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शिक्षा सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है: मंत्री श्रीमती उइके

सिंगरौली लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने खुटार मे स्कूल में प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है, कोई भी बच्चा स्कूल में प्रवेश से वंचित न रहे। प्रदेश में आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर सभी जिलों में प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। मंत्री श्रीमती उइके ने विभिन्न विद्यालयों में आयोजित समारोहों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने नौनिहालों के माथे पर तिलक लगाकर और पाठ्य पुस्तक वितरण कर विद्यालय में प्रवेश कराया। मंत्री श्रीमती उइके ने प्रवेशोत्सव में कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी छात्र-छात्रा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अपने छात्र जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए कहा कि अब परिस्थितियाँ बदल गई हैं। प्रदेश सरकार शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रभावी नीतियाँ लागू कर रही है, जिससे प्रदेश के विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है और सीएम राइज स्कूल का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल किया गया है, जिससे गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा छात्रावास, छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्य-पुस्तक, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके, उनके लिए पुनः प्रवेश की सुविधा दी गई है। उन्होंने अभिभावकों से की बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करें और बेटा-बेटी में भेदभाव न करें। प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे वे शिक्षा प्राप्त कर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मंत्री श्रीमती उइके को अपने बीच पाकर और उनसे पाठ्यपुस्तकें प्राप्त कर बच्चे काफी उत्साहित दिखे। मंत्री श्रीमती उइके ने बच्चों से संवाद किया। बच्चों ने भी उत्साहित होकर मंत्री से अपने मन की बात साझा की। इस अवसर पर देवसर विधानसभा के विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है। उनके विधानसभा क्षेत्र में पाँच सीएम राइज विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जबकि दो नए विद्यालयों को स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री का इसके लिए आभार माना। सिंगरौली विधानसभा के विधायक रामनिवास शाह ने प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को नए शैक्षणिक सत्र के बेहतर परिणामों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध हो रही है। मंत्री श्रीमती उइके ने इस अवसर पर विभिन्न खेलों में प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रदेश भर में प्रवेश उत्सव 4 अप्रैल तक मनाया जाएगा, जिसमें ‘भविष्य से भेंट’, ‘हार के आगे जीत है’, विद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियाँ और शाला प्रबंधन समिति की बैठकें आयोजित की जाएँगी।

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में हुई अंतर्विभागीय समिति की बैठक

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में हुई अंतर्विभागीय समिति की बैठक छात्रवृति योजनाओं के सरलीकरण, एकरूपता एवं छात्रावास व्यवस्था में सुधार पर हुई चर्चा भोपाल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों द्वारा प्रदाय छात्रवृति योजनाओं के सरलीकरण, एकरूपता एवं छात्रावास व्यवस्था में सुधार के संबंध में, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह की अध्यक्षता में गठित अंतर्विभागीय समिति की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रीइंदर सिंह परमार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं के सरलीकरण एवं एकरूपता के लिए विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियों को समेकित करने, छात्रवृत्तियों की स्वीकृति एवं वितरण, छात्रावास संचालन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए गए अलग-अलग प्रावधानों की एकरूपता और छात्रावास संचालन में प्रभावी सुधार के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विविध विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।  

पीड़ित महिला ममता शर्मा दर – दर भटकने क़ो है मजबूर

पीड़ित महिला ममता शर्मा दर – दर भटकने क़ो है मजबूर न्याय पाने हेतु मामला पहुँचा है एसपी कार्यालय, बना जांच का विषय  सिंगरौली  बैढ़न जिले की मिनी रत्न एनसीएल कंपनी निगाही में कार्यरत सिकक्ल ओबी कंपनी मे जीएम पद पर कार्यरत रंजीत सिंह के द्वारा निगाही बुलाकर बदतमीजी किया गया है यह गंभीर आरोप ममता शर्मा ग्राम भाड़ी खुटार  ने लगाया है यह मामला एसपी कार्यालय मे लिखित मे आवेदन दिया गया है जो जांच का विषय बना हुआ है। वही पीड़ित ममता शर्मा ने बताया कि हमारे पति ओबी कंपनी निगाही में कार्य करते हैं कोई कारण वश  कई महीने से घर बैठा दिया गया था और इसके बाद कई महीने बार-बार दौड़ाया जा रहा था विगत सप्ताह दिनांक 22/03/2025 की घटना है जिसकी शिकायत 22/03 और 26/03/2025 को एसपी कार्यालय मे न्याय पाने हेतु आवेदन पत्र दिया गया है अभी तक कोई कार्यवाही न होने से पीड़ित महिला ममता शर्मा न्याय पाने हेतु दर – दर भटक रही है।

विदेशी मूवी की कॉपी है ‘लापता लेडीज’? हूबहू मिलते हैं सीन, किरण राव के पीछे पड़े ट्रोल्स

