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Chhaava Box Office Collection Day 45: ‘छावा’ पर नहीं पड़ा ‘सिकंदर’ का कोई असर

मुंबई विक्की कौशल की फिल्म छावा सच में छावा ही निकली. ऐसा माना जा रहा था कि सलमान खान की फिल्म सिकंदर की रिलीज के साथ ही फिल्म की कमाई को तगड़ा झटका लगेगा, लेकिन तस्वीर कुछ और ही निकलकर सामने आ रही है. संभाजी महाराज के जीवन पर बनी ये फिल्म रिलीज के ठीक डेढ़ महीने बाद भी झन्नाटेदार कमाई कर रही है. फिल्म को रिलीज हुए आज 45 दिन पूरे हो चुके हैं और आज की कमाई से जुड़े शुरुआती आंकड़े भी सामने आ चुके हैं. तो चलिए जानते हैं कि फिल्म ने अभी तक कितनी कमाई कर ली है. छावा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने 5 हफ्तों में 585.81 करोड़ और सैक्निल्क के मुताबिक, छठवें हफ्ते में 16.3 करोड़ का कलेक्शन किया. इस तरह से फिल्म ने 602.11 करोड़ रुपये कमाए. इस कमाई में हिंदी और तेलुगु वर्जन से हुई कमाई शामिल है. फिल्म ने 43वें दिन 1.15 करोड़ रुपये कमाए और शनिवार को यानी 44वें दिन कमाई में इजाफा दिखा और ये कमाई बढ़कर 2 करोड़ हो गई. आज यानी 45वें दिन 7:10 बजे तक फिल्म ने 1.12 करोड़ कमा लिए हैं फिल्म की टोटल कमाई 606.38 करोड़ रुपये हो चुकी है. ये आंकड़े फाइनल नहीं हैं. इनमें बदलाव हो सकता है. छावा पर नहीं पड़ा सिकंदर का असर विक्की कौशल की फिल्म पर सलमान खान की मोस्ट अवेटेड और 10000 से ज्यादा स्क्रीन में शेयर हुई फिल्म सिकंदर का भी असर होता नहीं दिख रहा है. फिल्म इतनी भारी-भरकम फिल्म रिलीज होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिर से रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला शुरू कर चुकी है. छावा ने तोड़े फिर से बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड फिल्म जिस हिसाब से अभी भी कमाई कर रही है उसे देखकर लग रहा है कि हो सकता है कि सातवें रविवार सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों जैसे स्त्री 2 (2.5 करोड़), पुष्पा 2 (1.5 करोड़) और उरी द सर्जिकल स्ट्राइक (1.81 करोड़) जैसी फिल्मों की लिस्ट में भी शामिल हो जाए. हालांकि, इस बीच फिल्म जवान (35 लाख) गदर 2 (70 लाख) और पठान (81 लाख) के 7वें रविवार के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. छावा के बारे में छावा को सिर्फ 130 करोड़ के बजट में तैयार किया गया है. फिल्म में विक्की कौशल-रश्मिका मंदाना, अक्षय खन्ना और विनीत कुमार सिंह जैसे एक्टर्स ने भी अहम रोल निभाया है. फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है

उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से की जा रही है शराबबंदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पथ सही होने पर शपथ होती है सफल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विक्रम संवत चैत्र प्रतिपदा नववर्ष पर पावन पुनीत अवंतिका में देश भर से शपथ अनुष्ठान पर्व में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत है। उज्जैन में भगवान महावीर स्वामी ने तपस्या की है। तपस्या का पथ सही होने पर शपथ सफल होती है। मानव जीवन संक्षिप्त समय का है, इसलिए जितना भी समय है, उसे हम परमार्थ के कार्य और सभी जीवों की सेवा में लगाना चाहिए। परमार्थ के कार्य कर मानव महापुरुष हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है। इसी क्रम में उज्जयिनी और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराबबंदी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन का नाम संपूर्ण देश-प्रदेश में गौरवान्वित करने पर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, देवेंद्र काशल, अश्विन कोशलीवाल, सचिन कासलीवाल सहित जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सिंगरौली शहर में जल गंगा संवर्धन अभियान की जुड़वां तालाब से हुई शुरुआत

