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आरसीबी ने जीटी के सामने 170 रनों का टारगेट रखा, लिविंगस्टोन ने ठोकी फिफ्टी, सिराज चमके

बेंगलुरु आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच आईपीएल 2025 का 14वां मैच खेला जा रहा है। दोनों टीमों की बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भिड़ंत हो रही। आरसीबी ने जीटी के सामने 170 रनों का टारगेट रखा है। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 169 रन जोड़े। लियाम लिविंगस्टोन ने फिफ्टी ठोकी। उन्होंने 40 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली, जिसमें एक चौका और पांच सिक्स शामिल हैं। टिम डेविड ने 17 गेंदों में 32 रनों का योगदान दिया। विराट कोहली (7), देवदत्त पडिक्कल (4) और क्रुणाल पांड्या (5) दहाई अंक में नहीं पहुंचे। जीटी के लिए मोहम्मद सिराज ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए। साई किशोर ने दो जबकि अरशद खान, प्रसिद्ध कृष्णा और ईशांत शर्मा ने एक-एक शिकार किया। जीटी को मिला 170 का टारगेट जीटी को 170 रनों का टारगेट मिला है। आरसीबी ने प्रसिद्ध द्वारा डाले गए 20वें ओवर में 16 रन बटोरे। डेविड ने दो चौकों और एक छक्के समेत यह रन बनाए। वह 32 रन बनाने के बाद आखिरी गेंद पर बोल्ड हुए। भुवनेश्वर कुमार ने नाबाद एक रन बनाया।

सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ बताया

नई दिल्ली सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल सहिष्णुता और विविधता के खिलाफ है। इस बिल के जरिए संविधान को कमजोर किया जा रहा है, जो सबको संरक्षण की गारंटी देता है। इमरान मसूद ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में 22 मेंबर होंगे और उनमें से 10 ही मुसलमान होंगे। इस तरह गैर-मुस्लिम भाइयों का वक्फ बोर्ड में बहुमत होगा। अभी काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को लेकर नियम है कि डीएम पदेन अधिकारी होगा। लेकिन यदि मौके पर डीएम कोई मुस्लिम होगा तो उससे नीचे या फिर ऊपर कोई और अधिकारी पदेन अध्यक्ष होगा। इमरान मसूद ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के संविधान में सभी नागरिकों के संरक्षण का वादा किया था। उनका कहना था कि राजनीतिक लोकतंत्र तब तक नहीं टिक सकता, जबकि उसकी बुनियाद में सामाजिक लोकतंत्र न हो। संविधान सभी को समानता की गारंटी देता है। वक्फ बिल को जिन लोगों ने ड्राफ्ट किया था, उनमें से ज्यादातर वही थे, जिन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 90 फीसदी लोग नहीं बता पाएंगे कि पाकी और नापाकी क्या होता है। यह बात सिर्फ मुसलमान ही बता पाएंगे। मुसलमान ही बता पाएंगे कि उनकी क्या जरूरत है। वक्फ का मैनेजमेंट तो सरकार के ही हाथ में है। वक्फ बिल के एक-एक प्रावधान पर जमकर बोले इमरान मसूद विभिन्न राज्यों के बोर्डों द्वारा बताया गया कि कितनी वक्फ संपत्तियों पर विवाद है। अब जो वक्फ बिल है, उसमें लिखा है कि वही संपत्ति बोर्ड के दायरे में होगी, जो पूरी तरह विवाद से मुक्त हो। यूपी में 11,5000 हेक्टेयर भूमि को सरकारी घोषित कर दिया गया है और विवाद है। अब नए बिल के अनुसार यह संपत्ति वक्फ की नहीं रह जाएगी। वक्फ की संपत्ति के विवादों को सुनने की ताकत अब ट्राइब्यूनल से बाहर की जा रही है। लेकिन यह नहीं बताया जा रहा है कि सक्षम अधिकारी कब तक फैसला देंगे। इस तरह से संपत्ति पर जब तक विवाद समाप्त नहीं होगा, तब तक उस पर अधिकार सरकार का होगा। अब जो स्थिति है, उसमें वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण करने वाले लोग भी जाकर दावा कर सकेंगे। इस तरह उनके सामने खुला मैदान होगा कि वे चाहें तो कब्जा ही जमा लें। ‘कोई और ट्रस्ट बताएं, जिसमें दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री हो’ कांग्रेस नेता ने कहा कि आप कोई और दूसरा ट्रस्ट बताइए, जो धर्म के नाम पर हो और उनके साथ ऐसा हो रहा हो। आपकी नजर दूसरे समुदायों की जमीन पर भी है। उन्होंने कहा कि हमें अभी सौगात-ए-मोदी मिली, जिसमें ईद की सेवाइयां थीं। हमें ऐसी सौगात नहीं चाहिए बल्कि वह सौगात दीजिए, जिससे हमारे सीने पर गोलियां न मारी जाएं। हमें समानता का अधिकार मिले। ऐसा कानून लाएं और हमारी रक्षा की जाए।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर गहन शोक व्यक्त किया

