यवस्था ठीक तब भी गिरावट एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि भारत का समग्र आर्थिक परिदृश्य इस समय सकारात्मक बना हुआ है। GDP विकास दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रहने और मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में रहने का अनुमान है। लेकिन, तब भी मकानों की बिक्री में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा “हालांकि, मकानों की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनावों जैसे चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और एक कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था ने भारत के आवासीय बाजार की गतिविधि पर असर डाला है। इन कारकों का असर Q1 2025 में आवास बाजार पर पड़ा है।”

समेकित भुगतान प्रणाली से मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को भुगतान करने में सहायता मिलेगी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कॉर्पोरेट और शासकीय तथा अशासकीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली बिल का भुगतान करने के लिए समेकित भुगतान तंत्र (Consolidated Payment System) विकसित कर नई सुविधा उपलब्ध कराई है। यह प्रणाली मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के उन बिजली उपभोक्ताओं को भुगतान करने में मदद करेगी जैसे कि नगर निगम, मध्यप्रदेश एवं भारत सरकार के उपक्रम, सरकार तथा निजी क्षेत्र के बैंक तथा निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां, दूरसंचार कंपनियां जिनके विभिन्न क्षेत्रों में टॉवर लगे हुए हैं और ऐसे अन्य उपभोक्ता जिनके मल्टीपल बिजली कनेक्शन हैं, उन्हें यह समेकित भुगतान प्रणाली फायदा पहॅुंचाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया है कि समेकित भुगतान प्रणाली से मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को भुगतान करने में सहायता मिलेगी। ऐसे मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं की संख्या कंपनी कार्यक्षेत्र में ढाई हजार से अधिक है। उन्होंने बताया कि समेकित भुगतान प्रणाली से उपभोक्ताओं को बिल भुगतान करने में एक ओर जहॉं सुविधा मिलेगी वहीं दूसरी ओर उन्हें बिजली बिल का लंबित भुगतान, भुगतान की जानकारी और बिल डाउनलोड करने आदि की सुविधा समेकित भुगतान प्रणाली में एक ही स्थान पर मिलेगी। इससे एक ओर जहॉं उपभोक्ताओं को कम समय में एक क्लिक पर मल्टीपल बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी वहीं दूसरी ओर एक से अधिक बिल भुगतान करने में लगने वाले समय की बचत होगी और कंपनी को भी सही समय पर राजस्व मिलेगा। कंपनी ने बताया है कि यह समेकित भुगतान प्रणाली अत्यंत उपयोगी और सरल बनाई गई है जिसमें उपभोक्ता द्वारा कंपनी के रिकार्ड में रजिस्टर्ड अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर लॉगिन की सुविधा मिलेगी। इस प्रणाली में एक बार उपभोक्ता को आईव्हीआरएस नंबर अथवा उपभोक्ता आईडी की टैगिंग करनी होगी। उपभोक्ताओं के पास टैग की गई उपभोक्ता सूची में भुगतान करने के लिए उपभोक्ता क्रमांक को टिक कर चयन करने की सुविधा रहेगी। उपभोक्ता को जिन कनेक्शनों के बिल का भुगतान करना है उनका चयन करने पर वर्चुअल अकाउंट नंबर वाला एक समेकित चालान तैयार हो जाएगा और फिर भुगतान के विभिन्न विकल्प होंगे जिसके जरिये उपभोक्ता भुगतान कर सकेगा। अभी तक जो व्यवस्था है उसमें सरकारी गैर सरकारी और कॉर्पोरेट उपभोक्ता जिनके अलग-अलग कनेक्शन हैं उनको अलग-अलग भुगतान करने में समय खराब होने के साथ ही भुगतान का रिकार्ड संधारित करने में दिक्कतें होती हैं। कंपनी की समेकित भुगतान प्रणाली से अब अलग-अलग कनेक्शनों का भुगतान और रिकार्ड अब एक ही स्थान पर संधारित रहेगा साथ ही अपने अकाउंट नंबर के साथ ही सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस समेकित भुगतान प्रणाली के माध्यम से अपने मल्टीपल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान सुनिश्चित करें। यह प्रणाली कंपनी की बेवसाइट http://portal.mpcz.in पर उपलब्ध है। इस प्रणाली के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र अथवा कॉल सेन्टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर ही मौत

धरसींवा सांकरा-सिमगा सिक्स लाइन पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है. हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार का शरीर दो भागों में बंट गया और सड़क खून से सन गई. जानकारी के अनुसार, यह घटना टाटीबंध ब्रिज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और बाइक सवार को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया. इस भीषण हादसे में बाइक चला रहे व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है.

