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भोपाल : एक मई से कलेक्टर कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली होगी …

भोपाल भोपाल कलेक्टर कार्यालय में 1 मई से ई-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकारी अपने कार्यालय को ई-ऑफिस सेटअप तैयार कर लें। एक मई 2025 से कलेक्टर कार्यालय द्वारा ई-ऑफिस के अंतर्गत कार्य संचालित किया जाएगा। किसी भी फाइल की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, पटाखों की दुकान एवं अन्य संस्थानों का फायर ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में समग्र आईडी को आधार से लिंक कराने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजस्व अभियान अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री आरओआर लिंकिंग के कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को अवैध माईनिंग एवं अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एडीएम को एसडीएम कोर्ट एवं एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करने आदेशित किया गया। शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा टीएल बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त करते हुए 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा कर शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जनभागीदारी के माध्यम से जिले की नदी, तालाब, जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन को गंभीरतापूर्वक लेते हुए समस्त संबंधित विभागों की आगामी एक महीने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।  

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन

पुरी, गंगासागर के साथ बाबा बैद्यनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन — IRCTC की भारत गौरव ट्रेन भोपाल मंडल के रानी कमलापति और इटारसी से होकर गुजरेगी भोपाल भोपाल मंडल के यात्रियों को एक बार फिर शानदार धार्मिक पर्यटन की सौगात मिल रही है। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन दिनांक 27 मई 2025 को इंदौर से किया जाएगा। यह विशेष ट्रेन श्रद्धालुओं को पुरी, गंगासागर, बाबा बैद्यनाथ, काशी विश्वनाथ, गया, वाराणसी और अयोध्या जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कराएगी। यह ट्रैन मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी एवं अनूपपुर स्टेशनों से होते हुए जाएगी| इस यात्रा का सबसे बड़ा फायदा भोपाल मंडल के यात्रियों को मिलने जा रहा है क्योंकि यह ट्रेन रानी कमलापति और इटारसी जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे भोपाल मंडल के हजारों श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त यात्रा के अपने ही नजदीकी स्टेशनों से ट्रेन में सवार होकर इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा समय, खर्च और यात्रा की थकान तीनों से राहत दिलाएगी। यह यात्रा कुल 09 रातें और 10 दिन की होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों — पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी और अयोध्या का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने तीन श्रेणियाँ निर्धारित की हैं, जो यात्रियों की सुविधा और बजट के अनुसार चुनी जा सकती हैं। स्लीपर (इकोनॉमी) श्रेणी में प्रति व्यक्ति किराया ₹17,600/- है, जबकि 3AC (स्टैण्डर्ड) श्रेणी में ₹28,500/- प्रति व्यक्ति शुल्क लगेगा। यदि कोई यात्री अधिक आरामदायक अनुभव चाहता है तो वह 2AC (कम्फर्ट) श्रेणी चुन सकता है, जिसका प्रति व्यक्ति किराया ₹37,500/- निर्धारित किया गया है। आईआरसीटीसी की यह यात्रा एक सर्व समावेशी पैकेज है जिसमें शामिल हैं – एलएचबी कोच वाली आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड शुद्ध शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, होटल में ठहराव की सुविधा, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स, ऑन-बोर्ड सुरक्षा, हाउसकीपिंग सेवाएँ और यात्रा बीमा। भोपाल मंडल के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। रानी कमलापति और इटारसी जैसे स्टेशनों से ट्रेन के गुजरने से यहाँ के श्रद्धालु सीधे इस विशेष यात्रा से जुड़ सकेंगे। इस यात्रा की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन की जा सकती है। साथ ही आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंटों से भी बुकिंग कराई जा सकती है।

मुद्रा योजना के10 साल, लाभार्थियों में 68% महिलाएं, मोदी बोले- योजना ने लोगों के सपनों को हकीकत बनाया

