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सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में नवाचारों और उपलब्धियों की होगी प्रस्तुति :मंत्री सारंग

भोपाल रवीन्द्र भवन, भोपाल में 13 अप्रैल को राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों एवं नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरूवार को सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, कार्यक्रम की व्यवस्थाएं एवं जन सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन को भव्य और जनोपयोगी बनाने की दिशा में प्राथमिकता बैठक के दौरान मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन न केवल सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि आने वाले समय की दिशा और दशा तय करने का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सम्मेलन की प्रत्येक गतिविधि सुव्यवस्थित, उद्देश्यपूर्ण और जनोपयोगी होनी चाहिए, जिससे सहभागी लाभार्थियों और आमजन को सकारात्मक संदेश जाए। सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में नवाचारों और उपलब्धियों की होगी प्रस्तुति राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन के दौरान सहकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों और योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों) के व्यवसाय विविधीकरण के अंतर्गत हुए प्रयासों की लघु फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुति दी जाएगी। सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण :         चिन्हित पैक्स के व्यवसाय वृद्धि हेतु स्वीकृत ऋण पत्रों का वितरण।         पैक्स बांगरोद, जिला रतलाम को धर्मकांटा स्थापना हेतु ₹15 लाख का प्रोजेक्ट ऋण (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रतलाम)।         पैक्स मेंहदवानी, जिला मंडला को कोदो-कुटकी ग्रेडिंग प्लांट स्थापना हेतु ₹60 लाख का प्रोजेक्ट ऋण (जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, मंडला)।         पैक्स गोगांवा, जिला खरगोन को सुपर मार्केट निर्माण हेतु ₹120 लाख का ऋण (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम)।         चिन्हित दुग्ध सहकारी संस्थाओं को माइक्रो एटीएम का वितरण, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा।         नए सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण, जिससे वे खेती-बाड़ी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।         एचपीसीएल द्वारा पैक्स सुसनेर, जिला आगर मालवा को पेट्रोल पंप आवंटन का एल.ओ.आई. प्रदान किया जाएगा।         पैक्स सांची, जिला रायसेन और मेजेस्टिक ग्रुप, मंडीदीप के बीच पूसा बासमती धान के कल्टीवेशन और प्रोक्योरमेंट हेतु सीपीपीपी के अंतर्गत अनुबंध किया जाएगा।         जन औषधि केंद्र, पैक्स कुआं, जिला कटनी को ड्रग लाइसेंस का वितरण भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में सस्ती एवं सुलभ दवाएं उपलब्ध होंगी।  

भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्यवाही

 भोपाल  श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त भोपाल श्री वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन मे देर रात्रि तक  कोलार क्षेत्र एवं नीलबड़,रातीबड़ क्षेत्र के होटल, ढाबों पर आबकारी की टीम ने दबिश दी । दौरान दबिश नटखट रेस्टोरेंट, ट्री चैप्टर,वाइट आर्किड,बेसिल,वन माल्ट,कंट्री साइड मिडोज,हाइड आउट आदि होटल/ ढाबों पर तलाशी ली गई। अवैध स्थल पर मदिरापान करने वालों पर एवं  इन होटल ढाबों के संचालकों/मालिकों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किए ।आज की कार्यवाही में कुल 33 प्रकरण पंजीबद किए ।एक अन्य कार्यवाही में दिन के समय कलखेड़ा में आरोपी राजा कश्तवार के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा जप्त कर प्रकरण दर्ज किया ।वहीं कल देर रात को रातीबड़ क्षेत्र के गुरु होटल पर उपनिरीक्षक श्रीमती वर्षा उईके ने टीम सहित दबिश दी जहां से 6  महंगी शराब की बोतल एवं लगभग 4 पेटी बीयर की जप्त कर संचालक के विरुद्ध विधिवत प्रकरण कायम किया । कार्यवाहीयों में समस्त आबकारी अधिकारी/स्टाफ उपस्थित रहा ।ऐसी कार्यवाहियां लगातार जारी रहेगी।

निजी भूमि से पेड़ काटने की अब ऑनलाइन मिलेगी अनुमति, कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान दिया जाएगा, निगरानी भी होगी

