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16 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज ठीक-ठाक कमाई होगी। आपको अपने काम से जुड़े जरूरी डिसीजन लेने पड़ सकते हैं। फिट रहने के लिए और अपने शेप को मेंटेन करने के लिए आज साग-सब्जी खाने पर फोकस रखें। स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ: आज आप घर पर डिनर या टाइम स्पेंड करने के लिए किसी को इन्वाइट भी कर सकते हैं। आज अपनी हेल्थ को बेटर बनाए रखने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। आज धन-लाभ होने के चांस ज्यादा है। मिथुन: अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज पैसों की कोई कमी महसूस नहीं होगी। करियर के मामले में कोई भी एक्शन लेने से पहले अपने सीनियर्स को इन्फॉर्म जरूर करें आज। कोई गुड न्यूज आपके फैमिली मेंबर्स को खुशी दे सकती है। कर्क: घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ भी कुछ टाइम स्पेंड करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के लिए आज प्रॉपर्टी की डील धन-लाभ का कारण भी बन सकती है। कुछ लोगों को सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सिंह: बिना एफर्ट डाले आप खुद को फिट नहीं रख सकते हैं। पैसे कमाने के लिए नए मौके नजर आ सकते हैं। कुछ लोग अपने सीनियर्स के फेवरेट बन सकते हैं, जिससे उनको करियर में अच्छी पोजीशन भी हासिल हो सकती है। कन्या: आज आप अपनी नॉर्मल एक्सरसाइज रूटीन से ब्रेक लेने की इच्छा महसूस कर सकते हैं। पैसों के मामले में आपको एफर्ट्स बढ़ाने पड़ेंगे। वहीं, वर्कप्लेस पर आज आप अच्छी तरह से अपने टाइम को मैनेज करने में कामयाब रहेंगे। तुला: वर्कप्लेस पर आज आप अपनी स्किल्स के साथ सिचुएशन को पलट सकते हैं। संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। स्टूडेंट्स को अपने क्लासमेट के साथ टीम के रूप में काम करना चाहिए। वृश्चिक: अगर आप काम के प्रेशर से थक चुके हैं तो वेकेशन प्लान करने का सही समय है। प्रॉपर्टी से जुड़े पेंडिंग काम पूरे हो सकते हैं। वहीं, शिक्षा के मामले में स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस आज उतना हाई नहीं रहेगा। धनु: घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहने वाला है। धार्मिक स्थल पर समय बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने शेप को बेहतर बनाने के लिए आपको रेग्युलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। धन के मामले में आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मकर: आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत है। आज काम से जुड़े जरूरी टास्क कंप्लीट करते समय थोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन दिन खत्म होने से पहले आप डेडलाइन पूरी कर लेंगे। कुंभ: आज सिंगल्स को नई जगह एक्सप्लोर करने और नए लोगों से मिलने की सलाह दी जाती है। वहीं, संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को गुड न्यूज मिल सकती है। पैसों के मामले में आज आपकी सिचुएशन स्टेबल रहने वाली है। मीन: आज सेहत के मामले में आपका दिन शानदार रहने वाला है। पैसों की सिचुएशन भी अच्छी रहेगी क्योंकि प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं। आपका कोई करीबी आज आपको गिफ्ट दे सकता है या डेट पर ले जा सकता है।

नेकां और भाजपा दोनों एक दूसरे का रणनीतिक रूप से साथ दे रही हैं, वक्फ बिल समर्थन देने का लगाया आरोप: इल्तिजा मुफ्ती