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि दुर्घटना में मध्यप्रदेश के कई श्रमिकों की मृत्यु तथा कुछ श्रमिकों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि इस विकट घड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गुजरात सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। घायलों के समुचित उपचार एवं मृतकों के परिजनों की हरसंभव सहायता के लिये हमारी सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।  

अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने अपने ‘बचपन की यादें’, पापा दिखे साथ

मुंबई, अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपने बचपन की कुछ ‘यादें’ पोस्ट कीं। इनमें वो अपने पिता उदयसिंह बी. ठाकुर के साथ दिख रही हैं। मृणाल ठाकुर ने झूले पर बैठे हुए अपना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उनके पापा पास खड़े दिखे। इस खूबसूरत पल को शेयर करते हुए मृणाल ने कैप्शन में लिखा, “बचपन की यादें! लव यू पापा।” उन्होंने वीडियो में आतिफ असलम का गाना ‘मेरी कहानी’ को भी साझा किया। मृणाल अक्सर अपने पिता के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं, जिससे उनके रिश्ते की खूबसूरती दिखती है। पिता से उनकी खूबसूरत बॉन्डिंग नेटिजन्स को पसंद भी खूब आती है। पिछले साल अपने पिता के जन्मदिन पर ‘सुपर 30’ की अभिनेत्री ने एक प्यारा सा नोट लिखकर उन्हें परिवार का ‘स्टार’ बताया था। मृणाल ने लिखा, “पापा, आप मेरी दुनिया हैं, मेरी प्रेरणा हैं, मेरी ताकत हैं, मेरी खुशी का स्रोत हैं और मेरे सबसे बड़े सपोर्टर हैं। मैं चाहती हूं कि हर पिता आपके जैसे शानदार और अद्भुत हों। आपने हमेशा मुझ पर विश्वास किया और मुझे अपना सबसे अच्छा रूप बनने के लिए प्रेरित किया। मैं आपके साथ के लिए आपकी आभारी रहूंगी, लेकिन हां कभी भी ये पर्याप्त नहीं होगा… इसका मतलब यह नहीं है कि मैं कोशिश करना बंद कर दूंगी। पापा आप जैसे हैं, उसके लिए धन्यवाद। आप सच में हमारे परिवार के स्टार हैं। जन्मदिन मुबारक हो पापा।” वहीं, वर्कफ्रंट की बात करें, तो मृणाल ठाकुर अपनी अपकमिंग एक्शन फिल्म “डकैत” की रिलीज के लिए तैयार हैं, जिसमें वह अदिवी सेश के साथ रोमांटिक भूमिका में नजर आएंगी। मोस्ट अवेटेड पैन-इंडिया फिल्म में अनुराग कश्यप भी एक अहम भूमिका में हैं। शनील देव द्वारा निर्देशित और सुप्रिया यारलागड्डा द्वारा निर्मित इस फिल्म को सुनील नारंग ने सह-निर्मित किया है और इसे अन्नपूर्णा स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत किया गया है। डकैत के अलावा, मृणाल 2012 की हिट फिल्म “सन ऑफ सरदार” के बहुप्रतीक्षित सीक्वल “सन ऑफ सरदार 2” में भी दिखेंगी।  

