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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अटल जी का देश के कायाकल्प का स्वप्न हो रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 5800 करोड़ रूपए की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं संबद्ध अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। यहां तेजी से विकास हो रहा है। सबको सुखी, समृद्ध और सशक्त बनाने का विजन लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़ी तेजी से प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्ग सिर्फ एक मार्ग नहीं, यह जन-जन का जीवन बदलने वाले प्रगति पथ होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों में हम देश की अधोसंरचना में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी भी होगी। म.प्र. में विकास की ललक दिखाई देती है, इसलिए हम इसे देश के विकास का सबसे बड़ा अंशभागी राज्य बनायेंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में हम मध्यप्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अमेरिका से अच्छा और सुंदर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम देश में तीन लाख करोड़ रूपए से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्य पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश के विकास के लिए 4 प्रमुख संसाधनों जल, ऊर्जा, परिवहन और अधोसंरचनात्मक विकास की जरूरत होती है और उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश इन चारों संसाधनों के विकास पर तेजी से बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर की 6 नई परियोजनाएं मंजूर केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर मंच से ही केन्द्रीय सड़क निधि से 12 हजार करोड़ रूपए लागत से 400 कि.मी. लंबाई 6 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रूपए की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित किए जाने वाले 5 नए ग्रीनफील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर निर्माण कार्य, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरीडोर, सेतु एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी देते हुए इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा भी घोषित की। राजमार्ग होते हैं हैप्पीनेस लाने वाले हाइवे केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र का विकास होगा। युवाओं को रोजगारमिलेगा, गरीबी दूर होगी। किसानों की फसल को अच्छा दाम मिलेगा। रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग हैप्पीनेस लाने वाले हाई-वे होते हैं। हम मध्यप्रदेश के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, ताकि यहां सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य उपचार और विकास का लाभ मिले। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में मिलेगी भरपूर मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में अमृतकाल चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश का कायाकल्प करने का जो स्वप्न देखा था, प्रधानमंत्री श्री मोदी अटल जी के उसी स्वप्न को साकार करने की दिशा में अनथक गति से अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि इसी अमृतकाल में हमारा देश, विश्व का सबसे अच्छा देश बनकर उभरेगा। सड़कें विकास का सहज पैमाना होती है। इसलिए गांव-गांव तक रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर हम मध्यप्रदेश की जनता की जिन्दगी में बदलाव लाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर गांव के साथ-साथ शहरों को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल जल्द ही मेट्रोपॉलिटिन सिटी बनेंगे। ग्रामीण हो या शहरी सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा मुक्त हृदय से मध्यप्रदेश को 5800 करोड़ रूपए लागत की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि श्री गडकरी देश के राजमार्ग विकास पुरूष हैं। उनके नेतृत्व में देश में तेजी से अधोसंरचनात्मक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मालवा अंचल को सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाली इन सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सरकार को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में भरपूर मदद मिलेगी। ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर, सोमनाथ और ओंकारेश्वर को जोड़ेंगे एक सूत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अपनी विरासतों को समृद्ध कर लोगों को जोड़ रहे हैं। केन्द्र सरकार की मदद से हम श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग को केन्द्र में रखकर इसे गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योर्तिलिंग और ओंकारेश्वर से एक सूत्र में जोड़ेंगे। इसके लिए हमने केन्द्र सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी, जिससे विकासरूपी अमृत का सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश को मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क और बढ़ाने की मांग करते हुए अपना विस्तृत मांग पत्र उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने जो भी मांगा, केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने हमें समय-समय पर वो सब दिया, पर हम यही नहीं रूकेंगे। प्रदेश के हित में हम नई राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए सतत् मांग करेंगे। सिंहस्थ : 2028 के बेहतर आयोजन और श्रद्धालुओं के सहज और सुगम आवागमन के लिए मध्यप्रदेश में एक स्ट्रांग रोड नेटवर्क की स्थापना के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहेंगे। इन सड़क परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क, उज्जैन-गरोठ के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण किया। इसी प्रकार संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का भूमि-पूजन किया। भव्य आयोजन के लिये हार्दिक आभार : केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती ठाकुर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री … Read more

