LATEST NEWS

चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर चौथे दिन ‘आयुष्मान’ योग समेत बन रहे हैं 6 अद्भुत संयोग

नई दिल्ली वैदिक पंचांग के अनुसार, आज चैत्र नवरात्र की चतुर्थी एवं पंचमी तिथि है। चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा एवं साधना की जाती है। साथ ही मां कूष्मांडा के निमित्त नवरात्र के चौथे दिन का व्रत रखा जाता है। ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र नवरात्र के चतुर्थी और पंचमी तिथि पर दुर्लभ आयुष्मान योग समेत कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में मां कूष्मांडा (Navratri 2025 Day 4 Ayushman Yoga) की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। आइए, शुभ योग और मुहूर्त जानते हैं-   शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि रात 11 बजकर 49 मिनट है। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर जगत जननी आदिशक्ति देवी मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। रवि योग चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रवि योग (Navratri Ravi Yoga) का भी संयोग बन रहा है। रवि योग सुबह 06 बजकर 10 मिनट से लेकर 08 बजकर 49 मिनट तक है। इस योग में देवी मां कूष्मांडा की पूजा-भक्ति करने से सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही आरोग्य जीवन का वरदान मिलेगा। आयुष्मान योग   चैत्र नवरात्र के चौथे और पांचवें दिन दुर्लभ आयुष्मान योग (Navratri Ayushman Yoga) का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग देर रात 02 बजकर 50 मिनट तक है। आयुष्मान योग में मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सर्वार्थ सिद्धि योग (Navratri Yoga) का भी निर्माण हो रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग दिन भर है। इस दौरान मां स्कंदमाता की पूजा करने से सभी प्रकार के शुभ कामों में सिद्धि मिलती है। नक्षत्र एवं करण चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि यानी चौथे दिन कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र का संयोग है। इसके साथ ही बव, बालव और कौलव करण के योग बन रहे हैं। ज्योतिष बव, बालव और कौलव करण को शुभ मानते हैं। इन योग में जगत जननी देवी मां दुर्गा और उनके रूपों की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृ्द्धि होगी। पंचांग     सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 10 मिनट पर     सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 40 मिनट पर     चन्द्रोदय- सुबह 08 बजकर 42 मिनट पर     चंद्रास्त- शाम 10 बजकर 25 मिनट पर     ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 38 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक     विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक     गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 38 मिनट से 07 बजकर 01 मिनट तक     निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक  

सीपीएम को जमीनी स्तर पर वैचारिक काम को मजबूत करने की जरूरत: प्रकाश करात

नई दिल्ली  सीपीएम के सीनियर नेता प्रकाश करात ने बीजेपी और आरएसएस की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि हम बीजेपी-आरएसएस से लड़ने की बात करते हैं, लेकिन चुनाव के समय। आरएसएस सांस्कृतिक, सामाजिक क्षेत्रों में काम करता है। करात ने अपनी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बीजेपी और संघ की संगठनात्मक रणनीति से सबक लेने की जरूरत पर जोर दिया। अपनी पार्टी की रणनीति पर उठाए सवाल इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में करात ने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान भाजपा-आरएसएस की तारीफ नहीं, बल्कि सीपीएम की कमियों को उजागर करने और उसका मुकाबला करने की रणनीति पर आत्म-चिंतन है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वामपंथी दल देश में घटते प्रभाव और पश्चिम बंगाल व केरल जैसे अपने गढ़ों में भी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ‘RSS कई स्तरों पर सक्रिय, हम कहां’ करात ने कहा, “हम भाजपा, आरएसएस और हिंदुत्व ताकतों से लड़ने की बात करते हैं। लेकिन वे कैसे बढ़े हैं? हम ज्यादातर पार्टियों की तरह चुनाव के समय ही संगठन और लड़ाई पर ध्यान देते हैं। आरएसएस सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में काम करता है, कई स्तरों पर सक्रिय है। हम कहां हैं?” ‘RSS का मुकाबला करने के लिए करना होगा काम’ उनका यह बयान सीपीएम की उस पुरानी आलोचना को पर जोर देता है, जिसमें कहा जाता है कि पार्टी वैचारिक स्तर पर सक्रियता के बजाय चुनावी राजनीति में उलझी रहती है। हालांकि, करात ने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं कि उनकी पार्टी को आरएसएस की नकल करनी चाहिए, बल्कि उसका मुकाबला करने के लिए प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए। ‘वामपंथ लोगों की आस्था का विरोधी नहीं’ बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले करात का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुला, जबकि केरल में वह सत्ता में बनी हुई है। करात का यह बयान 2022 में हुए पार्टी कांग्रेस के उस प्रस्ताव से भी जुड़ा है, जिसमें धार्मिक आस्थावानों के बीच काम करने और उन्हें यह समझाने का निर्देश दिया गया था कि वामपंथ उनकी आस्था का विरोधी नहीं, बल्कि धर्म के राजनीतिक दुरुपयोग का खिलाफ है। करात ने माना कि इस दिशा में पार्टी नाकाम रही है। उन्होंने आगे कहा, “हमें लोगों को यह बताना होगा कि हम उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि धर्म को हथियार बनाने के खिलाफ हैं।” करात का मानना है कि अगर सीपीआईएम को अपनी प्रासंगिकता बनाए रखनी है, तो उसे चुनावी लड़ाई से इतर जमीनी स्तर पर वैचारिक काम को मजबूत करना होगा। माना जा रहा है कि करात का यह बयान वामपंथी आंदोलन में एक नई बहस को जन्म दे सकता है। जहां एक ओर यह पार्टी के भीतर आत्म-आलोचना की परंपरा को दर्शाता है, वहीं यह सवाल भी उठता है कि क्या सीपीएम अपनी पुरानी रणनीति में बदलाव के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या करात के इस आह्वान का असर पार्टी की कार्यशैली पर पड़ता है या यह महज एक सैद्धांतिक चर्चा बनकर रह जाता है।

