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क्या बिकेंगे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम, मार्क जुकरबर्ग फंसे केस में

  नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम बेचने पड़ सकते हैं. इसकी वजह अमेरिका के वाशिंगटन में कंपनी के खिलाफ एंटीट्रस्ट केस की सुनवाई है. यूएस कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) खरीदा था. अगर एफटीसी केस जीत जाता है, तो प्लेटफॉर्म बेचने पड़ सकते हैं फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) ने खुद व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने की अनुमति दी थी. लेकिन नियमों के तहत एफटीसी को डील के नतीजों पर भी नजर रखनी होती है. इसलिए उसे मेटा के खिलाफ केस करना पड़ा. अगर (एफटीसी) केस जीत जाता है, तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है. जुकरबर्ग और पूर्व सीओओ को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एंटी-ट्रस्ट मामले की सुनवाई 6 सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है. जुकरबर्ग के खिलाफ दलीलें… वैंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हो एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक से मिल रही प्रतिस्पर्धा को बेअसर करने के लिए इंस्टाग्राम को खरीदा. जुकरबर्ग की बातचीत और उनके ईमेल इस मामले में सबसे ठोस सबूत हो सकते हैं. जुकरबर्ग ने कहा था कि बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उस कंपनी को खरीदना बेहतर है. मार्क जुकरबर्ग की दलील… मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगी क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का अनुभव बेहतर हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, मेटा यह तर्क दे सकती है कि एंटीट्रस्ट केस में इरादा बहुत प्रासंगिक नहीं होता है.

रेल मंडल कार्यालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई

भोपाल भारत रत्न, संविधान शिल्पी, समाज सुधारक एवं न्याय के प्रबल पक्षधर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के पावन अवसर पर, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल कार्यालय में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने मंडल के समस्त रेलकर्मियों को इस ऐतिहासिक दिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। हमें उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समतामूलक, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की स्थापना हेतु निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब के अदम्य साहस, प्रखर बुद्धिमत्ता और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर हमें भारतीय रेल की गरिमा और सेवा की गुणवत्ता को और ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेन्द्र बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) श्री के. एल. मीना, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया सहित अन्य विभागाध्यक्ष, रेल कर्मचारी एवं मान्य यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। इससे पूर्व, दिनांक 14 अप्रैल 2025 को भोपाल मंडल अंतर्गत सभी स्टेशन, डिपो एवं रेल कार्यालयों में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनकी जयंती अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बाबा साहब के विचारों एवं योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न संगोष्ठियों एवं चर्चाओं का भी आयोजन किया गया।

पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में अपनी जगह बनाने के लिए पीबीकेएस और केकेआर दोनों टीमों की नजरें आज जीत दर्ज कर

नई दिल्ली पंजाब किंग्स वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2025 का 31वां मैच आज यानी, मंगलवार 15 अप्रैल को मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। पंजाब वर्सेस कोलकाता मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा, वहीं टॉस के लिए दोनों कप्तान -श्रेयस अय्यर और अजिंक्य रहाणे- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। पीबीकेएस और केकेआर दोनों टीमों की नजरें आज जीत दर्ज कर आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। फिलहाल कोलकाता 6 अंकों केऑ़डालते हैं पीबीकेएस वर्सेस केकेआर पिच रिपोर्ट पर- PBKS vs KKR पिच रिपोर्ट चंडीगढ़ का यह मैदान इस सीजन बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग रहा है। यहां खेले गए अभी तक दो मैचों की चार पारियों में तीन बार 200 रन का आंकड़ा पार हुआ है। पारी की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ मूवमेंट और उछाल मिलती है, खास तौर पर लाइट्स में। हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच बल्लेबाजों के लिए स्ट्रोक खेलने के लिए अनुकूल होती जाती है। आज का मुकाबला भी हाई स्कोरिंग होने की उम्मीद है। इस मैच का औसतन स्कोर 180 का रहा है, यहां टीमें टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना पसंद करती है। महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम IPL रिकॉर्ड्स और आंकड़े मैच- 7 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 4 (57.14%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 3 (42.86%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 3 (42.86%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 4 (57.14%) प्रति विकेट औसत रन- 23.83 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 180.14 PBKS बनाम KKR हेड टू हेड पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल में कुल 33 बार भिड़ंत हुई है जिसमें 21 मैच जीतकर केकेआर ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पंजाब को कोलकाता के खिलाफ 12 बार जीत मिली है।

भोपाल मंडल के 9 स्टेशनों पर 10 समाजसेवी संस्थाओं द्वारा यात्रियों हेतु नि:शुल्क शीतल जल सेवा

