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RBI की बैठक में बड़े ऐलान- मिडिल क्लास को राहत, UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव, जाने बैठक की मुख्य बातें

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती कर आम आदमी को बड़ी राहत दी है। आज 9 अप्रैल को आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत करने का फैसला किया। इससे पहले 7 फरवरी 2025 में आरबीआई ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत किया गया था। यह मई 2020 के बाद पहली कटौती और ढाई साल में पहला रिविजन था। रेपो दर में कमी का असर मिडिल क्लास पर अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक और वित्तीय संस्थानों को RBI से कम लागत पर फंड उधार में मिल जाते हैं। इससे होम लोन, ऑटो लोन और नए पर्सनल लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं और आम लोगों का ईएमआई का बोझ कम होता है। आइए जानते हैं मॉनेटरी पॉलिसी बैठक की मुख्य बातें — प्रमुख ब्याज दर (रेपो) को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत किया गया। रेपो दर में लगातार दूसरी बार चौथाई प्रतिशत की कटौती की गई। केंद्रीय बैंक के मौद्रिक रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘उदार’ करते हुए आगे ब्याज दर में एक और कटौती का संकेत दिया। इससे ग्राहकों के लिए कर्ज की मासिक किस्त (ईएमआई) में और कमी आ सकती है। आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को ‘ग्राहकों से दुकानदारों’ को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की सीमा में संशोधन की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच यूपीआई के जरिये लेनदेन की सीमा पहले की तरह एक लाख ही रहेगी। वर्तमान में ग्राहकों से दुकानदारों (पी टू एम) को पूंजी बाजार, बीमा, जैसे मामलों में प्रति लेनदेन दो लाख रुपये, जबकि कर भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पताल, आईपीओ के लिए भुगतान सीमा पांच लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत किया गया। मल्होत्रा ने कहा कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है और उच्च क्षमता उपयोग, सरकार के बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर जोर, बैंकों और कंपनियों के बेहतर बही-खाते और वित्तीय स्थितियों में सुधार के कारण आगे निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। आरबीआई का कहना है कि व्यापार शुल्क संबंधी उपायों ने अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर असर पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत किया गया। आरबीआई ने सोने के आभूषणों और गहनों के बदले दिए जाने वाले लोन को लेकर मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए नए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने कहा कि सोने के बदले कर्ज से संबंधित प्रस्तावित दिशानिर्देशों का मकसद नियमों को सख्त करना नहीं, बल्कि लेंडर के व्यवहार को सुसंगत करना है। बता दें कि इन लोन का उपयोग आम तौर पर कंजम्पशन और इनकम जेनरेट दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। केंद्रीय बैंक ने को-लोन देने के दायरे का विस्तार करने और सामान्य विनियामक ढांचा जारी करने का प्रस्ताव किया। एमपीसी की 54वीं बैठक की पूर्ण जानकारी 23 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे हुए कर्जों (स्ट्रेस्ड एसेट्स) के समाधान के लिए एक नए ढांचे ‘सिक्योरिटाइजेशन ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स फ्रेमवर्क’ पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी किया है। यह नया ढांचा फंसे हुए कर्जे के सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) को बढ़ावा देगा। सिक्योरिटाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इन फंसे हुए कर्जों को मिलाकर प्रतिभूतियों में बदला जाता है और फिर निवेशकों को बेचा जाता है। इससे बैंकों को जोखिम कम करने और ऐसे कर्जों से निकलने का एक रास्ता मिलेगा। 4 से 6 जून को अलगी बैठक बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6 बैठकें होगी। पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल तक थी। अब एमपीसी की अगली बैठक चार से छह जून, 2025 को होगी।

अब नौ सेना को भी मिलेंगे महाबली राफेल, विमान खरीदने के लिए 63000 करोड़ रुपये की डील पर करेगा हस्ताक्षर, और मजबूत होगी नौसेना

