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इलेक्ट्रनिक्स के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की ऊंची उड़ान

•    नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के अंतर्गत एक अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना की जा रही है। यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा। •    यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर तकनीकी नवाचार, औद्योगिक सहयोग और रोजगार सृजन का केंद्र बनेगा। यह प्रोजेक्ट, छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के संकल्प को पूरा करने में मददगार होगा। •    यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ईएमसी 2.0 योजना के तहत 75 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें राज्य सरकार की भागीदारी 33.43 करोड़ रुपये की होगी। •    नवा रायपुर में 3.23 एकड़ भूमि में विकसित यह सेंटर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी टेस्टिंग, पर्यावरण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। इससे सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपकरण, ऑटोमेशन सॉल्यूशन और एससीएडीए पैनल जैसे उत्पादों के निर्माण में लगे उद्योगों को तकनीकी सहयोग मिलेगा। •    मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को तकनीकी अवसरों से जोड़ना और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर निवेशकों के लिए एक नया अवसर है और यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करेगा। •    यह सेंटर उन छोटे उद्यमों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांचना चाहते हैं या नए डिजाइनों पर काम कर रहे हैं। स्टार्टअप्स अपने उत्पादों का परीक्षण कर सकेंगे, नवीन प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और तेजी से उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उद्योगों को आवश्यक तकनीकी सहयोग मिलेगा। •    इसके साथ ही राज्य सरकार की औद्योगिक नीति में मिलने वाले प्रोत्साहनों से राज्य में नए निवेश बढ़ेंगे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ेगी और नवा रायपुर को तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी। पॉलीमेटिक कम्पनी •    पॉलीमेटिक कम्पनी भारत में सेमीकंडक्टर के उत्पादन में अग्रणी रही है। यह कम्पनी 2019 में स्थापित हुई। 2008 में चेन्नई में आप्टो-इलेक्ट्रानिक्स में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू किया जहां एलइडी चिप के मेन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग किया जा रहा है। •    कम्पनी द्वारा कैलिफोर्निया में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर टेस्टिंग की सुविधा पिछले पांच दशक से दी जा रही हैं इसका उपयोग विश्व की कई देशों की कम्पनी करती है। •    फ्रांस में कम्पनी मोनोक्रिस्टलाईन, पॉलिक्रिस्टलाईन सिलीकॉन, सिलीकॉन-कार्बाइट और सफरवेफर्स का उत्पादन कर रही है। •    नवा रायपुर में कम्पनी दुसरा प्लांट स्थापित करने जा रही है। यह प्लांट भारत को सेमीकंडक्टर में क्षेत्र में पावर हाउस के रूप में स्थान दिलाएगी। •    इस प्लांट में क्रिटकल सेमीकंडक्टर मॉड्यूल तथा सेटेलाईट कम्युनिकेशन के उपकरण तैयार होंगे। •    प्लांट में 5 जी-6 जी से लेकर नए जनरेंशन चिप तैयार होंगे। जिसकी आपूर्ति घरेलू और विश्व के अन्य देशों में की जाएगी। •    कम्पनी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में टेक्नीकल गैप को भरने के साथ-साथ सप्लाई चैंन को मजबूत करेगी। और भारत को एडवांस सेमीकंडक्टर उत्पादन में लीडर बनाएगी। 10 हजार करोड़ का अतिरिक्त निवेश   •    पॉलीमेटिक कम्पनी ने नवा रायपुर में पावर मॉड्यूल और फैब्रिकेशन अत्याधुनिक की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह युनिट फील्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर्स, मोस्फेट, थाइरिस्टर्स पर केंद्रीत होगा। इस पावर इलेक्ट्रानिक्स का उपयोग विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल वाहनों में उपयोग होगा। •    यह महत्वकांक्षी विस्तार परियोजना भारत को उन्नत सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवा इंजीनियरों के लिए 5 हजार उच्च कौशल के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। साइंटिफिक शब्दावली •    थाइरिस्टर्स- यह एक स्वींच की तरह काम करता है जो एक दिशा में करेंट को एक दिशा में प्रवाहित करने की अनुमति देता है। इसका उपयोग एसी-डीसी करेंट के स्वींचिंग पावद कंट्रोल तथा अन्य एप्लिकेशन में किया जाता है •    फिल्ड-इफेक्ट ट्रांजिस्टर- यह एक ऐसा सेमीकंडक्टर उपकरण है जो विद्युत क्षेत्र का उपयोग करके करेंट को नियंत्रित करता हैं •    मोस्फेट- एक ऐसा उपकरण है जो कम पावर में काम करता है और तेज गति से स्वींचिंग को गति प्रदान करता है। •    सेमीकंडक्टर-फेब्रिकेशन- यह चिप निर्माण में उपयोग होता है यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वेफर्स को एकीकृत सर्किट (आइसी) में बदला जाता हैं। •    सेमीकंडक्टर-पैकेजिंग- इसका मुख्य कार्य सेमीकंडक्टर चिप को बाहरी खतरों एवं पर्यावरणीय प्रभाव से बचाता है। यह चिप को विद्युत और यांत्रिक रूप से सक्रिट वोल्ट से जोड़ता है।

