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आज गुरुवार 10 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है और आपकी एनर्जी में भी वृद्धि होगी। वित्तीय रूप से अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखने से आप रणनीतिक बचत के रास्ते पर बने रह सकेंगे। आपके करियर में बड़ी सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं। वृषभ राशि– आज वृषभ राशि वालों को किसी भाई-बहन के साथ अचानक बनाई गई मौज-मस्ती की योजना आज आपकी खुशी में वृद्धि कर सकती है। अगर आप संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो संभावनाएं अच्छी हैं। आज की यात्रा रोमांच से भरपूर नहीं होगी, लेकिन रास्ते में खुशी के पल जरूर आएंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को कोई महत्वपूर्ण सेहत से जुड़ी परेशानी नहीं हो सकती है। अपने शरीर से आने वाले छोटे-मोटे संकेतों पर ध्यान देना हमेशा लाभकारी होता है। कार्यालय में आपका समर्पण कलीग से तारीफ दिला सकता है। किसी रिश्तेदार का निर्णय पारिवारिक गतिशीलता में बदलाव ला सकता है। कर्क राशि– कर्क राशि वालों के लिए शैक्षणिक रूप से यह एक संतोषजनक दिन होने वाला है। यात्रा रोमांचक अनुभव लेकर आएगी, इसलिए नए रोमांच के लिए तैयार रहें। ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है। आज साहसिक वित्तीय कदम उठाना आपकी तरक्की का मार्ग खोल सकता है। सिंह राशि– आज परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। सफर का शौक बुला रहा है, लेकिन अपनी यात्रा पर निकलने से पहले उचित तैयारी महत्वपूर्ण है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करते समय धैर्य रखें। वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने से पेमेंट में होने वाली किसी भी देरी को रोका जा सकेगा। व्यावसायिक रूप से नए अवसर सामने आ सकते हैं। कन्या राशि– यात्रा में आराम महसूस होगा, जिससे आपको हल्की एक्टिविटी का आनंद लेते हुए आराम करने का मौका मिलेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रोडक्टिविटी के सुधरने की संभावना है। संपत्ति का लेन-देन सुचारू रूप से चलने की संभावना है, चीजें उम्मीद के अनुसार होंगी। तुला राशि- अगर आप किसी संपत्ति समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, तो भविष्य की गलतफहमी से बचने के लिए सभी शर्तों को सावधानी से रिव्यू करना महत्वपूर्ण है। कार्यस्थल पर आपका बढ़ता नेतृत्व आपको सम्मान और पहचान दिला रहा है। परिवार के सदस्यों के साथ एक शांतिपूर्ण शाम बिता सकते हैं। आर्थिक रूप से आप तरक्की कर रहे हैं। वृश्चिक राशि- आज खुद को गति देने से बिना थकावट महसूस किए एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद मिलेगी। आर्थिक रूप से सफलता का मार्ग धीरे-धीरे खुल रहा है, तरक्की का आनंद लें। अपने लगातार प्रयासों के लिए कार्यस्थल पर पहचान की अपेक्षा करें। शैक्षणिक रूप से स्थिर फोकस छात्रों को सही रास्ते पर बने रहने में मदद करेगा। यात्रा रोमांच और नए अनुभव लेकर आएगी। धनु राशि- बचत का आकलन करने और अपनी आर्थिक रणनीतियों में थोड़ा सुधार करने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। आज नई चीजों को सीखने के लिए भी दिन अच्छा है। संतान की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं। मकर राशि- संतान की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती है। सचेत रहें। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मानसिक आराम उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक आराम, रिफ्रेश होने के लिए सुकूल के पल अपने साथ बिताएं। हालांकि आज पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, इसलिए समझदारी से बजट बनाना जरूरी है। कुंभ राशि- मन शांत रहेगा। नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता से पारिवारिक संबंधों में और ज्यादा गर्मजोशी और प्यार बढ़ने की संभावना है। अगर संपत्ति निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण से समय के साथ लाभ मिलेगा। मीन राशि- कोई पुराना सहकर्मी करियर संबंधी दिलचस्प खबरें लेकर आ सकता है। फोकस में सुधार होगा और ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आज बेकार के कर्ज लेने से बचें। भाई-बहन के साथ थोड़ी असहमति उत्पन्न हो सकती है लेकिन धैर्य से इसे सुलझाया जा सकता है।