सिंगरौली शहर में जल गंगा संवर्धन अभियान की जुड़वां तालाब से हुई शुरुआत जल का संचय और संवर्धन हर एक नागरिक की जिम्मेदारी,जनप्रतिनिधि भी अभियान का करेंगे नेतृत्व – विधायक सिंगरौली प्रदेश सरकार के निर्देश पर पूरे मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान का संचालन किया जाना है जो 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक संचालित किया जायेगा जिसके निर्देशानुसार शहरी क्षेत्र में अभियान के संचालन हेतु जुड़वां तालाब में संगोष्ठी का आयोजन किया गया और तालाब की सफाई हेतु श्रमदान किया गया। जनप्रतिनिधियों में वार्ड 40 पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल ने जल की बचत करने एवं अपने दैनिक क्रियाकलापों में जल का अपव्यय ना करने की बात कही,निगमाध्यक्ष देवेश पांडेय ने सामूहिक रूप से अभियान को गति देने की बात कही,विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह ने प्रत्येक स्तर पर नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर बल दिया,पूर्व विधायक देवसर सुभाष वर्मा ने पंचायतों में हुए प्रयासों का उदाहरण देते हुए शहर में भी उसे लागू करने की बात कही तो वहीं महापौर रानी अग्रवाल ने वार्ड स्तर कर टीम गठित करके प्रत्येक जल स्रोत का संवर्धन करने हेतु नगर निगम के प्रत्येक नागरिक को साथ लेने की बात कही। सिंगरौली विधायक राम निवास शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर जल संचय का कार्य कर रही है जिसमें पीडब्ल्यूडी द्वारा रोड के प्रत्येक एक एक किलोमीटर के अंतराल में वाटर हार्वेस्टिंग करने जैसे उदाहरण शामिल होंगे वहीं सिंगरौली शहर में आदर्श स्वरूप में बने जुड़वां तालाब के तर्ज पर प्रत्येक जल स्रोत का उन्नयन करने की बात कही और पूरे अभियान में नागरिकों के व्यवहार परिवर्तन सहित जनभागीदारी के नेतृत्व करने पर सहमति जताई। नगर निगम आयुक्त द्वारा अधिकारियों  को बैठक कर दी गई है जिम्मेदारी – 1. प्रभारी अधिकारी एवं ईजीआईएस- अमृत 2.0 योजनांतर्गत प्रचलित जल संरचनाओं के उन्नयन का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर इस अभियान में पूर्ण कराया जाए। 2. उपायुक्त/स्वास्थ्य अधिकारी – अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नगरीय निकाय में चयनित जल संरचनाओं के अतिरिक्त यदि कोई नदी,झील, कुआं,तालाब,बावड़ी इत्यादि उपलब्ध है,जिसमें पुनर्जीविकरण/संरक्षण की आवश्यकता है तो इन संरचनाओं का उन्नयन कार्य स्थानीय,सामाजिक,अशासकीय संस्थाओं एवं जनभागीदारी के माध्यम से कराया जाए। 