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आज से सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में रखेंगे सेमी कंडक्टर निर्माण प्लांट की आधारशिला  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ आज से सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमी कंडक्टर निर्माता कंपनी पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नवा रायपुर में निर्मित कॉमर्शियल टावर में आईटी कंपनियों को फर्निश्ड स्पेस का आबंटन करने के साथ ही नवा रायपुर में सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की भी शुरूआत करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेेंगे। यह कार्यक्रम वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। गौरतलब है कि पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ में 1143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगी, जो टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होंगे। इस प्लांट में 130 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर के कमर्शियल टावर में पूरी तरह तैयार ऑफिस स्पेस आईटी कंपनियों को आबंटित करेंगे। यह कदम नवा रायपुर को भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। आईटी कंपनी के माध्यम से 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री इस मौके पर युवाओं को जॉइनिंग लेटर भी सौंपेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों नवा रायपुर में ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा की शुरुआत भी होगी। यह ई-ऑटो सर्विस महिलाओं के स्व-सहायता समूह के जरिए संचालित होगी। लगभग 130 किलोमीटर के दायरे में यह ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी को जोड़ेगी। इससे 40 महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय झरिया अल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन भी होगा। इससे सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति होगी।

बॉलीवुड एक्ट्रेस ने मुंबई में एक्टिंग छोड़कर राजस्थान में कपड़े का बिजनेस शुरू किया. जानें कौन है ये अभिनेत्री ?

हर रोज कई लोग मुंबई एक्टर-एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर आते हैं. लेकिन उनमें से कुछ ही लोग इस फील्ड में सफल हो पाते हैं वहीं कुछ अपनी किस्मत आजमाते हुए थक जाते हैं और अपने लिए दूसरे रास्ते खोजने लगते हैं. एक ऐसी ही एक्ट्रेस के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिन्होंने पैसों की तंगी के चलते मुंबई और एक्टिंग दोनों को अलविदा कह दिया और कपड़ों का बिजनेस शुरू किया. जानें कौन है ये एक्ट्रेस इन एक्ट्रेस का नाम है चारू असोपा जो मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की एक्स भाभी हैं. चारु ने हाल ही में खुलासा किया कि वे इस वक्त ऑनलाइन कपड़े बेच रही हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अपने होमटाउन, बीकानेर, राजस्थान शिफ्ट हो गई हूं. मैंने मुंबई छोड़ दिया है और मैं अपने माता पिता के साथ रह रही हूं. मेरी बेटी मेरे साथ है और मुंबई से आए मुझे एक महीना हो गया है’. मुंबई में गुजारा करना हुए मुश्किल चारु ने कहा, ‘मुंबई में रहना इतना आसान नहीं है, वहां बहुत खर्चा है. मेरे लिए महीने भर का खर्चा 1 से 1.5 लाख तक हो रहा था जिसमें किराया भी शामिल था. मुझे जियाना को नहीं छोड़ना था इसीलिए मैं घर वापस आ गई. ये कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था बल्कि मैंने ये सोच समझकर अपने लिए चुना है’. बीकानेर में बेचती हैं ऑनलाइन कपड़े ट्रोल्स के बारे में अटकलों का जवाब देते हुए, चारू ने कहा, ‘जब आप कुछ नया शुरू करते हैं, तो हर कोई संघर्ष करता है. मेरे मामले में क्या अलग है? मैं ऑर्डर लेने से लेकर पैकेज भेजने और स्टॉक लाने तक सब कुछ खुद ही कर रही हूं. जब मैं एक्टिंग के लिए मुंबई आई थी, तब भी यह आसान नहीं था. मैंने अपने लिए नाम बनाने के लिए संघर्ष किया और मैं कामयाब रही. अब, मैंने यह बिजनेस शुरू किया है ताकि मैं अपने बच्चे की परवरिश पर ध्यान दे सकूं और मुझे नहीं लगता कि ये गलत है’. चारु ने राजस्थान में शुरू किया कपड़ों का बिजनेस चारू के एक्स हसबैंड और एक्टर राजीव सेन हैं और दोनों की एक बेटी जियाना हैं. राजीव सुष्मिता सेन के भाई हैं. कपल ने अपने रिश्ते में चल रहे तनाव की वजह से तलाक लिया. जब चारू से पूछा गया कि राजीव ने उनके कदम पर क्या प्रतिक्रिया दी, तो उन्होंने कहा, ‘वह हमेशा बीकानेर में अपनी बेटी से मिलने आ सकते हैं. मुंबई छोड़ने से पहले, मैंने उन्हें अपने प्लान के बारे में बताते हुए एक मैसेज भेजा था’. ऑनलाइन कपड़े बेचने के अपने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए चारु ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि मैं किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए शूटिंग कर रही थी. मैं डेली सोप नहीं करना चाहती क्योंकि मैं जियाना पर ध्यान देना चाहती हूं और मैं यहां से डिजिटल कंटेंट शूट कर सकती हूं. अगर मुझे शूटिंग के लिए यात्रा करनी पड़ती है, तो घर वापस आने का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि मैं हमेशा जियाना को नानी के बजाय उसके दादा-दादी के पास छोड़ सकती हूं’.