भारत ने बांग्लादेश को दिया झटका, ट्रांसशिपमेंट की सुविधा की खत्म, कई देशों को नहीं बेच पाएगा सामान

नई दिल्ली भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट की सुविधा खत्म कर दी है। इससे बांग्लादेश का भूटान, नेपाल और म्यांमार के साथ व्यापार प्रभावित हो सकता है। इस सुविधा के तहत बंदरगाहों और हवाई अड्डों के रास्ते में भारतीय भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों का उपयोग करके बांग्लादेश से तीसरे देशों को निर्यात कार्गो की अनुमति दी गई थी। मुख्य रूप से परिधान क्षेत्र के भारतीय निर्यातकों ने सबसे पहले सरकार से पड़ोसी देश से यह सुविधा वापस लेने का आग्रह किया था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। भारत के रास्ते सामान भेजता था बांग्लादेश इसमें बोर्ड ने 29 जून, 2020 के अपने पुराने आदेश को रद कर दिया है। उसमें बांग्लादेश से आने वाले सामान को भारत के रास्ते दूसरे देशों में भेजने की अनुमति दी गई थी। यह सामान जमीन के रास्ते भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों तक पहुंचता था। इसका मकसद यह था कि बांग्लादेश आसानी से भूटान, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों को सामान भेज सके। लेकिन शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी आई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, ‘अब हमारे पास अपने कार्गो के लिए अधिक हवाई क्षमता होगी।’ नए आदेश के बाद सुविधा बंद एईपीसी के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा था कि लगभग 20-30 लोडेड ट्रक हर दिन दिल्ली आते हैं, जिससे कार्गो की सुचारू आवाजाही धीमी हो जाती है और एयरलाइंस इसका अनुचित लाभ उठा रही हैं। इससे हवाई मालभाड़े में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) का कहना है कि नए आदेश के बाद यह सुविधा तुरंत बंद कर दी गई है। हालांकि जो सामान पहले से ही भारत में आ चुका है, उसे पुराने नियमों के अनुसार बाहर जाने दिया जाएगा।  

हरिद्वार की जिला कारागार में बंद 15 कैदी HIV पॉजिटिव, मचा हड़कंप, अलग बैरक में किया शिफ्ट

हरिद्वार उत्तराखंड में हरिद्वार की जिला कारागार से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जेल में बंद 15 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदियों के हेल्थ चेकअप के दौरान 15 लोगों में एचआईवी संक्रमित की पुष्टि हुई है। इसके बाद जेल प्रशासन ने एचआईवी पॉजिटिव कैदियों को अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। जेल में बंद अन्य कैदियों के अंदर भी भय का माहौल है। हरिद्वार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुसार, सात अप्रैल को जिला कारागार में विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर स्वास्थ्य कैंप लगा था। जेल में बंद सभी कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें 15 कैदियों में एचआईवी की पुष्टि हुई। सभी पॉजिटिव कैदियों को एक ही बैरक में रखा गया है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि जेल में बंद 15 कैदी कैसे एचआईवी पॉजिटिव हो गए। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में भी मेडिकल जांच के दौरान हरिद्वार जेल में बंद 16 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले थे। बता दें कि हरिद्वार जिला कारागार में वर्तमान में करीब 1100 कैदी बंद हैं। एचआईवी की पुष्टि के बाद अब जेल प्रशासन में स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में है और उनका इलाज किया जा रहा है। बता दें कि एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानवीय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। एड्स का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो सका है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र द्वारा एड्स के संभावित लक्षण बताए गए हैं। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है, में एड्स के लक्षणों की जांच विशेष रक्त जांच (सीडी4 प्लस कोशिका गणना) के आधार पर की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण का अर्थ यह नहीं है कि वह व्यक्ति एड्स से भी पीड़ित हो। एड्स के लक्षण दिखने में 8 से 10 वर्ष तक का समय लग सकता है। एड्स की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा जांच के पश्चात ही की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इस हद तक कम कर देता है कि इसके बाद शरीर अन्य संक्रमणों से लड़ पाने में अक्षम हो जाता है।

वक्फ कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है, किसी भी मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा: शाहनवाज हुसैन