किरण राव के डायरेक्शन में बनी फिल्म लापता लेडीज को 2024 की बेस्ट फिल्मों में गिना गया. नितांशी गोयल, प्रतिभा रांटा, स्पर्श श्रीवास्तव और रवि किशन की ये मूवी जिसने भी देखी वो इसका फैन बन गया. इसे इंडिया की तरफ से 97वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में भी भेजा गया था. फिल्म को लेकर किरण ने खूब वाहवाही बटोरी. लेकिन अब अचानक ऐसा कुछ हुआ है, जिसकी वजह से ट्रोल्स उनके पीछे पड़ गए हैं. किरण राव ने विदेशी फिल्म को किया कॉपी? इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि लापता लेडीज ऑरिजनल मूवी नहीं है. किरण राव ने इसका कंटेंट 2019 में आई अरबी फिल्म ‘बुर्का सिटी’ से चुराकर बनाया है. सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों के हूबहू मिलते जुलते सीन्स के कोलाज वायरल हो रहे हैं. इससे मालूम चलता है कि दोनों ही फिल्मों का एक ही थीम है. जहां शादी के बाद दू्ल्हा अपनी दुल्हन को खोजने निकला है. उसकी पत्नी बुर्के की वजह से किसी दूसरी महिला से रिप्लेस हो जाती है. अरबी मूवी में दुल्हन ने बुर्का पहना है. वहीं किरण राव ने अपनी फिल्म की दुल्हन को घूंघट कराया है. ट्रोल हो रहीं किरण राव वीडियो देखने के बाद लोग किरण राव को ट्रोल कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- कैसे किरण ने बुर्के को घूंघट से बदल दिया. शर्मनाक तरीके से बुर्का सिटी को कॉपी किया है. ये दुखद है. दूसरे ने कहा- बॉलीवुड से और उम्मीद ही क्या जा सकती है. ये इंडस्ट्री चोरी पर ही चल रही है. हर दूसरी फिल्म का कंटेट कॉपी होता है. यूजर ने लिखा- किरण ने लापता लेडीज सेम थीम के साथ बनाई, बस बुर्का को घूंघट से रिप्लेस कर दिया. रवि किशन के पुलिस स्टेशन वाले सीन भी इंस्पायर्ड हैं. इससे पहले जब लापता लेडीज रिलीज हुई थी, तब कई ने दावा किया था कि ये मूवी शॉर्ट फिल्म ‘घूंघट के पट खोल’ की अनऑफिशियल रीमेक है. इसके डायरेक्टर अनंत महादेवन ने भी दोनों फिल्मों में समानता होने की बात कबूली था. जबकि किरण ने कहा था कि उन्होंने महादेवन की शॉर्ट फिल्म नहीं देखी है.

राज्य सरकार 12 साल बाद मई में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के चुनाव करवाने जा रही

भोपाल राज्य सरकार 12 साल बाद मई में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के चुनाव करवाने जा रही है। कार्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है। चुनाव सितंबर तक संपन्न करवा लिए जाएंगे। इस संबंध में सभी जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग के मैदानी अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में चुनाव वर्ष 2013 के बाद से नहीं हुए हैं। इसके बाद वर्ष 2018 में चुनाव होना था, लेकिन वह प्रदेश में विधानसभा चुनाव, फिर लोकसभा चुनाव, फिर विधानसभा की 30 से अधिक सीटों के लिए उपचुनाव, फिर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के कारण टालने पड़े। समिति में अध्यक्ष और सदस्यों के चुनाव किसानों के जरिये किए जाते हैं। बता दें कि पैक्स और अपेक्स के चुनाव को लेकर विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा था, जिसके बाद अब सरकार ने चुनाव कराने का निर्णय लिया है। जल्द होंगे प्रदेश में पैक्स और अपैक्स के चुनाव सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विधानसभा में दावा किया था कि जल्द ही प्रदेश में पैक्स और अपैक्स के चुनाव कराएं जाएंगे। पैक्स के चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। 14 मई को सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। सितंबर तक समिति और बैंकों में संचालक मंडल का गठन कर लिया जाएगा। प्रशासकों के भरोसे समितियां बता दें, वर्तमान में ये समितियां प्रशासकों के भरोसे चल रही हैं। प्रदेश के 38 जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में से केवल एक जिला केंद्रीय सहकारी बैंक पन्ना में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोर्ट कमिश्नर नियुक्त है। शेष 37 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में प्रशासक नियुक्त हैं। निर्वाचन नहीं होने के कारण यह स्थिति है। मध्य प्रदेश में कार्यरत 4,539 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (पैक्स) में से 50 प्रतिशत घाटे में चल रही हैं। वर्ष 2022-23 में 2886 समितियां और वर्ष 2023-24 में 1890 समितियां घाटे में रहीं। इन समितियों के चुनाव वर्षों से नहीं हुए हैं।  रिणामस्वरूप अब इनमें से आधी से अधिक समितियों को घाटा हुआ है। सहकारी समितियों को घाटे से उबारने के लिए दूध, पेट्रोल पंप, मत्स्य पालन, एलपीजी वितरण केंद्र से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जाएंगे। 5,296 सहकारी केंद्रों के माध्यम से किसानों को खाद का आपूर्ति कराई जा रही है। सहकारी बैंकों को हानि से उबारने के लिए वित्तीय मदद भी की जा रही है। हालांकि वर्तमान में नौ सहकारी बैंक हानि में है। सरकार का दावा है कि इसमें से चार बैंकों को हानि से उबार लिया जाएगा।  

जल संरक्षण, रेनोवेशन, जलसंरचनाओं का पुनर्जीवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे

भोपाल मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया महत्वाकांक्षी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ जनान्दोलन का रूप ले रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से शुभारंभ के बाद अब यह अभियान पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। इसमें जल संरक्षण, रेनोवेशन, जलसंरचनाओं का पुनर्जीवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बैतूल के काशी तालाब और पूर्णा नदी घाट पर हुआ श्रमदान बैतूल जिले में जन अभियान परिषद के तत्वावधान में काशी तालाब में स्वच्छता अभियान और श्रमदान आयोजित किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वतीबाई बारस्कर और जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने स्थानीय रहवासियों को तालाब स्वच्छ रखने और पॉलीथिन व कचरा न फेंकने की समझाइश दी। वहीं, विकासखंड भैंसदेही में मां पूर्णा नदी के घाट पर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान 92 श्रमदानियों ने सहभागिता निभाई। धार जिले में प्राचीन बावड़ियों के पुनर्जीवन की पहल धार जिले की नगर परिषद राजगढ़ ने अभियान के तहत प्राचीन बावड़ियों, कुओं और तालाबों के पुनर्जीवन की दिशा में पहल की है। वार्ड क्रमांक 14 में बाबाजी के कुएं पर सफाई अभियान चलाकर जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। नगर परिषद विभिन्न जल स्रोतों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित करने के प्रयास कर रही है। जनभागीदारी से तालाब का गहरीकरण मंदसौर जिले में जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में खेरखेड़ी तालाब का गहरीकरण किया गया। यह कार्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से किया जा रहा है। शाजापुर जिले में तालाब जीर्णोद्धार और रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य प्रारंभ कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत भैसायागढ़ा में तालाब जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ। वहीं, ग्राम पंचायत खमलाय में रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य का भूमि-पूजन भी किया गया। दीवार लेखन और रैली से बढ़ी जागरूकता कटनी जिले में दीवार लेखन और जागरूकता रैली के माध्यम से जल संरक्षण की प्रेरणा दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बूंद-बूंद में शक्ति है, जीवन की यह भक्ति है’ जैसे प्रेरक नारों का उपयोग कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। 18 तालाबों के गहरीकरण का कार्य प्रारंभ नीमच जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण के कार्यों में जन भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। 173 तालाबों का गहरीकरण, 22 अमृत सरोवर, 7 तालाबों एवं 82 खेत तालाबों के निर्माण कार्य चिन्हित किए गए हैं। इनमें जिला प्रशासन, संबंधित विभाग के साथ जन-भागीदारी के साथ काम शुरू किया जा रहा है। पृथ्वी तालाब एवं वीरपुरा तालाब का जीर्णोद्धार ग्वालियर जिले में पृथ्वी तालाब और वीरपुरा तालाब के संरक्षण के लिए श्रमदान के माध्यम से कार्य प्रारंभ हुआ। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की। युवाओं ने जल संरक्षण का लिया संकल्प शिवपुरी जिले में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के तत्वावधान में भुजरिया तालाब में श्रमदान किया गया। युवाओं ने तालाब को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का संकल्प लिया। तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण, बनेंगे 19 नए अमृत सरोवर, इंदौर जिले में पिछले वर्ष चलाए गए अभियान के तहत 101 नए अमृत सरोवर बनाए गए थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है। अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा। अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जाएगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जाएगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाए जाएंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा। मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिए इनलेट क्षमता बढ़ाई जाएगी। तालाबों के पास पौध-रोपण होगा। उपयोगकर्ता समूह बनाकर इनका संधारण एवं रख-रखाव किया जाएगा। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। जनभागीदारी से जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का मजबूत आधार भी बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि

दूर कर दी हैं, हमने सारी बाधाएं आप उद्योग लगाएं, सरकार करेगी मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरी उतरी प्रदेश सरकार जीआईएस में मिले 30 लाख करोड़ के निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि भेजना, अब जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की होगी शुरुआत, 27 अप्रैल को इंदौर में पहली आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश एक नई उड़ान पर है। सरकार की रीति-नीति से निवेशकों में विश्वास का माहौल बना है। प्रदेश में उद्यमी, उद्योगपति, व्यापारी, व्यवसायी सब उत्साहित हैं। हम उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए एक नई धारा, एक नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में बिजनेस को सहज बनाने के लिए हमने सारी बाधाएं, सारी रूकावटें दूर कर दी हैं। आप बस उद्योग लगाएं, हमारी सरकार उद्योग लगाने से लेकर इसे संचालित करने तक आपकी हर जरूरी मदद करेगी, प्रोत्साहन इन्सेटिव देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से एक निजी होटल में आयोजित उद्योग निवेश सब्सिडी के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में स्थापित करीब 2500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ और छोटे-बड़े (वृहद श्रेणी के) उद्योगों को करीब 703 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 1778 करोड़ रुपए की उद्योग निवेश सब्सिडी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट दबाकर सिंगल क्लिक से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिड़ी राशि उद्यमियों (निवेशकों) के बैंक खाते में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों का बढ़ता हौसला ही हमारी पूंजी है। जीआईएस से हमें बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला है। मध्यप्रदेश में हर निवेशक का स्वागत है, सम्मान है। हमने छोटे-बड़े सभी उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है, नए वित्त वर्ष के सालाना राज्य बजट में भी हमने सबका ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए ही निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने नवीन औद्योगिक नीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 30 लाख 77 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रारंभ कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करना, जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पहली बार निवेश की संभावनाओं को तलाशा और संभागीय स्तर पर आयोजित की गई 7 रीजनल इन्वेस्टर्स समिट ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। प्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के विकास में देश-दुनिया के उद्योगपतियों ने उत्साह दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी ने जीआईएस के उद्घाटन-सत्र में उद्योगपतियों और व्यापारियों को निवेश के मंत्र दिए। उन्होंने कहा था कि अपार संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय सही है। जीआईएस के सफल आयोजन पर उद्योग विभाग और निवेशकों का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में प्राप्त निवेश का आंकड़ा देखा जाए तो राज्य सरकार और निवेशक दोनों ही प्रधानमंत्री मोदी के विश्वास पर खरे उतरे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए डीबीटी से राशि भेजी जा रही है। सरकार छोटे-बड़े निवेशक और उद्योगपतियों में भेदभाव नहीं करती है। सरकार हर एक को उद्योग प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार ने भी 5 साल में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। इसमें औद्योगिक विकास के लिए बजट राशि में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया है। पूरे साल औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रदेशभर में संचालित की जाएंगी। 27 अप्रैल को इंदौर में होगी आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस और आरआईसी के सफल आयोजन के बाद अब प्रदेशभर में जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की जा रही है। ऐसी पहली आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश के अंदर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करेगी, साथ ही रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के बाहर से भी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मध्यप्रदेश के सभी 10 संभागों में उद्योगों के लोकार्पण और भूमि-पूजन की शुरुआत चंबल के भिंड से हो चुकी है। इसके बाद उज्जैन में 27 इकाइयों का दूसरा भूमि-पूजन कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार उद्योग-व्यापार को नई दिशा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंसल्टेंट समेत क्षेत्र के विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। सबका साथ सबका विकास ही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना: मंत्री सारंग खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है। प्रदेश हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम को छूने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। राष्ट्र के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है। सबका साथ-सबका विकास और राष्ट्र निर्माण का संकल्प यही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन से मध्यप्रदेश के विकास का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्योग स्थापित करने और उन्हें बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमारी सरकार पूरी मदद दे रही है। 31 मार्च 2025 तक … Read more

