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आज शुक्रवार 04 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज मेष राशि वालों के लिए एनर्जी से भरपूर दिन इंतजार कर रहा है, जो रचनात्मकता से भरपूर है। पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के रिश्तों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कम्युनिकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वृषभ राशि- आज का आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करेंगे। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है, हो सकता है आपने टॉप किया हो या आपको आपके फेवरेट कॉलेज में एडमिशन मिल गया हो। मिथुन राशि- आज का दिन हलचल भरा रहने वाला है। आज मुश्किलों पर काबू पाना आपके दिन को उजागर करता है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। पैसों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। कर्क राशि- आज तनाव कम लें। खुद पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। आपका इंट्यूशन ही आपका मार्गदर्शन करेगा। लव के मामले में साथी की बात सुनना आज बेहतर रहेगा। सिंह राशि- आज अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं। कन्या राशि- आज के ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देती है, जो पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती देता है। आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है, जो विकास को बढ़ावा देती है। तुला राशि- आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। वृश्चिक राशि- आज नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे, जिससे महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। आज का दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। धनु राशि- आज लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। आज का दिन धनु जातकों के लिए थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। मकर राशि- आज का दिन आपके लिए सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ने वाले हैं। कुंभ राशि- आज अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। मीन राशि- आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है।

पाकिस्तान में एक्शन- ‘अवैध विदेशियों’ को अरेस्ट कर फिर उन्हें अफगानिस्तान वापस भेजने के लिए शिविरों में भेज दिया

इस्लामाबाद पाकिस्तान सरकार ने अफगान नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी राष्ट्रव्यापी कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत ‘अफगान नागरिक कार्ड (एसीसी)’ धारकों सहित सैकड़ों ‘अवैध विदेशियों’ को गिरफ्तार किया गया, और फिर उन्हें अफगानिस्तान वापस भेजने के लिए शिविरों में भेज दिया गया। पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की स्वैच्छिक वापसी के लिए निर्धारित 31 मार्च की समय-सीमा के बाद सैकड़ों अफगान नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उनके परिवारों के साथ उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिलचस्प बात यह है कि सुरक्षा बलों को जारी निर्देशों से पता चलता है कि यदि कोई भी अफगान नागरिक आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो पूरे परिवार को निर्वासन का सामना करना पड़ेगा। काबुल में तालिबान सरकार ने इस्लामाबाद से पाकिस्तान में अफगान नागरिकों के प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया में देरी का अनुरोध किया था, लेकिन इस्लामाबाद इसमें ढील देने के मूड में नहीं है। अफगान सरकार ने कहा, “उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने नए सिरे से कार्रवाई की घोषणा की है, जिसमें कहा गया कि वह बिना कानूनी निवास परमिट वाले व्यक्तियों को निर्वासित करेगा, जबकि वैध कार्डधारकों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।” पाकिस्तान में यूएनएचसीआर की प्रतिनिधि फिलिप कैंडलर ने कहा, “पाकिस्तान से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह अनिश्चित काल तक अफगान शरणार्थियों की मेजबानी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाए। मानवीय सहायता की जरूरत है, न केवल अल्पकालिक राहत के लिए बल्कि दीर्घकालिक विकास पहलों को समर्थन देने के लिए भी।” समय सीमा को आगे न बढ़ाने और कार्रवाई शुरू करने का निर्णय पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन रजा नकवी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई बैठक के दौरान लिया गया। सरकारी प्राधिकारियों ने कड़ी चेतावनी जारी की थी कि 31 मार्च तक देश नहीं छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में अफगान शरणार्थियों को रखने के लिए कम से कम 43 शिविर स्थापित किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अधिकारी छापेमारी करेंगे और देश में अवैध रूप से रह रहे अफगानों को हिरासत में लेंगे, जिन्हें फिर शरणार्थी शिविरों में स्थानांतरित किया जाएगा। फिर उन्हें प्रत्यावर्तन के लिए तोरखम पाक-अफगान सीमा पर लांडी कोटल क्षेत्र में ले जाने से पहले सूचीबद्ध किया जाएगा। आंकड़े बताते हैं कि देश में कम से कम 13,44,584 अफगान नागरिक हैं, जिनमें से कम से कम 7,09,278 अफगान नागरिक केपी में रहते हैं, जिनके पास पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) है। प्रांतीय आंकड़ों से पता चलता है कि बलूचिस्तान में कम से कम 3,17,000 पंजीकृत अफगानी हैं, सिंध में 74,117, पंजाब में 1,96,000, राजधानी इस्लामाबाद में 42,718 और देश के अन्य हिस्सों में 4,448 अफगान शरणार्थी हैं।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, इससे छात्रों में गहरा असंतोष