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निजी भूमि पर पेड़ काटने की अनुमति अब आनलाइन दी जाएगी। अभी तक सरपंच को इसके अधिकार थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सरपंचों के इस अधिकार को वापस लेकर स्थगित कर अनुमति की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। पंचायतराज संचालक छोटे सिंह ने सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर कहा है कि अब ग्रामीणों की निजी भूमि पर पेड़ों की कटाई की अनुज्ञा संबंधी प्रक्रिया पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। वर्तमान अप्रैल माह से किसी भी प्रकार का सरपंच द्वारा जारी किया गया ऑफलाइन अनुज्ञा पत्र मान्य नहीं होगा। आवेदन पत्र की प्रविष्टि एवं स्वीकृति की प्रक्रिया से पंचायत के पदाधिकारियों, सचिव, पटवारी, राजस्व निरीक्षक, ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री एवं अन्य मैदानी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और इस कार्य की प्रभावी निगरानी की जाएगी।   13 जनवरी 2023 में इसके लिए पटवारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत को अधिकृत किया गया था। बता दें कि इससे पहले ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों की निजी भूमि पर पेड़ कटाई की अनुमति देने का अधिकार ग्राम पंचायत के सरपंच को दिया गया था। राजस्व विभाग के राजपत्र के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ों को काटे जाने के लिए पटवारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत को अधिकृत किया गया था।  

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने ऑपरेटर्स को दिया टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनर

रायपुर भारत सरकार द्वारा संचालित जन्म लिंक आधार पंजीकरण योजना के अंतर्गत, देश के प्रत्येक नागरिक को आधार कार्ड से जोड़ने की पहल को और सुदृढ़ बनाने हेतु, अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं का आधार कार्ड बनाया जाएगा। यह कदम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी ढंग से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। आधार कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ ऑपरेटर्स को LMS (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) और NSEIT (नेशनल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स टेस्ट) परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जिसके लिए प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है | अब तक 6 स्वास्थ्य संस्थानों के ऑपरेटर्स ने इन मानकों को पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया के हाथों सफल उम्मीदवारों को टैबलेट और फिंगरप्रिंट स्कैनर उपकरण प्रदान किए गए हैं। योजना के तहत, प्रत्येक संस्थान में CELC (चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट) किट (एंड्रॉइड टैबलेट और फिंगरप्रिंट डिवाइस) की व्यवस्था की गई है, जो आधार पंजीकरण को तीव्र और सुगम बनाएगी। योजना की प्रगति की आयुक्त एवं संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ सुश्री प्रियंका शुक्ला द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है।संस्थानों से प्राप्त डेटा का UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। शीघ्र ही यह योजना राज्य के सभी जिलों के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू की जाएगी।

पेयजल समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने ली मैराथन बैठक

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। तेजी से पूरे करें नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने और पुरानों की मरम्मत के काम— मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपम्प, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य 15 मई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला कलक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। अधिकांश जिलों में इस फंड का उपयोग करते हुए स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कर दिये गए हैं। उन्होंने शेष जिलों के जिला कलक्टरों को भी स्वीकृतियां शीघ्र जारी कर कार्य दी गई समयसीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपम्प और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपम्प की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। बैठक में बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल माह में 2 लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपम्पों की मरम्मत की गई है। गत वर्ष बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 नलकूप और 10 हैण्डपम्प स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 800 से अधिक नलकूप और 1400 हैण्डपम्प इस माह के अंत तक क्रियाशील हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने तथा पम्पसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कार्य अभी तक भी प्रारम्भ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी गई है। कंट्रोल रूम नम्बरों का करें व्यापक प्रचार-प्रसार— मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बना कर रखें ताकि पीक लोड के कारण बिजली ट्रिपिंग, फॉल्ट आदि की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। नहरबंदी के दौरान रखें जल भंडारण की पूरी व्यवस्था— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में नहरबंदी के दौरान भी पेयजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए उन्होंने स्वयं हनुमानगढ़ और गंगानगर के दौरे के दौरान अधिकारियों से चर्चा कर स्थिति की समीक्षा की है। पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नहरबंदी के दौरान पहले माह में आंशिक क्लोजर ही रखा गया है और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। पूर्ण नहरबंदी के समय पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी अधिकारियों को जल भंडारण की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी माह जारी होंगे जेजेएम के 5 हजार वर्क ऑर्डर— मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हमारे आग्रह पर जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी है। उन्होंने जल जीवन मिशन में शेष वर्क आर्डर शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रेल माह में 5 हजार करोड़ के कार्यादेश जारी कर जेजेएम के कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन योजनाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए संचालन एवं संधारण नीति शीघ्र जारी किये जाने के निर्देश प्रदान किये। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) श्री भास्कर ए. सावंत ने बताया कि विभाग की वृहद परियोजनाओं में कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से इनके कार्य करवाए जा रहे हैं। अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं के लिए 44 हजार 889 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी जाएगी। इसके लिए फंड की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हुडको, आरईसी जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी ऋण की व्यवस्था की जा चुकी है। बढ़े हुए जल शुल्क की अधिसूचना जारी की जाकर हुडको से ऋण प्राप्त करने की कार्रवाई जारी है।    