चार माह में पियर्स निर्माण पूर्ण कर हटाए जाएंगे बैरिकेड्स, मंत्री सारंग ने करोंद मेट्रो निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने करोंद चौराहे पर मेट्रो निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे रूट का दौरा कर व्यापारियों सहित आम नागरिकों से बात की। निरीक्षण में मंत्री श्री सारंग ने उपस्थित अधिकारियों को निश्चित समयावधि में गुणवत्तायुक्त कार्य करने के साथ ही रहवासियों की समस्याओं के निदान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना के साथ करोंद चौराहे पर यातायात एवं नागरिकों के आवागमन में कोई व्यवधान नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाये। मेट्रो परियोजना के साथ यातायात सुगम बनाने के लिये अधिकारियों को दिये निर्देश निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मंत्री श्री सारंग को अवगत कराया कि पियर्स निर्माण के चलते की गई बैरिकेडिंग से आवागमन में कठिनाई हो रही है। साथ ही करोंद चौराहे पर ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव रहने के कारण दिन के समय जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। मंत्री श्री सारंग ने करोंद चौराहे से हाउसिंग बोर्ड तक लगाई गई बैरिकेडिंग के पास सड़क के बाएं ओर बने डक्ट को हटाने के निर्देश दिए, जिससे अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो सके और ट्रैफिक दबाव कम हो। साथ ही पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित ढंग से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये गए। 4 माह में पियर्स का काम होते ही हटेंगे बैरिकेड्स मेट्रो अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि करोंद चौराहे से निशातपुरा फाटक तक कुल 70 पियर्स का प्रस्तावित निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे आगामी 4 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, “निर्धारित समय सीमा में पियर्स निर्माण कार्य पूर्ण कर बैरिकेड्स हटाए जाएं, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके। सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और मेट्रो कॉर्पोरेशन निर्माण कार्य की एक स्पष्ट टाईम लाइन एवं कैलेंडर तैयार करे।” निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मेट्रो रेल परियोजना, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस एवं जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल थे।  

सास ससुर नहीं जा पाए महाकुंभ, दामाद पहुंच गया कोर्ट, रेलवे विभाग पर लापारवाही का लगाया आरोप, मांगा मुआवजा

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में 45 दिन से चले महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में स्नान किया। महाकुंभ के दौरान रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या एयरपोर्ट हर जगह पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ट्रेनों मे इतनी भीड़ थी कि लोग कारण ट्रेन की बोगी का गेट अंदर से लोग बंद कर ले रहे थे। अब महाकुंभ खत्म होने के बाद एक बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाले शख्स ने रेलवे विभाग पर लापारवाही का आरोप लगाया है और 50 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने की मांग की है। सोशल मीडिया पर चल रहे खबरों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के गायघाट सुबास केशो का रहने वाले राजन झा अपने सास- ससुर को महाकुंभ में स्नान कराने के लिए ले जाने वाले थे, जिसके लिए उन्होंने 27 जनवरी को मुजफ्फरपुर से प्रयागराज के लिए टिकट बुक किया था। तय तारीख के अनुसार, ट्रेन पकड़ाने के लिए अपने सास-ससुर को लेकर स्टेशन पहुंच गए, ट्रेन तो आई लेकिन वो अपने परिजनों को सीट पर नहीं बैठा पाएं क्योंकि ट्रेन की बोगी का गेट अंदर से बंद थी। सास-ससुर स्टेशन पर ही खड़े रह गए और ट्रेन निकल गई। रेलवे प्रशासन से की शिकायत राजन झा ने इस घटना की शिकायत रेलवे प्रशासन से की लेकिन विभाग की तरफ से भी कोई कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से वो लोग महाकुंभ स्नान के लिए नहीं जा पाए थे। इसके बाद पीड़ित ने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के जरिये मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग में रेलवे के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया और 50 लाख रुपये मुआवजे का दावा किया। अब अधिकरियों को नोटिस जारी अब इस मामले को लेकर मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग की ओर से रेलवे के स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, डीआरएम सोनपुर रेल मंडल, जीएम ईस्ट सेंट्रल रेलवे, भारतीय रेल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। वहीं अधिवक्ता ने बताया कि अब इस मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान सभी पक्षकार कोर्ट में मौजूद रहेंगे।

जंगल के रास्ते में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत, छह माह की बेटी जिन्दा बची

डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर इंजन पलटने से दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। उनकी 6 माह की बच्ची की जान बच गई है। बताया गया कि जंगल के रास्ते में हादसा हुआ। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीण पहुंचे। थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी ने बताया कि मोहन दास ग्राम रामगुड़ा से दुनिया बगाड़ तक निर्माणाधीन प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में ट्रैक्टर ड्राइवर के रूप में काम करता था। बुधवार को वह दिनभर काम करने के बाद पत्नी रानू बाई और 6 माह की बच्ची को लेने ट्रैक्टर से रामगुड़ा पहुंचा।   बच्ची की आवाज सुन पहुंचे ग्रामीण वापस लौटते समय जंगल के रास्ते में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। बच्ची ट्रैक्टर से दूर जाकर गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। उसकी रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्ची को परिजनों को सौंपा सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची फिलहाल परिजनों की देखरेख में सुरक्षित है।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का किया भूमि-पूजन