श्रीनगर वक्फ बिल जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां)और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) के बीच वाकयुद्ध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने नेकां पर भाजपा का वक्फ अधिनियम पर साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेकां और भाजपा दोनों एक दूसरे का रणनीतिक रूप से साथ दे रही हैं, सिर्फ दिखावे के लिए एक दूसरे के खिलाफ नजर आती हैं। नेकां प्रवक्ता तनवीर सादिक ने भी पलटवार करते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि सत्ता के लिए कौन भाजपा की गोद में बैठा था, हमने कभी भी जम्मू कश्मीर के हितों के साथ कुर्सी के लिए समझौता नहीं किया। नेकां-भाजपा की आपस में सांठ-गांठ: इल्तिजा पत्रकारों के साथ बातचीत में इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा और नेकां दोनों की आपस में सांठ-गांठ हैं। दोनों एक दूसरे का विरोध सिर्फ दिखावे के लिए और एक दूसरे को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए करते हैं। असलियत मं दोनों एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि नेकां को सिर्फ सत्ता से मतलब है कि इसके लिए वह कुछ भी कर सकती है। मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट पर पूछा सवाल इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि नेकां केा जम्मू कश्मीर और इसके लोगों से कोई मतलब नहीं है। सभी जानते हैं कि नेकां के शासनकाल में मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट में क्या क्या हुआ है, पीडीपी संस्थापक स्व मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इसे नेकां की चंगुल से मुक्त कराकर इसके कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लायी है। इल्तिजा ने वक्फ बिल पर नेकां को घेरा इल्तिजा मुफ्ती कहा कि एक तरफ नेकां के सदस्य सदन में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हंगामा करते हैं और दूसरी तरफ नेकां अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर स्पीकर को सही ठहराते हैं। एक तरफ वह कहते हैं कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस पर प्रदेश विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती और दूसरी तरफ अनुच्छेद 370 के मामले पर वह ऐसा नहीं करते। इल्तिजा ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आए हैं, जम्मू कश्मीर नहीं। जब जम्मू कश्मीर विधानसभा के सत्र मं वक्फ बिल पर हंगामा हो रहा था, मुख्यमंत्री ट्यूलिप गार्डन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ टहल रहे थे। पांच अगस्त 2019 और उसके बाद केंद्र सरकार ने जो कुछ जम्मू कश्मीर मे किया है, नेकां उसे सामान्य बनाने, उसे न्यायोचित्त साबित करने का प्रयास कर रही हे। नेकां ने भी इल्तिजा पर किया पलटवार नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने दैनिक जागरण के साथ फोन पर कहा कि इल्तिजा मुफ्ती को पहले पीडीपी और इसके नेताओं का इतिहास अच्छी तरह से जान लेना चाहिए। पीडीपी ने ही भाजपा को जम्मू कश्मीर में सत्ता तक पहुंचाया और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के लिए भाजपा का मौका दिया। तनवीर सादिक ने कहा कि पीडीपी ने ही सत्ता के लिए भाजपा का साथ दिया है। पीडीपी के नेता ही सत्ता के लिए भाजपा की गोद में बैठे हैं,नेकां नहीं। उन्होंने कहा कि पीडीपी- भाजपा गठबंधन सरकार के समय, जब महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं तो उनके कैबिनेट मंत्री जो भाजपा से जुड़े हुऐ थे, अपनी वाहन पर जम्मू कश्मीर राज्य का ध्वज नहीं लगाते थे, 13 जुलाई को शहीदी दिवस के अधिकारिक समारोह से वह गायब रहते थे, लेकिन पीडीपी सत्ता के लिए चुप रहती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो कानून लाया है, वह मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट कश्मीर पर लागू नहीं होता। वक्फ बोर्ड और मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट दोनों अलग अलग हैं। बेहतर है कि इल्तिजा मुफ्ती पहले अपना होमवर्क अच्छी तरह से पूरा कर लिया करें।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती से भारत की बल्ले-बल्ले, पाकिस्तान की बढ़ जाएगी टेंशन?

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता का पहला दौर समाप्त हो चुका है। दोनों पक्षों ने कहा है कि जल्द ही वार्ता के दूसरे दौर की तारीख व स्थल भी तय किया जाएगा। इस बीच ईरान के आयातुल्लाह अली खामनेई ने भी वार्ता को अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में भारत भी इन सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। इस महीने के अंत में ब्रिक्स संगठन के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अर्घची के साथ मुलाकात भी संभव है। यही नहीं अगर सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई, 2025 में होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (ब्राजील) में पीएम नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान के साथ बैठक कराने को लेकर भी दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संपर्क है। ईरान को लेकर कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं ट्रंप सूत्रों ने बताया कि, “ट्रंप प्रशासन ने दोबारा सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद चाबहार को लेकर भारत की विकास सहायता पर भी परोक्ष तौर पर पाबंदी लगाने का संकेत दिया था। यह चिंता की बात थी क्योंकि पूर्व की बाइडन सरकार ने जब ईरान पर प्रतिबंध लगाया था तो चाबहार को उससे अलग रखा था। ऐसे में भारत को इस बात की आशंका थी कि ईरान को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की शुरूआत ने माहौल बदल दिया है।” ईरान के दक्षिणी पश्चिमी तट पर स्थित चाबहार पोर्ट भारत की अभी तक की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। इसके जरिए भारत ना सिर्फ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चीन की तरफ से निर्मित ग्वादर बंदरगाह को चुनौती पेश करने की मंशा रखता है बल्कि भारतीय उत्पादों को मध्य एशियाई व यूरोपीय बाजार में भेजने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहता है। ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर भारत की बातचीत जारी वर्ष 2016 में भारत और ईरान के बीच तब 8 अरब डॉलर के निवेश को लेकर समझौता हुआ था। मई, 2024 में भारत व ईरान के बीच चाबहार पोर्ट पर एक और टर्मिनल के निर्माण के लिए समझौता हुआ था। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इसकी प्रगति बहुत उल्लेखनीय नहीं है। भारत की तेल कंपनियों के सूत्रों ने भी बताया है कि ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत जारी है। वैसे यह तभी संभव होगा जब अमेरिकी सरकार की तरफ से ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाये जाए। ऐसा पूर्व में जुलाई, 2015 में बराक ओबामा की सरकार ने किया था। तब भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंध हटने के तकरीबन एक हफ्ते के भीतर ही पहला तेल सौदा कर लिया था। इस बार प्रतिबंध बहुत लंबा खींच गया है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के पेट्रोलियम सेक्टर में कोई खास संपर्क नहीं है। अब वह संपर्क फिर से स्थापित किया जा रहा है। कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था तेल कंपनियों के सूत्रों का कहना है कि “जिस तरह से वैश्विक हालात अनिश्चित व अस्थिरत हैं उसमें भारत ईरान जैसे एक पुराने भरोसेमंद तेल आपूर्तिकर्ता देश के साथ निश्चित तौर पर कारोबार बढ़ाना चाहेगा।” कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था। वर्ष 2018-19 में भारत ने ईरान से 12 अरब डॉलर मूल्य के कच्चे तेल की खरीद की थी। अमेरिकी प्रतिबंध ने ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने की सोच रहे भारतीय कंपनियों के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है। अमेरिका व ईरान के बीच संबंधों में सुधार भारतीय कंपनियों को फिर से अपनी निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका दे सकता है।

