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आज गुरुवार 17 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष-सज नए विचारों को अपनाने की आपकी क्षमता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कॉन्फिडेंस के साथ महत्वपूर्ण डिसीजन लेना फायदेमंद होगा क्योंकि ये आपके फ्यूचर को प्रभावित कर सकते हैं। वृषभ-आज तनाव दूर रखने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। चाहे करियर हो, पैसों का मामला हो, या फिर लव लाइफ हो, आज आपको कई रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। सिंगल लोगों की मुलाकात उनके क्रश से होने की संभावना है। मिथुन-आज के दिन जरूरत पड़ने पर दोस्त या अपने जीवनसाथी से सलाह ले सकते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस के कुछ रिलेशन टूटने की कगार पर आ सकते हैं। अपनी सेहत पर गौर करें। आज का दिन सरप्राइज से भरपूर रहने वाला है। कर्क-आज कुछ लोगों की सेहत गड़बड़ हो सकती है। सोडा ड्रिंक्स और जंक फूड्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है। करियर में बहुत ज्यादा तनाव लेने से आपकी मेंटल हेल्थ पर प्रभाव पड़ सकता है। सिंह-17 अप्रैल का आज का दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। किसी प्रोजेक्ट या डील से आपको अच्छा प्रॉफिट मिल सकता है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और मैनेजमेंट का ध्यान भी अपनी ओर खींचेगी। तुला- 17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। आज आपका क्लाइंट आपके काम से नखुश हो सकता है। व्यापारियों को आज पैसे कमाने में थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। धनु-17 अप्रैल के दिन धन का आगमन तो होगा लेकिन आपके खर्च में भी वृद्धि होगी। ऑफिस के रोमांस से दूरी बनाना आपके लिए बेहतर रहेगा। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। लाइफ में बैलेंस मेंटेन करें। मकर-17 अप्रैल के दिन जीवन में खूब हलचल रहने वाली है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके खिलाफ हो सकती है। डिप्लोमेटिक और पॉजिटिव सोच आपकी प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर सकती है। कुम्भ-17 अप्रैल का आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की गॉसिप आपको परेशानी में डाल सकती है। बेहतर यही रहेगा कि आप अपने काम पर फोकस रखें। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। कन्या-17 अप्रैल का दिन रोमांटिक साबित हो सकता है। शादीशुदा कपल्स आज क्वालिटी टाइम स्पेंड करने के लिए डेट पर जा सकते हैं। सिंगल लोगों के लिए प्रपोज करने के लिए दिन शुभ नहीं माना जा रहा है। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन पहले से बेहतर होगी। वृश्चिक-17 अप्रैल का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। आज आपका मनी फ्लो अच्छा रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति आपको खर्चों को कंट्रोल करने की सलाह देती है। लव के मामले में अपने पार्टनर को जरूरी स्पेस दें और बेफिजूल की बहस से बचें। मीन-17 अप्रैल का दिन बेहद ही शानदार साबित हो सकता है। अपनी बॉडी को हेल्दी रखने के लिए नया फिटनेस रूटीन चालू करें। पैसों के मामले में भाग्य आपके साथ है। कोई बड़ा जोखिम आज न लें।

ईडी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन का किया था एलान,प्रदर्शन करने पहुंची कांग्रेस, लेकिन कार्यकर्ता नहीं खोज सके दफ्तर

