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IPL 2025 के पहले सुपर ओवर में दिल्ली ने राजस्थान को किया पराजित किया

नई दिल्ली  IPL का मैच नंबर 32, आमने-सामने दिल्ली कैप‍िटल्स Vs राजस्थान रॉयल्स, मैदान: द‍िल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम. IPL के इस मुकाबले में सुपर ओवर में दिल्ली कैप‍िटल्स ने जीत दर्ज की. इस मैच में द‍िल्ली कैप‍िटल्स की टीम ने सुपर ओवर के ल‍िहाज से एक  महार‍िकॉर्ड भी अपने नाम क‍िया. दरसअल, पांच सुपर ओवर मुकाबलों में दिल्ली कैपिटल्स की यह चौथी जीत थी. टूर्नामेंट में किसी भी टीम की सबसे अधिक जीत है. इससे पहले पंजाब किंग्स की टीम ने इस तरह के तीन मुकाबले जीते थे. वहीं इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग के इत‍िहास में कुल मिलाकर 1453 दिनों बाद और 293 मैचों के बाद आईपीएल में सुपर ओवर का रोमांच लौटा था.  दिल्ली के इस जीत के सबसे बड़े हीरो ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ म‍िचेल  स्टार्क रहे. उन्होंने दबाव में शानदार गेंदबाजी की. जिससे दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हराकर रोमांचक जीत दर्ज की. स्टार्क (4 ओवर में 1/36) ने अंतिम ओवर में नौ रन बचाए और वहीं मैच को सुपर ओवर में ले गए, जबकि ऐसा लग रहा था कि रॉयल्स ने मैच जीत लिया है. इसके बाद स्टार्क ने शानदार सुपर ओवर फेंका, जिसमें उन्होंने सिर्फ दो चौके दिए. वहीं उन्होंने दो बेहतरीन रन आउट भी किए, जिससे राजस्थान रॉयल्स सिर्फ 11 रन ही बना पाई. चूंकि उनके दो विकेट सुपर ओवर में गिर गए, इस कारण उनको ऑलआउट भी घोष‍ित कर दिया गया. इसके बाद केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने क्रमश: एक चौका और एक छक्का लगाकर द‍िल्ली को घरेलू मैदान पर पहली जीत दिलाई. इससे पूर्व दिल्ली ने पहले खेलते हुए अभिषेक पोरेल के 49 रन और कप्तान अक्षर पटेल (14 गेंदों पर 34 रन) और ट्रिस्टन स्टब्स (18 गेंदों पर नाबाद 34 रन) की पारियों के दम पर 188/5 का स्कोर बनाया.  वहीं189 रनों को चेज करते हुए जायसवाल (37 गेंदों पर 51 रन) और ‘स्थानीय खिलाड़ी’ नीतीश राणा (28 गेंदों पर 51 रन) ने रॉयल्स जीत के करीब तक ले गए, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों ने अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख बदल दिया और अंततः 188/4 के स्कोर पर मैच को बराबरी पर ला दिया. स्टब्स ने छक्का मारकर दिलाई जीत  सुपर ओवर का रोमांच राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी. गेंदबाजी का जिम्मा स्टार्क के पास रहा. जिन्होंने 20वें ओवर में राजस्थान को 9 रन नहीं बनाने दिए थे. बल्लेबाजी के लिए हेटमायर और रियान पराग आए. सुपरओवर की पहली गेंद डॉट रही. दूसरी गेंद पर हेटमायर ने चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर हेटमायर को एक रन मिले. चौथी गेंद पर रियान पराग ने चौका जड़ा. ये नो बॉल थी.  फ्री हिट पर पराग रन आउट हो गए. 5वीं गेंद पर हेटमायर दूसरा रन लेने के चक्कर में आउट हो गए. इस तरह से राजस्थान की टीम केवल 11 रन ही बना सकी. दिल्ली को जीत के लिए 12 रन बनाने थे. सुपर ओवर में दिल्ली की बैटिंग 12 रनों के जवाब में जब दिल्ली की टीम उतरी तो पारी का आगाज स्टब्स और केएल राहुल ने किया. गेंदबाजी का जिम्मा संदीप शर्मा के पास था. पहली गेंद पर केएल राहुल ने दो रन निकाले. दूसरी गेंद पर केएल राहुल ने शानदार चौका जड़ा. तीसरी गेंद पर केएल राहुल ने सिंगल लिया. अब 3 गेंद में 5 रनों की दरकार थी. चौथी गेंद पर स्टब्स ने शानदार छक्का जड़कर मैच जिता दिया.   ऐसी रही राजस्थान की बल्लेबाजी 189 रनों के जवाब में उतरी राजस्थान की शुरुआत बेहद शानदार रही. संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल ने आतिशी बल्लेबाजी की.  लेकिन संजू सैमसन जब 31 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब वह इंजरी के चलते रिटायर हर्ट हो गए. इसके बाद बल्लेबाजी के  लिए रियान पराग उतरे. लेकिन 9वें ओवर में अक्षर पटेल ने उन्हें आउट कर दिया. पराग के बल्ले से केवल 8 रन निकले. लेकिन एक छोर पर यशस्वी टिके रहे. उन्होंने फिफ्टी जमाई लेकिन 14वें ओवर में कुलदीप यादव ने उन्हें आउट कर दिया. इसके बाद नीतीश राणा ने भी फिफ्टी जमाई. आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. लेकिन स्टार्क ने कमाल की गेंदबाजी की. राजस्थान इसे चेज नहीं कर सकी और मैच सुपर ओवर में चला गया. यह इस सीजन का पहला सुपर ओवर है. ऐसी रही लखनऊ की पहली पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में जोफ्रा आर्चर ने मैकगर्क को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उनके बल्ले से केवल 9 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में करुण नायर रन आउट हो गए.वो अपना खाता भी नहीं खोल सके. हालांकि, इसके बाद केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने दिल्ली को संभाला और एक अच्छी साझेदारी की. लेकिन 13वें ओवर में जोफ्रा आर्चर ने केएल राहुल का विकेट चटका दिया. केएल राहुल के बल्ले से 38 रन निकले. इसके बाद अगले ही ओवर में अभिषेक पोरेल भी आउट हो गए. इसके बाद 17वें ओवर में अक्षर पटेल भी आउट हो गए उनके बल्ले से 34 रन निकले. इसके बाद स्टब्स और आशुतोष ने आतिशी बल्लेबाजी की. इसकी बदौलत दिल्ली ने राजस्थान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा है. तीन आईपीएल सीजन में नहीं हुआ सुपर ओवर 2022, 2023 और 2024 का आईपीएल सीजन बगैर सुपर ओवर के ही निकल गया. इससे पहले आखिरी बार आईपीएल में सुपर ओवर 2021 सीजन के 20वें मुकाबले में देखने को मिला था. तब सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स ने सुपर ओवर में जीत हासिल की थी. वह मुकाबला 25 अप्रैल 2021 को खेला गया था. 2021 में हुए सुपर ओवर के बाद 293 मैच के बाद कल (DC Vs RR मैच) सुपर ओवर देखने को मिला. जो 1453 दिनों के बाद हुआ. आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 15 बार ही सुपर ओवर खेला गया है. सबसे पहला सुपर ओवर आईपीएल के दूसरे सीजन यानी 2009 में हुआ था. तब राजस्थान रॉयल्स (RR) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को पराजित किया था.   अब तक IPL के सभी सुपर ओवर के नतीजे नंबर     तारीख     सुपर ओवर का नतीजा 1     23/04/2009      राजस्थान ने कोलकाता को … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह का नीमच में किया स्वागत