3. सहायक यंत्री/उपयंत्री – जल संरचनाओं में मिलने वाले गंदे पानी के नाले/नालियों स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत क्रियान्वित लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के माध्यम से डायवर्सन के उपरांत शोधित कर जल संरचनाओ में छोड़ा जाए। 4. सहायक यंत्री/उपयंत्री – जल संरचनाओं के चयन के साथ साथ इनके जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के परिणाम संयोजित (आउटकम लिंक्ड) उद्देश्य जैसे : जल प्रदाय,पर्यटन,भू जल संरक्षण,मत्स्य पालन,सिंघाड़ा के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जाए तथा जलीय जैव विविधता बढ़ाने हेतु जल संरचनाओं जल के गुणवत्ता संबंधित आवश्यक उपचार किया जाए। 5. उपयंत्री,सहायक यंत्री एवं एजीस एआरई – जल संरचनाओं के चयन एवं उन्नयन कार्य में जी आई एस तकनीक का उपयोग किया जाए,नगरीय निकाय द्वारा मौके स्थल पर जाकर चिन्हित संरचना की मोबाइल ऐप के माध्यम से जिओ टैगिंग की जाए। 6. सभी सहायक यंत्री – शहरी क्षेत्रों या टाउनशिप के बिगड़े बाग बगीचों को चिन्हांकित कर उनका हरित विकास करना। 7. उपायुक्त – गर्मियों में पेयजल सुविधा हेतु सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था करना तथा आसपास छांव की व्यवस्था किया जाए। 8. प्रभारी अधिकारी जल प्रदाय – नगरीय निकाय में जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन किया जाना। 9. वार्ड 43 के उपयंत्री एवं सहायक यंत्री – नगरीय निकाय में हरित क्षेत्र का विकास करना। 10. एजीस एआरई – एक्यूफर मैनेजमेंट प्लान तैयार करना। 11. भवन अधिकारी – रेन हार्वेस्टिंग प्रणाली लागू करना। 12. प्रभारी अधिकारी जल प्रदाय – घरों और सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग किए जा रहे पानी के अपव्यय को रोकने के लिए आवश्यक उपाय जैसे : पाइप लाइनों तथा नलों के लीकेज को सुधारना और टूटे हुए नलों को बदलना।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सिंगरौली विधायक राम निवास शाह ,पूर्व विधायक देवसर  सुभाष वर्मा,नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय,महापौर रानी अग्रवाल,विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह,वार्ड 40 पार्षद सीमा जायसवाल,वार्ड 12 पार्षद संतोष शाह,वार्ड 19 पार्षद आशीष बैस,वार्ड 21 पार्षद कमलेश वर्मा,वार्ड 38 पार्षद अनिल बैस,नगर पालिक निगम से उपायुक्त आर पी बैस,अभियान के नोडल अधिकारी संतोष पांडेय,एसडीओ एस एन द्विवेदी,स्वच्छता निरीक्षक संतोष तिवारी सहित अधिकारी कर्मचारी, समाजसेवी संगठन के सदस्य,सफाई मित्र उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम का संचालन आईईसी मैनेजर आशीष शुक्ला द्वारा किया गया।

