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भिंड के करीब 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाए जाएंगे, नए बायपास से इन ग्रामीण क्षेत्रों को फायदा पहुंचेगा

 भिंड मध्य प्रदेश से गुजरने वाले बड़े ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं बढ़ रही। इसी को देखते हुए भिंड के पास प्रशासन ने लगभग 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाने का निर्णय लिया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए भिंड कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमोदन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, हेमंत कटारे, केशव देशाई और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की उपस्थिति रही। जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया, अपर कलेक्टर एलके पांडेय, नपा अध्यक्ष वर्षा वाल्मीक और विधायक प्रतिनिधि अरविंद बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बायपास के निर्माण का प्रारूप बायपास का निर्माण रेत, गिट्टी की खदानों, रेलवे लाइनों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर बायपास का पूरा नक्शा दिखाकर जनप्रतिनिधियों से अनुमोदन मांगा गया। हालांकि, अटेर विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति जताई कि उनके क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेत और गिट्टी की खदानें नेशनल हाइवे की बाईं ओर स्थित हैं और दूसरी तरफ रेलवे लाइनें हैं। ऐसे में अंडरपास और आरओबी बनाने से समय और लागत में बढ़ोतरी होती है। निर्माण के चरण और लागत सूत्रों के अनुसार, बायपास का निर्माण दो चरणों में किया जा सकता है। पहले चरण में 1500 करोड़ रुपये की लागत से हाईब्रिड एन्युटी मोड के तहत काम किया जाएगा। दूसरे चरण में 2500 करोड़ रुपये की लागत सामान्य प्रक्रिया के तहत होगी। कुल मिलाकर इस परियोजना पर चार हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। कहां बनेगा कितना लंबा बायपास     भिण्ड:18 किमी     मेहगांव: 10 किमी     गोहद: 5.5 किमी     मालनपुर: 8.0 किमी     फूप: 3.0 किमी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इन बायपासों के निर्माण के लिए लगभग 400 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। परियोजना का प्रस्ताव पहले भोपाल, फिर दिल्ली भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जनप्रतिनिधियों की उम्मीद जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इन बायपासों के बनने से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आवागमन भी सुगम होगा। क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

जबलपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा

जबलपुर  नगर सरकार खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। भेड़ाघाट मार्ग पर तेवर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनेगा। इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने तीसरी बार नगर निगम का बजट पेश करते हुए बताया कि अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 15 करोड़ की लागत से भंवरताल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल का नए सिरे से निर्माण होगा। नगर सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 17 अरब 97 करोड़ रुपए आय व 17 अरब 96 करोड़ रुपए व्यय और आठ लाख से ज्यादा की बचत का बजट पेश किया। बजट में एक हजार करोड़ से अमृत-2 योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने और दो लाख घरों को इससे जोड़ने का प्रावधान रखा गया है। अमृत-2 के तहत हर घर नर्मदा जल पहुंचाने के लिए तीन सौ करोड़ से ज्यादा की लागत से नया जलापूर्ति नेटवर्क तैयार किया जाएगा। नगर सरकार ने लगातार तीसरे साल बजट में किसी प्रकार का कर नहीं बढ़ाया है। वर्ष 2024-25 में 1537 करोड़ का बजट पेश किया गया था। नगर निगम के बजट में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की गई है. श्रीनाथ की तलैय्या में नर्मदा प्रसादम चौपाटी का निर्माण होगा. शहर में 100 इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा. मध्यप्रदेश शासन ने इसके लिए एजेंसियों की नियुक्ति कर दी है. छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों को मेट्रो बस में रियायती दर पर यात्रा की सुविधा मिलेगी. नगर निगम सीमा में 8 बड़े तालाबों का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण 12.50 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हो चुका है. 10 और प्रमुख तालाबों का विकास एनजीओ के माध्यम से कराया जाएगा. नगर में विगत अनेक वर्षों से खिलाडिय़ों और खेल प्रेमियों के द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की मांग की जाती रही है. जिसके चलते इस संबंध में इस वर्ष रीडेंसिफिकेशन से अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम के अलावा 50 नवीन स्कूल भवनों का निर्माण, नवीन नगर निगम सदन एवं बिल्डिंग का निर्माण, अन्तर्राष्ट्रीय स्वीमिंगपूल का निर्माण लगभग 15 करोड़ की लागत से कराया जाएगा. इनकी डीपीआर कन्सल्टेंट के माध्यम से तैयार हो चुकी है. साथ ही नगर के 10 श्मशान घाटों-कब्रिस्तानों का भी जीर्णोद्धार कार्य लगभग 15 करोड़ की लागत से कराया जाएगा. वर्ष 2024-25 में 48 नए लघु उद्यानों का निर्माण होगा. अब तक 65 करोड़ 30 लाख की लागत से कुल 120 लघु उद्यान बनाए गए हैं. शहर के प्रवेश द्वारों के मार्गों को हरा-भरा बनाया जाएगा. एक लाख बीजारोपण का कार्य पूरा हो चुका है और इस वर्ष भी जारी रहेगा. जून से सितम्बर के बीच 11 लाख पौधों का होगा रोपण- पर्यावरण संरक्षण के लिए जून से सितंबर 2025 तक एक लाख व अक्टूबर 2025 में 11 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा. इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. आवारा कुत्तों की लैप्रोस्कोपिक पद्धति से नसबंदी की जाएगी. संविदा सफाई संरक्षकों का वेतन 100 प्रतिशत- निगम में कार्यरत संविदा सफाई संरक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन भुगतान किए जाने का प्रावधान किया गया है. जिससे 425 परिवारों को 9250 रुपए से 21000 रुपए तक वेतन वृद्धि हुई है. यह कार्य करने वाला भी नगर निगम जबलपुर मध्यप्रदेश का प्रथम नगरीय निकाय है. ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़े कदम महापौर अन्नू ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि शहर ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ा रहा है। शहर को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी की नियुक्ति की जा चुकी है।  