दमोह में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने मिशन अस्पताल की कैथ लैब को सील कर दिया

दमोह दमोह जिले के मिशन अस्पताल में पिछले दिनों सात मौतों के मामले ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अस्पताल की कैथ लैब को सील कर दिया है। इस मामले में आरोपी डॉक्टर नरेंद्र यादव को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, और पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। जांच टीम की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की एक टीम, जिसमें डॉ. राजेश नामदेव, डॉ. विक्रांत चौहान, प्रशांत सोनी, प्रहलाद पटेल और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी शामिल थे, मिशन अस्पताल पहुंची। टीम ने सबसे पहले ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कैथ लैब की जांच की और कैथ लैब को सील कर दिया। यह कार्रवाई डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉ. राजेश नामदेव और नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी के हस्ताक्षर से की गई। ब्लड बैंक की स्थिति टीम के सदस्यों ने ब्लड बैंक का भी निरीक्षण किया। डॉक्टर प्रहलाद पटेल और डॉक्टर प्रशांत सोनी ने बताया कि ब्लड बैंक में सब कुछ ठीक था, लेकिन एक चूक सामने आई। ब्लड बैंक प्रभारी, रिटायर्ड डॉक्टर पीसी स्वर्णकार मौके पर नहीं मिले। डॉक्टर पटेल ने इसे लापरवाही माना और कहा कि उन्हें जांच के समय अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजेंगे, और तब तक यह तय नहीं होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। कैथ लैब सील होने से समस्या कैथ लैब को सील किए जाने के बाद मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे ने चिंता जताई। उनका कहना था कि लैब को सील करने से टेम्परेचर मेंटेन नहीं होगा, जिससे लगभग 8 करोड़ रुपये की मशीन खराब हो सकती है। यह वही लैब है, जहां आरोपी डॉक्टर ने मरीजों की हार्ट सर्जरी की थी। पुलिस की आगे की कार्रवाई आरोपी डॉक्टर नरेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद यह मिशन अस्पताल पर पहली बड़ी कार्रवाई है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उन स्थानों पर जांच शुरू कर दी है, जहां से आरोपी ने अपनी डॉक्टरी की डिग्री ली थी। यह जांच इस मामले को और अधिक स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

जोधपुर में चूड़ी गोदाम और केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग

जोधपुर गुरुवार रात जोधपुर में दो अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। कबीर नगर की चूड़ी फैक्ट्री और आंगनवा रोड पर एक केमिकल गोदाम में आग से हड़कंप मच गया। आग बुझाने के लिए 14 दमकलों और स्काई लिफ्ट की मदद ली जा रही है। चूड़ी फैक्ट्री के गोदाम में आग लगने से भारी धुआं उठने लगा, जिससे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी काफी मुश्किलें पेश आईं। सिंथेटिक चूड़ियों के कारण आग रातभर बुझाने की कोशिशों के बावजूद पूरी तरह नहीं बुझ सकी है। इस बीच, आग बुझाने के दौरान एक फायरकर्मी का हाथ झुलसा और एक अन्य कर्मचारी के पैर में चोट आई, दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एयरफोर्स और सेना की फायर ब्रिगेड भी शामिल कबीर नगर में स्थित बालकिशन शाह और मदन गोपाल शाह की चूड़ी फैक्ट्री में रात 9:15 बजे आग लगी, जो रात 11 बजे तक छत तक पहुँच गई। प्लास्टिक की चूड़ियों और पैकिंग मटेरियल के कारण आग तेजी से फैल गई। शास्त्री नगर फायर स्टेशन को जानकारी मिलते ही दो दमकलें तुरंत भेजी गईं, जबकि हालात को देखते हुए आठ अन्य दमकलों को भी बुलाया गया। आग पहली मंजिल तक फैलने के कारण नगर निगम दक्षिण की स्काई लिफ्ट भी मंगवाई गई। घटना में एयरफोर्स और सेना की फायर ब्रिगेड भी सक्रिय रही। कबीर नगर में आग को छत तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर रखा सामान बचाने के लिए फायरकर्मी और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। आंगनवा में गोदाम में लगी आग इसी दौरान, आंगनवा रोड पर स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के गोदाम में आग लगने से ड्रमों में विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने के कारण सूरसागर, प्रताप नगर सदर और प्रताप नगर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने के लिए बैरिकेडिंग की। फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग को नियंत्रित किया, जिसके चलते पास में मौजूद गैस गोदाम के कारण बड़ा हादसा टल गया।

अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी , इन स्थानों पर चुपके से जलाएं दीपक, घर आएगी सुख-शांति

भारतीय कैलेंडर के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह वैशाख महीने में आने वाले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इससे घर में सुख और शांति आने के साथ-साथ समृद्धि भी आती है। अक्षय तृतीया पर दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस दिन दान करने वाले श्रद्धालुओं के घर में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती, बल्कि उन्हें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सोने के आभूषण आदि खरीदने का विधान है। शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगा, जिसका समापन अगले दिन यानी 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर होने वाला है। उदयातिथि के अनुसार, 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। यहां जलाएं दीपक     ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। वहीं, मां तुलसी का संबंध भी भगवान विष्णु से पति-पत्नी का है। ऐसे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ मां तुलसी की भी पूजा-अर्चना की जाती है। अक्षय तृतीया के दिन आप तुलसी के सामने घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं, जिससे माता लक्ष्मी का घर में आगमन होगा और सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश होगा।     अक्षय तृतीया के दिन घर की उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह धन के देवता कुबेर की दशा मानी जाती है। ऐसे में धन संपत्ति में बढ़ोतरी होगी।     अक्षय तृतीया पर आप घर की छत पर घी का दीपक जला सकते हैं। इसके अलावा, मंदिर में भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इन चीजों का करें दान इस दिन दान पुण्य का भी विशेष महत्व है। आप इस खास अवसर पर दूध, दही, शक्कर, खीर, शंख और सफेद कपड़े आदि का दान कर सकते हैं। जरूरतमंद और गरीबों की मदद करने से माता लक्ष्मी अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में देवी देवताओं का वास होता है। इसके अलावा, जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।

तहव्वुर राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बांधकर भारत कौ सौंपा गया ! सामने आई प्रत्यर्पण की तस्वीर