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से सौजन्य मुलाकात की

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी से आज रात यहां एक निजी होटल में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री  अरूण साव और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे।

कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित: जिला शिक्षा अधिकारी

भोपाल भोपाल जिले में तापमान में लगातार वृद्धि को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है। यह आदेश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर 9 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि कक्षा 8वीं तक की किसी भी शाला में दोपहर 12 बजे के बाद अध्यापन कार्य नहीं होगा।  

आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 1100 अंक चढ़ा सेंसेक्‍स, इन 10 स्‍टॉक्‍स में तगड़ी उछाल

मुंबई भारतीय बाजार में आज शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 1000 अंक ऊपर चढ़कर खुला है, जबकि निफ्टी में करीब 360 अंकों की उछाल आई है. इसके अलावा, बैंक निफ्टी में 500 अंकों की तेजी आई है. हालांकि कुछ देर बाद सेंसेक्‍स 1151 अंक उछलकर 75000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि Nifty 364 अंक चढ़कर 22764 लेवल पर पहुंच गया. वहीं बैंक निफ्टी में 700 अंकों की ज्‍यादा तेजी आई है. BSE टॉप 30 शेयरों में से 3 शेयरों को छोड़कर बाकी के सभी शेयर शानदार तेजी दिखा रहे हैं. सनफार्मा के शेयर (Sun Pharma Share) में 4.44 फीसदी की तेजी आई है. इसके अलावा Tata Motors के शेयर में 4.21 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 3.50 फीसदी की तेजी आई है. टीसीएस और एशियन पेंट्स के शेयर में मामूली गिरावट देखी जा रही है. क्‍यों आई ये शानदार तेजी? शेयर बाजार में तेजी की बड़ी वजह बुधवार को ग्‍लोबल मार्केट में आई उछाल और डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा चीन को छोड़कर बाकी देशों पर 90 दिनों तक टैरिफ को रोक दिया. जिसे लेकर भारतीय बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, सनफार्मा और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों तेजी से खरीदारी बढ़ रही है. आज के टॉप गेनर शेयर Welspun Living के शेयर आज 6 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 120 रुपये पर कारोबार कर रहा है. नुवामा वेल्‍थ के शेयरों में 5 फीसदी, Keynes Tech के शेयर में 4.66 प्रतिशत की तेजी आई है. PI industries के शेयर 5.45 फीसदी, KPIT Tech के शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके अलावा, सोलर इंडस्‍ट्रीज के शेयर में 3.50 फीसदी, Adani Enterprises के शेयर 4.60 फीसदी, टाटा स्‍टील के शेयर 4.36 फीसदी, टाटा मोटर्स के शेयर में 4.21 प्रतिशत और जेएसडब्‍लू के शेयर में 4.26 फीसदी की तेजी आई है.   एशियन और ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट बुधवार की तेजी के बाद ग्‍लोबल मार्केट में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. डॉउ जोन्‍स 1000 अंकों से ज्‍यादा गिरा. वहीं 3 से 4 फीसदी तक टूट गए. इसके अलावा, एशियन मार्केट में गिरावट देखने को मिली. जापान के निक्‍केई में 1400 अंकों की गिरावट आई थी. वहीं चीन के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है.