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अप्रैल को रात्रि नीमच आगमन पर पुष्प-गुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह के सीआरपीएफ ऑफिसर्स मेस नीमच पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अगवानी कर अभिनंदन किया। महिला एवं बाल विकास और नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, क्षेत्रीय सांसद , विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों के साथ आयुक्त उज्जैन संजय गुप्ता, आईजी उज्जैन उमेश जोगा सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

ओपनएआई ला रही AI सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म, फेसबुक, इंस्‍टा की होगी छूटी !

  नई दिल्ली सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म के तौर पर फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, एक्‍स, टिकटॉक जैसे प्‍लेटफॉर्म ने दबदबा बनाया हुआ है। लेकिन जल्‍द इसे ओपनएआई से चुनौती मिल सकती है। वही ओपनएआई, जिसने पॉपुलर एआई टूल चैटजीपीटी को बनाया है और जिसकी मदद से आपने भी अपनी तस्‍वीरों को‍ घिबली आर्ट में बदला होगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई एक सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर काम कर रही है, जिसमें एआई फीचर्स को शामिल किया जाएगा। कहा जाता है कि यह एक ऐप होगा जो एक्‍स और मेटा जैसे प्‍लेटफॉर्म्‍स को टक्‍कर देगा। यह ऐप भी चैटजीपीटी पर बेस्‍ड हो सकता है। एलन मस्‍क को भी मिलेगी टक्‍कर एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपनएआई भी एक्‍स जैसा सोशल नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक्‍स का नाम पहले ट्विटर हुआ करता था, जिसे एलन मस्‍क ने खरीदकर बदल दिया। कहा जाता है कि ओपनएआई ने अपने ऐप का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। उसमें चैटजीपीटी की काबिलियत होगी। ऐप में पब्लिक फीड वाला एक हिस्‍सा होगा, जिसमें लोग अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त कर पाएंगे। कहा जाता है कि ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्‍टमैन इस प्रोजेक्‍ट को लेकर गंभीर हैं। वह कई लोगों से ऐप के बारे में राय मांग रहे हैं। उन्‍होंने इंडस्‍ट्री से भी कुछ लोगों का फीडबैक मांगा है। अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि कंपनी कोई नया ऐप लॉन्‍च करेगी या फ‍िर चैटजीपीटी के साथ ही सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म को इंटीग्रेट किया जाएगा। फेसबुक, इंस्‍टा से अलग होगा ऐप रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई जिस ऐप पर काम कर रही है, वह फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से अलग होगा। फेसबुक-इंस्‍टा ने अपने ऐप में एआई की खूबियों को जोड़ा है, लेकिन ओपनएआई के ऐप में एआई के साथ सोशल अनुभवों को शामिल किया जाएगा। यानी वहां एआई का रोल आम लोगों से ज्‍यादा होगा। कहा जाता है कि मेटा को ओपनएआई से मिलने वाली चुनौती का आभास है। इसीलिए तो फरवरी में यह खबर सामने आई थी कि कंपनी मेटाएआई ऐप पर काम कर रही है। अगर दोनों ऐप लॉन्‍च हो जाते हैं तो यह आपस में मुकाबला करेंगे। इससे लोगों को एआई सोशल मीडिया की दुनिया में गोता लगाने का मौका मिलेगा। नए फीचर्स आएंगे, जिससे यूजर्स का एक्‍सपीरियंस दोगुना होगा। वहीं दूसरी तरफ, ओपनएआई से मिल रही चुनौती को एलन मस्‍क नहीं सहन कर पा रहे। वह ओपनएआई और सैम ऑल्‍टमैन की कई बार आलोचना कर चुके हैं। वह ऑल्‍टमैन की कंपनी को खरीदने की कोशिश कर चुके हैं। इस पर ऑल्‍टमैन ने ही ट्विटर यानी एक्‍स को खरीदने का प्रस्‍ताव दे दिया था।

