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पाकिस्तानी आर्मी चीफ को लताड़ लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान भारत के प्रति नफरत के नशे में चूर है और कभी नहीं सुधरने वाला

नई दिल्ली पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के दो-राष्ट्र सिद्धांत पर दिए गए बयान पर विदेश मामलों के एक्सपर्ट रोबिंदर सचदेव ने पलटवार किया है। उन्होंने लताड़ लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान भारत के प्रति नफरत के नशे में चूर है और कभी नहीं सुधरने वाला। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख द्वारा की गई टिप्पणियों से पता चलता है कि वे स्वप्नलोक में जी रहे हैं। वे विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों पर भावनात्मक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे ताकि वे पाकिस्तान में और अधिक योगदान दें। यह सेना प्रमुख की पिछड़ी और कठोर मानसिकता को दर्शाता है, और इस बात की किसी भी उम्मीद को खत्म करता है कि पाकिस्तान अपने तौर-तरीकों में बदलाव लाएगा। ‘पाकिस्तान कभी नहीं सुधरेगा’ सचदेव ने न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ से आगे कहा, ”यह इस बात को भी दर्शाता है कि कश्मीर मुद्दे पर अड़े रहने की भावना उनकी रगों में गहराई तक समा गई है, और पाकिस्तान कभी नहीं सुधरेगा। पिछले कुछ सालों में भारत का रुख बिल्कुल साफ हो गया है कि पाकिस्तान को पाक अधिकृत इलाकों को हमें वापस करना ही होगा… भारत को इस मामले में शायद कोई कदम उठाने की जरूरत ही न पड़े क्योंकि पाकिस्तान में कई ऐसे मुद्दे हैं जो देश को अंदर से तोड़ देंगे, और इन इलाकों के लोग भारत का हिस्सा बनना चाहेंगे। सेना प्रमुख के बयानों से पता चलता है कि पाकिस्तान भारत के प्रति नफरत के नशे में चूर है।” पाक सेना प्रमुख पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? इससे पहले, भारत ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की कश्मीर को पाकिस्तान की गले की नस बताने वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा है कि कश्मीर के साथ पाकिस्तान का एकमात्र संबंध उस क्षेत्र को खाली करने का है, जिस पर उसका अवैध रूप से कब्जा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को नियमित ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि किसी देश की गले की नस में ‘कुछ भी विदेशी’ कैसे हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि कश्मीर के संबंध में पाकिस्तान की भूमिका उन क्षेत्रों को खाली करने तक सीमित है, जिन पर वह अवैध रूप से कब्जा किये हुए है। तहव्वुर राणा पर एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में इसकी ख्याति कम नहीं होगी।

प्रदेश का पहला जिला नर्मदापुरम, जहां चारों प्रकार के रेशम का होता है उत्पादन : मंत्री जायसवाल

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि नर्मदापुरम, प्रदेश का पहला जिला है, जहां चारों प्रकार के रेशम का उत्पादन होता है। नर्मदापुरम में टसर रेशम, मलबरी रेशम, इरी रेशम और मूँगा रेशम (गोल्डन सिल्क) का उत्पादन किया जाता है। ये चारों प्रकार के रेशम जिले में तैयार किए जाते हैं और देशभर में प्रसिद्ध हैं। रेशम उद्योग के विकास को मिलेगी गति राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि नर्मदापुरम में रेशम केंद्र है, जहाँ रेशम के धागे और कपड़ों का उत्पादन किया जाता है। रेशम केंद्र में अब परंपरागत डिजाइनों से हटकर नए डिजाइनों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। जिले में मालाखेड़ी में मध्यप्रदेश की पहली ककून मंडी है, जहाँ रेशम के ककून का बाजार लगता है। नर्मदापुरम जिले की महिलाएं रेशम उत्पादन से जुड़कर अपना सशक्तिकरण कर रही हैं। मढ़ई रेशम उत्पादन केंद्र को सिल्क टूरिज्म के लिए विकसित किया जा रहा है। रेशम के धागे का उपयोग करके दवाइयां भी बनाई जा रही हैं। जिले में रेशम उत्पादन के विस्तार के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। नर्मदापुरम रेशम उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र है और रेशम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं के साथ भी जुड़ा हुआ है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि नर्मदापुरम में रेशम का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के किसानों को रेशम उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। रेशम उत्पादन के लिए जिले में अनुकूल जलवायु और परिस्थितियाँ हैं। किसानों को रेशम के कीड़ों का पालन करने और रेशम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रेशम उत्पादन से किसानों को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा और जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। नर्मदापुरम में रेशम उत्पादन के बढ़ने से जिले के किसानों को लाभ होगा।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत , बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार  करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया क्षेत्र का औचक निरीक्षण, जनसमस्याओं का किया त्वरित निराकरण