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजन अर्चन किया और गेती चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। भूमि-पूजन कार्यक्रम राजभवन प्रवेश द्वार क्रमांक- 1 पर आयोजित हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य परियोजना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। कार्य को समय सीमा में पूर्ण करें। राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत 66 लाख 32 हजार 900 रुपये है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री अवनीन्द्र सिंह, कार्यपालन यंत्री श्री राकेश निगम और एस.डी.ओ. श्री एल. के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

ट्रंप टैरिफ के ऐलान से दुनियाभर के मार्केट में हलचल, डोनाल्ड ट्रंप का नया पोस्ट, निवेशकों को दी यह सलाह

वाशिंगटन ग्लोबल मार्केट में भारी उथल-पुथल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नया पोस्ट किया है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट न्यूयॉर्क में सुबह 9:37 बजे किया गया। अपने पोस्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा है, ” शेयर बाजार में खरीदारी के लिए यह बहुत बढ़िया समय है।” बता दें कि ट्रंप टैरिफ के ऐलान से दुनियाभर के मार्केट में हलचल है और अमेरिकी मार्केट बीते चार दिनों में 6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक गिर गया था। इससे S&P 500 को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा। इतना हीं नहीं ट्रंप टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार भी बीते सोमवार को करीबन 4000 अंक तक गिर गया था। 90 दिनों के लिए स्थगित किया गया है प्लान बता दें कि वैश्विक बाजार में मंदी की आशंका के बीच बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज्यादातर देशों पर लगाए गए शुल्क को अचानक 90 दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला किया, हालांकि उन्होंने चीन से आयात पर शुल्क की दर बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दी है। ट्रंप ने कहा कि ये देश अधिक अनुकूल शर्तों पर बातचीत करने के लिए राजी हैं। इस खबर के बाद मिनटों में शेयर बाजार में उछाल आया। एसएंडपी 500 में 7% से अधिक की बढ़ोतरी हुई, इससे 3 ट्रिलियन डॉलर का मुनाफा हुआ। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा और सेंसेक्स-निफ्टी में कुछ रिकवरी देखी गई। बावजूद भारत समेत दुनियाभर के निवेशकों में शेयर बाजार को लेकर एक डर का माहौल बना हुआ है। जिद्द पर अड़े थे ट्रंप बता दें कि पिछले सप्ताह ट्रंप ने पोस्ट किया था, “मेरी पॉलिसीज कभी नहीं बदलेंगी।” सोमवार और मंगलवार को जब एसएंडपी 500 में गिरावट आई, तो ट्रंप ने दोहराया कि वे बाजार पर नजर नहीं रख रहे हैं, अर्थव्यवस्था को मजबूत होने के लिए “दवा लेने” की जरूरत है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने जोर देकर कहा कि वॉल स्ट्रीट पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब मेन स्ट्रीट की बारी है।

दांत हथियार नहीं यह कहकर महिला द्वारा ससुराल पक्ष पर काटे जाने का आरोप लगाने पर हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की अपने ससुराल पक्ष पर दांत से काटे जाने का आरोप लगाया था। बंबई हाईकोर्ट ने महिला द्वारा उसके ससुराल वालों के खिलाफ की गई शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि मानव दांतों को ऐसा खतरनाक हथियार नहीं माना जा सकता है, जिससे गंभीर नुकसान की संभावना हो। हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ की जज विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख ने 4 अप्रैल को अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता के चिकित्सा प्रमाणपत्र से पता चलता है कि दांतों के निशान से उसे केवल मामूली चोट लगी। इसी चोट के आधार पर महिला ने अप्रैल 2020 में एफआईआर दर्ज करवाई थी। थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक ससुराल पक्ष के साथ हाथापाई के दौरान एक रिश्तेदार ने महिला को काट लिया, जिससे उसे खतरनाक नुकसान पहुंचा। पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के अनुसार चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मानवीय दांतों को खतरनाक हथियार नहीं कहा जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए केस को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता के मेडीकल सर्टिफिकेट से पता चलता है कि दांतों से केवल साधारण चोट लगी थी। इसके कारण यहां पर धारा 324 के तहत अपराध नहीं बनता है। ऐसे में ससुराल पक्ष या अभियुक्त पर केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करना होगा। कोर्ट की ओर से कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच में संपत्ति का विवाद प्रतीत होता है। आपको बता दें भारतीय दंड संहिता की धारा 324 (खतरनाक हथियार का उपयोग करके चोट पहुंचाना) के तहत, चोट किसी ऐसे उपकरण से लगी होनी चाहिए जिससे मृत्यु या गंभीर नुकसान होने की आशंका हो अगर ऐसा नहीं है तो यह मामला नहीं बनता है

