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पीएम जनमन योजना अंतर्गत दूररस्थ अंचलों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट को सराहनीय पहल बताया: राज्यपाल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत दूररस्थ अंचलों के लिए संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट को सराहनीय पहल बताया है। उन्होंने बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय अंचलों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में सिकल सेल एनीमिया रोग की दवाईयों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा है। राज्यपाल श्री पटेल वन एवं जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक का आयोजन जनजातीय प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जवाहर खण्ड राजभवन में किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने वन अधिकार अधिनियम 2006 क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा की। सामुदायिक और व्यक्तिगत वन अधिकारों, वन संसाधन संरक्षण, वन ग्राम के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन के कार्य की प्रगति से भी अवगत हुए। उनके समक्ष जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान योजना अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पीएम जनमन आवास योजना अंतर्गत बनने वाले मकानों की डिजाइनिंग, आकार के प्रारूप के संबंध में राज्य स्तर से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। कार्य की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के द्वारा निर्माण कार्य का क्षेत्र निरीक्षण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के हितग्राही को आवास की डिजाइनिंग और आकार में परिवार की जरूरतों, प्रकाश और हवा के समुचित प्रबंध करने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान अवधि के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समय सीमा में पूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा त्रैमासिक आधार पर विभागीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाए। बैठक में संबंधित विभाग द्वारा विगत तीन माह की अवधि में विभागीय योजनाओं, कार्यों की प्रगति की संकलित जानकारी प्रस्तुत की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा, उपसचिव श्रीमती वंदना वैद्य, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी.एन. अंबाडे, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ श्री विभाष ठाकुर, सचिव वन श्री अतुल मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

राज्यपाल से छत्तीसगढ़ राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के नव निर्वाचित अध्यक्ष टोमन साहू के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रबंधन समिति के लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस समिति के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने रेडक्रॉस की सदस्यता बढ़ाने के लिए सभी पदाधिकारियों को विशेष प्रयास करने कहा। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ को टी.बी. रोग से मुक्त करने के लिए रेडक्रॉस को अहम भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस की भूमिका और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कार्य करना होगा। श्री डेका ने विभिन्न विषयों पर पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया। छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. के. राउत ने बताया कि राज्य के 32 जिलों में जिलास्तरीय रेडक्रॉस समिति के चुनाव कराए गए। इन जिला प्रतिनिधियों ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की राज्य स्तरीय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों को चुना। इस अवसर पर छत्त्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष  रूपेश पाणिग्रही, सचिव डॉ. रूपल पुरोहित, कोषाध्यक्ष  संजय पटेल,  बलराम साहू, डॉ. प्रदीप कुमार साहू और  युवराज देशमुख उपस्थित थे।

चिया सीड्स दही में मिलाकर खाएंगे तो होंगे अनेक फायदे

 दही और चिया सीड्स दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। जब इन दोनों को एक साथ मिलाकर खाया जाता है, तो यह एक सुपरफूड की तरह काम करता है। चिया सीड्स में प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई पोषक तत्व होते हैं। वहीं, दही प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन न सिर्फ पाचन को दुरुस्त रखता है, बल्कि वजन घटाने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं दही के साथ चिया सीड्स खाने के क्या फायदे हैं। दही के साथ चिया सीड्स खाने के फायदे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स और चिया सीड्स में हाई फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करता है। चिया सीड्स पानी में फूलकर जेल जैसा बन जाते हैं, जो आंतों की सफाई करके कब्ज से राहत दिलाते हैं। दही के साथ इसे खाने से गट हेल्थ बेहतर होती है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। वजन घटाने में सहायक अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो दही और चिया सीड्स का कॉम्बिनेशन आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अनहेल्दी क्रेविंग्स कम होती हैं। दही में मौजूद प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार दही कैल्शियम का एक बेहतरीन सोर्स है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। चिया सीड्स में भी कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों की डेंसिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसलिए, दही और चिया सीड्स खाने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव हो सकता है। इम्युनिटी बढ़ाता है दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। चिया सीड्स में एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो इंफ्लेमेशन को कम करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से इन्हें खाने से सर्दी-जुकाम और अन्य इन्फेक्शन्स का खतरा कम होता है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद दही और चिया सीड्स दोनों ही त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं। दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और ग्लो बढ़ाता है। चिया सीड्स में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन इंफ्लेमेशन को कम करके मुंहासों और झुर्रियों से बचाता है। साथ ही, यह कॉम्बिनेशन बालों को मजबूत और चमकदार बनाने में भी मदद करता है। एनर्जी बूस्टर चिया सीड्स में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं। दही के साथ इसे खाने से शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है, जिससे थकान कम होती है और स्टैमिना बढ़ता है। यह एथलीट्स और फिटनेस एन्थूजियास्ट्स के लिए एक बेहतरीन स्नैक ऑप्शन हो सकता है। डायबिटीज कंट्रोल में मददगार चिया सीड्स ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो ग्लूकोज के अब्जॉर्प्शन को धीमा कर देता है। दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इसलिए, दही और चिया सीड्स का कॉम्बिनेशन डायबिटीज मैनेजमेंट में भी फायदेमंद हो सकता है।