1 अप्रैल से कई कंपनियों की होगी मार्केट में लिस्टिंग, फिर लौटेगी IPO बाजार में रौनक

नई दिल्ली बीते कुछ समय से शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के चलते IPO मार्केट में सुस्ती छाई हुई थी, लेकिन अब निवेशकों के लिए खुशखबरी है. इस हफ्ते कई नए IPO ओपन हो रहे हैं और कुछ कंपनियों की लिस्टिंग भी होने वाली है. इससे निवेशकों को कमाई का शानदार मौका मिल सकता है. आइए, जानते हैं इस हफ्ते के IPO और उनके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के बारे में. खुलने वाले नए IPO Retaggio Industries IPO Infonative Solutions IPO Spinaroo Commercial IPO Desco Infratech IPO Shri Ahimsa Naturals IPO ATC Energies IPO Identixweb IPO निवेशकों के लिए क्या है मौका? IPO बाजार में तेजी लौटने से निवेशकों के लिए नए मौके बन सकते हैं. Shri Ahimsa Naturals और Identixweb जैसी कंपनियों के IPO में 10-15 फीसदी के शुरुआती मुनाफे की संभावना दिख रही है. वहीं, Desco Infratech और ATC Energies भी कुछ मुनाफा दिला सकते हैं. हालांकि, Retaggio Industries, Infonative Solutions और Spinaroo Commercial के GMP जीरो हैं, जिससे उनके लिस्टिंग गेन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. क्या करें निवेशक? अगर आप IPO में निवेश की योजना बना रहे हैं तो कंपनियों की फंडामेंटल स्थिति और ग्रे मार्केट प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें. बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है। छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है। महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है। यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है। बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और 4 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया, कुल लागत ₹2,695 करोड़