SC-ST के हजारों कर्मचारियों की पदावनति का खतरा बना रहेगा

भोपाल मध्य प्रदेश में जहां एक ओर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के हजारों कर्मचारियों पर डिमोशन की तलवार लटक रही है। ये वे कर्मचारी हैं, जिन्हें 2002 के प्रमोशन में आरक्षण नियम के तहत पदोन्नति दी गई थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने अप्रैल 2016 में इस नियम को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद इन प्रमोशंस की वैधता पर सवाल उठ गए। सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं। लेकिन अंतिम निर्णय तक SC-ST कर्मचारियों की पदावनति का खतरा बना हुआ है।   प्रमोशन में आरक्षण का इतिहास सन् 2002 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने SC-ST वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए नियम बनाए थे। इन नियमों के आधार पर 2016 तक कई कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इससे SC-ST वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, वे लगातार ऊंचे पदों पर पहुंचते गए। दूसरी ओर, ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी, जो वरिष्ठ थे, प्रमोशन में पीछे छूट गए। इस असमानता के खिलाफ मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां सभी तथ्यों पर विचार के बाद नियम को रद्द कर दिया गया। हाई कोर्ट के फैसले से इन कर्मचारियों के डिमोशन की स्थिति बन गई, जिसे रोकने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट का रुख सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों को 2002 के नियम के तहत प्रमोशन मिला, उनकी स्थिति अभी सुरक्षित है, लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। विधि एवं विधायी जैसे विभागों में जो नई प्रमोशंस दी गई हैं, उनमें स्पष्ट लिखा है कि ये सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अधीन रहेंगी। ऐसे में SC-ST कर्मचारियों पर अनिश्चितता का साया बना हुआ है। यदि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो इन कर्मचारियों को पदावनत होना पड़ सकता है। सपाक्स की मांग: सभी वर्गों के हितों का ध्यान सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के अध्यक्ष केपीएस तोमर ने कहा कि 2002 के नियम से अनारक्षित और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ। उनका तर्क है कि SC-ST कर्मचारी मेरिट के आधार पर अनारक्षित पदों पर पहुंच गए और आरक्षित पद भी हासिल किए, जिससे उन्हें दोहरा लाभ मिला। तोमर ने सुप्रीम कोर्ट के नागराज प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि प्रमोशन में प्रतिनिधित्व और दक्षता को आधार बनाना चाहिए। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों में आरक्षण खत्म कर वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन लागू किया गया है। मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही होना चाहिए। सरकार की नई रणनीति प्रमोशन का रास्ता निकालने के लिए सरकार नए नियम बनाने की तैयारी में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिर से 36% SC-ST और 64% अनारक्षित पदों का फॉर्मूला लाया गया, तो यह विवाद को और बढ़ाएगा। सपाक्स और कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा जाए। सरकार प्रमोशन में संतुलन नहीं लाती, तो यह मुद्दा और जटिल हो सकता है। कर्मचारी चाहते हैं कि प्रमोशन का आधार वरिष्ठता और प्रदर्शन हो, न कि केवल आरक्षण।  

RCB को घर में घुसकर दिल्ली ने हराया, केएल राहुल की जबरदस्त पारी

बेंगलुरु  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मैच नंबर-24 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. 10 अप्रैल (गुरुवार) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने छह विकेट से जीत हासिल की. मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए 164 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 13 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. राहुल की शानदार पारी, दिल्ली का विजयी ‘चौका’ दिल्ली कैपिटल्स की जीत में केएल राहुल की अहम भूमिका रही. केएल राहुल ने नाबाद 93 रन बनाए. राहुल ने 53 गेंदों की पारी में सात चौके और छह छक्के जड़े. दिल्ली कैपिटल्स की मौजूदा सीजन में ये लगातार चौथी जीत रही और उसका विजय रथ जारी है. वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पांच मैचों में ये दूसरी हार रही. टारगेट का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 10 रनों के स्कोर तक दो विकेट खो दिए. पहले यश दयाल ने फाफ डु प्लेसिस (2) को आउट किया. फिर दूसरे सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क (7) को भुवनेश्वर कुमार ने पवेलियन भेज दिया. फिर दिल्ली को भुवनेश्वर कुमार ने जल्द ही तीसरा झटका दिया, जब ‘इम्पैक्ट सब’ अभिषेक पोरेल (7) बड़ा शॉट मारने के चक्कर में विकेटकीपर जितेश शर्मा को कैच थमा बैठे. कप्तान अक्षर पटेल भी 15 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके कारण दिल्ली का स्कोर 4 विकेट पर 58 रन हो गया. यहां से केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने मिलकर दिल्ली कैपिटल्स की वापसी कराई. दोनों के बीच 111 रनों की नाबाद साझेदारी हुई. राहुल शुरुआत से ही लय में दिखे और उन्होंने खराब गेंदों पर कड़े प्रहार किए. राहुल ने 37 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. फिफ्टी जड़ने के बाद राहुल ने आक्रामक रवैया अपनाया और पारी के 15वें ओवर में जोश हेजलवुड की गेंदों पर 22 रन बनाए. इस ओवर के बाद मैच दिल्ली की तरफ शिफ्ट हो गया. स्टब्स (नाबाद 38) ने भी बाद में कुछ बेहतरीन शॉट्स लगाकर दिल्ली का काम आसान कर दिया. RCB विकेट लेकर भी नहीं कर पाई कंट्रोल RCB ने जैसे तैसे कर 163/7 का स्कोर 20 ओवर्स में बनाया. दिल्ली जब रनचेज करने उतरी तो लगा कि बेंगलुरु इस मैच में कमाल कर देगी. फाफ डु प्लेस‍िस (2) को यश दयाल ने कप्तान पाटीदार के हाथों कैच आउट करवाया. फ‍िर जेक फ्रेजर मैकगर्क (7) और इम्पैक्ट सब अभ‍िषेक पोरेल (7) दोनों ही भुवनेश्वर कुमार की गेंदों पर विकेटकीपर ज‍ितेश शर्मा को कैच दे बैठे. इस तरह दिल्ली का स्कोर इन तीनों के आउट होते हुए 5 ओवर के अंदर 30/3 हो गया. कुछ देर बाद अक्षर पटेल (15) भी चलते बने. इस तरह दिल्ली का स्कोर 58/4 हो गया.

इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका?

medication into the body

injection tablet or liquid what is the fastest way to get medication into the body Way to Get Medication into the Body : किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर डॉक्टर उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हे दवाएं देते हैं. डॉक्टर अपने मरीजों को दवाएं कई रूपों में देते हैं, जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड सिरप, इंजेक्शन या फिर इन्हेलर जैसे अन्य विकल्प होते हैं. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि इनमें से किस तरह की दवाएं सबसे अधिक असरदार होती हैं? तो आपको बता दें कि इसका जवाब इस पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह की समस्या हुई है और आपकी स्थिति कितनी गंभीर है. आइए जानते हैं इस बारे में- टैबलेट और कैप्सूल टैबलेट और कैप्सूल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है. इन्हें लेना आसान होता है, ये लंबे समय तक स्टोर की जा सकती हैं और कम खर्चीली भी होती हैं. हालांकि, इन्हें पचने और खून में घुलने में समय लगता है, इसलिए ये उन बीमारियों में दी जाती हैं जिनमें तुरंत असर की जरूरत नहीं होती, जैसे – सामान्य बुखार, दर्द, एलर्जी, ब्लड प्रेशर इत्यादि स्थितियों में टैबलेट और कैप्सूल जैसी दवाएं दी जाती हैं. लिक्विड जिन मरीजों के निगलने की क्षमता कम होती है, जैसे- छोटे बच्चे या बुजुर्ग, उन्हें दवाएं लिक्विड दी जाती हैं. लिक्विड में मिलने वाली दवाएं जल्दी अवशोषित होती हैं और स्वाद के अनुसार बनाई जाती हैं. पर इनकी मात्रा का सही निर्धारण जरूरी होता है. इंजेक्शन किसी भी मरीज को इंजेक्शन तब दिया जाता है, जब दवा को शरीर में तुरंत पहुंचाना होता है. इंजेक्शन सबसे सबसे प्रभावी तरीका होता है. ये सीधे खून में (IV), मांसपेशी (IM) या स्किन के नीचे (SC) दिए जाते हैं. इंजेक्शन गंभीर संक्रमण, एलर्जी रिएक्शन या सर्जरी के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है. मुख्य रूप से तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, गंभीर संक्रमण, डायबिटीज (इंसुलिन) जैसी स्थितियों में दिया जाता है. सबसे सही तरीका कौन सा है? दवाएं देने का कोई सही तरीका नहीं होता है. यह पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि बीमारी की गंभीरता क्या है? दवा कितनी जल्दी असर दिखानी चाहिए? मरीज की उम्र और शारीरिक स्थिति क्या है? हर दवा देने का तरीका अपनी जगह सही होता है. डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं. खुद से दवाओं का रूप या तरीका बदलना खतरनाक हो सकता है, इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है.

योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद पहली बार वाराणसी आ रहे पीएम मोदी