नई दिल्ली मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत की. इस दौरान कुछ ऐसे मौके भी आए, जब पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में लोगों से बात की. प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना मोदी के लिए नहीं है. यह जरूरतमंदों के लिए है. भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है. लाभार्थियों की यात्रा प्रेरणा देने वाली है. मुद्रा योजना देश के नौजवानों के लिए है. नौजवानों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए है. इस दौरान पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे. इस पर सभी ठहाका लगाकर हंसने लगे.. ‘मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला’ पीएम मोदी ने लिखा, ‘आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 साल पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है। इस दशक में मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है। ऐसे लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता से वंचित रखा गया था। यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है!’ पीएम ने आगे कहा, भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, 33 लाख करोड़ देश के लोगों को बिना गारंटी दिए गए, इससे जीवन बदला है, सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आई हैं। क लाभार्थी ने बताया कि मुद्रा लोन से अपना बिजनेस सेट-अप करके घर भी खरीदा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले उनका सालाना टर्नओवर 12 लाख था, वो अब 50 लाख हो चुका है। उन्होंने पीएम मोदी को इसके लिए थैंक्यू कहा। एक ने कहा मुद्रा योजना से पहले वो 20 हजार रुपए महीना कमाता था, आज उसकी इनकम दोगुनी हो गई है। पहली बार फ्लाइट में बैठी महिला एक लाभार्थी ने बताया कि वह बहुत गरीबी में थीं। उन्होंने बताया कि वह पहली बार दिल्ली आईं और पहली बार ही फ्लाइट में बैठीं। उन्होंने बताया कि उन्हें लोन कैसे मिला। उन्होंने बताया कि वे एक महीने का 60 हजार रुपये इनकम कर रही हैं। पीएम मोदी ने लाभार्थी की सराहना की और उन्हें बधाई दी। नहीं आएंगे इनकम टैक्स वाले इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि आपकी आय कितनी है? पीएम मोदी के इस सवाल से लाभार्थी झिझक गया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। पीएम मोदी का इस तरह तंज कसने पर सभी लाभार्थी हंस पड़े।  ये योजना मोदी की तारीफ के लिए नहीं, लाभार्थियों से बोले पीएम लाभार्थियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी की तारीफी के लिए नहीं है। यह योजना मेरे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देने के लिए है। पीएम मोदी से बात करते हुए मध्य प्रदेश के भोपाल के लाभार्थी लवकुश मेहरा ने कहा, ‘पहले मैं किसी के यहां काम करता था, नौकर था, लेकिन आपने मुद्रा लोन के ज़रिए हमारी गारंटी ली और आज हम मालिक बन गए हैं।’ 50 लाख से ज्यादा का हुआ टर्नओवर इसके साथ ही लवकुश ने कहा, ‘मैंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और मैंने बैंक से संपर्क किया, उन्होंने मुझे 5 लाख रुपये की लोन लिमिट दी। मुझे डर था कि मैं पहली बार इतना बड़ा लोन ले रहा हूं। मैं इसे चुका पाऊंगा या नहीं। आज मेरा मुद्रा लोन 5 लाख रुपये से बढ़कर 9.5 लाख रुपये हो गया है। मेरा पहले साल का टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।’ क्या है मुद्रा योजना? मालूम हो कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम मोदी की प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य वित्तपोषित सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषित करना है। पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है। इस योजना में 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एमनागराजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने उन लोगों के लिए यह व्यवसाय योजना शुरू की है जो बिना किसी गारंटी के ऋण चाहते हैं। हमने पिछले 10 सालों में 50 करोड़ ऋण खातों को मंजूरी दी है और कुल 33 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया है। इनमें से 68 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं, और 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े समुदायों से हैं। लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।’ ‘देश के नौजवानों के लिए है योजना’ पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना मोदी के लिए नहीं है, बल्कि देश के नौजवानों के लिए है।  पीएम मोदी ने कहा- हमारे देश में बहुत कम लोग हैं, जिन्हें पता है साइलेंटली कैसे रिवॉल्योशन हो रहा है। ‘सालाना टर्नओवर 12 से 50 लाख पहुंचा’ पीएम मोदी को लोगों ने अपने अनुभव बताया, एक ने कहा मुद्रा लोन के बाद हमने पेट को लेकर सुविधा शुरू की। अब मुझे इसे बहुत फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने एक लाभार्थी से पूछा कि फिलहाल आपकी आय कितनी है? इस पर उस शख्स की झिझक देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री मेरे बगल में बैठे हैं, उन्हें बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे। बता दें कि मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इससे हर साल मुद्रा योजना 5.14 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ है. इस योजना के तहत सरकार ने दस साल में 53 लाख करोड़ का लोन दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि मुद्रा योजना के 10 साल पूरा होने के मौके पर मैंने देशभर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था. लाभार्थियों ने हमें बताया कि किस तरह यह योजना उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है.