बरसात से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हो गए छात्र, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 5 छात्र झुलसे

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद की तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 5 छात्र गंभीर रुप से झुलस गए। पाकबड़ा थाना पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीती रात तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू ) में वज्रपात की सूचना मिली थी। आकाशीय बिजली गिरने से 5 छात्र झुलसे मिली जानकारी के मुताबिक, छात्र पेड़ के नीचे गंभीर हालत में पड़े हुए थे जिनकी पहचान बीसीए तृतीय वर्ष के छात्र बंटी राजा ,एल एल बी के छात्र सिवेश सिंह , बीटैक तृतीय वर्ष के छात्र संस्कार जैन, बीएससी नर्सिंग के छात्र मानव सिंह तथा बीसीए तृतीय वर्ष के छात्र सिद्धांत कुमार के तौर पर की गई है। घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें गहन निगरानी कक्ष (आईसीयू) में भर्ती करा दिया गया। इस संबंध में अभी तक किसी की भी ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। हादसे की सूचना मिलने पर संबंधित छात्रों के परिजन आज सुबह तक टीएमयू परिसर में पहुंच चुके हैं। घटनाक्रम के बारे में बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात मौसम में अचानक तब्दीली आने से तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। बताते हैं कि बरसात से बचने के लिए छात्र पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। बिजली गिरने से पांचों छात्र जमीन पर गिरे पड़े मिले।

सफाई कर्मचारियों से भरी ऑटो को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, 8 महिला कर्मचारी घायल

दुर्ग शहर में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. कार चालाक ने शुक्रवार सुबह सफाई कर्मचारियों से भरी ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी. दुर्घटना के वक्त ऑटो में 8 महिलाएं सवार थी. कार की टक्कर के बाद चार महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं घटना की सूचना पर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे. जानकरी के मुताबिक, ऑटो में 8 महिला सफाई कर्मचारी सवार थी. CG 07 CV 1947 क्रमांक कार ने रॉन्ग साइड से आते हुए ऑटो को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी. टक्कर होते ही कार के एयर बैग खुल गए और चालक बच गया. लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई है. अन्य महिला सफाई कमर्चारियों को मामूली चोटें आई है. विधायक, पूर्व MLA और महापौर पहुंचे अस्पताल दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, महापौर अलका बाघमार और पूर्व विधायक अरुण वोरा जिला अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना.

मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में ई-ऑटो सेवा का किया शुभारंभ, लखपति दीदी योजना के तहत 40 महिलाओं को मिला रोजगार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में एक नई पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा—ई-ऑटो सेवा—का शुभारंभ किया। यह सेवा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के सहयोग से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक परिवहन सेवा का शुभारम्भ नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का एक सशक्त प्रयास है। ई-ऑटो सेवा का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 3 क्लस्टरों के 15 ग्राम संगठनों की कुल 40 महिला सदस्य शामिल हैं। यह ई-ऑटो सेवा 130 किलोमीटर के दायरे में आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत यह पहल 40 महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।महिलाओं की मासिक आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह सेवा आने वाले समय में स्थानीय परिवहन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभरेगी, जिससे नवा रायपुर के निवासियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक, निर्धारित समय पर पूरा करें काम : डिप्टी सीएम साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें साव प्रदेशभर में चल रहे लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें. फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें. मंत्री साव ने अधिकारियों से कहा, निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूरा करें. ठेकेदारों से समय-सीमा में काम पूरा कराएं. विभागीय कार्यों के बेहतर, शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अभियंता अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल दक्षता के साथ उपयोग करें. अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समय-सीमा सुनिश्चित करें. बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी सहित मैदानी अधिकारी भी मौजूद हैं.