मेरठ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से घोषित सेमेस्टर परीक्षाओं के आनलाइन परिणामों में व्यापक स्तर पर विसंगतियां सामने आई हैं। इससे छात्रों में गहरा असंतोष है। एक चौंकाने वाले मामले में, एक छात्र के पूर्व में जारी परिणाम में एक विषय में बाहरी परीक्षा में 26 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दर्शाए गए थे, जिसके कुल 36 अंकों के साथ उसे उत्तीर्ण घोषित किया गया था। वहीं, हाल ही में जारी संशोधित परिणाम में उसी सेमेस्टर और विषय कोड के लिए अन्य छात्र को बाहरी परीक्षा में 23 और आंतरिक मूल्यांकन में 10 अंक दिए गए हैं, जिससे उसके कुल प्राप्तांक 33 हो गए हैं और उसे अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। पीजी सेमेस्टर परिणामों में भी गड़बड़ी इसी तरह, स्नातकोत्तर (पीजी) सेमेस्टर के परिणामों में भी गड़बड़ी देखने को मिली है। एक छात्र को थ्योरी परीक्षा में 17 अंक प्राप्त होने पर फेल कर दिया गया है, जबकि उसी परीक्षा में दूसरे छात्र को मात्र 11 अंक प्राप्त होने पर उत्तीर्ण घोषित किया गया है।   इसके अतिरिक्त, एक अन्य अनियमितता में, एक छात्र के पूर्व में घोषित परिणाम में उल्लिखित विषय कोड को नई एजेंसी की ओर से जारी परिणाम में पूरी तरह से बदल दिया गया है। इस तरह की गलतियां विश्वविद्यालय के बहुत से छात्रों के परीक्षा परिणामों में की है जिससे उनकी शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। 20 फरवरी को जारी रिजल्ट में एक छात्र के सभी विषयों में पास दिखाते हुए फाइनेंसियल एकाउंटिंग में 26 प्लस 10 को मिलाकर कुल 36 अंक मिले। अब दोबारा परिणाम निकालने पर उसी छात्र के फाइनेंसियल एकाउंटिंग के अंक 23 प्लस 10 अंक मिलाकर 33 अंक दिख रहा और फेल दिखाया गया है। छात्रों ने इन अनियमितताओं पर कड़ी आपत्ति जताई है।   उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और परीक्षा परिणाम के लिए अधिकृत एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। छात्रों के अनुसार इस प्रकार की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और विश्वविद्यालय प्रशासन को इन त्रुटियों को तुरंत सुधारना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। छात्रों ने जानबूझकर किए कृत्य की आशंका से निष्पक्ष जांच कराने और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की है।

कई बार लगता है कि यह विधेयक बुलडोजर के लिए एक कानूनी कवर है: सांसद मनोज झा

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि गाहे-बगाहे किसी पुरानी मस्जिद के नीचे कुछ चीजें ढूंढी जा रही हैं। इस तरह के माहौल में वक्फ संशोधन विधेयक लाने से सरकार की नीयत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विधेयक पर सदन में जारी चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, “देश का माहौल कैसा है, इस पर एक नजर डालिए। कभी आर्थिक बहिष्कार की बात की जाती है, पूजा स्थल अधिनियम पर सवाल उठाया जाता है। इस तरह के माहौल में आपके विधेयक के मसौदे और नीयत दोनों पर सवालिया निशान लग जाता है।” उन्होंने कहा कि कई बार लगता है कि “यह विधेयक बुलडोजर के लिए एक कानूनी कवर” है। उन्होंने सत्ता पक्ष के लिए कहा, “आप लोग अक्सर सोचते हैं कि बहुत बड़ा बहुमत है तो सारा ‘विजडम’ आप ही के पास है।” उन्होंने सवाल किया कि खानपान, वस्त्र, आभूषण, भाषा और इबादत पर इतनी तकरार क्यों? हमें जनता को हाशिए पर छोड़ने की आदत बन गई है। हम लगातार लोगों को हाशिए पर छोड़ रहे हैं। इस देश के हिंदुओं को मुसलमानों की आदत है और मुसलमानों को हिंदुओं की आदत है। ईसाइयों-सिखों को हिंदुओं और मुसलमानों की आदत है। ये आदतें मत बदलवाइए। जमीन के साथ किसी व्यक्ति और कौम का क्या रिश्ता होता है, इसको भी समझने की जरूरत है। मनोज झा ने कहा कि इस देश में इतना सेकुलर मिजाज कर दीजिए कि हर धर्म की संस्थाओं में दूसरे धर्म के लोगों को जगह मिले; या फिर यह तय कर लिया गया है कि सारा संयोग और सारा प्रयोग मुसलमानों को लेकर ही होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की एक स्मृति होती है। कोई मस्जिद कब से इस्तेमाल में है, आप उसके दस्तावेज ढूंढेंगे। यदि कोई पुरानी संपत्ति है, कहां से दस्तावेज लाएं, सब विवाद में आ जाएंगे। अदालत में अपीलों का एक पहाड़ खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सत्ता पक्ष से प्रश्न किया कि यह कैसा संवाद है। आप किसी की बात सुनते नहीं हैं, बस सुनाते हैं। आप मुस्लिमों की संस्थागत गैर-मौजूदगी सुनिश्चित कर रहे हैं। जल्दबाजी न करें। इस देश के मुसलमान का इस मिट्टी पर कर्ज है और इस मिट्टी का मुसलमान पर कर्ज है। इस कर्ज के रिश्ते को व्यापारी की नजर से मत देखिए, तिजारत की नजर से मत देखिए।

