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2 अप्रैल से भारत पर लागू होगा ट्रंप टैरिफ!, ऑटो से फार्मा सेक्टर तक फोकस में, सन फार्मा से सिप्ला तक पर रखे नजर

वाशिंगटन मार्च का महीना खत्म होने वाला है और अप्रैल महीने के दूसरे दिन यानी 2 अप्रैल से भारत पर ट्रंप टैरिफ लागू किया जा सकता है. इसका व्यापक असर कारों से लेकर जेनेरिक तक होने की संभावना है. आयातित ऑटो और पार्ट्स पर 25% शुल्क लगाना अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को पुनर्जीवित करने के ट्रंप के प्रयास का एक उदाहरण है. इसके अलावा फार्मा समेत कई सेक्टर पर रेसिप्रोकल टैरिफ का प्रभाव देखने को मिल सकता है और इसका असर शेयर पर भी दिख सकता है. ऑटो से फार्मा सेक्टर तक फोकस में डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से भारत को टैरिफ किंग कहते रहे हैं और बीते दिनों उन्होंने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसके लिए 2 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई थी, जो बेहद नजदीक है. इसका असर देश के 31 अरब डॉलर के निर्यात पर देखने को मिल सकता है. कार-ऑटो पार्ट्स के साथ ही फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलपी सेक्टर्स इसे लेकर सबसे ज्यादा फोकस में हैं. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में भारत का अमेरिका को कुल निर्यात 77.5 अरब डॉलर का रहा, जबकि अमेरिका का भारत को निर्यात 40.7 अरब डॉलर रहा. अमेरिका भारत में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने 2000 से अब तक कुल 67.76 अरब डॉलर का FDI किया है.   सन फार्मा से सिप्ला तक पर रखे नजर भारत के सबसे ज्यादा जोखिम वाले सेक्टर्स में से एक है, जबकि अमेरिका वर्तमान में फार्मा आयात पर न्यूनतम शुल्क लगाता है. लेकिन बात अगर भारत की करें, तो यहां अमेरिकी फार्मा प्रोडक्ट्स पर 10% टैरिफ लगाने से वह सीधे तौर पर रेसिप्रोकल टैरिफ के दायरे में आ जाता है. उद्योग समूहों ने चिंता जताते हुए कहा है कि अतिरिक्त लागत का बोझ डिस्ट्रीब्यूटर्स और जेनेरिक मैन्युफैक्चरर के लिए वहन करना मुश्किल होगा. एक्सपर्ट्स की मानें तो इस सेक्टर पर शॉर्ट टर्म में कुछ व्यवधान की उम्मीद है. वहीं जिन सेक्टर्स पर फोकल रहेगा, उनमें Sun Pharma, Cipla, Lupin और Dr Reddy’s Lab शामिल हैं. ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों पर दिखेगा असर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में डिक्सन टेक्नोलॉजीज (Dixon Technologies) और Kaynes Tech जैसी कंपनियों के शेयर पर असर दिख सकता है, तो वहीं ज्वेलरी सेक्टर में मालाबार गोल्ड (Malabar Gold), रेनेसां ज्वेलरी, राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) समेत कई भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बाजार में मौजूदगी बढ़ रही है और रेसिप्रोकल टैरिफ के चलते इसने शेयर पर प्रभाव देखने को मिल सकता है. वहीं आईटी सेक्टर को लेकर भी एक्सपर्ट्स सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि अगर व्यापार तनाव बढ़ता है और अमेरिका में ग्राहक खर्च कम होता है, तो Infosys और TCS जैसी कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ पर विपरीत असर दिख सकता है. नोमुरा का ये है कहना भारत पर ट्रंप टैरिफ की तारीख नजदीक आने के बीच नोमुरा (Nomura) के इकोनॉमिस्ट्स ने कहा है कि भारत ने अपने कुछ समकक्ष देशों की तुलना में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के प्रति अधिक समझौतापूर्ण रुख अपना रहा है. उन्होंने कहा है कि हालांकि BTA यानी  Bilateral Trade Agreement का अच्छा असर दिखने में कुछ समय लगेगा, लेकिन हम इसे एक उत्साहजनक संकेत के रूप में देखते हैं. यह संकेत देता है कि, जबकि भारत अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ के सीधे निशाने पर है और बीटीए भारत पर ऐसे किसी भी शुल्क के प्रभाव को कम कर सकता है.