प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए आष्टा विधायक

आष्टा  संविधान निर्माता, भारत रत्न, “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान” को लेकर आज भोपाल में प्रदेश स्तरीय  कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न हुआ । आयोजित कार्यशाला में शामिल होने आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर भोपाल पहुचे ओर आयोजित एक दिवसीय  कार्यशाला में शामिल हुए । आयोजित उक्त कार्यशाला को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय महासचिव श्री दुष्यंत गौतम, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश शासन के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य एवं अजा मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश स्तरीय वक्ता कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। एवं सभी वरिष्ठ राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का मार्गदर्शन मार्गदर्शन प्राप्त हुआ ।

जाने अक्षय तृतीया पर कब खरीदें सोना, धन लाभ के लिए करें इन मंत्रों का उचार

हर साल अक्षय तृतीया पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. पंचाग के अनुसार, अक्षय तृतीय वैशाख माह शुक्ल पक्ष की तुतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर देव की पूजा की जाती है. अक्षय तृतीया को साल के सबसे शुभ समय में से एक माना जाता है. यह वह समय है जब लोग आभूषण, सोना, चांदी, घर व गाड़ी खरीदते हैं. मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा के दौरान कुछ खास मंत्रों का जाप करने व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है. अक्षय तृतीय कब है? वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत, 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार. अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. अक्षय तृतीय सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त की 30 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. ऐसे में लोगों को सोना खरीदने के लिए कुल 8 घंट 30 मिनट कर समय मिलेगा. अक्षय तृतीया की पूजा मंत्र     ऊँ प्रकृत्यै नम:     ऊँ विकृत्यै नम:     ऊँ विद्यायै नम:     ऊँ सर्वभूत-हितप्रदायै नम:     ऊँ श्रद्धायै नम:     ऊँ विभूत्यै नम:     ऊँ वसुन्धरायै नमः     ऊँ उदारांगायै नमः     ऊँ हरिण्यै नमः     ऊँ हेममालिन्यै नमः     ऊँ धनधान्य-कर्ये नमः     ऊँ सिद्धयै नमः     ऊँ स्त्रैणसौम्यायै नमः     ऊँ शुभप्रदायै नमः     ऊँ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः     ऊँ सुरभ्यै नम:     ऊँ परमात्मिकायै नम:     ऊँ वाचे नम:     ऊँ पद्मालयायै नम:     ऊँ पद्मायै नमः     ऊँ शुचय़ै नमः     ऊँ स्वाहायै नमः     ऊँ स्वधायै नमः     ऊँ सुधायै नमः     ऊँ धन्यायै नमः     ऊँ हिरण्मयै नमः     ऊँ लक्ष्म्यै नमः     ऊँ नित्यपुष्टायै नमः     ऊँ विभावर्यै नमः     ऊँ अदित्यै नमः     ऊँ दित्यै नमः     ऊँ दीप्तायै नमः     ऊँ वसुधायै नमः     ऊँ वसुधारिण्यै नमः     ऊँ कमलायै नमः     ऊँ कान्तायै नमः     ऊँ कामाक्ष्यै नमः     ऊँ क्रोधसंभवायै नमः     ऊँ अनुग्रहप्रदायै नमः     ऊँ बुद्धयै नमः     ऊँ अनघायै नमः     ऊँ हरिवल्लभायै नमः     ऊँ अशोकायै नमः     ऊँ अमृतायै नमः     ऊँ दीप्तायै नमः     ऊँ लोकशोकविनाशिन्यै नमः     ऊँ धर्म-निलयायै नमः     ऊँ करुणायै नमः     ऊँ लोकमात्रे नमः     ऊँ पद्मप्रियायै नमः     ऊँ पद्महस्तायै नमः     ऊँ पद्माक्ष्यै नमः     ऊँ पद्मसुन्दर्यै नमः     ऊँ पद्मोद्भवायै नमः     ऊँ भास्कर्यै नमः     ऊँ बिल्वनिलयायै नमः     ऊँ वरारोहायै नमः     ऊँ यशस्विन्यै नमः     ऊँ वरलक्ष्म्यै नमः     ऊँ वसुप्रदायै नमः     ऊँ शुभायै नमः     ऊँ हिरण्यप्राकारायै नमः     ऊँ समुद्रतनयायै नमः     ऊँ पद्ममुख्यै नमः     ऊँ पद्मनाभप्रियायै नमः     ऊँ रमायै नमः     ऊँ पद्ममालाधरायै नमः     ऊँ देव्यै नमः     ऊँ पद्मिन्यै नमः     ऊँ पद्मगन्धिन्यै नमः     ऊँ पुण्यगन्धायै नमः     ऊँ सुप्रसन्नायै नमः     ऊँ प्रसादाभिमुख्यै नमः     ऊँ प्रभायै नमः     ऊँ चन्द्रवदनायै नमः     ऊँ चन्द्रायै नमः     ऊँ चन्द्रसहोदर्यै नमः     ऊँ चतुर्भुजायै नमः     ऊँ विष्णुपत्न्यै नमः     ऊँ प्रसन्नाक्ष्यै नमः     ऊँ नारायणसमाश्रितायै नमः     ऊँ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः     ऊँ देव्यै नमः     ऊँ सर्वोपद्रव-वारिण्यै नमः     ऊँ नवदुर्गायै नमः     ऊँ महाकाल्यै नमः     ऊँ ब्रह्माविष्णु-शिवात्मिकायै नमः     ऊँ त्रिकालज्ञान-संपन्नायै नमः     ऊँ भुवनेश्वर्यै नमः     ऊँ चन्द्ररूपायै नमः     ऊँ इन्दिरायै नमः     ऊँ इन्दुशीतलायै नमः     ऊँ अह्लादजनन्यै नमः     ऊँ पुष्टयै नमः     ऊँ शिवायै नमः     ऊँ शिवकर्यै नमः     ऊँ सत्यै नमः     ऊँ विमलायै नमः     ऊँ विश्वजनन्यै नमः     ऊँ तुष्टयै नमः     ऊँ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः     ऊँ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः     ऊँ शान्तायै नमः     ऊँ शुक्लमाल्यांबरायै नमः     ऊँ श्रियै नमः     ऊँ जयायै नमः     ऊँ मंगलादेव्यै नमः     ऊँ विष्णुवक्षस्थलस्थितायै नमः  