इंदौर नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एजेंसी ने इस केस से जुड़ी 661 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया था। लेकिन इंदौर में कांग्रेस के संगठन ने जो किया, उससे पार्टी की किरकिरी हो गई। दरअसल कांग्रेस की इंदौर इकाई ने प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं से ईडी दफ्तर के बाहर एकत्र होने की अपील की थी। शिफ्ट हो चुका है ईडी दफ्तर लेकिन पार्टी ने जिस दफ्तर का पता दिया था, वहां से ईडी दफ्तर काफी पहले ही शिफ्ट हो चुका था। लेकिन पार्टी के आदेशानुसार कुछ कांग्रेस नेता ईडी के पुराने दफ्तर पहुंच भी गए। तब पता चला कि दफ्तर को कबका शिफ्ट हो चुका है। आनन-फानन में प्रदर्शन का स्थान बदला गया। अब कांग्रेस के इस प्रदर्शन से ज्यादा किरकिरी की चर्चा हो रही है। भाजपा ने भी इसे लेकर कांग्रेस की चुटकी ली है। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सालूजा ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कांग्रेस पर निशाना साधा है।  

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- सिलक्यारा टनल आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को सिलक्यारा सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में शामिल हुए। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में निर्माण के दौरान 41 श्रमिक 17 दिनों तक सिलक्यारा सुरंग में फंस गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। सिलक्यारा सुरंग चारधाम यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 853 करोड़ लागत की डबल लेन की इस सुरंग परियोजना की लंबाई 4.531 किलोमीटर है। सुरंग निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल ब्रेकथ्रू के अवसर पर परियोजना से जुड़े सभी इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर न केवल उन्नत इंजीनियरिंग की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आस्था और समर्पण की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल अभियान दुनिया का सबसे जटिल और लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन था। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की। यह घटना तकनीकी और मानवीय संकल्प की वास्तविक परीक्षा थी, सभी ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने समस्त रेस्क्यू टीम, रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सहयोगी संस्थाओं का भी इस अभियान को सफल बनाने में आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा अभियान पर पूरी दुनिया की नजरें थी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और भारत सरकार के पूर्ण सहयोग के चलते राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया। इस रेस्क्यू अभियान में देश और दुनिया में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। सुरंग में फंसे मजदूरों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, इससे हमारा हौसला बढ़ा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए घर से भेंट और पूजा सामग्री लेकर सिलक्यारा पहुंचे। उन्होंने बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी भाग लिया। सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल रेस्क्यू के लिए सीएम धामी ने खुद सिलक्यारा अभियान के दौरान कैंप कर अभियान की निरंतर निगरानी और निर्देशन किया था। रेस्क्यू अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग से मन्नत मांगते हुए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। सीएम धामी ने बाबा बौखनाग से प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जब सुरंग के मुख पर बाबा बौखनाग को विराजमान किया गया, तभी फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। उस समय उन्होंने बाबा बौखनाग का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी। बुधवार को मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा होने से संकल्प भी पूरा हुआ है और श्रद्धालु भी बाबा बौखनाग का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सिलक्यारा टनल का नाम बाबा बौखनाग पर किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। वहीं, बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही स्यालना के निकट हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।

प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार की नीयत और कार्रवाई पर खड़े किए सवाल, चुनाव के समय गांधी परिवार पर क‍िया जाता है हमला

बेंगलुरु नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 9 अप्रैल को दाखिल चार्जशीट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला। चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के नाम शामिल हैं, जिसे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत दायर किया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार की नीयत और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। खड़गे ने कहा कि असली मनी लॉन्ड्रिंग तो चुनावी बॉन्ड्स के जरिए हो रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जब भी बीजेपी के सामने कोई राजनीतिक संकट आता है या फिर उत्तर भारत में कोई चुनाव होता है, तो गांधी परिवार को निशाना बनाया जाता है। कभी रॉबर्ट वाड्रा को घसीटा जाता है, कभी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुराने मामलों को फिर से उछाला जाता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन मामलों में अब तक क्या साबित हुआ है? पैसा कहां से आया, किस देश में गया, कौन सी एजेंसियां इस काम में शामिल थीं। इन सब बातों का कोई सबूत सरकार ने सार्वजनिक क्यों नहीं किया? प्रियांक खड़गे ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप भाजपा और उससे जुड़ी संस्थाओं पर लगाते हुए कहा कि भाजपा को आखिर 5000 करोड़ रुपये का चंदा कैसे मिला? आरएसएस देशभर में 600 से अधिक जिला कार्यालय बना रहा है और उसका नया हाईटेक कार्यालय 150 करोड़ रुपये में कैसे बना? इसके साथ ही भाजपा को स्वयंसेवकों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के दान की ऑडिट की भी उन्होंने मांग की। उन्होंने कहा कि यह सब केवल एक राजनीतिक हथकंडा है, ताक‍ि मोदी सरकार अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान भटका सके। खड़गे ने कहा कि गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया है और कांग्रेस के लोग सैकड़ों बार जेल गए हैं। हम इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। यह एक मनगढ़ंत मामला है, जो न्यायपालिका में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत में इस मामले की सुनवाई में न्यायपालिका सरकार की असंवैधानिक नीतियों और योजनाओं को पहचान कर सही निर्णय लेगा।

