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आज हनुमानगढ़ के दौरे पर रहेंगे सीएम भजनलाल, किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

  हनुमानगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 8 अप्रैल को प्रस्तावित हनुमानगढ़ दौरे को लेकर सोमवार को जिले में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी मुस्तैदी दिखाई। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत तथा जिला प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा दो दिवसीय दौरे पर जिले में ही रहे। जिला कलेक्टर कानाराम एवं एसपी अरशद अली ने नियुक्त किए गए मौका मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ तैयारियों को लेकर बैठक की। जिला कलेक्टर ने व्यवस्थाओं को समयबद्ध, चौकसी के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री के यात्रा कार्यक्रम अनुसार निरीक्षण किए जाने वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में मौजूद जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत तथा जिला प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने लखूवाली हेड पर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित निरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लखूवाली हेड, घग्घर नदी और डायवर्जन कैनाल का निरीक्षण भी किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 8 अप्रैल को जयपुर से रवाना होकर भठिंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हरिके बैराज का निरीक्षण कर वे मल्लेवाला हेड, बल्लेवाला हेड, बीकानेर कैनाल, फिरोजपुर फीडर और इंदिरा गांधी नहर का हवाई निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे लोहागढ़ हेड का निरीक्षण कर वे हनुमानगढ़ के लखूवाली हेलीपैड पर पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे लखूवाली हेड, घग्घर डायवर्जन चैनल और घग्घर नदी पुल का निरीक्षण करेंगे। अंत में दोपहर 4 बजे सर्किट हाउस, जंक्शन में भाखड़ा नहर क्षेत्र के किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके पश्चात वे श्री गंगानगर के लिए रवाना होंगे। प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते 15 महीनों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में नहरों और खालों का निर्माण करीब 50 वर्ष पूर्व हुआ था, जिनकी मरम्मत की आवश्यकता थी। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के खालों के पुनर्निर्माण हेतु 2024 में 1400 करोड़ और 2025 में 1900 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। इससे किसानों को एक-दो अतिरिक्त सिंचाई चक्र का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य सरकार 9000 रुपये प्रतिवर्ष दे रही है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। साथ ही गेहूं के लिए देश में सबसे अधिक 2575 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सेम की समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नहरों में जल प्रदूषण रोकने के लिए पंजाब और केंद्र सरकार को पत्र लिखे गए हैं और इस समस्या का समाधान भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु बजट में विशेष प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि वर्तमान में पारम्परिक चिकित्सा पद्धति और औषधीय वनस्पतियों से जुड़े सदियों पूराने ज्ञान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। झाबुआ जिले में पारम्परिक औषधीय ज्ञान को संरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल की गई है। “डुंगर बाबा नी जड़ी बूटियों नु जोवनार” कार्यशाला का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि झाबुआ की धरती पर लोक ज्ञान का अपार भंडार है। इस कार्यशाला में 75 से अधिक पारम्परिक जड़ी-बूटी विशेषज्ञों को एकत्रित किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जिले के सभी विकासखंडों से एकत्रितहुएइन विशेषज्ञों ने इस अंचल में पाये जाने वाले जड़ी बूटियों का परम्परागत ज्ञान साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह परम्परागत ज्ञान विलूप्त न हो जाये और आने वाली पीढ़ियों तक इसके हस्तांतरण के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पूरी दुनिया ने कोरोना काल में आयुर्वेद की शक्ति को पहचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया है और देश भर में आयुर्वेद का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इसी से परम्परागत ज्ञान को लिपीबद्ध करने से इसको संरक्षित किया जा सकेगा। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि भविष्य में सभी जानकारियों का सुव्यवस्थित संकलन कर हिन्दी और अंग्रेजी में दस्तावेज तैयार किये जायेगें। इसमें जड़ी बूटियों के नाम, स्त्रोत, प्रयोग विधि, मात्रा, उपलब्धता और उपचार की प्रक्रिया को विस्तार से दर्ज किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री नेहा मीणा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पिछले 6 माह में जिले के सभी विकासखंडों में जड़ी बुटी विशेषज्ञों का सर्वेक्षण कर 157 विशेषज्ञों की सूची तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास केवल जानकारी का संग्रह नहीं बल्कि परम्परिक चिकित्सा पद्धति के दस्तावेजीकरण की एक सशक्त शुरूआत है।

मनीषा रानी ने रोहित शेट्टी के लिए सुनाया ऐसा हिप हॉप रैप, सुनकर लोटपोट ही नहीं, सीट से पलट गए कई