समंदर में भारत के सामने नहीं टिकेगा कोई देश!, 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने मिली मंजूरी, नौसेना की बढ़ेगी ताकत

नई दिल्ली नौसेना की ताकत और बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने फ्रांस से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू जेट खरीदने के लिए 64,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ये फाइटर जेट भारत के पहले घरेलू एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत से ऑपरेट होंगे. इसे सितंबर 2022 में कमीशन किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की ओर से स्वीकृत इस सौदे में 22 सिंगल सीटर कैरियर-सक्षम राफेल-एम जेट और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर वैरिएंट शामिल हैं. इस डील पर हस्ताक्षर होने के साढ़े तीन साल बाद डिलीवरी शुरू होगी और 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है. ये सौदा क्यों है अहम? राफेल-एम 4.5 जनरेशन के राफेल लड़ाकू विमान का नेवी वैरियंट है और इसे फ्रांसीसी एयरोस्पेस फर्म डसॉल्ट एविएशन ने विकसित किया है. यह पहले ही अपनी लड़ाकू क्षमता साबित कर चुका है, यह परमाणु-सक्षम मिसाइलों सहित कई तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. भारतीय वायु सेना (IAF) पहले से ही राफेल जेट के दो स्क्वाड्रन संचालित कर रही है. 2016 में 59,000 करोड़ रुपये में 36 विमान खरीदे गए थे. भारतीय नौसेना की ओर से किए गए व्यापक परीक्षणों के बाद राफेल-एम ने अपने विरोधी बोइंग एफ/ए-18ई/एफ सुपर हॉर्नेट को पछाड़ दिया. इनमें महत्वपूर्ण स्की-जंप टेस्ट भी शामिल था, जो STOBAR (शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी) सिस्टम का उपयोग करके भारतीय विमान वाहक से छोटी उड़ान भरता है. राफेल-एम ने असाधारण प्रदर्शन किया. भारतीय वायुसेना के मौजूदा राफेल बेड़े के साथ इसकी अनुकूलता ने इसे और भी बेहतर बना दिया. यूरेशियन के लिए लिखते हुए ग्रुप कैप्टन एमजे ऑगस्टीन विनोद (सेवानिवृत्त) ने कहा, “भारतीय वायुसेना और नौसेना के राफेल विमानों के बीच साझा एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, प्रशिक्षण सिमुलेटर और युद्ध सामग्री से रसद संबंधी बोझ कम होगा और संचालन में संयुक्तता सुनिश्चित होगी, जिससे आपात स्थितियों में क्रॉस-सर्विस तैनाती संभव होगी.” ये डील सिर्फ नए जेट खरीदने के लिए नहीं बल्कि इसकी कमियों को दूर करने के साथ हुई है. नौसेना के मिग-29K विमानों के मौजूदा बेड़े को विश्वसनीयता, लगातार रखरखाव की मांग और सीमित उपलब्धता की वजह से परेशानी हुई है. ये विमान INS विक्रमादित्य पर तैनात हैं. क्या है इसकी खासियत? इसको परमाणु क्षमताओं के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे भारत को समुद्र से हवाई मार्ग से परमाणु हथियार ले जाने का विश्वसनीय विकल्प मिल जाएगा. यह एक ऐसा आयाम है जिसे कोई भी क्षेत्रीय विरोधी नजरअंदाज नहीं कर सकता. ये फाइटर जेट कई मौकों पर अपनी क्षमता साबित कर चुका है. अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और सीरिया में स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे चुका है. कैसे बनेगा अजेय कॉम्बिनेशन भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और राफेल मरीन एक साथ होंगे तो अपनी जगह से दूर हुए बिना भारत पूरे दक्षिण एशिया में किसी भी खतरे से निपट सकता है. जिस तरह तरह चीन पिछले कई सालों से हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर चुका है, उससे निपटने में भी ये शक्ति कारगर साबित होगी. भारत भी चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकेगा और पकड़ मजबूत होगी. उधर पाकिस्तान के पास कैरियर ऑपरेशनल पावर बहुत कम है. राफेल मरीन से अगर तुलना की जाए तो पड़ोसी देश बहुत पीछे है, उसके पास ऐसी कोई समुद्री ताकत नहीं है. हिंद महासागर में निगरानी करने की क्षमता भी न के बराबर है. ऐसे में जरूरत पड़ने पर भारत कराची से ग्वादर तक पाकिस्तानी पोर्ट का घेराव कर सकता है. अब राफेल मरीन जेट से भारत को समुद्र में ऐसी ताकत मिलेगी जो सिर्फ चुनिंदा देशों के पास थी. उनमें फ्रांस, अमेरिका और चीन जैसे देश शामिल हैं. इन फाइटर जेट के आने के बाद भारत अपनी रक्षा करने में तो सक्षम होगा ही साथ ही संकट में अपने मित्र देशों को भी मदद दे सकता है.