अंडे का ठेला लगाने वाले को आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज मांगे

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पथरिया नगर के एक अंडा विक्रेता के नाम पर दिल्ली में करोड़ों का कारोबार करने वाली फर्जी कंपनी पाई गई है. इस कंपनी का टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक है और इस पर 6 करोड़ का जीएसटी बकाया है. आयकर विभाग ने इस मामले में अंडा विक्रेता को नोटिस भेजकर बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज मांगे हैं, जिससे उसका पूरा परिवार सदमे में है. जानकारी के अनुसार, पथरिया नगर के रहने वाले प्रिंस सुमन अंडे का ठेला लगाकर आजीविका चलाते हैं. उनके नाम पर दिल्ली में प्रिंस इंटरप्राइजेज नाम से एक कंपनी रजिस्टर्ड पाई गई, जिसने 2022 से 2024 तक करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार किया. यह कंपनी चमड़ा, लकड़ी और आयरन का व्यापार कर रही थी, लेकिन इसने जीएसटी का भुगतान नहीं किया. इसके चलते आयकर विभाग ने अब प्रिंस सुमन को 6 करोड़ रुपये के बकाए का नोटिस भेजा है.   प्रिंस सुमन ने बताया कि वह कभी दिल्ली गया ही नहीं और सिर्फ इंदौर में मजदूरी करने गया था. उन्होंने किसी को अपना पैन कार्ड या आधार कार्ड नहीं दिया, फिर भी उनके नाम पर फर्जी कंपनी बना दी गई. आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद उनका पूरा परिवार डर के साए में है. प्रिंस के पिता श्रीधर सुमन एक छोटी किराना दुकान चलाते हैं, उन्होंने इस मामले में एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. अधिवक्ता अभिलाष खरे ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आयकर विभाग को पत्राचार किया है और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, ताकि इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सके.  

टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा द्वारा आयोजित दावत-ए-रमजान एक्सपो में चली गोलियां

नई दिल्ली टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा द्वारा आयोजित दावत-ए-रमजान एक्सपो में  गोलियां चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो दुकानदारों के बीच विवाद के बाद हवाई फायर हुए। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।   हैदराबाद के गुडीमलकापुर इलाके में गोलीबारी के बाद तनाव का माहौल बन गया। यह घटना दो दुकानदारों के बीच विवाद बढ़ने के बाद हुई जिसके बाद उनमें से एक ने हवा में गोलियां चला दीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इसे लेकर कार्रवाई की। एसीपी कुलसुमपुरा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मोहम्मद मुनव्वर के अनुसार एक्सपो में परफ्यूम खरीदने आए फरहान और आयोजकों के बीच झड़प हो गई। एसीपी ने कहा, ‘एक तीखी बहस के बाद फरहान और उसके दोस्तों ने अतीकुद्दीन सहित कुछ लोगों पर हमला कर दिया। अचानक, उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और हवा में दो राउंड फायर किए।’ इस घटना के सिलसिले में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस गोलीबारी के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। अनम मिर्जा की इंस्टाग्राम प्रोफाइल के अनुसार, वह 2012 से एक फैशन क्यूरेटर हैं और उनका यूट्यूब चैनल भी है।

विद्रोही कचीन आर्मी का खनिज तत्वों पर कब्जा, जिनपिंग की बढ़ेगी टेंशन, म्यांमार में चीन को तगड़ा झटका