मुंबई मनीषा रानी एक बार फिर अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत रही हैं। इस बार न तो वो कॉमेडी कर रहीं और न ही डांस, दरअसल उन्होंने ‘हिप हॉप इंडिया सीजन 2’ पर अपना ऐसा रैप सुनाया जिसे सुनकर वहां हर कोई लोटपोट हो गया। इतना ही नहीं, मनीषा का साथ देने के लिए रैप म्यूजिक पर नजर आईं मलाइका अरोड़ा। डांस रियलिटी शो ‘हिप हॉप इंडिया सीजन 2’ में रेमो डिसूजा और मलायका अरोड़ा जज की कुर्सी पर नजर आ रहे हैं। इस बार इस शो के गेस्ट बने रोहित शेट्टी और मनीषा ने खास उनके लिए एक ऐसा रैप तैयार किया, जिसे सुनकर सभी अपनी-अपनी सीट से उठ खड़े हुए और सबने खूब ठहाके लगाए। हिप-हॉप डांस रियलिटी शो को होस्ट कर रहीं मनीषा अमेज़ॅन एमएक्स प्लेयर पर भारत का पहला हिप-हॉप डांस रियलिटी शो को होस्ट करने वाली मनीषा ने। पहले मनीषा ने रैप सुनाया और फिर म्यूजिक सही नहीं बताकर इसे स्लो चलाने को कहा। इसपर मलाइका उठ खड़ी हुईं और कहा- मैं तुम्हारे लिए जाती हूं वहां पर और मैं बजाती हूं। इसके बाद वो गाना शुरू करती हैं- आरा हिले छपरा हिले, दूर-दूर के लड़का हिले एक अदा हमरी ये जालिम, कश्मीर से कलकत्ता हिले हिले न शेट्टी जी के दिल का ये कमरा कोई सिंघम से संगम कराय दियो हमका सोशल मीडिया पर खूब हो रही मनीषा की तारीफ मनीषा के इस रैप को सुनकर जहां कई लोग बैठे-बैठे पलट गए, वहीं कुछ अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे थे। सोशल मीडिया पर भी मनीषा के इस रैप की जमकर तारीफ हो रही है। एक ने कहा- ये DJ वाले बाबू ने ठीक से नहीं बजाया, DJ आपने मस्त गाया है। लोग मनीषा की तारीफें करते नहीं थक रहे हैं।

S26 Ultra से S Pen हटा सकता है Samsung!

नई दिल्ली सैमसंग ने इस साल अपना फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S25 Ultra लॉन्च किया था। यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले एक माइनर अपग्रेड था। अब रिपोर्ट्स निकल कर आ रही हैं कि अगले साल आने वाले Samsung Galaxy S26 Ultra में सैमसंग कुछ ऐसा कर सकता है जो शायद लोगों का पसंद न आए। दरअसर कुछ लीक्स निकल कर आए हैं कि सैमसंग S26 Ultra में S Pen न देने पर विचार कर रहा है। बता दें कि इस साल लॉन्च हुए S25 Ultra के S Pen से भी सैमसंग ने ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को हटा दिया था। क्या दावा कर रही हैं रिपोर्ट्स जब सैमसंग ने इस साल के S25 Ultra के S Pen से ब्लूटुथ फंक्शनैलिटी को हटाया था, तो इंटरनेट पर लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि सैमसंग अपने अगले मॉडल में ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को वापस ला सकता है। हालांकि अब सामने आ रही रिपोर्ट्स कुछ और ही दावा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि सैमसंग अपने अगले फ्लैगशिप से S Pen को हटा कर फोन की बैटरी 7000mah करने पर विचार कर रहा है। S Pen को मिलेगी नई जगह! रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सैमसंग अगले फ्लैगशिप में बैटरी कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए S Pen की जगह बदल सकता है। हो सकता है कि S26 Ultra में S Pen फोन के पीछे मैगनेट्स की मदद से अटैच किया जा सके। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि S26 Ultra में S Pen के लिए खास तरह का फोन कवर भी आ सकता है। यह सैमसंग की फोल्ड सीरीज के जैसा हो सकता है। जिसमें S Pen के लिए एक खास तरह का फोन कवर सैमसंग लेकर आता है। बड़ी बैटरी या S Pen? इस बात में दो राय नहीं है कि अगर S26 Ultra में 7000mah की बैटरी मिलती है, तो फोन का बैट्री बैकअप कमाल का होगा। इसकी बड़ी वजह फोन में इस्तेमाल होने वाला फ्लैगशिप प्रोसेसर भी होगा। फ्लैगशिप प्रोसेसर कम बैट्री खर्च करते हैं और बड़ी बैट्री के साथ ये कॉम्बीनेशन अच्छा रह सकता है। हालांकि इस बात को लेकर संशय है कि सैमसंग के फ्लैगशिप को पसंद करने वाले लोग S Pen के बिना इसे कितना पसंद करेंगे। बता दें कि S Pen सैमसंग के फ्लैगशिप की पहचान रही है। पहले सैमसंग की नोट सीरीज में S Pen देखने को मिलता था। बाद में सैमसंग ने इसे अपनी फ्लैगशिप S सीरीज के अल्ट्रा मॉडल के साथ देना शुरू कर दिया।