राष्ट्रपति के हिमाचल दौरे से पहले बम की धमकी से हड़कंप, अब नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था का होगा निर्धारण

मंडी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले बम की धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। ईमेल में उपायुक्त कार्यालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मुसात मई को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी ) मंडी के दौरे पर आने वाली हैं। वह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगी। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से विज्ञानिक, शोधार्थी, प्रोफेसर और छात्र भाग लेंगे। ऐसे में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पहले से ही जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों में जुटी थीं। बम की धमकी से सक्रिय हुईं केंद्रीय एजेंसियां बम की धमकी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल को लगाया गया है, ताकि यह पता चल सके कि ईमेल किसने और कहां से भेजा। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भी मंडी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और राष्ट्रपति से सुरक्षा से जुड़े अधिकारी अब दौरे से पहले हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था का होगा नए सिरे से निर्धारण इस घटनाक्रम के बाद मंडी में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पहले से बनी सुरक्षा रणनीति की फिर से समीक्षा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी अब आइआइटी मंडी सहित आसपास के सभी क्षेत्रों की नए सिरे से सुरक्षा समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम स्थल, राष्ट्रपति के ठहरने की व्यवस्था, रास्ते और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना पर काम किया जा रहा है। राष्ट्रपति का करीब दो से तीन घंटे तक आइआइटी मंडी में रुकने का कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

PM मोदी और ट्रंप के बीच अच्छे संबंध, मुक्त द्विपक्षीय व्यापार समझौते से भारत को होगा फायदा: मार्क मोबियस

 नई दिल्ली विश्व व्यापार व्यवस्था के भविष्य को लेकर तेज हो रही बहस के बीच दिग्गज वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ मुक्त द्विपक्षीय व्यापार समझौते से निश्चित रूप से भारत को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे संबंध हैं। उभरते बाजारों (ईएम) के लिए मोबियस ईएम ऑपर्च्युनिटीज फंड चलाने वाले अरबपति निवेशक ने मिडिया से कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में कुछ संकट आएगा, लेकिन अगले कुछ महीनों में ट्रंप कई देशों के साथ व्यापार समझौते करना शुरू कर देंगे और इससे बाजार ‘शांत’ हो जाएगा। साथ ही बड़ी मंदी की संभावना खत्म हो जाएगी। मोबियस के अनुसार, ”भारत में क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्शन एजेंसी जैसी कई गैर-टैरिफ बाधाएं हैं।” उन्होंने कहा, “यह सबसे अच्छा होगा अगर भारत उन सभी बाधाओं को खत्म कर दे और अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर ले।” भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि 2025 की निर्धारित समय सीमा से पहले टैरिफ कम किया जा सके। इस समझौते के संदर्भ की शर्तें पहले ही तय की जा चुकी हैं। अगर व्यापार सौदा समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाता है, तो दोनों देशों को लाभ होगा। मोबियस के अनुसार, ”पूरी तरह से मुक्त व्यापार वातावरण सबसे अच्छा होगा, लेकिन अधिकांश देश, विशेष रूप से चीन, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का पालन करने और पारस्परिक व्यापारिक समझ का पालन करने के लिए तैयार नहीं हैं।” उन्होंने कहा, “अमेरिका दुनिया भर के देशों से रेसिप्रोसिटी की मांग कर रहा है ताकि व्यापार असंतुलन को दूर किया जा सके और सभी देशों में मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित किया जा सके।” व्हाइट हाउस फैक्ट शीट के अनुसार, ”चीन को अब अपने प्रतिशोधी टैरिफ के परिणामस्वरूप अमेरिका में आयात पर 245 प्रतिशत तक टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हुआ जब बीजिंग ने अपनी एयरलाइनों को चीनी सामानों पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले के जवाब में बोइंग जेट की कोई और डिलीवरी नहीं लेने का आदेश दिया।” व्हाइट हाउस के अनुसार, ”अमेरिकी राष्ट्रपति चीन के साथ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बीजिंग को पहला कदम उठाना चाहिए।”