नई दिल्ली मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा आखिरकार अमेरिका से भारत लाया जा चुका है, लेकिन जिस तरह उसकी तस्वीर सामने आई है, उसने सबका ध्यान खींच लिया है. प्रत्यर्पण की तस्वीर में राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बंधी हुई दिखाई दे रही है. इसके साथ ही अमेरिकी मार्शल प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी भी वहां मौजूद हैं. ये तस्वीर केवल एक आतंकी के ट्रांसफर का नहीं, बल्कि भारत की उस लंबी कानूनी और कूटनीतिक लड़ाई का नतीजा है जो सालों से जारी है. अमेरिका ने बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच राणा को भारत को सौंपा. अमेरिकी न्याय विभागकैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मार्शलों ने पाकिस्तानी नागरिक और कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा की हिरासत भारत के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सौंप दी। तहव्वुर राणा अब 18 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में है, इस दौरान एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ करेगी, ताकि 2008 के हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे। भारत लाते ही कराया गया मेडिकल चेकअप भारत के गुनाहगार तहव्वुर को विशेष सुरक्षा के बीच अमेरिकी से दिल्ली लाया गया था। उसे भारत लाने के लिए विशेष टीम गई थी, जिसने दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर प्लेन के लैंड होते ही तहव्वुर को NIA के हवाले कर दिया। एनआईए ने सबसे पहले तहव्वुर का मेडिकल चेकअपल कराया। इसके बाद यहां से सीधे उसे NIA कोर्ट ले जाया गया। NIA कोर्ट में रात 2 बजे के बाद तक सुनवाई चली। एनआईए ने राणा की कस्टडी मांगी और अदालत ने 18 दिनों के लिए जांच एजेंसी को उसकी कस्टडी दे दी। भारत न आने के लिए राणा ने दी थी ये दलील हालांकि, तहव्वुर राणा किसी भी कीमत पर अमेरिका से भारत नहीं आना चाहता था। उसने 13 फरवरी को दायर अपनी याचिका के गुण-दोष के आधार पर मुकदमेबाजी (सभी अपीलों की समाप्ति सहित) तक अपने प्रत्यर्पण और भारत के समक्ष आत्मसमर्पण पर रोक लगाने की मांग कर रहा था। उसने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और संयुक्त राष्ट्र के यातना विरोधी कन्वेंशन का उल्लंघन है, क्योंकि उसे भारत में यातना का खतरा है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया था। भारत ने 7 मार्च को कहा था कि वह राणा के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। भारत को बड़ी सफलता भारत सालों से राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था. राणा ने इसे रोकने के लिए अमेरिका की हर अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट तक से उसे राहत नहीं मिली. 9 अप्रैल को अमेरिकी मार्शल्स ने लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर उसे भारत के हवाले किया

हनुमान जयंती: हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया

इंदौर इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, बल्कि जीवन के कई कष्ट भी दूर होते हैं। तुलसी दान से मिलती है भगवान की कृपा तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह भगवान विष्णु को अति प्रिय है। चूंकि हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और रामचंद्र जी स्वयं विष्णु के अवतार हैं, ऐसे में तुलसी का दान अप्रत्यक्ष रूप से हनुमान जी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। मानसिक शांति और साहस का आशीर्वाद हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से व्यक्ति को अखंड भक्ति, साहस, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने या उसका दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, तुलसी का दान करने से शनि और मंगल ग्रह की अशुभता कम होती है। हनुमान जी को इन दोनों ग्रहों के दोषों को शांत करने वाला देवता माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष, शनि की साढ़ेसाती या राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव हों, उन्हें इस दिन तुलसी दान अवश्य करना चाहिए। पितृ दोष से भी मिलती है मुक्ति हनुमान जयंती पर तुलसी दान करना पितृ दोष की शांति में भी सहायक माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो अपने जीवन में बार-बार बाधाओं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार हनुमान जन्मोत्सव पर तुलसी दान एक अत्यंत सरल, लेकिन प्रभावशाली आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उपाय है, जो जीवन को सुखद और संतुलित बना सकता है।  

नियद नेल्लानार में शामिल गांवों में ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर दे रहे है आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2025 का आयोजन बीजापुर के अंदरूनी और संवेदनशील क्षेत्रों में भी आयोजित हो रही है। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु सुशासन तिहार का आयोजन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित बीजापुर जिले को उन अंदरुनी इलाकों में भी आयोजित हो रही है जहां कभी माओवादियों के आतंक का खौफ रहता था उनके द्वारा जन अदालत लगाकर निर्दाेष लोगों को प्रताड़ित किया जाता था। उन क्षेत्रों में अब विष्णु के सुशासन का असर देखने को मिल रहा है आज ग्रामीण बेखौफ होकर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने सड़क बिजली, पानी स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी राशन दुकान जैसे बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे है जो बदलते बीजापुर का पहचान है। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा लोगों को सुशासन तिहार में शामिल होने तथा उनकी मांगांें तथा समस्याओं को निजात दिलाने व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर,कोण्डापल्ली, पामेड़, चुटवाही और गलगम, बीजापुर ब्लॉक के पालनार, कांवड़ गांव और मुतवेंडी सहित भैरमगढ़ ब्लॉक के गांव बांगोली, चिंगेर सहित बेचापाल जैसे जिले के चिन्हांकित कई अंदरुनी गांवों  में सुशासन तिहार का असर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सकारात्मक सोच और पहल से नियद नेल्लानार योजना के तहत इन गांवों को माओवाद के आतंक से मुक्त कर विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य बखूबी किया जा रहा है कई दशकों से अंधेरे में डूबे इन गांवों के ग्रामीण आदिवासियों के लिए अब सुनहरे भविष्य का सूर्याेदय होने से ग्रामीणों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर कोयला उत्पादन,परिवहन की गतिविधियां समझी,कर्मचारियों को किया पुरस्कृत