मुंबई भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने के लिए मेगा डील को मंजूरी दे दी है. रक्षा सूत्रों ने बुधवार को आजतक को य​ह जानकारी दी. दोनों देशों की सरकारें 63,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस रक्षा सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर राफेल मरीन जेट मिलेंगे. डील पर मुहर लगने के बाद राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी 2029 के अंत से शुरू होगी और 2031 तक भारतीय नौसेना को सभी 26 विमान मिल जाएंगे. इन विमानों का निर्माण फ्रांस की प्राइवेट एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) करेगी. इन राफेल-एम विमानों की तैनाती INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमान वाहक युद्धपोतों पर होगी. अभी तक भारतीय नौसेना के ये दोनों जहाज अपने मिशनों को पुराने हो चुके मिग 29-K लड़ाकू विमानों के साथ अंजाम देते हैं. राफेल-एम विमानों की फ्लीट, पुराने हो चुके मिग-29K विमानों की फ्लीट को रिप्लेस करेगी. सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत 26 राफेल मरीज जेट्स के अलावा फ्लीट के मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक सपोर्ट, कर्मियों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी भी फ्रांस की होगी. इसके अलावा ऑफसेट दायित्वों के तहत इन विमानों के कलपुर्जों और उपकरणों का निर्माण भारत में ही करना होगा. इस पैकेज में नौसेना कर्मियों की ट्रेनिंग भी शामिल है. जिन 26 राफेल विमान को खरीदने की तैयारी है उनमें से 22 विमान सिंगल सीट वाले होंगे, जबकि चार विमानों में दो पायलट के बैठने की जगह होगी. सूत्रों के अनुसार इन विमानों को मुख्य रूप से स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. इससे भारत हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी गतिविधियों पर नजर रखने में और आसानी होगी. साथ ही इससे भारतीय नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने इस सौदे को मंजूरी दी है. राफेल मरीन, राफेल लड़ाकू विमान का एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए डिजाइन किया गया संस्करण है, जो अपनी एडवांस एवियोनिक्स, वेपन सिस्टम और एयर वारफेयर में अपनी कुशलता के लिए जाना जाता है. राफेल-एम को विमानवाहक पोतों से अंजाम दिए जाने वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें मजबूत लैंडिंग गियर, अरेस्टर हुक्स और शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी (STOBAR) ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए मजबूत एयरफ्रेम की सुविधा है. ‘ यह एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग नौसेना के विमानवाहक पोतों पर लड़ाकू विमान के टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए किया जाता है, क्योंकि एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर रनवे छोटा होता है. ऐसे में बहुत कम दूरी में लड़ाकू विमानों को उड़ान भरनी और लैंडिंग करनी होती है. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) पहले से ही अंबाला और हाशिमारा स्थित अपने एयरबेस पर 36 राफेल फाइटर जेट्स का संचालन कर रही है. बता दें कि फ्रांस के साथ डसॉल्ट एविएशन के 36 राफेल फाइटर जेट के लिए यह डील मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में फाइनल हुई थी. नया राफेल मरीन डील भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने में भी मदद करेगा, जिसमें इसके ‘बडी-बडी’ एरियल रिफ्यूलिंग सिस्टम को उन्नत करना भी शामिल है. यह सुविधा भारतीय वायुसेना के लगभग 10 राफेल विमानों को हवा में ही ईंधन भरने में सक्षम बनाएगी, जिससे उनका ऑपरेशनल रेंज बढ़ जाएगा. नौ सेना के लिहाज से मॉडिफाई होंगे राफेल ये नए राफेल एम विमान, पुराने MiG-29K और MiG-29KUB विमानों की जगह लेंगे। ये पुराने विमान अभी भारतीय नौसेना के 300 स्क्वाड्रन (INAS 300) ‘व्हाइट टाइगर्स’ और 303 स्क्वाड्रन (INAS 303) ‘ब्लैक पैंथर्स’ में इस्तेमाल हो रहे हैं। नए राफेल जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य नाम के एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरेंगे। ये विशाल जहाज समुद्र में तैरते हुए हवाई अड्डे की तरह होते हैं। भारत में फैक्ट्री लगाएगी राफेल वाली कंपनी राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन भारत में अपनी एक असेंबली लाइन लगाने पर भी विचार कर रही है। इसका मतलब है कि कुछ राफेल विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भारत समेत कई देशों से राफेल विमानों के बहुत सारे ऑर्डर मिले हैं। भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पॉलिसी के तहत खरीदे जाने वाले 60% हथियार भारत में ही बनने चाहिए। भारत के इस नए ऑर्डर को मिलाकर दसॉ एविएशन के पास कुल 256 राफेल विमान बनाने के ऑर्डर हैं। इनमें से 190 विमान दूसरे देशों के लिए और 56 विमान फ्रांसीसी वायु सेना के लिए हैं। दसॉ अभी हर महीने तीन विमान बनाती है। इस हिसाब से सभी ऑर्डर पूरे करने में लगभग 7 साल लग जाएंगे। फरवरी में फ्रांस के रक्षा मंत्री ने 20 से 30 और राफेल विमान खरीदने की योजना की घोषणा की थी। इससे साफ है कि राफेल विमानों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है। भारत ने जुलाई 2023 में ही 26 और राफेल विमान खरीदने की योजना बना ली थी। उस समय रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 26 राफेल और तीन स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों की खरीद को मंजूरी दे दी थी। भारत ने 2016 में 36 राफेल विमानों का ऑर्डर दिया था। इनमें से आखिरी दो विमान दिसंबर 2022 में भारत पहुंचे थे। वायु सेना के लिए आ चुके हैं 36 राफेल इन 36 विमानों में भारत की खास जरूरतों के हिसाब से 13 बदलाव किए गए थे। इनमें एक इजरायली हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम, मीटिऑर गाइडेड मिसाइल समेत कई तरह की मिसाइलें, 10 घंटे का डेटा स्टोर करने वाले फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, इन्फ्रारेड टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम, बेहतर रडार, ऊंचाई वाले एयरफील्ड से उड़ान भरने के लिए कोल्ड वेदर इंजन स्टार्टर और भी बहुत कुछ शामिल है। इन बदलावों से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ गई है। नए राफेल विमान भी इन्हीं खूबियों से लैस होंगे और भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करेंगे। ये नए विमान हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।  