नेपीडा म्यांमार में जुंटा शासन और विद्रोही गुटों के बीच चल रही लड़ाई में चीन को झटका लगा है। विद्रोही गुटों ने म्यांमार के दुर्लभ खनिज तत्वों पर कब्जा करते हुए इनके चीन को होने वाले व्यापार को रोक दिया है। कचीन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) के विद्रोहियों ने जुंटा को हराते हुए उत्तरी म्यांमार के कचीन में दुर्लभ खनन क्षेत्र पर कब्जा किया है। एक महत्वपूर्ण संसाधन संपन्न क्षेत्र पर नियंत्रण होना विद्रोही गुट KIA के लिए बड़ी कामयाबी है। वहीं ये घटनाक्रम जुंटा कहे जाने वाले देश की सैन्य शाशकों को झटका है। KIA ने कचीन के खनन क्षेत्र पर कब्जा करते हुए चीन को होने वाली पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की आपूर्ति को रोका है। इससे इन अहम खनिजों की कीमतें आसमान छू गई हैं। KIA के इस कदम का मकसद चीन पर दबाव बनाना है। चीन ने अभी तक म्यांमार की सैन्य सरकार का समर्थन किया है। चीन का म्यांमार के कचीन राज्य में दुर्लभ पृथ्वी खनन में भारी निवेश है। खनिज संपन्न होने की वजह से भारत भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी रखता है। चीन के सामने खनिज तत्वों की कमी कचीन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) के विद्रोहियों ने बीते साल के आखिर में उन क्षेत्रों पर कब्जा किया, जहां से बड़े पैमाने पर खनिजों निकाले जाते हैं। इससे पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की चीन को आपूर्ति बाधित हो गई। चीनी सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार से चीन को दुर्लभ पृथ्वी ऑक्साइड और यौगिकों का आयात फरवरी में 311 मीट्रिक टन तक गिर गया है। यह पिछले साल की तुलना में 89 फीसदी कम है। कचीनलैंड रिसर्च सेंटर के कार्यकारी निदेशक डैन सेंग लॉन का कहना है कि KIA वे दुर्लभ पृथ्वी भंडार का इस्तेमाल चीन के साथ बातचीत में दबाव बनाने के लिए करना चाहते हैं। क्षेत्र की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि भारत भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी दिखा रहा है, जो चीन का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी है। 2024 के अंत में भारत ने एक सरकारी स्वामित्व वाली दुर्लभ पृथ्वी खनन और शोधन कंपनी के अधिकारियों को कचीन भेजा था। KIA क्यों है आक्रामक KIA म्यांमार के कई सशस्त्र समूहों में से एक है, जो जुंटा सैन्य शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं। KIA म्यांमार का सबसे बड़ा और सबसे पुराना जातीय मिलिशिया है। कचीन ज्यादातर ईसाई हैं, उनकी बमर बौद्ध बहुसंख्यकों से शिकायतें रही हैं। म्यांमार में 2021 से चल रहे गृह युद्ध में चीन ने जुंटा का साथ दिया है। ऐसे में KIA जैसे विद्रोही गुट चीन पर दबाव बनाकर इस स्थिति को बदलने की कोशिश में हैं।

CG CM साय से केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री खट्टर ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने खट्टर का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नंदी भेंटकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव उपस्थित थे।

‘सिकंदर’ आ गया है…लंबे इंतजार के बाद सलमान खान ने ईद के मौके पर अपनी फिल्म रिलीज करके फैंस को बड़ी ईदी दी