अब स्कूल सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी, आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी

  बेमेतरा छत्‍तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसे देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। बेमेतरा जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके तहत अब स्कूल अब सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी। इस आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होंगे नियम बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के लिए शाला के संचालन के समय में परिवर्तन किया है। जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं 1 अप्रैल से प्रात: 7 से लेकर 11 बजे तक लगेगी। एक ही पाली में लगने वाली समस्त शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल सोमवार से शनिवार प्रात: 7:00 बजे से 11:00 तक लगा करेंगी। परीक्षा होगी दो पालियों ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में कक्षाएं संचालित होती है, वहां पर प्रथम पाली की कक्षाएं सुबह 7 से 11 तक तथा द्वितीय पाली की कक्षाएं 11 बजे से 3 तक लगा करेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने कहा है कि यह आदेश 1 से 30 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय इस समय सारणी का कड़ाई से पालन करेंगे। गर्मी दिखा रहा तेवर प्रदेश में सूर्य की तपिश तेज हो गई है। 28 मार्च को प्रदेश में राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म हो रहा है। इस सीजन में अब तक यह तीसरी दफा है, जब राजनांदगांव सबसे अधिक तापमान रहा है। प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी के चलते नदियों का जल स्तर गिर गया है। गर्मी के चलते असर स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूके चंद्रवंशी की माने तो इन दिनों बाहरी स्पाइसी और दूषित खाना से लोग वायरल हिपेटाइटिस का शिकार हो रहे हैं। इसलिए भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा भोपाल में विक्रमोत्सव में सम्मिलित होंगे

भोपाल “प्रतिपदा” नव संवत्सर (नव वर्ष) 2028 के प्रारंभ अवसर पर प्रदेश भर में विक्रमोत्सव-2025 आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण सम्मिलित होंगे। भोपाल जिला मुख्यालय पर विक्रमोत्सवसुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 7 नंबर चौराहा में प्रातः 10:30 से आयोजित होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मंत्री श्री विश्वास सारंग एवं सांसद श्री वी.डी. शर्मा सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में सूर्य उपासना, ध्वज वंदना एवं सम्राट विक्रमादित्य नाट्य की प्रस्तुति होगी।  

यात्रीगण कृपया ध्यान दें,1 अप्रैल से लेकर 25 मई तक कई गाड़िया केंसिल

  बिलासपुर बिलासपुर रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु ईस्ट कोस्ट रेलवे के सबलपुर रेल मण्डल के टिटलागढ़-लखोली एवं टिटलागढ़-सबलपुर सेक्शन में पुल पुनर्निर्माण कार्य हेतु ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। यह कार्य 1 अप्रैल से मई तक ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरुप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली की कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस तारीख को नहीं चलेंगी ये ट्रेनें 1, 4, 8, 11 एवं 15 अप्रैल को 58213 /58214 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को 58528 विशाखापटनम-रायपुर पैसें. नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को रायपुर से 58527 रायपुर-विशाखापटनम पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को रायपुर से 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेजर नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को जूनागढ़ रोड से चलने वाली 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेजर नहीं चलेगी। इन ट्रेनों को किया गया रद्द ट्रेन संख्या 18205 (दुर्ग-नौतनवा)- 24 अप्रैल और 1 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18206 (नौतनवा-दुर्ग)- 26 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18201 (दुर्ग-नौतनवा)- 25 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18202 (नौतनवा-दुर्ग)- 27 अप्रैल और 5 मई को रद्द. बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन का कार्य बिलासपुर-झारसुगड़ा सेक्शन में चौथी रेलवे लाइन के निर्माण कार्य के चलते 11 से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली 36 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. साथ ही, 44 दिनों तक 4 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा और 3 ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा. कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द? बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68736)-10 से 23 अप्रैल तक. रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68735)-10 से 23 अप्रैल तक. टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113)- 10 से 23 अप्रैल तक. बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114)- 11 से 24 अप्रैल तक. दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (17008)- 11, 15, 18, 22, 25 अप्रैल. सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस (17007)- 8, 12, 15, 19, 22 अप्रैल. पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस (12860)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (12222)- 10, 12, 17, 19 अप्रैल. वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रहने से बढ़ेगी परेशानी ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. खासकर, छत्तीसगढ़ से यूपी, बिहार, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले यात्री अधिक प्रभावित होंगे. रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है. यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे पूछताछ सेवा से ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके.