आईपीएल 2025 की ऑरेंज कैप पर निकोलस पूरन की बादशाहत जारी, पर्पल कैप है इस गेंदबाज के सिर पर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का 18वां सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के रेस भी दिलचस्प होती जा रही है। हालांकि, ऑरेंज कैप और पर्पल कैप ज्यादातार समय निकोलस पूरन और नूर अहमद के पास ही रही हैं, लेकिन बाकी के स्थानों पर खूब फेरबदल हुआ है। अभी तक नंबर दो पर सूर्यकुमार यादव ऑरेंज कैप की रेस में थे, लेकिन वे नीचे खिसक गए। हार्दिक पांड्या भी पर्पल कैप की रेस में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऐसे में जान लीजिए कि अभी कौन किस नंबर पर है। आईपीएल 2025 के ऑरेंज कैप की बात करें तो इस पर अभी भी निकोलस पूरन का कब्जा है, जो 288 रन बनाकर शीर्ष पर चल रहे हैं। लिस्ट में दूसरा नाम भी लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज का ही है। मिचेल मार्श 265 रन बनाकर दूसरे पायदान पर हैं। सूर्यकुमार यादव तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं, जो 199 रन बना चुके हैं। गुजरात टाइटन्स के बल्लेबाज साई सुदर्शन 191 रन बनाकर चौथे नंबर पर हैं और पांचवें पायदान पर अब अजिंक्य रहाणे आ गए हैं, जिन्होंने 184 रन बना लिए हैं। 1. निकोलस पूरन – 288 रन 3. सूर्यकुमार यादव – 199 रन 5. अजिंक्य रहाणे – 184 रन आईपीएल के 18वें सीजन के पर्पल कैप की बात करें तो नूर अहमद फिर से हार्दिक पांड्या से आगे निकल गए हैं। उनको पीबीकेएस वर्सेस सीएसके मैच में एक ही विकेट मिला, लेकिन वे अब 11 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं। खलील अहमद 10 विकेट के साथ दूसरे और इतने ही विकेट के साथ हार्दिक पांड्या तीसरे नंबर पर हैं। औसत के मामले में हार्दिक खलील से पीछे हैं। चौथे नंबर पर मोहम्मद सिराज हैं और पांचवें पर मिचेल स्टार्क हैं। 1. नूर अहमद – 11 विकेट 3. हार्दिक पांड्या – 10 विकेट 4. मोहम्मद सिराज – 9 विकेट 5. मिचेल स्टार्क – 9 विकेट

मध्यप्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट, 11 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश होगी

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गुना, रतलाम और नर्मदापुरम जैसे शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जहां लू भी चली। मौसम विभाग ने जबलपुर और ग्वालियर समेत कुल 30 जिलों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, धार में न केवल दिन बल्कि रातें भी गर्म रहेंगी। अशोकनगर, गुना, रतलाम, मंदसौर और नीमच में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।     मंगलवार को गुना, रतलाम-नर्मदापुरम में पारा 43 डिग्री के पार रहा। यहां लू भी चली। मौसम विभाग ने बुधवार को जबलपुर-ग्वालियर समेत 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। IMD, भोपाल के अनुसार, धार में दिन के साथ रात भी गर्म रहेगी। अशोकनगर, गुना, रतलाम, मंदसौर और नीमच में हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, उज्जैन और आगर-मालवा में लू का यलो अलर्ट है। 10 अप्रैल को भी रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, जबलपुर और मंडला में भी लू चलेगी। 11 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, बारिश होगी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी पश्चिमी राजस्थान से पश्चिमी विदर्भ तक एक टर्फ एक्टिव है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस), साइक्लोनिक सकुर्लेशन का भी असर है। इस वजह से गर्मी का असर है, लेकिन 11 और 12 अप्रैल को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में मौसम बदल जाएगा। कहीं बादल छाए रहेंगे तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम बदलेगा, उनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत 30 जिले शामिल हैं। तेज गर्मी के बीच एमपी में बारिश इधर, मंगलवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। तेज गर्मी के बीच बारिश भी हुई। छिंदवाड़ा में गरज-चमक के साथ पानी गिरा। बैतूल, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी मौसम बदला रहा। वहीं, गुना में 43.4 डिग्री, रतलाम-नर्मदापुरम में पारा 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 42.9 डिग्री, सागर में 42.5 डिग्री, शाजापुर, खजुराहो-नौगांव में 42.4 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.1 डिग्री, ग्वालियर में 41.9 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और जबलपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसा रहेगा अप्रैल में मौसम     पहला सप्ताह ऐसा रहा: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस बना रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही।     दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं।     तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।