यमन की राजधानी सना के पश्चिमी इलाके में एक सिरेमिक फैक्ट्री पर अमेरिकी हवाई हमला, 123 नागरिकों की मौत

सना हूती नियंत्रण वाले स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मार्च के मध्य से यमन में अमेरिकी सेना ने फिर से हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों में अब तक 123 आम लोगों की मौत हो चुकी है और 247 लोग घायल हुए हैं। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। यह बयान रविवार देर रात तब जारी किया गया, जब यमन की राजधानी सना के पश्चिमी इलाके में एक सिरेमिक फैक्ट्री पर अमेरिकी हवाई हमला हुआ। इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हो गए। 9 अप्रैल को स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया था कि ताजा अमेरिकी हवाई हमलों में 107 लोगों की जान गई है और 223 लोग घायल हुए हैं। हूती समूह आम तौर पर अपने लड़ाकों की मौत की जानकारी नहीं देता। हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों में कई हूती नेता मारे गए हैं, लेकिन हूती समूह ने इस दावे को गलत बताया है। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी है। रविवार को हूती समूह ने कहा कि उन्होंने एक और अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराया है। नवंबर 2023 से अब तक यह 19वां ड्रोन है जिसे उन्होंने गिराया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने हूती के अल-मसीरा टीवी पर कहा कि यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में हज्जाह प्रांत के हवाई क्षेत्र में दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई करते समय अमेरिका का एक एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराया गया। सारेया ने बताया कि ड्रोन को एक स्थानीय स्तर पर निर्मित हुई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि “अमेरिका के लगातार हमलों” से हूती समूह की सैन्य ताकत पर कोई असर नहीं पड़ा है। बयान में कहा गया कि हूती समूह फिलिस्तीनी लोगों का समर्थन करता है और उसकी गतिविधियां तब तक चलती रहेंगी जब तक गाजा पर इजरायली हमला खत्म नहीं होता और घेराबंदी हटा नहीं ली जाती। अमेरिका ने 15 मार्च को हूती लड़ाकों के खिलाफ फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद हूती समूह को लाल सागर में इजरायली और अमेरिकी जहाजों पर हमले करने से रोकना है। उत्तरी यमन के विशाल क्षेत्रों पर नियंत्रण रखने वाले हूती गाजा पट्टी में इजरायली बमबारी के तहत फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए नवंबर 2023 से इजरायली ठिकानों पर हमला कर रहे हैं।

भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा- पश्चिम बंगाल में हालात ठीक नहीं, हिंदु पलायन के लिए मजबूर

पुरुलिया पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मालदा और मुर्शिदाबाद के बाद अब दक्षिण 24 परगना जिले में हिंसा देखने को मिली है। पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने दक्षिण 24 परगना जिले में हुई हिंसा को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात ठीक नहीं हैं। भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “देखिए, भाजपा कई दिनों से कह रही है कि पश्चिम बंगाल में हालात ठीक नहीं हैं। यहां जम्मू-कश्मीर जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जिस तरह से 1990 में कश्मीर में हिंदुओं को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था, उसी तरह मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और दक्षिण 24 परगना में भी हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने पश्चिम बंगाल के हालात के बारे में गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। मैंने उनसे गुहार लगाई है कि सेंट्रल फोर्स की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को ग्रेटर बांग्लादेश बनाने की योजना बना रही हैं। आप देखेंगे कि हिंसक घटनाएं धीरे-धीरे पुरुलिया तक पहुंच जाएंगी। ममता बनर्जी सिर्फ वोट बैंक के लिए हिंदुओं की मौत की साजिश रच रही हैं। ऐसा करने से नहीं रोका गया तो बंगाल नहीं बचेगा।” उल्लेखनीय है कि संसद से वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित होने के बाद मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए, जो बाद में हिंसक हो गए। बड़ी संख्या में हिंदू वहां से पलायन कर रहे हैं। इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट की एक विशेष डिवीजन बेंच के निर्देश के बाद मुर्शिदाबाद जिले में भड़की हिंसा के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया गया है। कोर्ट ने कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हाल के दिनों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान सांप्रदायिक अशांति को नियंत्रित करने के लिए किए गए उपाय पर्याप्त नहीं थे। बेंच ने यह भी कहा कि अगर पहले सीएपीएफ तैनात किया गया होता, तो स्थिति इतनी गंभीर और अस्थिर नहीं होती।