स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शिक्षा सत्र में तैयार किया है एजुकेशन पोर्टल

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शिक्षा सत्र एक अप्रैल, 2025 से एजुकेशन पोर्टल 3.0 तैयार किया है। इस पोर्टल में विभाग से जुड़ी मानव संसाधन की व्यापक जानकारी का समावेश किया गया है। इस पोर्टल से विभाग के कर्मचारियों का डाटाबेस तैयार किया गया है। पोर्टल में मानव संसाधन से संबंधित जानकारी को कर्मचारी और विकासखण्ड स्तर पर वेरीफाई किया गया है। इसमें विभाग के करीब 2 लाख 75 हजार कर्मचारियों की समस्त जानकारी पारदर्शी रूप से पोर्टल पर प्रदर्शित की गयी है। विभाग के पौने तीन लाख कर्मचारियों के स्‍थानांतरण को भी पारदर्शी माध्यम से स्थानांतरण नीति-2022 के आधार पर ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल तैयार किया गया है। उच्च पद प्रभार एवं अतिथि शिक्षक प्रक्रिया को भी पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा रहा है। विभाग के सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची उनके मोबाइल पर प्राप्त हो सके, ऐसी व्यवस्था विभाग द्वारा की गयी है। परिवेदना प्रणाली विभाग के कर्मचारी छोटी-छोटी समस्याओं के लिये जिला या मुख्यालय स्तर पर चक्कर न लगायें। इसके लिये उनकी शिकायतों निराकरण के लिये परिवेदना प्रणाली को ऑनलाइन किया गया है। पोर्टल में इंटीग्रेटेड डेशबोर्ड से मुख्यालय, जिला और विकासखण्ड स्तर पर समस्त गतिविधियों की मॉनीटरिंग किये जाने की व्यवस्था की गयी है। एजुकेशन पोर्टल 3.0 में एकीकृत डाटाबेस के आधार पर जानकारी तैयार की जा रही है। यह जानकारी सुरक्षित रहे, इसके लिये ब्लॉक चेन बेस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। विभाग में विभिन्न जानकारियों के लिये अलग-अलग पोर्टल का उपयोग अब तक किया जा रहा था। अब विभाग में एकीकृत पोर्टल के माध्यम से सभी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा सकेगा। मॉनीटरिंग सहित एआई तकनीक का उपयोग एजुकेशन पोर्टल 3.0 में ऑर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल पर दी गई सुविधा से स्कूल स्तर पर विद्यार्थी एआई जैसी तकनीक का उपयोग कर सकेंगे। सीएम राइज योजना के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में सिलेबस, कैलेण्डर, टाइम-टेबल, टीचर एण्ड क्लॉस और स्कूल ट्रांसपोर्ट जैसी गतिविधियों को ऑनलाइन किया गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूल की बसों में भी जीपीएस एवं कैमरों के माध्यम से मॉनीटरिंग की व्यवस्था एजुकेशन पोर्टल 3.0 में की गयी है। सभी सरकारी स्कूलों में उपलब्ध इन्फ्रा-स्ट्रक्चर और प्रोक्योरमेंट को भी ऑनलाइन किया गया है। अभिभावकों की सुविधा के लिये पोर्टल के माध्यम से बच्चे की डायरी को भी ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे अभिभावक अपने बच्चों के टेस्ट, मार्क्स एवं होमवर्क ऑनलाइन देख सकेंगे। विद्यार्थियों के लिये व्होकेशनल और कैरियर गाइडेंस को ऑनलाइन किया गया है, जिससे विद्यार्थी प्रगति की ओर अग्रसर हो सकें। पहली बार प्रदेश में सरकारी स्कूल की केश-बुक ऑनलाइन लिखने की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे विभाग के बजट की पूर्णत: मॉनीटरिंग किया जा सकेगा। विभाग के सभी छोटे-बड़े निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग भी ऑनलाइन करने की सुविधा पोर्टल में दी गयी है।  

सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद गेहूं की खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा

भोपाल प्रदेश के अन्नदाताओं की सुविधा और हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी उपार्जन केन्द्रों पर आगामी 18 और 19 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद गेहूं की खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इसके लिए किसान स्लॉट बुक करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि यह निर्णय किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। किसान इन तिथियों में स्लॉट बुक कर बिना किसी परेशानी के गेहूं विक्रय कर सकेंगे। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टरों को दिए गए निर्देश खाद्य मंत्री राजपूत ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में उपार्जन केन्द्रों की निरंतर मॉनीटरिंग करें। उपार्जन कार्य से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और एजेंसियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि किसानों को कतारों में लंबा इंतजार न करना पड़े, तुलाई, रख-रखाव, भुगतान और परिवहन की सभी व्यवस्थाएँ समय पर और पारदर्शिता से हों। किसानों को न हो कोई असुविधा खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि सरकार किसान हितैषी है। यह सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है कि किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसलिए अवकाश के दिन भी उपार्जन कार्य जारी रखा जाएगा। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी उपार्जन केन्द्र से लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