इंदौर नगर निगम को पहली बार प्राप्त राजस्व का आंकड़ा ₹1000 करोड़ के पार निकला!

इंदौर इंदौर में IMC Revenue ने कमाल कर दिया! Indore Tax Collection के जरिए इंदौर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (IMC) ने 1000 Crore Milestone पार कर लिया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ये रिकॉर्ड पिछले साल के 785 करोड़ से 27.5% ज्यादा है। प्रॉपर्टी टैक्स, वॉटर टैक्स और अन्य सेवाओं से ये उपलब्धि हासिल हुई, जिसके लिए IMC ने आखिरी दिन देर रात तक काउंटर खुले रखे। तो भिया बात कुछ ऐसी है की वैसे तो हम इन्दोरियो के लिए रिकॉर्ड बनाना आम बात है, फिर चाहे वो साफ-सफाई को लेकर हो या फिर पोहा खाने को लेकर, लेकिन भिया हमारा IMC भी कुछ कम नहीं हे, इंदौर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (IMC) ने IMC Revenue में इतिहास रच दिया भिया है। फाइनेंसियल ईयर 2024-25 में Indore Tax Collection के जरिए IMC ने 1000 Crore Milestone को पार कर लिया, जो पिछले साल के 785 करोड़ से 27.5% ज्यादा निकला। इंदौर में IMC ने 1000 करोड़ का revenue कलेक्शन पार किया, पिछले साल से 27.5% ज्यादा टैक्स वसूली, प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स से बनी रिकॉर्ड, जानें कैसे हुआ ये कमाल। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन होने की वजह से IMC ने अपने काउंटर देर रात तक चालू रखे, रात 8:30 बजे तक 1000 करोड़ का आंकड़ा पार हो गया। मेयर पुष्यमित्र भार्गव भिया और IMC कमिश्नर शिवम वर्मा जी ने बताया कि टैक्सपेयर्स की जागरूकता, सख्ती और रेगुलर मॉनिटरिंग की वजह से ये पॉसिबल हो पाया। IMC Revenue में 1000 Crore Milestone कैसे हासिल हुआ? IMC Revenue में 1000 Crore Milestone तक पहुंचने के लिए IMC ने कई कदम उठाए। Indore Tax Collection को बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स पर फोकस किया गया। वॉटर टैक्स कलेक्शन पिछले साल के 29 करोड़ से बढ़कर 125 करोड़ तक पहुंच गया। IMC ने 34 सरकारी विभागों से बाकी टैक्स वसूलने के लिए दिसंबर से अभियान शुरू किया, और 108 कॉलोनियों को लोअर टैक्स स्लैब से हायर स्लैब में शिफ्ट किया। सख्ती भी दिखाई गई, जैसे भिचोली मर्दाना में 12.35 लाख रुपये के बाकी टैक्स की वजह से एक प्रॉपर्टी सील करदी। Indore Tax Collection की सक्सेस और मिडिल क्लास पर बढ़ता टैक्स का प्रेसर Indore Tax Collection की इस सफलता से IMC की फाइनेंशियल हेल्थ मजबूत हुई है, और इसका इस्तेमाल शहर की इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में होगा, जैसे बिलावली लेक को वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाना। लेकिन IMC Revenue बढ़ाने के लिए की गई सख्ती से कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। इंदौर में प्रॉपर्टी टैक्स और वॉटर टैक्स के रेट पहले से हाई हैं, और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन फीस भी फ्री नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से मिडिल क्लास पर प्रेसर बढ़ रहा है। दूसरी तरफ, IMC का कहना है कि रेगुलर रिव्यू और मॉनिटरिंग की वजह से ये रिकॉर्ड बना