दिल्ली जल बोर्ड में 11 लाख कंज्यूमर्स के 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से है बकाया

नई दिल्ली  जिस तरह से दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियां बिजली बिल बकाया होने पर ऑफिस में बैठे-बैठे ही किसी भी कंज्यूमर्स की बिजली मीटर से सप्लाई डिस्कनेक्ट कर देती हैं, जल बोर्ड भी बकाया बिलों की वसूली के लिए कुछ ऐसा ही तकनीकी मैनेजमेंट सिस्टम डिवेलप करने का प्लान बना रहा है। जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि करीब 11 लाख ऐसे कंज्यूमर्स हैं, जिनका का करीब 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से बकाया है। मीटर न लगाने वालों की पहचान की जाएगी जल बोर्ड अफसरों के अनुसार जल बोर्ड को घाटे से उबारने के लिए रोजाना सीनियर अफसरों के साथ बैठकें चल रही हैं। इस दौरान यह बात सामने आई कि दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तो 52 लाख से भी अधिक है, लेकिन पानी उपभोक्ताओं की संख्या बिजली उपभोक्ताओं की तुलना में करीब आधी है। अधिकारियों ने कहा कि बिजली कंपनियों ने जिन लोगों को कनेक्शन दिया है, उनसे डेटा लेकर प्रत्येक घरों का सर्वे किया जाए। ताकि यह पता चल सके कि पानी के उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या कितनी है। उसी के हिसाब से फिर बिलिंग प्रोसेस शुरु किया जाए। ऐसे में जल बोर्ड के रेवेन्यू काफी बढ़ सकता है। कनेक्शन काटने के लिए स्कॉडा सिस्टम जल बोर्ड अफसरों के अनुसार दिल्ली में पानी उपभोक्ताओं की कुल संख्या करीब 28.26 लाख है। इसमें से 11 लाख के आसपास ऐसे उपभोक्ता है, जिन्हें अपने पानी के बिलों पर आपत्ति हैं और लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं और लगातार उनका पानी का बिल बढ़ता जा रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का एरियर के रूप में करीब 5700 करोड़ रुपये बकाया है। भविष्य में पानी के बकाया बिलों का समय पर भुगतान के लिए पाइप लाइनों के वॉल्व पर स्कॉडा सिस्टम लगाने की बात की जा रही है, ताकि किसी भी उपभोक्ता का पानी का बिल अधिक समय से बकाया है, तो उसका कनेक्शन जल बोर्ड अधिकारी ऑफिस में बैठे ही काट दे। सबसे पहले कमर्शल और बल्क वॉटर कंस्यूमर पर एक्शन स्काडा सिस्टम पूरी तरह से डिवेलप होने के बाद सबसे पहले इस कैटिगरी में कमर्शल कंस्यूमर्स और बल्क वॉटर कंस्यूमर्स को शामिल किया जाएगा। दिल्ली में कमर्शल कंस्यूमर्स की संख्या 82 हजार से अधिक है। बल्क कंस्यूमर्स 4300-4500 हैं। यह प्रयोग सफल होने के बाद दूसरे कैटिगरी के पानी उपभोक्ताओं को इस सिस्टम के तहत शामिल किया जाएगा।  