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने वक्फ संशोधन कानून को लेकर विपक्ष के जरिए फैलाए जा रहे भ्रम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के हित में है और इससे किसी भी मस्जिद, दरगाह या कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं होगा। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस कानून को गरीब मुसलमानों और पसमांदा वर्ग के हित में बताया है। उन्होंने कहा, “जो अमीर लोग वक्फ की जायदाद पर कुंडली मारकर बैठे थे, उन्हें इस बिल से परेशानी हो रही है, न कि किसी गरीब मुसलमान को। यह बिल उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों का वर्षों से दुरुपयोग किया।” उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद और सपा पर मुस्लिम समाज को भड़काने का आरोप लगाया। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह पूरी तरह से टीएमसी की चाल है कि इस कानून की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ा जाए। उन्होंने अपील की कि मुस्लिम समाज किसी के बहकावे में न आए और इस कानून का समर्थन करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान कमेटियों में किसी भी गैर-मुस्लिम सदस्य को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह संशोधन कानून मुस्लिम समाज की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस कानून पर सवाल उठाने को लेकर शाहनवाज हुसैन ने कहा, “यह तो बहुत अच्छी बात है कि गरीब मुसलमानों के लिए आधी रात को जागकर एक कानून बनाया गया। जब मणिपुर के लिए आधी रात को कानून बन सकता है, तो वक्फ के लिए क्यों नहीं?” उन्होंने बताया कि संसद में 16 घंटे की चर्चा के बाद विधेयक ने कानून का रूप लिया और कांग्रेस केवल इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज को गुमराह कर रही है। इसके साथ ही शाहनवाज हुसैन ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा की भारत वापसी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा, “तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है। इससे पाकिस्तान की पोल खुलेगी और दोषी को सख्त सजा मिलेगी।”

मुख्यमंत्री का दो दिवसीय हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर दौरा, सरसों की एमएसपी पर खरीद का किया शुभारंभ

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को श्रीगंगानगर स्थित नई धान मंडी में किसानों को विक्रय स्लिप प्रदान करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों खरीद का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर किसानों एवं व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि अन्नदाता किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा के साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाना हमारा ध्येय है। हमारी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का किसानों के बैंक खातों में सीधा भुगतान समय पर सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2025-26 में सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है तथा इस साल 13 लाख 22 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। इसी तरह सरकार 5 हजार 650 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के आधार पर 5 लाख 46 हजार मीट्रिक टन चना की खरीद करेगी। हमारी सरकार ने एमएसपी खरीद की सीमा को बढ़ाया श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में सरसों का एमएसपी 5 हजार 50 रुपये था, जिसमें हमारी सरकार ने 900 रूपये तक की बढ़ोत्तरी की है। साथ ही एमएसपी पर खरीद के लिए प्रति किसान 25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार ने सवा साल के समय में अब तक 4 लाख 85 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की है जबकि पिछली सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में केवल 5 लाख 53 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की थी। साथ ही हमारी सरकार ने मूंगफली के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5 हजार 850 रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 783 रुपये प्रति क्विंटल किया है। किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करते हुए उनकी समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बोनस को बढ़ाकर 150 रुपये एवं किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

संभल के DM साहब ने अचानक थामा हंसिया, खेत में काटी गेहूं की फसल, एक अनोखी पहल की

संभल संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने एक अनोखी पहल की है। वह स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं और साथ ही खेतों में जाकर फसल काटते हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा के स्तर में सुधार करना और किसानों की समस्याओं को समझना है। हाल ही में, डीएम साहब ने बेहजोई ब्लॉक के ग्राम खजरा खाकम स्कूल का निरीक्षण किया और वहां पर बच्चों को क्लास भी ली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसके बाद, उन्होंने किसानों से मुलाकात कर धान की फसल काटी और फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। डीएम राजेंद्र पेंसिया का यह कदम किसानों और बच्चों के बीच बहुत प्रसिद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि त्रिकोणीय आकृति में खेत की कटाई करके फसल उत्पादकता का औसत निकाला जाता है, जिसे शासन को भेजा जाता है।  

पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके

रायपुर कोरोना काल ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिलाकर रख दिया था। मगर, कुछ लोग उस मुश्किल दौर को अपनी मेहनत और संघर्ष से न केवल पार किया, बल्कि उसे अपनी सफलता की सीढ़ी भी बना लिया। बालोद जिले के 26 साल के देवेंद्र कुमार सिन्हा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बेरोजगारी और अनिश्चितता के बीच जब हर रास्ता बंद दिखता था, तब उनकी पत्नी दीप्ति और पिता भुनेश्वर प्रसाद सिन्हा ने उन्हें उम्मीद दी और उनका हौसला बढ़ाया। पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके हैं। अपनी मेहनत और पत्नी के हौसले से उन्होंने न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि लाखों की कमाई कर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। 2022 में गेंदे की खेती से की शुरुआत युवा किसान देवेंद्र कहते हैं, ‘मेरी पत्नी के पिताजी गेंदे की खेती करते थे। इसलिए उन्हें इसका अनुभव था। पत्नी ने खेती का आइडिया दिया। गवर्नमेंट की वेबसाइट में सरकारी मदद के बारे में सर्च किया। इसके बाद वर्ष 2022 में गेंदे की खेती की शुरुआत की। वहीं, 60 डिसमिल में गुलाब लगाया।’ वर्तमान में वह एक एकड़ में गुलाब, दो एकड़ में रजनीगंधा और आधा एकड़ में गेंदे की खेती तैयार कर रहे हैं। गुलाब और अन्य फूलों की आधुनिक खेती को देखने और समझने के लिए अन्य किसान भी उनके पास आ रहे हैं। 8-10 मजदूरों को दे रहे सालभर रोजगार किसान देवेंद्र ने बताया कि उनके गुलाब के फूलों की मांग दुर्ग, रायपुर से लेकर ओडिशा तक है। अब अन्य जगहों से भी मांग आ रही है। उन्हें सालाना 15 से 20 लाख रुपये की आमदनी हो रही हैं। आज वे आठ से 10 मजदूरों को भी सालभर रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वे ठेका लेकर सरकारी और निजी उद्यान बनाने और विकसित करने का कार्य करते थे। देवेंद्र ने बताया कि गुलाब की खेती के लिए मिट्टी चयन में परेशानी हुई क्योंकि इसके लिए काली मिट्टी उपयुक्त नहीं रहती। लाल मिट्टी की आवश्यकता होती है। लाल मिट्टी के जगह मुरुम का उपयोग किया। पुणे और बेंगलुरु से मंगाया पौधा उन्होंने बताया कि गुलाब के 32 हजार पौधे पुणे और बेंगलुरु से मंगवाए थे। इसमें दो किस्में टाप सीक्रेट और जुमेलिया हैं। टाप सीक्रेट गुलाब को ताजमहल के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, रजनीगंधा कोलकाता से मंगाया है। पाली हाउस बनाने में आया बड़ा खर्च उन्होंने बताया कि गुलाब की खेती के लिए लगभग 60 से 70 लाख रुपये का खर्च आया। जब मैंने खेती करना शुरू किया, तो इसकी लागत को लेकर विचार विमर्श कर रहे थे। कहीं ज्यादा तो लागत नहीं आएगी। सबसे ज्यादा लागत पाली हाउस बनाने में आई। पाली निर्माण के लिए लगभग 52 लाख रुपए का खर्च आया। इसके लिए उन्हें शासन से भी सब्सिडी भी मिली। 40 लाख रुपए उन्होंने लोन लिया और करीब 13 लाख स्वयं लगाया। अब उनकी अच्छी आमदानी भी हो रही है। देवेंद्र ने बताया कि 20 से 30 गुलाब के बुके की कीमत 150-250 रुपये तक मिल जाती है। वहीं, रजनीगंधा को भी बाजार पहुंचाने लगे हैं।

मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, रेल लाइन प्रोजेक्ट, जीरकपुर बाईपास समेत तीन परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें जीरकपुर बाईपास निर्माण, तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन का दोहरीकरण और कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की यातायात सुविधाओं को सुधारना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। कैबिनेट ने पंजाब और हरियाणा में स्थित जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी। यह बाईपास छह लेन का होगा और इसकी कुल लंबाई 19.2 किलोमीटर होगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। बाईपास एनएच-7 (जीरकपुर-पटियाला) के जंक्शन से शुरू होकर एनएच-5 (जिरकपुर-परवाणू) के जंक्शन तक जाएगा। इसके निर्माण से जीरकपुर और पंचकूला के अत्यधिक शहरीकृत और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचा जा सकेगा। यह परियोजना पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से आने वाले यातायात को डाइवर्ट करके हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात की भीड़-भाड़ कम होगी। इस परियोजना की कुल लागत 1,878.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और मुख्य शहरी मार्गों पर यातायात के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करना है। इसके अलावा कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर 1,332 करोड़ रुपये खर्च होगा और इसका उद्देश्य रेलवे की लाइन क्षमता को बढ़ाकर ट्रेनों की गति और सेवा को सुधारना है। यह दोहरीकरण परियोजना भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्री और माल परिवहन में सुधार होगा। इस परियोजना के पूरा होने से रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और भारतीय रेलवे की सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण है। इस योजना को 2025-2026 की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है, और इसकी प्रारंभिक कुल लागत 1,600 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा सिंचाई नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और किसानों को सूक्ष्म सिंचाई सुविधाएं प्रदान करना है। जल प्रबंधन के लिए एससीएडीए और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल उपयोग की दक्षता में सुधार होगा। इस योजना से कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और उन्हें जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार की प्राथमिकता देश में बुनियादी ढांचे का विकास करना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा- वक्फ संशोधन कानून का हमने संसद में और बाहर विरोध किया है और आगे भी करेंगे

अहमदाबाद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि वक्फ संशोधन कानून का हम विरोध करेंगे। हमने संसद में और सदन के बाहर दोनों जगहों पर इसका विरोध किया है और आगे भी करेंगे। इस पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि यह उनका अपना दृष्टिकोण है। हम इसका विरोध करते रहेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम एक बड़े गठबंधन में हैं, जो अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है। हम अपनी शक्ति को बढ़ाएंगे। उन्होंने गुजरात में आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर कहा कि दिल्ली में हमारा गठबंधन नहीं हुआ। अरविंद केजरीवाल ने कहीं से साथ चलने लायक खुद को सिद्ध नहीं किया। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक कार्यक्रम में कहा कि वह पश्चिम बंगाल में कभी भी वक्फ संशोधन अधिनियम लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने लोगों से कहा कि उन पर भरोसा रखें। उधर, पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने वक्फ संशोधन अधिनियम को मुस्लिम समाज के हित में उठाया गया क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नया विधेयक लाने से पहले जो पुराना कानून था, उसके तहत लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति के बावजूद लाभ केवल मुस्लिम समुदाय के एक छोटे से वर्ग (जिनके पास सत्ता और नियंत्रण था) तक सीमित था। गरीब मुसलमानों, विधवाओं और समुदाय के दबे-कुचले व वंचित लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा था। मजूमदार ने ममता बनर्जी की सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल के हिंदू एकजुट हो रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले चुनावों में एक भी हिंदू ममता बनर्जी को वोट नहीं देगा। राज्य के हिंदुओं के मन में यह संदेह गहरा रहा है कि कहीं ममता की तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से पश्चिम बंगाल ‘पश्चिम बांग्लादेश’ न बन जाए।” उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी की नीतियों से राज्य की जनता में असंतोष बढ़ रहा है। आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा जनता की आवाज बनकर मजबूती से उभरेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंगनहर परियोजना के शिवपुर हैड का किया निरीक्षण