मुंबई ‘सिकंदर’ आ गया है…लंबे इंतजार के बाद सलमान खान ने ईद के मौके पर अपनी फिल्म रिलीज करके फैंस को बड़ी ईदी दे दी है. मगर सलमान खान की ईदी फैंस की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी है?  कैसा है ‘सिकंदर’ का फर्स्ट हाफ? सलमान खान का अपना एक फैनडम है, जो फिल्म कैसी भी हो, पूरे शो में सीटियो-तालियों से माहौल बनाए रखता है. मगर फर्स्ट हाफ में ‘सिकंदर’ ने इन फैन्स को अपने बंधे हाथ खोलने का एक भी मौका नहीं दिया है. किसी के हाथ उठे भी हैं तो माथा पकड़ने के लिए. ‘सिकंदर’ का पूरा फर्स्ट हाफ इतना बिखरा हुआ है कि शायद एडिटर भी ये समझ नहीं पाए कि कौन सा सीन, किस सीन से जुड़ना चाहिए. सलमान की सबसे औसत फिल्में भी ‘सिकंदर’ जितनी ऊबाऊ नहीं हैं, और ये अपने आप में बहुत कुछ कहता है. उनकी खराब फिल्मों में भी आप ये देख कर एंटरटेन हो सकते थे कि क्या अतिविचित्र आइडिया सोचा गया है. मगर ‘सिकंदर’ में ये भी नहीं है. फर्स्ट हाफ में ये केवल एक खोखली फिल्म है, जिसमें सलमान अपने डायलॉग बुदबुदा रहे हैं-खुसफुसा रहे हैं और औसतन हर 8 मिनट बाद अपने ही पुराने स्वैग को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं. दिक्कत ये है कि ऐसा करने में वो बार-बार नाकाम हो रहे हैं, जो कि दुखद है. ‘सिकंदर’ के सेकंड हाफ को झेलना भी मुश्किल फर्स्ट हाफ में ‘सिकंदर’ का पूरा आइडिया-राइटिंग-प्रेजेंटेशन बुरी तरह बिखर चुका था. सेकंड हाफ पर फिल्म को बर्दाश्त करने लायक बनाने की भारी जिम्मेदारी थी. मगर ‘सिकंदर’ का सेकंड हाफ, फर्स्ट हाफ से भी ज्यादा गर्त में चला जाता है. फिल्म पूरी होने के बाद आप केवल मुंह बाए आश्चर्यचकित बैठे रह जाते हैं कि आपने आखिर ये देख क्या लिया. फर्स्ट हाफ देखते हुए लग रहा था कि ‘सिकंदर’ की राइटिंग आखिर कितनी बुरी है. मगर पूरी फिल्म खत्म होने के बाद समझ आता है कि इस फिल्म के लिए राइटिंग जैसी कोई कोशिश हुई ही नहीं. सत्यराज जैसे दमदार एक्टर, सलमान जैसे सुपरस्टार, गजनी-हॉलिडे के डायरेक्टर ए आर मुरुगदास और तमाम कास्ट-क्रू की शक्तियों का एक साथ गलत इस्तेमाल हुआ है. ये सोचना या खोजना अब इन लोगों का काम है कि ये किया किसने है. ‘सिकंदर’ वो एक जॉब है जिसे लोग अपने सीवी में कभी मेंशन नहीं करना चाहते. ये वो फिल्म है जिसे देखने वाले दर्शक, 4 लोगों के बीच ये बताने से बचते हैं कि उन्होंने ये देखी है. लेकिन दिक्कत ये है कि सलमान के नाम भर से ही इसे कम से कम पहले दिन बहुत दर्शक मिल जाएंगे. मगर उसके बाद जो होगा वो सलमान जैसे जेनुइन सुपरस्टार को 30 साल से पर्दे पर देखते आ रहे किसी भी दर्शक के लिए निराशाजनक होगा. ‘सिकंदर’ वो फिल्म है जिसके बाद सलमान को ठहरकर सोचना चाहिए कि बॉलीवुड दर्शकों की एक पूरी नई पीढ़ी के सामने वो अपनी क्या विरासत छोड़ना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नागपुर का दौरा, दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय जाकर संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए भवन ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी संघ के स्मृति मंदिर गए। यहां से उन्होंने दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। यहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।   पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की नागपुर की अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां अंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। वे दीक्षाभूमि में स्तूप के अंदर गए और वहां रखी आंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी।   ‘सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है’ कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में लिखे अपने संदेश में मोदी ने कहा, ‘मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के पांच ‘पंचतीर्थ’ में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। यहां के पवित्र वातावरण में बाबासाहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है।’   उन्होंने आगे लिखा कि दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहब के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण करना ही बाबासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’ पीएम मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था।

वनांचल एवं सुदूर क्षेत्रों में न्याय व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिषा में अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रारंभ होना महत्वपूर्ण कदम : रमेष सिन्हा