चीन अब बच्चे पैदा करने के लिए महिलाएं खरीद रहा , इतने रुपए में हो रहा सौदा

बीजिंग चीन की मैरिज रेट में भारी गिरावट आई है और 2024 में देशभर में 61 लाख शादियां की रजिस्टर्ड हुईं जो पिछले साल 77 लाख से कम हैं. इस गिरावट ने की वजह से ही एक्सपर्ट शादी की कानूनी उम्र 22 से घटाकर 18 करने की सिफारिश कर रहे हैं. चीन में मैरिज रेट में गिरावट कई फैक्टर्स की वजह से आई है, इनमें बढ़ता आर्थिक दबाव, शादी के प्रति सोच में बदलाव और शिक्षा का बढ़ता स्तर शामिल है. शादी नहीं करना चाहते युवा खास तौर पर चीन की शहरी महिलाए खुद को ऐसी पारिवारिक जिम्मेदारियों में नहीं झोंकना चाहतीं, जो शादी और बच्चे पैदा करने जैसे जीवन के अहम पड़ावों को महत्व देती हैं. रहन-सहन के बढ़ते खर्च की वजह से भी कई युवा शादी का आर्थिक बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं हैं. साथ ही चीन लंबे समय से लैंगिक असंतुलन से जूझ रहा है, जिसकी वजह देश की ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ और लड़कों को वरीयता देने की विरासत को माना जाता है. साल 2000 के दशक की शुरुआत में जब यह असंतुलन अपने चरम पर था, तब चीन का जन्म के समय लिंग अनुपात हर 100 लड़कियों पर 121 लड़कों तक पहुंच गया था. कुछ प्रांतों में तो यह अनुपात 100 लड़कियों पर 130 लड़के का था. लैंगिक असंतुलन खास तौर पर 1980 के दशक में पैदा हुए लोगों ने साफ देखा है. यह 1980 के दशक के मध्य से अल्ट्रासाउंड तकनीक के इस्तेमाल के कारण हुआ, जिसने माता-पिता को यह सुविधा दी कि अगर उनका बच्चा लड़की है तो वे गर्भपात करा सकते हैं. बचे हुए पुरुषों का क्या होगा? चीन में अविवाहित पुरुष कथित तौर पर ‘बचे हुए पुरुषों का युग’ (चीनी में शेंगनान शिदाई) का हिस्सा बन गए हैं. यह एक इंटरनेट शब्द है जो मोटे तौर पर 2020 और 2050 के बीच के दौर के लिए इस्तेमाल होता है, जब अनुमान है कि 30 मिलियन से 50 मिलियन चीनी पुरुष शादी के लिए दुल्हन खोजने में असमर्थ होंगे. पहेली यह है कि इनमें से कई ‘बचे हुए’ पुरुष शादी करना चाहते हैं और पत्नी की तलाश में बेताब हैं, लेकिन जीवनसाथी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. घरेलू जीवनसाथी न मिलने पर कुछ चीनी पुरुष विदेशी दुल्हनों को खरीदने की ओर मुड़ गए हैं. इन दुल्हनों की बढ़ती मांग खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में गैरकानूनी शादियों को बढ़ावा दे रही है. इसमें बच्चों और महिलाओं की शादियां शामिल हैं, जिन्हें मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के पड़ोसी देशों से चीन में तस्करी करके लाया गया है. म्यांमार से चीन में दुल्हन की तस्करी पर 2019 में जारी ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों तरफ की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नाकामी ने ऐसा माहौल तैयार कर दिया है, जिसमें तस्कर फल-फूल रहे हैं. चीनी सरकार ने अब इस कारोबार पर नकेल कसने की ठान ली है. मार्च 2024 में चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ़ एक अभियान शुरू किया, जिसमें इन अपराधों को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की अपील की गई है. ‘खरीदी गई’ विदेशी दुल्हनें ऐसी शादियां अक्सर अनौपचारिक नेटवर्क या व्यवसायिक एजेंसियों के जरिए कराई जाती हैं जो कि चीन की स्टेट काउंसिल के हिसाब से गैरकानूनी हैं. ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि पड़ोसी देशों में महिलाओं और लड़कियों को आमतौर पर दलाल धोखा देते हैं और चीन में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का वादा करके लाते हैं. चीन पहुंचने के बाद वे खुद को दलालों की दया पर छोड़ देती हैं और उन्हें चीनी पुरुषों को 3,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 2.5 लाख रुपये) से 13,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 11 लाख रुपये) के बीच बेचा जाता है. चीन में सीमा पार से आईं लड़कियों की शादी के आंकड़े जुटा पाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ये गतिविधियां सीक्रेट तरीके से होती हैं. लेकिन ब्रिटेन के सरकारी विभाग के सबसे हालिया डेटा से पता चलता है कि वियतनामी मानव-तस्करी के 75 फीसदी पीड़ितों को चीन में तस्करी करके लाया गया था, जिनमें से 90 प्रतिशत मामले महिलाओं और बच्चों के थे. साल 2022 की अवॉर्ड विनिंग डॉक्यूमेंट्री द वूमन फ्रॉम म्यांमार, तस्करी की गई म्यांमार की एक महिला की कहानी है, जिसे चीन में शादी के लिए बेच दिया गया था. यह फिल्म तस्करी की गईं दुल्हनों के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है. महिलाओं पर जुल्म की कहानी यह न सिर्फ उन महिलाओं के साथ होने वाली जबरदस्ती और बुरे बर्ताव को दिखाती है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था में अस्तित्व के लिए उनके संघर्ष को भी दर्शाती है जो उन्हें प्रोडक्ट की तरह देखती है. डॉक्यूमेंट्री में दिखाई गई तस्करी की शिकार महिला लैरी ने बताया कि बच्चे पैदा करने की उसकी क्षमता ही उसका अस्तित्व तय करती है. चीनी अधिकारी लगातार विदेश से खरीदी गई दुल्हनों से जुड़े घोटालों के बारे में चेतावनी देते रहते हैं. उदाहरण के लिए नवंबर 2024 में दो लोगों पर क्रॉस-बॉर्डर मैचमेकिंग प्लान में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था. चीनी पुरुषों को ‘किफायती’ विदेशी पत्नियों के वादे के साथ विदेश में बेहद महंगे मैरिज टूरिज्म में फंसाया गया है. ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां शादी के पूरे इंतेजाम होने से पहले ही दुल्हनें बड़ी रकम लेकर फरार हो गईं. देश के आर्थिक विकास के मामले में लेबर फोर्स बेशक अहम है. लेकिन चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के सदस्य जस्टिन लिन यिफू के अनुसार जो चीज अधिक मायने रखती है वह है इफेक्टिव लेबर. चीन ने अपनी बूढ़ी होती आबादी से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों की आशंका में हाल के वर्षों में शिक्षा में अपने निवेश को लगातार बढ़ाया है. लेकिन इसके बावजूद इससे भी बड़ी चिंता बड़ी संख्या में बचे हुए पुरुषों की है, क्योंकि इससे सामाजिक स्थिरता को गंभीर खतरा हो सकता है. अब बच्चे पैदा करने के लिए महिलाएं खरीद रहा चीन, इतने रुपए में हो रहा सौदा चीन के लोगों में शादी न करवाने का चलन जोरो पर चल रहा है। वहां लोग अपना अधिकतर समय अपने कामकाज में ही लगा रहे है। जिसकों लेकर सरकार परेशान है। वहीं, दूसरी तरफ, शादी के लिए विदेशी दुल्हनों की … Read more