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने हनुमानगढ़- श्रीगंगानगर के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को श्रीगंगानगर जिले में गंगनहर परियोजना के अर्न्तगत शिवपुर हैड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शिवपुर हैड का निरीक्षण करने के पश्चात कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है ताकि अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी पर्याप्त नहरी पानी पहुंचा कर किसानों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नहरी जल पर निर्भरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईजीएनपी, भाखड़ा नहर और गंगनहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए गत दोनों बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। गंगनहर में होंगे 1195 करोड़ के कार्य, टेल रीच पर मिलेगा पूरा पानी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों की लम्बे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए गंगनहर प्रणाली में क्षतिग्रस्त लाइनिंग की मरम्मत, सीसी लाइनिंग, फीडर पुनर्निर्माण, ऑटोमेशन आदि के 1195 करोड़ रुपए के कार्य करवाएं जाएंगे, जिससे सीपेज लॉस में कमी आएगी और किसानों को उनके हक का पूरा पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपए की लागत से फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य की डीपीआर तैयार कर केन्द्रीय जल आयोग को भिजवाई जा चुकी है। यह कार्य पूरा होने पर श्रीगंगानगर क्षेत्र में खेतों को समय पर और भरपूर पानी मिल सकेगा। इसी प्रकार, 300 करोड़ रुपए की लागत से बीकानेर कैनाल के पंजाब में स्थित भाग (आर.डी. 45 से 368) की सीसी लाइनिंग, ग्रेवल रोड तथा पट्ड़ों के निर्माण कार्यों की डीपीआर शीघ्र ही पंजाब सरकार द्वारा बनवा ली जाएगी। इसके लिए पंजाब सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। ऑटोमेशन सिस्टम दिलाएगा सेम की समस्या से निजात मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगनगर प्रणाली में कृषि, शहरी और औद्योगिक जरूरतों के लिए नहरी जल का बेहतर प्रबंधन करने के लिए 695 करोड़ रुपए की लागत से ऑटोमेशन की डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है। इसके वित्त पोषण के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है। उन्होने कहा कि ऑटोमेशन सिस्टम स्थापित होने से आरम्भिक छोर (हेड रीच) और अंतिम छोर (टेल रीच) पर समान रूप से पानी उपलब्ध हो सकेगा तथा अधिक पानी के कारण भूमि की उर्वरता में कमी एवं सेम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए गंग कैनाल ऐप और गंगनहर रेग्युलेशन पोर्टल का निर्माण भी किया गया है, जिससे नहर खुलने और बंद होने की जानकारी उनके मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। काश्तकारों में बारी के विवादों के समाधन के लिए बाराबंदी सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा चुका है।   पक्के खालों के निर्माण की 60 साल पुरानी मांग बजट में पूरी श्री शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण की नहरों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण, पक्के खालों के निर्माण, बैलेन्सिंग रिजर्वायर आदि कार्यों के लिए इस वर्ष के बजट में 1108 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की 60 साल से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हनुमानगढ़ जिले के एक लाख 7 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्केे खालों के निर्माण के लिए 590 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। कंवरसेन लिफ्ट नहर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त खालों के जीर्णोद्धार के 185 करोड़ रुपये की लागत के कार्य आईजीएनपी बोर्ड द्वारा स्वी़कृत कर दिए गए हैं। इसी प्रकार, श्रीगंगानगर जिले में रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला और श्रीविजयनगर के 44 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्के खालों का पुनर्निर्माण 200 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जाएगा। साथ ही, भाखड़ा और गंगनहर परियोजना के अंतर्गत आने वाले श्रीगंगानगर के क्षेत्रों में अब तक शेष रहे खालों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे हर खेत तक पानी पहुंच सकेगा।   225 करोड़ से होगा भाखड़ा सिंचाई परियोजना का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखड़ा सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहरों के जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार ने अब तक 225 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिससे हनुमानगढ़ जिले की संगरिया, टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा और श्रीगंगानगर जिले की सादुलशहर तहसील के किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धमुख सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नोहर व भादरा तहसीलों में नहरों के जीर्णोद्धार के 128 करोड़ रुपए के कार्य शुरू करवाए जा चुके हैं और 45 करोड़ रुपए के कार्य शीघ्र प्रारम्भ करवाए जाएंगे।   घग्घर डायवर्जन चैनल का होगा सुदृढीकरण, बाढ़ की समस्या का होगा समाधान श्री शर्मा ने कहा कि घग्घर डायवर्जन चैनल व नाली बैड के पटड़ों के सुदृढ़ीकरण, साइड स्लोपिंग और भेड़ताल क्षेत्र में बाढ़ के पानी को संग्रहित कर जल स्रोत बनाने आदि के कार्य 325 करोड़ रुपए की लागत से करवाए जाएंगे, जिससे घग्घर के पानी की सुरक्षित निकासी हो सकेगी और बाढ़ की समस्या का समाधान होगा। बेहतर सिंचाई प्रबंधन के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने शिवपुर हैड के कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से अधिकारियों से जानकारी ली तथा गंगनहर प्रणाली के बेहतर सिंचाई प्रबंधन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान श्री शर्मा ने किसानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम भी पूछी।इसके बाद श्री शर्मा ने शिवपुर हैड स्थित महाराजा गंगासिंह जी की प्रतिमा पर पहुंचे तथा संग्रहालय का अवलोकन किया।