रायपुर : केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने किया विश्व के दूसरे बड़े गेवरा कोयला खदान का निरीक्षण केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने खदान में उतरकर, कोयले को उठाकर खदान को करीब से देखा केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर कोयला उत्पादन,परिवहन की गतिविधियां समझी,कर्मचारियों को किया पुरस्कृत साइलो का किया अवलोकन रायपुर भारत सरकार में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने आज कोरबा जिले में स्थित भारत के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे बड़े कोयला खदान का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यू पॉइंट पर जाकर एसईसीएल गेवरा खदान में कोयला उत्खनन-परिवहन की प्रक्रिया देखी। उन्होंने यहां आधुनिक तकनीकों के साथ किए जा रहे कोयला उत्पादन की प्रक्रिया को समझने के साथ ही खदान क्षेत्र में शावेल मशीन और डम्फर में चढ़कर लोडिंग और परिवहन की स्थिति को जाना। खदान के सरफेस एरिया में जाकर उन्होंने सरफेस माइनर से कोयला कटिंग को देखने के साथ ही हाथों में कोयला उठाकर क्वालिटी को परखा। कोयला एवं खान मंत्री ने गेवरा कोल एरिया के साइलो का भी अवलोकन किया और ट्रैक में कोयला लोडिंग की जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने गेवरा खदान व्यू पॉइंट स्थल पर पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से एसईसीएल क्षेत्र में कोयला उत्पादन को लेकर किये जा रहे कार्य,परिवहन, तकनीकी समावेश, सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को भी जाना। मौके पर उपस्थित एसईसीएल के अधिकारियों ने कोयला उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। अधिकारियों ने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री रेड्डी को खदान क्षेत्र की सम्पूर्ण गतिविधियों को साझा किया। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश मे ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यावरण के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज मैंने भारत के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे सबसे बड़े कोयला खदान गेवरा पहुंच कर अवलोकन किया है। यहां मैंने देखा कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी कड़ी मेहनत कर कठिन परिस्थितियों में भी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कोयला उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर माईन क्लोजर एक्टिविटी के लिए एक्शन प्लान बनाने और अगले तीन वर्षों में पर्यावरण के मानकों के अनुरूप इस दिशा में कार्य करते हुए ग्रीनरी डेवेलप की बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने एसईसीएल के उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने एसईसीएल श्रमिकों से चर्चा की और उनकी मांगो और सुझावों के विषय में ध्यान देने की बात कही।

पीथमपुर में प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, इंदौर से मंगाई एक हजार लीटर फोम, रेत-मिट्‌टी की दीवार बना रहे