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव सरकार नक्सली संगठन से बातचीत के लिए तैयार

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण गतिविधि में एक ओर प्रतिबंधित नक्सली संगठन ने एक बार फिर राज्य सरकार के सामने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। नक्सलियों के उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी ‘रुपेश’ की ओर से जारी प्रेस नोट पर गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, विजय शर्मा ने कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा,“सरकार के पास नक्सलियों के पुनर्वास के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी नीति है। साथ ही उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सामने आएं और बातचीत का रास्ता अपनाएं।” बातचीत करना चाहते हो तो मुख्यधारा में आओ डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि मैं सभी नक्सलियों से कहना चाहता हूं कि वे बंदूक छोड़ें। मैं उनसे बात करने के लिए तैयार हूं। बंदूक का जवाब बंदूक से होता है। अगर आप चर्चा चाहते हैं तो मुख्यधारा में आना होगा। आप लोग अवैध गतिविधियों में शामिल हैं और भारत के संविधान को नहीं मान रहे हैं। यह भारत है, यहां लोकतंत्र है…। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। सरकार की नई पॉलिसी के तहत यदि कोई नक्सली सरेंडर करता है तब भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सरेंडर करना चाहता है तो हम तैयार हैं। हम छोटे-बड़े सभी समूहों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी रखी थी शांति वार्ता की बात बता दें कि इससे पहले नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने पर्चा जारी किया था। उन्होंने शांति वार्ता की अपील करते हुए कहा था कि पिछले 15 महीनों में उनके 400 साथी एनकाउंटर मारे गए हैं। अगर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकती है, तो हम शांतिवार्ता के लिए तैयार हैं। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि वे शांतिवार्ता को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए कोई शर्त न हो। सिर्फ सरेंडर करें और बातचीत करें। केंद्रीय कमेटी का पर्चा पहले तेलगू में आया था और अब उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश का पत्र सामने आया है, जिसमें शांति और सीजफायर की बात कही गई है।  शर्मा ने कहा, “अगर कोई एक व्यक्ति भी बातचीत के लिए तैयार है तो सरकार भी तैयार है। चाहे वह छोटा समूह हो या बड़ा, सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तत्पर है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में की जा रही है। शर्मा ने यह भी कहा कि बंदूक के जवाब में केवल चर्चा नहीं की जा सकती, जरूरत पड़ने पर सरकार कड़ी कार्रवाई भी करेगी। उन्होंने नक्सल संगठन की ओर से आया पत्र ‘सही और प्रामाणिक’ बताते हुए कहा कि इसमें सरकार से बातचीत की अपील की गई है। नक्सल संगठन ने इस नोट में स्पष्ट किया है कि वे पुलिस जवानों को अपना दुश्मन नहीं मानते और बार-बार पोस्टरों एवं पर्चों के माध्यम से इसी संदेश को दोहराया है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा है, “हमें समझना होगा कि आपसी संघर्ष की स्थिति बनाई गई है। हम जनता और अपने कैडर को ही अपना मानते हैं, उन पर गोली न चलाई जाए। शांति वार्ता के हमारे प्रयास का समर्थन करें।”श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव पर सरकार का मानना है कि शांति वार्ता के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायित्व और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। गौरतलब है कि केंद्र व छत्तीसगढ़ सरकार के 31 मार्च तक नक्सल समस्या को समाप्त किए जाने के प्रयासों से माओवादियों ने एक बार फिर से शांति का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से रूपेश ने आठ अप्रैल की तारीख में सरकार से शांति वार्ता के लिए एक सशर्त प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में नक्सली संगठन ने साफतौर पर लिखा है कि हम सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए अनुकूल वातावरण पहले बनना चाहिए। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि शांति वार्ता के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई रुकनी चाहिए। वार्ता एकपक्षीय न होकर दोनों तरफ से होनी चाहिए। नक्सलियों ने ये रखा प्रस्ताव बता दें, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से प्रस्ताव जारी किया गया था. बयान में शांति वार्ता के लिए तैयार होने की बात कहते हुए इसके लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने की जरूरत बताई है. उन्होंने इस पेशकश का मुख्य उद्देश्य बस्तर में हो रहे हिंसा (हत्याकांड) तुरंत रोकना बताया है. पहले भी रखा था प्रस्ताव वहीं, सप्ताह भर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) केंद्रीय समिति की ओर से तेलगु में जारी बयान के जरिए शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद अब भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर हिन्दी में शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया है. कहा कि वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने की मांग को गृह मंत्री विजय शर्मा ने ठुकरा दिया था. इससे जाहिर है कि सरकार अपनी वर्तमान नीति को जारी रखना चाहती है. इसके साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण की नीति को समस्या के पूर्ण समाधान बताए जाने का भी विरोध किया गया है. माओवादियों ने कहा कि शांति वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने संबंधित निर्णय लेने के लिए हमें कुछ नेतृत्वकारी साथियों से मिलना है. स्थानीय नेतृत्व का राय लेना भी जरूरी है. लगातार चल रहे अभियानों के बीच में यह सब नहीं हो पाएगा. ऐसे में अनुकूल माहौल के लिए कगार अभियान को रोकना जरूरी है, वार्ता का प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है, यह सरकार की जिम्मेदारी है. अब सरकार ने दिया जवाब इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों ने शांति … Read more

पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या का 34 दिन बाद खुलासा, पुजारी ने कराई थी सीतापुर के पत्रकार की हत्या

सीतापुर यूपी के सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या का 34 दिन बाद गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। आठ मार्च को महोली से सीतापुर आते समय हेमपुर ओवरब्रिज पर पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्रकार की हत्या की सुपारी यहां के एक पुजारी बाबा शिवानंद उर्फ विकास राठौर ने दी थी। मामला पुजारी के कुकर्म से जुड़ा है। पुलिस ने बाबा के साथ सुपारी लेने वाले निर्मल सिंह और असलम गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पत्रकार की हत्या करने वाले शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही थी। इसी बीच सामने आया कि पत्रकार राघवेन्द्र वाजपेयी का महोली क्षेत्र में स्थित कार्यदेव मंदिर पर लगातार आना-जाना था। यहां के मंदिर में ही पुजारी के रूप में रह रहे विकास राठौर उर्फ विकास मिश्रा उर्फ शिवानन्द (बाबा) से राघवेन्द्र की दोस्ती हो गई थी। पुलिस के अनुसार पुजारी बाबा मंदिर की व्यवस्था में मदद करने वाले एक नाबालिग बच्चे के साथ पिछले कुछ महीनों से कुकर्म कर रहा था। मंदिर जाने के दौरान पत्रकार ने पुजारी को नाबालिग बालक के साथ संबंध बनाते देख लिया था। बाबा को भय था कि राघवेंद्र उसके ये कुकृत्य जगजाहिर कर देगा। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मंदिर में मिला स्थान छिन जाएगा। पुजारी बाबा ने अपने कुकर्म के उजागर होने के डर से पत्रकार को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। मंदिर पर बीच-बीच में आने वाले दो अपराधियों निर्मल सिंह और असलम गाजी से संपर्क किया। बाबा ने पत्रकार की हत्या के लिए दोनों को चार लाख रुपए नकद दिए। दोनों ने जिले के दो शूटरों से संपर्क करके उनको तीन लाख रुपए दिए और घटना को अंजाम दिलाया। थाना महोली और एसओजी पुलिस ने पुजारी बाबा और सुपारी लेने वाले निर्मल और असलम गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस शूटरों को गिरफ्तार करने में जुटी है।

रेप केस में पीड़िता से बोला इलाहाबाद हाईकोर्ट, इस रेप की तुम ही हो जिम्मेदार, आरोपी को दी जमानत