मार्केट में सिक्कों व छोटे नोटों की किल्लत, खुदरा व्यवसायी परेशान

इंदौर भोपाल जिले में खुदरा पैसे (सिक्के और छोटे नोट) की भारी किल्लत हो गयी है. सिक्कों और छोटे नोटों की कमी से खुदरा दुकानदारों को काफी दिक्कतें आ रही हैं. बाजार में सिक्कों की कमी के से न सिर्फ दुकानदारों, बल्कि ग्राहकों को भी सामान की खरीदारी और पैसे के लेन-देन में समस्या हो रही है. जिला मुख्यालय में दो रुपये, पांच रुपये, 10 रुपये और बीस रुपये के सिक्के और नोट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. बाजार में खुल्ले पैसों की कमी हो गई है। तमाम दुकानदार और कारोबारी इससे परेशान हैं। करीब तीन महीने से छोटे नोट गायब होना शुरू हुए और अब किल्लत बढ़ती दिख रही है। हाल ये है कि रिटेलर्स को हर दिन के व्यापार के लिए कमीशन देकर छोटे-नोट और सिक्के बाजार से लेने पड़ रहे हैं। बाजार में अब मांग उठ रही है कि आनलाइन भुगतान पर जोर लगा रही सरकार छोटे नोटों की किल्लत दूर करने पर भी थोड़ा ध्यान दें। छोटे नोटों की कमी की शिकायतें आ रही सामने इंदौर के साथ आसपास के अन्य शहरों और कस्बों से भी खुले पैसों और छोटे नोटों की कमी की शिकायतें सामने आ रही है। व्यापारी कह रहे हैं कि बैंकों से भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट नहीं मिल रहे। खास तौर पर 10 रुपये, 20 और 50 रुपये के नए नोट बैंक से मिल ही नहीं रहे। पुराने नोट भी बार-बार कहने के बाद किसी एक ब्रांच से बमुश्किल उपलब्ध हो पाते हैं। शाजापुर के किराना व्यापारी जयप्रकाश भावसार के मुताबिक दो महीनों में खुल्ले पैसों की किल्लत ज्यादा ही बढ़ गई है। दरअसल आधे से अधिक ग्राहक तो आनलाइन ही भुगतान कर रहे हैं। कमीशन देकर खुल्ले पैसे जुटाने में लगे ऐसे में रोज की बिक्री से भी काउंटर पर इतने छुट्टे पैसे ही नहीं आ पाते कि दिनभर का काम चल सके। ऐसे में कई बार तो ग्राहकों को लौटाना भी पड़ता है। इंदौर के किराना कारोबारी चेतन आहूजा के मुताबिक व्यापार चलता रहे और ग्राहक छुट्टे पैसों की कमी से लौटे नहीं इसलिए मजबूरी में कुछ कमीशन देकर अब व्यापारी खुल्ले पैसे जुटाने लगे हैं। बैंकों के पास नहीं छोटे नोट बाजार में चलन और दुकानदारों के गल्ले से ही छोटे नोट गायब नहीं हुए हैं असल में बैंकों के पास भी छोटे नोटों की कमी है। इंदौर में बैंक आफ बड़ौदा की मैनेजर ने नेहा वर्मा कहती हैं आमतौर पर बैंक सीमित मात्रा में ही छोटे नोट रखते हैं। बीते दिनों से करेंसी चेस्ट से भी छोटे नोटों की आपूर्ति कम हो गई है। कई ग्राहक सिर्फ नए-कड़क नोटों की मांग करते हैं। छोटे नोटों की ऐसे बंडल मुश्किल से ही बैंक में आ रहे हैं। कुछ खातेदार जब मांगते हैं तो उन्हें पुराने छोटे नोट उपलब्ध करवाए जाते हैं यह जरूर है कि इन दिनों उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़े। बैंक ऑफ इंडिया में मुंबई जोनल ब्रांच में मैनेजर अदिति पवार कहती है कि हमारे यहां चेस्ट में भी 10-20 और 50 रुपये नोट की उपलब्धता बीते महीनों में कम रह गई है। सिक्कों में कोई कमी नहीं माना जा रहा है कि छोटे नोटों पर छपाई की लागत कई बार उनके मूल्य से ज्यादा हो जाती है, जबकि प्रचलन में ज्यादा रहने से उनका जीवनकाल कम होता है। सूचना मिल रही है कि बीते समय से छोटे नोटों की छपाई कम होने से बैंकों में भी उपलब्ध सीमित है। हालांकि सिक्कों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है, लेकिन सिक्के लेने से कई बार व्यापारी गुरेज करते हैं। ऊंचे दामों पर बिक रहीं नए नोटों की गड्डियां कन्फडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (केट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता कहते हैं कि भले ही सरकार आनलाइन लेन-देन को बढ़ावा दे, लेकिन छोटे नोटों की उपलब्धता भी बरकरार रखना चाहिए। अभी मजबूरी में छोटे व्यापारियों को अपना कारोबार चलाने के लिए पांच से सात प्रतिशत कमीशन देकर नोट या सिक्के लेना पड़ रहे हैं। हमें शिकायत मिल रही है कि बैंकों से नए नोटों की गड्डियां भी सीधे दलालों के पास जा रही है। बाजार में नए नोटों की गड्डियां शादी और अन्य अवसरों के लिए ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। इंदौर का मारोठिया हो या अन्य बाजार वहां नए छोटे नोट और उनसे बनी मालाएं बेची जा रही हैं।

भोपालवासियो को लंबे जाम से राहत मिलेगी, बनेगा नया ‘रेलवे ओवरब्रिज’

भोपाल एमपी के भोपाल शहर में आशिमा मॉल से बावड़िया कलां के बीच रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जून से शुरू होगा। मंगलवार को मंत्री व क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह सहित अन्य उपस्थित थे। इस ओवरब्रिज का लाभ रोज आवागमन करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। अधिकारियों ने मुताबिक निर्माण के लिए इसी हफ्ते टेंडर जारी हो जाएगा और जून महीने में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।  राज्यमंत्री ने बावड़िया ब्रिज पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के निर्देश भी दिए हैं, इससे लंबे जाम से रहवासियों को राहत मिलेगी। बैठक में अंजू अरुण कुमार, मीनाक्षी बघेल, रवि शंकर राय, उदित गर्ग, केएल खरे व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ये निर्देश भी दिए -भेल क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए भेल के अधिकारियों के साथ बैठकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इस काम को करेंगे। -एमजीएम स्कूल अवधपुरी में बनने वाली सड़क के कार्य में लेटलतीफी पर नाराजगी जताई। -पिपलानी से खजूरीकलां तक 4 किमी नाली के निर्माण को बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश। -आनंद नगर से ट्रांसपोर्ट नगर तक बन रही लगभग 5 किलोमीटर की सड़क के अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा करवाने के भी निर्देश। -भोपाल कलेक्टर ने अधिकारियों को ट्रैफिक सिग्नल के समय को रिव्यू करने को कहा। -ऐसे चौराहे चिन्हित किए जाएं, जहां सिग्नल की टाइमिंग सही नहीं है। इसमें पुलिस की सहायता ली जा सकती है।