धार  पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिग्नेट पाइप फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक है कि इसका धुआं लगभग 10 किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां, एसडीआरएफ की टीम और तीन अलग-अलग थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने का अभियान देर रात से जारी है। प्लास्टिक पाइप बनाने का होता है काम फैक्ट्री में प्लास्टिक पाइप बनाने का काम होता है। कच्चे माल में आग पकड़ने ने के कारण लपटें ने विकराल रूप ले लिया। एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर ने बताया कि सुलावट स्थित एक उद्योग में आग लगी है , यह कंपनी पाईप का निर्माण करती है। नगर पालिका, प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पुलिस फायर स्टेशन के दमकल अभी बचाव में यहां लगा हुआ है। इस पर काबू करने का प्रयास कर रहे है। आग तड़के करीब ढाई बजे लगी, लेकिन अभी तक आग लगने का सही कारण पता नहीं चल पाया है। विशेष फायर फाइटर फोम मंगवाया थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी के अनुसार, इंदौर एयरपोर्ट से भी विशेष फायर फाइटर और फोम मंगवाया गया है। रेत के कई ट्रक आग को नियंत्रित करने के लिए फैक्ट्री के अंदर भेजे गए हैं। अब तक 25 डंपर रेत का उपयोग किया जा चुका है। दो क्रेन जलकर राख इस हादसे में फैक्ट्री में खड़ी दो क्रेन पूरी तरह जल गई हैं। आसमान में काला धुआं अब भी नजर आ रहा है। आग बुझाने के कार्य में लगभग 70 फायर फाइटर, 150 से अधिक नगर पालिका कर्मचारी, एसडीएम, तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह, मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला समेत पुलिस बल लगातार जुटा हुआ है। इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने आग पर नियंत्रण के लिए एक हजार लीटर फोम मंगवाने के निर्देश दिए। पिछले साल भी लगी थी आग गौरतलब है कि पिछले साल 11 जून को भी इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, जिसे बुझाने में 11 घंटे से अधिक समय लगा था। तब भी 20 से अधिक दमकलें, रेत-मिट्टी और फोम का उपयोग कर आग पर काबू पाया गया था। तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह ने कहा कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही आग पूरी तरह बुझा ली जाएगी। हालांकि, फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

प्रभारी सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों की आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

रायपुर मुंगेली जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यो और कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों की आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण प्रदान करने हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के कार्यों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर राहुल देव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने शिक्षक विहीन स्कूलों में शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति और आरटीई के तहत पात्र बच्चों को पूरी पारदर्शिता के साथ प्रवेश देने को कहा। पीएम जनमन योजना, एनआरएलएम और मनरेगा की जानकारी ली और कहा कि श्रमिकों के मजदूरी भुगतान लंबित न रहे। छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत और साफ-सफाई की मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य गांव, गरीब और आमजनों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से मिशन मोड में कार्य कर जनता की समस्याओं का निवारण प्राथमिकता से करने को कहा। बैठक में प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने गर्मी के मद्देनज़र पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और सूखे हैंडपंप वाले स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री वय वंदना जैसी योजनाओं में प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

Vastu Tips: क्यों पहले के समय में गोबर से होती थी घर की लीपाई? क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ?

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why were homes plastered with cow dung in earlier times pehle ke samay me gobar se kyon leepa jata tha आज भी जब हम गांव जाते हैं तो सुबह की पहली किरण के साथ जो सोंधी खुशबू उठती थी, वह सिर्फ मिट्टी की नहीं, गोबर से लिपे आंगनों की होती थी। यह परंपरा असल में सनातन धर्म की उन गहराइयों से जुड़ी है जहां हर वस्तु का एक दिव्य और व्यावहारिक अर्थ छुपा होता है। गोबर से घर लीपने से वह शुद्ध और ठंडा बना रहता है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि पहले के समय में घर को गोबर से क्यों लीपा जाता है। क्या ये सिर्फ एक चली आ रही कोई परंपरा थी, या इसके पीछे कुछ कारण भी थे? आइए जानते हैं। क्यों गोबर से लीपा जाता था घर?सनातन परंपरा में गोबर को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक माना गया है। किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले जब घर के आंगन को गोबर से लिपा जाता है, तो वह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि भूमि को ऊर्जा देने की एक क्रिया होती है। शास्त्रों में तो यहां तक कहा गया है कि गोबर में लक्ष्मी का वास होता है । इसलिए कहते हैं, “गोमय वसते लक्ष्मी”। इसका अर्थ यही है कि जहां गोबर है, वहां समृद्धि, सकारात्मकता और पवित्रता खुद आ जाती है। पंचगव्य बनाने में भी आता है कामगोबर केवल धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि यह पंचगव्य का भी एक आवश्यक हिस्सा है, जिसमें गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी आदि शामिल है। इन पांच तत्वों का मिश्रण न केवल आध्यात्मिक शुद्धिकरण करता है, बल्कि यह आयुर्वेद में एक औषधीय तत्व के रूप में भी प्रयोग होता है। कुछ पुराणों में यह साफ बताया गया है कि पंचगव्य का सेवन पापों को हरने वाला और रोगों को मिटाने वाला होता है। शुभ कार्य के दौरान गोबर का किया जाता है इस्तेमालधार्मिक ग्रंथों में गोबर का जो स्थान है, इसे किसी भी प्रकार से बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया गया है। अथर्ववेद से लेकर गरुड़ पुराण और मनुस्मृति तक में गोबर और गाय से जुड़े पदार्थों की महिमा का वर्णन मिलता है। इसलिए जब भी घर में कई त्यौहार मनाया जाता है या फिर कोई शुभ कार्य, जैसे कि हवन या पूजा किया जाता है तो पूरे घर को गोबर से लीपा जाता है, जिससे घर में लक्ष्मी का वास हो और घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि हो। घर में मक्खियों, मच्छरों को भी दूर भगाता है गोबरबता दें कि गोबर कीट-पतंगों से रक्षा करने में काफी असरदार साबित होता है। गोबर से घर में मक्खियां, मच्छर, और कीट दूर रहते हैं। यही कारण है कि गांवों में गोबर से लिपे घरों में रोगों का प्रकोप कम देखा गया है। इसके अलावा, यह पूरी तरह जैविक है, पर्यावरण के अनुकूल है, और धरती को हानि नहीं पहुंचाता। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए “SAHARA SAMACHAAR” उत्तरदायी नहीं है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सभी बैगा परिवारों के घरों में क्रेडा की ओर से निःशुल्क सोलर सिस्टम लगाया गया