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के 50वें दौरे पर आज काशी आएंगे। वहीं, यूपी की योगी सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री काशी से जनहित की 3,884.18 करोड़ रुपए की 44 विकास योजनाओं की सौगात पूर्वांचल को देंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगभग ढाई घंटे का प्रवास करेंगे। पीएम राजा तालाब के मेहदीगंज में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा का दावा है कि जनसभा में 50 हजार से ज्यादा जनमानस उमड़ेगा। पीएम की अगवानी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। दोनों डिप्टी सीएम भी सभास्थल पर मौजूद रहेंगे। बनास डेयरी के चेयरमैन और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी भी मंच पर रहेंगे। काशी और उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के लिए विकास और कानून व्यवस्था का पैमाना बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में काशी विकास के नए आयाम छू रहा है। सरकार के विकास कार्यों को जनता को समर्पित करने के लिए प्रधानमंत्री शुक्रवार को वाराणसी पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी सुबह तकरीबन 10:30 बजे पहुंचेंगे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ही हेलीकाप्टर द्वारा मेहंदीगंज के लिए उड़ान भरेंगे। प्रधानमंत्री 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाओं का उद्घाटन और 2,255.05 करोड़ की 25 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी बनास (अमूल) से जुड़े प्रदेश के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपए का बोनस भी ट्रांसफर कर सकते हैं। साथ ही तीन जीआई को सर्टिफिकेट और 70 वर्ष से अधिक आयु के तीन बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड देने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली 3,884.18 करोड़ की परियोजनाएं- लोकार्पित होने वाली 1,629.13 करोड़ की 19 योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण- 345.12 2- उमरहा से अटेसुवा तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 43.85 3- बाबतपुर से जमालापुर तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 32.73 4- वाराणसी-भदोही मार्ग से सेवापुरी ब्लॉक तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 21.98 5- रामनगर-पंचवटी तिराहा से एनएच-19 तक किला कटरिया सड़क मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य – 5.79 6- वाराणसी पुलिस लाइन परिसर में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य – 24.96 7- पीएसी रामनगर परिसर में सुरक्षाकर्मी बैरक का निर्माण कार्य – 10.02 8- वाराणसी नगर के 6 वार्डों का सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य – 27.33 9- वाराणसी में सामने घाट का पुनर्विकास कार्य – 10.55 10- रामनगर, वाराणसी में शास्त्री घाट का पुनर्विकास कार्य -10.55 11- रोहनिया में मांडवी तालाब का पर्यटन विकास कार्य – 4.18 12- राजकीय पॉलिटेक्निक, ग्राम कुरु, पिंडरा का निर्माण कार्य – 10.60 13- सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय महाविद्यालय, ग्राम बरकी सेवापुरी का निर्माण कार्य – 7.60 14- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य – 12.00 15- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 356 पुस्तकालयों का स्थापना कार्य – 7.12 16- वाराणसी शहर में महत्वपूर्ण स्थलों पर स्कल्पचर स्थापित किए जाने का कार्य – 9.34 17- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, साहूपुरी, चंदौली – 493.97 18- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन, मछलीशहर जौनपुर – 428.74 19- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, भदौरा गाजीपुर – 122.70 शिलान्यास होने वाली 2,255.05 करोड़ की योजनाएं (लागत करोड़ में) 1- लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट वाराणसी के समीप एनएच-31 पर अंडर पास टनल का निर्माण – 652.64 2- वाराणसी में विद्युत तंत्र प्रणाली के उन्नयन व आधुनिकीकरण के कार्य – 584.41 3- वाराणसी नगर में एमएसएमई यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य – 154.71 4- वाराणसी रिंग रोड तथा सारनाथ के मध्य सड़क सेतु का निर्माण कार्य – 161.36 5- भिखारीपुर तिराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 118.84 6- मंडुवाडीह चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण – 56.73 7- काजीसराय से गैरहा मुर्दहा सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 23.66 8- कुरु कोइलर से धौकलगंज सरावां सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य – 18.08 9- हाथीवार चुरापुर बाबतपुर सड़क मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य – 6.62 10- बाबतपुर से चौबेपुर तक सड़क मार्ग का नवीनीकरण कार्य – 9.85 11- पुलिस लाइन वाराणसी में आवासीय छात्रावास का निर्माण कार्य – 76.42 12- वाराणसी में थाना शिवपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 10.60 13- वाराणसी में थाना मिर्जामुराद के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.99 14- वाराणसी में थाना लालपुर पांडेयपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.31 15- वाराणसी में थाना बड़ागांव के प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य – 7.14 16- वाराणसी शहर में विभिन्न पार्कों का सौंदर्यीकरण कार्य – 25.00 17- वाराणसी मोहनसराय स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना के विकास कार्य – 12.00 18- शिवपुर वाराणसी में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य – 6.15 19- भेलूपुर वाराणसी में ग्रिड से जुड़ा ग्राउंड/रूफटॉप डब्ल्यूटीपी पर 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र – 9.26 20- वाराणसी शहर में स्मार्ट क्लास के साथ 77 प्राथमिक विद्यालय भवनों का नवीनीकरण – 12.60 21- उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में सिंथेटिक हॉकी टर्फ मैदान, फ्लड लाइट, दर्शक दीर्घा और खिलाड़ियों की सुविधाओं का निर्माण – 8.37 22- वाराणसी की 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य – 30.50 23- कस्तूरबा गांधी विद्यालय, चोलापुर, वाराणसी के भवन का निर्माण कार्य – 4.17 24- 220 केवी सब स्टेशन का निर्माण कार्य संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी – 191.14 25- 132 केवी सबस्टेशन का निर्माण कार्य, गाजीपुर – 59.50