MP में आठ साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया पुनः शुरू होगी, चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। आठ साल से रुकी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे चार लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक के बाद वीडियो संदेश के जरिए यह खुशखबरी सुनाई। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद नए नियमों के साथ पदोन्नति की तैयारी की है, जिससे कर्मचारी जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हालांकि, पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक रास्ता तलाशकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मेरिट और वरिष्ठता बनेगी आधार सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के नए नियमों में मेरिट के साथ-साथ वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाएगी। एक अप्रैल 2025 से पदोन्नत कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कैबिनेट से नियम पारित होते ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कर आदेश जारी करें। कार्यवाहक पदों पर दी गई अस्थायी पदोन्नति की पुन: डीपीसी होगी, ताकि उन्हें भी वरिष्ठ पद का आर्थिक लाभ मिल सके। खास बात यह है कि 2002 से पदोन्नत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कर्मचारियों को पदावनत नहीं किया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। आरक्षण विवाद ने रोकी थी पदोन्नति     पदोन्नति में आरक्षण का मामला 2016 से उलझा हुआ है। निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर कर पदोन्नति नियम 2002 को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची।     सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के चलते मई 2016 से पदोन्नति ठप हो गई थी। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो गए। इस लंबे अंतराल ने कर्मचारियों में असंतोष पैदा किया था, जिसे अब सरकार दूर करने की कोशिश में है। शिवराज सरकार में बने नियम, पर नहीं बनी सहमति     तत्कालीन शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गोरकेला से नए नियम तैयार करवाए थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।     उसके बाद तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में समिति बनी, जिसने कर्मचारी संगठनों से बातचीत की, पर कोई समाधान नहीं निकला। अंतरिम उपाय के तौर पर पात्र कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया, लेकिन यह स्थायी हल नहीं था। इस स्थिति ने कर्मचारियों के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया था। विधि विभाग ने दिखाई राह     पदोन्नति का रास्ता विधि एवं विधायी विभाग ने सुझाया। कर्मचारियों की याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने माना कि आरक्षण नियम भले ही निरस्त हुए हों, लेकिन विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन नियमों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है।     हाई कोर्ट के आरपी गुप्ता प्रकरण के आदेश के आधार पर समिति बनाकर भर्ती नियम 2010 के तहत नए पदों को शामिल करते हुए पदोन्नति का फैसला लिया गया। ये पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी, जिससे कानूनी पेचीदगियां टाली जा सकें। मुख्यमंत्री का संदेश: जल्द मिलेगा हक     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा, “पदोन्नति के उलझे मामले सुलझने की ओर बढ़ रहे हैं। लंबे समय से कर्मचारी इस अवसर से वंचित थे। कई तो बिना पदोन्नति के रिटायर हो गए। एक ही सीट पर बैठे हुए हक न मिलना अटपटा लगता है।     अलग-अलग स्तर पर विचार-विमर्श के बाद हमने रास्ता तलाशा है। सभी वर्गों को सहमत कर मार्ग प्रशस्त किया गया है। मुझे खुशी है कि कैबिनेट के निर्णय से जल्द ही कर्मचारियों को यह सुखद सूचना देंगे।” उनके इस बयान ने कर्मचारियों में उम्मीद जगाई है। कर्मचारियों की संख्या और प्रभाव     मार्च 2024 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में प्रथम श्रेणी के 8,286, द्वितीय श्रेणी के 40,020, तृतीय श्रेणी के 5,00,048 और चतुर्थ श्रेणी के 58,522 नियमित कर्मचारी हैं। पिछले एक साल की भर्तियों के साथ यह संख्या सात लाख से अधिक हो गई है।     चार लाख से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। यह निर्णय सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को भी दर्शाता है।  

Kia के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कारों के 900 इंजन हो गए चोरी, साल मार्च में ऑडिट के दौरान यह चोरी पकड़ी गई

तिरुपति आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पेनकोंडा के पास किआ मोटर्स (Kia Motors) की कार बनान की फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री से बीते पांच साल में करीब 900 इंजन चोरी हो गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब कंपनी ने बीते मार्च के दौरान पूरे साल का ऑडिट किया। पुलिस ने शुरू की जांच हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में किआ मोटर्स शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचा रही थी। वे चाहते थे कि पुलिस बिना औपचारिक शिकायत के ही मामले की जांच करे। लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि बिना शिकायत के जांच नहीं हो सकती। इसके बाद किआ मोटर्स ने 19 मार्च को पेनकोंडा इंडस्ट्रियल एस्टेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्री सत्य साईं जिले के SP वी. रत्ना ने किआ मोटर्स के कारखाने का दौरा किया और सारे रिकॉर्ड देखे। उन्होंने कहा, “हमने मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं। हमारी टीमें महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए पूरे देश में जा रही हैं। मामले की जांच तेजी से चल रही है।” 2020 से हो रही है चोरी पेनकोंडा के DSP वाई. वेंकटेश्वरुलु भी जांच टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि किआ मोटर्स में इंजन की चोरी 2020 में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, “शुरुआती जांच से पता चला है कि पिछले पांच सालों में 900 इंजन धीरे-धीरे और योजना बनाकर चुराए गए हैं। यह निश्चित रूप से किसी अंदर के आदमी का काम है। हमें शक है कि किआ मोटर्स के कुछ पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया है।” प्लांट से चोरी हुए इंजन पहले पुलिस को शक था कि तमिलनाडु से पेनकोंडा के किआ मोटर्स प्लांट में आते समय इंजन चोरी हो गए होंगे। लेकिन जांच के बाद पता चला कि सारे इंजन प्लांट से ही चुराए गए थे। चोरों ने रिकॉर्ड में भी हेरफेर किया। दूसरी तरफ, किआ मोटर्स ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है। लेकिन कंपनी ने यह जरूर कहा कि इंजन चोरी होने से कारखाने के उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रोडक्शन पर असर नहीं किआ मोटर्स के एक प्रतिनिधि ने TOI को बताया, “हम हर साल लगभग 3-4 लाख गाड़ियां बनाते हैं। 900 इंजन चोरी होने से उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है।” वैसे यह घटना कई सवाल खड़े करती है। इतनी बड़ी संख्या में इंजन कैसे चोरी हो गए? क्या कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी? क्या कंपनी के अंदर कुछ लोग चोरों के साथ मिले हुए थे? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश कर रही है। यह भी सोचने वाली बात है कि इंजन चोरी होने के बाद भी कंपनी को इसका पता क्यों नहीं चला। क्या कंपनी के ऑडिट सिस्टम में कोई कमी थी? क्या कर्मचारियों ने चोरी को छिपाने की कोशिश की?