धान नीलामी पर नेता प्रतिपक्ष महंत का तंज, बोले – प्रदेश में डबल इंजन सरकार हुई फेल

रायपुर राज्य सरकार द्वारा आज से की जा रही धान नीलामी पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार फेल हुई है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल में छत्तीसगढ़ के पूरे धान का चावल नहीं लिए जाने के कारण नीलामी के जरिए सरकार 35 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय कर रही है. इससे लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति होने की आशंका है. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की योजना भारत सरकार की योजना है, और राज्य सरकार के द्वारा केन्द्र की ऐजेंसी के रूप में धान उपार्जन का कार्य किया जाता है. इसलिए केन्द्र सरकार को चाहिए सम्पूर्ण सरप्लस धान का चावल केन्द्रीय पूल में ले. उन्होंने कहा कि पंजाब में इसी सीजन में कुल 172 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ है, और इस सम्पूर्ण धान का चावल केन्द्रीय पूल में लिया जा रहा है. पंजाब में तो भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार भी नहीं है, जबकि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार होने के बाद भी हमारा पूरा सरप्लस चावल केन्द्रीय पूल में नहीं लिया जाना और 7 हजार करोड़ रुपए की क्षति का अनावश्यक आर्थिक भार राज्य के खजाने पर डालना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है.

अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित : मुख्यमंत्री

  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष ‘प्रेरणा’ में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है। इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो। बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत  लक्ष्यपूर्ति  के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे, और सभी निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिए जाएँ। आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति पंचायतों के माध्यम से एकसाथ करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में बस्तर संभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 95.89 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है। … Read more

स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने किया स्वच्छ नगर समाचार मासिक पत्रिका का विमोचन

जयपुर,  स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री राजेश यादव ने बुधवार को निदेशालय के सभागार में ”स्वच्छ नगर समाचार” मासिक न्यूज़ लेटर का विमोचन किया । इस अवसर पर श्री राजेश यादव ने कहा कि इस मासिक पत्रिका के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन शहरी में किये जा रहे है प्रयासों को प्रदर्शित किया जायेगा जैसे घरेलू एवं सामुदायिक कंपोस्टिंग, कचरे से उपयोगी वस्तुओं के निर्माण (वेस्ट टू वेल्थ) जैसे विषयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरीय निकायों, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप के अनुभव आदि के बारे में इस मासिक पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा जिस से आमजन को प्रेरणा मिले और वे मिशन मे अपनी सक्रिय भागीदारी देवे। उन्होंने बताया की मासिक न्यूज़ लेटर इ पत्र के रूप में स्वायत्त शासन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा। इस दौरान स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं विशष्ट सचिव श्री इंद्रजीत सिंह, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन(शहरी) श्रीमती श्वेता चौहान,मुख्य अभियंता (SBMU) श्री प्रदीप गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का भोपाल में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया आत्मीय स्वागत