व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा, ‘टैक्स छूट भी कर देंगे खत्म’

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक और धमकी दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अगर उसने व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा। इससे पहले, ट्रंप ने यूनिवर्सिटी को मिलने वाली 2.2 बिलियन डॉलर की फंडिंग को रोक दिया था, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को नियंत्रण में लाने के प्लान का विरोध किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘शायद हार्वर्ड को अपनी टैक्स छूट वाली स्थिति खो देनी चाहिए और इसे एक पॉलिटिकल यूनिट की तरह टैक्स के दायरे में लाना चाहिए। अगर यह राजनीतिक, वैचारिक और आतंकवादी प्रेरित/समर्थन करने वाली ‘बीमारी’ को बढ़ावा देता रहा?’ उन्होंने कहा कि याद रखें, टैक्स छूट की स्थिति पूरी तरह से सार्वजनिक हित में कार्य करने पर निर्भर है! यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब विश्वविद्यालय ने सोमवार को कहा था कि वह परिसर में आंदोलन संबंधी सक्रियता को सीमित करने की ट्रंप प्रशासन की मांगों का पालन नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को हार्वर्ड को लिखे पत्र में व्यापाक सरकारी और नेतृत्व सुधारों की मांग रखी, जिसके तहत हार्वर्ड को योग्यता-आधारित प्रवेश और नियुक्ति नीतियां बनानी होंगी। इसमें चेहरे पर पहने जाने वाले मास्क पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। यह मांग फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए की गई प्रतीत होती है। यूनिवर्सिटी का क्या है बयान हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने अपने पत्र में कहा, ‘ये मांगें विश्वविद्यालय के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। टाइटल 6 के तहत सरकार के अधिकार की सीमाओं को पार करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को (चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो) यह निर्देश नहीं देना चाहिए कि निजी विश्वविद्यालय क्या पढ़ा सकते हैं, किसे एडमिशन दे सकते हैं और किसे नियुक्त कर सकते हैं। साथ ही, अध्ययन और जांच के किन क्षेत्रों को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने यहूदी-विरोधी भावना को दूर करने के लिए कई सुधार किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रदेश में उद्योगों को बढावा देने और रोजगार के अवसर तलाशने के कार्य किए गए हैं। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार और झाबुआ जिले में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे वनवासी जिलों में पढ़ाई एवं उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सके। सरकार द्वारा गरीब महिला, किसान, युवा सभी वर्गों के लिए प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल उन्नयन योजना अन्तर्गत शिल्पकार, मिस्त्री, बढ़ई सभी वर्गों को रोजगार स्थापित करने में सरकार द्वारा प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मजदूर भाई-बहनों के कल्याण के लिए संबल योजना संचालित है। संबल योजना अन्तर्गत सभी मजदूर भाई-बहन अपना पंजीयन अनिवार्य रुप से करवाएं। योजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास आदि योजनाओं में लाभान्वित किया जा रहा है। परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के संबल के लिए अनुग्रह राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। संबल योजना में रतलाम जिले के 4 लाख 92 हजार मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। योजना में पुनः सर्वे कराया जाकर वंचित रहे शेष पात्र हितग्राहियों को पक्के मकान प्रदान किए जाएंगे। बच्चों को स्कूल में सायकल, पाठ्य सामग्री, गणवेश तथा फीस की सुविधा सरकार द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की स्थिति बेहतर करने के लिए हर किसान के खेत पर पानी पहुंचाना, बिजली के संसाधन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादन के लिए प्रेरित करने के लिये रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत कोदो, कुटकी, मक्का तथा मोटे अनाज उत्पादन करने वाले कृषको को एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर जयन्ती के अवसर से सरकार द्वारा गोपालकों से सहकारिता समितियों के माध्यम से दूध खरीदने की व्यवस्था के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना प्रारम्भ की जा रही है। पशुपालन अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन के लिए सहकारिता आधारित कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत 25 से ज्यादा गाय-भैंस पालने वाले गौपालक को अनुदान दिया जाएगा। कार्यक्रम में रतलाम महापौर श्री प्रहलाद पटेल ने स्वागत् उद्बोधन दिया। अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रसिंह ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के संस्थापक श्री अरविन्द मोघे का अंग वस्त्रम तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया। विधायक सभागृह रतलाम में आयोजित अधिवेशन में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, विधायक श्री मथुरालाल डामर, विधायक श्री चिन्तामण मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई शंभूलाल चन्द्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री हिम्मत कोठारी, श्री भूरालाल डामर, श्री पवन पंत, श्री राघवसिंह भाभर, श्री बेगाजी, श्री संजयसिंह, श्री कुलदीप गुर्जर, श्री कैलाश निनामा, श्री प्रमोद जैन, श्री भरत पाटीदार, श्री अर्जुन राम, श्री मानसिंह मईडा, श्री भेरुलाल खदेडा, श्री कृष्णकुमार मईडा, श्री बालमुकुन्द पाटीदार, श्री राजू खराडी, पूर्व विधायक श्री दिलीप मकवाना, श्री विप्लव जैन, पूर्व महापौर श्री शैलेन्द्र डागा, श्री बजरंग पुरोहित, श्री अशोक पोरवाल, श्री कन्हैयालाल मौर्य, उपस्थित थे।  