मंत्री चौहान ने बनासकांठा पहुंच कर घायल श्रमिकों का हाल जाना, बंधाया ढांढस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने अधिकारी-कर्मचारियों के साथ देर रात गुजरात के बनासकांठा पहुंचकर मध्यप्रदेश के घायल श्रमिकों एवं उनके परिजन से मुलाकात कर हाल-चाल जाना। मंत्री श्री चौहान ने घायल श्रमिकों के परिजन से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही राज्य सरकार के द्वारा घायल मजदूरों के उचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुजरात, बनासकांठा में घटना स्थल पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से जानकारी प्राप्त की। बनासकांठा जिले के डीसा अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों के इलाज के लिये उचित प्रबंध के निर्देश दिए। साथ ही घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्थानीय प्रशासन दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी करेगा। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे में मृतक एवं घायल श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश सरकार ने पटाखा फैक्ट्री हादसे में घायल मृतकों के परिजनों को रुपये 2-2 लाख तथा घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रूपये और गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये एवं घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने रचा नया इतिहास

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अपने ताप विद्युत गृहों के माध्यम से ऐतिहासिक उपलब्ध‍ि हासिल की है। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने कुल 28789.8 मिलियन यूनिट (एमयू) विद्युत उत्पादन कर नया कीर्तिमान बनाया है। यह अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष में हुआ सर्वाधिक विद्युत उत्पादन है। इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2023-24 में ताप विद्युत उत्पादन 28627.03 मिलियन यूनिट दर्ज हुआ था। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया ने सर्वाधिक 15042 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। उल्लेखनीय है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 4570 मेगावाट है। किस विद्युत गृह का कैसा रहा प्रदर्शन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 210 मेगावाट स्थापित क्षमता के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने 1546 मिलियन यूनिट, 500 मेगावाट स्थापित क्षमता के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी ने 3756 मिलियन यूनिट, 1340 मेगावाट स्थापित क्षमता के संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर ने 8445 मिलियन यूनिट व 2520 मेगावाट स्थापित क्षमता के श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया ने 15042 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 3 ने किया कमाल संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 3 ने 4116 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर रिकार्ड बनाया। यह इस यूनिट के इतिहास में सर्वाधिक विद्युत उत्पादन है। ऊर्जा मंत्री ने कहा ताप विद्युत उत्पादन की नई ऊंचाई ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ताप विद्युत गृहों के अभियंताओं व कार्मिकों को ऐतिहासिक सर्वाधिक ताप विद्युत उत्पादन करने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्ध‍ि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है और ताप विद्युत उत्पादन की नई ऊंचाई का संकेत है। ऊर्जा मंत्री ने आशा व्यक्त की कि रिकार्ड स्तर का ताप विद्युत उत्पादन राज्य की औद्योगिक वृद्धि व विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ करेगा।  

राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस बालोद में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

रायपुर, राज्यपाल  रमेन डेका ने बालोद जिले के प्रवास के दौरान आज सुबह जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल रमेन डेका के बालोद जिले के आगमन पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन भी किया।

पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान को करें क्रियान्वित : मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने पार्थ (पीएआरटीएच) योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये है। उन्होंने कहा है कि पार्थ योजना और खेलो-बढ़ो अभियान के जरिये ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी इससे लाभान्वित हो, इसकी तैयारी की जाये। मंत्री श्री सारंग बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम स्थित मेजर ध्यान चंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दोनों योजना और अभियान को मूर्तरूप से धरातल पर उतारने को कहा। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 9-10 संभाग में इसको त्वरित गति से अग्रसर किया जाये। इसकी विभाग और शासन स्तर की कार्रवाई पूर्ण करें और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो-बढ़ो अभियान 1 मई से शुरू हो। प्रारंभ में इसके लिये 37 जिले चयनित किये गये है। सोशल मीडिया से भी इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाये, जिससे प्रदेश का टैलेन्ट सामने आये। इसका कैलेण्डर तैयार कर लिया जाये। साथ ही बच्चों के पालकों के साथ भी मोटिवेशन वार्तालाप हो। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि सितम्बर से खेलो एम.पी. गेम्स की शुरूआत की जाये, जिससे मध्यप्रदेश की टीम तैयार हो और वही नेशनल चैम्पियनशिप में भाग ले। बैठक में भेल स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, खेलो एम.पी. यूथ गेम्स, प्रकाश तरूण पुष्कर, फिट इंडिया क्लब और नेशनल चैम्पियनशिप पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित खेल अधिकारी उपस्थित थे।  