मुख्यमंत्री ने म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक में कार्य प्रस्ताव का किया अनुमोदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगरों में चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट्स जल्द से जल्द पूरे किये जायें। सीवरेज के लिए स्थायी प्रकृति के काम हों। शहरों के वेस्ट वाटर का नदियों में निस्तारण (डिस्पोजल) न होने पाए, इससे हमारी नदियां प्रदूषित होने से बचेंगी। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट के साथ लिक्विड वेस्ट (गंदा पानी) के समुचित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं कंपनी के संचालक डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं कंपनी के संचालक श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास एवं कंपनी के संचालक श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त एवं कंपनी संचालक श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई एवं कंपनी के संचालक श्री पी.नरहरि, मुख्यमंत्री के सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिबी चक्रवर्ती एम. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर जल्द ही मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए अपने कार्य में महारत हासिल करने वाले अच्छे शहर नियोजकों को अर्बन कंपनी से जोड़ें। दोनों शहरों की भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इनकी सिस्टमेटिक प्लानिंग करें। सड़क, लोक परिवहन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट में विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञ व्यक्तियों को भी इस कंपनी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की बैठक कंपनी लॉ के मुताबिक नियमित रूप से कराई जाएं। इससे लंबित कार्य प्रस्तावों का समय-समय पर अनुमोदन किया जा सकेगा। साथ ही कंपनी के कार्यों में नियमितता आएगी और निर्माण कार्यों की लागत भी नहीं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। सभी कामों के लिए एक्शन प्लान बना कर कार्यवाही की जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में नर्मदा नदी के आसपास करीब 12 सीवरेज निर्माण कार्य जारी है, इनमें से 10 कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंपनी यह तय करें कि शहरों के वेस्ट से नदियां प्रदूषित न होने पाए। नदियां हमें जीवन देती हैं और उन्हें अविरल प्रवाहमान बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में क्ष्िाप्रा नदी में किसी भी सूरत में प्रदूषण न होने पाए इसके लिए सीवरेज प्रबंधन के समुचित उपाय किए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचालक मंडल द्वारा रखे गए सभी कार्य प्रस्तावों एवं भावी आवश्यकताओं के अनुसार कंपनी में पद सृजन प्रस्ताव को अनुमोदन दिया। बैठक में संचालक मंडल के स्वतंत्र संचालकों के रूप में श्री के.के. सिंह व श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव के पूरे हो चुके कार्यकाल के विस्तार का अनुमोदन किया गया। साथ ही अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री चक्रवर्ती ने मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन से लेकर अब तक किए गए कार्यों और इनकी उपयोगिता का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि कंपनी का गठन 1 जनवरी 2015 को किया गया था। कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी नगरों में नागरिकों की बेहतरी एवं सुविधा विस्तार के लिए शहरी विकास एवं नियोजन से जुड़े सभी श्रेणी के कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में कंपनी द्वारा शहरी नियोजन के लिए करीब 8000 करोड़ रुपए का दीर्घकालीक ऋण लेकर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में 76 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, वर्तमान में 86 निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।  

पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को घर में 8 विकेट से हार दिया , प्लेयर ऑफ द मैच प्रभसिमरन सिंह बने