महापौरों ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री से रखी अपनी-अपनी बात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास समिति बनाई जाएगी। अपने शहर के विकास के लिए डॉक्टर, इंजीनियर, सिटी प्लानर, प्रोफेसर, लेक्चरर, टीचर सब मिलकर काम करेंगे। हमने इसी बजट में शहरों में विकास समिति बनाने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के महापौरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महापौर शहर के प्रथम नागरिक हैं। नगर और नागरिकों के विकास के लिए पूरी क्षमता, समर्पण और सेवा भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे शहर विकास के मामले में अव्वल रहें, इसके लिए नगर विकास के रोडमेप पर लगातार चर्चा की जाएगी। म.प्र. महापौर संघ के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव (महापौर इंदौर) के नेतृत्व में प्रदेश के 12 शहरों के महापौर ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। महापौरों ने शहर के विकास के लिए अपनी-अपनी बात रखी। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, सागर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, रीवा महापौर अजय मिश्रा, खंडवा महापौर सुअमृता यादव, रतलाम महापौर प्रह्लाद पटेल, देवास महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, छिंदवाड़ा महापौर विक्रम आहाके, कटनी महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, बुरहानपुर महापौर सुमाधुरी पटेल और सिंगरौली महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने प्रदेश के पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ देकर एवं अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। जल गंगा जल संवर्धन अभियान के कामों को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। जल बचाना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी महापौर अपने निगम क्षेत्रों में इस अभियान के तहत प्राथमिकता से जल संरक्षण के काम कराएं और जन सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए प्रयास जारी हैं। नगर निगम अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रस्ताव दें। बच्चों, अकांक्षी युवाओं को कैरियर डेवलपमेंट कैंप या व्यक्तित्व सुधार शिविर आदि लगाएं। अपने जन बल (समर्थन) का उपयोग शहर के विकास में करें। नगर सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाने के लिए काम करें। निगम मित्तव्यता बरतें, अपने खर्च कम करें और विकास के कामों के लिए राजस्व जुटाएं। हर साल नए नए काम करें और आय अर्जन के स्रोत सृजित करके आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महापौर संघ के अध्यक्ष ने मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में महापौरों के लिए प्रोटोकॉल बनाए जाने, इनके वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने, नगर निगमों में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी की पूर्ति किए जाने और महापौरों को एक-एक सुरक्षाकर्मी भी दिए जाने की मांग की गई है।  

जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, MY Bharat पोर्टल पर मेगा एवेंट के रूप में लॉन्च किया

भोपाल जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान को MY Bharat पोर्टल पर मेगा एवेंट के रूप में लॉन्च किया है। इस अभियान का उद्देश्य समाज की भागीदारी से जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, सफाई, मरम्मत और जल प्रदूषण में कमी जैसे कार्यों को बढ़ावा देना है। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा विकसित MY Bharat पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफार्म है जो युवाओं को राष्ट्र विकास के विविध कार्यक्रमों से जुड़कर सकारात्मक बदलाव के अवसर प्रदान करता है। इस पोर्टल के माध्यम से जिले अपने जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को पब्लिश करेंगे और युवाओं को “जल दूत” के रूप में पंजीकृत कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक ग्राम से युवाओं को प्रेरित कर जलदूत बनाया जाएगा, जिन्हें पोर्टल से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। अब तक 54 हजार से अधिक लोग ‘जलदूत’ के रूप में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा चुके है। पंजीकृत जलदूत अभियान से जुड़े इवेंट्स में भाग लेकर अपने अनुभव, फोटो और वीडियो पोर्टल पर साझा कर सकेंगे। संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी व समन्वय की जिम्मेदारी जिला स्तर पर मनरेगा के वरिष्ठ डाटा प्रबंधक, जिला परियोजना अधिकारी अथवा जिला स्तर के अन्य किसी उपयुक्त अधिकारी को जिला स्तर एवं नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है।  