गौ-सेवा सहित जनकल्याण के कार्य होंगे निंरतर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के हैं प्रेरणा पुंज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के प्रेरणा पुंज हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गौ-सेवा सहित जनकल्याण के कार्य होंगे निंरतर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  महावीर जयंती पर रवीन्द्र भवन में हुआ विशेष कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार गौमाता की सेवा सहित जनकल्याण के विभिन्न कार्यों को संतजन का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त कर निरंतर रूप से कार्य करेगी। हमारे संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के प्रेरणा पुंज हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा, संयम, सत्य, समर्पण के मूल्यों को महत्व दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराज जी और अन्य संतों के आशीर्वाद से राज्य सरकार महावीर स्वामी के सिद्धांतों का पालन करते हुए  जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रही है। मु ख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन सभागम, भोपाल में  गुरूवार की शाम आयोजित महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव और मुनि प्रमाणसागर जी महाराज के 38वें दीक्षा दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जैन संप्रदाय के विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनन्दन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर और हमारे अन्य आराध्यों से भारत की विशेष पहचान विश्व में बनी है। विश्व के अधिकांश देशों में विभिन्न प्रकार के संघर्षों से संस्कृति की धारा प्रभावित हुई लेकिन भारत ऐसा राष्ट्र है जो संतों, मुनियों के बताए मार्ग पर आज भी चल रहा है।  भारत में सन्मार्ग पर चलने की गौरवशाली परम्परा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि प्रमाणसागर जी महाराज के चरणों में नमन करते हुए कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं, इनमें से अनेक देशों की संस्कृति कहां गई, किसी को पता नहीं चला। दुनिया भले उलझन में रहे लेकिन भारतमाता ने कई संस्कृतियों को पल्लवित-पोषित किया है। भगवान महावीर स्वामी ने जीवन का रहस्य भी समझाया है। अपरिग्रह, त्याग, ब्रह्मचर्य, समर्पण के मूल्यों को उन्होंने स्थापित किया। आचार्य विद्यासागर जी को देखकर भगवान महावीर का स्मरण होता था। आचार्य विद्यासागर जी महाराज जीते जी देवत्व को प्राप्त हो गए। उनके बारे में लिखे साहित्य को पढ़ने पर यह ज्ञात होता है कि वैचारिक रूप से वे कितने समृद्ध थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि से मुख्यमंत्री निवास पधारने का अनुरोध भी किया। सत्ता के साथ श्रद्धा हो तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है मुनि प्रमाणसागर जी महाराज  ने कहा कि आज देश का सौभाग्य है देश और देश के  कई राज्यों में धर्मधारी सत्ता में हैं। सत्ता के साथ श्रद्धा हो, तो संस्कृति प्रतिष्ठित होती है। हमारी संस्कृति पर अनेक आघात भी हुए, लेकिन आज भी संस्कृति का स्वरूप सुरक्षित है। एआइ और रोबोट आ जाने से कार्य में सुविधा हो सकती है, लेकिन ये यंत्र संवेदना से दूर हैं। मनुष्य के पास संवेदना की शक्ति है। यदि संवेदना नहीं है तो मनुष्य भी रोबोट और यंत्र ही कहलाएंगे। हमने ऐसी धरा पर जन्म लिया है जहां उत्तम विरासत प्राप्त हुई है। भौतिक समृद्धि स्थाई  समृद्धि नहीं है। आध्यात्मिक मजबूती को आदर्श बनाने की आवश्यकता है। आचार विचार हीनता का कोई स्थान न होतो जीवन सफल और सार्थक होता है। आधुनिकता के साथ कार्य के प्रति ईमानदारी हो, तो परमात्मा भी मनुष्य को सक्षम बनाता है। राज्य सरकार के गौ सेवा के प्रयास महत्वपूर्ण और सराहनीय हैं मुनिप्रमाणसागर जी महाराज  ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के गौ सेवा के प्रयास महत्वपूर्ण और सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शालाओं में गायों के लिए आहार की राशि दोगुनी करने की घोषणा को मंत्रि-परिषद की स्वीकृति दिलवाई और इस तरह के प्रयास निंरतर कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और गौरवशाली परम्परा को सशक्त बनाते हैं। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के पदाधिकारियों और विभिन्न संस्थाओं की ओर से अभिनन्दन किया गया। मनोज वांगा ने स्वागत उदबोधन दिया। महावीर जन्मोत्सव पर उपस्थित मुनि संघ और अनेक संतों के साथ जैन धर्मावलंबी बड़ी सख्या में उपस्थित थे।  ‘  

कटनी में बनाया जा रहा ग्रेड सेपरेटर एक एलिवेटेड वायडक्ट, मालगाड़ियों का बायपास होगा