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा प्रदेश के 16 नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में राज्य सरकार की और से हरसंभव मदद की जायेगी

नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में राज्य सरकार की और से की जायेगी हर संभव मदद नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई नगर निगमों के महापौर की बैठक भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि प्रदेश के 16 नगर निगमों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में राज्य सरकार की और से हरसंभव मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि निकायों को और अधिक अधिकार देकर सशक्त बनाया जायेगा। नगर निगम महापौरों को सुरक्षा की दृष्टि से गनमैन दिलाने के लिये गृह विभाग को पत्र लिखा जायेगा। उन्होंने नगर निगम आयुक्तों को विकास कार्यों में तेजी लाने के लिये महापौर से बेहतर समन्वय रखने के निर्देश भी दिये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में प्रदेश के नगर निगम महापौर और आयुक्तों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य रूप से इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय और नगरीय प्रशासन विकास आयुक्त सिबि चक्रवर्ती भी मौजूद थे। बैठक में 19 जुलाई, 2024 को नगरीय विकास मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा की गयी। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनी को वैधता देते समय इस बात का ख्याल रखा जाये कि इससे नगर के विकास में रुकावट न आये। बैठक में सौर ऊर्जा के माध्यम से नगरीय निकायों के बिजली बिलों में कमी लाने पर चर्चा की गयी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रत्येक नगर निगम इसके लिये कार्य-योजना तैयार कर ले। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अनेक निविदाकार कम दर पर निर्माण कार्य की निविदा प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे निविदाकारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है। बैठक में कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गयी। यह भी जानकारी दी गयी कि योजना में विधायकों द्वारा नगरीय निकायों में प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति जारी कर दी गयी है। बैठक के प्रमुख बिन्दु              बैठक में तय हुआ कि नगरीय निकाय ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को प्रोफेशनल तरीके से चलायें। इसमें नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाये।              सड़क प्रकाश व्यवस्था में टाइमर लगाने पर चर्चा हुई।              कंपाउंडिंग के वर्तमान प्रावधान को 30 जून, 2025 तक बढ़ाये जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। महापौर परिषद को नगरीय निकायों द्वारा दी गयी लीज में भू-अधिकार प्रदान करने के अधिकार प्रदाय किये जायें। इसके लिये एक माह का अभियान चलाया जाये। जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अधिकार नगरीय निकायों को विकेन्द्रीकृत किये जायें। नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के अध्ययन के लिये देश के अन्य नगरीय निकाय में नियमित भेजने का कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश। बैठक में चुंगी क्षतिपूर्ति की अनुदान राशि के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में नगर निगमों के सेवा प्रभार की दर को तय करने के लिये संचालनालय स्तर पर स्लेब तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित महापौर को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये।  

रोहित शर्मा ने 9 गेंदों में 17 रन जरूर बनाए, रवि शास्त्री और इयान बिशप ने कहा-इन पारियों से कुछ नहीं होगा

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में रोहित शर्मा अब तक फीके रहे हैं। एक मैच में चोट के कारण वे बाहर बैठे, जबकि चार मैचों में खेले। इन मैचों में उनका स्कोर 0, 8, 13 और 17 है। आरसीबी के खिलाफ उन्होंने 9 गेंदों में 17 रन जरूर बनाए, लेकिन दूसरे ही ओवर में पवेलियन लौट गए। मुंबई इंडियंस भी पांच में से चार मुकाबले हार चुकी है। इसके लिए एमआई के पूर्व कप्तान की आलोचना हो रही है। पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री और वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर इयान बिशप ने रोहित शर्मा को एक बड़ी सलाह दी है। लेफ्ट आर्म पेसर्स का शिकार हो रहे रोहित शर्मा को कमेंट्री करते हुए इयान बिशप ने कहा, “उन्हें (मुंबई इंडियंस को) रोहित शर्मा से और अधिक की जरूरत है, ना कि केवल शुरुआत में 12-15 रन की छोटी शुरुआत मिले।” दूसरी ओर रवि शास्त्री ने कहा, “आदर्श रूप से, आप निरंतरता चाहते हैं। जो टीमें लंबा सफर तय करती हैं, उनमें आमतौर पर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अच्छा होता है। आपको रोहित शर्मा से 400 रन का सीजन चाहिए। 15 और 20 रन को 40 और 60 रन में बदलना चाहिए।” चार पारियों में रोहित शर्मा सिर्फ 38 रन बना सके हैं। यहां तक कि पिछले पांच आईपीएल सीजन में रोहित शर्मा सिर्फ एक बार 400 या इससे ज्यादा रन बना पाए हैं। पिछले साल उन्होंने 400 से ज्यादा रन सीजन में बनाए थे, लेकिन इस तरह की शुरुआत से लग नहीं रहा कि रोहित शर्मा उस आंकड़े तक पहुंच पाएंगे। हालांकि, अभी भी मुंबई इंडियंस के 9 लीग मैच बाकी हैं। अगर रोहित शर्मा का बल्ला आने वाले मैचों में नहीं चलता है तो टीम के लिए मुश्किलें हो सकती हैं। हालांकि, हेड कोच महेला जयवर्धने ने रोहित शर्मा को डिफेंड किया है। आरसीबी के खिलाफ मैच से पहले जयवर्धने ने कहा था, “अगर आप मुझे हर दो पारियों में किसी के प्रदर्शन को देखने के लिए कह रहे हैं, तो यह थोड़ा अनुचित है। उनकी आखिरी पारी की मेरी याददाश्त चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली पारी थी। इसलिए हमें अनुभवी खिलाड़ियों का समर्थन करना होगा और उन्हें टीम में शामिल करना होगा। हमने हमेशा, मुंबई के रूप में, हमारे लिए प्रदर्शन करने के लिए कोर ग्रुप का समर्थन किया है, इसलिए हम ऐसा करने जा रहे हैं। हम अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना जारी रखेंगे ताकि वे हमारे लिए परिणाम प्राप्त कर सकें।”