गाँव और शहरों में जनभागीदारी के साथ शुरू हुए जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रदेश में 30 मार्च से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से कार्य किये जा रहे हैं। इन कार्यों में समाज के सभी वर्गों का लगातार सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल संवर्धन का कार्य जनता के सहयोग से ही सफल होगा। उन्होंने आहवान किया कि जन-प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन और आमजन मिलजुल कर अभियान को सफल बनायें। जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार झाबुआ जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के साफ-सफाई और गहरीकरण के कार्य लगातार किये जा रहे हैं। जन-अभियान परिषद के नेतृत्व में पेटलावद की आदर्श ग्राम पंचायत असालिया में सामूहिक श्रमदान के माध्यम से कुएँ की सफाई एवं गहरीकरण का कार्य किया गया। लगातार काम से कुएँ के जल-स्तर में सुधार और जल संरक्षण को बल मिलेगा। अभियान में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। नहर की सफाई का कार्य चम्बल नहर प्रणाली की अम्बाह शाखा द्वारा नहर में जंगल सफाई और चोई हटाने का कार्य किया गया। सफाई कार्य में विभागीय मैदानी कर्मचारियों ने उपस्थित होकर श्रमदान किया। जल की महत्ता और स्रोतों के संरक्षण पर जोर देते हुए धरोहर को बचाने के लिये जागरूक किया। ग्वालियर के भितरवार जनपद पंचायत के ग्राम छिरेंटा में पोखर गहरीकरण ग्वालियर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। भितरवार जनपद पंचायत के ग्राम छिरेंटा के पोखर में एसडीएम श्री डी.एन. सिंह के नेतृत्व में गहरीकरण का कार्य किया गया। ग्रामीणों ने इस मौके पर जल संरक्षण के महत्व पर सार्थक संवाद भी किया। किसानों से ग्रीष्मकालीन धान की फसल के स्थान पर कम पानी में अधिक पैदावार वाली मूंग की फसल लेने का आह्वान किया गया। युवाओं को आदर्श ग्राम बनाने के लिये संकल्प दिलाया गया।  शाजापुर जिले में ही शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान शाजापुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में 1800 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिले में वॉटर शेड कार्य, 19 प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्रों में साफ-सफाई, 87 पुराने तालाबों की सफाई की कार्य योजना तैयार की गयी। जिले की 352 ग्राम पंचायतों में पानी चौपाल की शुरूआत कर दी गयी है। बुरहानपुर में सिंचित रकबे में वृद्धि के प्रयास जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत से जिले की सिंचाई परियोजना के कार्य में तेजी लायी गयी है। जिले की प्रमुख सिंचाई योजना पांगरी से 4400 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। जिले की 112 करोड़ 50 लाख रुपये की सिंचाई परियोजना से 15 गाँव के लगभग 3200 किसान लाभान्वित होंगे। जल संसाधन विभाग द्वारा 44 तालाब संचालित किये जा रहे हैं। ग्रामीणों को जल संरचनाओं की सफाई कार्य के महत्व के बारे में बताया गया। पानी आप बचाओ, पानी आपको बचायेगा शहडोल में जल गंगा संवर्धन अभियान में एक नया नारा जन-सामान्य के बीच गढ़ा गया है। यह नारा है “पानी आप बचाओ, पानी आपको बचायेगा’’। इसके लिये सरकार और समाज, दोनों को मिलकर जल के महत्व को समझना होगा। जन-सामान्य को बताया जा रहा है कि जल जीवन का अभिन्न अंग है। इसके बिना न तो कृषि संभव है और न ही उद्योग। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के नेतृत्व में ब्यौहारी, ग्राम अमन, पड़मानिया गाँव में सामूहिक श्रमदान किया गया। सफाई कार्य में जन-अभियान परिषद के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 100 साल पुरानी चेतन बावड़ी का हुआ जीर्णोद्धार विदिशा जिले के सिरोंज में 100 साल पुरानी चेतन बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया। बावड़ी के संरक्षण से आसपास के क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। नागरिकों के साथ अधिकारी-कर्मचारी जल संरक्षण कार्य में शामिल हुए। मुलताई में हुए जल संरक्षण के कार्य जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगरपालिका परिषद मुलताई में माँ ताप्ती नदी तट के सफाई अभियान की शुरूआत की गयी। विधायक श्री चन्द्रशेखर देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती वर्षा गढ़ेकर, स्थानीय जन-प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नगर परिषद नारायणगढ़ में पेयजल प्याऊ लगाकर कार्यक्रम की शुरूआत की गयी।