अब बेहतर वित्तीय पहुंच और दक्षता में होगी बढ़ोत्तरी: मंत्री काश्यप

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इकाइयों का निवेश और टर्न ओवर (कारोबार) का दायरा बढ़ाकर ढ़ाई गुना कर दिया गया है। राज्य शासन ने एक अप्रैल 2025 से नए नियम प्रभावी कर दिए हैं। एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि इस नए बदलाव से मध्यप्रदेश में नवीन उद्योग धंधों का विकास होगा और सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की दक्षता में वृद्धि, तकनीकी उन्नयन और बेहतर वित्तीय पहुंच हो सकेगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा जारी की गई अधिसूचना अनुसार 1 अप्रैल 2025 से सूक्ष्म उद्यम के निवेश की सीमा एक करोड़ से बढ़ा कर 2 करोड़ 50 लाख और कारोबार की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रूपये की गई है। पूर्व में निवेश की सीमा एक करोड़ तथा टर्न ओवर (कारोबार) की सीमा 5 करोड़ रूपये थी। इसी तरह लघु उद्यम श्रेणी में निवेश की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ और करोबार की सीमा को 50 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ कर दिया गया है। मध्यम उद्यमों में निवेश की सीमा अब 125 करोड़ होगी तथा टर्न ओवर 500 करोड़ का होगा। पहले यह सीमा निवेश के लिये 50 और कारोबार के लिये 250 करोड़ नियत थी। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने भी 21 मार्च 2025 को तत्संबंध में अधिसूचना जारी की है।  

संस्थाओं को प्रति माह किए गये व्यय की जानकारी भी विभागीय पोर्टल पर दर्ज करानी होगी

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से संबंधी सभी शासकीय और मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाएँ वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान प्रदान करने की प्रक्रिया को पूर्णत: पारदर्शी बनाया गया है। अब संस्थाएँ ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने कहा कि विभाग द्वारा शासकीय और अशासकीय मान्यता प्राप्त संस्थाओं, जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र को अनुदान के आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। यह संस्थाएँ विभागीय पोर्टल पर अपनी संस्था की सम्पूर्ण जानकारी सहित मांग पत्र जिला कार्यालय को प्रेषित करेंगी। जिला कार्यालयों द्वारा स्वीकृति और अस्वीकृति पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। जिला स्तर पर आवंटन की अनुपलब्धता की स्थिति में अनुशंसा सहित मांग पत्र संचालनालय को प्रेषित किया जाएगा। संस्थाओं को प्रति माह किए गये व्यय की जानकारी भी विभागीय पोर्टल पर दर्ज करानी होगी।  