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज अपने भोपाल स्थित निज निवास पर भारतीय थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी एवं उनकी धर्मपत्नी का सपरिवार आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य अंचल की धरती से निकलकर भारतीय सेना के सर्वोच्च पद पर पहुंचे जनरल उपेंद्र द्विवेदी ‘विंध्य की माटी का गौरव’ हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी को देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी वीरता, नेतृत्व क्षमता एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनरल द्विवेदी विंध्य क्षेत्र के उन अनमोल रत्नों में से हैं, जिन पर सम्पूर्ण प्रदेश को गर्व है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जनरल द्विवेदी जैसे व्यक्तित्वों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल एवं जनरल द्विवेदी के मध्य विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक एवं उपयोगी चर्चा हुई।  

36 साल की सुमोना चक्रवर्ती ने इंस्टाग्राम पर शेयर की दिलकश तस्वीरें

मुंबई एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती लंबे समय से टीवी स्क्रीन से गायब हैं। मगर वह इंटरनेट पर गर्मी का पारा और बढ़ा रही हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ दिलकश तस्वीरें शेयर की हैं, जिसने तहलका मचा दिया है। संमंदर किनारे वह छुट्टियों का मजा ले रही हैं, जिसे देख अच्छे-अच्छों का दिल पिघल गया है और वह तारीफ कर रहे हैं। साथ ही कुछ उन्हें कपिल शर्मा के साथ देखने की इच्छा जता रहे हैं। शो में वापसी के लिए कह रहे हैं। सुमोना चक्रवर्ती ने कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ करीब 10 साल काम किया है। कभी वह उनकी गर्लफ्रेंड तो कभी बीवी के रोल में दिखाई दी है। हालांकि जब शो ओटीटी पर शिफ्ट हुआ और नए कलेवर के साथ दर्शकों के बीच आया तो सुमोना गायब रहीं। उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया कि उन्हें उस शो के लिए बुलाया ही नहीं गया। खैर। अब इस चिलचिलाती गर्मी में सुमोना चक्रवर्ती की तस्वीरों का लुफ्त उठाइए, जो कहर ढा रही हैं। सुमोना चक्रवर्ती ने बिकिनी में शेयर की फोटोज सुमोना चक्रवर्ती ने समंदर किनारे चिल-आउट करते हुए कुछ फोटोज शेयर की हैं। किसी-किसी में वब स्वीमिंग पूल में पानी के आंदर भी आराम फरमा रही हैं। सभी फोटोज में वह टू-पीस बिकिनी और मोनोकिनी में सनसेट के दौरान पोज दे रही हैं। सुमोना चक्रवर्ती 36 साल की हैं और अभी उन्होंने शादी नहीं की है। उनका नाम काजोल के चचेरे भाई सम्राट मुखर्जी से जुड़ा था लेकिन एक्ट्रेस ने इसे सिरे से नकारा है। उन्होंने एक बार बताया था कि वह 2011 से एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी से जूझ रही हैं। सुमोना चक्रवर्ती को बिकिनी में देख लोगों का रिएक्शन सुमोना ने फोटोज शेयर कर कैप्शन में लिखा है कि वह दोबारा वियतनाम के समंदर किनारे जाना चाहती हैं। इस पर लोगों ने रेड हार्ट और फायर इमोजी के जरिए एक्ट्रेस की तारीफ की है। एक यूजर ने लिखा, ‘तुम इतनी सुंदर हो, मैं क्या करूं?’ एक ने लिखा, ‘मैं आपको द ग्रेट इंडियन कपिल शो में याद करता हूं।’ एक ने लिखा, ‘मुझे लगता है कि साड़ी आप पर जचती है।’