भारतीय रेल का नया कीर्तिमान: कोच निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभरा भारत

भोपाल भारतीय रेल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,134 कोचों का निर्माण कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह संख्या पिछले वर्ष 6,541 कोचों के उत्पादन की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। आम आदमी का ध्यान रखते हुए गैर वातानुकूलित कोचों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले वित्त वर्ष में 4,601 नॉन एसी कोच का उत्पादन हुआ। यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय रेल की उत्पादन क्षमता में लगातार हो रही वृद्धि को दर्शाती है, जो बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। इससे रेल सेवाएं अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और कुशल बनेंगी। जिससे यात्रियों को बेहतर यात्रा का अनुभव मिलेगा। भारतीय रेल की तीन कोच निर्माण इकाइयां हैं। जिसमें तमिलनाडु के चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), पंजाब के कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री (RCF) और उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) शामिल है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वर्ष 2024-25 में पिछले उत्पादन रिकॉर्ड को तोड़ने हुए 3,007 कोच का उत्पादन किया है। वर्ष 2024-25 में भारतीय रेल की कोच निर्माण इकाइयों द्वारा कोच उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई ने वर्ष 2023-24 में 2,829 कोचों का निर्माण किया था, जो 2024-25 में बढ़कर 3,007 हो गया है, यानी 178 कोचों की वृद्धि दर्ज की गई है। रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला द्वारा वर्ष 2023-24 में 1,901 कोच बनाए गए थे, जबकि 2024-25 में इसका आंकड़ा बढ़कर 2,102 कोच हो गया है, जिससे 201 कोचों की बढ़ोत्तरी हुई है। इसी प्रकार, मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF), रायबरेली ने वर्ष 2023-24 में 1,684 कोचों का निर्माण किया था, जो 2024-25 में बढ़कर 2,025 कोच हो गया है। इस इकाई द्वारा 341 कोचों की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह आँकड़े भारतीय रेल की उत्पादन क्षमता और मांग के अनुसार संसाधन विस्तार के सकारात्मक संकेत प्रदान करते हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारतीय रेल ने कोच निर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।  2004 से 2014 के बीच प्रति वर्ष औसतन 3,300 कोच के करीब था। वहीं 2014 से 2024 के बीच कोच उत्पादन का आंकड़ा रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ 54,809 पहुंच गया, जिसका औसत 5,481 कोच रहा है। कोच निर्माण क्षेत्र में यह वृद्धि भारतीय रेल द्वारा आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में निर्णायक है। इसका उद्देश्य घरेलू निर्माण क्षमता को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता को कम करना और रेलवे संरचना में अत्याधुनिक तकनीक को अपनाना है। रेल कोच निर्माण में भारतीय रेल की यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को नया आयाम देती है। साथ ही विश्व पटल पर भारत को एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करती है।   कोच उत्पादन में भारतीय रेल की सफलता ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा है, जो रेल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एडवांस तकनीक से लैस आधुनिक कोच यात्रियों को ज्यादा आराम, अधिक स्थान और अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रहे हैंगे। इससे यात्रा का अनुभव और ज्यादा  आरामदायक बन रहा है। इसके साथ ही उच्च उत्पादन क्षमता से ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मौलाना एजाज कश्मीरी ने वक्फ संशोधन बिल को धर्म, इबादत और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया

मुंबई लोकसभा में बुधवार को पास हुए वक्फ संशोधन बिल को लेकर हांडी वाली मस्जिद के मौलाना एजाज कश्मीरी ने तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने इसे अपने धर्म, इबादत और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह उन सभी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन करते हैं, जिन्होंने इस बिल के खिलाफ वोट किया है और उन्हें मुबारकबादी पेश करते हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना एजाज कश्मीरी ने कहा कि वक्फ का मामला हमारे इबादत से जुड़ा हुआ है। आज आप वक्फ पर आए हो, कल रोजे पर आ जाओगे, फिर हज पर आओगे, फिर कुर्बानी पर आ जाओगे। पहले तीन तलाक लेकर आए थे, अब वक्फ पर हमला हो रहा है। आप तो सीधे इबादत पर आ रहे हो, आप किससे पूछकर आ रहे हो? किसके बाप ने क्या छोड़ा, क्या नहीं छोड़ा, लेकिन हमारे बाप-दादाओं ने तो अल्लाह के लिए जमीन छोड़ी है। मौलाना ने कहा कि उन्हें अपना मजहब सीखने के लिए किसी सरकार या संसद की आवश्यकता नहीं है। हमें गृहमंत्री, प्रधानमंत्री या किसी मंत्री से इस्लाम सीखने की जरूरत नहीं है। क्या हमें अपना मजहब संसद से सीखना पड़ेगा? हमारे पास खुद अपना मजहब है, जिसे हम अपने धर्मग्रंथों से सीखते हैं। यह हमारी धार्मिक स्वतंत्रता है और कोई भी सत्ता इसे छीन नहीं सकती। वक्फ को लेकर उन्होंने कहा कि वक्फ अल्लाह के वास्ते किया जाता है। हम उसका संरक्षण करते हैं, उसकी हिफाजत करते हैं और उसकी सेवा करते हैं। हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे और इसे किसी की बेमानी दखलंदाजी के तहत नहीं आने देंगे। मौलाना ने इस बिल को धार्मिक और सांस्कृतिक संघर्ष बताते हुए कहा कि यह इस्लामी समाज की स्वतंत्रता पर हमला है। यह बिल हमारी धार्मिक पहचान और हमारी धार्मिक संपत्तियों को खतरे में डालने वाला कदम है, जिसे हम किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। बता दें कि बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर 12 घंटे से ज्यादा चर्चा हुई थी और देर रात को मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया था, वहीं 232 सांसदों ने विधेयक के विपक्ष में मतदान किया, जिसके बाद यह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया।

वक्फ विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है: जेपी नड्डा

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित प्रबंधन करना है। उन्होंने कहा कि इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक नियमों का पालन करके आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के सही रखरखाव और जवाबदेही तय करने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 70 साल तक किसने मुस्लिम समुदाय को डर में रखा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक इस नीति को अपनाया, लेकिन अब जनता ने इसका परिणाम देख लिया है। जेपी नड्डा ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत पहले ही इसे खत्म करने की बात कही थी, फिर भी कांग्रेस सरकार ने इसे जारी रखने की मजबूरी क्यों महसूस की? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकारों से वंचित रखा और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाए रखा। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम बहनों को मुख्यधारा में लाने का काम किया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने इराक, सीरिया और अन्य मुस्लिम देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तीन तलाक पहले ही समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मुस्लिम महिलाओं को समानता से वंचित रखा और उन्हें आगे बढ़ने से रोका। वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम देशों ने इसमें सुधार किए हैं। उदाहरण के लिए, तुर्की ने 1924 में ही अपनी पूरी वक्फ संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में ले लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 70 वर्षों के शासन में किस तरह विकास अवरुद्ध रहा, यह सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य वक्फ कानून को नियमों के दायरे में लाना है। उन्होंने बताया कि 2013 के संशोधन का समर्थन करने के बावजूद उसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वक्फ से जुड़े मामलों को नागरिक सिविल कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दी जा सकती। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष से कहा कि आपने (विपक्ष) संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग की थी और हमने इसका गठन किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में जब वक्फ विधेयक के लिए जेपीसी का गठन किया गया था, तब इसमें केवल 13 सदस्य थे, लेकिन मोदी सरकार के तहत गठित जेपीसी में 31 सदस्य शामिल हुए। जेपीसी ने 36 बैठकें कीं और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस पर 200 घंटे से अधिक समय काम किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से हमने कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम समुदाय का वक्फ की प्रॉपर्टी का सही से उपयोग हो सके। इस विधेयक में तय किया गया है कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रॉपर्टी सही हाथों में रहे।