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जारी किया पूरा शेड्यूल, भारत तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज़ के लिए करेगा दौरा

नई दिल्ली भारत 17 से 31 अगस्त तक मीरपुर और चटगांव में तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सफ़ेद गेंद की सीरीज़ के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मंगलवार को कार्यक्रम की घोषणा की। भारतीय टीम 17 अगस्त को मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज के पहले मैच से पूर्व 13 अगस्त को ढाका पहुचेगी। दूसरा वनडे 20 अगस्त को मीरपुर में खेला जाएगा। तीसरा और अंतिम वनडे चटगांव में खेला जाएगा, जहां 26 अगस्त को तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच भी खेला जाएगा। दूसरे और तीसरे टी20 के लिए मैच मीरपुर में ही खेले जाएंगे। यह 2014 के बाद से भारत का बांग्लादेश का पहला सफेद गेंद वाला दौरा होगा। इसके अलावा टी20 सीरीज पहली बार होगी जब बांग्लादेश अपने घर में द्विपक्षीय सीरीज में भारत की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच सबसे हालिया टी20आई सीरीज 2024 में हुई थी, जब बांग्लादेश ने भारत का दौरा किया था और मेजबान टीम ने 3-0 से आसान जीत हासिल की थी। आगामी सीरीज़ के बारे में बात करते हुए BCB के मुख्य कार्यकारी निजाम उद्दीन चौधरी ने दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों में से एक की मेजबानी करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। चौधरी के हवाले से कहा, ‘यह सीरीज हमारे घरेलू कैलेंडर में सबसे रोमांचक और सबसे प्रतीक्षित आयोजनों में से एक होने वाली है। भारत ने सभी प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेंचमार्क स्थापित किया है और दोनों देशों के लाखों क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले का आनंद जरूर लेंगे। बांग्लादेश और भारत ने हाल के वर्षों में कुछ बहुत ही प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं, और मुझे विश्वास है कि यह एक और कड़ी टक्कर वाली और मनोरंजक सीरीज होगी।’ भारत के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम वनडे सीरीज : पहला वनडे – 17 अगस्त, मीरपुर दूसरा वनडे – 20 अगस्त, मीरपुर तीसरा वनडे – 23 अगस्त, चटगांव टी20आई सीरीज : पहला टी20 – 26 अगस्त, चटगांव दूसरा टी20 – 29 अगस्त, मीरपुर तीसरा टी20 – 31 अगस्त, मीरपुर

मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं?, ‘दंगाइयों का इलाज ही डंडा है

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं? सीएम योगी ने मंगलवार को हरदोई में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि याद कीजिए 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को, हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था, इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है। बिना डंडे के मानेंगे नहीं। आप देख रहे होंगे कि बंगाल जल रहा है, वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं, लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं, लेकिन सेकुलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे रखी है। सीएम योगी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है, राज्य सरकार मौन है, इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए और मैं वहां के न्यायालय को इस बात के लिए धन्यवाद दूंगा कि जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। उन्होंने विपक्षी दलों की चुप्पी पर कहा कि सब लोग मौन हैं, मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मौन हैं, टीएमसी मौन है, वे धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं, बांग्लादेश के अंदर जो हुआ था, उसका समर्थन कर रहे हैं, अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो उन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए, क्यों भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं? सीएम योगी ने जिक्र किया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं, जिन्होंने वक्फ कानून को लाकर गरीबों की जमीनों पर डकैती पर लगाम लगाने का काम किया है, अब जो जमीन वापस आएगी, उस पर अस्पताल, गरीबों के लिए घर, ऊंची इमारतें, स्कूल और विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। निवेश के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। लेकिन, किसी को भी जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए ये लोग चिंतित हैं क्योंकि जमीन के नाम पर लूट बंद होने वाली है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी परेशान हैं कि अब उनके गुर्गे खाली हो जाएंगे, जो पहले जनता को लूटते थे, इनको अब भय है कि इनके द्वारा पाले गए गुर्गे ‘भस्मासुर’ बन जाएंगे और इन्हें ही ना लूटना शुरू कर दें। इसलिए, ये अब वक्फ के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

वर्षों के इंतजार के बाद सफदरजंग अस्पताल ने मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी की