लखनऊ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-13 में पंजाब की टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी. इस मुकाबले में टॉस जीतकर पंजाब की टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ की टीम ने 7 विकेट खोकर 171 रन बनाए थे. बदोनी और अब्दुल समद ने शानदार बल्लेबाजी की थी. इसके जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. लेकिन प्रभसिमरन, अय्यर और नेहाल के ताबड़तोड़ अंदाज के दम पर पंजाब ने 17वें ओवर में ही जीत हासिल की. उन्होंने लखनऊ को 8 विकेट से हराया. अय्यर ने छक्के से अपना अर्धशतक पूरा किया और अपनी टीम को जीत दिलाई. यह मैच लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. ऐसे रही लखनऊ की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की टीम की शुरुआत ही बेहद खराब रही. पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर मिचेल मार्श अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बाद चौथे ओवर में मारक्रम भी 28 रन बनाकर आउट हो गए. अगले ही ओवर में पंत को मैक्सवेल ने शिकार बना लिया. वो केवल 2 रन ही बना सके. इसके बाद पूरन ने कुछ अच्छे शॉट लगाए और 44 रन की पारी खेली लेकिन चहल ने उन्हें अपना शिकार बनाया. वहीं, 16वें ओवर में डेविड मिलर भी आउट हो गए. इसके बाद मिलर और बदोनी ने शानदार बल्लेबाजी की. बदोनी ने 41 और समद ने 27 रनों की पारी खेली. जिसके दम पर लखनऊ ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 171 रन बनाए. पंजाब ने ऐसे किया चेज 172 रनों के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत धमाकेदार रही. प्रियांश आर्या भले ही 8 रन बनाकर तीसरे ही ओवर में आउट हो गए. लेकिन प्रभसिमरन सिंह ने अपना  आक्रामक अंदाज नहीं छोड़ा. प्रभसिमरन ने 34 गेंद में 69 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर लखनऊ से ये मैच छीन लिया. वहीं, श्रेयस अय्यर ने सधी हुई बल्लेबाजी की. अय्यर ने नाबाद 52 रन बनाए. वहीं, नेहाल ने भी 43 रनों की पारी खेली.  इसकी बदौलत पंजाब ने 3.5 ओवर शेष रहते ही ये मुकाबला 8 विकेट से जीत लिया. प्रभसिमरन सिंह बने मैच के हीरो लखनऊ से जीत के लिए मिले 172 रनों के टारगेट का पीछा करने के लिए पंजाब की ओर से प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य ने पारी की शुरुआत की. आर्य 8 रन बनाकर चलते बने लेकिन सिंह ने धमाकेदार पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया. उन्होंने 23 बॉल में 6 चौके और 3 छक्कों के साथ अपना अर्धशतक पूरा किया. प्रभसिमरन ने 34 बॉल में 9 चौके और 3 छक्कों के साथ 69 रनों की पारी खेली. 27 करोड़ की कीमत वाले ऋषभ पंत फिर फ्लॉप! सबसे महंगे खिलाड़ी सबसे फीका प्रदर्शन बता दें कि ऋषभ पंत को लखनऊ की टीम ने 27 करोड़ की मोटी रकम देकर अपनी टीम मे शामिल किया था. लेकिन पंत की बल्लेबाजी ने फैंस को निराश ही किया है. अबतक खेले तीन मैच में पंत के बल्ले से कुल 17 रन ही निकले हैं. ऐसा रहा है प्रदर्शन लखनऊ ने इस सीजन का आगाज दिल्ली कैपिटल्स के साथ खेले गए मुकाबले से किया था. अपने इस पहले मैच में ऋषभ पंत खाता भी नहीं खोल सके थे. कुलदीप यादव ने उन्हें अपना शिकार बनाया था. वहीं, दूसरे मैच में भी पंत केवल 15 रन बना सके थे. हर्षल पटेल ने उन्हें आउट किया था. तीसरे मैच में जब टीम अपने होमग्राउंड पर खेल रही थी तो पंत से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी. लेकिन पंत केवल 2 रन बनाकर मैक्सवेल का शिकार हो गए. वो ऐसे समय पर अपना विकेट गंवाकर गए जब लखनऊ पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा चुकी थी. यह मुकाबला आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे (ऋषभ पंत) और दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी (श्रेयस अय्यर) के बीच है. ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में एलएसजी ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि श्रेयस अय्यर 26.75 करोड़ रुपये में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े.

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को दी जाएगी आर्थिक सहायता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रूपए और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय के लिए दुर्घटना स्थल पर (बनासकांठा) भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि संकट की इस दु:खद घड़ी में हमारी सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।  