10 जल विद्युत गृहों ने उत्पादित की 2757 मिलियन यूनिट बिजली: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के जल विद्युत गृहों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा निर्धारित वार्षिक उत्पादन लक्ष्य को पार करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पॉवर जनरेटिंग कंपनी के जल विद्युत गृहों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2694 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जल विद्युत गृहों ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 2757 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। जल विद्युत गृहों द्वारा वर्ष 2020-21 के बाद यह उपलब्ध‍ि हासिल की। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की जल विद्युत उत्पादन क्षमता 915 मेगावाट है छह जल विद्युत गृहों ने वार्ष‍िक लक्ष्य से अधिक किया उत्पादन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के इस उपलब्धि में 90 मेगावाट स्थापित क्षमता के रानी अवंतीबाई सागर जल विद्युत गृह बरगी, 160 मेगवाट स्थापित क्षमता के पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह, 315 मेगावाट स्थापित क्षमता के बाणसागर-एक टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर, 20 मेगावाट स्थापित क्षमता के बाणसागर-4 जल विद्युत गृह झिन्ना, 45 मेगावाट स्थापित क्षमता के राजघाट जल विद्युत गृह और 60 मेगावाट स्थापित क्षमता के मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह ने प्रमुख योगदान दिया। इन सभी विद्युत गृहों ने अपने वार्ष‍िक उत्पादन लक्ष्य से अधिक विद्युत उत्पादन किया। बाणसागर–2 जल विद्युत गृह सिलपारा व बाणसागर–3 जल विद्युत गृह देवलोंद ने भी नियामक आयोग के निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया। बरगी जल विद्युत गृह का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2013-14 के बाद पहली बार नियामक आयोग द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्य 508 मिलियन यूनिट की तुलना में 509 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 58 मिलियन यूनिट अधिक है। 37 वर्ष पुराने बरगी जल विद्युत गृह का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर 92.5 प्रतिशत रहा।  

वक्फ का सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया: जांच रिपोर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड जहां मुस्लिम समाज के गरीब लोगों की मदद के लिए वक्फ की गई बेशकीमती जमीनों की हेराफेरी करने का माध्यम बन गए, वहीं, सरकारी संपत्तियों और धार्मिक स्थलों पर भी गलत तरीके से उनका दावा और कब्जा होता गया। प्रदेश में दोनो वक्फ बोर्ड में कुल 1.32 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। शासन स्तर से करायी गयी एक जांच की रिपोर्ट के अनुसार इसमें भी करीब 11712 एकड़ की 57792 संपत्तियां सरकारी हैं। हालांकि वक्फ काउंसिल के रिकार्ड की मानें तो संपत्तियों के पंजीकरण में भी दोनों वक्फ बोर्ड ने गोलमाल किया है। काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार दोनों वक्फ बोर्ड के पास 1.32 लाख नहीं, 2.15 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों पर गलत तरीके से अवैध वक्फ के मामले की जांच पिछले साल करायी गयी थी। पिछले साल संसद में पेश हुए वक्फ संशोधन विधेयक के बाद गठित हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जब लखनऊ पहुंची तो यह रिपोर्ट साझा की गई थी।   इस रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि और शत्रु संपत्ति पर अवैध तरीके से वक्फ बोर्ड अपना दावा कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश के 40 ऐसे जिले हैँ जिनकी सैकड़ों संपत्तियां शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के रिकार्ड में तो दर्ज हैं नहीं, लेकिन तहसील रिकार्ड में उनका नामांतरण नहीं किया गया है। इन जिलों में फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, जालौन, ललितपुर, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, हरदोई, रायबरेली, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़,बलिया, बदायूं, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, भदोही, मीरजापुर, सोनभद्र, बिजनौर,कौशांबी, प्रयागराज, चंदौली, जौनपुर, वाराणसी और महोबा शामिल हैं। वक्फ के रिकार्ड में भी हेराफेरी उत्तर प्रदेश में दोनों वक्फ बोर्ड के पास पंजीकृत संपत्तियों को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 1.24 लाख और शिया वक्फ बोर्ड के पास आठ हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। वक्फ काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास दो लाख और शिया वक्फ बोर्ड में 15 हजार संपत्तियां पंजीकृत हैं। इसकी पुष्टि शासन स्तर से हुई जांच की रिपोर्ट करती है। वक्फ बोर्ड के रिकार्ड के मुताबिक महोबा में एक भी संपत्ति दर्ज नहीं है। वहीं सोनभद्र में एक संपत्ति दर्ज है। जिलास्तर के गजट के अनुसार महोबा में 245 और सोनभद्र में 171 वक्फ संपत्तियां हैँ। दोनों वक्फ बोर्ड की दर्ज सपंत्तियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी ने पूरा डाटा ही फीड नहीं किया है। नहीं हो पा रहा आडिट वक्फ बोर्ड की कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठे हैँ। वर्ष 1976 में केंद्र की कांग्रेस की सरकार ने वक्फ संपत्तियों की जांच करायी थी, जिसमें मुतव्वली को अनावश्यक रूप से अधिक अधिकार को लेकर सवाल उठाए थे। वर्ष 2005 में सच्चर कमेटी ने भी वक्फ संपत्तियों का आडिट कराने की सिफारिश की थी। वर्ष 2017 में मेरठ-दिल्ली रोड पर अब्दुल्लापुर और कंकरखेड़ा में वक्फ की डेढ़ लाख बीघा जमीन को गलत तरीके से बेच दिया गया था। तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने तब इस मामले में एफआइआर दर्ज कराने के साथ वक्फ बोर्ड की सीएजी जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। उस पर सीएजी की ओर से प्रदेश के दोनों वक्फ बोर्ड को आडिट में सहयोग करने के लिए बार-बार पत्र भेजे गए। हालांकि दोनों वक्फ बोर्ड ने आडिट में सहयोग ही नहीं किया।