नई दिल्ली वर्षों के इंतजार के बाद सफदरजंग अस्पताल ने मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया के तहत हाल ही में ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी किया है। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 800 करोड़ की लागत से करीब एक हजार बेड वाला मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट करीब तीन साल में पूरा होगा। यह सेंटर बनकर तैयार हो जाने पर सफदरजंग अस्पताल में महिलाओं और बच्चों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बाल रोग के लिए करीब 650 बेड आवंटित सफदरजंग अस्पताल के स्त्री रोग और बाल रोग विभाग में मरीजों का काफी दबाव रहता है। इस समय अस्पताल में स्त्री रोग, बाल रोग और बाल शल्य चिकित्सा के लिए करीब 650 बेड आवंटित हैं। इस अस्पताल में रोजाना 60 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का प्रसव होता है।   दिल्ली सरकार के अस्पतालों के अलावा एनसीआर के अस्पतालों से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए इस अस्पताल में भेजा जाता है। इसके अलावा स्त्री रोग से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का भी इलाज होता है। इस वजह से एक बेड पर दो महिला मरीजों को रहने को मजबूर होना पड़ता है। इस वजह से इस अस्पताल में लंबे समय से जच्चा-बच्चा देखभाल केंद्र के निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही थी। वर्ष 2014 में इस अस्पताल के विस्तार के लिए पहले चरण की परियोजना पूरी होने के बाद दूसरे चरण में इस केंद्र के निर्माण की घोषणा की गई थी। पहले चरण में 800 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और वर्ष 2018 में 500 बिस्तरों वाला इमरजेंसी ब्लॉक बनकर तैयार हुआ था। केयर सेंटर की परियोजना लंबित रही इसके बाद मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर की परियोजना लंबित रही। वर्ष 2022 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से संबंधित स्थायी संसदीय समिति की रिपोर्ट में इस परियोजना को जल्द लागू करने की सिफारिश की गई। फिर अक्तूबर 2022 में अस्पताल प्रशासन ने परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर फाइल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी, लेकिन तब तकनीकी कारणों से परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके बाद परियोजना में संशोधन कर दोबारा फाइल भेजी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष के केंद्रीय बजट में मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर, छात्रावास और एक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए 238.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसलिए अब अस्पताल प्रशासन ने ईओआई जारी कर इस सेंटर के निर्माण के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। जल्द ही इसके निर्माण की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को सौंपी जाएगी। वह कंपनी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर वित्त विभाग से अंतिम मंजूरी प्राप्त करेगी और किसी निजी क्षेत्र की कंपनी को टेंडर आवंटित कर निर्माण कार्य कराएगी। इस भवन को तोड़कर किया जाएगा निर्माण पुराने इमरजेंसी ब्लॉक भवन को तोड़कर बहुमंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने 1200-1400 बेड का सेंटर बनाने की योजना बनाई थी लेकिन जगह की उपलब्धता के अनुसार इस सेंटर में करीब एक हजार बेड होंगे। इसमें एक ही छत के नीचे महिलाओं और बच्चों के इलाज और जांच की अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत 2023 बैच के आईएएस अधिकारियों के समूह से राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे असाधारण दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं। इससे उनके निजी जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है। उन्हें अब अधिक दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ अनगिनत लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाने का अवसर मिला है। उनके सेवा और अधिकार का क्षेत्र इतना व्यापक है कि वे अपनी पहली पोस्टिंग में ही कई नागरिकों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारियों को वंचितों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि अधिकारी अपने करियर के दौरान कुछ समय बाद पोस्टिंग वाले स्थानों पर जाएं और अपने काम के दूरगामी परिणाम देखें। अधिकारियों को लोक सेवकों के अधिकारों और कर्तव्यों को ध्यान में रखना चाहिए। एक लोक सेवक के कर्तव्य उसकी जिम्मेदारियां हैं और उसके अधिकार उन कर्तव्यों को पूरा करने का साधन हैं। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि उनके करियर की असली कहानी उनके काम से बनेगी, न कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने से। उनकी असली सामाजिक संपत्ति उनके अच्छे काम से तय होगी। प्रत्येक लोक सेवक को ईमानदारी और उद्देश्य के साथ काम करना चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का हम सभी सामना कर रहे हैं। नैतिकता और मूल्यों का क्षरण भी बहुत गंभीर चुनौतियां हैं। निष्ठावान और ईमानदार होने के बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। ईमानदारी, सच्चाई और सादगी के जीवन मूल्यों का पालन करने वाले लोग अधिक सुखी रहते हैं। लोक सेवा में ईमानदारी सबसे वांछनीय नीति है। लोक सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जीवन के हर क्षेत्र में निष्ठा और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। वे प्रशासकों की जवाबदेही के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को आमजनों के साथ निकटता बढ़ाने और स्थानीय प्रयासों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के जनहित के मुद्दों को हल करने की भी सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय और राज्य स्तर पर उनके विकास और जन कल्याण के कार्य राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे।

रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर समेत कई जिलों में प्लाट, मकान, दुकान खरीदना हो जाएगा महंगा, कलेक्टर गाइडलाइन में होगी बढ़ोतरी