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और 4 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया, कुल लागत ₹2,695 करोड़ अभनपुर – रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा (व्हाया-मंदिर हसौद) का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया बिलासपुर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 4 महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, जिनकी कुल लागत ₹2,695 करोड़ है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोहभट्टा, बिलासपुर स्थित कार्यक्रम स्थल से अभनपुर–रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। ये परियोजनाएं राज्य में रेल परिवहन को और मजबूत करेंगी, जिससे यात्री एवं माल परिवहन को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। आधारशिला रखी गई 7 रेलवे परियोजनाएं: 1. खरसिया-झाराडीह (पांचवी लाइन) – 6 किमी (लागत: ₹80 करोड़) 2. सरगबुंदिया-मड़वारानी (तीसरी एवं चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹168 करोड़) 3. दाधापारा-बिल्हा-दगोरी (चौथी लाइन) – 16 किमी (लागत: ₹256 करोड़) 4. निपनिया-भाटापारा-हथबंद (चौथी लाइन) – 23 किमी (लागत: ₹347 करोड़) 5. भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन (चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹233 करोड़) 6. राजनांदगांव-डोंगरगढ़ (चौथी लाइन) – 31 किमी (लागत: ₹328 करोड़) 7. करगी रोड-सल्का रोड (तीसरी लाइन) – 8 किमी (लागत: ₹95 करोड़) राष्ट्र को समर्पित की गई रेलवे परियोजनाएं: 1. राजनांदगांव-बोरतलाव (तीसरी लाइन) – 48 किमी (लागत: ₹747 करोड़) 2. नई रेल लाइन – मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर – 26 किमी (लागत: ₹353 करोड़) 3. दुर्ग-रायपुर (ऑटोमैटिक सिग्नलिंग) – 37 रेल किमी (लागत: ₹88 करोड़) 4. छत्तीसगढ़ राज्य में शत-प्रतिशत रेलवे लाइन का विद्युतीकरण मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ: अभनपुर-रायपुर (व्हाया-मंदिर हसौद) मेमू ट्रेन सेवा परियोजनाओं के प्रमुख लाभ: नया रायपुर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी: अभनपुर, रायपुर, और मंदिर हसौद के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रालय और सचिवालय जाने वाले दैनिक यात्रियों के लिए समय और धन की बचत करेगी तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। यात्रियों के लिए तेज़ और सुविधाजनक यात्रा: नई रेलवे लाइनों और अतिरिक्त ट्रैकों के निर्माण से ट्रेन की गति बढ़ेगी, जिससे यात्रा अधिक तेज़ और सुगम होगी। रेल यातायात में सुधार: तीसरी, चौथी और पाँचवीं लाइन की परियोजनाएं ट्रेन संचालन क्षमता को बढ़ाएंगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित होगी। माल परिवहन को बढ़ावा: औद्योगिक रेलवे मार्गों के उन्नयन से कोयला, इस्पात और अन्य सामानों का परिवहन तेज़ और किफायती होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नए राजधानी क्षेत्र के लिए बेहतर कनेक्टिविटी: अभनपुर-केन्द्री-मंदिर हसौद रेलवे लाइन नया रायपुर को रेलवे नेटवर्क से सीधे जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएंगी, माल और यात्री परिवहन की गति बढ़ाएंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल मोहभट्टा बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, जप्रतिनिगण, रेलवे, एनटीपीसी सहित अन्य उपक्रमों व राज्य सरकार के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित थे।

छत्तीशगढ़ सीमेंट ट्रांसपॉर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की आमसभा में अंजय का कार्यकाल 3 वर्ष बढ़ाया

बस्तर आज होटल Ambrossia में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर  की आमसभा  संपन्न हुई जिसमें समस्त सदस्यों ने सर्वसम्मति से   श्रीमान अंजय शुक्ल का कार्यकाल 3 वर्ष बढ़ाने अपना समर्थन दिया।  आमसभा को संबोधित करते हुए श्री शुक्ल ने समस्त ट्रांस्पोटरो को आश्वस्त किया कि प्रदेश में विष्णु देव जी की सरकार में ट्रांसपोर्टर को कोई परेशानी नही आने दी जाएगी।  सुखदेव सिंह सिद्धू अध्यक्ष रायपुर बस्तर कोरापुट  अमित सूरी जी पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सुखी बाबा सुब्रत डे अचल भाटिया  मलकीत सिंह  जसवंत सिंह रितेश जैन मनोज गुप्ता विनीत सिंह सलूजा पवन साहू गणेश प्रसाद जायसवाल नरेश अग्रवाल सुमित अग्रवाल हरप्रीत सिंह भाटिया अनुराग जैन अमित तिवारी आशीष अग्रवाल अर्पित तिवारी अरुण तुलसियान भूपेंद्र यादव शिवकुमार सिंह हरप्रीत सिंह जयप्रकाश हरविंदर सिंह द्वारिका अवस्थी महेंद्र सिंह मनोज पोद्दार कमल कुमार पोद्दार जगदीश सिंघानिया संदीप शर्मा वैभव जग्गी परमिंदर सिंह संदीप कुमार हरिंदर देवेंद्र यादव भगवत सिंह जसविंदर सिंह दलविंदर सिंह कुलदीप सिंह खुशवंत सिंह मुकेश सुल्तानिया विजेंद्र यादव अनिल शर्मा जसवंत सिंह सोम सिंह आकाश गिलानी मनोज अग्रवाल अमित तिवारी कवर दीवान शुभंकर द्विवेदी आनंद आहूजा अग्रवाल अशोक शर्मा महेंद्र सेठिया आशीष अग्रवाल अब्दुल हक पंकज सिंह अशोक जी मनजीत सिंह गुरविंदर सिंह विजय गुप्ता दमनदीप आदि ट्रांसपोर्टर  उपस्थित थे

