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दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अब बेहतर तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को देश में नंबर वन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर में सोमयज्ञ में सम्मिलित हुए और यज्ञ में आहुति देने के साथ संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति, समृद्धि कामना की। मुख्यमंत्री ने मंच से संत जनों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। पवित्र नगरी मंदसौर को नशा मुक्त करने पर 160 समाजों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इस दौरान सर्वाध्यक्ष पू.पा. डॉ. आचार्य गोस्वामी गोकुलोत्सवजी महाराज, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, वल्लभ मूल के आचार्यगण, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वचंदर सिंह सिसोदिया, ओम प्रकाश सखलेचा, माधव मारू, दिलीप सिंह परिहार और राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब सोमयज्ञ का हिस्सा बने है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस यज्ञ का विशेष महत्व है। पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को समझ रही है। सनातन संस्कृति की अपनी अलग विशेषता रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 9% दूध उत्पादन होता है जिसको बढ़कर 20% किया जाएगा। दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। दूध का उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जाएंगे। गांव की गौशाला अच्छे से संचालित हो इसके लिए प्रयास होंगे। एक व्यक्ति 25 गाय की एक इकाई मानकर आठ इकाई रख सकेंगे। कामधेनु योजना को जमीन स्तर पर उतारेंगे। समाज में संस्कार दिखे इसके लिए धार्मिक नगरों में शराबबंदी की गई। कृष्ण की लीलाओं के पवित्र स्थान को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएंगे।  

योजना में प्रावधान के अनुसार पम्प हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट को 4 मोड के अंतर्गत विकसित किया जा सकता

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने ऊर्जा भवन भोपाल में प्रदेश में पम्प्ड हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिये योजना के प्रावधान के अनुसार स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को मोड-IV के अंतर्गत आवेदन करने के लिये वेब लिंक का लोकार्पण किया। मंत्री शुक्ला ने कहा कि इससे राज्य में ऑफ-स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के क्षेत्र में अधिकाधिक निवेश संभव होगा। योजना में प्रावधान के अनुसार पम्प हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट को 4 मोड के अंतर्गत विकसित किया जा सकता है। मोड-I CPSUs, SPSUs और भारत सरकार या मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित प्राधिकरण को नामांकन के आधार पर पीएचएस साइट का आवंटन, मोड-II में तृतीय पक्ष या विद्युत विनिमय या कैप्टिव आवश्यकता को पूरा करने के लिये विकसित परियोजना, मोड-III में राज्य के भीतर और बाहर एमपीपीएमसीएल और अन्य सार्वजनिक संगठनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये विकसित परियोजना, जिसमें परियोजना डेवलपर को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से चुना जाता है और मोड-IV में स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम पम्प्ड हाइड्रो परियोजना का आवंटन शामिल है। स्व-चिन्हित ऑफ स्ट्रीम हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को मोड-IV के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आयुक्त कार्यालय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की वेबसाइट पर करना होगा। आवेदन के साथ परियोजना पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट एवं साइट की प्रारंभिक जानकारी, भूमि के आवंटन के लिये किये गये आवेदन की प्रति और गैर-खपत आधार पर पानी के आवंटन के लिये आवेदन की प्रति आवेदक को अपलोड करना आवश्यक होगा। आयुक्त कार्यालय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को स्व-चिन्हित ऑफ-स्ट्रीम पम्प्ड हाइड्रो प्रोजेक्ट के आवेदन प्राप्त होने के बाद आवंटन के लिये प्राप्त परियोजना स्थल की जानकारी की सूचना समाचार-पत्र/वेबसाइट के माध्यम से साझा करना होगी। यदि 60 दिनों के भीतर अन्य किसी आवेदक द्वारा दावा नहीं प्राप्त नहीं होने पर उक्त साइट का विभाग द्वारा मूल आवेदक को साइट आवंटित कर दी जायेगी। ऐसे आवेदक को साइट आवंटित की जायेगी, जो योजना में दिये गये प्रावधानों की पूर्ति करता है। विभाग द्वारा परियोजना प्रगति का समय-समय पर आंकलन भी किया जायेगा। उचित प्रगति न होने पर साइट आवंटन को रद्द किये जाने का प्रावधान भी योजना में किया गया है। साइट आवंटन के बाद परियोजना विकासक को 7 वर्ष के अंदर पम्प्ड हाइड्रो परियोजना का विकास करना होगा।  