EPFO मेंबर्स के लिए सरकार ने किया बड़ा काम, अब सिर्फ फेस वेरिफिकेशन से हो जाएगा ये बड़ा काम

नई दिल्ली  एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू की है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारी उमंग ऐप (Umang App) इस्तेमाल कर आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से खुद अपना UAN बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नियोक्ता अपने नए कर्मचारी का UAN इस तरह खुद इसी प्रोसेस से बना सकता है। मांडविया ने बताया कि जिन पुराने सदस्यों का UAN एक्टिवेट नहीं हुआ है, वे भी उमंग ऐप से इसे एक्टिवेट कर सकते हैं। मांडविया ने बताया, ‘EPFO जल्दी ही जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) को भी फेस ऑथंटिकेशन के जरिए प्रमोट करेगा, जिससे पेंशनधारकों को घर पर सेवाएं मिल सकेगी मांडविया ने कहा, UAN जेनरेट करने के लिए आमतौर पर एंप्लॉयर कर्मचारी का डेटा EPFO को भेजता था और डेटा आधार से वेरिफाई किया जाता था, लेकिन पिता का नाम, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी में कई बार गलतियां हो जाती थी, जिससे कर्मचारियों को क्लेम या दूसरे बेनेफिट के लिए बाद में डेटा अपडेट कराना पड़ता था। कई मामलों में कर्मचारी का मोबाइल नंबर गलत होने या उसकी जानकारी ही नहीं दिए जाने के चलते EPFO उनसे संपर्क नहीं कर पाता था। लेकिन फेस ऑर्थोटिकेशन टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से ऐसी दिक्कतें नहीं होंगी और करोड़ों कर्मचारियों को कॉन्टैक्टलेस और सुरक्षित सेवा मिलेगी।’ इसके अलावा EPFO मेंबर पोर्टल पर आधार ओटीपी वैलिडेशन के जरिए UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया है, जिसे मेंबर को पूरा करना होता है। इसमें भी कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। मांडविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 1,26,56,127 UAN जनरेट हुए, लेकिन 44,68,236 यानी करीब 35% ही एक्टिवेट हुए। इस तरह खुद जेनरेट करें UAN     प्लेस्टोर से उमंग ऐप (Umang App) डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।     AadhaarFaceRD App भी डाउनलोड करे और इंस्टॉल करे।     उमंग ऐप खोलें और UAN अलॉटमेंट एंड एक्टिवेशन पर जाएं।     आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें।     कंसेट देने के लिए चेकबॉक्स पर टिक करें और OTP वेरिफाई करें।     इसके बाद कैमरा ऑन होगा, लाइव फोटो लें।     जब बॉर्डर हरे रंग में बदल जाए, तो फोटो कैप्चर पूरा होगा, जैसे डिजियात्रा ऐप में होता है।     फोटो आधार डेटाबेस से मिलाया जाएगा सफल मैचिंग के बाद UAN SMS से भेजा जाएगा।     UAN जेनरेट होते ही ऑटो एक्टिव हो जाएगा। उमंग ऐप या मेबर पोर्टल से UAN कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

सगा चाचा ही निकला आरोपी, अब वकीलों का बड़ा फैसला, आरोपी का कोई भी अधिवक्ता केस नहीं लड़ेगा

दुर्ग त्तीसगढ़ के दुर्ग रेप केस में वकीलों ने बड़ा फैसला लिया है। दुर्ग जिला बार काउंसिल ने अदालत में आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली बच्ची रविवार की सुबह नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन के लिए पड़ोस में अपनी दादी के घर गई थी। इस दौरान उसे अकेला पाकर उसके 24 वर्षीय चाचा ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसकी हत्या कर दी, आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने छह वर्ष की बालिका के साथ बलात्कार एवं उसकी हत्या की घटना की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समुदाय के सदस्यों ने शहर में रैलियां निकाली, यादव समाज ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। यादव समाज ने दुर्ग जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पीड़िता की मां को 50 लाख रुपए की सहायता और उन्हें सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बच्ची यादव समाज से आती है। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा की छत्तीसगढ़ इकाई के महासचिव प्रीतम यादव ने कहा, ”हमने घटना की सीबीआई जैसी एजेंसियों से विस्तृत जांच की मांग की है। आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हमने पीड़िता की मां को 50 लाख रुपए की सहायता और उन्हें सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।’ कोर्ट में केस नहीं लड़ेंगे वकील वहीं, दुर्ग बार काउंसिल की अध्यक्ष नीता जैन ने इस कृत्य को जघन्य और अमानवीय करार देते हुए कहा कि अधिवक्ता संघ ने आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। पीड़िता को सिगरेट से प्रताड़ित किए जाने और उसके शरीर पर जलने के निशान होने की खबरों के बीच दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने कहा कि पीड़िता की पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है तथा मामले की जांच जारी है। कन्या भोज खाने गई थी बच्ची पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह आरोपी घर में अकेला था, जबकि बालिका की दादी और एक अन्य रिश्तेदार मंदिर गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, उसकी हत्या की और बाद में उसके शव को पड़ोसी की कार में रख दिया। उन्होंने बताया कि कार नियमित रूप से वहां खड़ी रहती थी और आरोपी को पता था कि उसका एक दरवाजा खुला रहता है। अधिकारियों ने बताया कि जब बच्ची शाम तक घर नहीं लौटी, तो उसके परिवार के सदस्यों ने खोजबीन शुरू की और बाद में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस को रात में पड़ोस में कार के अंदर शव मिला। पुलिस ने बताया कि बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है।