भारत सरकार बदल सकती है पुराने मोबाइल सिम कार्ड

नई दिल्ली मोबाइल फोन में सबसे जरूरी चीज होती है सिम कार्ड, जिसे आप अपना आईडी प्रूफ देकर खरीदते हैं। अब भारत सरकार पुराने मोबाइल सिम कार्ड बदलने के बारे में सोच रही है। NCSC यानी नेशनल साइबर सिक्‍योरिटी कोऑर्डिनेटर की जांच के बाद सिम कार्ड बदलने के बारे में सोचा जा रहा है। सरकार की ओर से जियो, एयरटेल और वीआई यानी वोडा-आइडिया के अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, NCSC की जांच में कुछ सिम कार्डों में चीन में बने चिपसेट की मौजूदगी मिली है। इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो चिपसेट, सिम कार्डों में मिले हैं, वो सब्‍सक्राइबर की पहचान को स्‍टोर रखते हैं। पहले बदले जा सकते हैं पुराने सिम इस पूरे मामले की तकनीकी और कानूनी चुनौतियां हो सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, NCSC और गृह मंत्रालय मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं। सबसे पहले पुराने सिम कार्डों को बदलने का विचार है। रिपोर्ट में बताया गया है कि NCSC ने वीआई, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के अधिकारियों और दूरसंचार विभाग के साथ बैठक की है। बैठक में टेलिकॉम संसाधनों की खरीद में सुरक्षा खामियों को दूर करने पर बात हुई। इस पर भी चर्चा की गई कि सिम कार्ड बदलने के लिए एक ढांचा कैसे तैयार किया जाए। चीनी कंपनियों के उपकरणों पर लगी है रोक भारत सरकार ने कुछ साल पहले ही प्रमुख चीनी कंपनियों के उपकरणों पर रोक लगा दी थी। चीन की प्रमुख कंपनियां हुवावे और जेडटीई, भारतीय कंपनियों के साथ अब काम नहीं कर रहीं। अमेरिका भी हुवावे पर लगाम कस चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की मंजूरी के बिना चीन से सिम चिपसेट खरीदना, टेलिकॉम ऑपरेटरों की सोर्सिंग पर सवाल उठाता है। हालांकि ऐसा लगता है कि टेलिकॉम ऑपरेटरों को भी यह जानकारी नहीं थी कि जो सिम कार्ड खरीदे जा रहे हैं, उनमें चीनी चिप की मौजूदगी है। सरकार नहीं दे रही ज्‍यादा जानकारी मिंट की रिपोर्ट कहती है कि मामला संवेदनशील है, इसलिए सरकार इस बारे में ज्‍यादा जानकारी शेयर करने से बच रही है। यह रिपोर्ट दो अधिकारियों के हवाले से तैयार की गई है, जिन्‍होंने नाम ना छापने की शर्त पर यह जानकारी दी है। किन सिम कार्ड विक्रेताओं ने चीनी चिप का इस्‍तेमाल किया, यह जानकारी भी नहीं दी गई है। 1 अरब से ज्‍यादा मोबाइल सब्‍सक्राइबर्स भारत में मोबाइल सब्‍सक्राइबर्स की संख्‍या 1.15 अरब है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ सिम कार्डों में चीन में बने चिप लगे हैं, पर यह संख्‍या कितनी है, यह नहीं बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आमतौर पर टेलिकॉम ऑपरेटर सिम कार्ड की खरीदारी उन विक्रेताओं से करते हैं, जिन्‍हें भरोसेमंद माना जाता है। इनमें ताइवान और वियतनाम के विक्रेता शामिल हैं। वहां से चिप लेकर देश में ही सिम कार्ड की असेंबलिंग और पैकिंग की जाती है। ऐसा लगता है कि विक्रेताओं ने चीनी चिप का इस्‍तेमाल करके टेलिकॉम ऑपरेटरों को सिम की डिलिवरी दी। सिम बदलने से क्‍या होगा सिम कार्डों में चीनी चिप की मौजूदगी, सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। सिम कार्ड बदलकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्‍य में चीनी चिप वाले सिम भारतीय मार्केट में ना आएं। हालांकि इस काम में कुछ तकनीकी और कानूनी समस्‍याएं आएंगी। सिम कार्ड बदलने पर जो खर्च आएगा, उसे मुख्‍य तौर पर टेलिकॉम ऑपरेटरों को ही उठाना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने OBC वर्ग के 27 फीसदी रिजर्वेशन के खिलाफ स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे समय से ओबीसी को आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। इस पर अब बड़ी खबर सामने आई है। एमपी ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लागू रहेगा सुप्रीम कोर्ट ने एमपी हाई कोर्ट के फैसले को सही माना है। साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लगाई स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। दरअसल, साल 2019 में कमलनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था। विधानसभा में इसका विधेयक पास हो गया। 2 सितंबर 2021 के दिन सामान्य प्रशासन विभाग ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का सर्कुलर जारी कर दिया। हालांकि इसके साथ ही यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने निरस्त की चुनौती वाली याचिका यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन की तरफ से लगाई याचिका में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 28 जनवरी 2025 को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद इस संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की। इस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। उन्होंने याचिका खारिज करते हुए कहा कि 27 फीसदी ओबीसी को आरक्षण लागू होने में मध्य प्रदेश में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ इस मामले में हाईकोर्ट भी यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को दो याचिकाएं खारिज की थीं। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में लगी एसएलपी खारिज कराने के लिए ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना पक्ष दमदारी से रखा। यूथ फॉर इक्वलिटी की याचिका खारिज होने के साथ ही एमपी में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है। आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ की याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पक्ष प्रस्तुत करने कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं हुआ। इससे सरकार द्वारा मामले को जानबूझकर लटकाने की कोशिश करने की आशंका उत्पन्न हुई। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने न केवल याचिका को खारिज कर दिया बल्कि ये भी साफ कर दिया है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण पर कोई कानूनी रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने मामले की सुनवाई की। एडवोकेट वरुण ठाकुर एवं एडवोकेट रामकरण ने ओबीसी महासभा की ओर से पक्ष रखा। ओबीसी महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में यह केस लड़ने के लिए समुदाय ये एक-एक रुपए एकत्रित किए थे। ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण एमपी में कांग्रेस की तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया था। 2019 में लिए गए इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई थी जिसे खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में यह एसएलपी यूथ फॉर इक्वेलिटी संगठन द्वारा दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एमपी हाईकोर्ट के आदेश को उचित बताते हुए स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण में कोई न्यायिक अड़चन नहीं हैं। गौरतलब है कि फरवरी माह में ही एमपी हाईकोर्ट जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ और न्यायाधीश विवेक जैन की युगलपीठ ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के कानून का पालन करने का आदेश दिया था। पीठ ने यह भी कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। वायरल हुआ पूर्व सीएम कमलनाथ का बयान मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने में कोई न्यायिक अड़चन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए यह स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर कोई रोक नहीं हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में 2019 में मैंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया था। उसके बाद से बनी भाजपा की सरकार असंवैधानिक रूप से षडयंत्र रचकर लगातार ओबीसी को आरक्षण से वंचित कर रही है। पहले माननीय मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने वाले क़ानून पर कोई रोक नहीं है। बीजेपी को अब मध्य प्रदेश के ओबीसी समाज से माफी मांगनी चाहिए और तत्काल प्रभाव से प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाकार्य की सराहना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर भगवान राम, भारत माता, बिरसा मुंडा, स्वर्गीय जगदेव राम उरांव और स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे के छायाचित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाभाव की सराहना की। इस अवसर पर एनटीपीसी लारा के महाप्रबंधक रविशंकर ने कलेक्टर रोहित व्यास को जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय लोगों के सेवाकार्य और इन क्षेत्रों के विकास में स्वर्गीय जगदेव राम उरांव, स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे, स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निर्माण मानव समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से इस अस्पताल के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये आबंटित किया गया है। इस अस्पताल के बन जाने से जशपुर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल के रहवासियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बार के बजट में जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से अब तक के कार्यकाल में ही मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया गया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह 01 हजार रुपये देकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा 5500 रुपये मूल्य निर्धारित किया गया है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का विकास किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी इलाकों का विकास कार्य और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बस्तर के नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, आपातकालीन वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आदिवासी क्षेत्रों में जाकर कार्य कर रहा है ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ सेवांकुर भारत की तरफ से 5 से 13 अप्रैल तक ‘एक सप्ताह देश के नाम’ मनाया जा रहा है। सेवांकुर भारत एक सेवाभावी संस्था है, जिसमें डॉक्टरों सहित मेडिकल फील्ड से जुड़े अन्य लोग काम कर रहे हैं। यह संस्था आदिवासी इलाकों में जाकर मेडिकल कैंप लगाकर उनका इलाज करती है और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है। इस संस्था में 18 ग्रुप हैं, प्रत्येक ग्रुप में 15 से 16 लोग जुड़े हैं। सेवांकुर भारत 2016 से हर वर्ष ‘एक सप्ताह देश के नाम’ से आदिवासी इलाकों में जाकर सेवा का कार्य कर रही है। यह संस्था नए चिकित्सकों को सेवा कार्य के लिए प्रेरित भी करती है। इसके अलावा यह संस्था आदिवासियों के घरों में जाकर उनकी संस्कृति और जीवनशैली का अध्ययन करती है, ताकि उनके इलाज की जरूरतों को बेहतर समझा जा सके। इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक रायमुनि भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार सिंह, महामंत्री योगेश बापट,  संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय अध्यक्ष रणविजय सिंह जूदेव, कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, कृष्ण कुमार राय सहित वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