पार्टी कार्यकर्ता भले ही हतोत्साहित, लेकिन केवल उनकी पार्टी ही आरएसएस और भाजपा को हरा सकती है: राहुल गांधी

अहमदाबाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ता भले ही हतोत्साहित दिख रहे हैं, लेकिन केवल उनकी पार्टी ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा को हरा सकती है। गांधी ने अपनी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सीनियर नेता बने घूम रहे हैं, लेकिन कई बूथ नहीं जितवा पाते। कई ऐसे भी लोग हैं, जो बीजेपी के साथ मिले हुए हैं, उनको हमें पहचान कर प्यार से परे करना है। हिंसा से नहीं, नफरत से नहीं, प्यार से। उनसे कहना है कि- भैया.. साइड हो जाइए, दूसरों को आगे जाने दीजिए। एक सप्ताह में गुजरात की अपनी दूसरी यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद ने राज्य में संगठन को नया रूप देने के लिए रोडमैप पेश किया और पार्टी के उन नेताओं को हटाने का वादा किया जो या तो निष्क्रिय हैं या भाजपा के लिए काम करते हैं। राहुल गांधी ने कहा, ”बैठक में एक अच्छी बात मुझसे कही गई कि अलग-अलग सीनियर नेता आते हैं तो जादू से हर जिले में लोग दो-तीन दिन के लिए बाहर आ जाते हैं और फिर जाने पर वापस गायब हो जाते हैं। लेकिन इनके पास कोई पकड़ नहीं होती।” राहुल ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीनियर नेता बने घूम रहे हैं, लेकिन बूथ नहीं जिता पाते। हम उन लोगों को ताकत देना चाहते हैं, जिनकी पकड़ बूथ से है और लोकल हैं। जो जनता की समस्याओं को उठाते हैं, उन्हें हम ताकत देना और आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ”गुजरात में आप कांग्रेस के लिए लड़ते हो, मैं समझता हूं यह आसान नहीं है। शायद पूरे देश में आपको सबसे ज्यादा सहना पड़ता है। आप धमकियां खाते हैं, लाठी खाते हैं, लेकिन कांग्रेस का झंडा नहीं छोड़ते हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि जहां भी जरूरत होगी मेरी, मैं वहां हाजिर होऊंगा। नई जेनरेशन को हमें कांग्रेस पार्टी में लाना है। जो जनता से जुड़े लोग हैं, उन्हें आगे बढ़ाना है।” गुजरात में 2027 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। एक एआईसीसी पर्यवेक्षक और चार राज्य पर्यवेक्षकों समेत पांच सदस्यों वाली एक समिति गुजरात में पार्टी की 41 जिला इकाइयों (आठ शहरों समेत) में से प्रत्येक के लिए नए प्रमुखों की नियुक्ति की प्रक्रिया की देखरेख करेगी, जिसकी शुरुआत अरवल्ली जिले से होगी। अपने संबोधन में गांधी ने कार्यकर्ताओं से कई वादे किए जैसे कि जिला इकाइयों को अधिक शक्ति एवं धन उपलब्ध कराना, वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का आकलन करना, जमीनी स्तर पर सक्रिय पदाधिकारियों को बढ़ावा देना और उन नेताओं को हटाना जो या तो निष्क्रिय हैं या भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा- कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था, आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं, खत्म कर देना चाहिए