एमएस धोनी टीम को लीड कर रहे हैं, उन्होंने माही को एक युवा विकेट कीपर करार दिया: गायकवाड़

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी की चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अब बचे हुए सीजन में एमएस धोनी टीम को लीड करते हुए नजर आएंगे। धोनी के फिर से कप्तान बनने और खुद के टूर्नामेंट से बाहर होने पर गायकवाड़ का पहला रिएक्शन सामने आया है। गायकवाड़ का कहना है कि वह टीम को बीच सीजन में इस तरह छोड़कर तो नहीं जाना चाहते थे, मगर कुछ चीजें उनके हाथ में भी नहीं है। हालांकि वह इस बात से खुश हैं कि धोनी टीम को लीड कर रहे हैं। उन्होंने माही को एक युवा विकेट कीपर करार दिया है। बता दें, एमएस धोनी इस सीजन बतौर अनकैप्ड प्लेयर खेल रहे हैं। दरअसल, बीसीसीआई के नियमों के अनुसार अगर किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्री क्रिकेट से संन्यास लिए 5 साल हो गए हैं तो उसकी गिनती अनकैप्ड खिलाड़ियों की श्रेणी में होगी। चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट हुआ है, जिसमें गायकवाड़ कहते नजर आ रहे हैं, “दुर्भाग्यपूर्ण कोहनी की चोट के कारण आईपीएल के बाकी मैचों से बाहर होने से मैं वाकई बहुत दुखी हूँ। मैं अब तक के समर्थन के लिए सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, यह वाकई बहुत मायने रखता है,” उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “हां, यह एक चुनौतीपूर्ण सीजन रहा है, लेकिन अब हमारे पास एक युवा विकेटकीपर है जो टीम की अगुआई कर रहा है और उम्मीद है कि चीजें बदल जाएंगी। मैं टीम के साथ डगआउट से उनका समर्थन करते हुए मौजूद रहूंगा। मैं टीम को इस स्थिति से बाहर निकालने में मदद करना चाहता था, लेकिन कुछ चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। बाकी अभियान के लिए लड़कों का समर्थन करने के लिए उत्सुक हूं, सीजन के लिए एक मजबूत अंत की उम्मीद है।” बता दें, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह सीजन अभी तक निराशाजनक रहा है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मुकाबले में भले ही उन्हें जीत मिली हो, मगर पिछले चार मैचों में उन्होंने लगातार हार का सामना किया है। टीम पॉइंट्स टेबल में 9वें स्थान पर लगी हुई है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य अमले को तैयारियों के लिए जारी किये निर्देश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के समय में सभी नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियों के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अपील की है कि सभी नागरिक सावधानियों का अवश्य पालन करें। प्रबंध संचालक, एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को गर्मी के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों और जागरूकता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्मी के मौसम में भारत सरकार द्वारा हीट रिलेटेड इलनेस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश को जिला व स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के लिए कहा है। साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इन पर चर्चा कर संबंधित विभाग प्रमुखों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने जनसामान्य को जागरूक करने और सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में रोगियों को एचआरआई से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन एचआरआई मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। इससे अधिक तापमान से होने वाली बीमारियों व अवांक्षित घटनाओं को रोका जा सकेगा। क्या करें हाइड्रेटेड रहना है जरूरी गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है। इससे गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिक दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। यात्रा करते समय पानी अवश्य साथ रखें। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, छाछ, फलों के रस (थोड़ा नमक मिलाकर) जैसे घरेलू पेय का सेवन लाभकारी होता है। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा जैसी मौसमी फल-सब्ज़ियों का सेवन शरीर में तरलता बनाए रखने में सहायक होता है। शरीर को ढँककर रखें धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढँकना बेहद जरूरी है। हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि गर्मी से राहत मिल सके। सिर को टोपी, छतरी, गमछा या पारंपरिक उपायों से ढकना चाहिए। नंगे पांव धूप में जाना भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए चप्पल या जूते पहनना अनिवार्य है। घर को ठंडा और सुरक्षित बनाएँ जहाँ तक हो सके, दोपहर के समय घर के अंदर या छांव में रहें। घर में ठंडी हवा का संचार बना रहे, इसके लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें और रात में उन्हें खोल दें। बाहर जाना जरूरी हो, तो सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जाएं। गर्मी के समय बाहरी गतिविधियों को सीमित करना आवश्यक है। घर में ठंडक बनाए रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें। दिन में निचली मंजिल पर रहना ज्यादा सुरक्षित होता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए पंखा, ठंडा पानी, गीले कपड़े, या 20°C के पानी में पैरों को डुबोना सहायक होता है। विशेष ध्यान देने योग्य संवेदनशील वर्ग छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मानसिक या शारीरिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और बाहर कार्य करने वाले लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। इन लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा और देखरेख की आवश्यकता होती है। ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश में आने वाले लोगों को अपने शरीर को नई जलवायु के अनुसार ढालने के लिए समय देना चाहिए। मौसम की जानकारी रखें रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों या भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट (https://mausam.imd.gov.in) से मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहें। मौसम की पूर्व चेतावनियों को गंभीरता से लें और उसी अनुसार अपने कार्यक्रम बनाएं। बचाव के लिए ये गलतियां न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर न निकलें। इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है। भारी कामकाज या शारीरिक मेहनत भी टालें। नंगे पांव बाहर न निकलें। गर्मी में खाना पकाते समय रसोई में वेंटिलेशन रखें। शराब, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, या अधिक मीठे पेयों से बचें, ये शरीर से तरलता कम करते हैं। बासी और भारी प्रोटीन युक्त भोजन न करें। किसी भी परिस्थिति में बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश काम की जगह पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य है और हर 20 मिनट में पानी पीने की सलाह दी जाए। काम को सुबह-शाम के समय शेड्यूल करें। छांव की व्यवस्था करें और कार्य के बीच पर्याप्त आराम दें। नए श्रमिकों के लिए कार्य का समय धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि वे मौसम के अनुसार ढल सकें। श्रमिकों को गर्मी से संबंधित लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दें। ‘बडी सिस्टम’ अपनाएं और प्रशिक्षित फर्स्ट एड कर्मियों की व्यवस्था करें। गर्भवती या बीमार श्रमिकों के लिए डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है। भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी खेलों या धार्मिक आयोजनों जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण हीट रिले़टेड इलनेस (एचआरआई) की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त पानी, छांव और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य है। उपस्थित लोगों को लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए। गर्मी से होने वाली बीमारियां और लक्षण अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान ऊपर जा सकता है, जिससे हीट स्ट्रेस, हीट रैश, हाथ-पांव सूजना, मांसपेशियों की ऐंठन, चक्कर आना, हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे दिल, फेफड़े, किडनी जैसी पुरानी बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। लक्षणों में चक्कर, बेहोशी, उल्टी, सिरदर्द, बहुत ज्यादा प्यास, गाढ़ा पेशाब, तेज़ सांस और दिल की धड़कन शामिल हैं। मांसपेशियों की ऐंठन होने पर तुरंत ठंडे स्थान पर आराम करें और ओआरएस पिएं। एक घंटे से अधिक ऐंठन रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें। हीट स्ट्रोक: जानलेवा स्थिति हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो सकता है और व्यक्ति बेहोश, भ्रमित या चिड़चिड़ा हो सकता है। त्वचा लाल, गर्म और सूखी हो जाती है। बच्चों में संकेत: दूध न पीना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम होना, आंखों का धंसना, सुस्ती या झटका आना, शरीर से खून आना आदि। तुरंत क्या करें 108 या 102 पर कॉल करें। व्यक्ति को ठंडी जगह ले … Read more

वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन 31 जुलाई तक करे आवेदन

नई दिल्ली पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है है। अगले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। बता दें कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। इस तिथि तक पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन किया जा सकता है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और सिफारिशें केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी, जिसका पता- awards.gov.in है। इस वेबसाइट पर जाकर पद्म पुरस्कारों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आइये जानते हैं पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन से जुड़ी हर जानकारी। कैसे करें नामांकन?     सबसे पहले राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के होम पेज पर, ‘चल रहे पुरस्कारों के लिए नामांकन’ शीर्षक के अंतर्गत, पद्म पुरस्कार 2026 पर क्लिक करें।     इसके बाद ‘नामांकित करें/अभी आवेदन करें’ बटन पर क्लिक करें।     अब पुरस्कार श्रेणी का चयन करें।     फिर उस क्षेत्र (उत्कृष्टता का क्षेत्र) का चयन करें जिसमें व्यक्ति नामांकन करना चाहता है।     उप-क्षेत्र (यदि कोई हो) लिखें।     यदि व्यक्ति स्वयं को नामांकित करना चाहता है, तो ‘क्या आप स्वयं को नामांकित करना चाहते हैं’ विकल्प चुनें।     यदि व्यक्ति किसी और को नामांकित करना चाहता है, तो ‘क्या आप किसी और को नामांकित करना चाहते हैं’ विकल्प चुनें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका विवरण दर्ज करें।     यदि नामांकित व्यक्ति की जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है तो ‘जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है’ विकल्प चुनें और फिर ‘आयु’ बताएं।     यदि नामांकित व्यक्ति जीवित नहीं है, तो ‘यदि नामांकित व्यक्ति मरणोपरांत है (जीवित नहीं है), तो यहां क्लिक करें’ विकल्प चुनें और ‘मृत्यु का वर्ष’ चुनें।     इसके बाद आगे की जानकारी दर्ज करें। नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ‘सेव एंड नेक्स्ट’ पर क्लिक करें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका विवरण दर्ज करें।     यदि व्यक्ति को पहले पद्म पुरस्कार नहीं मिला है तो कृपया ‘नहीं’ विकल्प चुनें।     यदि व्यक्ति को पहले पद्म पुरस्कार मिल चुका है तो कृपया ‘हां’ विकल्प चुनें और विवरण दर्ज करें।     यदि व्यक्ति ने पहले कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया है, तो ‘हां’ चुनें और विवरण दर्ज करें।     जिस व्यक्ति को आप नामांकित कर रहे हैं उसका फोटोग्राफ तथा अन्य सहायक दस्तावेज संलग्न करें।     यदि आप आवेदन पत्र का पूर्वावलोकन करना चाहते हैं, तो ‘पूर्वावलोकन’ पर क्लिक करें, और यदि आप फॉर्म को संपादित करना चाहते हैं, तो ‘आवेदन संपादित करें’ पर क्लिक करें।     घोषणा बॉक्स पर क्लिक करें और फिर ‘अंतिम सबमिट’ बटन पर क्लिक करें। व्यक्ति विशेष का रजिस्ट्रेशन कैसे करें ?     सबसे पहले आपको ऑफशियल वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद होमपेज पर रिस्ट्रेशन या लॉगिन बटन पर क्लिक करें।     इसके बाद ‘व्यक्तिगत’ (Individuals) बटन पर क्लिक करें और नामांकित व्यक्ति का टाइप चुनें (जैसे नागरिक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, एनआरआई, विदेशी, आदि)।     इसके बाद अपना पहला नाम, अंतिम नाम, आधार संख्या और अन्य मांगी गई डिटेल्स को भर दें।     पहचान का तरीका चुनें, जिसमें आधार वेरिफिकेशन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि शामिल हैं।     फिर अपना आधार नंबर, पासपोर्ट, पैनकार्ड नंबर और अन्य डिटेल्स दें।     इसके बाद वेरिफिकेशन के प्रोसेस को पूरा करें और मोबाइल पर मिले ओटीपी को सबमिट करें।     अब एक नया पासवर्ड सेट करें और कैप्चा को दर्ज करें।     फिर सेव बटन पर क्लिक करें।     पंजीकरण होने के बाद लॉगिन आईडी मोबाइल नंबर पर मिल जाएगी।     इसके बाद लॉगिन और Nominate यानी नामांकित करें। किसी संगठन या संस्था के लिए रजिस्ट्रेशन     इसके लिए भी पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     इसके बाद होमपेज पर रजिस्ट्रेशन या लॉगिन के बटन पर जाएं।     फिर संगठन (Organisation) के बटन पर क्लिक करें।     इसके बाद संस्था के प्रकार का सिलेक्शन करें।     अब संगठन का नाम, अधिकृत व्यक्ति का नाम और अन्य डिटेल्स भरें।     इसके बाद पहचान का तरीका चुनें, जिसमें आधार प्रमाणीकरण, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि शामिल है।     फिर मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी भरकर सबमिट करें।     अब आपको मोबाइल पर एक OTP मिलेगा, जिसे दर्ज कर अपने वेरिफिकेशन को पूरा करें।     इसके बाद नया पासवर्ड सेट करें और कैप्चा भरकर सबमिट करें।     अगले स्टेप में सेव पर क्लिक करें।     इसके बाद बाद लॉगिन आईडी लिंक दिए गए मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।     अब लॉगिन करें और Nominate यानी नामांकित करें। यहां बता दें कि पद्म पुरस्कार तीन प्रकार के होते हैं। इनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। ये पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं।