  रायपुर छत्तीसगढ़ के एक सुदूर पहाड़ी वनांचल क्षेत्र, अंबागढ़ क्षेत्र अंबागढ़ चैकी में दिनांक: 29 मार्च, 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिला एवं अपर न्यायाधीष (फास्ट ट्रैक कोर्ट) का वर्चुअल शुभारंभ किया, इस अवसर पर पोर्टफोलियो न्यायाधीष राजनांदगांव माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंबागढ़ चैकी प्राकृतिक सौंदर्य एवं संसाधन से परिपूर्ण वनांचल क्षेत्र है, किन्तु अंबागढ़ चैकी के क्षेत्र के निवासियों को न्याय प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय राजनांदगांव तक 100 से 150 किलोमीटर तक लंबा सफर तय करना पड़ता था, अंबागढ़ चैकी में जिला एवं अपर न्यायाधीष न्यायालय का शुभारंभ होने के पष्चात् सुदूर वनांचल के पक्षकारों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों व अधिवक्ताओं के लिए न्याय सुलभ प्राप्त हो सकेगा। माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा ने विचार व्यक्त किया कि अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना समय की जरूरत थी, न्यायालय के प्रारंभ होने से सुदूर वन क्षेत्रों के उन निवासियों को अत्यंत सुविधा होगी जो 100 से 150 किलोमीटर दूर से अपने प्रकरणों की सुनवाई के लिए जिला राजनांदगांव जाते थे और समय अधिक हो जाने से उनकी वापसी बेहद मुष्किल हो जाती थी।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा इस अवसर पर न्यायालय में पदस्थ किये गये न्यायाधीष एवं न्यायालय के कर्मचारी गणों को बधाई देते हुए व्यक्त किया कि वे अपने न्यायिक कार्य एवं व्यवहार से क्षेत्र के निवासी, पक्षकार एवं अधिवक्ता गण की अपेक्षाओं की पूर्ति करने हेतु शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्राप्त कराने के लिए सहायक होंगे।         ष्यह विषेष रूप से उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय श्री रमेष सिन्हा के द्वारा विगत 02 वर्ष पूर्व दिनांक: 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधिपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा अपनी पदस्थापना के तत्काल बाद से छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में अधोसंरचना के विकास पर जोर दिया गया। इस दौरान माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिला एवं तहसील न्यायालयों का दौरा करके न्यायिक अधोसंरचना के विकास एवं मूलभूत आवष्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप 02 वर्ष की अल्प अवधि में वर्ष 2023-24 में कुल 1,57,61,209 रूपये की लागत से 94 निर्माण कार्य तथा वर्ष 2024-25 में कुल 1,45,62,62,975 की लागत से 162 निर्माण कार्य संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के न्यायालय भवनों में अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य हुए। वर्तमान में विभिन्न जिला न्यायालयों में 61,  परिवार न्यायालय में 02 एवं कामर्षियल कोर्ट में 03, कुल 66 नवीन कक्ष निर्माणाधीन हैं, न्यायिक अधोसंरचना एवं संसाधन में उपरोक्त अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य के फलस्वरूप प्रकरणों के निराकरणों में तीव्रता आयी है एवं 01.04.2023 से 28.02.2025 तक जिला न्यायालय स्थापना के द्वारा 7,13,791 प्रकरण निराकृत हुए हैं जिससे त्वरित न्याय की अवधारणा साकार हुई है।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के कुषल नेतृत्व, कल्याणकारी दृष्टिकोण एवं दूरदर्षिता के परिणाम स्वरूप राजनांदगांव जिला के दूरस्थ वनांचल अंबागढ़ चैकी में अधोसंरचना विकास के साथ अपर जिला न्यायाधीष न्यायालय का प्रारंभ होना एक मील का पत्थर है, जिससे छत्तीसगढ़ न्याय पालिका में अधोसंरचना के विकास की गति को शीघ्रता प्राप्त हुआ है।         इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं अन्य अधिकारी गण, राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारी गण, राजनांदगांव जिले के न्यायाधीष गण, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, अधिवक्ता संघ, राजनांदगांव एवं अधिवक्ता संघ, अंबागढ़ चैकी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा संघ-भाजपा के बीच नहीं है कोई मतभेद, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार रविवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हेडक्वार्टर पहुंचे। किसी भी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ कोई मतभेद नहीं है। पीएम मोदी के इस दौरे को बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए आरएसएस के शेषाद्रि चारी ने कहा, “लोग हमेशा आरएसएस और बीजेपी के संबंधों के बारे में बात करते हैं। पहले भी बात करते रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस के बीच कोई मतभेद नहीं है।” आरएसएस नेता ने कहा, “जो लोग संघ और बीजेपी के बारे में कुछ नहीं जानते वही लोग कहते हैं कि बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेद हैं। जो लोग इन झूठी बातों को फैलाते हैं वे अपनी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं।” आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत नागपुर स्थित स्मृति मंदिर में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। आरएसएस नेता ने कहा, “यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी पीएम बनने के बाद यहां आ रहे हैं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौरा है। यह आरएसएस के 100 वर्षों का उत्सव है। इसके लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “संघ के पास देश के मुद्दों पर बहुत सारी राय है। इन मुद्दों को पीएम मोदी आगे बढ़ाएंगे। वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। सरकार का काम भारत को एक मजबूत देश बनाना है। एक विकसित भारत बनाना है।” प्रधानमंत्री मोदी के नागपुर दौरे के दौरान स्मृति मंदिर (आरएसएस), दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय और सोलर इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स का दौरा करने के अलावा वे माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में लॉइटरिंग म्युनिशन टेस्टिंग रेंज और UAV रनवे का उद्घाटन भी करेंगे।