सेवा में रहने के दौरान उनकी अंतिम यात्रा थी, रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले झारखंड हादसे में दर्दनाक मौत

कोलकाता झारखंड के साहेबगंज जिले में दो मालगाड़ियों के बीच टक्कर में मारे गए एनटीपीसी के लोको पायलट गंगेश्वर मल 1 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले थे और यह सेवा में रहने के दौरान उनकी अंतिम यात्रा थी। लोको पायलट के परिवार की योजना थी कि सेनानिवृत्ति वाले दिन पूरा परिवार साथ में रात्रि भोज करेगा लेकिन अब उनके पास केवल यादें और आंसू हैं। गंगेश्वर मल का परिवार पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में जियागंज स्थित घर में रहता है, उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने काम से लौटने के बाद रात का खाना साथ में खाने का वादा किया था। उनकी बेटी ने बताया कि 1 अप्रैल उनके पिता का आखिरी कार्य दिवस था, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के साथ अच्छा समय बिताने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, ‘हमने सुना कि बाबा (पिता) वापसी में सिग्नल प्वाइंट पर इंतजार कर रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य मालगाड़ी के इंजन ने उनके इंजन को सामने से टक्कर मार दी।’ मंगलवार को बरहेट थाना क्षेत्र के भोगनाडीह के पास देर रात 3 बजे हुई इस दुर्घटना में एक अन्य लोको पायलट की भी मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। एनटीपीसी द्वारा संचालित मालगाड़ियां फरक्का में थर्मल पावर प्लांट में कोयला ले जा रही थीं। साहेबगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी किशोर तिर्की ने बताया, ‘आमने-सामने की टक्कर में दोनों मालगाड़ियों के चालकों की मौत हो गई।’ पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता कौशिक मित्रा ने स्पष्ट किया कि यह घटना एनटीपीसी के बुनियादी ढांचे से जुड़ी है। मित्रा ने कहा, ‘मालगाड़ियां और पटरियां एनटीपीसी की हैं। इसका भारतीय रेलवे से कोई लेना-देना नहीं है।’

चार ही दिन बाद हवा फिर खराब, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी

नई दिल्ली चार दिन तक मध्यम श्रेणी में रहने के बाद दिल्ली की हवा एक बार फिर से हवा खराब हो गई। इसी के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी गईं। 29 मार्च को ही हवा के स्तर में सुधार आने के बाद सभी पाबंदियां हटा दी गई थीं लेकिन वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को ग्रेप के पहले चरण के प्रतिबंध पुन: लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अपनी समयावधि पूरी कर चुके पेट्रोल और डीजल के वाहनों पर रोक रहेगी। कचरा जलाने पर भी रोक रहेगी। साथ ही रेस्टोरेंट और होटलों में कोयला और लकड़ी जलाने पर भी रोक रहेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार को राजधानी का एक्यूआइ 217 रहा जो खराब श्रेणी में आता है। 29 मार्च को यह 153 यानी मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया था। उसके बाद से यह लगातार 200 से नीचे यानी मध्यम श्रेणी में चल रहा था। एनसीआर के शहरों में भी बुधवार को एक्यूआई मध्यम से खराब श्रेणी में रहा। अभी अगले कई दिन इसमें बहुत बदलाव होने के कोई आसार नहीं हैं।

राज्यपालरमेन डेका ने माँ गंगा मैय्या की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, समृद्धि की कामना की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज बालोद जिले प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला स्थित माँ गंगा मैय्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ राज्य की सुख, समृद्धि की कामना की। इस दौरान श्री डेका ने गंगा मैय्या मंदिर के संचालन समिति के प्रतिनिधियों एवं पूजारियों से बातचीत कर मंदिर के संचालन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