होली मिलन एवं युवा युवती परिचय सम्मेलन 12 अप्रैल 2025

भोपाल  कार्यक्रम के संयोजक संजय मिश्रा पिंटू भैया ने बताया कि यह आयोजन पूर्वांचल ब्राह्मण समाज भोपाल के तत्वाधान मेंआज 12 अप्रैल 2025  समय संध्या 6:00 से  स्थान सर्व धर्म मंदिर न्यू मिनाल रेजीडेंसी भोपाल मे होगा कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्थाओ को लेकर समिति की बैठक आज न्यू मिनाल रेजीडेंसी स्थित मंदिर मे सम्पन्न हुई,  यह कार्यक्रम का प्रथम वर्ष है इसमें मुख्य रूप से जो पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज के युवा युवती  हैं उनका परिचय सम्मेलन  एवं उनकका पंजीयन बायोडाटा इकट्ठा किया जाएगा एवं वही कुंडली का मिलान कर रिश्ते कराने का प्रयास किया जायेगा इस मे लगभग 400 परिवार शामिल होने वाले है.  इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक कलाकार राजेश पिंटू दुबे एंड पार्टी बलिया यूपी से होली एवं चैता गीतों की प्रस्तुति देंगे  इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे आलोक शर्मा सांसद लोकसभा भोपाल  रामेश्वर शर्मा विधायक हुजूर  रीति पाठक कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन संजय पाठक पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश  संजय पांडेय क्रिकेटर  पण्डित गिरीश शर्मा जी पण्डित निलम्प त्रिपाठी जी सहित समाज के गणमान्य लोग  कार्यक्रम में शामिल होंगे।  आज आयोजित बैठक मे इसमें विशेष रूप से संजय मिश्रा पिंटू भैया राम तिवारी  अजय कुमार दुबे सुनील चौबे शंभू चौबे अश्वनी चौबे अंकित मिश्रा रीता मिश्रा अजय पांडेय  शिव  दुबे उमेश तिवारी अशोक मिश्रा बसंत पांडेय विनोद पाण्डेय लक्ष्मण कुमार चौबे घनश्याम पांडेय  आशीष तिवारी  रोहित मिश्रा कुबेर चौबे दर्दर मुनि चौबे मुकेश शुक्ला सतीश पाण्डेय जनार्दन दुबे, एन डी, तिवारी आदित्य तिवारी राम शर्मा संजय उपाध्याय विजय उपाध्याय सहित समाज के सम्मानित प्रमुख लोग उपस्थित रहे।समाज की बैठक मे आह्वान किया गया की पूर्वांचल के सभी परिवार इस आयोजन मे सपरिवार सम्मिलित हो।

कौन हैं जुगविंदर सिंह बराड़, जिन्होंने अमेरिका को समंदर में खूब दिया चकमा, अब लगा बैन