चांदनी बिहारपुर वन परिक्षेत्र के चंपाजोर जंगल में घूमता दिखा बाघ, राहगिरों ने बनाया

सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ क्षेत्र में आज सुबह-सुबह एक बाघ घूमता हुआ दिखाई दिया. यह बाघ चांदनी बिहारपुर वन परिक्षेत्र के चंपाजोर जंगल में नजर आया. इसी दौरान ओड़गी-बिहारपुर मार्ग से गुजर रहे राहगीरों ने बाघ का वीडियो बना लिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हो रहा है, जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. आज से कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र मेला शुरू हो रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं. ऐसे में वन विभाग और प्रशासन दोनों ही बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं. वन विभाग बाघ की मूमेंट पर कड़ी निगाह रखे हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भक्तिमय हुआ छत्तीसगढ़, प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी

रायपुर आज चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़ के सभी देवी मंदिर जगमग हो उठे हैं. सुबह से ही राजधानी रायपुर के महामाया मंदिर, कंकाली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर सहित सहित प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन पहुंच रहे हैं और आशिर्वाद ले रहे हैं. आज माता का विशेष श्रंगार किया गया है. साथ ही मंदिर प्रांगण को भी फूलों से सुंदर सजाया गया है. सभी देवी मंदिरों में आज मां की विशेष पूजा की जाएगी. वहीं सभी मंदिरों में चैत्र माह में माता के भक्त घरों में भी जंवारा, ज्योति कलश की स्थापना की तैयारियों में लगे हुए हैं. डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दरबार में भी नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए, जहां वे मां के दर्शन के लिए आतुर थे. देशभर में शक्ति उपासना के साथ नवरात्रि की धूम मच चुकी है, और डोंगरगढ़ सहित अन्य प्रमुख शक्ति पीठों पर भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. अगले आठ दिनों तक मंदिरों में माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहेगा. प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो. रतनपुर स्थित मां महामाया के मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है, जो चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां के दरबार में शीश नवाने पहुंचे हैं. बता दें, इस बार माता पंचग्राही मुहूर्त में हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. धर्मशात्रिरयों के अनुसार यह पंचग्राही मुहूर्त श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण करने वाला है. आठ दिनों की नवरात्रि में द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही दिन आ रही है.  