बीजापुर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलावर को 22 नक्सलियों ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले 22 में से चार नक्सलियों के सिर पर 26 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए थे। इसलिए समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते थे। जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया उनके खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। नक्सलियों के सरेंडर की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चार इनामी नक्सलियों कमली हेमला उर्फ सोमे, मुया माड़वी उर्फ राजेश, सोनू तांती और महेश पुनेम समेत 22 उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली कमली हेमला पीएजीए बटालियन नंबर एक की सदस्य है तथा उसके सर पर आठ लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि नक्सली मुया माड़वी तेलंगाना स्टेट कमेटी के अंतर्गत पार्टी सदस्य है तथा उस पर भी आठ लाख रुपए का इनाम है। आत्मसमर्पण करने वाले पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम के कमांडर सोनू ताती और पीएलजीए सदस्य महेश पुनेम पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि मुया माड़वी उर्फ राजेश 19 साल का है, सोनू तांती 28 और महेश पुनेम 20 साल का है। संगठन के भीतर बड़ा मतभेद सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि नक्सली संगठन के विचारों से मोहभंग हो गया है तथा वह संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद से परेशान थे। उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने के लिए आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। उन्होंने खुलासा किया की जवानों की लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली संगठन खौफ में हैं। संगठन कमजोर हो रहे हैं। 50-50 हजार मिली सहायता राशि अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन के रूप में 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सली घटनाओं में शामिल 172 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं तथा 179 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 83 नक्सली मारे गए हैं। एसपी ने की सरेंडर की अपील बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने नक्सलियों से कहा है कि वे बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।

चेन्नई के खिलाफ युजवेंद्र चहल की टीम पंजाब को चीयर्स करती नजर आईं आरजे महवश

नई दिल्ली सोशल मीडिया स्टार आरजे महवश यूं तो क्रिकेट युजवेंद्र चहल से डेटिंग की अफवाह को खारिज कर चुकी हैं, लेकिन मंगलवार को वह चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पंजाब किंग्स को चीयर्स करती नजर आई थीं। चहल पंजाब किंग्स की तरफ से ही खेलते हैं। न्यू पीसीए क्रिकेट स्डेडियम, मुल्लांपुर में खेले गए मैच में पंजाब ने 18 रन से जीत हासिल की। महवश मैच के दौरान स्टेडियम में महवश की मौजूदगी चहल के साथ उनके अफेयर्स की अफवाह को पंख ही लगा रही है। आरजे महवश और युजवेंद्र चहल के बीच कुछ-कुछ है, इसकी सबसे पहले अफवाह तब उड़ी जब वह 10 मार्च को क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ चैंपिंयंस ट्रॉफी फाइनल में टीम इंडिया को चीयर करती नजर आई थीं। चहल के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया। फाइनल में टीम इंडिया की जीत के बाद महवश ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें वह चहल के साथ टीम इंडिया की जीत को सेलिब्रेट करती नजर आई थीं। युजवेंद्र चहल का हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धनश्री के साथ तलाक हुआ है। इस वजह से भी आरजे महवश के साथ उनके देखे जाने पर उनकी डेटिंग की अफवाह ने जोर पकड़ लिया।

बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही

रायपुर छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है। राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास   स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है। नसीम अहमद खान, उप संचालक