राजभवन में हुआ बिहार, राजस्थान और ओडिशा के स्थापना दिवस का संयुक्त समारोह

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थापना दिवस पर हमारे देश की मूल पहचान और सम्मान को बढ़ाने का संकल्प दिवस है। इसे अपनी विरासत को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने के संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे सभी राज्यों ने हमेशा अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के द्वारा राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। इस गौरवपूर्ण धरोहर को सहेजने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का कार्य करना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्यों के स्थापना दिवस देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के उत्सव है। भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता की धरोहरों के संरक्षण, संकल्प “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” का शानदार प्रदर्शन है। राज्य का स्थापना दिवस को मनाना प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने का प्रसंग है। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित बिहार, राजस्थान और ओडिशा के स्थापना दिवसों के संयुक्त समारोह में राज्यों के मूल निवासी मध्यप्रदेश में निवासरत नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता, पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेंत्र सुश्री प्रीति अग्रवाल, निदेशक डाक सेवाएं श्री भरत कुमार डालमिया और राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव मंचासीन थे। राज्यपाल ने सिकल सेल पर डाक विभाग के विशेष आवरण का किया अनावरण इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल एनीमिया रोग जन जागृति पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण एवं विरूपण मोहर का अनावरण किया। पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेंत्र सुश्री प्रीति अग्रवाल ने बताया कि डाक टिकट देश विदेश में जन जागृति के प्रभावी माध्यम होते हैं। डाक विभाग द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर सिकल सेल एनीमिया रोग पर डाक टिकट जारी किया गया था। इसी क्रम में जारी विशेष आवरण के अनावरण के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यपाल श्री पटेल को देवी अहिल्या पर डाक विभाग द्वारा जारी टिकट की पेंटिंग भेंट की। राज्यपाल ने विशेष आवरण के रूपांकन में सहयोगी एम्स भोपाल के चिकित्सक डॉ. रजनीश जोशी और डॉ. अनन्य सम्पत का सम्मान किया गया। बिहार भारतीय सभ्यता और संस्कृति का उत्पत्ति स्थल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बिहार, ओडिशा और राजस्थान राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य हमारी अनेकता में एकता के गुलदस्ते का वह मोती है, जो भारतीय सभ्यता और संस्कृति के उत्पत्ति स्थल के रूप में जाना जाता है। यहाँ की भूमि ने हमेशा ज्ञान, शिक्षा और धर्म के क्षेंत्र में योगदान दिया है। पाटलिपुत्र, वर्तमान पटना ही वह स्थान है, जहाँ से भारत के सम्राटों और महान विचारकों ने इतिहास रचा था। बिहार के लोगों ने चाहें वह कृषि क्षेंत्र हो, उद्योग हो या फिर सेवा क्षेंत्र, हर जगह अपनी कड़ी मेहनत से पहचान बनाई है। राजस्थान ने मानवता के उत्थान में दिया योगदान राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वीरों की भूमि राजस्थान ने हमेशा मानवता के उत्थान में योगदान दिया है। हमेशा देश और दुनिया को अपनी कला, साहित्य, इतिहास और भव्यता से मंत्रमुग्ध किया है। राजस्थान राज्य का गठन केवल प्रशासनिक घटना नहीं, राज्य की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने का प्रसंग था। राजस्थान की विविधता और उसकी संपूर्णता की पहचान उसकी संस्कृति, रीति-रिवाज, लोककला, संगीत, नृत्य और वस्त्रों में बसी हुई है। यहाँ की लोक कला, संगीत और नृत्य ने विश्वभर में राजस्थान का नाम रोशन किया है। यहां का थार रेगिस्तान, अरावली की पहाड़ियाँ, ऐतिहासिक किले और मंदिर राज्य की अद्वितीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं। राज्यपाल ने समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कलाकारों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए बधाई दी। ओडिशा देश का सांस्कृतिक केंद्र राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देवस्थली ओडिशा की भूमि ने हमेशा देश और दुनिया को अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहर और उत्कृष्ट कला से प्रभावित किया है। यह देश का सांस्कृतिक केंद्र है, जिसकी भूमि पर प्राचीन सभ्यताएँ फली-फूलीं है।  विश्व में उड़ीसा के मंदिरों, किलों और ऐतिहासिक स्थलों से देश की पहचान बनी है। विशेषकर कटक, भुवनेश्वर, पुरी और जगन्नाथ मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल उड़ीसा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रमुखता से प्रस्तुत करते हैं। राज्यों के राज्यपालों के संदेश का हुआ प्रसारण कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, ओडिशा के राज्यपाल श्री हरि बाबू कंभमपति का वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया और राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे के संदेश का वाचन किया गया। राज्यों के सांस्कृतिक वैभव का हुआ प्रदर्शन समारोह में बिहार, राजस्थान और ओडिशा के राज्यों की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई। बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के कलाकार सुश्री नीतू सक्सेना एवं साथियों ने बिहारी के लोक नृत्य ‘अब हम चलते हैं बिहार की ओर और देखते हैं बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के द्वारा तैयार बिहारी लोक नृत्य झिझिया, चैती, चैतावर गीत, कज़री, छठपूजा की झलक और बिहारगान की संयुक्त प्रस्तुति दी। राजस्थान सांस्कृतिक परिषद के कलाकारों सुश्री ऋचा सैनी, रूचि एवं साथियों ने कालबेलिया, सुश्री नेहा एवं साथियों ने 13 ताली नृत्य की प्रस्तुति दी। 

यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का लिया निर्णय

फरीदाबाद यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का निर्णय लिया है। सुबह सात बजे से सुबह साढ़े दस बजे तक तथा शाम पांच बजे से रात दस बजे तक सार्वजनिक मार्गों पर प्रवेश व पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। इन रूटों पर प्रतिबंध यह प्रतिबंध दिल्ली-मथुरा रोड के दोनों ओर तथा झाड़सेंतली ट्रांसपोर्ट नगर से बदरपुर बॉर्डर तक हाईवे की साइड लेन पर, ट्रांसपोर्ट नगर से सेक्टर-58, सेक्टर-24-25 व अन्य आंतरिक मार्गों पर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिंक रोड पर, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे से बल्लभगढ़ की ओर आते-जाते समय चंदावली व मच्छगर के मुख्य मार्ग पर, सोहना पाली, धौज होते हुए फरीदाबाद आने वाले मार्ग पर, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर लागू रहेगा। डीसीपी जसलीन कौर ने बताया कि यह आदेश आपातकालीन वाहनों जैसे पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड वाहन, एंबुलेंस, सेना व अर्धसैनिक बलों से संबंधित वाहनों पर लागू नहीं होगा। किसी अन्य आवश्यक आपूर्ति से संबंधित वाहन छूट पाने के लिए नियमानुसार आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली की सड़कों पर रात के समय भारी ट्रक और कमर्शियल वाहन मौत बनकर दौड़ते हैं। यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले इन चालकों की चपेट में आकर अक्सर लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में इन भारी वाहनों से 122 सड़क हादसे हो चुके हैं। ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध इन भारी वाहनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी की सड़कों पर प्रवेश निषेध प्रतिबंधों को और कड़ा कर रही है और अब ऐसे ओवरलोड वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा। इन वाहनों में भारी परिवहन और माल वाहन, टेंपो, क्रेन, ट्रैक्टर और डिलीवरी वैन भी शामिल हैं, जिनमें से करीब 48 फीसदी परिवहन और माल वाहन हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 तक मालवाहक वाहनों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2023 में इन वाहनों से जुड़ी ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या कम से कम 267 थी, जो 2024 में बढ़कर 294 हो गई। इससे पहले, 2021 में यह कम से कम 240 और 2022 में कम से कम 258 थी। 2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें इन भारी वाहनों के कारण 2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें हुई हैं। वाणिज्यिक वाहनों पर अंकुश लगाने में एक बड़ी चुनौती कानून प्रवर्तन है। मौजूदा नो-एंट्री नियमों के बावजूद, कई ट्रक अवैध रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। 2024 में नो-एंट्री उल्लंघन के लिए 93,684 चालान जारी किए गए, जबकि एक साल पहले 66,459 चालान जारी किए गए थे।

आ गई खुशखबरी: औरंगाबाद-पटना के बाद एक और NH का होगा निर्माण, इस रूट पर बिछेगी रेल लाइन

औरंगाबाद काराकाट लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे महाबली सिंह ने कहा कि औरंगाबाद-पटना के बाद एनएच-139 का निर्माण होगा। इसके लिए लगातार पहल और प्रयास कर रहे हैं। उनसे यहां सिंचाई विभाग के अतिथि गृह में यह सवाल किया था कि नितिन गडकरी की घोषणा के बावजूद यह सड़क फोरलेन क्यों नहीं बन रही है। इस पर उन्होंने यह जानकारी दी कि वह लगातार प्रयासरत हैं। अनुग्रह नारायण रोड से बिहटा रेलवे लाइन के निर्माण पर जब यह पूछा गया कि आंदोलन इस रेलवे लाइन के लिए हो रहा है और निर्माण की स्वीकृति औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक के लिए ही दी गई, आगे क्या होगा। लक्ष्य 225 विधानसभा सीट जीतने का है- पूर्व सांसद उन्होंने कहा कि डीपीआर बन गया है। अब इस योजना को रोका नहीं जा सकता। रेलवे लाइन बनेगा ही। विपक्ष द्वारा लगातार हमले किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।  एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। लक्ष्य 225 विधानसभा सीट जीतने का है। यह 226 हो सकता है, इससे कम नहीं होने वाला है। महाबली सिंह के साथ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष दीपक पटेल, संजय पटेल, पप्पू गुप्ता, नगर अध्यक्ष छात्र जदयू मंगल चंद्रवंशी, रूपेश कुमार, अमरेश पटेल, आशुतोष पटेल एवं उपस्थित रहे। एनडीए की बैठक से संबंधित वायरल एक फोटो के बारे में सवाल पूछे जाने पर महाबली सिंह ने कहा कि एनडीए के हर दल के नेता की उपस्थिति अनिवार्य थी न कि हर जाति के नेता की उपस्थिति अनिवार्य थी। उन्होंने कहा कि 6,000 से अधिक जातियां हैं, सब की उपस्थिति संभव नहीं है। एनडीए का लक्ष्य है जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी। इस पर काम किया जा रहा है और हर जाति को सम्मान देना और उनके विकास के लिए काम करना हमारा काम है। सीटों की संख्या पर क्या बोले महाबली? प्रत्याशियों की सूची या सीटों की संख्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय पर दलों को कितनी सीट मिली यह भी बता दिया जाएगा और कौन कहां से प्रत्याशी हैं यह भी जानकारी दी जाएगी। फिलहाल धीरज रखें। यह पूछने पर कि नीतीश कुमार के कार्यकाल के तीन बड़े काम बताएं तो वह जंगल राज की याद दिलाने लगे। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले क्या था। सबसे बड़ा काम तो यही है कि गंगा राज से मुक्ति मिली। सड़क, नाली, स्वास्थ्य समेत कई काम उन्होंने गिरना शुरू कर दिया।  

ऐसी सायंकालीन अदालतें सभी कार्य दिवसों में शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच काम करेंगी, किन मामलों की होगी सुनवाई, जाने