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने क्षेत्र के विकास के लिए अधिकारियों से रोडमैप बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी कार्य में देरी न हो। राज्यमंत्री श्रीमती गौर लगातार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर रही हैं और रहवासियों की समस्याएं सुनकर मौके पर ही निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर रही हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नारायण नगर नर्मदापुरम रोड के श्रीदुर्गा मंदिर से भ्रमण की शुरुआत की। जहां रहवासियों ने पानी की समस्या से उन्हें अवगत कराया। इसपर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को सम्पवेल को जल्द से जल्द शुरु करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी सप्लाई की समय सीमा तय करें, जिससे आम लोगों को परेशानी न हो। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नारायण नगर की सीवेज लाइन को अमृत फेज 2 में शामिल कर इंटरनल नेटवर्क का रोडमैप तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बावड़ियाकलां, आमनगर, डीके कॉटेज का भी भ्रमण किया। यहां के रहवासियों ने बताया कि उनके क्षेत्र की संजीवनी अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को ठेकेदार ने लंबे समय से काम रोक कर रखा है। इसपर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट घोषित कर किसी अन्य एजेंसी से कार्य को पूरा कराने के लिए कहा। उन्होंने क्षेत्र में हाईमास्क और पार्क का निर्माण भी कराने के निर्देश भी दिए। ऋषि वैली, रोहित नगर के रहवासियों ने अवैध निर्माण के चलते बंद हो चुके नाले की समस्या से अवगत कराया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बिल्डर को नोटिस देकर अवैध निर्माण को रोकने के निर्देश दिए। सलैया मिसरोद में फॉरच्यून लैंडमार्क, आईबीडी कालोनी और आकृति ग्रीन के लोगों ने पानी, बिजली और कचरे की समस्या से अवगत कराया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था करें।  

कराए के मकान में दबिश देकर पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को दबोचा, 30 किलो गांजा बरामद

आरंग  छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बार फिर सूखे नशे की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसा है. कराए के मकान में दबिश देकर पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को दबोचा. आरोपियों के कब्जे से 30 किलों अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया है. कार्रवाई में गिरफ्तार मुख्य आरोपी पहले भी गांजा तस्करी में पहले भी पकड़ा जा चुका है. आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बैहार में संतोष साहू के मकान में दबिश दी, उसने अपना मकान किराए से दे रखा था. तलाशी के दौरान आरोपी तुषार देवांगन, बलराम साहू और मोहन साहू मकान में मौजूद थे. इस दौरान पुलिस को स्टील में एक बड़े पेटी में से 30 पैकेट में  30 किलो गांजा मिला. साथ ही 1 इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन भी बरामद किया गया. जानकारी के अनुसार, आरोपी आरंग से रायपुर सहित आसपास के अन्य जिलों में गांजे की तस्करी करता है. फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है.

प्रदेश के 10 जिलों में औद्योगिक एवं रासायनिक आपदा प्रबंधन के लिये मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