सभी ताप विद्युत गृहों एवं कैप्टिव ताप विद्युत गृहों के अधिकारी वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे

भोपाल प्रदेश में पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये उपलब्ध बायोमास के ताप विद्युत गृहों में उपयोग के संबंध में बुधवार को प्रदेश के सभी 15 ताप विद्युत गृहों एवं 17 कैप्टिव ताप विद्युत गृहों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रमुख सचिव पर्यावरण नवनीत मोहन कोठारी के साथ प्रदेश के सभी ताप विद्युत गृहों एवं कैप्टिव ताप विद्युत गृहों के अधिकारी वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सदस्य सचिव मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोठारी ने बताया कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024-25 में कुल कोयला खपत का 5 प्रतिशत तथा वर्ष 2025-26 में कुल कोयला खपत का 7 प्रतिशत बायोमास कोयले के साथ बॉयलर में जलाने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इसके अनुसार प्रदेश के सभी ताप विद्युत गृह निर्धारित नीति के अनुरूप नहीं हैं। ताप विद्युत गृहों के प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा बायोमास के उपयोग के लिये समुचित कार्रवाई की जा रही है। इसमें बायोमास के फीडिंग सिस्टम, लोडिंग-अनलोडिंग, भंडारण संबंधी व्यवस्थाओं का विकास बायोमास प्रदाय करने के लिये उपलब्ध वेण्डर्स की इन्वेन्ट्री एवं टेण्डर संबंधी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ ताप विद्युत गृहों जैसे जयप्रकाश पॉवर वेन्चरर्स सिंगरौली एवं बीना, हिंडाल्को सिंगरौली, एनटीपीसी लिमिटेड के विंध्याचल, गाडरवारा और खरगौन में बायोमास का उपयोग प्रारंभ कर दिया गया है। इसे लक्ष्य अनुसार किया जायेगा। प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में बायोमास निर्धारित मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, इसीलिये प्रदेश के बाहर जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश बायोमास को वेण्डर्स के माध्यम से प्राप्त कर उसका उपयोग कर रहे हैं। शासन द्वारा भी प्रदेश में बायोमास आधारित पैलेट/ब्रिकेट मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों की स्थापना का प्रयास किये जाने चाहिये। प्रमुख सचिव कोठारी ने ताप विद्युत गृहों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि बायोमास के उपयोग के लिये उनके द्वारा वर्तमान में स्थापित तथा प्रस्तावित व्यवस्थाओं की समयबद्ध कार्य-योजना की जानकारी 15 दिवस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में कुल कोयला खपत का 7 प्रतिशत बायोमास के उपयोग का लक्ष्य प्राप्त करने का हर संभव प्रयास करें। प्रमुख सचिव कोठारी ने मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में अधिक से अधिक बायोमास आधारित पैलेट/ब्रिकेट मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग से समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संयंत्रों की स्थापना के लिये शासन द्वारा घोषित अनुदान की जानकारी उद्यमियों को उपलब्ध करायी जाये, जिससे इस प्रकार के अधिक से अधिक संयंत्र स्थापित हो सकें। प्रमुख सचिव कोठारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बायोमास मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों की स्थापना के लिये पूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि बायोमास उद्योग के क्रय एवं उपयोग के लिये निविदा संबंधी कार्रवाई की जानकारी पर्यावरण विभाग को उपलब्ध कराई जाये, जिससे पर्यावरण विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार की कार्रवाई की जा सके। प्रमुख सचिव कोठारी ने कहा कि सभी ताप विद्युत गृह भी उनके द्वारा बायोमास के उपयोग के लिये की जा रही कार्रवाई की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करे।  