रायपुर कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत कांदावानी के आश्रित गांव पटपरी में निवासरत 25 बैगा परिवारों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहा। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां के सभी बैगा परिवारों के घरों में क्रेडा की ओर से निःशुल्क सोलर सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनके आशियाने अब रोशनी से जगमगा उठे हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ अब दूरस्थ आदिवासी अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पटपरी गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और पहचान जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर शासन-प्रशासन ने जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है। पटपरी गांव, जो जिला मुख्यालय कबीरधाम से लगभग 80 किलोमीटर तथा ब्लॉक मुख्यालय पंडरिया से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है, अब एक नई ऊर्जा की मिसाल बन गया है। हर घर में 300 वाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। प्रत्येक सोलर सिस्टम की लागत 65 हजार रूपए है, जो कि पीएम जनमन और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पूर्णतः निःशुल्क बैगा परिवारों को प्रदाय किया गया है। इस पहल से ग्रामीणों को न सिर्फ अंधेरे से छुटकारा मिला है, बल्कि उनके जीवन में एक नई उम्मीद भी जगी है। बैगा समुदाय के फूल सिंह का कहना है, अब हमारे घरों में अंधेरा नहीं रहता, रात में भी बच्चे पढ़ाई कर पाते हैं। जगातीन बाई बैगा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि जनमन योजना के तहत उनके घर में बिजली पहुंची है, जिससे वे अत्यंत उत्साहित हैं। जनमन योजना की लाभार्थी होने के नाते वे राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के विशेष आमंत्रण पर दिल्ली भी गई थीं और उनसे भेंट की थी। पटपरी गांव में निवासरत बैगा परिवारों के पेयजल की व्यवस्था के लिए दो हैंड पंप भी स्थापित किए गए हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। इस गांव के  सभी बैगा परिवारों के आधार कार्ड व राशन कार्ड प्रदाय किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता समय-समय पर पटपरी गांव पहुंचते हैं और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। खेती-बाड़ी पर आश्रित बैगा परिवारों का जीवन यापन मुख्यतः पट्टे पर मिली वनभूमि पर खेती से होता है। इसके अलावा गन्ना सीजन में मजदूरी कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लघु वनोपज का संग्रहण बैगा परिवारों के आय का अतिरिक्त जरिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर : शिक्षा को अपनाए और नशे से दूर रहें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री खल्लारी में कंवर-पैंकरा समाज के महासभा में हुए शामिल  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के खल्लारी ग्राम में आयोजित आदिवासी कंवर-पैंकरा समाज महासभा एवं वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री का कंवर समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों से आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर महासभा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खल्लारी माई, भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, राम जानकी भगवान एवं कंवर समाज की जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए माता खल्लारी और राम जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जंगल सत्याग्रहियों की भूमि को नमन करते हुए कहा कि  मैं आप सभी का आशीर्वाद लेने आया हूं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जंगल सत्याग्रह के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को शॉल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें राम-जानकी मंदिर परिसर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये, कंवर समाज के छात्रावास निर्माण के लिए 25 लाख रुपये तथा सर्व-सुविधायुक्त शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आदिवासियों, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास और कल्याण के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की गई है। उन्होंने समाज से अपील की कि शिक्षा को प्राथमिकता दें और नशा मुक्ति की दिशा में कदम उठाएं। मुख्यमंत्री साय ने समाज के युवाओं को कौशल विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान  किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 महीने की हमारी सरकार द्वारा अनेक विकास कार्य किए गए हैं। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 14 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री द्वारा एक ही दिन में 3 लाख आवासों में गृह प्रवेश कराया गया। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की गई और धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 12 हजार करोड़ रुपये प्रदाय किए गए। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। जिनका नाम छूट गया है, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित योजनाओं, रामलला दर्शन योजना, और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी को हमारी सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि आवास प्लस सर्वे एप शुरू किया गया है, जिससे जिनके पास घर नहीं हैं, वे भी सर्वे में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित करना हमारा लक्ष्य है। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व सांसद चुन्नी लाल साहू, पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, येतराम साहू, कंवर पैकरा समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी अनेक जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में सामाजिकजन उपस्थित थे।