पोषण भी, पढ़ाई भी : आंगनवाड़ी केंद्रों में समग्र विकास की नई दिशा

भोपाल बाल्यावस्था केवल खेल-कूद और मस्ती का समय नहीं है, बल्कि यह जीवन की आधारशिला रखने वाला महत्वपूर्ण दौर भी है। गर्भधारण से लेकर छह वर्ष की आयु तक का समय बच्चे के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद अहम होता है। विशेष रूप से पहले 1000 दिन, गर्भ के नौ महीने और जन्म के बाद के दो साल, बच्चे के भविष्य की नींव मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस दौरान सही पोषण के साथ-साथ संज्ञानात्मक विकास के अवसर भी उतने ही आवश्यक होते हैं। संयुक्त परिवारों की घटती संख्या और बदलते सामाजिक परिवेश के कारण अब घर में बच्चों को पारंपरिक रूप से मिलने वाला सहज शिक्षण प्रभावित हो रहा है। इसी कमी को पूरा करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाया जा रहा है, जहां गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों को पोषण आहार के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। समाज की भागीदारी से होगा बच्चों का भविष्य उज्जवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिये न सिर्फ माता-पिता की बल्कि समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सक्षम आंगनवाड़ी की “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान की शुरूआत 10 मई 2023 को की गई थी। इसका उद्देश्य प्रारंभिक बाल्यवस्था में देखभाल और शिक्षा पर आंगनवाड़ी प्रणाली का ध्यान केन्द्रित करना है। साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्र को उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी सुविधाओं खेल के उपकरण और विधिवत प्रशिक्षित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एक शिक्षण केन्द्र में परिवर्तित करना भी इसका उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानते है कि अच्छा पोषण न केवल शारीरिक वृद्धि बल्कि मानसिक विकास और सीखने की क्षमता को भी बढ़ावा देता है। “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि हमारे नौनिहालों को एक सकारात्मक, स्वच्छ वातावरण मिले, जहाँ वे सीखने और बढ़ने के लिए प्रेरित हों। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर प्रयास करें। यदि हम बचपन में ही बच्चों को सही पोषण और सीखने के पर्याप्त अवसर दें, तो न केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि उनके उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर सकते हैं। पोषण भी पढ़ाई भी एक ऐसा अभियान है जिसके साथ जुड़ कर हम अपनी भावी पीढ़ियों को सशक्त बना सकते है और एक स्वस्थ, शिक्षित समाज का निर्माण करने में अहम भूमिका निभा सकते है । ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम : समग्र विकास की पहल भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम, बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक शिक्षा को पोषण से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा दी जा रही है, जिससे वे प्राथमिक विद्यालय में औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। इसके अलावा, पहली बार तीन वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल और संभावित दिव्यांगता की पहचान के लिए विशेष गतिविधियाँ तय की गई हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे विकास में देरी या संभावित विकलांगता के संकेतों की पहचान कर सकें। इससे ऐसे बच्चों के शीघ्र उपचार और सही देखभाल की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। कई बार बच्चों में विकास संबंधी समस्याएँ तुरंत स्पष्ट नहीं होतीं, जैसे कि श्रवण या दृश्य बाधाएँ, बोलने में देरी, डाउन सिंड्रोम, या सेरेब्रल पाल्सी। इनका समय पर पता लगाने से आगे चलकर गंभीर दिक्कतों से बचा जा सकता है। मध्यप्रदेश में कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन मध्यप्रदेश इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (निपसिड) के विशेषज्ञों द्वारा 2,758 परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जो अब प्रदेश की 95,253 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। अब तक 93,454 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए जिला कलेक्टरों और राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। मार्च 2025 में दो चरणों में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन उपस्थिति पंजीयन की व्यवस्था की गई, जिससे वास्तविक आंकड़े प्राप्त किए जा सके।  

एम.पी. ट्रांसको के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स कर्मियों के लिये आयोजित होंगे फ्री हेल्थ चेक-अप कैम्प