प्रदेश में 30 मार्च से निरंतर जल संरचानाओं के संरक्षण और सफाई के कार्य निरंतर जारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में 30 मार्च से निरंतर जल संरचानाओं के संरक्षण और सफाई के कार्य निरंतर जारी है। इन कार्यों में समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग मिल रहा है। अभियान के दौरान उन स्थानों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें सफाई और गहरीकरण के बाद पर्यटन के रूप में विकसित किया जाना है। ग्वालियर में पृथ्वी तालाब को पर्यटन के रूप में किया जायेगा विकसित जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्वालियर के पृथ्वी तालाब को पर्यटन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। तालाब के सौंदर्यीकरण की शुरूआत क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह और महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की उपस्थिति में भूमि-पूजन से हुई। सांसद श्री कुशवाह ने बताया कि पृथ्वी तालाब के लिये अमृत योजना में 3 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने जानकारी दी कि तालाब के चारों और सघन वृक्षारोपण किया जायेगा। इससे तालाब का जल स्तर बढ़ेगा। सिंगरौली के चितरंगी की कन्या शाला में हुई भाषण प्रतियोगिता सिंगरौली जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्रोतों की सफाई के साथ जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। चितरंगी शासकीय कन्या विद्यालय में जल के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता हुई। छात्राओं ने जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अपने विचार रखे। छात्राओं ने कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना होगा। धार में रामतलाई तालाब की साफ-सफाई की गई धार जिले में नगर के रामतलाई तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। इस कार्य में जिला आयुष कार्यालय से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों ने तालाब की सफाई का कार्य किया। आंगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक 80 त्रिमूर्ति नगर की कार्यकर्ता और सहायिका ने आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सकों से पोषण आहार के बारे में जानकारी प्राप्त की। तालाब के सफाई कार्य में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।  बड़वानी के पानसेमल में वाटरशेड मिशन की शुरूआत बड़वानी जिले में जन भागीदारी से जल संवर्धन के कार्य किये जा रहे है। जनपद पंचायत पानसेमल के ग्राम राखी बुजुर्ग में विधायक श्री श्याम बर्डे के उपस्थिति में वाटर शेड मिशन में कार्य की शुरूआत की गई। क्षेत्रीय विधायक ने कहा कि पानी के बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने बताया कि राखी बुजुर्ग के निकट सुसरी नदी पर बांध बनाये जाने की स्वीकृति मिली है। जनपद क्षेत्र में जल बचाव और पौध संरक्षण पर बच्चों की चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता हुई। बुरहानपुर में नेपानगर परिषद द्वारा सीतानहानी के पवित्र कुंडों की हुई सफाई बुरहानपुर जिले के नेपानगर परिषद द्वारा ऐतिहासिक सीतानहानी धार्मिक पर्यटन स्थल के पवित्र कुंडों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई की गई। नेवा नगर के सीएमओ ने बताया कि सीतानहानी की अविरल बहने वाली जल धारा से वार्ड क्रमांक 22 में जल प्रदाय किया जाता है। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती भारती पाटील पार्षदगणों और नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम के समापन पर गंगा मैया की आरती की गई। कटनी के रीठी में छात्र-छात्राओं ने रैली निकाल कर जल बचाने का दिया संदेश कटनी जिले के रीठी में जल संवर्धन अभियान में जल स्रोतों के साफ-सफाई का अभियान निरंतर जारी है। रीठी में जन अभियान परिषद के सहयोग से छात्र-छात्राओं ने जल जागरूकता के लिये नगर के मुख्य मार्गों से रैली निकाली। इस मौके पर बाजार में नुक्कड नाटक के माध्यम से नदी, तालाब और हेंडपंप के आसपास साफ-सफाई रखने का संदेश जल सामान्य को दिया गया। जनता को सामुहिक शक्ति के महत्व के बारे में बताया गया। टीकमगढ़ में चंदेल कालीन तालाब करमारई में हुआ सामुहिक श्रमदान टीकमगढ़ जिले में ग्राम पंचायत करमारई में जल गंगा संवर्धन अभियान में चंदेल कालीन प्राचीन तालाब की साफ-सफाई का कार्य सामुहिक श्रमदान से किया गया। इस मौके पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था सुदर्शन फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने जनसामान्य को दिन-प्रतिदिन भू-जल के गिरते स्तर पर जनता को अगाह किया। जन सामान्य को जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदारी करने की शपथ दी लाई गई। टीकमगढ़ जिले में जिला प्रशासन द्वारा महेन्द्र सागर तालाब स्थित अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 8.50 एकड भूमि पर से अतिक्रमण हटाया गया।  