भोपाल में 14% तो इंदौर में 30% तक जमीन की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा

भोपाल एमपी में इस बार नई कलेक्टर गाइडलाइन (MP New Collector Guideline) में फिर से औसतन 8 से 10 फीसदी दरें बढ़ाने की तैयारी है। भोपाल में औसतन 14% तो इंदौर में 30% तक दरें बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा है। बोर्ड बैठक में मंजूरी मिलने के बाद नई गाइडलाइन 1 अप्रेल से लागू होगी। 2024-25 की गाइडलाइन में भी औसतन 7% वृद्धि की गई थी। एक ओर जहां गाइडलाइन बढ़ रही है, वहीं इसके साथ अदृश्य तरीके से लागू होने वाले उपबंधों पर न तो आपत्तियां बुलाई जा रही हैं और न ही बरसों से कोई बदलाव हुआ है। इससे कृषि भूमि की रजिस्ट्री दोगुनी तो फ्लैट की रजिस्ट्री डेढ़ गुनी तक महंगी हो (Expensive Property in MP) रही है। स्टांप शुल्क प्रदेश में सबसे ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गाइडलाइन वैज्ञानिक तरीके से तय हों – सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को एमपी सड़क विकास निगम बनाम विंसेंट डेनियल प्रकरण में सुनवाई करते हुए कहा, सर्किल या गाइडलाइन रेट्स को वैज्ञानिक, विशेषज्ञ-आधारित और वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करने वाली पद्धति से तय करना चाहिए। यह कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई नहीं होनी चाहिए। – क्रेडाई भोपाल (CREDAI Bhopal) के अध्यक्ष मनोज मीक ने बताया, क्रेडाई यह बात बरसों से कह रहा है। शीर्ष कोर्ट की यह टिप्पणी हमारी मांग की वैधानिक पुष्टि है। सुधार करना चाहिए। रजिस्ट्री महंगी हो रही है गाइडलाइन बढ़ने और साथ लागू होने वाले उपबंधों से रजिस्ट्री महंगी हो रही है। हम हर बार आपत्ति करते हैं, सुनवाई नहीं होती। सरकार वैज्ञानिक तरीके से दरें बढ़ाएं। धीरेश खरे, प्रदेश अध्यक्ष क्रेडाई अभी सॉफ्टवेयर से आ रही है सभी जिलों की गाइडलाइन अभी सॉफ्टवेयर से सभी जिलों की गाइडलाइन आ रही है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड जल्द रेट्स पर फैसला लेगा। जिलों की मूल्यांकन समितियां सर्वे व साल भर में हुई रजिस्ट्री के विश्लेषण के आधार पर तय होते हैं। अमित तोमर, महानिरीक्षक पंजीयन

1 अप्रैल से बदलेंगे बैंकिंग और टैक्स नियम, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