रायपुर नया वित्तीय वर्ष शुरू हो गया है, लेकिन जमीन खरीदने के लिए नया कलेक्टर दर अभी लागू नहीं किया गया है. जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के रिपोर्ट मंगाई गई है. इसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर समेत कई जिलों में 100% तक रेट बढ़ाने की बात सामने आ रही है. इसके लागू होने पर आम आदमी के लिए प्लाट के साथ मकान-दुकान खरीदना महंगा हो जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, जिलों से आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2018-19 से जमीन की सरकारी कीमत नहीं बढ़ी है. इसमें 5 साल में रेट 30% तक कम भी रहे. इस वजह से सरकारी रेट और बाजार भाव में बड़ा अंतर आ गया है. हर शहर में जमीन की कीमत बेतहाशा बढ़ गई. लेकिन शासकीय दस्तावेजों में कीमत अब तक कम है. इस अंतर को खत्म करने के लिए ही नई गाइडलाइन जारी करने की तैयारी है. सालों से सरकारी कीमत नहीं बढ़ने की वजह से इस बार गाइडलाइन तय करने के लिए खासी मशक्कत की जा रही है. जिलों से प्राप्त रिपोर्ट को मूल्यांकन समिति परखेगी और अपनी सिफारिशें देगी. यही वजह है कि 2025- 26 के लिए नई गाइडलाइन इस बार 1 अप्रैल के बजाय थोड़ी देरी से जारी होगी. रायपुर के आउटर में बढ़ सकते हैं रेट कलेक्टर गाइडलाइन में रायपुर में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आउटर एरिया में देखने को मिल सकता है. इसके बाद सेजबहार, सड्डू, कचना, संतोषीनगर, पचपेड़ीनाका, रिंग रोड, मठपुरैना, भाठागांव, कुम्हारपारा, शीतलापारा, ट्रांसपोर्ट नगर, सरोना, बीरगांव, चंदनीडीह, तरुण नगर, बोरियाकला, बोरियाखुर्द समेत कई इलाकों में भी जमीन मकान खरीदना महंगा हो जाएगा. रजिस्ट्री खर्च में भी होगी बढ़ोतरी कलेक्टर दर में बढ़ोतरी का सीधा असर रजिस्ट्री पर पड़ेगा. किसी भी जमीन की रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी 5.5 फीसदी अदा करनी पड़ती है. महिलाओं को इसमें आधा फीसदी की छूट है. रजिस्ट्री के दौरान एक प्रतिशत पंचायत उपकर और एक प्रतिशत निगम ड्यूटी भी अदा करनी होती है. माना जाता है कि जमीन की खरीदी पर खरीदने वाले को -स्टॉप, रजिस्ट्री शुल्क और उपकर पर लगभग 10 फीसदी खर्च करना पड़ता है. इस हिसाब से जमीन की दर बढ़ने के इन पर खर्च बढ़ेगा. अपना रहे मध्यप्रदेश और तेलंगाना का मॉडल पंजीयन विभाग की टीम ने हाल ही में मध्यप्रदेश और तेलंगाना के रजिस्ट्री मॉडल का अध्ययन किया है. मध्यप्रदेश में भी बाजार और सरकारी भाव में अंतर आने की वजह से 150% तक रेट बढ़ाए गए हैं. तेलंगाना के हर जिले में कलेक्टर गाइडलाइन औसतन 50% तक बढ़ाई गई है. जमीन की सरकारी कीमत बढ़ने के बाद भी रियल एस्टेट के कारोबार में उछाल आया. इस रिपोर्ट के आधार पर भी अफसरों ने जमीन की कीमत बढ़ाने की अनुशंसा की है.

वनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये प्रदेश में निरंतर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये प्रदेश में निरंतर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किये जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों के उपयोग से वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण में गतिशीलता लाने के लिये जीआईएस तकनीक का प्रयोग वन क्षेत्रों के नक्शों के निर्माण एवं संधारण के लिये किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा वनों का वैज्ञानिक दृष्टि से इस तरह प्रबंधन करना, जिससे न सिर्फ ग्रामवासियों को वनों से जीविकोपार्जन का स्रोत निरंतर बना रहे, बल्कि प्रबंधन में भी उनकी भागीदारी सशक्त करने का सार्थक प्रयास है। साथ ही इससे यह भी सुनिश्चित करना है कि वन एक प्राकृतिक धरोहर के रूप में संवहनीय, संरक्षित एवं संवर्धित संसाधन के रूप में विकसित होता रहे। मध्यप्रदेश वन एवं वन्य-जीव संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान रखता है। वनखण्डों के मानचित्रों का डिजिटाइजेशन वन विभाग में वनखण्डों के मूल मानचित्रों एवं राजस्व विभाग के खसरेवार उपलब्ध जीआईएस डेटा का उपयोग कर नक्शे तैयार किये गये हैं। अभी तक 64 वन मण्डल में से 40 के परिष्कृत मानचित्र तैयार किये गये हैं एवं 23 वन मण्डलों के वन क्षेत्रों के मानचित्रों का सुधार कार्य प्रगति पर है, इसे शीघ्र पूर्ण किया जायेगा। मेप आईटी से अन्य शासकीय संस्थाओं को भी डेटा प्रदाय किया गया है। इससे वनों के संरक्षण में मदद मिल रही है। प्रदेश के सभी वन मण्डलों के फायर नक्शों का निर्माण सेटेलाइट डेटा के उपयोग से किया गया है, जिसे http://www.mpforest.gov.in/Publicdomain/atlas/FireAtlas.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। सेटेलाइट डेटा कम्पाटमेंट में पिछले 5 वर्षों से कोई वन अग्नि की घटना नहीं होने को हरे रंग से दर्शाया गया है तथा वन अग्नि की घटनाओं वाले क्षेत्रों को लाल रंग से दर्शाया गया है। इससे जंगलों में अग्नि की घटनाओं में कमी आयी है। जल स्रोतों के मानचित्र का एटलस मध्यप्रदेश देश का टाइगर स्टेट है। हमारे वन विविध प्रकार के जीव-जंतुओं से परिपूर्ण हैं। ग्रीष्म ऋतु में वन्य-जीवों के लिये पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना वन्य-जीव प्रबंधन के लिये आवश्यक रहता है। इसके लिये सतही जल-स्रोतों की पहचान कर उनको सूचीबद्ध कर प्रबंधन योजना में सम्मिलित किया जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा मध्यप्रदेश के समस्त वन मण्डलों के सतही जल-स्रोतों का मानचित्रिकरण कर उन्हें http://www.mpforest.gov.in/publicdomain/atlas_MNDWI.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। इन मानचित्रों को ग्रीष्म ऋतु के सेटेलाइट रिमोट सेंसिंग डेटा के उपयोग से बनाया गया है। इससे वनों में जल-स्रोतों में बढ़ोत्तरी हुई है। वनों के भीतर विभिन्न वानिकी गतिविधियों के लिये क्षेत्र चयन के लिये सूचना प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा डिजिटल एलीवेशन मॉडल की आधुनिक तकनीक के उपयोग से विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों तथा वन मण्डलों के थ्री-डी मानचित्रों /decision support system का निर्माण कर http://www.mpforest.gov.in/Public domain/atlas/index.html पर उपलब्ध कराया गया है।  

स्वास्थ्य और प्रशासन की संयुक्त टीम ने देवरी में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, मिला ऐलोपैथी दवाइयों का जखीरा

सागर कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने देवरी में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। झुनकू पंचायत के संजय नगर में तीन अवैध क्लीनिकों पर छापा मारकर उन्हें सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे नगर में हड़कंप मच गया और कई झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। अधिकारियों ने अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों में एलोपैथी दवाइयां और अनधिकृत इलाज की शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया। डॉ. समीर विश्वास के क्लीनिक पर छापा कार्रवाई की शुरुआत बस स्टैंड के पास स्थित डॉ. समीर विश्वास के क्लीनिक से हुई। नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान, मेडिकल ऑफिसर डॉ. पराग, डॉ. अवधेश लोधी और पुलिस बल की टीम जब क्लीनिक पहुंची, तो वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उनका कंपाउंडर अधिकारियों को देखकर भाग गया। जांच के दौरान क्लीनिक में एलोपैथी दवाइयां, एंटीबायोटिक्स और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले। डॉ. अवधेश लोधी ने बताया कि ये दवाइयां केवल विशेषज्ञ डॉक्टर ही उपयोग कर सकते हैं, लेकिन क्लीनिक में कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं मिले। केवल इलेक्ट्रो होम्योपैथी का सर्टिफिकेट लगा था, फिर भी मरीजों का इलाज एलोपैथी से किया जा रहा था। अधिकारियों ने पंचनामा कार्रवाई कर दवाइयां जब्त कीं और क्लीनिक को सील कर दिया। महिला मरीज की आपबीती क्लीनिक में माने गांव की एक महिला मरीज आरती दांगी अपने पति के साथ इलाज के लिए आई थी। उसे पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। आरती ने बताया कि सुबह 9 बजे से वह क्लीनिक में थी, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। कंपाउंडर ने उसे तीन बोतल चढ़ाई और 1800 रुपये वसूल लिए, फिर भी कोई राहत नहीं मिली। रोते हुए उसने कहा कि उनके पति मजदूरी करते हैं। इलाज के लिए 25 किलो चना बेचकर पैसे जुटाए थे। पति ने आरोप लगाया कि क्लीनिक में इलाज के नाम पर लूट हुई। पत्नी की हालत में सुधार नहीं हुआ।   अन्य क्लीनिकों पर भी कार्रवाई टीम ने इसके बाद संजय नगर में डॉ. केसी पटेल और दामोदर पटेल के गुरुदत्त क्लीनिक पर छापा मारा। यहां भी एलोपैथी दवाइयां मिलीं, जिन्हें जब्त कर पंचनामा कार्रवाई की गई। दोनों क्लीनिकों को सील कर दिया गया। नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।   कार्रवाई में शामिल अधिकारी इस कार्रवाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गोविंद बरदिया, आरक्षक राजीव तोमर और मनोहर सिंह शामिल थे। प्रशासन की इस सख्ती ने झोलाछाप डॉक्टरों में खौफ पैदा कर दिया है और मरीजों की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाइयों की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

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