MP के रीवा शहर में बनेगा कैंसर अस्पताल, अब मरीजों को नहीं जाना होगा भोपाल

रीवा मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और कैंसर अस्पताल की सौगात मिलने वाली है, इस बात की जानकारी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने दी है. उन्होंने बताया कि कैंसर अस्पताल के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं, एक से डेढ़ साल के बीच ही अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, वहीं अस्पताल के लिए मशीनों के एडवांस में ऑर्डर भी दे दिए गए हैं. यह कैंसर अस्पताल में विंध्य अंचल में खुलेगा ऐसे में अब यहां के मरीजों को भोपाल या इंदौर जाने की जरुरत नहीं होगी, क्योंकि उन्हें उनके ही घर में कैंसर का इलाज मिलना शुरू हो जाएगा.  कैंसर एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। यह जिसे भी हो जाए उसके परिवार को तबाह करके रख देती है। समय पर यदि इसका इलाज ना मिले, तो यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा कर उसकी जान ले सकती है। कैंसर का नाम सुनते ही लोगों की हक्की-बक्की गुम हो जाती है। कैंसर का इलाज काफी महंगा भी है, लेकिन कुछ ऐसे भी संस्थान है, जहां फ्री में या फिर बहुत ही कम पैसे में इसका इलाज कराया जाता है। जो लोग कैंसर से पीड़ित हो जाते हैं, उन्हें जीवन भर डॉक्टर की निगरानी में रहना पड़ता है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के रीवावासियों के लिए खुशखबरी है। बता दें कि जिले में कैंसर अस्पताल बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि आने वाले 1 से डेढ़ साल में यहां कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। स्थानीय लोगों को फायदा मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यहां निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल के लिए मशीनों के एडवांस आर्डर भी दे दिए गए हैं। जिसकी जानकारी खुद मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दी है। उन्होंने बताया कि काफी लंबे समय से इस प्रोजेक्ट पर विचार किया जा रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल को बनाने का निर्णय लिया गया। जिसमें पहले 200 बेड की व्यवस्था की जाएगी। इस अस्पताल के बनने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। मिलेगा बेहतर इलाज रीवा के लोगों को इलाज के लिए टाटा मेमोरियल या फिर भोपाल एम्स जाना पड़ता था, लेकिन रीवा में ही कैंसर अस्पताल बनने के बाद उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी। यहां उन्हें बेहतर इलाज मिल पाएगा। करोड़ों की लागत से बन रहे इस अस्पताल में मरीज को बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। कैंसर की अस्पताल में 20 से 25 करोड़ की लागत की कई मशीन लगाई जाएगी। जिसकी मदद से पहले स्टेज में ही कैंसर का पता लगाया जाएगा। साथ ही इसका इलाज भी शुरू कर दिया जाएगा। एक से डेढ़ साल में बनेगा अस्पताल के बनने से रीवा के लोगों को अब इलाज के टाटा मेमोरियल और भोपाल एम्स नहीं जाना पड़ेगा। रीवा में ही उन्हें बेहतर इलाज हो पाएगा, अगले एक से डेढ़ साल में कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। करोड़ों रुपयाें की मशीनों से होगा इलाज बता दें कि, कैंसर के इलाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण मशीनों की जरूरत होती है। जिनमें लीनियर एक्सीलरेटर, कोबाल्ट मशीन, पेट स्कैन समेत ब्रेकीथेरेपी मशीन भी शामिल है। अकेले लीनियर एक्सीलरेटर मशीन की कीमत 50 से 60 करोड़ रुपए की है।

वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में आज पेश होगा, सरकार के सामने विपक्षी दलों ने रख दी ये मांग