टॉम क्रूज की फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल: द फाइनल रेकनिंग’ का ट्रेलर रिलीज

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड के सुपरस्टार टॉम क्रूज की फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल: द फाइनल रेकनिंग’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह फिल्म मिशन इम्पॉसिबल सीरीज का आठवां और संभवतः अंतिम चैप्टर है, जिसने दुनियाभर के फैंस के बीच उत्साह की लहर पैदा कर दी है। 2 मिनट 12 सेकेंड के इस ट्रेलर में टॉम क्रूज अपने फेमस किरदार एथन हंट के रूप में लौटे हैं, जो एक बार फिर असंभव मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार दिख रहे हैं। ट्रेलर में एक्शन, रोमांच और भावनाओं का शानदार मिक्सचर देखने को मिला है, जो फैंस को सिनेमाघरों की ओर खींचने के लिए काफी है। ट्रेलर की शुरुआत 1969 की पहली ‘मिशन इम्पॉसिबल’ फिल्म के फुटेज से होती है, जो इस फ्रेंचाइजी की लंबी यात्रा को दिखाती है। टॉम क्रूज को स्कूबा डाइविंग करते, बाइप्लेन से उड़ान भरते और हैरतअंगेज स्टंट करते देखा जा सकता है। बैकग्राउंड में उनकी आवाज गूंजती है, ‘हमारी जिंदगी किसी एक काम से परिभाषित नहीं होती, हमारा जीवन हमारे विकल्पों का योग है।’ यह डायलॉग फैंस को इमोशनल करने के साथ-साथ इस बात का संकेत देता है कि यह फिल्म एथन हंट की कहानी का अंत हो सकती है। फैंस हुए भावुक, ट्रेलर पर जबरदस्त रिएक्शन ‘मिशन इम्पॉसिबल: द फाइनल रेकनिंग’ के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। ट्रेलर के अंत में टॉम क्रूज का डायलॉग, ‘मुझे एक आखिरी बार भरोसा करने की जरूरत है’ फैंस के लिए इमोशनल पल बन गया है। कई यूजर्स ने इसे फ्रेंचाइजी के समापन का संकेत मानते हुए अपनी भावनाएं जताई हैं। एक फैन ने लिखा- ये एक पूरे दौर का अंत है, किंग अपना आखिरी शब्द कहेगा, तो वहीं दूसरे ने कहा- एक आखिरी मिशन, लेकिन लीजेंड हमेशा रहते हैं। ‘मिशन इम्पॉसिबल: द फाइनल रेकनिंग’ की कास्ट और बजट फिल्म में टॉम क्रूज के साथ हेले एटवेल, विंग रेम्स, साइमन पेग, वैनेसा किर्बी और एंजेला बैसेट जैसे सितारे नजर आएंगे। 3300 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से बनी यह फिल्म 23 मई, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर में कहानी को पूरी तरह से उजागर नहीं किया गया है, जिससे दर्शकों की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। फैंस का मानना है कि यह फिल्म न सिर्फ एक्शन का डोज देगी, बल्कि इमोशनल तरीके से भी उन्हें जोड़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैंसर डिटेक्शन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैंसर डिटेक्शन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर द्वारा निःशुल्क रोग परामर्श शिविर का किया जा रहा आयोजन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 07 एवं 08 अप्रैल 2025 को  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में निःशुल्क रक्त एवं कैंसर रोग परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय बगिया से मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कैंसर डिटेक्शन वैन के माध्यम से जशपुर जिले में  कैंसर सम्भावित मरीजों का जाँच एवं उपचार  7 एवं 8 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।  इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है जिसे इसका प्रभावी एवं सुगम इलाज हो सके । शिविर में स्तन कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, रक्त संबंधी कैंसर व रक्त विकारो की नि:शुल्क जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। इस दिशा में प्रदेश में निरंतर कार्य हो रहा है। सरकार के साथ समाज को भी स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय करना है। शासकीय, अशासकीय और अर्द्धशासकीय स्तर पर नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में अनेक प्रकल्प संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर होटल कोर्टयार्ड मैरियट में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ-शिशु संजीवन मिशन रणनीति दस्तावेज एवं अनमोल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इस अभिनव कार्यक्रम की रचना के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बदलते दौर का भारत है और पूरी दुनिया इसे देख रही है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता सामने आई, जब आपदा के अवसर के मंत्र पर काम करके भारत ने वैक्सीन तैयार की और अपने राष्ट्र के नागरिकों के साथ ही अनेक राष्ट्रों को भी सहायता दी। अथक अनुसंधान से देश की नागरिकों को नि:शुल्क वैक्सीन मिल जाने से जहां उनके स्वास्थ्य को ठीक करने में सहायता मिली, वहीं यह वैक्सीन सभी का मनोबल बढ़ाने में भी उपयोगी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वह काफी कठिन दौर था, जब हमारी जनता कष्ट में थी, लेकिन श्रेष्ठ प्रबंधन से राष्ट्र में टीकाकरण का प्रभावी कार्य हुआ और रोग पर नियंत्रण हुआ। पूरा विश्व सशंकित होकर भारत को देख रहा था। उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने समाधान की राह निकाल ली थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अनमोल 2.0 पोर्टल प्रारंभ करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दो मंत्रालय विभाग होते थे, जिन्हें एकीकृत कर आम जनता के हित को सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ रही है। साल दर साल नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल अपनाकर अस्पतालों के संचालन में सुधार करने की पहल की गई है। इस दिशा में अनुकूल वातावरण भी तैयार हुआ है। मेडिकल पर्यटन बढ़ाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश में मेडिकल पर्यटन की काफी संभावना है। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रयास बढ़ाए जाएंगे । प्रदेश में जो रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई हैं, उसमें सेवा क्षेत्र को भी जोड़ा गया है। प्रारंभ में प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े नगरों में निजी क्षेत्र में अस्पतालों को भी प्रमोट करेंगे। इसमें ‘ए’ श्रेणी में बड़े नगर शामिल होंगे। नए अस्पताल प्रारंभ करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन श्रेणियों में अस्पतालों को सब्सिडी प्रदान कर लाभान्वित किया जाएगा। इससे अस्पतालों के संचालन में सहयोग मिलेगा। सब्सिडी के प्रावधान से अस्पताल समर्थ होंगे और नागरिकों के उपचार के कार्य में व्यापक स्तर पर सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस का संचालन भी दो स्तर पर हो रहा है। प्रदेश में जहां हवाई पट्टियां हैं, वहां जहाज की व्यवस्था कर गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है और जहां हेलीपैड हैं वहां से हेली सेवा प्रारंभ की गई है। हाल ही में भोपाल एम्स के एक चिकित्सक को आपात अवस्था में विमान द्वारा चेन्नई भिजवाने की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में चिकित्सक के परामर्श और कलेक्टर के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान कार्ड धारकों को विमान और हेलीकॉप्टर सेवा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एलोपैथी चिकित्सा के साथ ही आयुष, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य चिकित्सा पद्धतियों को भी समग्र दृष्टि से देखते हुए इन सभी पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार हर नागरिक तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित यह कार्यक्रम सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आईएमआर और एमएमआर में सुधार मध्यप्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौती है। पूर्व में भी प्रयास हुए हैं। विगत 20 वर्षों में एमएमआर 400 से 173 हो गयी है। आईएमआर 80 से 43 हो गयी है। एनएमआर 60 से घटकर 31 हुई है। इन सभी प्रयासों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, परंतु लक्ष्य अभी दूर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुरूप सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मध्यप्रदेश पुरज़ोर प्रयास कर रहा है। वर्ष 2030 तक एमएमआर को 100 से कम करने और आईएमआर को 20 से कम करने के योजनाबद्ध प्रयास करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के लिए विषय विशेषज्ञों और रिसर्च प्रोफेशनल्स द्वारा समस्याओं का चिन्हांकन कर उनमे सुधार के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संजीवन मिशन रोड मैप बनाया गया है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पंजीयन और उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी के लिए अनमोल 2.0 (एएनएम ऑनलाइन 2.0) ऐप और वेब पोर्टल लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 20 हज़ार एएनएम को मैप किया गया है। एयर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आगामी समय में आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी मैप करने के प्रयास किये जाएँ। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन और नियमित एएनसी जांच से हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समय से चिन्हांकन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के सही समय में प्रदाय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे एमएमआर के साथ आईएमआर में भी सुधार लाने में हम सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में सिर्फ 60 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलायें समय से अपनी जांच नहीं करवा रही हैं। इसके लिए महिलाओं के साथ-साथ परिजन को भी जागरूक किया जा … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ पीड़ित बच्चों की हुई निःशुल्क जांच, उपचार भी रहेगा पूर्णतः निःशुल्क रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जिला अस्पताल, जशपुर में सिकलसेल, थैलेसीमिया परामर्श जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस विशेष शिविर में न केवल जशपुर जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर एवं झारखंड के गुमला जिले से भी सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक, निःशुल्क हुआ एचएलए डीएनए टेस्ट शिविर में बेंगलुरु के नारायणा हॉस्पिटल से आए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट द्वारा 12 वर्ष तक के बच्चों  का एचएलए डीएनए टेस्ट और परामर्श निःशुल्क किया गया। यह परीक्षण बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान हेतु आवश्यक होता है। संपूर्ण इलाज सहित विदेश में होने वाला महंगा टेस्ट भी अब निःशुल्क शिविर में कास फाउंडेशन की श्रीमती काजल सुरेश सचदेव ने बच्चों एवं परिजनों को सिकलसेल और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए न केवल आवश्यक दवाइयों एवं जांच की सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं, बल्कि जर्मनी में होने वाला अत्यंत महंगा एचएलए डीएनए टेस्ट और देश के प्रमुख अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया भी पूर्णतः निःशुल्क कराई जा रही है। राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जशपुर जिले में 0-15 आयु वर्ग के 209 सिकलसेल एवं थैलेसीमिया मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 110 बच्चों का एचएलए डीएनए टेस्ट कर ट्रांसप्लांट के लिए चयनित किया गया, जिनमें से अब तक 8 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, संगवारी संस्था एवं कास फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से जिले में सिकलसेल के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह,  नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, संभागीय कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुनील शेट्टी हाल ही में बने नाना, बोले- वो सबसे बड़ी खुशी है