धार्मिक नगरी अजमेर में चैत्र शुक्ल दशमी के मौके पर निकली राठौड़ बाबा की शाही सवारी

अजमेर धार्मिक नगरी अजमेर में कल चैत्र शुक्ल दशमी के मौके पर राठौड़ बाबा की शाही सवारी का आयोजन धूमधाम से हुआ। मोदियाना गली से शुरू हुई इस सवारी में राठौड़ बाबा के साथ-साथ गणगौर माता और ईसरजी के जोड़े भी शामिल थे। सवारी का मार्ग व्यास गली, होलीदड़ा, सर्राफा पोल, खटोला पोल होते हुए गणेश मंदिर तक पहुंचा, जहां विश्राम के बाद पुनः यात्रा शुरू हुई। सवारी के साथ बैंड-बाजे, ढोल, रंगीन रोशनी और आकर्षक सजावट की व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा नया बाजार उत्सवमय नजर आ रहा था। राठौड़ बाबा की सवारी का आयोजन सोलथम्बा धड़ा फरीकेन द्वारा किया जाता है, जो कि लगभग 300 साल पुरानी परंपरा है। हर साल दशमी के दिन यह सवारी निकाली जाती है, जिसमें राठौड़ बाबा का विशेष शृंगार किया जाता है। बाबा के साथ गणगौर माता और ईसरजी के जोड़े भी सजाए जाते हैं, जिन्हें जेवर और बेस पहनाए जाते हैं। आयोजन समिति के धर्मेन्द्र मिश्रा ने बताया कि राठौड़ बाबा की सवारी उनके पूर्वजों की परंपरा का हिस्सा है और यह हर साल बड़े धूमधाम से निकाली जाती है। खासकर सुहागन महिलाएं 16 दिनों तक गणगौर की पूजा करती हैं, जिसके बाद राठौड़ बाबा की सवारी का आयोजन होता है। इस दौरान शहरवासी बड़ी श्रद्धा के साथ सवारी का स्वागत करते हैं और जगह-जगह पुष्प वर्षा की जाती है। यह परंपरा करीब 300 सालों से चली आ रही है, दशमी के दिन राठौड़ बाबा की सवारी निकाली जाती है और दूसरे दिन एकादशी को मेहंदी और लच्छे का वितरण किया जाता है, जिसे लोग बतौर प्रसाद लेते हैं। सवारी को देखने लोग दूर-दूर से यहां पहुंचे थे, जिससे आसपास की गलियां खचाखच भर गई थीं। राठौड़ बाबा की सवारी अजमेर के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जो वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवित रखे हुए है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णाेद्धार, बाउंड्री वॉल के लिए 80.48 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है। समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है। इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कृषि ऋण वसूली के संबध में अदालत का सख्त आदेश