वन विभाग द्वारा गिद्ध संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गयी

भोपाल वन विभाग द्वारा गिद्ध संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गयी है। लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों को बचाने और उनके संरक्षण के लिये गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन सेंटर केरवा भोपाल के 6 केप्टिव ब्रीडिंग गिद्धों को प्राकृतिक रहवास हलाली डेम के वन क्षेत्र में छोड़ा गया। इनमें 2 सफेद पीठ वाले गिद्ध एवं 4 लम्बी चोंच वाले गिद्धों को मुक्त किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री शुभरंजन सेन ने बताया कि मुक्त किये गये सभी गिद्धों पर ऑर्निट्रैक-25 सौर ऊर्जा चलित जीपीएस-जीएसएम ट्रैकर लगाये गये हैं। इसके माध्यम से उनके आवागमन के पैटर्न और आवास उपयोग की निगरानी की जा रही है। श्री सेन ने बताया कि डायरेक्टर टेक फॉर कंजर्वेशन श्री जी. अरेन्द्रन, विश्व प्रकृति निधि भारत द्वारा गिद्धों को ऑर्निट्रैक-25 सौर ऊर्जा चलित जीपीएस-जीएसएम ट्रैकर लगाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्री सेन ने कहा कि हलाली डेम के आसपास की बस्तियों में टैग किये गये गिद्धों की सुरक्षा एवं जागरूकता के लिये पर्चे बाँटे गये हैं। इनमें आम लोगों से अपील की गयी है कि अगर गिद्ध घायल होते हैं या उन्हें कोई नुकसान पहुँचता है, तो वे तत्काल वन विभाग को सूचित करें। गिद्धों के पहले समूह को प्राकृतिक रहवास हलाली डेम के वन क्षेत्र में छोड़ने के अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री एल. कृष्णमूर्ति, संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान श्री मीना अवधेश कुमार शिव कुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री संदेश माहेश्वरी, बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी मुम्बई के प्रतिनिधि, उप संचालक डॉ. सुजीत नरवड़े, डॉ. सरवन सिंह राठौर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. सेमसन, गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केन्द्र केरवा भोपाल श्री संजय परिहार, विश्व प्रकृति निधि भारत की प्रतिनिधि श्रीमती संगीता सक्सेना, श्री अजय मिश्रा और रायसेन वन मण्डल के अधिकारी उपस्थित थे।  

कोकता क्षेत्र का होगा समग्र विकास : 3 करोड़ से बनने वाले हथाईखेड़ा पुल का राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि चाहे कोकता का समग्र विकास किया जाएगा। उन्होंने आनंद नगर कोकता मार्ग पर 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले हथाईखेड़ा पुल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन करते हुए यह बात कहीं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री बाबू लाल गौर ने भी लगातार इस क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किए। इस वार्ड को मैंने गोद लिया है, यहां जिस भी विकास कार्य की जरूरत होगी उसे पूरा करके आम लोगों की हर परेशानी दूर की जाएगी।  

मोहन सरकार की दुविधा इन दिनों बढ़ी, किसको-किसको बचाएं, एक के बाद एक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं

भोपाल मोहन सरकार की दुविधा इन दिनों बढ़ी हुई है। तत्कालीन शिवराज सरकार के समय के एक के बाद एक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें अधिकारियों के विरुद्ध सीधी कार्रवाई होनी चाहिए, पर ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन में नियुक्तियों का घोटाला सामने है। इसमें तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एलएम बेलवाल और तत्कालीन अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस की भूमिका पर सवाल उठे हैं। वहीं, पूरक पोषण आहार घोटाले को लेकर महिला एवं बाल विकास के साथ एमपी एग्रो घेरे में आया पर किसी अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही स्थिति ऊर्जा विभाग को लेकर भी रही। भारत सरकार की सौभाग्य योजना में गलत आंकड़े प्रस्तुत करके केंद्र सरकार से पुरस्कार तक ले लिया। जांच पर जांच, नतीजा कुछ नहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में तत्कालीन शिवराज सरकार के समय संविदा नियुक्तियों के नाम पर जमकर खेल हुआ। तत्कालीन मंत्री गोपाल भार्गव के निर्देशों को दरकिनार कर तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एलएम बेलवाल ने मनमाने तरीके से नियुक्तियां कीं। हाई कोर्ट भी मामला पहुंचा। तीन बार जांच हुई। इसमें गड़बड़ियों की पुष्टि भी हुई पर तत्कालीन अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के सिरपरस्ती के चलते कार्रवाई कुछ नहीं हुई। उधर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक और जांच यह कहते हुए शुरू कर दी कि संबंधितों का पक्ष भी आना चाहिए। कुल मिलाकर नौ वर्ष से चला आ रहा मामला जहां का तहां है। इसमें इतना अवश्य हुआ कि राज्य आर्थिक अपराध इकाई ने प्रकरण दर्ज कर लिया। इसके पहले कांग्रेस ने लोकायुक्त में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।    यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला था। यह किसी और ने नहीं बल्कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने पकड़ा। जिन ट्रकों से टेक होम राशन का परिवहन बताया गया जांच में वह नंबर मोटरसाइकिल, टैंकर, कार, आटो के निकले। 62 करोड़ 72 लाख रुपये का 10,176 टन पोषण आहार न गोदाम में पाया गया, न परिवहन के प्रमाण मिले। बिजली और कच्चे माल की खपत में अंतर मिला, इस अंतर के हिसाब से 58 करोड़ रुपये का फर्जी उत्पादन बताया गया। महालेखाकार ने मुख्य सचिव से कहा कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए लेकिन कुछ नहीं हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पहले तो रिपोर्ट को ही त्रूटिपूर्ण बताकर किनारा करने का प्रयास किया पर जब विधानसभा की लोक लेखा समिति ने सवाल उठाए तो रस्मी तौर पर कुछ अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसमें एमपी एग्रो की भूमिका पर भी सवाल उठे क्योंकि पूरक पोषण आहार तैयार करने वाले संयंत्रों का जिम्मा इसके पास था। उल्लेखनीय है कि पूरक पोषण आहार का खेल प्रदेश में लंबे समय से चला आ रहा है और एग्रो में जो अधिकारी पदस्थ रहे हैं, वे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में भी पदस्थ रहते थे। यही कारण है कि किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।   गलत आंकड़े देकर पुरस्कार तक ले लिया ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू विद्युत कनेक्शन देने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री हर घर सहज बिजली योजना (सौभाग्य) 2017 में लागू की थी। इसमें 30 नवंबर 2018 तक विद्युत वितरण कंपनी ने घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य पूरा करने का प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेज दिया। इसके आधार पर मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों को 100-100 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिल गया। कैग की जांच में राजफाश हुआ कि मध्य क्षेत्र कंपनी ने तो टेंडर ही दिसंबर 2018 में जारी किए। अक्टूबर 2019 में काम पूरा किया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के 86 वें स्थापना दिवस पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर परेड ग्राउंड नीमच में जवानों को संबोधित किया