नई दिल्ली  1 अप्रैल 2025 से कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब और बैंकिंग से जुड़े हैं. इनमें ATM ट्रांजैक्शन शुल्क, मिनिमम बैलेंस, TDS कटौती, डेबिट कार्ड सुविधाओं और अन्य कई महत्वपूर्ण नियम शामिल हैं. इनमें से कुछ नियम ऐसे भी हैं, जिनका ऐलान बजट 2025 के दौरान किया गया था. आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में विस्तार से. LPG, CNG-PNG और ATF की कीमतें     हर महीने की पहली तारीख को ऑयल कंपनियां LPG, CNG-PNG और ATF की कीमतों की समीक्षा करती हैं.     1 अप्रैल से इनके दाम बढ़ सकते हैं या घट सकते हैं.     सरकार और ऑयल कंपनियों के निर्णय के अनुसार कीमतों में परिवर्तन होगा. पॉजिटिव पे सिस्टम होगा लागू     बैंकिंग फ्रॉड रोकने के लिए कई बैंक पॉजिटिव पे सिस्टम लागू कर रहे हैं.     5,000 रुपये से अधिक के चेक पेमेंट के लिए ग्राहक को चेक नंबर, डेट, पेयी का नाम और अमाउंट वेरिफाई कराना होगा.     इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है. RuPay डेबिट कार्ड में होंगे बड़े बदलाव     नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) अपने RuPay डेबिट सेलेक्ट कार्ड में नए फीचर्स जोड़ने जा रहा है.     इसमें एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, इंश्योरेंस कवर, ट्रेवल, फिटनेस और वेलनेस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी.     ये बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे. मिनिमम बैलेंस नियमों में बदलाव     SBI, पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंक अपने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस नियमों को संशोधित कर रहे हैं.     अकाउंट होल्डर को अब मिनिमम बैलेंस रखने के लिए क्षेत्र (गांव, टियर वाइज शहर) के आधार पर नई सीमा तय होगी.     मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माना लग सकता है. ATM से पैसे निकासी का नियम     कई बैंक 1 अप्रैल से अपनी ATM निकासी नीति में बदलाव करने जा रहे हैं.     दूसरे बैंकों के ATM से पैसे निकालने की सीमा घटा दी गई है.     नए नियम के तहत ग्राहक हर माह केवल 3 बार ही दूसरे बैंक के ATM से निशुल्क निकासी कर पाएंगे.     वहीं 1 मई से फाइनेंशियल ट्रांजैक्‍शंस के लिए अतिरिक्‍त 2 रुपये लगेंगे.     कैश विड्रॉल के लिए भी फ्री लिमिट के बाद 17 रुपये की बजाय 19 रुपया लगेगा. सीनियर सिटीजन को राहत     सीनियर सिटीजन की TDS कटौती सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है.     TDS कटौती की सीमा पहले ₹50,000 थी मकान मालिकों को भी राहत     मकान मालिकों के लिए रेंट पर TDS कटौती की सीमा बढ़ाकर ₹6 लाख/वर्ष कर दी गई है.     पहले ये सीमा ₹2.4 लाख/वर्ष थी. विदेशी ट्रांजैक्शन पर TCS सीमा बढ़ी     पहले ₹7 लाख से अधिक के विदेशी ट्रांजैक्शन पर TCS कटता था.     अब ये सीमा बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है. एजुकेशन लोन पर TCS हटा     स्पेसिफिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से लिए गए एजुकेशन लोन पर अब TCS नहीं कटेगा.     पहले ₹7 लाख से अधिक के एजुकेशन ट्रांजैक्शन पर 5% TCS लागू था. डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से कमाई पर TDS में राहत     डिविडेंड इनकम पर TDS की सीमा ₹5000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति वित्त वर्ष कर दी गई है.     म्यूचुअल फंड यूनिट से कमाई पर भी यही नियम लागू होगा. इन नियमों में बदलाव का सीधा असर आप पर पड़ेगा. बैंकिंग नियमों से लेकर टैक्स और वित्तीय योजनाओं तक, ये नए नियम आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को प्रभावित कर सकते हैं. ये UPI अकाउंट्स होंगे बंद  1 अप्रैल से अगला बदलाव UPI से जुड़ा हुआ है और जिन मोबाइल नंबरों से जुड़े यूपीआई अकाउंट्स लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं, बैंक रिकॉर्ड से हटाया जाएगा. अगर आपका फोन नंबर यूपीआई ऐप से जुड़ा है और आपने लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया है तो इसकी सेवाएं बंद की जा सकती हैं.  Tax से जुड़े बदलाव बजट 2025 में मिडिल क्‍लास को राहत देते सरकार ने कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिसमें टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव से लेकर टीडीस, टैक्‍स रिबेट और अन्य चीजें शामिल थीं. वहीं पुराने इनकम टैक्‍स एक्‍ट 1961 की जगह पर नए इनकम टैक्‍स बिल का प्रस्‍ताव रखा था. यह सभी बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभाव में आने वाले हैं. नए टैक्‍स स्‍लैब के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को टैक्‍स का भुगतान करने से छूट दी जाएगी. इसके अलावा, वेतनभोगी कर्मचारी 75,000 रुपये की स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के लिए पात्र होंगे. इसका मतलब है कि 12.75 लाख रुपये तक की वेतन आय अब टैक्‍स से मुक्त हो सकती है. हालांकि, यह छूट केवल उन लोगों पर लागू होती है जो नया टैक्‍स विकल्‍प चुनते हैं.  इसके अलावा सोर्स पर टैक्‍स कटौती (TDS)सोर्स पर टैक्‍स कटौती (TDS) विनियमों को भी अपडेट किया गया है, जिसमें अनावश्यक कटौती को कम करने और टैक्‍सपेयर्स के लिए कैश फ्लो में सुधार करने के लिए विभिन्न वर्गों में सीमा बढ़ाई गई है. उदाहरण के लिए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा दोगुनी करके 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे बुजुर्गों के लिए वित्तीय सुरक्षा बढ़ गई है.इसी तरह, किराये की आय पर छूट की सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दी गई है, जिससे मकान मालिकों के लिए बोझ कम हो गया है और शहरी क्षेत्रों में किराये के बाजार को बढ़ावा मिल सकता है.