 नई दिल्ली  वक्फ संशोधन विधेयक आज बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक दोपहर 12 बजे विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विधेयक को पेश करने की जानकारी दी गई। विपक्ष ने बिल पर 12 घंटे चर्चा की मांग की। जबकि सरकार ने आठ घंटे का समय दिया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी करेगी। पार्टी के सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहना होगा। विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट सरकार के रुख से नाराज होकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया था । विपक्ष का आरोप था कि सरकार ने उनके किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से वॉकआउट किया क्योंकि सरकार अपना अजेंडा थोप रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात नहीं सुन रही है। वक्फ बिल पर 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत के मुताबिक समय बढ़ाया जा सकता है। हर पार्टी को अपनी बात रखने अधिकार है। हम बिल पर चर्चा कराना चाहते हैं। हमने इस मुद्दे पर सभी दलों से व्यापक चर्चा की है। वक्फ बिल पर व्यापक चर्चा की मांग विपक्षी दलों के सदस्यों ने कहा कि हमने वक्फ पर व्यापक चर्चा की। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा की बात कही। वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने को लेकर मुद्दा रखा। हालांकि, सरकार ने किसी भी मुद्दे पर विपक्ष की बात नहीं मानी। विपक्ष का कहना है कि हाउस सरकार की मनमर्जी से चल रहा है। विपक्ष को कोई जगह नहीं दी जा रही है। यह हाउस सिर्फ रूलिंग पार्टी का नहीं जनता का है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम लागातर वोटर कार्ड की बात कर रहे हैं। हमारी मांग नहीं मानी। उन्होंने कहा कि दूसरे मुद्दे थे। ये किसी पर भी चर्चा नहीं करने दे रहे। अभी तक नहीं मिलीं विधेयक की प्रतियां: बीजद सांसद बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, “जहां तक ​​विधेयक की बारीकियों का सवाल है तो इसकी प्रतियां अभी तक वितरित नहीं की गई हैं। इस विधेयक पर बीजद की गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि चिंता यह नहीं है कि जेपीसी की बैठक हुई, बल्कि यह है कि विपक्ष की आवाज पर विचार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि अब अगर दो दिन लोकसभा में ही चर्चा होगी तो राज्यसभा के लिए समय बचेगा क्या. किरेन रिजिजू ने कहा कि इतना अच्छा बिल हमलोग लेकर आए हैं, रिकॉर्ड में दर्ज होगा कि किसने समर्थन किया और किसने विरोध. उन्होंने ये भी कहा कि कल ही चर्चा होगी, जवाब होगी और लोकसभा से इसे पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं, बिल पर बोलने के लिए कुछ नहीं है तो बहाना मत बनाइए. खुलकर बोलिए. उन्होंने ये भी कहा कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है लेकिन बिल उसी दिन पारित कराना है. किरेन रिजिजू ने कहा कि बहुत से मुस्लिम भी इस बिल के समर्थन में हैं. जेपीसी में इतनी चर्चा हो चुकी है. इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. विपक्ष ने किया बैठक से वॉकआउट विपक्ष ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. सरकार की ओर से पहले चार से छह घंटे चर्चा का प्रस्ताव रखा गया था. विपक्षी दलों के नेता वक्फ बिल पर कम से कम 12 घंटे चर्चा की मांग कर रहे थे. सरकार की ओर से दो ही दिन का समय बचा होने की बात कहते हुए दो दिन तक चर्चा जारी रखने में असमर्थता जता दी. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक से वॉकआउट कर दिया. बाद में आठ घंटे चर्चा की बात पर सहमति बनी और सरकार की ओर से ये भी कहा गया कि चर्चा का समय और बढ़ाया भी जा सकता है. सांसदों को उत्तेजित न होने के निर्देश वक्फ बिल को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही सरकार नहीं चाहती कि कोई भी सदस्य उत्तेजित होकर ऐसा कुछ बोल जाए जिससे विपक्ष को हंगामा करने का कोई अवसर मिले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ जााए. इसलिए सभी सदस्यों से कहा गया है कि जिन्हें भी इस बिल पर चर्चा में शामिल होने का मौका मिले, वे अपनी बात मर्यादित तरीके से प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करके रखें. बोलते समय उत्तेजित न हों. बीजेपी ने सहयोगी दलों से भी अपने सभी सदस्यों की मौजूदगी सदन में सुनिश्चित करने के लिए कहा है.  