DPS द्वारका को HC की कड़ी फटकार, क्यों न स्कूल को बंद कर प्रिंसिपल पर मुकदमा चलाया जाए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि क्यों न डीपीएस द्वारका को बंद कर दिया जाए। साथ ही छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने को लेकर कहा कि प्रिंसिपल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हाई कोर्ट छात्रों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारका को फीस के लिए छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने और क्लास में भाग नहीं लेने देने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने इसे अपमानजनक व्यवहार बताया। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि छात्रों के साथ ‘संपत्ति’ जैसा व्यवहार करने वाले स्कूल को बंद कर दिया जाना चाहिए। कोर्ट छात्रों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है कि स्कूल द्वारा छात्रों को प्रताड़ित न किया जाए। ऐसा लग रहा है कि स्कूल केवल पैसा कमाने की मशीन के रूप में संस्थान चला रहा था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान कई छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में, किताबों और बैग के साथ अपने माता-पिता के साथ मौजूद थे। जस्टिस दत्ता ने कहा, “मुझे चिंता है कि आपने छात्रों के साथ घटिया और अमानवीय व्यवहार किया। फीस का भुगतान करने में असमर्थता स्कूल को छात्रों के साथ इस तरह के अपमानजनक व्यवहार करने का लाइसेंस नहीं देती है।” हाई कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण-पश्चिम) के नेतृत्व वाली आठ सदस्यीय निरीक्षण समिति की निरीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसमें फीस वृद्धि विवाद के दौरान छात्रों के खिलाफ कई भेदभावपूर्ण व्यवहारों को चिन्हित किया गया था। ऐसे छात्रों के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने अनधिकृत शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उनके बच्चों को परेशान किया। कोर्ट ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में स्कूल में चिंताजनक स्थिति का खुलासा हुआ है। कोर्ट ने संस्थान को निर्देश दिया कि वह विद्यार्थियों को लाइब्रेरी तक सीमित न रखे। उन्हें कक्षाओं में उपस्थित होने दे। उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग न करे। उन्हें स्कूल में अपने दोस्तों के साथ बातचीत करने से न रोके तथा उन्हें अन्य सुविधाओं तक पहुंच से न रोके। कोर्ट ने कहा कि इस व्यवहार के लिए स्कूल के प्रिंसिपल पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। छात्रों के वकील ने दावा किया कि वे स्वीकृत फीस का भुगतान करने के लिए तैयार हैं। वहीं, स्कूल के वकील ने दलील दी कि छात्रों को दिसंबर में ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे मार्च तक बकाया भुगतान करने में विफल रहे। इसके बाद उन्हें स्कूल नहीं आने के लिए कहा गया। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के वकील ने कहा कि उन्होंने 8 अप्रैल को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें प्रबंधन से सात दिनों के भीतर यह बताने को कहा गया था कि उसके खिलाफ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई क्यों न की जाए।

नरेन्द्र मोदी जी, आपकी निरंकुश सरकार अपने पाप पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस को निशाना बनाने पर तुली हुई: खरगे

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली ‘‘निरंकुश सरकार” अपने ‘‘पाप” पर पर्दा डालने के लिए उनकी पार्टी को निशाना बनाने पर तुली हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और वह सरकार की नाकामियों को उजागर करती रहेगी। खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी, आपकी निरंकुश सरकार अपने पाप पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस को निशाना बनाने पर तुली हुई है। भाजपा का आर्थिक कुप्रबंधन नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। हताशा बढ़ती जा रही है, कोई दृष्टि नहीं, कोई समाधान नहीं, केवल ध्यान भटकाना।” उन्होंने दावा किया कि व्यापार घाटा तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और ‘टैरिफ’ एवं व्यापार युद्ध पर कोई स्पष्टता नहीं दिख रही है तथा केवल खोखले शब्द और निरर्थक मुलाकातें हो रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा, ‘‘90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बताया कि वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। 80 प्रतिशत से अधिक लोगों का कहना है कि उनका खर्च बढ़ गया, भले ही आय में वृद्धि नहीं हुई।” खरगे ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में एफएमसीजी कंपनियों की राजस्व वृद्धि धीमी होकर केवल पांच प्रतिशत रह गई है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ईंधन पर कर/शुल्क के रूप में (दिसंबर, 2024 तक) 39 लाख करोड़ रुपये का भारी संग्रह किया। रसोई गैस की कीमतें 50 रुपये तक बढ़ाई गईं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी कोई राहत नहीं मिली।” उन्होंने कहा कि स्नातक बेरोजगारी दर 13 प्रतिशत और युवा बेरोजगारी दर 10.2 प्रतिशत है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 23 आईआईटी में से 22 और 25 आईआईआईटी में से 23 में प्लेसमेंट में गिरावट देखी गई और एनआईटी में प्लेसमेंट में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। खरगे ने दावा किया, ‘‘एफडीआई में गिरावट से भारत को नुकसान हुआ है। अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक भारत में शुद्ध एफडीआई केवल 1.4 अरब डॉलर से कम थी, जबकि अप्रैल से जनवरी 2012-13 तक यह 19 अरब डॉलर थी।” उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए लोग भाजपा को माफ नहीं करेंगे। हम डरेंगे नहीं। हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे और आपकी नाकामियों को उजागर करते रहेंगे।” 

कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय, हर जगह मारेंगे बाजी

सेल्फ कॉन्फिडेंस यानी कि आत्मविश्वास एक ऐसी हथियार है जिससे कोई भी अपने निर्धारित किये लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकता है, बस इसके लिए आपको ईमानदारी से मेहनत करनी है। कॉन्फिडेंस की आवश्यकता छात्र से लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे या जॉब कर रहे सभी लोगों के लिए आवश्यक है। अगर आपका कॉन्फिडेंस हाई होगा तो आप अवश्य ही चीजों को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे और भविष्य में अवश्य ही उच्च मुकाम हासिल कर पाएंगे। अगर आपको लगता है कि आपमें किसी कारणवश कॉन्फिडेंस की कमी है तो इस पेज पर कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय बताये जा रहे हैं। इनको आप अपने जीवनशैली में शामिल करके अवश्य ही सुधार कर सकते हैं। रियलस्टिक गोल्स को चुनें कॉन्फिडेंस बूस्ट करने का सबसे पहला तरीका है अपने गोल्स को सेट करें। लेकिन ध्यान रखें कि गोल्स को ऐसा बनायें जो पूरे किये जा सकते हैं। ऐसे गोल्स नहीं सेट किये जाने चाहिए जिनका ओर-छोर भी पता न हो। खुद पर रखें विश्वास रियलिस्टिक गोल सेट करने के बाद उसे पूरा करने के लिए खुद पर विश्वास रखें और पूरी लगन से उस पर कार्य करें। अवश्य ही आप सफलता प्राप्त करेंगे। प्रोग्रेस को करें मॉनिटर आप जिस टास्क पर काम कर रहे हैं उस पर लगातार नजर बनाये रखें और उसको मॉनिटर करते रहें। इससे आपको पता चलता रहेगा कि आप जिस काम को कर रहे हैं वो सही दिशा में है या नहीं। काम पर पूरी तरह से करें फोकस चाहते छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों या भर्ती या प्रवेश परीक्षा की, पूरी तरह से उस पर फोकस करें। किसी भी चीज से अगर डिस्ट्रैक्शन हो रहा है तो उसे तुरंत ही बाहर कर दें। फिजिकल एक्टिविटी पर भी रखें ध्यान कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में फिजिकल एक्टिविटी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप रेगुलर रूप से फिजिकल फिटनेस पर ध्यान दें और योग, जिम, रनिंग जो भी संभव हो वो करें। शारीरिक रूप से फिट होने पर आप मेंटली रूप से स्ट्रॉग महसूस करेंगे। बहादुरी दिखाएं अगर आप किसी काम को टाइम पर नहीं कर पा रहे हैं और आपको असफलता भी हाथ लग रही है तो उस समय बहादुरी दिखाएं। असफलतों से पीछे नहीं हटें और डटकर उनका सामना करें और दोबारा से पूर्ण तैयारी से उस पर जुट जाएं। दूसरों के बहकावों में न आएं कभी भी लोगों की बातों में न आएं। खुद के बनाये हुए गोल्स पर फोकस रहकर आगे बढ़ें। अगर जरूरत महसूस हो तो अपने माता पिता, बड़े भाई बहन या टीचर्स की मदद लें, ऐसे ही किसी भी विश्वास न करें। कमिटमेंट को पूरा करने में जी-तोड़ करें मेहनत अगर अपने किसी काम को पूरा करने का लक्ष्य बनाया है तो उस पर पूरी तरह से कमिटमेंट दिखाएं और तय समय पर उस कार्य को पूरा करें। इससे आप दूसरों की नजरों में ऊपर आएंगे और आपको तारीफ मिलेगी। इससे आपका आत्मविश्वाश मिलेगा। फ्यूचर गोल्स पर भी रखें ध्यान आपको अन्य लोगों की तरह सिर्फ एक कदम आगे का नहीं सोचना है। आप अभी से लॉन्ग टर्म को दिमाग में रखकर अपने गोल्स सेट करें और उस पर लगातार बने रहें। छोटी खुशियों में रहें खुश अगर आप कोई छोटा सा भी कार्य पूरा करते हैं तो उस पर खुश रहना सीखें। छोटी छोटी खुशियां आपको बूस्ट करेंगे और आप बड़े कार्य को भी कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर पाएंगे।  

मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा , छत्तीसगढ़ में स्थापित होंगे 4 नए स्मार्ट औद्योगिक पार्क

रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने आज तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। श्री राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।     वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की  स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में श्री राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्य मंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, राम विचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक धरम लाल कौशिक, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारतीय रेल के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अनूठे डाक टिकटों की खास प्रदर्शनी

भोपाल पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक कार्यालय में प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री प्रभात  के मार्गदर्शन में भारतीय रेल के स्थापना दिवस के अवसर पर अनूठे डाक टिकटों की एक खास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।      प्रदर्शनी में डाक टिकट संग्रहकर्ता श्री अरविन्द मलिक द्वारा सन् 1853 से अभी तक के भारतीय रेल से संबंधित डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई गई। यह आयोजन मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) श्री एस डी पाटीदार के निर्देशन एवं मुख्य कार्मिक अधिकारी (आईआर) श्री अजय कुमार दीक्षित के संरक्षण में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (मुख्यालय) द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी में भारतीय रेल द्वारा अर्जित विशेष उपलब्धियों के अवसर पर जारी डाक टिकटों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। इनमें पहली यात्री रेल, विद्युत कर्षण के 75 गौरवपूर्ण वर्ष, भारतीय रेल के 150 वर्ष पूर्ण होने पर जारी डाक टिकट प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अवलोकन किया।      कार्यक्रम में उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (आईआर) श्री संजय कुमार, सहायक कार्मिक अधिकारी (कल्याण) श्री अभय कुमार गुप्ता एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

महतारी वंदन योजना से जनिया जलतारे की जिंदगी में आया बदलाव

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जरूरत और अभाव न केवल संघर्ष का सबक सिखाते हैं बल्कि जीवन को दिशा भी देते हैं। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के चिरमिरी की निवासी श्रीमती जनिया जलतारे के जीवन में महतारी वंदन योजना ने ऐसा ही बदलाव लाया। दो बच्चों की मां श्रीमती जनिया जलतारे ने योजना से मिली राशि को बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, ’’हम जैसे लोगों के लिए यह सहायता बहुत बड़ी है। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय ने हर महीने एक हजार रुपये देकर हमारे बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने का अवसर दिया है।’’ जनिया ने अब तक मिली राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वस्थ पर किया है और उन्हें भी यह समझाया है कि यह सहायता सरकार की पहल से संभव हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ’’मुखिया जो कहते हैं, उसे पूरा कर रहे हैं। यह योजना हमारे जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।’’बता दें इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। जिला प्रशासन और राज्य सरकार की इस पहल ने कई परिवारों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्रीमती जनिया जलतारे कहती है कि महिला सशक्तिकरण को उत्प्रेरित करने वाली महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए की राशि उनके खाते में पहुंच रही है। मोदी जी की गारंटी और विष्णु देव साय के सुशासन से ही आज मेरे बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए आ रहे है। मुझ जैसी महिलाओं के लिए यह वरदान है। तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो गयी है। ऐसी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना ने महिलाओं में एक नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है, और अब वे अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जिले में महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में खुशी का माहौल है। महिलाओं को इस योजना ने उम्मीद की एक ऐसी किरण दी है जिससे इनके लिए आगे की राह प्रशस्त होगी। श्रीमती जनिया जलतारे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को महतारी वंदन योजना के लिए धन्यवाद दिया।

वक्फ बोर्ड में हिंदुओं की एंट्री कर दी गई है, यह संविधान के आर्टिकल 26 का उल्लंघन है, जज ने कहा-आपकी दिक्कत क्या