नीमच  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश के नीमच में हैं, जहां वे सीआरपीएफ (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के 86वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का देश से सफाया हो जाएगा। इसमें सीआरपीएफ जवानों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। यह भव्य आयोजन नीमच स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में चल रहा है। अब तक 2264 सीआरपीएफ जवानों ने दिया बलिदान अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ की स्थापना से अब तक 2264 जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया है। उन सभी शहीदों के परिवार को मैं कहना चाहता हूं कि 2047 में सर्वोच्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें आपके परिवारजन के बलिदान का बड़ा योगदान है। भारत को सीआरपीएफ पर गर्व हैं। शाह बोले- सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब भी देश में कहीं भी अशांति होती है। गृहमंत्री होने के नाते मुझे पता चलता है कि सीआरपीएफ का जवान वहां मौजूद हैं तो मैं निश्चित होकर काम करता हूं। मुझे भरोसा है कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं शाह ने शहीद स्थल पर दी श्रद्धांजलि गृहमंत्री शाह ने सबसे पहले शहीद स्थल पर पहुंचकर सीआरपीएफ के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने शहीदों के परिजनों, परेड कमांडरों और जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। खुली जीप में सवार होकर शाह ने परेड का निरीक्षण किया और फिर मंच पर पहुंचकर सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत परेड की सलामी ली। समारोह में मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ कर्मियों को सम्मानित किया। यह पदक उन जवानों को प्रदान किए गए जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है- शाह इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को नमन करते हुए कहा कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित है। गृहमंत्री शाह ने अपने संबोधन में कहा, “जब भी देश में कहीं अशांति होती है और मुझे यह पता चलता है कि वहां सीआरपीएफ के जवान मौजूद हैं, तो मैं निश्चिंत हो जाता हूं। उन्होंने बल की त्वरित कार्रवाई क्षमता और अनुशासित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सीआरपीएफ हर चुनौती में डटकर खड़ी रही है। अपने संबोधन में शाह ने बताया कि सीआरपीएफ की स्थापना से लेकर अब तक 2264 जवानों ने देश की सुरक्षा में बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी वीर शहीदों को नमन करता हूं और उनके परिवारों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। भारत को सर्वोच्च राष्ट्र बनाने के इस संकल्प में उनका योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री साय से विभिन्न समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट मांगों और समस्याओं से कराया अवगत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में मंगलवार देर शाम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा की, जहां पर उनसे विभिन्न समाज, संगठन और समिति के प्रतिनिधि मंडलों ने सौजन्य भेंट कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराया।     सर्किट हाउस परिसर में मुख्यमंत्री ने माहरा समाज, विश्वकर्मा समाज, कंवर समाज के प्रमुखजनों को क्रमशः आमंत्रित कर उनकी मांगें सुनीं। इसके अलावा बस्तर किसान संघ, नगरपालिक निगम जगदलपुर के पार्षदगणों और विद्युत वितरण कम्पनी के कार्यालयीन कर्मचारी संघ की मांगों और समस्याओं से मुख्यमंत्री रुबरु हुए। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल के प्रमुखजनों से कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्ग की समस्याओं और मांगों को लेकर संवेदनशील व गंभीर है तथा इसके समाधान के लिए वह हरसंभव प्रयास करेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पाण्डे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधी एवं अधिकारीगण मौजूद थे।

रायपुर : डॉ. वर्णिका शर्मा ने छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया

रायपुर : डॉ. वर्णिका शर्मा ने छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया बच्चों के संरक्षण को बताया सर्वोच्च लक्ष्य महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी शुभकामनाएं रायपुर   छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी डॉ. वर्णिका शर्मा ने आज राजधानी रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, संासद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, धरमलाल कौशिक भी उपस्थित थे। उन्होंने डॉ. शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. वर्णिका शर्मा को आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि डॉ. शर्मा के नेतृत्व में आयोग बाल संरक्षण की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करेगा। उन्होंने बच्चों विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों के लिए काफी काम किया है। उनके अनुभवों का लाभ आयोग को मिलेगा। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि डॉ. वर्णिका शर्मा के अनुभव और नेतृत्व में आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, कल्याण और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण में आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और नई अध्यक्ष के नेतृत्व में यह और अधिक प्रभावी होगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोग, बच्चों से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों पर संवेदनशीलता से त्वरित कार्यवाही करेगा और समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर देगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का अधिनियम क्रमांक 04) के तहत 16 जून 2010 को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्थापना की गई थी। आयोग का उद्देश्य राज्य में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उल्लंघन की रोकथाम और संबंधित मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आयोग के प्रमुख कार्यों में बच्चों से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों का निरीक्षण, संकटग्रस्त और वंचित बच्चों की सुरक्षा, बालगृहों एवं संरक्षण संस्थानों का निरीक्षण, शिक्षा और प्रशिक्षण में बाल अधिकारों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही, आयोग को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) के तहत आयोग, बच्चों की देखरेख और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी भी करता है।

विभागीय कार्य धरातल पर दिखाई दें: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