इलाहाबाद बलात्कार के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को ही कथित अपराध का जिम्मेदार बताया और आरोपी को जमानत दे दी। मामला सितंबर 2024 का है, जहां एक यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाए थे कि बार में मिले एक शख्स ने उसके साथ नशे की हालत में रेप किया था। जबकि, आरोपी ने जमानत याचिका में कहा है कि महिला ही उसके साथ जाने को तैयार हुई थी और सहमति से सेक्स हुआ था। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। आरोपी को 11 दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उसपर दिल्ली के हौज खास के एक बार में मिली लड़की के साथ बलात्कार के आरोप थे। कोर्ट का कहना है कि लड़की ने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह ही इस कथित वारदात की जिम्मेदार है। क्या था केस उत्तर प्रदेश के नोएडा की एक बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा तीन सहेलियों के साथ दिल्ली के एक बार में गई थी। छात्रा का कहना था कि वहां उसे कुछ परिचित व्यक्ति मिले, जिनमें आरोपी भी शामिल था। पीड़िता ने नोएडा पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि शराब पीने के बाद वह नशे की हालत में थी और आरोपी उसके करीब आता जा रहा था। पुलिस को बताया गया कि वे सुबह 3 बजे तक बार में थे और आरोपी लगातार युवती से उसके साथ चलने के लिए कह रहा था। उसने पुलिस को बताया कि बार बार कहने के कारण वह ‘आराम’ करने के लिए आरोपी के साथ जाने के लिए तैयार हो गई। महिला के आरोप हैं कि वह रास्ते में उसे आपत्तिजनक तरीके से छू रहा था और नोएडा में अपने घर ले जाने के बजाए उसे गुड़गांव में अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गया और रेप की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने कहा- सहमति से हुआ था सेक्स रिपोर्ट के अनुसार, जमानत याचिका में आरोपी ने कोर्ट को बताया है कि महिला को मदद की जरूरत थी और वह खुद ही उसके साथ घर पर आराम करने जाने के लिए तैयार हो गई थी। आरोपी ने इन आरोपों से भी इनकार किया है कि वह महिला को अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गया और दो बार रेप किया। उसका दावा है कि रेप नहीं हुआ था, बल्कि सहमति से सेक्स हुआ था। कोर्ट का रुख बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, ‘कोर्ट का यह मानना है कि अगर पीड़िता के आरोपों के सही मान भी लिया जाए, तो इस निष्कर्ष पर भी पहुंचा जा सकता है कि उसने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह इसके लिए जिम्मेदार भी है। पीड़िता ने अपने बयान में यही रुख लिया है। उनकी मेडिकल जांच में हाइमन टूटा हुआ पाया गया था, लेकिन डॉक्टर ने यौन हिंसा की बात नहीं की।’ अदालत का कहना है, ‘मामले के तथ्य और हालात के साथ-साथ अपराध की प्रकृति, सबूत और पार्टियों के वकीलों की तरफ से दी गई जानकारी पर विचार करने के बाद मेरा मानना है कि आवेदक को बेल दी जा सकती है। ऐसे में जमानत के आवेदन को स्वीकार किया जाता है।’

दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच गुरुवार को आईपीएल 2025 का 24वां मुकाबला खेला जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। बेंगलुरु की टीम पहले बल्लेबाजी करेगी। दिल्ली ने एक बदलाव किया है। फाफ डुप्लेसी की वापसी हुई है। अक्षर पटेल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने आईपीएल के 18वें सीजन में अपने सभी मुकाबले जीते हैं, जबकि रजत पाटीदार की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार मैचों में से तीन में जीत मिली है और एक में हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स ने गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टॉस के दौरान कप्तानों के बयान दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। अक्षर ने कहा कि उनकी अंगुली ठीक है और अगर आवश्यकता हुई तो वह पूरे चार ओवर भी डालेंगे। उन्होंने कहा कि टीम में एक बदलाव है रिजवी की जगह फाफ डुप्लेसी की एकादश में वापसी हुई है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा कि वह भी टॉस जीतकर गेंदबाजी करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि टीम में कोई बदलाव नहीं है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु प्लेइंग इलेवन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिकल, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल दिल्ली कैपिटल्स (प्लेइंग इलेवन): दिल्ली कैपिटल्स (प्लेइंग इलेवन): फाफ डुप्लेसी, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, केएल राहुल (विकेट कीपर), ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, मोहित शर्मा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार  

‘निसंदेह तहव्वुर राणा का भारत आना सरकार के लिए एक बड़ी सफलता है, विपक्षी नेता ने की मोदी सरकार की तारीफ

नई दिल्ली मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा का अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण हो गया है। इसे भारत सरकार अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है तो वहीं विपक्ष ने भी इसकी सराहना की है। शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी के नेता माजिद मेनन का कहना है कि निश्चित तौर पर यह मोदी सरकार के लिए एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘निसंदेह तहव्वुर राणा का भारत आना सरकार के लिए एक बड़ी सफलता है। अमेरिका ने इस मामले में बहुत लंबा समय लिया है। उसका प्रत्यर्पण और पहले हो जाना चाहिए था। हमें इस बात की खुशी होनी चाहिए कि हम इस मामले में कुछ न्याय कर सकेंगे। यह मामला पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।’ माजिद मेनन ने कहा कि हमें बस यह ध्यान देना होगा कि इस केस में इंटनेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी तो जांच टीम बहुत अच्छा काम करेगी। इस मामले का ट्रायल सही तरीके से होना चाहिए। तहव्वुर राणा के खिलाफ दिल्ली में केस चलना है। उसके खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत में मामला चलेगा और फिर हाई कोर्ट आदि में भी सुनवाई होनी है। इस मामले में होम मिनिस्ट्री की ओर से विशेष लोक अभियोजन नरेंद्र मान को वकील नियुक्त किया गया है। वह अगले तीन वर्षों तक इस मामले में पैरवी करेंगे। नरेंद्र मान भले ही लीगल वर्ल्ड में बड़ा नाम नहीं हैं, लेकिन उन्हें काम लंबा अनुभव है। वह कई अहम मामलों में वकील रह चुके हैं। उन्होंने 2018 में एसएससी पेपर लीक केस में भी बहस की थी। उनके ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने उन्हें लोक अभियोजक नियुक्त किया है। बता दें कि इसी तरह मुंबई हमले के गुनहगार अजमल कसाब का मामला भी जब अदालत पहुंचा था तो उज्ज्वल निकम को वकील बनाया गया था। उन्होंने कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए दलीलें दी थीं। उज्ज्वल निकम को उस केस से बहुत लोकप्रियता मिली थी और 2014 के आम चुनाव में तो इलेक्शन भी लड़े थे। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार तिहाड़ जेल में ही तहव्वुर राणा को रखा जाएगा।