मुंबई एक्टर सुनील शेट्टी हाल ही में नाना बने हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री के फिट एक्टर्स में से एक हैं। 63 साल के अभिनेता अपनी नातिन के साथ खेलने का इंतजार कर रहे हैं। मगर उसके पहले वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे वह उसके साथ अच्छे से समय बिता सकें। एक्टर ने ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ पर बताया कि वह कैसे फिट और हेल्दी रहते हैं। साथ ही नातिन के बारे में भी बात की। सुनील शेट्टी ने ‘ईटाइम्स’ से बातचीत में युवाओं को स्टेरॉयड्स लेने से मना किया और उन्हें इसके बजाय एक्सरसाइज करने और फिट रहने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने कहा, ‘मरी उम्र 60 से ज्यादा है और अपने एब्स को ट्रेन करने का सिर्फ यही एक कारण है कि मैं सीधा चल सकूं। झुकू नहीं और पैरों को घसीटूं नहीं।’ अथिया-राहुल की बेटी के बारे में सुनील शेट्टी अथिया शेट्टी और केएल राहुल की बेटी और अपनी नातिन के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उस नन्हीं परी से ही उनको वर्काउट की प्रेरणा मिलती है। और वह बिना थके उसके साथ खेलना चाहते हैं। ‘कल मैं अपनी पोती के साथ बिना दो सेकेंड का ब्रेक लिए खेल पाऊंगा। क्योंकि बच्ची की एनर्जी अलग होने वाली है।’ सुनील शेट्टी ने पत्नी और नातिन के बारे में कहा एक्टर ने आगे बताया कि इस समय उनकी लाइफ में सबसा बड़ा एक्साइटमेंट घर आकर अपनी पत्नी माना शेट्टी और नातिन के साथ समय बिताना है। उन्होंने कहा, ‘कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनके लिए आपको एक्साइटेड होना चाहिए और आगे भी उनका इंतजार करना चाहिए। मैं घर वापस आकर माना के साथ समय बिताने के लिए एक्साइटेड हूं। इस समय मेरी लाइफ में सबसे बड़ा एक्साइटमेंट वह बच्ची है।’

वित्तीय वर्ष 2024-25 में पमरे की प्रमुख उपलब्धियां, नई रेललाइन निर्माण, स्क्रैप बिक्री, संड्री आय एवं ट्रैक रिन्यूवल में सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज हुई