विदिशा मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा गुरोद द्वारा श्री बड़े लल्ला खान निवासी ग्राम बबचिया तहसील नटेरन, जिला विदिशा (म.प्र.) को कृषि ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋणी द्वारा नियमित भुगतान नहीं करने से ऋण खाता अवमानक आस्ति (NPA) में वर्गीकृत हो गया। मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा कृषि ऋण कि वसूली हेतु,  ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) जबलपुर में वाद दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा लोकधन की वसूली के लिये बैंक के पक्ष में आदेश पारित कर ऋणी श्री बड़े लल्ला खान की ग्राम बबचिया तहसील नटेरन, जिला विदिशा (म.प्र.) में स्थित 6.879 हेक्टेयर कृषि भूमि खसरा नं.- 8259, 266, 267/2, 272, 362, 369, 375, 270, 358, के अटैचमेंट आदेश पारित किये। अटैचमेंट आदेश के निष्पादन हेतु माननीय न्यायालय द्वारा एडवोकेट श्री शुभ चौधहा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया। अटैचमेंट आदेश के अनुपालनार्थ दिनांक 05.04.2025 को मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा गुरोद के शाखा प्रबंधक एवं क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में कोर्ट कमिश्नर द्वारा माननीय न्यायालय के अटैचमेंट आदेश को निष्पादित करवाया गया।

जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान सफलतापूर्वक जारी हैं। यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक कदम है। इसमें हर नागरिक को जोड़ने का उद्देश्य है, जिससे हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित बना सकें और भावी की पीढ़ी को जल संकट से मुक्ति दिला सकें। यह अभियान जल संरचनाओं के सतत संरक्षण और भविष्य की जल आवश्यकतों की पूर्ति के लिये एक सशक्त कदम है। राज्य में अभियान अन्तर्गत स्थनीय जनप्रतिनिधियों, आमजनों, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल बचाव के लिये विभिन्न गतिविधियाँ की जा रही हैं। जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं : केंद्रीय मंत्री उईके बैतूल जिले में जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जनभागीदारी से एक प्रेरणादायी पहल की गई। बैतूल के जयप्रकाश वार्ड स्थित माचना नदी के दामादैयात घाट पर एक वृहद नदी स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें इस विशेष अभियान में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद डी.डी. उइके सहित जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।  इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री उईके ने जल संकट की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। शाहपुर में लगाये गये सार्वजनिक प्याऊ जल गंगा संवर्धन अभियान एवं ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए नगर परिषद शाहपुर द्वारा नगर के प्रमुख स्थानों नाचनखेड़ा फाटा, बस स्टैंड क्षेत्र, बम्भाडा फाटा आदि स्थानों पर सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था की गई है। इस सुनियोजित व्यवस्था से राहगीरों, नगरवासियों, व्यवसायियों को शीतल पेयजल की सुविधा मिल रही है। शहडोल में सेल्फी लेकर दिया गया जल संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश जल को सहेजने एवं संरक्षण हेतु जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत शहडोल में जल के सरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देने हेतु सेल्फी पॉइंट बनाया गया है जिसमें आमजन सेल्फी लेकर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन का संदेश दे रहे हैं। मुरैना के बड़वारी ताला ब का किया सफाई कार्य मुरैना जिले में ग्राम पंचायत बड़वारी के तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। यह कार्य तालाब की बंड पर जल गंगा संवर्धन में साफ-सफाई और मशीन के द्वारा मिट्टी हटाने का कार्य जन सहयोग से किया गया। देवास में स्टॉप डैम मरम्मत एवं तालाब गहरीकरण कार्य जल गंगा संवर्द्धन अभियान से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास जिले के बागली विकासखंड की ग्राम पंचायत बरखेड़ा सोमा में स्टॉप डैम की मरम्मत का कार्य जनसहभागिता से किया गया। साथ ही जनपद पंचायत टोंकखुर्द की ग्राम पंचायत देवली में तालाब गहरीकरण का कार्य किया गया। अभियान के अंतर्गत जिले के तालाबों, नदियों, नालों, कुएं बावड़ियों सहित अन्य जल संरचनाओं की साफ-सफाई की जा रही है। इसके साथ ही इनके गहरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। अभियान में पौध-रोपण और रोपे गये पौधों के स्थल की साफ-सफाई की जा रही है। उज्जैन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत क्षीरसागर में सफाई की गई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शनिवार को सप्त सागरों में एक सागर क्षीरसागर कुंड पर कुंड की सफाई अभियान का कार्य नगर निगम द्वारा प्रारंभ किया गया जिसमें उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सदस्य गण एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। धार में जल संरक्षण को लेकर महिला संगोष्ठी और स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित धार जिले के तिरला विकासखंड के प्रेम नगर ग्राम में महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल उपयोग की सतत विधियों के प्रति जागरूक करना था। संगोष्ठी में महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और जल बचाने की शपथ ली। इसके साथ ही, प्रेम नगर के मॉडल स्कूल में छात्र-छात्राओं को भी जल संरक्षण पर जागरूक किया गया।  