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर होने के बाद जहां देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक अलग और तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। नेशनल हेराल्ड मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था। आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं…आर्थिक अपराधों की जांच के लिए कई संस्थाएं हैं…ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। कांग्रेस ने ही ईडी कानून बनाया था। उस समय कई पार्टियों ने इसका विरोध किया था और कांग्रेस से कहा था कि आप ऐसा कानून ला रहे हैं जिससे अंततः आपको ही परेशानी हो सकती है। महाराष्ट्र में भाजपा के खिलाफ कोई भी नेता ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का सामना करता था…मैं इतना समझता हूं कि ईडी जैसे विभाग को खत्म कर देना चाहिए। मैं कांग्रेस से भी यही मांग करने को कहूंगा। ईडी होने का मतलब है कि आप आयकर विभाग या जीएसटी जैसी अपनी संस्थाओं पर भी भरोसा नहीं कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा, “… यूपी का डबल इंजन एक दूसरे के पक्ष में नहीं है। एक दूसरे से टकरा रहे हैं। साथ नहीं चल रहे। आमने सामने टक्कर मार रहे हैं। पहले इंजन टक्कर मार रहे थे, अब डिब्बे भी टक्कर मार रहे हैं

वक्फ पर सर्वोच्च न्यायालय में बहस, सीजीआई ने कहा अनुच्छेद 26 धर्मनिरपेक्ष है और ये सभी समुदायों पर लागू होता है

नई दिल्ली वक्फ कानून को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस अहम मामले में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखनी शुरू कीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की शुरुआत की, जिसके बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें पेश कीं। सिब्बल ने अनुच्छेद 26 का जिक्र किया। फिर कहा अगर मुझे वक्फ बनाना है तो मुझे सबूत देना होगा कि मैं 5 साल से इस्लाम का पालन कर रहा हूं, अगर में मुस्लिम ही जन्मा हूं तो मैं ऐसा क्यों करूंगा? मेरा पर्सनल लॉ यहां पर लागू होगा। अगर वक्फ बनाने वाला कागजात देता है तो वक्फ कायम रहेगा। इस पर सीजीआई ने कहा अनुच्छेद 26 धर्मनिरपेक्ष है और ये सभी समुदायों पर लागू होता है। वहीं, अधिवक्ता सिंघवी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि देशभर में करीब आठ लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से चार लाख से अधिक संपत्तियां ‘वक्फ बाई यूजर’ के तौर पर दर्ज हैं। उन्होंने इस बात को लेकर चिंता जताई कि वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद इन संपत्तियों पर खतरा उत्पन्न हो गया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कहा कि जब वे दिल्ली हाईकोर्ट में थे, तब उन्हें बताया गया था कि वह जमीन वक्फ संपत्ति है। उन्होंने कहा, “हमें गलत मत समझिए, हम यह नहीं कह रहे हैं कि सभी वक्फ बाई यूजर संपत्तियां गलत हैं।” बहस के दौरान सिंघवी ने यह भी कहा कि उन्हें यह तक सुनने में आया है कि संसद भवन की जमीन भी वक्फ की है। उन्होंने कोर्ट से पूछा कि क्या अयोध्या केस में जो फैसले दिए गए, वे इस मामले में लागू नहीं होते? उन्होंने संशोधित वक्फ अधिनियम पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की और कहा कि जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक संशोधन लागू नहीं किया जाना चाहिए। इस बीच, अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने भी कहा कि अधिनियम की धारा 3(आर) के तीन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। खासकर इस बात पर कि ‘इस्लाम का पालन करना’ यदि आवश्यक धार्मिक अभ्यास माना जाता है, तो इसका प्रभाव नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर भी पड़ सकता है। अहमदी ने कहा कि यह अस्पष्टता पैदा करता है ।