नई दिल्ली वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ दायर 70 से अधिक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीलें देते हुए कपिल सिब्बल ने ऐक्ट पर सवाल उठाए हैं और कहा कि वक्फ बोर्ड में हिंदुओं की एंट्री कर दी गई है, यह संविधान के आर्टिकल 26 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 26 धार्मिक संस्थानों के संचालन की स्वायत्तता देता है। अब नया वक्फ ऐक्ट उस स्वायत्तता को छीनने वाला है। कपिल सिब्बल ने कहा कि अब तक वक्फ काउंसिल और बोर्ड के मेंबर मुसलमान ही होते थे, लेकिन अब हिंदुओं की भी इनमें एंट्री होगी। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपकी दिक्कत क्या है। कपिल सिब्बल ने कहा कि यह तो संसद में बनाए कानून के जरिए मूलभूत अधिकार छीनने जैसा है। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि कुल 2 पदेन सदस्य ही गैर-मुसलमान हो सकते हैं। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा, ‘नहीं-नहीं, ऐसा नहीं है। यह कहा गया है कि न्यूनतम गैर-मुस्लिम पदेन सदस्यों की संख्या 2 रहेगी। आर्टिकल 26 के अनुसार सभी सदस्य मुसलमान ही होने चाहिए, लेकिन अब नए ऐक्ट के अनुसार 22 में से 10 ही मुसलमान होंगे।’ यही नहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि यह तो एक तरह से सदस्यों को मनोनीत करके वक्फ बोर्ड पर ही कब्जा जमाने जैसा होगा। उन्होंने 1995 के वक्फ ऐक्ट का हवाला दिया और कहा कि तब तय हुआ था कि बोर्ड के सारे सदस्य मुस्लिम ही होंगे। यही नहीं कपिल सिब्बल ने वक्फ बोर्ड को लेकर कलेक्टर की पावर पर भी सवाल उठाए। कलेक्टर की पावर पर बिफरे कपिल सिब्बल, बोले- इससे मनमानी होगी कपिल सिब्बल ने कहा, ‘कलेक्टर को यह ताकत दी गई है कि वह तय करें कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं। यदि कोई विवाद हुआ तो यह शख्स सरकार का प्रतिनिधि होगा। इसके अलावा मामले में यही व्यक्ति जज की भूमिका भी अदा करेगा। यह तो असंवैधानिक हुआ। यह कानून यह भी कहता है कि जब तक कलेक्टर की ओर से तय नहीं किया जाता, तब तक किसी भी संपत्ति को वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं माना जाएगा।’ इस बीच बेंच में शामिल जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि आप हिंदुओं की एंट्री पर आर्टिकल 26 के नाम पर आपत्ति जता रहे हैं। लेकिन यहां कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है। आर्टिकल 26 में प्रशासन की बात है। उसमें जरूरी धार्मिक मान्यताओं के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की गई है कि सदस्यों के नॉमिनेशन के जरिए बोर्ड पर ही कब्जा जमा लिया जाए। सीनियर वकील ने यह भी कहा कि नया ऐक्ट कहते हैं कि किसी संपत्ति को वक्फ तभी माना जाएगा, जब उसकी वक्फ डीड हो। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि परेशानी क्या है? सिब्बल ने कहा कि वक्फ बाई यूजर की अवधारणा है। मान लीजिए कि मेरे पास संपत्ति है और मेरे कोई संतान नहीं है। फिर मुझे रजिस्ट्रेशन कराने की क्या जरूरत है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि रजिस्ट्रेशन से तो हेल्प ही मिलेगी। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि वक्फ बाई यूजर तो अब खत्म कर दिया गया है। अयोध्या के फैसले से यह पता चलता है। इस पर जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि फर्जी दावों को रोकने के लिए वक्फ डीड की बात कही गई है। इस पर सिब्बल ने कहा कि यह इतना आसान नहीं है। वक्फ की संपत्तियां सैकड़ों साल पुरानी हैं। वे तो 300 साल पुरानी संपत्ति की भी वक्फ डीड मांग लेंगे। असल में यही समस्या है।

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