भोपाल गर्मियों की तीव्रता को देखते हुए जब शीतल जल की आवश्यकता बढ़ जाती है, ऐसे समय में भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा अपने यात्रियों को स्टेशन परिसरों में स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न वॉटर कूलर एवं जल नल की व्यवस्था की गई है। इस प्रयास में सेवा भाव से प्रेरित कुछ गैर सरकारी संगठन एवं समाजसेवी संस्थाएं भी सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं, जो यात्रियों की प्यास बुझाने के इस पुनीत कार्य को एक जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में मंडल के 9 प्रमुख स्टेशनों — सांची, खिरकिया, हरदा, नर्मदापुरम, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर एवं रुठियाई — पर 10 गैर सरकारी संगठन/समाजसेवी संस्थाएं नि:शुल्क जल सेवा का कार्य कर रही हैं। ये संस्थाएं गाड़ियों के आगमन के समय प्लेटफार्म पर सक्रिय रहते हुए यात्रियों को शीतल जल प्रदान करती हैं, साथ ही उनके खाली बोतलों को भी भरने की सेवा प्रदान करती हैं। इन प्रयासों से यात्रियों को गर्मी व यात्रा की थकान से राहत मिलती है और मानव सेवा की एक अनुपम मिसाल प्रस्तुत होती है। रेल प्रशासन द्वारा इन संस्थाओं को स्टेशन परिसर में नि:शुल्क जल वितरण हेतु आवश्यक अनुमतियाँ प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही मंडल रेल प्रशासन ने अन्य समाजसेवी संगठनों, स्वयंसेवियों, रोटरी क्लबों एवं अन्य जनकल्याणकारी संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस मानवीय सेवा में आगे आएं। रेल प्रशासन उनकी हरसंभव सहायता करेगा, जिससे यह कार्य और अधिक व्यापकता प्राप्त कर सके। यह सेवा न केवल यात्रियों को राहत प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और सेवा के मूल्यों को भी सुदृढ़ कर रही है।

थोक महंगाई में राहत, खाने-पीने की चीजें सस्ती हुईं, मार्च में महंगाई 2.38% से घटकर 2.05% पर आई, यह चार महीने में सबसे कम

नई दिल्ली महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। खाने-पीने के सामान सस्ते होने से थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति मार्च में घटकर 2.05 प्रतिशत रह गई, जो फरवरी में 2.38 प्रतिशत थी। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। हालांकि, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में वार्षिक आधार पर वृद्धि हुई है। मार्च 2024 में यह 0.26 प्रतिशत थी। उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मार्च 2025 में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली व कपड़ा विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ी। सरकार के अनुसार, मार्च 2025 में महंगाई दर बढ़ने का मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों, अन्य उत्पादों, बिजली और कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी है। थोक खाद्य महंगाई दर पिछले महीने घटकर 4.66% हो गई। फरवरी में यह 5.94% थी। इसका मतलब है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतें अब कम तेजी से बढ़ रही हैं। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी के 3.38 प्रतिशत से घटकर मार्च में 1.57 प्रतिशत रह गई। सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट इसकी मुख्य वजह रही। हालांकि, विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति मार्च में बढ़कर 3.07 प्रतिशत हो गई, जबकि फरवरी में यह 2.86 प्रतिशत थी। ईंधन तथा बिजली में भी वृद्धि देखी गई और मार्च में यह 0.20 प्रतिशत रही। WPI फूड इंडेक्स WPI  फूड इंडेक्स, जिसमें खाद्य पदार्थ और विनिर्मित खाद्य उत्पाद शामिल हैं, फरवरी में 189.0 से मार्च में 188.8 पर थोड़ा कम हुआ। WPI आधारित खाद्य मुद्रास्फीति दर मार्च में 5.94 प्रतिशत से घटकर 4.66 प्रतिशत हो गई। WPI ईंधन मार्च में 0.20 प्रतिशत था, जबकि फरवरी में यह -0.71 प्रतिशत था। ईंधन और बिजली समूह सूचकांक में मार्च में 0.91 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण बिजली की कीमतों में 2.31 प्रतिशत की गिरावट और खनिज तेल की कीमतों में 0.70 प्रतिशत की गिरावट थी। कोयले की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। यहां भी आई कमी प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर मार्च में घटकर 0.76% हो गई। फरवरी में यह 2.81% थी। प्राथमिक वस्तुएं वे होती हैं जो सीधे खेतों या खदानों से मिलती हैं, जैसे अनाज, फल, सब्जियां आदि। ईंधन और बिजली की थोक कीमतें मार्च में 0.20% रहीं। फरवरी में यह नेगेटिव 0.71% थी। इसका मतलब है कि ईंधन और बिजली की कीमतें अब बढ़ रही हैं, जबकि फरवरी में यह कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों की कीमतें 3.07% बढ़ीं। फरवरी में यह 2.86% बढ़ी थीं। विनिर्मित उत्पाद वे होते हैं, जो फैक्ट्रियों में बनते हैं। थोक मूल्य सूचकांक में इनका हिस्सा लगभग 64% होता है। लेकिन बढ़ सकती है महंगाई इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश भर में लू चलने की चेतावनी दी है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। BofA ग्लोबल रिसर्च के राहुल बजोरिया का कहना है कि जैसे-जैसे मौसम खराब होगा और गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे सब्जियों और फलों की कीमतें बढ़नी शुरू हो जाएंगी। खुदरा महंगाई दर की क्या स्थिति? भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में घटकर 3.61% हो गई। यह पिछले सात महीनों में सबसे कम है। जनवरी में यह 4.31% थी। खुदरा महंगाई दर का मतलब है, जो सामान हम दुकानों से खरीदते हैं, उसकी कीमतों में बदलाव। सरकार मंगलवार शाम मार्च के खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी करेगी। सब्जियों का उत्पादन बढ़ने से थोक बाजारों में खाने-पीने की चीजों की कीमतें कम हुई हैं। सब्जियों की कीमतें 15.88% घटी हैं। पिछले महीने यह 5.80% घटी थीं। प्याज की महंगाई दर मार्च में घटकर 26.65% हो गई। फरवरी में यह 48.05% थी। आलू की महंगाई दर -6.77% रही। फरवरी में यह 27.54% थी। इसका मतलब है कि आलू की कीमतें अब कम हो रही हैं। दालों की महंगाई दर पिछले महीने -2.98% रही। फरवरी में यह -1.04% थी। इसका मतलब है कि दालों की कीमतें भी कम हो रही हैं। अनाज की कीमतें बढ़ीं थोक बाजारों में अनाज की कीमतें मार्च में 5.49% बढ़ीं। पिछले महीने यह 6.77% बढ़ी थीं। इसका मतलब है कि अनाज की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम तेजी से। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि महंगाई कम हुई है। खाने-पीने की चीजों के अच्छे उत्पादन की वजह से ऐसा हुआ है। MPC का मानना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई और कम होगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की धमकी, मिला धमकी भरा ई-मेल, जांच में जुटा प्रशासन