विभागीय कार्य धरातल पर दिखाई दें: राज्यमंत्री श्रीमती गौर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि जनकल्याण के सभी कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए। ये सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समितियों के जरिए हर योजना को ध्यान में रखकर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। ऐसे में पंक्ति के अंत में खड़े व्यक्ति के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव प्रयास होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बैठक में संचालित योजनाओं में सरदार वल्लभ भाई पटेल निःशुल्क कोचिंग योजना के संबंध में आयुक्त की अध्यक्षता में उपसमिति गठित कर पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक बच्चों को सिविल सेवा, नीट, जेईई, क्लैट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की कार्ययोजना बनाने के लिए कहा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि विभाग में संचालित उद्यम-स्वरोजगार योजना को प्रभावी तरीके से विभिन्न परम्परागत व्यवसाय के साथ-साथ आईटीआई, निफ्ट जैसे संस्थानों से जोड़कर अभ्यर्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं बाजार उपलब्ध कराने की ओर भी सशक्त प्रयास करें। मंत्री श्रीमती गौर ने छात्रावासों की मरम्मत के साथ ही उसमें मेस सेवा शुरू किए जाने की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर जर्जर भवनों का कार्य पहले करवाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विभाग द्वारा संचालित पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना की छात्रवृत्ति शीघ्र वितरण के निर्देश दिए। उपरोक्त सभी बिंदुओं पर समीक्षा उपरांत राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने 30 अप्रैल तक सभी योजनाओं की समीक्षा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा तथा विभागीय पत्रों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त श्री सौरभ कुमार सुमन, अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, श्री नीरज वशिष्ठ, डॉ. देवेश मिश्रा, श्रीमती ममता भट्टाचार्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

रायपुर : मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  उनके निवास कार्यालय में पदभार ग्रहण उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने डॉ.वर्णिका शर्मा को उनके नई एवं  महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि डॉ. वर्णिका शर्मा काफी समय से आम जनता की सुरक्षा के साथ साथ बाल अधिकारों के सरंक्षण तथा सुरक्षा के प्रति सजगता से कार्य करते हुए जुड़ी हुई है। इनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग को एक नई दिशा मिलेगी और प्रदेश में बाल अधिकारों तथा उनके सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रभावी ढंग से कार्य होंगे। इस मौके पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय,छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग सचिव प्रतीक खरे, बाल संरक्षण पर कार्य करने वाले सामाजिक संगठन के सदस्यों सहित उनके परिवार के सदस्य गण उपस्थित रहे।

WhatsApp स्टेटस पर आप एक बार में 60 सेकंड तक लगेगा वीडियो

नई दिल्ली अगर अभी तक आप WhatsApp पर लंबे वीडियो स्टेटस लगाने के लिए अलग-अलग जुगाड़ ढूंढ़ते थे, तो एक अच्छी खबर है। अब Meta अपने WhatsApp प्लेटफॉर्म पर स्टेटस की लिमिट बढ़ाने वाला है। इससे उन लोगों को फायदा होगा जो अभी तक अपने वीडियो को स्टेटस पर टुकड़ों में लगाने पर मजबूर होते थे। दरअसल अभी तक WhatsApp स्टेटस पर आप एक बार में 60 सेकंड तक का वीडियो लगा सकते थे। अब इसकी लिमिट को बढ़ाया जा रहा है। अब इतने बड़े स्टेटस लगाएं अब आप अपने WhatsApp स्टेटस में 60 सेकंड की जगह 90 सेकंड का वीडियो लगा पाएंगे। बता दें कि यह फीचर फिलहाल के लिए बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है। बीटा यूजर्स वो होते हैं जो ऐप के टेस्टिंग वर्जन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। किसी भी ऐप के बीटा वर्जन में बग्स हो सकते हैं। ऐसे में यूजर्स के लिए कंपनियां मुख्य वर्जन उपलब्ध कराती हैं। बीटा वर्जन पर इस फीचर के आ जाने का मतलब है कि अब जल्द यह आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो जाएगा। WhatsApp के आने वाले इस फीचर की जानकारी WABetaInfo नाम के विश्वसनीय स्त्रोत से मिली है। WhatsApp के इस वर्जन पर होगा उपलब्ध यह फीचर WhatsApp के Android 2.25.12.9 वर्जन पर उपलब्ध होगा। इस अपडेट के बाद यूजर्स अपने स्टेटस में 90 सेकंड का वीडियो एक बार में लगा पाएंगे। इससे पहले पिछले साल 30 सेकंड की लिमिट को बढ़ा कर 1 मिनट किया गया था। इस तरह करें चेक चेक करने के लिए कि यह फीचर आपके लिए उपलब्ध है या नहीं आप Google Play Store पर जाकर देख सकते हैं कि आपका ऐप अपडेट है या नहीं। ऐप को अपडेट कर ऐप के स्टेटस वाले टैब में जाकर देखें कि क्या अब आप 90 सेकंड का वीडियो लगा पा रहे हैं या नहीं? वहीं अगर आप एक बीटा यूजर हैं, तो अगर आपके लिए Android 2.25.12.9 वर्जन उपलब्ध हो, तो उस पर ऐप को अपडेट कर लें। इसके बाद आप एक बार में 90 सेकंड का वीडियो लगा पाएंगे।