भारतीय महासागर के मध्य से ही पूरे चीन को भारतीय नौसेना की पहुंच आएगा,म इस कदम से

नईदिल्ली भविष्य में भारतीय नौसेना की नई अरिहंत-क्लास न्यूक्लियर-पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन S-4 में खतरनाक K-5 मिसाइल लगाई जाएगी. Indian Navy में K Series की कई मिसाइलें तैनात हैं. कुछ पनडुब्बियों में तो कुछ युद्धपोतों में. इस मिसाइल से चीन-पाकिस्तान की हालत खराब हो जाएगी. हिंद महासागर से दागी गई तो ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, चीन, रूस, मिडिल ईस्ट, यूरोप सब रेंज में आएंगे. पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली यह मिसाइल 5 से 6 हजार किलोमीटर तक मार कर सकेगी. यानी समंदर में रहकर पूरे देश की सुरक्षा कर पाएगी. अगली मिसाइल जो भारतीय नौसेना की पनडुब्बियों में लग सकती है, वो है K सीरीज की परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल K-5. यह सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है. इस मिसाइल को देश में ही डेवलप किया गया है. इसमें 2000 kg वजनी वॉरहेड लगा सकते हैं. वह पारंपरिक हो या फिर परमाणु हो. इसकी रेंज फिलहाल 5 से 6 हजार km बताई जा रही है. लेकिन हल्के वॉरहेड के साथ यह 8 से 9 हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है. इसे भारतीय रक्षा एवं विकास संगठन बना रहा है. अगर इस मिसाइल को भारतीय समुद्री क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में मौजूद पनडुब्बी से लॉन्च किया जाए तो चीन और पाकिस्तान के कई प्रमुख शहर किसी भी मिनट खत्म हो सकते हैं. इसे फिलहाल अरिहंत क्लास सबमरीन और एस-5 क्लास सबमरीन में लगाया गया है. भविष्य में बाकी पनडुब्बियों में भी लगाया जा सकता है. कई टारगेट पर हमला भी कर सकेगी K-5 बैलिस्टिक मिसाइल में राडार को धोखा देने की तकनीक और काउंटरमेजर्स भी लगाए जाने की उम्मीद है, ताकि दुश्मन को यह पता ही न चले कि मिसाइल कब और कहां से आ रही है. इसके अलावा इसमें MIRV तकनीक भी लगाई जा सकती है, ताकि एक ही बार में कई जगहों पर निशाना लगाया जा सके.  फिलहाल K-4 सीरीज की मिसाइलें भारत के पास फिलहाल K-4 सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा है. जिनकी रेंज 750 से 3500 km है. लेकिन जब नौसेना नई पनडुब्बियां बना रही है, तो उसे नई मिसाइलों की भी जरूरत होगी. ऐसे में K-5 और K-6 SLBM मिसाइलों की जरूरत है. ताकि ज्यादा रेंज तक हमला किया जा सके. इसके अलावा Agni-5 सीरीज की SLBM इस्तेमाल की जा सकती है. अग्नि-5 मिसाइल की ताकत को पूरी दुनिया जानती है. साथ ही चीन और पाकिस्तान तो खौफ खाते हैं. क्योंकि इसकी रेंज में पूरा पाकिस्तान और आधा चीन आता है. लेकिन के-सीरीज की एडवांस मिसाइलों को शामिल किया जा सकता है. अग्नि-5 SLBM की ताकत यह एक अंतरमहाद्वीपीय परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल है. जिसकी रेंज 7 से 8 हजार किलोमीटर है. इसमें एक साथ कई वॉरहेड लगा सकते हैं. यानी यह MIRV तकनीक से लैस है. एक ही मिसाइल से पांच टारगेट्स को हिट किया जा सकता है. इसमें 400 किलोग्राम वजनी परमाणु या पारंपरिक हथियार लगा सकते हैं. इसकी अधिकतम गति 30 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है.   K-6 मिसाइल भी दमदार यह मिसाइल अभी बनाई जा रही है. 39 फीट लंबी इस मिसाइल में 3 हजार किलोग्राम वजनी परमाणु हथियार लगा सकते हैं. इससे कई टारगेट्स पर निशाना लगाया जा सकता है. इसकी रेंज 8 से 12 हजार किलोमीटर होगी. इसे एस-5 सबमरीन में लगाने की योजना है.    