जनहित याचिका: गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

बिलाषपुर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत नि:शुल्क शिक्षा देने के मामले में प्रस्तुत जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य शासन को इस बारे में संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत एक नई नीति बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 6 माह के भीतर इसकी कार्रवाई पूरी करने को कहा है। सीवी भगवंत राव ने 6 से 14 वर्ष की आयु के उन बच्चों को निजी स्कूलों में भी नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत यह मांग रखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी ने पिछली बार अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज इसे जारी करते हुए कोर्ट ने सरकार को इस विषय पर 6 माह में नई नीति बनाने का निर्देश दिया। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए तैयार करें नीति कोर्ट ने कहा कि पक्षकारों के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों, इस जनहित याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई शिकायत, जनहित याचिका के साथ संलग्न दस्तावेजों और प्रतिवादियों द्वारा दाखिल रिटर्न तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपर्युक्त निर्णय में निर्धारित कानून तथा आरटीई अधिनियम में निहित प्रावधानों तथा विश्लेषण से मालूम हुआ कि राज्य सरकार द्वारा उपरोक्त विषय पर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं बनाया गया है। इसलिए प्रतिवादी-राज्य को यह निर्देश दिया जाता है कि वह ‘आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ के बच्चों को मुत और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के संबंध में नीति तैयार करे। ताकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 ए में निहित आरटीई अधिनियम की भावना और उद्देश्य को कानून के अनुसार यथाशीघ्र पूरा किया जा सके।

कानून में संशोधन वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और जरूरतमंद महिलाओं के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए किया गया : आलोक कुमार

नई दिल्ली  विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए एआईएमपीएलबी की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठकों में पहले ही सभी मुद्दों पर गहन चर्चा की जा चुकी है. मीडिया से बात करते हुए विहिप प्रमुख ने बताया कि देश भर में व्यापक विचार-विमर्श के बाद जेपीसी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कानून में संशोधन वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और मुस्लिम समुदाय, खासकर जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. कुमार ने कहा, “लोकतंत्र में विरोध करना अधिकार है. भारत में भी मौलिक अधिकार हैं. लेकिन आपने उन मुद्दों पर चर्चा कहां की, जिन पर यह किया जा रहा है? जेपीसी ने किया, पूरे देश में गई और फिर सभी से बात करने के बाद पाया कि वक्फ में संशोधन मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए है. यह वक्फ की संपत्तियों की रक्षा के लिए है.” उन्होंने कहा, “वक्फ का पैसा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए है. इसलिए जेपीसी ने भी अपनी रिपोर्ट दी है. इस पर लोकसभा और राज्यसभा में भी विचार किया जाएगा. वहां अपनी बात रखने के लिए एक मंच है. मुझे लगता है कि अगर मुस्लिम समुदाय गुमराह न हो और ईमानदारी से सोचे तो उन्हें लगेगा कि अल्लाह के नाम पर दी गई संपत्ति का सही इस्तेमाल होना चाहिए. इस बिल का उद्देश्य यही है.” वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है. बुधवार को पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया. बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से लोग बिल का विरोध करने के लिए एकत्र हुए और विधेयक को गैरकानूनी और मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वक्फ की उन संपत्तियों को जब्त करने की कोशिश कर रही है, जिन्हें उनके पूर्वजों ने लोगों के कल्याण के लिए दिया था. उन्होंने दावा किया कि सरकार इन संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रही है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी AIMPLB के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. तेजस्वी ने अपने संबोधन में पटना आए लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी और उनके नेता लालू यादव असंवैधानिक वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं.

प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक

बिलासपुर प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सभी पक्षकार आवश्यक जानकारी सहित अपना पक्ष(रिज्वाइंडर) सबमिट कर दें। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की गई है। प्रकरण पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। प्राचार्य पदोन्नति के लिए बीएड की डिग्री को अनिवार्य किया जाए या नहीं, इस पर याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी के अधिवक्ता और हस्तक्षेपकर्ता अधिवक्ता आलोक बशी ने अपना पक्ष रखा। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त महाअधिवक्ता यशवंत ठाकुर ने अपना पक्ष रखा। यह है मामला याचिकाकर्ता व्यायाता अखिलेश त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर लेक्चरर से प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता और बीएड डिग्रीधारक लेक्चरर को ही प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति देने की मांग की है। इस याचिका के बाद प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से व्यायाता लूनकरण ठाकुर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हस्तक्षेप याचिका में कहा है कि प्राचार्य प्रशासनिक पद, जबकि व्यायाता शैक्षणिक पद है।

गरियाबंद में अधेड़ आदिवासी को पुलिस ने पिटा, आदिवासी समाज लामबंद, दोषियों पर हो कार्रवाई