जबलपुर  देश के सबसे लंबे रेल फ्लाईओवर (ग्रेड सेपरेटर) का अप लाइन ट्रैक तैयार हो गया है। दो दिन पूर्व मालगाड़ी दौड़ाकर ट्रैक की संरचना की आंतरिक जांच की गई और ट्रायल सफल रहा। पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत मध्य प्रदेश के कटनी में बनाया जा रहा यह ग्रेड सेपरेटर एक एलिवेटेड वायडक्ट है। यह रेल फ्लाईओवर कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन और कटनी मुड़वारा स्टेशन के ऊपर से बनाया गया है। ये मालगाड़ी के लिए बायपास मार्ग के रूप में कार्य करेगा। अप लाइन सिंगरौली और बीना रेल लाइन को ग्रेड सेपरेटर के माध्यम से सीधा जोड़ती है। बिलासपुर से बीना रेल लाइन को सीधे जोड़ने वाली डाउन लाइन के शेष कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्षांत तक यह एलिवेटेड वायडक्ट रेलवे फ्लाईओवर पूर्ण कर लिए जाने की तैयारी है। ग्रेड सेपरेटर के बन जाने पर मालगाड़ियां कटनी के स्टेशनों को सीधे पार कर जाएंगी। इससे यात्री ट्रेनों के आवागमन का मार्ग सरल होगा। संरक्षा कमियों को जांचा सिंगरौली मार्ग पर कटंगी खुर्द से दमोह रेलमार्ग पर न्यू मझगवां तक कटनी होकर ग्रेड सेपरेटर के अपलाइन की दूरी 15.85 किलोमीटर है। यहां ट्रैक का काम पूरा होने पर दो दिन पूर्व मालगाड़ी चलाकर ट्रायल लिया गया। ट्रैक में संरक्षा कमियों को जांचा गया। ट्रायल में मिली कमियों को दूर किया जा रहा है। ग्रेड सेपरेटर के 17.52 किलोमीटर लंबे डाउन लाइन के कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। कुल 34 किलोमीटर लंबे इस ग्रेड सेपरेटर पर अप और डाउन लाइन का ट्रैक एक वायडक्ट का निर्माण करता है। परियोजना पूरी होने और आंतरिक ट्रायल में सफल रहने पर कमिश्नर रेल सेफ्टी (सीआरएस) को बुलाया जाएगा। सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन प्रारंभ होगा। मालगाड़ियों का बायपास होगा ग्रेड सेपरेटर कटनी में रेल बायपास का कार्य करेगा। इसका निर्माण इस प्रकार से किया जा रहा है कि मालगाड़ियों को कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन और कटनी मुड़वारा के स्टेशन एवं यार्ड में प्रवेश न करना पड़े। बिलासपुर और सिंगरौली की ओर से आने वाली मालगाड़ियां स्टेशन एवं यार्ड के ऊपर से जाकर सीधे बीना रेल लाइन से संपर्क स्थापित कर सकें। इसके बनने से मालगाड़ियों का यात्रा समय बचेगा। अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाना संभव होगा। सीआरएस का निरीक्षण कराया जाएगा     कटनी ग्रेड सेपरेटर का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अप लाइन पर अभी संरक्षा संबंधी कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं। उसके बाद सीआरएस का निरीक्षण कराया जाएगा। – हर्षित श्रीवास्तव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेल  

केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में 954 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत वहन करेगी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत देश में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्र-छात्राओं को गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसमें उपयोग होने वाली सामग्री लागत में 9.50 फीसदी की वृद्धि की है। इस वृद्धि के कारण केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 954 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत वहन करेगी। इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिलता रहेगा। शिक्षा मंत्रालय ने इसके बारे में एक बयान जारी बताया। यह नई दरें 1 मई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होंगी। पीएम पोषण योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसके अंतर्गत 10.36 लाख सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय आते हैं। यहां बाल वाटिका और कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत 11.20 करोड़ विद्यार्थियों को दिन में एक बार गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य पोषण सहायता प्रदान करना और विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन बनाने के लिए दाल, सब्जियां, तेल, मसाले और ईंधन आदि की खरीद के लिए ‘सामग्री लागत’ प्रदान की जाती है। सामग्री लागत के अलावा, भारत सरकार भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से लगभग 26 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भी उपलब्ध कराती है। भारत सरकार खाद्यान्न की 100 प्रतिशत लागत वहन करती है। इसमें प्रति वर्ष लगभग 9,000 करोड़ रुपये का अनुदान और भारतीय खाद्य निगम डिपो से विद्यालयों तक खाद्यान्न की 100 प्रतिशत परिवहन लागत शामिल है। योजना के अंतर्गत खाद्यान्न लागत सहित सभी घटकों को जोड़ने के बाद प्रति भोजन लागत बाल वाटिका और प्राथमिक कक्षाओं के लिए लगभग 12.13 रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 17.62 रुपये आती है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय का श्रम ब्यूरो, पीएम पोषण के अंतर्गत इन वस्तुओं के लिए मुद्रास्फीति के आंकड़े प्रदान करता है। इन आंकड़ों के अनुसार पीएम पोषण के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) तैयार किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह सूचकांक, देश के 20 राज्यों में फैले 600 गांवों के नमूने से निरंतर मासिक मूल्य एकत्र करने के आधार पर जारी किया जाता है। ये सामग्री लागत दरें न्यूनतम अनिवार्य दरें हैं। वहीं राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसमें अपने निर्धारित हिस्से से अधिक योगदान करने के लिए स्वतंत्र हैं।  

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