फर्जी डॉक्टर के कारनामों से चर्चा में आए मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित, इन कारणों से अस्पताल का लाइसेंस हुआ निरस्त

दमोह दिल के ऑपरेशन के दौरान सात लोगों की मौत का जिम्मेदार फर्जी डॉक्टर नरेंद्र जान केम मिशन अस्पताल में काम कर रहा था। इस अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई कि अस्पताल के लाइसेंस की अवधि तो 31 मार्च को ही समाप्त हो गई थी। कैथलैब का संचालन भी बिना लाइसेंस के किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ मुकेश जैन ने बुधवार को मिशन अस्पताल के लाइसेंस को आगामी आदेश तक निलंबित करते हुए मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।   इन कारणों से अस्पताल का लाइसेंस हुआ निरस्त डॉ जैन ने बताया कि मिशन अस्पताल का लाइसेंस 31 मार्च को खत्म हो चुका था। अस्पताल प्रबंधन ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन उसमें कुछ कमियां पाए जाने के कारण उनका आवेदन वापस कर दिया गया था। सात दिन के अंदर फिर से आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मिशन अस्पताल प्रबंधन ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। किसी नर्सिंग होम में जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह अस्पताल में नहीं थीं। डॉक्टरों की पदस्थापना की कमी भी पाई गई। इन कारणों से आगामी आदेश तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया है। आवेदन किया तो परीक्षण करेगी टीम सीएमएचओ डॉ जैन ने बताया कि यदि अस्पताल प्रबंधन द्वारा लाइसेंस के लिए पुनः आवेदन किया जाता है, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम आवेदन का परीक्षण करेगी। इसके बाद समूची शर्तें पूर्ण करने पर उनके लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा सकता है, लेकिन तब तक उनका लाइसेंस निलंबित ही रहेगा। अस्पताल का संचालन नहीं हो पाएगा।

देश में इस तरह का माहौल बना दिया गया है जैसे कोई बहुत बड़ा घोटाला हो गया हो: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर जयपुर में बुधवार को एक लोकतांत्रिक दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की। नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने राजधानी जयपुर में ईडी दफ्तर के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। ‘यह सिर्फ न्याय की मांग है, सच्चाई का साथ है’ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा, “देश में इस तरह का माहौल बना दिया गया है जैसे कोई बहुत बड़ा घोटाला हो गया हो। जबकि सच्चाई यह है कि इसी मामले में पहले जांच हो चुकी है और कांग्रेस नेतृत्व को क्लीन चिट मिल चुकी है। यह सिर्फ एक झूठे आरोप को दोहराने की कोशिश है। हमारा संघर्ष सच्चाई के लिए है, लोकतंत्र के लिए है।” ‘सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुटता’ टीकाराम जूली ने कहा कि राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा, “यह कोई मनी लॉन्ड्रिंग केस नहीं, बल्कि एक नॉन-प्रॉफिट संस्था का मामला है। कोई लेन-देन नहीं हुआ, सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।” दिल्ली से सचिन पायलट बोले – यह मामला राजनीति से प्रेरित राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कहा, “यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। हम न्यायपालिका में आस्था रखते हैं और कानून के दायरे में रहकर इसे सुलझाएंगे। सोनिया गांधी जी की छवि खराब करने का जो प्रयास हो रहा है, देश की जनता उसे समझती है।” राजस्थान सरकार का विरोधाभासी बयान वहीं, राज्य सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के घोटालों के इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईडी अपनी जांच प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है और कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखना चाहिए।