आज से हिन्दू नववर्ष यानि नव संवत्सर 2082 शुरू, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष विक्रम संवत् 2082 और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दी हैं। आज से हिन्दू नववर्ष यानि नव संवत्सर 2082 शुरू हुआ। गुड़ी पड़वा के दिन हिन्दू नव संवत्सरारम्भ माना जाता है। चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा भी कहा जाता है। इस दिन हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् का आरम्भ होता है। विक्रम संवत् का आरम्भ 57 ई.पू. में हुआ था। इसी प्रतिपदा के दिन आज से 2081 वर्ष पूर्व उज्जयनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की।   शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी दिन से डॉ मोहन यादव ने कहा- उपकृत राष्ट्र ने भी उन्हीं महाराज के नाम से विक्रमी संवत कह कर पुकारा। विक्रम संवत् हमारा राष्ट्रीय संवत् कहलाता है। यह सर्वथा शुद्ध और वैज्ञानिक है। यह हमारी अस्मिता और स्वाधीनता के अनुरक्षण तथा शत्रुओं पर विजय का प्रतीक भी है। इसी संवत् के अनुसार ही हमारे सभी धार्मिक अनुष्ठान, तीज त्यौहार जैसे – होली, दीवाली, दशहरा आदि मनाए जाते है। मराठी राजा शालिवाहन ने मिट्टी के सैनिकों की सेना से प्रभावी शत्रुओं (शक) का पराभव किया। इस विजय के प्रतीक रूप में शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी दिन से होता है। इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया ‘ युग‘ और ‘आदि‘ शब्दों की संधि से बना है ‘युगादि‘। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में ‘उगादि‘ और महाराष्ट्र में यह पर्व ‘ गुढी पाडवा ‘ अर्थात् मराठी नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि का प्रारम्भ होता है। कहा जाता है कि इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने वानरराज बाली के अत्याचारी शासन से दक्षिण की प्रजा को मुक्ति दिलाई थी। बाली के त्रास से मुक्त हुई प्रजा ने घर-घर में उत्सव मनाकर ध्वज (ग़ुड़ियां) फहराए। आंध्र प्रदेश में घरों में ‘पच्चड़ी/प्रसादम‘ तीर्थ के रूप में बांटा जाता आज भी घर के आंगन में ग़ुड़ी खड़ी करने की प्रथा महाराष्ट्र में प्रचलित है। इसीलिए इस दिन को गुढीपाडवा नाम दिया गया। इसलिये इसे मराठी नया साल भी कहते हैं। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश में घरों में ‘पच्चड़ी/प्रसादम‘ तीर्थ के रूप में बांटा जाता है। कहा जाता है कि इसका निराहार सेवन करने से मानव निरोगी बना रहता है। महाराष्ट्र में पूरन पोली या मीठी रोटी बनाई जाती है। इसमें जो चीजें मिलाई जाती हैं वे हैं–गुड़, नमक, नीम के फूल, इमली और कच्चा आम।

अशोकनगर में सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान गुड्डीबाई खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं, महिला को गले लगाकर संभाला

अशोकनगर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान एक महिला अपने खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं। सिंधिया ने महिला को गले लगाकर संभाला। उन्होंने दिलासा दिया और आश्वासन दिया कि जनता की रक्षा के लिए वे हमेशा खड़े रहेंगे। वहीं उन्होंने क्रिकेट की पिच पर भी हाथ आजमाया। सिंधिया ने विधायक की गेंदों पर जमकर चौके-छक्के लगाए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिवसीय मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के दौरे पर हैं। कई कार्यक्रम में शिरकत की। अशोकनगर में सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान गुड्डीबाई खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने मंत्री सिंधिया को धन्यवाद दिया कि कैसे उनकी त्वरित कार्रवाई से गुंडों द्वारा कब्जाई गई उनकी जमीन उन्हें वापस मिली। एसडीएम अशोकनगर की सहायता से न केवल कब्जा हटाया गया, बल्कि जनसुनवाई शिविर में ही उन्हें जमीन पट्टे का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया, जो अब अमल में आ चुका है। सिंधिया ने गुड्डीबाई को गले लगाकर दिलासा दिया और आश्वासन दिया कि जनता की रक्षा के लिए वे हमेशा खड़े रहेंगे। क्रिकेट की पिच पर की बल्लेबाजी वहीं सिंधिया देर रात मुंगावली में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने क्रिकेट की पिट पर जमकर बल्लेबाजी की। विधायक बृजेंद्र सिंह की गेंदों पर खूब चौके-छक्के लगाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि 12 घंटे की थकान, मैदान में आते ही खत्म हो जाती है, ये खेल का महत्व है। राजनीति और खेल में बहुत अंतर है। वहीं उन्होंने कहा कि अगली बार विधायक और सांसद इलेवन की टीमें होनी चाहिए। आपको बता दें कि विधायक के बेटे इस नाइट टूर्नामेंट का आयोजन कर रहे हैं।

नेहरूगंज इलाके में देर रात तीन मकानों में लगी भीषण आग, दिव्यांग बुजु्र्ग की जिंदा जलकर मौत, जांच जारी