भोपाल प्रदेश के औद्योगिक व रासायनिक इकाइयों में आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से भोपाल, धार, रायसेन, उज्जैन, देवास, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, जबलपुर, इंदौर एवं सीहोर जिलों में औद्योगिक एवं रासायनिक आपदा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमपीएसडीएमए), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) एवं राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में आपदा की वास्तविक परिस्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित विभागों, औद्योगिक इकाइयों तथा स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया एवं संसाधनों के दक्ष उपयोग की कार्यप्रणाली का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल से औद्योगिक व रासायनिक दुर्घटना, गैस रिसाव, आगजनी एवं घायलों के त्वरित उपचार, आपदा प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी और नियंत्रण की तैयारी को परखा गया। इस अवसर पर होम गार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन विभाग के महानिदेशक श्री अरविंद कुमार, एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर श्री रविंदर गुरंग एनडीआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल श्री एम.के. शर्मा, एसडीईआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल श्री मनीष कुमार अग्रवाल, एमपीएसडीएमए के उपसंचालक श्री सौरभ सिंह, वरिष्ठ सलाहकार श्री बृजेश जायसवाल एवं राज्य कमांड सेंटर के श्री कमलेन्द्र सिंह परिहार डिविजनल कमांडेंट, कमांडेंट श्री कमलनाथ धुर्वे विशेष रूप से उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होम गार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। अभ्यास के दौरान औद्योगिक इकाई में गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर तत्काल राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, अग्निशमन कार्य, घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निकटतम अस्पताल पहुंचाने तथा क्षेत्र की सुरक्षित घेराबंदी का प्रदर्शन किया गया। महानिदेशक श्री अरविंद कुमार ने मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों एवं जिलों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से हमारी आपदा प्रतिक्रिया क्षमता सशक्त होती है तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि एवं वित्तीय नुकसान को न्यूनतम करने में सहायता मिलती है। श्री रविंदर गुरंग ने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक एवं त्वरित समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया। डीआईजी एनडीआरएफ श्री एम.के. शर्मा एवं डीआईजी एसडीईआरएफ श्री मनीष कुमार अग्रवाल ने भी मॉक ड्रिल की महत्ता पर प्रकाश डाला एमपीएसडीएमए के उपसंचालक श्री सौरभ सिंह ने प्रदेश स्तर पर आपदा प्रबंधन ढांचे की मजबूती के लिए ऐसे नियमित अभ्यास की आवश्यकता बताई। प्रदेश आपदा प्रबंधन तंत्र आमजन की सुरक्षा एवं आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिये सदैव तत्पर एवं सजग है। आगामी समय में भी प्रदेश के अन्य जिलों में इस प्रकार की मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिससे हर स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक दक्ष बनाया जा सके।  

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर याचिका एवं अभ्यावेदन समिति के बैठक में हुए शामिल

आष्टा आष्टा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर आज एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल पहुचे । आज विधानसभा भवन भोपाल के कक्ष क्रमांक 6 में विधानसभा की “याचिका एवं अभ्यावेदन समिति” की बैठक आहूत की गई थी । आष्टा विधायक विधानसभा की उक्त महत्वपूर्ण समिति के सदस्य है । समिति की बैठक में महत्वपूर्ण कार्यो की समीक्षा की गई एवं सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया ।

ताप विद्युत गृहों की ऊर्जा कुशलता से आयी ट्रिपिंग में कमी और घटी विद्युत उत्पादन लागत

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 4 ताप विद्युत गृहों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऑपरेशन (संचालन) क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए  पूर्व की तुलना में अधिक उत्पादन किया। साथ ही विद्युत गृहों की ट्रिपिंग दर पूर्व की तुलना में कम हो गई। विद्युत गृहों के ऑपरेशन में ट्रिपिंग, विशिष्ट तेल की खपत में कमी, ऑक्जलरी कंजम्पशन महत्वपूर्ण मापदंड हैं। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के चारों ताप विद्युत गृहों की 12 विद्युत यूनिट ने इन मापदंडों में महत्वपूर्ण उपलब्धिहासिल की है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने  ताप विद्युत गृहों की इस उपलब्धि पर  इंजीनियरों, तकनीशियनों और संचालन टीम को  बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रबंधन नीति, तकनीकी उन्नयन व कड़ाई से ऑपरेशन नियमों का पालन करने से यह लक्ष्य हासिल किया गया। विद्युत गृहों की ट्रिपिंग में निरंतर कमी पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों की यूनिट में किए गए सुधार कार्य व बेहतर मेंटेनेंस के कारण ट्रिपिंग में उल्लेखनीय कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विद्युत गृहों में मात्र 85 ट्रिपिंग दर्ज की गईं। इससे पूर्व वर्ष 2019-20 में 150 ट्रिपिंग दर्ज होती रही हैं। विशिष्ट तेल खपत की कमी से परिचालन लागत में आई कमी पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा विद्युत उत्पादन लागत में कमी के लगातार प्रयास किए गए। इससे ताप विद्युत यूनिट की विशिष्ट तेल खपत वर्ष 2024-25 में 0.51 मिलीलीटर प्रति यूनिट रही। यह अब तक की न्यूनतम विशिष्ट तेल खपत है। न्यूनतम विशिष्ट तेल खपत से परिचालन लागत में जहां कमी आई वहीं यह पर्यावरण संरक्षण में सहायक हुई। ऑक्जलरी कंजम्पशन में कमी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने वर्ष 2024-25 में अब तक का सबसे कम ऑक्जलरी कंजम्पशन (सहायक संयंत्र खपत)  6.91 प्रतिशत हासिल किया। विद्युत गृहों के संचालन के दौरान खपत हो रही ऊर्जा जितनी कम होगी उतनी ही अधिक विक्रय बिजली (नेट जनरेशन) होगी और इसका सीधा प्रभाव उत्पादन लागत पर पड़ता है। कैसे कम हुई ट्रिपिंग और घटी विद्युत उत्पादन लागत-मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 4 ताप विद्युत गृहों में विभिन्न क्षमताओं की कुल 12 ताप विद्युत इकाइयों का समन्वित प्रबंधन अत्यंत प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। इन विद्युत इकाइयों में सुधारात्मक प्रयास कर यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक इकाई से क्षमता अनुसार अधिकतम उपयोग किया जा सके। तकनीकी उन्नयन, सख्त संधारण नियम व प्रभावी प्रबंधन नीतियों के द्वारा ट्रिपिंग की संख्या में कमी आई और उत्पादन कुशलता में वृद्धि संभव हो पाई है।  

सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है, आर्टिकल 142 पर बोले धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 142 में प्रदत्त सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि यह सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के हाथ परमाणु बम लगने जैसा है। गुरुवार को उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए गए फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें राज्यों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर हस्ताक्षर करने के लिए राष्ट्रपति से समयसीमा तय करने को कहा गया है। उन्होंने अदालतों द्वारा सुपर संसद के रूप में काम करने पर चिंता जताई है। उपराष्ट्रपति ने कहा, “अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ एक परमाणु मिसाइल बन गया है, जो न्यायपालिका के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है।” राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘हाल ही में एक फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है। हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें बेहद संवेदनशील होना होगा। यह कोई समीक्षा दायर करने या न करने का सवाल नहीं है। हमने इसके लिए लोकतंत्र से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से फैसला करने के लिए कहा जा रहा है।’’ राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा: धनखड़ तमिलनाडु राज्य बनाम राज्यपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल के फैसले का जिक्र करते हुए धनखड़ ने कहा, “तो..हमारे पास ऐसे जज हैं जो कानून बनाएंगे, जो कार्यकारी कार्य करेंगे, जो सुपर संसद के रूप में कार्य करेंगे फिर भी उनकी जवाबदेही नहीं होगी क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता।” उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत में राष्ट्रपति का पद बहुत ऊंचा है और राष्ट्रपति संविधान की रक्षा, संरक्षण एवं बचाव की शपथ लेते हैं, जबकि मंत्री, उपराष्ट्रपति, सांसदों और न्यायाधीशों सहित अन्य लोग संविधान का पालन करने की शपथ लेते हैं। आप राष्ट्रपति को निर्देश नहीं दे सकते: धनखड़ उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसी स्थिति नहीं बना सकते, जहां आप भारत के राष्ट्रपति को निर्देश दें और किस आधार पर? संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है। जिन न्यायाधीशों ने राष्ट्रपति को वस्तुतः आदेश जारी किया और एक परिदृश्य प्रस्तुत किया कि यह देश का कानून है, वे संविधान की शक्ति को भूल गए हैं।”

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा- स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रयास होना चाहिये

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रयास होना चाहिये कि प्रदेश के शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल में नामांकन हो। इसके लिये उन्होंने टीम वर्क के साथ काम करने के निर्देश दिये। उन्होंने अनेक जिलों में अब तक कराये गये नामांकन की जानकारी प्राप्त की। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग के जो अधिकारी-कर्मचारी श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, उनका सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जायेगा। कार्य के प्रति गैर-जिम्मेदार रहने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह गुरुवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस से विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर शिक्षा को नई दिशा दें। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। नामांकन दर बढ़ाने के दिये निर्देश मंत्री श्री सिंह ने एक अप्रैल, 2025 से शुरू हुए प्रदेशव्यापी प्रवेश उत्सव की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अप्रैल अंत तक स्कूल जाने योग्य बच्चों का नामांकन हो जाये, यह सुनिश्चित किया जाये। मंत्री श्री सिंह ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली। मंत्री श्री सिंह ने अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना के लिये जल्द पोर्टल शुरू किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता की मैपिंग का कार्य जल्द पूरा किया जाये। टाइम टेबल बनाकर करें हॉस्टल्स का निरीक्षण स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने विभाग के हॉस्टल्स का निर्धारित टाइम टेबल बनाकर निरीक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा की जाये। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूलों के विभिन्न कार्यों में विधायक और सांसद निधि का उपयोग किया जाये। जिम्मेदार कड़ी के रूप में काम करें अधिकारी स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों के बीच संभागीय अधिकारी कड़ी के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र का निरंतर दौरा करें। कार्यालयों में लंबित पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाये। उन्होंने कहा कि जून माह में संभाग और जिला स्तर पर पदस्थ अधिकारियों के साथ पुन: समीक्षा की जायेगी। स्कूल सचिव डॉ. गोयल ने बताया कि शिक्षकों के उपस्थिति पोर्टल पर अटेंडेंस का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जायेगा।