यमुना सफाई पर पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया, सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं: सीएम

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना सफाई के मुद्दे पर दिल्लीवालों को एक खुशखबरी दी है। रेखा गुप्ता ने गुरुवार दिल्ली के उन बड़े नालों की सफाई का कामकाज जांचा, जो यमुना में जाकर गिरते हैं और इसके प्रदूषण के लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं। सीएम ने कहा कि पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री परवेश साहिब सिंह ने वजीराबाद, नजफगढ़ जैसे बड़े नालों की सफाई के काम का निरीक्षण किया। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एलजी साहब के साथ उन सभी नालों का निरीक्षण किया है जो यमुना में जाकर गिरते हैं। वजीराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन नालों की सफाई से यमुना में फर्क आ रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा, ‘जब बात होती है कि यमुना की सफाई के लिए क्या किया जा रहा है, तो मैं आपको बताना चाहती हूं कि 22 नाले जो यमुना में जाकर गिरते हैं उनसे गाद निकालने का काम चल रहा है। उनके लिए एसटीपी बनाए जा रहे हैं। हर 15 दिन बाद दौरा किया जा रहा है। यमुना सफाई के लिए ही यह सारा काम चल रहा है। पिछली बार जो हमने विजिट किया और आज में बहुत बड़ा फर्क आप सबने देखा।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्पीड में काम हो रहा है, जिस गति से मशीनें यहां लगी हैं। जो टारगेट था सफाई का, गाद निकालने का, उसे यहां से उठाने का वह सारे टारगेट पूरे हो रहे हैं। सरकार प्रतिबद्ध है सभी बड़े नालों की सफाई के लिए, एक अच्छा वातावरण, जिसमें दूषित हवाएं ना हों और नाले अपनी रफ्तार से बहें, रुकावटों को हटाया जाए और अंत में जब ये यमुना में गिरें तो साफ स्वरूप में रहें ताकि नदी दूषित ना हो। मुख्यमंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कभी एसी कमरों से बाहर निकलकर कभी यह चिंता नहीं की कि इन नालों पर आकर खड़े होने की जरूरत है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की अनुपस्थिति में एलजी साहब ने इस काम को संभाला और आज भी मुस्तैद हैं। उन्होंने दिल्लीवालों की बेहतर सुविधा के लिए उनकी सरकार एक टीम के रूप में काम कर रही है।