नवकार महामंत्र विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है:उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पावन एवं शक्तिशाली मंत्र है, जो विनम्रता, अहिंसा, भाईचारे और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का माध्यम है, बल्कि विश्व में सद्भाव और शांति की स्थापना का प्रभावी सूत्र भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व नवकार महामन्त्र दिवस पर रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज एवं अन्य आचार्य गण से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने किया श्रवण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आध्यात्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। भारत की आत्मा उसकी अध्यात्म-समृद्ध परंपरा में निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम उस आत्मा को पुनः जाग्रत करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने श्रवण एवं दर्शन किया। जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है: मुनिआचार्य प्रमाण सागर मुनिआचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब विश्व आतंक, हिंसा और युद्ध के भयावह दौर से गुजर रहा है, तब नवकार महामंत्र शांति, सह-अस्तित्व और आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि महावीर का जन्म नहीं, निर्माण होता है — जब आत्मा स्वयं को पहचानती है, तब वह महावीर बनती है। आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा वंदन केवल बाह्य अर्चना नहीं बल्कि अपने अस्तित्व के प्रति जागरूकता है। जब हम अपने अंदर के महावीर को पहचानते हैं और उसका वंदन करते हैं, तभी हम सम्पूर्ण विश्व का वंदन कर रहे होते हैं। नवकार मंत्र की आराधना सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए है। उन्होंने कहा कि धर्म का आश्रय, अर्थात् सत्य, तप, अनुशासन और धैर्य को जीवन में अपनाना आवश्यक है। धर्म को अपने स्वभाव और प्रवृत्ति में लाने से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जैन संत समाज के पूज्य संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, फार्मास्यूटिकल्स पर भी जल्द लगाया जाएगा टैरिफ, जानिए किन सामानों के एक्सपोर्ट पर क्या असर होगा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तकरीबन 180 देशों पर लगाया गया रेसिप्रोकल टैरिफ आज से लागू हो गया है. सुबह 9.31 बजते ही भारत पर लगाया गया 26 फीसदी टैरिफ लागू हो गया. भारत पर लगाए गए इस टैरिफ के बाद आज से अमेरिका में निर्यात किए जाने वाले हर भारतीय सामान पर 26 फीसदी शुल्क लगेगा. कहा जा रहा है कि इस टैरिफ का भारत पर कई स्तरों पर असर देखने को मिल सकता है. अमेरिका में भारत के सामान पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने से यकीनन उस सामान की कीमत बढ़ेगी. इससे वहां भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, खासकर उन देशों की तुलना में जिन पर कम टैरिफ लगाया गया है. भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल हैं. ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का सबसे ज्यादा असर दवाओं पर पड़ेगा. भारत से अमेरिका में सस्ती दवाएं जाती हैं. भारत से अमेरिका 12 अरब डॉलर से ज्यादा की दवाएं और फार्मा प्रोडक्ट्स लेता है. 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस 35.32 अरब डॉलर था. टैरिफ से यह सरप्लस कम हो सकता है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, भारत से 73.7 अरब डॉलर का निर्यात जबकि अमेरिका से 39.1 अरब डॉलर का आयात होता है. हालांकि, अमेरिकी सरकार के आंकड़े इससे अलग हैं. अमेरिका के आंकड़े बताते हैं कि भारत से 91.2 अरब डॉलर का निर्यात तो 34.3 अरब डॉलर का आयात होता है. अमेरिका के साथ कारोबार करना भारत के लिए फायदे का सौदा रहा है क्योंकि उसके इंपोर्ट कम और एक्सपोर्ट ज्यादा है. टैरिफ के कारण एक्सपोर्ट कम हो सकता है. लेकिन भारत पर टैरिफ क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है. दोनों एक-दूसरे को अच्छा दोस्त बताते हैं. ‘हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ रैलियों को इसका सशक्त उदाहरण भी बताया जाता है. लेकिन ट्रंप कई मौकों पर भारत को टैरिफ किंग बता चुके हैं. ट्रंप ने कहा था कि भारत बहुत अधिक टैरिफ लगाता है यह बहुत Brutal है. ऐसे में ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के आंकड़ों की माने तो भारत में औसत टैरिफ सबसे ज्यादा है. भारत में औसत टैरिफ 17 फीसदी तो अमेरिका में 3.3 फीसदी ही है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले खाने-पीने के सामान, मांस और प्रोसेस्ड फूड पर भारत में 37.66 फीसदी टैरिफ लगता है, जबकि इन्हीं सामानों पर भारत, अमेरिका में 5.29 फीसदी टैरिफ देता था. अब तक ऑटोमोबाइल पर भारत 24.14 फीसदी तो अमेरिका 1.05 फीसदी टैरिफ लगाता आया है. शराब पर भारत 124.58 फीसदी तो अमेरिका 2.49 फीसदी टैरिफ वसूलता है. सिगरेट और तंबाकू पर अमेरिका में 201.15 फीसदी तो भारत में 33 फीसदी टैरिफ लगता रहा है. ट्रंप का मानना है कि टैरिफ की मदद से अमेरिका का व्यापार घाटा कम किया जा सकता है. व्यापार घाटा उस स्थिति को कहा जाता है जब कोई देश किसी दूसरे देश से आयात ज्यादा करता है लेकिन निर्यात कम करता है. भारत और अमेरिका के बीच करीब 45 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है. वहीं, कैबिनेट की आज सुबह 11 बजे की मीटिंग में ट्रंप के टैरिफ के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. केंद्रीय कैबिनेट आज से लागू होने जा रहे टैरिफ को लेकर भारत की रणनीति पर चर्चा कर सकती है. कहा जा रहा है कि इसे लेकर सरकार निर्यातकों के संपर्क में हैं. वाणिज्य मंत्रालय आज निर्यातकों के साथ बैठक भी कर सकता है. जल्द ही दवाओं पर भी लगाएंगे भारी भरकम शुल्क अमेरिका के राष्ट्रपति और टैरिफ किंग डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा धमाका किया है। दुनियाभर के 180 से अधिक देशों पर 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने अब एलान किया है कि जल्द ही दवाओं के आयात पर शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जल्द ही दवा आयात पर बड़े टैरिफ की घोषणा करेगा। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि इस टैरिफ से दवा कंपनियों को अपना कारोबार अमेरिका में सेटअप करना पड़ेगा। चीन पर लगाया 104 फीसदी टैरिफ मंगलवार की आधी रात से सभी देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर टैरिफ की नई दर लागू हो गई है। इस बीच ट्रंप ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ का एलान किया है। पहले चीन पर अमेरिका ने कुल 54 फीसदी टैरिफ लगाया था। जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 34 फीसदी टैरिफ की घोषणा की। इससे डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे थे। इस बीच ट्रंप ने मंगलवार को चीन पर अमेरिकी टैरिफ से बचने की खातिर अपनी मुद्रा में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि आपको उन्हें जवाब देना होगा। वे आज टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी मुद्रा में हेरफेर कर रहे हैं। बातचीत में जुटे 70 देश ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 70 देशों के साथ व्यापार के मुद्दे पर बात चल रही है। हर देश के साथ एक कस्टम-मेड डील पर सहमत होने की कोशिश है। कई नेताओं से ट्रंप ने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से बात की और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू से भी बात की। अमेरिका इस बात पर खफा है कि चीन ने बातचीत के बजाय जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप हर समय फोन उठाने को तैयार हैं।