  भोपाल  महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के निरंतर मॉनेटरिंग के चलते पश्चिम मध्य रेल ने बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान इन्फ्रास्ट्रचर कमीशनिंग, नई लाइनें बिछाने/दोहरीकरण/तिहरीकरण, स्क्रैप बिक्री, ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू, माल ढुलाई और इसके साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी के एकीकरण सहित विभिन्न श्रेणियों में शानदार उपलब्धियां हासिल कीं।     बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान माननीय रेलमंत्री जी द्वारा संपूर्ण भारतीय रेलवे पर किये गए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु पश्चिम मध्य रेल को लेखा एवं वित्त प्रबंधन शील्ड और कार्मिक प्रबंधन शील्ड पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय को प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त पश्चिम मध्य रेल के एक अधिकारी एवं एक कर्मचारी को भी व्यक्तिगत रूप से अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है I       माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2024 के दौरान पश्चिम मध्य रेल की लगभग 4880 करोड़ लागत की 18 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इसके साथ ही लोकल उत्पाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “वन स्टेशन वन प्रोडक्ट” स्टॉल एवं स्टेशनों पर सस्ती एवं जेनरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र” संचालित किये जा रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में पमरे की प्रमुख उपलब्धियां नीचे दी गई हैं :- 1) स्क्रैप बिक्री:- पमरे स्क्रैप सामग्री जुटाकर और ई-नीलामी के माध्यम से इसकी बिक्री करके संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। पमरे द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 477 करोड़ 66 लाख रुपये की स्क्रैप बिक्री की गई है। रेलवे बोर्ड द्वारा रूपये 320 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी तुलना में रूपये 157 करोड़ 66 लाख (49.27 प्रतिशत) अधिक की स्क्रैप बिक्री की गई है। पश्चिम मध्य रेल की अब तक की सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज की हैं। 2) नॉन फेयर रेवन्यू (संड्री आय):– पमरे ने संड्री आय के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 229 करोड़ 98 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 330 करोड़ 87 लाख रुपये का नॉन फेयर रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 44 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि है। यह वृद्धि अब तक की सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड उपलब्धि दर्शाती हैं। 3) ट्रैक रिन्यूवल:- पमरे में ट्रैक की क्षमता को बढ़ाने के लिए एवं सरंक्षा में वृद्धि करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2023-24 में 316 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूवल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के 452 किलोमीटर ट्रैक का रिन्यूवल कार्य किया,जो 43 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम मध्य रेलवे का अब तक का सर्वश्रेष्ठ ट्रैक रिन्यूवल कार्य है। 4) कैपेक्स:– वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पश्चिम मध्य रेल का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 9699 करोड़ 54 लाख रुपये की शत-प्रतिशत उपयोगिता साबित हुई है। जबकि पश्चिम मध्य रेलवे को कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 9631 करोड़ 30 लाख रूपये ग्रांट हुआ था। 5) यात्री यातायात एवं अन्य कोचिंग ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू:- पमरे ने यात्री यातायात के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 2335 करोड़ 21 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 2431 करोड़ 15 लाख रुपये का ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह अन्य कोचिंग आय के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के 163 करोड़ 39 लाख रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 174 करोड़ 81 लाख रुपये का ऑर्जिनेटिंग रेवन्यू हासिल किया है जो लगभग 7 प्रतिशत अधिक है। यह दोनों वृद्धि अब तक की अधिकतम उपलब्धि दर्शाती हैं। ट्रेन यात्री सुविधाओं और व्यवसाय विकास इकाइयों (बीडीयू) के ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण एवं कार्यकलापों के साथ-साथ अत्‍यंत प्रभावकारी नीति निर्माण से रेल राजस्व बढ़ाने में काफी मदद मिली है। 6) पीओएच (पीरियोडिक ओवर हॉलिंग):– पमरे द्वारा कोचों और वैगनों का रूटीन ओवर हॉलिंग करके अधिक से अधिक पीओएच (पीरियोडिक ओवर हॉलिंग) आउटटर्न किया। सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना (सीआरडब्लूएस) भोपाल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1198 कोचों की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 1369 कोचों का अनुरक्षण कर आउटटर्न किया, जो  14 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार वर्कशॉप (डब्लूआरएस) कोटा कारखाना द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6720 वैगनों  की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 6938 वैगनों की मरम्मत करके आउटटर्न किया है, जो 3 प्रतिशत अधिक है। 7) इन्फ्रास्ट्रचर कमीशनिंग (नई लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण) के मामले में वित्तीय वर्ष  2024-25 के दौरान कुल 174 किलोमीटर का नवनिर्मित रेलवे ट्रैक कमीशन किया गया है जिनमें कि 75 किमी. नई रेल लाइन कार्य, 47 किमी दोहरीकरण एवं 52 किमी. तिहरीकरण के कार्य शामिल हैं। पश्चिम मध्य रेल ने नई रेललाइन अधोसरंचना कार्य में अब तक की सर्वश्रेष्ठ वृद्धि दर्ज हुई है।   8) फुट ओवर ब्रिज (एफओबी):- यात्रि‍यों/पैदल यात्रि‍यों को आवागमन में सहूलियत हेतु स्टेशनों पर एक प्लेटफॉर्म से दुसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 37 एफओबी का निर्माण किया गया।   9) रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज (आरओबी/आरयूबी):– सड़कों पर बनी पटरियों को पार करने में जनता की सहूलियत के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 33 रोड ओवर ब्रिज एवं 62 रोड अंडर ब्रिज / सीमित ऊंचाई सबवे (एल.एच.एस.) निर्माण कराए गए। 10) समपार फाटक हटाए गए:- समपार फाटकों (लेवल क्रॉसिंग या एलसी गेट) पर लोगों की सुरक्षा चिंता का प्रमुख विषय रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 30 समपार फाटकों को हटाया गया। 11) लिफ्ट:- ‘सुगम्य भारत अभियान’ के तहत रेल प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों, वृद्धों और बच्चों की आवाजाही को सुगम्‍य बनाने के लिए पमरे में रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 11 लिफ्ट लगाए गए। 12) ‘‘अमृत स्टेशन योजना‘‘ के तहत, पश्चिम मध्य रेल के कुल 53 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जबलपुर मंडल के 15 स्टेशन, भोपाल मंडल के 15 एवं कोटा मंडल के 17 स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा जबलपुर, सतना, भोपाल, बीना, कोटा एवं डकनिया तलाव रेलवे स्टेशनों के मेजर अपगे्रडेशन के कार्य भी शामिल हैं। इन स्टेशनों में कोटा मंडल के बूंदी एवं मांडलगढ़, जबलपुर मंडल के श्रीधाम एवं कटनी साउथ और भोपाल मंडल के नर्मदापुरम एवं शाजापुर स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण होने की स्टेज पर है।