इटारसी देर रात शहर के नेहरूगंज इलाके में भीषण आग लग गई। आग की लपटों में तीन परिवारों की गृहस्थी जलकर खाक हो गई। हादसे के दौरान एक घर में सो रहे दिव्यांग बुजुर्ग की आग की लपटों में घिरने से मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग इतनी भीषण थी कि इटारसी, आयुध निर्माणी और नर्मदापुरम की 20 दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। जानकारी के अनुसार नेहरूगंज इलाके में खपरैल मकान में रहने वाले दिव्यांग राजेंद्र सिंह राजपूत के कच्चे मकान में लगी, आग की लपटों ने पड़ोस के दो घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। नेहरूगंज इलाके में शनिवार-रविवार रात करीब 3 बजे तीन मकानों में आग लग गई। हादसे में एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने पहले इटारसी इसके बाद नर्मदापुरम और आयुध निर्माणी के दमकल वाहनों की मदद ली। पुराने लकड़ी का मकान होने से आग तेजी से भड़क चुकी थी, जिसे बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। दिव्यांग राजेंद्र सिंह राजपूत की बेटी नंदिनी ने बताया कि आग उनके पिता के कमरे में लगी थी, तब वे गहरी नींद में थे। आग की लपटों में घिरकर जिंदा जल गए आग की लपटों में घिरने की वजह से उन्हें कमरे से बाहर भी नहीं निकाल सके और वे जिंदा जल गए। थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला के अनुसार पड़ोस में रहने वाले वकील रवि सावदकर और अजय गंगराड़े के मकानों को भी आगजनी में नुकसान हुआ है। सुबह आग बुझने के बाद शव को पुलिस ने बाहर निकाला। बताया गया है जिन मकानों में आग लगी है, वे बालाजी मंदिर समिति की संपत्ति हैं, जिन्हें खाली करने को लेकर भी विवाद चल रहा था। आग लगने के कारणों की पुलिस जांच कर रही है।

खत्म हुआ 20 साल का इंतजार, US की कंपनी भारत में ही बनाएगी परमाणु रिएक्टर, चीन के खिलाफ एक और चाल

नई दिल्ली करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के तहत भारत में परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और डिजाइन के लिए अमेरिकी कंपनी को एक ऐतिहासिक मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DoE) से 26 मार्च को मिली मंजूरी के बाद होल्टेक इंटरनेशनल को हरी झंडी मिल गई है। अब अमेरिकी कंपनी को भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने और डिजाइन करने की अनुमति मिल सकती है। होल्टेक को भारत की तीन कंपनियों (होल्टेक एशिया, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड) को अप्रशिक्षित छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति दी गई है। होल्टेक इंटरनेशनल भारतीय-अमेरिकी उद्योगपति क्रिस पी सिंह द्वारा प्रमोट की गई कंपनी है। इसने 2010 से पुणे में एक इंजीनियरिंग यूनिट और गुजरात में एक निर्माण यूनिट स्थापित की है। इस मंजूरी के बाद होल्टेक के लिए यह भी संभव है कि वह बाद में इसमें संशोधन की मांग कर सके और अन्य सरकारी संस्थाओं जैसे कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), NTPC और एटॉमिक एनर्जी रिव्यू बोर्ड (AERB) को भी इस सूची में जोड़ सके। हालांकि, इसके लिए भारत सरकार से जरूरी गैर-प्रसार (Non-Proliferation) आश्वासन की आवश्यकता होगी, जो कि इन सरकारी संस्थाओं से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। होल्टेक को भारतीय कंपनियों को केवल शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए यह तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों या किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। इस समझौते के बाद, भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल सकती है। इससे देश को नई, सुरक्षित और प्रभावी परमाणु रिएक्टर तकनीकों का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में भारत का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारी पानी रिएक्टरों (PHWRs) पर आधारित है, जो अब विश्व में अधिकांश परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में उपयोग होने वाली प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWRs) तकनीक से मेल नहीं खाता। होल्टेक का SMR-300 डिजाइन अमेरिका के ऊर्जा विभाग के एडवांस्ड रिएक्टर डेमॉन्स्ट्रेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित है। यह छोटे रिएक्टरों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके अतिरिक्त होल्टेक के पास गुजरात में एक गैर-परमाणु निर्माण यूनिट है। अगर प्रस्तावित निर्माण योजनाएं मंजूर होती हैं तो कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना बना सकती है। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई दिशा दिखा सकता है। भारत और अमेरिका मिलकर चीन को प्रतिस्पर्धा देने की स्थिति में आ सकते हैं। चीन भी छोटे रिएक्टरों के क्षेत्र में अग्रसर है और इसे वैश्विक दक्षिण में अपनी कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखता है।

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