मलाइका अरोड़ा के खिलाफ जमानती वारंट जारी

मुंबई मुंबई की एक अदालत ने अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के खिलाफ जमानती वारंट फिर से जारी किया है, क्योंकि वह 2012 में पांच सितारा होटल में एक एनआरआई व्यवसायी पर सैफ अली खान द्वारा कथित हमले से संबंधित मामले में गवाह के रूप में पेश होने में विफल रही हैं। अरोड़ा उस समूह का हिस्सा थीं जो 22 फरवरी, 2012 को कथित घटना के समय खान के साथ होटल में डिनर के लिए गए थे। कोर्ट ने सबसे पहले 15 फरवरी को अरोड़ा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। सोमवार को दोबारा वारंट जारी किया गया क्योंकि वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। व्यवसायी इकबाल मीर शर्मा की शिकायत के बाद सैफ अली खान और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। जब झगड़ा हुआ तो होटल में अभिनेता के साथ उनकी पत्नी करीना कपूर, उनकी बहन करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा, अमृता अरोड़ा और कुछ पुरुष मित्र मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, जब शर्मा ने अभिनेता और उनके दोस्तों की तीखी नोकझोंक का विरोध किया, तो सैफ ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया और बाद में शर्मा की नाक पर मुक्का मारा, जिससे उनकी नाक टूट गई। एनआरआई व्यवसायी ने सैफ और उनके दोस्तों पर अपने ससुर रमन पटेल को पीटने का भी आरोप लगाया। दूसरी ओर, सैफ ने दावा किया है कि शर्मा ने भड़काऊ बयान दिए और उनके साथ आई महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके कारण हंगामा हुआ। सैफ और उसके दो दोस्तों – शकील लदाक और बिलाल अमरोही – पर भारतीय दंड संहिता की धारा 325 (हमला) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। वहीं इससे पहले मलाइका अरोड़ा की बहन औा एक्ट्रेस अमृता अरोड़ा ने कोर्ट में गवाही दी थी। उन्होंने बताया कि होटल ने उनके ग्रुप को एक सेपरेट जगह मुहैया कराई थी और वो लोग वहां क्वालिटी टाइम बिता रहे थे तभी अचानक शिकायतकर्ता वहां आ पहुंचा और चिल्लाने लगा और गालियां देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा था- उस आदमी ने हमें गालियां देनी शुरू कर दी और हमें भयंकर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगा।    

8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 8 अप्रैल से होने जा रहा है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जाएंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह वर्ष सौभाग्य से छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है, जिसे राज्य सरकार “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मना रही है। सुशासन की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी। *समाधान शिविर और योजनाओं का प्रचार* तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे कार्यों की वास्तविकता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे सुशासन तिहार से जुड़ें और शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराएं, ताकि उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 59.75 करोड़ रूपए के 22 कार्यों का शिलान्यास, 3.64 करोड़ रूपए की लागत के पांच कार्यों का लोकार्पण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 63 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने जिला मुख्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में 59.75 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का भूमिपूजन और 3.64 करोड़ रुपये के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें जय स्तंभ चौक के सौंदर्यीकरण, छात्रावासों के निर्माण, सामुदायिक भवन, कम्पोस्ट सेंटर और आरआर सेंटर जैसी जनोपयोगी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए कार्यों में नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और पंचायत एवं ग्रामीण सड़क विकास विभाग से जुड़े 22 महत्वपूर्ण विकास कार्य सम्मिलित हैं। इनमें बीटी रोड, सीसी रोड, नालियों और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, सामुदायिक भवन, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट विस्तार, तालाब और पार्क उन्नयन, छात्रावास भवन और सड़क निर्माण कार्य प्रमुख हैं। जय स्तंभ चौक सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के जय स्तंभ चौक में 23 लाख 86 हजार की लागत से कराये गए सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। भारत के स्वतंत्रता दिवस कीे यादगार के रूप में स्थापित जय स्तंभ चौक का उन्नयन कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जय स्तंभ चौक वर्षों तक आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देता रहेगा, राष्ट्रसेवा हेतु सभी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं जशपुर जिले के समग्र विकास और नागरिकों की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

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