यूनेस्को की एचयूएल पहल से ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

भोपाल/ओरछा  मध्य प्रदेश के ओरछा में ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैंडस्केप (एचयूएल) पहल के तहत सोमवार को होटल बेतवा रिट्रीट में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह पहल मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ग्वालियर और ओरछा के लिए लागू की जा रही है, जो दक्षिण एशिया में पहली बार यूनेस्को द्वारा चुने गए शहर हैं।यूनेस्को ने 24 मई 2023 को इन शहरों के लिए अंतिम एचयूएल रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें ऐतिहासिक इमारतों के आसपास निर्माण के लिए मास्टर प्लान और विशेष दिशानिर्देश शामिल हैं। इन सिफारिशों को ओरछा के मास्टर प्लान में शामिल करने के लिए विभिन्न विभागों को भेजा गया है। अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने इस मौके पर कहा, “ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एचयूएल पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। ओरछा का बढ़ता पर्यटन क्षेत्र हमारी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिला रहा है।” कार्यशाला में ओरछा की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए आर्थिक विकास पर चर्चा हुई। इस दौरान हेरिटेज वाक का आयोजन भी किया गया। यूनेस्को की यह पहल 2011 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य शहरी विरासत को संरक्षित करते हुए सतत विकास को बढ़ावा देना है। कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि ओरछा में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा, ताकि इसे वैश्विक पहचान मिल सके। इस पहल से ओरछा में स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयास कर रहा है। यदि इन सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो ओरछा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व संरक्षित होगा, साथ ही समग्र विकास को गति मिलेगी।

केंद्रीय सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा अनुबंध सहकार से समृद्धि के लिए नई पहल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकार से समृद्धि के विजन के अंतर्गत मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) के मध्य सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) के माध्यम से किसानों और पशुपालकों की जिंदगी बदलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने विशेष स्थान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में संपन्न बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में आगामी 13 अप्रैल को भोपाल में हो रहे राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक गोपाल सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता और गृहमंत्री अमित शाह का आगमन प्रस्तावित है। बैठक में डेयरी विकास एवं पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। श्वेत क्रांति की दिशा में बढ़ता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उतपादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पित है कि किसानों और पशुपालकों से दूध की खरीद सुनिश्चित हो और उन्हें दूध की सही कीमत प्राप्त हो। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट, चिलिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर और दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में अधिकतर ग्रामों में दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना कर दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य होगा। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरा स्थान है। सहकारी समितियों को कव्हरेज बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी कार्यक्रम का पूरा-पूरा लाभ दिलवाया जाएगा। सांची ब्रांड के उन्नयन का भी यह ठोस प्रयास है। स्थापित होंगे नए अत्याधुनिक संयंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अत्याधुनिक संयंत्र भी स्थापित होंगे। जहां दुग्ध संघों के संयंत्र पुराने हो गए हैं वहां नए अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्र-संस्करण क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन से 30 लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से दुग्ध उत्पादक संस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। किसानों को किसानी के अलावा आमदनी का नया महत्वपूर्ण स्रोत उपलब्ध होगा, जो प्रदेश की प्रगति में भी सहायक होगा।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है।

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