बस और ऑटो की भिड़ंत से तीन की मौत

अनूपपुर राजेंद्रग्राम रोड किरण मार्ग के पास नफीस की बस और ऑटो की भिड़ंत हुई जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जिसमें दो महिलाएं तथा एक पुरुष की मृत्यु बताई जा रही है। यह घटना राजेंद्रग्राम रोड किधर के पास सुबह 10:40 के करीब यह घटना घटित हुई है। जिसमें गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 108 की मदद से जिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर में लाया गया जहां उनका उपचार कराया जा रहा है। जन चर्चा का व्याप्त है । किरण के पास घटना घटित हुई है। खबर मिलते ही जिला प्रशासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं पहुंच कर घायलों का हाल जाना इस घटना का जायजा लेने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर पहुंचे जहां घायलों का हाल-चाल जाना और घायलों के उपचार हेतु उत्तम व्यवस्था का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि घायलों को सरकार की ओर से जो सहायता राशि दी जाती है । वही जैसे ही बस और ऑटो की भिड़ंत हुई तो तुरंत 108 की मदद से गंभीर लोगों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर में पहुंचने का कार्य भी किया गया

हमें आने वाली पीढ़ी के उज्जवल, सुगम भविष्य के लिए आज चिंतन करने की आवश्यकता है : प्रभारी मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री एवं भिंड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला योजना समिति की बैठक जिला पंचायत सभागार भिण्ड में की गई। विधायक भिण्ड श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, विधायक गोहद श्री केशव देसाई, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील दुबे, सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंत्री श्री पटेल ने बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा कर कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का महत्वाकांक्षी अभियान है। इससे पानी का भण्डारण कर आम जन मानस को पर्याप्त पेयजल की सुविधा प्रदान की जा सके। अभियान को जन प्रतिनिधियों सहित जन भागीदारी के सहयोग से वृहद रूप से संचालित करें। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोत लगातार सूख रहे हैं, हमें आने वाली पीढ़ी के उज्जवल सुगम भविष्य के लिए आज चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा पौध-रोपण के लिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये कहा कि पौधे लगाना ही नहीं बल्कि पौधे को वृक्ष बनाना भी जरूरी है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से आने वाले बेहतर भविष्य के लिए जल संरक्षण एवं पौध-रोपण का आहवान किया। मंत्री श्री पटेल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्म काल में पेयजल की समस्या निदान के लिए जिले में वृहद स्तर पर जल गंगा संवर्धन अभियान को संचालित करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए अधिक से अधिक खेत, तालाब, नदी तालाबों का निर्माण कराया जाये। साथ ही सम्मानित जन प्रतिनिधिगण भी अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे स्थानों को चयनित कर कार्य प्रारंभ कराएं। मंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिए कि ऐसे हैंडपंप जो खराब हो चुके हैं, पेयजल योग्य नहीं हैं, उन्हें हटाकर वर्षा का जल संरक्षण के योग्य बनाया जाए, जिससे जितना जल उस हैंडपंप के माध्यम से निकाल चुके हैं कम से कम उतना जल वर्षा जल के माध्यम से भूमि को वापस किया जा सके। मंत्री श्री पटेल ने क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा कर कहा कि पिछले वर्ष जिले में जिन स्थानों पर पेयजल की समस्या थी और वर्तमान में पेयजल समस्या की क्या स्थिति है। उन्होंने पेयजल संकट के निदान के लिये किए गए प्रयास एवं कार्य योजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था हर हाल में सुचारू बनायी रखी जाये। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये जिससे कि किसी भी नागरिक को पेयजल की समस्या नहीं रहे और ईधर-उधर भटकना नहीं पड़े। मंत्री श्री पटेल ने उपार्जन की समीक्षा के दौरान पिछले वर्ष गेहूं एवं सरसों उपार्जन के लिए बनाए गए केन्द्र एवं इस वर्ष बनाए गए केन्द्रों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति नहीं बने, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे एवं चौथे चरण अंतर्गत जिले में वर्तमान में प्रगतिरत सड़कों के संबंध में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व महाअभियान में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आधार सीडिंग की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जिले में अतिक्रमण मुक्त मुक्तिधाम, अतिक्रमण मुक्त मंदिर और भूमिहीन मुक्तिधाम के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि जिन मुक्तिधाम और मंदिरों पर अतिक्रमण है उन्हें मुक्त कराया जाना सुनिश्चित करें। सभी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन मिलकर देखें और चिन्हित करें कि भूमिहीन मुक्तिधाम कितने हैं और मुक्तिधाम कहां बनाए जाना हैं। उन्होंने म.प्र. विद्युत मंडल की समीक्षा कर लहार, भिण्ड, मेहगांव और गोहद में प्रगतिरत सब स्टेशन के कार्य प्रारंभ और पूरा होने की टाईम लाईन के संबंध में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंत्री श्री पटेल ने विभागों के माध्यम से किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए प्रगति समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए।  

मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के फैसले का हम स्वागत करते हैं: कांग्रेस नेता नाना पटोले

अहमदाबाद महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को मिडिया से बात करते हुए मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर खुशी जताई। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के फैसले का हम स्वागत करते हैं। पटोले ने कहा, ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग, जो देश का पैसा लूट कर भागे, भाजपा ने ही उनका सहयोग किया। हमारा सवाल है कि उन्हें क्यों नहीं वापस लाया गया।” यूपीए सरकार के समय के गुनहगारों को मोदी सरकार सजा दिलवा रही है, भाजपा नेताओं के इस बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, “सरकार किसी की भी हो, गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए। कांग्रेस सरकार ने हमेशा इसे प्राथमिकता दी है। भाजपा सरकार ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या और दाऊद को भी देश में लाना चाहती थी, उसका क्या हुआ? भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए।” गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम में उलझे हैं और ओबीसी ने हमारा साथ छोड़ दिया है। इस बयान का पटोले ने समर्थन करते हुए कहा, “जो भी राजनीतिक नुकसान होता है। उसकी चर्चा की जाती है। कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र है, लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह जो बोलेंगे, वही भाजपा है। ऐसे में राहुल गांधी ने जो कहा है, वो सही है।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को ताकत देने के लिए अधिवेशन का आयोजन हुआ। अहमदाबाद कांग्रेस अधिवेशन से सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश को ताकत मिलेगी। यह सरदार पटेल और महात्मा गांधी की भूमि है। यहां से कांग्रेस को ताकत मिलती रही है और मुझे उम्मीद है कि इस अधिवेशन से कांग्रेस को पूरे देश में ताकत मिलेगी।”

जल की बूंद-बूंद का संरक्षण करें : मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन विभाग मंत्री श्री तुलसी राम सिलावट ने बुधवार को ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प को पूरा करने और नदियों एवं तालाबों के संवर्धन के लिए प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य व्यापक पैमाने पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सभी अपनी सक्रिय भागीदारी से सफल बनाएं। केरवा डैम, भोपाल के समीप जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजित किए गए श्रमदान कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विष्णु खत्री, श्री तीरथ मीणा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद राजपूत, सरपंच श्रीमती मीरा तोमर, पर्यावरण विद श्री अभिलाष खांडेकर, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने अधिकारियों को जल स्रोतों के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के तालाबों पर हर प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के भी सख्त निर्देश दिए। श्री सिलावट ने कहा कि जल संकट का समाधान जल गंगा संवर्धन अभियान में निहित है। उन्होंने झाबुआ जिले की प्रसिद्ध हलमा प्रथा से प्रेरणा लेते हुए सभी से अपने जीवन में कम से कम 1 घंटा श्रमदान करने का आग्रह किया। मंत्री श्री सिलावट ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के संकल्प को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से पूरा किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। श्री सिलावट ने मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों में सिंचाई रकबे को 65 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी बात कही। मंत्री श्री सिलावट ने वहां उपस्थित सभी लोगों को जल संसाधनों की रक्षा और संरक्षण करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हम सभी का है और इसकी सफलता की नींव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर टिकी हुई है।  

भगवान महावीर ने समाज को सत्य, अहिंसा और त्याग का मार्ग दिखाया : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर कहा कि भगवान महावीर ने समाज को सत्य, अहिंसा व त्याग का मार्ग दिखाया है इनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते है उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने कहा था कि हमें दूसरे के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम अपने साथ चाहते है, उन्होंने समाज को जियो और जीने दो का मूलमंत्र दिया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने भगवान महावीर जयंती की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हम सब भगवान महावीर के आदर्शों को अपनाने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। भगवान महावीर की शिक्षा ने जैन धर्म को एक नई दिशा में ले जाने का काम किया है, उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है और सही रास्तों पर चलने के लिए प्रेरित करती है।  

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