प्रदेश के 25 किलों को हेरिटेज होटल बनाया जाएगा, पहले चरण में 11 किले विकसित होंगे, कार्य को पीपीपी मोड में किया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश के पर्यटन विभाग(MP Tourism) द्वारा शुरू किया गया हेरिटेज होटल का कॉन्सेप्ट अब भोपाल के सदर मंजिल से शुरू होकर प्रदेश के अन्य जिलों में मूर्तरूप ले रहा है। प्रदेश के 25 किलों की पहचान की गई है, जिन्हें हेरिटेज होटल बनाया जाएगा। पहले चरण में 11 किले विकसित होंगे। इस कार्य को पीपीपी मोड में किया जाएगा।  इसके लिए जल्द ही बोली प्रक्रिया शुरू होगी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन साइट्स को 90 सालों के लिए हेरिटेज होटल में बदलने पट्टे पर दिया जाएगा है। राजस्थान में कई किलों को हेरिटेज होटल में बदलने में पर्यटन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। इससे वहां के पर्यटन उद्योग में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश सरकार इसी तर्ज पर काम कर रही है। पर्यटन विभाग की पहल से विरासतों को संजोया जाएगा। इससे लोगों को रियासतकाल के दौर का अनुभव होगा।-बिदिशा मुखर्जी, अपर प्रबंध संचालक, टूरिज्म बोर्ड नहीं बदलेगा मूल रूप हेरिटेज साइट्स(Heritage Hotel) के नवीनीकरण में कुछ विशेष प्रकार की कठिनाइयां होती हैं। मसलन यदि कोई पेंटिंग धुंधली हो गई है, तो उसे ही मूल रूप में लाने का प्रयास किया जाएगा। इस योजना का मकसद विरासत का उपयोग करना है। ये विरासत बनेंगी होटल     रॉयल होटल, जबलपुर     माधवगढ़ किला, सतना,     महेंद्र भवन, पन्ना,     क्योटी फोर्ट, रीवा     राजगढ़ पैलेस, छतरपुर     लुनेरा सराय, धार     गोविंदगढ़ फोर्ट, रीवा     ताजमहल पैलेस, भोपाल     श्योपुर फोर्ट, श्योपुर इनकी रजिस्ट्री नहीं हुई     राजा रानी महल, अशोकनगर     सिंहपुर महल, अशोकनगर

किसानों और गौपालकों को कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।  

तेजस-MK2 की पहली उड़ान अगले साल फरवरी-मार्च में, 5 साल में तेजस की नई एडवांस खेप मिलने लगेगी

मुंबई हाल ही में कुछ मीडिया आउटलेट्स ने डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत के हवाले से कहा कि तेजस MkII की पहली उड़ान “6-12 महीनों” के भीतर होगी. जिससे अक्टूबर 2025 की शुरुआत में उड़ान की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं है.   कैसे होगा तेजस एमके2 का प्रोडक्शन टाइमलाइन? 1. रोलआउट: अक्टूबर-नवंबर 2025… प्रोटोटाइप असेंबली लाइन से बाहर आएगा, जिससे इंजन ग्राउंड रन और सिस्टम जांच शुरू होगी. 2. टैक्सी ट्रायल: दिसंबर 2025-फरवरी 2026… निम्न और उच्च गति टैक्सी परीक्षण विमान के सिस्टम को मान्य करेंगे. 3. पहली उड़ान: फरवरी-मार्च 2026… पहली उड़ान बुनियादी उड़ान विशेषताओं का परीक्षण करेगी. 4. उत्पादन: 2028-2029 से शुरू, सालाना 18 इकाइयां. तेजस MkII एक उन्नत 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो तेजस MkI और पांचवीं पीढ़ी के AMCA के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें शक्तिशाली F414-INS6 इंजन, उत्तम AESA रडार और उन्नत हथियार सूट है. 2035 तक 120-180 इकाइयों को शामिल करने की योजना है, जो पुराने लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे. जानिए तेजस Mk2 का खासियत तेजस मार्क 2 में नाइट विजन चश्मे से जुड़ा हुआ कॉकपिट होगा. यानी रात के समय या अंधेरे में भी इस फाइटर जेट से दुश्मन टारगेट पर हमला किया जा सके. इसमें HOTAS यानी हैंड्स ऑन थ्रॉटल-एंड-स्टिक की व्यवस्था होगी. यानी जिस लीवर से फाइटर जेट कंट्रोल किया जाएगा, उसी से हथियार भी चलेंगे. 2223 km प्रतिघंटा की रफ्तार से चीरेगा आसमान यह अधिकतम 2223 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ेगा. इसकी रेंज करीब 2500 किलोमीटर होगी. अधकितम 56,758 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर पाएगा. इस फाइटर जेट में 30 मिलिमीटर की एक GSh-30-1 गन लगी होगी. यह गन एक मिनट में 1500-1800 गोलियां दाग सकती है. जिसकी रेंज 200 से 1800 मीटर होगी. एक से एक घातक हथियारों से किया जाएगा लैस इस गन के अलावा इस फाइटर जेट पर 13 हार्डप्वाइंट्स होंगे. यानी 13 एक जैसे या अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें पांच तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. जैसे- MICA, ASRAAM, Meteor, Astra और NG-CCM. इनकी तैनाती लगभग तय मानी जा रही है. इनके अलावा हवा से सतह पर मार करने वाली चार मिसाइलें लगाई जाएंगी. जिनमें ब्रम्होस-एनजी ALCM, LRLACM, स्टॉर्म शैडो और क्रिस्टल मेज शामिल हैं. यही नहीं इनके अलावा इसमें एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम 1/2/3 लगाने की भी योजना है. इसके अलावा इसमें चार प्रेसिशन गाइडेड बम एक लेजर गाइडेड बम, क्लस्टर म्यूनिशन, लॉयटरिंग म्यूनिशन CATS ALPHA और अनगाइडेड बम लगाए जाएंगे.  