बिजली कार्मिक की मृत्यु पर आश्रित परिवार को मिलेगी सवा लाख रुपये अनुग्रह राशि

भोपाल एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने कंपनी की सेवा में रहते हुए कार्मिक की मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह अनुदान राशि का पुनरीक्षण करते हुए अधिकतम 1,25,000 रूपए करने का आदेश आज जारी कर दिया गया है। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने  किसी कंपनी कार्मिक की कंपनी की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 में देय वेतन के छह गुना के बराबर, अधिकतम 1,25,000  अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। आदेश 1 अप्रैल 2025 अथवा इसके बाद के प्रकरणों पर प्रभावशील होगा। अनुग्रह अनुदान भुगतान करने की अन्य शर्तें यथावत प्रभावशील रहेंगी।  

बंगाल सरकार पर हाई कोर्ट का सख्त रुख, केंद्रीय बल तैनात रहें और भड़काऊ भाषणों पर कसें लगाम

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि हिंसा प्रभावित पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती अभी बनी रहेगी। अदालत ने गुरुवार को कहा कि अभी फोर्सेज तैनात रहनी चाहिए। इसके अलावा भड़काऊ भाषणों पर भी नियंत्रण की जरूरत है। अदालत ने कहा कि वक्फ संशोधन ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण न दिए जाएं, जिनसे हिंसा भड़कने की आशंका बनी रहती है। इस तरह उच्च न्यायालय ने हिंसा के मामलों में राज्य सरकार को सख्त नसीहत दी है। इसके अलावा अदालत ने माना है कि अब भी मुर्शिदाबाद जिले में हालात सामान्य नहीं हैं। इसलिए केंद्रीय बलों की तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रहनी चाहिए। मुर्शिदाबाद में वक्फ ऐक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। इस घटना में कई लोग मारे गए तो वहीं सैकड़ों परिवारों को पलायन करना पड़ा है। करीब ढाई सौ परिवार पड़ोस के मालदा जिले में पलायन कर गए हैं और वहां कैंपों में गुजर करने को मजबूर हैं। मुर्शिदाबाद के बवाल को लेकर राजनीति भी तेज है। बंगाल का यह जिला सांप्रदायिक लिहाज से संवेदनशील है। यहां से टीएमसी के युसूफ पठान सांसद हैं, जिन्होंने 2024 के चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को मात दी थी, जो कांग्रेस से यहां से लगातार जीतते थे। इस बीच सूबे के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का कहना है कि वह जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं जमीनी हालात जानने के लिए मुर्शिदाबाद जा रहा हूं। मैं इस मामले में हर पहलू को देखूंगा। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में लाई जा रही है। हमें कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने पाएं। मैं निश्चित तौर पर मुर्शिदाबाद जाऊंगा। उस इलाके के लोगों ने अपील की है कि फिलहाल बीएसएफ के जवानों को वहां बने रहने दिया जाए।’ बता दें कि ममता बनर्जी का कहना है कि इसमें बीएसएफ और भाजपा के ही लोगों का हाथ है। दरअसल पश्चिम बंगाल में वक्फ ऐक्ट को लेकर भी ममता बनर्जी कह रही हैं कि हम इसे लागू नहीं करेंगे। वहीं भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी के रुख से कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिल रहा है और वे हिंसा कर रही हैं।

मध्यप्रदेश टिम्बर डिपो नई दिल्ली में मई माह में सागौन काष्ठ की होगी नीलामी

भोपाल मध्यप्रदेश टिम्बर डिपो, न्यू टिम्बर मॉर्केट, कीर्ति नगर, नई दिल्ली में मई माह में सागौन काष्ठ की नीलामी की जायेगी। इस नीलामी में मध्यप्रदेश के विभिन्न वन मण्डलों से प्राप्त भारत की सर्वश्रेष्ठ “सी.पी. टीक’’ के गोल लट्ठों का विक्रय किया जायेगा। नीलामी में छोटी-छोटी मात्रा के लाट भी विक्रय किये जायेंगे, जो भवन निर्माण, आंतरिक सज्जा अथवा फर्नीचर के लिये उपयुक्त हैं। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (जनसम्पर्क एवं विक्रय) विक्रय डिपो मध्यप्रदेश वन विभाग नई दिल्ली ने बताया कि नीलामी संबंधी जानकारी के लिये दूरभाष क्रमांक 011-25939685, 8077873394 पर सम्पर्क किया जा सकता है।  