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राज्य की स्थिति पर चिंता जताई, दावा किया कि ममता सरकार के दिन गिने-चुने रह गए

कोलकाता भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने राज्य में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा, वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध और दंगों को लेकर ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की स्थिति पर चिंता जताई और दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। भाजपा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति के कारण कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। वक्फ कानून, सांप्रदायिक हिंसा और प्रशासन की निष्क्रियता जैसे मुद्दों पर भाजपा ने ममता बनर्जी को कटघरे में खड़ा किया है और आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव होने का संकेत भी दिया है। हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना: भाजपा रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालिया घटनाएं यह साबित करती हैं कि वहां हिंदू समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के संरक्षण में दंगाइयों को खुली छूट दी गई है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने खास तौर पर मुर्शिदाबाद जिले का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क उठी और कई लोगों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। पुलिस पर गंभीर आरोप भाजपा नेता ने राज्य पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य प्रशासन की नाक के नीचे दंगाई खुलेआम हिंसा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की राजनीतिक मंशा के कारण पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है। “क्या ममता बनर्जी की सरकार मानवीय मूल्यों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो गई है?” – यह सवाल रविशंकर प्रसाद ने सीधा मुख्यमंत्री से किया।   कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश और केंद्रीय बलों की तैनाती प्रसाद ने कहा कि राज्य के पीड़ितों को इस बात का डर है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर अस्थायी रूप से तैनात किए गए केंद्रीय बलों के हटने के बाद दंगाई दोबारा हमला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य में कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति को दर्शाती है और यह ममता सरकार की विफलता है। “वोट बैंक के लिए कितनी नीचे गिरेंगी ममता?” भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी केवल अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टीकरण की नीति अपना रही हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नारे “मां, माटी, मानुष” पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब सरकार को न तो मां की चिंता है, न माटी की और न ही आम मानुष की।   वक्फ कानून पर भाजपा का सवाल रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी द्वारा वक्फ (संशोधन) अधिनियम को राज्य में लागू न करने की घोषणा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या ममता बनर्जी को इस बात से परेशानी है कि इस कानून से मुस्लिम समाज के पसमांदा तबके और महिलाओं को अधिकार मिलने वाले हैं? उन्होंने कहा कि यह कानून धार्मिक संपत्तियों की पारदर्शी व्यवस्था और हकदारों को न्याय दिलाने के लिए लाया गया है, लेकिन ममता बनर्जी इसे भी राजनीति की भेंट चढ़ा रही हैं। “ममता सरकार के दिन गिने-चुने हैं” प्रसाद ने अपने बयान के अंत में कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब ममता सरकार से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है और परिवर्तन की मांग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि “ममता बनर्जी सरकार के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं और भाजपा राज्य में लोकतंत्र, कानून और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

बिहान योजना की बदौलत गांव की महिलाएं बन रही हैं उद्यमिता की प्रतीक

लखपति दीदी जानकी नाग की बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर उड़ान रायपुर, लखपति दीदी“ जानकी नाग की बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर उड़ानभारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु चलाई जा रही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना आज कई महिलाओं के जीवन में बदलाव की कहानी लिख रही है। इसी योजना की बदौलत छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम सिरको की श्रीमती जानकी नाग आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने साथ गांव की कई अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखाई है।      श्रीमती जानकी नाग ने प्रगति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत की। उन्हें योजना के तहत 15 हजार रुपए की रिवॉल्विंग फंड और बाद में 60 हजार रुपए का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड मिला। इस पूंजी का उपयोग कर जानकी ने आटा चक्की और सिलाई मशीन जैसे स्वरोजगार के संसाधनों की स्थापना की और अपने व्यवसाय का विस्तार किया। समूह के मार्गदर्शन और बैंक ऋण की मदद से जानकी का व्यापार लगातार बढ़ता गया। आज उनकी वार्षिक आय 80 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है, और वे हर महीने औसतन 07 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।     साल 2024 में जानकी को ’पशु सखी’ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिससे उन्हें हर माह 1,910 रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। इस आय से जानकी न सिर्फ अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही हैं।जानकी गर्व से कहती हैं,“समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपनी पहचान मिली है। अब मैं आत्मनिर्भर हूं और अपने पैरों पर खड़ी हूं। मुझे खुद पर और अपने काम पर गर्व है।“ उड़ान महिला संकुल संगठन, सांकरा और प्रकाश महिला ग्राम संगठन, सिरको के सहयोग से जानकी ने जिस संकल्प और आत्मबल के साथ सफलता पाई है, वह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुकी है।

अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।  कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व किरण सिंह देव, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, प्रबोध मिंज, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।

ट्रंप प्रशासन ने US ने रद्द किया F-1 वीजा तो भारतीय छात्र ने खोल दिया मोर्चा, अदालत में घसीटा

न्यूयॉर्क संयुक्त राज्य अमेरिका के मिशिगन के सरकारी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक भारतीय समेत चार एशियाई छात्रों ने अपने छात्र आव्रजन दर्जे को गलत तरीके से समाप्त किए जाने के बाद अमेरिका से संभावित निर्वासन के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। भारत के चिन्मय देवरे, चीन के जियांगयुन बु और कियुई यांग और नेपाल के योगेश जोशी ने शुक्रवार को ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ (DHS) और आव्रजन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। चारों छात्रों ने मुकदमा दायर करके आरोप लगाया है कि ‘छात्र एवं विनिमय आगंतुक सूचना प्रणाली’ (SEVIS) में उनके छात्र आव्रजन दर्जे को ‘पर्याप्त नोटिस और स्पष्टीकरण के बिना’ अवैध रूप से समाप्त कर दिया गया। SEVIS एक ऐसा आंकड़ा है जो अमेरिका में गैर-प्रवासी छात्रों और शैक्षणिक विनिमय के तहत आने वाले छात्रों (विनिमय आगंतुक) के बारे में जानकारी एकत्र करता है। बिना कारण रद्द किया गया F-1 छात्र वीजा छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे मिशिगन के ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ ने कहा है कि उन्होंने उन छात्रों की ओर से एक संघीय मुकदमा दायर करके एक आपतकालीन निषेधाज्ञा जारी करने का अनुरोध किया है, जिनकी F-1 छात्र आव्रजन स्थिति को ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना किसी वैध कारण और बिना किसी नोटिस के अवैध रूप से और अचानक समाप्त कर दिया गया है।एसीएलयू ने कहा कि मुकदमे में अदालत से इन छात्रों की स्थिति को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और हिरासत और निर्वासन के जोखिम का सामना करने से बच सकें। न अपराध किया, न दोषी ठहराया गया, फिर क्यों ऐक्शन? अदालत में की गई शिकायत में कहा गया है, “उनमें से किसी पर भी अमेरिका में किसी भी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है, न ही उन्हें दोषी ठहराया गया है। किसी ने भी किसी आव्रजन कानून का उल्लंघन नहीं किया है। न ही वे किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर परिसर में विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं।” इस शिकायत में डीएचएस सचिव क्रिस्टी नोएम, कार्यकारी आईसीई निदेशक टॉड लियोन्स और आईसीई डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस निदेशक रॉबर्ट लिंच का नाम शामिल है। इसी प्रकार के मुकदमे न्यू हैम्पशायर, इंडियाना और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों समेत देशभर में दायर किये गए हैं। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही इसी तरह के एक मामले में अमेरिकी जज ने ट्रंप प्रशासन को 21 वर्षीय भारतीय स्नातक कृष लाल इस्सरदासानी को निर्वासित करने से अस्थायी रूप से रोक दिया था, जिसका छात्र वीजा रद्द कर दिया गया था। कृष मई में स्नातक होने वाले हैं।

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