म्यांमार जैसे भूकंप का खतरा भारत में भी नकारा नहीं जा सकता: IIT कानपुर

कानपुर  म्यांमार और बैंकॉक में जबर्दस्त नुकसान पहुंचाने वाले भूकंप की जड़ सगाइन फॉल्ट है। इस फॉल्ट को इंटरनेट पर मैप के जरिए आसानी से देखा जा सकता है। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंसेज विभाग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि सागइन फॉल्ट बेहद खतरनाक है। सिलिगुड़ी में गंगा-बंगाल फॉल्ट है। इन दोनों फॉल्ट के बीच कई अन्य फॉल्टलाइंस हैं। ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक फॉल्ट की सक्रियता किसी दूसरे फॉल्ट को ट्रिगर न कर दे। जिससे भारत को भी खतरा है। लंबे समय से भूकंपों पर शोध कर रहे प्रो. जावेद मलिक के अनुसार, यह फॉल्ट अराकान से अंडमान और सुमात्रा तक फैले शियर जोन का हिस्सा है। इसकी भूकंपीय आवृत्ति 150-200 साल है और इसकी सक्रियता दूसरी फॉल्टलाइनों को ट्रिगर कर सकती है। हमें बड़े भूकंपों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। हिमालय में कई सक्रिय फॉल्टलाइंस हैं। सभी लोगों ने फ्रंटल हिस्सों पर काम किया है। फॉल्टलाइन ऊपर भी हैं। भारत की तरफ भी इशारा प्रो. मलिक ने कहा कि हम सिर्फ प्लेटबाउंड्री के आसपास ही भूकंप न देखें। ऊपर भी सेस्मिक गतिविधियां जारी हैं। पूर्वोत्तर और कश्मीर सेस्मिक जोन-5 में हैं। इस जोन में हमें ज्यादा रिसर्च की जरूरत है। गंगा-बंगाल फॉल्ट बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें भी सगाइन फॉल्ट जैसी हलचल है। शायद म्यांमार का भूकंप भारत के लिए इशारा हैं। गंगा बंगाल और सगाइन फॉल्ट के बीच डॉकी, कोपली, डिबरूचौतांग फॉल्ट जोन भी हैं। गंगा-बंगाल फॉल्ट भी सतह पर दिखता है। पूरा हिस्सा दबाव में प्रो. मलिक ने कहा कि आप ये नहीं कह सकते हैं कि सगाइन और गंगा बंगाल के बीच कुछ नहीं चल रहा। एक पूरा हिस्सा दबाव में है। वहां लगातार ऊर्जा एकत्रित हो रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि एक भूकंप दूसरे भूकंप को ट्रिगर नहीं करेगा। इसे ‘ट्रिगर स्ट्रेस’ कहते हैं। यहां ये देखना होगा कि क्या ऐसी गतिविधियां उत्तर से दक्षिण की तरफ बढ़ी हैं। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक ने कहा कि 2004 में सुमात्रा, अंडमान में एक भूकंप आया था। इस क्षेत्र के दक्षिण में 2005 में भूकंप आया था। अब ऊपर की तरफ भूकंप आने लगे हैं। ट्रिगर होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।  