वाराणसी के 50वें दौरे पर पीएम, भाजपा कार्यकर्ताओं नें स्वागत को लेकर की खास

वाराणसी  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने जा रहे हैं. इस दिन वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचेंगे, जो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है. ये संयोग और भी खास हो जाता है क्योंकि पीएम मोदी अपने कार्यकाल के 11वें साल में11 अप्रैल को सुबह 11 बजे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. इसे बीजेपी ने एक ‘शुभ योग’ और ‘गौरव का क्षण’बताया है. काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी 11 अप्रैल को वाराणसी आएंगे और अपने इस दौरे में 3884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 50वें दौरे को खास बनाने की तैयारी, 50 हजार की भीड़ का लक्ष्य बीजेपी इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी ने पीएम मोदी की जनसभा में 50,000 लोगों को लाने का लक्ष्य रखा है. काशी क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि यह दौरा बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी को काशीवासियों से कितना गहरा लगाव और आत्मीय संबंध है. शहरभर को पार्टी के झंडोंऔर बैनरों झालरों से सजाया जा रहा है. पूरे जिले में 1000 से अधिक होर्डिंग्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता जुलूस, दोपहिया व चारपहिया वाहनों के काफिलों के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम के आगमन से पहले विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. पीएम मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे साथ ही उन्होंने बताया कि पीएम मोदी इस बार शहर से बाहर मेहंदीगंज में जनसभा को संबोधित करेंगे. यहां उनके लगभग ढाई से तीन घंटे रुकने का कार्यक्रम है. पार्टी का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे. इसके लिए मंडल और बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है. आसपास के 16 गांवों में कार्यकर्ता और विधायक लोगों से संपर्क कर रहे हैं. पीएम मोदी के स्वागत के लिए वाराणसी के चौराहों को सजाया जा रहा है. झंडे, कपड़े और ढोल-नगाड़ों से पीएम मोदी का भव्य स्वागत होगा. दिलीप पटेल ने बताया कि पीएम मोदी एयरपोर्ट से सीधे मेहंदीगंज जनसभा स्थल पहुंचेंगे. वहां से वापस एयरपोर्ट आकर दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. दुग्ध उत्पादकों को देंगे 106 करोड़ का बोनस मेंहदीगंज में जनसभा को संबोधित करने से पहले वह 3884.18 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी देंगे। बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। जनसभा में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान उन्होंने बताया कि बढ़ती गर्मी का असर जनसभा पर नहीं पड़ेगा क्योंकि पीएम मोदी की सभा में लोग मौसम की परवाह नहीं करते. यह दौरा सिर्फ पीएम मोदी की हाजिरी नहीं है, बल्कि वाराणसी के विकास की नई सौगात भी है. 3884 करोड़ की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान 3884.18 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं** का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. 19 परियोजनाएं (1629.13 करोड़ रुपये)का लोकार्पण. 25 परियोजनाएं (2255.05 करोड़ रुपये) का शिलान्यास. सबसे अहम है जल जीवन मिशन के अंतर्गत 345.12 करोड़ रुपये की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का उद्घाटन, जिससे हजारों गांवों को शुद्ध जल मिलेगा. इसके अलावा पीएम मोदी बनास डेयरी से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी ट्रांसफर करेंगे. ट्रैफिक की समस्या होगी कम नए फ्लाईओवर और टनल का शिलान्यास शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीएम जिन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. बाबतपुर एयरपोर्ट के पास NH-31 पर अंडरपास टनल. भिखारीपुर तिराहा और मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण. इन योजनाओं से वाराणसी की जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.

भाजपा सरकार ने 190+ को किया सिस्टम से बाहर, दिल्ली में AAP नेताओं को नया झटका

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी को एक और झटका दिया है। पिछले आप प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, समितियों और अकादमियों में की गई कम से कम 194 मनोनीत नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसे लेकर सेवा विभाग ने एक आदेश जारी किया है। 4 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया है कि कम से कम 22 संस्थानों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। इनमें दिल्ली जल बोर्ड, पशु कल्याण बोर्ड, दिल्ली हज समिति, तीर्थयात्रा विकास समिति, उर्स समिति, हिंदी अकादमी, उर्दू अकादमी, साहित्य कला परिषद, पंजाबी अकादमी और संस्कृत अकादमी आदि शामिल हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर नियुक्तियां राजनीतिक थीं – जिन्हें सरकार बदलने के बाद अक्सर पलट दिया जाता है। अधिकारी ने कहा, “इन पदों पर आसीन लोग- निर्वाचित विधायक और विषय विशेषज्ञ दोनों- नई सरकार को आने वाले प्रशासन के दृष्टिकोण और नीतियों को लागू करने में मदद करते हैं। पिछली सभी सरकारों ने अपनी पसंद के हिसाब से इन बोर्डों और संस्थानों में लोगों को नियुक्त किया। इनमें से कुछ पद विषय विशेषज्ञों के लिए हैं जैसे कि पशु कल्याण बोर्ड या वृक्ष प्राधिकरण के मामले में, लेकिन कई पद राजनेताओं के लिए हैं। उदाहरण के लिए, डीजेबी के वीसी और डीएएमबी के अध्यक्ष विधायक हैं। एक बार जब कोई सरकार सत्ता से हट जाती है, तो इनमें से कई नियुक्तियां भी निरर्थक हो जाती हैं।” बर्खास्त किए गए नियुक्तियों में वर्तमान और पूर्व विधायक शामिल हैं, और आदेश में संबंधित विभागों से इन निकायों के पुनर्गठन के लिए नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है। उप सचिव (सेवाएं) भैरव दत्त द्वारा 4 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया है, “सक्षम प्राधिकारी नामित गैर-सरकारी पदाधिकारियों और गैर-सांविधिक और सांविधिक निकायों, प्राधिकरणों, बोर्डों, समितियों और अकादमियों के सदस्यों के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। इसके अलावा, जीएनसीटीडी के सभी विभागों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा उनके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत प्राधिकरणों या निकायों के संबंध में इसी तरह की कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है।”

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