अयोध्या  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया है. इसमें राम मंदिर की सुरक्षा को चुनौती दी गई है. ट्रस्ट की ओर से इसकी जानकारी अफसरों को दी गई है. इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं. मंदिर परिसर में गश्त बढ़ा दी गई है. हालांकि अभी तक मामले में किसी प्रशासनिक अफसर का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.  रात को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया. इसमें मंदिर की सुरक्षा को चुनौती देते हुए इसे खतरे में डालने की बात कही गई थी. इसके बाद इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई. सीटीवी कैमरों के जरिए आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है. यह मेल तमिलनाडु से भेजा गया है. अयोध्या से लेकर तमिलनाडु तक सभी साइबर क्राइम एक्सपर्ट को एक्टिव कर दिया गया है. अयोध्या जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट को एक संदिग्ध ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है. ईमेल में ट्रस्ट को राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर खतरे की चेतावनी दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट पर इस मेल के बाद अयोध्या में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर विस्तृत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. साथ ही बाराबंकी, चंदौली जैसे अन्य जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया, क्योंकि इन जिलों के डीएम को भी मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में पता चला है कि ये धमकी भरे मेल तमिलनाडु से भेजे गए हैं. अब साइबर सेल इन मेल्स की जांच में जुट गई है, ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके. फिलहाल अयोध्या, बाराबंकी, चंदौली और अन्य संबंधित जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चंदौली कलेक्ट्रेट को बम से उड़ने की धमकी से हड़कंप चंदौली जिलाधिकारी के ऑफिशियल मेल आईडी पर चंदौली के कलेक्ट्रेट आफिस को बम से उड़ा देने की धमकी भरा मेल आया. यह मेल तमिलनाडु के रहने वाले गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति के द्वारा भेजा गया था. कलेक्ट्रेट आफिस में विस्फोट करने के धमकी भरे मेल के आने के बाद तत्काल प्रभाव से तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं. आनन फानन में पुलिस फोर्स और बम स्क्वायड टीम को भी बुला लिया गया और पूरी बिल्डिंग की तलाशी कराई गई. लेकिन राहत की बात यह रही की तलाशी के दौरान किसी भी तरह का कोई विस्फोटक या अन्य कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला. तब जाकर कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली. चंदौली के जिलाधिकारी का आया बयान चंदौली के जिलाधिकारी निखिल टी. फूंडे के अनुसार गोपाल स्वामी नाम के किसी व्यक्ति ने यह मेल किया था. जिसमें यह बताया गया था कि तमिलनाडु में वहां की किसी समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसी कारण चंदौली के कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जाएगा. फिलहाल कलेक्ट्रेट में पूरी तरह से तलाशी और जांच पड़ताल के बाद किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं पाया गया है. सुबह ईमेल के जरिए दी गई धमकी निखिल टी. फूंडे ने कहा कि सुबह ईमेल के माध्यम से वार्निंग दी गई कि आज चंदौली के कलेक्ट्रेट में कोई बम विस्फोट हो सकता है. उसके पीछे उन्होंने तमिलनाडु से रिलेटेड कुछ कारण बताया था. उसे व्यक्ति ने जो एड्रेस दिया था वह भी तमिलनाडु का था और जो इशू था वह भी तमिलनाडु का कोई पॉलिटिकल इशू था. लेकिन फिर भी एहतियात बरतते हुए हम लोगों ने कप्तान साहब की मदद से पूरे कलेक्ट्रेट को चेक कराया. बम स्क्वॉड की टीम भी आई और उन्होंने चेक किया. चेकिंग के दौरान कुछ भी नहीं पाया गया. मेल के जो कंटेंट थे उसको पढ़ने से ही बात हल्की लग रही थी. लेकिन फिर भी हम लोगों ने सतर्कता बरतते हुए समय से चेकिंग कर ली और किसी भी तरह की कोई भी चीज नहीं मिली है. अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी अलीगढ़ जिला मुख्यालय को भी बम से उड़ने की धमकी मिली है. ईमेल के माध्यम से दी गई धमकी के बाद पुलिस प्रशासन के लोग अलर्ट हो गए हैं. जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही डॉग स्क्वायड और अन्य उपकरणों के साथ जांच कराई जा रही है. फोन पर पुष्टि करते हुए डीएम ने बताया कि इस संबंध में एक मेल आया है जिसकी जांच की जा रही है.

तुर्किए से आया पैसा, मुर्शिदाबाद में भड़की आग, 3 महीने से चल रही थी साजिश, 500-500 में बिके हमलावर !

मुर्शिदाबाद वक्फ कानून के विरोध पश्चिम बंगाल में भारी हिंसा देखने को मिली, मुर्शिदाबाद में हिंसा में 3 लोगों की मौत, सैकड़ों लोग घायल हुए तो वहीं कई लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह ठिकाना लेना पड़ा है. हिंसा को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. इसके साथ ही हिंसा वाले इलाके में कड़ा पहरा है. इस बीच मुर्शिदाबाद दंगा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो इस हिंसा की प्लानिंग लंबे समय से की जा रही थी. पिछले 3 महीनों से इलाके के लोग इस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. इसके लिए विदेशों से फंडिंग की गई थी. जांच एजेंसियों को क्या पता चला? पूरे मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि यह आतंकवाद फैलाने का नया तरीका है, दो महीने पहले एटीबी के दो जाने-माने सदस्य मुर्शिदाबाद आए और कहा कि एक बड़ी दावत होगी. वे ट्रिगर पॉइंट का इंतजार कर रहे थे. शुरू में रामनवमी की तारीख तय थी, लेकिन सुरक्षा के कारण चीजें बदल गईं, लेकिन वक्फ बिल ने ट्रिगर पॉइंट दे दिया. ट्रेनों को बाधित करना, सरकारी संपत्ति को खत्म करना, हिंदुओं की हत्या करना, घरों को लूटना उनका पहला टारगेट था. हमलावरों से कहा गया था कि जितनी ज्यादा चीजों को खराब करेंगे उन्हें उतना ही ज्यादा पैसा दिया जाएगा. शुरू में एक सूची बनाई गई थी कि यदि वे अपने किए का ब्यौरा देंगे तो उन्हें कितना धन दिया जाएगा. विदेशों से हो रही थी फंडिंग मुर्शिदाबाद हिंसा की प्लानिंग और पूरे खर्च का दारोमदार तुर्की के भरोसे चल रहा था, यहीं से हिंसा को लेकर पूरा फंड दिया जा रहा है. जांच एजेंसियों की मानें तो इस योजना में शामिल हर हमलावर और पत्थरबाजों को लूटपाट के लिए 500 रुपये दिए गए थे. इनकी पिछले 3 महीनों से लगातार ट्रेनिंग चल रही थी. साजिशकर्ताओं ने बंगाल को भी बांग्लादेश बनाने की योजना बनाई थी, जैसे दंगे बांग्लादेश हिंसा में देखने को मिले थे. ठीक वैसे ही यहां भी प्लान था. सीएम ममता की जनता से अपील मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं सभी से कहूंगी कि सभी को अनुमति लेकर शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है लेकिन कानून अपने हाथ में न लें. चाहे कोई भी हो. कानून तोड़ने वालों की कोई जरूरत नहीं है. जो शांत दिमाग रखता है, वही जीतता है. कब शुरू हुई थी मुर्शिदाबाद में हिंसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में 10 अप्रैल से हिंसा जारी है. मुर्शिदाबाद में पहले से ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के करीब 300 जवान तैनात हैं और केंद्र ने व्यवस्था बहाल करने में मदद के लिए केंद्रीय बलों की पांच अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं. बता दें कि केंद्र सरकार के वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग लगा दी, सड़कें जाम कर दीं और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. बंगाल में चुनावों के लिए अभी 1 साल से ज्यादा का समय बाकी है. ऐसे में ये दंगों की खबरों से लोग खासे परेशान हैं. वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।वक्फ बिल बना ‘ट्रिगर पॉइंट’ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, साजिशकर्ताओं को दंगे के लिए सही मौके की तलाश थी। शुरुआत में रामनवमी को लेकर योजना बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण वो सफल नहीं हो पाई। इसी दौरान वक्फ बिल पर आक्रोश को ‘ट्रिगर पॉइंट’ बनाया गया और दंगे को अंजाम दे दिया गया। मुर्शिदाबाद को बांग्लादेश जैसा बनाने की कोशिश सूत्रों का कहना है कि साजिशकर्ताओं का मकसद मुर्शिदाबाद को अस्थिर करके बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना था। इसे ‘नए तरह का आतंकवाद’ बताया जा रहा है, जिसमें भीड़ को भड़काकर हिंसा फैलाई जाती है। इलाके में सख्त सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्र से सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल लगाया गया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं।

बाबासाहेब की जयंती पर रेलवे ने दिया उपहार, डॉ अंबेडकर नगर से नई दिल्ली के लिए नई ट्रेन

बाबासाहेब की जयंती पर रेलवे ने दिया उपहार, डॉ अंबेडकर नगर से नई दिल्ली के लिए नई ट्रेन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना भोपाल         देश में रेल संपर्क सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप और भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार 13 अप्रैल 2025 को नई रेलगाड़ी डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन, जो मध्य प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों को भारत की राजधानी नई दिल्ली से सीधे जुड़ने की सौगात मिली। इस अवसर पर अध्यक्ष, लोकसभा ओम बिरला द्वारा रविवार 13 अप्रैल 2025 को डॉ. अम्बेडकर नगर एवं कोटा रेलवे स्टेशनों पर डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ कर हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान नई ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर-कोटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मध्य प्रदेश के  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने  नई ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।      इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद उज्जैन अनिल फिरोजिया, सांसद इंदौर शंकर लालवानी एवं राज्यसभा सांसद  कविता पाटीदार उपस्थित रहे। इनके अलावा कोटा एवं डॉ. अम्बेडकर नगर शहर के अन्य सांसदों/विधायकों और शहरों के गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनसमूहों के रूप में मौजूद रहते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कोटा रेलवे स्टेशन से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मण्डल से मण्डल रेल प्रबंधक एवं डॉ.अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से पश्चिम मध्य रेल के रतलाम मण्डल से मण्डल रेल प्रबंधक सहित दोनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।      लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में रेलवे की दिशा और दशा दोनों बदली है। अब रेलवे केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि भारत के विकास का इंजन बन चुकी है। वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें भारत की गति, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की प्रतीक हैं। स्पीकर बिरला ने कहा कि यह केवल एक ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि विकास, संपर्क और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बाबा साहेब की जन्मस्थली तक यह सीधी रेल सेवा उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी। यह ट्रेन कोटा को दिल्ली, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ेगी, जिससे व्यापार, शिक्षा, तीर्थाटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 2028 में उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ के दौरान यह सेवा हाड़ौती के श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।    समारोह में रेल मंत्री ने कहा कि आज रेलवे के लिए बड़ा ऐतिहासिक दिन है, हमारे भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी जन्मस्थली ‘महू’ से एक नई ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। इससे महाकाल की नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित सिंहस्थ महाकुंभ के श्रद्धालुओं और इसके आस-पड़ोस के इलाकों में रहने वाले यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्राप्त होने की आशा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों ही राज्यों को अभूतपूर्व रेल बजट राशि आवंटित कि गई है जिससे रेलवे की परियोजनाओं को नई गति मिल रही है। इन परियोजनाओं के चलते रेलवे को नई रफ्तार मिली एवं विकास की ओर अग्रसर हुआ है। इस नई ट्रेन की शुरुआत से कोटा की शिक्षा और उद्योग नगरी के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित होगी।         राजस्थान और मध्य प्रदेश के पर्यटन/दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने एवं यात्री सुविधाओं तथा सुगम आवागमन के उद्देश्य से रेलवे द्वारा नई ट्रेन की सौगात के रूप में डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया गया है। इस ट्रेन का नियमित संचालन भारतीय संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मस्थली ‘महू’ शहर के डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के मध्य किया जा रहा है। यह ट्रेन राजस्थान क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सार्वजनिक मांग को पूरा करती हैं। यह ट्रेन राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजधानी नई दिल्ली प्रदेश क्षेत्र के रोजगार, व्यापार, वाणिज्य और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में योगदान देगी। नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर  के बीच नई ट्रेन के संचालन से राज्यों के जिलों में पड़ने वाले मध्यवर्ती स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन का लाभ मिलेगा। नई ट्रेन का लाभ:-  इस नई रेल सेवा के आरंभ होने से राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इन्दौर एवं डॉ. अम्बेडकर नगर  से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के अंतर्गत आने वाले पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों जैसे मथुरा, उज्जैन, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, देवास एवं इंदौर के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों राज्यों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा।  इस नई रेल सेवा की सौगात से विधार्थियों, व्यापारियों, किसानों एवं आमजन को सीधा लाभ पहुँचेगा।  राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों के यात्रियों को देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सीधी ट्रेन की उपलब्धता होगी। नियमित सेवा प्रतिदिन चलने वाली गाड़ी संख्या 20156/20155 नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली के बीच नई ट्रेन:-  यह नई ट्रेन नई दिल्ली-डॉ अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली के मध्य नियमित रूप से दिनांक 14 अप्रैल को नई दिल्ली से एवं 15 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर नगर से चल रही है। इस गाड़ी में वातानुकूलित, शयनयान एवं सामान्य श्रेणी कोच है।     गाड़ी संख्या 20156 नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर ट्रेन नई दिल्ली से रात 23.25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन कोटा सुबह 05.20 बजे पहुंचक और दोपहर 12.50 बजे गंतव्य स्टेशन डॉ अम्बेडकर नगर पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20155 डॉ. अम्बेडकर नगर-नई दिल्ली ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर से दोपहर 15.30 बजे प्रस्थान कर, उसी दिन कोटा रात 21.25 बजे पहुंचकर और प्रातः 04.25 बजे गंतव्य स्टेशन नई दिल्ली पहुँचेगी।  गाड़ी के ठहराव:- यह नई गाड़ी दोनों दिशाओं में नई दिल्ली-डॉ. अम्बेडकर नगर के बीच हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, भरतपुर, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन, देवास एवं … Read more

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी

नई दिल्ली दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की जगह अब आरोग्य मंदिर नजर आएंगे। दिल्ली सरकार पहले चरण में कुल 70 आरोग्य मंदिर की शुरुआत करेगी। प्रत्येक विधानसभा में एक आरोग्य मंदिर शुरू किया जाएगा। दिल्ली सरकार के सूत्रों की मानें तो अगले एक महीने में यह तैयार हो जाएंगे। यहां प्राथमिक चिकित्सा की सभी सुविधाएं मिलेंगी। यह आरोग्य मंदिर आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक साल में 1139 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। दिल्ली सरकार ने 5 अप्रैल को ही राजधानी में योजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ समझौता किया था। उसके बाद 10 अप्रैल को आयुष्मान योजना के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी संरचना को विकसित करने के लिए एक और समझौता किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी। आयुष्मान भारत योजना 27 विशेषज्ञताओं में 1,961 चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए मुफ्त और ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करती है, जिसमें दवाओं, नैदानिक ​​सेवाओं, अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू देखभाल, सर्जरी और अन्य लागत शामिल हैं। इस योजना के तहत, दिल्ली में पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलेगा, जिसमें से पांच लाख रुपये केंद्र और शेष पांच लाख रुपये दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि राजधानी में इस योजना के लागू होने से दिल्ली के 6.54 लाख पात्र परिवारों, यानी करीब 30 लाख लोगों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के करीब छह लाख लोगों को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पांच लाख रुपये के वार्षिक बीमा के पात्र होंगे। आयुष्मान वय वंदना योजना पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली में इस योजना के लाभार्थी भारत भर में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध लगभग 30,957 अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन 24 नए अस्पतालों का निर्माण पूरा करेंगे, जो पिछली सरकार द्वारा अधूरे छोड़े गए थे। हमने इसके लिए दिल्ली सरकार के बजट में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे दिल्ली के अस्पतालों में करीब 17,000 बिस्तर बढ़ जाएंगे।

कर्नाटक में लिंगायत समुदायों के विधायकों और नेताओं ने रिपोर्ट के आंकड़ों पर कड़ा विरोध जताया, जाति जनगणना पर बवाल

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार जातिगत जनगणना रिपोर्ट के लीक होने के बाद बढ़ते आंतरिक दबाव का सामना कर रही है। खासतौर पर वोक्कालिगा और लिंगायत समुदायों के विधायकों और नेताओं ने रिपोर्ट के आंकड़ों पर कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस विधायकों की एक विशेष बैठक मंगलवार शाम 6 बजे बुलाई है। शिवकुमार ने सोमवार को कहा, “मैंने पूरी रिपोर्ट अभी नहीं देखी है, उसका अध्ययन किया जा रहा है। मंगलवार को हमारी पार्टी के समुदाय विशेष के विधायकों के साथ बैठक होगी। हम इस विषय पर चर्चा करेंगे और ऐसा सुझाव देंगे जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों और सभी का सम्मान बना रहे।” मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लिंगायत समुदाय से आने वाले वन मंत्री ईश्वर खंडरे ने कहा कि वह विभिन्न समुदायों के नेताओं की राय एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं भी रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा हूं और कैबिनेट बैठक की तैयारी कर रहा हूं। समुदायों के नेताओं और व्यक्तियों की राय को समाहित कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।” मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है और सिर्फ इतना कहा है कि इस पर विशेष कैबिनेट बैठक होगी। बता दें कि जातिगत जनगणना रिपोर्ट 10 अप्रैल को कैबिनेट को सौंपी गई थी, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। लीक हुई रिपोर्ट के मुताबिक, वोक्कालिगा समुदाय की आबादी 61.6 लाख (राज्य की कुल जनसंख्या का 10.3%) है और उनके लिए 7% आरक्षण की सिफारिश की गई है। लिंगायत समुदाय की आबादी 66.3 लाख (11%) बताई गई है और 8% आरक्षण प्रस्तावित है। हालांकि, लिंगायतों के भीतर उप-समुदायों जैसे वीरशैव (10.4 लाख), पंचमसाली (10.7 लाख) आदि के बीच विभाजन के कारण प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट में मुस्लिम आबादी 75.2 लाख (12.6%) बताई गई है और उनके लिए आरक्षण को 4% से बढ़ाकर 8% करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह संख्या वोक्कालिगा समुदाय से अधिक है, जिन्हें अब तक राज्य में दूसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता रहा है। वोक्कालिगा समुदाय के संतों और नेताओं ने खुलकर रिपोर्ट का विरोध किया है। वहीं, ऑल इंडिया वीरशैव लिंगायत महासभा ने सोमवार को रिपोर्ट को खारिज कर दिया और एक नई जनगणना कराने की मांग की। महासभा के अध्यक्ष और पूर्व डीजीपी शंकर बिदारी ने दावा किया कि लिंगायत समुदाय की जनसंख्या करीब 35% है, क्योंकि राज्य के 31 में से लगभग 15 जिलों में लिंगायतों की संख्या 10 लाख से अधिक है। सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना, जो अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से हैं, ने धार्मिक संगठनों की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये स्वामीजी और संगठन आंकड़े कहां से लाते हैं?” गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में सिर्फ जातिगत जनगणना रिपोर्ट पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा, “मंत्रियों से कहा गया है कि केवल इस विषय पर ही चर्चा करें। अभी तो यह शुरुआत है, उसके बाद ही स्वीकृति व अन्य मुद्दे सामने आएंगे।” आलोचना पर उन्होंने कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। अलग-अलग राय आएंगी, चलिए इस पर बातचीत करते हैं। ये टिप्पणियां समुदायों और नेताओं की ओर से आ रही हैं।” भाजपा से निष्कासित विधायक और विजयपुरा से विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा है, तो उन्हें अल्पसंख्यक दर्जा क्यों दिया जाए? उन्होंने कहा, “अगर इस रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है, तो ब्राह्मणों को भी, जो कि केवल 2% हैं, अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा मिलना चाहिए।” यतनाल ने आरोप लगाया कि लिंगायतों की संख्या को जानबूझकर उप-समुदायों में बांटकर कम कर दिखाया गया है। अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस रिपोर्ट को लेकर सरकार का अगला कदम तय होगा।

पहाड़ों के बीच प्रगति का सेतु ‘अंजी खड्ड’

भोपाल जब घाटियां गहरी होती हैं और पहाड़ रास्ता रोकते हैं, तब इंसान के सपने ऊंचे हो जाते हैं। कश्मीर के दिल तक पहुंचने के इन्हीं ऊंचे सपनों ने फिर से एक नई कहानी को जन्म दिया है। ये कहानी एक पुल की है जो सिर्फ लोहे और केबल से नहीं, हिम्मत और हुनर से भी बना है। ये कहानी है भारत के पहले केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज- अंजी खड्ड ब्रिज की जो जम्मू-कश्मीर की चुनौतीपूर्ण घाटियों के बीच, अंजी नदी की गहरी खाई को पाटता है। कटरा और रियासी के बीच कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने जा रहा यह अद्भुत संरचना भारतीय इंजीनियरिंग के आत्मविश्वास और कौशल की मिसाल है। यह ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो कटरा-बनिहाल रेल खंड में बनाया गया है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ जैसी सभी सीमाओं को पार कर यह ब्रिज घाटी को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती के साथ जोड़ रहा है। आकर्षक डिजाईन के साथ बने इस ब्रिज का निर्माण कार्य सिर्फ 11 महीने में ही पूरा कर लिया गया है जो नदी तल से 331 मीटर ऊंचाई पर स्थित है जबकि नीव से 193 मीटर ऊंचा एक मजबूत सेंट्रल पायलन पर टिका हुआ है, जो इसकी पूरी संरचना को संतुलन में रखता है। अंजी खड्ड ब्रिज, चिनाब ब्रिज के बाद भारत का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज भी है। इस ब्रिज को 96 केबलों के सहारे बनाया गया है जिनका कुल वजन 849 मीट्रिक टन और  कुल लंबाई 653 किलोमीटर है। 725 मीटर लम्बे इस ब्रिज की संरचना में 8,215 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर बने इस ब्रिज से जम्मू-कश्मीर के विकास के तार जुड़े हुए हैं। यह ब्रिज घाटी के दूर-दराज इलाकों मेंं बसे गांवों और कस्बों का बड़े शहरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करता है जिससे विकासशील जगहों पर चिकित्सा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता आसान हो जाएगी।  बेहतर कनेक्टिविटी के वजह से स्थानीय लोगों लिए रोज़गार के नए अवसरो का सृजन होगा साथ ही घाटी में व्यापार और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ●    पुल की कुल लंबाई: 725 मीटर ●    नदी के तल से ऊंचाई: 331 मीटर ●    सेंट्रल पायलन की ऊंचाई: 193 मीटर ●    केबल की संख्या: 96 ●    केबल का कुल वजन: 849 मीट्रिक टन ●    केबल की कुल लंबाई: 653 किलोमीटर ●    निर्माण में कुल स्टील का इस्तेमाल:  8,215 मीट्रिक टन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को जयंती पर दी श्रद्धांजलि रेल भवन में याद किए गए बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर श्री वैष्णव ने बौद्ध धर्म गुरुओं से सशक्त भारत के निर्माण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। बौद्ध धर्म गुरुओं ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को बाबा साहेब अम्बेडकर की तस्वीर देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ श्री सतीश कुमार तथा रेलवे बोर्ड के दूसरे सदस्यों ने भी संविधान निर्माता भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।

भारत की एजेंसियों के आग्रह पर ही उसे बेल्जियम में किया गया गिरफ्तार, अंग्रेजों के जमाने में हुई थी बेल्जियम के साथ संधि

बेल्जियम बेल्जियम में गिरफ्तार किए गए भारत के भगोड़े कारोबारी और 13 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड के आरोपी मेहुल चौकसी को प्रत्यर्पित करवा भारत लाने के लिए एजेंसियों ने कमर कर ली है। भारत की एजेंसियों के आग्रह पर ही उसे बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी और सीबीआई अपने तीन-तीन अधिकारियों को बेल्जियम भेजने वाली हैं ताकि मेहुल चौकसी को भारत लाने का रास्ता निकाला जा सके। बेल्जियम में मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण की उम्मीदें इसलिए ज्यादा प्रगाढ़ हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि है। क्या है बेल्जियम के साथ 125 साल पुराना समझौता भारत की एजेंसियों ने 125 साल पुरानी प्रत्यर्पण संधि का सहारा लिया और सारी जानकारी बेल्जियम को दे दी। हालांकि इसकी भनक मेहुल चौकसी को भी लग गई थी। तभी वह स्विट्जरलैंड भागने की तैयारी करने लगा। बेल्जियम और ब्रिटेन के बीच 29 अक्टूबर 1901 को एक संधि हुई थी। उस समय भारत में भी ब्रिटेन का ही राज था। बाद में इस संधि में कम से कम तीन बार संशोधन किया गया। 1907, 1911 और 1958 में इस संधि में संशोधन हुआ। भारत को आजादी मिलने के बाद भी दोनों देशों ने इस संधि को जारी रखने का फैसला किया। इस संधि के तहत दोनों देशों में से कोई भी अगर गंभीर अपराध करता है तो एक दूसरे के देश में उसका प्रत्यर्पण किया जा सकता है। इन अपराधों में हत्या, धोखाधड़ी, रेप, उगाही और ड्रग्स स्मग्लिंग जैसे क्राइम शामिल हैं। दोनों देशों में से किसी में भी अपराध करने वाला शख्स दोनों ही देशों में दंड के काबिल माना जाएगा। अगर किसी के खिलाफ पुख्ता सबूत होते हैं तो उसके प्रत्यर्पण के लिए आग्रह किया जा सकता है। हालांकि कोई भी देश अपने ही देश के किसी नागरिक को प्रत्यर्पित नहीं करेगा। अगर यह पता चलता है कि राजनीति के लिए किसी के प्रत्यर्पण के लिए जोर दिया जा रहा है तो इस आग्रह को दरकिनार भी किया जा सकता है। वहीं प्रत्यर्पण के बाद उसपर किसी तरह के नए अपराध का मुकदमा नहीं चल सकता। इसके अलावा बिना पहले देश की अनुमति के उसे तीसरे देश नहीं भेजा जा सकता।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जे.के. जैन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्यप्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी  जे. के. जैन के आकस्मिक निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री जैन अपने सेवाकाल में कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहे। उनके असामयिक निधन से प्रदेश और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा को शांति और स्व.  जैन के शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा निर्माण के लिये प्रारंभ हुई कार्यशाला

भोपाल राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या की रूप रेखा निर्माण के लिये 3 दिवसीय कार्य शाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष अलकेश चतुर्वेदी ने मंगलवार को भोपाल के लेक-व्यू अशोका में दीप प्रज्ज्वलित कर के किया। कार्यशाला में बच्चों का सर्वांगीण विकास, कौशल विकास और आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा जैसे उद्देश्य बिंदुओं पर विचार मंथन के बाद प्राप्त सुझावों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या समिति को प्रेषित किया जाएगा। इसके बाद राज्य की पाठ्यचर्या का निर्माण भी किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स का गठन किया है। कार्य शाला में 11 कार्य समूहों का गठन किया गया है। इसमें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या निर्माण समिति के प्रतिनिधि, प्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के सदस्यगण, राज्य शिक्षा केंद्र विषय समन्वयक एवं अन्य सहयोगी संस्थाएं के विषय विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। कार्य शाला में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और शिक्षा शास्त्र जैसे विषयों के संबंध में विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त किये जायेंगे।  

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