गरियाबंद देवभोग पुलिस पर जांच के नाम पर आदिवासी अधेड़ के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगा है. मामले को लेकर आदिवासी समाज लामबंद हो गया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. जनवरी माह में एक नाबालिग की गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान देवभोग पुलिस ने चलनापदर पोडपारा निवासी लालधर पोर्टी को पूछताछ के लिए बुलाया था. आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान उसे बेरहमी से पीटा गया. पुलिस की बर्बरता से पीड़ित के एक पैर की हड्डी टूट गई. जिससे अब तक वह लंगड़ा लंगड़ा कर चल रहा है. डर के कारण पीड़ित ने किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन जब मामला आदिवासी समाज के पदाधिकारियों तक पहुंचा, तो वे उग्र हो गए हैं. आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी पीड़ित को थाने लेकर पहुंचे जहां जम कर हंगामा किया. पीड़ित को उस कमरे में भी ले गए, जहां कमरा बंद उसे पिटाई किया गया था. जिसके बाद पुलिस और आदिवासी नेताओं के बीच जम कर बहस हुई. मामले में आदिवासी नेताओं ने अब दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं. आज जिला मुख्यालय पहुंच आदिवासी समाज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे. इधर मामले में पुलिस ने भी अपनी सफाई में कहा कि घर छोड़ते वक्त डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया था, उसे स्वास्थ्य हालात में सुरक्षित घर छोड़ दिया गया था.

राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष ने शिष्टाचार मुलाकात की

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने राजभवन में पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को अहिल्याबाई होल्कर पर प्रकाशित पुस्तक भी भेंट स्वरूप प्रदान की। राज्यपाल  बागडे से विधानसभा अध्यक्ष  देवनानी ने विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी।  

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा फिर हुई शुरू रामेश्वरम रवाना हुए 800 यात्री, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ में छह साल बाद आज फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया. इस ट्रेन में छत्तीसगढ़ से 800 यात्री तीर्थ यात्रा के लिए रवाना रवाना हुए हैं. इस योजना के तहत दर्शनार्थियों को मदुरई, तिरुपति और रामेश्वरम के दर्शन कराए जाएंगे. ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के लिए खाने-पीने के साथ ही चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है. इस दौरान सीएम साय ने कार्यक्रम को संबोधितक करते हुए उनके सुखद याात्रा की कामना की है. सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज बड़ा ही ऐतिहासिक और गौरव का दिन है. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा का आज पुनः शुभारंभ कर रहे हैं. आज हम लोग फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में इस योजना की शुरुआत डॉ. रमन सिंह ने की थी. बीच में यह योजना बंद हो गई थी, लेकिन इसे फिर शुरुकर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारा जो वादा था, उसे पूरा करने का काम कर रहे हैं. इनकी यात्रा सुखमय हो. हम एक और मोदी की गारंटी का काम पूरा कर रहे हैं. सर्वसुविधा युक्त ट्रेन में यात्रियों के साथ 20 अधिकारी भी मौजूद सीएम साय ने आगे कहा कि रामलला दर्शन योजना की भी हमने शुरुआत की है. इसमें 22 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर आ चुके हैं. बुजुर्गों को तीर्थयात्रा की इच्छा होती है, लेकिन वे आर्थिक समस्या की वजह से जा नहीं पाते. सरकार ऐसे लोगों का पूरा ध्यान रख रही है. तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी. तीर्थयात्रियों की देख रेख के लिए 20 अधिकारी भी साथ जा रहे हैं. वहीं तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुए यात्रियों में भारी उत्साह भी देखने को मिला. यात्रियों ने इस योजना को फिर से शुरू करने के लिए साय सरकार का धन्यवाद भी किया है.

अमेरिकी टैरिफ का बाजार पर नहीं दिखा कोई असर, बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ

मुंबई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए नए टैरिफ को दरकिनार करते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 317.93 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,606.43 और निफ्टी 105.10 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,591.95 पर था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली सभी कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, बाजार पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लार्जकैप के साथ मिडकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 193.25 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,839.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183.10 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कमोडिटीज इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। ऑटो और फार्मा इंडेक्स ही लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, टाइटन और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थे। टाटा मोटर्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचयूएल और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। जानकारों के मुताबिक, मंथली एक्सपायरी के कारण धीमी शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली और यह 105.10 अंक बढ़कर 23,591.95 पर बंद हुआ। प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर ने कहा, “ऐसा लगता है कि इंडेक्स का करेक्शन फेस पूरा हो गया है, तेजी के गैप को भर दिया है और पियर्सिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बना लिया है। बाजार के लिए रुकावट का स्तर 23,800 पर है और इस स्तर से ऊपर ब्रेकआउट इंडेक्स को 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर ले जा सकता है। हालांकि, सपोर्ट 23,400 पर बना हुआ है।” बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9.26 बजे, सेंसेक्स 112.96 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 77,401.46 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 28.20 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 23,515.05 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 26 मार्च को 2,240.55 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 696.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet