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1 अप्रैल से बदले पैसे और टैक्स से जुड़े ये नियम, 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री, UPI, GST, क्रेडिट कार्ड रूल्स भी चेंज

नई दिल्ली 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष चालू हो रहा है। आज  यानी एक अप्रैल से पैसे और टैक्स से जुड़े कुछ नियमों में बड़ा बदलाव हो जाएगा। इनमें से अधिकतर बदलावों की जानकारी पिछले महीने यानी मार्च 2025 में ही दे दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने फरवरी में आए बजट के दौरान इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े कुछ बड़े ऐलान किए थे और अब इन नियमों को 1 अप्रैल 2025 यानी आज  से लागू किया जाएगा। प्रमुख वित्तीय और टैक्स परिवर्तनों में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर इनकम टैक्स छूट, लंबे समय तक इस्तेमाल न किए गए मोबाइल नंबरों के लिए यूपीआई को डीएक्टिवेट करना और पैन-आधार लिंक नहीं होने पर कोई डिविडेंड (लाभांश) नहीं देना शामिल है। 1 अप्रैल से लागू हो रहे पैसे और टैक्स से जुड़े ये बदलाव… नया इनकम टैक्स नियम: New income tax rule     वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में नए टैक्स रेट और स्लैब का ऐलान किया था, जो 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत 12 लाख रुपये तक सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए होगा। यानी इस तरह न्यू टैक्स रिजीम में 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यूपीआई नियमों में बदलाव: Changes in UPI rules नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल से लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए यूपीआई नंबर निष्क्रिय यानी डीएक्टिवेट हो जाएंगे। अगर आपका मोबाइल नंबर यूपीआई से लिंक है और आप लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो 1 अप्रैल से पहले इसे अपडेट कर लें, नहीं तो आपका यूपीआई अकाउंट एक्सेस नहीं हो पाएगा। क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइन्ट में बदलाव: Changes in credit card reward points     कुछ क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए रिवॉर्ड प्वाइंट के नियम बदलने जा रहे हैं। एसबीआई सिंपलीक्लिक और एयर इंडिया एसबीआई प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड धारकों को नए रिवॉर्ड स्ट्रक्चर के तहत बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, एक्सिस बैंक एयर इंडिया और विस्तारा के विलय के कारण विस्तारा क्रेडिट कार्ड के लाभों को भी रिवाइज करेगा। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस): Unified Pension Scheme (UPS) सरकार द्वारा अगस्त 2024 में लॉन्च की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 1 अप्रैल से लागू होगी। यह पुरानी पेंशन स्कीम की जगह लेगी और लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। इसके तहत 25 साल या उससे अधिक की सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। जीएसटी नियमों में बदलाव: Changes in GST rules     1 अप्रैल से जीएसटी पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य कर दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत होगी। इसके अलावा अब केवल उन्हीं दस्तावेजों पर ई-वे बिल जेनरेट किया जा सकेगा जो 180 दिन से ज्यादा पुराने न हों। होटल रूम टैरिफ और जीएसटी: Hotel room tariff and GST अब, किसी भी वित्तीय वर्ष में प्रतिदिन 7,500 रुपये से ज्यादा कमरे का किराया रखने वाले होटलों को ‘Specified Premises’ माना जाएगा। ऐसे होटलों में ऑफर की जाने वाली रेस्तरां सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा। बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस का नियम: Bank account minimum balance rules     एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और अन्य बड़े बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस की जरूरतों को अपडेट किया है। अगर आपके बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं है तो 1 अप्रैल से आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। पैन-आधार लिंक नहीं तो डिविडेंड भी नहीं: Dividend will not be received if PAN-Aadhaar is not linked अगर आपने 31 मार्च तक अपने पैन और आधार को लिंक नहीं किया तो 1 अप्रैल से आपको डिविडेंड इनकम नहीं मिलेगी। इसके अलावा टीडीएस भी बढ़ जाएगा और फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट नहीं मिलेगा। म्यूचुअल फंड और डीमैट केवाईसी अनिवार्य: Mutual fund and demat KYC mandatory 1 अप्रैल, 2025 से म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए केवाईसी अनिवार्य हो जाएगी। इसके तहत सभी नामांकित विवरणों (nominee details) को फिर से सत्यापित किया जाएगा। चेक क्लियरेंस के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम बैंक फ्रॉड रोकने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू किया जाएगा। अब 50,000 रुपये से अधिक के चेक भुगतान के लिए खाताधारक को चेक का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंक को देना होगा, जिसे बैंक भुगतान से पहले सत्यापित करेगा। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग में बदलाव: Changes in Priority Sector Lending 1 अप्रैल से होम लोन लेने वाले लोग प्रायोरिटी सेक्टर लोन के तहत बड़े शहरों में 50 लाख रुपये, मीडियम-साइज वाले शहरों में 45 लाख रुपये और छोटे शहरों में 35 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। टीडीएस लिमिट में बढ़ोतरी: Increase in TDS limit     वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। टीसीएस नियमों में बदलाव: Changes in TCS rules टीसीएस (टैक्स कलेक्शन एट सोर्स) की नई दरें 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगी। अब विदेश यात्रा, निवेश और अन्य बड़े लेनदेन पर टीसीएस की सीमा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी वित्तीय कामों को 1 अप्रैल से पहले पूरा कर लें ताकि कोई परेशानी न हो।  

एमपी में कॉलोनी पर नया कानून, सिर्फ ये कॉलोनियां ही नियमित होगी, इनको हो जाएगी जेल, 2016 से पहले की कॉलोनियां ही होंगी नियमित

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा अवैध कॉलोनी पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा जल्द ही नगर पालिका एक्ट में बदलाव किया जाएगा और अवैध कॉलोनीयों के लिए एक सख्त कानून बनाया जाएगा। नए कानून के अनुसार अगर कोई अवैध कॉलोनी बनता है तो उसे 10 साल की सजा होगी साथ ही 50 लख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस संबंध में जानकारी दिया और कहा कि इसी महीने से इस कानून को प्रभावित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 2016 से पहले की जितनी भी अवैध कालोनियां है सबको वैध कर दिया जाएगा। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर अपना अंतिम फैसला नहीं लिया है। मोहन सरकार ला रही नया कानून दरअसल, मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है. इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा. मध्य प्रदेश में मोहन सरकार लाएगी सख्त कानून मोहन यादव सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नए कानून का मसौदा तैयार कर रही है। इस कानून के तहत अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार नया कानून एक महीने में प्रभावी हो जाएगा। 2016 से पहले की अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार मोहन सरकार 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने पर विचार कर रही है. दरअसल, अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के मौजूदा कानून में सजा और जुर्माने के प्रावधानों में बदलाव के साथ यह भी तय किया जा रहा है कि 2016 से पहले या 2022 से पहले बनी कॉलोनियों को वैध किया जाए. इस पर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बनी है. हालांकि, पिछले साल नगरीय प्रशासन मंत्री ने अवैध कॉलोनियों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टरों से 2016 तक की अवैध कॉलोनियों का डेटा मांगा था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार 2016 से पहले बनी कॉलोनियों को ही नियमित कर सकती है. बता दें कि एमपी के पूर्व सीएम ने 2022 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था. विधानसभा चुनाव 2023 से पहले इसकी घोषणा की गई थी. पहले जानिए, शिवराज सरकार ने क्या फैसला लिया था पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 23 मई 2023 को अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में घोषणा करते हुए शिवराज ने दिसंबर 2022 तक बनी सभी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया। किसी तरह का विकास शुल्क न लेने का भी ऐलान किया था। शिवराज ने कहा था- मैं मानता हूं कि जब ये कॉलोनियां बन रही थीं, तब ध्यान देना चाहिए था कि वो वैध बन रही हैं या अवैध। लेकिन हमारे भाई-बहन का क्या दोष? जिंदगीभर की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीद लिया। पाई-पाई जोड़कर मकान बना लिया। मकान बन गया, तब सरकार आई और कहा- ये तो अवैध है। यह न्याय नहीं है। अवैध मतलब क्या हम अपराधी हो गए? अवैध ठहराने का निर्णय ही अवैध है, इस निर्णय को मैं समाप्त करता हूं। अब जानिए, कानून में संशोधन क्यों कर रही मौजूदा सरकार मध्यप्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने का कानून तो बना दिया है लेकिन इसका प्रभावी पालन नहीं हो सका है। शिवराज सरकार ने साल 2016 से पहले बनी अवैध कॉलोनियों को वैध करने का फैसला लिया था। उस समय नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्वे कर ऐसी 6077 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की थीं। मोहन सरकार ने पिछले साल जब अवैध कॉलोनियों का डेटा जिलों से मंगाया तो पाया गया कि अवैध कॉलोनियों की संख्या 6077 से बढ़कर 7981 हो चुकी है यानी 1908 नई अवैध कॉलोनियां बन चुकी हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा के पिछले सत्र में कहा था कि प्रदेश में बन रही अवैध कॉलोनियों को सरकार वैध नहीं करेगी। इनमें रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, बिल्डिंग परमिशन मिल जाए, यह काम जरूर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियां एक गंभीर मुद्दा बन गई हैं। इसके लिए जल्द ही कानून लाया जाएगा। बता दें कि मप्र नगरपालिका अधिनियम 2021 की धारा 292 और 339 की उप धाराओं में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सजा और जुर्माने का प्रावधान है। भोपाल के उदाहरण से समझिए, कैसे बढ़ रही अवैध कॉलोनियां पिछले दो साल में भोपाल में 300 नई अवैध कॉलोनियां कट चुकी हैं। साल 2022 में हुए सर्वे के मुताबिक, भोपाल जिले में कुल 576 अवैध कॉलोनियां मिलीं थीं। इनमें से 31 दिसंबर 2016 से पहले बनी 321 कॉलोनियों को नियमतिकरण की श्रेणी में रख दिया गया। बाकी 255 पर दिसंबर 2023 तक एफआईआर दर्ज कराई गई। अब नए सिरे से सर्वे शुरू किया गया तो 300 से ज्यादा नई अवैध कॉलोनियां और मिल गई हैं। यह सर्वे अभी जारी है, ऐसे में इनकी संख्या बढ़ सकती है। बता दें कि वर्ष 2000 के पहले भोपाल में 198 अवैध कॉलोनियां थीं। नगर निगम की तत्कालीन सर्वे रिपोर्ट में इसका जिक्र था यानी 25 साल में ऐसी कॉलोनियों में तीन गुना तक इजाफा हो चुका है। अवैध कॉलोनाइजर: 10 साल की सजा, 50 लाख जुर्माना     प्रस्तावित संशोधन में व्यक्ति के साथ फर्म, कंपनी, सोसाइटी, संस्था, प्रमोटर या सरकारी इकाई को भी कॉलोनाइजर की कैटेगरी में रखा गया है।     पहले किसी कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन एक जिले में होता था, लेकिन प्रस्तावित संशोधन में अब प्रदेश स्तर पर रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए सरकार रजिस्ट्रेशन प्राधिकारी की नियुक्ति करेगी। इसके बाद कॉलोनाइजर प्रदेश के किसी भी हिस्से में कॉलोनी काट सकेगा।     कॉलोनी बनाने के लिए कॉलोनाइजर पहले की ही तरह सक्षम अधिकारी के पास आवेदन करेगा। मगर, प्रस्तावित संशोधन में कॉलोनी की अनुमति देने की समय सीमा तय करने का प्रावधान किया … Read more

मध्य प्रदेश में संपत्ति की नई दरें आज एक अप्रैल से लागू , सरकार ने नई दरों को मंजूरी दी, घर खरीदना होगा महंगा

भोपाल  मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर शनिवार को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। तीन से चार गुना ज्यादा दामों पर रजिस्ट्रियां जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है।

काल भैरव मंदिर के सामने से हटेंगे शराब काउंटर, कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था

उज्जैन  एमपी के उज्जैन शहर में नगर सीमा की 17 शराब दुकानों को 1 अप्रेल से बंद कर दिया जाएगा। इन दुकानों के साथ शहर में चल रहे बार और होटल में भी शराब नहीं मिल पाएगी। अगर किसी ने इसके बाद भी शराब परोसी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि नगर सीमा में आने वाली कालभैरव मंदिर के पास स्थित दो शराब दुकानें शराब बंदी में शामिल नहीं हैं। काल भैरव महाराज को भोग लगाने के लिए यहां शराब मिलती रहेगी।  अगर यहां से शराब खरीदकर किसी ने परिवहन किया तो उसके खिलाफ आबकारी एक्ट में कार्रवाई होगी। शराब बंदी की घोषणा सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो माह पूर्व की थी। इसके तहत नगर सीमा में आने वाली 17 दुकानें बंद की जाएगी। ये रहेंगे नियम शराब पार्टी के लिए आबकारी से लेना पड़ेगी अनुमति शराब बंदी की घोषणा के साथ लोगों में असमंजस की स्थिति है। आबकारी अधिकारियों के अनुसार शराब पीने पर प्रतिबंध नहीं है। शहरवासी अपने घर में चार बोतल शराब की रखकर पी सकते हैं, परंतु वाहन नहीं चला सकते। वहीं कोई भी शराब पार्टी नहीं दे सकता। अगर जरूरी होगा तो इसके लिए उन्हें शहर से बाहर शराब पार्टी करना होगी और इसके लिए आबकारी से परमिशन लेना जरूरी किया गया है। हालांकि यह परमिशन तभी दी जाएगी जब आयोजनकर्ता शहर से बाहर पार्टी का आयोजन करेगा। शराब पीकर शहर में प्रवेश रहेगा वर्जित इसके साथ ही शराब पीकर शहर में प्रवेश करना वर्जित किया गया है। धार्मिक शहर होने के नाते शराब पीकर शहर में प्रवेश करने के लिए पुलिस ने बाहरी मार्ग पर ब्रीथ एनालाइजर से चेकिंग शुरू करवाई है। पिछले दो माह में ही पुलिस ने इन मार्ग पर 100 से ज्यादा शराबी वाहन चालकों को पकड़ा। इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 185 की कार्रवाई की गई। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए शहरभर में चेकिंग प्वाइंट लगाए हैं। शहर में शराब पीकर प्रवेश करने पर भी लोगों को रोक रहे हैँ। हालांकि जब तक शराब बंद नहीं होती तब तक लोगों को समझाइश दे रहे हैं। शराब बंदी के बाद आबकारी एक्ट में कार्रवाई करेंगे। तस्करों ने किया स्टॉक हालांकि शराब बंदी के इस निर्णय के बाद से ही शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि शहर की झुग्गी झोपड़ी और निचली बस्तियों में शराब तस्करों ने स्टॉक करना शुरू कर दिया। 2 अरब की ये दुकानें होंगी बंद इंदौर गेट, मकोडिय़ा आम, कोयला फाटक, फाजलपुरा, टंकी चौक, छत्री चौक, केडी गेट, नई सड़क, जयसिंहपुरा, नीलगंगा कवेलू कारखाना, फ्रीगंज जीरो पाइंट ब्रिज, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-1, नानाखेड़ा बस स्टैण्ड-2, सांवेर रोड दो तालाब, पंवासा, नागझिरी -1 और नागझिरी -2 ये शराब दुकानें पुरी तरह हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।  कालभैरव के भोग के लिए अब इस तरह रहेगी व्यवस्था धार्मिक नगरी उज्जैन में इस निर्देश से भगवान काल भैरव को लगाने वाले भोग को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिस पर आज कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि काल भैरव मंदिर के सामने लगे शराब के काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसीलिए इन्हें हटाया जाएगा। रही काल भैरव के पूजन और भोग परंपरा की तो इसकी जिम्मेदारी मंदिर प्रबंध समिति की रहेगी। भगवान को लगाए जाने वाले मदिरा के भोग की व्यवस्था हमेशा की तरह मंदिर समिति करेगी। इसीलिए बन रही थी असमंजस की स्थिति कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कालभैरव मंदिर की परंपराओं को देखते हुए शासन को एक पत्र भेजा था, जिसमें मंदिर के सामने के दो शराब काउंटर को यथावत रखने की बात कही गई थी, लेकिन अब कलेक्टर का कहना है कि क्योंकि यह शराब काउंटर नगर निगम की परिसीमा में आते हैं, इसलिए इन्हें यहां से हटाया जाएगा। श्रद्धालु कैसे लगा पाएंगे कालभैरव को मदिरा का भोग धार्मिक नगरी उज्जैन में कल से नगर निगम की परीसीमा में लागू की जा रही शराबबंदी को लेकर जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि काल भैरव मंदिर के सामने के शराब काउंटर आज हटाए जाएंगे। मंदिर भोग पहले की तरह ही लगता रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति के पास स्टाक रहेगा। हां बाहर से आने वाले श्रद्धालु भगवान काल भैरव को किस प्रकार से मदिरा का भोग लगा पाएंगे इसको लेकर जल्द ही योजना बनाई जाएगी। कालभैरव को प्रतिदिन लगता है मदिरा का भोग उज्जैन के प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में मदिरा का भोग लगाने की परंपरा वर्षों से जारी है। मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया की ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब शराबबंदी की जा रही हो। वर्ष 2016 में सिहस्थ महाकुंभ के दौरान भी कालभैरव क्षेत्र में शराबबंदी की गई थी, लेकिन मंदिर में वर्षों से चली आ रही है परंपरा लगातार जारी रहे इसके लिए शासन ने ही उस समय भगवान काल भैरव को भोग के रूप में चढ़ाए जाने वाली शराब का इंतजाम किया था। गजट नोटिफिकेशन में नहीं था कालभैरव मंदिर का जिक्र एक अप्रैल से लागू की जाने वाली शराबबंदी को लेकर जारी हुए गजट नोटिफिकेशन की बात की जाए तो पता चलेगा कि इसमें मंदसौर, मुलताई, ओंकारेश्वर, ओरछा, मंडलेश्वर, मेहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना के साथ ही कल 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी करने की बात कही गई है। साथ ही उन दुकानों के बारे में भी बताया गया जिन्हें बंद किया जाना है लेकिन इस गजट नोटिफिकेशन में काल भैरव मंदिर के सामने की शराब दुकानों का कोई जिक्र नहीं किया गया था।

प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम होगा, मुख्यमंत्री यादव स्कूल चलें हम अभियान-2025 का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रात: 9 बजे “स्कूल चलें हम” अभियान – 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी होगा। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम के डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। नव प्रवेशी विद्यार्थियों का होगा स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। एजुकेशन पोर्टल 3.0 इस वर्ष एक अप्रैल से नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से समस्त शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर “स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से सुलभ तरीके से प्राप्त की जा सकेगी। समस्त जिलों में भी होगा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एक अप्रैल को शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित शाला में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक-सत्र की शुरूआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा-1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गयी है। संभाग स्तर के 8 डिपो के माध्यम से किताबों की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षण सत्र शुरू होते ही अप्रैल माह में निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो जायें। कक्षा एक से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिये करीब 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ 2 लाख फाउंडेशनल लिटरेसी एण्ड न्यूमरेसी (एफएलएन) अभ्यास पुस्तिकाएं और करीब 26 लाख ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य से भेंट कार्यक्रम स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियाँ सुनायेंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वैच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएँ भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जुड़ाव करना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए

Lifestyle:Sugarcane juice is beneficial in summers: Protects from heat wave, keeps the body hydrated, know from dietician who should not drink it हेल्थ डेस्क: आपने गर्मी के मौसम में अपने आसपास गन्ने का जूस बिकते जरूर देखा होगा। तेज धूप और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लोग इसे खूब पीते हैं। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को हाइड्रेट के साथ-साथ एनर्जेटिक भी रखता है। इसके अलावा गन्ने का रस पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी बूस्ट करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में भी मददगार है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। फार्माकोग्नॉसी जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने के जूस के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। आयुर्वेद और यूनानी पद्धति में पीलिया व यूरिन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए गन्ने का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है। गन्ना अनुसंधान केंद्र की एक स्टडी के मुताबिक, इसके जूस में हाई पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो पावरफुल फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं। गन्ने के जूस में बैड कोलेस्ट्रॉल से लड़ने की क्षमता होती है। साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है। इसलिए, आज जरूरत की खबर में गन्ने का जूस पीने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- क्या इसे ज्यादा पीने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं? किन लोगों को गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गन्ने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? जवाब- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज (नेचुरल शुगर) और 10-15% फाइबर होता है। हालांकि गन्ने का जूस निकालने की प्रक्रिया में फाइबर लगभग खत्म हो जाता है। नीचे दिए ग्राफिक में 250ml जूस की न्यूट्रिशनल वैल्यू जानिए- सवाल- गन्ने का जूस सेहत के लिए किस तरह से फायदेमंद है? जवाब- गन्ने के जूस में मौजूद विटामिन C और फ्लेवोनोइड्स व फेनोलिक जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ये एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है। गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर, फाइबर और इनवर्टेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। गन्ना सुक्रोज और ग्लूकोज जैसे कार्बोहाइड्रेट का एक नेचुरल सोर्स है, जो इंस्टेंट एनर्जी देता है। गन्ने के डाइयूरेटिक गुण यूरिन के जरिए शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं। गन्ने में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं और स्किन के दाग-धब्बे को कम करते हैं। वहीं पॉलीफेनोल और पोटेशियम जैसे कंपाउंड कार्डियो प्रोटेक्टिव होते हैं। गन्ने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आर्टरीज की सूजन और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। इसका जूस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट को भी बैलेंस करता है। इस तरह ये हमें गर्मी में हीट स्ट्रोक के खतरे से बचाता है। नीचे दिए ग्राफिक से गन्ने का जूस पीने के कुछ फायदे समझिए- सवाल- गन्ना या गन्ने का जूस क्या ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि चाहे गन्ने की बाइट चबाएं या उसका जूस पिएं दोनों ही फायदेमंद है। हालांकि गन्ने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए जूस पीने से ज्यादा इसे चबाना बेहतर है। सवाल- क्या गन्ने में बर्फ डालकर पीना सेहत के लिए अच्छा है? जवाब- बर्फ डालने से गन्ने का रस ठंडा हो जाता है, जिससे गर्मी में ताजगी मिलती है। ठंडा गन्ने का जूस पीने से गर्मी से तुरंत राहत मिलती है। लेकिन कुछ लोगों को इससे सर्दी-जुकाम, खांसी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बहुत ज्यादा बर्फ वाला गन्ने का रस पीने से बचना चाहिए। सवाल- गन्ने का जूस पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- गन्ने का जूस निकालने के तुरंत बाद पीना सबसे अच्छा होता है। बासी गन्ने के जूस में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। गन्ने का जूस हमेशा किसी साफ और स्वच्छ दुकान से ही पिएं। जिस मशीन से जूस निकाला जा रहा है, वह साफ-सुथरी होनी चाहिए। गन्ने का जूस पीने का सबसे अच्छा समय दोपहर से पहले का होता है। खाली पेट गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है। गन्ने के जूस में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का जूस और पुदीना मिलाकर पीने से इसका स्वाद और न्यूट्रिशन दोनों बढ़ जाता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस किडनी स्टोन में फायदेमंद है? जवाब- गन्ने का जूस किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सालेट कम होता है। जो शरीर में पथरी बनने से रोकने में मदद कर सकता है। इसके डाइयूरेटिक गुण टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और नए स्टोन्स के प्रोडक्शन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा गन्ने के जूस में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई अन्य ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। गन्ने का रस शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे किडनी में पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है। सवाल- क्या डायबिटिक लोग गन्ने का जूस पी सकते हैं? जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटिक लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। सवाल- एक दिन में कितना गन्ने का जूस पीना सुरक्षित है? जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में एक गिलास गन्ने का जूस पी सकता है। इससे ज्यादा पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस पीने के कोई साइड इफेक्ट भी हैं? जवाब- गन्ने का जूस पीना आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है। साथ ही ब्लड शुगर हाई हो सकता है। इसके अलावा दांत खराब हो सकते हैं और पाचन … Read more

चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन होगी मां चंद्रघंटा की उपासना, जानें पूजन विधि

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और ममतामयी है, जो अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करता है। इस दिन विशेष पूजा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जीवन में खुशहाली आती है और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। पूजा के फलस्वरूप, लोग आपको अधिक सम्मान देने लगते हैं। मां चंद्रघंटा का यह रूप विशेष रूप से सरल और शांति से परिपूर्ण है। वे अपने भक्तों की समृद्धि में वृद्धि करने के लिए प्रसिद्ध हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा से न केवल भौतिक सुख में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में आपका प्रभाव भी बढ़ता है। बता दें कि इस बार द्वतीया और तृतीया नवरात्री व्रत एक ही दिन किया जाएगा। आइए जानते हैं मां चंद्रघंटा की पूजाविधि, भोग, पूजा मंत्र और आरती के बारे में। मां चंद्रघंटा का स्वरुप कैसा है मां चंद्रघंटा के मस्तक पर एक घंटे के आकार का चंद्रमा स्थित है, जिससे उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। यह नाम उनके दिव्य रूप को दर्शाता है, जिसमें एक अद्वितीय तेज और ममता समाहित है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत अलौकिक और भव्य माना जाता है। उनका रूप शांतिपूर्ण होने के साथ-साथ उनकी शक्ति भी अद्वितीय है, जो हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि प्रदान करती है। मां चंद्रघंटा की पूजा से जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त होती है। विशेष रूप से, इस दिन सूर्योदय से पहले पूजा करनी चाहिए, क्योंकि इस समय मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा में लाल और पीले गेंदे के फूल चढ़ाने का महत्व है, क्योंकि ये फूल मां की ममता और शक्ति का प्रतीक हैं। मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्द्धचंद्र के आकार का घंटा स्थित है, जो उनकी महिमा और तेजस्विता को दर्शाता है। यही कारण है कि देवी का नाम चंद्रघंटा पड़ा। मां चंद्रघंटा पूजा विधि     सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे : सुबह जल्दी उठें और स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहने।     इसके बाद पूजा में मां को लाल और पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें ।     इसके बाद मां को कुमकुम और अक्षत अर्पित करें।     फिर मां चंद्रघंटा को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा में पीले रंग के फूलों और वस्त्रों का प्रयोग करें।     मां चंद्रघंटा को पीले रंग की मिठाई और दूध से बनी खीर का भोग अर्पित करें।     पूजा के दौरान मां के मंत्रों का जाप करें।     साथ ही दुर्गा सप्तशती और अंत में मां चंद्रघंटा की आरती का पाठ भी करें।     इन सभी विधियों को विधिपूर्वक करने से मां चंद्रघंटा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा में खीर का भोग अर्पित करना सर्वोत्तम माना जाता है। मां को विशेष रूप से केसर की खीर बहुत पसंद है। इसके अतिरिक्त, आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयां भी मां को भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं। भोग में मिसरी जरूर रखें और साथ ही पेड़े भी चढ़ा सकते हैं। मां चंद्रघण्‍टा का पूजा मंत्र पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते महयं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।। वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्। सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥ मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। रंग, गदा, त्रिशूल,चापचर,पदम् कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥ मां चंद्रघण्‍टा की आरती जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चंद्र समान तुम शीतल दाती। चंद्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चंद्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट मे बचाने वाली। हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं। मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योत जलाएं। शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता। कांची पुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा। नाम तेरा रटू महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी।

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