मुरैना में डिप्टी कलेक्टर का वाहन हुआ दुर्घटना का शिकार, सड़क पर अचानक प्रकट हुए को बचाने में हादसा

मुरैना  एक बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में भिंड डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई. जिससे कार में सवार डिप्टी कलेक्टर सहित 3 लोग घायल हो गए. घायलों को पोरसा सिविल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया. घटना पोरसा थाना क्षेत्र स्थित भिंड रोड शहीद पेट्रोल पंप के पास की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर का शासकीय वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा था. बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मिहोना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर विकास तैमोर मंगलवार को किसी काम से मुरैना आ रहे थे. उनकी कार में ड्राइवर संजीव कुमार के अलावा उनका सहायक सवार था. बताया जा रहा है कि कार तेज स्पीड में पोरसा कस्बे के नजदीक भिंड रोड पर स्थित शहीद पेट्रोल पंप से सामने से गुजर रही थी तभी सामने से एक बुजुर्ग आ गया. चालक ने बुजुर्ग को बचाने के लिए ब्रेक लगा दिया, जिससे तेज रफ्तार कार सड़क किनारे करीब 5 फीट गहरी खाई में गुलाटी मारते हुए पलट गई. बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर ले जाया गया मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को कार से बाहर निकाला और उन्हें पोरसा सिविल अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन ने तीनों को निजी एंबुलेंस से ग्वालियर भेज दिया. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. पोरसा हास्पिटल में पदस्थ डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि “3 लोगों को घायल अवस्था में यहां लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है.” पहले भी मुरैना में डिप्टी कलेक्टर की कार का एक्सीडेंट हुआ था सालभर पहले भी मुरैना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन की जीप से हाइवे पर एक बाइक सवार महिला-पुरुष टकरा गए थे. इस घटना के बाद वंदना जैन ने घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया था. इतना ही नहीं जब तक घायलों का उपचार नहीं हुआ तब तक डिप्टी कलेक्टर अपने कार्यालय नहीं गई थीं.

‘नवकार महामंत्र दिवस’: पीएम बोले- सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ पर आयोजित ‘नवकार महामंत्र’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिना जूते के पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने मंच पर नहीं बल्कि आम लोगों के साथ बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक धोती और कुर्ता धारण किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने भारत की पहचान स्थापित करने में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके मूल्य आतंकवाद, युद्ध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से पार पाने में मददगार हैं। पीएम मोदी ने ‘नवकार महामंत्र दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस प्राचीन धर्म की विरासत और शिक्षाओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों की शिक्षाओं और मूर्तियों के जरिए इस धर्म का प्रभाव संसद भवन पर दिखाई देता है। क्यों मनाया जाता है नवकार महामंत्र दिवस? नवकार महामंत्र दिवस आध्यात्मिक सद्भाव और नैतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो जैन धर्म में सबसे अधिक पवित्र है। इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जप के माध्यम से लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान 108 से अधिक देशों के लोग शांति और एकजुटता के लिए वैश्विक जप में शामिल हुए। अनेकांतवाद के सिद्धांत का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया को इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इसके तहत विभिन्न दृष्टिकोणों की सराहना की जाती है। अनेकांतवाद जैन धर्म में गैर-निरपेक्षता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके तहत यह माना जाता है कि अंतिम सत्य को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में जीवन की पारस्परिक निर्भरता का खासा महत्व है और इसलिए इसमें मामूली हिंसा पर भी रोक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे अच्छा सबक है। मोदी ने कहा कि जैन साहित्य भारत की आध्यात्मिक भव्यता की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे संरक्षित करने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसमें इसके प्राचीन ग्रंथों का डिजिटलीकरण और पाली व प्राकृत को शास्त्रीय भाषा घोषित करने की हालिया योजना भी शामिल है। मोदी ने लोगों से जल संरक्षण, अपनी मां की याद में एक पेड़ लगाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना, स्थानीय लोगों के लिए मुखर होना, देश में यात्रा करना, प्राकृतिक खेती को अपनाना, मोटे अनाजों का अधिक सेवन कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और खाद्य तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करना, गरीबों की मदद करना और खेल तथा योग को दिनचर्या में सम्मिलित करने समेत नौ प्रतिज्ञाएं लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश भर में एकता का संदेश ले जाने और “भारत माता की जय” कहने वाले किसी भी व्यक्ति को गले लगाने को कहा।

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