नई दिल्ली अमेरिका ने भारतीय शख्स जुगविंदर सिंह बराड़ और उनकी 4 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। यह बैन ईरान के तेल को ट्रांसपोर्ट करने के आरोपों पर लगा है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि जुगविंदर सिंह बराड़ कई जहाजों के मालिक हैं और उनके जरिए उन्होंने ईरान के तेल का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट किया है। ईरान के साथ कारोबार पर अमेरिका ने बैन लगा रखा है। जुगविंदर सिंह बराड़ ने इसके बाद भी ईरान के साथ डील और कारोबार में साथ रहे, इसलिए उन पर भी ऐक्शन लिया गया है। अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दो यूएई और भारत स्थित कंपनियों पर बैन लगा है, जो बराड़ के जहाजों का संचालन करती हैं। इन जहाजों से ईरान के तेल को दूसरे देशों में पहुंचाया गया। अमेरिकी बयान में कहा गया है कि बराड़ के जहाज हाई रिस्क शिप टू शिप ट्रांसफर में शामिल थे। इन जहाजों का संचालन ईरान, इराक, यूएई और ओमान की खाड़ी के बीच में हुआ है। अमेरिका का कहना है कि इन जहाजों से तेल उन ठिकानों तक पहुंचाया गया, जहां से इंटरनेशनल मार्केट में भेजा जा सके। इस तरह इन जहाजों ने ईरानी तेल के लिए फैसिलिटी का काम किया है और प्रतिबंध का यह सीधे तौर पर उल्लंघन है। अमेरिकी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान का काम करने का यही मॉडल है। वह अकसर अवैध जहाजों और बराड़ जैसे ब्रोकरों के माध्यम से डील करता रहा है। जुगविंदर सिंह बराड़ यूएई में रहते हैं। उनकी दो कंपनिया हैं- प्राइम टैंकर्स और ग्लोरी इंटरनेशनल। वह करीब 30 जहाजनुमा पेट्रोलियम टैंकर चलाते हैं। इनमें से ज्यादातर छोटे टैंकर हैं, जो बड़े टैंकरों से आए तेल को पहुंचाते हैं। समुद्र से दूसरे ठिकानों पर तेल इन टैंकरों के जरिए पहुंचाया जाता है। इन छोटे जहाजों के माध्यम से वह ईरान के तेल को लोड करते थे और शैडो फ्लीट की तरह काम करते थे। अमेरिका का कहना है कि यह एक तरह से तेल तस्करी का भी मामला है। यह प्रक्रिया ऐसी थी कि किसी एक बड़े टैंकर को भरने के लिए कई छोटे टैंकरों का इस्तेमाल किया जाता था। अमेरिका का दावा है कि जुगविंदर सिंह बराड़ ने ईरान समर्थित हथियारबंद संगठन हूती के साथ भी मिलकर काम किया है। हूती के साथ भी मिलकर काम करने का है आरोप बराड़ पर आरोप है कि उन्होंने हूती के फाइनेंशियल अधिकारी सैद-अल-जमाल की मदद से काम किया है। जमाल की मदद से ही जुगविंदर सिंह बराड़ ने छोटे-छोटे जहाजों की मदद से माल ढोया। अमेरिका का दावा है कि बराड़ के पास ‘नादिया’ नाम का एक जहाज है। इसकी मदद से तेल की तस्करी की गई और यह पूरा काम ईरान की सेना के आदेश पर होता था। अमेरिका का कहना है कि बराड़ के छोटे जहाजों की खासियत यह है कि उन्हें ट्रैक करना आसान नहीं होता। वे ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के तहत पकड़ में नहीं आते। इनका संचालन बराड़ ने यूएई, ईरान, इराक और ओमान की खाड़ी में किया।

मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री रेड्डी का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं बेल मेटल से बने प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा को समाज के कल्याण की कुंजी मानने वाले महात्मा फुले का जीवन शोषितों व वंचितों के उत्थान और महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार समरस समाज के निर्माण के लिए सदैव सभी को प्रेरित करते रहेंगे।  

हिंसा छोड़ने वालों को मिलेगा सम्मानजनक जीवन, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने साय सरकार की अच्छी पहल

रायपुर अब वक्त है हथियार छोड़कर कलम, खेती और अपने रुचि के रोजगार व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने का। छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर साथ देने को तैयार है। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति 2025 में की है। यह नई नीति राज्य से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए की गई है, ताकि वह समाज में सम्मान पूर्वक जीवन व्यतीत कर सके। वास्तव में नक्सलियों के पुनर्वास के लिए बनाई गई नई नीति में आत्मसमर्पण करने वालों के लिए अच्छे प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव की सरकार द्वारा लागू की गई छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 न सिर्फ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें पुनर्वास, रोजगार, और सम्मानजनक जीवन की गारंटी भी देती है। इस नीति के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवाओं के लिए अब समाज की मुख्य धारा में लौटने का दरवाजा पूरी तरह खुला है और वह भी सम्मान और भरोसे के साथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद आह्वान किया है कि जो भी युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की राह पर लौटना चाहते हैं, राज्य सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपए का मिलेगा मानदेय नई नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को ट्रांजिट कैंप या पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा, जहां उन्हें उनकी रुचि के अनुसार किसी न किसी हुनर में प्रशिक्षित किया जाएगा। इतना ही नहीं, तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। आवास के लिए शहरी इलाके में प्लाट, ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि, स्वरोजगार और व्यवसाय से जुड़ने की योजनाएं भी उनके लिए उपलब्ध रहेंगी। सबसे खास बात यह है कि आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया 120 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि वे जल्द से जल्द समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। अन्य राज्यों में सक्रिय नक्सलियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर यह नीति न केवल छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों पर लागू होगी, बल्कि अन्य राज्यों में सक्रिय नक्सलियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी, बशर्ते वे तय प्रक्रिया के तहत प्रमाणन और अनापत्ति प्राप्त करें। सरकार की यह पहल एक तरफ जहां राज्य में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी देती है कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता, भविष्य निर्माण का रास्ता अब विकास, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से होकर गुजरता है।राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा आत्मसमर्पण के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थी वास्तव में समाज में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है।

मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा भोज द्वारा निर्मित बड़ा तालाब तकनीकी उत्कृष्टता का है श्रेष्ठ उदाहरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे हैं मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने डॉ. निधिपति सिंघानिया को किया सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल से ही आर्किटेक्ट्स का विशेष महत्व रहा है। राजा भोज स्वयं बड़े वास्तुकार थे। भोपाल ताल सहित प्राचीन स्थापत्य के कई उदाहरण भोपाल और इसके आसपास विद्यमान है। भोपाल का ताल मूलतः बांध है। एक हजार साल पहले बनी है यह अद्भुत और बेमिसाल संरचना आज भी सामयिक और बड़ी आबादी के लिए उपयोगी है। मितव्ययता और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ निर्मित यह संरचना, प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिस पर आज भी विचार प्रासंगिक है। इस दृष्टि से भोपाल में हो रहा आर्किटेक्ट्स सम्मेलन विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “ट्रांसम” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुशिल्प नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वास्तुकला उत्कृष्टता में विरासत को समाहित करने के लिए डॉ. निधिपति सिंघानिया को भारतीय वास्तुकार संस्थान (आईआईए) फैलोशिप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आर्किटेक्ट्स को विश्वकर्मा बंधु संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर वास्तुकला और पूजा पद्धतियों में कई रहस्य विद्यमान हैं। भस्म आरती जन्म से लेकर मृत्यु तक की जीवन यात्रा को संक्षिप्त रूप में दिखाने का प्रकल्प है। राजा भोज द्वारा बनवाया गया भोजपुर मंदिर और उनके बड़े भाई राजा मुंज द्वारा मांडव में बनाई गई संरचनाएं तत्कालीन उत्कृष्ट वास्तु शिल्प का उदाहरण है। उत्कृष्ट तकनीक के ये प्रतीक हमारी संस्कृति पर गौरव और आत्म सम्मान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज कई विधाओं के विशेषज्ञ थे, उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तक भी लिखी। उनकी राजधानी उज्जैन थी लेकिन उत्तर की ओर से हो रहे आक्रमणों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजा भोज ने अपनी राजधानी को मांडव में स्थापित किया और वहां उत्कृष्ट जल संरचनाओं का भी निर्माण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौर में मध्यप्रदेश बदल रहा है, प्रदेश में औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, जन सामान्य का आत्मीय व्यवहार, सड़क-बिजली-पानी जैसी अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य बनाती हैं। व्यवसायियों और उद्योगपतियों को कार्य में परेशानी ना आए इस उद्देश्य से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ सेक्टर विशेष पर केंद्रित नीतियां लागू की गई है। प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन सिटी भी तेजी से विकसित हो रही हैं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों से आसपास के पांच जिलों को जोड़कर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन विकसित करने की कल्पना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वास्तुकारों को मध्यप्रदेश में गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि है कि संस्था “द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स” वर्ष 1917 में स्थापित हुई, इसका मुख्यालय मुम्बई में है। देश के वास्तुविदो को संगठित कर वास्तु कला को बढ़ावा देने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। वास्तु कला और भवन निर्माण से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से यह संस्था निरंतर समन्वय और सम्पर्क में रहती है। संस्था के सम्मेलन को भारत के सबसे बड़ा वास्तु कला उत्सव के रूप में देखा जाता है।  

मुख्यमंत्री साय बोले- नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

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