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के मध्यप्रदेश में कार्यरत सभी एम.पी. ट्रांसको के सभी ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स कार्यों में संलग्न सभी स्थायी, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों के लिये फ्री हेल्थ चेक-अप कैम्प आयोजित किये जायें। साथ ही ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स के सभी उप संभागों में जीवन रक्षक तकनीक पर कार्यशाला आयोजित की जायें। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक ने यह निर्देश जबलपुर में आयोजित ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स कार्मिकों के लिये आयोजित 02 दिवसीय कार्यशाला में दिये। उन्होंने कहा कि कंपनी के सभी कार्मिक आउटसोर्स कर्मियों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें वह सब सुविधाएं उपलब्ध करावें जिससे उनका हित हो सके। प्रबंध संचालक ने कार्य के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिये मेंटेनेन्स कर्मियों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये। कार्यशाला के संयोजक अधीक्षण अभियंता श्री सुनील यादव ने बताया कि कार्यशाला में प्रदेश के लगभग 40 लाइन और सब स्टेशन मेंटेनेन्स कर्मियों ने हिस्सा लिया। इन्हें विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा कंपनी की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के तहत सुरक्षित कार्य संपादित करने के विषय में विस्तार पूर्वक बताया गया। साथ ही उपस्थित कर्मियों का आपसी संवाद सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने अपने अनुभव साझा किये।  

‘बार्ड ऑफ ब्लड’ से ‘ग्राउंड ज़ीरो’ तक: इमरान हाशमी का फौजी अवतार में शानदार सफर

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी अपने सिने करियर में ‘बार्ड ऑफ ब्लड’ से लेकर ‘ग्राउंड ज़ीरो’ जैसी फिल्मों में फौजी के अवतार में नजर आये हैं। इमरान हाशमी बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में से हैं जो अपनी अलग पहचान और दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए जो नैतिक रूप से ग्रे शेड में थे,जैसे मर्डर (2004) में चालाक प्रेमी, जन्नत (2008) में एक शातिर सट्टेबाज और वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई (2010) में एक स्टाइलिश गैंगस्टर। लेकिन वक्त के साथ उनके किरदारों में बदलाव आया है। अब वे ज्यादा गंभीर और दमदार रोल्स कर रहे हैं, खासकर देशभक्ति और सेना से जुड़े किरदारों में। जल्द ही वो अपनी आने वाली फिल्म ग्राउंड ज़ीरो में पहली बार एक रियल लाइफ आर्मी अफसर का रोल निभाने वाले हैं, जो उनकी एक्टिंग के एक और अलग अंदाज को दिखाएगा। इमरान हाशमी इससे पहले बार्ड ऑफ ब्लड (2019) में इंडियन इंटेलिजेंस विंग के पूर्व एजेंट कबीर आनंद का किरदार निभा चुके हैं। इस सीरीज में उन्हें भारतीय एजेंट्स को बचाने का जिम्मा सौंपा गया था, और उन्होंने दमदार एक्शन और देशभक्ति के बेहतरीन मेल से दर्शकों को बांधे रखा। उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया, खासकर उनके इमोशन्स और रणनीतिक अंदाज को, जिसने उनके किरदार को और भी असरदार बना दिया। इमरान हाशमी ने टाइगर 3 (2023) में खतरनाक विलेन आतिश रहमान का किरदार निभाया, जो एक भटका हुआ पूर्व आईएसआई एजेंट था और अपनी निजी दुश्मनी के चलते तबाही मचाने पर उतारू था। उनकी परफॉर्मेंस इतनी दमदार थी कि वो इस फ्रेंचाइजी के सबसे खतरनाक विलेन में से एक बन गए। इमरान ने अपने किरदार में बेरहमी और चालाकी का जबरदस्त संतुलन दिखाया, जिससे उनका नेगेटिव रोल और भी प्रभावी बन गया। उनकी खौफनाक मौजूदगी और गहरी एक्टिंग को खूब तारीफें मिलीं। अब ग्राउंड ज़ीरो में, इमरान हाशमी पहली बार आर्मी अफसर के किरदार में नजर आएंगे। वह बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्र नाथ दुबे का रोल निभा रहे हैं, जिन्होंने बीएसएफ के इतिहास के सबसे अहम ऑपरेशनों में से एक को लीड किया था। अपनी इंटेंस परफॉर्मेंस और दमदार एक्टिंग के लिए मशहूर इमरान इस रियल-लाइफ हीरो की बहादुरी और जज़्बे को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए तैयार हैं। फिल्म के टीज़र ने पहले ही जबरदस्त चर्चा बटोरी है, और उनकी झलक को देखकर फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है। ग्राउंड ज़ीरो 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।  

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