झूलेलाल जयंती हर उल्लास के साथ मनाई

 सिंगरौली बैढ़न श्री झूलेलाल जयंती के अवसर पर सिंधी समाज व स्थानीय व्यापारियो के द्वारा शहर मे झूलेलाल जी का आज शोभा यात्रा निकाली गई !

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और केन्‍द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने वीर भारत संग्रहालय का भूमि‍-पूजन किया

उज्‍जैन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में कोठी महल पर युगयुगीन भारत के कालजयी महानायकों की तेजस्विता की महागाथा का वर्णन करने वाले “वीर भारत संग्रहालय” का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी कार्यक्रम में सम्‍मिलित हुए। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्‍जैन का इतिहास अत्‍यंत प्राचीन है। हर कल्‍प में उज्‍जयिनी का अपना इतिहास रहा है। प्राचीन भारत के वीर महापुरूषों की गौरव गाथा की जानकारी इस संग्रहालय में प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण भव्‍य स्‍तर पर किया जाएगा। प्राचीन काल की सभी प्रमुख घटनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। संग्रहालय का निर्माण लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त आवश्‍यकता पडने पर और धन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करने का एक और अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से संग्रहालय के निर्माण हेतु शुभकामनाँ दी।    कार्यक्रम में बतौर विशिष्‍ट अतिथि सांसद उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र अनिल फिरोजिया, सांसद राज्यसभा बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक उज्जैन-उत्तर अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल,  महापौर  नगर पालिक निगम मुकेश टटवाल  निगम अध्यक्ष नगर पालिक निगम श्रीमती कलावती यादव और संस्‍कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्‍ला‍शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम पंडित चंदन व्‍यास एवं उनके दल के द्वारा स्‍वस्ति वाचन किया गया। वीर भारत न्‍यास के न्‍यासी सचिव श्रीराम तिवारी के द्वारा पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर अतिथितियों का स्‍वागत किया गया। श्रीराम तिवारी ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य देते हुए कहा कि भारतवर्ष के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से परिचय तथा प्रेरणा हमारे समय की अपरिहार्य आवश्यकता है। यह एक राष्ट्रव्यापी, महत्वाकांक्षी स्वप्न है, जिसे चरितार्थ करने के लिए वीर भारत संग्रहालय में भारत की तेजस्विता और पराक्रम के विभिन्न आयामों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किये जाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है। तेजस्विता और शौर्य हमारे जीवन, परंपरा, चित्त-वृत्ति, चिंतन-प्रकृति, दर्शन, जीवन मूल्य, आस्था और विश्वासों का स्वर है। हमारा प्रयास है कि वीर भारत संग्रहालय में राष्ट्र की सभी मंगलकारी दृष्टियों का प्रतिबिंबन हो। भारत वर्ष का प्रागैतिहास-पुरापाषाण काल, पूर्व वैदिक, वैदिक/उपनिषद, सरस्वती सिंधु घाटी सभ्यता, उत्तर वैदिक, श्रीराम के पूर्वज, श्रीकृष्ण के पूर्वज, रामायण काल, महाभारत काल, प्राचीन भारत की जनजातियों, महाजनपद काल, गौतम बुद्ध, महावीर, आदि शंकराचार्य, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट विक्रमादित्य काल, सातवाहन, गुप्त साम्राज्य, चोल, पल्लव, भोजदेव, मध्ययुग, भक्ति काल, भारत के शूरवीर, पराधीनता के विरूद्ध सिंहनाद करते हुए भारत की सुदीर्घ परंपरा में तेजस्वी नायकों, चिंतकों, दार्शनिकों, मंत्रद्रष्टा, ऋषियों, संतों, मनीषियों, कवियों, लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों के अनुपम योगदान को रेखांकित किया जायेगा। उल्‍लेखनीय है कि वीरभारत संग्रहालय युगयुगीन भारत के महानायकों की महागाथा का अनूठा केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि यह उज्जैन में स्थापित होने जा रहा है। सनातन परंपरा से ही, सृष्टि के आरंभ से ही बाबा महाकाल और उनकी प्रिय उज्जयिनी विराजित है। भारत वर्ष प्रागैतिहासिक-पुरापुरापाषाण काल से ही मानव सभ्यता और संस्कृति के विकास की कर्मभूमि रहा है। वीर भारत संग्रहालय में चाहे वैदिक काल हो, उपनिषद काल हो, रामायण महाभारत काल हो, हमारे ऋषि वैज्ञानिक हों, हमारे राष्ट्र के महानायक हों या फिर वे राजा महाराजा रहे हों, वैज्ञानिक रहे हों, साहित्यकार, इतिहासकार, खगोलविद हों, योद्धा हों, संन्यासी हों, उद्यमी रहे हो, ऐसे सभी प्रेरक चरित्रों को यादगार बनाने की कोशिश की जायेगी जिन्होंने भारत को तेजस्वी भारत बनाने का काम किया हो। मैंने निर्देश दिए हैं कि इस संग्रहालय जो दुनिया में अपनी तरह का सबसे अकेला होगा, इसे समय सीमा में पूरा किया जाए, सिंहस्थ के पहले पूरा किया जाये।  भारत वर्ष में विक्रमादित्य युग परिवर्तन और नवजागरण की एक महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं, और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम सम्वत् हमारी एक अत्यंत मूल्यवान धरोहर है। कार्यक्रम में वीर भारत संग्रहालय की रुप रेखा पर आधारित फिल्‍म का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथीयों द्वारा इस दौरान कोठीमहल का अवलोकन भी किया गया।  

रायपुर : छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है।  यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

उज्जैन मेले में सीएम के आदेश पर बढ़ाई गई मेला अवधि, अब 9 अप्रैल तक गाड़ी खरीदने पर मिलेगा टैक्स में छूट

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर विक्रम व्यापार मेले की अवधि आगामी 9 अप्रैल तक बढ़ाई गई है। इसी अनुक्रम में के परिवहन सचिव मनीष सिंह ने आदेश जारी किए है। मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य सरकार द्वारा परिवहन विभाग की अधिसूचना दिनांक 14 जनवरी, 2025 के माध्यम से ऐसे सभी गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिये ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों के वर्ष 2024-25 में उज्जैन विक्रम व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय पर उनके देय जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट मेला अवधि 30 मार्च 2025 तक प्रदान की गई थी। अधिनियम में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में करते हुये, राज्य सरकार ने अधिसूचना में विहित की गई शर्तों के अध्यधीन रहते हुए अधिसूचना के माध्यम से दी गई छूट की समय-सीमा 9 अप्रैल 2025 तक के लिये, वर्तमान में जारी विक्रम व्यापार मेले की मेला अवधि तक के लिए वृद्धि की गई है।  

तेज हवाओं के चलते फैलती जा रही है माउंट आबू के जंगलों में लगी भीषण आग

सिरोही राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है. बताया जा रहा है कि माउंट सड़क मार्ग (Mount Abu Road) के छिपा बेरी के नजदीक 29 मार्च के दोपहर में आग भड़क उठी, जो धीरे-धीरे विकराल रूप लेती गई. वन विभाग और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, साथ ही फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया. लेकिन गहरी खाई और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. माउंट रोड के 7 घूम क्षेत्र से घना धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. आग के चलते वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है. आग बुझाने के प्रयास जारी माउंट आबू-आबूरोड मार्ग पर 7 घूम के आसपास के पूरे क्षेत्र में आग फैली हुई है. रात बढ़ने के साथ ही आग का विकराल रूप और भी भयावह हो गया है. नगर पालिका प्रशासन, फायर ब्रिगेड, आपदा राहत प्रबंधन दल, CRPF के जवान और अन्य स्थानीय संगठन आग पर काबू पाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं. हालांकि, अभी तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पाई है. वन विभाग की नाकामी उजागर हर साल माउंट आबू के पहाड़ी इलाकों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग द्वारा कोई ठोस पूर्व योजना नहीं बनाई जाती. आग लगने के बाद ही विभाग सक्रिय होता है, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है. इस बार भी वही कहानी दोहराई जा रही है. आगजनी की घटनाओं से वन्य जीव-जंतुओं को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है. पिछले साल भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं, लेकिन कोई प्रभावी रोकथाम की योजना नहीं बनाई गई. वन विभाग की निष्क्रियता और प्रशासन की लापरवाही पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में भी ऐसी घटनाएं होंगी और माउंट आबू की बहुमूल्य वन संपदा खत्म होती रहेगी.

रायपुर : रेल नेटवर्क से जुड़ा नया रायपुर राजधानी क्षेत्र, प्रधानमंत्री ने अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का किया शुभारंभ

रायपुर रायपुर से नया रायपुर राजधानी क्षेत्र रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। अब यहां आवागमन के लिए मेमू ट्रेन नियमित रूप से चला करेगी। रायपुर रेल्वे स्टेशन से मंदिर हसौद होते हुए नया रायपुर सीबीडी, केन्द्री होते हुए अभनपुर और अभनपुर से रायपुर ट्रेन के जरिए आवागमन हो सकेगा। इससे मंदिर हसौद, मंत्रालय, सचिवालय, नया रायपुर, अभनपुर आवागमन में सस्ता और आसान होगा। इससे शासकीय कर्मचारियों सहित नया रायपुर के नागरिकों और विद्यार्थियों को एक नई सुविधा सुलभ हो गई है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ में 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही उन्होंने 7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। रायपुर अभनपुर मेमू ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। रेल यात्री रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर की यात्रा कर सकेंगे, वो भी महज दस रुपये में। अभनपुर-रायपुर के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन अत्याधुनिक थ्री-फेज़ है। बड़ी और खास बात ये है कि ये अत्याधुनिक ट्रेन ऊर्जा दक्षता, उच्च गति और बेहतर आराम के साथ यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी कई रेल सेक्शनों में थ्री-फेज़ मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हर कोच में सौंदर्यपूर्ण इंटीरियर, कुशन वाली सीटें, बड़ी खिड़कियां, स्लाइडिंग दरवाजे और मोबाइल चार्जिंग सॉकेट उपलब्ध है। जीपीएस-आधारित पीएपीआईएस के तहत डिस्प्ले स्क्रीन और लाउडस्पीकर प्रत्येक कोच में लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को स्टेशन की जानकारी मिलेगी। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली भी उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक ट्रेलर कोच में पर्यावरण-अनुकूल बायो-टॉयलेट्स की सुविधा है।

मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रमोत्सव-2025 विक्रमोत्सव का आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को करता है स्थापित: राज्यपाल पटेल उज्जैन में विक्रमादित्य के नाम से स्थापित हो न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश-राजस्थान में टूरिस्ट सर्किट बनाने की आवश्यकता : केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. मेघवाल राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल ने विक्रमोत्सव में प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई प्रसिद्ध गायिका सुश्रेया घोषाल ने दी में मनमोहक प्रस्तुति सिंहस्थ-गान हुआ लांच उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् 2082 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के प्रसंग में आयोजित कार्यक्रमों में प्रदेशवासियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार ज्ञापित करता हूँ। जिन्होंने दुनिया की पहली वैदिक घड़ी और भगवान महाकाल के अद्भुत महालोक की सौगतों से महाराजा विक्रमादित्य की उज्जयिनी के गौरव और वैभव की पुनर्स्थापना की है। विक्रमोत्सव का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण के लिए हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। यह दिन हमारे लिए एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों के योगदान को याद करने का अवसर है। राज्यपाल पटेल रविवार को उज्जैन में विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नववर्ष का यह पर्व विविध स्वरूपों में मनाया जाने वाला ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को स्थापित करता है। इसे कहीं ‘गुड़ी पड़वा’ तो कहीं ‘चैती चांद’, कहीं ‘युगादि’ तो कहीं ‘उगादि’ और कहीं ‘नवरोज अगदु’ के अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। इसी के साथ नौ दिन आरोग्य, साधना और कायाकल्प के नवरात्र का भी आरंभ होता है। राज्यपाल ने कहा कि विक्रम सम्वत् वर्ष का प्रवर्तन भारतीय सम्राट विक्रमादित्य के द्वारा विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर, उनके राज्यभिषेक के दिन से होता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि नव सम्वत्सर की तिथि सृष्टि निर्माण की तिथि है, जिसका निर्धारण संपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ हुआ है। वास्तव मे भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ऋतु परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को सक्षम बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि भारतीय नववर्ष प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन और निर्माण की प्रेरणा देता है, जिसमें सृष्टि, संस्कृति और समाज का संगम है। ऋतुकाल संधि के इन दिनों में नवचेतना, नवजागृति का संदेश है। इसे मनाने की परंपरा व्यक्ति, परिवार और समाज, तीनों के स्वस्थ जीवन और समृद्धि को ध्यान में रखकर शुरू की गई। यह हम सब प्रदेशवासियों के लिये गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् उज्जयिनी से शुरू हुआ है। सम्राट विक्रमादित्य का सारी दुनिया में न्यायप्रियता, ज्ञानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ, और वीरता जैसी विशेषताओं के लिए स्मरण किया जाता है।  राज्यपाल ने उत्सव में विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों के साथ सम्राट विक्रमादित्य के समूचे व्यक्तित्व, कृतित्व और विशेषताओं को परिचित कराने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई और मंगलकामनाएं दी। उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन नगरी सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की नगरी है। उज्जयिनी वह नगरी है जिसमें योगीराज श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की तो अनेक राजा महाराजाओं ने अपने न्याय प्रिय शासन से दुनिया को न्याय की ओर मोड़ा। आज का दृश्य देख कर लग रहा है मानो आज सम्राट विक्रमादित्य स्वयं इस नगरी में पधारे हैं। हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीमहाकाल महालोक का निर्माण हुआ और भगवान महाकालेश्वर की नगरी का वैभव और बड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका शासन काल रामराज्य की याद दिलाता है। हमारी सरकार भी निरंतर जनता की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। विक्रमादित्य ने अपने पुरुषार्थ से अपनी प्रजा का ध्यान रखा और सदैव प्रजा की रक्षा की। उन्होंने जनता का कर्ज माफ किया। उन्होंने विक्रम संवत का प्रवर्तन करते हुए सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना की। सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का लोहा आज भी माना जाता है। उनकी न्याय प्रियता हजारों साल से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल से अनुरोध किया कि भविष्य में उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव संवत्सर पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की और सभी को अपनी ओर से नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी निरंतर विकास के कार्य सरकार द्वारा किए जाएंगे और इस प्रकार के आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। उज्जैन में राजा महाराजा काल के जैसी होटल ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज’ होटल का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की उपस्थिति में विक्रमोत्सव के कार्यक्रम से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों  में प्रभारी मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम से जल गंगा संवर्धन अभियान आज से शुरू हो गया है। उज्जैन में 100 से अधिक कुआं, बावड़ी, तालाबों और अन्य जल स्त्रोतों में स्वच्छता, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज हम सब क्षिप्रा नदी के पावन तट पर विक्रमोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से सबका अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन का प्रभाव अफगानिस्तान तक था। वे राजस्थान के बीकानेर से आते हैं। उन्होंने राज्यपाल पटेल के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और एमपी के द्वारा भविष्य में टूरिस्ट सर्किट बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। इस टूरिस्ट सर्किट से राजा भर्तहरि और सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल से … Read more

रायपुर : मुख्यमंत्री ने ईद-उल-फितर की दी मुबारकबाद

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ईद-उल-फितर की मुबारकबाद देते हुए सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की है। उन्होंने कहा कि ईद का त्यौहार इंसानियत, भाईचारे और सौहार्द्र का प्रतीक है। यह पर्व मिलजुलकर रहने, भेदभाव मिटाने और सौहार्द्र बढ़ाने का संदेश देता है।  

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