प्रदेश में इस साल जमकर होगी बारिश, मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल मौसम विभाग(Meteorological Department) ने 2025 के दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में बादल खूब बरसेंगे। इस बार औसत बारिश 106 से 110 फीसदी तक हो सकती है। ये शहर और जिले का औसत है, उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई व अगस्त में बारिश की गति तेज होगी। मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के आखिरी सप्ताह में आएगा। यदि प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो हर हिस्से में औसत से ज्यादा बारिश होगी। इस पूर्वानुमान के बाद मानसून की सही स्थिति सामने आएगी। क्योंकि केरल में 31 मई को मानसून पहुंचता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 25 से 26 जून के बीच आता है।  गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। 2024 में ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून(Monsoon Forecast 2025) खूब बरसे थे। अगस्त व सितंबर में जो सिस्टम आए थे, उनकी वजह से औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। जिला सहित अंचल में बाढ़ भी आ गई थी, जो जल संरचनाएं वर्षों से नहीं भरी थी। वह जल संरचनाएं ओवर फ्लो हो गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है। यदि अंचल के हिसाब से पिछले तीन साल की स्थिति देखी जाए तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। इस बार भविष्यवाणी साबित होती है तो अंचल में कृषि व पेयजल के लिए पानी का संकट नहीं होगा। इन कारणों से प्रभावित होता है मानसून     भारत के मानसून(Monsoon Forecast 2025) को अल नीनो व ला नीना प्रभावित करता है।     अल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून कमजोर हो जाता है, जिससे सूखे और कृषि नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।     ला नीना के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून(Monsoon 2025) मजबूत होता है, जिससे सामान्य से अधिक वर्षा होती है।     इस वर्ष प्रशांत महासागर में ईएनएसओ की स्थितियां व्याप्त हैं, जो ला नीना की स्थितियों के समान होती है। इस कारण अच्छी बारिश की संभावना है।     हिंद महासागर में आईओडी की स्थितियां मजबूत हैं। आईओडी स्थिति मजबूत होने से मानसून पर विभिन्न प्रभाव पड़ सकते हैं। सकारात्मक का मतलब है कि पूर्वी हिंद महासागर ठंडा और पश्चिमी भाग गर्म होता है, जिससे मानसून मजबूत होता है और भारत में अधिक वर्षा होती है। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

रेलवे की नई सुविधा, जल्द ही रेलगाड़ी में मिलेगी ATM की facility

नई दिल्ली आरामदायक कुर्सियों से लेकर अब ट्रेन में मोबाइल फोन चार्जिंग और लैंप जैसी कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि, रेल के विकसित होने का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है। खबर है कि रेलवे ने ट्रेनों में ATM यानी ऑटोमैटेड टैलर मशीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि व्यापक स्तर पर इसे कब लागू किया जाएगा। सेंट्रल रेलवे (CR) ने मुंबई-मनमाड पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम लगाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह एटीएम एक निजी बैंक द्वारा प्रदान किया गया है और इसे इस दैनिक एक्सप्रेस सेवा की वातानुकूलित चेयर कार कोच में स्थापित किया गया है। उनके अनुसार, इसे जल्द ही यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा, ‘पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम स्थापित किया गया है।’ रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह एटीएम कोच के पिछले हिस्से में एक क्यूबिकल में लगाया गया है, जहां पहले अस्थायी पेंट्री थी। ट्रेन के चलने के दौरान सुरक्षा और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक शटर दरवाजा भी लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस कोच में आवश्यक परिवर्तन मनमाड रेलवे कार्यशाला में किए गए। पंचवटी एक्सप्रेस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और पड़ोसी नासिक जिले के मनमाड जंक्शन के बीच प्रतिदिन चलती है। यह ट्रेन लगभग 4 घंटे 35 मिनट में एक तरफ की यात्रा पूरी करती है। इस ATM को मनमाड़ रेलवे वर्कशॉप में विशेष तकनीकी और स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ स्थापित किया गया है। कोच में अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल सपोर्ट और आवश्यक संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं, ताकि मशीन ट्रेन की गति और झटकों के बावजूद सुचारू रूप से काम कर सके। इस प्रकार की सुविधा देने की शुरुआत भुसावल मंडल द्वारा आयोजित एक अभिनव गैर-किराया राजस्व ग्राहक संवाद बैठक में की गई थी। इस दूरदर्शी प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए, प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक (बैंक ऑफ महाराष्ट्र) ने नई नवाचारी गैर-किराया राजस्व विचार योजना (NINFRIS) के अंतर्गत औपचारिक योजना प्रस्तुत की। यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी, जो अचानक कैश की जरूरत में स्टेशन पर नहीं उतर सकते या फिर रिमोट इलाकों की यात्रा कर रहे हों।

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