भुवनेश्वर देश भर की जिला अदालतों में लंबित मामलों के भारी बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय कानून मंत्रालय देश में 785 सायंकालीन अदालतों के काम करने की योजना बना रहा है। योजना के मुताबिक, मौजूदा अदालत परिसरों में ही शाम के समय ये सायंकालीन अदालतें काम करेंगी। इसके अधीन मामूली आपराध के मामले, मामूली संपत्ति विवाद के मामले और चेक विवाद के मामलों समेत ऐसे संक्षिप्त सुनवाई वाले मामले होंगे जिनमें अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस संबंध में विधि मंत्रालय ने एक कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया है, जिसे पिछले महीने सभी राज्यों को भेजा गया था। इस नोट में कहा गया है कि ऐसे सायंकालीन अदालतों में पिछले तीन वर्षों के भीतर रिटायर हुए जिला न्यायाधीशों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है। इस काम के बदले उन्हें देय भत्तों के साथ-साथ उनके अंतिम वेतन का 50% राशि बतौर पारिश्रमिक मिलेगी। कब से कब तक काम करेंगी ये अदालतें नोट में यह भी कहा गया है कि ऐसी सायंकालीन अदालतें सभी कार्य दिवसों में शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच काम करेंगी। इससे पहले के समय में नियमित अदालतें अपना काम सुचारू रूप से करेंगी। बाद में उन्हीं अदालतों की सुविधाओं का इस्तेमाल सायंकालीन अदालतों के लिए किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीशों और सेवानिवृत्त अदालती कर्मचारियों को तीन साल की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा और उन्हें उनके अंतिम वेतन का 50% और लागू महंगाई भत्ता मिलेगा। यदि अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं, तो उन पर भी यही नियम लागू होंगे। किस-किस तरह के मामलों की होगी सुनवाई प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित अदालतें तीन साल से अधिक समय से लंबित वैसे छोटे आपराधिक मामलों की सुनवाई कर सकेंगी, जिसमें तीन साल तक के कारावास के दंड का प्रावधान है। इसके बाद 6 साल तक के कारावास वाले मामले शामिल किए जाएंगे। ओडिशा कानून विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, प्रस्ताव में सीआरपीसी- 1973 की धारा 260, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2024 की धारा 283 के तहत संक्षिप्त सुनवाई और निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट के तहत चेक डिजॉनर के मामले, सार्वजनिक उपद्रव के मामले और मामूली संपत्ति विवाद की सुनवाई इन अदालतों में कराए जाने का प्रावधान है। इसके तहत उन मामलों को लक्षित किया जाएगा जिसमें लंबी सुनवाई की जरूरत नहीं है ताकि जल्द से जल्द बोझ खत्म किया जा सके।” सरकार का क्या मकसद अधिकारी ने कहा कि छोटे आपराधिक विवादों पर ध्यान केंद्रित करके, शाम की अदालतों से लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी लाकर सरकार वादियों के बीच निराशा दूर करने और न्यायपालिका में जनता का विश्वास बहाल करने की उम्मीद कर रही है। हिन्दुस्तान टाइम्स ने कॉन्सेप्ट नोट का अध्ययन किया है। यह योजना गुजरात के सफल मॉडल से प्रेरित है, जहां 2006 में सायंकालीनअदालतें शुरू की गईं थीं और बाद में 2014 में इसके तहत सुबह और शाम की पारिवारिक अदालतों को भी शामिल करते इसका विस्तार किया गया है। देश में कितने मामले लंबित बता दें कि देश की अदालतों में लंबित मामलों का अंबार है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 21 फरवरी तक कुल 4.60 करोड़ मामले लंबित थे, जिनमें से 1.09 करोड़ सिविल मामले और 3.5 करोड़ आपराधिक मामले थे। इनमें से 44.55% मामले तीन साल से अधिक समय से लंबित हैं। अकेले ओडिशा में, इस वर्ष मार्च के अंत तक जिला न्यायालयों में 14,225 आपराधिक मामले लंबित हैं। इन लंबित मामले का एक प्रमुख कारण न्यायिक अधिकारियों की कमी है।

मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है सड़कों का नेटवर्क, 405 करोड़ की लागत से बनेगी नर्मदापुरम-हरदा सड़क

नर्मदापुरम  एमपी में नर्मदापुरम-हरदा सड़क का निर्माण 405 करोड़ की लागत से होगा। विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने स्थानीय रेस्ट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में बताया कि नर्मदापुरम से हरदा तक 10 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसकी लागत 405 करोड़ रुपए होगी। सड़क निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। लोगों के समय की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।  उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। किसानों को पर्याप्त वोल्टेज और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया गया है। जिन ग्रामों में सड़कें नहीं थीं, उन्हें भी बजट में शामिल कर स्वीकृति दी है। डोलरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन किया है। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का भी निर्माण किया जा रहा है। शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम श्री महाविद्यालय और पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की गई है। साथ ही नए विद्यालयों का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया है। इन सभी विकास कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सड़क व पुल निर्माण की मिली स्वीकृति सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण की विधायक विजयपाल सिंह ने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की है। स्वीकृति लोक निर्माण विभाग की वित्तीय व समिति की बैठक में ली। भाजपा मंडलाध्यक्ष अश्वनी सरोज ने बताया विधायक विजयपाल सिंह ने लोनिवि वित्तीय व्यय समिति की 108 वीं बैठक में विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति ली है। जिसमें सोहागपुर से निभौरा, पंचवटी, रैनीपानी, पाठई, उरदौन, मगरिया, कामठी-घोघरी तथा घोघरी से सारंगपुर मार्ग स्वीकृत कराया है। जिसकी लंबाई 24.30 किमी है और लागत 33 करोड़ 14 लाख 91 हजार रुपए है। इसी प्रकार बाबई-नसीराबाद मार्ग में बाकुड़ नदी पर सेतु निर्माण होगा। जिसकी लागत छह करोड़ छह लाख 82 हजार रुपए है। सूकरी से मनकवाडा मार्ग भी स्वीकृत कराया है, जिसकी लंबाई एक किमी व लागत 3 करोड़ 5 लाख रुपए है।

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