जल गंगा संवर्धन अभियान – जनशक्ति से जलसंरक्षण की क्रांति

Amla Municipal Chairman wrote a letter to the Collector and asked

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण में जनता की भागीदारी का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने “खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में” के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया है। इसी सोच को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य- “जल गंगा संवर्धन अभियान” के द्वारा जल संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के साथ-साथ पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों और जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास पौध रोपण के कार्य प्राथमिकता पर किये जा रहे हैं। इसके साथ ही समाज की सहभागिता के लिए जल संरक्षण जागरूकता के कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैं। प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अभियान जनप्रतिनिधि और जनमानस बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। विधायक सहित आमजन ने किया श्रमदान गुरुवार को जनपद शिवपुरी की सतेरिया पंचायत में प्राचीन तालाब की गाद निकालने, अनावश्यक झाड़ियों की सफाई के लिए विधायक शिवपुरी श्री देवेन्द्र जैन ने ग्रामवासियों के साथ श्रमदान किया। विधायक देवेन्द्र जैन ने कहा कि आप पानी बचाएंगे तभी पानी आपको बचाएगा। हम सभी को जल संरक्षण की दिशा में एकजुट प्रयास करने होंगे, तभी आगे की पीढ़ी को पानी मिल पायेगा। एक एक बूँद संरक्षित करने के लिए हर व्यक्ति को प्रयास करने होंगे, तभी इस अभियान की सार्थकता होगी। जल संरक्षण पर जन संवाद इंदौर जिले के ग्राम जलोदकेऊ में जल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गांव में ग्रामीणों ने श्रमदान कर तालाब का गहरीकरण भी किया। समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों के साथ जल संवाद किया गया। जिसमें जल स्रोतों का पूजन एवं रख-रखाव के लिये श्रमदान कर पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने हेतु चर्चा की गई। जल संरक्षण के लिये दीवार पर लेखन के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जल के अपव्यय को रोकने हेतु समाज को प्रेरित किया गया। इसी कड़ी में आज सुबह ग्राम जलोदकेऊ में स्थित छोटे तालाब में श्रमदान कर गहरीकरण किया गया। जल को सहेजने एवं उसके संरक्षण के लिये शपथ भी दिलवाई गई। गाँव-गाँव में बन रहे रिचार्ज पिट देवास जिले के टोंकखुर्द विकाखण्ड में “जलगंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत बारिश के पानी को सहेजने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। गांवों में रिचार्ज पिट के माध्यम से वर्षा जल को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। जनपद के कई गाँवों में रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। “अमृत संचय अभियान” की टीम ने विकासखण्ड के जिरवाय, चौबाराधीरा तथा पांडी गाँवों का भ्रमण कर नवनिर्मित रिचार्ज पिट का अवलोकन किया। जल संरक्षण के संदेश लिखकर किया जागरूक छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड जुन्नारदेव के ग्राम पंचायत जमकुंडा, में जल गंगा संवर्धन के तहत आम नागरिकों को जल को सहेजने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये गाँव की दीवारों पर चित्र बनाकर स्लोगन लिखवाये जा रहें। ग्राम जीरापुर में तालाब की सफाई मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विकासखंड नालछा के ग्राम जीरापुर में एक विशेष श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमदानियों ने तालाब के किनारों से कचरा हटाने, जलभराव क्षेत्र की सफाई करने तथा जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिये जागरूकता अभियान चलाया। इस सामूहिक प्रयास का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना था, जिससे ग्रामवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके एवं पर्यावरण संतुलन बना रहे। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में इस प्रकार के अभियानों में सहयोग देने का संकल्प लिया। सुबकरा में कुएं की सफाई एवं गहरीकरण श्योपुर जिले के कराहल विकासखण्ड के ग्राम सुबकरा में सार्वजनिक कुएं पर सामूहिक श्रमदान से सफाई का कार्य किया गया। ग्रामवासियों ने गाँव में स्थित कुएं के आसपास स्वच्छता कार्य करते हुए श्रमदान किया और साथ ही जल संरक्षण की शपथ ली। विजयपुर ब्लाक चांदीपुरा ग्राम स्थित तालाब के किनारे स्वच्छता अभियान चलाते हुए जल संरक्षण की शपथ ग्रामीणों को दिलाई गई। नगर पालिका परिषद भिण्ड द्वारा नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिये नगर पालिका कार्यालय से सुभाष तिराहा तक जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों को जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। ग्राम बैठक का आयोजन एवं नदी तट की सफाई छिंदवाडा़ जिले के सौंसर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत देवली एवं खांडसिवनी में ग्राम बैठक का आयोजन कर जल संरक्षण की विविध जानकारी दी गई। नदी तट की साफ सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गकया। ग्राम सभा में जल संरक्षण के लिये सोक-पिट का निर्माण और जल स्रोतों की साफ सफाई करने के लिये प्रेरित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने श्रमदान किया। सांईखेड़ी में खेत तालाब का निर्माण खरगोन जिले के भीकनगांव विकासखंड के ग्राम सांईखेड़ी में मनरेगा से किसानों के खेत में तालाब का निर्माण कार्य 03 अप्रैल को प्रारंभ किया गया है। चम्पालाल के खेत में तालाब बनने से वर्षा का पानी में उसमें संचित होगा और फसलों की सिंचाई के काम आयेगा। जनपद पंचायत भीकनगांव की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा मलाकार सैनी ने बताया कि चम्पालाल के खेत में खेत तालाब निर्माण के लिए मनरेगा से 02 लाख 89 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इस तालाब के निर्माण कार्य से चम्पालाल एवं अन्य ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और तालाब बनने से गांव के भू-जल स्तर में सुधार होगा। चम्पालाल के खेत में तालाब निर्माण का कार्य प्रारंभ होने से वह बहुत खुश है। वह इस तालाब में मछली पालन का काम भी करना चाहता है।  

कुम्हारपारा एवं चिखलपुटी में सरपंच, उप सरपंच एवं पंचगण की उपस्थिति में नशा मुक्ति कार्यक्रम

कोण्डागांव, कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज ग्राम पंचायत कुम्हारपारा एवं चिखलपुटी में नव निर्वाचित सरपंच, उप सरपंच एवं पंचगण की उपस्थिति में नशा मुक्ति हेतु सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान नशे से होने वाले दुष्प्रभावों एवं संबंधित बीमारियों की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत चिखलपुटी के नव निर्वाचित पंचगण ने अपने गांव को शत-प्रतिशत नशा मुक्त करने का संकल्प लिया। साथ ही समाज कल्याण के अधिकारियों द्वारा नशा मुक्ति केंद्रों की सुविधाओं एवं सेवाओं के बारे में भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत माकड़ी एवं फरसगांव क्षेत्र के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नशामुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित सरपंच, उप सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों को राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की जानकारी दी गई तथा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की उप संचालक ललिता लकड़ा, विभागीय कर्मचारी सुनीता साहू, रमेश मरकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