केन्द्रीय गृहमंत्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नीमच में सी.आर.पी.एफ. स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल

भोपाल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 86वें स्थापना दिवस समारोह में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 अप्रैल 2025 को नीमच स्थित सी.आर.पी.एफ. के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से शामिल होंगे। सी.आर.पी.एफ. स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1950 में तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा बल को ध्वज प्रदान किया गया था। इस वर्ष परेड 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के तहत आयोजित की जा रही है। नीमच की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी इस अवसर पर विशेष महत्व रखती है। 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासनकाल में ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ की स्थापना की गई थी, जिसे स्वतंत्रता के पश्चात 28 दिसंबर 1949 को देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने “सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ)” नाम दिया। सी.आर.पी.एफ. ने देशी रियासतों के एकीकरण से लेकर आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद-आतंकवाद विरोधी अभियानों, अंतर्राष्ट्रीय शांति स्थापना, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तक अनेक मोर्चों पर सशक्त भूमिका निभाई है। आज यह विश्व का सबसे बड़ा और सुसज्जित अर्धसैनिक बल है। समारोह में सी.आर.पी.एफ. की आठ टुकड़ियों द्वारा परेड की जाएगी। इस अवसर पर गृहमंत्री वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ कर्मियों को गैलेन्टरी मेडल्स प्रदान करेंगे। कोबरा, आरएएफ, वैली, क्यूएटी और डॉग स्क्वॉड जैसी इकाइयों द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। ‘शहीद स्थल’ पर गृहमंत्री शाह बल के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। गृहमंत्री शाह शहीदों के परिवारों, परेड कमांडरों तथा जवानों के साथ संवाद भी करेंगे।  

बीसीसीआई ने रेड अलर्ट किया जारी, IPL 2025 पर मैच फिक्सिंग का साया, इस बिजनेसमैन से रहे सचेत

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2025 की सभी 10 टीमों को चेतावनी दी है. चेतावनी में बताया गया कि हैदराबाद का एक बिजनेसमैन गैरकानूनी काम करवाने के लिए लोगों से संपर्क साध रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट अनुसार बीसीसीआई ने सभी क्रिकेटर, कोच, कमेंटेटर और सपोर्ट स्टाफ को भी इस बिजनेसमैन से सचेत रहने के लिए कहा है. बताया गया है कि यह बिजनेसमैन कई सारे बुकी के संपर्क में है. यह व्यक्ति टूर्नामेंट में लोगों को महंगे-महंगे गिफ्ट देकर अपनी बात मनवाता है. क्रिकबज में छपी एक रिपोर्ट अनुसार यह बिजनेसमैन आमतौर पर सबसे पहले टीम मालिक, खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ और यहां तक कि कमेंटेटरों के परिवार के सदस्यों के संपर्क में आने का प्रयास करता है. एंटी-करप्शन यूनिट का मानना है कि यह व्यक्ति पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में सम्मिलित रहा है. फैन बनकर देता है झांसा इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हैदराबाद का यह बिजनेसमैन मैदानों में फैन बनकर IPL में भाग ले रहे खिलाड़ियों, कोच और कमेंटेटर्स से संपर्क साधने का प्रयास कर रहा है. उसे टीमों के होटल, मैदान में भी देखा जा चुका है. वो खिलाड़ियों और स्टाफ को प्राइवेट पार्टी में आमंत्रित करता है और ज्वेलरी समेत कई महंगे-महंगे गिफ्ट देता है. BCCI ने इस संदर्भ में IPL 2025 में भाग ले रही सभी टीमों और उनके लिए खेल रहे खिलाड़ियों से साथ मांगा है. बीसीसीआई मैच फिक्सिंग जैसी घटनाओं के बिल्कुल खिलाफ है और क्रिकेट की अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. IPL में पहले भी हो चुकी है मैच फिक्सिंग 2013 में हुई मैच फिक्सिंग घटना को इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैंडल माना जाता है. मैच फिक्सिंग मामले में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ी, एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चौहान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में आगे चलकर चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के टीम प्रिंसिपल की गिरफ्तारी भी हुई थी.

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