बलूचिस्तान जल रहा, पाकिस्तान के लिए अब नियंत्रण बनाना काफी मुश्किल, विद्रोहियों ने कई शहरों पर किया कब्जा

इस्लामाबाद  बलूचिस्तान जल रहा है और पाकिस्तान के लिए अब नियंत्रण बनाना काफी मुश्किल हो गया है। बलूचिस्तान के पाकिस्तान से टूटकर एक अलग मुल्क बनना अब तय होता जा रहा है। सिर्फ वक्त की बात है और ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की सरकारों ने सालों से बलूचों के साथ जो किया है और अभी भी बलूचों के साथ जो किया जा रहा है, उसने बलूचिस्तान के टूटने का रास्ता बना दिया है। बलूच विद्रोहियों से कैसे निपटा जाए, पाकिस्तान में इसपर बहस की जा रही है। कई लोग सरकार से कठोर बनने के लिए कह रहे हैं तो कुछ लोग बलूचों से बात करने की वकालत कर रहे हैं। डॉन में छपी एक एनालिसिसि रिपोर्ट में पत्रकार मुहम्मद आमिर राणा ने कुछ वजहों का जिक्र किया है। उन्होंने जो कुछ लिखा है, उसके आधार पर विश्लेषण करने से यही पता लगता है कि बलूचिस्तान का आज नहीं तो कल, टूटना तय है। उन्होंने लिखा है कि आतंकवाद विरोधी (COIN) अभियानों के लिए ग्लोबल प्रैक्टिस के मुताबिक आतंकवाद के खतरों से निपटने के लिए सबसे पहले उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। मुहम्मद आमिर राणा ने लिखा है कि “पाकिस्तान के तथाकथित बुद्धिजीवी अपने रिसर्च से सरकार को गलत तथ्य बताते हैं, सरकारें गलत तथ्य जानना चाहती है, और पाकिस्तान की मानसिकता ही यही रही है कि विद्रोह को हराने का एकमात्र रास्ता उसे कुचलना है। विद्रोह को कुचलना ही एकमात्र जीत की कुंजी है।” बहुत भयानक गलती कर रहा पाकिस्तान? मुहम्मद आमिर राणा ने कहा है कि RAND कॉपरेशन ने COIN थ्योरी के जरिए दूसरे विश्वयुद्ध के हाद से 2010 तक 71 विद्रोहों को लेकर रिसर्च किया गया है, जिसमें किसी विद्रोह को कुचलकर जीत हासिल करने की थ्योरी को खारिज कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि हर विद्रोह अपने आप में अलग होता है और 24 में से 17 विद्रोह के खिलाफ कठोर नीति फेल हुई है। जबकि ज्यादातर सरकारें विद्रोह के खिलाफ कठोर रणनीति अपनाने पर ही जोर देती हैं। 286 पन्नों के COIN रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी विद्रोह को आप कुचलकर नहीं जीत सकते हैं। डॉन के मुताबिक पाकिस्तान में बलूच विद्रोह का सबसे ताजा दौर साल 2003 में शुरू हुआ जब पाकिस्तानी सेना के एक सीनियर अधिकारी ने बलूचिस्तान में एक बलूच महिला के साथ क्रूर बलात्कार किया। इसके बाद से बलूचों का विद्रोह आज तक खत्म करने में सरकार नाकाम रही है। उस दौरान बलूच नेता नवाब अकबर बुगती और तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ के बीच गतिरोध तब और बढ़ गया, जब 2005 में कोहलू के पास मुशर्रफ पर रॉकेट से हमला किया गया। 26 अगस्त 2006 को कोहलू के पास एक गुफा में बुगती की पाकिस्तानी सेना ने उस वक्त हत्या कर दी, जब राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ ने ही उन्हें मिलने के लिए इस्लामाबाद बुलाया था और वो उनसे मिलने के लिए बाहर निकले थे। वह सुई से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने वाले थे, तभी उनकी हत्या कर दी गई और उसके बाद से बलूचिस्तान का उजाड़ और विशाल इलाका नर्क में तब्दील हो गया है। ये साल 2000 के बाद बलूच विद्रोहियों के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा था। बलूच विद्रोहियों से निपटने में क्यों नाकाम रहा पाकिस्तान? मुहम्मद आमिर राणा ने कहा है कि लेकिन पाकिस्तान में सामूहिक दंड देने पर यकीन किया जाता है, बंदूक की गोली से इंसाफ किया जाता है, महिलाओं से जबरदस्ती की जाती है, दमन को बढ़ावा दिया जाता है और भ्रष्टाचार सबसे आगे रहता है। जबकि पाकिस्तान में विद्रोहियों के पास बाहरी समर्थन होता है, जिसकी वजह से हर अभियान फेल होता है। बलूचिस्तान अभियान भी फेल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी अभियान के बाद विकास और शासन सुधारों को प्राथमिकता दी होती तो बलूचिस्तान में हालात अलग हो सकते थे। रिसर्च में पाया गया है कि विद्रोह को शांत करने के 36 मामले इसलिए फेल हुए क्योंकि सैन्य सफलता के बाद सरकार की वैधता स्थापित नहीं की गई और शिकायतों का समाधान नहीं किया गया। इसके अलावा लोकतंत्र को कुचल दिया गया और लोकतांत्रिक शासन नहीं अपनाया गया। और पाकिस्तान भी यही कर रहा है।