बिजली चोरी के सूचनाकर्ता को पारितोषिक की 5 फीसदी राशि तुरंत मिलेगी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के संशोधित प्रावधान के अनुसार 5 प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा। शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली उपरांत देय होगी। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी/ संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के बाद बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ जांच एवं वसूली के कार्य में शामिल बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना के तहत दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि को सभी संबंधितों को समान रूप में दिया जाना निर्धारित किया गया है। कंपनी ने कहा है कि अब पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग, भुगतान से संबंधित गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान क्र. (आधार अथवा पेन ) देना अनिवार्य कर दिया है। कंपनी द्वारा विद्युत की चोरी के प्रभावी रोकथाम एवं विद्युत के अवैध उपयोग को रोकने के लिए यह योजना चलाई गई है। योजनांतर्गत कोई भी व्यक्ति बिजली के अवैध उपयोग के संबंध में सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाईल के साथ ही कंपनी की वेबसाईट  portal.pmcz.in पर ऑनलाईन सूचना दे सकते हैं। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है। कंपनी की वेबसाइट  portal.mpcz.in  पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सभी नागरिकों के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान अवश्य करें।

मां के जगराता मैं भजन कीर्तन का आयोजन

भोपाल चैत्र नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर सुंदरकांड और माता रानी की जगराते का आयोजन कर दिया। इस आयोजन में राष्ट्यदुवंशम सेना के धर्मेंद्र यादव जिला अध्यक्ष मनजीत यादव जिला उपाध्यक्ष और रोहित यादव जी राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष उपस्थित रहे । सभी लोगों ने माता के जगराता में सभी को शुभकामनाएं दी

गत वर्ष की तुलना में अब तक लगभग 13 हजार से अधिक विद्युत चोरी के मामले हुए दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वर्ष 2024-25 में विद्युत की चोरी के 88 हजार 115 प्रकरण दर्ज कर 19410.53 लाख से अधिक की बिलिंग की जाकर 11587.17 लाख से अधिक की वसूली की गई है। कंपनी ने बताया कि विजिलेंस टीम द्वारा विद्युत चोरी की अनियमितताओं से संबंधित सूचनाओं के आधार पर की गई जांच में पायी गयी विद्युत चोरी की अनियमितता के आधार पर बिल की गयी राशि तथा प्रकरणों में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष इजाफा हुआ है। कंपनी ने बताया कि जहां वर्ष 2024-25 में विद्युत चोरी के 88 हजार 115 प्रकरण दर्ज कर 19410.53 लाख से अधिक की बिलिंग सहित 11587.17 लाख से अधिक की वसूली की गई है।  वर्ष 2023-24 में 74 हजार 579 प्रकरण के विरुद्ध 19776.48 लाख की बिलिंग की गई,  जिसमें से 8632.95 लाख की वसूली हो चुकी है। इस तरह से गत वर्ष की तुलना में 2954.22 लाख की बढ़ोतरी हुई है।  

200 से ज्यादा भारतीय मुसाफिर पिछले 18 घंटे से तुर्किये के एयरपोर्ट पर फंसे, न पानी, न खाना

Step towards freedom from malnutrition

लंदन लंदन से मुंबई जा रही वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट में अचानक एक मुसाफिर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते जहाज को तुर्किये के एक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। लेकिन ये इमरजेंसी लैंडिंग मुसाफिरों के लिए एक नई मुसीबत बन गई। 200 से ज्यादा भारतीय मुसाफिर पिछले 18 घंटे से एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं, जहां न ठीक से खाने-पीने का इंतजाम है और न ही आराम करने की सुविधा। एयरपोर्ट पर सुविधाओं की कमी रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब प्लेन ने इमरजेंसी लैंडिंग की तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। ऊपर से, जिस एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई, वहां उड़ान भरने की सही सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में फ्लाइट को अब तक मुंबई के लिए रवाना नहीं किया जा सका। यात्रियों की हालत खराब एक यात्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम 18 घंटे से यहां फंसे हुए हैं। किसी से ठीक से संपर्क नहीं हो पा रहा। एयरपोर्ट के जिस टर्मिनल पर हमें रोका गया है, वहां पानी और खाना तक सही से नहीं मिल रहा। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं।” महाराष्ट्र सरकार की पहल इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। एक यात्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनकी मदद का भरोसा दिया है। वहीं, भारत के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हालात संभालने के लिए एक नोडल ऑफिसर भी तैनात किया है। तुर्किये में पहले भी फंसे हैं भारतीय यात्री ये कोई पहली बार नहीं जब भारतीय मुसाफिर तुर्की के एयरपोर्ट पर फंसे हैं। पिछले साल दिसंबर में भी 400 से ज्यादा भारतीय यात्रियों को 18 घंटे तक इस्तांबुल एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा था। उस वक्त इंडिगो एयरलाइंस को माफी तक मांगनी पड़ी थी, लेकिन अब वर्जिन अटलांटिक की इस फ्लाइट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इतनी देर से फ्लाइट क्यों रोकी गई है।

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