साय कैबिनेट में हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद की बैठक में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा अथवा साक्षात्कार में उपस्थित होंगे उन्हें उनके द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी।          इससे सिरियस केन्डीडेट की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं नॉन सिरियस केन्डीडेट और इनइलिजिबल केन्डीडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे और इनके कारण राज्य शासन को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी। कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया।          जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एन.आई.एफ.टी. (NIFT) के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) का नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। एन.आई.एफ.टी. के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए फैशन उद्योग के साथ सहयोग करता है। मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि आबंटन किये जाने की सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग एवं संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। इस हेतु शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रू. प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी: मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला योजना समिति की बैठक हुई। बैठक में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम कल्पना चावला पॉलिटेक्निक कालेज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेसर्स गोकुलदास एक्सपोर्ट लिमिटेड बैंगलोर के सहयोग से शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में सिलाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण की नीति शीघ्र घोषित होगी। इसके अनुसार ही स्थानांतरण किए जाएंगे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करें। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस अभियान में जल संरक्षण के कार्य कराएं। गत वर्षों में जिन गांवों में पानी का संकट रहा, वहाँ हैण्डपंप तथा कुओं में रिचार्ज पिट प्राथमिकता से बनाएं। अभियान में शामिल जल संरक्षण कार्यों की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति तत्काल जारी करके निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। अभियान के तहत मनरेगा से मंजूर सभी अधूरे कार्य 15 मई तक पूरे कराएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान से 50 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस योजना से रीवा जिले ही नहीं पूरे विन्ध्य में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। नए पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए एक लाख 72 हजार परिवार चिन्हित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना से प्रदेश में 27 लाख गरीब परिवारों को आवास मंजूर किए गए हैं। इसके शेष 6 लाख 50 हजार आवास शीघ्र स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब परिवारों को पक्के आवास के लिए सभी एसडीएम प्राथमिकता से जमीन उपलब्ध कराएं। इस योजना से मल्टी स्टोरी आवास भी बनाए जा सकते हैं। पेयजल की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में औसत से कम वर्षा हुई है। जिले की सभी बसाहटों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका हो वहाँ वैकल्पिक स्त्रोत से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से स्पॉट सोर्स पर पानी की टंकी रखकर भी पेयजल की आपूर्ति कराएं। जहाँ जरूरत हो वहाँ तत्काल हैण्डपंपों में सिंगल फेज मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति करें। जल जीवन मिशन की समूह नल जल योजना से जिन गांवों में पानी दिया जा रहा है, उनमें पाइप की मरम्मत तथा अन्य कमियाँ दूर कर नियमित रूप से पानी की सप्लाई करें। बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन को भी मंजूरी दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम पंचायतें नल जल योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य में सामाजिक संगठनों तथा आम जनता की भी भागीदारी आवश्यक है। विधायक गुढ़ श्री नागेन्द्र सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में पानी का संकट दूर करने के लिए बाणसागर बांध की नहरों से तालाबों और नदियों में पानी छोड़ने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब श्री गिरीश गौतम ने जिला योजना समिति के पुनर्गठन तथा जब तक मऊगंज जिले में जिला पंचायत का गठन नहीं हो जाता तब तक वहाँ के जिला पंचायत सदस्यों को रीवा की योजना समिति की बैठक में सदस्य के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। विधायक श्री गौतम ने नल जल योजना तथा पेयजल व्यवस्था के भी मुद्दे उठाए। विधायक सेमरिया श्री अभय मिश्रा ने पेयजल व्यवस्था, बसामन मामा में तीन करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से एनिकट निर्माण, कौआढान में सड़क निर्माण तथा जिला योजना समिति के पुनर्गठन की बात कही। बैठक में महापौर रीवा नगर निगम श्री अजय मिश्रा ने बाणसागर बांध की नहरों की साफ-सफाई तथा गाद निकालने का सुझाव दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण, समिति सदस्य डॉ. अजय सिंह ने मतदाता सूची संबंधित बातें कही। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं “जल गंगा संवर्धन” अभियान की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति तथा समिति के सदस्यगण सहित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने आमजनों की समस्यायें सुनीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री व श्रम एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सिंह पटेल ने रीवा में स्थानीय लोगों से भेंट कर आमजनों की समस्यायें सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री ने डॉ. योगानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

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