पीएम आज 30 मार्च को संघ के संस्थापक हेडगेवार के स्मारक जाएंगे, पीएम1987 में संघ से बीजेपी में आए थे

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय जाएंगे.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी आज 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 5 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और अन्य एजेंसियों के जवान तैनात रहेंगे। ऐतिहासिक है PM मोदी का दौरा गुड़ी पड़वा के मौके पर नागपुर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की बीजेपी ने जोरदार तैयारी की है। जिस 30 किमी के मार्ग और 47 चौराहों से वह गुजरेंगे, उन्हें सजाया जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा बेहद खास है, क्योंकि 12 साल बाद वह आरएसएस मुख्यालय का दौरा करने वाले हैं। इससे पहले 16 सितंबर 2012 को नरेंद्र मोदी ‘स्मृति मंदिर’ आए थे। तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक केएस सुदर्शन के अंतिम दर्शन के लिए आए थे। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है।

आज से शुरू हो रहा चैत्र नवरात्रि 2025, जानें मां शैलपुत्री की पूजा विधि

हिंदू धर्म में नवरात्रि का उत्सव मां दुर्गा को समर्पित है। इस पर्व के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है. इस वर्ष एक तिथि के क्षय के कारण नवरात्रि 9 दिनों के बजाय 8 दिनों तक मनाई जाएगी. चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है.  चैत्र नवरात्रि 2025 का आरंभ एक शुभ मुहूर्त में 9 दिनों तक देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा से होता है. नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. मां शैलपुत्री पर्वतों के राजा हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और उन्हें नंदी पर सवार, त्रिशूल धारण किए हुए देवी के रूप में पूजा जाता है. मां शैलपुत्री की पूजा की विधि     सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें.     पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें.     कलश की स्थापना करें, जिसमें जल, आम के पत्ते और नारियल रखें.     मां शैलपुत्री को लाल या सफेद फूल, अक्षत, रोली, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें.     भोग में शुद्ध घी से बनी मिठाई या गाय के घी का उपयोग करें.     अंत में मां की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. मंत्र     मां शैलपुत्री की आराधना के लिए इस मंत्र का जाप करें: “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः“     इस मंत्र का जाप करने से जीवन में स्थिरता, मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है. भोग मां शैलपुत्री को घी से बने व्यंजन अत्यधिक प्रिय होते हैं. यह मान्यता है कि घी का भोग अर्पित करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. हर दिन का अलग रंग, चैत्र नवरात्रि 2025 के शुभ रंग और उनका प्रभाव शुभ रंग नवरात्रि के पहले दिन का शुभ रंग लाल होता है. यह रंग शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लाल वस्त्र पहनने से सकारात्मकता में वृद्धि होती है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और भोग का विशेष महत्व है. सही विधि से पूजा करने पर मां की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है.  

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