संघ-भाजपा में तालमेल से जुड़े सुखद संकेत, नागपुर में हुआ संघ-भाजपा का महासंगम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय का दौरा बहु प्रतिक्षित था. पिछले साल बीजेपी और संघ के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बाद इस यात्रा पर पूरे देश की निगाहें थीं. हालांकि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कुछ समय में आरएसएस की तारीफों की पुल बांधे हैं उससे पहले से स्पष्ट था कि संघ और बीजेपी के बीच में अब कोई कटुता नहीं रह गई है. हेडगेवार स्मृति मंदिर जो आरएसएस के पहले दो सरसंघचालकों के.बी. हेडगेवार और एम.एस. गोलवलकर की स्मृति में बना है, वहां मोदी का जाना खुद संघ के लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा. इसे भाजपा और आरएसएस के बीच संबंधों को सुधारने और एकता प्रदर्शित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. पर मोदी नागपुर में डॉ. आंबेडकर से संबंधित पवित्र दीक्षाभूमि जाना नहीं भूले. ये वही जगह है जहां डॉ. आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था. आइये मोदी की इस यात्रा के राजनीतिक पहलुओं की चर्चा करते हैं. 1-समझना होगा प्रयागराज महाकुंभ के बाद नागपुर के घटनाक्रम को प्रयागराज में कुंभ हर 12 साल पर लगता रहा है. पर इस बार जिस तरह की भीड़ उमड़ी और जिस तरह का उत्साह पूरे देश में देखने को मिला वह अभूतपूर्व था. इसके पीछे हिंदुत्व की उभार से इनकार नहीं किया जा सकता है. पूरा उत्तर भारत कुंभ के दौरान चोक हो गया था. करीब 65 करोड़ लोग अगर कुंभ पहुंचे तो इसका मतलब है कि देश में रहने वाला हर दूसरा आदमी कुंभ आया. जात-पात से परे जाकर हिंदुओं ने संगम स्‍नान किया. यह एक हिंदू पुनर्जागरण जैसी चीज थी. जाहिर है कि इसके पीछे संघ की दशकों की मेहनत थी. इतना ही नहीं संघ के कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जबरदस्त मेहनत की थी. कुंभ की व्यवस्था केवल सरकारी अधिकारियों के वश की बात नहीं थी. शायद यही कारण है कि पीएम मोदी ने अपनी नागपुर दौरे में  स्वयंसेवकों के प्रयागराज के महाकुंभ मेले में निभाई गई भूमिका के लिए सराहना की. और इससे यह भी साबित हो रहा है कि बीजेपी के कोर एजेंडे में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण हो रही है. क्‍योंकि, मोदी की खा‍स बात यह है कि वह हवा के रुख को बखूबी पहचानते हैं. और संघ भी यह समझ रहा है कि हिंदुत्‍व की बहती हवा में वह भाजपा से अलग खड़ा नहीं रह सकता. 2-क्‍या संदेश है संघ के लिए आम तौर पर ऐसी चर्चा चल रही थी बीजेपी और आरएसएस में एक दूरी आ गई है. साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत की कुछ टिप्पणियों को पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी की सीधी आलोचना के रूप में भी देखा गया था. माना जा रहा था कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का एक बयान संघ को बहुत नागवार लगा था. जिसके बाद संघ लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टो को सपोर्ट देने से पीछे हट गया था. लोकसभा चुनाव से पहले, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा था कि भाजपा अब उस दौर से आगे निकल चुकी है जब उसे संघ की जरूरत थी, और अब वह सक्षम है तथा अपने फैसले खुद लेती है. इसके बाद बीजेपी और संघ के बीच कुछ दूरियां देखने को मिलीं. पर हरियाणा,  महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों की जीत में आरएसएस की बहुत बड़ी भूमिका निकल कर सामने आई. देखने को यह भी मिला कि जो आरएसएस पहले पर्दे के पीछे से बीजेपी के लिए काम करती थी अब वो खुलकर अपने कार्यों के बारे में मीडिया को भी बताने लगी थी. जैसे हरियाणा विधानसभा और दिल्ली विधानसभा चुनावों में संघ की पूरी स्ट्रैटजी अखबारों में छपने लगी. पर असली खेल महाकुंभ के बाद हुआ है. महाकुंभ में जिस तरह पूरे देश से हिंदू उमड़े हैं वह एक तरीके से हिंदुओं का पुनर्जागरण ही है. जाहिर है कि इसके पीछे कहीं न कहीं आरएसएस की बरसों से चल रही साधना है. मोदी की यात्रा से यह साफ हो गया है कि संघ अब केवल वैचारिक और सांस्कृतिक संस्था ही नहीं है.  बीजेपी में उसकी भूमिका ऊपर उठ चुकी है.  3-क्‍या संदेश है भाजपा के लिए भाजपा के नेताओं ने पूर्व में बहुत सावधानी बरतते हुए सरकार और संघ के बीच एक क्लीयर रेखा खींच दी थी. पर नरेंद्र मोदी कई मौकों पर संघ की तारीफ करने में नहीं चूकते हैं. इसके बारे में कहा जाता है कि खुद नरेंद्र मोदी आरएसएस के प्रचारक रहे हैं इसलिए उन्हें किसी प्रकार की हिचक नहीं होती है. इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस तरह की तारीफ से बचते रहे.अभी कुछ दिन पहले मोदी ने एक पॉडकास्ट में अपने जीवन को सही मार्गदर्शन देने के लिए संघ का आभार जताया था.  प्रधानमंत्री ने आरएसएस की तारीफ नागपुर में भी आरएसएस को एक ऐसे संगठन के रूप में संदर्भित किया जिसने समर्पण और सेवा के उच्चतम सिद्धांतों को कायम रखा. मोदी ने संघ की राष्ट्र निर्माण और विकास में रचनात्मक भूमिका को रेखांकित करके अपनी 2047 तक विकसित भारत की योजनाओं में संघ की भूमिका के महत्व को भी दर्शाया. जाहिर है कि बीजेपी में बनने वाले नए अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को ढूंढने और उसे तैयार करने की भूमिका में संघ की अब महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है. 4-क्‍या संदेश है हिंदू एकता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ मुख्यालय के दौरे के साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन से संबंधित दीक्षाभूमि का भी दौरा कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. आरएसएस पर हिंदू धर्म का एक तबका आरोप लगाता रहा है कि संघ अभी भी वर्ण व्यवस्था का पोषक है. संघ का कोई प्रमुख दलित या पिछड़ी जाति का शख्स नहीं बन सका. पर पीएम मोदी ने अपनी छवि एक पिछड़े नेता ओर दलितों के शुभचिंतक के रूप में बना ली है. शायद यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने संघ मुख्यालय में दिये गये अपने संबोधन में भी बाबा साहेब को याद किया और भारतीय संविधान की भरपूर प्रशंसा की.बीजेपी और संघ दोनों के लिए दलितों के बीच पैठ बनाना आज पहली प्राथमिकता है. दीक्षाभूमि वही जगह है जहां आंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. मोदी … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live