फील्ड डेटा संग्रहण हेतु मोबाइल ऐप्स की सुविधा दी जाएगी एवं कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की पहल पर मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के सहायक संगठन ‘व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया’ के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश में नदियों के उद्गम क्षेत्रों में वाटरशेड विकास तथा पारंपरिक चंदेला-बुंदेला तालाबों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए यह महत्वपूर्ण कदम । इस समझौते का उद्देश्य राज्य में जल संरक्षण और संवर्धन को वैज्ञानिक ढंग से सशक्त करना है। यह एमओयू ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत कार्यान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जलग्रहण क्षेत्रों में कार्य योजना बनाना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण देना, समुदाय आधारित जागरूकता अभियान चलाना और जल प्रबंधन को सशक्त करना प्रमुख उद्देश्य हैं। इस अवसर पर ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की ओर से व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया के अध्यक्ष रोहित सिक्का एवं मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की ओर से आयुक्त अवि प्रसाद ने हस्ताक्षर किए। व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया द्वारा पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न हितधारकों और ग्रामीण समुदायों को जल संरक्षण, जल प्रदूषण नियंत्रण एवं जल गुणवत्ता सुधार पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसरो सहित अन्य एजेंसियों से प्राप्त रिमोट सेंसिंग डेटा के आधार पर वैज्ञानिक कार्य योजना तैयार की जाएगी। जल संचयन की संभावनाओं को SIPRI सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किया जाएगा और इसमें सुधार हेतु तकनीकी सहायता भी दी जाएगी। मनरेगा के अमले को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (ई-डीपीआर) बनाने में सहयोग प्रदान किया जाएगा। फील्ड डेटा संग्रहण हेतु मोबाइल ऐप्स की सुविधा दी जाएगी एवं कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी। जल हितधारकों को युवा नेतृत्व प्रशिक्षण, जल चेतना शिविर जैसे कार्यक्रमों से जोड़कर समुदाय-नियंत्रित जल प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को पानी संबंधी मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। जल नीति और अधिनियमों के प्रति सभी हितधारकों के बीच जागरूकता पैदा की जाएगी। इस समझौते के तहत तैयार की गई कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन मनरेगा के नियमानुसार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जो कार्य मनरेगा में अनुमन्य नहीं हैं, उन्हें अन्य स्रोतों से वित्तीय संसाधन जुटाकर पूरा किया जाएगा। यह सहयोग प्रदेश में जल संरक्षण को एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।  

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